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मेट्रो ट्रैक का ट्रॉली टेस्ट, अफसरों ने लिया जायजा; MD ने बारिश में भी काम रोकने से किया इनकार

इंदौर इंदौर में मेट्रो ट्रेन के 17 किलोमीटर हिस्से का काम पूरा करने पर मेट्रो रेल कार्पोरेशन का फोकस है, ताकि यहां तक मेट्रो का संचालन किया जा सके। अभी जिस सात किलोमीटर हिस्से में मेट्रो चल रही है, वहां यात्री नहीं मिल पा रहे है। शुक्रवार को मेट्रो रेल कार्पोरेशन के एमडी एस कृष्ण चैतन्य ने 11 किलोमीटर हिस्से का ट्राॅली रन कर जायजा लिया। उन्होंने अफसरों से कहा कि बारिश के दौरान भी मेट्रो के काम की गति कम नहीं होना चाहिए। छह माह के भीतर हमे मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन रेडिसन चौराहे तक करना है। उन्होंने कहा कि मेट्रो स्टेशन के बचे काम भी पूरे कर लिए जाए। दौरे में उन्होंने विजय नगर, मेघदूत गार्डन, बापट चौराहा, चंद्रगुप्त मोर्य प्रतिमा चौराह के स्टेशनों के काम देखे। इसके अलावा गांधी नगर डिपो का भी निरीक्षण किया। वहां ट्रेनों के रखरखावल तकनीकी सेटअप, कंट्रोल रुम की जानकारी ली और जरुरत के हिसाब से स्टाॅफ बढ़ाने के लिए भी कहा। निरीक्षण के बाद उन्होंने अफसरों व ठेेकेदार एजेसिंयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो के लिए बनेगी डीपीआर इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो के लिए हुए सर्वे की रिपोर्ट अफसरों के सामने प्रस्तुत की गई। 45 किलोमीटर के रुट के निर्माण पर दस हजार करोड़ का खर्च आएगा। अब इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार होगी। इसे लेकर हुई बैठक में बताया गया कि इस रुट पर 11 स्टेशन बनेंगे और उज्जैन में चार किलोमीटर का हिस्सा अंडरग्राउंड बनेगा। मुख्यमंत्री चाहते है कि सिंहस्थ से पहले मेट्रो का निर्माण हो जाएगा, लेकिन तीन साल में काम संभव नहीं है,क्योकि अभी डीपीआर बनने में ही छह माह से अधिक का समय लग जाएगा।  

रेलवे की खुशखबरी: त्योहारों में बढ़ेंगी ट्रेनें, यात्रियों को मिलेगा 20% छूट

पंजाब  ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए बेहद ही खास खबर सामने आई है। दीवाली और छठ के त्योहारों पर लोग हमेशा ट्रेनों का सफर करते हैं। इसी के चलते रेल यात्रियों की सुविधा को देखते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि, दीवाली और छठ के त्योहारों पर बिहार के यात्रियों की सुविधा के लिए 12 हजार से अधिक विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी।  बिहार के नेताओं के साथ विचार-विमर्श के बाद मंत्रालय ने नई ट्रेनें चलाने की योजना बनाई है। इसके साथ ही कई अन्य योजनाओं और बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स पर भी काम किया जा रहा है आम वर्ग के यात्रियों के लिए 4 नई अमृत भारत ट्रेनें शुरू की जाएंगी, जो दिल्ली-गया, सहारसा-अमृतसर, छपरा-दिल्ली और मुजफ्फरपुर-हैदराबाद रूट पर चलेंगी। इसके अलावा, पूर्णिया और पटना के बीच जल्द ही एक वंदे भारत ट्रेन शुरू की जाएगी, जिससे समाज के सभी वर्गों को लाभ होगा।  रेल मंत्री ने बताया कि मंत्रालय ने बौद्ध धर्म से जुड़े स्थलों तक पहुंच बढ़ाने के लिए नालंदा और राजगीर तक एक बौद्ध सर्किट ट्रेन चलाने की योजना बनाई है। रेलवे बोर्ड की नई पायलट योजना के तहत यात्रियों को 13 से 26 अक्टूबर 2025 के बीच रवाना होने और 17 नवंबर से 1 दिसंबर 2025 के बीच वापसी की यात्रा करने पर टिकट किराए में 20% की छूट मिलेगी।  

भयानक बारिश की चेतावनी, प्रशासन अलर्ट मोड में, स्कूलों में छुट्टी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में खराब मौसम और तेज बारिश के कारण जिला प्रशासन ने कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूलों को एक दिन के लिए बंद रखने का फैसला लिया है। यह आदेश सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी सभी विद्यालयों पर लागू होगा। प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है। चित्रकूट जिला अधिकारी ने बताया कि मौसम विभाग द्वारा अगले 24 घंटों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी के मद्देनजर यह फैसला किया गया है। वहीं, कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएं पूर्ववत जारी रहेंगी, लेकिन स्कूल प्रबंधन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए ने सख्त निगरानी के निर्देश दिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्रों में स्कूलों की निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई विद्यालय आदेश की अवहेलना न करे। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। स्कूल प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि वे ऑनलाइन क्लासेस शुरू करने पर विचार करें और छुट्टी का सदुपयोग गृहकार्य या प्रोजेक्ट के माध्यम से कराएं। अभिभावकों ने फैसले का किया स्वागत स्कूल बंदी की खबर मिलते ही अभिभावकों ने प्रशासन के फैसले का स्वागत किया। कई माता-पिता का कहना है कि मानसून के मौसम में छोटे बच्चों को स्कूल भेजना खतरनाक हो जाता है। यह फैसला बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी और सराहनीय है। मॉनसून से बिगड़ी व्यवस्था, प्रशासन अलर्ट मोड पर पिछले 24 घंटे से हो रही लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव और सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्कूलों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। प्रशासन ने नगर निगम, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा है और हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक भारी बारिश, बिजली गिरने और तेज़ आंधी की आशंका जताई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और बच्चों को सुरक्षित रखें।  

सरकार का बड़ा एक्शन, RGHS घोटाले में 14 पर गिरी गाज

जयपुर राजस्थान सरकार ने राज्य की प्रमुख योजना राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में अनियमितताओं के आरोप में बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 कार्मिकों को निलंबित कर दिया है, जिनमें 5 चिकित्सक भी शामिल हैं। साथ ही, एक निजी अस्पताल, एक मेडिकल स्टोर, तीन चिकित्सकों एवं एक कार्डधारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है।  चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि विगत काफी समय से राजस्थान गवर्नमेंट हैल्थ स्कीम में विभिन्न हितधारकों द्वारा विभिन्न स्तरों पर अनियमितता करने की शिकायतें सामने आ रही थीं। इन शिकायतों की गहनता के साथ जांच की गई। जांच के बाद सख्त कार्रवाई करते हुए 9 कार्मिकों को निलंबित किया गया है, इनमें दो आयुर्वेद चिकित्सक सहित 5 डॉक्टर शामिल हैं। राजस्थान स्टेट हैल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजी लाल अटल ने  बताया कि कार्रवाई के क्रम में आरजीएचएस में अनियमितता पर राजकीय आयुर्वेद डीबी सामान्य चिकित्सालय चूरू की आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. कविता धनखड़ एवं डॉ. पवन जांगिड़, सीएचसी बीबरानी, खैरथल—तिजारा की चिकित्सक डॉ. मनीषा, जिला चिकित्सालय अलवर के डॉ. नरसीलाल पचौरी, टीबीसी अलवर के डॉ. कपिल भारद्वाज, राजकीय आयुर्वेद औषधालय, नाहरी का नाका के कम्पाउण्डर मदन मोहन पाण्डे, आयुर्वेद औषधालय  बालेटा अलवर के कम्पाउण्डर चंद्रशेखर जाटव, कार्यालय उप निदेशक आयुर्वेद विभाग जयपुर के परिचारक मोहसिन खान तथा जल संसाधन विभाग के सहायक प्रशासनिक अधिकारी महेश कुमार महावर को निलंबित किया गया है।   एक ही कार्ड पर ओपीडी में 26 लाख का उपचार इसी प्रकार राजस्थान पेंशनर्स एसोसिएशन मेडिकल स्टोर, कम्पनी बाग रोड, अलवर, मित्तल हॉस्पिटल, चिकित्सकों एवं कार्ड धारी कार्मिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। प्रकरण में कार्मिक, चिकित्सकों एवं फार्मा स्टोर की मिलीभगत कर कूटरचित ओपीडी पर्चा तैयार किया जाता था। दवा के स्थान पर फार्मा स्टोर से अन्य सामग्री ली जाती थी। इस कार्मिक के कार्ड से एक वर्ष में ही ओपीडी के जरिए करीब 26 लाख 70 हजार का उपचार एवं दवाएं आदि का लाभ लिया गया।

बरसाती नदी में फंसी कार, गूगल मैप की गलती से हुआ हादसा, छात्रों को बचाया गया

सहारनपुर  उत्तर प्रदेश में सहारनपुर जिले के सरसावा इलाके में एक मामला बिलकुल चौंकाने वाला सामने आया, जहां 4 छात्र नेता मीडिया मैप के भरोसे एक ऐसे रास्ते पर निकल पड़े, जो अंततः जीते जागते बरसाती नदी में जा पहुंचा। गनीमत रही कि छात्रों ने चुस्ती दिखाई और नदी से सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। जानिए,  क्या था पूरा मामला? छात्र नेता सूर्य अपने तीन दोस्तों आदित्य, वरुण और अंशुल के साथ अंबाला के शाहबाद स्थित महर्षि मारकंडेश्वर मंदिर दर्शन करने निकला था। जब वह सरसावा, सहारनपुर के पास पहुंचे, तो उन्होंने गूगल मैप के माध्यम से मंदिर का रास्ता देखा और उसे फॉलो करना शुरू कर दिया। मैप ने उन्हें 'सिरोही पैलेस' के पास एक संकरी-सी गलियारे जैसी सड़क दिखाई दी। उन्होंने उसी रास्ते पर मोटरकार मोड़ दी। रास्ता शुरुआत में सही लगने लगा, लेकिन अचानक सड़क नदी की ओर मुड़ गई और गाड़ी बरसाती नदी में जा गिरी। खतरा और हिम्मत का संगम कार तेज रफ्तार से नदी में धस गई थी। छात्रों में डर का माहौल बनने लगा और पानी तेजी से कार के अंदर भरने लगा। लेकिन चारों ने संयम दिखाया और शीशा नीचे करके एक-एक कर पानी से छलांग लगाई, तैरकर सुरक्षित बाहर आए। पुलिस और ग्रामीणों ने की सहायता घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। 112 पर कॉल करने पर थोड़ी देर में पुलिस टीम भी पहुंच गई। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर कड़ी मेहनत से पूरी तरह पानी में डूबी कार को बाहर निकाला।   क्या कह रहे छात्र और ग्रामीण? छात्रों का कहना है कि उन्हें मंदिर का रास्ता गूगल मैप पर दिखा, जिसके चलते हम परेशान हुए। ग्रामीणों ने साफ कहा कि यह मार्ग मोटरसाइकिल तक के लिए भी जोखिम वाला है, कारों के लिए बिल्कुल अनुचित है। ग्रामीणों ने उस 'गलत' नक्शे की ओर निराशा जताई और कहा कि वास्तव में यह सड़क तो अक्सर गूगल पर दिखता रहता है, लेकिन वहां चलकर फंसना ही होता है।  

बिल न चुकाने वालों के खिलाफ नगर निगम का कड़ा कदम, काटे जा रहे कनेक्शन

अमृतसर नगर निगम के कमिश्नर गुलप्रीत सिंह औलख के दिशा-निर्देशों और एडिशनल कमिश्नर सुरिंद्र सिंह के आदेशों के तहत पानी और सीवरेज विभाग द्वारा अवैध कनैक्शनों और बकाया जमा न करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें कई लोगों के पानी और सीवरेज के कनैक्शन काट दिए गए। इन डिफॉल्टरों को पहले ही विभाग द्वारा नोटिस जारी किए जा चुके थे और बार-बार कहने के बावजूद भुगतान न करने के कारण यह कार्रवाई की गई। एडिशनल कमिश्नर सुरिंदर सिंह ने बताया कि नगर निगम ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में जागरूकता कैंप लगाए थे और जनता से अपील की थी कि वे इन कैंपों में आकर अपने अवैध कनैक्शन नियमित करवा लें और बकाया राशि का भुगतान करके विभागीय कार्रवाई से बचें। पिछले वर्ष 4.72 करोड़ व इस वर्ष 1.69 करोड़ रही आमदन अतिरिक्त कमिश्नर सुरिंद्र सिंह के अनुसार इसके अलावा पानी व सीवरेज विभाग द्वारा अवैध कनैक्शनों और बकाए की अदायगी के लिए 1310 रिहायशी व 373 कमर्शियल अदारों को नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें से 600 कनैक्शन रैगुलर कर दिए गए हैं। पानी व सीवरेज विभाग को वित्तीय वर्ष 2025-26 दौरान कुल 4.72 करोड़ रुपए आमदन हुई है जबकि पिछले वर्ष इस दौरान यह आमदन 1.69 करोड़ रुपए थी। इसी तरह विभाग को इस वर्ष 3 करोड़ से अधिक की आमदन हुई है जोकि पिछले वर्ष के इस समय दौरान 280 प्रतिशत अधिक हुई है। एडिशनल कमिश्नर सुरिंद्र सिंह ने बताया कि जारी किए नोटिसों के अनुसार पानी व सीवरेज के कनैक्शन काटने की यह कार्रवाई रोजाना जारी रहेगी। उन्होंने शहरवासियों को अपील की कि डिस्कनैक्शन की कार्रवाई से बचाव के लिए जल्द से जल्द बकाया की अदायगी की जाए और लिए गए अवैध कनैक्शनों संबंधी विभाग से बनती वांछित प्रवानगी ली जाए। 

आपदा से पशुओं का जीवन बचाने के लिए सरकार चला रही पशु चारा वितरण कार्यक्रम

* चारा वितरण का काम पशुओं की आवश्यकता के अनुसार किया जाता है * जिला प्रशासन के सहयोग से जिला पशुपालन पदाधिकारी के द्वारा चलाया जा रहा यह कार्यक्रम * बाढ़ जैसी आपदा में पशुपालकों को मदद पहुंचा रही है बिहार सरकार पटना, आपदा से प्रभावित पशुओं का जीवन बचाने के लिए बिहार सरकार का पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग पशु चारा वितरण कार्यक्रम चला रहा है। इसका लाभ इन दिनों बाढ़ प्रभावित इलाकों के पशुपालकों को हो रहा है। पशु चारा वितरण कार्यक्रम के तहत बाढ़ प्रभावित इलाकों के पशुओं के लिए विभाग इन दिनों पशु चारा मुहैया करवा रहा है। इससे बाढ़ जैसी आपदा में पशुपालकों को बड़ी मदद मिल रही है और पशुओं के जीवन की रक्षा हो रही है। पशु चारा वितरण कराने का कार्य जिला प्रशासन के सहयोग से जिला पशुपालन पदाधिकारी के द्वारा सम्पन्न किया जाता है। पशुओं के जीवन की रक्षा के लिए चारा वितरण का काम पशुओं की आवश्यकता के अनुसार किया जाता है। जिसमें  सामान्यतः बड़े जानवरों के लिये 6 किलोग्राम, छोटे जानवरों के लिए 3 किलोग्राम तथा भेड़-बकरियों के लिये 1 किलोग्राम चारा की आवश्यकता होती है। पशु शिविरों / अस्थायी शिविरों में एक बार में तीन दिन / एक सप्ताह के लिए चारा वितरण कराया जाता है। साथ ही, बाढ़ की स्थिति के अनुसार शिविर संचालन तक चारा वितरण कराया जाता है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन एवं सहयोग से शिविरों / अस्थाई शिविरों में पशुओं की संख्या के अनुसार चारा वितरण हो रहा है। चारा वितरण के पहले सभी प्रभावित पशुओं की प्रकार / संख्या के आधार पर गणना कर पशुपालकवार टोकन वितरण किया जाता है। इस टोकन के आधार पर क्रमानुसार चारा का प्रबंध कर वितरित किया जाता है। विशेष जानकारी पशुपालन निदेशालय, बिहार, पटना स्थित आपदा कोषांग (दूरभाष संख्या 0612-2230942) या पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार, पटना (दूरभाष संख्या 0612-2226049) से प्राप्त की जा सकती है।

पीएम मोदी के बिहार दौरे पर चिराग पासवान का बयान, विपक्ष के सवालों का किया खंडन

पटना केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पत्रकारों से बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे और विपक्ष के बयानों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि बिहार प्रधानमंत्री की प्राथमिकता में है, जिसका सबूत पिछले एक साल में उनके लगभग नौवें दौरे से मिलता है। चिराग ने दावा किया कि इस बार भी पीएम बिहार को करोड़ों रुपये की सौगात देकर जाएंगे। प्रधानमंत्री का बिहारी और बिहार के लिए प्यार साफ दिखता है, जो राज्य को विकसित करने की गति को बढ़ाएगा। विपक्ष ने पीएम के दौरे पर सवाल उठाए, लेकिन चिराग ने इसे उनकी हताशा करार दिया। उन्होंने कहा, “विपक्ष को यह नागवार गुजर रहा है कि पीएम बिहार के लिए लगातार काम कर रहे हैं। पहले वे कहते थे कि पीएम बिहार नहीं आते और सिर्फ चुनाव के समय याद करते हैं। लेकिन अब पीएम ने बिहार के लिए लाखों-करोड़ों की योजनाओं का शुभारंभ किया है।” चिराग ने बताया कि कई नई योजनाओं की शुरुआत भी पीएम के हाथों होगी। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, “उनके पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए सिर्फ झूठ बोलते हैं। केंद्र सरकार या डबल इंजन सरकार पर प्रहार करने के लिए उनके पास कोई आधार नहीं है।” लालू यादव ने पोस्ट कर कहा कि पीएम नीतीश कुमार और बिहार की राजनीति का “पिंडदान” करके चले जाएंगे। इस पर चिराग ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा, “यह शब्दावली गलत है। नीतीश कुमार के लिए इस तरह की भाषा इस्तेमाल करना उचित नहीं है। नीतियों पर सवाल उठाएं, लेकिन इस तरह की बात कहना मेरी निंदा के योग्य है।” तेजस्वी यादव ने दावा किया कि 2029 में राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे। चिराग ने इस पर करारा जवाब दिया और कहा, “राजद और कांग्रेस पूरी तरह कमजोर हो चुके हैं। राजद ने बिहार में जनाधार खो दिया है और कांग्रेस देशभर में सिमट गई है। फिर भी वे राहुल गांधी को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश में घूम रहे हैं, जो उनकी कमजोरी को दर्शाता है।” संसद में आए नए बिल को लेकर तेजस्वी के बयान को चिराग ने घबराहट का नतीजा बताया। उन्होंने कहा, “यह लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई से घबराए हुए हैं। जब भी भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसा जाता है, कांग्रेस और राजद जैसे दलों को तकलीफ होती है, क्योंकि उनका आधार ही भ्रष्टाचार रहा है। कांग्रेस के शासनकाल में हुए घोटाले और राजद के भ्रष्टाचार की चर्चा दुनिया में है। केंद्र सरकार जब ऐसे बिल लाती है, तो इनका पर्दाफाश होता है।” चिराग ने जोर देकर कहा कि जब भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई होती है, तो ये दल परिवार के अन्य सदस्यों को सत्ता सौंपते हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र की नीतियां बिहार को आगे बढ़ाने और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में मदद करेंगी। इस दौरान उन्होंने विपक्ष से सकारात्मक मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की।  

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का जेवरा पीएचसी पर आकस्मिक निरीक्षण, खामियों पर जताई सख़्ती

उपलब्ध दवाइयों की जांच कर सुविधाओं के संबंध में ली जानकारी, मरीजों से की बातचीत रायपुर,   स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज बेमेतरा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जेवरा का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के भी साथ में उपस्थित थे। मंत्री जायसवाल ने अस्पताल के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण कर अस्पताल के कार्य प्रणाली के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने दवाइयों के स्टाक और उपलब्धता की जांच करते हुए दवाइयों की एस्सपायरी डेट की भी जांच और दवाइयों के रखने के तरीकों तथा साफ सफाई की भी जांच की। मंत्री जायसवाल ने अस्पताल के पंजीयन कक्ष, ओपीडी एवं अस्पताल के वार्ड का निरीक्षण कर वहाँ के व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने पंजीयन कक्ष में पहुँचकर उपस्वास्थ्य केन्द्र में प्रतिदिन इलाज हेतु आने वाले एवं अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या के संबंध में जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने अस्पताल के वार्ड में पहुँचकर भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। जायसवाल ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से उनके समुचित इलाज तथा अस्पताल में उन्हें प्रदान की जाने वाली भोजन, नाश्ता, पेयजल, दवाइयां,अस्पताल के शौचालय, स्नानागार आदि के व्यवस्थाओं के संबंध में भी मरीजों से जानकारी ली। स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने मौके पर उपस्थित चिकित्सकों तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के अस्पताल में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के अलावा मरीजों के बेहतर इलाज, दवाइयां आदि सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने को कहा।

हर घर अन्न-हर थाली में पोषणः प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से बिहार में 2 करोड़ से अधिक परिवार हो रहे हैं लाभान्वित

ई-पीओएस मशीन से राशन वितरण में आई पारदर्शिता और दक्षता पटना, बिहार सरकार खाद्य सुरक्षा की दिशा में निरंतर महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। वर्तमान में राज्य में 2.06 करोड़ परिवार आज राशन कार्ड के माध्यम से प्रतिमाह खाद्यान्न का लाभ उठा रहे हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत बिहार में प्रतिमाह औसतन 4,25,019 मीट्रिक टन खाद्यान्न का वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत पूर्विकता प्राप्त गृहस्थी (PHH) के 1.83 करोड़ परिवारों को प्रत्येक लाभुक को 05 किलोग्राम खाद्यान्न (1 किलोग्राम गेहूँ एवं 4 किलोग्राम चावल) निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है तथा अन्त्योदय अन्न योजना (AAY) के अंतर्गत 22.81 लाख परिवारों को प्रति परिवार 35 किलोग्राम खाद्यान्न (7 किलोग्राम गेहूँ एवं 28 किलोग्राम चावल) निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा जन वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी व भ्रष्टाचार मुक्त बनाने हेतु सभी जनवितरण केंद्रों पर ई-पीओएस मशीन (ई-पॉइंट ऑफ सेल) की व्यवस्था की गई है जिसमें हर लाभुक का नाम, पहचान, वितरित खाद्यान्न की मात्रा, वितरण की तारीख एवं समय का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है। प्रत्येक लेन-देन की जानकारी रियल टाइम में नियंत्रण कक्ष तक पहुँचती है, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश समाप्त हो गई है। इस तकनीक ने राशन वितरण प्रणाली को और अधिक दक्ष, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाया है।