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पारदर्शी मूल्यांकन में कृष्णा नगर विधायक को मिला सम्मान, 51 हजार रुपये मिलेंगे

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा ने 18 वर्षों के बाद सर्वश्रेष्ठ विधायक का पुरस्कार देने की घोषणा की है। इसके लिए गठित चयन समिति की बैठक विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता की अध्यक्षता में हुई, जिसमें कृष्णा नगर के विधायक डॉ. अनिल गोयल को सर्वश्रेष्ठ विधायक घोषित किया गया। उन्हें स्मृति चिन्ह और 51 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। शीघ्र ही समारोह आयोजित कर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। डॉ. गोयल पहली बार कृष्णा नगर से विधायक चुने गए हैं। पारदर्शी अंक प्रणाली के आधार पर किया गया चयन 'सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार' का चयन पारदर्शी अंक प्रणाली के आधार पर किया गया है। कुल मूल्यांकन 100 अंकों पर किया गया है, जिसमें 65 अंक विधानसभा के आधिकारिक अभिलेखों के आधार पर और 35 अंक चयन समिति द्वारा गुणात्मक मूल्यांकन के आधार पर हैं। विधायक की सक्रियता के लिए कुल 30 अंक निर्धारित मूल्यांकन का सबसे बड़ा हिस्सा, 50 अंक सदन में विभिन्न मुद्दों पर होने वाली चर्चा में सदस्य के योगदान पर केंद्रित है। विभिन्न समितियों में विधायक की सक्रियता के लिए कुल 30 अंक निर्धारित हैं। 20 अंक अनुशासन, आचरण और आधुनिकीकरण (डिजिटल और कागजरहित कार्यप्रणाली) से संबंधित हैं। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह पहल उन सदस्यों को सम्मानित करने के लिए है जो विधायी कार्यों में उत्कृष्टता प्रदर्शित करते हैं और समिति कार्यों में अथक परिश्रम करते हैं। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई चयन समिति की बैठक में पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल, लोकसभा के पूर्व महासचिव पीडीटी आचार्य, दिल्ली सरकार के विधि, न्याय एवं विधायी कार्य विभाग के प्रधान सचिव रितेश सिंह और दिल्ली विधानसभा के सचिव रणजीत सिंह शामिल रहे।  

आईएएस समिति की सख्ती, हजारीबाग-बोकारो से 7 साल के रिकॉर्ड तलब

रांची झारखंड में ट्रेजरी (कोषागार) के माध्यम से हुए संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और घोटाले की जांच अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है. आईएएस अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति ने हजारीबाग और बोकारो के उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर जांच की प्रगति की समीक्षा की. समिति ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों जिलों से पिछले सात वर्षों के वेतन भुगतान और अन्य मदों से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. 20 बिंदुओं पर जवाब और अप्रैल 2020 का डेडलाइन जांच टीम ने विशेष रूप से 1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2026 के बीच हुए तमाम वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड मांगे हैं. समिति ने 20 मुख्य बिंदुओं पर रिपोर्ट तलब की है, जिसमें निकासी का विवरण, स्थापना खर्च, वेतन पंजी, सेवानिवृत्त कर्मियों का डेटा और उस कार्यकाल में तैनात रहे आहरण एवं संवितरण पदाधिकारियों (DDO) की सूची शामिल है. सूत्रों के अनुसार, टीम जल्द ही हजारीबाग और बोकारो का भौतिक दौरा कर फाइलों की जांच करेगी. कुबेर पोर्टल ने खोली पोल, कई जिलों में ‘खतरे की घंटी’ वित्त विभाग की पैनी नजर अब राज्य के उन जिलों पर भी है जहां कुबेर पोर्टल के माध्यम से बड़ी और संदिग्ध निकासी देखी गई है. रामगढ़, रांची, पलामू, गोड्डा, साहेबगंज, देवघर और गिरिडीह जिलों में भी भारी वित्तीय हेराफेरी की आशंका जताई गई है. वित्त विभाग ने इन जिलों के उपायुक्तों को भी आंतरिक जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. वर्तमान में जांच का मुख्य केंद्र हजारीबाग और बोकारो हैं, लेकिन यहां गड़बड़ी पुष्ट होने पर जांच का दायरा पूरे राज्य में बढ़ाया जा सकता है. DDO के रडार पर आने से मचा हड़कंप इस पूरे घोटाले में निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (DDO) की भूमिका सबसे ज्यादा संदिग्ध मानी जा रही है. वित्त विभाग का मानना है कि बिना निचले स्तर के अधिकारियों की मिलीभगत या घोर लापरवाही के वेतन मद में इतनी बड़ी अवैध निकासी संभव नहीं है. स्थापना शाखा और ट्रेजरी के बीच हुए इस ‘खेल’ में शामिल अधिकारियों की पहचान की जा रही है. जांच टीम यह भी देख रही है कि सेवानिवृत्त कर्मियों के नाम पर भी कहीं भुगतान तो नहीं किया गया.

मटकमडीह में बाइक-साइकिल रैली, ग्रामीणों और बच्चों की बड़ी भागीदारी

 सरायकेला सशस्त्र सीमा बल की 26वीं वाहिनी (‘ई’ कंपनी) की ओर से सरायकेला खरसावां जिले के मटकमडीह में भव्य बाइक और साइकिल रैली निकाली गई. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में चल रहे ‘100 दिवसीय योग काउंटडाउन अभियान’ के अंतर्गत बाइक और साइकिल रैली का आयोजन किया गया. ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की भागीदारी एसएसबी के 26वीं वाहिनी निरीक्षक अमल सेन के नेतृत्व में आयोजित साइकिल रैली की शुरुआत मटकमडीह कैंप से हुई, बंसा मोड़ में समाप्त हुई. इस रैली में जवानों के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीण और स्कूली बच्चों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई. रैली के दौरान प्रतिभागियों द्वारा योग के महत्व, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संदेश दिए गए. आयोजन का मुख्य उद्देश्य कार्यक्रम में मटकमडीह पंचायत के मुखिया सुखलाल मांझी, उत्क्रमित मध्य विद्यालय मटकमडीह के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस में योग के प्रति जागरूकता फैलाना, लोगों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करना तथा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रति उत्साह का माहौल बनाना था. सशस्त्र सीमा बल द्वारा इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से न केवल फिटनेस को बढ़ावा दिया जा रहा है, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी विकसित की जा रही है.

18 महीने बाद 400 फुट ऊंचे टावर से नीचे उतरे गुरजीत सिंह खालसा, संगत ने की जोरदार जयकारे

समाना पिछले 18 महीनों से बेअदबी के मामलों में सख्त कानून की मांग को लेकर 400 फुट ऊंचे टावर पर बैठे गुरजीत सिंह खालसा को जिला प्रशासन ने सेना और फायर सेफ्टी टीम की मदद से सफलतापूर्वक नीचे उतार लिया है। नीचे उतारने के बाद उनका मेडिकल चेकअप कराया गया, जिसमें वे पूरी तरह स्वस्थ पाए गए। इस दौरान मोर्चा स्थल पर स्थापित श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के श्री अखंड पाठ का भोग भी आज डाला गया। साथ ही पंथक विचारों को लेकर मंच से कार्यक्रम जारी है, जो शाम 4 बजे तक चलेगा। गुरजीत सिंह खालसा के सुरक्षित नीचे उतरने पर वहां मौजूद संगतों ने जयकारों के साथ खुशी जाहिर की। बताया जा रहा है कि गुरजीत सिंह खालसा करीब 400 फीट ऊंचे टावर पर बैठकर अपना विरोध जता रहे थे। इतने लंबे समय तक इतनी ऊंचाई पर रहना अपने आप में हैरान करने वाला था। इस दौरान कई बार प्रशासन ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांग पर डटे रहे। उनका कहना था कि जब तक सरकार बेअदबी के मामलों पर सख्त कानून नहीं बनाएगी, तब तक वे नीचे नहीं उतरेंगे। अब पंजाब सरकार द्वारा जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2026 लागू करने के बाद आखिरकार यह धरना खत्म हो गया। इस कानून के लागू होने के बाद गुरजीत सिंह खालसा ने अपनी मांग पूरी मानते हुए टावर से नीचे उतरने का फैसला लिया। शुक्रवार सुबह जिला प्रशासन, पंजाब पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और पूरी सावधानी के साथ उन्हें नीचे उतारा गया। राहत की बात यह रही कि इतने लंबे समय के बाद भी उन्हें सुरक्षित नीचे लाने में टीम सफल रही। नीचे उतरने के बाद गुरजीत सिंह खालसा ने सरकार और प्रशासन का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनकी और संगत की मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कानून बनाया, जिसके लिए वे आभारी हैं। उन्होंने बताया कि वे 18 महीने 12 दिन बाद टावर से सुरक्षित उतर गए हैं। इस दौरान उन्होंने धार्मिक अंदाज में "वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह" कहकर धन्यवाद किया और कहा कि यह सब गुरु की कृपा से ही संभव हो पाया। इस घटना के साथ ही समाना में चल रहा धर्म युद्ध मोर्चा भी समाप्त हो गया। यह मामला काफी समय से चर्चा में था और अब इसके शांतिपूर्ण अंत से प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।  

पानी की आपूर्ति और साफ-सफाई में कोताही नहीं सहेंगे: ऊर्जा मंत्री तोमर का सख्त बयान

पानी की आपूर्ति और साफ-सफाई व्यवस्था में कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे: ऊर्जा मंत्री तोमर ऊर्जा मंत्री शहर की सीवर, सफाई व्यवस्था देखने सुबह 6 बजे विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचे ग्वालियर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शुक्रवार सुबह 6 बजे उप नगर  के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर पेयजल आपूर्ति तथा सफाई व्यवस्था, सीवर व्यवस्था का औचक निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल आपूर्ति और सफाई व्यवस्था में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऊर्जा मंत्री ने सुबह 6 बजे वाटर सीवरेज पंपिंग स्टेशन पीएचई कॉलोनी में पहुंचकर नगर निगम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ सीवरेज सफाई व्यवस्था देखी और जरूरी निर्देश दिए । ऊर्जा मंत्री तोमर ने वार्ड 4 के चद्र नगर, ठाकुर मोहल्ला, बार्ड 1 के रामाजी का पुरा, आरआर टॉवर पहुंचकर सीवर व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, सड़क और विद्युत व्यवस्था तथा वार्ड 36 के गेंडे वाली सड़क और शिंदे की छावनी में पहले किये गये निरीक्षण के दौरान दिए निर्देश पर हुई कार्यवाही को देखा। उन्होंने निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए नगर निगम अधिकारियों को तुरंत सफाई व्यवस्था में सुधार करने हेतु निर्देशित किया। सुपर सकर मशीन से सफाई कार्य का निरीक्षण ऊर्जा मंत्री तोमर की पहल पर जनकल्याण समिति द्वारा नगर निगम के सहयोग से उप नगर ग्वालियर में सीवर लाइनों की सफाई के लिए चलाए जा रहे अभियान के निरंतर 7 वें दिवस शुक्रवार को हजीरा चौराहे पर पहुंचकर सुपर सकर मशीन से चल रही सीवर लाइनों की सफाई के काम का भी निरीक्षण किया। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि अब आधुनिक तकनीक के माध्यम से सफाई व्यवस्था और अधिक तेज, प्रभावी व सुदृढ़ बनेगी। उन्होंने कहा कि हमने सीवर सफाई के कार्य को अपने हाथ में लिया है और हम इसमें बदलाव लाकर दिखाएंगे। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि स्वच्छता, सुविधा और बेहतर जीवन स्तर बनाना हमारा संकल्प है।  

दसवीं बोर्ड टॉपर कु. प्रतिभा सोलंकी को एक लाख रुपये का पुरस्कार, सीएम डॉ. यादव ने किया ऐलान

दसवीं बोर्ड टॉपर कु. प्रतिभा सोलंकी को प्रोत्साहनस्वरूप मिलेंगे एक लाख रुपये : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने 10वीं बोर्ड में 500 में 499 अंक लाने पर पन्ना की प्रतिभा सिंह को दी बधाई मुख्यमंत्री निवास पर किया सम्मानित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दसवीं बोर्ड की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली होनहार छात्रा पन्ना की कु. प्रतिभा सिंह सोलंकी को माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं बोर्ड परीक्षा में 500 में से 499 अंक प्राप्त करने पर एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटी कु. प्रतिभा और उनके माता-पिता को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटी कु. प्रतिभा को सुशासन की प्रतीक लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर माँ की मूर्ति भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट तथा आशीर्वाद प्राप्त करने प्रतिभा, परिजन सहित समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) आईं थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभा को आशीर्वाद देते हुए कहा कि 'प्रतिभा जैसी बेटियां प्रदेश की शान हैं। प्रतिभा की सफलता लाखों बेटियों और अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है। बिटिया की उपलब्धि पर पूरे प्रदेश को गर्व है।' मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कु. प्रतिभा और उनके परिजन ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया।  

सीएम मान का फिनलैंड दौरा, 300 शिक्षकों को ट्रेन-द-ट्रेनर मॉडल से मिला प्रशिक्षण, शिक्षा में आएगा बड़ा बदलाव

चंडीगढ़  पंजाब सरकार और फिनलैंड की टुर्कू यूनिवर्सिटी के बीच स्थापित शैक्षणिक सहयोग ने राज्य के स्कूलों में सकारात्मक बदलाव की नई शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री ने अपने फिनलैंड दौरे के दौरान टुर्कू स्थित कुकुलो-मोइकोइनेन अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन एंड केयर सेंटर का दौरा किया और वहां अपनाई जा रही शिक्षण पद्धतियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस साझेदारी के जरिए वैश्विक शिक्षण तकनीकों को पंजाब के क्लासरूम तक सफलतापूर्वक पहुंचाया जा रहा है, जिससे शिक्षा प्रणाली अधिक प्रभावी, आधुनिक और छात्र-केंद्रित बन रही है। उन्होंने बताया कि यह पहल ‘शिक्षा क्रांति’ को नई दिशा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सीएम मान ने कहा कि फिनलैंड के साथ सहयोग के रचनात्मक परिणाम अब पंजाब के स्कूलों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। पारंपरिक रट्टा आधारित शिक्षा प्रणाली से हटकर अब बच्चों को अधिक आनंदमय, सहभागितापूर्ण और व्यावहारिक तरीके से पढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे सीखने का माहौल अधिक रोचक और प्रभावी बन रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि इस पहल के तहत ‘ट्रेन-द-ट्रेनर’ मॉडल अपनाया गया है, जिसके माध्यम से लगभग 300 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पंजाब के स्कूल शिक्षा विभाग और स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कोई अल्पकालिक प्रयास नहीं, बल्कि दीर्घकालिक संस्थागत सुधार की दिशा में उठाया गया कदम है, जिसका उद्देश्य प्रारंभिक और बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना है। उन्होंने आगे कहा कि प्रशिक्षण सत्र चंडीगढ़ के साथ-साथ फिनलैंड के टुर्कू और राउमा शहरों में भी आयोजित किए गए हैं। इन सत्रों के दौरान शिक्षकों को कार्यशालाओं, स्कूल विजिट और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन के जरिए आधुनिक शिक्षण तकनीकों से अवगत कराया जा रहा है। मई 2026 तक चार चरणों में लगभग 300 शिक्षक इस प्रशिक्षण को पूरा कर लेंगे, जिससे राज्य भर के लाखों विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि शिक्षा को अधिक रोचक और जीवंत बनाने के लिए शिक्षकों को नए-नए प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब शिक्षकों में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे विद्यार्थियों की अलग-अलग जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम को ढालने में सक्षम हो रहे हैं। इस पहल की खास बात यह है कि विदेशी मॉडल को सीधे लागू करने के बजाय उसे स्थानीय सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भों के अनुरूप ढाला जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार इस कार्यक्रम को और व्यापक बनाने के लिए 'मास्टर ट्रेनर्स' तैयार करने की दिशा में काम कर रही है, ताकि राज्य के हर कोने तक इन नई शिक्षण पद्धतियों को पहुंचाया जा सके। इसके साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म और मिश्रित प्रशिक्षण मॉडल भी विकसित किए जा रहे हैं, जिससे शिक्षकों का निरंतर पेशेवर विकास सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह सहयोग पंजाब के शिक्षा सुधारों की मजबूत नींव साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह की पहलों से राज्य के विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार होंगे, और पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करेगा।  

बिहार समेत 8 राज्यों में साइबर फ्रॉड नेटवर्क पर सीबीआई की सख्त नजर

वैशाली  सीबीआई ने साइबर क्राइम के लिए फर्जी तरीके से सिम की खरीद-बिक्री करने वालों के खिलाफ ऑपरेशन चक्र-5 अभियान शुरू किया है। इसके तहत साइबर फ्रॉड की बड़ी घटनाओं में इस्तेमाल मोबाइल सिम के विक्रेताओं पर अंकुश लगाया जाएगा। इस ऑपरेशन के तहत बिहार, असम, राजस्थान, यूपी, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, झारखंड समेत आठ राज्यों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। वैशाली के कई सिम विक्रेता सीबीआई की रडार पर हैं जिनकी तलाश की जा रही है। चार की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। बिहार में बड़े पैमाने पर फर्जी सिम से सिम बॉक्स डिवाइस संचालित किए जाने के कई मामले पकड़ में आ चुके हैं। इस डिवाइस के जरिए अंतरराष्ट्रीय वीओआईपी कॉल को लोकल वॉइस कॉल में परिवर्तित कर साइबर फ्रॉड किया जाता है। सुपौल, समस्तीपुर समेत कई जिलों में इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। इसमें वैशाली इलाके के कई सिम विक्रेता फर्जी नाम पते पर सिम बेचने में चिह्नित हुए हैं। इस तरह के मामलों में सीबीआई बड़े पैमाने पर साइबर फ्रॉड के लिए सिम बेचने और एजेंट को सिम उपलब्ध कराने वाले डीलर आदि को जांच के रडार पर लिया है। इस तरह के सिम का न केवल कॉल करने में बल्कि म्यूल खातों को संचालित करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। फर्जी कंपनियों के नाम पर खोले गए बैंक खातों में देशभर से साइबर फ्रॉड की राशि मंगाकर उसकी निकासी की जा रही है। ऐसे खातों को संचालित करने में मदद पहुंचाने वाले बैंक कर्मियों का भी सुराग सीबीआई ढूंढ़ रही है। सूत्रों के अनुसार, हाल में हुए कई मामलों में सीबीआई ने असम और बिहार के सिम विक्रेताओं की जांच पड़ताल शुरू की है। वैशाली में कई सिम विक्रेताओं के संबंध में सीबीआई ने जानकारी जुटाई है। आर्थिक अपराध इकाई ने भी चार सिम विक्रेताओं को वैशाली के महुआ इलाके से पूर्व में गिरफ्तार किया था।

सब्जी मंडी पुल प्रकरण: दुष्यंत-दिग्विजय चौटाला से पूछताछ के लिए SIT सक्रिय

हिसार हिसार में पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला-सीआईए इंचार्ज पवन कुमार के विवाद के मामले में एसआईटी इंचार्ज डीएसपी कमलजीत ने पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला को नोटिस जारी कर अपना जवाब देने के लिए बुलाया है। डीएसपी कमलजीत ने इस मामले सीआईए इंचार्ज पवन सहित सभी 6 पुलिस कर्मियों को भी नोटिस दिया है। अभी दुष्यंत चौटाला-दिग्विजय चौटाला ने जांच में शामिल होने के लिए कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। जजपा प्रवक्ता एडवोकेट मनदीप बिश्नोई का कहना है कि पुलिस ने अभी तक शिकायत व एफआईआर की कॉपी उपलब्ध नहीं करवाई है। उसे देखने के बाद ही जवाब दिया जा सकता है। आज दुष्यंत चौटाल कार्यकर्ताओं की बैठक लेने आएंगे। जिसके बाद इस विषय पर भी विमर्श किया जाएगा। एसआईटी इंचार्ज कमलजीत ने कहा कि अभी इस मामले में निष्पक्ष जांच होगी। हमने दोनों पक्षों से साक्ष्य मांगे हैं। उनके बयान भी लेंगे। इसके बाद मौके से जुटाए गए अन्य वीडियो का भी विश्लेषण करेंगे। पूरी जांच के बाद एसपी सिद्धांत जैन को रिपोर्ट सौंपेंगे। यह था मामला गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन के बाद जजपा व इनसो नेताओं पर एफआईआर दर्ज होने के बाद 17 अप्रैल को दुष्यंत चौटाला और उनके भाई दिग्विजय चौटाला मामले के विरोध में गिरफ्तारी देने सिटी थाना पहुंचे थे। इसके बाद एसपी ऑफिस जा रहे थे तो रास्ते में सब्जी मंडी पुल पर सीआईए इंचार्ज पवन कुमार के साथ पुलिस कर्मियों से काफी बहस हुई थी। पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया था कि सीआईए इंचार्ज पवन कुमार की गाड़ी से उन्हें सब्जी मंडी पुल पर कुचलने का प्रयास किया। पवन कुमार ने उन्हें हथियार दिखाया। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे के खिलाफ शिकायत दी ई है। जिसकी जांच के लिए एसपी ने डीएसपी कमलजीत के नेतृत्व में एसआईटी बनाई थी।  

पंजाब में आज 15 मिनट का ब्लैकआउट, सभी जिलों में चुनिंदा जगहों पर होगी युद्ध के वक्त बचाव की मॉक ड्रिल

चंडीगढ़  पंजाब में आज रात 8 बजे मॉकड्रिल के तहत 15 मिनट के लिए पूर्ण ब्लैकआउट होगा। इसका उद्देश्य लोगों को किसी भी अप्रिय घटना के समय पूरी सतर्कता के साथ बचाव करना और सुरक्षित रहने के तरीकों के बारे में जागरूक करना है। ब्लैकआउट से दो मिनट पहले सायरन बजाया जाएगा, जिसके बाद ब्लैकआउट प्रक्रिया शुरू होगी और किसी भी प्रकार की रोशनी नहीं की जाएगी। अस्पतालों और औद्योगिक संस्थानों में ब्लैकआउट नहीं होगा, जबकि बाजारों, दुकानों और घरों में लाइटें पूरी तरह बंद रहेंगी।   यह केवल एक अभ्यास प्रक्रिया है और लोगों को किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं देना चाहिए। होशियारपुर में सिविल डिफेंस के वालंटियर्स संबंधित विभागों के सहयोग से डी.ए.वी. कॉलेज में मॉकड्रिल करेंगे। इस मॉक ड्रिल के तहत रात 8:00 बजे से 8:10 बजे तक (कुल 10 मिनट) रंजीत एवेन्यू क्षेत्र में पूर्ण ब्लैकआउट रहेगा। इस दौरान बिजली विभाग द्वारा केवल रंजीत एवेन्यू के संबंधित क्षेत्र की लाइटें अस्थायी रूप से बंद की जाएंगी, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों का वास्तविक अभ्यास किया जा सके। ब्लैकआउट के दौरान जनरेटर-इनवर्टर और टॉर्च के इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी। पावरकॉम की तरफ से प्रमुख बाजारों, सरकारी भवनों और आवासीय कॉलोनियों में कुछ समय के लिए बिजली सप्लाई रोकी जाएगी। मॉक ड्रिल के लास्ट में 2 मिनट तक लगातार सायरन बजेगा, जो “ऑल क्लियर” का संकेत होगा, जिसके बाद सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी। पंजाब सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि लोग घबराएं नहीं। यह सिर्फ मॉक ड्रिल है, इसमें अपना पूरा सहयोग करें। इससे पहले पिछले साल मई महीने में भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने हमला करने की कोशिश की थी। उस दौरान इसी तरह से ब्लैकआउट को लागू कराया गया था। आज किस जिले के किस एरिया में ब्लैकआउट होगा     लुधियाना – लुधियाना में ब्लैकआउट शाम 8 से 8:15 बजे तक रहेगा। 7:55 बजे सायरन बजेगा। पीएयू, किचलू नगर और अग्रनगर डिवीजन के अधीन आने वाले इलाकों में ब्लैकआउट रहेगा। जिले में 12 जगहों पर मॉक ड्रिल होगी।     अमृतसर – आज रात 8 बजे अमृतसर के रंजीत एवेन्यू स्थित पायटेक्स ग्राउंड में सिविल डिफेंस की ओर से एयर रेड और ब्लैकआउट मॉक ड्रिल होगी। इस दौरान रात 8 से 8:10 बजे तक (10 मिनट) रंजीत एवेन्यू में ब्लैकआउट रहेगा।     मोहाली – डीसी कोमल मित्तल के मुताबिक सेक्टर 76 स्थित जिला प्रशासनिक परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल कराई जाएगी। रात 8 से सवा 8 बजे के बीच ब्लैकआउट होगा।     पठानकोट – यहां रात 8 बजे ब्लैकआउट होगा। इससे पहले 7:58 बजे 2 मिनट का सायरन बजेगा। 15 मिनट तक ब्लैकआउट रहेगा। इसके बाद 8:15 बजे फिर 2 मिनट का सायरन बजेगा, जिससे अभ्यास समाप्त होने का संकेत मिलेगा। ब्लैकआउट केवल नगर निगम के 50 वार्डों में लागू होगा, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य रहेगी।     जालंधर – जालंधर के खालसा कॉलेज फॉर वुमेन में 23 अप्रैल को मॉक ड्रिल होगी। रात 8:00 बजे कॉलेज कैंपस में ब्लैकआउट किया जाएगा। डीसी वरजीत वालिया के अनुसार, यह ड्रिल इमरजेंसी तैयारियों को जांचने के लिए है। पूरे जिले में ब्लैकआउट नहीं होगा।     तरनतारन – डीसी राहुल के अनुसार आज रात 8:00 बजे जिले में एयर रेड और ब्लैकआउट मॉक ड्रिल होगी। शुरुआत में 2 मिनट तक उतार-चढ़ाव वाला सायरन बजेगा। अभ्यास के दौरान कुछ समय के लिए बिजली सप्लाई बंद की जा सकती है। लोगों से घबराने की बजाय सहयोग करने की अपील की गई है।     फाजिल्का – फाजिल्का में भी रात 8 बजे ब्लैकआउट होगा। फाजिल्का पाकिस्तान से सटा हुआ जिला है, इसलिए यहां ज्यादा एहतियात बरती जाएगी। लोगों को गैर जरूरी लाइटें बंद करने को कहा गया है।     बठिंडा – डीसी राजेश धीमान के अनुसार, बठिंडा में रात 8 बजे सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल शुरू होगी। सायरन के साथ ही पुडा मार्केट और 100 फीट रोड जैसे चिन्हित क्षेत्रों में ब्लैकआउट किया जाएगा। करीब 15 मिनट की इस ड्रिल में सर्च एंड रेस्क्यू, राहत कार्य और चिकित्सा सहायता का अभ्यास होगा। जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी।     फिरोजपुर – रात 8:00 बजे फिरोजपुर शहर, छावनी (कैंट) और सीमावर्ती संवेदनशील इलाकों में मॉक ड्रिल शुरू होगी। शुरुआत में 2 मिनट तक उतार-चढ़ाव वाला सायरन बजेगा, जो एयर रेड वार्निंग का संकेत होगा। इसके बाद लोगों को लाइटें बंद करनी होंगी और ब्लैकआउट लागू किया जाएगा। एयर रेड चेतावनी सिग्नल के साथ होगी अभ्यास की शुरुआत सहायक कमिश्नर (जनरल) प्रगति सेठी तथा अतिरिक्त नियंत्रक सिविल डिफेंस एवं जिला कमांडर मनप्रीत सिंह रंधावा द्वारा दी गई जानकारी अनुसार अभ्यास की शुरुआत एयर रेड चेतावनी सिग्नल के साथ होगी, जो सायरनों के माध्यम से दिया जाएगा। यह संकेत किसी आपातकालीन या युद्ध जैसी स्थिति की चेतावनी का प्रतीक होगा। घबराएं नहीं और केवल अनावश्यक लाइटें बंद रखें अमृतसर के ADC रोहित गुप्ता ने आम जनता से अपील की है कि वे इस दौरान घबराएं नहीं और केवल अनावश्यक लाइटें बंद रखें। अस्पताल, पुलिस, अग्निशमन विभाग और अन्य आवश्यक सेवाएं सामान्य रूप से कार्य करती रहेंगी। मॉक ड्रिल के समापन पर ऑल क्लियर सिग्नल के रूप में लगभग दो मिनट तक लगातार तेज सायरन बजाया जाएगा, जो अभ्यास समाप्त होने का संकेत होगा। इस दौरान आग बुझाने, खोज एवं बचाव कार्य, प्राथमिक चिकित्सा, घायलों की ढुलाई, ट्रैफिक नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन जैसी गतिविधियों का अभ्यास किया जाएगा। यह एक नियमित सुरक्षा अभ्यास इस अभ्यास में एनसीसी कैडेट्स, सिविल डिफेंस कर्मी, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और पुलिस बल सक्रिय रूप से भाग लेंगे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह एक नियमित सुरक्षा अभ्यास है, जिसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।