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हरियाणा में किसानों और महिलाओं को बड़ी सौगात, 205 करोड़ रुपये खाते में भेजे गए

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार (08 मई, 2026) को चंडीगढ़ में आयोजित एक विशेष राज्य स्तरीय कार्यक्रम में डिजिटल माध्यम से करोड़ों रुपये की लाभ राशि वितरित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लाडो लक्ष्मी योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, और फसल मुआवजा समेत कई महत्वपूर्ण योजनाओं के लाभार्थियों को संबोधित भी किया लाडो लक्ष्मी योजना की सातवीं किस्त जारी मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि लाडो लक्ष्मी योजना की सातवीं किस्त आज जारी कर दी गई है। उन्होंने 9 लाख 76 हजार लाभार्थी बहनों के खाते में कुल 205 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की। इसके अलावा, गैस सिलेंडर सब्सिडी के रूप में 11 लाख 23 हजार बहनों के खातों में 38 करोड़ 54 लाख रुपये भी भेजे गए। वहीं, अन्नदाताओं को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने खरीफ 2025 की फसल नुकसान के लिए 1,50,583 किसानों को 370 करोड़ 52 लाख रुपये की मुआवजा राशि वितरित की। जे-फॉर्म अब वॉट्सऐप पर सीएम नायब सैनी ने इस दौरान एक नई ऐप की शुरुआत की, जिससे अब किसानों को अपनी फसल का जे-फॉर्म लेने के लिए आढ़तियों के पास नहीं जाना होगा। यह फॉर्म सीधे उनके वॉट्सऐप पर आएगा। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 82 लाख 55 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है और किसानों को 16,481 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। सामाजिक सुरक्षा को मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री ने 18 विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत 35 लाख 62 हजार लाभार्थियों के खातों में 1146 करोड़ 73 लाख रुपये की राशि डाली। वहीं, अनुसूचित जाति (SC) और पिछड़ा वर्ग (BC) के 64,923 विद्यार्थियों को 100 करोड़ 45 लाख रुपये की छात्रवृत्ति का भुगतान किया गया।

सड़क विकास में तेजी, कांसाबेल-बगीचा मार्ग उन्नयन की निविदा प्रक्रिया मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में पूरी

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सड़क अधोसंरचना को मजबूती, कांसाबेल-बगीचा मार्ग उन्नयन कार्य की निविदा प्रक्रिया पूर्ण रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जशपुर जिले में सड़क अधोसंरचना को मजबूत बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कांसाबेल से बगीचा मार्ग के मजबूतीकरण एवं पुल-पुलिया निर्माण कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है, जिससे जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।     लगभग 29 करोड़ 08 लाख 06 हजार रुपए की लागत से 39 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण मार्ग का उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इसके अंतर्गत सड़क मजबूतीकरण के साथ आवश्यक पुल-पुलियों का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगा।     कांसाबेल-बगीचा मार्ग क्षेत्र का अत्यंत व्यस्त संपर्क मार्ग है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, विद्यार्थी और व्यापारी आवागमन करते हैं। समय के साथ सड़क की स्थिति प्रभावित होने से लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अब निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद क्षेत्रवासियों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध होगी और परिवहन व्यवस्था अधिक सुदृढ़ बनेगी।     इस परियोजना से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, यात्रा समय में कमी आएगी तथा व्यापारिक और सामाजिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार लगातार दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए अधोसंरचनात्मक सुविधाओं का विस्तार कर रही है।

बंगाल में भाजपा की जीत सुशासन पर जनता की मुहर है- अंजय शुक्ला

रायपुर 7 मई 2026 को धरसींवा मण्डल द्वारा मण्डल की मासिक बैठक धरसींवा विश्राम गृह में रखा गया था ,जिसमे शीर्ष नेतृत्व द्वारा दिये गए निर्देशों के सम्बंध में चर्चा किया गया, जिसमें मण्डल का प्रत्येक माह के 1 से 7 तारीख के बीच में मण्डल बैठक करने एवं हर माह के किसी रविवार को जिसमे प्रधानमंत्री जी का मन की बात कार्यक्रम हो उस तिथि में शक्तिकेंद्र की बैठक होना सुनिश्चित करना एवं बुथ स्तर की बैठक एवं 25 सदस्य सूची बनने के लिए शक्तिकेंद्र स्तर पर बैठक मण्डल पदाधिकारीयो द्वारा करने के विषय मे चर्चा किया गया साथ ही विभिन्न समस्याओं के निदान कार्यकर्ताओ का कार्य सहित कार्यलय आदि विषयों पर सकारात्मक चर्चा किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख  रूप से  अंजय शुक्ला जी अध्यक्ष छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड ने अपने उद्बोधन में कहा कि बंगाल में भाजपा की जीत सुशासन पर जनता की मुहर है, साथ ही असम एवं पांडिचेरी मे भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत की बधाई दिया ,एवं उन्होंने अपने उद्बबोधन मे कहा पश्चिम बंगाल में पहले बहुत ज्यादा अराजकता, गुंडागर्दी महिलाओं के ऊपर अत्याचार होता था , लेकिन अब भारतीय जनता पार्टी के सरकार बन गई है पश्चिम बंगाल में संपूर्ण विकास होगा, सभी वर्ग के लोगों को सरकार की सभी योजनाओं को का लाभ दिया जाएगा, देश के प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी,गृह मंत्री  अमित शाह , राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नवीन सहित छत्तीसगढ़ का पूरा संगठन मंत्रिमंडल एक कार्यकर्ता के रूप में पश्चिम बंगाल में जाकर गली ,मोहले जाकर संपर्क किया लोगों की समस्याएं सुना ।पहले 500 साल तक राम मंदिर नहीं बना था लेकिन भारतीय जनता पार्टी की केंद्र में सरकार बनने से आज राम मंदिर भी बन गया। यह विचार और यह कार्य सिर्फ भारतीय जनता पार्टी में हो सकता है, हमारे प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की दूर दृष्टि और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय जी की सुशासन के कारण प्रदेश और देश विकास कर रहा है। हमें भी भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता होने के नाते संगठित होकर सरकार की सभी योजनाओं को सभी वर्गों तक पहुंचाने का कार्य करना चाहिए।  कार्यक्रम में प्रदेश पदाधिकारी  चन्द्रशेखर शुक्ला जी ,जिला पदाधिकारी डॉ  कृष्णकुमार वर्मा जी , पुरुषोत्तम यादव जी, मति संगीता साहू सहित मण्डल के अध्यक्ष महामंत्री उपाध्यक्ष मोर्चा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष गण महामंत्री,युवा मोर्चा ,महिला मोर्चा के पदाधिकारी सहित शक्तिकेंद्र प्राभारी एवं कार्यकर्तागण की उपस्थिति रही।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कलेक्टर ने कसी कमर, एक माह के भीतर कार्य पूर्ण करने की डेडलाइन

रायपुर छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में भीषण पेयजल संकट को दूर करने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर पहाड़ी कोरवा (विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूह) की बस्तियों और सुदूर वन क्षेत्रों में 113 नए हैंडपंप और बोरवेल स्थापित किए जा रहे हैं। सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को घर के पास शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना और पारंपरिक दूरस्थ जल स्रोतों पर निर्भरता कम करना। दूरदराज के वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए और यह सुनिश्चित करना कि कल्याणकारी योजनाओं, विशेष रूप से आवश्यक सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता का परिणाम       विगत दिनों मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सरगुजा दौरे के दौरान पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर को तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश थे कि वनांचल में रहने वाले ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहें। कलेक्टर ने दी एक माह की समय-सीमा       मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में सरगुजा कलेक्टर एवं डीएमएफ (क्डथ्) अध्यक्ष  अजीत वसंत ने प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय कर दिया है। उन्होंने संबंधित विभागों और जनपद पंचायत सीईओ को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी 113 हैंडपंप और बोरवेल खनन का कार्य एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। कहां कितने हैंडपंप लगेंगे?              जिला खनिज संस्थान न्यास (क्डथ्) मद से स्वीकृत इन कार्यों का स्थलीय सर्वे पूर्ण हो चुका है। जिला खनिज निधि के कोष का उपयोग करके विभिन्न विकास खंडों में कार्य किया जाएगा, जिनमें लुण्ड्रा में 34, बतौली में छह, लखनपुर में 22, अंबिकापुर में 11, सीतापुर में 16, मैनपाट में 20 और उदयपुर में चार नए हैंडपंप शामिल हैं। उच्च स्तरीय बैठक में मिली स्वीकृति             24 अप्रैल को आयोजित जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद की बैठक में पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल और लुण्ड्रा विधायक  प्रबोध मिंज सहित अन्य सदस्यों ने इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान की थी। इस पहल से जिले के सैकड़ों गांवों के हजारों निवासियों, विशेषकर पहाड़ी कोरवा परिवारों को पारंपरिक झरिया और दूरस्थ जल स्रोतों पर निर्भरता से मुक्ति मिलेगी और उन्हें उनके घर के पास ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा।

कालीबाई और देवनारायण स्कूटी योजना में DBT लागू, 70 हजार रुपये सीधे ट्रांसफर

जयपुर राजस्थान सरकार ने छात्राओं के लिए चलाई जा रही अपनी महत्वाकांक्षी स्कूटी योजनाओं में एक बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव किया है. अब मेधावी छात्राओं को स्कूटी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा, बल्कि सरकार सीधे उनके बैंक खाते में स्कूटी की रकम ट्रांसफर करेगी. कालीबाई भील और देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना के तहत लिया गया यह फैसला न केवल सरकारी टेंडर और खरीद की जटिलताओं को खत्म करेगा, बल्कि भ्रष्टाचार की गुंजाइश को भी पूरी तरह समाप्त कर देगा. 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर चलते हुए सरकार का लक्ष्य अब छात्राओं को यह आजादी देना है कि वे अपनी पसंद की गाड़ी खुद चुन सकें और योजना का लाभ बिना किसी देरी के सीधे उनके हाथों में पहुंचे. छात्राओं को मिलेगा DBT के जरिए लाभ भजनलाल सरकार के फैसले के बारे में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि डीबीटी के माध्यम से सभी छात्राओं को योजना का लाभ दिया जाएगा. हमने योजना में यह महत्वपूर्ण बदलाव किया है. इसका उद्देश्य लोगों तक योजना का फायदा सीधे पहुंचना है. बीच में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को खत्म करना भी इसका उद्देश्य है. राज्य सरकार ने कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना और देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना के तहत स्कूटी देने के बजाय उनके बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करेगी. स्कूटी के लिए सरकार की तरफ से छात्राओं को 70 हजार रुपये बैंक खाते में जमा किए जाएंगे. इससे विभाग को टेंडर प्रक्रिया, खरीद, भंडारण और वितरण जैसी जटिलताओं से मुक्ति मिलेगी. पहले 26 हजार छात्रों के खाते में भेजा जाएगा पैसा मंत्री अविनाश गहलोत का कहना है कि इस नए बदलाव के तहत सबसे पहले 2024-25 सत्र की 26 हजार छात्राओं के खाते में राशि भेजी जाएगी. इसके बाद 2025-26 सत्र की 25 हजार से अधिक छात्राएं लाभान्वित होंगी. कुल मिलाकर इन योजनाओं के तहत करीब 350 करोड़ रुपये छात्राओं के खातों में डाले जाएंगे.  उन्होंने कहा कि योजना को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह से चरणबद्ध प्लानिंग की गई है. यह पैसा बालिकाओं के खाते में वाउचर के माध्यम से ही दिया जाएगा. ताकि बालिकाएं अपनी पसंद की स्कूटी खरीद सकें. साथी भ्रष्टाचार पर भी जीरो टॉलरेंस की नीति हमारी बनी रहेगी. छात्राओं को क्या करना होगा काम इस बड़े बदलाव के लिए कॉलेज शिक्षा विभाग में छात्रवृत्ति के संयुक्त निदेशक ने सभी प्राचार्य और जिला नोडल अधिकारी को पत्र लिखा है. जिसमें निर्देश दिया गया कि वर्ष 2024-25 की स्थाई वरीयता सूची में चयनित 25977 छात्राओं के आनलाइन आवेदन पत्रों को निम्न सूचनाएं आनलाइन आवेदन पत्र पर अपडेट किये जाने के लिए सम्बन्धित छात्राओं के स्तर पर फॉरवर्ड किया जायेगा.     खाताधारक का नाम     बैंक नाम     खाता संख्या     IFSC कोड     मोबाइल नंबर     छात्रा द्वारा आनलाइन आवेदन पत्र में Passbook/ Cancel Cheque अपलोड किया जायेगा. छात्रा द्वारा उपरोक्त सूचना अंकित करने के बाद आवेदन पत्र जिला नोडल महाविद्यालय को फारवर्ड किये जायेंगें. सभी प्राचार्य/नोडल अधिकारी उक्त सूचनाओं की जांच चयनित छात्राओं के आनलाइन आवेदन पत्र में अपलोड किये गये पासबुक/कैन्सिल चैक से की जायेगी. ध्यान दें कि आवेदन पत्र में अंकित खाता सम्बन्धित छात्रा का ही हो.

रेडक्रॉस की सेवाओं और मिशन से जनता को करें प्रेरित, राज्यपाल पटेल का आह्वान

रेडक्रॉस के उद्देश्य और सेवा कार्यों से जन-जन को करें प्रेरित : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने विश्व रेडक्रॉस दिवस पर प्रदान किए "सेवा सम्मान" भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि दीन-दुखियों की सेवा, ईश्वर की सेवा का सशक्त माध्यम है। मानवता की सेवा ही प्रभु की सेवा है। अपनी शक्ति और सामर्थ्य के अनुसार ग़रीब, वंचित और ज़रूरतमंदों की हमेशा मदद करते रहे। उन्होंने कहा कि सेवा का दायरा बहुत विस्तृत है। रेडक्रॉस सदस्य दूरस्थ, ग्रामीण इलाकों जाकर जरूरतमंदों से मिले, उनकी समस्याओं को करीब से देखें, समझे और यथा संभव समाधान के आत्मीय प्रयास करें। हर सदस्य कम से कम 5 व्यक्तियों को रेडक्रॉस से जोड़े। राज्यपाल पटेल ने रेडक्रॉस के सिद्धांतों, उद्देश्यों और कार्यों से जन-जन को प्रेरित करने का आह्वान किया। पीड़ित मानवता के प्रति रेडक्रॉस के संवेदनशील समर्पण से प्रेरणा लेने, वंचितों के उत्थान में सहभागी बनने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की युवाओं से अपील की। राज्यपाल पटेल शुक्रवार को विश्व रेडक्रॉस दिवस पर आयोजित "सेवा सम्मान समारोह" को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने रेडक्रॉस के संस्थापक हेनरी ड्यू-नॉट के जन्म दिवस पर उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। समर्पित कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों और समाज सेवी संस्थाओं को सम्मानित किया। मानवता की सेवा कार्यों और प्रयासों के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। सभी सम्मानित जनों को सम्पूर्ण समाज के सच्चे नायक और प्रेरणा स्रोत बताया। मध्यप्रदेश राज्य रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (मेपकास्ट) परिसर में किया गया। रेडक्रॉस की सीख कर्मों में भी झलकनी चाहिए राज्यपाल पटेल ने कहा कि विश्व रेडक्रॉस दिवस, मात्र एक दिवस का उत्सव नहीं, बल्कि मानवता, सेवा, करुणा और समर्पण की निरंतर प्रवाहित धारा का स्मरण है। युद्ध के मैदान में पीड़ा देख कर लिया गया संकल्प, आज पीड़ित मानवता की सेवा का वैश्विक आंदोलन बन गया है, जो हमें बताता है कि "सेवा ही सर्वोच्च धर्म है।“ उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस के 7 मूल सिद्धांत- मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्वैच्छिक सेवा, एकता और सर्व व्यापकता,  जीवन जीने के सच्चे मार्गदर्शक हैं। इनका मन, वचन और कर्म से 365 दिन पालन ही, समावेशी समाज निर्माण के संकल्प को सिद्ध करने का प्रभावी तरीका है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि रेडक्रॉस की सीख, शब्दों तक सीमित नहीं हो, यह हमारे कर्मों में भी झलकनी चाहिए। इसके लिए समाज को और अधिक संवेदनशील बनाना होगा। सम्मानित लोग, रेडक्रॉस के कार्यों में अपनी निष्ठा, समर्पण, सेवा-भाव के संस्कारों से भावी पीढ़ी को नेतृत्व प्रदान कर प्रोत्साहित करें। मानवता की सेवा के संकल्प के साथ पीड़ितों और वंचितों का दिल खोलकर सहयोग करें। मन, समय और संसाधनों से उनका साथ दें। समाज में पारस्परिक सहयोग तथा संवेदनशीलता की भावना को और अधिक सशक्त बनाएं। जन औषधि योजना हर वर्ग के लिए वरदान राज्यपाल पटेल ने कहा कि जन-औषधि योजना, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अत्यंत संवेदनशील पहल है। यह योजना हर वर्ग के लिए वरदान है। उन्होंने इस अभूतपूर्व योजना के लिए प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार जताया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रदेश रेडक्रॉस सोसायटी दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों में अधिक से अधिक जन-औषधि केन्द्र खोलने के प्रयास करें। इस पहल से स्थानीय युवाओं को जोड़े। उन्हें जन-औषधि केन्द्र में उपलब्ध दवाओं, गुणवत्ता और कीमतों की जानकारी दें। राज्यपाल पटेल का समारोह में मध्यप्रदेश रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन डॉ. श्याम सिंह कुमरे और वाइस चेयरमैन मनीष रावल ने शॉल एवं श्रीफल से अभिनंदन किया। चेयरमैन डॉ. कुमरे ने स्वागत उद्बोधन दिया। मध्यप्रदेश रेडक्रॉस सोसायटी के कार्यों और उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई। आभार जनरल सेक्रेटरी रामेन्द्र सिंह ने माना। कार्यक्रम में नगर निगम कमिश्नर श्रीमती संस्कृति जैन, मेपकास्ट के महानिदेशक डॉ. अमित कोठारी, डॉ. ब्रिजेश श्रीवास्तव, मध्यप्रदेश रेडक्रॉस सोसायटी की राज्य और जिला इकाई के पदाधिकारी, रेडक्रॉस सदस्य, स्वयंसेवक, सम्मान प्राप्तकर्ता और उनके परिजन उपस्थित थे।  

आत्महत्या के मामलों में बड़ी गिरावट, पंजाब में 2015 के बाद रिकॉर्ड कमी

 चंडीगढ़ खेती संकट और कर्ज के बोझ को लेकर लंबे समय से चर्चा में रहे पंजाब के लिए राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा रिपोर्ट राहत भरी मानी जा रही है।क्राइम इन इंडिया-2024 रिपोर्ट के अनुसार राज्य में किसान और खेतिहर मजदूर आत्महत्या के मामलों में पिछले दस वर्षों का सबसे कम आंकड़ा दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों को दी जा रही आर्थिक सहायता, मुफ्त बिजली, राहत योजनाएं और फसल विविधीकरण की दिशा में किए गए प्रयासों का असर आंकड़ों में दिखाई दे रहा है। एनसीआरबी रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2024 के दौरान पंजाब में कुल 127 किसान और खेतिहर मजदूरों ने आत्महत्या की। इनमें 57 किसान और 70 खेतिहर मजदूर शामिल हैं। वर्ष 2023 में यह आंकड़ा 161 था। इस तरह एक साल के भीतर मामलों में करीब 21 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2015 के बाद यह सबसे कम संख्या है। कृषि क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार की ओर से किसानों को राहत देने के लिए कई कदम उठाए गए। किसानों को मुफ्त बिजली, फसल नुकसान पर मुआवजा, कर्ज राहत और धान-गेहूं के अलावा दूसरी फसलों की तरफ बढ़ने के लिए प्रोत्साहन जैसी योजनाओं का असर धीरे-धीरे सामने आ रहा है। यही वजह है कि खेती से जुड़े आत्महत्या मामलों में कमी दर्ज की गई। हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि स्थिति को पूरी तरह सामान्य नहीं माना जा सकता। खेतिहर मजदूरों में आत्महत्या के मामलों की संख्या अब भी ज्यादा है, जो ग्रामीण आर्थिक ढांचे की कमजोर स्थिति की तरफ इशारा करती है। छोटे और सीमांत किसान अभी भी बढ़ती लागत, कर्ज और घटती आय जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि देश के कई अन्य राज्यों की तुलना में पंजाब में स्थिति में सुधार दर्ज हुआ है। इसके बावजूद कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों की आय बढ़ाने, रोजगार के अवसर पैदा करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास जरूरी हैं, ताकि खेती से जुड़ा संकट स्थायी रूप से कम किया जा सके।

55 करोड़ की पार्किंग बनी विवाद का केंद्र, बैंक गारंटी और राजनीति में फंसा प्रोजेक्ट

 गुरुग्राम  गुरुग्राम शहरवासियों को राहत देने के उद्देश्य से तैयार की गई सदर बाजार क्षेत्र की बहुचर्चित मल्टीलेवल पार्किंग एक बार फिर विवादों में घिर गई है। करीब 55.20 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह पार्किंग पांच दिन भी सुचारु रूप से नहीं चल सकी और बुधवार को इस पर ताला लग गया। निगम अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी द्वारा बैंक गारंटी जमा नहीं करवाने के कारण पार्किंग को अस्थायी रूप से बंद किया गया है, जबकि राजनीतिक गलियारों में इसे दो भाजपा नेताओं के बीच उद्घाटन को लेकर चली खींचतान का परिणाम माना जा रहा है। उद्घाटन के बाद भी शुरू नहीं हो सकी व्यवस्था मुख्यमंत्री द्वारा 30 दिसंबर को मल्टीलेवल पार्किंग का उद्घाटन किया गया था, लेकिन इसके बाद भी पार्किंग आम लोगों के लिए शुरू नहीं हो सकी। नगर निगम चार महीने तक इसके संचालन और रखरखाव के लिए एजेंसी तय नहीं कर पाया। इसके बाद एक मई को विधायक मुकेश शर्मा ने नारियल फोड़कर पार्किंग को दोबारा शुरू कराया और 15 दिन तक मुफ्त पार्किंग सुविधा देने की घोषणा की गई। हालांकि व्यवस्था पांच दिन भी ठीक से नहीं चल सकी और बुधवार को पार्किंग बंद कर दी गई। बैंक गारंटी काे भी बताया एक वजह नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि पार्किंग निर्माण करने वाली एजेंसी अमर बिजनेस ने 55 लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा नहीं करवाई है। इसी कारण एजेंसी को पूर्ण रूप से संचालन की अनुमति नहीं दी गई। अधिकारियों का दावा है कि जरूरी औपचारिकताएं पूरी होते ही पार्किंग को दोबारा खोल दिया जाएगा। मेयर बोलीं-सेंसर और हैंडओवर प्रक्रिया अभी अधूरी मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि पार्किंग में सेंसर और अन्य तकनीकी कार्यों का हैंडओवर अभी पूरा होना बाकी है। एजेंसी के साथ एलओआइ (आशय पत्र) जारी हो चुका है और जल्द ही सभी प्रक्रियाएं पूरी कर पार्किंग दोबारा शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम शहरवासियों को बेहतर पार्किंग सुविधा देने के लिए प्रयासरत है। 206 कारों और 190 बाइकों की क्षमता नगर निगम द्वारा सदर बाजार के समीप बनाई गई यह छह मंजिला मल्टीलेवल पार्किंग शहर के सबसे बड़े पार्किंग प्रोजेक्ट्स में शामिल है। भवन में भूतल और पहली मंजिल पर दुकानों का निर्माण किया गया है, जिन्हें निगम लीज पर देगा। इसके अलावा तीन भूमिगत तल पार्किंग के लिए बनाए गए हैं। यहां एक साथ 206 कार और 190 बाइक खड़ी करने की क्षमता है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को अभी तक स्थायी रूप से पार्किंग सुविधा नहीं मिल पाई है।  

झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता, AK-47 बरामद

लातेहार झारखंड में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। प्रतिबंधित झारखंड जन मुक्ति परिषद से जुड़े दो माओवादियों को हथियार और गोला-बारूद के साथ लातेहार जिले के कुरुखेता जंगल क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है।पुलिस अधीक्षक (एसपी) कुमार गौरव ने बताया कि मंगलवार को एक खुफिया सूचना के बाद जंगल में चलाए गए एक अभियान के दौरान मनोज लोहरा (26) और महादेव सिंह (24) को पकड़ा गया। इस तरह झारखंड को नक्सलमुक्त बनाने में सुरक्षाबलों ने एक कदम और बढ़ा दिया है। भारी मात्रा में हथियार भी मिला बयान के आधार पर हमने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया। संगठन के अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। अधिकारी ने बताया कि बरामद की गई वस्तुओं में एक एके-47 राइफल, 318 कारतूस, मोबाइल फोन और सिम कार्ड शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह कार्रवाई कुटमखेता जंगल क्षेत्र में छापामारी के दौरान की गई, जहां पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने एसपी के गुप्त सूचना के आधार पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। छापेमारी के दौरान पुलिस को देखते ही उग्रवादी भागने लगे, लेकिन सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर दो लोगों को पकड़ लिया। गिरफ्तार उग्रवादियों की पहचान 26 वर्षीय मनोज लोहरा, पिता भुनेश्वर लोहरा, ग्राम जोबला (ताल पांकी, पलामू) और 24 वर्षीय मनोज महादेव सिंह, पिता स्व. आदन सिंह, ग्राम सिमरियाटांड़, लातेहार के रूप में हुई है। पुलिस ने क्या बताया पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने प्रेस वार्ता कर बताया किनक्सल विरोधी अभियान में लगातार सफलता मिल रही है और माओवादी व जेजेएमपी जैसे संगठन कमजोर पड़ते जा रहे हैं। एसपी ने बताया कि मनोज लोहरा के पास से एसएलआर राइफल, मैगजीन, गोली, मोबाइल फोन सहित अन्य सामग्री बरामद की गई है। वहीं छापेमारी के दौरान झाड़ियों से एके-47 राइफल, मैगजीन, गोली, मोबाइल और वायरलेस सेट भी बरामद हुआ है। बरामद हथियारों और सामग्रियों से स्पष्ट है कि उग्रवादी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे। इस संबंध में मनिका थाना कांड संख्या 41/26, दिनांक 05 मई 2026 दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस शंकर राम नामक अन्य उग्रवादी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। अभियान में पुलिस अधिकारियों के साथ सशस्त्र बल के जवानों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसमें पुलिस पदाधिकारी प्रभात कुमार दास, यकीन अंसारी, सेट-42 कुमंडीडी पिकेट, सेट-137 आईआरबी-04 छिपादोहर के जवान और मनिका थाना के रिजर्व गार्ड शामिल थे।

प्रदूषण रोकने के लिए पटना प्रशासन सख्त, बड़े संस्थानों पर नई जिम्मेदारी

 पटना बिहार की राजधानी पटना में बढ़ते वायु प्रदूषण और गंदगी को कंट्रोल करने के लिए प्रशासन ने अब बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। अगर आप भी अब तक घर या मोहल्ले का कचरा सड़क किनारे, किसी खाली प्लॉट में खुले में फेंक देते थे या फिर उसे एक जगह इकट्ठा कर आग लगा देते थे, तो अब आपको सावधान होने की जरूरत है। पटना में अब खुले में कचरा फेंकने और उसे जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने इस संबंध में कड़े निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि इन नियमों की अनदेखी करने वालों पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि उनके खिलाफ सीधे FIR भी दर्ज किया जाएगा। बड़े संस्थानों, मॉल और अपार्टमेंट्स पर कसेगा शिकंजा प्रदूषण नियंत्रण पर्षद का यह नया आदेश विशेष रूप से बड़े कचरा उत्पादकों को ध्यान में रखकर लागू किया गया है। नए नियमों के तहत शहर के बड़े शॉपिंग मॉल, व्यावसायिक संस्थान, और बड़े आवासीय अपार्टमेंट्स अब अपना कचरा यूं ही खुले में या केवल नगर निगम के भरोसे नहीं छोड़ सकेंगे। इन सभी बड़े संस्थानों को अनिवार्य रूप से अपने स्तर पर ही कचरे का वैज्ञानिक तरीके से डिस्पोज करना होगा। कचरे को अलग-अलग कर उसे डिस्पोज करने की पूरी जिम्मेदारी अब खुद संस्थानों की होगी, जिससे शहर की सड़कों पर कचरे का अंबार न लगे। ईपीआर प्रमाण पत्र लेना जरूरी इस नई और सख्त व्यवस्था को धरातल पर उतारने के लिए पर्षद ने सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया को भी अनिवार्य कर दिया है। अब कचरा प्रबंधन के तहत सभी बड़े संस्थानों, मॉल्स और अपार्टमेंट्स को संबंधित स्थानीय निकाय (जैसे- पटना नगर निगम) से ईपीआर (Extended Producer Responsibility) प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा। जिन संस्थानों के पास कचरा निस्तारण का उचित प्रबंध और यह ईपीआर सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त पटना की दिशा में बड़ा कदम बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अधिकारियों ने इसे 'स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त पटना' बनाने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम बताया है। अक्सर देखा जाता है कि ठंड के मौसम में लोग जगह-जगह कचरा जलाते हैं, जिससे निकलने वाला जहरीला धुआं शहर के एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) को खतरनाक स्तर पर पहुंचा देता है। इस नई सख्ती से शहर की आबोहवा में सुधार होने की पूरी उम्मीद है।