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मध्यप्रदेश में खेल सुविधाओं का हो रहा है निरंतर विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

फिरोजिया ट्रॉफी विजेताओं के लिये अतिरिक्त पुरस्कार की घोषणा की फिरोजिया ट्रॉफी का फाइनल मैच देखा, खिलाड़ियों का किया उत्साहवर्धन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में खेल सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। शासन का प्रयास है कि खिलाड़ियों को हर स्तर पर आधुनिक खेल संरचना, प्रशिक्षण और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध हों। शासन के इन प्रयासों से मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभाएं विश्व स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उज्जैन में भी विभिन्न खेल मैदानों में खेल व्यवस्थाओं का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। उज्जैन के क्षीर सागर मैदान को भी नगर निगम और खेल विभाग द्वारा विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को देर रात उज्जैन में फिरोजिया ट्रॉफी का फाइनल मैच देखा और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने इस अवसर पर फिरोजिया ट्रॉफी की विजेता टीम को रुपए 1 लाख और उप विजेता टीम को 51 हजार रुपए के अतिरिक्त नगद पुरस्कार की घोषणा भी की। फिरोजिया ट्रॉफी का आयोजन 12 अप्रैल से 19 अप्रैल तक उज्जैन के क्षीर सागर मैदान पर किया गया। फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के बीच रोमांचक संघर्ष देखने को मिला, जिससे दर्शक अंत तक मैच का आनंद लेते रहे। सांसद श्री अनिल फिरोजिया ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का फिरोजिया ट्रॉफी में प्रत्येक वर्ष पधारने और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने पर आभार व्यक्त किया। फिरोजिया ट्रॉफी सांसद श्री अनिल फिरोजिया के पिता स्व. भूरेलाल फिरोजिया की स्मृति में विगत 21 वर्षों से हर वर्ष आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार रुपए 5 लाख 51 हजार है और द्वितीय पुरस्कार 2 लाख 51 हजार रुपये है। प्रतियोगिता में इस वर्ष नारी शक्ति वंदन की भावना को साकार करते हुए महिला क्रिकेट मैच और मातृशक्ति सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, श्री रवि सोलंकी और बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।  

विज्ञान मंथन यात्रा से विद्यार्थियों की तीक्ष्ण होगी वैज्ञानिक दृष्टि

इसरो एवं सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के भ्रमण से मिलेगा व्यावहारिक ज्ञान 375 विद्यार्थी एवं 27 शिक्षक चयनित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीं शुभकामनाएं भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “विज्ञान मंथन यात्रा : 2025-26” के लिए चयनित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे विद्यार्थी भविष्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बेहतर योगदान देने के लिए प्रेरित होंगे। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा मिशन एक्सीलेंस अभियान के अंतर्गत “विज्ञान मंथन यात्रा 2025-26” का आयोजन किया जा रहा है। यह पहल विद्यार्थियों को विज्ञान के व्यावहारिक पक्ष से जोड़ने तथा उनके ज्ञान-विस्तार में सहायक सिद्ध होगी। यात्रा आज से प्रारंभ होकर 27 अप्रैल, 2026 तक संचालित की जाएगी। योजना में शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के कक्षा 10वीं के मेधावी विद्यार्थी तथा कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विज्ञान संकाय के विद्यार्थी शामिल हैं। इस भ्रमण कार्यक्रम के लिए वही विद्यार्थी पात्र हैं, जिन्होंने पिछली कक्षा में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों। इस वर्ष कुल 375 विद्यार्थियों एवं 27 शिक्षकों का चयन किया गया है। चयनित विद्यार्थियों के साथ विज्ञान शिक्षक एवं शिक्षिकाएं भी यात्रा में शामिल हैं। यात्रा में विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान, बेंगलुरु तथा सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा सहित प्रमुख अनुसंधान संस्थानों एवं प्रयोगशालाओं का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। विद्यार्थियों को वैज्ञानिकों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं के समाधान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। छात्र-छात्राएं चंद्रयान मिशन सहित विभिन्न उपकरणों के मॉडल एवं उनकी कार्य-प्रणाली को नजदीक से समझ सकेंगे। साथ ही, वे उन वैज्ञानिकों से भी मुलाकात करेंगे, जिन्होंने मिशन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।  

मध्य प्रदेश के जंगलों में आग का तांडव, 60 स्थानों पर जल रही आग, अमरकंटक के बाद इन शहरों पर खतरा

भोपाल  भीषण गर्मी की दस्तक के साथ ही मध्य प्रदेश के जंगलों से डराने वाली खबरें आने लगी हैं। पिछले तीन सालों से मध्य प्रदेश देश के उन राज्यों में शीर्ष पर बना हुआ है जहां जंगल की आग ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक साल 2025-26 में मध्य प्रदेश 14,506 आग की घटनाओं के साथ देश में दूसरे स्थान पर रहा, जबकि पिछले साल राज्य इस मामले में नंबर-1 पर था। हर दिन 60 जगह धधक रही है आग मध्य प्रदेश में औसतन हर दिन 60 जगहों पर आग की लपटें दिखाई दे रही हैं। पिछले हफ्ते अमरकंटक के जंगलों में लगी भीषण आग ने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी थी। वन विभाग ने देवास, सीहोर, रायसेन, बैतूल, सिवनी, छिंदवाड़ा, सागर, दमोह और कटनी के पास के जंगलों को अति संवेदनशील घोषित किया है। फॉरेस्ट विभाग का पराली वाला तर्क हैरानी की बात यह है कि एमपी फॉरेस्ट विभाग इन आंकड़ों के पीछे एक तकनीकी थ्योरी दे रहा है। अधिकारियों का दावा है कि फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया (FSI), देहरादून के सैटेलाइट खेतों में जलने वाली पराली और जंगल की आग में अंतर नहीं कर पाते। चूंकि मध्य प्रदेश पराली जलाने के मामले में भी देश में टॉप पर है, इसलिए खेत की आग को अक्सर जंगल की आग मान लिया जाता है, जिससे राज्य की रैंकिंग खराब हो रही है। बचाव के लिए क्या हो रहा है काम? विभाग का कहना है कि वे सैटेलाइट तस्वीरों का इस्तेमाल रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए कर रहे हैं। ग्राउंड स्टाफ को तुरंत सूचना भेजी जाती है ताकि वे मौके पर पहुंच सकें। इसके अलावा:करीब 1 लाख किलोमीटर लंबी फायर लाइन (साफ की गई जमीन की पट्टियां) बनाई गई हैं।संवेदनशील इलाकों में विशेष वॉच टावर स्थापित किए गए हैं।सैटेलाइट अलर्ट सीधे फॉरेस्ट गार्ड के मोबाइल तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

मंत्री राजपूत ने बताया, एक लाख 45 हजार 71 किसानों से 63 लाख 27 हजार 410 क्विंटल गेहूँ की खरीदी

एमएसपी पर गेहूँ की खरीदी जारी एक लाख 45 हज़ार 71 किसानों से की जा चुकी है 63 लाख 27 हजार 410 क्विंटल गेहूँ की खरीदी : मंत्री राजपूत भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अभी तक एक लाख 45 हज़ार 71 किसानों से 63 लाख 27 हजार 410 क्विंटल गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। किसानों को 920 करोड़ 7 लाख रुपए का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जा चुका है। अभी तक 5 लाख 36 हजार 367 किसानों द्वारा 2 करोड़ 25 लाख 96 हजार 450 क्विंटल गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। किसानों की सुविधा के लिए उपार्जन केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़कर 6 कर दी गई है। इससे समय पर किसानों द्वारा लाये गए गेहूं की तुलाई हो सकेगी। खरीदी के लिये 3171 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। गेहूँ की खरीदी कार्यालयीन दिवसों में होती है। सेटेलाइट ई-मेल में मिलान नहीं पाए गए खसरों को छोड़कर उसी किसान के शेष खसरों पर गेहूँ की फसल विक्रय हेतु स्लॉट बुकिंग की सुविधा दी गई है। स्लॉट बुकिंग की क्षमता बढ़ाई उपार्जन केन्द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके, इसके लिये प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूँ विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 1500 क्विंटल की गई है। उपार्जन केंद्र में किसानों के लिये गेहूँ बिक्री की सभी सुविधाएं मंत्री राजपूत ने बताया है कि उपार्जन केंद्रों में गेहूँ विक्रय की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उपार्जन केन्द्रों में छायादार स्थान में बैठने और पेय जल की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है। केंद्र में बारदाने, तौल कांटे सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छनना आदि की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। समर्थन मूल्य के साथ बोनस भी मंत्री राजपूत ने बताया है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उपार्जित गेहूँ में से 51 लाख 75 हजार 370 क्विंटल गेहूँ का परिवहन किया जा चुका है। उपार्जन के लिए रिकार्ड पंजीयन प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है।  

विजय इंदर सिंगला का आरोप, महिला आरक्षण की आड़ में BJP कर रही है भेदभाव

मानसा महिला आरक्षण की आड़ में BJP भेदभाव कर रही है। इसलिए, 16 अप्रैल 2026 को 131वें संविधान संशोधन बिल को इंडियन नेशनल कांग्रेस और उसके साथियों ने पूरी तरह से सही कारणों से खारिज कर दिया था। पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद विजय इंदर सिंगला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा महिला आरक्षण का समर्थन किया है। यह 2023 में पास हुए 106वें संविधान संशोधन के तहत पहले से ही देश का कानून है। इसे कांग्रेस का पूरा समर्थन था। यह 131वां संशोधन बिल 16 अप्रैल 2026 को लाया गया था। इससे महिला आरक्षण की आड़ में भेदभाव और सीट बढ़ाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि 2023 में कानून पास करने के बाद, BJP की सरकार ने इसे लागू करने में करीब 30 महीने की देरी की। लेकिन अब 16 अप्रैल, 2026 को कानून नोटिफाई किया गया और उसी दिन लोकसभा का विस्तार करने, संसदीय क्षेत्रों को फिर से बांटने और रिप्रेजेंटेशन बदलने के लिए नए बिल पेश किए गए। यह यहां लागू करने में देरी करने, फिर इसे डिलिमिटेशन के साथ जोड़ने और आखिर में कुछ राज्यों के पक्ष में राजनीतिक ताकत को फिर से बनाने के लिए इसका इस्तेमाल करने की एक साफ रणनीति दिखाता है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में 13 लोकसभा सीटें हैं। पुराने आंकड़ों के आधार पर डिलिमिटेशन के तहत इसका हिस्सा कम हो जाएगा। इससे MSP, फाइनेंशियल डिस्ट्रीब्यूशन और मानसा और पंजाब के हर जिले के किसानों, मजदूरों और परिवारों को प्रभावित करने वाले हर राष्ट्रीय फैसले पर राज्य का असर सीधे तौर पर कम हो जाएगा। पंजाब एक बॉर्डर राज्य है। राष्ट्रीय सुरक्षा का केंद्र और भारत की खाद्य सुरक्षा की रीढ़। इसने जिम्मेदारी से जनसंख्या स्थिरता का पालन किया है और फिर भी इसे सही काम करने की सजा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत की महिलाएं असली एम्पावरमेंट और राजनीतिक पैंतरेबाजी के बीच का अंतर समझती हैं। वे देरी, कमजोरी और भटकाव को पहचानती हैं। यह सिर्फ़ रिज़र्वेशन का सवाल नहीं है। यह राज्यों की आवाज़ और हमारी डेमोक्रेसी की ईमानदारी का सवाल है। कांग्रेस पंजाब, मानसा और हर उस नागरिक के साथ खड़ी रहेगी जो यह मानता है कि संवैधानिक अधिकार राजनीतिक फ़ायदे के लिए सौदेबाज़ी की चीज़ नहीं हैं।

MLA दिनेश चड्ढा का वादा, गतका खिलाड़ियों को मिलेंगी बेहतरीन सुविधाएं

रूपनगर रूपनगर जिले के खिलाड़ियों ने 12वीं पंजाब स्टेट गतका चैंपियनशिप 2026 के दौरान अलग-अलग एज ग्रुप के मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन करके ओवरऑल चैंपियनशिप जीती। पास के गांव लौदीमाजरा में खत्म हुए सालाना टूर्नामेंट में गुरदासपुर की टीम दूसरे और फतेहगढ़ साहिब तीसरे स्थान पर रही। इस टूर्नामेंट के दौरान सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया, जिसमें बलजोत सिंह रूपनगर ने सब-जूनियर कैटेगरी में बेस्ट गतका खिलाड़ी की ट्रॉफी जीती, दिलराज सिंह अमृतसर ने जूनियर कैटेगरी में बेस्ट खिलाड़ी की ट्रॉफी जीती और अमनप्रीत सिंह फतेहगढ़ साहिब ने सीनियर कैटेगरी में बेस्ट खिलाड़ी की ट्रॉफी जीती। रूपनगर MLA दिनेश चड्ढा ने समापन समारोह में चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल होकर गतका एसोसिएशन डिस्ट्रिक्ट रूपनगर की कोशिशों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जिला रूपनगर खालसा की जन्मभूमि है, इसलिए इस जिले के लोगों की खास जिम्मेदारी है कि वे विरासती खेल गतका को बढ़ावा दें। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि वे गतका खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधाएं देने के लिए राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों से भी बात करेंगे और इस खेल को बढ़ावा देने के लिए हर मुमकिन कोशिश की जाएगी। इस बीच, नेशनल गतका एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट हरजीत सिंह ग्रेवाल ने टीमों के खिलाड़ियों, रेफरी और कोच का धन्यवाद किया और कहा कि उनकी मिली-जुली कोशिशों से गतका खेल लगातार तरक्की की राह पर है। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड गतका फेडरेशन का लक्ष्य गतका को ओलंपिक खेलों में शामिल कराना है, जिसके लिए वे पूरी तरह समर्पित हैं। इस कार्यक्रम में इलाके की धार्मिक और राजनीतिक हस्तियां भी बड़ी संख्या में शामिल हुईं। इस मौके पर बरिंदर सिंह ढिल्लों, इंदरपाल राजू सत्याल, नेशनल गतका एसोसिएशन के फाइनेंस सेक्रेटरी बलजीत सिंह सैनी, हरप्रीत सिंह लखेवाल, अमनिंदर सिंह रेहल, सुरिंदर सिंह हरिपुर, जगदीप सिंह थली, बीबी मनजीत कौर, गुरप्रीत सिंह भाऊवाल, गुरविंदर सिंह रूपनगर, चीफ रेफरी नरिंदर सिंह पारस, जसप्रीत सिंह, गुरविंदर सिंह घनौली और दूसरे लोग मौजूद थे।

Solar Fair in Chapra: सोलर पैनल पर मिल रही 78 हजार की सब्सिडी, जानिए कैसे उठाएं लाभ

छपरा. जिला प्रशासन, सारण के तत्वावधान में विद्युत आपूर्ति अंचल, छपरा द्वारा भिखारी ठाकुर प्रेक्षागृह में PM Surya Gharमुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सोलर लोन मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने लोगों को सौर ऊर्जा के उपयोग से होने वाले लाभों और सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत उपभोक्ता न केवल अपने बिजली बिल में कमी ला सकते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि बैंकों द्वारा बिना किसी जमानत के ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसकी किस्त लगभग बिजली बिल के बराबर होगी और पांच वर्षों में उपभोक्ता अपनी लागत की भरपाई कर सकते हैं। बैंक दे रहे आसान लोन की जानकारी  मेले में एसबीआई, पीएनबी, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई बैंक, इंडियन बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ महाराष्ट्र सहित कई प्रमुख बैंकों ने स्टॉल लगाकर उपभोक्ताओं को सोलर पैनल स्थापना हेतु आसान और आकर्षक ब्याज दरों पर ऋण की जानकारी दी। योजना के तहत 1 किलोवाट से 3 किलोवाट तक के सोलर संयंत्र लगाने पर 30 हजार से 78 हजार रुपये तक की सरकारी सब्सिडी प्रदान की जा रही है। साथ ही उपभोक्ता अपनी छत पर सोलर प्लांट लगाकर हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ उठा सकते हैं। जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि यह पहल सारण को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में विद्युत अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता सहित विद्युत विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी तथा विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Punjab Crackdown: होशियारपुर में इंटरनेशनल ड्रग-आर्म्स रैकेट का पर्दाफाश, 70 करोड़ की हेरोइन जब्त

होशियारपुर. होशियारपुर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय और विदेशी संबंधों वाले नशा व गैरकानूनी हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 9.925 किलोग्राम हेरोइन, दो .30 बोर की विदेशी पिस्तौलें, आठ मैगजीन और 40 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस कार्रवाई को हाल के समय की बड़ी सफलताओं में माना जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनजिंदर सिंह उर्फ सोनू निवासी गांव पथरालियां (होशियारपुर), शिवम भंडारी निवासी धीना (जालंधर), साहिल मसीह उर्फ मोनू निवासी गांव पखोके टाहली (गुरदासपुर) और रमेल रौजर निवासी गढ़शंकर (होशियारपुर) के रूप में हुई है। गढ़शंकर क्षेत्र में विशेष नाकाबंदी की गई कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताते हुए संदीप कुमार मलिक ने कहा कि पुलिस को विश्वसनीय स्रोतों से पुख्ता सूचना मिली थी। इसके आधार पर गढ़शंकर क्षेत्र में विशेष नाकाबंदी की गई। इसी दौरान एक कार को शक के आधार पर रोका गया, जिसमें सवार चारों आरोपियों को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान गाड़ी से हेरोइन और हथियारों की बड़ी खेप बरामद हुई। पुलिस पर फायरिंग मामले में भी नामजद आरोपित उन्होंने आगे बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल साहिल मसीह पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और वह बटाला में पुलिस पार्टी पर हुई गोलीबारी की घटना में भी नामजद है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और गंभीर अपराधों में लिप्त रहा है। पुलिस ने इस मामले में गढ़शंकर थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां तथा बरामदगियां होने की संभावना है। साथ ही, इस पूरे नेटवर्क के विदेशी कनेक्शन को भी खंगाला जा रहा है, ताकि तस्करी की जड़ तक पहुंचकर इसे पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

Border Action: BSF और पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ड्रोन के जरिए तस्करी नाकाम, हेरोइन जब्त

फिरोजपुर. फिरोजपुर के बॉर्डर एरिया में बी.एस.एफ. और पुलिस द्वारा सर्च के दौरान 2 किलो 567 ग्राम हेरोइन और तीन ड्रोन बरामद किए गए हैं। इस संबंध में थाना सदर फिरोजपुर और थाना ममदोट पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामले धर्ज किए हैं। थाना सदर फिरोजपुर के एच.सी. रमेश कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि ड्रोन एक्टिविटी हुई है। इस पर पुलिस पार्टी कमाले वाला गांव पहुंची जहां बी.एस.एफ. के साथ संयुक्त ऑपरेशन के दौरान दो ड्रोन और हेरोइन के दो पैकेट बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि बरामद किए गए दो पैकेट में से 1 किलो 550 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। थाना सदर के ही सहायक थानेदार विनोद कुमार ने बताया कि उनकी पुलिस पार्टी गश्त के लिए रवाना थी तो उन्हें सूचना मिली कि गांव गुलाम हुसैन वाला के खेतों में कुछ संदिग्ध चीज पड़ी है जो पुलिस और बी.एस.एफ. के संयुक्त ऑपरेशन के दौरान 34 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। थाना ममदोट के एस.आई. दीपक कुमार ने बताया कि उनकी पुलिस पार्टी ने संयुक्त ऑपरेशन के दौरान 1 किलो 68 ग्राम हेरोइन और एक टूटा हुआ ड्रोन बरामद किया। जांच अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून AAP की ऐतिहासिक सफलता, नील गर्ग ने की सराहना

बठिंडा आम आदमी पार्टी पंजाब के सीनियर लीडर और चेयरमैन नील गर्ग ने कहा कि पंजाब सरकार का बेअदबी के मामलों के खिलाफ सख्त कानून बनाना राज्य के लिए एक ऐतिहासिक पल है। यह बिल, जो मुख्यमंत्री भगवंत मान की लीडरशिप में बैसाखी के पवित्र दिन पंजाब विधानसभा में पास हुआ था, अब गवर्नर गुलाब चंद कटारिया के साइन के बाद कानून बन गया है। चेयरमैन नील गर्ग ने कहा कि बैसाखी के पवित्र दिन लाया गया यह बिल पूरे पंजाब और दुनिया के सिख समुदाय के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। यह सिर्फ एक कानून नहीं है, बल्कि संगत की दुआओं और लंबे संघर्ष का नतीजा है। इस ऐतिहासिक कदम से सिख समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांगें पूरी हुई हैं। बेअदबी जैसे सेंसिटिव मुद्दे पर सख्त कानूनी नियम लाकर पंजाब सरकार ने साफ मैसेज दिया है कि धार्मिक भावनाओं से खेलने वालों को कभी बख्शा नहीं जाएगा। नील गर्ग ने इस कानून को लागू करने के लिए सभी MLA, संतों और कानूनी जानकारों का धन्यवाद किया। उन्होंने इस ऐतिहासिक मौके पर पूरी सिख संगत को बधाई दी और कहा कि यह कानून पंजाब में शांति, भाईचारे और धार्मिक सम्मान को और मजबूत करेगा। चेयरमैन नील गर्ग ने कहा कि यह सिर्फ एक कानून नहीं है, बल्कि पंजाब की आत्मा की रक्षा के लिए लिया गया एक ऐतिहासिक फैसला है। हम सभी गुरु साहिब के आगे सिर झुकाते हैं और इस सेवा के लिए उनका लाख-लाख शुक्रिया अदा करते हैं।