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भोपाल जिले की 295 एवं मध्य प्रदेश में कुल 18,000 छात्राओं को मिली अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति

 इस वर्ष  2.5 लाख छात्राओं को मिलेगी रायसेन   अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति, अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा वंचित पृष्ठभूमि की छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में  वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु एक पहल है। इसे 2024-2025 में  क्षेत्रों से शुरू किया गया था और इस वर्ष १८ राज्यों  में इसका विस्तार करने का लक्ष्य है। अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति का उद्देश्य स्कूली शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राओ कोवित्तीय सहायता प्रदान करना है एवं यह सुनिश्चित करना है की धन की कमी से कोई  भी छात्रा अपनी पढ़ाई न छोड़े । अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा संचालित अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति के बारे में मुख्य बातें: • पात्रता: o ऐसी छात्रायें जिन्होने सरकारी (पब्लिक) स्कूलों से कक्षा 10वी और 12वी की पढ़ाई की हो। o किसी प्रामाणिक उच्च शिक्षा संस्थान (HEI) में डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम में प्रवेश लिया हो। ‘प्रामाणिक’ HEI की सूची में सभी सरकारी (पब्लिक) HEI और चुनिंदा निजी HEI भी शामिल होंगे। उपरोक्त पात्रता  रखने वाली कोई भी छात्रा  इस छात्रवृति  हेतु  ऑनलाइन आवेदन कर सकती है आवेदन पूर्णतः निःशुल्क है   • छात्रवृत्ति: डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम की अवधि के लिए प्रति वर्ष 30,000 रुपये, जब तक छात्रा सफलतापूर्वक कार्यक्रम में जारी रहती है । उदाहरण के लिए, 4 वर्षीय बीएससी नर्सिंग प्रोग्राम करने वाली छात्राओं को उन 4 वर्षों में 1,20,000( एक लाख बीस हजार) रुपये की छात्रवृत्ति सहायता मिलेगी । यह धनराशि हर साल दो किश्तों में छात्राओ के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी । वह अपनी जरूरत के हिसाब से इस धनराशि का उपयोग कर सकती है । अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति पायलट के तौर पर शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और झारखंड के कुछ चुनिन्दा जिलों में लॉन्च किया गया था । इस पायलट कार्यक्रम में 25,000 से अधिक छात्राओ को यह  छात्रवृत्ति दी गई है  मध्य प्रदेश में 18,000 से अधिक छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई जिसमे से भोपाल जिले की लगभग 295छात्राएं लाभान्वित हुई। अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन का अनुमान है कि वह शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में 2.5 लाख छात्राओ को अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही होगी । यह कार्यक्रम इस साल से देश के 18 राज्यों में शुरू किया जाएगा ।   छात्रवृत्ति के पहले वर्ष की धनराशी को इन छात्राओ के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया है। वर्ष 2025-26 के लिए आवेदन प्रक्रिया सितंबर 2025 में शुरू होने की संभावना है । अठारह राज्यों की सूची इस प्रकार है: अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड । कार्यक्रम का विवरण और कार्यक्रम के डिजाइन या कवरेज में कोई भी बदलाव आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत में अधिसूचित किया जाएगा । आने वाले वर्षों में ये संभावना है की छात्रवृत्ति कार्यक्रम में देश के सभी राज्यो को शामिल किया जाएगा  

छत्तीसगढ़ की पहली महिला सांसद मिनीमाता की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री का नमन

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और महान समाजसेविका स्वर्गीय मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन निस्वार्थ सेवा, अटूट साहस और सामाजिक परिवर्तन का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मिनीमाता जी ने वंचित वर्गों, महिलाओं, दलितों और गरीबों के अधिकारों की रक्षा को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया और समाज में सम्मान, समानता एवं न्याय की नींव मजबूत की। मुख्यमंत्री साय ने स्मरण किया कि संसद में अपने कार्यकाल के दौरान मिनीमाता जी ने बाल विवाह, दहेज प्रथा और छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सशक्त और निर्भीक स्वर उठाया। उन्होंने मजदूरों के अधिकारों की रक्षा, महिला शिक्षा के प्रसार और सामाजिक समानता की स्थापना के लिए जो योगदान दिया, वह इतिहास के स्वर्णिम अध्यायों में दर्ज है। उनकी सादगी, संवेदनशीलता और सेवाभाव ने उन्हें जनमानस में अमिट स्थान दिलाया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मिनीमाता जी की विचारधारा केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के वर्तमान और भविष्य के लिए प्रकाशस्तंभ की तरह है। उन्होंने आह्वान किया कि हम सभी उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर, भाईचारे, समानता और न्याय पर आधारित एक सशक्त, समावेशी और प्रगतिशील छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की पहली महिला सांसद मिनीमाता  की पुण्यतिथि पर उनके अविस्मरणीय योगदान को किया नमन रायपुर, 11 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और महान समाजसेविका स्वर्गीय मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन निस्वार्थ सेवा, अटूट साहस और सामाजिक परिवर्तन का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मिनीमाता जी ने वंचित वर्गों, महिलाओं, दलितों और गरीबों के अधिकारों की रक्षा को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया और समाज में सम्मान, समानता एवं न्याय की नींव मजबूत की। मुख्यमंत्री साय ने स्मरण किया कि संसद में अपने कार्यकाल के दौरान मिनीमाता जी ने बाल विवाह, दहेज प्रथा और छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सशक्त और निर्भीक स्वर उठाया। उन्होंने मजदूरों के अधिकारों की रक्षा, महिला शिक्षा के प्रसार और सामाजिक समानता की स्थापना के लिए जो योगदान दिया, वह इतिहास के स्वर्णिम अध्यायों में दर्ज है। उनकी सादगी, संवेदनशीलता और सेवाभाव ने उन्हें जनमानस में अमिट स्थान दिलाया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मिनीमाता जी की विचारधारा केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के वर्तमान और भविष्य के लिए प्रकाशस्तंभ की तरह है। उन्होंने आह्वान किया कि हम सभी उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर, भाईचारे, समानता और न्याय पर आधारित एक सशक्त, समावेशी और प्रगतिशील छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

पुरानी अदावत ने ली जान, फलासिया हत्या मामले में चार अभियुक्त गिरफ्तार

उदयपुर उदयपुर के फलासिया थाना क्षेत्र में 7 अगस्त को हुए युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस हत्याकांड में शामिल चार वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि पांच नाबालिगों को डिटेन किया गया है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी अश्विन ने पूछताछ में बदले की भावना से हत्या करने की बात स्वीकार की है। अश्विन ने बताया कि मार्च महीने में वह खेत के रास्ते से फलासिया आ रहा था, तभी रास्ते में शराब के नशे में रमेश और दीपक उससे भिड़ गए और बिना किसी कारण उसके साथ मारपीट की। इस घटना से आहत होकर उसने बदला लेने का मन बना लिया और कई महीनों तक मौके की तलाश करता रहा। 7 अगस्त को अश्विन फलासिया बाजार में सामान लेने आया, जहां उसकी नजर रमेश पर पड़ी। पुरानी रंजिश का बदला लेने के इरादे से उसने तुरंत अपने दोस्तों और परिचितों को बुला लिया। कुछ ही देर में उसके साथी भी मौके पर पहुंच गए और रमेश को पकड़कर पीटना शुरू कर दिया। इस बीच दीपक वहां आकर बीचबचाव करने लगा लेकिन विवाद बढ़ गया। लड़ाई के दौरान अश्विन के साथ मौजूद एक नाबालिग ने अचानक चाकू निकालकर दीपक के सीने पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से दीपक मौके पर ही गिर पड़ा और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से दबिश देकर चार वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार किया और पांच नाबालिगों को डिटेन किया। पूछताछ में सभी ने अपराध स्वीकार कर लिया है। फिलहाल पुलिस चाकू बरामदगी, घटना स्थल की पुष्टि और अन्य साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई कर रही है।

आसाराम को फिलहाल जेल से बाहर रहने का मौका, 29 अगस्त तक बढ़ी राहत

जयपुर गुजरात और राजस्थान में दुष्कर्म के मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 86 वर्षीय आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट ने एक बार फिर राहत प्रदान की है। 8 अगस्त को दायर अपील पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने उसकी अंतरिम जमानत 29 अगस्त तक बढ़ाने का आदेश दिया है। सुनवाई के दौरान आसाराम के वकील निशांत बोड़ा ने हालिया मेडिकल रिपोर्ट्स कोर्ट के समक्ष पेश कीं। इन रिपोर्ट्स में हृदय संबंधी गंभीर समस्या का उल्लेख है। इससे पहले गुजरात हाईकोर्ट ने भी इसी आधार पर उसकी अंतरिम जमानत को 29 अगस्त तक बढ़ा दिया था। गुजरात हाईकोर्ट के आदेश में सामने आया कि आसाराम का ट्रोपोनिन लेवल बहुत अधिक है, जो हृदय रोग का गंभीर संकेत है। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत क्रिटिकल है और फिलहाल वह इंदौर के निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है। राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश दिनेश मेहता और विनीत कुमार माथुर ने आदेश दिया है कि अहमदाबाद के सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों का एक पैनल गठित किया जाए। इस पैनल में दो कार्डियोलॉजिस्ट सहित अन्य विशेषज्ञ शामिल होंगे। टीम आसाराम की हृदय और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट कोर्ट को सौंपेगी।

मध्य प्रदेश में बारिश का असमान बंटवारा: इंदौर संभाग में सूखा, ग्वालियर-जबलपुर में राहत

इंदौर   मध्य प्रदेश के किस जिले में अब तक सबसे ज्यादा बारिश हुई है और कहां पर सबसे कम? मानसूनी सीजन को करीब ढाई महीना बीतने को है। मध्यप्रदेश में अब तक औसत 29.3 इंच बारिश हो चुकी है, जो कोटे की 79 प्रतिशत है। ग्वालियर समेत 10 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है, जबकि इंदौर संभाग के 8 में से 6 जिलों में सूखे जैसी स्थिति है। आइए इस रिपोर्ट में देखते हैं इस मानसूनी सीजन में मध्य प्रदेश के किस जिले में कितना पानी गिरा है…. कई जिले बाढ़ की चपेट में दरअसल, जब मध्य प्रदेश में मानसून ने दस्तक दी थी, तो प्रदेश के पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में खूब बारिश हुई. इस दौरान  छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में भयंकर बाढ़ आ गई.  इन जिलों में बारिश का कोटा पूरा ग्वालियर-चंबल के जिलों में भी इस बार खूब बारिश हुई है. ग्वालियर-चंबल संभाग के 8 में से 6 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो गया. मौसम विभाग के मुताबिक,   ग्वालियर, राजगढ़, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मुरैना और श्योपुर में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है. मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के 10 जिले- ग्वालियर, राजगढ़, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मुरैना और श्योपुर में बारिश का कोटा पूरा हो गया है। इनमें से कुछ जिले ऐसे भी हैं, जहां आंकड़ा डेढ़ सौ प्रतिशत तक पहुंच गया है। हालांकि, अगस्त का पहला पखवाड़ा सूखा ही बीत रहा है। कुछ जिलों को छोड़ दें तो प्रदेश के बाकी हिस्से में तेज बारिश नहीं हुई है। दूसरे पखवाड़े में ही तेज बारिश होने के आसार है। बता दें कि प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 29.3 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 22.5 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। मौसम विभाग ने अबकी बार सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान जताया है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इन जिलों में सूखे जैसे हालात वैसे तो इस मानसूनी सीजन में प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश हुई है. लेकिन कुछ जिले ऐसे भी हैं, जहां पानी का अकाल है. इंदौर संभाग के 8 में से 6 जिलों में सूखे जैसी स्थिति देखने को मिल रही है. वहीं, उज्जैन संभाग भी पिछड़ा हुआ है.  इंदौर और उज्जैन संभाग में मानसून की एक्टिविटी कम देखने को मिलीं. इसलिए इन दोनों संभागों के 15 में से 9 जिलों में अभी तक सामान्य के आधी भी बारिश नहीं हुई है. जिसके कारण यहां सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न है. गुना में सबसे ज्याता बारिश इस मानसूनी सीजन में अब तक सबसे ज्यादा बारिश गुना जिले में हुई है. यहां करीब 46 इंच पानी गिर चुका है. वहीं,  मंडला में 44.1 इंच, टीकमगढ़ में करीब 44.2 इंच, निवाड़ी में 45.2 इंच और अशोकनगर में 42.1 इंच पानी गिर चुका है. इन जिलों में 30 इंज से अधिक बारिश वहीं, नर्मदापुरम, सिंगरौली, सीधी, रीवा, पन्ना, सागर, ग्वालियर, डिंडौरी, बालाघाट, नरसिंहपुर, राजगढ़ और विदिशा में इस मानसूनी सीजन में 30 इंच से अधिक पानी गिर चुका है. इन जिलों 20 से 30 इंच तक हुई बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, भोपाल, सीहोर, अलीराजपुर, झाबुआ, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, दतिया, दमोह, रतलाम, नीमच, भिंड, मुरैना, हरदा, बैतूल, शहडोल और अनूपपुर जिलों में इस मानसूनी सीजन में अब तक औसत 20 से 30 इंच के बीच पानी गिरा है. इन जिलों में सबसे कम पानी इंदौर, धार, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर और आगर-मालवा जिलों में इस सीजन में सबसे कम बारिश हुई है. इन जिलों में औसतन बारिश 10 से 19 इंच के बीच हुई है. 

मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का अलर्ट, पश्चिमी जिलों में रहेगा मौसम साफ

भोपाल  मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, रीवा और सागर संभाग के 10 जिलों में सोमवार को भारी बारिश का अलर्ट है। ट्रफ की एक्टिविटी होने से यहां तेज बारिश हो सकती है। वहीं, भोपाल, इंदौर और उज्जैन में मौसम साफ रहेगा। यहां तेज धूप खिली रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर, कटनी, जबलपुर, सिवनी और बालाघाट में तेज बारिश होगी। 12 अगस्त को भी पूर्वी हिस्से में तेज बारिश की चेतावनी दी गई है। इधर, उज्जैन क्षेत्र में लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण अब ग्रामीण टोटके और परंपराओं का सहारा ले रहे हैं। उज्जैन के पास स्थित उन्हेल गांव में अच्छी बारिश की कामना के लिए गांव के पटेल लखन पटेल को गधे पर उल्टा बैठाकर श्मशान में पांच बार घुमाया गया।

महाकाल की पांचवीं सवारी में आज ओरछा, मां बगलामुखी और मां शारदा शक्तिपीठ की झलक

उज्जैन  आज सोमवार 11 अगस्त को श्री महाकालेश्वर भगवान की पांचवीं सवारी निकलेगी। सवारी शाम 4:00 बजे मंदिर प्रांगण से निकलेगी। भगवान महाकाल सवारी में भक्तों को पांच स्वरूप में दर्शन देंगे। कल निकलने वाली इस भव्य सवारी की तैयारी कर ली गई है। महाकाल की सवारी में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है, जैसे कि कल सोमवार को भी भक्त बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उमड़ सकते हैं। सवारी निकलने से पहले मंदिर के सभा मंडप में भगवान श्री चंद्रमोलेश्वर का पूजन-अर्चन किया जाएगा। पालकी में श्री चंद्रमोलेश्वर भगवान भक्तों को दर्शन देंगे, जबकि हाथी पर श्री मनमहेश को भक्त निहार सकेंगे। इसके साथ ही, करोड़ रथ पर श्री शिव तांडव, नंदी रथ पर श्री उमा महेश और ढोल रथ पर श्री होलकर स्टेट के मुखारविंद शामिल रहेंगे। जानिए सवारी का मार्ग वहीं, महाकाल मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवान पालकी में विराजित भगवान को सलामी देंगे। हर बार की तरह महाकाल की सवारी परंपरागत मार्ग से ही निकलेगी महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्शी बाजार और कहारवाड़ी से होकर सवारी रामघाट तक पहुंचेगी। जैसे ही रामघाट पर सवारी पहुंचेगी, घाट पर नदी के जल से भगवान का अभिषेक और पूजन किया जाएगा। अभिषेक-पूजन के बाद सवारी रामानुज कोट मोड़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, हाथी का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार होते हुए महाकालेश्वर मंदिर लौटेगी। यह रहेगा सवारी का मार्ग महाकाल मंदिर से शुरू होकर सवारी कोट मोहल्ला, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए शिप्रा तट पहुंचेगी। यहां पूजा अर्चना के बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, ढाबारोड, टंकी चौरहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार होते हुए शाम 7 बजे पुन: मंदिर पहुंचेगी। जनजातीय एवं लोक नृत्य कलाकारों के दल देंगे प्रस्तुति सवारी को भव्य स्वरूप देने के लिए चार जनजातीय कलाकारों के दल सवारी में सहभागिता करेंगे। बैतूल से मिलाप इवने के नेतृत्व में गौंड जनजातीय ठाट्या नृत्य, खजुराहो से गणेश रजक के नेतृत्व कछियाई लोक नृत्य, दमोह से पंकज नामदेव नेतृत्व में बधाई लोक नृत्य एवं डिण्डोरी के सुखीराम मरावी के नेतृत्व में गेडी जनजातीय नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी। जनजातीय नृत्य भी होगा इस बार सवारी में पालकी भजन मंडली के अलावा चार जनजातीय कलाकारों के दल भी प्रस्तुति देंगे। बैतूल से गौंड जनजातीय ठाट्या नृत्य, खजुराहो से कछियाई लोक नृत्य, दमोह से बधाई लोक नृत्य और डिंडौरी के गेड़ी जनजातीय नृत्य की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र होंगी। सवारी के साथ मध्यप्रदेश के धार्मिक पर्यटन स्थलों की झांकियां भी शामिल होंगी। इनमें श्री राजाराम लोक ओरछा, मां बगलामुखी माता मंदिर, मां शारदा शक्तिपीठ मैहर और देवीलोक मां श्री बिजासन माता धाम सलकनपुर की प्रतिकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। लाइव प्रसारण की भी व्यवस्था भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी के सुगमतापूर्वक दर्शन के लिए श्री महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति द्वारा चलित रथ की व्यवस्था की गई है। जिसके दोनों ओर एलईडी के माध्यम से सवारी का लाइव प्रसारण किया जाएगा। जिससे श्रद्धालु भगवान के दर्शनों का लाभ सकेंगे। साथ ही उज्जैन के अन्य स्थानों जैसे फ्रीगंज, नानाखेड़ा, दत्त अखाड़ा क्षेत्रों पर भी सवारी के लाइव प्रसारण को देख सकेंगे। भगवान के दर्शनों का लाभ ले सकेंगे। क्या कुछ रहेगा ख़ास? भगवान महाकाल की पांचवीं सवारी बेहद खास होने वाली है। दरअसल, सवारी के साथ मध्य प्रदेश के धार्मिक पर्यटन स्थलों की झांकियां भी देखने को मिलेंगी। इन झांकियों में मां शारदा शक्तिपीठ मैहर, राजारामलोक ओरछा, मां बगलामुखी माता मंदिर और देवी लोक मां श्री बिजासन माता धाम सलकनपुर की झांकियां शामिल रहेंगी। इसके साथ ही, सवारी में चार जनजातीय कलाकारों के दल भी प्रस्तुति देंगे। इनमें बैतूल से गोंद जनजातीय तात्या नृत्य, खजुराहो से कछिया लोक नृत्य, दमोह से बधाई लोक नृत्य और डिंडोरी से गेड़ी जनजाति नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी।

सदन में गर्मा-गर्मी: सीएम योगी का बयान बना चर्चा का विषय

लखनऊ यूपी विधानसभा का मानसून सत्र के सोमवार को शुरू होते ही सदन में और विधानसभा से बाहर मुख्य द्वार पर प्रतिपक्ष में सपा विधायक नारेबाजी और हंगामा करते रहे. विगत दिनों नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेये के गोरखपुर दौरे के दौरान उनके अपमान का मुद्दा बनाकर गुस्साए सपा विधायक नारेबाजी करने लगे. इस बीच माता प्रसाद पांडेय के आरोप पर सीएम योगी ने भी पलटवार किया. CM योगी ने कहा कि गोरखपुर और प्रदेश के व्यापारियों में आपके (सपा) प्रति आक्रोश है. व्यापारी इसी बात को लेकर आशंकित थे कि उनके विकास के लिए कोई काम नहीं हुआ है, व्यापारियों ने तो आपका सम्मान किया लेकिन यदि कोई और होता तो बहुत कायदे से जवाब देते. सपा से यह उम्मीद ही नहीं की जा सकती है कि वे सुरक्षा की बात करेगी और विकास का काम करेगी या लोकतंत्र की बात करेगी. विपक्ष को घेरते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर में विकास के लिए अतिक्रमण हटाकर सड़के बनाई जा रही हैं. समाजवादी पार्टी ने अपने समय में कोई कार्य विकास का नहीं किया है और कोई एजेंडा भी नहीं था. बाबजूद इसके भाजपा सरकार के विकास का भी विरोध कर रहे हैं. नेता विपक्ष गोरखपुर में राजनीति करने गए थे तब गोरखपुर के व्यापारियों ने आपका विरोध किया था. स्थानीय व्यापारियों में गुंडा टैक्स की वसूली को लेकर जो भय था यह उसका विरोध था, इसी का खामियाजा आपको भुगतना पड़ा.

खतरे के निशान के पास पहुंची यमुना, 32 गांवों में सतर्कता बढ़ी

नई दिल्ली सावधान! दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर फिर से खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है. गाजियाबाद में यमुना और हिंडन नदी के किनारे बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है, इसलिए जिला प्रशासन ने इन नदियों के किनारे स्थित लगभग 32 गांवों में निगरानी शुरू कर दी है. इसके साथ ही, डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों को भी चेतावनी दी गई है. प्रशासन के अनुसार, रविवार को पुराने लोहे के पुल के पास जलस्तर 204.05 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर 2024.50 मीटर से थोड़ा कम है, जबकि खतरे का निशान 205.33 मीटर से अभी भी नीचे है. इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सावधानी बरतने का निर्णय लिया है. हिंडन नदी गाजियाबाद से होकर गौतमबुद्धनगर में यमुना में मिलती है, जबकि यमुना नदी लोनी क्षेत्र से दिल्ली में प्रवेश करती है और गौतमबुद्धनगर के रास्ते मथुरा की ओर बढ़ती है. गाजियाबाद में यमुना और हिंडन के किनारे लगभग 32 गांव स्थित हैं. नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने पर बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है, और वर्तमान में पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के कारण यमुना का जल स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है. रविवार को यमुना का जल स्तर 209.00 मीटर दर्ज किया गया, जो दो दिन पहले 209.50 मीटर था. हथनी कुंड से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण अगले दो से तीन दिनों में जलस्तर में और वृद्धि की संभावना है, इसलिए इन नदियों के तटबंधों की निगरानी की जा रही है. हाल ही में हिंडन नदी में पानी का स्तर तेजी से बढ़कर 1900 क्यूसेक तक पहुंच गया है, जबकि कुछ दिन पहले यह मात्र 660 क्यूसेक था. इस वृद्धि के कारण डूब क्षेत्र में खतरा उत्पन्न हो गया है. दो साल पहले जब हिंडन में पानी का स्तर 2000 क्यूसेक से अधिक था, तब बाढ़ आई थी, जिससे कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया था और सिटी फोरेस्ट पूरी तरह से जलमग्न हो गया था. अब एक बार फिर हिंडन में पानी बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका बढ़ गई है. सिचाई विभाग ने डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों को चेतावनी दी है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन गांवों के निकट स्थित डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गतिविधि या अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाना चाहिए. इसके अलावा, सिचाई विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन ने भी यह स्पष्ट किया है कि यदि इस क्षेत्र में जनधन की हानि होती है, तो संबंधित व्यक्ति इसके लिए स्वयं जिम्मेदार होगा. हिंडन किनारे आवासीय क्षेत्र में प्रवेश कर जाता है पानी सिचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राजकुमार वर्ण ने जानकारी दी कि बरसात के मौसम में हिंडन नदी का पानी कई किलोमीटर तक आवासीय क्षेत्रों में घुस जाता है. इसे रोकने के लिए नदी के किनारे तटबंध बनाए गए हैं और बाढ़ की एक सीमा निर्धारित की गई है, जिसे डूब क्षेत्र कहा जाता है. इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या स्थायी निर्माण की अनुमति नहीं है, फिर भी धीरे-धीरे यहां अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है. यमुना और हिंडन के डूब क्षेत्र में बाढ़ की संभावना को लेकर चेतावनी जारी की गई है, और अवैध अतिक्रमण के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई है. जलस्तर पर नजर रख रहा प्रशासन प्रशासन यमुना के बढ़ते जलस्तर पर लगातार निगरानी रख रहा है. अधिकारियों का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर राहत और बचाव कार्य तुरंत आरंभ किए जाएंगे. उन्होंने बताया कि यमुना में 204.5 मीटर पर चेतावनी, 205.3 मीटर पर खतरा और 206 मीटर पर निकासी की प्रक्रिया शुरू होती है. इस स्तर पर प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाता है. केंद्रीय बाढ़ कक्ष के अनुसार, जलस्तर में वृद्धि का प्रमुख कारण वजीराबाद और हथिनीकुंड से हर घंटे बड़ी मात्रा में पानी का प्रवाह है. इसके अलावा, हरियाणा और उत्तराखंड के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही बारिश भी जलस्तर को लगातार बढ़ा रही है. जानकारी के अनुसार, वजीराबाद बैराज से लगभग 30,800 क्यूसेक और हथिनीकुंड बैराज से लगभग 25,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे दिल्ली में चेतावनी के स्तर के करीब पहुंचने की संभावना बढ़ गई है.

धमतरी सड़क हादसे की दर्दनाक घटना: बीच सड़क पलटा वाहन, एक की मौत, आठ घायल

धमतरी धमतरी जिले में फिर एक सड़क हादसा हुआ है। जिसके चलते एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि लगभग आठ लोग घायल हो गए है। इस घटना से वाहन में सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 10 अगस्त को पटेल समाज का शपथ ग्रहण कार्यक्रम सिहावा गए थे। कार्यक्रम होने के बाद सभी तूफान वाहन से वापस लौट रहे थे, तभी सिक्सलेन विशाखापट्टनम रोड से वापस आ रहे थे कि राजपुर के आगे सड़क पर रखे मुरुम के ऊपर वाहन चढ़ने से वाहन पलट गया। इस हादसे के बाद वाहन में सवार लोगों में चीख पुकार मच गई। दुर्घटना में मेघा निवासी बुजुर्ग सुखाऊ राम पटेल 65 वर्ष पुत्र बुधराम की मौत हो गई। जबकि लगभग आठ लोग घायल हुए हैं। सूचना मिलने पर कुरूद और मगरलोड पुलिस पहुंच गई थी। घायलों को 108 एंबुलेंस से कुरूद इलाज के लिए भेजा गया। मृतक का शव पंचनामा के बाद मगरलोड पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घायलों में कुमार पटेल 58 वर्ष पुत्र ठाकुर राम ग्राम मंदरौद, मनोज पटेल 46 वर्ष पुत्र भीषण पटेल ग्राम खैरा, पुरुषोत्तम पटेल 32 वर्ष पुत्र ललित पटेल ग्राम मेघा, तुलसीराम पटेल 45 वर्ष पुत्र गुलाब राम ग्राम कोकड़ी, नीरज पटेल 35 वर्ष पुत्र थनेश्वर पटेल ग्राम सेलदीप इसके अलावा लगभग चार लोग और घायल हैं। बताया जा रहा है कि मृतक सुखाऊ राम पटेल वाहन मालिक था, इनका कोई रिश्तेदार वाहन चला रहा था। ग्रामीणों ने बताया है कि सिक्स लेन निर्माण के दौरान ठेकेदार की बड़ी लापरवाही है। सड़क के बीचों बीच मुरूम रख दिया गया है। वहां पर लगभग सड़क पूरा बन चुका है और कई वाहन आना-जाना भी कर रहे हैं। रात के अंधेरे में बीच में रखा मुरूम नहीं दिखा। इस पर चढ़ने के बाद वाहन पलट गया। सड़क अभी पूरी बनी भी नहीं है और हादसे होने लगे हैं।