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CCL ने दी बड़ी सौगात: दामोदर नदी पर गिद्दी-भुरकुंडा पुल का होगा पुनर्निर्माण

 गिद्दी (रामगढ़)  हजारीबाग और रामगढ़ जिलों को जोड़ने वाली गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर नदी पर स्थित जर्जर पुल को लेकर लंबे समय से चल रही मांग आखिरकार रंग लाई है। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) बोर्ड की बीते 23 अप्रैल को हुई बैठक में इस महत्वपूर्ण पुल की मरम्मत और नए पुल के निर्माण के लिए 19 करोड़ 44 लाख 64 हजार 400 रुपये की स्वीकृति दे दी गई है। इस फैसले से गिद्दी और भुरकुंडा समेत आसपास के क्षेत्रों के लोगों में खुशी की लहर है। यह फैसला न सिर्फ दो जिलों, बल्कि हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा। दो जिलों की धड़कन, अब मिलेगी नई सांस गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर पुल हजारीबाग और रामगढ़ जिलों के साथ-साथ मांडू और बड़कागांव को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। प्रतिदिन हजारों भारी वाहन, स्कूली बच्चे, मजदूर और व्यापारी इसी पुल से गुजरते हैं। ऐसे में इसकी जर्जर हालत लंबे समय से खतरे की घंटी बनी हुई थी। प्रतिदिन हजारों लोग और भारी वाहन इस पुल से गुजरते हैं, जिससे इसकी महत्ता और भी बढ़ जाती है। गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर पुल का मरम्मत भी, नया पुल भी बनेगाः जीएम सीसीएल अरगडा जीएम सत्यजीत कुमार ने बताया कि बीते 23 अप्रैल को बोर्ड की बैठक में गिद्दी-दामोदर नद की जर्जर पुल की मरम्मत व नए पुल निर्माण को ले राशि की स्वीकृति मिल गई है। बताया कि 19 करोड़ 44 लाख 64 हजार 400 रुपये की लागत से राज्य सरकार द्वारा पुराने पुल की तत्काल मरम्मत की जाएगी। साथ ही इसके समानांतर नया आधुनिक पुल बनाया जाएगा। कुल स्वीकृत राशि का 25 प्रतिशत करीब 4 करोड़ 75 लाख शुरुआती चरण में राज्य सरकार को दिया जाएगा। हालांकि अभी बोर्ड मीटिंग के आधिकारिक मिनट्स आने बाकी हैं। प्रबंधन ने मुख्यालय से इसकी मांग की है। इसके बाद ही फंड ट्रांसफर और कार्य प्रक्रिया स्पष्ट होगी। खतरे की जद में था पुल गौरतलब है कि गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर पुल की स्थिति पिछले कई वर्षों से काफी जर्जर बनी हुई थी। तकनीकी जांच में पुल के एक पिलर को कमजोर पाया गया था। विशेषज्ञों ने भारी वाहनों के संचालन पर सावधानी बरतने की सलाह दी थी। इसके बाद अरगडा-बरकासयाल प्रबंधन ने पुल के दोनो ओर एक बोर्ड लगाया था। जिसमें एक बार में एक तरफ से एक ही भारी वाहन पुल से गुजरने का संदेश अंकित था। साथ ही इसके अनुपालन के लिए दोनों ओर सुरक्षा कर्मी की ड्यूटी लगा दी थी। परंतु रिभर साइड भुरकुंडा की ओर पुल पर तैनात सूरक्षा कर्मी पुल पर एक समय में एक बाड़ी पार कराने के प्रति उतनी संजीदगी नहीं दिखती थाी। जिससे कई बाद पुल के बीच में दोनों ओर से भारी वाहन प्रवेश कर जाने पर पुल पर घंटो जाम लग जाता था। पुल के जर्जर होने से पुल पर कंपन भी महसुस होता है। इसके बावजूद मजबूरी में लोग हर दिन जोखिम उठाकर इसी पुल से गुजर रहे थे। श्रेय लेने की लगी है होड़ गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर पुल निर्माण के लिए बोर्ड द्वारा राशि स्वीकृत करने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा इसे अपनी उपलब्धि बताने का सिलसिला शुरू हो गया है। क्षेत्र में बयानबाजी और सोशल मीडिया के माध्यम से श्रेय लेने की कोशिशें देखी जा रही हैं। हालांकि, आम लोगों का कहना है कि पुल का निर्माण जल्द शुरू होना चाहिए, ताकि आवागमन सुरक्षित हो सके। शुरुआत में निर्माण एजेंसी को लेकर असमंजस थाः एसओसी गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर पुल निर्माण एजेंसी को लेकर असमंजस की स्थिति थाी। यह बाते अरगडा एसओसी नोसिर तौहिद ने कही। कहा कि जनहित से जूड़ा सवाल होने के कारण अरगडा महाप्रबंधक सत्यजीत कुमार व अरगडा के तत्कालित जीएम एसके झा ने पुल निर्माण को लेकर काफी गंभीरता दिखाया। बाद में असैनिक विभाग ने सीसीएल हेडक्वार्टर रांची व झारखंड सरकार के बीच सामांजस बनाकर मामले की जमीन लाने का कार्य किया है। अब जाकर यह तय हो गया है कि सीसीएल राशि उपलब्ध कराएगा, जबकि झारखंड सरकार पुल का निर्माण कार्य कराएगी। पुल मरम्मत व नए पुल निर्माण होने से आवागमन होगा सुगम गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर नद की जर्जर पूराने पुल की मरम्मत व नए पुल के निर्माण होने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होने के साथ-साथ व्यापार, परिवहन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। फिलहाल लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि निर्माण कार्य कब शुरू होता है। अब आगे क्या? अब सबकी नजर इस बात पर है कि बोर्ड मीटिंग के मिनट्स कब आते हैं और टेंडर प्रक्रिया कब शुरू होती है। साथ ही गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर नद पर पूराने पुल की मरम्मत व नए पुल निर्माण कार्य जमीन पर कब दिखता है। पुल निर्माण व मरम्मत की राशि स्वीकृत होने पर लोगों में जो पुल कभी डर का कारण था, वही अब विकास की नई पहचान बनने जा रहा है। लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और निर्माण कार्य कब शुरू होता है। अगर सब कुछ तय समय पर हुआ, तो जल्द ही यह क्षेत्र एक सुरक्षित और आधुनिक पुल की सौगात पा सकता है।  

जहानाबाद में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, 46 शिक्षकों का वेतन रोका गया

जहानाबाद बिहार के जहानाबाद जिले में मैट्रिक और इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंटल परीक्षा के दौरान ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने 46 शिक्षकों का वेतन अस्थायी रूप से रोक दिया है और तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। इस कदम से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। क्या है पूरा मामला जानकारी के अनुसार, इन शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति परीक्षा कार्य के लिए विभिन्न केंद्रों पर की गई थी। केंद्राधीक्षकों की रिपोर्ट में सामने आया कि कई शिक्षक बिना किसी पूर्व सूचना के अपने निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर अनुपस्थित रहे। इतना ही नहीं, उन्होंने इस संबंध में कोई अनुमति भी नहीं ली। जिला शिक्षा कार्यालय ने इस मामले को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए कड़ी कार्रवाई की है। जारी आदेश में कहा गया है कि यह कृत्य उच्च अधिकारियों के आदेश की अवहेलना, स्वेच्छाचारिता, लापरवाही और अनाधिकृत अनुपस्थिति की श्रेणी में आता है। किसका कितना वेतन रोका गया इंटर कम्पार्टमेंटल परीक्षा में ड्यूटी पर लगाए गए 27 शिक्षकों का वेतन 30 अप्रैल से 11 मई तक रोक दिया गया है। वहीं मैट्रिक कम्पार्टमेंटल परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले 19 शिक्षकों का वेतन 30 अप्रैल से 6 मई तक स्थगित किया गया है। तीन दिन में देना होगा जवाब शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित शिक्षकों को तीन दिनों के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण देना होगा। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनकी सेवा पुस्तिका में प्रविष्टि करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बिहार विद्यालय परीक्षा संचालन अधिनियम 1981 के तहत भी विधिसम्मत कार्रवाई शुरू की जा सकती है। इस कार्रवाई के दायरे में सहायक शिक्षक से लेकर प्रधानाध्यापक तक शामिल हैं, जो विभिन्न प्राथमिक, मध्य और उच्च विद्यालयों में कार्यरत हैं। क्या बोले अधिकारी अधिकारियों ने साफ कहा है कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में ‘नो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। शिक्षा विभाग की इस सख्ती को परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।  

रेखा यादव ने मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण किया

भोपाल  मध्यप्रदेश में नारी सशक्तिकरण के संकल्प को नई ऊर्जा देते हुए  रेखा यादव ने सोमवार को मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण किया। उनके साथ ही नवनियुक्त सदस्य  साधना स्थापक ने भी कार्यभार संभाला। पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए  यादव ने कहा कि आयोग अब केवल शिकायतों के निवारण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिलाओं के वैचारिक और सामाजिक सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखेगा।  रेखा यादव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन की सराहना करते हुए कहा कि उनका संकल्प है कि मध्यप्रदेश की हर नारी आत्मनिर्भर और सुरक्षित महसूस करे। मेरा प्राथमिक दायित्व उनके इसी विजन को साकार करना है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़ी महिला तक पहुंचे।" महिला अपराधों पर कड़ा रुख अपनाते हुए  यादव ने कहा कि कानून अपनी जगह है, लेकिन समाज की मानसिकता में बदलाव लाए बिना स्थायी सुधार संभव नहीं है। कानूनों के निर्माण से अपराधों पर पूर्णतः अंकुश नहीं लगाया जा सकता, इसके लिए मानव की सोच और सामाजिक दृष्टिकोण को बदलना नितांत आवश्यक है। उन्होंने कहा  कि जब तक पुरुष प्रधान सोच और महिलाओं के प्रति समाज का नजरिया नहीं बदलेगा, तब तक अपराध की प्रवृत्ति में स्थायी सुधार संभव नहीं है।  यादव ने महिलाओं का आह्वान किया कि वे स्वयं भी जागरूक बनें और अपने अधिकारों को पहचानें, क्योंकि एक जागरूक नारी ही अपने खिलाफ होने वाले अन्याय के विरुद्ध मजबूती से खड़ी हो सकती है। उन्होंने कहा कि अधिकारों की जानकारी ही बचाव की पहली सीढ़ी है। अक्सर जानकारी के अभाव में महिलाएं शोषण सहती रहती हैं। राज्य महिला आयोग अब एक मित्र और मार्गदर्शककी भूमिका निभाएगा। हम हर जिले में महिलाओं तक पहुंचेंगे ताकि वे बिना किसी डर के अपनी बात रख सकें। इस अवसर पर आयोग के सदस्य सचिव श्री सुरेश तोमर सहित वरिष्ठ अधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित 

Punjab News: पटियाला में पूरी पंचायत निलंबित, सरपंच सहित सभी सदस्य पर गिरी गाज

पटियाला. पटियाला देहाती क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव लंग की ग्राम पंचायत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (डीडीपीओ) पटियाला द्वारा अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए की गई है। पंचायत के खिलाफ की गई थी शिकायत इस आदेश के तहत जसविंदर कौर (सरपंच), गुरमीत कौर (पंच), मनप्रीत सिंह (पंच), अमनदीप सिंह (पंच), मस्त खान (पंच), गुरदीप सिंह (पंच) और गुरमेल कौर (पंच) को उनके पदों से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई गांव निवासी मेवा सिंह पुत्र स्वर्गीय राम ईश्वर सिंह द्वारा पंचायत के खिलाफ की गई शिकायत के आधार पर की गई है। बैठक या कार्यवाही में नहीं ले सकेंगे हिस्सा शिकायतकर्ता ने पंचायत पर कई तरह के आरोप लगाए हैं, जिनकी जांच विभाग द्वारा शुरू कर दी गई है। डीडीपीओ ने निलंबन के साथ यह निर्देश भी जारी किए हैं कि संबंधित सरपंच और पंचायत सदस्य अब ग्राम पंचायत लंग की किसी भी बैठक या कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। इसके अलावा, पंचायत के बैंक खातों से संबंधित किसी भी प्रकार की लेन-देन या कार्रवाई पर भी रोक लगा दी गई है।

बिहार से सकारात्मक संदेश, सम्राट चौधरी ने जनादेश का किया स्वागत

पटना चार राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने इसे ‘तुष्टिकरण की राजनीति के अंत’ का संकेत बताया। वहीं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पश्चिम बंगाल की जनता को ऐतिहासिक जनादेश के लिए बधाई दी। सम्राट चौधरी ने कही ये बात बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “जहां पैदा हुए श्यामा प्रसाद मुखर्जी, वो बंगाल हमारा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को ऐतिहासिक जनादेश देने के लिए बंगाल की जागरूक और राष्ट्रनिष्ठ जनता का हृदय से कोटि-कोटि अभिनंदन। भारत माता की जय!” ऋतुराज सिन्हा का बड़ा बयान बीजेपी के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने पश्चिम बंगाल समेत चार राज्यों के चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत की राजनीति से अब ‘वोट बैंक’ और ‘तुष्टिकरण’ का दौर हमेशा के लिए खत्म हो चुका है। ममता बनर्जी पर हमला उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की सत्ता से विदाई इस बात का प्रमाण है कि जनता अब उस मॉडल को स्वीकार नहीं करेगी, जहां अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के नाम पर बहुसंख्यक समाज के साथ दोहरा व्यवहार किया जाता है। ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि बंगाल की माताओं-बहनों ने अपनी असुरक्षा और युवाओं ने अपने भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ का हिसाब ‘वोट की चोट’ से चुका दिया है। उन्होंने तमिलनाडु और केरल का जिक्र करते हुए कहा कि जो लोग ‘सनातन धर्म’ और भारतीय संस्कृति का अपमान कर अपनी राजनीति कर रहे थे, उन्हें जनता ने कड़ा सबक सिखाया है। उनके अनुसार दक्षिण भारत अब परिवारवाद और छद्म धर्मनिरपेक्षता से बाहर निकलकर राष्ट्रवाद की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। इंडी गठबंधन पर प्रहार ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि यह प्रचंड जनादेश ‘इंडी गठबंधन’ के उन दलों के लिए करारा जवाब है, जो जाति और धर्म के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति करते रहे हैं। सुशासन बनाम विभाजनकारी राजनीति उन्होंने कहा कि देश की जनता ने साफ संदेश दिया है कि उन्हें विभाजनकारी राजनीति नहीं, बल्कि सुरक्षित माहौल और सुशासन चाहिए। ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि जो दल ‘वोट जिहाद’ जैसे हथकंडों पर भरोसा कर रहे हैं, उन्हें समझ लेना चाहिए कि अब देश में वही टिकेगा जो “सबका साथ, सबका विकास” के रास्ते पर चलेगा। उन्होंने अंत में कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति का अध्याय अब इस देश में हमेशा के लिए बंद हो चुका है।  

युवाओं से कहा- सरकार खूब नौकरियां निकाल रही, मेहनत से तैयारी कीजिए, किसी के पास जाने की आवश्यकता नहीं, योग्यता है तो नौकरी अवश्य मिलेगी

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश भर से पहुंचे फरियादियों से मुलाकात की और आश्वस्त किया कि सरकार हर उचित समस्या का समाधान कराएगी। जनता दर्शन में माता-पिता के साथ आए बच्चों की शिक्षा के बारे में पूछा और अभिभावकों से कहा कि बच्चों को अवश्य पढ़ाइए। शिक्षित बच्चा ही समृद्ध भारत का निर्माण करेगा। अवैध कब्जे की शिकायत पर मुख्यमंत्री सख्त हो गए, उन्होंने तत्काल जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।  सरकार सुविधा दे रही, आप बच्चों को पढ़ाइए जनता दर्शन में अभिभावकों के साथ कुछ छोटे बच्चे भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने पूछा कि किस क्लास में पढ़ रहे हैं। इस पर जवाब आया कि अभी एडमिशन नहीं कराया है। सीएम ने इसकी वजह जाननी चाही, लेकिन उन्हें संतुष्टिपरक जवाब नहीं मिला तो उन्होंने अभिभावकों से कहा कि प्रदेश में पिछले 9 साल में शिक्षा का स्तर काफी सुधरा है। बेसिक हो या माध्यमिक, हर जगह बच्चों को गुणवत्ता के आधार पर शिक्षा प्रदान की जा रही है। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के बच्चों को शिक्षा के साथ ही ड्रेस, कॉपी-किताब, जूते-मोजे आदि के लिए अभिभावकों के खाते में 1200 रुपये दिए जा रहे हैं। बच्चों को ताजा पौष्टिक मिड-डे मील भी मिल रहा है। आप बच्चों का एडमिशन कराइए और हर हाल में स्कूल भेजिए। सरकार लाखों नौकरियां दे रही, आप मेहनत से तैयारी कीजिए जनता दर्शन में कुछ युवा भी पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री से नौकरी को लेकर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सभी की बातें ध्यान से सुनीं। फिर बताया कि 9 साल में 9 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है और सभी विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया निष्पक्षता व पारदर्शिता से संपन्न कराई गई है। इस साल भी सरकार कई विभागों में नियुक्ति करने जा रही है। इसके जरिए लाखों युवाओं को नौकरी मिलेगी। आप लोग सिर्फ मेहनत से तैयारी कीजिए। किसी के पास जाने की आवश्यकता नहीं है। हमारी सरकार में सिफारिश नहीं चलती, पारदर्शिता से भर्ती होती है। योग्यता है तो आपको नौकरी अवश्य मिलेगी। मुख्यमंत्री से वार्ता के उपरांत युवाओं ने सकारात्मक भाव के साथ तैयारी करने का विश्वास दिलाया। साथ ही आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए इन युवाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी जताया।  अवैध कब्जे की शिकायत पर सख्त हुए मुख्यमंत्री, बोले- कार्रवाई कीजिए और अवगत कराइए  मुख्यमंत्री के सामने अवैध कब्जे की भी शिकायत आई। सीएम ने फरियादियों से प्रार्थना पत्र लिया, उसे पढ़ा और अफसरों को देते हुए कहा कि इन मामलों की जांच कराइए। राजस्व, प्रशासन व पुलिस संयुक्त रूप से देखे कि इन प्रकरणों में क्या कार्रवाई होनी है। उचित कार्रवाई कराइए, पीड़ित पक्ष को संतुष्ट कराइए और फिर शासन को अवगत भी कराइए। ऐसी शिकायतें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

लखनऊ से बहराइच तक मौसम का तांडव, पेड़ गिरे, बिजली ठप और जनजीवन अस्त-व्यस्त

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह लखनऊ, अयोध्या, बहराइच समेत प्रदेश के कई जनपदों में आंधी-बारिश से हुई भीषण तबाही का संज्ञान लेते हुए अफसरों को तत्काल लोगों की मदद का निर्देश दिया है। सीएम योगी ने मौसम से प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरी मशीनरी सक्रिय रहे, हर हाल में प्रयास करें कि विपरीत मौसम का न्यूनतम असर हो। जनहानि, पशुहानि, घायलों व आपदा प्रभावितों को 24 घंटे में मुआवजा दिलाना सुनिश्चित करें। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं नहीं होनी चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि सरकार हर प्रतिकूल परिस्थिति में किसानों व समस्त प्रदेशवासियों के साथ निरंतर खड़ी है। प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत मौसम में कई जनपदों में सड़क दुर्घटनाएं हुईं। वहां राहत-बचाव कार्य तेज गति से हों। घायलों का निकटवर्ती अस्पतालों में त्वरित इलाज सुनिश्चित किया जाए। आंधी-बारिश की वजह से किसानों व आमजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूरा प्रयास किया जाए कि प्रतिकूल मौसम का न्यूनतम प्रभाव हो। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निरंतर फील्ड में रहें, वस्तुस्थिति का जायजा लें। फील्ड अधिकारी भी खराब मौसम से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के बीच जाएं और उनसे सीधा संपर्क करें और राहत कार्यों के लिए समन्वय बनाएं। किसी भी विपरीत स्थिति या आवश्यकता पर सभी सूचनाएं समय पर एकत्र कर शासन को उपलब्ध कराएं, ताकि प्रभावितों को जल्द से जल्द राहत सुनिश्चित की जा सके। कहां कैसा रहा मौसम सुबह नौ बजे बाराबंकी में छाया अंधेरा, झमाझम बारिश बाराबंकी में सोमवार की सुबह से ही काले बादल छाए रहे। कुछ देर बाद ही ठण्डी हवाएं चलने लगीं। नौ बजते ही अंधेरा छा गया। ऐसे में हेडलाइट जलाकर वाहन सड़कों पर गुजरने लगे। आंधी शुरू होते ही ओलावृष्टि शुरू हो गई। दस मिनट के बाद तेज बारिश शुरू हो गई। बाहर निकले लोग बारिश से बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे। गोंडा में आंधी के कहर से सैकड़ों पेड़ और खंभे टूटे गोंडा में सोमवार सुबह करीब दस बजे आंधी और बारिश के कहर से सैकड़ों पेड़ और खंभे टूट गए है। जगह जगह बिजली लाइनें टूटने से हजारों घरों की बिजली गुल हो गई है। गोंडा उतरौला मार्ग पर मेहनौन बिजली उपकेंद्र से आने वाली 33 केवी की लाइन पर जामुन के पेड़ की मोटी डाल टूटकर गिर गए। इसे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गए है। गोंडा उतरौला मार्ग पर कई जगह पेड़ गिरने से यातायात बाधित है। अयोध्या हाइवे पर भी पेड़ गिरने से यातायात थमा रहा। मोतीगंज कस्बे में स्थित एक निजी स्कूल के बाउंड्री पर गिरा यूकेलिप्टस का पेड़ 11000 केवी की लाइन पर गिर गया । वही सीहागांव में भी पेड़ गिरने से पांच पोल वा तार टूटने से बिजली सप्लाई बाधित है। आर्य नगर खरगूपुर मार्ग पर स्टेट बैंक सामने लगा शीशम का पेड़ मुख्य सड़क पर गिर जाने से आवागमन बाधित हुआ। अयोध्या में झमाझम बारिश, दिन में जलानी पड़ी लाइट रामनगरी अयोध्या में एक बार फिर सुबह झमाझम बारिश से नजारा बदल गया। सुबह पौने ग्यारह बजे तेज हवाओं के साथ काले बादलों से दिन में अंधेरा छा गया। झमाझम बरसात शुरू होते ही जो जहां था थम गया। तापमान गिरने से मौसम सुहावना हो गया। मौसम विभाग ने अभी सात तारीख तक बीच-बीच में इसी तरह बदलाव के संकेत दिए हैं। जेठ के महीने में हुई इस बरसात ने लोगों को राहत दे दी है। इस बार अप्रैल के पहले हफ्ते में बरसात ने थोड़ी राहत दी लेकिन इसके बाद लगातार दस दिनों तक मौसम तपने से लोग परेशान हो गए। बलरामपुर में तेज हवाओं के साथ बारिश बलरामपुर में तेज हवाओं के साथ सोमवार को सुबह करीब 11: 10 बजे से भारी बारिश शुरू हो गई है। बिजली भी कड़कती रही। सड़क पर अंधेरा छा गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलने वाले वाहन दिन में बिजली जलाकर चलाने पड़े। बहराइच लखनऊ मार्ग पर जरवल में बीच सड़क पर विशालकाय पेड़ गिर गया। इसके चलते आवागमन रुक गया। सूचना पर पहुंचे वन और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने पेड़ काट कर हटवाया। तब आवागमन बहाल हो सका। बहराइच में मूसलाधार बारिश से शहर व कस्बे हुए लबालब बहराइच में मूसलाधार बारिश ने सोमवार की सुबह शहर और आसपास के कस्बों की रफ्तार थाम दी। एक घंटे से तेज बारिश अभी नहीं थमी, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इसके पहले सुबह करीब 9:30 बजे आसमान में घने काले बादल छाए और हालात ऐसे बने कि मानो रात का अंधेरा हो। जिले में सोमवार की सुबह 9:00 अचानक मौसम बदला और बादल छा गए। जिससे घनघोर अंधेरा छा गया। आधे घंटे बाद बूंदाबांदी शुरू हुई और 9:35 बजे मूसलाधार बारिश शुरू हुई। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया और कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। श्रावस्ती में सुबह धूप और फिर छा गया अंधेरा, आंधी के साथ झमाझम बारिश श्रावस्ती में सोमवार सुबह धूप के बाद मौसम ने पलटी मारी और घने बादलों से अंधेरा छा गया। देखते ही देखते तेज पछुआ आंधी के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इससे बिजली गुल हो गई। कासगंज में आंधी बारिश से मकान धराशाई कासगंज में तेज आंधी-बारिश से मकान धराशाई हो गया। इससे एक बच्ची की मौत हो गई और तीन लोग घायल हो गए। गंजडुंडवारा ब्लॉक क्षेत्र के गांव घबरा में हादसा हुआ। तेज आंधी और बारिश एक घर पर कहर बनकर टूटी। आंधी-बारिश से पक्का मकान गिरने से पांच वर्षीय लड़की सोनाली पुत्री जितेश की दबकर मृत्यु हो गई। बरेली में मूसलाधार बारिश से हाल बेहाल, घरों में घुसा पानी बरेली में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। शहर की सड़कों, रिहायशी इलाकों और निचले क्षेत्रों में भीषण जलभराव हो गया, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सेटेलाइट बस अड्डे जैसे प्रमुख स्थानों पर पानी भर जाने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई। नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था इस बारिश में पूरी तरह फेल नजर आई। जिन इलाकों में जलभराव रोकने के लिए पंप लगाए जाने थे, वहां या तो पंप … Read more

नई औद्योगिक नीति से छोटे व्यापारियों को फायदा, समयबद्ध भुगतान और बीमा सुरक्षा का प्रावधान

चंडीगड़ हरियाणा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) व छोटे व्यापारियों को नई औद्योगिक नीति में बड़ी राहत मिलने जा रही है। किसी भी स्वीकृत सब्सिडी, प्रोत्साहन राशि, सरकारी अनुदान या अन्य देय भुगतान में देरी होने पर उद्योग विभाग उद्यमियों व व्यापारियों को कुल राशि का आठ फीसदी वार्षिक ब्याज देगा। इसी तरह आग, चोरी और प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान होने पर स्मॉल ट्रेडर्स एंड एमएसएमई इंश्योरेंस स्कीम भी लागू की जाएगी। इससे उनको किफायती बीमा सुरक्षा मिलेगी और वे बड़े वित्तीय जोखिम से बच सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत उद्यमियों को इनवेस्ट हरियाणा पोर्टल पर आवेदन करना होगा। प्रारंभिक जांच के बाद पात्र किसी भी प्रोत्साहन राशि का 50 फीसदी हिस्सा सात कार्य दिवसों के भीतर जारी किया जाएगा। इसके बाद विस्तृत जांच पूरी होने पर बाकी 50 फीसदी राशि 45 कार्य दिवसों में दी जाएगी। इन तय कार्य दिवसों के आगे बढ़ने पर प्रत्येक दिन के अनुसार ब्याज का लाभ स्वत: मिलेगा। पहले उद्योगों को सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि तो मिल रही है लेकिन भुगतान में देरी पर ब्याज देने या तय समय सीमा में स्वचालित निपटान की स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी। नई नीति पहली बार समयबद्ध भुगतान, अग्रिम 50 फीसदी रिलीज और देरी होने पर आठ फीसदी ब्याज की जवाबदेह प्रणाली लागू करेगी। एमएसएमई इंश्योरेंस स्कीम पहली से चल रही योजनाओं से अलग प्रदेश में व्यापारियों और छोटे कारोबारियों के लिए मुख्यमंत्री व्यापारी सामूहिक निजी दुर्घटना बीमा योजना और व्यापारी क्षतिपूर्ति बीमा योजना चल रही है। इन योजनाओं में मुख्य रूप से दुर्घटना, मृत्यु या सीमित कारोबारी नुकसान को कवर किया जाता है। नई स्मॉल ट्रेडर्स एंड एमएसएमई इंश्योरेंस स्कीम इससे अधिक व्यापक होगी जिसमें आग, चोरी और प्राकृतिक आपदाओं से व्यापारिक संपत्ति व स्टॉक के नुकसान को व्यवस्थित सुरक्षा मिलेगी। एमएसएमई का बढ़ता दायरा वर्ष 2004 से 2014 के दौरान करीब 33 हजार एमएसएमई इकाइयां दर्ज थीं। राज्य का कुल औद्योगिक रोजगार वर्ष 2018-19 में 10.16 लाख से बढ़कर 2023-24 में 11.91 लाख हो गया। देश के एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र (इको सिस्टम) में हरियाणा की हिस्सेदारी करीब 9-10 फीसदी है। अर्थव्यवस्था को अधिक सुरक्षित करने वाला फैसला : राज चावला हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सचिव राज चावला के मुताबिक समयबद्ध भुगतान और बीमा सुरक्षा से निवेश का माहौल मजबूत होगा। इससे नए उद्योग आकर्षित होंगे और छोटे व्यापारियों का भरोसा बढ़ेगा। यह फैसला प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को अधिक सुरक्षित करने वाला साबित होगा।    

पीएम स्कूल में गड़बड़ियों का खेल? खुद पर जांच, खुद ही नोटिस देने पर उठे सवाल

बड़वानी जिले के एक पीएम  स्कूल में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामला ऐसा है कि जहां जांच भी “खुद” हो रही है और नोटिस भी “खुद” ही जारी किए जा रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने पारदर्शिता और निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। सूत्रों के अनुसार स्कूल में कुछ वित्तीय और प्रशासनिक गड़बड़ियों की शिकायत के बाद जांच की गई, जिसमें अनियमितताएं सामने आईं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि जांच प्रक्रिया और उसके बाद की कार्रवाई में वही लोग सक्रिय दिख रहे हैं, जिन पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में निष्पक्ष जांच की उम्मीद कमजोर पड़ती नजर आ रही है। मामले में यह भी सामने आया है कि करीब 7.79 लाख रुपये के अटैचमेंट और वित्तीय लेन-देन को लेकर भी संदेह जताया जा रहा है। आरोप है कि पहले चेक के माध्यम से भुगतान दिखाया गया, फिर कैश लेन-देन की बात सामने आई और उसके बाद नोटिस जारी किए गए। इस पूरे क्रम ने संदेह को और गहरा कर दिया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जांच में गड़बड़ियां सामने आ चुकी हैं, तो फिर कार्रवाई का जिम्मा उन्हीं लोगों को क्यों दिया जा रहा है? क्या यह “मॉडल स्कूल” की छवि है या “मॉडल गड़बड़ी” का उदाहरण बनता जा रहा है? स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले में उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो शिक्षा व्यवस्था की साख पर असर पड़ेगा। अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब मीडिया में खबरें सामने आ रही हैं और नोटिस जारी हो रहे हैं, तब भी प्रशासन आखिर मौन क्यों है?

“डीपफेक बना लोकतंत्र के लिए खतरा: भोपाल में बोले के. ए. बद्रीनाथ”

भोपाल भोपाल में Sociyo Communications के ‘मीडिया संवाद’ में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के मुख्य सलाहकार के. ए. बद्रीनाथ का संबोधन, डीपफेक व एजेंडा-आधारित नैरेटिव पर जताई गंभीर चिंता विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रविवार को भोपाल में Sociyo Communications द्वारा 'मीडिया संवाद' का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का मुख्य विषय "Misinformation, Disinformation and Agenda-Based Narratives" रहा, जिसमें मीडिया जगत की वर्तमान चुनौतियों, बढ़ते मीडिया संसाधनों के सदुपयोग एवं उनसे जुड़ी चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यकम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के. ए. बदरीनाथ, मुख्य सलाहकार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार और वरिष्ठ पत्रकार हेमंत उपाध्याय ने सत्र को संबोधित किया। सटीक जानकारी देना आज की सबसे बड़ी चुनौती: हेमंत उपाध्याय कार्यक्रम के विशिष्ट वक्ता वरिष्ठ ब्रॉडकास्ट पत्रकार हेमंत उपाध्याय ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि आज हर व्यक्ति के हाथ में सूचनाओं के विभिन्न माध्यम हैं, जिससे सूचनाओं का प्रवाह तो बढ़ा है, लेकिन उनकी सत्यता संदिग्ध हो गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के खतरों का जिक्र करते हुए उन्होंने संवेदनशील घटनाओं की 'AI जनरेटेड' फर्जी फोटो के वायरल होने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "जहाँ पहले लोग 20 मिनट में पूरा न्यूज़ बुलेटिन देखते थे, वहीं आज 2 मिनट में 20 'ब्रेकिंग न्यूज़' पढ़ लेते हैं। बिना जांचे-परखे इन्हें सही मान लेना पत्रकारों के लिए सटीक जानकारी पहुँचाने की राह में एक बड़ी चुनौती बन गया है।" डीपफेक और फेक नैरेटिव से बढ़ता खतरा: के. ए. बद्रीनाथ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के. ए. बद्रीनाथ, मुख्य सलाहकार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार ने अपने संबोधन में 'डीपफेक' तकनीक के माध्यम से गढ़े जा रहे एजेंडा-आधारित नैरेटिव पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की वायरल AI फोटो, तथा बंगाल चुनाव के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने जैसी भ्रामक सूचनाओं का उदाहरण दिया, जिन पर विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया से विवाद भी उत्पन्न हुआ। उन्होंने RBI को लेकर चलाए गए उस फेक नैरेटिव का भी उल्लेख किया, जिसमें कैश बंद होने और उसे डिजिटल करेंसी में बदलने की अफवाह फैलाई गई थी, जिससे बाजार में उथल-पुथल मच गई। अंततः RBI को स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज पत्रकारों के लिए सबसे कठिन कार्य 'पत्रकारिता' और 'डीपफेक' के बीच अंतर को पहचानना और उसे जनता के सामने लाना है। कॉपी-फॉरवर्ड नहीं, रिसर्च आधारित समाचार पर हो जोर वक्ताओं के संबोधन के बाद सभागार में उपस्थित मीडिया से जुड़े प्रबुद्ध जनों ने वक्ताओं से अपने प्रश्नों के माध्यम से संवाद किया। इस संवाद सत्र में यह बात रेखांकित हुई कि तकनीक आज एक दोधारी तलवार बन चुकी है, जिसके लाभ और हानि दोनों हैं। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में मीडिया के भीतर 'मिसइन्फॉर्मेशन' का प्रभाव बढ़ गया है, क्योंकि हम 'रिसर्च' के बजाय 'कॉपी-फॉरवर्ड' संस्कृति को महत्व देने लगे हैं। के. ए. बद्रीनाथ ने पत्रकारों से आह्वान किया कि वे फैक्ट और रिसर्च आधारित समाचारों को प्राथमिकता दें, ताकि समाज को सही और विश्वसनीय जानकारी मिल सके। कार्यक्रम का संचालन Akhileaks.com के संपादक अखिलेश सोलंकी ने किया। कार्यक्रम के समापन में Sociyo Communications के संस्थापक डॉ. सुलभ सिंह ने सभी अतिथियों के प्रति अपनी कृतज्ञता एवं आभार ज्ञापित किया। अपने संबोधन में डॉ. सुलभ ने कहा कि हम श्रुति और स्मृति की परंपरा के संवाहक हैं, हमें सदैव इस बात का स्मरण रखना चाहिए। उन्होंने मीडिया में बढ़ती चुनौतियों पर विचार रखे। कार्यक्रम में भोपाल के प्रतिष्ठित पत्रकार, जनसंपर्क विशेषज्ञ, विज्ञापन जगत से जुड़ी हस्तियाँ एवं पत्रकारिता के छात्र उपस्थित रहे।