samacharsecretary.com

प्रधानमंत्रीमोदी के नेतृत्व में देश बढ़ रहा स्वर्णिम युग की ओर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल भारत के मुख्‍य न्‍यायाधीश न्‍यायमूर्तिसूर्यकांत ने कहा कि डिजिटल परिवर्तन और पेपरलेस न्याय व्यवस्था भारतीय न्यायपालिका के भविष्य का सबसे महत्वपूर्ण और आवश्यक विषय है। उन्होंने कहा कि अदालतों की पहचान अब लाल कपड़ों में बंधी भारी-भरकम फाइलों से नहीं, बल्कि स्मार्ट तकनीक से होगी। कोविड-19 महामारी के दौर को एक ऐतिहासिक मोड़ बताते हुए उन्होंने कहा कि उस संकटकाल में वर्चुअल हियरिंग और ई-फाइलिंग से न्याय प्रणाली को नई दिशा मिली। सुप्रीम कोर्ट ने अब 'मिसलेनियस डेट्स' पर पूरी तरह वर्चुअल हियरिंग का निर्णय लिया है, जिससे वकीलों को घर बैठे दलीलें रखने की सुविधा मिलेगी। उन्‍होंने यह बात जबलपुर में महाधिवक्ता कार्यालय द्वारा आयोजित “डिजिटल ट्रांसमिशन: एडवांसिंग पेपरलेस लीगल सिस्टम” विषय पर आयोजित विधिक व्याख्यान कार्यक्रम में कही। मुख्य न्‍यायाधीश न्यायमूर्तिसूर्यकांत ने अपने 37 वर्ष की आयु में महाधिवक्ता बनने के दौर को याद करते हुए बताया कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व. अरुण जेटली के सहयोग से उन्होंने देश का पहला पूर्णतः कंप्यूटरीकृत महाधिवक्ता कार्यालय तैयार कराया था। अब लाइव स्ट्रीमिंग और नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड ने न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाई है। डिजिटल समावेशन और पर्यावरण संरक्षण पर जोर न्‍यायमूर्तिसूर्यकांत ने विशेष रूप से कहा कि सिक्किम की तरह मध्यप्रदेश भी पूर्णतः पेपरलेस बनने की दिशा में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ आगे बढ़ रहा है। इससे पर्यावरण संरक्षण को भारी संबल मिलेगा। देश के ग्रामीण व वरिष्‍ठजनों को ध्यान में रखते हुए तकनीक को 'बाधा' नहीं बल्कि 'पुल' बनना होगा। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की एआई कमेटी, न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने पर लगातार काम कर रही है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश स्वर्णिम युग की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने अयोध्या मामले में सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय और शाहबानो प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि जब अदालतें ऐसे युगांतरकारी फैसले देती हैं, तो लोकतंत्र सशक्त होता है। आज का समय न्याय व्यवस्था, लोकतंत्र और भारतीय मूल्यों के पुनर्जागरण का काल है। मध्यप्रदेश न्याय और संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं का प्रदेश है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश न्याय और संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं का प्रदेश है। यह भूमि सम्राट विक्रमादित्य और राजाभोज की परंपराओं से जुड़ी रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में “पंच परमेश्वर” की परंपरा रही है, जहाँ गाँवों में पाँच लोग बैठकर न्याय करते थे। उन्होंने आदि शंकराचार्य और मंडन मिश्र के शास्त्रार्थ का उदाहरण देते हुए कहा कि महेश्वर में हुए उस ऐतिहासिक संवाद में मंडन मिश्र की पत्नी ने निष्पक्ष निर्णय देते हुए शंकराचार्य को विजयी घोषित किया था। उन्होंने कहा कि यह भारतीय न्याय परंपरा की महानता का उदाहरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कई बार समाज और सरकार की जटिलताओं के कारण मामलों में देरी होती है। न्यायालय ऐतिहासिक फैसले देकर लोकतंत्र को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास के कठिन दौरों में भी हमारे वीरों ने विदेशी दासता के सामने कभी आत्मसमर्पण नहीं किया। उन्होंने कहा कि अनेक युद्ध जीतने के बाद भी जब आवश्यकता पड़ी, तब उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना बलिदान देना स्वीकार किया। उनका साहस, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति केवल उनके समय तक सीमित नहीं रही, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती रही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदा की उज्ज्वल धारा हमारी संस्कृति, शुचिता और आध्यात्मिक चेतना को प्रदर्शित करती है। उन्होंने उपस्थित सभी अतिथियों, न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और नागरिकों का अभिनंदन किया। 'पेपरलेस व्यवस्था' आज की आवश्यकता : केन्‍द्रीय राज्य मंत्रीमेघवाल केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्रीअर्जुनराम मेघवाल ने आयोजन को न्यायपालिका, सरकार और तकनीक का एक शानदार संगम बताया। उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि पहले बजट सत्रों में भारी-भरकम दस्तावेज ले जाने पड़ते थे, लेकिन आज संसद पूरी तरह पेपरलेस हो चुकी है और बजट मोबाइल पर उपलब्ध है। उन्होंने मध्यप्रदेश विधानसभा को भी इसी दिशा में आगे बढ़ाने की उम्मीद जताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अग्रिम बधाई दी। उन्होंने दुष्‍यंत कुमार की पंक्ति सुनाते हुए कहा कि यह 'पेपरलेस व्यवस्था' भी एक नई सोच की चिंगारी है, जो पूरी न्याय प्रणाली में उजाला फैलाएगी। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशसंजीव सचदेवा ने अपने पुराने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि वर्ष 2008-09 के दौर में अदालतों में लैपटॉप ले जाने पर प्रतिबंध हुआ करता था। आज तकनीक ने पूरी व्यवस्था बदल दी है। उन्होंने बताया कि महाधिवक्ता कार्यालय की सुविधा के लिए अब उन सभी मामलों की डिजिटल पहुंच उपलब्ध करा दी गई है, जिनमें सरकार पक्षकार है। अब नोटिसों का डिजिटल ट्रांसमिशन होने से जवाब तेजी से आ रहे हैं और प्रतिदिन स्टेटस रिपोर्ट अपलोड हो रही है। उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों के महाधिवक्ता कार्यालयों की उत्कृष्ट और सक्षम टीम को बधाई देते हुए कहा कि उनकी पूरी तैयारी के कारण ही न्यायालयीन प्रकरणों के निराकरण का कार्य बेहतर ढंग से हो पा रहा है। कार्यक्रम के आरंभ में महाधिवक्‍ताप्रशांत सिंह ने स्‍वागत भाषण में डिजिटल इंर्फोमेशन एडवांसिंग पेपरलेस लीगल सिस्‍टम की उपयोगिता पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप-प्रज्ज्वलन, राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यक्रम में सर्वोच्‍च न्‍यायालय और उच्‍च न्‍यायालय के न्‍यायाधीश, लोक निर्माण मंत्रीराकेश सिंह, सांसदआशीष दुबे, महापौर जबलपुरजगत बहादुर अन्नू, सीएसअनुराग जैन, न्यायिक प्राधिकरण से जुड़े प्रशिक्षु, प्रशासन व पुलिस के अधिकारी और बड़ी संख्या में वकील उपस्थित थे। 

IDFC और AU बैंक घोटाले में बड़ा खुलासा, तीन और IAS अधिकारी जांच के घेरे में

चंडीगढ़ हरियाणा में आइडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनांस बैंक में हुए 590 करोड़ रुपये के घोटाले में तीन और सीनियर आइएएस अधिकारी जांच के लपेटे में आ गए हैं। हाल ही में सीबीआई को पांच आइएएस अधिकारियों से पूछताछ की अनुमति दे चुकी प्रदेश सरकार ने तीन और आइएएस अधिकारियों से भी सवाल-जवाब करने की मंजूरी दे दी है। आठ आइएस अधिारियों से होगी पूछताछ वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही सीबीआई ने मामले में कुल आठ आइएएस अधिकारियों से पूछताछ की अनुमति मांगी थी, जो मिल गई है। सरकार की ओर से लिखित स्वीकृति मिलते ही सीबीआई टीम जांच पर आगे बढ़ेगी। जांच की कमान सीबीआई द्वारा संभालने के बाद से ही बैंक घोटाले को लेकर लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। सबसे पहले 2014 बैच के आइएएस अनीश यादव ने घोटाले काे पकड़ा था। वर्ष 2024 में तत्कालीन कृषि निदेशक अनीश यादव ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी। तब जांच में सामने आया कि आइडीएफसी बैंक में 50 करोड़ और एयू स्मॉल फाइनांस बैंक में नियमों को ताक पर रखकर 25 करोड़ रुपये जमा किए गए। घोटाले के खुलासे के बाद विजिलेंस जांच में भी इसी कमेटी की रिपोर्ट को आधार बनाया गया। अब सीबीआई भी कमेटी की उसी रिपोर्ट को आधार बनाकर जांच को आगे बढ़ा रही है। अभी तक की जांच में सामने आया है कि पंचायत विभाग में तैनात एक बड़े आइएएस अधिकारी ने मातहत अधिकारियों पर दोनों बैंकों में अकाउंट खोलने का दबाव बनाया गया। इसी दबाव में अन्य आइएएस अधिकारी की ओर से बाकायदा एक पत्र जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि विभाग के सीनियर अधिकारी से टेलीफोन पर चर्चा के बाद दो नए बैंकों में खाता खोलने के ऑर्डर जारी किए गए हैं। आरोप है कि एक मंत्री ने घोटाले में आरोपित पंचायत विभाग के सुपरिंटेंडेंट के पद से बर्खास्त नरेश कुमार की बहाली की सिफारिश भी की। हालांकि यह सिफारिश इस घोटाले के खुलासे से पहले की गई थी। विजिलेंस जांच में नरेश कुमार के खाते में 11 करोड़ रुपये आने के साथ और भी कई सबूत मिल चुके हैं। नरेश कुमार ने इस राशि से एक फार्च्यूनर गाड़ी ली, मोहाली में फ्लैट लिया और बेटी के खाते में 10 लाख रुपए भी जमा किए। जेल में बंद नरेश कुमार से भी सीबीआई पूछताछ कर रही है।  

ताशकंद में चमका हरियाणा का नाम, हरनूर कौर ने एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में मारी बाजी

अंबाला अंबाला की होनहार मुक्केबाज़ हरनूर कौर ने ताशकंद में U15 और U17 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में (1 से 15 मई 2026 तक आयोजित ताशकंद में U15 और U17 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में)  66 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया। इस प्रतियोगिता में उन्होंने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। हरनूर कौर गांव शाहपुर की निवासी हैं तथा वर्तमान में पुलिस डीएवी पब्लिक स्कूल, अंबाला सिटी में कक्षा 10वीं की छात्रा हैं तथा वर्तमान में आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट, पुणे में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।उल्लेखनीय है कि हरनूर कौर इससे पहले भी जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।   इसके साथ ही उन्होंने बहरीन में आयोजित यूथ एशियन गेम्स में रजत पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। अब उनका चयन मई माह में कजाकिस्तान में आयोजित होने वाली जूनियर एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप के लिए भी हो गया है। उनकी इस उपलब्धि पर खेल प्रेमियों एवं क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। कोच संजय कुमार ने उनकी इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हरनूर कौर भविष्य में भी देश के लिए और अधिक पदक जीतेंगी।

पीएम सूर्य घर योजना का डिजिटली होगा प्रचार-प्रसार

भोपाल नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रीराकेश शुक्ला एवं ऊर्जा मंत्रीप्रद्युम्न सिंह तोमर ऊर्जा विकास निगम के व्हाट्सऐप चैटबॉट एवं प्रचार वीडियो का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का डिजिटली प्रचार-प्रसार करने के लिये एमपीयूवीएनएल एवं काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवॉयरनमेंट एंड वॉटर के सहयोग से 18 मई सोमवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में व्हाट्सऐप चैटबॉट एवं प्रचार वीडियो लॉन्च किया जाएगा। व्हाट्सऐप चैटबॉट और प्रचार वीडियो से नागरिकों को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी सरल एवं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। इससे योजना के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ेगी और नागरिकों को आवेदन एवं सोलर संयंत्र लगाने की प्रक्रिया को समझने में मदद मिलेगी। आमजन के बीच लोकप्रिय हो रही है योजना प्रदेश में योजना को लेकर लगातार सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। अब तक मध्यप्रदेश में 1 लाख 96 हजार 791 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 1 लाख 24 हजार 663 सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इन संयंत्रों की कुल क्षमता 467.06 मेगावाट है। भारत सरकार द्वारा अब तक 879.69 करोड़ रुपये का अनुदान भी प्रदान किया जा चुका है। चैटबॉट शुभारंभ कार्यक्रम में भारत सरकार के अधिकारी, जिला कलेक्टर, बैंक प्रतिनिधि, विद्युत वितरण कंपनियों एवं नगर निगम के अधिकारी तथा योजना से जुड़े पंजीकृत वेंडर भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।  

हिडन कैमरा कांड से हिला किशनगढ़, पति पर महिलाओं को फंसाने का गंभीर आरोप

 अजमेर राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है. एक महिला ने अपने ही जिम ट्रेनर पति के खिलाफ मदनगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है. महिला ने पति पर हिडन कैमरे से वीडियो बनाने, ब्लैकमेल करने और अश्लील सामग्री सोशल मीडिया पर वायरल करने का गंभीर आरोप लगाया है. पत्नी को मोबाइल से मिला पति का कच्चा चिट्ठा शादी के कुछ समय बाद जब पत्नि को अपने पति की हरकतों पर शक हुआ, तो उसने एक दिन चोरी-छिपे उसका मोबाइल चेक किया. मोबाइल खोलते ही महिला के होश उड़ गए. उसमें कई युवतियों के अश्लील फोटो, वीडियो, आपत्तिजनक वॉयस रिकॉर्डिंग और चैट्स का एक बड़ा डेटा मौजूद था. इन सब के बारे में पूछने पर आरोपी ने पहले तो इसे पुरानी बात कहकर टालने की कोशिश की, लेकिन जल्द ही उसके खौफनाक नेटवर्क का भंडाफोड़ हो गया. पत्नी ने किया विरोध तो इंटरनेट पर कर दी वीडियो वायरल जब पत्नी ने इस घिनौनी हरकत का विरोध किया, तो आरोपी ने उसे भी अंजाम भुगतने की धमकी दी. प्रताड़ना से तंग आकर पीड़िता ने सबूत के तौर पर कुछ वीडियो अपने फोन में सेव कर अपने पीहर (मायके) चली गई। इस बात से बौखलाए आरोपी पति ने सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर अपनी पत्नी के एडिटेड अश्लील फोटो और वीडियो इंटरनेट पर वायरल कर दिए, जिससे पीड़ित परिवार गहरे सदमे में आ गया. लड़कियों से पहले करता था दोस्ती फिर हिडन रुप में ले जाकर बनाता था वीडियो मामले की जानकारी देते हुए एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि पीड़िता के परिवार वालों ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. जिसमें बताया कि आरोपी जिम ट्रेनर होने का फायदा उठाकर अपने जिम में आने वाली भोली-भाली लड़कियों से पहले दोस्ती बढ़ाता था. इसके बाद वह उन्हें किसी बहाने से एक निजी कमरे में ले जाता था, जहां उसने पहले से ही 'हिडन कैमरे' इंस्टॉल कर रखे थे.इन कैमरों की मदद से युवतियों के बेहद निजी पलों को रिकॉर्ड कर लिया जाता था. पैसों की डिमांड और दूसरी लड़कियों को फंसाने का दबाव वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद आरोपी उन वीडियो के दम पर महिलाओं को ब्लैकमेल करता था, उनसे मोटी रकम ऐंठता था और हद तो तब हो गई जब वह पीड़ित महिलाओं पर यह दबाव भी बनाता था कि वे उसकी हवस के जाल में दूसरी लड़कियों को भी फंसाकर लाएं. आरोपी ने इस गंदे धंधे में अपनी पत्नी को भी घसीटने की कोशिश की और दूसरी लड़कियों को संपर्क में लाने का दबाव बनाया.  IT एक्ट के तहत मामला दर्ज  मदनगंज थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने तुरंत भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट (IT Act) की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट्स और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कमला पार्क स्थित शनि मंदिर में पूजा-अर्चना की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनि जयंती के अवसर पर शनिवार को कमला पार्क स्थित शनि मंदिर में दर्शन किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनि मंदिर और हनुमान मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की और मंदिर में आए अनके दर्शनार्थियों से भी भेंट की । उन्होंने श्रृद्धालुओं और बच्चों के साथ सेल्फी भी खिंचवाई। इस अवसर विधायक श्री भगवान दास सबनानी के अलावा श्री राहुल कोठारी और अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

हाजीपुर में बनेगा देश का तीसरा NIFTEM, किसानों और युवाओं को मिलेगा बड़ा फायदा

मुजफ्फरपुर बिहार में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने जा रही है। राज्य सरकार ने निवेश और रोजगार के मोर्चे पर बड़ा कदम उठाया है। मुजफ्फरपुर और किशनगंज में बड़ी सीमेंट फैक्ट्रियों तथा हाजीपुर में राष्ट्रीय स्तर के फूड टेक्नोलॉजी संस्थान की स्थापना को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं से खासकर उत्तर बिहार और सीमांचल क्षेत्र में रोजगार, उद्योग और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में की पूजा-अर्चना वट-सावित्री पूजा की शुभकामनाएं देने के बाद राजधानी के गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में पूजा-अर्चना कर मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार को मिलने जा रही इन सौगातों की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि बिहार में औद्योगिक निवेश का नया अध्याय शुरू हो चुका है। राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) की 67वीं बैठक में मुजफ्फरपुर और किशनगंज में डालम‍िया और अंबूजा की बड़ी सीमेंट इकाइयों को स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा 16 परियोजनाओं को स्टेज-1 क्लीयरेंस और चार परियोजनाओं को वित्तीय मंजूरी भी दी गई। सरकार का मानना है कि इन उद्योगों के शुरू होने से सीमांचल और उत्तर बिहार के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, वहीं परिवहन, निर्माण और छोटे कारोबारों को भी गति मिलेगी। हाजीपुर में बनेगा देश का तीसरा निफ्टेम इसी क्रम में वैशाली जिले के हाजीपुर में देश के तीसरे राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है। करीब 100 एकड़ में बनने वाला यह संस्थान खाद्य प्रसंस्करण, रिसर्च, तकनीकी शिक्षा और उद्यमिता का बड़ा केंद्र बनेगा। इससे बिहार के कृषि और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को राष्ट्रीय पहचान मिलने की संभावना है। सरकार का दावा है कि यह संस्थान किसानों, स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। खासकर फल-सब्जी, मक्का, मखाना और अन्य कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग को बढ़ावा मिलने से किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है। राज्य सरकार इसे विकसित बिहार और समृद्ध बिहार के विजन से जोड़कर देख रही है। उद्योग और शिक्षा के इन बड़े निवेशों को आने वाले वर्षों में बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है।

फूल, कांटे, पत्ती, छिलके, बीज, छाल, जड़ सब के मिलते अच्छे दाम किसानों के लिए है वरदान

भोपाल  मध्यप्रदेश के नीमच जिले की हर्बल मंडी प्रदेश के औषधीय फसलों के उत्पादक किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। यह देश की एक मात्र मंडी है जहां कांटे, फूल, पत्ती, छिलके, बीज, छाल, जड़ सब बिकते हैं। किसानों को विभिन्न औषधीय फसलों के 500 रूपये से लेकर 2 लाख रूपये प्रति क्विंटल तक भाव मिल जाते हैं। नीमच मंडी की प्रसिद्ध‍ि देखते हुए गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के किसान अपनी फसलें लेकर यहां आ रहे हैं। अप्रैल माह तक मंडी की भरपूर आवक बनी रहती है जो मई के आखरी सप्ताह तक कम होने लगती है। किसानों को निराश नहीं होना पड़ता। हर प्रकार की जड़ी-बूटी बिक जाती है। मुख्य मंडी प्रांगण में 16 शेड हैं। यह एक मात्र मंडी है जहां 40−50 प्रकार के औषधीय पौधों की खरीदी बोली लगाकर होती है। मसाला फसलों की खरीदी करने वाली देश की एक मात्र सबसे बड़ी मंडी है। श्री नीलेश पाटीदार नीमच के बड़े काश्तकार हैं। उनकी 45 एकड जमीन है। परिवार में 12 सदस्य हैं। वे पिछले दो-तीन सालों से मसाला फसलों की खेती कर रहे हैं। वे बताते हैं कि इसबगोल, इरानी अकरकारा, चिरायता, आजवाइन, किनोवा, चियासीड, तुलसी बीज जैसी फसलों के बहुत अच्छे दाम मिल जाते हैं। लहसून के भी अच्छे दाम मिलते हैं। नीलेश को इस बात की प्रसन्नता है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव औषधीय फसलों के उत्पादन के लिये प्रोत्साहित कर रहे हैं। वे कहते हैं कि सरकार जड़ी-बूटी की खेती के तौर-तरीकों के संबंध में अच्छी ट्रेनिंग दिलवायेगी तो अच्छे परिणाम मिलेंगे। फिलहाल सरकार की ओर से हर जरूरी सहूलियतें मिल रही हैं। मदद सरकार की और मेहनत हमारी। जड़ी-बूटी उगाने वाले किसानों के लिये नीमच मंडी एक बड़ा सहारा है। श्री प्रहलाद सिंह रतलाम जिले के आजमपुर डोडिया गांव में रहते हैं। उन्हें अश्वगंधा और अकरकारा बीज बेचने के अच्छे दाम मिले हें। मंडी में समय पर बोली लग जाती है और आसानी से फसल बिक जाती है। किसानों को जरा सी भी परेशानी नहीं होती। मंडी के सब लोगों का व्यवहार बहुत अच्छा है। सरकार ने हमारे जैसे छोटे और मझौले किसानों के लिए मंडी में अच्छी व्यवस्थाएं करा दी हैं। श्री पंचम सिंह भी इसी गांव के किसान है और आजवाइन, अश्वगंधा लेकर आते हैं। उन्हें तत्काल भुगतान हो जाता है। मंडी की व्यवस्थाएं बहुत अच्छी हो गई हैं। वे बताते हैं कि अब मंडी की प्रसिद्ध‍ि दूर-दूर तक फैल गई है। गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, महाराष्ट्र , उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के किसान लंबी दूर तय कर यहां माल जाते हैं। अच्छी तुलाई और अच्छे दाम और तत्काल भुगतान के कारण सब यहां आना पसंद करते हैं। इसबगोल, अश्वगंधा, कलौंजी, सतावारी, सफ़ेद मूसली, केसर, सर्पगंधा, अकलकारा जड, जैसी फसलों के दाम ज्यादा है और मांग भी हमेशा बनी रहती है। मंडी की विशेषताओं की चर्चा करते हुए मंडी सचिवउमेश बसेडिया शर्मा बताते हैं कि समय पर नीलामी, गुणवत्तापूर्ण तुलाई और भुगतान की व्यवस्था किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। किसानों के हित में निरंतर सुविधाएं बढाई जा रही हैं। वित्तीय प्रबंधन निरंतर सुधरा है। वर्ष 2024−25 में 64.16 लाख क्विंटल और 2025−26 में 72.40 क्विंटल आवक हुई थी। वे बताते हैं कि मंडी ने किसानों के हित की सभी व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरूस्त कर दिया है। राष्ट्रीय पादप बोर्ड ने साढे पांच करोड़ रूपये का अनुदान भी मंडी की अधोसंरचनात्मक गतिविधियों के लिये उपलब्ध कराया है। इलेक्ट्रानिक नाप-तौल और सीधे व्यापारियों के गोडाउन में पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। यह मंडी प्रांगण 10.9 हेक्टेयर में फैला है। करीब 1100 लाइसेंसधारी व्यापारी इससे जुडे हैं और 150 से ज्यादा तुलावटी उपलब्ध रहते हैं। औषधीय फसलों के उत्पादन में देश में आगे मप्र मध्यप्रदेश औषधीय फसलों के उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है। प्रदेश में 46 हजार 837 हैक्टेयर क्षेत्र में औषधीय फसलों ईसबगोल, सफेद मूसली, कोलियस व अन्य फसलों की खेती की जा रही है। वर्ष 2024-25 में प्रदेश में लगभग सवा लाख मीट्रिक टन औषधीय फसलों का उत्पादन हुआ है। देश और विदेश में औषधीय फसलों की बढ़ती मांग से किसान इन फसलों की ओर आकर्षित हुए हैं। देश में औषधीय फसलों का 44 प्रतिशत हिस्सा मध्यप्रदेश में उत्पादित होता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों को अनुदान और अन्य सहूलियतें दी जा रही है। औषधीय पौधों की खेती से किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार के अवसर पैदा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार किसानों को औषधीय पौधों की खेती के लिए 20 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक का अनुदान देती है। औषधीय पौधों की खेती और संग्रह से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। प्रदेश में प्रमुख रूप से अश्वगंधा, सफेद मूसली, गिलोय, तुलसी और कोलियस जैसी कई औषधीय फसलों का उत्पादन होता है।  

नियमित नियुक्ति की शर्त पर ही संविदाकर्मी की सेवा समाप्ति वैध: हाईकोर्ट

बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने संविदा व अस्थायी कर्मचारियों का अनुबंध खत्म होने के बाद उनकी जगह अस्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए क्रेडा द्वारा जारी विज्ञापन पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने ऊर्जा सचिव सहित अन्य अफसरों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा सेवाकर्ता इकाई संविदा भर्ती के लिए नया विज्ञापन जारी किया था, जिसे लेकर सेवाकर्ता इकाइयों द्वारा अधिवक्ता नरेंद्र मेहेर के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच में हुई। याचिका की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने क्रेडा द्वारा जारी विज्ञापन पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति सेवाकर्ता इकाई के पद पर वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए हुई थी, जिनका अनुबंध 31 मार्च 2026 को समाप्त हुआ। अनुबंध समाप्त होने के बाद क्रेडा ने याचिकाकर्ताओ की सेवावृद्धि न करते हुए उनके स्थान पर नया विज्ञापन जारी कर दिया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी ने पैरवी करते हुए कहा कि किसी भी संविदा अथवा अस्थायी कर्मचारियों को उनकी जगह अन्य अस्थायी कर्मचारी रखने की शर्त पर कार्यमुक्त नहीं किया जा सकता है। ऐसे कर्मचारियों को नियमित कर्मचारी नियुक्त किए जाने की स्थिति में ही हटाया जा सकता है। वरिष्ठ अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी ने सुप्रीम कोर्ट के न्याय दृष्टांत मनीष गुप्ता विरुद्ध अध्यक्ष जन भागीदारी समिति तथा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायदृष्टांत मंजू गुप्ता विरुद्ध छत्तीसगढ़ शासन तथा अंकिता नामदेव विरुद्ध छत्तीसगढ़ शासन का हवाला दिया। सीनियर एडवोकेट ने बताया कि पूर्व में भी छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा टेक्नीशियन संविदा के पद विज्ञापन जारी किया गया था, जिस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने जारी किए गए विज्ञापन पर रोक लगा दी थी। याचिका की सुनवाई के बाद कोर्ट ने छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा सेवाकर्ता इकाई के पद पर जारी विज्ञापन पर रोक लगा दिया है। कोर्ट ने ऊर्जा विभाग के सचिव, अधीक्षण अभियंता (क्रेडा), कार्यपालन अभियंता जोनल कार्यालय तथा सहायक अभियंता को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। 52 कर्मियों ने दायर की है याचिका क्रेडा द्वारा जारी विज्ञापन को चुनौती देते हुए रायपुर जिले के कमलेश कुमार साहू व अन्य नौ, राजनांदगांव जिले के योगेश कुमार साहू व अन्य छह, बेमेतरा जिले से लीलाधर साहू व अन्य छह, खैरागढ़ -गंडई-छईखदान जिले से नरेंद्र कुमार साहू वह अन्य पांच, जयपुर जिले से गणेश कुमार साहू व अन्य 26 ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।

आयुष्मान कार्ड न होने पर भी नहीं रुकेगा इलाज, सीएम योगी का बड़ा भरोसा

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान शनिवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। सीएम योगी ने गंभीर बीमारियों के इलाज में मदद की गुहार लेकर आए लोगों को उन्होंने आश्वस्त किया और इलाज कराने के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से धनराशि देने की बात कही। सीएम योगी ने कहा, जिन लोगों के आयुष्मान कार्ड नहीं बने होंगे उनके कार्ड बनवाए जाएंगे गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 200 लोगों से मिले। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगो तक जाकर उनकी समस्याओं को सुना। उनके प्रार्थना पत्र लिए और पास में खड़े अधिकारियों को समस्या समाधान हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अलग-अलग मामलों से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण के लिए उन्होंने संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतोषप्रद होना चाहिए। जरूरतमंदों का आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद का अनुरोध करने आए थे। एक महिला ने अपने बच्चे के इलाज में आर्थिक दिक्कत और आयुष्मान कार्ड न होने की समस्या बताई। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि चिंता मत करिए। बच्चे का इलाज जरूर होगा। आयुष्मान कार्ड बनवाएंगे और विवेकाधीन कोष से इलाज में आर्थिक सहायता देंगे। एक अन्य महिला को भी उन्होंने इन्हीं शब्द भावों का आत्मीय संबल दिया। इस्टीमेट शासन को उपलब्ध कराएं अफसर इलाज संबंधी प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए सीएम योगी ने कहा कि इस्टीमेट की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर शासन को उपलब्ध करा दें। अपराध व जमीन कब्जा किए जाने से संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस अधिकारियों को अपराधियों व भू माफिया के खिलाफ सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए। जनता दर्शन में कुछ महिलाएं अपने बच्चों को लेकर आई थीं। मुख्यमंत्री ने इन बच्चों को खूब दुलारा और चॉकलेट के साथ आशीर्वाद दिया।