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सूरजपुर जिला अस्पताल को बड़ी सौगात, CM विष्णु देव साय ने शुरू की अत्याधुनिक CT स्कैन सुविधा

जिला चिकित्सालय सूरजपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी सौगात : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा का वर्चुअल शुभारंभ अब जिले में ही होगी गंभीर बीमारियों की जांच, लगभग 9 लाख लोगों सहित आसपास के जिलों के मरीजों को मिलेगा लाभ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अवसर पर जिला चिकित्सालय सूरजपुर में 32 स्लाइस अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का वर्चुअल शुभारंभ किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, सीजीएमएससी तथा मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष (CMPHTF) के माध्यम से लगभग 449.99 लाख रुपये की लागत से यह सुविधा स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पहल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी और आम नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा सूरजपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी। सीटी स्कैन सुविधा प्रारंभ होने से सूरजपुर जिले की लगभग 9 लाख 11 हजार आबादी के साथ-साथ पड़ोसी जिलों के मरीजों को भी सीधा लाभ मिलेगा। अब सड़क दुर्घटनाओं में हेड इंजरी, मस्तिष्क में रक्तस्राव या खून का थक्का जमना, कैंसर, ट्यूमर, स्ट्रोक (पैरालिसिस), छाती संबंधी संक्रमण, पेट की गंभीर बीमारियां तथा मिर्गी जैसी जटिल बीमारियों की जांच जिला चिकित्सालय में ही संभव हो सकेगी। अब तक इन जांचों के लिए मरीजों को अंबिकापुर रेफर किया जाता था, जिससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नई सुविधा शुरू होने से मरीजों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी तथा निजी केंद्रों की तुलना में काफी कम दर पर सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। जिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट और प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की 24×7 टीम भी तैनात की गई है, जिससे मरीजों को निरंतर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस सुविधा से मरीजों और उनके परिजनों पर आर्थिक बोझ कम होगा तथा जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक मजबूत होगी।

रांची के वोटरों के लिए अहम अपडेट, 23 मई को सामने आएगी अन-मैप्ड वोटर सूची

रांची. विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत रांची जिले के सभी मतदान केंद्रों पर 23 मई को अन-मैप्ड मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। यह सूची उन मतदाताओं के लिए जारी की जा रही है, जिनका नाम वर्ष 2003 की पिछली एसआईआर मतदाता सूची से अब तक मैप नहीं हो पाया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी-सह-सचिव, मंत्रिमंडल (निर्वाचन) विभाग, झारखंड, रांची के निर्देश पर जिला प्रशासन ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त रांची मंजूनाथ भजंत्री के निर्देशानुसार जिले के सभी सात विधानसभा क्षेत्रों तमाड़, सिल्ली, खिजरी, रांची, हटिया, कांके और मांडर के प्रत्येक मतदान केंद्र पर यह सूची उपलब्ध रहेगी। मतदाता 23 मई , शनिवार को पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न 5 बजे तक अपने संबंधित मतदान केंद्र पर पहुंचकर अन-मैप्ड मतदाता सूची में अपना नाम जांच सकेंगे। यदि किसी मतदाता का नाम पूर्व की मतदाता सूची से मैप नहीं हुआ है, तो वह संबंधित बीएलओ से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करा सकेगा। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि मतदान केंद्रों पर सूची का प्रकाशन समय पर सुनिश्चित किया जाए तथा संबंधित बीएलओ की उपस्थिति भी अनिवार्य रूप से रहे। इसके अलावा जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक को भी निर्देशित किया गया है कि उनके विभाग से जुड़े बीएलओ एवं बीएलओ पर्यवेक्षकों की उपस्थिति संबंधित मतदान केंद्रों पर निर्धारित समय तक सुनिश्चित कराई जाए। जिला प्रशासन ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि जिनका नाम पूर्व की मतदाता सूची से मैप नहीं हुआ है, वे 23 मई को अपने मतदान केंद्र पर पहुंचकर सूची में अपना नाम जांचें और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराएं।

बुड्ढा दरिया को स्वच्छ बनाने आगे आएं कारोबारी, पंजाब राज्यपाल का बड़ा संदेश

लुधियाना. लुधियाना के पार्क प्लाजा में आयोजित स्टार्टअप समागम में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया पहुंचे। जहां उन्होंने कहा कि सीखना जीवन का सबसे अहम पहलू है और वह आज भी हर व्यक्ति से कुछ न कुछ सीखने का प्रयास करते हैं। अच्छे लोगों का सम्मान कर समाज में अच्छाई को बढ़ावा दिया जा सकता है। ऐसे आयोजनों से युवाओं को प्रेरणा मिलती है और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। वह लुधियाना के पार्क प्लाज़ा में आयोजित स्टार्टअप समागम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान पांच विभिन्न श्रेणियों में अवार्ड भी प्रदान किए गए। राज्यपाल ने कहा कि लुधियाना ने उद्योग और नवाचार के क्षेत्र में देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप को प्रोत्साहन देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। नए विचारों को मंच देकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश और पंजाब में स्टार्टअप संस्कृति तेजी से आगे बढ़ रही है और इसमें लुधियाना एंजल नेटवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका है। उत्तर भारत में स्टार्टअप हब बनाने की तैयारी उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ को उत्तर भारत का बेहतर स्टार्टअप हब बनाने का विजन तैयार किया गया है। इसके लिए इंडस्ट्री, शिक्षण संस्थानों और युवाओं को मिलकर काम करना होगा। उद्योग जगत को ऐसे प्रयासों में आगे आकर प्रदेश और देश की तरक्की में योगदान देना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि आज दिए गए पांच कैटेगरी के अवार्ड युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे। उन्होंने कहा कि सफल लोगों की कहानियां नई पीढ़ी को मेहनत और नवाचार की दिशा में बढ़ने की सीख देती हैं। पानी को साफ सुरक्षित बनाना जरूरी अपने संबोधन में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने पंजाब की चर्चित “कैंसर ट्रेन” का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में पानी को साफ और सुरक्षित बनाना बेहद जरूरी है। उद्योगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरण सुधार के लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने विशेष रूप से बुड्ढा दरिया को साफ करने में सहयोग देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लुधियाना के लोग तकनीकी ज्ञान में माहिर हैं और उद्योग जगत को इको सिस्टम के विस्तार पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही सरकार को भी इंडस्ट्री के लिए प्रभावी सिंगल विंडो सिस्टम सुनिश्चित करना होगा, ताकि उद्योगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। युवा अपनी परंपरा को ध्यान में रखें राज्यपाल ने पंजाब के लोगों की सेवा भावना, किसानों, सैनिकों और हर वर्ग के मेहनती लोगों की प्रशंसा की। उन्होंने चिंता जताई कि आज का युवा मेहनत की बजाय आराम पसंद होता जा रहा है। युवाओं को अपने संस्कार, अनुशासन और मेहनत की परंपरा को याद रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पहले देशहित में लोग उपवास रखकर अनाज बचाते थे, जबकि आज पेट्रोल और डीजल बचाने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से राष्ट्रहित में हमेशा तत्पर रहने और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने की दिशा में कार्य करने की अपील की।

पंचायत उपचुनाव को लेकर सुकमा में हलचल तेज, तीन सरपंच सीटों पर दांव-पेच शुरू

सुकमा. छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग की घोषणा के साथ सुकमा जिले में त्रिस्तरीय पंचायत उप-चुनाव की औपचारिक शुरुआत हो गई है। ग्रामीण राजनीति के इस अहम पड़ाव में अब चुनावी हलचल तेज हो चुकी है और पंचायत स्तर पर नई राजनीतिक समीकरण बनने लगे हैं। जिले में नगरीय निकायों में कोई पद रिक्त नहीं होने के कारण प्रशासन और राजनीतिक गतिविधियों का पूरा फोकस ग्रामीण पंचायत क्षेत्रों पर केंद्रित हो गया है। इस उप-चुनाव में जिले की तीन ग्राम पंचायतों में सरपंच पदों के लिए सीधा मुकाबला होगा। इनमें सुकमा जनपद पंचायत का गोलाबेकूर, छिंदगढ़ जनपद पंचायत का रोकेल और कोंटा जनपद पंचायत का सिलगेर शामिल हैं। इसके अलावा जिले में कुल 21 पंच पदों के लिए भी मतदान कराया जाएगा। इन सीटों पर चुनावी गतिविधियां तेज हो चुकी हैं और संभावित उम्मीदवार स्थानीय मुद्दों के साथ मतदाताओं तक पहुंचना शुरू कर चुके हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री शबाब खान के अनुसार चुनाव प्रक्रिया निर्धारित समय-सारणी के अनुसार संचालित की जा रही है। चुनाव अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है और नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब सबसे अहम चरण उम्मीदवारों की अंतिम सूची और चुनाव प्रचार का माना जा रहा है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 21 मई को नाम वापसी की अंतिम तिथि और उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी होगी। इसके बाद चुनावी मुकाबला पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगा। 1 जून को मतदान होगा और 4 जून को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां की जा रही हैं। दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर यह चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने का नहीं बल्कि गांवों के विकास, नेतृत्व और भविष्य की प्राथमिकताओं को तय करने वाला चुनाव माना जा रहा है। आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल – 1. जिन पंचायतों में उप-चुनाव हो रहे हैं, वहां पूर्व में पद रिक्त होने के वास्तविक कारण क्या रहे और क्या उन कारणों पर कोई सार्वजनिक समीक्षा की गई? 2. क्या प्रशासन ने ऐसे क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत बढ़ाने और मतदाताओं की वास्तविक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कोई अलग रणनीति तैयार की है, खासकर दूरस्थ इलाकों में? 3. पंचायत चुनाव को स्थानीय विकास का आधार बताया जा रहा है, लेकिन क्या निर्वाचित प्रतिनिधियों के कामकाज की बाद में जवाबदेही तय करने के लिए कोई सार्वजनिक मूल्यांकन तंत्र मौजूद है?

राहुल गांधी के बयान पर सियासी घमासान, NDA नेताओं ने की तीखी आलोचना

पटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की एक टिप्पणी के बाद से सियासी उबाल मचा हुआ है। सत्ता पक्ष के कई नेताओं ने राहुल गांधी की टिप्पणी की आलोचना की है और इसे देश विरोधी तक बता दिया है। अब बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी राहुल गांधी के इस बयान पर भड़के हुए हैं और उन्होंने भी इसपर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सम्राट चौधरी ने कहा है कि राहुल गांधी ने ऐसी टिप्पणी कर 140 करोड़ देशवासियों का अपमान किया है और उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चााहिए। सीएम सम्राट चौधरी ने एक्स पर यह भी लिखा कि राहुल गांधी जी का बयान बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण और उनकी अराजकतावादी सोच को दर्शाने वाला है। सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा, 'देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति राहुल गांधी जी का बयान बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण और उनकी अराजकतावादी सोच को दर्शाने वाला है। लगातार चुनावी हार और निराशा अब उनके शब्दों और व्यवहार में साफ दिखाई देने लगी है। गांधी परिवार के आरंभ से अंत तक अपने शासनकाल में सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार किया, राष्ट्रीय सुरक्षा को ताक पर रखा, लेकिन ये रंग बदलने वाले देशहित और लोकतंत्र की बात किस मुंह से करते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश की सीमाएं सुरक्षित हुई हैं, आतंकवाद पर लगाम लगी है, लोकतंत्र सशक्त हुआ और भारत का सम्मान विश्वभर में बढ़ा है। राहुल गांधी जी ने केवल प्रधानमंत्री का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों की भावनाओं का अपमान किया है। इस बेतुके बयान के लिए सार्वजनिक रूप से उन्हें माफी मांगनी चाहिए। अत्यंत निंदनीय!' जीतन राम मांझी क्या बोले इधर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताई है। जीतन राम मांझी ने एक्स पर लिखा, 'राहुल गांधी, हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ‘खुद्दार’ हैं। 5 में से 4 राज्यों के चुनाव में बुरी तरह से हारने का ये मतलब नहीं कि आप अनाप शनाप भाषा का इस्तेमाल करेंगे। राहुल गांधी जी आपकी भाषा और बचकानी हरकत का नतीजा है कि कांग्रेस देश से विलुप्त हो रही है। जो खुद ना घर के ना घाट के हैं। उनसे ऐसी ही अमर्यादित भाषा की उम्मीद कर सकते है। लोकतंत्र में इस तरह की भाषा का मैं कड़ी निंदा करता हूँ। चिराग पासवान ने की निंदा एलजेपी (आऱ) सुप्रीमो और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी राहुल गांधी के बयान की निंदा की है। चिराग पासवान ने एक्स पर लिखा, 'कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के लिए इस प्रकार की अभद्र टिप्पणी करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध है। हमारे प्रधानमंत्री देश की 140 करोड़ आबादी का प्रतिनिधित्व कर रहें है , ऐसे में जब ऐसी भाषाएं नेतृत्वकर्ता के लिए कही जाती है तो उसका प्रभाव देश की आबादी पर भी पड़ता जो कतई उचित नहीं है। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की गरिमा और संवैधानिक पदों के प्रति सम्मान बनाए रखना प्रत्येक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। मैं और मेरी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) इस बयान की कड़ी निंदा करती है।' राहुल गांधी ने क्या कहा था आपको बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस को '' गद्दार'' करार देते हुए आरोप लगाया था कि वे रोजाना संविधान पर हमला कर रहे हैं और चुनिंदा उद्योगपतियों को देश के हित बेच चुके हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ये गंभीर आरोप अपने निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली के दौरे के दौरान दिन लगाए थे। राहुल गांधी ने रायबरेली में क्रांतिकारी वीरा पासी की स्मृति में आयोजित 'बहुजन स्वाभिमान सभा' को संबोधित करते हुए संविधान को डॉ. बीआर आंबेडकर व महात्मा गांधी की ''आवाज का प्रतिनिधित्व'' करने वाला दस्तावेज बताया था और इसकी रक्षा करने का आह्वान किया था। उन्होंने लोगों से आह्वान करते हुए कहा, '' आपको खड़े होकर लड़ना होगा। जब आरएसएस कार्यकर्ता आपके घरों में आकर नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के बारे में बात करें, तो आपको उन्हें बताना होगा कि उनके प्रधानमंत्री, उनके गृह मंत्री और उनका संगठन 'गद्दार' हैं। उन्होंने हमारे हिंदुस्तान को बेच दिया है और हमारे संविधान, आंबेडकर जी और महात्मा गांधी पर हमला किया है। राहुल गांधी ने बाद में अमेठी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रायबरेली में दिए गए अपने बयान का जिक्र करते हुए कहा था मैंने कहा था कि मोदी और अमित शाह गद्दार हैं। अगर कोई हमारे संविधान को कमजोर और नष्ट करता है, तो उसे गद्दार के अलावा और क्या कहा जाना चाहिए?'' उन्होंने आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा, ''वे मुझसे माफी मांगने को कहते हैं। मैं कभी माफी नहीं मांगूंगा। मैं उनसे डरता नहीं हूं।''

PWD कार्यों में गुणवत्ता और तेजी पर फोकस, जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता

लोक निर्माण विभाग के कार्यों में जनहित और तकनीकी दक्षता पर जोर, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी सुनिश्चित करने के निर्देश विभागीय सचिव ने वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा की, अधिक दक्षता व ज्यादा गति से काम करने नए तकनीकी उपकरणों, डिजिटलीकरण और सॉफ्टवेयर्स का उपयोग करने कहा  रायपुर.  लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर में पीडब्ल्यूडी मुख्यालय 'निर्माण भवन' में आयोजित बैठक में विभाग के कार्यों में जनहित और तकनीकी दक्षता पर जोर दिया। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिक दक्षता और ज्यादा गति से काम करने नए तकनीकी उपकरणों, डिजिटलीकरण और सॉफ्टवेयर्स का उपयोग करने को कहा।  विभागीय सचिव बंसल ने बैठक में सभी टेंडर प्रक्रियाओं को पूरी पारदर्शिता और समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी दोनों सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इनमें कोई कोताही नहीं बरती जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित और कड़ी मॉनिटरिंग के साथ ही जनहित एवं तकनीकी दक्षता का भी विशेष ध्यान रखने को कहा। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि आधुनिक जियो-इन्फॉर्मेटिक्स तकनीक के माध्यम से निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग, मैपिंग और प्रोजेक्ट प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। उन्होंने विभागीय सचिव को टेंडर प्रक्रिया के तहत कार्य आबंटन, निर्माण कार्यों की बिलिंग प्रक्रिया एवं भुगतान प्रणाली के बारे में भी बताया। बैठक में प्रदेशभर में चल रहे निर्माण कार्यों, टेंडर प्रक्रिया की प्रगति तथा आगामी परियोजनाओं की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में अधिकारियों और ठेकेदारों के कार्य निष्पादन, विभिन्न तकनीकी प्रक्रियाओं तथा भुगतान की समयबद्ध व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों के लिए तकनीकी व्यवस्थाओं, गुणवत्ता नियंत्रण और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली के बारे में भी पूछा। बंसल ने रायपुर में कचना रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य की भी जानकारी ली।

राजस्व विभाग सख्त, धार्मिक न्यास बोर्ड से मांगी गई अवैध कब्जों की रिपोर्ट

पटना बिहार सरकार अब राज्यभर में मठ-मंदिरों की जमीन पर हुए अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाने की तैयारी में है। भूमि एवं राजस्व विभाग ने इस मामले में बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। सरकार यह जानना चाहती है कि किन-किन जिलों में मंदिरों और मठों की जमीन पर अतिक्रमण हुआ है, ताकि वहां चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा सके। इस पहल को उपमुख्यमंत्री सह राजस्व मंत्री सम्राट चौधरी की प्राथमिकता से जोड़कर देखा जा रहा है। विभागीय स्तर पर अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि धार्मिक संस्थाओं की जमीनों को कब्जामुक्त कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। जानकारी के मुताबिक कई जिलों से ऐसी शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं कि वर्षों से मठ-मंदिरों की बहुमूल्य जमीनों पर भू-माफियाओं और दबंगों ने कब्जा जमा रखा है। अब सरकार इस पूरे मामले का सर्वे कराकर अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है। राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से ऐसे मामलों की पहचान करेंगे। माना जा रहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद जिला प्रशासन को विशेष निर्देश जारी किए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर पुलिस बल की मदद से अतिक्रमण हटाया जाएगा। इधर, बिहार में बढ़ते अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर भी राजनीति तेज हो गई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल ने अपराधियों के खिलाफ सख्त बयान देते हुए कहा कि सिर्फ पुलिस कार्रवाई ही काफी नहीं है, बल्कि समाज को भी आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि समाज में अपराधियों और रंगदारों का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए। मंत्री ने कहा कि जो लोग अपराध के रास्ते पर चल रहे हैं, उन्हें समाज में सम्मान नहीं मिलना चाहिए। दिलीप जायसवाल ने कहा कि अगर समाज अपराधियों से दूरी बना ले और सार्वजनिक रूप से उनका विरोध करे तो अपराधियों का मनोबल टूटेगा। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि लोगों को अपराधियों के मुंह पर थूक देना चाहिए, ताकि उन्हें यह महसूस हो कि समाज उन्हें स्वीकार नहीं कर रहा है। मंत्री ने कहा कि जब अपराधियों को सामाजिक अपमान का सामना करना पड़ेगा, तब वे अपराध छोड़ने को मजबूर होंगे। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। वहीं, राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर भी सरकार सख्त नजर आ रही है। विभाग में निगरानी प्रकोष्ठ की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को साफ निर्देश दिया गया कि भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों और अधिकारियों की फाइलें लंबित नहीं रखी जाएं। मंत्री ने कहा कि जिन लोगों के खिलाफ शिकायतें या जांच लंबित हैं, उन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विभागीय अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजनीतिक मुद्दों पर बोलते हुए दिलीप जायसवाल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी मानसिक रूप से अस्थिर हो चुके हैं और उनका राजनीतिक सोच विकसित नहीं हो पाया है। मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी को कमजोर करने का मन बना लिया है और उनके नेतृत्व में पार्टी लगातार नीचे जा रही है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब कांग्रेस की राजनीति को समझ चुकी है और विपक्ष मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रहा है। बिहार की राजनीति में इन बयानों के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। एक तरफ सरकार मठ-मंदिरों की जमीन को कब्जामुक्त कराने की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी तरफ अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश देने की कोशिश भी की जा रही है। अब देखना होगा कि सरकार का यह अभियान जमीन पर कितना असर दिखाता है और विपक्ष इन मुद्दों पर क्या रणनीति अपनाता है।

भीषण गर्मी में बड़ा झटका: लखनऊ के 9 सबस्टेशन ठप, सप्लाई बाधित

लखनऊ भीषण गर्मी में घंटों बिजली कटौती से शहर में हाहाकार मचा है। मंगलवार को दक्षिण के जिन सब स्टेशनों पर लोगों ने हंगामा किया था, बुधवार को भी वहां लोग आक्रोशित होकर सड़कों पर नारेबाजी करते नजर आए। इन लोगों के लिए बुरी खबर यह है कि अभी दक्षिण के नौ सब स्टेशनों से जुड़े 10 लाख उपभोक्ताओं को 15 दिन बिजली और रुलाएगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड (सीयूजीएल) के कर्मचारियों ने उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड (यूपीपीटीएल) के किदवईनगर स्थित ट्रांसमिशन उपकेंद्र की दो केबल काट दी हैं। पनकी पावर हाउस से आईं ये केबल क्षतिग्रस्त होने से उपकेंद्र बैठ गया और इससे जुड़े नौ सब स्टेशन पूरी ठप हो गए। इस कारण लोग भीषण गर्मी में बेहाल हो रहे हैं। यूपीपीटीएल गुरुवार से मरम्मत कार्य शुरू कराएगा जिसमें 15 दिन का समय लगेगा। इस लापरवाही पर क्षतिपूर्ति व केस दर्ज कराने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। यूपीपीटीएल का किदवईनगर में 220/33 केवी जीआईएस ट्रांसमिशन उपकेंद्र है जहां से पनकी पावर हाउस से 220 केवी की लाइनें डालकर बिजली पहुंचाई जाती है। इस उपकेंद्र से दक्षिण के नौ सबस्टेशन जुड़े हैं। तीन मई की सुबह सीयूजीएल किदवईनगर में पाइप लाइन डलवाने के लिए खोदाई करा रहा था। इस दौरान लापरवाही से खोदाई करते हुए पनकी पावर हाउस से इस उपकेंद्र में आई 220 केवी की एक-एक हजार एमएम की दो कॉपर केबल काट दीं। इससे उपकेंद्र बैठ गया और इससे जुड़े सबस्टेशनों की आपूर्ति ठप हो गई। पनकी पावर हाउस से इस उपकेंद्र में आने वाली एक्सएलपी केबल से आपूर्ति बंद कराई गई। इसके बाद खोदाई शुरू करा क्षतिग्रस्त केबल का वर्क ऑर्डर तैयार हुआ। फिर टेंडर प्रक्रिया कर मटेरियल मंगाया गया। अब गुरुवार से काम शुरू कराया जाएगा। वैकल्पिक स्रोत से दी जा रही बिजली किदवईनगर ट्रांसमिशन उपकेंद्र के ब्रेकडाउन होने पर इससे जुड़े उपकेंद्रों को नौबस्ता सहित अन्य उपकेंद्रों से जोड़कर बिजली आपूर्ति की जा रही है। भीषण गर्मी की वजह से बिजली की मांग में वृद्धि हुई है। इससे वैकल्पिक स्रोतों पर लोड बढ़ने लगा जिससे रोस्टिंग शुरू की गई। स्थिति यह है कि रोस्टिंग के बाद जब सब स्टेशन पर बिजली आपूर्ति शुरू की जा रही है तो कमजोर जॉइंट वाली एबीसी केबल में आग लग रही है। इससे भी विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो रही है।   ये सबस्टेशन हैं प्रभावित ई-ब्लॉक गुजैनी, विद्युत कॉलोनी, विश्व बैंक बर्रा, पराग डेयरी, दबौली, हंसपुरम, मंडी परिषद, कर्रही और तात्याटोपेनगर। ये वहीं सबस्टेशन हैं जहां पिछले पांच दिन से बिजली को लेकर हाहाकार मचा है। एक सबस्टेशन से करीब 20 हजार तक कनेक्शन हैं। एक परिवार में अमूमन पांच से छह लोग होते हैं, इस हिसाब से करीब दस लाख उपभोक्ता प्रभावित हैं।  केस्को ने की सहयोग की अपील केस्को की प्रबंध निदेशक नेहा जैन ने कहा है कि उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। क्षतिग्रस्त भूमिगत केबल की मरम्मत कार्य संबंधित इकाई शुरू करा रही है। बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए तकनीकी वर्टिकल में दो अतिरिक्त अधिशासी अभियंताओं की तैनाती की गई है। पीक ऑवर्स में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उपकेंद्रों पर अतिरिक्त अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ता सहयोग दें।  किदवईनगर जीआईएस ट्रांसमिशन उपकेंद्र के केबल बनाने का मटेरियल एकत्र करने में समय लगता है। उसके बाद एक सप्ताह टेंडर प्रक्रिया में लगते हैं। अब मटेरियल एकत्र हो गया है और गुरुवार से काम शुरू होगा। इसमें 10 से 15 दिन लग सकते हैं। केबल क्षतिग्रस्त करने पर सीयूजीएल के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए जिलाधिकारी को पत्र दिया है। क्षति का आकलन किया जा रहा है। – शैलेश गुप्ता, चीफ इंजीनियर, यूपीपीटीएल  

मुजफ्फरपुर में फर्जी भर्ती रैकेट का खुलासा, एडमिट कार्ड और सर्टिफिकेट बरामद

पटना अग्निवीर बहाली रैली में तीन लाख रुपये में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने का मामला सामने आया है। इस मामले में एक पूर्व सैनिक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पूर्वी चंपारण के रघुनाथपुर से गिरफ्तार पूर्व सैनिक शिवेंद्र भूषण कुमार को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मुजफ्फरपुर के चक्कर मैदान इन दिनों भर्ती रैली चल रही है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। गिरफ्तार आरोपी के ठिकाने से संदेहस्पद चीजें बरामद की गई हैं। पुलिस उनकी जांच कर रही है। आर्मी इंटेलिजेंस और डीआईयू की सूचना पर मोतिहारी पुलिस ने उसे दबोचा है। आरोपी के ठिकाने पर पहुंची पुलिस भौंचक रह गई जब अग्निवीर भर्ती, बिहार पुलिस बहाली और एसएससी परीक्षा के कई एडमिट कार्ड मिलने लगे। इसके अलावा दर्जनों छात्रों के मैट्रिक व इंटर के मूल सर्टिफिकेट भी जब्त किए गए हैं। आरोपी मोतिहारी में पुलिस और आर्मी में भर्ती के लिए फिजिकल एकेडमी भी चलाता है। वहीं से पिछले दरवाजे से नौकरी दिलाने का झांसा देकर सौदा करता था। उसने करीब 80 से 100 छात्रों को तीन-तीन लाख रुपये में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। दौड़ के अभ्यास के दौरान गांधी मैदान में मिला था आरोपी मामले में रघुनाथपुर थाने में सोरपनिया पचपकड़ी निवासी कमलेश कुमार के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीड़ित कमलेश ने पुलिस को बताया कि वह पांच माह पहले मोतिहारी के गांधी मैदान में सिपाही भर्ती के लिए दौड़ का अभ्यास करने गया था। वहीं पर उसकी मुलाकात शिवेंद्र भूषण कुमार से हुई थी। कमलेश के अलावा वहां दौड़ के लिए आने वाले सभी छात्रों से मिलकर आरोपी ने शत-प्रतिशत नौकरी दिलवाने का झांसा दिया और करीब 100 अभ्यर्थियों को रघुनाथपुर में बुलाया। स्टेट पुलिस और सेना में भर्ती कराने के नाम पर बिहार में कई जिलों में रैकेट चलाया जा रहा है। कुछ लोग फिजिकल ट्रेनिंग के नाम पर संस्था खोलकर गोरखधंधा कर रहे हैं। इसमें भोले भाले बेरोजगार युवक और युवतियों को फिजिकल ट्रेनिंग दिलाने के नाम पर लुभाते हैं। फॉर्म भरने के बाद उन्हें सेटिंग का झांसा देते हैं। रुपए लेकर भर्ती कंफर्म कराने का वादा करके पैसे ठग लेते हैं। कुछ गिरोह के शातिर जिनकी नौकरी नहीं होती उनके पैसे कुछ कमीशन काटकर लौटा देते हैं। पुलिस और सेना की ओर से ऐसे शातिरों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।

गांव-गांव पहुंचेगी आधुनिक खेती की सीख, बिहार सरकार का गन्ना मिशन शुरू

पटना. बिहार में गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार अब पंचायत स्तर तक विशेष अभियान चलाने जा रही है। इसके तहत कार्यशालाओं का आयोजन कर किसानों को गन्ने की आधुनिक और लाभकारी खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा। गन्ना उद्योग विभाग की ओर से तैयार की गई इस योजना का उद्देश्य गन्ने के रकबे और उत्पादन दोनों में वृद्धि करना है, ताकि किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ चीनी एवं गुड़ उद्योग को भी पर्याप्त कच्चा माल मिल सके। साथ ही किसानों को भी शासन के विभिन्न विभागों (कृषि, सहकारिता, लघु जल संसाधन, जल संसाधन, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, पंचायती राज, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग) के अधिकारी किसान कार्यशाला में सम्मिलित होंगे। सरकार किसानों को यह भी भरोसा दे रही है कि गेहूं-धान जैसे फसलों की तुलना में गन्ने की खेती ज्यादा लाभकारी होगी। अहम यह है कि जिन क्षेत्रों में चीनी मिल अभी संचालित नहीं है वहां गुड़ उत्पादन के अतिरिक्त गन्न बीज तैयार करने के लिए किसानों से सरकार गन्ने की खेती कराएगी। गन्ना आयुक्त अनिल कुमार झा की अध्यक्षता में इसके लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई है। अभियान के माध्यम से आठ हजार पंचायत एवं 45 हजार गांवों के किसानों तक सरकार पहुंच सुनिश्चित करेगी। कार्यशालाओं का आयोजन कर किसानों को गन्ने की आधुनिक और लाभकारी खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा। पहले चरण में राज्य के उन पंचायतों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां पहले से गन्ने की खेती होती रही है या जहां इसकी संभावनाएं अधिक हैं। कार्यशालाओं में कृषि वैज्ञानिक, विभागीय अधिकारी और चीनी मिलों के प्रतिनिधि किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र, उन्नत बीज, ड्रिप सिंचाई, जैविक खाद, कीट नियंत्रण तथा कम लागत में अधिक उत्पादन की तकनीकों की जानकारी देंगे। किसानों को यह भी बताया जाएगा कि परंपरागत खेती की तुलना में गन्ना नकदी फसल के रूप में किस प्रकार अधिक लाभकारी साबित हो सकता है। सरकार का मानना है कि कई क्षेत्रों में किसानों ने लागत बढ़ने और समय पर तकनीकी जानकारी नहीं मिलने के कारण गन्ने की खेती से दूरी बना ली थी। ऐसे में पंचायत स्तर पर सीधे संवाद और प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों का भरोसा फिर से मजबूत करने की कोशिश की जाएगी। विभागीय स्तर पर यह भी तैयारी है कि कार्यशालाओं के दौरान किसानों को सरकारी योजनाओं, अनुदान और बीज उपलब्धता की जानकारी एक ही मंच पर दी जाए। सूत्रों के मुताबिक, आगामी खरीफ सीजन से पहले पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से कार्यशालाएं शुरू होंगी। इसमें प्रगतिशील किसानों के अनुभव भी साझा कराए जाएंगे, ताकि अन्य किसान गन्ने की खेती की ओर आकर्षित हों। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से राज्य में गन्ना उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। नए चीनी मिलों को भरपूर गन्ना उपलब्ध होगा।