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रेडिसन समेत 10 होटल-रेस्टोरेंट की रसोई में गंदगी का अंबार, सड़ा आलू और एक्सपायरी मांस मिला

भोपाल  आप जिन महंगे और नामी होटलों में स्वादिष्ट खाने की उम्मीद लेकर जाते हैं, उनकी रसोई का सच आपको हैरान कर सकता है। भोपाल के खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर के 10 बड़े होटलों और रेस्टोरेंट की किचन में जब अचानक दबिश दी, तो वहां भारी अनियमितताएं सामने आईं। रिपोर्ट के अनुसार, जांच टीम को कहीं एक्सपायरी डेट का मांस मिला, तो कहीं दाल में कीड़े रेंगते नजर आए। मशहूर होटल रेडीसन में 50 किलो सड़े हुए आलू बरामद हुए, जिन्हें टीम ने मौके पर ही नष्ट करवा दिया। वहीं, कुछ गिने-चुने प्रतिष्ठानों में ही साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। विभाग ने तीन जगहों से संदिग्ध खाद्य पदार्थों के सैंपल भी जांच के लिए भेजे हैं। रेडीसन और टर्क्वाइज हॉस्पिटैलिटी में मिलीं गंभीर खामियां     शहर के प्रतिष्ठित होटल रेडीसन की रसोई में टीम को करीब 50 किलो सड़े आलू मिले। हालांकि, प्रबंधन ने सफाई देते हुए कहा कि इन्हें वेंडर को वापस लौटाने के लिए रखा गया था। इसके अलावा यहां हनी ब्रेड के 4 पैकेट मिस-ब्रांडेड पाए गए, जबकि फ्रोजन मीट के पैकेट पर खून के साक्ष्य और 'बेस्ट बिफोर' (इस्तेमाल की अंतिम तिथि) की अधूरी जानकारी मिली।     वहीं, टर्क्वाइज हॉस्पिटैलिटी में हालात और भी चिंताजनक थे। यहां मूंग दाल और राजमा में कीड़े पाए गए, जिन्हें टीम ने तुरंत नष्ट कराया। किचन में साफ-सफाई नदारद थी, खुले डस्टबिन, काली पड़ चुकी गंदी कड़ाही और कीड़ों (पेस्ट) के संकेत भी मिले। यहां पेस्ट कंट्रोल पर्याप्त नहीं था और लाइसेंस भी नहीं लगाया गया था। वेज-नॉनवेज के रखरखाव में लापरवाही     होटल लिमिटेड में टीम को एक्सपायरी डेट की मछली और चिकन मिला। सबसे बड़ी लापरवाही यह थी कि वेज और नॉनवेज की प्रोसेसिंग और स्टोरेज के लिए कोई अलग व्यवस्था नहीं थी। पानी की शुद्धता (पोटेबिलिटी) की रिपोर्ट भी संस्थान के पास नहीं थी, जिसके बाद उन्हें सुधार का नोटिस थमाया गया।     दूसरी तरफ, सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत मिली थी कि साक्षी ढाबा में चिकन या बकरे की जगह किसी अन्य मांस का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस गंभीर शिकायत के आधार पर टीम ने वहां से मटन और पनीर के सैंपल जांच के लिए हैं। महादेव भोजनालय और आदित्य ग्रैंड में नियमों की अनदेखी     महादेव भोजनालय में न तो रजिस्ट्रेशन प्रदर्शित किया गया था और न ही पेस्ट कंट्रोल का कोई सर्टिफिकेट मिला। कर्मचारियों के पास मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र भी नहीं थे, जिन्हें बनवाने के निर्देश दिए गए हैं। कम फैट के शक में यहां से पनीर-उत्तपम का सैंपल लिया गया है।     आदित्य ग्रैंड में भी कर्मचारियों के पास मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं थे और वे बिना हेयर कवर के काम कर रहे थे। यहां आधा पैकेट एक्सपायरी ब्रेड मिली, साथ ही संदेह के आधार पर पनीर का नमूना भी लिया गया। उधर, होटल ताज में दो तरह के पनीर मिलने पर टीम को शक हुआ था, लेकिन शुरुआती जांच और बिल देखने के बाद वह सही पाया गया। ताज प्रबंधन को फ्राइंग और वेज-नॉनवेज स्टोरेज व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। इन प्रतिष्ठानों ने पास किया स्वच्छता का टेस्ट     एक तरफ जहां कई होटलों की रसोई ने निराश किया, वहीं जहानुमा रिट्रीट और द क्राउन 1909 की व्यवस्थाएं जांच टीम को पूरी तरह संतोषजनक मिलीं। जहानुमा रिट्रीट में वेज और नॉनवेज के लिए अलग-अलग डीप फ्रीजर और किचन की व्यवस्था थी।     वहां लाइसेंस भी लगा था और साफ-सफाई भी उम्दा थी। इसी तरह द क्राउन 1909 में भी किचन, बर्तन और स्टोरेज एरिया पूरी तरह साफ-सुथरे पाए गए और वेज-नॉनवेज का भंडारण उचित मानकों के तहत किया गया था।  

ढाई साल बाद बदले काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO विश्वभूषण मिश्र

वनारस  श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ विश्वभूषण मिश्र का तबादला कर दिया गया। उन्हें उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में उप सचिव बनाया गया है। उन्होंने फरवरी 2024 में पदभार संभाला था। उनके कार्यकाल में वायु प्रदूषण से बचाव के लिए धाम परिसर में एयर फिल्टर लगाने की पहल हुई। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र का रविवार देर रात तबादला कर दिया गया है। उन्हें उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में उप सचिव की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। विश्वभूषण मिश्र ने 2 फरवरी 2024 को मंदिर के सीईओ का पदभार संभाला था। उन्होंने ढाई साल से अधिक समय तक इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी संभाली। अपने कार्यकाल के दौरान, विश्वभूषण मिश्र ने काशी विश्वनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया। उनके नेतृत्व में वायु प्रदूषण से बचाव के लिए धाम परिसर में एयर फिल्टर लगाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। वर्तमान में धाम परिसर में ये एयर फिल्टर सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। मंदिर की व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े कई अन्य कार्यों को लेकर भी उनके कार्यकाल में महत्वपूर्ण पहल की गई थी। इसी तबादला सूची में एक और महत्वपूर्ण नियुक्ति हुई है। पीसीएस अधिकारी वरखा सिंह को वाराणसी का अपर नगर आयुक्त बनाया गया है। इससे पहले, वरखा सिंह उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ में प्रधान प्रबंधक के पद पर तैनात थीं। उनके स्थानांतरण के बाद, वह अब वाराणसी नगर निगम में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगी। विश्वभूषण मिश्र का कार्यकाल और उपलब्धियां विश्वभूषण मिश्र ने 2 फरवरी 2024 को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी का पदभार ग्रहण किया था। उन्होंने ढाई साल से अधिक समय तक मंदिर प्रशासन की बागडोर संभाली। उनके कार्यकाल में काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया। वायु प्रदूषण से बचाव के लिए धाम परिसर में एयर फिल्टर स्थापित करने का निर्णय भी उनके कार्यकाल की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। इन एयर फिल्टरों के लगने से धाम परिसर में वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है। उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं को सुचारु रखने के लिए कई पहल कीं। बरखा सिंह की नई जिम्मेदारी तबादला सूची में पीसीएस अधिकारी बरखा सिंह को वाराणसी में एक अहम पद दिया गया है। उन्हें वाराणसी का अपर नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है। इस नई जिम्मेदारी से पहले, वरखा सिंह उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ में प्रधान प्रबंधक के पद पर कार्यरत थीं। अब वह वाराणसी नगर निगम में अपनी नई भूमिका निभाएंगी। यह स्थानांतरण वाराणसी के स्थानीय प्रशासन में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। विश्वभूषण मिश्र के तबादले के बाद, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के नए मुख्य कार्यपालक अधिकारी की नियुक्ति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मंदिर प्रशासन में सीईओ का पद अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में मंदिर की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से बनाए रखना एक बड़ी जिम्मेदारी है। नए अधिकारी के सामने श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और बेहतर बनाने की चुनौती होगी। उन्हें मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं और धाम में चल रहे विकास कार्यों को आगे बढ़ाना होगा।

दिवाली-छठ पर ट्रेनों में बढ़ेगी सीटों की संख्या, कई रूटों पर चलेंगी स्पेशल ट्रेनें

लखनऊ दिवाली पर अभी से ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट से परेशान यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर रेलवे प्रशासन ने त्यौहार में तत्काल कोटे की सीटें बढ़ाने का फैसला लिया है। रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजकर अनुमति मांगी गई है। मंजूरी मिलते ही लखनऊ से दिल्ली, मुंबई और हावड़ा रूट की ट्रेनों में तत्काल कोटे की सीटें 6,500 से बढ़ाकर 12,000 से अधिक कर दी जाएंगी। यह बढ़ोतरी पूरी तरह अस्थायी होगी। फिलहाल लखनऊ से दिल्ली जाने वाली लखनऊ मेल, एसी एक्सप्रेस, गोमती और वैशाली एक्सप्रेस, तथा मुंबई जाने वाली पुष्पक, अवध व कुशीनगर एक्सप्रेस में भारी वेटिंग चल रही है। हावड़ा रूट की ट्रेनों का भी यही हाल है। दशहरा, दिवाली और छठ पर स्पेशल ट्रेन दशहरा, दीपावली और छठ पर्वों पर यात्रियों की भीड़ के मद्देनजर दरभंगा से अहमदाबाद तक पूजा विशेष गाड़ी चलेगी। यह गाड़ी वाराणसी जंक्शन (कैंट) होकर गुजरेगी। पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ सुमित कुमार ने बताया कि गाड़ी संख्या- 09465 स्पेशल 18, 25 सितम्बर, 2, 9, 16, 23, 30 अक्तूबर, 6, 13, 20 और 27 नवम्बर को हर शुक्रवार अहमदाबाद से रात 8.25 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन रात 11.20 बजे कैंट आएगी। यहां से तीसरे दिन सुबह 10.30 बजे दरभंगा पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या-09466 विशेष गाड़ी 21, 28 सितम्बर, 5, 12, 19, 26 अक्तूबर, 2, 9, 16, 23, 30 नवम्बर तथा 2 दिसम्बर को हर सोमवार दरभंगा से भोर में 3 बजे प्रस्थान कर दिन में 1.35 बजे कैंट आएगी। यहां से अहमदाबाद प्रस्थान करेगी। त्योहारों पर इन स्पेशल ट्रेनों का भी होगा संचालन वहीं, उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज से भी दुर्गापूजा, दशहरा, दिवाली और छठ पूजा पर ट्रेनों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए स्पेशल ट्रेनों का संचालन होगा। प्रयागराज जंक्शन से उधना के लिए ट्रेन नंबर 04105/04106 विशेष ट्रेन को एक अक्तूबर से 30 नवंबर चलेगी।गुरुवार और रविवार को प्रयागराज से रवाना होगी। प्रयागराज से साबरमती के लिए गाड़ी संख्या 04179/04180 (गाड़ी संख्या 04111/04112 के स्थान पर) तीन अक्तूबर से 29 नवंबर तक प्रत्येक शनिवार और मंगलवार को संचालित होगी।प्रयागराज से दादर के लिए गाड़ी संख्या 04139/04140 साप्ताहिक विशेष गाड़ी दो अक्तूबर से 29 नवंबर तक प्रत्येक शुक्रवार को चलेगी। प्रयागराज से वेरावल के लिए गाड़ी संख्या 04173/04174 एक अक्तूबर से 27 नवंबर तक प्रत्येक गुरुवार को संचालित होगी।सूबेदारगंज से वलसाड के लिए गाड़ी संख्या 04119/04120 साप्ताहिक विशेष ट्रेन तीन अक्तूबर से 29 नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को चलाई जाएगी।इसी रूट की एक अन्य गाड़ी संख्या 04177/04178 का संचालन छह अक्तूबर से 25 नवंबर के बीच प्रत्येक मंगलवार को होगा। सूबेदारगंज से उधना के बीच द्वि-साप्ताहिक विशेष गाड़ी संख्या 04155/04156 आगामी 19 अक्तूबर से 27 नवंबर तक प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को उपलब्ध रहेगी।इसके अलावा सूबेदारगंज से दादर के लिए गाड़ी संख्या 04175/04176 साप्ताहिक विशेष गाड़ी चार अक्तूबर से 24 नवंबर के बीच प्रत्येक रविवार को तथा सूबेदारगंज से इंदौर के लिए गाड़ी संख्या 04169/04170 – साप्ताहिक विशेष गाड़ी दो अक्तूबर से 28 नवंबर तक प्रत्येक शुक्रवार और सोमवार को यात्रियों की सेवा के लिए पटरी पर उतरेगी। यह जानकारी उत्तर मध्य रेलवे के वरिष्ठ जनसम्पर्क अधिकारी अमित मालवीय ने दी। हरिहर, केवी-जनता एक्स.बदले रास्ते से जाएगी वहीं, उत्तर रेलवे के लखनऊ जंक्शन (चारबाग) स्टेशन पर कॉनकोर्स निर्माण के लिए लिये गए ब्लॉक की अवधि 15 सितम्बर तक बढ़ा दी गई है। इससे आधा दर्जन से ज्यादा ट्रेनें बदले मार्गों से चलेंगी, जबकि एक गाड़ी को शॉर्ट टर्मिनेट और शॉर्ट ओरिजिनेट किया जाएगा। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी (सीपीआरओ) सुमित कुमार ने बताया कि 14 और 15 सितम्बर को बनारस-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस उतरेटिया में यात्रा समाप्त करेगी और यहीं से चलाई जाएगी। वहीं, 14 सितम्बर को अप और डाउन साइड की बरौनी-अम्बाला हरिहर एक्सप्रेस, 14 और 15 सितम्बर को बनारस-नई दिल्ली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस (केवी) और इन्हीं तिथियों में बनारस-देहरादून जनता एक्सप्रेस बदले मार्ग उतरेटिया-ट्रांसपोर्ट नगर-आलमनगर के रास्ते चलाई जाएंगी। 14 सितम्बर को गुवाहाटी-ओखा एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग बाराबंकी-मल्हौर-ऐशबाग-कानपुर सेंट्रल के रास्ते चलाई जायेगी।

पंजाब में नशे का बढ़ता जाल, पुलिस रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता; युवा सबसे ज्यादा प्रभावित

चंडीगढ़. पंजाब में भले ही हेरोइन की सप्लाई पहले की तुलना में कम हुई है, लेकिन अब मेडिकल नशे ने युवाओं को बुरी तरह अपनी गिरफ्त में ले लिया है। यह राज्य के लोगों के लिए चिंता का बड़ा विषय बना हुआ है। इन नशीली दवाओं की सप्लाई हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों से की जा रही है। पंजाब पुलिस के सूत्रों के अनुसार, नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए BSF और पंजाब पुलिस की सख्ती के चलते राज्य में जमीनी स्तर पर हेरोइन की सप्लाई में तेजी से गिरावट आई है। अब पंजाब पुलिस ने मेडिकल नशे के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने 2025 से अब तक उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खेपों से 11.54 लाख नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद किए हैं। इसके साथ ही 1 मार्च 2025 से अब तक करीब 80 हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 486 ड्रोन बरामद किए गए हैं। इसके अलावा पुलिस ने नशा तस्करों की 336 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति फ्रीज की है। 

बच्चों के बीच पहुंचे मंत्री जायसवाल, स्कूल में सुविधाओं का लिया जायजा; बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं

बच्चों के बीच पहुंचे मंत्री जायसवाल, सुविधाओं का लिया जायजा कहा, विद्यार्थियों की सुविधा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर जाना भोजन, स्वच्छता और व्यवस्थाओं का हाल, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश मनेन्द्रगढ़/एमसीबी स्थानीय विधायक एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल अपने दौरा कार्यक्रम के दौरान ग्राम जरौंधा स्थित छात्रावास पहुंचे। मंत्री के छात्रावास पहुंचने पर विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला। उन्होंने औपचारिक निरीक्षण तक सीमित न रहते हुए विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनसे आत्मीय संवाद किया और छात्रावास में उन्हें मिल रही सुविधाओं का प्रत्यक्ष फीडबैक लिया। मंत्री जायसवाल ने विद्यार्थियों से भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, रहने की व्यवस्था सहित दैनिक आवश्यकताओं से जुड़ी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। बच्चों से सीधे बातचीत कर उनकी जरूरतों और समस्याओं को समझने का प्रयास किया। छात्रावास की व्यवस्थाओं को देखकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि छात्रावास केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य को गढ़ने का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में यहां रहने वाले बच्चों को बेहतर वातावरण, पौष्टिक भोजन, स्वच्छता और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना जिम्मेदार अधिकारियों की प्राथमिकता होनी चाहिए। मंत्री ने अधिकारियों को छात्रावास की व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखने तथा भोजन और स्वच्छता में विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थियों की सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कमी सामने आने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री का यह अंदाज विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी समस्याओं को सीधे सुनने की पहल के रूप में देखा गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को यह संदेश भी स्पष्ट रूप से दिया गया कि सरकारी छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों की सुविधा और सम्मान से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।

सूर्या मॉल के स्पा सेंटर पर पुलिस की छापेमारी, युवतियों समेत संचालक से पूछताछ

दुर्ग. भिलाई के सूर्या मॉल स्थित सेंशेसन स्पा सेंटर में अवैध गतिविधियों की शिकायत मिलने के बाद पुलिस रेड कार्रवाई की, लेकिन यहां कोई अनैतिक कार्य करते नहीं पाया गया। वहीं गुंडा-बदमाशों की तरह स्पा सेंटर के मालिक और लड़कियों से पुलिस ने बाउंड ओवर भरवाया है, ताकि अनैतिक कार्य होने पर सख्त कार्रवाई की जा सके। मॉल प्रबंधन के अनुसार, जहां स्पा सेंटर है, वो सोल्ड प्रॉपर्टी है. वहां की लाइट और पानी की सप्लाई बंद कर दी गई है। इसके बावजूद अंदर युवतियां और अन्य लोग मौजूद मिले, जिन्हें पुलिस ने बाहर निकाला। रेड के दौरान मिली युवतियों/लड़कियों के संलिप्तता की जांच के बाद पुलिस ने युवतियों पर ‘बाउंड ओवर’ (मुचलका पाबंद) की कार्रवाई की है, ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों में दोबारा शामिल न हों। भिलाई नगर सीएसपी निशांत पाठक ने इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है कि शहर में स्पा सेंटर्स की आड़ में चल रहे अवैध कार्यों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे तमाम ठिकानों पर लगातार सख्त चेकिंग व वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। फिलहाल सेंशेसन स्पा सेंटर में किसी भी प्रकार का अनैतिक कार्य की पुष्टि नहीं हुई। ASP सिटी शोभराज अग्रवाल के निर्देश पर इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में CSP निशांत पाठक, डीएसपी (IUCAW) भारती मरकाम की टीम भी विशेष रूप से शामिल थी। सुपेला थाना प्रभारी एसएन सिंह, स्मृति नगर चौकी प्रभारी अमित अंडानी भी मौजूद रहें थे।

उज्जैन-रतलाम समेत 7 जिलों में तेज बारिश की चेतावनी, 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

भोपाल मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। पश्चिमी हिस्से में बने मौसम तंत्र के असर से रविवार को कई जिलों में तेज बारिश हुई। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग के कई इलाकों में बारिश का दौर चला। बड़वानी में नदी-नाले और तालाब उफान पर आ गए, जबकि रतलाम, मुरैना, शाजापुर, झाबुआ, खरगोन और खंडवा में भी तेज बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में निम्न दाब क्षेत्र के साथ द्रोणिका सक्रिय है। इसके असर से पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। जिन इलाकों में पिछले दिनों बारिश की कमी बनी हुई थी, वहां भी अब बारिश का दौर पहुंचा है। सोमवार को उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, गुना और श्योपुर में भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, रायसेन, सीहोर, विदिशा, धार, झाबुआ, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, देवास, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, शिवपुरी, मुरैना, भिंड, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, रीवा, सतना, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ समेत कई जिलों में हल्की से तेज बारिश हो सकती है।  नदी-नाले उफने, बांध के गेट खुले रविवार को बड़वानी के सेंधवा क्षेत्र में रुक-रुककर तेज बारिश होती रही। कई नदी-नालों और तालाबों का जलस्तर बढ़ गया। रलावती का बड़ा तालाब भी ओवरफ्लो हो गया।टीकमगढ़ में तेज बारिश के बाद बान सुजारा बांध के चार गेट खोलने पड़े। हरदा के वन क्षेत्र में लाखादेह की पहाड़ी नदी उफान पर रही। शाजापुर के मक्सी, झाबुआ के पेटलावद, खरगोन के कसरावद, खंडवा, महू, ओंकारेश्वर और रतलाम में भी तेज बारिश हुई। भोपाल में भी बारिश के असर से जलाशयों में पानी बढ़ा। रविवार रात कलियासोत डैम के तीन गेट खोले गए। 15 सितंबर से बारिश की रफ्तार घटने के संकेत मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, 14 सितंबर को भी पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। निम्न दाब क्षेत्र के राजस्थान-गुजरात की ओर बढ़ने के दौरान पश्चिमी जिलों में इसका असर बना रहेगा। हालांकि 15 सितंबर के बाद बारिश की तीव्रता और दायरा धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। अगले सात दिनों में पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है। चंबल नदी में नहाते समय पिता-पुत्र डूबे रविवार को भोपाल समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। बड़वानी के सेंधवा में नदी-नाले और तालाब उफान पर रहे। रलावती में जिले का सबसे बड़ा तालाब ओवरफ्लो हो गया। मुरैना में चंबल नदी में नहाते समय पिता-पुत्र डूब गए। दोनों बाबू महाराज मंदिर में दर्शन के लिए आए थे। शाजापुर के मक्सी, झाबुआ के पेटलावद, खरगोन के कसरावद और खंडवा में भी मूसलधार बारिश हुई। टीकमगढ़ में तेज बारिश के बाद बान सुजारा बांध के 4 गेट खोल दिए गए। हरदा के वन क्षेत्र में लाखादेह की पहाड़ी नदी उफान पर रही। महू, ओंकारेश्वर, रतलाम समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। 32 जिलों में अब भी बारिश की कमी प्रदेश के 32 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में स्थिति पिछले सप्ताह की तुलना में सुधरी है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2 से 25 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। पश्चिमी हिस्से में कमी ज्यादा है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 7 से 52 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।  झोंकेदार हवा से सावधान मौसम विभाग ने आगे बताया कि प्रदेश के शेष जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. वहीं 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवा चलेगी. इस दौरान खुले में, टिन शेड, हल्की नुकीली या धारदार वस्तुओं आदि के आसपास न खड़े हों।  MP में क्यों बदला मौसम का मिजाज? मौसम विभाग की ओर से बताया जा रहा है कि दक्षिण छत्तीसगढ़ और उसके आसपास के क्षेत्रों के ऊपर एक मजबूत कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जो साइक्लोनिक सर्कुलेशन के साथ पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. मानसून ट्रफ इस वक्त मध्य प्रदेश के बीच से गुजर रहा है. इसी के चलते प्रदेश में अभी भी बारिश का माहौल बना हुआ है. माना जा रहा है कि इस माह के अंत तक मानसून राज्य से विदा हो सकता है। 

फर्जी पासपोर्ट कांड में STF का बड़ा एक्शन, 12 अफसरों पर शक; मास्टरमाइंड रियाल के अलग-अलग शहरों से 4 पासपोर्ट

 ग्वालियर प्रदेश में बांग्लादेशी नागरिकों के फर्जी भारतीय दस्तावेज और पासपोर्ट तैयार करने वाले अंतरराज्यीय रैकेट के खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की जांच में भोपाल, ग्वालियर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बैतूल के 12 पुलिस अधिकारियों व अन्य विभागों के कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जो अब STF की रडार पर हैं। साल 2021 में बांग्लादेशियों के फर्जी पासपोर्ट बनाने का यह खेल ग्वालियर के डबरा से शुरू हुआ था। 17 फर्जी पासपोर्ट्स पर एक ही गवाह, एक ही पता और एक ही मोबाइल नंबर होने के बावजूद पुलिस को भनक तक नहीं लगी, जिससे पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उस समय ग्वालियर डबरा थाना प्रभारी के रूप में विनायक शुक्ला व थाना पर पासपोर्ट वैरीफिकेशन सेल का इंचार्ज प्रधान आरक्षक भूपेन्द्र गुर्जर हुआ करता था। इन दोनों से एसटीएफ जल्द तलब कर पूछताछ करेगी। विदेश मंत्रालय ने 3 साल पहले (2023 में) PHQ को चेताया था रैकेट की पैठ भोपाल से डबरा तक फैली हुई थी। विदेश मंत्रालय ने 2023 में ही मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) को रिपोर्ट भेजकर फर्जी पासपोर्ट बनाए जाने के प्रति आगाह किया था। इसके बाद भी पीएचक्यू से कोई ठोस संदेश जारी नहीं किया गया। जिसका नतीजा यह रहा कि आज इन 70 बांग्लादेशियों के फर्जी दस्तावेज व पासपोर्ट ने पूरे देश की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। 100 के पार पहुंच सकती है संख्या प्रदेश में फर्जी पासपोर्ट की संख्या 100 के पार जाने की आशंका है। क्योंकि एसटीएफ को कुछ और भी संदिग्ध पासपोर्ट मिलने की उम्मीद है। साथ ही साल 2021-22 और उसके बाद के दो साल में डबरा सहित इन शहरों से जितने पासपोर्ट बने हैं उनमें कई संदिग्ध की श्रेणी में आ रहे हैं। एसटीएफ की पांच टीम मध्य प्रदेश के बाहर दबिश दे रही हैं। रैकेट का मुख्य नेटवर्क ग्वालियर और भोपाल में सक्रिय था। भोपाल के गोविंदपुरा के एक ही पते पर 40 फर्जी पासपोर्ट के आवेदन तैयार कर अलग-अलग जिलों के पासपोर्ट सेल में वेरिफिकेशन के लिए भेजे जाते रहे और पासपोर्ट बनते रहे। इसी तरह दूसरा सबसे बड़ा गढ़ ग्वालियर का डबरा रहा था। यहां से एक ही पते पर 17 बांग्लादेशियों के भारतीय दस्तावेज बने और पासपोर्ट तैयार हुए। आवेदन आने से पहले ही थाने में बजती थी घंटी- 'अर्जेंट है, जल्दी निकालो' स्पेशल टास्क फोर्स की जांच में खुलासा हुआ है कि संदिग्ध पासपोर्ट आवेदन वेरिफिकेशन के लिए डबरा थाने पहुंचने से पहले ही वहां फोन आ जाता था। थाने में कहा जाता था आवेदन अर्जेंट है, इसे जल्दी क्लियर करके निकालो। एक फोन कॉल पर पासपोर्ट आनन-फानन में वैरिफिकेशन कर निकाल दिया जाता था। अब तक यह चार पकड़े गए बांग्लादेशियों के मध्य प्रदेश से फर्जी पासपोर्ट कांड में मास्टर माइंड रियाल चौधरी, जाय चौधरी बरुआ, महाराष्ट्र के उल्लासनगर से पकड़ा गया प्रियान राय और विप्लव अधिकारी को साउथ दिल्ली से पकड़ा था। अब तक यह चार पकड़े गए हैं। जबकि 08 की तलाश में एसटीएफ की अलग-अलग टीम दबिश दे रही हैं। जांच के घेरे में तत्कालीन TI व आरक्षक जिस अवधि (2021) में डबरा से ये फर्जी पासपोर्ट वेरीफाई हुए, उस दौरान विनायक शुक्ला (वर्तमान में दतिया में DSP) डबरा थाना प्रभारी थे, जबकि पासपोर्ट वेरिफिकेशन सेल का जिम्मा प्रधान आरक्षक भूपेंद्र गुर्जर के पास था। कुछ समय के लिए सुरेंद्र सिंह भी थाना प्रभारी रहे। STF यह पता लगा रही है कि थाने में पहले से फोन कौन करता था और उसे आवेदनों की गुप्त जानकारी कैसे मिलती थी। मास्टरमाइंड रियाल चौधरी के खुद के बने थे 4 फर्जी पासपोर्ट एसटीएफ और पुलिस की पूछताछ में रैकेट के मास्टरमाइंड रियाल चौधरी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। रियाल चौधरी के खुद के 4 पासपोर्ट बने हैं और चारों में ही फर्जी दस्तावेज लगाए गए थे। उसने डबरा के दो स्थानीय दलालों के जरिए फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए थे। एसपी राजेश भदौरिया के अनुसार, रियाल से पूछताछ के आधार पर 5 अलग-अलग टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर छापेमारी के लिए भेजी गई हैं। बौद्ध विहार के एक भिक्षु के तीन अलग-अलग नाम आए थे सामने बांग्लादेशियों के फर्जी भारतीय पासपोर्ट बनाने के मामले में खुलासा हुआ है। डबरा के जिस बुद्ध विहार के पते से 17 बांग्लादेशियों के भारतीय पासपोर्ट बने, वहां के भिक्षु के ही तीन अलग-अलग नाम सामने आए हैं। आधार कार्ड में नाम रामेश्वर जाटव, वोटर आईडी में भंते संघप्रिय और मठ की दीवार पर रांघप्रिय महाथेरो लिखा है। आधार में रामेश्वर जाटव के पिता का नाम नारायण जाटव और पता दतिया का है। वहीं वोटर आईडी में उनका नाम भंते संघप्रिय और पिता का नाम नारायण दर्ज है। इस पर उनका कहना है कि कुछ दिन पहले ही बौद्ध धर्म अपनाया है। धर्म अपनाने के बाद नाम संघप्रिय रखा गया। इस पर कुछ नहीं कहा कि नया नाम मिलने पर क्या दस्तावेज भी बदल जाते हैं। मठों में कौन आया और कौन गया… बौद्ध मठ का कोई रिकॉर्ड ही नहीं, इसलिए अब वह जांच के घेरे में हैं। STF की जांच में एक और गंभीर बात सामने आई है। बुद्ध मठों में आने-जाने वाले लोगों का कोई व्यवस्थित रिकॉर्ड नहीं मिला है। मठ में कौन आया, कहां से आया, कितने दिन रुका और कब चला गया, इसका हिसाब नहीं है। संदेह के आधार पर मठों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। एमपी के बाहर दबिश दे रहीं पांच टीम इस मामले में एसटीएफ एसपी राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि फर्जी पासपोर्ट मामले में हमारी पांच टीम मध्यप्रदेश के बाहर दबिश दे रही हैं। साथ ही पांच साल में फर्जी तरीके से भारतीय दस्तावेज बनाने से लेकर पासपोर्ट वैरीफिकेशन तक कई विभागों और पुलिस थानों तक यह फाइल पहुंचीं। इनसे जुड़े पुलिस अफसर, पुलिसकर्मी व अन्य विभाग के कर्मचारियों की सूची बनाई है। सभी हमारी जांच के दायरे में हैं और उनसे पूछताछ की जाएगी। कई आरोपियों के दो से तीन दस्तावेज भी मिले हैं।

समस्तीपुर में PM आवास योजना की सूची होगी सार्वजनिक, 15 दिन में आपत्ति और फिर जारी होगी अंतिम सूची

समस्तीपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पक्का मकान पाने की उम्मीद लगाए बैठे परिवारों के लिए बड़ी खबर है। अगर आवास सर्वे की सूची में आपका नाम दर्ज है, तो भी आपको थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। सर्वे में नाम शामिल होना योजना का लाभ मिलने की अंतिम गारंटी नहीं माना जाएगा। ग्रामसभा में सार्वजनिक होगी सूची सरकार के नए निर्देशों के अनुसार, अब पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाली ग्रामसभा में आवास लाभार्थियों की प्रारूप सूची सार्वजनिक की जाएगी। ग्रामीणों को इस सूची को देखने का पूरा मौका मिलेगा। पात्र व्यक्ति का नाम छूटने या किसी अपात्र का नाम शामिल होने पर आम लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। सत्यापन के बाद बनेगी लिस्ट प्राप्त शिकायतों की गहन जांच और भौतिक सत्यापन के बाद ही लाभार्थियों की अंतिम प्राथमिकता सूची तैयार होगी। बता दें कि 'आवास प्लस-2024' के तहत पांच लाख से अधिक परिवारों का सर्वे हुआ था, जिसमें प्राथमिक जांच के दौरान ही 45 हजार से अधिक लोगों को अयोग्य पाकर बाहर कर दिया गया है। 30 सितंबर तक का समय विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रारूप सूची पंचायत के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शित की जाएगी। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी दिखने पर ग्रामीण पंचायत, प्रखंड या जिला स्तर पर अपनी दावा-आपत्ति जमा कर सकते हैं। ग्रामसभा में विचार-विमर्श के बाद अनुमोदित सूची 30 सितंबर तक संबंधित प्रखंड कार्यालय को भेजनी होगी। अपील करने का मिलेगा मौका प्रखंड स्तर से यह सूची जिला स्तरीय कमिटी को भेजी जाएगी। अगर कोई परिवार ग्रामसभा के फैसले से असंतुष्ट रहता है, तो उसे जिला स्तरीय अपीलीय कमिटी के समक्ष अपनी शिकायत रखने का अवसर मिलेगा। अपीलीय कमिटी महज 15 दिनों के भीतर ऐसी सभी शिकायतों का पारदर्शी तरीके से निपटारा करेगी। 31 अक्टूबर को फाइनल लिस्ट तमाम दावा-आपत्तियों, जांच और संशोधन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 31 अक्टूबर को 'आवास प्लस-2024' की अंतिम प्राथमिकता सूची का आधिकारिक प्रकाशन किया जाएगा। इससे पहले 2016 से 2021 तक SECC-2011 और उसके बाद आवास प्लस-2018 के सर्वे के आधार पर पक्के मकान बांटे गए थे। दोबारा सर्वे की क्यों पड़ी आवश्यकता आवास प्लस-2018 की सूची संतृप्त होने, कई योग्य परिवारों के नाम छूट जाने और नए परिवारों के गठन के कारण 'आवास प्लस-2024' के जरिए दोबारा सर्वेक्षण कराया गया। अब इसी सर्वे की ग्रामसभा में पड़ताल होनी है, इसलिए जिन ग्रामीणों ने आवेदन किया है, उनके लिए ग्रामसभा की बैठक बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। आवास सर्वे में शामिल 4.5 लाख से अधिक परिवारों को आवास योजना का लाभ दिए जाने को लेकर पंचायत स्तर पर ग्रामसभा कर सूची अनुमोदित करने का निर्देश दिया गया है। अनुमोदित सूची को सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित किया जाएगा। 15 दिनों के भीतर लोग अपना दावा-आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। 31 अक्टूबर को अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा। – सूर्य प्रताप सिंह, डीडीसी, समस्तीपुर  

उदयपुर नगर निगम में फिर खिला कमल, BJP ने जीती 53 सीटें; कांग्रेस को 23 पर संतोष

उदयपुर उदयपुर नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। भाजपा ने 41 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस को 17 सीटों पर सफलता मिली। वहीं, एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहा। इस जीत के साथ उदयपुर नगर निगम में बीजेपी लगातार सातवीं बार अपना बोर्ड बनाने की स्थिति में पहुंच गई है। बहुमत का आंकड़ा पार होते ही भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है। पार्टी खेमे में जश्न शुरू हो गया है। परिणामों ने उदयपुर में भाजपा की मजबूत पकड़ को एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है। बताते चलें कि उदयपुर नगर निगम चुनाव की मतगणना सूरजपोल स्थित राजस्थान कृषि महाविद्यालय में सुबह 8 बजे से कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई थी। शुरुआती दौर में सबसे पहले डाक मतपत्रों की गणना की गई। निगम के सभी 80 वार्डों की मतों की गिनती के लिए 5 अलग-अलग गणना कक्ष बनाए गए थे, जहां अधिकतम 8 टेबल पर तेजी से गिनती चली। चुनाव के शुरुआती रुझानों और परिणामों में बड़े उलटफेर और कड़े मुकाबले देखने को मिले। महापौर पद के लिए भाजपा के सबसे प्रबल दावेदार प्रमोद सामर ने वार्ड नंबर 51 से शानदार जीत हासिल की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के गजेंद्र सिंह को शिकस्त दी। वहीं दूसरी ओर, वार्ड 17 से कांग्रेस के शहर जिला अध्यक्ष फतेह सिंह राठौर की पत्नी पूनम कंवर (डॉ. पूनम राठौड़) ने जीत का परचम लहराया है। उदयपुर नगर निगम परिणाम कुल सीट 80 भाजपा-53 कांग्रेस-23 निर्दलीय-3 माकपा-1 कानोड़ नगर पालिका परिणाम कुल सीट 20 कांग्रेस-14 भाजपा-6 भींडर नगर पालिका परिणाम कुल सीट 25 कांग्रेस-13 भाजपा-12 मावली नगर पालिका परिणाम कुल सीट 20 कांग्रेस-10 भाजपा-9 निर्दलीय-1 उदयपुर नगर निगम में जीतने वाले प्रत्याशियों की लिस्ट वार्ड नंबर    जीतने वाला उम्मीदवार    पार्टी 1         2         3    अरुण टांक     4    स्नेहलता टांक     कांग्रेस 5    आकाश वागरेचा     भाजपा 6    अजीत चौधरी     कांग्रेस 7         8         9         10    सतीश शर्मा    भाजपा 11         12    बाबूलाल नागौरी    भाजपा 13         14         15    प्रतीक नागर    कांग्रेस 16    सुमित्रा नागदा    भाजपा 17         18    कुलदीप मेहता     बीजेपी 19    कुंदन चौहान     भाजपा 20    साजिद खान     कांग्रेस 21    राहुल माली     कांग्रेस 22    हिदायतुल्ला    कांग्रेस 23         24    पारस सिंघवी    भाजपा 25    लोकेश साहू    भाजपा 26    राजेंद्र परिहार    भाजपा 27         28         29    वैभव भंडारी     भाजपा 30    रोहित मेघवाल    कांग्रेस 31    हिना कौसर    कांग्रेस 32         33         34    अलका गुर्जर     भाजपा 35    मीनल कंठालिया     बीजेपी 36    डिम्पल कुंवर     भाजपा 37    लक्ष्मी नारायण मेघवाल    कांग्रेस 38         39    जितेंद्र सिंह शक्तावत    भाजपा 40    सुमन अग्रवाल    भाजपा 41    सोहनलाल गमेती    भाजपा 42    खुशी गमेती    कांग्रेस 43    शंकरलाल गमेती    कांग्रेस 44    अशीष कोठारी    भाजपा 45         46    तिलक मेनारिया    भाजपा 47    लता नायक    भाजपा 48    महेश पुरी गोस्वामी    भाजपा 49         50    किरण कुमार जैन     बीजेपी 51    प्रमोद सामर     भाजपा 52    तारा सुहालका     बीजेपी 53    यशवंत आंचलिया    भाजपा 54    राजेंद्र खगरेजा    भाजपा 55    विशाखा खवास    भाजपा 56         57    निर्मला पालीवाल    भाजपा 58         59         60    खुशबू कमल मेहता    निर्दलीय 61    इंद्रा डांगी    निर्दलीय 62    सविता गमेती    कांग्रेस 63         64         65         66    उमेश मनवानी     बीजेपी 67         68    वंदना प्रजापत       भाजपा 69    रचना शर्मा           भाजपा 70    वीरेंद्र सिंह सिसोदिया    भाजपा 71    योगेश कुमावत     भाजपा 72         73    हितांशी शर्मा    कांग्रेस 74    पंकज बोराणा    भाजपा 75    महेंद्र सिंह शेखावत    भाजपा 76         77         78    अतुल चंडालिया    भाजपा 79         80