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यूपी में तेल खत्म होने की अफवाह के बाद पंपों पर लंबी कतारें, लोग गैलन में पेट्रोल-डीजल भरवाकर रख रहे हैं

बाराबंकी/लखीमपुर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और युद्ध की खबरों का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखाई देने लगा है. इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को लेकर फैल रही चर्चाओं और अफवाहों ने यूपी के कई जिलों में अजीब सा माहौल बना दिया है. कहीं पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ गई है तो कहीं लोग गाड़ियों के साथ-साथ ड्रम, कैन और गैलन लेकर डीजल-पेट्रोल भरवाने पहुंच रहे हैं।  हालात ऐसे बन गए हैं कि सामान्य दिनों में शांत दिखने वाले पेट्रोल पंपों पर अचानक लंबी-लंबी कतारें लग गईं. कई जगहों पर लोगों के बीच जल्द से जल्द तेल भरवाने की होड़ सी लग गई है. सोशल मीडिया पर भी इसके कई वीडियो वायरल हो रहे है. जिसमें देखा जा सकता है कि पेट्रोल पंपों के बाहर वाहनों की लाइन सड़क तक लग गई . लोग अपनी बारी का इंतजार करते हुए घंटों खड़े नजर आ रहे हैं।  युद्ध की खबरों से फैली आशंका दरअसल पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इज़राइल और ईरान के बीच तनाव और सैन्य कार्रवाई की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. सोशल मीडिया पर इन खबरों के प्रसारण के बाद आम लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई कि अगर युद्ध लंबा खिंच गया तो पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई प्रभावित हो सकती है. इसी आशंका ने धीरे-धीरे अफवाह का रूप ले लिया. कई इलाकों में यह बात फैलने लगी कि जल्द ही पेट्रोल और डीजल की कमी हो सकती है या फिर इनके दाम अचानक बढ़ सकते हैं. यही कारण है कि लोग पहले से ही तेल जमा करने की कोशिश में जुट गए हैं।  लखीमपुर खीरी में पंपों पर उमड़ी भीड़ उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में यह अफवाह सबसे ज्यादा असर दिखा रही है. जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में गुरुवार को कई पेट्रोल पंपों पर अचानक भारी भीड़ जमा हो गई. सबसे ज्यादा भीड़ निघासन और भीरा थाना क्षेत्र के इलाकों में देखी गई. यहां लोग अपनी मोटरसाइकिल, कार और ट्रैक्टर लेकर पेट्रोल पंपों पर पहुंचने लगे. कई लोग तो केवल गाड़ियों में ही नहीं बल्कि प्लास्टिक के कैन, ड्रम और गैलन लेकर भी पहुंचे, ताकि ज्यादा से ज्यादा डीजल-पेट्रोल भरवाकर घर में स्टॉक कर सकें. पंपों के बाहर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. कई जगहों पर लाइन इतनी लंबी हो गई कि सड़क पर जाम जैसी स्थिति बन गई. लोगों के चेहरों पर जल्द से जल्द तेल भरवाने की बेचैनी साफ दिखाई दे रही थी।  सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो इन हालातों के वीडियो भी तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे. वीडियो में देखा जा सकता है कि पेट्रोल पंपों पर भीड़ को नियंत्रित करना कर्मचारियों के लिए मुश्किल हो रहा है. कुछ जगहों पर लोग एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश करते नजर आए, जबकि कई लोग अपनी बारी के इंतजार में धूप में खड़े रहे. सोशल मीडिया पर इन वीडियो के साथ तरह-तरह की बातें भी लिखी जा रही हैं, जिससे अफवाह और तेजी से फैल रही है।  लोगों में डर का माहौल पेट्रोल पंप पर मौजूद एक चश्मदीद ने बताया कि भीड़ का मुख्य कारण लोगों में फैला डर है. उनके मुताबिक, “भीड़ यहां पर इसलिए है कि अभी जो पश्चिमी देशों में युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं, उसी वजह से लोगों में थोड़ा डर सा फैल गया है. लोगों को लग रहा है कि कहीं ऐसा न हो कि तेल खत्म हो जाए, इसलिए लोग ज्यादा से ज्यादा पेट्रोल और डीजल भरवा रहे हैं. माहौल में एक तरह का डर दिखाई दे रहा है. उन्होंने आगे कहा कि पहले भी नमक को लेकर इसी तरह की अफवाह फैल चुकी है. उस समय भी लोग बड़ी मात्रा में नमक खरीदने लगे थे. उनका मानना है कि प्रशासन और सरकार को आगे आकर लोगों को भरोसा दिलाना चाहिए कि पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है।  बाराबंकी में भी दिखा असर सिर्फ लखीमपुर खीरी ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिली. यहां भी पेट्रोल और डीजल की संभावित कमी और कीमतों में बढ़ोतरी की चर्चा ने लोगों को बेचैन कर दिया. बाराबंकी के कई पेट्रोल पंपों पर गुरुवार को भारी भीड़ देखने को मिली. श्री विष्णु नारायण फिलिंग सेंटर आजगना, सद्दीपुर थाना जहांगीराबाद और तहसील फतेहपुर स्थित नेशनल ट्रेडिंग कंपनी पेट्रोल पंप पर सैकड़ों लोग डीजल भरवाने के लिए पहुंच गए. जानकारी के अनुसार करीब डेढ़ सौ से अधिक किसान अपने-अपने ड्रम और कैन लेकर लाइन में खड़े दिखाई दिए. कई किसान ट्रैक्टर लेकर भी पहुंचे, ताकि एक बार में ज्यादा मात्रा में डीजल भरवा सकें. खेती के सीजन ने बढ़ाई चिंता किसानों का कहना है कि इस समय खेती का मौसम चल रहा है और खेतों में काम के लिए डीजल बेहद जरूरी है. अगर अचानक डीजल की कमी हो गई या दाम बढ़ गए तो खेती पर सीधा असर पड़ सकता है. इसी वजह से किसान पहले से ही डीजल जमा करने की कोशिश कर रहे हैं. कई किसानों ने बताया कि वे पिछले डेढ़ से दो घंटे से लाइन में खड़े हैं, लेकिन अभी तक उनकी बारी नहीं आई. एक किसान ने कहा, हम डीजल भरवाने आए हैं, भीड़ बहुत ज्यादा है. करीब डेढ़ घंटे से लाइन में खड़े हैं. खेती का काम है, इसलिए डीजल जरूरी है।  स्थानीय लोग भी परेशान पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी लाइनों की वजह से आम लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई लोग केवल अपनी गाड़ी में थोड़ा सा पेट्रोल भरवाने आए थे, लेकिन उन्हें भी घंटों इंतजार करना पड़ा. एक स्थानीय निवासी ने बताया कि वे काफी देर से लाइन में खड़े हैं, लेकिन अभी तक उनका नंबर नहीं आया है. उनका कहना था कि अचानक इतनी भीड़ बढ़ जाने से सामान्य व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई है।  पंपकर्मियों के लिए भी चुनौती पेट्रोल पंप कर्मचारियों के लिए भी यह स्थिति चुनौतीपूर्ण बन गई है. अचानक बढ़ी भीड़ को संभालना उनके लिए आसान नहीं है. बाराबंकी के फतेहपुर स्थित नेशनल ट्रेडिंग कंपनी इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के मालिक मोहम्मद आरिफ ने बताया कि उन्हें … Read more

फिरोजाबाद में होली के दौरान हुड़दंगियों की बढ़ी हेकड़ी, पुलिस ने थाने में सिखाई सजा, किया ‘मुर्गा’

 फिरोजाबाद फिरोजाबाद के थाना दक्षिण क्षेत्र में होली के पर्व पर हुड़दंग मचाने वाले कुछ युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया. नशे की हालत में शोर मचाने और राहगीरों के साथ बदसलूकी करने की शिकायत मिलने पर पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर इन युवकों को दबोचा. शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस इन आरोपियों को थाने ले आई. वहां पुलिसकर्मियों ने अनुशासन सिखाने के लिए हुड़दंगियों को परिसर में ही 'मुर्गा' बनने की सजा दी. इस पूरी कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। नशे में धुत होकर कर रहे थे अभद्रता जानकारी के मुताबिक, होली के उल्लास के बीच कुछ युवक सड़क पर अराजकता फैला रहे थे. ये युवक न केवल तेज आवाज में चिल्ला रहे थे, बल्कि वहां से गुजरने वाले आम लोगों को भी परेशान कर रहे थे. स्थानीय निवासियों द्वारा दी गई सूचना के बाद पुलिस ने घेराबंदी की. पकड़े जाने के बाद पुलिस ने उन्हें सख्त चेतावनी दी कि त्योहार का अर्थ हुड़दंग या दूसरों को परेशान करना कतई नहीं है। पुलिस की सजा और अधिकारियों का बयान थाने में हुड़दंगियों की हेकड़ी निकालने के लिए उन्हें 'मुर्गा' बनाया गया. इस मामले पर फिरोजाबाद के अपर पुलिस अधीक्षक (शहर) रवि शंकर प्रसाद ने स्पष्ट किया कि होली के पावन पर्व पर किसी भी प्रकार की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि हुड़दंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं ताकि आम जनता बिना किसी डर के शांतिपूर्वक त्योहार मना सके। सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस पुलिस की इस 'अनोखी' सजा का वीडियो इंटरनेट पर आते ही लोग दो गुटों में बंट गए हैं. बड़ी संख्या में लोग पुलिस की इस सख्ती की तारीफ कर रहे हैं और इसे अराजकता रोकने का सही तरीका बता रहे हैं. वहीं, कुछ लोग इसे मानवाधिकारों के उल्लंघन के तौर पर देख रहे हैं।

CM योगी आदित्यनाथ और RSS के 3 दर्जन से ज्यादा पदाधिकारियों के बीच बंद कमरे में हुई गहरी बातचीत

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बताया जा रहा है कि ढाई घंटे तक चली इस बैठक में सरकार और संघ के बीच समंवय व आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा हुई। सीएम ने संघ के अधिकारियों से सरकार का फीडबैक लिया। साथ ही संघ पदाधिकारियों के सुझाव भी जाने। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्टेट प्लेन गुरुवार सुबह करीब सवा 11 बजे हिंडन एयरबेस पर उतारा। सीएम का काफिला सड़क मार्ग से दोपहर पौने 12 बजे नेहरू नगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर पहुंचा। जहां मुख्यमंत्री ने आरएसएस की दृष्टि से मेरठ प्रांत (मेरठ, मुरादाबाद व सहारनपुर मंडल) के तीन दर्जन से अधिक अधिकारियों के साथ बंद कमरे में करीब ढाई घंटे तक चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद संघ पदाधिकारियों के साथ भोजन भी किया। क्या-क्या सुझाव दिए गए बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने इस दौरान संघ के पदाधिकारियों से सरकार का फीडबैक लिया। संघ के अधिकारियों ने अपने फीडबैक के अलावा सरकार के कामकाज को लेकर कुछ सुझाव भी दिए। प्रमुख सुझावों में सरकारी अस्पतालों व स्कूलों में आधारभूत ढांचे को और मजबूत करना व मानव संसाधन बढ़ाना रहा। कुछ पदाधिकारियों ने थानों में भष्ट्राचार को रोकने के लिए और प्रभावी अंकुश लगाने का सुझाव भी दिया। लोनी को लेकर भी चर्चा हुई। कहा गया कि लोनी में सड़कों की हालात सुधारने की आवश्यकता है। सड़कों का भी उठा मुद्दा संघ अधिकारियों ने कहा हर घर जल योजना के तहत खुदाई से गांवों की सड़कें खराब हो गई हैं। इन सड़कों को तुरंत ठीक किया जाए। मेरठ में सेंट्रल मार्केट का मुद्दा भी बैठक में उठा। मुख्यमंत्री दोपहर करीब ढाई बजे वायु मार्ग से नोएडा के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री ने पिछले साल अप्रैल में सरस्वती विद्या मंदिर में भी संघ पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी। 40 पदाधिकारी रहे मौजूद सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री सरकार का फीडबैक व सुझाव लेने के लिए भविष्य में भी संघ के अधिकारियों के साथ समंवय बैठक करते रहेंगे। मुख्यमंत्री के साथ समंवय बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह, क्षेत्र संघचालक सूर्यप्रकाश टोंक, क्षेत्र प्रचारक महेंद्र और प्रांत प्रचारक अनिल समेत करीब 40 पदाधिकारी मौजूद रहे।

ग्रामीण यूपी में महिलाओं ने किया कमाल, अब तक 3250 करोड़ रुपये का किया रिकॉर्ड बिजली बिल कलेक्शन

योगी सरकार की पहल से आधी आबादी के जीवन में उजाला 30 हजार 'विद्युत सखियां' बनीं आत्मनिर्भर ग्रामीण यूपी में महिलाओं ने किया कमाल, अब तक 3250 करोड़ रुपये का किया रिकॉर्ड बिजली बिल कलेक्शन 15 हजार से अधिक विद्युत सखी सक्रिय रूप से फील्ड में तैनात, बाकी प्रशिक्षित महिलाएं भी जल्द उतरेंगी मैदान में लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिला सशक्तीकरण की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। योगी सरकार की 'विद्युत सखी योजना' ग्रामीण महिलाओं के जीवन में न केवल उजाला ला रही है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत भी कर रही है।  अब तक इन ग्रामीण महिलाओं ने अपनी मेहनत और लगन से 3,250 करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बिल संग्रह कर एक अभूतपूर्व रिकॉर्ड कायम किया है, जो महिला सशक्तीकरण का एक सशक्त मॉडल बन गया है। प्रदेश में अभी  30 हजार महिलाओं को विद्युत सखी के तौर पर पंजीकृत किया जा चुका है। इनमें से 15 हजार से अधिक महिलाएं पूरी सक्रियता के साथ फील्ड में तैनात होकर घर-घर जाकर बिजली बिल जमा करवा रही हैं।  महिलाओं के लिए सम्मानजनक आय का एक मजबूत जरिया योगी सरकार की योजना है कि प्रशिक्षण और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बाकी बची महिलाओं को भी जल्द ही मैदान में उतार दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण ऊर्जा सेवा में आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की जा सके। इस योजना ने महिलाओं के लिए सम्मानजनक आय का एक मजबूत जरिया तैयार किया है।  हजारों 'दीदियां' बनीं लखपति इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत सखियों को दो हजार रुपये तक के बिजली बिल कलेक्शन पर 20 रुपये का कमीशन दिया जाता है, जबकि दो हजार से अधिक के बिल पर एक फीसदी कमीशन मिलता है। इस योजना के जरिए आज गांवों में हजारों 'दीदियां' लखपति बन चुकी हैं और समाज व परिवार में उनका मान-सम्मान भी काफी बढ़ा है। उपभोक्ताओं को सुविधा तो महिलाओं के लिए रोजगार का साधन उत्तर प्रदेश में इस योजना के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को बिजली बिल कलेक्शन एजेंट के रूप में सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया था। इस सफल पहल से जहां एक ओर ग्रामीण उपभोक्ताओं को लंबी लाइनों से छुटकारा मिला है और उनके लिए बिल जमा करना आसान हुआ है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं के लिए यह योजना रोजगार का एक बेहतरीन साधन साबित हुई है।

प्रदेश के 3300 से अधिक किसानों को मिलेंगे उन्नत कृषि यंत्र

प्रदेश के 3300 से अधिक किसानों को मिलेंगे कृषि यंत्र  जनपदों में शुक्रवार को ई लाटरी से होगा किसानों का चयन  www.agridarshan.up.gov.in पर 4 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन करने वाले किसानों को मिलेगा अनुदान का लाभ 2017 से 2025 के मध्य लगभग तीन लाख कृषि यंत्रों का किया गया है वितरण लखनऊ योगी सरकार होली के उपरांत 3300 से अधिक किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र देगी। इसका लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने 4 मार्च तक कृषि विभाग की वेबसाइट www.agridarshan.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन किया है। जिन जनपदों में लक्ष्य से अधिक आवेदन मिले हैं, सिर्फ वहीं शुक्रवार को ई लाटरी से चयन होगा।  सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना के तहत 2519 किसानों को दिए जाएंगे यंत्र  कृषि विभाग द्वारा संचालित सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना के अंतर्गत फार्म मशीनरी बैंक, कृषि ड्रोन, अन्य एकल कृषि यंत्र के तहत 2519 तथा प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फॉर इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेज्ड्यू योजना के अंतर्गत 800 किसानों को कृषि यंत्र मिलेंगे।  10 दिन के भीतर अपलोड करनी होगी रसीद व फोटो  कृषि यंत्रों से जुड़ी समस्त जानकारी व अनुदान प्रक्रिया वेबसाइट पर उपलब्ध है। लाभार्थियों का चयन/बुकिंग टोकन कन्फर्म होने की तिथि से कृषि यंत्र खरीद कर उसकी रसीद व फोटो 10 दिन के भीतर www.agridarshan.up.gov.in या upyantratraking.in अपलोड करना होगा।  चयनित न होने वाले किसानों की जमानत धनराशि की जाती है वापस  ई लॉटरी में चयनित किसानों को मोबाइल पर एसएमएस भेजा जाता है। सूचना एवं बिल अपलोड की अंतिम तिथि की सूचना के साथ-साथ प्रतीक्षा सूची में चयनित कृषकों को भी सूचित किया जाता है। ई लॉटरी में चयनित न होने वाले किसानों की जमानत धनराशि अधिकतम छह महीने में वापस कर दी जाती है। योगी सरकार की प्राथमिकता है कि कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाएं पारदर्शिता से संपादित हो और इसका लाभ किसानों को मिले। कृषि विभाग ने अपील की है कि जिन किसानों ने कृषि विभाग के पोर्टल पर कृषि यंत्रों की बुकिंग की है, वे जनपद में होने वाली ई-लाटरी प्रक्रिया में अवश्य प्रतिभाग करें। 2017 से 2025 तक लगभग तीन लाख कृषि यंत्रों का वितरण 2017-18 से 2025 तक उत्तर प्रदेश में लगभग तीन लाख कृषि यंत्रों का वितरण किया गया। इसमें 2.31 लाख एकल कृषि यंत्र, 8405 कस्टम हायरिंग सेंटर, 7351 फॉर्म मशीनरी बैंक आदि प्रमुख हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जनवरी तक 7777 कृषि यंत्र, 51 कस्टम हायरिंग सेंटर एवं 64 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित करने के बिल पोर्टल पर अपलोड हुए।

आज 50 क्यूआरटी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे मुख्यमंत्री

उत्तर प्रदेश पुलिस को होंडा इंडिया फाउंडेशन देगा 50 वाहन आज  50 क्यूआरटी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे मुख्यमंत्री  उत्तर प्रदेश पुलिस और होंडा इंडिया फाउंडेशन के तत्वावधान में होगा आयोजन  लखनऊ होंडा इंडिया फाउंडेशन उत्तर प्रदेश पुलिस को 50 वाहन देगा। फाउंडेशन अपने सीएसआर फंड से ये वाहन उपलब्ध कराएगा। इन 50 क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) दोपहिया वाहनों को शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह आयोजन उत्तर प्रदेश पुलिस और होंडा इंडिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में होगा। इस दौरान पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण भी मौजूद रहेंगे।  बॉर्डर के जनपदों को दी जाएगी तरजीह  यह 50 दोपहिया वाहन उत्तर प्रदेश पुलिस के बेड़े में शामिल होंगे। इन वाहनों का उपयोग बार्डर जनपदों में कानून व्यवस्था बनाये रखने एवं आपातकालीन स्थिति या अपराध होने पर पुलिस की तरफ से तत्काल कार्रवाई के लिए किया जाएगा। सहारनपुर में 5, शामली, हापुड़, बागपत, बुलन्दशहर, बिजनौर, पीलीभीत, महोबा, बांदा, प्रतापगढ़, खीरी, उन्नाव, श्रावस्ती, सिद्धार्थ नगर, देवरिया व सोनभद्र में तीन-तीन वाहन दिए जाएंगे। 2017 के बाद पुलिस का बढ़ा कारवां योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के उपरांत पुलिस के वाहनों का कारवां भी बढ़ा है। वर्ष 2017 में चार पहिया वाहनों की संख्या 9500 थी और दोपहिया की संख्या 3000 थी। वर्तमान में यह संख्या खासी बढ़ चुकी है। अब चार पहिया वाहन 15,500 एवं दोपहिया वाहन 9200 हो चुके हैं। गौरतलब है कि 2017 के पहले पुलिस के वाहन क्रय करने के लिए 85 करोड़ के प्रावधान में कई गुना बढोतरी के साथ 280 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

लखीमपुर खीरी के धौरहरा ब्लॉक को मिला गोल्ड और बांकेगंज को ब्रॉन्ज मेडल

योगी सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर हासिल की एक और बड़ी उपलब्धि, नीति आयोग से लखीमपुर खीरी के दो ब्लॉकों को मिला सम्मान लखीमपुर खीरी के धौरहरा ब्लॉक को मिला गोल्ड और बांकेगंज को ब्रॉन्ज मेडल योगी सरकार की योजनाओं का असर, एस्पिरेशनल ब्लॉक कार्यक्रम में यूपी का लहराया परचम स्वास्थ्य, पोषण और कृषि योजनाओं में शत-प्रतिशत सैचुरेशन से मिली राष्ट्रीय पहचान धौरहरा ने छह और बांकेगंज ने तीन इंडिकेटर्स पर 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर जीता मेडल लखनऊ योगी सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नीति आयोग ने एस्पिरेशनल ब्लॉक के तहत उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी स्थित धौरहरा व बांकेगंज ब्लॉक को उत्कृष्ट कार्य के लिए गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल से नवाजा है। जुलाई से सितंबर 2024 के बीच चले संपूर्णता अभियान में जिले के बांकेगंज और धौरहरा ब्लॉक ने प्रदर्शन की नई इबारत लिखी। यह मेडल लखीमपुर खीरी की जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने प्राप्त किया। इसके साथ ही उन्हें सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिसिएशन से सम्मानित किया गया।  बांकेगंज ब्लॉक ने तीन प्रमुख इंडिकेटर्स पर प्राप्त किया शत प्रतिशत सैचुरेशन जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में जिले के आकांक्षात्मक ब्लॉक में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इसी के तहत लखीमपुर खीरी के बांकेगंज ब्लॉक ने ‘हेल्थ एंड न्यूट्रिशन’, ‘एग्रीकल्चर एंड अलाइड सर्विसेज़’ और ‘एस्पिरेशनल ब्लॉक्स प्रोग्राम के तहत सोशल डेवलपमेंट’ थीम में तीन प्रमुख इंडिकेटर्स पर शत-प्रतिशत सैचुरेशन हासिल किया है। इसके लिए नीति आयोग की ओर से ब्लॉक को ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किया गया है। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से संभव हो पाया। सीएम योगी की मंशा के अनुरूप जमीनी निगरानी, विभागों के बीच बेहतर तालमेल और तय समय सीमा में लक्ष्य पूरा करने की रणनीति ने ब्लॉक को मॉडल बनाया। धौरहरा ब्लॉक ने प्राप्त किया छह इंडिकेटर्स पर शत प्रतिशत सैचुरेशन जिलाधिकारी ने बताया कि धौरहरा ब्लॉक ने छह इंडिकेटर्स पर शत-प्रतिशत सैचुरेशन के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच, पोषण सुधार की ठोस पहल और कृषि योजनाओं के लाभार्थियों तक सीधी पहुंच ने नतीजे को असरदार बनाया। संपूर्णता अभियान के तहत किए गए प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि जब प्रशासनिक इच्छाशक्ति और टीमवर्क साथ हो, तो लक्ष्य सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहते, धरातल पर उतरते हैं। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने सीडीओ अभिषेक कुमार की मौजूदगी में बांकेगंज के बीडीओ ऋषिकांत अहिरवार और धौरहरा के तत्कालीन बीडीओ सुमित कुमार सिंह (वर्तमान में बीडीओ फूलबेहड़) को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा में किया केडीएसजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का शुभारंभ

जैसे कपिल देव को देखकर ही पाकिस्तान आधा मैच हार जाता था, वैसे ही डॉक्टर के व्यवहार से आधी बीमारी हार जाती है: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा में किया केडीएसजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का शुभारंभ   आयुष्मान भारत के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ने अब तक सर्वाधिक 5 करोड़ 60 लाख से अधिक गोल्डन कार्ड बनाए: सीएम वर्ष 2014 से पहले देश में सिर्फ 6 एम्स कार्यरत थे, प्रधानमंत्री मोदी जी की पहले से आज देश में 23 एम्स: मुख्यमंत्री सरकारी प्रयासों के साथ निजी अस्पतालों के सहयोग से बड़ी आबादी को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकती हैं: सीएम योगी 2017 से पहले प्रदेश में “वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया” की स्थिति थी और सरकारें माफियाओं के सामने नतमस्तक रहती थीं: योगी आज यूपी “वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज”, “वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट” और अब “वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुज़ीन” की दिशा में आगे बढ़ रहा: सीएम ग्रेटर नोएडा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को ग्रेटर नोएडा में केडीएसजी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें डॉक्टर और मरीज के बीच विश्वास और मानवीय व्यवहार की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। एक मरीज डॉक्टर के पास बड़े विश्वास के साथ जाता है। उसके लिए पैसा सबसे बड़ा मुद्दा नहीं होता, बल्कि डॉक्टर के व्यवहार और उसकी सलाह पर भरोसा अधिक महत्वपूर्ण होता है। डॉक्टर का अच्छा व्यवहार मरीज की आधी से अधिक बीमारी को समाप्त कर देता है। इस बात को समझाने के लिए मुख्यमंत्री ने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए कहा कि जब भारत की क्रिकेट टीम के कप्तान के रूप में कपिल देव गेंदबाजी करते थे या टीम का नेतृत्व करते थे, तो पाकिस्तान की टीम आधा मैच वहीं हार जाती थी। इसी तरह यदि बीमारी की तुलना पाकिस्तान से की जाए और डॉक्टर को कपिल देव के रूप में देखा जाए, तो मरीज डॉक्टर को देखकर ही आधी लड़ाई जीत लेता है।  डॉक्टर पर विश्वास हो तो दवा भी असर करती है और दुआ भी मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जब मरीज को डॉक्टर पर विश्वास हो जाता है तो बीमारी के खिलाफ उसकी मानसिक शक्ति बढ़ जाती है। इसके बाद दवा भी असर करती है और दुआ भी काम करती है। डॉक्टर को दुआ मिलती है और मरीज को सही दवा मिलने पर वह जल्दी स्वस्थ हो जाता है। इससे अस्पताल की प्रतिष्ठा भी बढ़ती है और डॉक्टर का सम्मान भी। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में उठाए जा रहे कदमों के बारे में कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद लोगों को बिना भेदभाव पांच लाख रुपये तक की कैशलेस उपचार सुविधा उपलब्ध कराई है, जिससे लाखों लोगों को राहत मिल रही है।  सेवा सही, सस्ती और विश्वसनीय होनी चाहिए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 तक भारत के अंदर केवल छह एम्स काम कर रहे थे और प्रधानमंत्री मोदी जी की पहल का परिणाम है कि आज देश में 23 एम्स कार्य कर रहे हैं। आयुष्मान भारत के अंतर्गत 60 करोड़ से अधिक लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी राज्य है, जहां सर्वाधिक गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं। प्रदेश में अब तक 5 करोड़ 60 लाख से अधिक गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी पैदा हुई है। यह स्वस्थ प्रतिस्पर्धा ऐसी है, जिसमें आज सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं भी बढ़ रही हैं। साथ ही सरकार द्वारा तय उपचार दरों और निजी क्षेत्र की मनमानी दरों के बीच बड़े अंतर को संतुलित करने का भी प्रयास हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा मानना है कि अस्पतालों के लिए स्वास्थ्य सेवा की परिभाषा स्पष्ट होनी चाहिए। सेवा सही होनी चाहिए, सस्ती होनी चाहिए और विश्वसनीय भी होनी चाहिए। किसी भी स्तर पर मरीज के साथ धोखा नहीं होना चाहिए। हर व्यक्ति उस सेवा को वहन कर सके और उस पर भरोसा कर सके। सरकार के साथ निजी क्षेत्र की सहभागिता भी अत्यंत आवश्यक मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के प्रयासों के साथ-साथ निजी क्षेत्र की सहभागिता भी अत्यंत आवश्यक है। निजी अस्पतालों के सहयोग से बड़ी आबादी को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। किसी भी संपन्न देश के लिए यह आवश्यक है कि वहां के प्रत्येक नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले। यह उसका अधिकार भी है और सरकार का दायित्व भी। उन्होंने केडीएसजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण को इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसके संस्थापकों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अस्पताल केवल गौतम बुद्ध नगर ही नहीं, बल्कि पूरे एनसीआर क्षेत्र तथा अन्य जनपद के लोगों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की अपार संभावनाएं मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता जताई कि केडीएसजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना कपिल देव और उद्योगपति सुनील गुप्ता द्वारा की गई है। उन्होंने महाराष्ट्र की प्रतिष्ठित संस्था डीवाई पाटिल ग्रुप के साथ मिलकर इस अस्पताल के संचालन की जिम्मेदारी ली है। डीवाई पाटिल समूह शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहा है और उसने महाराष्ट्र में उत्कृष्ट कार्य किए हैं। अब उनके अनुभव का लाभ गौतम बुद्ध नगर जनपद और एनसीआर क्षेत्र के लोगों को भी मिलेगा। उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य है और यहां स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। यदि केडीएसजी समूह मेडिकल कॉलेज के क्षेत्र में भी निवेश करेगा, तो इससे नए मेडिकल प्रोफेशनल तैयार होंगे और स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। 1000 लोगों को मिलेगा रोजगार मुख्यमंत्री ने कहा कि यह 300 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल केवल स्वास्थ्य सेवा ही नहीं देगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। यहां प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कम से कम 1000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसमें डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिक्स, टेक्नीशियन, वार्ड बॉय, सफाई कर्मचारी, सुरक्षा कर्मी और अन्य सहयोगी कर्मचारी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश सकारात्मक सोच के साथ विकास के मार्ग … Read more

राज्यसभा जाने से नीतीश कुमार की भूमिका यूपी में कैसे बदल सकती है, 2027 चुनाव के लिए तैयार?

लखनऊ/बदायूं  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा ना केवल प्रदेश, बल्कि पूरे देश में हो रही है. बिहार में तो जेडीयू कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए. पटना में जेडीयू दफ्तर के सामने भी इसको लेकर प्रदर्शन किया गया. नीतीश के इस रुख को लेकर उत्‍तर प्रदेश में पार्टी क्‍या सोच रही है. उसके प्रदेश नेतृत्‍व का इस बारे में क्‍या मानना है, ये भी जानना जरूरी है.  अनूप पटेल का इस बारे में कहना है कि नीतीश कुमार अगर केंद्र की राजनीति में आते हैं तो कहीं ना कहीं इसका फायदा उत्तर प्रदेश सहित कई अन्य राज्यों के कार्यकर्ताओं और पार्टी को मिलेगा. उत्तर प्रदेश में भी जेडीयू की स्थिति मजबूत होगी।  दरअसल, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के कदम के बाद बिहार की राजनीति को लेकर तमाम सवाल उठने लगे, क्योंकि अभी कुछ समय पहले ही नीतीश कुमार एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री बने हैं.. लेकिन अभी कुछ दिनों से उनके बेटे निशांत कुमार की भी सक्रिय राजनीति में भागीदारी देखी जा रही है. तमाम मंचों पर उनका चेहरा दिखाया जाता है. इसके बाद कहा जा रहा है कि बिहार में इस बार जदयू के दो उप मुख्यमंत्री होंगे, जिसमें से निशांत कुमार एक हो सकते हैं. वहीं अगर मुख्यमंत्री की बात की जाए तो वह बीजेपी का ही कोई चेहरा होगा।  पूरे मामले पर उत्तर प्रदेश जनता दल यूके प्रदेश अध्यक्ष अनूप पटेल ने बदायूं में कहा कि हम लोग के सीनियर नेता का निर्णय देशहित में और पार्टी हित में हमेशा सही होता है. जैसा उनका निर्णय होगा हम सभी लोग उस निर्णय में उनके साथ हैं. उन्होंने कभी भी कोई ऐसा निर्णय नहीं लिया, जो देश हित में ना हो या पार्टी हिट में ना हो. उन्होंने कहा कि जो फार्मूला पहले था, पार्टी उसी लाइन पर काम करेगी. इस बार दो डिप्टी सीएम जदयू के होंगे और मुख्यमंत्री का चेहरा बीजेपी का होगा। उन्होंने कहा कि हम लोगों की बहुत समय से मांग थी कि निशांत को सक्रिय राजनीति में लाया जाए. हमें उम्मीद है कि अब वह सक्रिय राजनीति में आएंगे. बिहार में समर्थकों के प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि 2025 के चुनाव में हम लोगों ने घर-घर जाकर वोट मांगे और प्रचंड बहुमत से हमारी सरकार बनी तो स्वाभाविक बात है कि पब्लिक को बुरा तो लगेगा ही. कार्यकर्ताओं में पीड़ा है और वह पीड़ा रहेगी. नीतीश कुमार के केंद्रीय राजनीति में आने से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश तथा अन्य कई और प्रदेशों की राजनीति में हमारी पार्टी को फायदा मिलेगा।

काशी विश्वनाथ धाम की यात्रा अब आसान, बनारस रोपवे से 15 मिनट में दर्शन संभव

बनारस  काशी की गलियों का जाम अब बीते दिनों की बात होने वाली है. बाबा विश्वनाथ के भक्तों के लिए अब ‘शिवलोक’ तक का सफर बादलों के बीच से होकर गुजरेगा. वाराणसी में देश के पहले पब्लिक रोपवे का सपना अब हकीकत के बेहद करीब है. 807 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा यह प्रोजेक्ट न केवल ट्रैफिक की तस्वीर बदलेगा, बल्कि सैलानियों को 50 मीटर की ऊंचाई से पुरातन काशी का वो अद्भुत नजारा दिखाएगा, जो आज से पहले कभी नहीं देखा गया. वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन से बाबा विश्वनाथ के करीब गोदौलिया तक का सफर अब जाम की गलियों में नहीं, बल्कि बादलों के बीच होगा. देश के पहले पब्लिक रोपवे का निर्माण अपने अंतिम चरण में है और इसी साल जून तक सैलानी इस अनूठे सफर का आनंद ले सकेंगे. आइए जानते हैं, जून में शुरू होने वाले इस सफर की क्या है पूरी तैयारी. मार्च तक पूरा होगा सिविल वर्क, जून में उड़ान नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड के अनुसार, इस महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का 92.5% काम सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है. शेष 7.5 प्रतिशत काम को 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके बाद रथयात्रा से गोदौलिया के बीच अलग-अलग चरणों में फाइनल ट्रायल रन शुरू किया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि जून महीने तक निर्माण और ट्रायल की सभी प्रक्रियाएं पूरी कर इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा. 5 आधुनिक स्टेशनों पर दिखेगी ‘शिवमय’ काशी वाराणसी में कैंट से गोदौलिया के बीच प्रस्तावित रोपवे ट्रांसपोर्ट के लिए कुल 5 स्टेशन बनाए जा रहें है. इसमें कैंट,विद्यापीठ और रथयात्रा स्टेशन के बीच बीते दिनों रोप वे के तारों पर गंडोला का फुल स्पीड ट्रायल रन भी पूरा हो गया.इसके साथ ही स्टेशन निर्माण का काम भी लगभग कम्प्लीट है. स्टेशन कराएगा मंदिर जैसा अहसास इन सभी रोपवे स्टेशन पर काशी के कला और संस्कृति की झलक दिख रही है. स्टेशन पर ही भगवान शिव के साथ,डमरू,त्रिशुल और घाट का स्ट्रक्चर इसकी खूबसूरती को बढ़ा रहा है. अलग-अलग स्टेशन को अलग-अलग तरीके से सजाया गया है. इन रोपवे स्टेशन के प्रवेश द्वार को कुछ इस तरह डिजाइन किया गया है जो यहां आने वाले पर्यटकों को मंदिर में प्रवेश जैसी अनुभूति कराएगा. रोपवे के अलग अलग स्टेशन पर पर्यटकों के लिए कई तरह की सुविधाएं भी होंगी. यहां वेटिंग रूम के साथ लॉकर और दूसरी व्यवस्थाएं भी रहेगी. काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचना होगा आसान बता दें कि वाराणसी में कैंट से गोदौलिया से बीच 807 करोड़ की लागत से रोपवे ट्रांसपोर्ट बनाया जा रहा है. इसके निर्माण के बाद पर्यटक कैंट स्टेशन से महज 15 मिनट में काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंच सकेंगे. इस यात्रा के दौरान पर्यटक जमीन से करी 50 मीटर की ऊंचाई से पुरातन शहर काशी को निहार पाएंगे. फिलहाल 4 किलोमीटर के इस दूरी को पूरा करने में 40 से 45 मिनट का वक्त लगता है.