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अभियुक्त की मौत के बाद भी जारी रहा केस, सह-आरोपी पत्नी, बेटे और बहू को 3 साल कैद

जबलपुर   आय से अधिक संपत्ति मामले में प्रवर्तन निर्देशालय (ईडी) ने ऐसा फैसला सुनाया है, जिसे सुनकर भ्रष्टाचार करने वालों के होश उड़ जाएंगे. दरअसल, विशेष न्यायाधीश इरशाद अहमद ने अभियुक्त कर्मचारी की मौत के बावजूद प्रकरण में सह आरोपी पत्नी, बेटे व बहू को तीन-तीन साल के कारावास व दस-दस हजार रूपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है. विशेष न्यायालय ने माना कि आय से अधिक अर्जित संपत्ति का उपयोग सह आरोपियों के नाम सम्पत्ति खरीदने व निवेश में किया गया था. परिवार के लोगों को क्यों मिली सजा? अभियोजन के अनुसार जबलपुर में पदस्थ रहे कंट्रोलर ऑफ डिफेंस अकाउंट, सहायक लेखाधिकारी सूर्यकांत गौर के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे. ईडी ने साल 2011 में उनके खिलाफ कार्रवाई की थी. इस दौरान ईडी को उनके पास से आय से लगभग 90 लाख रु अधिक की संपत्ति मिली थी. आय से अधिक राशि का उपयोग पत्नी विनिता गौर, पुत्र शिशिर गौर व पुत्रवधू सुनीता गौर के नाम पर संपत्ति खरीदने व निवेश में किया गया था. ईडी ने प्रकरण में मुख्य आरोपी सहित परिवार के अन्य सदस्यों को आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया था. सभी को माना गया भ्रष्टाचार का दोषी प्रवर्तन निर्देशालय ने सभी आरोपियों के खिलाफ विशेष न्यायालय में चालान प्रस्तु किया था. न्यायालय में प्रकरण के लंबित रहने के दौरान मुख्य आरोपी सूर्यकांत गौर की मृत्यु हो गई थी. विशेष न्यायालय ने प्रकरण की सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्य व गवाहों के आधार पर सह आरोपियों को भ्रष्टाचार के मामले में दोषी करार देते हुए सजा से दंडित किया. स्पेशल कोर्ट ने यह भी कहा है कि जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर 6-6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. ईडी की ओर से विशेष लोक अभियोजन अधिवक्ता विक्रम सिंह ने पैरवी की.

हमर छत्तीसगढ़ की मिसाल: जहां गुरुजी पढ़ाते भी हैं और बच्चों के बाल भी संवारते हैं

कबीरधाम  छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों की बदहाली और शिक्षकों की लापरवाही की खबरें तो आपने बहुत देखी और सुनी होगी, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे सरकारी स्कूल के मास्टरजी यानी शिक्षक के बारे में बताने जा रहे हैं जो 'सैलून वाले गुरुजी' के नाम से मशहूर हैं। चौक गए न आप भी। दरअसल, कबीरधाम जिले के सरकारी मिडिल स्कूल में पदस्थ टीचर पूनाराम पनागर की पहल भी गजब है। यह शिक्षक स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के साथ विद्यार्थियों के बाल भी निःशुल्क कटिंग करते हैं। शिक्षक आखिर क्यों ऐसा करता है,नाई बनने के पीछे उनका क्या मकसद है? तो चलिए आपको इस मास्टरजी के बारे में बताते हैं। कौन हैं ये शिक्षक? कबीरधाम जिले में बोड़ला स्थित पूर्व माध्यमिक स्कूल में शिक्षक पूनाराम पनागर की पोस्टिंग हैं। वह बच्चों को पढ़ाने के उनके बाल भी मुफ्त में काटते हैं। बाल कटिंग में खर्च होने वाले पैसों को शिक्षक बच्चों से कॉपी, पेन या स्कूल से संबंधी जरूरी काम करने को कहते हैं। शिक्षक पूनाराम बताते हैं कि मैं पहले बोड़ला के महलीघाट गांव के प्राइमरी स्कूल में था। इस आदिवासी क्षेत्र में सेलून नहीं थे। ऐसे में स्कूल के बच्चों के बाल काफी बढ़ जाते थे। तब मैंने 2012 से खुद ही बच्चों के बाल काटना शुरू कर दिया। बाद में मेरा ट्रांसफर यहां बोड़ला के स्कूल में हो गया। यहां भी सरकारी हॉस्टल में रहने वाले बच्चे गरीब परिवारों से है। शिक्षक पूनाराम ने बताया कि सरकारी SC-ST हॉस्टल के बच्चों के बाल महीने में किसी एक रविवार को काटता हूं। इससे बच्चों के सेलून का खर्चा बच जाता है। इतना ही नहीं शिक्षक पूनाराम सरकारी स्कूल के पहली से दसवीं क्लास के बच्चों को 15 साल से स्कूल के अलावा फ्री कोचिंग भी दे रहे हैं। अपने पढ़ाए बच्चों के बीच यह स्पर्धा भी कराते हैं कि जो जिले में टॉप करेंगे या प्रदेश में टॉपर सूची में आएंगे तो उन्हें 10 से 15 हजार इनाम भी देंगे। वे हर साल पर्चा छपवाकर इलाके में बंटवाते हैं कि लोग अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूल में ही कराएं। शिक्षक के इस पहल की पूरे प्रदेश में जमकर चर्चा हो रही है।   घर पर बच्चों को निःशुल्क कोचिंग भी पढ़ाते हैं पूनाराम पनागर की इस पहल की सराहना न सिर्फ छात्र बल्कि अन्य शिक्षक और अभिभावक भी करते हैं। पूनाराम के काम को समाज सेवा की मिसाल मानते हैं। शिक्षक कृष्ण कुमार ध्रुवे बताते हैं कि पूनाराम सर… बच्चों के शैक्षणिक उत्थान को लेकर बहुत सजग हैं। उनकी सोच यह है कि बच्चे पैसों की बचत करके उसका उपयोग शैक्षणिक गतिविधियों में करें। वे गरीब और कमजोर बच्चों को निःशुल्क कोचिंग भी देते हैं, ताकि वे पीछे न रहे। अपने कोचिंग में पढ़ने वाले बच्चों के बीच प्रतिस्पर्धा भी करवाते हैं और यह भी कहते हैं कि 10वीं और 12वीं में टॉप करने वाले बच्चों को पुरस्कार भी अपनी जेब से देंगे। सरकारी स्कूलों में दाखिला कराने बांटते हैं पर्चा कबीरधाम जिले में एक सरकारी शिक्षक अपनी सेवा भावना से मिसाल बन गए हैं। सरकारी स्कूलों में हर साल बच्चों का दाखिला घट रहा है, लेकिन शिक्षक पूनाराम हर साल खुद पर्चा छपवाकर ग्रामीणों से अपील करते हैं कि वे अपने बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों में कराएं। महंगी फीस से बचें और उन पैसों को बच्चों के आगे की पढ़ाई के लिए बचाएं…। गरीब और कमजोर बच्चों को शिक्षक अपने पैसों से पुस्तक-कापी भी खरीदकर देते हैं, ताकि उन्हें पढ़ने में कोई दिक्कत न हो। ऐसे शिक्षक की प्रतिबद्धता ने यह साबित कर दिया है कि एक शिक्षक अगर चाहे तो समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।  

पंजाब भर में हड़ताल, PSPCL के कर्मचारियों ने दे दी एक और चेतावनी

लुधियाना  प्राइवेट कंपनी से संबंधित बिजली कर्मचारी अमनप्रीत सिंह की मौत के बाद सी.एच.बी ठेका कर्मचारियों द्वारा पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन की विभिन्न डिविजनों के मुख्य गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियो ने दावा किया है मृत्यु के पारिवारिक समस्या को इंसाफ दिलवाने के लिए कर्मचारियों द्वारा पूरे पंजाब में हड़ताल शुरू कर दी गई है और नए आंदोलन को लेकर अगली रणनीति अपनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि  बिजली की हाई टेंशन तारों पर काम कर रहे अमनप्रीत सिंह की दर्दनाक मौत हो चुकी है और हादसे के बाद पावर कॉम विभाग के किसी भी अधिकारी द्वारा मृतक के पारिवारिक सदस्यों की बात तक नहीं पूछी गई। उन्होंने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि मृतक  परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने सहित बुजुर्ग मां-बाप की पेंशन लगाई जाए और अगर जल्द ही कर्मचारियों की मांगे पूरी नहीं हुई तो पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन के चीफ इंजीनियर के कार्यालय को घेरने सहित बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा की कोठी का घेराव किया जाएगा।  

लापरवाही का शिकार ग्रामीण: लाखों खर्च के बाद भी सड़क बेहाल, ठेकेदार को नोटिस

बीजापुर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करोड़ों की योजनाएं गांवों तक बेहतर आवागमन की सुविधा देने के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन उसूर तहसील की बासागुड़ा-कुम्हारपारा सड़क इसका बिल्कुल उल्टा उदाहरण बन गई है। साल 2020 में ठेकेदार आकाश चांडक ने 60 लाख की लागत से 1.60 किमी लंबी मिट्टी-मुरुम सड़क बनाई थी। पांच साल बीतने को हैं लेकिन ठेकेदार ने इस सड़क की एक बार भी मरम्मत नहीं की। नतीजा यह हुआ कि आज यह सड़क पूरी तरह से उबड़-खाबड़ और गड्ढों से भरी खाई में तब्दील हो चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर चलना किसी नदी को पार करने से कम नहीं है। जगह-जगह गड्ढे, कटे किनारे और झाड़ियों ने इसे मौत का जाल बना दिया है। आलम यह है कि धरमापुर, मल्लेपल्ली और डल्ला गांव के करीब 1000 ग्रामीण रोजाना इसी सड़क से गुजरने को मजबूर हैं। पैदल यात्री, बाइक सवार और ट्रैक्टर चालकों के लिए यह सफर किसी चुनौती से कम नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने सड़क निर्माण में शुरुआत से ही लापरवाही बरती और काम अधूरा छोड़ दिया। अब मरम्मत न होने से हालात बदतर हो गए हैं। उनका कहना है कि सड़क पर चलने से ज़्यादा आसान तो खेतों में चलना है। इस मामले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता नवीन कुमार टोंडे और उप अभियंता परमानंद रामटेके ने बताया कि ठेकेदार को 5 अगस्त 2025 को मरम्मत करने के लिए नोटिस भेजा गया है। लेकिन ठेकेदार ने मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया तो विभाग 18 लाख रुपये की वसूली ठेकेदार से करेगा। लेकिन सवाल यह है कि आखिर ग्रामीणों की पांच साल से चली आ रही परेशानी का जिम्मेदार कौन है? और कब तक ऐसी योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही टिकाऊ साबित होंगी?

उज्जैन महाकाल मंदिर में शिव का मुखौटा गिरा, ज्योतिषाचार्य बोले- अप्राकृतिक घटना

उज्जैन विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में दो दिन पहले 18 अगस्त सोमवार को एक अनोखी घटना घटित हुई । यहां रोजाना की तरह रात्रि 8:00 बजे शिवलिंग पर श्रृंगार किया जा रहा था। शिवलिंग पर भांग से भगवान शिव का मुखौटा बनाया गया । इस दौरान बड़ी मात्रा में भांग लगाई गई। इसके तत्काल बाद आरती शुरू ही होने ही वाली थी कि भांग का श्रृंगार टूटकर नीचे गिर गया। यहां शिव के मुखौटे से नाक, होंठ और एक आंख टूट कर नीचे गिर गई। कुछ ही क्षण में मंदिर के गर्भगृह में मौजूद पंडे पुजारी ने तत्काल फिर से मुखौटा बनाया और आरती की। यह पूरी घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी में कैद हुई जो कि वायरल हो गई। खड़े हो रहे हैं सवाल इस घटना के बाद महाकाल मंदिर प्रबंध समिति और मंदिर के पंडे पुजारियों पर कई प्रकार के सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना को लेकर ज्योतिष आचार्य और धर्म के ज्ञाता भी अपना अलग-अलग मत दे रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे कई निर्देश नियमों की बात करें तो वर्ष 2020 में महाकाल शिवलिंग क्षरण रोकने की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने महाकाल मंदिर समिति को निर्देश दिए थे कि शिवलिंग पर तय मात्रा में पंचामृत चढ़ाया जाए। इसके अलावा भांग और अन्य सामग्रियों के लिए भी निर्देशित किया था । बावजूद इसके वर्तमान समय में निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं हो रहा है। शिवलिंग पर तय मात्रा से अधिक भांग लगाई जा रही है। यही कारण है कि मुखौटा टूटकर गिर गया। अप्राकृतिक घटना के संकेत इस घटना को लेकर देश के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य अमर त्रिवेदी का कहना है कि यह एक अप्राकृतिक घटना का संकेत है। इस घटना के पीछे दो अलग-अलग मत है। देवता जिस भी सामग्री को पसंद करते हैं, उसे वह स्वीकार करते हैं और यदि किसी सामग्री में त्रुटि या श्रद्धा ना हो या अच्छी मानसिकता से ना बनाई गई हो या उसमें धर्म का प्रभाव ना हो तो वे सामग्री को त्याग देते हैं। ये हैं वैज्ञानिक कारण ज्योतिषाचार्य के अनुसार वैज्ञानिकता की बात करें तो पत्थरों की अपनी आद्रता होती है। पत्थरों में आंतरिक आद्रता और आंतरिक उष्णता रहती है। जब बाहरी आद्रता व उष्णता वाली भांग पत्थर पर लगाई जाती है तो कभी-कभी उसके गिरने की संभावना बनती है। यहां एक प्रकार से ऋतु परिवर्तन के संकेत भी हैं। भविष्य में बाढ़ और जल की स्थिति दिखेगी। आप्राकृतिक घटना के भी संकेत हैं। शिवलिंग के श्रृंगार का जिक्र नहीं धर्म के ज्ञाता, महर्षि पाणिनि वेद विद्या संस्थान के पूर्व कुलपति और पूर्व संभागायुक्त डॉ मोहन गुप्त ने इस घटना को लेकर कहा कि हिंदू धर्म में शिवलिंग पर भांग के श्रृंगार का किसी भी शास्त्र में कोई उल्लेख नहीं मिलता है। शुरू से इस बात का विरोध हुआ है। महाकाल के शिवलिंग पर भांग का श्रृंगार नहीं किया जाना चाहिए। शिव पुराण और लिंग पुराण में भी कहीं उल्लेख नहीं है। ऐसी कोई भी परंपरा नहीं रही है। भांग के श्रृंगार से शिवलिंग का क्षरण होता है । कई घंटे तक भांग का शिवलिंग पर लगे रहना क्षरण पैदा करता है। पंडित-पुजारी नहीं मान रहे बात शास्त्र का आधार पंडित पुजारी नहीं मान रहे हैं । अब श्रृंगार अपने आप गिर गया है। यह संकेत है कि खुद महाकाल इसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं। भांग का श्रंगार उचित नहीं है इसे बंद किया जाना चाहिए। अब प्रशासन और पंडित पुजारी को सोचना चाहिए। यह उचित नहीं है।  

राहुल मुखिया के ठिकाने पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, इलाके में सुरक्षा कड़ी

मोतिहारी बिहार के मोतिहारी में गुरुवार सुबह सुबह एनआईए की रेड से पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। एनआईए के टीम ने कुख्यात अपराधी और चर्चित भूमाफिया राहुल मुखिया के घर पर छापेमारी की है। राहुल मुखिया के घर जिले के गोविंदगंज थाना क्षेत्र स्थित खजूरिया गांव में अहले सुबह से यह कार्रवाई शुरू हुई। वहीं, पकड़ी दयाल थाना क्षेत्र के थरबिटिया गांव में पूर्व मुखिया छेदी सिंह के घर पर भी रेड चल रही है। बताया जाता है कि इस छापेमारी में केंद्रीय जांच एजेंसी के साथ साथ मोतिहारी पुलिस के जवान भी शामिल है। राहुल मुखिया का इतिहास पूर्व से भी आपराधिक रही है। शागिर्द कुणाल सिंह को पुलिस ने पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था वहीं, छेदी सिंह के बारे में भी यह बताया जाता है कि कहीं न कहीं उसकी संलिप्तता इनके साथ रही है, जिससे यह रेड पड़ी है। बताते चले कि 15 मार्च 2023 में राहुल मुखिया के शागिर्द कुणाल सिंह को पुलिस ने पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था। कुणाल के घर से पुलिस ने एके 47 बरामद किया था। इस मामले मे पिपराकोठी थाना मे पुलिस ने एफआईआर दर्ज कराया था, जिसमे राहुल मुखिया सहित अन्य को आरोपित किया गया  था। आवास के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाया गया इस मामले में अपराधी कुणाल को आजीवन कारावास की सजा मिली है। वहीं, छापेमारी के दौरान किसी को घर के आस-पास आने-जाने की रोक लगा दी गई है। एनआईए की टीम ने आवास के चारों ओर सुरक्षा घेरा बना लिया है, ताकि कोई भी व्यक्ति अंदर या बाहर नहीं जा सके। राहुल मुखिया का नाम लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों और भूमाफियागिरी में सामने आता रहा है। बताया जाता है कि उसके खिलाफ कई संगीन मामले दर्ज हैं ।यही नहीं, वह बहादुरपुर पंचायत की मुखिया ज्योति कुमारी का पति भी है। ऐसे में इस छापेमारी ने स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक हलकों में भी खलबली मचा दी है।

हरियाणा पुलिस पर सवाल, मनीषा हत्याकांड में बिश्नोई गैंग ने दी सीधी चेतावनी

हरियाणा हरियाणा के भिवानी जिले में 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा की हत्या के मामले ने प्रदेशभर में आक्रोश और विरोध प्रदर्शन देखा जा रहा है। मनीषा 11 अगस्त को स्कूल से लौटने के बाद नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन संबंधी जानकारी लेने गई थी, जिसके बाद वह लापता हो गई। दो दिन बाद यानी कि 13 अगस्त को शव खेत में मिला। इस घटना ने लोगों को झकझोर दिया और तेज न्याय की मांग को और बुलंद कर दिया। लगातार विरोध प्रदर्शनों और परिवार की मांगों के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को घोषणा की कि मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और पुलिस पूरी गंभीरता और पारदर्शिता से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि वह खुद मामले की निगरानी कर रहे हैं और पीड़िता को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा। बिश्नोई गैंग की धमकी इस बीच, मामले ने नया मोड़ तब लिया जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पर धमकी भरा पोस्ट जारी किया। इस पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी ढिल्लों के नाम से लिखा गया कि अगर हरियाणा पुलिस न्याय देने में नाकाम रही तो उनका गैंग हत्यारे को सजा देगा। गैंगवार के इस एंगल ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। माना जा रहा है कि लॉरेस बिश्नोई और रोहित गोडारा गैंग इस हाई-प्रोफाइल केस का इस्तेमाल हरियाणा में अपना वर्चस्व दिखाने के लिए कर रहे हैं। स्थिति तब और बिगड़ गई जब कनाडा में बैठे बिश्नोई गैंग के सहयोगी गोल्डी ढिल्लों ने उसी पोस्ट में कनाडा के ब्रैम्पटन में सोनू छठा की हत्या की जिम्मेदारी भी ली। ढिल्लों ने दावा किया कि सोनू छठा सांसद धानुआ की हत्या की साजिश में शामिल था और लॉरेंस के नाम पर रंगदारी वसूल रहा था। लॉरेंस बिश्नोई इस समय जेल में है और गोल्डी ढिल्लों विदेश से सक्रिय है। ऐसे में अधिकारियों को डर है कि यह मामला प्रदेश में गैंगवार को और भड़का सकता है और कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। मनीषा के परिवार और ग्रामीणों ने लगातार CBI जांच की मांग की थी। भिवानी में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन दिया कि इस मामले में पूर्ण न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।  

सुरक्षित स्कूल वाहन पालिसी पर पंजाब में सख्ती, डिप्टी कमिश्नर ने दिए आदेश

अमृतसर सड़क सुरक्षा कमेटी की बैठक को संबोधित करते हुए डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षित स्कूल वाहन पालिसी को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। डिप्टी कमिश्नर ने जिला बाल सुरक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि स्कूल बसों में पालिसी के अनुसार सभी सुविधाएं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे स्कूल प्राधिकारियों से संपर्क स्थापित कर इसे लागू करें और प्रत्येक स्कूल से वाहनों की जानकारी के संबंध में एक शपथ पत्र लिया जाए। उन्होंने कहा कि वे स्कूल बसों/ऑटो का निरीक्षण सुनिश्चित करें। स्कूल बसों का रंग पीला होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ओवरलोड स्कूल बसों/ ऑटो का चालान किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि चालक वर्दी में हो, उसके पास लाइसेंस हो और हर बस में एक कंडक्टर हो। उन्होंने जिलावासियों से अपील की कि अगर आपको कोई भी स्कूल ड्राइवर नियमों का उल्लंघन करता दिखे तो इसकी सूचना हैल्पलाइन नंबर 1098 पर दें ताकि उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके। बैठक में क्षेत्रीय परिवहन सचिव खुशदिल सिंह, ए.डी.टी.ओ. मैडम शालू अर्चन, इंजीनियर इंजीनियर नैशनल हाईवे योगेश यादव, जिला बाल सुरक्षा अधिकारी तरनजीत सिंह, अरविंदर भट्टी के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। नाबालिगों द्वारा वाहन चलाए जाने पर सख्त कार्रवाई हो डिप्टी कमिश्नर ने स्कूल पदाधिकारियों से कहा कि वे बच्चों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए स्कूलों में स्लोगन, पेंटिंग, प्रश्नोत्तरी आदि प्रतियोगिताएं आयोजित करें। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए तथा उनके अभिभावकों को जागरूक किया जाए कि यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पकड़ा गया तो उसके अभिभावकों को भी तीन साल तक की कैद हो सकती है। जुलाई माह में ट्रैफिक नियमों की उल्लंघना करने वालों से 23 लाख जुर्माना वसूला ए.सी.पी. ट्रैफिक पवन कुमार ने बताया कि जुलाई माह के दौरान पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर 15,435 चालान जारी कर 23 लाख 23 हजार 500 रुपए का जुर्माना वसूला है। उन्होंने बताया कि काली फिल्म लगाने वालों के 450, बिना हेलमेट के 1584, बिना सेफ्टी बेल्ट के 368, बिना लाइसेंस के 52, मोबाइल फोन का उपयोग करने पर 167, मोटर वाहन एक्ट के उल्लंघन पर 3, नशे में वाहन चलाने पर 207, तेज गति से वाहन चलाने पर 1, प्रेशर हॉर्न पर 2, ट्रिपल राइडिंग पर 281, लाल बत्ती जंप करने पर 619, यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर 2273, गलत पार्किंग पर 6253, टो वाहनों पर 1090, बिना इंश्यारेंस पर 91, नो एंट्री पर 2 चालान किए गए तथा अन्य धाराओं के लिए 6 चालान जारी कर जुर्माना वसूला गया है।  

प्रधानमंत्री मोदी से मिले महेश कश्यप, बस्तर के सांस्कृतिक उत्सव में आने का अनुरोध

नई दिल्ली/रायपुर छत्तीसगढ़ में हर साल आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरे का न्योता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंच चुका है. बस्तर सांसद महेश कश्यप ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य मुलाकात की और उन्हें विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरे में शामिल होने का निमंत्रण दिया. पीएम मोदी ने इस आमंत्रण को स्नेहपूर्वक स्वीकार करते हुए भरोसा दिलाया कि वे समय निकालकर इस ऐतिहासिक पर्व का हिस्सा बनेंगे. सांसद महेश कश्यप अपनी धर्मपत्नी चंपा कश्यप और सुपुत्री क्षमता कश्यप के साथ प्रधानमंत्री से मिलने पहुंचे थे. मुलाक़ात के दौरान क्षमता कश्यप ने पीएम मोदी को सादर नमस्कार किया, जिस पर प्रसन्न होकर प्रधानमंत्री ने उसे टॉफी भेंट की. इस अवसर पर सांसद ने प्रधानमंत्री को बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक स्मृति चिन्ह भी भेंट किया. उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए आभार जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले ग्यारह वर्षों में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं.

टोलकर्मी पिटाई कांड: गिरफ्त में आया आरोपी रवि, कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट रद्द

मेरठ मेरठ-करनाल हाईवे के भूनी टोल प्लाजा पर जवान कपिल के साथ बर्बर मारपीट का मामला तूल पकड़ रहा है। मुख्य आरोपी रवि को पुलिस ने दबोच लिया, अब तक आठ गिरफ्तारी हो चुकी हैं। NHAI ने ठेका रद्द कर टोल प्लाजा को फ्री कर दिया, कंपनी पर 20 लाख जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं परिवार अब भी चिंतित है। मेरठ-करनाल हाईवे पर भूनी टोल प्लाजा पर सेना के जवान कपिल से मारपीट का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद से ही पुलिस और प्रशासन पर सख्ती की मांग हो रही थी। अब मुख्य आरोपी रवि को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अब तक कुल आठ गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, एनएचएआई ने ठेका कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर टोल वसूली बंद कर दी है। आगे विस्तार से पढ़ें अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई हुई है। मुख्य आरोपी रवि गिरफ्तार सरूरपुर पुलिस ने बुधवार को करनावल निवासी रवि को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वायरल वीडियो में वही पीली कमीज में जवान कपिल पर डंडा बरसाते नजर आया था। पुलिस अब तक आठ आरोपियों को पकड़ चुकी है। टोल कंपनी का ठेका निरस्त एनएचएआई ने टोल वसूली करने वाली कंपनी मैसर्स धर्म सिंह का ठेका रद्द कर दिया है। कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर 20 लाख का जुर्माना भी लगाया गया। फिलहाल टोल प्लाजा नया ठेका मिलने तक फ्री कर दिया गया है। पोल से बांधकर की थी पिटाई जवान कपिल ने रविवार शाम टोलकर्मियों से पहचान पत्र दिखाकर जल्दी निकलने का आग्रह किया था। इसी बात पर टोलकर्मी भड़क गए और उसे पोल से बांधकर बेरहमी से पीटा। लाठी-डंडों और ईंटों से हमला किया गया। वीडियो वायरल, धरना-प्रदर्शन सोशल मीडिया पर मारपीट की वीडियो क्लिप वायरल होने के बाद गांववालों और विधायक संगीत सोम ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने टोलकर्मियों की गिरफ्तारी और टोल बंद करने की मांग की। कपिल का उपचार जारी जवान कपिल का इलाज मेरठ कैंट स्थित मिलिट्री अस्पताल में चल रहा है। पिता कृष्णपाल और मां सुनीता ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। भूनी टोल प्लाजा की स्थिति 7 नवंबर 2023 से शुरू हुए भूनी टोल से पहले रोजाना करीब 20,000 वाहन गुजरते थे। अब संख्या घटकर लगभग 12,000 रह गई है। टोल फ्री होने से यात्रियों को राहत मिली है।   प्रदर्शन और मांगें जारी किसानों ने भूनी टोल को बपारसी गांव शिफ्ट करने की मांग की। मवाना में पूर्व सैनिक संगठन ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर टोलकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई।