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साय कैबिनेट ने किए 9 बड़े फैसले, UCC समिति का गठन, महिलाओं को 50% रजिस्ट्री छूट, खनन-उद्योग नियमों में बदलाव

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज (15 अप्रैल) को मंत्रिपरिषद की बैठक संपन्न हो गई है। यह बैठक मंत्रालय स्थित महानदी भवन के मंत्रिपरिषद कक्ष (एम-5/20) में चल रही है। इस बैठक में कई विभागों से आए प्रस्तावों और योजनाओं की समीक्षा की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –  1.    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ में Uniform Civil Code लागू करने के संबंध में Uniform Civil Code का प्रारूप तैयार करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया तथा समिति के सदस्यों के मनोनयन के लिए मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किया गया।   छत्तीसगढ़ में वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण, भरण-पोषण एवं पारिवारिक मामलों से संबंधित विवादों में विभिन्न धर्मों के अनुसार अलग-अलग पर्सनल लॉ लागू हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत राज्य को सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्देश दिया गया है। अलग-अलग कानूनों के कारण वैधानिक प्रक्रिया में असमानता उत्पन्न होती है, जिससे न्याय प्रक्रिया जटिल होती है। ऐसे में कानून को सरल, एकरूप और न्यायसंगत बनाने के लिए Uniform Civil Code लागू करना आवश्यक माना जा रहा है, जिससे धार्मिक और लैंगिक समानता को भी बढ़ावा मिलेगा। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है, जो राज्य के नागरिकों, संगठनों एवं विशेषज्ञों से व्यापक सुझाव लेकर Uniform Civil Code का प्रारूप तैयार करेगी। यह समिति वेब पोर्टल के माध्यम से फीडबैक भी आमंत्रित कर सकती है। समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार प्रारूप को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत मंत्रिपरिषद से अनुमोदन के बाद विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे राज्य में एक समान और पारदर्शी नागरिक कानून व्यवस्था स्थापित हो सके। 2.    मंत्रिपरिषद ने महिलाओं के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन पर लगने वाले शुल्क में 50 प्रतिशत की कमी की जाएगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को संपत्ति अर्जन के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस निर्णय से सरकार को लगभग 153 करोड़ रुपये राजस्व की कमी होगी, लेकिन महिला सशक्तीकरण के लिए इसे महत्वपूर्ण कदम माना गया है।  3.    मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसके तहत उन्हें जीवनकाल में एक बार छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर 25 लाख रूपए तक की संपत्ति (भूमि/भवन) क्रय करने पर देय स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट प्रदान किया जाएगा। देश सेवा में समर्पित सैनिकों का जीवन प्रायः स्थानांतरण और अस्थायित्व से भरा होता है, जिसके बाद वे स्थायी निवास के लिए संपत्ति क्रय करते हैं, ऐसे में यह निर्णय उन्हें आर्थिक राहत प्रदान करेगा।  4.    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इस संशोधन से सेवा क्षेत्र को आबंटन हेतु स्पष्ट वैधानिक पात्रता मिलेगी। भूमि आवंटन प्रावधानों में न्यूनतम एवं अधिकतम सीमा का तार्किक सामंजस्य स्थापित होगा। लैंड बैंक भूखण्डों हेतु एप्रोच रोड का वैधानिक प्रावधान किया गया है। NBFC सहित वित्तीय संस्थाओं को सम्मिलित करने से उद्योगों के लिए ऋण उपलब्धता के विकल्प बढ़ेंगे। कंपनियों में शेयर धारिता परिवर्तन से संबंधित प्रावधानों में व्यावहारिक स्पष्टता आएगी और Ease of Doing Business सुनिश्चित होगा। PPP मॉडल के लिए स्पष्ट प्रावधान से निजी निवेश एवं औद्योगिक अवसंरचना विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।  5.    छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2025 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। अब केन्द्र अथवा राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रम जैसे छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन लिमिटेड को रेत खदानें आरक्षित की जा सकेगी। इससे पट्टेदार के एकाधिकार के फलस्वरूप उत्पन्न रेत की आपूर्ति-संकट में कमी आएगी तथा दुर्गम क्षेत्रों में रेत खदानों के सुगम संचालन सहित रेत की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।   6.    मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 में व्यापक संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इस संशोधन का उद्देश्य खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, नियंत्रण और राजस्व वृद्धि सुनिश्चित करना है, अवैध खनन को रोकना तथा प्रक्रिया का सरलीकरण करना है। गौण खनिज की ऐसी खदाने जो अकारण बंद रहती है अथवा शिथिल रहती है, में कठोर प्रावधान लाया गया है। अब इन खदानों के अनिवार्य भाटक दर में 30 वर्षाें के बाद वृद्धि की गई है। इन खदानों को व्यपगत (लैप्स) घोषित किए जाने संबंधी कठोर प्रावधानों को नियमों में शामिल किया गया है, जिसके फलस्वरूप ऐसी खदानों का संचालन अनिवार्य रूप से किये जाने की बाध्यता सुनिश्चित हो सकेगी। खनिजों के अवैध उत्खनन/परिवहन/भंडारण पर कठोर दंड का प्रावधान किया गया है, जिसमें न्यूनतम जुर्माना 25 हजार रूपए निर्धारित किया गया है, जो कि 5 लाख रूपए तक भी हो सकता है। अवैध परिवहन के मामलों में सुपुर्दगी दिए जाने हेतु जमानत राशि का भी निर्धारण किया गया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत रॉयल्टी चुकता प्रमाण पत्र संबंधी प्रावधान को पूरे प्रदेश में एकसमान लागू किया जा रहा है।  इसके अतिरिक्त उत्खनन पट्टों के समामेलन, अनुबंध पश्चात भू-प्रवेश एवं पर्यावरणीय शर्तों के अनुरूप संचालन जैसे प्रावधानों को भी सुदृढ़ किया गया है, जिससे खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित दोहन और राज्य के आर्थिक सुदृढ़ीकरण को बल मिलेगा। 7.    मंत्रिपरिषद द्वारा दुधारू पशु प्रदाय संबंधी पायलट प्रोजेक्ट योजना में समस्त सामाजिक वर्ग के हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने संबंधी संशोधन तथा एनडीडीबी के साथ निष्पादित एमओयू की संबंधित कंडिका में संशोधन का अनुमोदन किया गया। इससे अनुसूचित जनजाति वर्ग सहित सभी सामाजिक वर्ग के हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा सकेगा जिससे उनके स्वरोजगार और आय में वृद्धि होगी तथा प्रदेश के सर्वांगीण, सामाजिक एवं आर्थिक विकास में सहयोग प्राप्त हो सकेगा।  8.    मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में पशुओं को संक्रामक रोगों से बचाने हेतु आवश्यक टीकाद्रव्यों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए National Dairy Development Board (NDDB) की सब्सिडरी कंपनी Indian Immunologicals Limited, हैदराबाद से टीकों की खरीदी किए जाने की अनुमति प्रदान की गई है। निविदा प्रक्रिया में पर्याप्त प्रतिस्पर्धा न बन पाने एवं जेम पोर्टल पर … Read more

कांग्रेस की दो महिला पार्षदों के खिलाफ एफआईआर, बीएनएस धारा 196 के तहत मामला दर्ज

इंदौर  इंदौर नगर निगम के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' का अनादर करने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। जांच के बाद एमजी रोड पुलिस ने कांग्रेस की दो महिला पार्षदों, रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम के खिलाफ बुधवार को मुकदमा दर्ज कर लिया है।पुलिस ने यह कदम भाजपा पार्षदों की शिकायत और वायरल वीडियो के आधार पर उठाया है।एमजी रोड थाना पुलिस ने बीते सोमवार और मंगलवार को दोनों आरोपी पार्षदों को पूछताछ के लिए तलब किया था। थाने में दोनों से घंटों तक सघन पूछताछ की गई और उनके बयान दर्ज किए गए।इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 196/1 (विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना और सद्भाव बिगाड़ना) के तहत दोनों पार्षदों के खिलाफ केस दर्ज किया है। एमजी रोड पुलिस ने पार्षद रुबीना और पार्षद फौजिया अलीम के खिलाफ केस दर्ज कर लिया इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान वंदे मातरम् गीत के अपमान को लेकर उपजा विवाद अभी भी जारी है। सभापति और भाजपा के कई पार्षद विरोध स्वरूप थाने में बयान दर्ज करवा चुके हैं। पुलिस ने शिकायत के बाद पार्षद रुबीना खान के भी बयान लिए। अब एमजी रोड पुलिस ने पार्षद रुबीना और पार्षद फौजिया अलीम के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। साढ़े चार घंटे चली पूछताछ दर्ज किए बयान एसीपी विनोद दीक्षित ने बताया कि इस मामले में भाजपा पार्षद दल ने एमजी रोड थाने में आकर शिकायत की थी। इस शिकायत के बाद ही पूरे मामले की जांच की जा रही है। इस मामले में पार्षद फौजिया शेख अलीम के सोमवार को बयान दर्ज किए गए थे। मंगलवार को पार्षद रूबिना इकबाल खान के बयान दर्ज किए गए है। इसके साथ ही उनसे मामले को लेकर सवाल-जवाब भी किए गए। बयान देने के पहले रुबीना ने यू टर्न लेते हुए पत्र लिखने की बात पर मीडिया से कहा- सभी पार्षद मेरे भाई हैं, मुझे उस दौरान दो शब्द नहीं बोलने थे इससे पहले एमजी रोड पुलिस ने सोमवार को कांग्रेस पार्षद फौजिया अलीम तो मंगलवार को कांग्रेस पार्षद रुबीना खान के बयान लिए। बयान देने के पहले रुबीना ने यू टर्न लेते हुए पत्र लिखने की बात पर मीडिया से कहा कि सभी पार्षद मेरे भाई हैं। मुझे उस दौरान दो शब्द नहीं बोलने थे, इसके लिए खेद प्रकट करती हूं। मैं वंदे मातरम् का सम्मान करती हूं, अब कान पकड़ लिए, ऐसा नहीं होगा। मेरा गुस्सा ठंडा हुआ तो समझ आया कि मैंने गुस्से में गलत बोल दिया, मैं तो दोनों दिन वंदे मातरम् के लिए खड़ी थी रुबीना ने मीडिया से कहा, वे लोग (विपक्षी पार्षद) मुझे उकसा रहे थे। उस समय मैंने कहा था कि आपके बाप में दम हो और दूसरा शब्द था-कांग्रेस पार्टी भाड़ में जाए। ये दोनों शब्द आपत्तिजनक थे। जब मेरा गुस्सा ठंडा हुआ तो समझ आया कि मैंने गुस्से में गलत बोल दिया। मैं तो दोनों दिन वंदे मातरम् के लिए खड़ी थी। एएसपी विनोद दीक्षित ने बताया, करीब साढ़े चार घंटे बयान चले, पुलिस अब वीडियो का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई करेगी एएसपी विनोद दीक्षित ने बताया, थाने में करीब साढ़े चार घंटे बयान चले। पुलिस अब वीडियो का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई तय करेगी। हालांकि अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकला। रुबीना ने की थी आपत्तिजनक टिप्पणी कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान ने वंदे मातरम विवाद को लेकर सदन में आपत्तिजनक टिप्पणी भी की थी। उन्होंने कहा था कि किसी के बाप में दम हो तो वे हमने गवा कर दिखाए। इसके अलावा उन्होंने खुद की पार्टी के पार्षदों द्वारा वंदे मातरम विवाद में कुछ न बोलने पर भाड़ में जाए कांग्रेस जैसी टिप्पणी भी की थी। इसे लेकर उनके निष्कासन का प्रस्ताव शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजा है।

घायलों के इलाज में कलेक्टर और एसपी ने बढ़ाई मुस्तैदी

घायलों के बेहतर उपचार हेतु कलेक्टर–एसपी मुस्तैद मृतकों के परिजनों से संपर्क एवं सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी स्वास्थ्य मंत्री भी निरंतर जिला प्रशासन के संपर्क में रायपुर  सक्ति जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता प्लांट में बॉयलर फटने से हुए भीषण हादसे के बाद जिला प्रशासन त्वरित रूप से सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय घटना एवं घायलों के उपचार को लेकर कलेक्टर श्री अमृत विकास टोपनो तथा पुलिस अधीक्षक  प्रफुल्ल ठाकुर से लगातार संपर्क में हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल भी लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और कलेक्टर के साथ समन्वय बनाए हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर, एसपी तथा प्रशासन की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुँची और रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया गया। घायलों को प्राथमिकता के साथ रायगढ़ के फोर्टीस हॉस्पिटल, मेडिकल कॉलेज एवं अपेक्स अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार हेतु रायपुर के कालड़ा अस्पताल रेफर किया गया। प्रशासन द्वारा घटनास्थल को बैरिकेड कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। कलेक्टर  टोपनो ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार घायलों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है। पोस्टमार्टम उपरांत पार्थिव देह को उनके गृहग्राम तक एम्बुलेंस के माध्यम से भेजने और तात्कालिक सहायता राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। हादसे में घायल अथवा प्रभावित श्रमिकों को पूर्ण रूप से स्वस्थ होने तक बिना उपस्थिति के वेतन देने पर भी सहमति बनाई गई है। कलेक्टर ने बताया कि मुआवजा राशि को लेकर देर रात तक चर्चा कर सहमति स्थापित की गई है। घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं तथा जांच टीम जल्द ही घटनास्थल का निरीक्षण करेगी। रेस्क्यू कार्य में एसडीआरएफ की टीम भी सक्रिय है। मुख्यमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि की घोषणा की गई है। इसी प्रकार, प्रधानमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों हेतु 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता स्वीकृत की गई है। पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर ने जानकारी दी कि इस हादसे में कुल 36 श्रमिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 17 की मृत्यु हो चुकी है तथा 19 घायल हैं, जिनका उपचार जारी है।  कंपनी प्रबंधन ने कहा है कि वे प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। दिवंगत श्रमिकों के परिजनों को 35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता एवं रोजगार सहयोग, तथा घायलों को 15 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। घायलों को पूर्ण स्वस्थ होने तक वेतन जारी रहेगा और परामर्श (काउंसलिंग) की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। मृतकों के नाम हादसे में मृतकों में छत्तीसगढ़ के 5, बिहार के 2, झारखंड के 3, पश्चिम बंगाल के 5 तथा उत्तर प्रदेश के 2 मजदूर शामिल हैं। मृतकों के नाम इस प्रकार हैं– रितेश कुमार (सोनबर्शा, भागलपुर, बिहार), अमृत लाल पटेल (मंझापारा, डभरा, सक्ती, छत्तीसगढ़), थंडा राम लहरे (मालखरौदा, सक्ती, छत्तीसगढ़), तरुण कुमार ओझा (सिंदरी, धनबाद, झारखंड), आकिब खान (दरभंगा, बिहार), सुसांत जना (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल), अब्दुल करीम (झारखंड), उधव सिंह यादव (रायगढ़, छत्तीसगढ़), शेख सैफुद्दीन (हल्दिया, पश्चिम बंगाल), पप्पू कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश), अशोक परहिया (पलामू, झारखंड), मनस गिरी (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल), बृजेश कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश), रामेश्वर महिलांगे (जांजगीर–चांपा, छत्तीसगढ़), कार्तिक महतो (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल), नदीम अंसारी (सक्ती, छत्तीसगढ़), शिबनाथ मुर्मू (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल)।

सरिता विहार में बड़ा एक्शन,मुठभेड़ के बाद 6 अपराधी दबोचे गए

दिल्ली साउथ-ईस्ट दिल्ली के सरिता विहार इलाके में बीती रात पुलिस और बदमाशों के बीच एकनाउंटर हुआ। दोनों ओर से 6 राउंड गोलियां चलीं। हालांकि गोली किसी को नहीं लगी। इसके बाद पुलिस ने 6 बदमाशों को पकड़ा। ये सभी बांग्लादेशी हैं। जो यहां डकैती की वारदात करते थे। खबर लिखे जाने तक आरोपियों से पूछताछ की जा रही थी। पुलिस सूत्र ने बताया कि क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन किडनैपिंग सेल टीम को सूचना मिली थी कि सरिता विहार इलाके में कुछ बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं। सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम उन्हें पकड़ने पहुंची थी। टीम ने मौके पर घेराबंदी कर बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की तो उन्होंने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। 6 बांग्लादेशी बदमाशों को दबोचा बदमाशों की ओर से कुल तीन राउंड फायर किए गए। आत्मरक्षा और अपराधियों को काबू करने के लिए पुलिस टीम ने भी जवाबी कार्रवाई में तीन राउंड गोलियां चलाईं। गनीमत रही कि इस गोलाबारी में पुलिस टीम का कोई भी सदस्य या आरोपी घायल नहीं हुआ। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी छह बांग्लादेशी बदमाशों को दबोच लिया। बड़ी संभावित वारदात को टली तलाशी के दौरान बदमाशों के पास से तीन देसी कट्टे, 1 देसी 12 बोर की बंदूक, पांच कारतूस और एक बटनदार चाकू बरामद हुआ। पकड़े गए सभी आरोपी मूल रूप से बांग्लादेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि ये लोग कब से दिल्ली में रह रहे थे और इनके तार किन-किन वारदातों से जुड़े हैं। साथ ही, इनके अवैध रूप से सीमा पार करने और स्थानीय संपर्कों की भी जांच की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि सफल ऑपरेशन ने इलाके में एक बड़ी संभावित वारदात को टाल दिया है।  

श्यामसर गांव में ऐतिहासिक मायरा, चार भाइयों ने बहन को दिया करोड़ों का उपहार

 नागौर राजस्थान में नागौर जिले के श्यामसर गांव में भाई-बहन के रिश्ते ने ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने पूरे मारवाड़ ही नहीं, बल्कि राजस्थान भर में चर्चा की लहर पैदा कर दी है. यहां चार भाइयों ने अपनी बहन के लिए ऐसा मायरा भरा, जो अब इतिहास बन गया है. यह मायरा सिर्फ धन-दौलत का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भावनाओं, परंपराओं और संस्कारों का अनोखा संगम बनकर सामने आया है. इतिहास रच गया मायरा श्यामसर निवासी सुरजाराम सियाग की बेटी रामी देवी के परिवार में शादी का अवसर था. उनके बच्चों के विवाह समारोह में मायरे की रस्म के दौरान उनके चार भाइयों- गंगाराम, शिवलाल, खीयाराम और श्रवणराम ने मिलकर दिल खोलकर मायरा भरा. 21 लाख 51 हजार रुपये नगद, 25 बीघा खेती योग्य जमीन,7 बरी सोना, 21 बरी चांदी, 51 हजार रुपये टीका-  कुल मिलाकर यह मायरा 1 करोड़ 51 लाख रुपये का रहा, जिसने इस परंपरा को एक नई ऊंचाई दे दी. 1 करोड़ 51 लाख का उपहार स्थानीय लोगों के अनुसार, 'इतना बड़ा मायरा पहले कभी नहीं देखा गया. गांव के बुजुर्गों का कहना है कि यह आयोजन केवल आर्थिक संपन्नता नहीं, बल्कि भाई-बहन के अटूट प्रेम और सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक है. यह घटना यह भी दिखाती है कि जहां कई जगह मायरा केवल औपचारिकता बनकर रह गया है, वहीं श्यामसर के इन भाइयों ने इसे फिर से भावनाओं और जिम्मेदारी का उत्सव बना दिया. पूरा इलाका इस अनोखे मायरे की चर्चा कर रहा है. आस-पास के गांवों से लोग इस आयोजन को देखने और इसके बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं. सोशल स्तर पर भी यह खबर तेजी से फैल रही है और लोग इसे राजस्थानी परंपरा का स्वर्णिम उदाहरण बता रहे हैं. परंपरा और आधुनिकता का संगम राजस्थान में मायरा केवल रस्म नहीं, बल्कि भाई द्वारा बहन के प्रति जिम्मेदारी और सम्मान का प्रतीक माना जाता है. श्यामसर की इस घटना ने यह साबित कर दिया कि आधुनिक समय में भी परंपराएं जीवित हैं, बस उन्हें निभाने का जज्बा होना चाहिए. क्या श्यामसर का यह मायरा आने वाले समय में नई परंपरा बनेगा? या फिर यह केवल एक अनोखी मिसाल बनकर रह जाएगा? श्यामसर का यह मायरा केवल एक परिवार की खुशी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक संदेश है.

चलती कार में अर्धनग्न स्टंट का वीडियो वायरल, पुलिस ने की कार्रवाई

हापुड़ हापुड़ पुलिस ने दिल्ली-लखनऊ हाईवे NH-9 पर चलती कार की सनरूफ से बाहर निकलकर अर्धनग्न हालत में स्टंट करने वाले एक युवक के खिलाफ 21,500 रुपये का ऑनलाइन चालान काटकर कार्रवाई की है. गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र में युवक ने तेज रफ्तार कार में गाने बजाकर हंगामा किया, जिसका वीडियो पीछे चल रहे राहगीर ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. यातायात पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेकर तत्काल एमवी एक्ट के अंतर्गत गाड़ी का चालान किया. चलती कार की सनरूफ से किया स्टंट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि नेशनल हाईवे-9 पर एक कार तेजी से दौड़ रही है. इसी दौरान एक युवक कार की सनरूफ से आधा बाहर निकलकर खतरनाक तरीके से स्टंट कर रहा है. कार के भीतर तेज आवाज में गाने बज रहे थे और युवक लगातार हंगामा कर रहा था. राहगीरों द्वारा बनाए गए इस वीडियो के इंटरनेट पर फैलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया और गाड़ी के नंबर के आधार पर कार्रवाई शुरू की. पुलिस ने सिखाया सबक, काटा भारी चालान वीडियो का संज्ञान लेते हुए हापुड़ यातायात पुलिस ने इसे यातायात नियमों का गंभीर उल्लंघन माना. पुलिस ने बिना देरी किए एमवी एक्ट के तहत संबंधित वाहन का कुल 21,500 रुपये का ऑनलाइन चालान काट दिया. पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे स्टंटबाजों को कड़ा संदेश देना है जो सड़क पर अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालते हैं. पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर मामले की आगे की जांच कर रही है. यातायात पुलिस की जनता से अपील हापुड़ के यातायात निरीक्षक नरेश कुमार ने इस घटना के बाद जिलेवासियों से विशेष अपील की है. उन्होंने कहा कि लोग यातायात नियमों के अनुरूप ही अपने वाहन का प्रयोग करें और ऐसी कोई हरकत न करें जिससे किसी की जान को खतरा हो. पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई भी चालक नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर विधिक कार्यवाही की जाएगी.

लखनऊ समेत पूरे यूपी में पारा चढ़ा, मौसम विभाग ने दी और गर्मी की चेतावनी

लखनऊ  यूपी में पड़ रही गर्मी अब अपने पूरे तेवर दिखाने लगी है। अभी अप्रैल का महीना आधा ही बीता है और तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में कुछ शहरों का पारा 40 डिग्री सेल्सियस और कुछ का इसके भी पार पहुंच गया है। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल इस चुभती गर्मी से किसी तरह की राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। आने वाले अगले कुछ दिनों में ये गर्मी और सितम ढा सकती है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को यूपी के पांच जिले ऐसे रहे, जिनमें तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रिकॉर्ड किया गया। इनमें 42.6 डिग्री सेल्सियस के साथ बांदा जिला यूपी में सबसे ज्यादा गर्म रहा। इसके साथ ही झांसी में 40.5 डिग्री, प्रयागराज में 40.4 डिग्री, वाराणसी में 40.1 डिग्री और सुल्तानपुर में 40 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। वहीं, आगरा में 39.8 डिग्री और यूपी की राजधानी लखनऊ में भी मंगलवार को पारा 38.1 डिग्री तक पहुंच गया। दिनभर चली गर्म हवाओं ने लोगों को एहसास करा दिया कि इस बार यूपी में गर्मी जमकर पसीने छुड़ाएगी। मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश ने बताया कि अगले चार से पांच दिनों में इस गर्मी भरे मौसम में किसी तरह के बदलाव के संकेत नहीं है। फिलहाल कोई एक्टिव वेदर सिस्टम बनता हुआ नहीं दिख रहा है। यूपी में चलती रहेंगी पछुआ हवाएं मोहम्मद दानिश ने बताया कि अभी अगले चार-पांच दिन शुष्क पछुआ हवाएं चलती रहेंगी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक और महाराष्ट्र सहित प्रायद्वीपीय इलाकों के ऊपर एक एंटीसाइक्लोन बना हुआ है, जो मध्य भारत की तरफ बढ़ रहा है। ऐसे में अगले एक हफ्ते के भीतर, यूपी के अलग-अलग जिलों में तापमान 3 से 4 डिग्री तक बढ़ सकता है। यूपी में अगले 7 दिनों की मौसम रिपोर्ट अनुमान है कि 18 अप्रैल के बाद यूपी के अलग-अलग जिलों में पारा तेजी से ऊपर चढ़ेगा। मौसम विभाग की तरफ से बुधवार को जारी की गई 7 दिनों की वेदर रिपोर्ट में भी बताया गया है कि 15 अप्रैल से 21 अप्रैल तक पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मौसम शुष्क ही बना रहेगा। हालांकि, मौसम विभाग की इस रिपोर्ट में किसी तरह की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।  

कुष्ठ रोग पर अलर्ट: पंजाब में 352 सक्रिय मामले, विकलांगता के संकेतों से स्वास्थ्य विभाग सतर्क

चंडीगढ़. राज्य सरकार ने वर्ष 2027 तक राज्य में कुष्ठ रोग (लेप्रोसी) के संक्रमण को पूरी तरह रोकने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है, लेकिन अब तक केवल 23 में से 8 जिले ही इंटरप्शन आफ ट्रांसमिशन का दर्जा हासिल कर पाए हैं। यह स्थिति जहां एक ओर प्रगति को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर अभी लंबा रास्ता तय किए जाने की जरूरत भी बताती है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में इस समय कुल 352 कुष्ठ रोगी हैं। इनमें 341 मल्टीबैसिलरी और 11 पासीबैसिलरी केस शामिल हैं। इसके अलावा 4 ग्रेड- 2 विकलांगता के मामले सामने आए हैं और 5 बच्चे भी मल्टीबैसिलरी श्रेणी में पाए गए हैं, जो यह संकेत देते हैं कि राज्य के कुछ इलाकों में संक्रमण अभी भी जारी है और समय पर पहचान नहीं हो पा रही। जिन 8 जिलों ने संक्रमण की कड़ी तोड़ने में सफलता हासिल की है, उनमें फाजिल्का, फिरोजपुर, कपूरथला, मानसा, मुक्तसर, पठानकोट, रूपनगर (रोपड़) और संगरूर शामिल हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि कुष्ठ रोग उन्मूलन केवल मामलों की संख्या घटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ना, विकलांगता को रोकना और समाज में फैले कलंक को खत्म करना भी उतना ही जरूरी है। ग्रेड-2 विकलांगता और बच्चों में पाए गए मामलों को देर से पहचान और जागरूकता की कमी का संकेत माना जा रहा है। हाल ही में आयोजित सिविल सर्जनों की बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने सुझाव दिया कि 2027 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए साल में दो बार चलने वाले केस डिटेक्शन अभियानों को और तेज किया जाए। साथ ही संवेदनशील जिलों के लिए अलग रणनीति बनाई जाए, ग्रेड-2 मामलों का अनिवार्य आडिट किया जाए और संदिग्ध मरीजों की जांच को स्वास्थ्य केंद्रों पर मजबूत किया जाए। राज्य को यह भी सलाह दी गई है कि कुष्ठ रोग को नोटिफाएबल डिजीज घोषित किया जाए ताकि हर केस की रिपोर्टिंग अनिवार्य हो सके। निजी डाक्टरों को भी निर्देश दिए जाएंगे कि वे सभी मामलों की जानकारी जिला कुष्ठ रोग अधिकारियों को दें। आशा वर्करों की ट्रेनिंग मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है ताकि वे शुरुआती लक्षण जैसे अंगों में कमजोरी या चलने-फिरने में दिक्कत को पहचान सकें। स्वास्थ्य विभाग ने लुधियाना, मोहाली, जालंधर और अमृतसर जैसे हाई-प्रायोरिटी जिलों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। यहां संक्रमण की पहचान कर उसकी श्रृंखला तोड़ने पर फोकस रहेगा। पंजाब में हर साल फरवरी और अक्टूबर में लेप्रोसी केस डिटेक्शन कैंपेन चलाया जाता है, जिसमें 14 दिन तक घर-घर जाकर मरीजों की पहचान की जाती है। इसके अलावा स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान भी हर साल 30 अक्टूबर से शुरू किया जाता है, ताकि लोगों में जागरूकता बढ़े और बीमारी को समय रहते रोका जा सके।

सुरक्षित मातृत्व की दिशा में बड़ा कदम: बस्तर में शुरू हुआ ‘रेड कॉल सेंटर’, हर डिलीवरी होगी मॉनिटर

जगदलपुर. बस्तर जिले में सुरक्षित मातृत्व की अवधारणा को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन और यूनिसेफ़ ने एक अत्यंत संवेदनशील और अनूठी पहल की शुरुआत की है. सुरक्षित मातृत्व दिवस के अवसर पर जिला कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में महारानी अस्पताल में ‘रेड (रिचिंग एवरी डिलिवरी) कॉल सेंटर’ का विधिवत शुभारंभ किया गया. इस गौरवपूर्ण क्षण को और भी विशेष बनाते हुए कलेक्टर ने स्वयं पहल की और अस्पताल में उपस्थित एक नवजात शिशु की माता को सादर आमंत्रित कर उनके हाथों से ही इस केंद्र का उद्घाटन करवाया. यह हृदयस्पर्शी दृश्य इस सशक्त संदेश का प्रतीक बना कि मातृ स्वास्थ्य से जुड़ी समस्त सरकारी योजनाएं वास्तव में माताओं के समर्पण के लिए हैं और उनकी सक्रिय सहभागिता ही इन प्रयासों को सफल बनाएगी. इस नई व्यवस्था के तहत संचालित “हरिक मांय, हरिक पिला”(खुश मां, खुश बच्चा) पहल के माध्यम से अब बस्तर की हर गर्भवती महिला तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है, जैसा कि इसके नाम ‘रेड’ यानी ‘रिचिंग एवरी डिलिवरी’ से स्पष्ट होता है. महारानी अस्पताल परिसर में स्थित इस हाई-टेक कॉल सेंटर के जरिए जिले की उन महिलाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिनकी गर्भावस्था 7 से 9 माह के बीच है और जो उच्च जोखिम की श्रेणी में आती हैं. सेंटर के प्रतिनिधि सप्ताह में एक से दो बार इन महिलाओं से सीधे फोन पर संपर्क साधेंगे, जिसका उद्देश्य उन्हें सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव के फायदों के प्रति जागरूक करना और उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों के साथ समन्वय स्थापित करने में हरसंभव सहायता प्रदान करना है. प्रशासन की यह दूरगामी योजना केवल प्रसव तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह जन्म के उपरांत भी सुरक्षा कवच की तरह कार्य करेगी. प्रसव के बाद के शुरुआती 30 दिनों तक माँ और नवजात शिशु की सेहत की बारीकी से निगरानी की जाएगी. इस दौरान कॉल सेंटर के माध्यम से नियमित फॉलो-अप लिया जाएगा ताकि प्रसव पश्चात होने वाली किसी भी संभावित स्वास्थ्य संबंधी जटिलता का समय रहते पता लगाया जा सके और त्वरित चिकित्सकीय समाधान सुनिश्चित किया जा सके. स्वास्थ्य और तकनीक के इस अनूठे संगम से बस्तर प्रशासन का विजन प्रत्येक प्रसव को सुरक्षित बनाना और जिले में स्वस्थ मातृ-शिशु परंपरा को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है.

सम्राट चौधरी ने संभाली कमान, एनडीए सरकार में बड़ा बदलाव

पटना  बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शपथ ग्रहण करने के बाद कहा, “मैं आज से ही बिहार के लिए काम करना शुरू कर दूंगा। बिहार में सिर्फ मोदी-नीतीश मॉडल ही चलेगा।” बता दें कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार की कमान आज से भाजपा के हाथों में है और सम्राट चौधरी ने सीएम पद की शपथ ले ली है। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद सम्राट चौधरी ने कामकाज संभाल लिया है। पटना स्थित लोकभवन के बाहर सम्राट चौधरी के सामने बुलडोजर बाबा जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए। लेकिन सम्राट चौधरी ने साफ कर दिया है कि बिहार में सिर्फ और सिर्फ मोदी-नीतीश मॉडल ही चलेगा। नीतीश का सपना पूरा करेंगे सम्राट केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, "जैसी सरकार  नीतीश कुमार ने 20 साल तक चलाई, हम समझते हैं कि यदि कोई कमी रही भी होगी तो उसे पूरा करके सम्राट चौधरी बिहार को आगे ले जाएंगे। जो जीतन मांझी आज है, उसे नीतीश कुमार ने ही बनाया है। अगर 2014 में उन्होंने मुझे मुख्यमंत्री नहीं बनाया होता तो हमारी इतनी चर्चा नहीं होती। सबसे बड़ी बात कि एक दलित के बच्चे को उन्होंने पद दिया तो स्वाभाविक है कि मेरी आंखों से आंसू कैसे न आते। वहीं, बीजेपी नेता दिलीप जायसवाल ने कहा, "बहुत अच्छा लग रहा है। आज सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। जिस तरह से हमारे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विकसित बिहार का सपना देखा है, सम्राट चौधरी उनके मार्गदर्शन में बिहार को विकसित बिहार की ओर ले जाएंगे।" पहली बार बिहार में भाजपा का सीएम बना बिहार में एनडीए की सरकार है, लेकिन सत्ता में शामिल भाजपा ने पहली बार राज्य में अपना सीएम बनाया है। विधानसभा चुनाव में जीत मिलने के बाद सीएम नीतीश कुमार को ही बनाया गया, लेकिन बदले हालात में उनके राज्यसभा जाने के बाद अब भाजपा को सरकार का नेतृत्व करने का मौका मिला है। सम्राट चौधरी नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम के पद पर थे। अब डिप्टी सीएम के तौर पर जदयू नेता विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र कुमार यादव ने शपथ ली है। सम्राट चौधरी पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पसंदीदा रहे हैं। नीतीश कुमार पहले से ही कहते रहे थे कि अब बिहार इन्हें ही संभालना है।