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रोजगार को मिलेगा बढ़ावा, बिहार में परिवहन क्षेत्र के तहत बनेंगे इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन

 शेखपुर राज्य के नए परिवहन मंत्री दामोदर राऊत ने कहा है विभाग को रोजगार का बड़ा साधन बनाया जाएगा। इसके लिए दीर्घकालीन रूपरेखा बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होने राज्य में सीएनजी तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को भविष्य का विकल्प बताते हुए कहा सभी प्रमुख मार्गों पर सरकार चार्जिंग स्टेशन बनाया जाएगा। चार दिन पूर्व परिवहन मंत्री बनने के बाद पहली बार अपने घर जमुई के गिद्दौर जा रहे दामोदर राऊत रविवार को शेखपुरा में पत्रकारों से बातचीत में ये बातें कही। तिरमुहानी दुर्गा मंदिर में मंत्री ने मत्था भी टेका। शेखपुरा के सर्किट हाउस सहित कई स्थानों पर जदयू तथा एनडीए के लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। इसमें शेखपुरा के विधायक तथा जदयू के जिलाध्यक्ष रणधीर कुमार सोनी, पूर्व अध्यक्ष भुवनेश्वर प्रसाद, डॉ. महेश, भगवान कुशवाहा, विजय कुमार सिंह, जयदेव कुमार, रेणु सिंह सहित कई महिला नेत्री भी शामिल हुईं। मुख्य सड़कों पर खोले जाएंगे चार्जिंग स्टेशन परिवहन मंत्री ने बताया राज्य में सीएनजी तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित किया जाएगा। सुविधा के लिए राज्य के मुख्य मार्गों पर चार्जिंग स्टेशन खोले जाएंगे। ये चार्जिंग स्टेशन पीपीपी मोड पर खोले जाएंगे, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिलेगा। परिवहन विभाग को रोजगार सृजन का बड़ा साधन बनाने के लिए राज्य में मुख्यमंत्री परिवहन योजना का विस्तार किया जाएगा, जिससे गांव के युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। परिवहन विभाग में सड़क सुरक्षा पर सबसे अधिक बल दिया जा रहा है, ताकि हादसे कम से कम हों।  

उच्च स्तरीय पुल, आधुनिक हाट बाजार, फल-सब्जी मंडी और महतारी सदनों से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज अपने जशपुर प्रवास के दौरान विकासखंड कुनकुरी अंतर्गत ग्राम पंचायत कलिबा में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न जनहितैषी विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को विकास की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री  साय ने कुल 16 करोड़ 5 लाख 91 हजार रुपए की लागत से 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इन कार्यों में उच्च स्तरीय पुल, आधुनिक हाट बाजार, फल-सब्जी मंडी, स्कूल भवन और महतारी सदनों जैसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्य शामिल हैं, जिनसे क्षेत्र में आवागमन, शिक्षा, कृषि विपणन, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब, किसान और अंतिम व्यक्ति तक विकास की सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सड़क, पुल, स्कूल, बाजार और महिला केंद्र जैसी आधारभूत सुविधाएं केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन को मजबूत बनाने का माध्यम हैं। इन कार्यों से लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नए अवसरों का सृजन होगा। मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में कुल 12 करोड़ 86 लाख 3 हजार रुपए की लागत से 8 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन बोर्ड के माध्यम से ग्राम पंचायत कलिबा में 57 लाख 66 हजार रुपए की लागत से आधुनिक हाट बाजार का निर्माण कराया जाएगा, जिसमें कव्हर्ड शेड, बोरवेल एवं सीसी रोड जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसी प्रकार ग्राम पंचायत बेहराखार में 80 लाख 59 हजार रुपए की लागत से आधुनिक हाट बाजार का निर्माण किया जाएगा। इन बाजारों के बनने से किसानों और ग्रामीण व्यापारियों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर एवं सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा तथा स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। लोक निर्माण विभाग (सेतु) द्वारा कलिबा-टांगरबहार (बैगाटोली) मार्ग पर 5 करोड़ 11 लाख 6 हजार रुपए की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण किया जाएगा। वहीं बांसपतरा-दुलदुला मार्ग पर चांपाझरिया नाला में 5 करोड़ 90 लाख 80 हजार रुपए की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग बनाया जाएगा। इन पुलों के निर्माण से विशेषकर बरसात के दिनों में आवागमन सुगम होगा और ग्रामीणों को लंबे समय से चली आ रही कठिनाइयों से राहत मिलेगी। इसके साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत प्राथमिक शाला कोरवाडेरा, प्राथमिक शाला डडगांव, माध्यमिक शाला बालक नारायणपुर तथा प्राथमिक शाला लालगोड़ा के नवीन भवन निर्माण कार्यों का भी भूमिपूजन किया गया। इन भवनों के निर्माण से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में कुल 3 करोड़ 19 लाख 88 हजार रुपए की लागत से पूर्ण हुए 4 विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। कृषि उपज मंडी समिति जशपुर द्वारा ग्राम पंचायत कंडोरा (महुआटोली) स्थित उपमंडी कुनकुरी में 2 करोड़ 45 लाख 78 हजार रुपए की लागत से निर्मित फल-सब्जी मंडी, गोदाम, प्लेटफार्म, टायलेट, पार्किंग एवं सीसी रोड का लोकार्पण किया गया। इस आधुनिक मंडी के शुरू होने से किसानों एवं व्यापारियों को कृषि उपज के भंडारण, परिवहन और विपणन की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इसके अतिरिक्त पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ढोढ़ीबहार, नारायणपुर एवं केराड़ीह में निर्मित महतारी सदनों का भी लोकार्पण किया गया। प्रत्येक महतारी सदन 24 लाख 70 हजार रुपए की लागत से निर्मित हुआ है। इन केंद्रों में महिलाओं को बैठक, प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूह गतिविधियों एवं सामाजिक आयोजनों के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा, जिससे महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता देते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। पुल और सड़कों के निर्माण से ग्रामीण संपर्क मजबूत होगा, स्कूल भवनों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, आधुनिक बाजार एवं मंडियों से किसानों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी तथा महतारी सदन महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत केंद्र बनेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य करना नहीं, बल्कि गांवों में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और समृद्ध बनाना है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  साय की धर्मपत्नी मती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष  सालिक साय, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष  उपेंद्र यादव सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।  

एमपी ट्रांसको ने सेमरी हरचंद सब स्टेशन पर किया तीसरा पॉवर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने नर्मदापुरम जिले की विद्युत पारेषण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए 132 केवी सब स्टेशन सेमरी हरचंद में तीसरे पॉवर ट्रांसफार्मर को सफलतापूर्वक स्थापित कर ऊर्जीकृत कर दिया है।  तोमर ने बताया कि इस पॉवर ट्रांसफार्मर के चालू होने से विश्व प्रसिद्ध मड़ई वाइल्डलाइफ अभयारण्य सहित सेमरी हरचंद सबस्टेशन से जुड़े अनेक ग्रामीण एवं कृषि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और मानक वोल्टेज पर अधिक विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति हो सकेगी। नर्मदापुरम जिले की पारेषण क्षमता हुई 2000 के पार एमपी ट्रांसको के अतिरिक्त मुख्य अभियंता  राजेश शांडिल्य ने बताया कि इस क्षमता वृद्धि के बाद सेमरी हरचंद सब स्टेशन की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 100 एमवीए हो गई है। साथ ही नर्मदापुरम जिले की कुल स्थापित ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढकर 2000 एमवीए के पार हो गई है। साथ ही 2015 एमवीए क्षमता के साथ जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ एवं विश्वसनीय बनेगी। एमपी ट्रांसको द्वारा नर्मदापुरम जिले में 220 केवी के तीन प्रमुख सब स्टेशन नर्मदापुरम, इटारसी, एवं पिपरिया तथा 132 केवी के छह सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण किया जा रहा है। इनमें सेमरीहरचंद के अलावा पिपरिया, बनखेड़ी, सोहागपुर, मोहासा बाबई,एवं सिवनी मालवा सब स्टेशन शामिल हैं।  

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और अटल पेंशन योजना ने पूरे किए जन-सुरक्षा के 11 वर्ष

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2015 में प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक और जनहितकारी पहल सिद्ध हुई हैं। इन योजनाओं ने गरीब, वंचित, श्रमिक, किसान एवं निम्न आय वर्ग के करोड़ों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार प्रदान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन-सुरक्षा की इन तीनों योजनाओं ने सफलतापूर्वक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के 11 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक कम लागत में बीमा और पेंशन सुविधाएं पहुंचाना है। मध्यप्रदेश में भी राज्य सरकार द्वारा बैंकिंग संस्थाओं, डाकघरों एवं संबंधित विभागों के समन्वय से योजनाओं का लाभ अधिकाधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है। आम नागरिकों की विपत्ति का संबल बनी प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के माध्यम से नागरिकों को अत्यंत कम प्रीमियम पर जीवन बीमा सुरक्षा उपलब्ध हो रही है। योजना के अंतर्गत किसी भी कारण से मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये तक का जीवन बीमा कवर प्रदान किया जाता है। इस योजना में 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के बैंक खाताधारक शामिल हो सकते हैं। योजना का वार्षिक प्रीमियम मात्र 436 रुपये है, जिसे ऑटो-डेबिट के माध्यम से खातों से जमा किया जाता है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में अप्रैल 2026 तक के अंतर्गत देशभर में 27.43 करोड़ से अधिक नामांकन हो चुके हैं तथा 10 लाख 75 हजार से अधिक दावों के लिए 21 हजार 512 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। योजना के अंतर्गत 12.72 करोड़ महिलाओं तथा 8.09 करोड़ प्रधानमंत्री जन-धन खाताधारकों का नामांतर हुआ है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना ने हादसों में संभाले गरीब परिवार प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना दुर्घटना की स्थिति में गरीब एवं सामान्य परिवारों के लिए बड़ा आर्थिक संबल बनकर उभरी है। इस योजना में दुर्घटना से मृत्यु अथवा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 2 लाख रुपये तथा आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में 1 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। योजना में 18 से 70 वर्ष आयु वर्ग के बैंक खाताधारक शामिल हो सकते हैं और इसका वार्षिक प्रीमियम मात्र 20 रुपये है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत अप्रैल 2026 तक 58.09 करोड़ से अधिक नामांकन किए जा चुके हैं तथा 1 लाख 84 हजार से अधिक दावों के लिए 3 हजार 667 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत 27.45 करोड़ महिलाओं तथा 19.30 करोड़ प्रधानमंत्री जन-धन खाताधारकों ने नामांकन कराया है। अटल पेंशन योजना बनी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, गरीबों की आर्थिक सुरक्षा अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, गरीबों एवं निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा का मजबूत माध्यम बन रही है। योजना के अंतर्गत 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे बैंक खाताधारक, जो आयकरदाता नहीं हैं, शामिल हो सकते हैं। योजना में किए गए अंशदान के आधार पर 60 वर्ष की आयु के बाद 1 हजार रुपये से 5 हजार रुपये तक की गारंटीकृत मासिक पेंशन प्रदान की जाती है। अटल पेंशन योजना के अंतर्गत ग्राहक की मृत्यु के बाद उसके जीवनसाथी को पेंशन का लाभ मिलता है तथा उसके पश्चात संचित राशि नामांकित व्यक्ति को प्रदान की जाती है। योजना में मासिक, त्रैमासिक और अर्धवार्षिक आधार पर अंशदान की सुविधा उपलब्ध है। अटल पेंशन योजना में अप्रैल 2026 तक 9.04 करोड़ से अधिक लोग नामांकन करा चुके हैं तथा योजना में महिलाओं की भागीदारी लगभग 49 प्रतिशत है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन जन-सुरक्षा पोर्टल के माध्यम से नामांकन एवं दावा प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। इससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को भी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। जन-सुरक्षा योजनाएं आत्मनिर्भर, सुरक्षित और समावेशी भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। मध्यप्रदेश सरकार भी इन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। योजनाओं के मुख्य बिंदु प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना     यह सामाजिक सुरक्षा योजना वर्ष 2015 में प्रारंभ की गई     योजना 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के बैंक खाताधारकों के लिए लागू     किसी भी कारण से मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर     योजना का वार्षिक प्रीमियम मात्र 436 रुपये     प्रीमियम राशि जमा करने के लिए बैंक खाते से ऑटो-डेबिट की सुविधा     प्रतिवर्ष किया जा सकता है योजना का नवीनीकरण     देश में 29 अप्रैल 2026 तक 27.43 करोड़ से अधिक नामांकन     10.75 लाख से अधिक दावों के लिए 21,512 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान     12.72 करोड़ से अधिक महिला हितग्राही योजना से जुड़ीं         प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना     योजना वर्ष 2015 में प्रारंभ की गई     इस योजना में दुर्घटना बीमा सुरक्षा प्रदान की जाती है     योजना 18 से 70 वर्ष आयु वर्ग के बैंक खाताधारकों के लिए लागू     दुर्घटना में मृत्यु अथवा पूर्ण स्थायी दिव्यांगता पर 2 लाख रुपये का बीमा कवर     आंशिक स्थायी दिव्यांगता पर 1 लाख रुपये की सहायता     वार्षिक प्रीमियम मात्र 20 रुपये     प्रीमियम ऑटो-डेबिट सुविधा के माध्यम से जमा     29 अप्रैल 2026 तक 58.09 करोड़ से अधिक नामांकन     1.84 लाख से अधिक दावों के लिए 3,667 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान     27.45 करोड़ से अधिक महिलाओं ने कराया नामांकन         अटल पेंशन योजना     यह योजना भी वर्ष 2015 में लागू की गई     असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों एवं निम्न आय वर्ग के लिए पेंशन योजना     योजना 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के बैंक खाताधारकों के लिए लागू     आयकरदाता इस योजना के पात्र नहीं     60 वर्ष की आयु … Read more

फार्मर रजिस्ट्री अभियान मिशन मोड में, सरकारी योजनाओं से जुड़ेंगे किसान

 मधुबनी  Agri Stack Project: जिले में किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अभियान को एक बार फिर मिशन मोड में चलाया जाएगा। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर निर्देश दिया कि 12 मई से 30 जून 2026 तक अधिक से अधिक किसानों का फार्मर आईडी बनाया जाए। सरकारी योजनाओं के लिए जरूरी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फार्मर आईडी नहीं बनने पर किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड और अन्य कृषि योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। यह अभियान कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की एग्री स्टैक परियोजना के तहत चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य किसानों का एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है। अधिकारियों को सख्त निर्देश जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं, बीडीओ, अंचल अधिकारियों और प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि परिणाम आधारित कार्यशैली अपनाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं से वंचित न रह जाए लापरवाही पर होगी कार्रवाई जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता राजस्व मुकेश रंजन को निर्देश दिया कि फार्मर रजिस्ट्री में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है और तकनीकी समस्याओं के समाधान की व्यवस्था भी की गई है। 1.74 लाख किसानों की बनी आईडी कृषि एवं राजस्व विभाग के संयुक्त प्रयास से जिले में अब तक 1,74,853 किसानों का फार्मर आईडी तैयार किया जा चुका है। फार्मर आईडी के लिए पहले कृषि विभाग की ओर से ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसके बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से जमाबंदी प्रविष्टि का सत्यापन किया जाता है। किसान खुद करा सकते रजिस्ट्री जिलाधिकारी ने बताया कि किसान कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से स्वयं भी फार्मर रजिस्ट्री करा सकते हैं। पीएम किसान योजना से लाभान्वित और जमाबंदीधारी किसान शिविर में पहुंचकर आसानी से अपना फार्मर आईडी बनवा सकते हैं। जिन किसानों के नाम से जमाबंदी उपलब्ध नहीं है, उन्हें पहले आवश्यक परिमार्जन कराने की सलाह दी गई है। क्या हैं इसके फायदे फार्मर रजिस्ट्री किसानों की एक डिजिटल पहचान है, जिसमें आधार नंबर, बैंक खाता और भूमि रिकॉर्ड को जोड़ा जाता है। इसके जरिए किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे खाते में मिलेगा। साथ ही फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड, खाद-बीज वितरण और राहत राशि वितरण में पारदर्शिता आएगी। सरकार का मानना है कि यह पहल कृषि क्षेत्र में डिजिटल सुधार और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।  

13 करोड़ से ज्यादा बकाया वसूली के लिए बिजली निगम सख्त, उपभोक्ताओं को नोटिस जारी

 कैथल  बिजली निगम की तरफ से लंबे समय से बिजली बिल न भरने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। निगम ने 665 बड़े बकायेदार उपभोक्ताओं के मामलों को राजस्व विभाग के हवाले कर दिया है। इन उपभोक्ताओं को तहसीलदार की ओर से नोटिस जारी किए जाएंगे। तय समय सीमा के अंदर बकाया राशि जमा नहीं करवाने पर संबंधित उपभोक्ताओं की जमीन, मकान व अन्य संपत्तियों को कुर्क (जब्त) करने की कार्रवाई की जाएगी। निगम अब बकाया वसूली के लिए लैंड रेवेन्यू एक्ट का सहारा लेगा। इसके तहत डिफाल्टरों की संपत्तियों पर प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित किया जाएगा और उनकी खरीद-बिक्री पर भी रोक लगाई जा सकती है। यानी जब तक उपभोक्ता बकाया राशि जमा नहीं करवाएंगे, तब तक वे अपनी संपत्ति का लेन-देन नहीं कर सकेंगे। 665 उपभोक्ताओं पर कुल 13 करोड़ 73 लाख रुपये की राशि बकाया निगम के अनुसार इन 665 उपभोक्ताओं पर कुल 13 करोड़ 73 लाख रुपये की राशि बकाया है। इनमें कैथल डिवीजन के 370 उपभोक्ताओं पर 8 करोड़ 68 लाख रुपये, गुहला डिवीजन के 52 उपभोक्ताओं पर 89 लाख रुपये तथा पूंडरी डिवीजन के 243 उपभोक्ताओं पर 4 करोड़ 16 लाख रुपये बकाया हैं। निगम के आंकड़ों के अनुसार जिले में एक लाख रुपये से अधिक बकाया वाले 6129 उपभोक्ता डिफॉल्टर की श्रेणी में हैं। इन पर कुल 180 करोड़ 14 लाख रुपये की राशि लंबित है। सबसे अधिक बकाया कैथल डिवीजन में है, जहां 3750 उपभोक्ताओं पर 129 करोड़ चार लाख रुपये बकाया हैं। इसके अलावा गुहला डिवीजन के 636 उपभोक्ताओं पर 17 करोड़ 7 लाख रुपये और पूंडरी डिवीजन के 1743 उपभोक्ताओं पर 34 करोड़ 3 लाख रुपये बकाया हैं। निगम की ओर से शेष बकायेदारों की सूची भी जल्द तहसील प्रशासन को सौंपी जाएगी। तीन चरणों में नोटिस जारी, फिर भी नहीं हुआ भुगतान निगम ने वसूली अभियान को चरणबद्ध तरीके से चलाते हुए अब तक तीन चरणों में नोटिस जारी किए हैं। पहले चरण में 2409 उपभोक्ताओं को नोटिस भेजे गए थे, जिन पर 64 करोड़ 54 लाख रुपये बकाया था। इनमें कैथल डिवीजन के 1319 उपभोक्ताओं पर 39 करोड़ 47 लाख रुपये, गुहला के 452 उपभोक्ताओं पर 11 करोड़ 1 लाख रुपये तथा पूंडरी के 638 उपभोक्ताओं पर 14 करोड़ 6 लाख रुपये बकाया थे। दूसरे चरण में 888 उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए गए, जिनमें कैथल के 446, गुहला के 114 और पूंडरी के 328 उपभोक्ता शामिल थे। इसके बाद तीसरे चरण में एक्सईएन स्तर से 788 उपभोक्ताओं को अंतिम नोटिस भेजे गए। इनमें कैथल डिवीजन के 416 उपभोक्ताओं पर 9 करोड़ 78 लाख रुपये, गुहला के 49 उपभोक्ताओं पर 88 लाख रुपये और पूंडरी के 323 उपभोक्ताओं पर 6 करोड़ 57 लाख रुपये बकाया हैं। बकाया जमा करें, नहीं तो होगी सख्त कार्रवाई: सोमवीर बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता सोमबीर भालोठिया ने बताया कि निगम लगातार उपभोक्ताओं से बकाया राशि जमा करवाने की अपील कर रहा हैं, लेकिन कई उपभोक्ता बार-बार नोटिस देने के बावजूद भुगतान नहीं कर रहे। ऐसे में अब नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा रही है। बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत रखने के लिए समय पर बिल जमा होना जरूरी है। 665 मामलों को राजस्व विभाग को भेजा जा चुका है और आगामी कार्रवाई तहसीलदार स्तर पर की जाएगी। यह अभियान केवल राजस्व वसूली के लिए ही नहीं, बल्कि जिले में बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी जरूरी है। बिजली चोरी रोकने के लिए पूरे जिले में 24 टीमों का गठन किया हुआ है।

रिश्वतखोरी पर ACB का शिकंजा, बिलासपुर एडीएम कार्यालय का कर्मचारी 15 हजार लेते पकड़ा गया

बिलासपुर करगी रोड कोटा निवासी देवेंद्र कश्यप द्वारा एसीबी कार्यालय बिलासपुर में इस आशय की शिकायत की गई थी कि वह कोटा में होटल का संचालन करता है। माह अगस्त 2025 में उसके होटल की जांच के दौरान खाद्य पदार्थ पेड़ा खुली स्थिति में मिलने पर फूड सेफ्टी ऑफिसर द्वारा उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्यवाही हेतु प्रकरण प्रस्तुत किया गया था। प्रकरण अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं न्याय निर्णयन अधिकारी बिलासपुर के यहां लंबित था। उक्त कार्यालय के बाबू विजय पांडेय द्वारा उससे जुर्माना राशि 1 लाख रुपए तक होने की बात कहकर, जुर्माना राशि को 30,000 रुपए तक करने के एवज में उससे 20,000 रुपए रिश्वत की मांग की जा रही है। लेकिन वह बाबू विजय पांडेय को 20,000 रुपए रिश्वत नहीं देना चाहता, बल्कि उसे रंगे हाथ पकड़वाना चाहता है। शिकायत का सत्यापन और ट्रैप की योजना शिकायत का सत्यापन कराने पर शिकायत सही पाई गई। सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा प्रार्थी से 5,000 रुपए ले लिए गए थे तथा शेष 15,000 रुपए दिया जाना शेष था, जिस पर ट्रैप की योजना तैयार की गई। आज दिनांक 10.05.2026 को आरोपी द्वारा प्रार्थी को 15,000 रुपए रिश्वत लेने हेतु अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं न्याय निर्णयन अधिकारी बिलासपुर के कार्यालय में बुलाए जाने पर, उक्त कार्यालय में प्रार्थी से 15,000 रुपए रिश्वत रकम लिए जाने पर आरोपी विजय पांडेय (सहायक ग्रेड-3) को एसीबी बिलासपुर की टीम द्वारा रंगे हाथ पकड़ लिया गया तथा रिश्वत रकम बरामद कर ली गई।  

अब बिना ठोस सबूत नहीं लगेगा लुक आउट सर्कुलर! हाई कोर्ट ने 23 मामलों में दी राहत

नई दिल्ली  दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि सिर्फ कर्ज न चुकाने के आधार पर किसी व्यक्ति के विरुद्ध लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ ने कहा कि एलओसी एक अंतिम कार्रवाई के रूप में की जाने वाली दंडात्मक कार्यवाही है और बैंक ऋण अदा करने में चूक या व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए लिए गए ऋण के हर मामले में एलओसी जारी नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि जहां एलओसी जारी करने वाले व्यक्ति को गबन या हेराफेरी के किसी अपराध में आरोपित नहीं बनाया गया है, वहां एलओसी मान्य नहीं हो सकता। इसके साथ ही पीठ ने अलग-अलग मामलों में वित्तीय संस्थानों, बैंकों व जांच एजेंसियों के अनुरोध पर 23 याचिकाकर्ताओं के खिलाफ जारी किए गए एलओसी को रद कर दिया। 48 घंटे पहले देनी होगी विदेश यात्रा की सूचना अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को कोर्ट की पहले से अनुमति लिए बिना विदेश यात्रा करने का अधिकार होगा, लेकिन उन्हें अपनी रवानगी से कम से कम 48 घंटे पहले संबंधित विभाग या एजेंसी को इसकी सूचना व अपना यात्रा का पूरा ब्योरा देना होगा। पीठ ने स्पष्ट किया कि कानून में किसी बदलाव या कोर्ट के आदेश सहित किसी अन्य अप्रत्याशित घटना के तहत जांच एजेंसी एलओसी जारी करने की मांग करने के लिए स्वतंत्र होगी। सभी याचिकाकर्ता को राहत देते हुए पीठ ने स्पष्ट किया कि एलओसी की जरूरत, उसकी कानूनी वैधता को सही ठहराने की जिम्मेदारी पूरी तरह से उसे जारी करने वाली एजेंसी की होती है। पीठ ने कहा कि एलओसी अनिश्चित काल के लिए जारी नहीं किया जा सकता और इसकी समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए, ताकि जब इसका मकसद पूरा हो जाए, तो इसे वापस ले लेना चाहिए। पीठ ने कहा कि एलओसी जारी करने वाले अधिकारी को जांच एजेंसी के हथियार के तौर पर काम नहीं करने के बजाय ठोस और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर एक स्पष्ट आदेश जारी किया जाना चाहिए। तीन श्रेणियों में बांटा गया विभिन्न मामलों में फंसे 23 लोगों के खिलाफ ईडी, सीबीआइ, एसफआइओ व विभिन्न बैंकों के कहने पर एलओसी जारी किया गया था। इन सभी ने एलओसी को चुनौती दी है। अदालत ने 23 याचिकाओं को तीन मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया था। इसमें ए श्रेणी में कुछ मामले ऐसे थे जिसमें केवल वित्तीय संस्थानों के अनुरोध पर एलओसी जारी किया गया था, जबकि बी श्रेणी में जांच एजेंसियों के अनुरोध पर एलओसी जारी किया था। वहीं, सी श्रेणी में याचिकाकर्ता को एलओसी जारी करने वाले फोरम के पास भेज दिया गया था। प्रत्येक श्रेणी कुछ अलग, लेकिन आपस में जुड़े हुए कानूनी मुद्दे को उठाती है और सभी का समाधान इस निर्णय में उचित क्रम में किया जाएगा।

कलिबा में सामुदायिक भवन और हनुमान टेकरी में सूर्य नमस्कार प्रतिकृति निर्माण की घोषणा

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज अपने जशपुर प्रवास के दौरान विकासखंड कुनकुरी के ग्राम कलिबा में नवनिर्मित कलिबेश्वर महादेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी मती कौशल्या साय भी उपस्थित थीं।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने यज्ञमंडप में हरिनाम संकीर्तन करते हुए परिक्रमा की तथा यज्ञशाला में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने मंदिर निर्माण को क्षेत्र की आस्था, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकजुटता से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य बताते हुए सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति सेवा, सद्भाव, सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश देती है। मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने तथा संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का सशक्त माध्यम भी हैं।  ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री  साय ने ग्रामवासियों को नवनिर्मित मंदिर के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए ग्राम कलिबा में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 25 लाख रुपये की घोषणा की। साथ ही हनुमान टेकरी में सामुदायिक भवन तथा सूर्य नमस्कार की मुद्राओं की प्रतिकृति निर्माण की घोषणा भी की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने अपने 28 माह के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को तेजी से लागू किया है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 27वीं किस्त के रूप में महिलाओं के खातों में 17 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान  राम का ननिहाल है और राज्य सरकार रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को भगवान  राम के दर्शन करा चुकी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से देशभर के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा भी कराई जा रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रदेशभर में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु विशेष राजस्व शिविर भी लगाए गए हैं। उन्होंने लोगों से इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जिसके लिए एक टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा। इस माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे तथा निर्धारित समय-सीमा में उनके समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। समय पर समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के अंतर्गत प्रदेशभर में शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा तथा 757 करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ किए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से योजना का लाभ लेने के लिए पंजीयन कराने की अपील की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हाल ही में प्रदेश की नवगठित 515 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का वर्चुअल शुभारंभ किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में सहकारी समितियों की संख्या बढ़कर 2 हजार 573 हो गई है। अब पैक्स समितियां बहुउद्देश्यीय सोसायटी के रूप में कार्य करेंगी, जिससे किसानों को खाद, बीज और अल्पकालीन ऋण जैसी सुविधाएं गांव के नजदीक ही उपलब्ध हो सकेंगी तथा धान खरीदी प्रक्रिया भी अधिक सरल और सुविधाजनक बनेगी। इस अवसर पर पद्म  जागेश्वर यादव, छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष  शंभूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत अध्यक्ष  सालिक साय, मंदिर समिति अध्यक्ष  उपेंद्र यादव, जनपद अध्यक्ष  सुशीला साय, पूर्व संसदीय सचिव  भरत साय, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

शहीद नायक विजय कुमार को नम आंखों से विदाई, अंतिम दर्शन में उमड़ी भीड़

मानसा. मानसा जिले के सरदूलगढ़ क्षेत्र के गांव खैरा खुर्द में रविवार को नायक विजय कुमार का पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। गांव के श्मशान घाट में हजारों लोगों की नम आंखों के बीच नायक को अंतिम विदाई दी गई। जैसे ही तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरा माहौल भावुक हो गया। गांव के लोगों ने फूलों की वर्षा कर अपने वीर बेटे को श्रद्धांजलि दी और “नायक विजय कुमार अमर रहे” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। सेना की ओर से पहुंचे अधिकारियों ने पार्थिव शरीर को सलामी दी। इस दौरान सेना अधिकारियों ने नायक वियज कुमार के पिता हिम्मत सिंह को सम्मानपूर्वक तिरंगा सौंपा। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। अंतिम संस्कार के दौरान शहीद की पत्नी ने भी अपने पति को सेल्यूट किया, जिसने पूरे माहौल को और भावुक बना दिया।  इलाज के दौरान तोड़ा दम जानकारी के अनुसार गांव खैरा खुर्द निवासी हिम्मत सिंह के बेटे नायक विजय कुमार वर्ष 2014 में 66 इंजीनियर रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। सेना में भर्ती होने के बाद उन्होंने बीईजी सेंटर रुड़की में प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्तमान में उनकी तैनाती राजस्थान के जोधपुर में थी। यूनिट के नायब सूबेदार मेजर प्रेम प्रकाश ने बताया कि नायक विजय कुमार आर्मी की खेल टीम से जुड़े हुए थे और उन्हें कबड्डी खेलने का काफी शौक था। करीब चार महीने पहले उन्हें पेट संबंधी बीमारी की शिकायत हुई थी, जिसके बाद उन्हें एचआरआर आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। परिवार का इकलौता बेटा थे नायक विजय नायक विजय कुमार अपने परिवार का सबसे बड़ा सहारा थे। मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखने वाले हिम्मत सिंह के तीन बेटों में विजय कुमार सबसे जिम्मेदार सदस्य माने जाते थे। उनके दोनों छोटे भाई अभी अविवाहित हैं, इसलिए परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। शहीद अपने पीछे पत्नी और तीन छोटी बेटियों को छोड़ गए हैं। प्रशासन से डीएसपी मंजीत सिंह और थाना सरदूलगढ़ प्रभारी पुष्पिंदर कौर मौजूद रहे। इसके अलावा कांग्रेस के पूर्व विधायक अजीतइंद्र सिंह मोफर, प्रेम गर्ग, पंकज गर्ग, पार्षद विरसा सिंह और गांव के सरपंच राजेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। बेटियों के लिए सरकार से मदद की मांग गांव के सरपंच राजेश कुमार और अन्य ग्रामीणों ने पंजाब तथा केंद्र सरकार से शहीद परिवार के लिए विशेष वित्तीय सहायता पैकेज देने की मांग की। उन्होंने कहा कि छोटे से गांव से निकलकर नायक विजय कुमार ने देश सेवा कर पूरे इलाके का नाम रोशन किया है। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार को शहीद परिवार की आर्थिक सहायता और बेटियों के भविष्य की जिम्मेदारी उठानी चाहिए।