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अबेर की बेटी कृति सिंह ने 92.6% अंक प्राप्त कर गार्डियन गाइड पब्लिक हायर सेकंडरी स्कूल सतना का नाम किया रोशन

सतना जिले में संचालित गार्डियन गाइड पब्लिक हायर सेकेण्डरी स्कूल में अध्ययन कर रही 10वीं की मेधावी छात्रा कृति सिंह पिता श्री कमलेंद्र सिंह(लाला) एवं माता विद्या सिंह निवासी ग्राम पंचायत अबेर हायर एमपी बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते 92.6 प्रतिशत अंक हासिल कर एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। उनकी इस सफलता से न केवल परिवार बल्कि पूरे विद्यालय एवं क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। सतना जिले की गार्डियन गाइड पब्लिक विद्यालय की इस मेधावी छात्रा ने कठिन परिश्रम, निरंतर अभ्यास और अनुशासित अध्ययन के बल पर सभी विषयो में विशेष योग्यता अर्जित कर शानदार परिणाम प्राप्त किया। परीक्षा परिणाम घोषित होते ही विद्यालय परिसर में खुशी की लहर दौड़ गई और सहपाठियों ने उन्हें बधाई दी।ग्राम पंचायत अबेर निवासी युवा समाजसेवी कमलेंद्र सिंह ने इस सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए ने कहा कि कृति सिंह ने लगन और मेहनत से यह उपलब्धि हासिल की है। माता विद्या सिंह ने बताया कि मुझे गर्व महसूस हो रहा है कि मेरी बेटी ने स्कूल के साथ मेरा भी मान बढ़ाया है क्योंकि "पढ़ेंगी बेटियां तभी तो आंगें बढ़ेगीं बेटियां"  छात्रा ने इस उपलब्धि का श्रेय गुरुजनों और माता पिता को दिया है।

नवनियुक्त उपकेंद्र परिचारकों को एनपीटीआई शिवपुरी में होगा उन्नत प्रशिक्षण

भोपाल  मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के नवनियुक्त उपकेंद्र परिचारकों (सब स्टेशन अटेंडेंट) को देश के प्रतिष्ठित नेशनल पावर ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट (एनपीटीआई), शिवपुरी में उन्नत एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में उन्हें अनुभवी एवं विशेषज्ञ विद्युत इंजीनियरों द्वारा ट्रांसमिशन लाइनों तथा एक्स्ट्रा हाई टेंशन सब-स्टेशनों की संरचना, संचालन एवं रखरखाव (मेंटेनेंस) से संबंधित सैद्धांतिक के साथ व्यावहारिक ज्ञान भी दिया जा रहा है। इसी क्रम में शिवपुरी परीक्षण संभाग के कार्यपालन अभियंता श्री अजीत वर्मा ने सहायक अभियंता श्री रोहित यादव के साथ 220 केवी सब स्टेशन शिवपुरी में आयोजित फील्ड विजिट के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को सब स्टेशन के विभिन्न उपकरणों, उनके संचालन, रखरखाव तथा सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी दी। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उपकेंद्र परिचारकों की तकनीकी दक्षता को सुदृढ़ करने के साथ ही विद्युत ट्रांसमिशन प्रणाली के सुरक्षित एवं सुचारु संचालन में दक्षता  प्राप्त करवाने के लिए दिया जा रहा है  

आईपीएल सट्टेबाजी में वकील समेत कई गिरफ्तार, 100 करोड़ के लेनदेन का शक

 कानपुर  आईपीएल में सट्टा और प्रतिबंधित ऑनलाइन गेम खिलाने वाला गिरोह बेहद चालाक था। वे पकड़े न जाएं, इसलिए चलती कैब में आईपीएल सट्टा खिलाते और उसका लेनदेन करते थे। सोमवार को जेल गए आठ आरोपितों में एक वकील तो दूसरा वकील का बेटा है। वकील के बेटे ने इस काम के लिए खुद दो कारें खरीदकर कैब में लगा रखी थी। वहीं इस गिरोह के 15 आरोपित भागे हुए हैं, जिनमें से दो आरोपितों के नंबर की लोकेशन ट्रेस हुई है। उनकी तलाश में टीम लखनऊ और प्रयागराज पहुंची है। वहीं, आरोपितों के 150 बैंक खातों में 100 करोड़ रुपये के लेनदेन होने की संभावना है। बैंक खुलने पर उसकी जानकारी मांगी जाएगी। प्रतिबंधित ऑनलाइन गेम लोटस 365, रेड्डी बुक, कार्तिके, दुबई ईएक्सएच आदि गेम व आईपीएल सट्टा खेलने के लिए क्लोन वेबसाइट बनाई गई है। इसमें दुबई में बैठे मास्टर माइंड ने बनवाई है। उसने देश के सभी राज्यों और जिलों में अपने गिरोह के हजारों सदस्यों को शामिल कर रहा है। शहर में इस गिरोह का मुख्य सदस्य मोहित और उसकी मानिटरिंग करने वाला लखनऊ का विमल है। बर्रा थाने की पुलिस ने साइबर व सर्विलांस टीम की मदद से मोहित के भाई बर्रा धर्मेंद्र नगर निवासी अभिषेक वर्मा, नेहरू नगर के वकील हितेश निगम, गुजैनी एफ ब्लाक निवासी सत्यम तिवारी, बर्रा पांच के अनमाेल विश्वकर्मा, साकेत नगर के नितिन गुप्ता, कैंट के बनिया बाजार निवासी स्नेहिल बजाज, हंसपुरम आवास विकास निवासी सुल्तान अहमद, नौशाद को गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेजा गया था, जबकि मोहित, विमल समेत 15 आरोपित भागे हुए हैं। बर्रा थाना प्रभारी रवीन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दुबई में बैठा मास्टर माइंड राज्यों व जिलों के अलग-अलग ब्रांच कोड आवंटित किए हैं, जिसकी जिम्मेदरी उस जिले के प्रमुख व्यक्ति को दी जाती है और उसे व उसके साथ काम करने वाले कर्मचारियों 50 हजार से एक लाख रुपये तक का वेतन दिया जाता है। कानपुर का ब्रांच 24 कोड आवंटित है। इन लोगों का काम सिर्फ इतना होता है कि जो भी वयक्ति सट्टा या गेम खेल रहा है और रुपये जीतता है तो उसकी आइडी के अकाउंट में बताई गई रकम ट्रांसफर करनी होती है। इस गिरोह के पास जो खाते हैं। उसमें मास्टर माइंड साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर कराता है। ऐसे में पुलिस से बचने के लिए गिरोह चलती कैब में लोगों को रुपये ट्रांसफर करते हैं, जिससे वे पकड़े न जाएं। थाना प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए आरोपितों के 26 मोबाइल फोन पर 52 खातों में 52 लाख अभी फ्रीज की प्रक्रिया की गई है, जबकि एक करोड़ रुपये तक होने की संभावना है। बैंक खुलने पर उसकी भी प्रक्रिया की जाएगी। मंगलवार को बैंक बंद होने से बरामद बैंक खातों व मोबाइल एप में लिंक खातों की जानकारी नहीं मिल सकी है। बुधवार को जानकारी मिलने की संभावना है।

मेडिकल जांचों और दवाइयों की कीमतों में भारी फर्क, प्रदेश में चार गुना तक अंतर, हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान

इंदौर  एमपी में अलग अलग जगहों पर मेडिकल जांचों और दवाइयों की कीमतों में जबर्दस्त अंतर है। एक ही फार्मूले की दवाइयों के अलग अलग कंपनियां के रेट में 4 गुना तक अंतर देखा जा रहा है। कुछ ऐसा ही हाल मेडिकल जांचों के रेट में भी है। अलग अलग लैब और अस्पतालों में एक ही जांच के अलग-अलग रेट वसूले जा रहे हैं। इतना ही नहीं, कई डॉक्टर दूसरे अस्पताल या लैब की रिपोर्ट को नहीं मानते हैं और नए सिरे से जांच कराते हैं। कीमतों में इस असमानता को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका पर बुधवार को सुनवाई होने की संभावना है। वरिष्ठ अभिभाषक विजय कुमार आसुदानी के जरिए दायर याचिका में एक ही फार्मूले की दवाइयों की कीमतों और लैब की जांच फीस में भारी अंतर को समाप्त करने का मुद्दा उठाया गया है। याचिका में बताया गया है कि एक ही तरह की दवाइयों की कीमतों में अलग-अलग कंपनियों में तीन से चार गुना तक अंतर है। उदाहरण के तौर पर बुखार की पैरासिटामॉल की एक कंपनी की टेबलेट 5 रुपए में उपलब्ध है, जबकि अन्य कंपनियों की कीमत इससे कई गुना अधिक है। ऐसी कई दवाइयों की लिस्ट और उनके अलग- अलग रेट की जानकारी कोर्ट के समक्ष रखी गई है। मेडिकल जांच के रेट में असमानता को लेकर बताया गया है कि विभिन्न लैब और निजी अस्पताल एक ही जांच के लिए अलग-अलग राशि वसूलते हैं। अगर कोई मरीज सस्ती लैब में जांच कराता है तो कई डॉक्टर उस रिपोर्ट को मान्यता ही नहीं देते हैं और नई जांच कराने को कहते हैं। सरकार ने करीब दस साल पहले इस मामले में कानून बनाया, लेकिन इसका नोटिफिकेशन आज तक जारी नहीं किया याचिका में अदालत से आग्रह किया गया है कि जनता के साथ हो रही इस असमान वसूली पर रोक लगाई जाए और दवाइयों व मेडिकल जांच के रेट एक समान किए जाएं। सरकार ने करीब दस साल पहले इस मामले में कानून बनाया, लेकिन इसका नोटिफिकेशन आज तक जारी नहीं किया है। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की युगलपीठ में इस याचिका पर सुनवाई की संभावना इंदौर हाईकोर्ट में आमजन से संबंधित इस अहम जनहित याचिका पर आज ही सुनवाई हो सकती है। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की युगलपीठ में इस याचिका पर सुनवाई की संभावना है।

चुनाव प्रक्रिया विवादों में: हरियाणा में जनगणना की जगह FIDR डेटा पर उठा सवाल, हाई कोर्ट पहुंचा मुद्दा

चंडीगढ़. हरियाणा के नगर निगम चुनावों को लेकर बड़ा संवैधानिक विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व पार्षद उषा रानी समेत कई याचिकाकर्ताओं ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर कर राज्य सरकार की उस प्रक्रिया को चुनौती दी है, जिसमें जनगणना आंकड़ों की बजाय फैमिली इंफॉर्मेशन डेटा रिपॉजिटरी (एफआईडीआर) के आधार पर सीटों का निर्धारण और आरक्षण किया गया है। याचिका में स्पष्ट किया गया है कि संविधान के अनुच्छेद 243-पी के अनुसार “जनसंख्या” का अर्थ अंतिम प्रकाशित जनगणना के आंकड़ों से है, लेकिन राज्य सरकार ने 2023 और 2024 के संशोधनों के जरिए हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 में बदलाव कर एफआईडीआर डेटा को आधार बना लिया। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि यह कदम न केवल संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को भी प्रभावित करता है। याचिका में पंचकूला नगर निगम के वार्ड परिसीमन को भी कठघरे में खड़ा किया गया है। आरोप है कि परिसीमन प्रक्रिया के दौरान प्राप्त आपत्तियों पर विचार किए बिना ही अंतिम अधिसूचना जारी कर दी गई, जो 1994 के नियमों का सीधा उल्लंघन है। इसके अलावा वार्डों के निर्धारण में भौगोलिक एकरूपता, संतुलन और जनसंख्या अनुपात जैसे मूल सिद्धांतों की भी अनदेखी की गई।याचिकाकर्ताओं ने 10 अप्रैल 2026 की उस अधिसूचना को भी चुनौती दी है, जिसमें केवल अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित सीटों की घोषणा की गई थी, जबकि अन्य वर्गों, सामान्य, पिछड़ा वर्ग (बीसी-ए और बीसी-बी) के लिए आरक्षण एक साथ घोषित नहीं किया गया। इसे मनमाना, भेदभावपूर्ण और चुनावी प्रक्रिया के मूल ढांचे के विपरीत बताया गया है।याचिका के अनुसार, राज्य सरकार ने पहले 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों का निर्धारण किया था, लेकिन अब बिना किसी नई जनगणना के एफआईडीआर डेटा लागू कर दिया गया, जिससे आरक्षित सीटों की संख्या और स्वरूप में बदलाव आया है। इससे चुनावी प्रक्रिया की वैधता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। इसके अलावा मेयर पद और वार्डों के आरक्षण के लिए चिट्ठी प्रक्रिया (ड्रॉ ऑफ लॉट्स) भी केवल कुछ नगर निगमों में लागू की गई, जबकि नियमों के अनुसार इसे पूरे राज्य में एक साथ किया जाना चाहिए था। याचिकाकर्ताओं ने हाई कोर्ट से मांग की है कि पंचकूला नगर निगम की सभी सीटों का निर्धारण 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाए और जब तक मामले का अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। याचिका पर हाई कोर्ट की अवकाशकालीन बेंच आज सुनवाई करेगी।  

लुधियाना में अमरनाथ यात्रा मेडिकल के दौरान उमड़ी भीड़, सिविल अस्पताल में बुलानी पड़ी पुलिस

लुधियाना. लुधियाना सिविल अस्पताल में श्री अमरनाथ यात्रा जाने वाले श्रद्धालुओं के मेडिकल बुधवार से शुरू हो गए। पहले ही दिन एक हजार से अधिक शिव भक्त मेडिकल के लिए पहुंचे। बम बम भोले के जयघोष के बीच श्रद्धालु टोकन लेकर मेडिकल के लिए लाइनों में लगे हुए हैं। भारी भीड़ के चलते अस्पताल प्रबंधन को पुलिस तक मौके पर बुलानी पड़ीं। मेडिकल के दौरान बहुत से श्रद्धालूओ के बीच नोकझोक भी हो गई सुबह साढ़े 11 बजे तक 370 लोग मेडिकल टीम तक पहुँच चुके थे, जबकि भक्तो की लंबी कतार लगी हुई है। जांच के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है, जिसमें मेडिकल स्पेशलिस्ट, मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स, इंटर्न और अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार, स्वास्थ्य जांच में विशेष रूप से हृदय, फेफड़ों और ब्लड प्रेशर से संबंधित परीक्षण किए जा रहे हैं, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या से बचा जा सके। मेडिकल जांच को चार चरणों में विभाजित किया गया है, जिसमें सबसे पहले टोकन काउंटर पर पंजीकरण के लिए नंबर दिया जाएगा। इसके बाद रजिस्ट्रेशन काउंटर पर दस्तावेजों की जांच होगी। तीसरे चरण में इसीजी जांच की जाएगी और आखिर में डाक्टर द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कर अंतिम सर्टिफिकेट दिया जाएगा।

PM नरेंद्र मोदी का ऐलान: वेदांता हादसे में मृतकों को ₹2 लाख, घायलों को ₹50 हजार सहायता

रायपुर. छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर बॉयलर ब्लास्ट हो गया। इस हादसे में अब तक 13 मजदूरों की मौत हुई है। वहीं 26 से अधिक मजदूर घायल हुए हैं, जिन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर शोक जताया है और पीएमएनआरएफ की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50,000 रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में बिजली संयंत्र में हुई दुर्घटना बेहद दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता में लगा हुआ है। पीएमएनआरएफ की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50,000 रुपये सहायता राशि दी जाएगी। प्लांट के बाहर मजदूरों का हंगामा इधर हादसे के बाद प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया है। वे प्रबंधन पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग कर रहे हैं। कुछ मजदूर लापता हैं। परिजनों का कहना है कि प्रबंधन कोई जानकारी नहीं दे रहा है। विधायक रामकुमार यादव परिजनों के साथ प्लांट के सामने बैठे हैं। मृतकों के परिजनों और घायलों को उचित मुआवजे की मांग की जा रही है। कलेक्टर ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। हादसे की जानकारी मिलते ही कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर घटना स्थल पर पहुंचे हैं। दोनों अधिकारियों ने मौके पर ही राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया और टीमों का नेतृत्व करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। 

गोरखपुर ने एआई जागरूकता के क्षेत्र में गिनीज बुक में नाम किया दर्ज

एआई जागरूकता पर गिनीज बुक में दर्ज हुआ गोरखपुर का नाम सीएम योगी के मार्गदर्शन में रची गई ‘एआई फॉर ऑल’ अवेयरनेस प्रोग्राम की रूपरेखा, 764187 ऑनलाइन पंजीकरण का विश्व कीर्तिमान गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि ने मुख्यमंत्री और टाटा संस के चेयरमैन को सौंपा प्रमाण पत्र गोरखपुर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जागरूकता पर गोरखपुर का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया है। सीएम योगी के मार्गदर्शन में तैयार किए गए ‘एआई फॉर ऑल’ अवेयरनेस प्रोग्राम ने एक सप्ताह की समय सीमा में 764187 ऑनलाइन पंजीकरण का विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है। एमपीआईटी (महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) ने टीसीएस (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) और अन्य संस्थानों के सहयोग से इस प्रोग्राम को शुरू किया है। बुधवार को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि ऋषि नाथ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को इस प्रोग्राम के तहत पंजीकरण का विश्व कीर्तिमान रचे जाने का प्रमाण पत्र सौंपा। यह प्रमाण पत्र एमपीआईटी में पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण समारोह के मंच पर सौंपा गया। एमपीआईटी ने ‘एआई फॉर ऑल’ अवेयरनेस प्रोग्राम के लिए 5 लाख पंजीकरण का लक्ष्य रखा था। इसके लिए निर्धारित तिथि, 9 अप्रैल तक 764187 पंजीकरण हुए। इसके अंतर्गत दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर, महायोगी गुरु गोरखनाथ राज्य आयुष विश्वविद्यालय, एमपी पॉलिटेक्निक, आईटीएम गीडा, बीआईटी गीडा आदि को भी साझा पहल में शामिल किया गया। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि ने बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया को कड़े मानकों पर परखने के बाद प्रमाण पत्र सौंपा गया है।  पूर्णतः निशुल्क इस एआई अवेयरनेस प्रोग्राम में एआई का परिचय, जेनेरेटिव एआई टूल्स, प्रॉम्प्टिंग एंड प्रोडक्टिविटी, रिस्पांसिबल एआई यूज, साइबर हाइजीन, फ्रॉड प्रिवेंशन, पासवर्ड एंड ओटीपी सेफ्टी और सेफ डिजिटल प्रैक्टिसेज के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा।

मध्यप्रदेश में गेहूं की MSP और बोनस पर खरीद की शुरुआत, रजिस्ट्रेशन वाले किसानों को मिलेगा फायदा

शहडोल : MSP यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी का इंतजार कर रहे किसानों को बड़ी राहत मिलने वाली है. गेहूं की कटाई, गहाई के बाद अब शासन किसानों का गेहूं खरीदने की तैयारी में है. जिला आपूर्ति नियंत्रक विपिन पटेल के मुताबिक, '' रबी सीजन में MSP पर गेहूं खरीदी का काम 2026-27 के तहत 15 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 12 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा।  मध्य प्रदेश में गेहूं पर इतना MSP और बोनस जिला आपूर्ति नियंत्रक ने कहा, '' इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रु प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जिस पर मध्यप्रदेश शासन 40 रु प्रति क्विंटल बोनस भी दे रहा है. इस तरह से किसानों को कुल 2625 रु प्रति क्विंटल की दर से एमएसपी का भुगतान किया जाएगा और उनकी फसल इस नई दर पर खरीदी जाएगी।  शहडोल में इतने किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन जिला आपूर्ति नियंत्रक विपिन पटेल ने जानकारी दी है कि MSP पर गेहूं की खरीदी सिर्फ पंजीकृत किसानों से ही की जाएगा, जिले में कुल 9,526 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया है, जिनमें से 13 अप्रैल 2026 तक 418 किसानों की स्लॉट बुकिंग की जा चुकी है. यानी साफ है कि जिन किसानों ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, शासन उनसे एमएसपी पर गेहूं की खरीद नहीं करेगा. यानी बिना पंजीकरण वाले किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ लेने से वंचित रह जाएंगे।  स्लॉट बुकिंग का ध्यान रखें किसान जिला आपूर्ति नियंत्रक विपिन पटेल ने अपील करते हुए कहा है कि जिन किसानों का गेहूं एमएसपी पर बेचने के लिए तैयार हो चुका है, वे शीघ्र अतिशीघ्र स्लॉट बुक कर निर्धारित तिथि पर अपने नजदीकी उपार्जन केंद्र पहुंच जाएं. स्लॉट के हिसाब से किसान पहुंचकर अपना गेहूं बेच सकते हैं. किसानों की सुविधा के लिए शनिवार एवं रविवार को भी पूरे दिन स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी।  पूरा फायदा लेने के लिए इस बात का रखें ध्यान साथ ही जिला आपूर्ति नियंत्रक ने कहा है कि किसान अगर एमएसपी का पूरा लाभ लेना चाहते हैं, तो वे अपने साथ साफ-सुथरा, सूखा व अच्छी गुणवत्ता का गेहूं ही उपार्जन केंद्रों पर लाएं. इससे उनका अनाज अमानक या लो क्वालिटी का घोषित नहीं होगा और बिना किसी परेशानी के खरीदी प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। 

जेट फ्यूल महंगा होने से जयपुर, अयोध्या, चंडीगढ़ और दिल्ली की फ्लाइट्स के किराए बढ़ेंगे

हिसार जेट फ्यूल की कीमतों में भारी इजाफे के चलते हिसार एयरपोर्ट से जयपुर, अयोध्या, चंडीगढ़ और दिल्ली के हवाई किराए बढ़ने जा रहे हैं। नया किराया 1 मई 2026 से लागू होगा। साथ ही, विंटर सीजन में बंद की गई हिसार-दिल्ली हवाई सेवा 16 अप्रैल 2026 से दोबारा शुरू हो रही है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने 16 दिसंबर 2025 को इस सेवा को बंद किया था। 16 अप्रैल से सप्ताह में शनिवार को छोड़कर छह दिन फ्लाइट्स उपलब्ध रहेंगी। चारों शहरों जयपुर, अयोध्या, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए दो-दो दिन उड़ानें संचालित की जाएंगी किराया बढ़ने का कारण वित्त मंत्रालय ने जेट फ्यूल की कीमत 29.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 42 रुपये प्रति लीटर कर दी है। इसके चलते एलायंस एयर ने अपने किराए में वृद्धि कर दी है। कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर नया किराया अपडेट कर दिया है, जो 1 मई और उसके बाद की यात्राओं पर लागू होगा। नाइट लैंडिंग की राह हिसार एयरपोर्ट को 24 फरवरी 2026 को नाइट लैंडिंग का लाइसेंस मिल चुका है। हालांकि, अभी केवल एक शिफ्ट में काम चल रहा है, जिसके कारण शाम 6 बजे के बाद कोई फ्लाइट नहीं है। दूसरी शिफ्ट शुरू होते ही रात में भी उड़ानों का संचालन संभव हो सकेगा। यात्री अब हिसार से आस-पास के प्रमुख शहरों के लिए हवाई यात्रा की सुविधा का फिर से लाभ उठा सकेंगे।