samacharsecretary.com

छात्र-छात्राओं ने सड़क सुरक्षा पर रखे विचार, मनेंद्रगढ़ में जिला स्तरीय वाद-विवाद का आयोजन

एमसीबी सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत जिला स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी विद्यालय मनेंद्रगढ़ में उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रतियोगिता में विकासखंड स्तर पर चयनित छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। निर्णायकों द्वारा परिणाम घोषित किए गए, जिसमें प्रथम स्थान नव्या गुप्ता (वीएसएसएन विद्यालय भरतपुर), द्वितीय स्थान शिवेंद्र तिवारी (सेजेस भरतपुर) तथा तृतीय स्थान साक्षी सिंह (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलबहरा) को प्रदान किया गया। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने सड़क दुर्घटनाओं की भयावहता पर प्रकाश डालते हुए मृत्यु दर के आंकड़े प्रस्तुत किए और दुर्घटनाओं में कमी लाने के उपायों पर विस्तार से सुझाव दिए। उन्होंने सड़कों पर बैठे आवारा पशुओं, जगह-जगह गड्ढों और यातायात नियमों की अनदेखी जैसी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया तथा दुर्घटना पीड़ितों को बचाने के लिए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। प्रतियोगिता में विजेताओं को सम्मानित करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त छात्रा को 7000 रुपए, द्वितीय स्थान को 5000 रूपये। और तृतीय स्थान को 3000 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई, वहीं सांत्वना पुरस्कार स्वरूप प्रत्येक प्रतिभागी छात्र-छात्रा को 2000 रुपए का चेक दिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डिप्टी कलेक्टर इंदिरा मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी. मिरे, पुष्कर तिवारी, अनीता फरमानिया, अभिषेक पांडे, नीलम दुबे, मधुमिता चौधरी, रामाश्रय शर्मा, डॉ. विनोद पांडेय, द्वारिका मिश्रा और सूर्याेदय सिंह सहित अनेक शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के समापन अवसर पर नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत डिप्टी कलेक्टर इंदिरा मिश्रा ने उपस्थित सभी लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। आभार प्रदर्शन जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा किया गया।

फर्जी कॉल से बुजुर्ग महिला से 44 लाख हड़पे, पहलगाम हमले का दिया हवाला

नोएडा गौतमबुद्ध नगर के नोएडा में अलग-अलग घटना के तहत 76 वर्षीय अविवाहित महिला समेत 3 लोगों से धोखाधड़ी करके साइबर अपराधियों ने करीब 84 लाख रुपये की ठगी कर ली। इस मामले में पीड़ितों ने साइबर अपराध थाने में रविवार रात को रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) प्रीति यादव ने बताया कि रविवार रात को 76 साल की अविवाहित महिला सरला देवी ने साइबर अपराध थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई। सरला ने बताया कि वह अपने घर में अकेले रहती हैं और 18 जुलाई को उनके पास एक फोन कॉल आई थी। सरला ने कहा कि फोन कॉल करने वाली ने खुद को एयरटेल का अधिकारी बताते हुए अपना नाम नेहा शर्मा बताया था। शिकायत के मुताबिक, पीड़िता से कहा गया कि उनके एयरटेल के नंबर का इस्तेमाल जुआ खेलने और ‘ब्लैकमेल’ करने जैसी गतिविधियों में किया गया है। इस दौरान पीड़िता से कहा गया कि उनकी बात मुंबई पुलिस की अपराध शाखा से कराई जा रही है। शिकायत में सरला ने कहा है कि इसी बीच एक व्यक्ति ने एसीपी के रूप में उनसे बात किया और उसने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। उसने खुद को एसीपी संजय सिंह बताया तथा गिरफ्तारी वारंट के नाम पर उन्हें धमकाया। पहलगाम हमले का नाम लेकर ठग लिए 43.70 लाख शिकायत के मुताबिक, सरला से कहा गया कि उनके फोन नंबर का इस्तेमाल ऑनलाइन जुआ खेलने और पहलगाम हमले के आतंकवादियों को पैसा मुहैया कराने सहित विभिन्न मदों में किया गया है। उनसे कहा गया कि अगर आप गिरफ्तारी से बचना चाहते हैं तो हमारे बताए हुए खाता में रकम भेज दें। पीड़िता के अनुसार, उन्होंने विभिन्न खातों में करीब 43 लाख 70 हजार रुपये भेज दिए, लेकिन आरोपी उनसे 15 लाख रुपये की और मांग कर रहे हैं। महिला को जब शक हुआ तो उन्होंने एक वकील से बात की। डीसीपी ने बताया कि वकील ने महिला को बताया कि उनके साथ साइबर ठगी की गई है। इसके बाद उन्होंने बीती रात को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पिता का दोस्त बनकर ठगे 24 हजार पुलिस उपायुक्त ने बताया की बीती रात को यीशु मित्तल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह सेक्टर 75 में रहते हैं। पीड़ित के अनुसार, एक व्यक्ति ने उन्हें 28 अगस्त को फोन कॉल करके कहा कि वह उनके पिता का दोस्त है। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने यीशु मित्तल से कहा कि वह उनके पिता को कुछ रकम देना चाहता है इसलिए वह उसे अपने बैंक खाते का नंबर बता दें। आरोपी ने उन्हें अपने जाल में फंसाकर उनके खाते में कुछ रकम भेजी और कहा कि उनके खाते में गलती से ज्यादा रकम चली गई है, इसलिए अतिरिक्त राशि को वापस भेज दें। पीड़ित ने उसकी बात पर विश्वास करके उसके बताए गए खाते में 24 हजार 68 रुपये वापस भेज दिया। उन्होंने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। शेयर मार्केट के नाम पर 40 लाख ठगे पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) प्रीति यादव ने बताया कि साइबर अपराध थाने में ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी निवासी 63 वर्षीय सूर्य मोहन धर ने बीती रात को रिपोर्ट दर्ज कराई कि दो जुलाई को एक महिला ने वॉट्सऐप पर उनसे संपर्क करके खुद को एक कंपनी का कर्मचारी और शेयर मार्केट का जानकार बताया। शिकायत के मुताबिक, शुरुआत में महिला ने उन्हें शेयर की खरीद-बिक्री के बारे में सलाह दी और कुछ मुनाफा दिखाया। इसके बाद महिला पर विश्वास करके सूर्य मोहन ने 21 जुलाई से 12 अगस्त के बीच करीब 40 लाख 50 हजार रुपये उसके बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में जमा कर दिए। इसके बाद जालसाजों ने अपने-अपने नंबर बंद कर लिए और पीड़ित को वॉट्सऐप ग्रुप से बाहर कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।  

आदि कर्मयोगी अभियान वास्तव में एक परिवर्तनकारी राष्ट्रीय आंदोलन है : विधायक अग्रवाल

महासमुंद जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने हेतु “आदि कर्मयोगी” नामक नई पहल की गई है। इस अभियान के अंतर्गत विकासखण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ आज बसना विधायक श्री सम्पत अग्रवाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी सचिन भूतड़ा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास शिल्पा साय सहित राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स, जनजाति समुदाय के प्रतिनिधि, विकासखण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स और स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक  सम्पत अग्रवाल ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान वास्तव में एक परिवर्तनकारी राष्ट्रीय आंदोलन है। जो प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सबका साथ सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास दूरदर्शी आव्हान का प्रतीक है तथा विकसित भारत के व्यापक रूपरेखा है। उन्होंने कहा कि आज ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण जिसमें जिले के जनजाति समुदायों को शासन की विभिन्न योजनाओं का वास्तविक लाभ और उनकी समस्याओं को नजदीक से जानने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। निश्चित ही यह प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि धरती आबा जनजाति कार्यक्रम में अब योजनाएं उनके समग्र विकास के लिए बनेंगी। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत नंदनवार ने कहा कि पहले योजनाएं ऊपर से नीचे की ओर आती थी। इस कार्यक्रम में अब योजनाएं धरातल पर बनेगी और इसका क्रियान्वयन के लिए जनसमुदाय भी आगे आएंगे। उन्होंने बताया धरती आबा जनभागीदारी अभियान के तहत जनजाति गौरव वर्ष के एक भाग के रूप में आदि कर्मयोगी अभियान के लिए रणनीति बनाई गई। जिसमें जनजाति समुदायों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा गया। उन्होंने बताया कि महासमुंद जिले में इस अभियान की सफल क्रियान्वयन के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य योजना तैयार की जा रही है।   ज्ञात है कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण में जिले के पांचों विकासखण्ड से 50 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस दौरान प्रेरणादायक शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। इसके पूर्व जिले की 6 अधिकारियों को राज्य स्तर पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। यह प्रशिक्षण 1 से 3 सितम्बर तक जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि आदिवासी विकास विभाग द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाभियान (पीएम जनमन) और धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति (कमार) के लिए 9 अलग अलग मंत्रालयों के 11 प्रकार के कार्यों से संतृप्ति का कार्य किया जा रहा है। जनमन योजना अंतर्गत जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति कमार के 77 बसाहटों के 940 परिवारों (3306 जनसंख्या) को आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, बैंक खाता, जाति प्रमाणपत्र जैसे जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही सामुदायिक उत्थान हेतु प्रधानमंत्री आवास, स्वच्छ पेयजल, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है। वहीं धरती आबा अभियान अंतर्गत जिले के 308 जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में 17 मंत्रालयों की 25 योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। अभियान के तहत विकास कार्यों को तीन स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा। जिसमें पहला आदि कर्मयोगी तैयार करना। इनमें राज्य, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। दूसरे क्रम में आदि सहयोगी की टीम बनाई जाएगी। जिसमें शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, चिकित्सक, युवा नेता, सामाजिक मुखिया आदि जो ग्राम स्तर पर योजना क्रियान्वयन में सहयोग करेंगे। तीसरे क्रम में आदि साथी,  वे हितग्राही जिन्हें योजनाओं का सीधा लाभ दिया जाना है। कलेक्टर ने सभी विभागों को सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन निर्देशानुसार करने कहा है।

सलका जलाशय योजना को मिला संबल : कार्यों के लिए 2.50 करोड़ की स्वीकृति

रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा मनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी जिले में खड़गंवा की सलका जलाशय योजना के कार्यों के लिए दो करोड़ 50 लाख 18 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्यों के पूर्ण होने पर योजना की रूपांकित सिंचाई क्षमता 297 हेक्टेयर में 145 हेक्टेयर की कमी की पूर्ति होगी तथा 10 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई हो सकेगी। योजना से क्षेत्र के किसानों को कुल 307 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।

बस्तर में नक्सलियों का कहर: 18 महीने में 8 शिक्षकों की हत्या, IG ने दी सख्त चेतावनी

जगदलपुर बस्तर में अपनी दहशत कायम रखने के लिए माओवादी लगातार निर्दोषों की हत्या कर रहे हैं। अति संवेदनशील क्षेत्रों में बच्चों को पढ़ाने के लिए निःस्वार्थ भाव से सेवा कर रहे युवा शिक्षादूतों की निर्मम हत्या कर माओवादियों ने अपनी पुरानी टैक्टिक्स को फिर से रिपीट किया है। अपनी मौजूदगी और संगठन के डर को कायम रखने के लिए पिछले डेढ़ साल में माओवादियों ने मुखबिरी का आरोप लगाकर 8 शिक्षादूतों की हत्या की है। बस्तर आईजी ने शिक्षादूतों की हत्या में शामिल माओवादियों को कड़ी चेतावनी दी है। आईजी ने कहा है कि फोर्स हर एक माओवादी कैडर और उनके सहयोगियों की पहचान कर उन्हें सजा दिलाने का काम करेगी। बस्तर संभाग के सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर में माओवादियों ने शिक्षादूतों की हत्याओं को अंजाम दिया है। माओवादी संगठन के इस अमानवीय कृत्य की निंदा करते हुए बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने कहा है कि माओवादियों द्वारा अंजाम दी गई घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. शिक्षादूतों को पुलिस मुखबिर बताना माओवादियों का कायराना प्रयास बस्तर आईजी ने कहा, निर्दोष नागरिकों और युवा शिक्षादूतों को पुलिस मुखबिर बताना महज माओवादियों का एक कायराना प्रयास है, जिसका उद्देश्य केवल स्थानीय जनता को डराना और अपने कैडरों का मनोबल बढ़ाना है, जो हाल के समय में लगातार झटकों के कारण पहले ही पूरी तरह गिर चुका है। आईजी ने शिक्षादूतों की हत्या में शामिल माओवादियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि फोर्स हर एक माओवादी कैडर और उनके सहयोगियों की पहचान कर उन्हें सजा दिलाने का काम करेगी।

मोदी पर राहुल का हमला, कहा- हाइड्रोजन बम की बारी, जनता को क्या जवाब देंगे?

पटना  बिहार के सासाराम से शुरू हुई राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा का आज (एक सितंबर) को पटना में संपन्न हुई। इस मौके पर इंडिया अलायंस के सहयोगी दलों ने बड़ा मार्च निकाला। इस बीच जनसभा को संबोधित करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बीजेपी को चेताते हुए कहा कि अब एटम बम से बड़ा हाइड्रोजन बम आ रहा है। वोट चोरी की आपकी सच्चाई पूरी देश को पता चलने वाली है। बिहार क्रांतिकारी प्रदेश है, और इसने पूरे देश को संदेश दिया है, कि हम वोट चोरी नहीं होने देंगे। हाइड्रोजन बम के बाद नरेंद्र मोदी अपना चेहरा देश के लोगों को नहीं दिखा पाएंगे। राहुल ने कहा कि महादेवपुरा में 'वोट चोरी' के रूप में एटम बम के बाद, हम जल्द ही हाइड्रोजन बम लाएंगे। महात्मा गांधी की हत्या करने वाले अब लोकतंत्र और संविधान की हत्या करने की कोशिश कर रहे हैं। हम उन्हें ऐसा नहीं करने देंगे। हाल ही में हमने देश के सामने 'वोट चोरी' का सबूत पेश किया। वोट चोरी का मतलब है लोगों के अधिकारों, लोकतंत्र और भविष्य की चोरी है। आपको बता दें हाल में राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव 2024 में अनियमितताओं के दावों का 'एटम बम' फोड़ते हुए बेंगलुरू सेंट्रल लोकसभा सीट की एक विधानसभा में एक लाख से अधिक फर्जी वोटरों के जरिए चुनावी धांधली का दावा किया था। नेता प्रतिपक्ष ने ने कहा कि हमारे लोगों ने कागज के वोटर लिस्ट से पता और फोटो मिलाकर काम किया और फिर देश के सामने सबूत रखा है। इसमें 17-17 घंटे लगे। बिहार के युवाओं से मैं कहना चाहता हूं कि वोट चोरी का मतलब अधिकार की चोरी, आरक्षण की चोरी, लोकतंत्र की चोरी, युवाओं के भविष्य की चोरी। यह सिर्फ वोट नहीं ले रहे बल्कि आपकी जमीन और राशन कार्ड सब कुछ ले जाकर अडाणी- अंबानी को दे देंगे। जिन शक्तियों ने महात्मा गांधी की हत्या की वहीं शक्तियां गांधी और आबंडेकर के संविधान की हत्या की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए हमने बिहार में यात्रा की है और आपका बेहतरीन साथ मिला है। बिहार के सारे के सारे युवा खड़े हो गए। इस दौरान राहुल ने 'वोट चोर' के नारे भी लगवाए।  

समयपालन पर कलेक्टर का जोर: देर से पहुंचने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को दिखाई सख्ती

गरियाबंद  दफ्तर में समय पर न पहुंचने वाले लेटलतीफ अफसरों को अब कलेक्टर ने सख्त संदेश दे दिया है. गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उईके ने सोमवार को कलेक्टोरेट का मुख्य दरवाजा समय पर बंद करवा दिया. उनका कहना है कि यह कदम देर से आने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सबक सिखाने के लिए उठाया गया है. कलेक्टर उईके स्वयं समय के पाबंद माने जाते हैं और रोजाना सुबह 10 से 10:30 बजे के बीच दफ्तर पहुंचते हैं. इसके बावजूद कई विभागों के अधिकारी-कर्मचारी देर से दफ्तर पहुंच रहे थे. पहले भी कलेक्टर ने औचक निरीक्षण कर लेटलतीफ अफसरों को नोटिस थमाए थे, लेकिन रवैये में सुधार नहीं दिखा. सोमवार को जब एक बार फिर अधिकारी और कर्मचारी देर से पहुंचे, तो कलेक्टर ने ठीक 10:30 बजे कलेक्टोरेट का गेट बंद करा दिया. इस दौरान उन्होंने खुद खड़े होकर स्थिति का जायजा लिया. कलेक्टर उईके ने साफ कहा कि यह उनके मातहतों (अधिकारी कर्मचारी) के लिए अंतिम चेतावनी है. यदि आगे भी समय का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

वैदिक घड़ी का शुभारंभ: सूर्योदय से सूर्यास्त तक होगी समय की गणना, सीएम बोले- यही है असली भारतीय पद्धति

भोपाल   राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण और ऐप लॉन्च किया। इस घड़ी की खासियत है कि यह सूर्य की गति के साथ चलती है और सूर्योदय से नए दिन की शुरुआत करती है। इस मौके पर शौर्य स्मारक से युवाओं का बाइक व पैदल मार्च निकाला गया, जो मुख्यमंत्री निवास तक पहुंचा। वहां “विक्रमादित्य वैदिक घड़ी : भारत के समय की पुनर्स्थापना की पहल” विषय पर युवा संवाद हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री ने युवाओं से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह केवल घड़ी नहीं, बल्कि भारत की गौरवशाली परंपरा और वैज्ञानिक दृष्टि का आधुनिक स्वरूप है। वैदिक घड़ी हमारी संस्कृति को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाएगी।   कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विक्रमादित्य वैदिक घड़ी से जुड़े मोबाइल ऐप का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम में मंत्री विश्वास सारंग ने कहा- 'अगर हम मंत्रियों को एक-एक घड़ी भेंट कर दी जाए तो हम भी अपने घरों में इसे स्थापित कर सकें।' वर्ष की गणना छह ऋतुओं के आधार पर की गई  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समय की गणना सूर्योदय से सूर्योदय तक होनी चाहिए, क्योंकि रात 12 बजे दिन बदलने का कोई औचित्य नहीं है। हमारे इतिहास में खगोल विज्ञान को सूर्य की छाया के आधार पर समझा और परिभाषित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे व्रत-त्योहार अंग्रेजी कैलेंडर पर नहीं, बल्कि भारतीय पंचांग पर आधारित हैं। वर्ष की गणना भी तिथियों और छह ऋतुओं के आधार पर की गई है।  सीएम ने कहा कि ये भारत का समय है…। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी अब मोबाइल ऐप के माध्यम से भी उपलब्ध है। इसे डाउनलोड कर आप अपने फोन पर हर उपयोगी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। मुझे प्रसन्नता है कि मुख्यमंत्री निवास के बाहर भी वैदिक घड़ी स्थापित की गई है।  सूर्योदय से होना चाहिए दिन की गणना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे सभी त्योहार अंग्रेजी तिथियों के आधार पर नहीं आते। वर्ष की गणना भी तिथियों और छह ऋतुओं के आधार पर की गई है। इसलिए समय की गणना सूर्योदय से सूर्योदय तक होनी चाहिए। रात 12 बजे दिन बदलने का कोई औचित्य नहीं है। हमारी प्राचीन गणना पद्धति में 60 सेकेंड का मिनट नहीं, बल्कि 30 घंटे में 30 मुहूर्त माने जाते हैं। यह कोई बंधन नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति की धरोहर और विचार का विषय है। उन्होंने कहा कि अतीत के इतिहास में खगोल विज्ञान को सूर्य की छाया से समझा जाता था। भारत का सेंटर पॉइंट उज्जैन माना गया है, लेकिन यह भी समय के साथ दोलायमान हुआ और 32 किमी दूर डोंगला तक पहुंचा। भगवान श्रीकृष्ण भी समय गणना का केंद्र खोजने डोंगला के पास नारायणा गांव आए थे, जहां उनके साथ बलराम और सुदामा भी मौजूद थे। सीएम ने आगे कहा कि 10 हजार साल पहले सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण कब हुआ था, इसकी गणना आज का कंप्यूटर भी नहीं कर पाएगा, लेकिन हमारी वैदिक काल गणना तुरंत सटीक जवाब देती है। सावन के महीने में छाता लेकर चलने की परंपरा भी इसी अनुभवजन्य गणना का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ग्रह, नक्षत्र और तिथियों के आधार पर जीवन के सभी निर्णय तय किए जाते थे। हमने विधानसभा में भी यही परंपरा अपनाने का प्रयास किया है- रात में भी काम हो सकता है, लेकिन अमावस्या के दिन अवकाश होना चाहिए। पश्चिम का समय जब तक था, तब तक था। अब पूर्व का समय आया है। दुनिया में भारत की अच्छाइयों को लेकर जाने का यही समय सही समय है। 2014 में सरकार बनाने के 6 महीने में ही पीएम मोदी ने दुनिया मे योग को पुर्नस्थापित करने का काम किया। भारत का ज्ञान कौशल समूची मानवता के लिए है। ये घड़ी भारत की हलचल दुनिया को दिखा रही है। सबकी गति अलग- अलग है लेकिन हमारी ज्ञानगंगा की धारा और आगे तक जाए। हम सब इस घड़ी का उपयोग करते हुए इसकी चर्चा करेंगे। सीएम ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से कहा- मोबाइल ऊपर करके क्यूआर कोड से घड़ी डाउनलोड करो। CM ने सबके मोबाइल की टॉर्च ऑन करवाई। भरतीय पंचांग ऋतुओं और प्रकृति से जुड़ा हुआ  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के लोकार्पण एवं युवाओं से संवाद कार्यक्रम में कहा कि  काल गणना और वैदिक पद्धति हमारी वैज्ञानिक और सांस्कृतिक धरोहर है। अंग्रेजी तिथियां बदलती रहती हैं, लेकिन भारतीय पंचांग ऋतुओं और प्रकृति से जुड़ा हुआ है। सावन-भाद्रपद की वर्षा, क्वार-कार्तिक की ऋतु चक्र- सभी तिथि आधारित गणना का प्रमाण हैं। चंद्रमा और समुद्र के ज्वार-भाटा से लेकर मनुष्य के शरीर पर अमावस्या–पूर्णिमा का प्रभाव वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है। भारतीय गणना पद्धति में दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक माना जाता है, न कि रात 12 बजे से। 30 मुहूर्त, 24 घंटे और समय की संरचना भारतीय काल गणना की अद्वितीय प्रणाली है। सीएम हाउस मेरा नहीं, प्रदेश की जनता का  सीएम ने कहा कि हमारे यहां विचार व्यक्त करने और सत्य के आधार पर सुधार करने की स्वतंत्रता रही है, यही हमारी संस्कृति की ताकत है। उज्जैन भारत का काल गणना का केंद्र है, जो खगोलीय दृष्टि से प्रमाणित है। पंचांग और वैदिक गणित की सटीकता को दुनिया भी स्वीकार कर रही है, कंप्यूटर जहां असफल हो जाए वहां हमारे ज्योतिषी सही उत्तर दे सकते हैं। मुहूर्त का अर्थ केवल शुभ-अशुभ नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन और प्रकृति के अनुकूल आचरण भी है। सीएम हाउस मेरा नहीं, प्रदेश की 9 करोड़ जनता का है। भारत के समय की नई परिभाषा लिखी जा रही इस दौरान भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि आज से भारत के समय की नई परिभाषा लिखी जा रही है। उन्होंने कहा- 'जब हम मां की कोख में आते हैं तो ईश्वर प्रारब्ध पहले ही लिख देता है। मुख्यमंत्री जी ने वैदिक घड़ी लगवाकर वास्तव में भारत के समय की पुनर्स्थापना का ऐतिहासिक कदम उठाया है।' हम सौभाग्यशाली हैं कि हमारा जन्म हिंदू संस्कृति में हुआ है। यह घड़ी हमें काल गणना की वैदिक परंपरा से जोड़ेगी और भारत को सोने की चिड़िया बनने की दिशा में आगे बढ़ाएगी। मुख्यमंत्री निवास विरासत का साक्षी बन रहा मंत्री कृष्णा गौर ने कहा- … Read more

सिलेंडर व गैस कटर लेकर यूको बैंक में घुसे चोर, धुआं देखकर राहगीरों ने दी पुलिस को सूचना

रायपुर राजधानी रविवार देर रात एक बड़ी वारदात टल गई। तेलीबांधा थाना क्षेत्र स्थित यूको बैंक में अज्ञात चोर गैस कटर और सिलेंडर लेकर घुस गए और तिजोरी तोड़ने का प्रयास किया। हालांकि उनकी योजना पूरी नहीं हो सकी। समय रहते राहगीरों ने बैंक से धुआं निकलते देखा और पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बैंक अधिकारियों को बुलवाकर जब ताला खुलवाया गया। तिजोरी वाले कार्नर में गैस सिलेंडर, गैस कटर और वेल्डिंग मशीन मिली। खिड़की तोड़कर अंदर घुसे चोर पुलिस जांच में सामने आया है कि चोरों ने बैंक की खिड़की तोड़कर प्रवेश किया था। बैंक के अंदर जाते ही उन्होंने तिजोरी को वेल्डिंग मशीन से काटने की कोशिश की। आरोपितों ने बैंक के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरों की केबल को भी काट दिया, ताकि उनकी हरकतें रिकार्ड न हो सके। बैंक की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए यह साफ है कि आरोपित पहले से रेकी करके आए थे और योजना बनाकर ही वारदात की कोशिश की गई थी। जंगली रास्ते से भागे आरोपित जांच के दौरान पुलिस को बैंक के पीछे स्थित जंगली रास्ते से भागने के संकेत मिले हैं। पुलिस ने घटनास्थल से कुछ अहम सबूत जब्त किए हैं। डाग स्क्वाड की मदद से भी आरोपितों का पता लगाने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। पुलिस ने की इलाके की घेराबंदी घटना की जानकारी मिलते ही तेलीबांधा थाना पुलिस, क्राइम ब्रांच और फारेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पूरे इलाके को घेराबंदी कर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। बैंक प्रबंधन से भी सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े दस्तावेज लिए गए हैं। पेशेवर अपराधियों की आशंका पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस वारदात में शामिल लोग पेशेवर अपराधी लगते हैं। जिस तरह से उपकरणों के साथ बैंक में घुसकर उन्होंने तिजोरी तोड़ने का प्रयास किया, उससे साफ है कि उन्हें इस काम में महारत हासिल है। फिलहाल बैंक मैनेजर की शिकायत पर मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।

वोट अधिकार यात्रा पर रोक, पटना में विपक्षी नेताओं ने गांधी मैदान से किया भाषण

पटना  पटना में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की वोट अधिकार यात्रा का अंतिम चरण शुरू हो गया है। यह पदयात्रा बिहार के 23 जिलों से गुजरते हुए सासाराम से 17 अगस्त को शुरू हुई थी। करीब 16 दिनों और 1300 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करने के बाद यह यात्रा अब पटना के गांधी मैदान पर बड़ी रैली के साथ खत्म होगी। इस यात्रा का मकसद मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के खिलाफ लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने यात्रा रोकी पटना पुलिस ने डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग कर राहुल-तेजस्वी समेत इंडिया ब्लॉक के पदयात्रा को रोक दिया। भारी पुलिस बल के साथ पुलिस ने इलाके को पूरी तरह से घेर लिया है। जब पदयात्रा को डाकबंगला चौराहे पर रोका गया तो विपक्षी नेता वहीं रुककर जनता को संबोधित करने लगे। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखने को मिले। इंडिया ब्लॉक के बड़े नेता हुए शामिल इस पदयात्रा में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, एनसीपी-एसपी की सुप्रिया सुले, सीपीआई के डी. राजा और सीपीआई-एमएल के दीपंकर भट्टाचार्य जैसे कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। ये सभी नेता पटना एयरपोर्ट पर कांग्रेस और गठबंधन के कार्यकर्ताओं द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किए गए। इसके बाद सभी गांधी मैदान के लिए रवाना हुए जहां यात्रा का समापन समारोह शुरू हुआ। यात्रा का मकसद और अहमियत क्या है? यह यात्रा मतदाता सूची में कथित हेराफेरी के खिलाफ जनसामान्य में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से निकाली गई है। इस पदयात्रा के दौरान भारत के विभिन्न इलाकों से होकर गुजरते हुए लोगों को अपने वोट के अधिकार और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता के बारे में जागरूक किया गया। बिहार जैसे बड़े राज्य में यह कदम खास महत्व रखता है, जहां राजनीतिक जागरूकता को बढ़ाना बेहद जरूरी माना जा रहा है।   पटना में विपक्षी नेताओं का जनसंपर्क डाकबंगला चौराहे पर यात्रा रोक दिए जाने के बाद राहुल और तेजस्वी ने वहीं से जनता को संबोधित किया। इस मौके पर विपक्षी नेताओं ने मतदाताओं को वोट अधिकार यात्रा के मकसद से अवगत कराया और चुनावी भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। गांधी मैदान में भी भारी संख्या में कार्यकर्ता और आम लोग जमा हुए, जिससे इस रैली का रंग और जोश दोनों बढ़ गए। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, प्रशासन सतर्क पटना पुलिस ने यात्रा को रोकने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की। डाकबंगला चौराहे और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हर संभव सावधानी बरती। इस कदम को लेकर राजनीतिक हलकों में मतभेद भी देखे गए हैं। नाम तेजस्वी का, काम अखिलेश अपना कर गए… पटना में राहुल के सामने दावेदारी के ऐलान का यूपी कनेक्शन!  बिहार विधानसभा चुनाव की औपचारिक घोषणा भले ही ना हुई हो, लेकिन सियासी सरगर्मी पूरी तरह बढ़ गई है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की जोड़ी ने बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' निकालकर चुनावी माहौल को अपने पक्ष में करने का दांव चला है तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी रणक्षेत्र में उतरकर तेजस्वी यादव के लिए सियासी बैटिंग कर दी है. 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई इंडिया ब्लॉक की 'वोटर अधिकार यात्रा' अब 23 जिलों और 1300 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद पटना में समाप्त हो रही है. राहुल-तेजस्वी की यात्रा के आखिरी पड़ाव में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शिरकत की. अपनी केवल डेढ़ दिन की बिहार यात्रा के दौरान अखिलेश यादव ने तेजस्वी यादव का नाम आगे करके पटना से यूपी की सियासत का एजेंडा तय करते हुए नज़र आए. बिहार में कांग्रेस का आरजेडी के साथ चुनाव लड़ना तय है, लेकिन वह तेजस्वी यादव को सीएम का चेहरा बनाने के लिए तैयार नहीं है. 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान पत्रकारों ने कई बार राहुल गांधी से यह सवाल पूछा और हर बार उन्होंने खामोशी बनाए रखी. इतना ही नहीं, तेजस्वी ने राहुल को पीएम पद का उम्मीदवार तक बता दिया, उसके बाद भी कांग्रेस टस से मस नहीं हुई. ऐसे में अखिलेश ने बिहार में सियासी दस्तक देने के साथ ही तेजस्वी यादव के चेहरे पर अपनी रजामंदी देकर एक बड़ा सियासी दांव चला.   तेजस्वी के नाम पर अखिलेश रजामंद तेजस्वी यादव ने कहा कि 400 पार का नारा लगाने वालों को उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव ने आधे पर रोक दिया. अखिलेश के अनुभव का लाभ हमें बिहार में भी मिलेगा, उनके आने से हमें बहुत मजबूती मिली है. उन्होंने कहा कि हम लोगों को साथ मिलकर लड़ना है. बिहार की जनता जागरूक है. बीजेपी को चुनाव में मुंहतोड़ जवाब देगी. इसके बाद अखिलेश यादव ने भी तेजस्वी यादव की खूब तारीफ की और कहा कि महागठबंधन की तरफ से तेजस्वी यादव ही मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे. अखिलेश ने कहा कि तेजस्वी यादव से बेहतर बिहार में कोई मुख्यमंत्री नहीं हो सकता. मैं हमेशा तेजस्वी यादव का साथ दूंगा और हर मदद करूंगा, क्योंकि उन्होंने बिहार के विकास के लिए काम किया है और नौकरी दी है. ऐसे में बिहार के लोग अपना भविष्य बनाने के लिए मतदान करें. अखिलेश ने यह बात राहुल गांधी और तेजस्वी की मौजूदगी में कही, क्योंकि कांग्रेस और राहुल गांधी ने बिहार में सीएम चेहरे के नाम पर चुप्पी साध रखी है. तेजस्वी के बहाने अखिलेश का दांव बिहार में जिस तरह से कांग्रेस और आरजेडी साथ हैं, उसी तरह से यूपी में सपा और कांग्रेस का गठबंधन है. अखिलेश यादव इस बात को जानते हैं कि बिहार में कांग्रेस ने सीएम चेहरे पर जिस तरह सियासी सस्पेंस बना रखा है, उसी तरह अगर कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के 2027 के विधानसभा चुनाव में सियासी स्टैंड अपनाया, तो उससे सपा के लिए नई सियासी टेंशन पैदा हो जाएगी. यही वजह है कि अखिलेश यादव ने राहुल की मौजूदगी में तेजस्वी यादव के नाम पर अपनी मुहर लगाकर कांग्रेस पर सियासी दबाव बनाने के साथ-साथ अपने मन की बात भी कह दी है. बिहार के डिप्टी सीएम और बीजेपी नेता सम्राट चौधरी … Read more