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फर्जी IAS तृप्ति के खिलाफ तीसरी FIR दर्ज, नौकरी का झांसा देकर ऐंठे 3 लाख; ट्रेनिंग भी निकली फर्जी

भोपाल  फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने के मामले में गिरफ्तार तृप्ति सिंह राजपूत के खिलाफ पुलिस ने तीसरी प्राथमिकी दर्ज की है। जहांगीराबाद निवासी और बैतूल मूल की 28 वर्षीय ख्याति धौलपुरे ने नौकरी लगवाने के नाम पर तीन लाख रुपये लेने और फर्जी प्रशिक्षण कराने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने तृप्ति और उसके साथी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।   फर्जी पहचान और नौकरी का झांसा पीड़िता के अनुसार जून 2024 में उसकी मुलाकात तृप्ति से हुई थी। उस समय तृप्ति ने खुद को नरोन्हा अकादमी की विभागाध्यक्ष और एमपीटी में अतिरिक्त निदेशक बताया था। नौकरी लगवाने के नाम पर उसने तीन लाख रुपये ऐंठे। बाद में ठगी का अहसास होने पर जब पीड़िता ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने टालमटोल की, लेकिन बाद में तीन लाख रुपये लौटा दिए।   संग्रहालयों में कराया फर्जी प्रशिक्षण तृप्ति ने ख्याति और उसकी सहेली को भोपाल के ट्राइबल म्यूजियम तथा मानव संग्रहालय ले जाकर पौधरोपण और भाषण कराया। इस अवधि में उसने वीडियो भी बनाए। ख्याति का आरोप है कि तृप्ति ने उसे प्रशिक्षण में अधिकारी जैसा आत्मविश्वास दिखाने के उद्देश्य से पद का नाम बोलने को कहा था। यही वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित भी होने लगा था। आरटीआई से उजागर हुआ फर्जीवाड़ा तृप्ति ने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर विवाह किया था। विवाह के बाद जब ससुर को आशंका हुई तो उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए), मसूरी से आरटीआई से सूचना मांगी। वहां से मिले उत्तर से उसका आईएएस होने का दावा फर्जी निकला। पुलिस ने आरोपी के ठिकानों से शासकीय लेटरहेड, फर्जी पहचान पत्र, नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज, प्रशिक्षु आईएएस लिखे स्मृति चिह्न और भारत सरकार लिखी कार बरामद की है।   डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी की जांच ससुराल से मिली प्रशिक्षण किट और मसूरी प्रशिक्षण से जुड़ी तस्वीरों को पुलिस ने जांच का हिस्सा बनाया है। तृप्ति ने कथित तौर पर आईएएस बनकर विधानसभा परिसर जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। थाना प्रभारी अमित सोनी ने बताया कि पुलिस जांच दल मोबाइल, डिजिटल उपकरणों, बैंक खातों और दस्तावेज की जानकारी जुटा रहा है। मामले में डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी का पूरा हिसाब जोड़ा जा रहा है और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की कड़ियां मिलाकर पड़ताल जारी है।  

छत्तीसगढ़ में 5 दिन बंद रहेगी मांस-मटन की बिक्री, नियम तोड़ने पर होगी बड़ी कार्रवाई

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आगामी धार्मिक पर्वों को देखते हुए नगर पालिक निगम ने बड़ा फैसला लिया है। निगम के सम्पूर्ण क्षेत्र में निर्धारित पांच दिनों तक पशुवध गृह और सभी मांस-मटन विक्रय की दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। 5 दिन बंद रहेगी मांस-मटन की दुकानें रायपुर नगर पालिक निगम स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, श्री गणेश चतुर्थी 14 सितंबर, पर्युषण पर्व का अंतिम दिवस 15 सितंबर, डोल ग्यारस 22 सितंबर, अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर और पर्युषण पर्व में संवत्सरी एवं उत्तम क्षमा 26 सितंबर 2026 को नगर निगम क्षेत्र में पशुवध गृह एवं सभी मांस-मटन विक्रय की दुकानें बंद रहेंगी। इन्हें दी गई आदेश के पालन की जिम्मेदारी निगम ने आदेश के पालन की जिम्मेदारी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों और जोन स्वच्छता निरीक्षकों को दी है। संबंधित अधिकारी अपने-अपने जोन क्षेत्रों में मांस-मटन दुकानों का सतत पर्यवेक्षण करेंगे और प्रतिबंध का व्यवहारिक रूप से पालन सुनिश्चित कराएंगे। होटलों पर भी रहेगी नजर महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर निगम की टीम होटल और अन्य प्रतिष्ठानों पर भी निगरानी रखेगी। इन पावन पर्वों के निर्धारित दिनों में यदि किसी होटल या अन्य स्थान पर मांस-मटन का विक्रय करते पाया गया, तो मौके पर ही सामग्री की जप्ती की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ यथोचित कार्रवाई भी की जाएगी।

भारत-जापान के सांस्कृतिक रिश्तों को शिक्षा-तकनीक से मिल रहा नया विस्तार : सीएम साय

भारत-जापान के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को शिक्षा और तकनीक दे रहे नया विस्तार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जापान की एहिमे यूनिवर्सिटी के 17 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री ने जापानी विद्यार्थियों से किया आत्मीय संवाद : छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से कराया परिचित सिरपुर सहित प्रदेश की समृद्ध विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार कर रही निरंतर प्रयास एनआईटी रायपुर के स्टार्टअप और तकनीकी नवाचारों से प्रभावित हुए जापानी विद्यार्थी रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जापान की एहिमे यूनिवर्सिटी से आए 17 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। भारत-जापान इंटर एक्सचेंज कार्यक्रम के अंतर्गत तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर छत्तीसगढ़ पहुंचे विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री साय ने आत्मीय संवाद किया। इस दौरान भारत और जापान के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों, बौद्ध विरासत, शिक्षा, अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप तथा दोनों देशों के युवाओं के बीच बढ़ते संवाद सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जापानी छात्र-छात्राओं का छत्तीसगढ़ की धरती पर आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि भारत और जापान की मित्रता की जड़ें दोनों देशों की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत में गहराई से जुड़ी हुई हैं। समय के साथ यह संबंध संस्कृति और आध्यात्मिकता से आगे बढ़कर शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, नवाचार और आर्थिक सहयोग के अनेक क्षेत्रों तक विस्तृत हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और जापान आज परंपरा और आधुनिकता के सुंदर समन्वय के साथ विश्व के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सम्मान की मजबूत नींव है। युवाओं तथा विद्यार्थियों के बीच इस प्रकार के शैक्षणिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से यह संबंध आने वाली पीढ़ियों में और अधिक मजबूत होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत भगवान बुद्ध की भूमि है। भगवान बुद्ध के शांति, करुणा, मैत्री और मानव कल्याण के संदेश ने दुनिया के अनेक देशों को प्रभावित किया और जापान की संस्कृति में भी बौद्ध दर्शन की गहरी छाप दिखाई देती है। यही साझा आध्यात्मिक विरासत भारत और जापान को एक विशिष्ट सांस्कृतिक सूत्र में जोड़ती है। उन्होंने जापानी विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध  पुरातात्विक विरासत की जानकारी देते हुए सिरपुर, मैनपाट और भोंगापाल जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महानदी के तट पर स्थित सिरपुर छत्तीसगढ़ की प्राचीन सभ्यता, कला, स्थापत्य और बौद्ध विरासत का अद्भुत केंद्र है। यहां प्राप्त पुरातात्विक अवशेष प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और विभिन्न संस्कृतियों के समन्वय की कहानी बताते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, पुरातात्विक और सांस्कृतिक धरोहर को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सिरपुर को विश्वस्तरीय ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में भी योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि दुनिया के विभिन्न देशों से आने वाले विद्यार्थी, शोधार्थी और पर्यटक छत्तीसगढ़ आएं, यहां की विरासत को जानें और प्रदेश के साथ ज्ञान एवं संस्कृति का एक स्थायी संबंध स्थापित करें। मुख्यमंत्री ने साझा किए जापान यात्रा के अनुभव मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी जापान यात्रा से जुड़े अनुभव भी विद्यार्थियों के साथ साझा किए। उन्होंने जापान की अनुशासित कार्यसंस्कृति, तकनीकी प्रगति और अपनी परंपराओं के प्रति सम्मान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान ने आधुनिक विज्ञान और तकनीक में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए अपनी सांस्कृतिक पहचान को जिस प्रकार सहेजकर रखा है, वह प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि भारत भी अपनी हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता और सांस्कृतिक मूल्यों को साथ लेकर आधुनिक तकनीक, नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में भारत और जापान के युवाओं के बीच बढ़ता संवाद दोनों देशों के भविष्य के संबंधों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षा और तकनीक से खुलेंगी सहयोग की नई संभावनाएं मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है और ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार तथा तकनीक विकास के सबसे महत्वपूर्ण आधार बन गए हैं। भारत और जापान के शैक्षणिक संस्थानों के बीच बढ़ता सहयोग विद्यार्थियों को नई तकनीकों, शोध और नवाचार से जुड़ने के अवसर उपलब्ध करा सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एहिमे यूनिवर्सिटी और छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षण एवं तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों के बीच संवाद से भविष्य में संयुक्त अनुसंधान, तकनीकी सहयोग, स्टार्टअप और इनोवेशन के नए अवसर विकसित हो सकते हैं। ऐसे कार्यक्रम दो देशों के बीच केवल संस्थागत संबंध ही नहीं बनाते, बल्कि युवाओं के बीच मित्रता और आपसी समझ का मजबूत आधार भी तैयार करते हैं। भारतीय संस्कृति और छत्तीसगढ़ की आत्मीयता से प्रभावित हुए जापानी विद्यार्थी जापानी छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री के साथ अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के अनुभव भी साझा किए। विद्यार्थियों ने बताया कि रायपुर में उन्हें अत्यंत आत्मीय अनुभव हुआ। यहां की संस्कृति, परंपराओं और लोगों के सहज एवं आत्मीय व्यवहार ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया। विद्यार्थियों ने भारतीय खान-पान की भी प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान उन्हें गणेश उत्सव की परंपराओं और उसके सांस्कृतिक महत्व को करीब से जानने का अवसर मिला। जापानी छात्राओं ने उत्साहपूर्वक बताया कि उन्होंने मेहंदी लगवाई और भारतीय परिधानों की खरीदारी भी की। विद्यार्थियों ने कहा कि इस यात्रा ने उन्हें भारत को पुस्तकों और कक्षाओं से आगे बढ़कर यहां के समाज, संस्कृति और जीवनशैली के माध्यम से समझने का अवसर दिया है। मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों के अनुभव सुनकर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी सहजता, आत्मीयता और अतिथि सत्कार की परंपरा के लिए जाना जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे यहां से छत्तीसगढ़ की सुखद स्मृतियां लेकर जाएं और भविष्य में पुनः प्रदेश आएं। एनआईटी रायपुर के स्टार्टअप और तकनीकी नवाचारों में दिखाई विशेष रुचि छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान जापानी छात्र प्रतिनिधिमंडल ने एनआईटी रायपुर के विभिन्न रिसर्च सेंटरों और इन्क्यूबेशन सेंटर का भी भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने वहां संचालित स्टार्टअप की गतिविधियों, अनुसंधान परियोजनाओं और विकसित की जा रही नई तकनीकों की जानकारी ली। विशेष रूप से ऐसे स्टार्टअप ने जापानी विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित किया, जो तकनीक के माध्यम से आम लोगों की दैनिक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान विकसित कर रहे हैं। … Read more

बिजली संकट पर CM मान का बड़ा ऐलान, पंजाब के सभी 5 थर्मल प्लांटों के लिए कोयले की पर्याप्त व्यवस्था

 चंडीगढ़ पंजाब में बिजली संकट को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि प्रदेश में बिजली की समस्या अब खत्म होने वाली है। उन्होंने कहा कि झारखंड की कोयला खदानों में बाढ़ का पानी भरने के कारण कोयले की शॉर्टेज हुई थी, जिसका असर पूरे देश में बिजली उत्पादन पर पड़ा। पंजाब भी इससे अछूता नहीं रहा, लेकिन अब कोयले की उपलब्धता को लेकर रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में उनकी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत हुई है। वह खुद भी दो-चार दिन बाद रांची जाकर हेमंत सोरेन से मुलाकात कर उनका धन्यवाद करेंगे। उन्होंने कहा कि झारखंड की पचवाड़ा कोयला खदान से मिलने वाला कोयला केवल सरकारी थर्मल प्लांटों में इस्तेमाल किया जा सकता है। पंजाब के दो निजी थर्मल प्लांटों को इस व्यवस्था के तहत कोयला उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। मान ने बताया कि पंजाब सरकार ने कोल इंडिया से अनुरोध किया था कि निजी थर्मल प्लांटों को भी कोयला उपलब्ध करवाया जाए। कोल इंडिया ने इस पर सहमति दे दी है। अब झारखंड सरकार की स्थानीय स्तर पर जरूरी मंजूरी भी मिल गई है। इससे पंजाब के पांचों थर्मल प्लांटों को आने वाले दिनों में पर्याप्त कोयला मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयले की उपलब्धता बढ़ने के साथ बंद पड़ी बिजली उत्पादन इकाइयों को भी चलाने में मदद मिलेगी और प्रदेश में बिजली की स्थिति सामान्य होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा संकट किसी एक राज्य तक सीमित नहीं था, बल्कि झारखंड की खदानों में बाढ़ के कारण पूरे देश में कोयले की आपूर्ति प्रभावित हुई थी। मनप्रीत बादल पर भी साधा निशाना मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मनप्रीत बादल को किसी एक पार्टी में रहना चाहिए, क्योंकि आज बहुत ज्यादा पार्टियां हो गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि मनप्रीत बादल आजकल किस पार्टी में हैं। पिछले साल से 3500 मेगावाट ज्यादा मांग सौंद ने कहा कि सितंबर में इस वर्ष पंजाब की बिजली मांग पिछले वर्षों की तुलना में करीब 3500 मेगावाट अधिक है। इसके बावजूद पावरकाम की ओर से उपलब्ध सभी स्रोतों से अधिकतम स्तर पर बिजली उत्पादन करवाया जा रहा है। हालांकि राज्य में बिजली की मांग लगातार 16 हजार मेगावाट के पार बनी हुई है। पिछले कुछ दिनों की तुलना में बिजली उत्पादन में बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन मांग में अपेक्षित कमी नहीं आई है। ऐसे में बिजली आपूर्ति को लेकर सरकार और पावरकाम के सामने चुनौती अभी भी बनी हुई है। उद्योग और किसान जता चुके हैं नाराजगी बिजली कटौती को लेकर पंजाब का औद्योगिक क्षेत्र लगातार चिंता जताता रहा है। खासकर रात के समय बिजली प्रतिबंध और उत्पादन प्रभावित होने से उद्योगों की लागत और डिलीवरी शेड्यूल पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है।  किसानों की ओर से भी धान के सीजन में पर्याप्त बिजली आपूर्ति की मांग लगातार उठाई जाती रही है। ऐसे में बिजली मंत्री का पावर कट खत्म होने का दावा उद्योग और कृषि क्षेत्र के लिए राहत की खबर है। हालांकि 16 हजार मेगावाट से अधिक की लगातार मांग के बीच अगले दिनों में निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना पावरकाम के लिए बड़ी चुनौती होगी।  

पुलिस चौकी बिलासपुर में शांति समिति की बैठक संपन्न

पुलिस चौकी बिलासपुर में शांति समिति की बैठक संपन्न बिलासपुर  उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत पुलिस चौकी बिलासपुर में गणेश चतुर्थी पर्व को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक पुलिस चौकी प्रभारी अशोक ठाकुर की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में गणेश चतुर्थी पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान ग्राम पंचायत बिलासपुर के सरपंच ज्ञान चंद सोनी, ग्राम पंचायत बसाढ़ी की सरपंच फुलबाई रामपाल सिंह, भाजपा मंडल बिलासपुर अध्यक्ष पुष्पेंद्र सोनी सहित रविकांत गौतम, अनिल मिश्रा, राजा द्विवेदी, ललन सेन, रविशंकर सोनी, गेंदलाल महार, सुबोध राय एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

गोल्फ कोर्स रोड हादसे के बाद सिया का बयान, बोलीं- वकील के साथ FIR दर्ज कराऊंगी, पहचान नहीं करना चाहती सार्वजनिक

गुरुग्राम गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर लेडी बाइक राइडर सिया को कार से टक्कर मारने के मामले में पुलिस आरोपी चालक की तलाश कर रही है. उधर, घटना के बाद पीड़िता ने सोशल मीडिया पर अपनी बात शेयर की है. उन्होंने लिखा कि, 'जिन्होंने मेरा सपोर्ट किया उन्हें शुक्रिया, साथ ही कहा कि, वह कानूनी कार्रवाई करेंगी, लेकिन फिलहाल अपनी पहचान और चेहरा सार्वजनिक नहीं करना चाहतीं. इसी वजह से उन्होंने किसी भी तरह की मीडिया बातचीत से भी इनकार किया है. सिया ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा सिया ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि कई लोग आरोपी की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं और उनसे FIR को लेकर भी लगातार सवाल पूछे जा रहे हैं. उन्होंने कहा, 'मैं आज शाम अपने वकील के साथ FIR दर्ज कराऊंगी और कानूनी कार्रवाई करूंगी.' उन्होंने लोगों से धैर्य रखने और शांत रहने की अपील भी की. सिया ने बताया कि वह कोई मीडिया इंटरव्यू नहीं देना चाहती हैं और इस समय अपनी पहचान या चेहरा उजागर नहीं करना चाहतीं. उन्होंने लोगों से उनके फैसले का सम्मान करने की अपील की और कहा कि मामले से जुड़े अपडेट वह खुद साझा करती रहेंगी. आरोपी की तलाश में पुलिस की तीन टीमें पुलिस के मुताबिक, गोल्फ कोर्स रोड पर हुई घटना में कार चालक की पहचान कल्याण बैंसला के रूप में की गई है. उसकी गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है. इससे पहले कार मालिक मनीष का बयान सामने आया था. उसका दावा है कि घटना के समय वह शहर में नहीं था और भारतीय सेना में अपनी सेवा दे रहा था. उसने अपनी कार एक स्कूल फ्रेंड को दी थी. सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो देखने के बाद उसे मामले की जानकारी हुई. दोस्तों के साथ वीकेंड राइड पर निकली थीं. घटना उस समय हुई जब सिया अपनी Aprilia RS 457 बाइक से दोस्तों के साथ वीकेंड राइड पर निकली थीं. आरोप है कि सफेद कार में सवार युवक उनका पीछा कर रहे थे और कार को बाइक के बेहद करीब ला रहे थे. इसी दौरान कार ने बाइक के आगे कट मारा और टक्कर हो गई. सिया सड़क पर गिर गईं और उनकी बाइक कई मीटर तक घिसटती चली गई. पूरी घटना एक्शन कैमरे में रिकॉर्ड हो गई और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने मामले का स्वतः संज्ञान लेकर जांच शुरू की. पुलिस वायरल वीडियो और CCTV फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है.  

गणेशोत्सव में बस्तर की महिलाओं का कमाल

गणेशोत्सव में बस्तर की महिलाओं का कमाल  इको-फ्रेंडली मूर्तियां बेचकर कमाए 1.80 लाख रुपये ​रायपुर छत्तीसगढ के बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड स्थित तारापुर गांव की महिलाओं ने अपनी लगन और हुनर से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। 'मिट्टी के गणेश मूर्ति निर्माण सिद्धि स्व सहायता समूह' की ग्रामीण महिलाओं ने इस गणेश चतुर्थी पर पर्यावरण के अनुकूल (इको-फ्रेंडली) प्रतिमाएं बनाकर महज कुछ हफ्तों में 1.80 लाख रुपये की बंपर कमाई की है।           ​शांति नागवंशी, दसो भारती और रोमा नागवंशी के नेतृत्व में समूह की महिलाओं ने शुद्ध मिट्टी से बिना किसी हानिकारक केमिकल और कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल किए 52 मनमोहक गणेश प्रतिमाएं तैयार की थीं। बाजार में आते ही इन पर्यावरण-हितैषी मूर्तियों की भारी मांग देखने को मिली और पूरा स्टॉक हाथों-हाथ बिक गया।          ​समूह की सदस्य शांति नागवंशी ने खुशी जताते हुए कहती हैं कि अपनी मेहनत से गढ़ी मूर्तियों की पूजा होते देखना और स्वयं की कमाई हासिल करना उनके लिए किसी सपने के पूरा होने जैसा है। उन्होंने बताया कि इस राशि का उपयोग वे परिवार की जरूरतों को पूरा करने और बच्चों की शिक्षा में करेंगे। ​सीमित संसाधनों के बीच शुरू हुई तारापुर की इन महिलाओं की यह पहल न केवल पूरे जिले में सराही जा रही है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों की अन्य महिलाओं को भी आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने की प्रेरणा दे रही है l

एनटीपीसी इलेक्ट्रॉन क्विज़ क्षेत्रीय स्तर प्रततयोगिता रायपुर में आयोक्जत: आईआईएम रहा विजेता

एनटीपीसी इलेक्ट्रॉन क्क्ट्िज क्षेत्रीय स्तर प्रततयोगिता रायपुर में आयोक्जत: आईआईएम रहा विजेता  रायपुर  एनटीपीसी इलेक्ट्रॉन क्विज़ 2026-27 का रायपुर क्षेत्रीय दौर 12 ससतंबर 2026 को रायपुर में आयोक्जत ककया गया। इंजीननयररंग एिं मैनेजमेंट के विद्यार्थियों के सलए आयोक्जत इस प्रनतयोर्गता में लगभग 110 टीमों ने भाग सलया और अपने ज्ञान एिं क्क्ट्िक्जंग कौशल का प्रदशिन ककया। इस िर्ि प्रनतयोर्गता का विर्य ‘एनीर्थंग एंड एिरीर्थंग फ्रॉम द िर्लडि ऑफ बबजनेस एंड मैनेजमेंट’ है। रायपुर क्षेत्रीय स्तर प्रनतयोर्गता के फाइनल राउंड में शीर्ि छह टीमों के बीच मुकाबला हुआ। आईआईएम रायपुर के असभर्ेक समश्रा एिं िरद नागेश जौरकर की टीम ने 60,000 रुपये का नकद पुरस्कार के साथ प्रथम स्थान प्राप्त ककया। आईआईएम रायपुर के प्रतीक अहीर एिं सुश्रुत अग्रिाल की टीम ने 40,000 रुपये की पुरस्कार रासश के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त ककया। एसएसआईपीएमटी रायपुर के साहहल कुमार एिं ऋर्भ कुमार अग्रिाल की टीम ने 20,000 रुपये की रासश के साथ तृतीय स्थान प्राप्त ककया।  आईआईआईटी निा रायपुर की अहदनत जोशी एिं मुबक्शशर अहमद, एनआईटी रायपुर के हर्ि मटलानी एिं हदव्य प्रताप ससंह सससोहदया तथा एनआईटी रायपुर के आयुर् कुमार शमाि एिं अयनांश शुक्ट्ला की टीमों ने क्रमशः चौथा, पांचिां और छठा स्थान प्राप्त ककया तथा प्रत्येक टीम को 8,000 रुपये का सांत्िना पुरस्कार प्रदान ककया गया। इस अिसर पर श्री प्रिीण गगि, महाप्रबंधक (एचआर), एनटीपीसी निा रायपुर ने कहा कक एनटीपीसी की स्थावपत क्षमता में ननरंतर िृद्र्ध और देश के विद्युत क्षेत्र में इसकी मजबूत उपक्स्थनत के साथ इलेक्ट्रॉन क्क्ट्िज का भी हर िर्ि विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कक क्जस प्रकार एनटीपीसी ऊजाि के माध्यम से देश को शक्क्ट्त प्रदान कर रही है, उसी प्रकार इलेक्ट्रॉन क्क्ट्िज युिा प्रनतभाओं के ज्ञान और क्षमता को नई ऊजाि प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कक यह प्रनतयोर्गता युिा प्रनतभार्गयों को अपनी क्क्ट्िक्जंग प्रनतभा प्रदसशित करने का आदशि मंच प्रदान करती है और यह देश को ऊजाि प्रदान करने के साथ-साथ युिा प्रनतभाओं को सशक्ट्त बनाने के एनटीपीसी के प्रयासों के अनुरूप है।  क्क्ट्िज प्रनतयोर्गता की शुरुआत ऑन-स्पॉट सलखित राउंड से हुई, क्जसके बाद ऑडडयोविजुअल/बजर राउंड आयोक्जत ककया गया। इसका संचालन ग्रेसेल के प्रससद्ध क्क्ट्िज मास्टर गौतम बोस ने ककया। क्षेत्रीय दौर की शीर्ि दो टीमें अब राष्ट्रीय सेमीफाइनल और ग्रैंड कफनाले के सलए 7 एिं 8 अक्ट्टूबर 2026 को क्रमशः एनटीपीसी के पािर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (PMI), नोएडा में भाग लेंगी।  इस अिसर पर एनटीपीसी के अर्धकाररयों के साथ-साथ राज्यभर के विसभन्न इंजीननयररंग एिं मैनेजमेंट संस्थानों के विद्यार्थियों सहहत बडी संख्या में दशिक उपक्स्थत रहे।

राज्य के पांच सौ पचपन विद्यालयों में छात्रों को रोजगारपरक कौशल और व्यावसायिक शिक्षा दी जाएगी।

 पटना  बिहार में कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), बिहार यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से इसके लिए रणनीति तैयार कर रहा है। स्कूलों में वोकेशनल कोर्स संचालित करने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसी कड़ी में 16 और 17 सितंबर 2026 को पटना में दो दिवसीय आवासीय विचार-विमर्श कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें जिला स्तर के व्यावसायिक नोडल पदाधिकारी के अलावा प्रत्येक जिले से एक-एक विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के शिक्षक-शिक्षिका शामिल होंगे। किसी एक ट्रेड का चयन करेंगे विद्यार्थी राज्य के 555 विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम की पढ़ाई शुरू की जानी है। नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थी अपने विद्यालय में आवंटित ट्रेड में से किसी एक का चयन कर उसका अध्ययन कर सकेंगे। व्यावसायिक शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा के दौरान ही रोजगारपरक कौशल से लैस करना है, ताकि वे आगे नौकरी के साथ अपना उद्यम भी शुरू कर सकें और अपने कौशल से आय अर्जित कर सकें। हर विद्यालय में दो ट्रेड की होगी पढा़ई व्यावसायिक शिक्षा के तहत प्रत्येक विद्यालय में दो-दो ट्रेड संचालित किए जाएंगे। ट्रेड का आवंटन जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय स्तर से किया जाएगा। प्रत्येक ट्रेड के लिए जाब रोल भी निर्धारित किए गए हैं। यानी विद्यार्थियों को यह भी जानकारी दी जाएगी कि संबंधित ट्रेड का प्रशिक्षण लेने के बाद वे किन क्षेत्रों में रोजगार हासिल कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर इलेक्ट्रानिक्स एंड हार्डवेयर ट्रेड में नौवीं व 10वीं के विद्यार्थी जूनियर टेक्निशियन- सोलर ईवी चार्जिंग स्टेशन जैसे जाब रोल के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। वहीं, 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों को सोलर पैनल इंस्टालेशन टेक्निशियन जैसे रोजगारपरक कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यशाला में आने वाले शिक्षकों को लाने होंगे दस्तावेज कार्यशाला में शामिल होने वाले शिक्षकों को अपने साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक की फोटो कापी लानी होगी। प्रतिभागियों को अपना विवरण निर्धारित गूगल फार्म में 14 सितंबर तक भरना होगा। इससे प्रशिक्षण स्थल पर उनके आवासन की समुचित व्यवस्था की जा सकेगी। इन ट्रेड्स में होगी पढ़ाई     इलेक्ट्रानिक्स एंड हार्डवेयर     टेलीकॉम     आइटी     प्लंबिंग     कृषि     अपैरल     मेड अप्स एंड होम फर्निशिंग     रीटेल  

575 शिकायतें, सिर्फ 269 पर कार्रवाई; झारखंड में अवैध खनन रोकने में प्रशासन फेल

रांची झारखंड में अधिकारियाें के ढीले रवैये के कारण अवैध खनन रुक नहीं रहा है। अवैध खनन के आरोपियों की पहचान करना तो दूर की बात है, कार्यालय तक पहुंचनेवाली शिकायतों पर भी कार्रवाई नहीं हो रही है। विभागीय सचिव की समीक्षा में यह बात खुलकर सामने आई और हालात गंभीर दिखे। स्थिति यह है कि झारखंड में पिछले एक वर्ष में अवैध खनन एवं परिवहन से संबंधित 575 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें से 269 पर ही कार्रवाई हो सकी है। 306 मामलों में अभी भी जिला स्तर से कार्रवाई का इंतजार है। ज्यादातर मामले में आरोपियों पर एफआईआर भी नहीं दर्ज हो पा रही है। खनन सचिव पुलिस-प्रशासन से सख्ती बरतने का निर्देश दिया है। यहां यह बताना जरूरी है कि सर्वाधिक शिकायत धनबाद से आई है तो पाकुड़, गिरिडीह और साहिबगंज से भी बड़ी संख्या में शिकायतें पहुंची हैं। झारखंड में अवैध खनन कोई नई बात नहीं है। अधिकारियों के स्तर से कार्रवाई नहीं होने के कारण अवैध खनन करनेवालों का मनोबल बढ़ जाता है खान एवं भूतत्व विभाग की रिपोर्ट कम से कम यही बता रही है। पिछले दिनों विभिन्न माध्यमों से 575 शिकायतें जिलों में खनन पदाधिकारी तक पहुंची, लेकिन इनमें से महज 269 मामलों में कार्रवाई की गई है। पूरे राज्य में तीन जिले गोड्डा, खूंटी और गुमला ऐसे हैं जहां शिकायतों पर शत-प्रतिशत कार्रवाई होने के आंकड़े मिले हैं। मजेदार बात यह है कि गोड्डा जिले के लिए एक ही शिकायत मिली थी, खूंटी के लिए दो और गुमला के लिए पांच। राज्य में गढ़वा एक ऐसा जिला रहा जहां के लिए कोई शिकायत नहीं मिली है। सरकार ने सभी जिलों से प्राप्त एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) के आधार पर यह जानकारी सामने आई है। आधे से अधिक जिलों में टास्क फोर्स की बैठक से संबंधित कोई जानकारी नहीं राज्य सरकार के पास अगस्त महीने में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक से संबंधित कोई जानकारी अपलोड नहीं की गई है। स्थापित व्यवस्था के अनुसार सभी जिलों को हर महीने बैठक कर इससे संबंधित मिनट्स को जेम्स पोर्टल पर अपलोड करना होता है। अगस्त महीने में राज्य के 13 जिलों से ऐसी बैठक से संबंधित कोई रिपोर्ट अपलोड नहीं है। सबसे अधिक शिकायतें धनबाद से, अवैध खन में गोफ में समा जाते लोग झारखंड में अवैध खनन से सर्वाधिक प्रभावित जिलों की बात करें तो सबसे अधिक शिकायतें धनबाद से मुख्यालय तक आती हैं और इस पर कार्रवाई का प्रतिशत भी बहुत कम है। नतीजा आए दिन देखने को मिलता है। इस जिले में अवैध खनन के कारण बड़ी घटनाएं आए दिन होती रहती हैं। रविवार को भी धनबाद में अवैध खनन की कोशिशों में दो लोगों की मौत हुई है और कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की भी जानकारी मिल रही है। ऐसी जानकारियों की पुष्टि झारखंड में यदा-कदा ही हो पाती है और यही कारण है कि अवैध खनन पर रोक नहीं लग पा रही है। धनबाद के लोग अवैध खनन का दंश दशकों से झेल रहे हैं और हर वर्ष कई लोगों की जान अवैध खनन के परिणाम के स्वरूप बने गोफ में समा जाने से होती है। झारखंड के अन्य कई जिलाें में अवैध खनन के कारण लोगों की जान तो जा ही रही है, विधि-व्यवस्था की समस्या भी उत्पन्न हो रही है। इसे रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां औपचारिकताओं तक ही सीमित हैं। क्षेत्र के लोगों को इसमें शामिल नहीं किया जा रहा है। यही कारण है कि कहीं ना कहीं ऐसी घटनाएं रुक नहीं रही हैं। धनबाद समेत आसपास के तमाम जिलों में इस तरह की घटनाएं बार-बार होने के बावजूद प्रशासनिक विफलता के कारण इसे रोका नहीं जा पा रहा है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि जब तक आम लोग इसे रोकने के लिए आगे नहीं आएंगे और पुलिस, प्रशासन एवं नेतृत्वकर्ताओं से इसे रोकने के लिए जिद नहीं करेंगे तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। जिम्मेदार लोगों को इसके लिए सतर्कतापूर्वक काम करना होगा।