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रायसेन में शिक्षा पर विवाद, हिंदू बच्चों को इस्लामिक शब्द सिखाने का आरोप

रायसेन  रायसेन जिले के एक कॉन्वेंट स्कूल में इस्लामिक शिक्षा देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बेबी कॉन्वेंट स्कूल में नर्सरी के बच्चों को पारंपरिक शिक्षा से हटकर इस्लामिक शिक्षा सामग्री पढ़ाया जा रहा था। इतना ही नहीं, स्कूल द्वारा बांटे गए पट्टी पहाड़े में 'क से काबा', 'म से मस्जिद', 'न से नमाज', और 'औ से औरत (हिजाब में)' जैसे शब्द और चित्र शामिल है। यह मामला तब उजागर हुआ जब एक बच्ची के चाचा ने उसकी किताब देखी। स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग मामला सामने आने के बाद अभिभावक, विश्व हिन्दू परिषद, और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने स्कूल में प्रदर्शन कर हंगामा किया और स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग की। हो हंगामा की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और आपत्तिजनक सामग्री जब्त की। इसके बाद थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल ने प्रदर्शनकारियों से शिकायत दर्ज करने को कहा, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। स्कूल प्राचार्य ने स्वीकार की गलती वहीं, स्कूल की प्राचार्य आईए कुरैशी ने गलती स्वीकार करते हुए कहा कि भोपाल से मंगवाए गए पट्टी पहाड़े की सामग्री की जांच नहीं की गई थी। अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने अभिभावकों से सामग्री वापस करने की अपील की। दोषियों पर होगी कार्रवाई वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी डीडी रजक ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच की बात कही है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि शासन की गाइडलाइन के अनुसार, स्कूलों में ऐसी सामग्री की अनुमति नहीं है। ऐसे में ये जांच का विषय है कि स्कूल में इस तरह की सामग्री कहां से लाया गया और लाने का उद्देश्य क्या था।

सिविल जज बनने का सपना, लेकिन सफर में हुई गुमशुदगी — ट्रेन से लापता हुई महिला यात्री

भोपाल  मध्यप्रदेश में सिविल जज की तैयारी कर रही युवती के लापता होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इंदौर से कटनी जा रही महिला यात्री अर्चना तिवारी बीच रास्ते से लापता हो गई है। युवती के परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी है। पुलिस युवती की तलाश में जुट गई है। रेल मदद पोर्टल पर शिकायत दरअसल इंदौर से नर्मदा एक्सप्रेस के B-3 की बर्थ नंबर 3 पर युवती अर्चना तिवारी सफर कर रही थी। कटनी पहुंची ट्रेन में अर्चना नहीं मिली तो परिजनों ने रेलवे पुलिस को सूचित किया। अर्चना के लापता होने की शिकायत रेल मदद पोर्टल पर की गई है। आखिरी लोकेशन रानी कमलापति स्टेशन पर अर्चना की अपनी मां से आखिरी बात गुरुवार रात 10.16 बजे हुई थी, उसके बाद से नंबर स्विच ऑफ बता रहा है। अर्चना का आखिरी लोकेशन भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन पर मिला था। अर्चना इंदौर में सिविल जज की तैयारी कर रही है।

रायपुर : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने माँ दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की

रायपुर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज अपने दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।  इस मौके पर विधायक चौतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भीम सिंह, कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी बस्तर रेंज सुंदरराज पी.,डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक गौरव रॉय, जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर राजेश पात्रे सहित वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद थे।

छात्राओं की शिकायतों पर लापरवाही, इंदौर कमिश्नर ने स्कूल प्रभारी को हटाया

खरगोन  जिले के धूलकोट सांदीपनि विद्यालय में छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार की शिकायतों की अनदेखी का भारी खामियाजा भुगतना पड़ा है। इंदौर के कमिश्नर दीपक सिंह ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने प्रभारी प्राचार्य सत्यनारायण मालवीय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल से मिली रिपोर्ट के आधार पर की गई है। दरअसल, अंशकालिक मजदूर पवन शर्मा पर स्कूल की छात्रों के साथ अनुचित हरकत करने के आरोप लगे थे। इस पर छात्राओं ने कई बार शिकायत की थी। लेकिन प्रभारी प्राचार्य सत्यनारायण मालवीय ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। इसके बाद जुलाई महीने में छात्र छात्राओं और उनके पेरेंट्स ने भगवानपुरा थाने का घेराव किया था। साथ ही भगवानपुर धूलकोट मार्ग पर 3 से 4 घंटे तक चक्का जाम कर दिया गया था। प्रदर्शन के बाद भी प्राचार्य की बेरुखी परिजनों के प्रदर्शन के बावजूद प्रभारी प्राचार्य मालवीय ने अपनी बेरूखी बनाए रखी और कोई कार्रवाई नहीं की थी। वहीं, छात्राओं की शिकायत पर कलेक्टर भव्या मित्तल ने एसडीएम खरगोन से जांच कराने के निर्देश दिए थे। जांच में प्रथम दृष्टिया मालवीय की गम्भीर लापरवाही सिद्ध हुई थी। इसके बाद इंदौर कमिश्नर ने प्रभारी प्राचार्य के एमपी सिविल सेवा नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए है। सत्यनारायण मालवीय (मूल पद लेक्चरर, कृषि) का मुख्यालय अब कार्यालय, परियोजना प्रशासक, एकीकृत आदिम जाति विकास परियोजना खरगोन रखा गया है। उनके स्थान पर उच्च माध्यमिक शिक्षक विनोद सांवलिया को अस्थाई रूप से सांदीपनि विद्यालय धूलकोट का प्राचार्य का दायित्व दिया गया है।

यासीन मछली गिरोह का पर्दाफाश, टेलीग्राम पर छुपाकर ड्रग्स की तस्करी, दिल्ली-राजस्थान से लाई जाती है ड्रग्स

भोपाल  भोपाल के हाईप्रोफाइल ड्रग तस्करी केस के मास्टरमाइंड यासीन अहमद उर्फ मछली के 15 गुर्गों की गिरफ्तारी क्राइम ब्रांच कर चुकी है। उसके बेहद करीबी अंशुल सिंह उर्फ भूरी को रिमांड खत्म होने के बाद 7 अगस्त को क्राइम ब्रांच ने जेल भेज दिया है। उसने पूछताछ में पूरे नेटवर्क की अहम जानकारियां पुलिस को दी हैं। उसने बताया कि पब-क्लब में आने वाले युवक-युवतियों को यासीन ड्रग तस्करी के नेटवर्क में जोड़ता था।ड्रग डीलिंग के लिए टेलीग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल सिखाता था। माल की डिलीवरी विश्वासपात्र ग्राहकों को ही दी जाती थी। ऑर्डर देने के लिए खास कोडवर्ड का इस्तेमाल किया जाता था। पूरे शहर में यासीन के लिए 50 से अधिक लोग ड्रग तस्करी का काम कर रहे थे। यह लोग दिल्ली और राजस्थान से ड्रग लाने से लेकर भोपाल में खपाने तक का काम करते थे।अलग-अलग पब और क्लब में सक्रिय हैं गुर्गे यासीन के गुर्गे शहर के अलग-अलग क्लब और पब में सक्रिय रहते हैं। यहां आने वाली युवतियों और युवकों में से ऐसे लोगों को टारगेट किया जाता था जो पहले से ही शराब या अन्य नशे के आदी हों। उनसे दोस्ती के बाद शुरुआती दिनों में फ्री ड्रग दिया जाता था। लत लगने पर इनसे एक डोज की कीमत 7 से 10 हजार रुपए तक की वसूली जाती थी।विदेशी नागरिकों से ड्रग डील के सबूत मिले यासीन और अंशुल के मोबाइल फोन में नाइजीरियन युवकों से चैट्स मिले हैं। सभी चैट्स में ड्रग डीलिंग के संबंध में बात हैं। इससे पहले भी क्राइम ब्रांच एक नाइजीरियन की गिरफ्तारी कर चुकी है। दो अन्य नाइजीरियन को भी पहचान कर हिरासत में लेने की बात कह रही है। फरारी में मदद करने वाला भी गिरफ्तार केस में ऐशबाग की सोनिया कॉलोनी में रहने वाला आरोपी सनव्वर फरार है। क्राइम ब्रांच ने उसके भाई शाकिर उर्फ छोटू अंसारी की गिरफ्तारी कर ली है। छोटू पर भाई की फरारी में मदद करने का आरोप है। एडिशनल डीसीपी बोले- अब तक 14 गिरफ्तार एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पूरे केस में अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हर रोज यासीन के गिरोह से जुड़े होने के संदेह में संदेहियों को बुलाकर पूछताछ की जा रही है। अब तक 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। साक्ष्य मिलने पर पूछताछ के बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया है। राजस्थान से दिल्ली तक यासीन को ड्रग सप्लाई करने वालों की तलाश की जा रही है।

AIIMS रायपुर और अन्य अस्पतालों की दयनीय स्थिति पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सरकार से सवाल

बिलासपुर  बिलासपुर हाई कोर्ट ने राजधानी रायपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) सहित प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में व्याप्त अव्यवस्था, लापरवाही और घटिया स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने कहा कि प्रदेश की अधिकांश जनता निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने में सक्षम नहीं। ये सभी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर है। ऐसे में वहां की बदहाली बेहद चिंताजनक और गंभीर है। अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिया कि स्वास्थ्य सचिव के शपथ पत्र के साथ विस्तृत जवाब पेश किया जाए। अस्पताल में लंबी कतारें लगी रहती हैं। जांच के बाद सर्जरी के लिए 4 महीने रुकना पड़ता है। एक्स-रे जैसी साधारण जांच के लिए भी 3 घंटे का इंतजार करना पड़ता है। कोर्ट ने इन अव्यवस्थाओं के लिए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि राज्य की अधिकांश आबादी निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने में सक्षम नहीं है और उनकी स्वास्थ्य सेवाओं का मुख्य आधार सरकारी अस्पताल हैं। ऐसे में वहां की लापरवाही और अव्यवस्था बेहद गंभीर है। एम्स में रजिस्ट्रेशन के बाद 48 घंटे इंतजार दरअसल, रायपुर के एम्स में मरीजों को डॉक्टर से मिलने के लिए रजिस्ट्रेशन के बाद करीब 48 घंटे तक इंतजार करने जैसी अव्यवस्थाओं को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स को हाईकोर्ट ने जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू की है। खबरों के मुताबिक अस्पताल में लंबी कतारें लगी रहती हैं, जिससे मरीजों का समय और ऊर्जा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। जांच के बाद सर्जरी के लिए चार-चार महीने की देरी हो रही है, जबकि एक्स-रे जैसी साधारण जांच के लिए भी तीन घंटे का इंतजार करना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल हाईकोर्ट ने कहा कि गर्भावस्था जांच किट के गलत परिणाम, घटिया गुणवत्ता की सर्जिकल सामग्री और दवाओं की आपूर्ति जैसे मामले सामने आए हैं। यहां तक कि कुछ जीवन रक्षक दवाएं लैब परीक्षण में फेल होने के बावजूद बाजार में बिक रही थीं। हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि इस तरह की खबरें सही हैं तो यह राज्य के स्वास्थ्य विभाग और छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाता है। डॉक्टरों की लापरवाही पर हाईकोर्ट सख्त बिलासपुर जिले के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी कोर्ट ने जिक्र किया, जहां रिकॉर्ड में 15 डॉक्टर दर्ज थे। लेकिन, सुबह 11 बजे तक वहां कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। 250 से अधिक मरीज सुबह से कतार में खड़े रहे, जबकि एक्स-रे यूनिट जैसी महत्वपूर्ण मशीनें एक साल से अधिक समय से बंद पड़ी थीं। रीएजेंट की सप्लाई नहीं होने से हमर लैब भी बंद पड़ी थी। इन गंभीर खामियों और लापरवाहियों को लेकर हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव को व्यक्तिगत शपथपत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की डिवीजन बैंच ने सुनवाई की। अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी। डिवीजन बेंच ने यह टिप्पणी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लेते हुए की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एम्स रायपुर में मरीजों को डॉक्टर से मिलने के लिए रजिस्ट्रेशन के बाद करीब 48 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। अस्पताल में लंबी कतारें लगी रहती हैं, जिससे मरीजों का समय, ऊर्जा और स्वास्थ्य तीनों प्रभावित हो रहा है। कोर्ट ने कहा कि यदि ये तथ्य सही हैं तो यह न केवल राज्य के स्वास्थ्य विभाग, बल्कि छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। इन अव्यवस्थाओं की ओर खींचा ध्यान- जांच के बाद सर्जरी के लिए चार-चार महीने तक की देरी हो रही है। साधारण एक्स-रे जांच के लिए भी मरीजों को तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। गर्भावस्था जांच किट के गलत परिणाम सामने आ रहे हैं। गुणवत्ताविहीन सर्जिकल सामग्री और दवाओं की सप्लाई हो रही है। कुछ जीवन रक्षक दवाएं लैब परीक्षण में फेल होने के बावजूद बाजार में बिक रही हैं। डॉक्टरों की अनुपस्थिति और बंद मशीनों पर सवाल- सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने बिलासपुर जिले के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी उल्लेख किया, जहां 15 डॉक्टर पदस्थ हैं, लेकिन सुबह 11:15 बजे तक एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं थे। इस दौरान 250 से अधिक मरीज सुबह से कतार में खड़े रहे। यहां अस्पताल की एक्स-रे यूनिट एक साल से अधिक समय से बंद थी। इसके अलावा रीएजेंट सप्लाई नहीं होने से हमर लैब भी लंबे समय से काम नहीं कर रहा था। अदालत ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में इस तरह की लापरवाही अस्वीकार्य है और यह आम नागरिकों के मौलिक स्वास्थ्य अधिकारों का उल्लंघन है। कोर्ट की टिप्पणी, तुरंत उठाएं ठोस कदम- हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया कि शपथ पत्र के साथ विस्तृत जवाब दें और बताए कि एम्स रायपुर सहित सरकारी अस्पतालों में अव्यवस्था को दूर करने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो यह जनता के भरोसे को तोड़ देगा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर असर डालेगा।

1052 करोड़ रुपए की बड़ी परियोजना: एमपी में फ्लाइओवर का उद्घाटन करेंगे नितिन गडकरी

भोपाल  मध्यप्रदेश का सबसे बड़े फ्लाइओवर का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। जबलपुर में बने इस फ्लाइओवर के आधिकारिक लोकार्पण का दिन भी तय हो गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी इसे लोकार्पित करने जबलपुर आएंगे। फ्लाइओवर कई माह पहले ही बन चुका था लेकिन इसके लोकार्पण पर पेंच फंसा हुआ था। बीजेपी की अंदरुनी राजनीति की वजह से फ्लाइओवर का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ नहीं हो सका था। इसके विरोध में कांग्रेस जनांदोलन भी कर चुकी थी। अब बीजेपी और राज्य सरकार ने फ्लाइओवर के आधिकारिक लोकार्पण की तिथि की घोषणा कर दी है। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने गत दिवस नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर फ्लाइओवर के लोकार्पण के लिए विधिवत आमंत्रित किया था। उन्होंने इस पर अपनी सहमति दी।   फ्लाईओवर का लोकार्पण 23 अगस्त को केंद्रीय सड़क मंत्री नितिन गडकरी की मंजूरी के बाद फ्लाईओवर का लोकार्पण 23 अगस्त को किया जाएगा। जबलपुर में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गडकरी के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल होंगे।   जबलपुर के इस फ्लाईओवर ने प्रदेश में आधुनिक आधारभूत संरचना के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है। इससे शहर का यातायात का दबाव कम हो गया है। 6.855 किलोमीटर लंबाई वाला यह फ्लाइओवर जबलपुर के नए और पुराने इलाकों को जोडता है। एलिवेटेड कॉरिडोर 1052 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है।

रक्षाबंधन का दर्दनाक रंग, शहीद भाई की कलाई पर बहनों ने बांधी राखी और दी अंतिम श्रद्धांजलि

शाजापुर शाजापुर जिले के ग्राम रानी बडोद निवासी सीआईएसएफ के जवान मोहित सेन का मणिपुर में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। रक्षाबंधन पर शनिवार को जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो बहनें और परिवार के लोग बिलख पड़े। यह दुखद नजारा देखकर वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। इस दौरन अंतिम यात्रा में हाथों में तिरंगा थामकर बड़ी संख्या में युवा और ग्रामीण शामिल हुए। हादसे में गई थी जान जानकारी के अनुसार, मोहित सेन (22) मणिपुर में सीआरपीएफ की 120 बटालियन में तैनात थे। गुरुवार रात को ड्यूटी के दौरान हादसे में उनका निधन हो गया था, जिसकी जानकारी शुक्रवार सुबह उनके भाई अंकित सेन को दी गई। मोहित के पिता आनंदीलाल सेन और भाई अंकित हेयर सैलून चलाते हैं। दो साल उनकी मणिपुर में पोस्टिंग हुई थी।  शाजापुर जिले के रानी बडोद गांव के मोहित सेन (22) का निधन मणिपुर में हो गया। वह सीआरपीएफ की 120 बटालियन में तैनात थे। बताया जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान हादसे के शिकार हो गए थे और गुरुवार देर रात उनकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, उनकी पोस्टिंग दो साल पहले मणिपुर में हुई थी। रक्षाबंधन के दिन शनिवार को उनका पार्थिव शरीर भोपाल से अकोदिया होते हुए गांव पहुंचा। मोहित की पार्थिव शरीर देखते ही बहनें, परिवार और ग्रामीण शोक में डूब गए। अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ मोहित के पिता आनंदीलाल और भाई अंकित हेयर सैलून चलाते हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह निधन की खबर मिली। शनिवार सुबह 7:30 बजे पार्थिव शरीर अकोदिया थाने पहुंचा, फिर गांव तक अंतिम यात्रा निकली। इस दौरान अंतिम यात्रा में तिरंगा थामे युवाओं सहित भारी भीड़ उमड़ी। राखी बांधकर दी अंतिम विदाई रक्षाबंधन पर बहनें मोनिका, राधिका और सोनिका ने राखी बांधकर मोहित को अंतिम विदाई दी। इस दौरान बहनों की आंखें नम थी। आंखों से गिर रहे आंसू को देख वहां मौजूद लोग भी रोने लगे। हर कई विधाता को ही कोस रहा था। वहीं, अंतिम दर्शन के लिए क्षेत्र से आए अन्य लोगों की आंखें भी नम थीं। आकेदिया थाने से शुरू हुई अंतिम यात्रा शनिवार सुबह 7:30 बजे मोहित का पार्थिव शरीर भोपाल से अकोदिया थाने पहुंचा, जहां से अंतिम यात्रा की शुरुआत हुई। इस दौरान बस स्टैंड पर जनप्रतिनिधियों और नगरवासियों ने पुष्प वर्षा कर मोहित को नमन किया। बड़ी संख्या में लोग बाइक पर तिरंगा लेकर शामिल हुए। डीजे पर देशभक्ति गीतों के बीच यात्रा शहीद के निवास स्थान पहुंची, जहां माता-पिता और परिजन रो-रोकर बेहाल थे। इसके बाद अंतिम यात्रा मुक्ति धाम पहुंची, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। बहनों ने भाई की कलाई पर बांधी राखी इधर, रक्षाबंधन के दिन मोहित का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई। उनकी चचेरी बहनों मोनिका, राधिका और सोनिका ने राखी बांधकर अपने दिवंगत भाई को अंतिम विदाई दी। अंतिम दर्शन के लिए क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। यात्रा के दौरान हर किसी की आंखें नम हो गईं। अंतिम यात्रा में हुए शामिल 120 बटालियन के जवानों ने सलामी देकर मोहित सेन को अंतिम विदाई दी। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक घनश्याम चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिसोदिया, पूर्व सैनिक और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। श्रद्धांजलि सभा में विधायक ने घोषणा की कि स्थानीय हाई स्कूल का नाम मोहित सेन के नाम पर रखा जाएगा और उनकी स्मृति में एक स्मारक भी बनाया जाएगा।  

नंदी हाल में 66 पंडितों ने किया पर्जन्य अनुष्ठान, CM मोहन यादव ने किया शुभारंभ

उज्जैन  मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में अच्छी बारिश की कामना के लिए शनिवार को पर्जन्य अनुष्ठान हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव अपनी पत्नी के साथ शामिल हुए. इस दौरान सीएम ने बाबा महाकाल से आनंद बरसाने की कामना की. मानसून आने के डेढ़ माह बाद भी मालवा क्षेत्र में बारिश नहीं हुई, जिससे यहां के लोग चिंतित है.  66 पंडितों ने किया पर्जन्य अनुष्ठान शनिवार को रक्षाबंधन पर्व पर अच्छी बारिश की कामना के लिए 66 पंडितों ने महाकाल मंदिर के नंदी हॉल में पर्जन्य अनुष्ठान किया. करीब तीन घंटे तक महारुद्र अनुष्ठान का पाठ किया गया. इस दौरान पुजारी-पंडितों द्वारा नंदी हॉल में शिवलिंग का महा पूजन कर गर्भ गृह में बाबा महाकाल को सतत जल धारा अर्पित किया गया. वहीं नंदी हॉल में पुजारियों ने मंत्रों का जाप किया. बता दें कि इस अनुष्ठान में सीएम मोहन यादव पत्नी सीमा यादव के साथ शामिल हुए. मालवा क्षेत्र विशेषकर उज्जैन, इंदौर, देवास और आसपास के इलाकों में बारिश नहीं होने से किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। इस संकट को दूर करने और उत्तम वर्षा एवं अमृत वृष्टि की कामना के लिए महाकाल मंदिर के नंदी हाल में यह विशेष अनुष्ठान आयोजित किया गया। अनुष्ठान के दौरान महारुद्र पाठ किया जा रहा है, जो लगभग तीन घंटे तक चलेगा। नंदी हॉल में मौजूद पुजारियों ने शिवलिंग का महापूजन किया। इस दौरान गर्भगृह में सतत जलधारा भगवान महाकाल को अर्पित की गई और नंदी हाल में मंत्रोच्चार के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया गया। बारिश नहीं होने से चिंतित मालवा के किसान बता दें कि सावन के महीने में मामलवा में अच्छी बारिश होती थी. प्रदेश में कई जगह अच्छी बारिश हुई भी, लेकिन उज्जैन, इंदौर, देवास सहित मालवा के कई क्षेत्रों में बारिश नहीं हुई, जिससे सूखे की स्थित उत्पन्न हो गई है.. जिससे किसान फसलों को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं. वहीं शहरों में जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है. इसी को देखते हुए पुजारियों ने महाकाल बाबा से अच्छी बारिश की कामना करते हुए पर्जन्य अनुष्ठान किया. बाबा प्रदेश में आनंद बरसाए  महाकाल मंदिर में हुए पर्जन्य अनुष्ठान के बाद सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में कहीं ज्यादा तो कहीं कम बारिश हुई है. इसलिए अनुष्ठान में कामना की है कि बाबा पूरे प्रदेश में आनंद बरसाए. इस दौरान सीएम ने रक्षाबंधन की बधाई भी दी. उन्होंने कहा कि आज भाई बहनों का अमिट महा रक्षाबंधन है. बहनें रक्षा सूत्र बांधकर भाइयों के दीर्घायु की कामना करती है. वहीं भाइयों ने रक्षा का वचन देते हैं. उज्जैन में 9 दिन का पानी शेष  उज्जैन में प्रतिदिन पेयजल संकट बढ़ता जा रहा है. शहर की प्यास बुझाने वाला गंभीर डैम में 9 दिन का पानी शेष बचा है. पहले से ही शहरवासियों को एक दिन छोड़कर पेयजल मिल रहा है. ऐसे में अगर इस साल बारिश नहीं होती है और नर्मदा लिंक योजना 8 दिन में पूरी नहीं हुई तो वर्ष 2009 जैसा जलसंकट उज्जैन को झेलना पड़ सकता है. सीएम बोले- बाबा महाकाल आनंद बरसाएं सीएम मोहन यादव ने रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज महाकाल मंदिर में पूजा-अर्चना के अनुष्ठान में शामिल हुआ। प्रदेश में कहीं अधिक तो कहीं कम बारिश हो रही है। मैं बाबा महाकाल से प्रार्थना करता हूं कि हर जगह आनंद बरसाएं। यज्ञ शुरू हो गया है, बाबा महाकाल उसे सफल बनाएं। मंदिर पुजारी आशीष ने कहा कि रक्षाबंधन पूर्णिमा महापर्व के अवसर पर, प्रदेश में उत्तम वर्षा की कामना के लिए भगवान महादेव के दरबार में महा रुद्राभिषेक प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा पूजन किया गया है। ब्राह्मणों के द्वारा सतत जलधारा और दूधधारा से अभिषेक किया जा रहा है। गंभीर डेम में केवल 10 दिन का जल भंडार श्रावण माह का आज अंतिम दिन है। इस साल प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई है, लेकिन मालवा क्षेत्र के कई हिस्सों में अब तक माकूल वर्षा नहीं हुई। उज्जैन में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है। शहर को जलापूर्ति करने वाला एकमात्र गंभीर डेम अब केवल 10 दिन का जल भंडारण शेष रखे हुए है। पहले से ही उज्जैन में एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति की जा रही है। सावन जैसे पवित्र माह में भी जब वर्षा नहीं हो रही, तब जल संकट और अधिक गहराता जा रहा है। इन्हीं कारणों से बारिश की कामना के लिए यह पर्जन्य अनुष्ठान किया जा रहा है, ताकि क्षेत्र में शीघ्र अच्छी बारिश हो और लोगों को राहत मिले।

एमडी ड्रग्स प्रकरण में शाकिर की गिरफ्तारी, फरार तस्कर का भाई और साजिशकर्ता

भोपाल  भोपाल में एमडी ड्रग्स तस्करों के खिलाफ की जा रही भोपाल पुलिस की कार्रवाई में शुक्रवार को एक और तस्कर गिरफ्तार किया गया है। आरोपी अपने बड़े भाई और एमडी ड्रग्स तस्कर सनव्बर को छिपाने, उसे फरार कराने और आपराधिक षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप है। पुलिस सनव्बर की तलाश कर ही रही थी कि शाकिर मिल गया। शकीर भी एनडीपीएस एक्ट में अरेस्ट हुआ है। यासीन मछली गिरोह से जुड़ा भोपाल क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के अनुसार एमडी ड्रग्स तस्कर सनव्बर सोनिया कॉलोनी ऐशबाग का रहने वाला है। यासीन मछली गिरोह से जुड़ा हुआ है। यासीन मछली और अन्य तस्करों के खिलाफ जब कार्रवाई की गई तो सनव्वर फरार हो गया। सनव्बर को भोपाल से फरार कराने में उसके छोटे भाई शाकिर ने मुख्य भूमिका निभाई थी।  भागने में मदद करने में शामिल शाकिर भी तस्कर गिरोहस से जुड़ा हुआ है। सनव्बर को भोपाल में छिपाने, भागने में मदद करने में शामिल शाकिर को शुक्रवार को एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार कर भोपाल जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।