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वेलनेस सिटी फेज-2 का रास्ता साफ, छह गांवों की 98.5 एकड़ जमीन होगी अधिग्रहित

लखनऊ राजधानी लखनऊ में बनने जा रही मेडिसटी और विस्तार लेगी। शहीद पथ के पास सुलतानपुर रोड पर वेलनेस सिटी फेज-2 के लिए रास्ता साफ हो गया है। छह गांवों की 98.5 एकड़ जमीन के अधिग्रहण के लिए जिलाधिकारी के स्तर से एसआईए अधिसूचना जारी हो गई। भूमि अर्जन अधिनियम के तहत एसआईए यानी सामाजिक समघात निर्धारण की यह प्रारंभिक अधिसूचना है। दूसरे फेज में विस्तार के लिए मोहनलालगंज तहसील के बक्कास, मस्तेमऊ, मलूकपुर ढकवा, चौरहिया, चौरासी, नूरपुर बेहटा गांव के 201 गांटों की कुल 98.51 एकड़ (39.8658 हेक्टेयर) जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी को एसआईए सर्वे 60 दिनों में पूरा कर रिपोर्ट देनी होगी। जिलाधिकारी के अनुसार अधिग्रहण शुरू करने से पहले एसआईए कराया जाना अनिवार्य होता है। योजना में सुलतानपुर रोड के पास लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से सुनियोजित विकास और आधुनिक आवासीय जरूरतों को पूरा करने के लिए वेलनेस सिटी का विस्तार किया जा रहा है। इसके पूर्व मई में योजना के दूसरे चरण के लिए भूमि अर्जन और सर्वे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया था। वेलनेस सिटी के फेज-1 के लिए काफी कार्य हो चुका है। जून में लॉटरी का आवंटन किया गया था। सबसे बड़ा हेल्थकेयर व मेडिकल जोन होगा यह परियोजना लगभग 1,474 एकड़ क्षेत्र में फैली है और इसे 7 अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित किया गया है। करीब 150 एकड़ का विशेष अस्पताल क्षेत्र और सुपर-स्पेशलिटी मेडिसिटी बनाई जा रही है, जो मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देगी। इसके साथ ही दवाओं का शहर में सबसे बड़ा केन्द्र होगा जो अभी तक अमीनाबाद है। कुल क्षेत्रफल का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा (करीब 204 एकड़) पार्कों, ग्रीन बेल्ट और खुली हरियाली के लिए तय किया गया है। ग्रीन कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा प्रोजेक्ट इस योजना के तहत लगभग 2,935 प्रीमियम आवासीय प्लॉट विकसित किए जा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट को ग्रीन कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा और यातायात सुगम बनाने के लिए चार नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा। दो साल में बदल जाएगी शहर की सूरत लखनऊ विकास प्राधिकरण की वेलनेस सिटी परियोजना का बुनियादी ढांचा और आंतरिक विकास कार्य 2028 तक पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है।चूंकि यह एक विशाल प्रोजेक्ट है, इसलिए इसे अलग-अलग चरणों में तैयार किया जा रहा है। लैंड पूलिंग स्कीम के तहत स्थानीय किसानों और भू-स्वामियों को पहले चरण की लॉटरी के जरिए विकसित भूखंड आवंटित भी किए जा चुके हैं। सीवेज नेटवर्क, बिजली व्यवस्था, पानी की आपूर्ति और ड्रेनेज सिस्टम जैसे बुनियादी कामों के लिए 225 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया जा चुका है, जिस पर काम शुरू हो रहा है।

जहरीली शराब कांड के बाद ताबड़तोड़ कार्रवाई, शराब-हथियार लाइसेंस रद्द; सरपंच के अधिकार भी सीज

सागर  सागर जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था, वित्तीय पारदर्शिता और जनसुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए भ्रष्टाचार और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत एक के बाद एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देशों पर जिला प्रशासन ने जिले में शिकंजा कसते हुए कई ताबड़तोड़ कदम उठाए हैं। विनायका और बंडा थाना क्षेत्रों में आपराधिक मामलों में संलिप्तता पाए जाने पर प्रशासन ने म.प्र. आबकारी अधिनियम 1915 के तहत दो शराब दुकानों मगरधा समूह के लाइसेंसधारी सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा और बरेठी दुकान के लाइसेंसधारी यशवंत सिंह ठाकुर के कंपोजिट लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए हैं। इसके साथ ही बंडा प्रकरण से जुड़े आरोपी सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा की ग्राम मसवासी स्थित पत्थर क्रशर की खनिज लीज भी नियमों के लगातार उल्लंघन और समयसीमा का पालन न करने पर निरस्त कर दी गई है। लोक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आयुध अधिनियम, 1959 के तहत तीन हथियार लाइसेंस भी निरस्त किए गए हैं। इनमें सोहन राजपूत, जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी की पत्नी हेमलता राजपूत और सिद्धार्थ कुशवाहा शामिल हैं। प्रशासन ने इन सभी को अपने हथियार संबंधित थानों में तुरंत जमा कराने के कड़े निर्देश दिए हैं।  महिला सरपंच के वित्तीय अधिकार सीज वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए, जिला पंचायत सागर ने जनपद पंचायत शाहगढ़ की ग्राम पंचायत नौराज की सरपंच श्रीमती राजकुमारी राजपूत के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है। निर्माण कार्यों के दौरान प्रथम दृष्टया 7 लाख 49 हजार 079 रुपये के गबन और दुरुपयोग का मामला सामने आने के बाद, म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 के तहत सरपंच के वित्तीय आहरण एवं संवितरण अधिकारों को सीज कर दिया गया है। प्रशासन की इस दोतरफा और त्वरित कार्रवाई से जिले के अन्य लापरवाह और संदिग्ध तत्वों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध गतिविधियों, वित्तीय गबन और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध ऐसे कड़े कदम आगे भी जारी रहेंगे।   

हत्या आरोपी ने जमानत के बाद निकाला विजय जुलूस, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- कोर्ट में पेश करो

चरखी दादरी। सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के एक आरोपित द्वारा जमानत मिलने के बाद ‘विजय जुलूस’ निकालने के मामले को गंभीरता से लेते हुए हरियाणा पुलिस को निर्देश दिया है कि वह आरोपित को न्यायालय में पेश करे। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा कि आरोपित के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद उसे हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश नहीं किया गया। पीठ ने शिकायतकर्ता के वकील की इस दलील का संज्ञान लिया कि आरोपित विशाल ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद ‘विजय जुलूस’ निकाला था और गवाहों को धमकाया था। अदालत ने मामले पर आठ सितंबर को सुनवाई के दौरान गौर किया कि आरोपित की ओर से उसका वकील पेश हुआ था। पीठ ने आरोपित को पहले आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया और उसके बाद जमानत का अनुरोध करने को कहा। साथ ही पीठ ने फटकार लगाते हुए कहा- ‘जमानत मिलने पर विजय जुलूस निकालना उचित नहीं है।’ गिरफ्तारी वारंट पर अब तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की  अदालत ने यह भी कहा कि अगस्त में जारी गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट पर अब तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। शीर्ष अदालत ने चरखी दादरी जिले के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि गैर-जमानती वारंट के तहत कार्रवाई की जाए और आरोपित को सुनवाई की अगली तारीख 21 सितंबर को इस अदालत में पेश किया जाए।पीठ ने न्यायालय की रजिस्ट्री को आदेश की एक प्रति 24 घंटे के भीतर ई-मेल और अन्य माध्यमों से पुलिस अधीक्षक को भेजने का निर्देश दिया। तीखी कहासुनी के दौरान विशाल ने कई लोगों पर लाठी और कुल्हाड़ी से हमला किया हाई कोर्ट ने हत्या के मामले में आरोपित को 23 अप्रैल को जमानत दी थी। यह घटना 27 अक्टूबर 2022 की है, जिसके बाद विशाल को गिरफ्तार कर लिया गया था और वह तीन वर्ष से अधिक समय तक हिरासत में रहा।शिकायतकर्ता राजबाला के परिवार के सदस्यों और आरोपित के बीच उस समय विवाद हुआ था, जब विशाल ने एक विवादित भूखंड पर टिन शेड का कथित रूप से निर्माण शुरू कर दिया था।आरोप है कि तीखी कहासुनी के दौरान विशाल ने कई लोगों पर लाठी और कुल्हाड़ी से हमला किया, जिससे शिकायतकर्ता पक्ष के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और इनमें से 62 साल के गजानंद की बाद में मौत हो गई। हाई कोर्ट ने विशाल की जमानत याचिका चार बार खारिज की थी, लेकिन पांचवीं बार यह बताए जाने के बाद उसे जमानत दे दी गई कि मामले में महत्वपूर्ण गवाहों से पूछताछ हो चुकी है और आरोपित तीन वर्ष से अधिक समय हिरासत में बिता चुका है। ये था पूरा मामला हरियाणा के चरखी दादरी जिले के गांव बेरला में एक ही परिवार के दो पक्षों में प्लाट की जमीनी विवाद चल रहा था। 27 अक्टूबर 2022 को एक पक्ष के लोग उस जमीन पर टीन शेड बना रहे थे। जिसका विरोध करने पर दूसरे पक्ष के लोग वहां पहुंचे तो लाठी-डंडों व कुल्हाड़ी से हमला किया गया। हमलें में गंभीर रूप से घायल हुए 62 वर्षीय गजानंद शर्मा की एक दिन उपचार के दौरान मौत हो गई। बाढड़ा थाना पुलिस ने स्वजनों की शिकायत पर केस दर्ज कर 30 अक्टूबर 2022 को तीन आरोपितों विशाल, साहिल और विष्णु को गिरफ्तार किया। अप्रैल 2026 में आरोपित विशाल जमानत पर जेल से बाहर आया तो उसने जश्न मनाते का विडियो इंटरनेट मीडिया पर डाल दिया। जिसके बाद मृतक गजानंद के स्वजनों ने विजयी जुलूस निकालने और धमकी देने के आरोप लगाए। जिसके बाद आरोपित के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ। जांच अधिकारी एसआइ सोमबीर सिंह ने बताया कि 21 सितंबर को आरोपित की कोर्ट में पेशी है। उसे गिरफ्तार कर पेशी पर ले जाया जाएगा।

बिजली संकट के बीच पंजाब में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, PSPCL चेयरमैन का ट्रांसफर

पटियाला. पंजाब में बिजली संकट के बीच प्रशासनिक फेरबदल की खबर सामने आई है। पंजाब में लंबे समय से चल रहे बिजली कट के बीच राज्य सरकार ने PSPCL के चेयरमैन कम मैनेजिंग डायरेक्टर बसंत गर्ग का ट्रांसफर कर दिया है। डॉ. बसंत गर्ग को पद से हटा दिया गया है और प्रिंसिपल सेक्रेटरी गुरकीरत कृपाल सिंह को नया हेड बनाया गया है। इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के सभी चार्ज जो पहले गुरकीरत कृपाल सिंह के पास थे, अब डॉ. बसंत गर्ग को सौंप दिए गए हैं। हालांकि गुरकीरत कृपाल सिंह अलग-अलग डिपार्टमेंट के अच्छे मैनेजमेंट के लिए जाने जाते हैं, लेकिन राज्य के थर्मल प्लांट में कोयले की भारी कमी को देखते हुए पावर डिपार्टमेंट को पटरी पर लाना उनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी। क्योंकि इस समय थर्मल पावर प्लांट कोयले की भारी कमी का सामना कर रहा है। अगर साल 2025 की बात करें, तो इस बार पिछले साल के मुकाबले बिजली की डिमांड में भारी बढ़ोतरी हुई है, जो 3,500 MW तक पहुंच गई है। इसलिए बिजली की डिमांड 16,000 MW तक पहुंच गई है। दूसरी तरफ, कोयले की अनियमित सप्लाई के कारण राज्य में केवल 6,000 MW बिजली ही बन पा रही थी। इसलिए, PSPCL को बिजली की मांग को पूरा करने के लिए सेंट्रल पूल पर निर्भर रहना पड़ता है, जिसके कारण पंजाब में लंबे समय तक बिजली कटौती होती रहती है।

भोपाल की अरीबा जुनैद को यूके में मिलेगा अंतरराष्ट्रीय सम्मान, अनोखी उपलब्धि से परिवार में खुशी

भोपाल  राजधानी भोपाल निवासी अरीबा जुनैद सिद्दीकी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है. अरीबा का प्रतिष्ठित ग्लोबल अंडरग्रेजुएट अवॉर्ड में चयन हुआ है. उन्हें इसी साल नवंबर में ब्रिटेन में अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा. यह सम्मान उन्हें आर्किटेक्चर एंड डिजाइन कैटेगरी में मिलने जा रहा है. उनकी इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है।  अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ शारजाह की छात्रा भोपाल की रहने वाली अरीबा जुनैद सिद्दीकी ने अपनी प्रतिभा का लोहा अंतरराष्ट्रीय मंच पर मनवाया है. अरीबा अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ शारजाह की छात्रा हैं. ग्लोबल विनर स्तर पर आर्किटेक्चर एंड डिजाइन श्रेणी में उसका चयन हुआ है. उन्होंने Earthen Futures Catalysts of Resilience नामक प्रोजेक्ट के लिए प्रतिष्ठित सम्मान हासिल किया है।  परिवार में खुशी की लहर ग्लोबल अंडरग्रेजुएट अवॉर्ड्स के चेयरमैन जिम बैरी ने कहा, "कई प्रतिभाएं दुनिया का ध्यान आकर्षित करने से काफी पहले ही अपनी उपलब्धियों से अलग पहचान बना लेती हैं." वहीं, अरीबा की इस उपलब्धि से उनके पिता जुनैद सिद्दीकी और मां राना जुनैद सिद्दीकी सहित पूरे परिवार में खुशी का माहौल है. केंद्रीय विद्यालय की पूर्व प्रधान अध्यापक रिजवाना कादरी ने अपनी नातिन अरीबा की उपलब्धि पर बेहद खुश जाहिर की है।  माता-पिता के साथ शारजाह में रहती हैं अरीबा रिजवाना कादरी ने कहा, "उसने अपनी मेहनत और प्रतिभा से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे भोपाल और देश का नाम रोशन किया है. फिलहाल वह अपने माता-पिता के साथ शारजाह में है और वहीं अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ शारजाह की छात्रा हैं।  अरीबा की इस अंतरराष्ट्रीय सफलता को भोपाल के लिए भी गर्व की उपलब्धि माना जा रहा है. उनकी उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि भोपाल की प्रतिभाएं वैश्विक मंच पर भी अपनी पहचान बनाने का हुनर रखती है। 

मंत्री नेताम ने कांग्रेस पर साधा निशाना, बोले- ‘कांग्रेस सिर्फ राग अलापने का काम करती है’

रायपुर. कांग्रेस ने भाजपा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन कार्यक्रम को सरकारीकरण करने का आरोप लगाया है। इस पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का काम ही कुछ न कुछ राग अलापना है। कांग्रेस को प्रधानमंत्री पद की गरिमा समझनी चाहिए। नेताम ने कहा कि नरेंद्र मोदी विशेष पद पर बैठकर पिछले 25 वर्षों से देश और प्रदेश की सेवा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर भाजपा देशभर में सेवा संकल्प अभियान चला रही है और आम लोगों तक पहुंच रही है। इस अभियान में सभी का सहयोग लिया जा रहा है और आमजन को भी इससे जोड़ा जा रहा है। कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर पर साधा निशाना 15 सितंबर से अंबिकापुर में होने वाले कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर को लेकर भी मंत्री रामविचार नेताम ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम करती रहती है, लेकिन वह किस बात का प्रशिक्षण करती है, यह लगातार सामने आता रहता है। नेताम ने कांग्रेस में गुटबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के भीतर जूतमपैजार की स्थिति है। देश और प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को नीचे धकेल दिया है और इससे उबरना कांग्रेस के लिए बेहद मुश्किल है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसे अभियानों के जरिए अपने जनाधार को बचाने की कोशिश कर रही है, लेकिन इसमें वह सफल नहीं होगी। नए प्रदेश प्रभारी के दौरे पर कसा तंज कांग्रेस के नए प्रदेश प्रभारी के आगामी छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर भी रामविचार नेताम ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में इससे पहले भी कई सुरमावीर आते रहे हैं, उनका क्या हुआ, यह सभी ने देखा है। कांग्रेस में किसी के आने से कुछ नहीं होने वाला है। भाजपा द्वारा कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए जारी किए गए रैप वीडियो को लेकर भी मंत्री रामविचार नेताम ने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल ने जनता से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया गया। पिछली सरकार की योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गईं। भाजपा इसी को जनता के सामने रख रही है।

वर्षा ऋतु के बाद निर्माणाधीन सड़कों के कार्यों में लाएं तेजी, समयबद्ध रूप से पूर्ण हों सड़क निर्माण के कार्य – मुख्यमंत्री साय

अंबिकापुर के सड़क की वायरल वीडियो का  मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान:  कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर की चर्चा, सड़क को तत्काल सुधारने के दिए निर्देश बारिश के दौरान निर्माणाधीन सड़कों पर आवागमन में नागरिकों को न हो परेशानी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी कलेक्टरों को दिए निर्देश – स्वयं मौका मुआयना करें, मानसून में भी सड़कों को आवागमन योग्य बनाए रखना सुनिश्चित करें वर्षा ऋतु के बाद निर्माणाधीन सड़कों के कार्यों में लाएं तेजी, समयबद्ध रूप से पूर्ण हों सड़क निर्माण के कार्य – मुख्यमंत्री साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में बारिश के दौरान निर्माणाधीन सड़कों के कारण नागरिकों को आवागमन में हो रही परेशानियों को गंभीरता से लिया है।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर शहर के खरसिया चौक में सड़क की खराब स्थिति के कारण नागरिकों को हो रही परेशानी की वाईरल वीडियो का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री साय ने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर चर्चा कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने तत्काल सड़क का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य सुनिश्चित कराने के निर्देश कलेक्टर को दिए। मुख्यमंत्री साय ने खरसिया चौक की सड़क में बड़े गड्ढों को भरने, आवश्यक समतलीकरण तथा जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां यातायात का दबाव अधिक है, वहां पुलिस एवं यातायात विभाग के साथ समन्वय कर सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिलों में निर्माणाधीन सड़कों की स्थिति की नियमित निगरानी करें, आवश्यकता के अनुसार स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करें और संबंधित विभागों एवं निर्माण एजेंसियों से समन्वय कर सड़कों को आवागमन योग्य बनाए रखना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों से कहा है कि बारिश के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए। जहां सड़क क्षतिग्रस्त होने, निर्माण कार्य, पुल-पुलिया के आसपास कटाव, जलभराव अथवा अन्य किसी कारण से आवागमन प्रभावित होने या दुर्घटना की आशंका हो, वहां तत्काल सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं। आवश्यकता के अनुसार चेतावनी संकेतक, बैरिकेडिंग और सुरक्षित वैकल्पिक यातायात व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मानसून के दौरान किसी भी क्षेत्र में सड़क की खराब स्थिति के कारण नागरिकों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। जहां निर्माण कार्य प्रगति पर हैं अथवा बारिश के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां गड्ढों को भरने, समतलीकरण, जल निकासी सहित सभी आवश्यक अंतरिम सुधार कार्य प्राथमिकता से किए जाएं। स्थायी निर्माण में मौसम संबंधी व्यावहारिक कठिनाइयां होने पर भी सड़क को चलने योग्य बनाए रखने के लिए हर आवश्यक उपाय सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, नगरीय निकाय अथवा अन्य किसी एजेंसी से संबंधित सड़क हो, जिला प्रशासन संबंधित विभाग के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करे। कलेक्टर अपने जिले में अधिक यातायात दबाव वाली प्रमुख सड़कों और निर्माणाधीन मार्गों को चिन्हांकित कर उनकी स्थिति की नियमित समीक्षा करें। मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु समाप्त होते ही निर्माणाधीन एवं स्वीकृत सड़क कार्यों में तेजी लाई जाए। निर्माण एजेंसियों के साथ कार्ययोजना बनाकर सड़क निर्माण एवं स्थायी मरम्मत के कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्यों के कारण लोगों को लंबे समय तक असुविधा न हो, इसके लिए निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करते हुए समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

राजनाथ सिंह ने स्वागत में मिला चांदी का मुकुट लौटाया, बोले- इसे गरीब बेटी की पायल के लिए इस्तेमाल करें

 आगरा उत्तर प्रदेश के आगरा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपने प्रवास के दौरान 'खटीक गर्जना सम्मेलन' में हुए स्वागत के दौरान उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया. दरअसल, समाज की ओर से राजनाथ सिंह को चांदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित किया गया. सम्मान स्वीकार करने के बाद रक्षा मंत्री ने मुकुट अपने पास रखने के बजाय उसे समाज को वापस लौटा दिया. चांदी का मुकुट वापस लौटाते समय उन्होंने कहा कि मैं सब कुछ स्वीकार कर लेता हूं, लेकिन चांदी का यह मुकुट आपके हवाले करता हूं. किसी गरीब मां-बाप की बेटी शादी के बाद विदा हो रही हो और उसके पैरों में चांदी की पायल न हो, तो इस मुकुट को तुड़वाकर उसके लिए पायल बनवाकर दे देना. राजनाथ सिंह की इस बात ने पूरे कार्यक्रम में मौजूद लोगों का दिल जीत लिया।  'समाज को बांटने की कोशिश में नहीं आएंगे' सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कुछ लोग अपने राजनीतिक हित साधने के लिए समाज को भड़काने की कोशिश करते हैं. कभी जाति के नाम पर तो कभी धर्म के नाम पर समाज में दरार पैदा करने का प्रयास किया जाता है।  उन्होंने कहा कि हमें संकल्प लेना होगा कि हम किसी के बहकावे में नहीं आएंगे और समाज को बंटने नहीं देंगे. समाज में प्रेम हो, सहयोग हो और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े होने की भावना हो, इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा. राजनाथ सिंह ने कहा- 'याद रखिए, टूटने से बिखरेंगे और जुड़ने से निखरेंगे।  'सनातन और हिंदू धर्म को जाति के चश्मे से देखने वाले मूल भाव नहीं समझते' रक्षा मंत्री ने कहा कि सनातन और हिंदू धर्म को केवल जाति के चश्मे से देखने वाले लोग उसके मूल भाव को समझ नहीं पाते हैं. उन्होंने कहा कि हमारी व्यवस्था कर्म आधारित है. इसमें एक ही व्यक्ति के कई कर्तव्य हो सकते हैं और कई लोगों का एक ही कर्तव्य हो सकता है. उन्होंने कहा कि वह साझा कर्तव्य धर्म की रक्षा करना और राष्ट्र की रक्षा करना है।  'खटीक समाज ने अत्याचार सहे, लेकिन धर्म परिवर्तन नहीं किया' राजनाथ सिंह ने खटीक समाज के इतिहास और योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि समाज ने लंबे समय तक अत्याचार सहे, लेकिन अपने धर्म और आस्था को नहीं छोड़ा. उन्होंने कहा कि खटीक समाज ने अत्याचार सहे, लेकिन धर्म परिवर्तन नहीं किया. यह उसके धैर्य, संघर्ष और अपनी संस्कृति के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।  रक्षा मंत्री ने समाज से एकजुट रहने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि समाज की ताकत उसके एकजुट रहने में है और किसी भी राजनीतिक स्वार्थ के लिए समाज को बांटने की कोशिशों से बचना होगा।  सबका लक्ष्य एक—धर्म और राष्ट्र की रक्षा हिंदू धर्म को केवल जाति के चश्मे से देखने वाले लोग उसके मूल भाव को नहीं समझ पाते हैं। हमारी व्यवस्था कर्म-आधारित है। इसमें एक ही व्यक्ति के कई कर्तव्य हो सकते हैं और कई लोगों का एक ही कर्तव्य भी हो सकता है। लेकिन सबका लक्ष्य एक ही है—धर्म और राष्ट्र की रक्षा करना। खटीक समाज की तारीफ 1946 में जब डायरेक्ट एक्शन डे की घोषणा की गई और बंगाल में हिंदुओं को निशाना बनाया जाने लगा, तब गोपाल पाठा के नेतृत्व में खटीक समाज के कई लोगों ने मोर्चा संभाला था। उन्होंने हिंदुओं की रक्षा करने का काम किया था। खटीक वो, जो खौफ को भी डरा दे समय चाहे कोई भी रहा हो, चुनौती कैसी भी रही हो और शत्रु कितना भी शक्तिशाली रहा हो, खटीक समाज ने धर्म और देश के स्वाभिमान की रक्षा से कभी पीछे हटना स्वीकार नहीं किया। ऐसा भी कहा जा सकता है कि खटीक वो है, जो खौफ को भी डरा दे। खटीक वो है, जो खतरे में सबसे आगे खड़ा रहे। खटीक वो है, जो खुद कठिनाई सहकर भी दूसरों की रक्षा करे। यूपी तेजी से विकास कर रहा आज उत्तर प्रदेश भी डबल इंजन की सरकार के साथ तेजी से विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। आप याद कीजिए, एक समय था जब उत्तर प्रदेश में माफिया राज चलता था। ऊबड़-खाबड़ सड़कें होती थीं। असुरक्षा का माहौल था। लोग भय में जी रहे थे और आए दिन दंगे होते थे। अपराधियों के लिए सुर्खियों में रहता था यूपी उत्तर प्रदेश आज विकास के लिए जाना जा रहा है। विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए जाना जा रहा है। जो प्रदेश कभी अपराधियों के लिए सुर्खियों में रहता था, आज औद्योगिक कॉरिडोर बना रहा है। मेट्रो रेल का नेटवर्क फैला रहा है। अब तो आगरा मेट्रो के विस्तार का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

करनाल में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, एक हफ्ते में मरीज 27 से बढ़कर 36

करनाल  बदलते मौसम के असर के बीच करनाल जिले में लगातार स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ते जा रहे हैं। सिर्फ सात दिन में जिले में स्वाइन फ्लू के नौ नए मामले सामने आए हैं। 6 सितंबर तक मरीजों की संख्या 27 थी, जो 13 सितंबर तक बढ़कर 36 हो गई। ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि सिर्फ एक हफ्ते में मरीजों की संख्या में करीब 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ी है। मगर अस्पतालों के बाहर मरीजों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। पिछले 10 दिनों में 6 और पिछले एक महीने में 15 मामले सामने आए हैं। संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज एवं जिला नागरिक अस्पताल में दो आइसोलेशन वार्ड तैयार किए गए हैं। लक्षण दिखें तो न बरतें लापरवाही स्वास्थ्य विभाग की ओर से संक्रमित और संदिग्ध मरीजों की लगातार निगरानी की जा रही है। उप सिविल सर्जन (मलेरिया) डा. अनु शर्मा ने लोगों से फ्लू जैसे लक्षणों को हल्के में न लेने की अपील की है। सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है। उन्होंने खांसते और छींकते समय नाक-मुंह ढकने, नियमित रूप से हाथ धोने और लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी। बिना हाथ धोए आंख, नाक और मुंह को छूने से भी बचने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्वाइन फ्लू मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार, नाक बहना और भूख कम लगना इसके सामान्य लक्षण हैं। समय पर चिकित्सकीय सलाह और सावधानी से संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित किया जा सकता है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार स्वाइन फ्लू मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार, नाक बहना और भूख कम लगना इसके सामान्य लक्षण हैं। समय पर चिकित्सकीय सलाह और सावधानी से संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित किया जा सकता है।  

अमित शाह के ऐलान के बाद बिहार में UCC पर घमासान, JDU ने साफ किया रुख

पटना अभी हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऐलान किया था कि भाजपा शासित राज्यों में यूसीसी लागू होगा। लेकिन यूसीसी को लेकर बिहार में अब पेंच फंसता नजर आ रहा है। दरअसल बिहार में सरकार में सहयोगी जदयू की तरफ से कहा गया है कि बिहार में यूसीसी लागू करने का सवाल ही खड़ा नहीं होता है। बिहार सरकार के मंत्री और जदयू के दिग्गज विधायक श्याम रजक ने कहा कि संसद में उनकी पार्टी यूसीसी का समर्थन किया था लेकिन यह भी कहा था कि इसे बिहार में लागू नहीं होने दिया जाएगा। श्याम रजक ने कहा, ‘जब संसद में यह पास हो रहा था तब हमने उसी समय कहा था और हमारे नेता ने कहा था कि इसको हम अपने राज्य में लागू नहीं होने देंगे। हमने उस बिल का समर्थ किया था। लेकिन समर्थन के साथ-साथ हमने कहा था कि बिहार में लागू नहीं होगा और आज तक हम उसी पर कायम हैं।’ श्याम रजक ने आगे कहा कि बिहार में बीजेपी के मुख्यमंत्री हैं। लेकिन एनडीए का जो गठबंधन है उसमें जनता दल (यू), लोजपा (आर) और रालोमो सभी लोग मिलजुले हुए हैं। यहां स्वतंत्र सरकार नहीं है। श्याम रजक ने कहा कि किसी भी सूरत में इसके लागू होने का सवाल ही नहीं उठता है। आपको बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को मुंबई में ऐलान किया था कि देश के 21 राज्यों में भाजपा और भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकारें 2029 से पहले समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करेंगी। गृहमंत्री शाह ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए पिछले 12 वर्षों के दौरान केंद्र की उपलब्धियों और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा की 25 साल की यात्रा का जिक्र किया। इस दौरान शाह ने तीन तलाक, भारतीय न्याय संहिता समेत मोदी सरकार द्वारा लिए गए कई बड़े फैसलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने भारतीय न्याय संहिता के जरिए देश की आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत किया है। उन्होंने दावा किया कि कई राज्यों में एक ही वर्ष में सजा दिलाने की दर में करीब 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि एक ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है, जिससे यह तय हो सके कि पीड़ित को तीन साल के भीतर न्याय मिल सके। 17 से सेवा संकल्प अभियान अमित शाह ने पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और गुजरात तथा केंद्र में मोदी शासन के 25 साल पूरे होने पर 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक देशभर में सेवा संकल्प अभियान की घोषणा की थी। समान नागरिक संहिता समान नागरिक संहिता का अर्थ है एक देश, एक कानून। इसमें विवाह और तलाक, उत्तराधिकार और संपत्ति बंटवारा, गोद लेना, भरण-पोषण, वसीयत, पारिवारिक अधिकार से जुड़े विषयों पर सभी के लिए एक जैसा कानून होता है। अभी भारत में आपराधिक मामलों के लिए तो एक ही कानून है, लेकिन सिविल मामलों में धर्मों के अपने पर्सनल लॉ लागू होते हैं।