samacharsecretary.com

मप्र में सेवानिवृत्त कर्मचारी केस,सुप्रीम कोर्ट आदेश के बाद भी भुगतान लंबित, उठे सवाल

शासकीय अधिकारियों की हठधर्मिता माननीय उच्चतम न्यायालय का भी आदेश नहीं मान रहे अधिकारी। मप्र सरकार में ऐसे अधिकारियों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है जो माननीय न्यायालयों के आदेशों के प्रति टाल-मटोल का रवैया अपना रहे हैं। और ऐसी फायलो पर बजाय आदेश क्रियान्वयन के एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय घुमाया जाता है। इस तरह के अनेकों प्रकरण इस दफ्तर से उस दफ्तर में घूमते मिल जाएंगे । ऐसा ही एक प्रकरण 2016 में भोपाल से सेवानिवृत्त हुई श्रीमती लाजवर का है। सेवानिवृत्त होंने के पश्चात उनसे अधिक भुगतान वसूली की गई। न्याय दृष्टांतों के विपरीत होंने से माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर की प्रिंसीपल बैंच ने वसूली आदेश निरस्त कर वसूली गई राशि 8 प्रतिशत व्याज सहित याचिकाकर्ता को भुगतान करने के आदेश पारित किए। किन्तु प्रशासन द्वारा आदेश का पालन न कर माननीय उच्चतम न्यायालय में अपील दाखिल की गई। यह अपील माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा दिनांक 12-2-2026 को निरस्त करते हुए प्रिंसीपल बैंच जबलपुर का आदेश पालन करने का आदेश दिया गया। किंतु तीन माह व्यतीत होने के बाद भी आवेदिका को भुगतान नहीं किया गया है। शासन को इस मुद्दे पर गहराई से विचार करना चाहिए कि माननीय न्यायालय द्वारा निर्णीत प्रकरणों में इस प्रकार की लापरवाही और उदासीनता के पीछे की मंशा क्या हो सकती है? यह गंभीर प्रश्न है। SLP(c)no. 030907/2025

Bihar Transfer List: पुलिस और राजस्व विभाग में बड़ी सर्जरी, कई जिलों में नई तैनाती

पटना राज्य सरकार ने शनिवार की देर रात बिहार पुलिस सेवा के 54 डीएसपी स्तर के पदाधिकारियों का तबादला किया है। इस तबादले में ईओयू, मद्य निषेध, साइबर सहित कई इकाईयों में नये डीएसपी की तैनाती हुई है। अधिसूचना के मुताबिक मो अली अंसारी को एआईजी ट्रैफिक बिहार, आशीष कुमार सिंह को पटना का ट्रैफिक डीएसपी, अशफाक अंसारी को डीएसपी मद्य निषेध, मनोज राम को एएसपी सीआईडी, वंदना को एएसपी मद्य निषेध, रेशु कृष्णा को डीएसपी सीआईडी, महेश चौधरी को डीएसपी ईओयू, धीरज कुमार को एसडीपीओ इमामगंज गया, नीलाभ कृष्ण को सीनियर डीएसपी ईओयू, कमलेश कुमार को सीनियर डीएसपी सीआईडी कमजोर वर्ग की जिम्मेदारी मिली है। अशोक कुमार को ईओयू का सीनियर डीएसपी, देंवेंद्र प्रसाद व अनुराग कुमार को ईओयू का डीएसपी, दयानंद कुमार को ट्रैफिक डीएसपी कैमूर, मो आसिफ आलम को कटिहार का साइबर क्राइम डीएसपी बनाया गया है। राजस्व : 34 अधिकारियों का तबादला इधर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 34 राजस्व पदाधिकारियों का तबादला किया है। इसमें से 18 को अनुमंडल स्तर पर जबकि 16 को पहली बार जिला भू-अर्जन पदाधिकारी की जिम्मेवारी दीगई है। अनुमंडल स्तर पर तैनात अधिकारियों का पदनाम अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी दिया गया है। राजस्व विभाग के अनुरोध पर सामान्य प्रशासन विभाग इन्हें डीसीएलआर की शक्ति प्रदान करेगा।विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार अमरनाथ चौधरी को अररिया का जिला भू-अर्जन पदाधिकारी बनाया गया है। वहीं अमरेन्द्र कुमार को अरवल, शुभेन्द्र कुमार झा को औरंगाबाद, पंकज कुमार को बांका, चंद्रशेखर तिवारी को भोजपुर, राजेश रंजन को कैमूर, राजेश कुमार को खगड़िया, अक्षयवट तिवारी को किशनगंज, प्रकाश कुमार सिन्हा को लखीसराय, अशोक कुमार शर्मा को सहरसा, राजेश कुमार सिंह को शिवहर, संजय कुमार सिंह को सीवान, शरत कुमार मंडल को नवादा, सुबोध कुमार को मधुबनी और मो गुलाम शाहिद को सारण का जिला भू-अर्जन पदाधिकारी बनाया गया है। वहीं भास्कर को बेगूसराय के मंझौल का अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी बनाया गया है। जबकि ललित कुमार सिंह को बखरी, राकेश रंजन को पकड़ीदयाल, अजीत कुमार को फारबिसगंज, संतोष कुमार सुमन को नीमचक बथानी, रंजीत कुमार को मनिहारी, विकास कुमार सिंह को बारसोई, विक्रम भाष्कर को तारापुर, प्रवीण कुमार पांडेय को जयनगर, कौशर ईमाम को रजौली, सुजीत सुमन को बनमनखी, निलेश कुमार चौरसिया को डिहरी-ऑन-सोन, विनय कुमार को शिवहर, रवि शंकर सिन्हा को बेलसंड, मृत्युंजय कुमार को वीरपुर, सुधांशु शेखर को महनार, राजीव कुमार को बलिया और हलेन्द्र कुमार सिंह को हवेली खड़गपुर का अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी बनाया गया है। विभाग ने स्थानांतरित अधिकारियों को अविलंब नए पदों पर योगदान करने को कहा गया है।

तेंदूपत्ता तोड़कर लौट रहे मजदूर हादसे का शिकार, 6 की हालत नाजुक

 श्योपुर मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले से एक बड़े हादसे की खबर आ रही है। यहां आवदा थाना इलाके के भोजका गांव के पास तेंदूपत्ता तोड़कर लौट रहे मजदूरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में ट्रॉली में सवार करीब 40 मजदूर घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि सभी मजदूर काम खत्म करके वापस लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां 6 मजदूरों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।  

खेत तक ले गए आवारा कुत्ते, 6 साल के बच्चे की सिर की चमड़ी नोची

खंडवा  जिले के छैगांव माखन ब्लाक अंतर्गत ग्राम सुरगांव जोशी में आवारा श्वानों के हमले से छह वर्षीय मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया। बच्चे की हालत इतनी गंभीर हो गई कि उसे खंडवा से इंदौर रेफर करना पड़ा, जहां उसकी प्लास्टिक सर्जरी तक करनी पड़ी। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। जानकारी के अनुसार अवि पुत्र अनिल पटेल, निवासी ग्राम चिचगोहन भेरू खेड़ा, अपनी बुआ के घर सुरगांव जोशी आया हुआ था। 14 मई को दोपहर करीब एक बजे वह घर के बाहर शौच के लिए गया था। इसी दौरान वहां घूम रहे 6 से 7 आवारा श्वानों ने उसे घेर लिया और हमला कर दिया। कुत्ते बच्चे को करीब 50 मीटर दूर खेत तक घसीटकर ले गए और बुरी तरह नोच डाला।

सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान: बिहार बनेगा फूड प्रोसेसिंग का राष्ट्रीय हब

पटना बिहार में देश के तीसरे राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टेम) की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार को फूड प्रोसेसिंग का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। देश में पहला निफ्टेम हरियाणा के सोनीपत के कुंडली में स्थापित किया गया था। जबकि, दूसरा संस्थान तमिलनाडू के तंजावुर में है। केन्द्र ने बिहार में तीसरे संस्थान की मंजूरी दी है। शनिवार को उन्होंने एक्स पर पोस्टकर लिखा कि वैशाली जिले के हाजीपुर में देश के तीसरे निफ्टेम की स्थापना को मंजूरी दी गई है। यह 100 एकड़ में विकसित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान खाद्य प्रसंस्करण, रिसर्च, तकनीकी शिक्षा और उद्यमिता को नई ऊंचाई देगा और हमारे किसानों, युवाओं तथा उद्यमियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। सीएम ने पोस्ट में आगे लिखा कि एनडीए सरकार का संकल्प स्पष्ट है, नए अवसर, नई रफ्तार, समृद्ध बिहार। दरअसल, पिछले दिनों मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस संस्थान के लिए जमीन आवंटन को मंजूरी दी गई है। इसके बाद यहां संस्थान स्थापित करने का रास्ता प्रशस्त हो गया। क्या है निफ्टेम निफ्टेम उद्योग मंत्रालय के अधीन संचालित उच्च शिक्षा संस्थान है। यह चार वर्षीय बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बीटेक), दो वर्षीय मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (एमटेक) और पीएचडी डिग्री प्रदान करता है। यह खाद्य और कृषि व्यवसाय प्रबंधन पर एमबीए पाठ्यक्रम भी प्रदान करता है। बीटेक में जेईई मेन्स से होता है। एमटेक में प्रवेश इंजीनियरिंग में स्नातक योग्यता परीक्षा (गेट) और व्यक्तिगत साक्षात्कार पर आधारित है। बालगृह के बच्चे उद्यमी भी बनेंगे इधर बिहार में बालगृहों में रहने वाले बच्चे भी अब होटल मैनेजर और उद्यमी बनेंगे। राज्य सरकार ने बालगृह के बच्चों और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल की है। समाज कल्याण विभाग की राज्य बाल संरक्षण समिति ने 14 अलग-अलग व्यावसायिक क्षेत्रों में नि:शुल्क आवासीय प्रशिक्षण देने कीकार्ययोजना तैयार की है। मिशन वात्सल्य के तहत घर और परिवार से बिछड़ चुके बाल देखरेख संस्थानों (बालगृहों) में रह रहे 16 से 18 वर्ष के किशोरों तथा 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके केयर लीवर्स को उनकी रुचि के अनुसार व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

दरियाई पानी के हक की लड़ाई: रावी-ब्यास ट्रिब्यूनल के साथ आज मुख्यमंत्री की रणनीतिक बैठक

अमृतसर.  पंजाब के मुख्यमंत्री अमृतसर के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। वह रावी-ब्यास ट्रिब्यूनल के सदस्यों के साथ बैठक कर राज्य के नदी जल अधिकारों और संसाधनों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इस बातचीत में राज्य का पक्ष पूरी दृढ़ता से रखा जाएगा ताकि नदी संपदा के हितों को सुरक्षित किया जा सके। मुख्यमंत्री का अमृतसर दौरा और जल संकट पर विमर्श पंजाब के प्रशासनिक प्रमुख अमृतसर के एक बेहद महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्राकृतिक संसाधनों, विशेषकर नदी जल के वितरण से जुड़े संवेदनशील मामलों पर सीधे संवाद स्थापित करना है। शाम के समय तय कार्यक्रम के अनुसार, वह रावी-ब्यास ट्रिब्यूनल के शीर्ष अधिकारियों और सदस्यों के साथ आमने-सामने की वार्ता में भाग लेंगे। यह बैठक इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि इसमें राज्य की जीवन रेखा माने जाने वाले जल संकट और उसके न्यायसंगत वितरण की रूपरेखा तय होनी है। रावी-ब्यास ट्रिब्यूनल के समक्ष कड़ा रुख इस रणनीतिक संवाद के दौरान पंजाब प्रशासन का पूरा ध्यान अपने हिस्से के अधिकारों को सुरक्षित रखने पर केंद्रित रहेगा। मुख्यमंत्री ने इस बात के स्पष्ट संकेत दिए हैं कि नदियों के पानी के बंटवारे को लेकर राज्य का पक्ष बिना किसी समझौते के बेहद मजबूती से पेश किया जाएगा। कृषि प्रधान राज्य होने के नाते पंजाब की सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह इन नदियों पर निर्भर है, इसलिए ट्रिब्यूनल के सामने ऐतिहासिक तथ्यों और वर्तमान आवश्यकताओं को आधार बनाकर दलीलें दी जाएंगी। भविष्य की नीतियां और जल सुरक्षा की तैयारी बैठक में केवल तात्कालिक विवादों पर ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक जल सुरक्षा और पर्यावरण के मोर्चे पर उत्पन्न चुनौतियों पर भी गंभीर मंथन किया जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि बदलती जलवायु और घटते भूजल स्तर के बीच दरियाई पानी पर पंजाब का पहला हक बनता है। इस उच्च स्तरीय विमर्श से निकलने वाले निष्कर्ष राज्य की कृषि और आर्थिक नीतियों की भविष्य की दिशा तय करने में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे।

NEET Paper Leak: बिवाल परिवार कनेक्शन से IMS-BHU तक जांच का दायरा बढ़ा

बनारस नीट पेपर लीक प्रकरण में आईएमएस बीएचयू के दो और छात्रों पर शक की सुई घूम रही है। ये दोनों छात्र सीकर के उसी कोचिंग से जुड़े बताए जा रहे हैं, जहां कथित तौर पर बिवाल परिवार के बच्चों ने भी तैयारी की थी। इन्होंने सत्र 2025-26 में आईएमएस बीएचयू में प्रवेश लिया है। इनमें एक छात्र एमबीबीएस, जबकि छात्रा बीएएमएस कर रही है। केंद्र सरकार ने आईएमएस बीएचयू समेत मेडिकल कॉलेजों से संदिग्ध छात्रों की जानकारी भी मांगी है। सूत्रों के अनुसार बिवाल परिवार के छात्र जिस कोचिंग सेंटर में पढ़ते थे, उसने अपने प्रचार में यह दावा किया था कि छात्र का चयन नहीं हुआ तो फीस वापस होगी। इसी कोचिंग सेंटर से जुड़ी दो छात्राओं और एक छात्र का दाखिला पिछले साल आईएमएस बीएचयू में हुआ है। सीबीआई की कार्रवाई से आईएमएस-बीएचयू सतर्क नीट पेपर लीक प्रकरण में सीबीआई की संभावित कार्रवाई को देखते हुए आईएमएस-बीएचयू प्रशासन भी सतर्क हो गया है। बताया जा रहा है कि संस्थान ने संदिग्ध छात्रों की प्रवेश संबंधी फाइलें और दस्तावेज अलग से निकाल लिए हैं, ताकि जांच एजेंसियों के मांगने पर उन्हें तुरंत उपलब्ध कराया जा सके। हालांकि विवि की ओर से अब तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय एजेंसियां अब केवल कथित पेपर लीक तक सीमित न रहकर उन शैक्षणिक नेटवर्कों की भी जांच कर रही हैं। क्या है पूरा मामला सीबीआई ने जयपुर के बिवाल परिवार के दो भाइयों और भतीजे को नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार कर लिया है। इनके परिवार के पांच बच्चों का दाखिला पिछले साल अलग-अलग सरकारी मेडिकल कॉलेज में हुआ है। इसमें एक आरोपी दिनेश की बेटी का दाखिला आईएमएस बीएचयू के आयुर्वेद संकाय में हुआ था। अभी ये छात्रा यहां पर पढ़ाई कर रही है। परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोग निकले सरगना सीबीआई की जांच में सामने आया है कि केमिस्ट्री-बायोलॉजी पर्चा लीक का स्रोत परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोग ही थे। सीबीआई ने देशभर के छह और स्थानों पर छापेमारी की है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच जारी है। अब तक मामले में कुल नौ गिरफ्तारी हुई है। एनटीए में चार नए अफसरों की नियुक्ति एनटीए में शनिवार को दो संयुक्त सचिवों व दो संयुक्त निदेशकों की नियुक्ति की गई। आईएसएस 1998 बैच की अधिकारी अनुजा बापट और आईआरएस 2004 बैच की अधिकारी रुचिता विज संयुक्त सचिवों होंगी।

Bihar Weather कई जिलों में येलो अलर्ट जारी, तेज हवा और बारिश की चेतावनी

 पटना बिहार के अलग-अलग जिलों में बदले मौसम ने सभी को चकित कर रखा है। मई के महीने में राज्य के कुछ जिलों में तीखी धूप और गर्मी का एहसास हो रहा है तो कई जिलो में बारिश और तेज हवाओं का भी दौर देखने को मिल रहा है। रविवार को बिहार के उत्तर मध्य भाग के जिलों सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा,मुजफ्फरपुर, वैशाली, शिवहर, समस्तीपुर के अलावा उत्तर पूर्व के जिलों सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा और पूर्णिया के कुछ हिस्सों में वज्रपात और मेघगर्जन का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा इन जिलों में 40-50 किलोमीटर प्रतिघंटे से हवा चलने का भी पूर्वानुमान है। यह येलो अलर्ट बिहार के दक्षिण-पश्चिम भाग के बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद और अरवल जिलों के कुछ भागों के लिए भी जारी किया गया है। बिहार में उमस भरी गर्मी की स्थिति बनी रहेगी। दक्षिण पश्चिम बिहार और दक्षिण मध्य बिहार में इसका विशेष असर दिखेगा। राज्य के दक्षिण पश्चिमी हिस्से में अधिकतम तापमान 40 के ऊपर बना रहेगा। हालांकि राज्य के उत्तर पूर्व भाग में तीन चार दिन गरज-तड़क के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। उत्तर बिहार में दक्षिण बिहार की अपेक्षा तापमान दो से तीन डिग्री तक कम रहेगा। शनिवार को दो डिग्री की बढ़ोतरी के साथ पटना का अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री दर्ज हुआ। मौसमविदों के मुताबिक 22 मई के बाद बादलों की आवाजाही बढ़ेगी। मौसम विज्ञान विभाग ने आनेवाले दिनों में मुजफ्फरपुर तथा आसापस के जिलों में तेज धूप और तपिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है। शनिवार को अधिकतम तापमान 20 दिनों बाद बढ़कर सामान्य से उपर रिकॉर्ड किया गया। मौसम विज्ञान विभाग ने आनेवाले दिनों में इसके 40 डिग्री सेल्सियस से उपर जाने का पूर्वानुमान जताया है। फिलहाल शनिवार को दिन का तापमान 36 डिग्री के पार चला गया। न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब एक डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया।पूसा स्थित ग्रामीण मौसम विज्ञान केंद्र के नोडल पदाधिकारी डॉ. ए. सत्तार ने बताया कि अगले पांच-छह दिनों में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी। 22 मई तक दिन का औसतन चार से पांच डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ सकता है। रात का तापमान तीन डिग्री सेल्सियस तक सुधरने की संभावना है। भागलपुर जिले में भी सुहाने मौसम के दिन बीत चुके हैं। बीती रात उमस इस कदर रही कि लोग उबलते रहे। वहीं दिन में पसीने छूट रहे। शनिवार को अधिकतम तापमान 36.1 व न्यूनतम 25.4 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. बीरेंद्र कुमार ने बताया कि शनिवार से 19 मई तक आसमान साफ रहेगा। इस दौरान गर्मी व उमस से लोगों का बुरा हाल होगा। हालांकि दिन एवं रात के तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। पूर्णिया में तेज हवा और वज्रपात का यलो अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 17 मई, 18 मई एवं 20 मई को पूर्णिया जिले में येलो अलर्ट जारी किया गया है। 19 मई एवं 21 मई को मौसम साफ होने की संभावना बनी हुई है। येलो अलर्ट में तेज हवा बहने,मेघा गर्जन एवं वज्रपात होने की संभावना बनी रहती है। शनिवार को न्यूनतम तापमान एवं अधिकतम तापमान में एक डिग्री का इजाफा हुआ। शनिवार को न्यूनतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस, जबकि अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

वर्दी में रील बनाने वाले पुलिसकर्मियों पर गिरेगी गाज, DGP मुख्यालय का सख्त आदेश

लखनऊ उत्तर प्रदेश पुलिस में वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर रील्स बनाने और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने वाले पुलिसकर्मियों पर अब पुलिस मुख्यालय ने पूरी तरह शिकंजा कस दिया है. डीजीपी मुख्यालय की मंजूरी के बाद अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश ने एक बेहद कड़ा और महत्वपूर्ण आधिकारिक पत्र जारी किया है. इस आदेश के तहत, सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 का उल्लंघन करने वाले सेवारत और प्रशिक्षु (ट्रेनी) पुलिसकर्मियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ तत्काल कड़ी विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश द्वारा जारी किए गए पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि पूर्व में जारी की गई 'सोशल मीडिया पॉलिसी-2023' के बावजूद कई पुलिसकर्मियों द्वारा लगातार इसका उल्लंघन किया जा रहा है.  पत्र में कहा गया है, "यह देखने में आ रहा है कि कई सेवारत एवं प्रशिक्षु पुलिस कर्मियों द्वारा सोशल मीडिया पर रील इत्यादि के माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की जा रही है. इससे न केवल शासकीय कार्य प्रभावित हो रहा है, अपितु उत्तर प्रदेश पुलिस की गरिमा एवं छवि भी प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो रही है." हर महीने भेजी जाएगी रिपोर्ट, URL का भी रखा जाएगा रिकॉर्ड इस अनुशासनहीनता को रोकने के लिए पुलिस मुख्यालय ने एक फुल-प्रूफ प्लान तैयार किया है. सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालय प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने अधीन जिलों और इकाइयों में सोशल मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों को तुरंत चिन्हित किया जाए. चिन्हित किए गए कर्मियों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के तत्काल आवश्यक विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. इसके अलावा प्रत्येक माह निर्धारित प्रोफॉर्मा के अनुसार, उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट अधोहस्ताक्षरी (मुख्यालय) को भेजी जाए. तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश सख्त निगरानी के आदेश में कहा गया है कि संबंधित आपत्तिजनक पोस्ट या वायरल रील के URL लिंक सहित पूरा रिकॉर्ड साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा जाए. यह कड़ा पत्र पुलिस महानिदेशक (DGP) उत्तर प्रदेश के अनुमोदन के बाद 15 मई 2026 को आधिकारिक रूप से निर्गत किया गया है. अधिकारियों को साफ कर दिया गया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली फोर्स में इस तरह की अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इस आदेश के बाद अब सोशल मीडिया पर 'स्टारडम' चमकाने वाले पुलिसकर्मियों में हड़कंप मचना तय माना जा रहा है.

हाई कोर्ट आदेश पर विवाद: 72 की जगह 240 वकील चैंबर तोड़े जाने का आरोप

लखनऊ यूपी की राजधानी लखनऊ में प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है. यहां सिविल कोर्ट के बाहर वकीलों के चैंबरों पर बुलडोजर चला दिया गया. दूसरी तरफ इस दौरान वकील विरोध में खड़े थे. वकीलों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की. यहां नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची थी और कई चैंबरों को हटाना शुरू कर दिया. मामला पुराने हाई कोर्ट और स्वास्थ्य भवन चौराहे के बाहर बने वकीलों के चैंबरों का है. सुबह नगर निगम और पुलिस की टीम अचानक मौके पर पहुंची. कुछ ही देर में बुलडोजर ने सड़क किनारे बने चैंबरों को तोड़ना शुरू कर दिया. प्रशासन का कहना था कि ये निर्माण अवैध थे और अतिक्रमण हटाने के तहत कार्रवाई की जा रही है. लेकिन जैसे-जैसे बुलडोजर आगे बढ़ा, विरोध भी तेज हो गया. मौके पर पहुंचे वकीलों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने हाई कोर्ट के आदेश का गलत इस्तेमाल किया. अधिवक्ताओं का कहना है कि अदालत ने केवल 72 चैंबर हटाने का निर्देश दिया था, लेकिन नगर निगम और पुलिस ने उसी आदेश की आड़ में करीब 240 चैंबर गिरा दिए. पुराने हाई कोर्ट परिसर के बाहर वर्षों से वकीलों के छोटे-छोटे चेंबर बने हुए थे. इन्हीं में बैठकर अधिवक्ता अपने मुवक्किलों से मिलते और केस से जुड़ा कामकाज करते थे. वकीलों का कहना है कि अचानक कार्रवाई से उनके काम पर असर पड़ा है. बुलडोजर चलने के दौरान कई वकील विरोध जताने लगे, नारेबाजी हुई, प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन हुआ और कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण बन गया. हालात को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया. नगर निगम अधिकारियों ने दावा किया कि कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और अवैध कब्जा हटाना जरूरी था. लेकिन अधिवक्ताओं का सवाल है कि अगर कोर्ट ने 72 चैंबर हटाने को कहा था, तो उससे तीन गुना ज्यादा ढांचे क्यों गिराए गए? लखनऊ में यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब शहर में अतिक्रमण हटाने के नाम पर कई जगह बुलडोजर अभियान चल रहा है. फिलहाल कार्रवाई को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है. अधिवक्ताओं ने कहा है कि वे इस कार्रवाई के खिलाफ आगे भी आवाज उठाएंगे. दूसरी तरफ प्रशासन अपनी कार्रवाई को सही बता रहा है. इस कार्रवाई के बाद कोर्ट परिसर के आसपास माहौल तनावपूर्ण बना रहा. वकीलों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा. पुलिस ने मौके पर अतिरिक्त बल तैनात रखा.