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Haryana Police Recruitment Update: प्रेग्नेंट कैंडिडेट्स को राहत नहीं, अब चश्मा पहनने वालों के लिए खुला मौका

चंडीगढ़. हरियाणा में साढ़े पांच हजार पुलिस कर्मचारियों की भर्ती की प्रक्रिया रफ्तार पकड़ चुकी है। पुलिस कॉन्स्टेबल बनने के लिए 3.24 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। सोमवार से पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में शारीरिक मापदंड परीक्षा (पीएमटी) की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी। इस दौरान अभ्यर्थियों में भर्ती के नियमों को लेकर कुछ संशय है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने गूगल फार्म के माध्यम से अभ्यर्थियों से सवाल पूछे हैं, जिनमें से कुछ ऐसे चुनींदा सवालों के जवाब दिए गए हैं, जो समस्त अभ्यर्थियों को दिशा देने का काम करेंगे। आयोग के चेयरमैन ने कहा है कि पुलिस की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और तकनीक आधारित होगी। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने सिरसा की सुनीता व लक्ष्मी, भिवानी की मालती देवी, कुरुक्षेत्र की काजल, महेंद्रगढ़ की पिंकी और जींद की मीना के एक सवाल का जवाब देते हुए स्पष्ट किया है कि शारीरिक मापदंड परीक्षा में किसी भी गर्भवती महिला को कोई छूट नहीं दी जाएगी। विशेष परिस्थितियों में केवल पीएसटी (फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट-शारीरिक जांच परीक्षा) में ही छूट दी जा सकती है। गर्भवती महिला अभ्यर्थियों को मेडिकल प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य होगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के साथ एक अलग सार्वजनिक सूचना पीएसटी से पहले जारी कर दी जाएगी। पीएमटी में उम्मीदवार की लंबाई व छाती (पुरुषों के लिए) समेत विभिन्न शारीरिक मापदंड चेक किए जाते हैं। पीएसटी में उम्मीदवार की दौड़ और शारीरिक क्षमता (फिटनेस टेस्ट) लिया जाता है। पीएमटी की प्रक्रिया 31 मई तक पूरी हो सकेगी, जबकि पीएसटी की प्रक्रिया अगले एक पखवाड़े के भीतर किसी भी समय आरंभ हो सकती है। पीएसटी की विस्तृत समय सारणी जल्द होगी जारी रेवाड़ी की प्रियांशु यादव, नूंह के लक्षित व ओमप्रकाश, सोनीपत की एकता, कैथल के विशाल और चुलियाना के अक्षत ने कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन से पूछा है कि क्या पीएमटी और पीएसटी एक साथ होंगे। यदि नहीं तो इनके बीच में कितने समय का अंतर होगा। क्या 85 दिनों की अवधि में पूरी प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। इस सवाल के जवाब में हिम्मत सिंह ने बताया कि पीएमटी का नोटिस जारी किया जा चुका है। पीएसटी इसके बाद आयोजित होगा, जिसकी विस्तृत समय सारणी अलग से जारी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जरूरी नहीं है कि पीएमटी खत्म होने के बाद ही पीएसटी आरंभ होगा। पीएसटी की प्रक्रिया पीएमटी के चलते-चलते भी शुरू की जा सकेगी। एडमिट कार्ड और एक फोटो पहचान पत्र जरूरी नूंह के ओमप्रकाश, महेंद्रगढ़ की पूजा और जहांगीरपुर की रेणु ने सवाल पूछा है कि पीएमटी और पीएसटी के दौरान कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं। इस सवाल के जवाब में आयोग ने कहा है कि पीएमटी-पीएसटी का एडमिट कार्ड और एक फोटो पहचान पत्र साथ लाने होंगे। इन दस्तावेजों के बिना प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। दौड़ के दौरान नहीं मिलेगी स्टाप वाच, स्क्रीन लगेगी हिसार के सुनील, बोलन (हिसार) की दिक्षा, कापड़ो के प्रवीण, महेंद्रगढ़ के रविंद्र और बहादुरगढ़ के प्रदीप कुमार ने सवाल किया कि क्या दौड़ के दौरान स्टाप वाच उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके जवाब में कर्मचारी चयन आयोग के चेयमरैन हिम्मत सिंह ने कहा कि पीएसटी के दौरान समय रिकॉर्ड आरएफआईडी आधारित प्रणाली से किया जाएगा, जो कि जर्मन की मशीनों से होगा। अलग से स्टॉप वाच उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। कर्मचारी चयन आयोग डिस्पले स्क्रीन लगवाने की कोशिश कर रहा है, जिस पर दौड़ के समय को लाइव देखा जा सकेगा। कोई शिकायत है तो मौके पर मौजूद मिलेगी समिति नरवाना के दर्शन और रेवाड़ी के हरिपाल ने तकनीकी गड़बड़ी होने पर क्या होगा यानी पीएमटी मशीनों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आयोग के पास क्या फार्मूला है। इस सवाल के जवाब में चेयरमैन ने कहा कि सभी केंद्रों पर पूरी तकनीकी व्यवस्था रहेगी। किसी भी समस्या के लिए मौके पर शिकायत समिति मौजूद रहेगी, जिसके पास अभ्यर्थी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। लेकिन हमें उम्मीद है कि कोई तकनीकी समस्या नहीं आने वाली है। मेडिकल प्रक्रिया में पास होना जरूरी नूंह के मोहम्मद कैफ और सोनीपत के सरोहा ने पूछा कि क्या चश्मा पहनने वाले अभ्यर्थी दौड़ में भाग ले सकते हैं। इस सवाल पर चेयरमैन हिम्मत सिंह ने कहा कि पीएमटी-पीएसटी में चश्मे को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं है, परंतु पुलिस के भर्ती नियमों के मुताबिक मेडिकल प्रक्रिया से आपको गुजरना होगा। यदि मेडिकल प्रक्रिया से गुजरने के दौरान किसी तरह की कोई समस्या आती है तो अलग बात है। पीएमटी-पीएसटी के लिए जारी हो चुके निर्देश रोहतक की प्रीति व नितेश, भिवानी के राहुल तंवर व कपिल, नरवाना के मनकीत, कालां के अंकित और हांसी के मनु ने पीएमटी-पीएसटी के लिए ऊंचाई एवं छाती की माप के संबंध में आयोग से स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया है। इस पर आयोग ने कहा कि इस बारे में विस्तृत दिशा निर्देश अलग से जारी हो चुके हैं। इसके बावजूद पुरुष कॉन्स्टेबल के लिए ऊंचाई 170 सेंटीमीटर (आरक्षित 168) और छाती 83 से 87 सेंटीमीटर का प्रविधान है। महिला कॉन्स्टेबल के लिए ऊंचाई 158 सेंटीमीटर और आरक्षित वर्ग के लिए 156 सेंटीमीटर है। अब उम्मीदवारों के लिए अगला फोकस पीएमटी पास कर पीएसटी की तैयारी करना है। कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह का दावा है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जल्द पूरी की जाएगी। सिख अभ्यर्थियों के लिए धार्मिक मर्यादाओं का अनुपालन लंबाई, वजन और छाती के मापन से यदि कोई अभ्यर्थी संतुष्ट नहीं होगा तो वह अपील काउंटर पर आवेदन कर दोबारा माप करा सकता है।अभ्यर्थियों के लिए बैगेज जमा करने और विश्राम क्षेत्र की व्यवस्था की गई है। जीरकपुर से सुबह पांच बजे से 10 बसों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। किसी भी अभ्यर्थी को एनर्जी बूस्टर का सेवन नहीं करना चाहिए। सिख अभ्यर्थियों के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। उनके मापन के लिए धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप अलग व्यवस्था और सिख कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

Weather Update: पंजाब में छाए बादल, गर्मी से मिली राहत, तापमान लुढ़का

पठानकोट. शहर में मौसम ने अचानक करवट ली है। दिनभर तेज धूप के बीच बादलों की आवाजाही से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान गिरकर 18.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कल के मुकाबले अधिकतम तापमान में करीब 1.2 डिग्री की कमी आई है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। दोपहर बाद आसमान में बादल छाने लगे और हवाएं चलने से वातावरण सुहावना हो गया। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसका प्रभाव पठानकोट और आसपास के इलाकों पर भी देखा जा रहा है। आने वाले 24 घंटों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद मौसम के फिर से शुष्क रहने की उम्मीद है, हालांकि तापमान में 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। सुबह तेज धूप के बाद दोपहर तक बादलों और सूरज के बीच आंख-मिचौली चलती रही। हल्की हवाओं के कारण लोगों ने राहत महसूस की, लेकिन उमस बरकरार रही। गर्मी से बचने के लिए लोग दुपट्टे और कपड़ों से मुंह ढककर निकलते नजर आए। मौसम में आए इस बदलाव ने फिलहाल लोगों को राहत दी है और अब सभी की नजरें संभावित बारिश पर टिकी हैं।

अलर्ट प्रशासन ने रोकी बाल विवाह की 2 घटनाएं, समय रहते समझाइश देकर टली बड़ी कार्रवाई

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही. देश के कई राज्यों में अक्षय तृतीया के अवसर को विवाह के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, जिसके चलते इस अवधि में बाल विवाह के मामले भी सामने आते हैं। इसी के मद्देनजर जिले में प्रशासन और बाल संरक्षण विभाग की सतर्कता के चलते दो अलग-अलग मामलों में नाबालिगों के संभावित बाल विवाह को समय रहते रोक दिया गया। सूचना प्राप्त होते ही संबंधित टीमों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत दोनों विवाहों को रुकवा दिया। पहला मामला: सोन बचरवार पंचायत पहला मामला पेंड्रा ब्लॉक के ग्राम पंचायत सोन बचरवार का है, जहां एक नाबालिग बालक की शादी की तैयारी चल रही थी। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना मिलने के बाद जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने तत्काल टीम को मौके पर भेजा। दस्तावेजों की जांच में पाया गया कि बालक की उम्र 17 वर्ष 10 माह 14 दिन है, जो निर्धारित कानूनी आयु 21 वर्ष से कम है। इसके बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विवाह रुकवाया। दूसरा मामला: गुम्मा टोला में कार्रवाई दूसरा मामला ग्राम पंचायत गुम्मा टोला का है, जहां थाना गौरेला क्षेत्र में एक अन्य नाबालिग के विवाह की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से मिली। टीम ने मौके पर पहुंचकर दस्तावेजों की जांच की, जिसमें बालक की उम्र 20 वर्ष 9 माह 7 दिन पाई गई, जो बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत निर्धारित उम्र से कम है। इसके चलते इस विवाह को भी रोक दिया गया। परिजनों को दी गई समझाइश दोनों मामलों में टीम ने बालक-बालिका के माता-पिता और परिवारजनों को समझाइश दी तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही, भविष्य में बाल विवाह नहीं करने के लिए घोषणा पत्र और पंचनामा पर हस्ताक्षर भी कराए गए। टीम की सराहनीय भूमिका इस पूरी कार्रवाई में जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल संरक्षण अधिकारी, परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर, चाइल्ड हेल्पलाइन, गौरेला पुलिस और पेंड्रा पुलिस की भूमिका सराहनीय रही। प्रशासन की इस तत्परता से एक बार फिर बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर प्रभावी रोक लगाने का संदेश गया है।

स्टूडेंट्स बनेंगे भविष्य के बिजनेस लीडर: पंजाब में लॉन्च होगा यंग एंटरप्रेन्योर्स प्रोग्राम

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने स्कूली शिक्षा में बड़ा बदलाव करते हुए एंटरप्रेन्योशिप शिक्षा को अब कक्षा 9 और 10 तक विस्तारित करने का फैसला किया है। पहले यह विषय केवल कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों के लिए लागू था, लेकिन अब इसे शुरुआती स्तर पर ही अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे विद्यार्थियों में समस्या समाधान, निर्णय लेने की क्षमता और आत्मनिर्भरता जैसे गुण विकसित होंगे। राज्य सरकार ने इस कार्यक्रम को मजबूत बनाने के लिए उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के साथ अपनी साझेदारी को अगले तीन वर्षों के लिए और बढ़ा दिया है। यह समझौता (एमओयू) कक्षा 9 से 12 तक कार्यक्रम के प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करेगा। इस पहल के तहत राज्य के सभी सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों और पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध संस्थानों में इसे लागू किया जाएगा, जिससे करीब 6.4 लाख विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। 2022 में हुई थी पीवाईईपी की शुरुआत पंजाब यंग एंटरप्रेन्योर्स प्रोग्राम (पीवाईईपी) की शुरुआत 2022 में की गई थी, जबकि 2025 में कक्षा 11 और 12 के लिए इसे अनिवार्य विषय बनाया गया। इसके बाद से विद्यार्थियों की भागीदारी में लगातार वृद्धि देखी गई है और आइडिया आधारित शिक्षा को बढ़ावा मिला है। अब कक्षा 9 और 10 में इसे अनिवार्य तो किया जाएगा, लेकिन इन कक्षाओं में इसके अंक नहीं जोड़े जाएंगे। उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के सीईओ और सह-संस्थापक मेकिन माहेश्वरी के अनुसार, इस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थी अपने आसपास की समस्याओं की पहचान करते हैं, उनके समाधान तैयार करते हैं और उन्हें व्यवहारिक रूप में परखते हैं। कई विद्यार्थियों के आइडिया छोटे स्तर के व्यवसाय और सामुदायिक परियोजनाओं में भी बदल रहे हैं। उन्होंने बताया कि कक्षा में पढ़ाई का फोकस ‘करके सीखने’ (लर्निंग बाय डूइंग) पर है, जिससे विद्यार्थी केवल सिद्धांत तक सीमित नहीं रहते। युवाओं को अवसर पैदा करने योग्य किया जा रहा तैयार शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि अवसर पैदा करने वाला बनाना चाहती है। उन्होंने बताया कि बिजनेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम के तहत पिछले वर्ष 50 हजार से अधिक विद्यार्थियों को सीड फंडिंग दी गई थी, जबकि इस वर्ष 65 हजार विद्यार्थियों को सहयोग दिया जाएगा। गौरतलब है कि उद्यम लर्निंग फाउंडेशन वर्तमान में राज्य के करीब 3700 स्कूलों में काम कर रही है और देश के 12 राज्यों में उद्यमिता शिक्षा को बढ़ावा दे रही है। यह संस्था पाठ्यक्रम को मजबूत करने, शिक्षकों को प्रशिक्षित करने और विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रही है। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से आने वाले वर्षों में पंजाब के विद्यार्थी न केवल आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को भी नई दिशा देंगे।

छत्तीसगढ़ के कोरबा में बड़ा हादसा, राखड़ बांध टूटने से ऑपरेटर की मौत, तीन मजदूर सुरक्षित निकाले गए

कटघोरा. छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब नवागांव के कला में स्थित सीएसईबी का राखड़ बांध (झाबु डेम) अचानक फूट गया। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसे में एक जेसीबी ऑपरेटर की मौत हो गई, जबकि अन्य मजदूरों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। ऐसे हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, घटना के समय जेसीबी ऑपरेटर सहित कुल पांच लोग राखड़ डेम में मरम्मत कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान अचानक बांध फूट गया और राखड़ का तेज बहाव शुरू हो गया। देखते ही देखते जेसीबी मशीन बह गई और मलबे में दबकर ऑपरेटर की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान मड़वारानी निवासी हुलेश्वर कश्यप के रूप में हुई है। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। वहीं आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही दर्री थाना पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। रेस्क्यू टीम और ग्रामीणों की मदद से तीन मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वही, मलबे में दबे जेसीबी और चालक को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। घटना के बाद सीएसईबी प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि डेम की मरम्मत के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, जिससे यह हादसा हुआ। मुआवजे की घोषणा प्रशासन की ओर से मृतक के परिजनों को तत्काल 5 लाख रुपये नगद और 18 लाख रुपये का चेक, कुल 23 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। वहीं इस घटना को लेकर युवा कांग्रेस ने आक्रोश जताते हुए लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इधर, जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी है और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।

छत्तीसगढ़ में सियासी उबाल: आज जांजगीर-चांपा पहुंचेंगे CM साय, BJP की जन-आक्रोश रैली पर सबकी नजर

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. शाम 4 बजे वह रायपुर सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम पहुंचेंगे. शाम 4 बजे से 5:30 बजे तक जन-आक्रोश महिला पद यात्रा में शामिल होंगे. पद यात्रा इनडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक होगी. इसके बाद सीएम हाउस पहुंचेंगे. इसके बाद शाम 7 बजे रायपुर से बिलासपुर के लिए स्टेट प्लेन से रवाना होंगे. जांजगीर चांपा स्थित आनंदम निधिवन रिसॉर्ट में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. वहीं रात 9:40 बजे फिर बिलासपुर से रायपुर के लिए लौटेंगे.  रायपुर में भाजपा की जन-आक्रोश रैली आज राजधानी में सोमवार को भाजपा द्वारा आक्रोश रैली का आयोजन किया जाएगा है. आक्रोश रैली दोपहर 3 बजे इंडोर स्टेडियम से शुरू होकर सुभाष स्टेडियम में सम्मेलन के साथ समाप्त होगी. इस जन आक्रोश रैली में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव समेत सभी मंत्री और बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं और प्रमुख नेता शामिल होंगे. कांग्रेस आज प्रदेशभर में करेगी पीसी नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर प्रदेशभर में आज कांग्रेस प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी. सभी जिलों में  प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी. रायपुर में जिला कांग्रेस भवन में दोपहर 12:30 बजे से प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी, जिसमें जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन समेत वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहनखेड़ा महातीर्थ में आदिराज पारणा महोत्सव में बढ़ाई सहभागिता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहनखेड़ा महातीर्थ में आदिराज पारणा महोत्सव में की सहभागिता पारणोत्सव में मुख्यमंत्री का उपवास, संस्कार और सेवा का संगम का संदेश मोहनखेड़ा महातीर्थ पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव, किए दर्शन धार  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अनेक योनियों के पश्चात मानव शरीर की प्राप्ति होती है, जो पंचतत्वों से निर्मित है। इस शरीर को संस्कारित करने के लिए उपवास एक श्रेष्ठ माध्यम है। आज अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर पारणोत्सव के माध्यम से इस जीवन को पुण्य संचयन से जोड़ने का यह अवसर अत्यंत पावन और कल्याणकारी है। ऐसे उत्सवों में सहभागिता से मानव जीवन धन्य हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज मोहनखेड़ा महातीर्थ में आयोजित आदिराज पारणा महोत्सव (वर्षीतप पारणा महोत्सव) में यह बात कही। आदिराज पारणा महोत्सव (वर्षीतप पारणा महोत्सव) का  भव्य एवं आध्यात्मिक आयोजन गच्छाधिपति श्रीमद विजय नित्यसेन सुरीश्वरजी महाराज साहब की पावन निश्रा में संपन्न हुआ। आयोजन के दौरान 550 से अधिक तपस्वियों का पारणा अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर विधिवत संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे चराचर जगत में सूर्य ऊर्जा का संचार करता है, उसी प्रकार मानव जीवन में गुरुदेव सूर्य के समान मार्गदर्शक होते हैं। जीवन में अनेक प्रकार के भटकाव आते हैं, किन्तु अच्छे और बुरे का अंतर समझाने का कार्य गुरुदेव ही करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुदेव आचार्य राजेन्द्र सूरी जी महाराज के आशीर्वाद से ही सरकार भौतिक विकास के साथ-साथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना के संवर्धन के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मानव अपने संस्कारों को न भूले और आदिकाल से चली आ रही सनातन संस्कृति से जुड़ा रहे। जीवन में पाने से अधिक आनंद देने में है, इसी उद्देश्य के साथ सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जनजातीय अंचल में गुरुदेव के आगमन से नई चेतना का संचार हो रहा है। गुरुदेव के इंदौर में चातुर्मास आगमन पर राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा। साथ ही, उनके आशीर्वाद से शासन के कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से पूर्ण करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन स्तर पर सामाजिक चेतना के विकास के लिये अनेक कार्य किए जा रहे हैं। गौशालाओं में प्रति गाय अनुदान राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये की गई है। दुग्ध उत्पादन और प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। गरीबों के जीवन स्तर में सुधार और उनके उत्थान के लिए सरकार संकल्पित होकर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसिद्ध मोहनखेड़ा महातीर्थ में पहुंचकर विधिवत पूजन-अर्चन कर दर्शन किए। गच्छाधिपति पूज्य श्रीमद विजय नित्यसेन सुरीश्वरजी महाराज साहब ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब मानव के मन में धर्म का अंश जागृत होता है, तभी वह इस प्रकार के पुण्य आयोजनों में सहभागी बनता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आगमन पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वे प्रदेश सेवा के लक्ष्य को लेकर निरंतर आगे बढ़ें, उनका आशीर्वाद सदैव साथ है। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में विरासत के गौरव को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ किसान, महिला, युवा और गरीब वर्ग के कल्याण हेतु सतत कार्य कर रही है। आदिराज पारणा महोत्सव आदिराज पारणा महोत्सव जैन धर्म का एक प्रमुख एवं पवित्र आध्यात्मिक आयोजन है, जो प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) की तपस्या की स्मृति में मनाया जाता है। जैन परंपरा के अनुसार, भगवान ऋषभदेव ने 400 दिन की कठोर वर्षीतप साधना पूर्ण करने के उपरांत अक्षय तृतीया के दिन हस्तिनापुर में राजा श्रेयांस कुमार के हाथ से गन्ने के रस (इक्षुरस) से पारणा किया था। इसी ऐतिहासिक और धार्मिक परंपरा के निर्वहन में प्रतिवर्ष अक्षय तृतीया के अवसर पर वर्षीतप करने वाले तपस्वियों का पारणा कराया जाता है, जो आत्मसंयम, त्याग और तपस्या की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक वेलसिंह भूरिया, ट्रस्ट अध्यक्ष सूर्य प्रकाश  भंडारी, जैन संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश तांतेड, जैन संघ के प्रमुख महेंद्र व्होरा, ट्रस्ट सचिव मुकेश  जैन, नवयुवक परिषद राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश छाजेड़ उपस्थित रहे।  

केजरीवाल दिल्ली HC में फिर होंगे पेश, जज को हटाने की उठाई थी मांग

  नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट में एक बार फिर वर्चुअल रूप से पेश होंगे. केजरीवाल दिल्ली आबकारी नीति मामले में निचली अदालत द्वारा उन्हें और अन्य आरोपियों को डिस्चार्ज करने के आदेश के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर सुनवाई के दौरान हितों के टकराव (conflict of interest) का मुद्दा एक बार फिर उठाएंगे।  केजरीवाल ने सीबीआई के हलफनामे पर अपना जवाबी हलफनामा पहले ही दाखिल कर दिया है. इसमें उन्होंने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के साथ हितों के टकराव के मुद्दा फिर से उठाया है।  केजरीवाल का तर्क है कि इस मामले की सुनवाई कर रहीं जज के बच्चे (बेटा ईशान शर्मा और बेटी शंभवी शर्मा) केंद्र सरकार के वकीलों के पैनल में शामिल हैं और उन्हें सरकारी काम मिलता है. उन्होंने इसे हितों का टकराव बताया है।  'जजों को बदनाम करने की कोशिश' वहीं, सीबीआई ने केजरीवाल के इस अतिरिक्त हलफनामे का तीखा विरोध किया है. CBI ने इसे अनावश्यक, जजों को बदनाम करने का प्रयास और न्यायिक इतिहास तथा भविष्य के लिए खतरनाक मिसाल (Dangerous Precedent) करार दिया है।  सीबीआई का कहना है कि अगर केजरीवाल की इस दलील को स्वीकार कर लिया गया तो केंद्र सरकार से जुड़े किसी भी मामले में लगभग कोई भी जज सुनवाई नहीं कर पाएगा, क्योंकि जजों के रिश्तेदार अक्सर सरकारी पैनल में वकील होते हैं. CBI ने इसे न्यायपालिका पर अनुचित हमला बताया है।  हालांकि, कोर्ट ने पिछला जवाब रिकॉर्ड लेने से इनकार किया था. अब केजरीवाल सोमवार को जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के इजलास में पेश होकर अपना जवाब रिकॉर्ड पर लेने के लिए अपील करेंगे।  दरअसल, केजरीवाल ने 14 अप्रैल के अपने अतिरिक्त हलफनामे में दावा किया है कि जस्टिस शर्मा के बच्चे केंद्र सरकार के पैनल में वकील हैं. आरटीआई (RTI) से मिली जानकारी का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि जज के बेटे को साल 2023 में 2487, साल 2024 में 1784 और साल 2025 में 1633 केस आवंटित किए गए. केजरीवाल का तर्क है कि ये सीधा हितों का टकराव है, क्योंकि सॉलिसिटर जनरल इस मामले में सीबीआई की ओर से पेश हो रहे हैं।  AAP ने किया विरोध वहीं, अदालत के बाहर आम आदमी पार्टी ने भी इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी. पार्टी ने सवाल उठाया है कि आखिर उनके नेता का जवाब बार-बार रिकॉर्ड पर क्यों नहीं लिया जा रहा है. केजरीवाल ने 13 अप्रैल को भी जज के सुनवाई करने पर आपत्ति जताई थी, क्योंकि जस्टिस शर्मा ने पहले उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका और मनीष सिसोदिया व के कविता की जमानत अर्जियां खारिज कर दी थीं।  क्या है मामला आपको बता दें कि ये पूरा कानूनी विवाद तब शुरू हुआ जब 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने दिल्ली शराब नीति मामले में केजरीवाल और सिसोदिया को डिस्चार्ज कर दिया था. निचली अदालत ने कहा था कि सीबीआई का मामला न्यायिक जांच में टिकने के लायक नहीं है और पूरी तरह से बदनाम हो चुका है. इसी आदेश के खिलाफ सीबीआई ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिस पर आज सुनवाई होनी है। 

रायपुर : माओवाद के बाद विकास की नई राह: पुसपाल बनेगा ईको-टूरिज्म हब

रायपुर : माओवाद के बाद विकास की नई राह: पुसपाल बनेगा ईको-टूरिज्म हब रिसॉर्ट और ओपन रेस्टोरेंट से बढ़ेगा पर्यटन और आजीविका के साधन : मंत्री केदार कश्यप रायपुर कोण्डागांव जिले के पुसपाल क्षेत्र से माओवाद खत्म होने के बाद अब विकास की नई तस्वीर उभर रही है। वर्षों तक प्रभावित रहने के कारण जहां पर्यटन गतिविधियां ठप थीं, वहीं अब केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से क्षेत्र में शांति स्थापित हुई है और पर्यटन की संभावनाएं फिर से जीवंत हो गई हैं। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने ग्राम परौदा में लगभग एक करोड़ 45 लाख 96 हजार रूपए की लागत से बनने वाले ईको-टूरिज्म रिसॉर्ट का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही पुसपाल क्षेत्र में ही एक करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से नदी तट पर बनने वाले ओपन रेस्टोरेंट का भी भूमिपूजन किया। वन मंत्री कश्यप ने कहा कि पुसपाल को विकसित करने का उद्देश्य कोण्डागांव–बस्तर ईको-टूरिज्म सर्किट को मजबूत बनाना है। अभी तक पर्यटक टाटामारी और चित्रकूट तक ही सीमित रहते थे, लेकिन अब पुसपाल में नई गतिविधियां शुरू होने से पर्यटन का दायरा भी बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि यहां भंवरडीह नदी में एटीवी राइड, एडवेंचर स्पोर्ट्स, रिवर राफ्टिंग और बांस राफ्टिंग जैसी गतिविधियां शुरू की जाएंगी। साथ ही पुसपाल वैली में व्यू पॉइंट से सूर्यास्त का अद्भुत नजारा देखने के साथ पर्यटक ईको-कॉटेज में रात्रि में सितारों से भरे आकाश का आनंद लेते हुए विश्राम कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि ईको-टूरिज्म के विकास से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और क्षेत्र की संस्कृति को देश-विदेश में पहचान मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान तेंदूपत्ता संग्राहकों को संग्रहण कार्ड भी वितरित किए गए। मंत्री कश्यप ने संग्राहकों से अपील की कि वे अधिक मात्रा में और अच्छी गुणवत्ता का तेंदूपत्ता संग्रह करें, ताकि उन्हें बेहतर मूल्य और बोनस का लाभ मिल सके। अंत में वन विभाग ने सभी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से वनों को आग से बचाने, उनकी सुरक्षा करने और अवैध अतिक्रमण रोकने में सहयोग की अपील की। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती यशोदा कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति रही।

बटाला में सेफ प्लांट के तहत फायर सेफ्टी एक्सरसाइज कैंप लगाया गया

बटाला.  नेशनल फायर सेफ्टी वीक के दौरान, फायर ब्रिगेड बटाला ने चड्ढा शुगर एंड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड: कीड़ी अफगाना और वेरका कैटल फीड प्लांट घनीये के बांगर में प्लांट फायर सेफ्टी और मोल ड्रिल की। ​​इन एक्सरसाइज कैंप में फायर स्टेशन इंचार्ज नीरज शर्मा की लीडरशिप में फायर ऑफिसर राकेश शर्मा, हरबख्श सिंह सिविल डिफेंस, फायर टेंडर/फाइटर समेत सभी स्टाफ और वर्कर मौजूद थे। फायर ऑफिसर राकेश शर्मा और हरबख्श सिंह सिविल डिफेंस ने बताया कि इन कैंप में मॉक फायर ड्रिल के दौरान इमरजेंसी अलार्म बजाकर सभी को अलर्ट किया गया और सभी लोग सुरक्षित जगह पर इकट्ठा हुए। इसी बीच, एक फायर टेंडर बुलाया गया और फायर फाइटर्स ने आग पर काबू पाया। जो वर्कर किसी वजह से अंदर फंस गए थे, उन्हें वर्करों द्वारा तैयार की गई फर्स्ट एड, रेस्क्यू और एम्बुलेंस टीमों ने सुरक्षित निकाल लिया। इसके बाद बताया गया कि अपनी सेफ्टी के लिए काम करते समय कभी भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि एक्सीडेंट की वजह छोटी से बड़ी हो सकती है। वर्कर्स को फायर एक्सटिंग्विशर इस्तेमाल करने की प्रैक्टिस भी कराई गई। अगर कोई अनहोनी होती है, तो बटाला कंट्रोल रूम नंबर 91157-96801 पर लोकल फायर ब्रिगेड को इन्फॉर्म करें। प्लांट फायर सेफ्टी (या सेफ्टी ऑफिसर) को इंडस्ट्रियल नियमों का पालन पक्का करना चाहिए, जिससे खतरों से बचा जा सके।