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गया पहुंचे सीएम नीतीश, पितृपक्ष मेला तैयारियों की समीक्षा कर विष्णुपद मंदिर में टेका माथा

पटना विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला की तैयारी को लेकर बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गया जी पहुंचे। सर्व प्रथम उन्होंने विष्णुपद मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना किया। पूजा अर्चना के बाद सीएम नीतीश कुमार पितृपक्ष मेला की जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों का जायजा लिया। मेला क्षेत्र के देवघाट और विष्णु पथ समेत अन्य पिंडवेदियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने संबंधित अधिकारियों को कई महत्त्वपूर्ण निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच सीएम नीतीश कुमार समाहरणालय पहुंचे। जहां उन्होंने जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों के साथ बैठक कर पितृपक्ष मेला की तैयारियों का समीक्षा बैठक की। बैठक में सीएम नीतीश कुमार सभी तैयारियों का बारीकी से जानकारी ली। किसी प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि देश के विभिन्न प्रदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। सभी बुनियादी सुविधाएं ससमय पूरा करने का निर्देश भी दिए। समाहरणालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद सीएम नीतीश कुमार चाकंद हाई स्कूल पहुंचे। जहां उन्होंने विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। सीएम नीतीश कुमार के आने से पहले मेला क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। विष्णुपद, देवघाट, चांद चौरा और समाहरणालय के सभी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहे। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी व विजय कुमार सिन्हा, पर्यटन मंत्री समेत कई जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। दस योजनाओं का किया शिलान्यास बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज गया जी में पितृपक्ष मेला की समीक्षा बैठक के बाद चांकद हाई स्कूल में 899 करोड़ 46 लाख की लागत से कुल 10 योजनाओं का शिलान्यास किया। जिनमें 349 करोड़ 22 लाख की लागत से मुफस्सिल मोड़ पर फ्लाईओवर का निर्माण, 119 करोड़ 74 लाख की लागत से इमामगंज प्रखंड के कोठी से सलैया पथ का निर्माण, 104 करोड़ 72 लाख की लागत से गया परैया गुरुआ होते हुए औरंगाबाद रफीगंज को जोड़ने वाले पथ का चौड़ीकरण, 90 करोड़ 16 लाख की लागत से गया मानपुर रेलखंड पर अवस्थित लेवल क्रॉसिंग संख्या 71 ए बागेश्वरी गुमटी पर आर ओ बी का निर्माण, 77 करोड़ 60 लाख की लागत से बतसपुर वियर योजना अंतर्गत मोराटाल मुख्य पईन का चौड़ीकरण, 58 करोड़ 54 लाख की लागत से नगर प्रखंड के बेल्थु गांव में अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय का निर्माण, 39 करोड़ 82 लाख के लगात से गया जिले के बेला पनारी रोड से अग्नि, शिवरामपुर होते हुए धनावां शाकिरा बीघा तक सड़क का चौड़ीकरण, 19 करोड़ 89 लाख की लागत से कंडी नवादा पार्क एवं 21 करोड़ 81 लाख की लागत से सिलौंजा पार्क के विकास कार्य, 14 करोड़ 52 लाख की लागत से इमामगंज प्रखंड में डिग्री कॉलेज और 3 करोड़ 61 लाख की लागत से इमामगंज प्रखंड अंतर्गत 12 बांध का जीर्णोद्धार समेत अन्य योजनाएं शामिल है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी व विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, सहकारिता मंत्री डॉ प्रेम कुमार, लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन, पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन, भवन निर्माण मंत्री जयंत राज और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ सुनील कुमार समेत कई नेता मौजूद थे।

PU छात्रसंघ चुनाव: मतदान जारी, पुलिस ने संभाला मोर्चा

चंडीगढ़  चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में आज छात्रसंघ चुनाव को लेकर जबरदस्त हलचल देखने को मिली। एक तरफ जहां लगातार हो रही बारिश छात्रों के लिए चुनौती बनी रही, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय कैंपस पूरी तरह से चुनावी रंग में रंगा नजर आया। करीब 17,000 छात्र अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। छात्रसंघ के विभिन्न पदों के लिए मतदान जारी है, जिसमें प्रेजिडेंट पद पर 8 उम्मीदवार मैदान में हैं। बारिश के बावजूद उम्मीदवार अपने-अपने डिपार्टमेंट्स के बाहर छाता लेकर खड़े दिखे और वोट के लिए अपील करते नजर आए। यूनिवर्सिटी बनी पुलिस छावनी चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा के लिए 11 डीएसपी, 10 एसएचओ, 10 इंस्पेक्टर, 9 चौकी इंचार्ज और 988 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। एसएसपी कंवरदीप कौर खुद सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं। 

रायपुर में किसानों की बदलती तस्वीर, हितैषी नीतियों से मिल रही नई दिशा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पारदर्शी सुशासन का परिणाम अब गावों में दिखने लगा है। नेक नियत व ईमानदारी ने शासकीय योजनाओं को लागू करने से इससे प्रदेश के किसानों का जीवन स्तर कैसे सुधारा जा सकता है, इसका जीता-जागता उदाहरण हमें दिखने को मिल रहा है। जिला मुंगेली के विकासखण्ड पथरिया अंतर्गत ग्राम क़लारजेवरा के कृषक सीताराम राजपूत, पिता ईश्वर प्रसाद ने सब्जी की आधुनिक खेती अपनाकर अपनी मेहनत और लगन से एक नई मिसाल कायम की है। राजपूत के परिवार में उनके दादाजी और पिताजी पहले से ही बागवानी और कृषि कार्य करते आ रहे थे। लगभग 10 वर्षों तक उनके पिता ने परंपरागत धान की खेती की। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सीताराम राजपूत ने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद खेती को अपना व्यवसाय बनाने का निर्णय लिया। उन्होंने 02 एकड़ भूमि में सब्जी की खेती की शुरुआत की और धीरे-धीरे इसे बड़े पैमाने पर विस्तार दिया। आज सीताराम राजपूत सब्जी की खेती से प्रतिवर्ष लगभग 15-16 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।     जिला उद्यानिकी विभाग मुंगेली के मार्गदर्शन में राजपूत ने विभिन्न योजनाओं का लाभ लिया। इनमें सब्जी मिनीकिट, कृषि यंत्र, बीज, जैविक खाद, सामुदायिक नर्सरी और ड्रिप सेट जैसी आधुनिक सुविधाएँ शामिल हैं। इन संसाधनों का उपयोग कर उन्होंने खेती को लाभकारी और टिकाऊ व्यवसाय का रूप दिया। सीताराम राजपूत ने स्वच्छ श्रीजना महोत्सव, जिला स्तरीय किसान मेला, मत्स्य पालन एवं कृषि संगोष्ठियों तथा विभिन्न कृषि प्रदर्शनियों में सक्रिय रूप से भाग लेकर अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनकी यह उपलब्धि जिले के अन्य किसानों के लिए एक प्रेरणास्रोत है।

छात्रों के लिए बड़ी खबर! पंजाब सरकार ने बढ़ाई छुट्टियां, नई तारीख घोषित

पंजाब  पंजाब में लगातार हो रही भारी बारिश और राज्य के कई जिलों में बने बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए पंजाब के स्कूलों में छुट्टियां एक बार फिर बढ़ा दी गई हैं। इस संबंध में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने खुद ऐलान किया है कि राज्य के सभी स्कूल अब 7 सितंबर (रविवार) तक बंद रहेंगे। इसके बाद 8 सितंबर सोमवार को स्कूल दोबारा खुलेंगे। शिक्षा मंत्री ने लिखा, "माननीय मुख्यमंत्री पंजाब श्री भगवंत सिंह मान जी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, पंजाब में बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य के सभी सरकारी/एडिड/मान्यता प्राप्त/प्राइवेट स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटीज़ और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में 7 सितंबर 2025 तक छुट्टियां घोषित की जाती हैं।  बता दें कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पहले 27 से 30 अगस्त तक राज्य के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियां घोषित की थीं। इसके बाद 31 अगस्त को रविवार होने के कारण स्कूल बंद रहे और फिर शिक्षा मंत्री ने छुट्टियों को 3 सितंबर तक बढ़ाने का ऐलान किया था। अब हालात बिगड़ते देख सरकार ने एक बार फिर छुट्टियाँ बढ़ाते हुए स्कूलों को 7 सितंबर तक बंद रखने का आदेश जारी कर दिया है।  

लगातार हो रही बारिश के बीच भयानक सड़क हादसा, लगा लंबा जाम

लुधियाना लगातार हो रही बारिश के बीच चंडीगढ़ रोड पर मोहिनी रिसोर्ट के सामने एक ट्रक पलट गया, जिसकी वजह से यातायात धीमा चल रहा है। ट्रैफिक पुलिस के एएसआई मोहन सिंह ने आकर मौका संभाला तथा ट्रैफिक को सुचारू ढंग से चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उक्त ट्रक हिमाचल से लुधियाना माल लेकर आ रहा था लेकिन शहर के नजदीक पहुंचते ही पलट गया, जिसकी वजह से यातायात बाधित हो रहा है। पुलिस द्वारा हाइड्रा क्रेन मंगवा कर ट्रक को वहां से हटाने के प्रयास शुरू कर दिए गए है। 

विधानसभा में हंगामा: स्मार्ट मीटर विरोध में कांग्रेस का वॉकआउट, लगे ‘मोदी मीटर वापस लो’ के नारे

जयपुर राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को स्मार्ट मीटर योजना को लेकर जबरदस्त हंगामा हो गया। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों ने “मोदी मीटर वापस लो” के नारे लगाते हुए वेल में पहुंचकर प्रदर्शन किया और बाद में सदन से वॉकआउट भी कर दिया। मामला प्रश्नकाल में शुरू हुआ जब लक्ष्मणगढ विधायक और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की तरफ से कांग्रेस विधायक रोहित बोहरा ने सरकार से स्मार्ट मीटर योजना को लेकर सवाल पूछा। रोहित बोहरा ने पूछा कि क्या राज्य सरकार ने आगामी नगर निगम और पंचायत चुनावों को देखते हुए स्मार्ट मीटर योजना पर रोक लगाई है? जवाब देने खड़े हुए ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने पहले मूल प्रश्न में दिए जवाब को पढ़ना शुरू कर दिया। इस पर कांग्रेस विधायकों ने विरोध करते हुए स्पीकर से पूरक प्रश्न का जवाब दिलवाने की मांग की। ऊर्जा मंत्री बोले कांग्रेस राज में आई यह योजना नागर ने कहा  केंद्र सरकार की RDSS (Revamped Distribution Sector Scheme) के तहत है और यह राज्यों पर निर्भर करता है कि वह इस योजना को लागू करना चाहते हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि कई कांग्रेस सरकारों ने इस योजना को लागू नहीं किया लेकिन राजस्थान में पिछली सरकार की कैबिनेट बैठक में ही इस योजना को स्वीकार किया गया था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार का कैबिनेट मीमो भी उनके पास है। अभी कमी, बाद में फिर से लगाएंगे नागर  ने यह भी बताया कि फिलहाल स्मार्ट मीटरों की कमी के चलते अस्थाई रूप से सामान्य मीटर लगाए जा रहे हैं, और जैसे ही स्मार्ट मीटर पर्याप्त संख्या में उपलब्ध होंगे, इन्हें बदला जाएगा। इस पर कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर आम जनता पर बोझ हैं और इन्हें चुनावी लाभ के लिए रोका गया है। इसके बाद कांग्रेस विधायक नारे लगाते हुए वेल में पहुंच गए और “मोदी मीटर वापस लो” के जोरदार नारेबाज़ी करने लगे। करीब 15 मिनट के हंगामे के बाद कांग्रेस विधायक सदन से वॉकआउट कर गए।  

बैरक बदलने की मांग लेकर अदालत पहुंचे मजीठिया, कोर्ट ने क्या कहा?

मोहाली  पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया द्वारा नाभा जेल में अपनी बैरक बदलने के लिए अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश हरदीप सिंह की अदालत में दायर अर्जी पर बचाव पक्ष की ओर से एडवोकेट एच.एस. धनोआ पेश हुए, जबकि सरकार की ओर से प्रीतइंदर पाल सिंह और फैरी सोफेट विशेष पी.पी. और मंजीत सिंह अतिरिक्त पी.पी. के रूप में पेश हुए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने इस अर्जी पर अगली सुनवाई की तारीख 6 सितंबर तय की है। गौरतलब है कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे गए पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने अपने वकीलों के माध्यम से अदालत में अर्जी दायर कर अदालत से अनुरोध किया था कि उन्हें (बिक्रम सिंह मजीठिया) सामान्य कैदियों के साथ न रखा जाए। उनकी बैरक बदली जानी चाहिए, क्योंकि एक तरफ सरकार उनकी सुरक्षा की बात करती है, दूसरी तरफ उन्हें आम कैदियों के साथ रखा जा रहा है। जिस बैरक में उन्हें रखा जाता है, वहां कैमरे लगे हैं और गंभीर अपराधों में शामिल लोगों को भी उनके साथ रखा जा रहा है। 

मुख्यधारा में वापसी: 33 लाख इनामी 20 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, महिलाओं की भी बड़ी भूमिका

सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा में 33 लाख के ईनामी नक्सली समेत कुल 20 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है. सरेंडर करने वाले नक्सलियों में 9 महिलाएं और 11 पुरुष शामिल हैं, जिनमें  1 एसीएम,  4 पार्टी सदस्य और 15 अग्र संगठन सदस्य हैं. इनमें से एक PLGA बटालियन (माओवादी संगठन) की सक्रीय हार्डकोर महिला नक्सली थी. इन सभी ने आज सुकमा पुलिस के पास जाकर आत्मसमर्पण किया है. बता दें, सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे सर्चिंग ऑपरेशन के चलते नक्सलियों पर भारी दबाव बढ़ा है. इसके साथ ही सरकार द्वारा आत्मसमर्पिण करने वाले नक्सलियों के लिए चलाए जा रहे पुनर्वास नीति और नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित हो कर नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा को चुना है. आत्मसमर्पित में से 2 नक्सलियों पर ₹08-08 लाख के ईनाम घोषित थे. 1 नक्सली पर ₹05 लाख घोषित थे. 4 नक्सलियों पर ₹02-02 लाख और अन्य 4 नक्सलियों पर ₹01-01 लाख घोषित थे. इस तरह आज कुल ₹33 लाख ईनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है.

गृह मंत्री अमित शाह का बिहार दौरा, सीट शेयरिंग और चुनावी समीकरण पर मंथन

पटना बिहार विधानसभा चुनाव से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ी बैठक बुलाई है। यह बैठक आज दिल्ली में होगी। इसके लिए बिहार भाजपा के सभी वरिष्ठ नेता दिल्ली तलब किए गए हैं। दोनों उपमुख्यमं सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा, प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवल समेत सभी वरिष्ठ नेता दिल्ली पहुंच चुके हैं। भाजपा सूत्रों की मानें तो बिहार चुनाव को लेकर अमित शाह ने यह बैठक बुलाई है। इसमें 243 सीटों पर बात की जाएगी। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सारे आंकड़ें और रिपोर्ट लेकर दिल्ली पहुंचे हैं। गृह मंत्री इस रिपोर्ट को देखेंगे। राजनीतिक पंडितों को मानें तो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में किस दल को कितनी सीटें मिलेंगी? इसका फैसला अब तक नहीं लिया गया है। ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बुलाई गई यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भाजपा प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल के अनुसार, बिहर में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा होगी। इसमें गृह मंत्री अमित शाह भाजपा के सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ बातचीत करेंगे। जानिए, किसे कितनी सीट चाहिए सूत्रों की मानें तो  एनडीए के अंदर इस बार सीटों का बंटवारा इस तरह से हो रहा है कि जनता दल यूनाईटेड एक तरफ है और दूसरी तरफ भाजपा व बाकी दल। एनडीए में बिहार विधानसभा की 243 में से 100 सीटें जदयू को मिल रही हैं। जदयू इसे बढ़ाने की कोशिश में है, लेकिन भाजपा उसे इतने पर राजी कराने की कोशिश में है। भाजपा के कोटे में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा है। भाजपा को 143 सीटों में से अपने पास 100+ रखकर बाकी को बांटना है। वहीं चिराग पासवान 40 तक सीटें चाह रहे हैं, लेकिन उन्हें 20 से अधिक सीटें नहीं देने की राय बनी हुई है। वहीं राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख व सांसद उपेंद्र कुशवाहा 10 सीटों की मांग कर रहे हैं। भाजपा उनके लिए एक रास्ता तलाश रही है ताकि विधानसभा के सीट बंटवारे में उन्हें संतुष्ट किया जा सके।

मध्यप्रदेश में दे दनादन तबादले, पुलिस विभाग में हड़कंप

भोपाल  मध्य प्रदेश में देर रात फिर तबादला एक्सप्रेस दौड़ी है. मध्य प्रदेश शासन ने पुलिस विभाग के 25 अधिकारियों के ट्रांसफर कर दिए हैं. ट्रांसफर की ये लिस्ट देर रात जारी हुई है, जिसमें सभी अधिकारियों की वर्तमान पदस्थापना की साथ नवीन पदस्थापना की जानकारी दी गई है. इन अधिकारियों के हुए तबादले मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक PHQ भोपाल में एआईजी अनिल कुमार पाटीदार को स.म.नि. कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक, भोपाल (ग्रामीण) जोन, पीएचक्यू भोपाल में ही पदस्थ एआईजी गीतेश कुमार गर्ग को जोनल पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, ग्वालियर, इंदौर रेल एडिशनल एसपी मनीषा पाठक को पीटीएस एसपी उज्जैन, रेडियो मुख्यालय भोपाल में एसपी संदीप मिश्रा को एडिशनल एसपी रीवा नवीन पदस्थापना दी गई है. कई अधिकारियों के मुख्यालय से ट्रांसफर इसी तरह पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (शिकायत) पल्लवी त्रिवेदी को पुलिस अधीक्षक भौंरी, भोपाल, बिट्टी सेहगल, उप सेनानी 13वीं वाहिनी विसबल ग्वालियर को एडिशनल एसपी खरगौन. पुलिस मुख्यालय अअवि में सहायक पुलिस महानिरीक्षक धनंजय शाह को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अअवि इंदौर जोन भेजा गया है. इसी प्रकार उज्जैन जोन की अजाक एसपी मीना चौहान को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आसूचना इंदौर नगरीय पुलिस की जिम्मेदारी दी गई है.  जमकर दौड़ रही मोहन सरकार की तबादला एक्सप्रेस गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पिछले कई दिनों से कई विभागों में प्रशासनिक सजरी भी की जा रही है और कई कर्मचारियों व अधिकारियों के ट्रांसफर किए जा रहे हैं. बता दें कि मोहन यादव सरकार ने अपनी ट्रांसफर पॉलिसी में कई बदलाव भी किए हैं. इसके तहत एक ही स्थान पर लंबे समय से जमे अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए ट्रांसफर पॉलिसी बनाई गई है. हर विभाग में इस फॉर्मूले को अपनाया जा रहा है. अप्रैल में हटा है तबादलों से प्रतिबंध बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस वित्तीय वर्ष की शुरुआत में आयोजित कैबिनेट बैठक में तबादलों से प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया था. नई ट्रांसफर पॉलिसी में ट्रांसफर रेशियो भी निर्धारित किया गया है. यदि किसी विभाग में 200 पद हैं तो 20 फीसदी तबादले हो सकेंगे. इसी तरह यदि किसी विभाग में 201 से लेकर 1 हजार पद हैं तो 15 प्रतिशत ही तबादले हो सकेंगे. इसी तरह 1 हजार से लेकर 2 हजार पद वाले विभाग में 10 फीसदी और 2001 से ज्यादा पद वाले विभागों में 5 फीसदी अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले हो सकेंगे.