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सीएम योगी ने लॉन्च की डिजिटल जनगणना-2027 प्रक्रिया, घर-घर होगा डेटा संग्रह

 लखनऊ  स्वगणना के साथ गुरुवार से प्रदेश में जनगणना-2027 के पहले चरण की शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका शुभारंभ करते हुए कहा कि जनगणना केवल लोगों की गिनती नहीं, बल्कि प्रदेश के समग्र और समावेशी विकास की मजबूत नींव है। लोकभवन में गुरुवार को शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में पहली बार डिजिटल और जातीय जनगणना के साथ वन ग्रामों को भी इसमें शामिल किया गया है। इस दौरान सभी को सात से 21 मई तक लोगों को स्वगणना का विकल्प भी मिलेगा उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे जनगणना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और सही जानकारी दें, ताकि सरकार विकास योजनाओं को सही तरीके से तैयार कर सके। आज के समय में डेटा आधारित निर्णय बेहद जरूरी हैं। जनगणना से मिलने वाले सटीक आंकड़े शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को बेहतर बनाने में मदद करेंगे। देश में पहली बार डिजिटल जनगणना कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य होगा। स्वगणना के तहत पहली बार लोग डिजिटल प्लेटफार्म पर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद जनगणना कर्मी घर-घर जाकर सूचीकरण का काम करेंगे। दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इस बार जनगणना में जातीय गणना भी शामिल की गई है। साथ ही पहली बार वन ग्रामों को भी जनगणना प्रक्रिया में जोड़ा गया है। डिजिटल तकनीक के उपयोग से पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाया गया है। इसके लिए विशेष जनगणना पोर्टल तैयार किया गया है, जिससे ग्राम और वार्ड स्तर तक निगरानी की जा सकेगी। हर व्यक्ति केवल एक स्थान पर ही अपनी गणना कराए और सही व तथ्यात्मक जानकारी दे। इससे सरकार को योजनाएं बनाने और जरूरतमंदों तक सुविधाएं पहुंचाने में आसानी होगी। जनगणना से स्पष्ट होगी प्रदेश की तस्वीर प्रदेश की अनुमानित आबादी करीब 25 करोड़ 70 लाख है। जनगणना का कार्य प्रदेश के 18 मंडलों, 75 जिलों, 350 तहसीलों, 17 नगर निगमों, 745 अन्य नगरीय निकायों, 21 छावनी परिषदों, 57,694 ग्राम पंचायतों और करीब 1.04 लाख राजस्व गांवों में किया जाएगा। इस बड़े अभियान के लिए लगभग 5.47 लाख कार्मिक लगाए जाएंगे। इनमें 4.50 लाख गणनाकर्मी, 85 हजार सुपरवाइजर और 12 हजार राज्य व जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हैं। करीब 5.35 लाख कर्मचारियों को दोनों चरणों के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।  

न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गंभीर मामला, 2 प्रसूताओं की हालत क्रिटिकल

कोटा कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार के दौरान प्रसूताओं का स्वास्थ्य बिगड़ने के मामले को राज्य सरकार ने अत्यंत गंभीरता से लिया है. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री  गजेन्द्र सिंह खींवसर ने घटना की पूरी जानकारी ली. प्रसूताओं के इलाज के लिए सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से 4 विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम कोटा भेजने के निर्देश दिए. साथ ही निष्पक्ष एवं त्वरित जांच करने के भी निर्देश दिए गए हैं. 2 प्रसूताओं की हालत क्रिटिकल इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला अस्पताल पहुंचकर प्रसूताओं के बेहतर इलाज के न‍िर्देश द‍िए. परिजन जल्द ठीक होने के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं. कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती 5 में से 2 की हालत क्रिटिकल बताई जा रही है. अन्य तीन की हालत में हल्का सुधार बताया जा रहा है. अस्पताल में भर्ती पांचों प्रसूताओं को कुछ घंटे के लिए गहन ऑब्जर्वेशन में रखा गया है. इटावा की रागनी अस्पताल में भर्ती हैं, उनके पिता और भाई  ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि उसकी तबीयत में सुधार हो. कोटा की रहने वाली ज्योति की हालत गंभीर बताई जा रही है. ज्योति के भाई संतोष ओर परिवार के लोग च‍िंत‍ित हैं.   जयपुर से 5 डॉक्टर की टीम भेजा सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज जयपुर से निश्चेतना विभाग के डॉ. निहार शर्मा, मेडिसिन विभाग के डॉ. सुनील कुमार महावर, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के डॉ. पवन अग्रवाल, नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉ. संजीव कुमार शर्मा को कोटा भेजा गया है. ये इलाज में सहयोग करेंगे. एक प्रसूता की मौत हो गई कोटा के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पताल के गायनिक वार्ड में भर्ती 6 प्रसूताओं की तबीयत बुधवार को अचानक बिगड़ गई, जिनमें से 1 महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई. बाकी 5 महिलाओं की हालत अभी चिंताजनक बनी हुई है, जिन्हें तुरंत नेफ्रोलॉजी और गायनिक वार्ड में शिफ्ट किया गया है. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ के गलत दवा या इंजेक्शन देने के कारण यह घटना हुई है.

एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, चिटफंड फ्रॉड केस में देवेंद्र प्रकाश तिवारी दबोचा गया

 आगरा हरिद्वार में चिट फंड के नाम पर हजारों लोगों से धोखाधड़ी करके आठ वर्ष से फरार 50 हजार के इनामी देवेंद्र प्रकाश तिवारी को यूपी और उत्तराखंड एसटीएफ ने बुधवार की रात डौकी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। आरोपित डौकी क्षेत्र के नदौता गांव में अपने एक परिचित से मिलने आया था। उसके विरुद्ध हरिद्वार के ज्वालापुर थाने में वर्ष 2018 में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोपित को बुधवार रात डौकी थाने में दाखिल किया गया। उत्तराखंड एसटीएफ उसे अपने साथ हरिद्वार लेकर जाएगी। कानपुर के थाना नौबस्ता की आवास विकास कालोनी स्थित हंसपुरम कालोनी देवेंद्र प्रकाश तिवारी की यूपी और उत्तराखंड एसटीएफ को आठ वर्ष से तलाश थी। एसटीएफ कानपुर इकाई को बुधवार रात देवेंद्र प्रकाश की लोकेशन लखनऊ एक्सप्रेसवे से लगे डौकी के गांव नदौता के पास मिली। जिसके बाद उत्तराखंड और यूपी एसटीएफ की कानपुर इकाई की संयुक्त टीम ने घेराबंदी करके आरोपित को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपित देवेंद्र प्रकाश ने बताया कि वर्ष 2006 से 2009 तक जीसीए कंपनी में डिस्ट्रीब्यूटर व जीसीए कंपनी के आयुर्वेदिक उत्पाद बेचने का काम किया। परिचित अनिल कुमार तिवारी ने शिवम शीतगृह नाम से एक कंपनी बनाई थी। जिसमें अनिल तिवारी व उसकी पत्नी सरोज तिवारी निदेशक थे। वर्ष 2010 में शिवम शीतगृह का नाम बदल कर धेनू ग्रीन गार्डन मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड कर दिया। जिसमें देवेंद्र तिवारी को भी निदेशक बनाया। कंपनी वर्ष 2011 तक चली। जिसके बाद धेनू ग्रीन इंडिया नाम से दूसरी कंपनी बनाई। इसमें उसे निदेशक बनाया गया। कंपनी का कार्यालय ज्वालापुर हरिद्वार मे बनाया था। आरोपित अनिल कुमार तिवारी द्वारा वर्ष 2012 में धेनू विज्ञान अनुसंधान संस्थान नाम से एक एनजीओ बनाया, जो 2017 तक चला।कंपनी में निवेश के नाम पर हजारों लोगो को लाभ का लालच देकर उनसे निवेश कराया गया। वर्ष 2018 में कंपनी द्वारा की गई धोखाधड़ी के चलते थाना ज्वालापुर हरिद्वार में मुकदमा दर्ज काया गया था। थानाध्यक्ष डौकी सुनीत शर्मा ने बताया कि आरोपित काे डौकी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है।  

बंबोरी गांव में सीएम का जनता से सीधा संवाद, खाट पर बैठकर सुनी समस्याएं

 प्रतापगढ़ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को प्रतापगढ़ जिले के बंबोरी गांव में रात्रि प्रवास किया. उन्होंने देर रात तक ग्राम विकास चौपाल में महिलाओं, किसानों, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों से आत्मीय संवाद किया. चौपाल में मुख्यमंत्री ने खाट पर बैठकर खेती, सिंचाई, पेयजल, सड़क, बिजली, रोजगार, शिक्षा, जनजाति विकास और अन्य स्थानीय विषयों पर विस्तार से चर्चा की.       किसानों एवं पशुपालकों ने आधुनिक कृषि तकनीक, ड्रिप सिंचाई, प्राकृतिक खेती, पशुपालन एवं डेयरी विकास से जुड़े सुझाव दिए और युवाओं ने राज्य सरकार द्वारा रोजगार एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर अपने अनुभव साझा किए.   21 लाख से अधिक महिलाएं प्रशिक्षित    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि मातृ शक्ति के आत्मनिर्भर और सशक्त बनने से ही देश समृद्ध होगा. लखपति दीदी योजना के माध्यम से देश में मातृ शक्ति की आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखा जा रहा है. हमारी सरकार ने प्रदेश में लखपति दीदी योजना के तहत 21 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण दिया है, और 16 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाया है. उन्होंने कहा कि लखपति दीदी समाज और सरकार के बीच मजबूत कड़ी बनकर अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भरता से जोड़ने का कार्य करें. "लाभकारी खेती की तरफ बढ़ना जरूरी" मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते दौर में किसानों को लाभकारी खेती की ओर बढ़ना आवश्यक है. इसके लिए हमारी सरकार 23 से 25 मई तक जयपुर में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-ग्राम 2026 का आयोजन कर रही है. उन्होंने कहा कि ग्राम 2026 में प्रदेश के हजारों किसान और पशुपालक के साथ ही देश-विदेश के कृषि वैज्ञानिक, तकनीकी विशेषज्ञ, एग्रीटेक डेवलपर, स्टार्टअप्स और कृषि प्रसंस्करण से जुड़े उद्योगपति भाग लेंगे.   ऑर्गेनिक खेती अपनाने के लिए किया प्रेरित मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़े स्तर पर कार्य कर रही है. विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से लाखों हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने किसानों को प्राकृतिक एवं ऑर्गेनिक खेती अपनाने, फलदार पौधे लगाने और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने किसानों से सोलर ऊर्जा से जुड़ने और फव्वारा प्रणाली जैसी जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया.    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पूरे प्रदेश में 27 अप्रैल से ग्राम विकास रथ अभियान शुरू किया है.इसके माध्यम से हर पंचायत तक सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जा रही है.उन्होंने कहा कि इस अभियान में सरकार सुझाव पेटिका के जरिए आमजन से सुझाव ले रही है.   महिला सशक्तीकरण की दिखी प्रेरक तस्वीर ग्राम विकास चौपाल में महिला प्रभारी मंत्री, महिला संभागीय आयुक्त, महिला कलेक्टर और महिला सरपंच की उपस्थिति प्रेरक रही.मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओं को मंच पर आमंत्रित कर उनका सम्मान किया और महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया.   गैर नृत्य के साथ सीएम स्वागत मुख्यमंत्री के आगमन पर आदिवासी कलाकारों ने पारंपरिक गैर नृत्य के साथ उनका स्वागत किया. मुख्यमंत्री भी कलाकारों के बीच पहुंचे और उनके साथ गैर नृत्य में शामिल होकर उत्साहवर्धन किया.मुख्यमंत्री के आत्मीय व्यवहार और अपनत्व से कलाकार अभिभूत नजर आए.मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर ग्राम रथ का अवलोकन भी किया तथा इससे संबंधित गतिविधियों की जानकारी ली.  इस अवसर पर राजस्व मंत्री हेमंत मीणा,सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक, महिला एवं बाल विकास विभाग राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार, सांसद सीपी जोशी, विधायक श्रीचंद कृपलानी, अर्जुन लाल जीनगर, चंद्रभान सिंह आक्या एवं सुरेश धाकड़ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे. लखपति दीदी ने अनुभव साझा किया लखपत‍ि दीदी कांता सेने ने कहा क‍ि पहले मैंने सिलाई मशीन से काम शुरू किया, फिर गाय खरीदी. आज मेरी वार्षिक आय 1.40 लाख रुपये है. अब मैं अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने और योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित करती हूं. ईना रावत ने कहा क‍ि पहले मैं केवल खेतों में काम करती थी, ट्रेनिंग और आर्थिक सहायता मिलने के बाद सिलाई का काम शुरू किया, फिर बैंक सखी की ट्रेनिंग ली.  आज मेरी गांव में अलग पहचान है.  पहले कोई नहीं जानता था, अब हर कोई सम्मान से नमस्ते करता है.    स्कूली छात्रा लवीशा ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बम्बोरी में विज्ञान संकाय खोलने का आग्रह किया.  छात्रा की बात सुन मुख्यमंत्री ने विद्यालय में विज्ञान संकाय खोलने का आश्वासन दिया.

अवैध कब्जों पर कड़ी कार्रवाई, निगम बोले: नहीं हटाए तो खुद करेंगे और वसूली भी

चंडीगढ़  चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने  नगर निगम के विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक लेकर शहर में अवैध स्ट्रीट वेंडिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में बी एंड आर, सैनिटेशन और इंफोर्समेंट विंग सहित निगम के प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। मेयर ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए अधिकारियों को एक्शन मोड में आने को कहा और स्पष्ट किया कि अवैध रेहड़ी-फड़ी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, फुटपाथों और बाजारों में अवैध कब्जा करने वाले वेंडरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, क्योंकि इससे यातायात बाधित होता है और सफाई व सुरक्षा संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं।  बैठक में बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार केवल वही स्ट्रीट वेंडर निर्धारित वेंडिंग जोन में कारोबार कर सकते हैं, जिनके पास स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट, 2014 के तहत जारी वैध प्रमाण पत्र हैं। मेयर ने इंफोर्समेंट विंग को निर्देश दिए कि अवैध वेंडिंग और अतिक्रमण के खिलाफ विशेष अभियान तेज किया जाए तथा गैर-निर्धारित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अनधिकृत रेहड़ी-फड़ी न लगने दी जाए। उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। मेयर ने सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि केवल वही स्ट्रीट वेंडर्स निर्धारित वेंडिंग जोन में कार्य कर सकते हैं, जिनके पास स्ट्रीट वेंडर्स (आजीविका संरक्षण एवं स्ट्रीट वेंडिंग विनियमन) अधिनियम, 2014 के तहत जारी वैध प्रमाणपत्र और पंजीकरण हो। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने अतिक्रमण रोकने, पैदल यात्रियों के अधिकारों की रक्षा करने और वैध वेंडर्स की आजीविका के संतुलन के साथ शहरी व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है। मेयर सौरभ जोशी ने इंफोर्समेंट विंग को अवैध वेंडिंग के खिलाफ अभियान तेज करने, अतिक्रमणों को तुरंत हटाने तथा गैर-निर्धारित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अनधिकृत वेंडिंग नहीं होने देने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर निरंतर निगरानी और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। मेयर ने कहा कि अनधिकृत रेहड़ी-फड़ी और अवैध कब्जों के कारण शहर की यातायात व्यवस्था, स्वच्छता और सार्वजनिक सुरक्षा प्रभावित होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुविधा, सुचारु यातायात व्यवस्था और शहर की स्वच्छता बनाए रखना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है तथा इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मनीमाजरा में विभाग मेहरबान मनीमाजरा में इंफोर्समेंट विभाग फुटपाथ पर चल रहे अवैध रेहड़ी- फड़ी बाजार को लेकर दरियादिली दिखा रहा है। बस स्टेंंड और आसपास फड़ी और गोल गप्पे वाले अवैध कब्जा करके बैठे है। इसके अलावा राणा हवेली, शांति नगर, पिपली वाला टाउन, मौली जागरां कांप्लेक्स, हाऊसिंग बोर्ड चौक व मनीमाजरा ओल्ड रोपड़ रोड पर सरेआम अवैध अतिक्रमण होने से सड़क पर जाम लगा रहता है। लोगों का कहना है नगर निगम की ओर से तैनात कर्मी यहां कोई कार्यवाही नहीं करते।  

उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की

उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया की प्रगति की गहन समीक्षा की शासन के नियमों के अनुरूप रोस्टर निर्माण करते हुए शीघ्र भर्ती प्रक्रिया के लिए विज्ञापन करें जारी नियत समय पर हो प्रवेश, परीक्षा और परिणाम भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने  मंत्रालय स्थित सभाकक्ष में सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों के साथ, विश्‍वविद्यालयों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया की प्रगति सहित विविध विषयों की विस्तृत समीक्षा की। मंत्री परमार ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय, शासन के नियमों के अनुरूप रोस्टर निर्माण करते हुए भर्ती प्रक्रिया के लिए शीघ्र विज्ञापन जारी करें। मंत्री परमार ने कहा कि विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक, अकादमिक एवं प्रशासनिक सुधार की दृष्टि से, रिक्त पदों की पूर्ति करना हमारी प्राथमिकता है। मंत्री परमार ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय शैक्षणिक कैलेंडर का दृढ़ता के साथ शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें, इसके लिए पिछले सत्र के परीक्षा परिणाम समयपूर्वक घोषित किए जाएं जिससे अगले सत्र में नियत समय पर प्रवेश, परीक्षा एवं परिणाम सुनिश्चित हो सकें। मंत्री परमार ने कहा कि विद्यार्थियों के समग्र हितों की रक्षा, हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्री परमार ने सभी विश्वविद्यालयों को निर्देशित किया है कि सभी विश्वविद्यालय अपने छात्रावासों को विद्यार्थियों की आवश्यकता अनुरूप बेहतर बनाएं और छात्रों को सुलभ रूप से गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध हो। मंत्री परमार ने विश्वविद्यालयों के छात्रावासों के निरीक्षण के लिए एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए, यह कमेटी छात्रावासों में विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं की गुणवत्ता का निरीक्षण करेगी। मंत्री परमार ने विश्वविद्यालयों द्वारा डिजिटल मूल्यांकन को लेकर हो रहे क्रियान्वयन की गति को बढ़ाने पर बल देते हुए कहा कि परीक्षा की विश्वसनीयता को प्रभावी रूप से बनाए रखना हमारा ध्येय है और पारदर्शितापूर्ण परीक्षा पद्धति के लिए डिजिटल मूल्यांकन की महती आवश्यकता है। मंत्री परमार ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय डिजिटल मूल्यांकन की पद्धति को लागू करने के लिए प्रयास करें। मंत्री परमार ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने शैक्षणिक अमले के कार्यों के मूल्‍यांकन के लिए भी आंतरिक पद्धति विकसित करे जिससे शैक्षणिक एवं अकादमिक गुणवत्ता में उत्तरोत्तर वृद्धि हो सके। मंत्री परमार ने सभी विश्वविद्यालयों को अन्‍य भारतीय भाषाओं को क्रेडिट से जोड़कर पढ़ाने की कार्ययोजना को भी शीघ्र लागू करने के प्रयास करने के निर्देश दिए। उल्‍लेखनीय है कि बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल को तमिल, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर को कन्नड़, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इन्दौर को मराठी एवं तेलगू, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर को तेलगू एवं पंजाबी, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा को सिंधी और गुजराती, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन को मलयालम,सिंधी और असमिया, महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर को गुजराती, राजा शंकरशाह विश्वविद्यालय छिन्दवाड़ा को तमिल और मराठी, पंडित शंम्भूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय शहडोल को बांग्ला, क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय खरगोन को गुजराती, महात्मा गाँधी विश्वविद्यालय चित्रकूट को उड़िया और महर्षि पाणिनी विश्वविद्यालय उज्जैन को उड़िया भाषा सिखाने के लिए भाषा का आवंटन किया गया है। ये विश्वविद्यालय, उक्त आवंटित भाषा सिखाने के लिए क्रियान्वयन कर रहे हैं। मंत्री परमार ने सभी विश्वविद्यालयों को समर्थ पोर्टल पर क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय, स्वयं पोर्टल के विनियमन को अपनाएं और स्वयं पोर्टल पर हर विद्यार्थी को कम से एक कोर्स में पंजीयन कराएं। बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने सभी विश्वविद्यालयों को सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर अपनी ग्रेडिंग सुधारने के लिए भी निर्देशित किया। राजन ने सभी विश्वविद्यालयों को कर्मचारी कल्याण से जुड़े विविध विषयों को शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित पेंशन प्रकरण एवं अनुकम्पा नियुक्ति प्रकरणों का शीघ्र निदान करें। बैठक में विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी उच्च शिक्षा अनिल पाठक सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

राष्ट्रीय लोक अदालत अमृतसर: आपसी समझौते से मामलों का निपटारा, आम जनता को आमंत्रित

अमृतसर  जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण अमृतसर की ओर से 9 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन न्यायाधीश जतिंदर कौर के मार्गदर्शन में किया जाएगा। इस संबंध में आम जनता, वकीलों और मुकदमेबाजों से अपील की गई है।  न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत लोगों को तेज, सस्ता और सरल न्याय उपलब्ध करवाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि जिन मामलों में समझौते की संभावना है, उन्हें राष्ट्रीय लोक अदालत में भेजा जा रहा है, ताकि दोनों पक्षों की सहमति से विवाद समाप्त किए जा सकें। समझौते से समय, धन और आपसी सौहार्द की बचत की अपील यह राष्ट्रीय लोक अदालत अमृतसर मुख्यालय के साथ-साथ बाबा बकाला साहिब और अजनाला में भी विभिन्न बेंचों के माध्यम से आयोजित की जाएगी। इसमें सिविल मामले, पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस केस, मोटर दुर्घटना दावा मामले, मजदूरी विवाद, समझौतायोग्य आपराधिक मामले, राजस्व संबंधी विवाद तथा बैंक, बिजली-पानी बिलों और अन्य सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े प्री-लिटिगेशन मामलों का निपटारा किया जाएगा। जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे अदालतों में लंबित मामलों को आपसी समझौते से सुलझाकर समय और धन दोनों की बचत करें। लोक अदालत के माध्यम से विवाद खत्म होने पर आपसी भाईचारा और सौहार्द भी बना रहता है। अधिक जानकारी के लिए संबंधित पक्ष प्राधिकरण के कार्यालय या टेलीफोन नंबर 0183-2220205 पर संपर्क कर सकते हैं।

CM ने 8-मंजिला भोपाल निगम भवन का उद्घाटन किया, जनता सेवाओं और सोलर प्लांट का होगा लाभ

भोपाल  तुलसी नगर (सेकंड स्टॉप) पर भोपाल नगर निगम का नया मुख्यालय तैयार है। यह अटल भवन के नाम से जाना जाएगा। यह 43 करोड़ से बना है। यहां एक ही छत के नीचे पूरी नगर सरकार होगी। अब तक नागरिकों को अलग-अलग कामों के लिए शहर के कई हिस्सों में जाना पड़ता था।यह प्रदेश की पहली नगरीय निकाय बिल्डिंग है, जो जियोथर्मल तकनीक से लैस है। पार्किंग पर लगे सोलर पैनलों से 300 किलोवाट बिजली बनेगी। नवनिर्मित मुख्यालय का नाम ‘अटल भवन’ रखा गया है। इसके लोकार्पण के साथ नीमच जिले में भोपाल निगम द्वारा स्थापित 10.5 मेगावॉट सोलर प्रोजेक्ट का भी लोकार्पण किया गया। एक जगह पर आ जाएंगे सभी विभाग बिल्डिंग की शुरुआत के बाद निगम के सभी विभाग एक ही बिल्डिंग में आ जाएंगे। हालांकि, दो महीने पहले से ही कई ऑफिस शिफ्ट किए जा चुके हैं। अब सेंट्रल वर्कशॉप, हाउसिंग फॉर ऑल, सिविल, जनसंपर्क, विद्युत, बीसीएलएल, जल कार्य, सीवेज, स्वच्छ भारत मिशन, जन्म-मृत्यु, विवाह पंजीयन, झील प्रकोष्ठ, एनयूएलएम, राजस्व, गोवर्धन परियोजना, अतिक्रमण, बिल्डिंग परमिशन शाखाएं एक ही जगह पर लगेगी। ग्राउंड फ्लोर पर एंटर होते ही जनसुविधा केंद्र स्थापित किया गया है। जहां एक ही स्थान पर सभी विभागों से संबंधित जानकारी आवेदक को मिलेगी। बिल्डिंग परमिशन समेत कई जनसुविधा भी यहां मिलेंगी। अभी कई जगह पर संचालित ऑफिस अभी भोपाल के कई स्थानों पर निगम के ऑफिस में शाखाएं संचालित की जा रही हैं। आईएसबीटी और माता मंदिर में महापौर, अध्यक्ष और कमिश्नर के कक्ष के साथ कई शाखाएं हैं। शाहपुरा में बिल्डिंग परमिशन शाखा है, जबकि फतेहगढ़ में स्वास्थ्य शाखा लग रही है। ग्रीन कॉन्सेप्ट पर बनाई गई है बिल्डिंग ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर नगर निगम का नया मुख्यालय भवन बना है। बिल्डिंग के ठीक सामने परिसर में सोलर पैनल लगाए गए हैं। हालांकि, इसकी दिशा उत्तर-दक्षिणी होने की वजह से बिजली उत्पादन में असर पड़ सकता है। एक बिल्डिंग, 3 कमिश्नर बिल्डिंग की पूरी डिजाइन निगम के तत्कालीन कमिश्नर केवीएस चौधरी कोलसानी ने बनवाई थी। उनकी मौजूदगी में बिल्डिंग का आधे से ज्यादा काम हुआ, जबकि बाकी काम हरेंद्र नारायण के समय हुआ। अब संस्कृति जैन के समय बिल्डिंग शुरू की जा रही है। किस फ्लोर पर क्या?     ग्राउंड फ्लोरः जनसंपर्क, टैक्स काउंटर, विवाह पंजीकरण और बच्चों के लिए विशेष गेम जोन।     पहली से चौथी मंजिलः महापौर, एमआईसी सदस्य, भवन अनुज्ञा, जलकार्य, सीवेज और राजस्व विभाग।     पांचवीं से सातवीं मंजिलः योजना प्रकोष्ठ, आईटी, स्मार्ट सिटी, स्वास्थ्य और उद्यान विभाग।     आठवीं मंजिलः कमिश्नर स्टाफ और स्मार्ट सिटी का मुख्य कार्यालय 10 जगहों पर बिखरे दफ्तर अब एक छत के नीचे अब तक नगर निगम के कार्यालय माता मंदिर, पीएचई दफ्तर, आइएसबीटी, स्मार्ट सिटी कार्यालय, न्यू मार्केट, श्यामला हिल्स, शाहपुरा और फतेहगढ़ सहित शहर के 10 अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रहे थे। नए मुख्यालय के शुरू होने से निगम के अधिकांश विभाग एक ही परिसर में कार्य करेंगे, जिससे आम नागरिकों को सुविधाएं मिलेंगी। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा मुख्यालय भवन के भू-तल पर विवाह पंजीयन, भवन अनुज्ञा, स्मार्ट सिटी और कर संबंधी काउंटर बनाए गए हैं। पहली मंजिल पर महापौर, निगम परिषद अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और परिषद कार्यालय के साथ कॉन्फ्रेंस हॉल रहेगा। नगर निगम आयुक्त का कार्यालय भवन की आठवीं मंजिल पर बनाया गया है। बड़े नेताओं की मौजूदगी में होगा लोकार्पण लोकार्पण कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री Kailash Vijayvargiya, मंत्री Vishvas Sarang, प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप, राज्यमंत्री कृष्णा गौर, सांसद आलोक शर्मा और महापौर मालती राय सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। नीमच के सोलर प्लांट का भी शुभारंभ नगर निगम ने नीमच जिले की धमपुरा तहसील में 10.5 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया है। करीब 45 करोड़ रुपये की इस परियोजना में निगम ने 14 करोड़ रुपये निवेश किए हैं, जबकि शेष राशि निजी कंपनी द्वारा लगाई गई है। गाजियाबाद की टेक्नोसिस कंपनी के साथ 25 वर्षों का अनुबंध किया गया है। इस परियोजना से ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

सपनों को नई उड़ान, मुख्यमंत्री ने कहा—अब करोड़पति दीदी बनने की सोचिए

आम की छांव में बदले सपनों के मायने: मुख्यमंत्री ने कहा—अब करोड़पति दीदी बनने की सोचिए सुशासन तिहार में वनांचल की महिलाओं से आत्मीय संवाद: संघर्ष की कहानियों में दिखी आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की तस्वीर रायपुर  कबीरधाम जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में 4 मई को सुशासन तिहार के दौरान एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने सरकारी योजनाओं के असर को आंकड़ों से निकालकर मानवीय संवेदनाओं से जोड़ दिया। घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच बसे ग्रामपंचायत लोखान के कमराखोल में जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अचानक ग्रामीणों के बीच पहुंचे, तो वहां मौजूद महिलाओं के लिए यह केवल मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं थी, बल्कि अपने संघर्षों को पहचान मिलने का भावुक क्षण था। आम के पुराने विशाल पेड़ की छांव में चौपाल सजी। मुख्यमंत्री महिलाओं और ग्रामीणों के बीच बैठकर उनसे सहज बातचीत कर रहे थे। गांव की महिलाएं खुलकर अपनी जिंदगी की कहानियां साझा कर रही थीं – कभी आर्थिक तंगी, सीमित अवसर और संघर्षों से भरी जिंदगी, तो आज स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने तक का सफर। जब मुख्यमंत्री को बताया गया कि बिहान योजना से जुड़कर यहां की कई महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं, तो उनके चेहरे पर संतोष और गर्व दोनों दिखाई दिए। उन्होंने कहा –  “आप लोगों ने मेहनत और आत्मविश्वास से अपनी जिंदगी बदली है। अब यहीं मत रुकिए। बड़ा सोचिए, आगे बढ़िए। अब आपको करोड़पति दीदी बनने का सपना देखना है।” मुख्यमंत्री के ये शब्द चौपाल में मौजूद नारीशक्ति के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं थे। ग्राम कुकदूर की श्रीमती कचरा तेलगाम ने अपनी कहानी साझा की। श्रीमती कचरा तेलगाम ने बिहान योजना से मिले दो लाख रुपये के ऋण से शटरिंग प्लेट्स खरीदीं और नया व्यवसाय शुरू किया। शुरुआत आसान नहीं थी, लेकिन मेहनत और लगन ने धीरे-धीरे उनकी जिंदगी बदल दी। आज उनके पास लगभग 1700 वर्गफुट शटरिंग सामग्री है और वे 22 से अधिक मकानों के निर्माण कार्य में सहयोग कर चुकी हैं। इस काम से उन्हें हर साल ढाई से तीन लाख रुपये तक की आय हो रही है। कचरा तेलगाम बताती हैं कि पहले वे केवल घर की जिम्मेदारियों तक सीमित थीं, लेकिन अब वे परिवार की आर्थिक ताकत बन चुकी हैं। बच्चों की पढ़ाई, घर की जरूरतें और भविष्य की बचत -सब कुछ अब वे आत्मविश्वास के साथ संभाल रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने जिस अपनेपन से बात की, उससे लगा कि हमारी मेहनत सच में किसी ने देखी और समझी है। अब और आगे बढ़ने का हौसला मिला है। सुशासन तिहार के इस दौरे ने यह स्पष्ट किया कि शासन की योजनाएं दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में  लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आज गांवों में आर्थिक बदलाव की नई धुरी बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि दूरस्थ अंचलों की महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और सम्मान के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं, तो पूरा परिवार और समाज मजबूत होता है। कबीरधाम के इन वनांचल गांवों में आम की छांव के नीचे हुई यह चौपाल महिलाओं के भीतर जगे नए विश्वास, बड़े सपनों और बदलती जिंदगी की नई शुरुआत का प्रतीक बन चुकी है। “लखपति दीदी” से “करोड़पति दीदी” तक का यह सपना अब गांव-गांव में नई उम्मीद बनकर फैल रहा है।

गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण, पीएम मोदी ने नीतीश कुमार से दिखाया गर्मजोशी भरा रिश्ता

पटना  बिहार की राजनीति में आज का दिन न केवल नई कैबिनेट के गठन के लिए, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के बीच के मजबूत संबंधों के लिए भी याद किया जाएगा। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद आयोजित इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री विशेष तौर पर शामिल हुए। समारोह संपन्न होने के बाद जब मंच पर फोटो सेशन की तैयारी चल रही थी, तब पीएम मोदी और नीतीश कुमार के बीच की 'केमिस्ट्री' ने सबका ध्यान खींचा। प्रधानमंत्री ने खुद पहल करते हुए नीतीश कुमार को सम्राट से कहकर अपने पास बुलाया और उसके बाद जो गर्मजोशी दिखी, वो यादगार पल बन गया। शपथ के मंच पर पीएम मोदी-नीतीश की केमिस्ट्री दरअसल, बिहार में आज मंत्रिमंडल विस्तार हुआ। नीतीश कुमार के इस्तीफा देने के बाद राज्य में पहली बार बीजेपी की सरकार बनी। 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री के तौर पर सम्राट चौधरी ने शपथ ली थी। इसके बाद 7 मई को पटना के गांधी मैदान में मंत्रिमंडल विस्तार हुआ। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद पीएम मोदी आज के मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल हुए। पटना के गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह के बाद मंच पर गहमागहमी थी। पीएम मोदी के बगल में सीएम सम्राट चौधरी खड़े थे। फोटो सेशन की तैयारी चल रही थी। तभी पीएम मोदी ने सम्राट चौधरी को इशारा किया कि वो नीतीश कुमार को बुलाकर लाएं। फिर सम्राट ने वहां मौजूद किसी को बोला कि नीतीश कुमार को लेकर आइए। फिर जैसे ही नीतीश कुमार पीएम मोदी के नजदीक आए उन्होंने नीतीश कुमार के हाथ पकड़कर गर्मजोशी दिखाया। दोनों नेताओं ने मुस्कुराकर अभिवादन किया। फोटोग्राफी के दौरान नीतीश कुमार हाथ हिलाकर आभिवादन करते रहे। फिर उन्होंने पीएम मोदी के दोनों कंधों झोर से हिलाकर अपनी गहरी दोस्ती को जताया। इसके बाद पीएम मोदी और नीतीश कुमार आपस में बात करते रहे। बीच-बीच लोगों के अभिवादन भी स्वीकार करते रहे। बिहार में आज 32 नए मंत्रियों ने ली शपथ बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मंत्रिपरिषद का गठन के 22 दिनों बाद बृहस्पतिवार को पहला विस्तार किया गया, जिसमें 32 नए मंत्रियों को शामिल किया गया। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह पांच पांच मंत्रियों के समूह में संपन्न हुआ। मंत्रिपरिषद विस्तार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कोटे से मिथिलेश तिवारी, नीतीश मिश्र, रामचंद्र प्रसाद, नंद किशोर राम और केदार गुप्ता को मंत्री बनाया गया। इस विस्तार में पूर्व केंद्रीय मंत्री मंगल पांडेय को जगह नहीं मिली। गांधी मैदान में बने विशाल पंडाल में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा तथा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। लोकभवन (राजभवन) परिसर से बाहर, बड़े स्तर पर मंत्री परिषद विस्तार समारोह आयोजित किया गया। भाजपा की अगुवाई में बनी बिहार सरकार के नए मंत्रियों में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रकाश को भी मंत्री परिषद में शामिल किया गया। मंत्रिपरिषद विस्तार में नीतीश कुमार सरकार के अधिकतर पूर्व मंत्रियों को फिर से स्थान दिया गया है, जबकि कई नये चेहरों को भी मौका मिला है। भाजपा कोटे से विजय कुमार सिन्हा, रामकृपाल यादव, केदार गुप्ता, नीतीश मिश्रा, मिथिलेश तिवारी, रमा निषाद,दिलीप जायसवाल, श्रेयसी सिंह, प्रमोद चंद्रवंशी, लखविंदर पासवान, संजय टाइगर, इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र, नंद किशोर राम, रामचंद्र प्रसाद और अरुण शंकर प्रसाद को मंत्री बनाया गया है। जदयू कोटे से निशांत कुमार, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, रत्नेश सदा, मदन सहनी, लेसी सिंह, श्वेता गुप्ता, बुलो मंडल, दामोदर रावत, भगवान सिंह कुशवाहा, सुनील कुमार, शीला मंडल और जमा खान को मंत्री बनाया गया है। विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव पहले से मंत्री हैं। वहीं, चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) से संजय सिंह व संजय पासवान, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हम से संतोष सुमन और उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो से दीपक प्रकाश मंत्री बने हैं।