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पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने साझा किए खेती के अनुभव

कानपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण आजीविका मजबूत बनाने के प्रयासों के बीच ‘उत्तर प्रदेश 2.0: कृषि से समृद्धि’ यूपी संवाद आयोजित किया गया। इसमें खेती की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने, कृषि उत्पादों का बेहतर मूल्य दिलाने और सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने पर चर्चा हुई। कृषि विशेषज्ञों, जनप्रतिनिधियों और प्रगतिशील किसानों ने बताया कि तकनीक, फसल विविधीकरण, बाजार तक पहुंच और खेती के साथ दूसरे व्यवसाय अपनाकर किसानों के लिए आय के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सुनाए खेती के अनुभव प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने ‘किसान भाई-बंपर कमाई’ सत्र में अपने खेती-किसानी के दिनों के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उनके खेत में एक-एक किलो वजनी आलू पैदा हुए थे। उन्होंने लहसुन की फसल में मेड़ों पर शलगम उगाने और पांच-पांच किलो तक के शलगम उपजने का भी जिक्र किया। मटर की पैदावार के बारे में उन्होंने बताया कि मंडी में उनकी उपज देखकर कारोबारियों को पहले विश्वास नहीं हुआ, लेकिन खेत देखने के बाद वे हैरान रह गए। उन्होंने मनहर धान का उल्लेख करते हुए इसे करीब 60 दिनों में तैयार होने वाली फसल बताया। अपने राजनीतिक सफर के बारे में राजभर ने कहा कि कांशीराम के विचारों और उनसे जुड़े कार्यक्रमों में भागीदारी ने राजनीति के प्रति उनकी रुचि बढ़ाई। इसके बाद वह धीरे-धीरे राजनीति में बढ़े। कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने निषाद समाज की प्रगति पर रखी बात प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने ‘पशु नहीं, प्रॉफिट पालन’ सत्र में निषाद समाज की सामाजिक और आर्थिक प्रगति पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने समाज को आगे बढ़ाने में शिक्षा, सरकारी सुविधाओं और रोजगार के अवसरों की भूमिका पर जोर दिया। मत्स्य पालन से जुड़े परिवारों की आजीविका मजबूत करने और मछली पालन को आय के साधन के रूप में विकसित करने की संभावनाएं भी इस चर्चा का हिस्सा रहीं। सत्र में समाज के लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और उन्हें आर्थिक रूप से आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने का मुद्दा प्रमुख रहा। किसानों को बाजार से जोड़ने पर जोर ‘सरकार और बाजार मेरे द्वार’ सत्र में कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने किसानों की उपज के उचित मूल्य और बाजार तक उनकी पहुंच से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि खेती में उत्पादन बढ़ाने के साथ उपज की बिक्री की बेहतर व्यवस्था होना भी जरूरी है, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित लाभ मिल सके। सरकारी योजनाओं की जानकारी, कृषि उत्पादों की खरीद और बाजार से जुड़ाव के जरिए किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। आधुनिक तकनीक से खेती को लाभकारी बनाने पर चर्चा ‘खेती हाईटेक, लाइफ सेट’ सत्र में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजीव गुप्ता, आईआईटी कानपुर के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. जयंत कुमार सिंह और पद्मश्री सम्मानित प्रगतिशील किसान राम शरण वर्मा ने आधुनिक खेती की संभावनाओं पर चर्चा की। इसमें सेंसर आधारित तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल से मिट्टी की स्थिति समझने तथा फसल के लिए जरूरी पोषक तत्वों का आकलन करने पर जोर रहा। चर्चा के मुताबिक, सेंसर आधारित तकनीक से मिट्टी की जांच लगभग एक मिनट में की जा सकती है। इससे जरूरत के अनुसार खाद और अन्य कृषि संसाधनों का इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है। ऐसी तकनीकों का उद्देश्य खेती की लागत घटाने और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने में किसानों की मदद करना है। सरकारी योजनाओं से लाभार्थियों के अनुभवों पर चर्चा ‘लाभार्थी लाइव’ सत्र में विधायक महेश त्रिवेदी और कल्याणपुर की विधायक नीलिमा कटियार ने किसानों तथा लाभार्थियों से बातचीत की। चर्चा में किसान सम्मान निधि, किसान दुर्घटना बीमा योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के लाभ का उल्लेख हुआ। नीलिमा कटियार ने महिला स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदियों की भूमिका पर चर्चा करते हुए ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया। महिला किसान नीतू देवी ने बताया कि मछली पालन, कृषि मशीनों और दूसरी सुविधाओं से उन्हें आजीविका के नए अवसर मिले। किसान सुनील कुमार ने बीज, खाद और कृषि उपकरणों से जुड़े अनुभव साझा किए तथा प्राकृतिक खेती के बारे में बताया। उन्होंने किसानों के समूहों के माध्यम से खेती की तकनीकी जानकारी साझा करने का भी उल्लेख किया। नए प्रयोगों से खेती में आय के अवसर बढ़ा रहे किसान ‘यूपी का स्मार्ट अन्नदाता’ सत्र में कानपुर में कश्मीर के सेब उगाने वाले किसान मंजीत, उन्नाव में नीदरलैंड के फूल उगाने वाले किसान शांतनु शुक्ला और बेंगलुरु में आईटी नौकरी छोड़कर कानपुर में जैविक खेती करने वाले किसान दंपती रश्मि और अंकुर सचान ने अपने अनुभव साझा किए। विधान परिषद सदस्य सलिल बिश्नोई भी चर्चा में शामिल हुए। इन किसानों के प्रयोगों से यह सामने आया कि पारंपरिक फसलों के अलावा सेब, फूलों और जैविक उत्पादों की खेती भी आय के नए अवसर खोल सकती है। हालांकि, ऐसी खेती में स्थानीय जलवायु के अनुकूल किस्मों का चयन, उत्पादन की गुणवत्ता और बाजार में बिक्री की व्यवस्था महत्वपूर्ण है। किसानों के अनुभवों के जरिए खेती में नवाचार और वैकल्पिक आजीविका की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

भागीदारी भवन में पहली एल्यूमिनाई मीट, मंत्री असीम अरुण ने दिया समाज को लौटाने का संदेश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में समाज कल्याण विभाग की पहल रंग ला रही है। इसी क्रम में रविवार को गोमतीनगर स्थित भागीदारी भवन में पहली एल्यूमिनाई मीट का आयोजन किया गया। इस दौरान समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों से अपने अनुभव और ज्ञान को दूसरे विद्यार्थियों के साथ साझा करने का आह्वान किया। इस वर्ष समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित कोचिंग संस्थानों से यूपीपीएससी में 74 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। यह उपलब्धि विभाग की तैयारी संबंधी व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों के परिश्रम को दर्शाती है। सफलता के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान मंत्री असीम अरुण ने कहा कि भागीदारी भवन से सफलता हासिल करना कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। वास्तविक सफलता तभी सार्थक होती है, जब उससे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए। उन्होंने सफल अभ्यर्थियों से ‘गिव बैक टू सोसाइटी’ की भावना के साथ आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि चयनित अधिकारी वर्तमान विद्यार्थियों को नियमित मार्गदर्शन दें और अपनी तैयारी के अनुभव साझा करें, ताकि अधिक से अधिक युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकें। मेंटरशिप और डिजिटल शिक्षा से मजबूत होगी तैयारी कार्यक्रम में चयनित अभ्यर्थियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन मेंटरशिप सत्र आयोजित करने, मॉक इंटरव्यू कराने तथा अध्ययन सामग्री और परीक्षा रणनीति से जुड़ी जानकारी साझा करने के लिए प्रेरित किया गया। दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले प्रतिभाशाली युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन पहुंचाने के लिए ऑनलाइन कक्षाओं, वीडियो रिकॉर्डिंग और डिजिटल संसाधनों के माध्यम से निरंतर ‘चेन रिएक्शन’ व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया। इसके तहत सफल अभ्यर्थियों से मिले मार्गदर्शन का लाभ आगे अन्य विद्यार्थियों तक पहुंचाने की परिकल्पना की गई है। पारदर्शी प्रशासन और युवाओं के सहयोग का संकल्प एल्यूमिनाई मीट में चयनित अभ्यर्थियों ने जरूरतमंद विद्यार्थियों को निरंतर मेंटरशिप देने और अध्ययन सामग्री, परीक्षा रणनीति तथा साक्षात्कार के अनुभव साझा करने के लिए स्थायी नेटवर्क तैयार करने का संकल्प लिया। मंत्री ने प्रशासनिक सेवाओं में कार्यरत अधिकारियों से वंचित, ग्रामीण और जरूरतमंद वर्गों की समस्याओं को संवेदनशीलता से समझने तथा निष्पक्षता, पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ दायित्व निभाने की अपेक्षा की। इस दौरान समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव, एडिशनल एसपी संजय सागर, उप निदेशक आनंद कुमार सिंह, जॉइंट कमिश्नर (राज्य कर) सुरेंद्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी पवन कुमार यादव और शैलेश राम सहित कई अधिकारी, शिक्षक एवं अभ्यर्थी उपस्थित रहे।

मिर्जापुर में पूर्व IAS दिव्या का बड़ा संकेत, नवरात्रि में करेंगी घोषणा

मिर्जापुर पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल इस्तीफे के बाद पहली बार मिर्जापुर में विध्ंयधाम पहुंची। इस दौरान दिव्या मित्तल ने अपनी नई पारी की ओर इशारा कर दिया। मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के बाद पत्रकारों से हुई बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मैंने राजनीति में आने की घोषणा की है, लेकिन किसी पार्टी में शामिल नहीं होने जा रही हूं। नवरात्र में ही नए कदम को सार्वजनिक करूंगी। नवरात्र के पहले दिन रविवार को पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने मां विंध्यवासिनी का विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। वह गेट नंबर दो पर पहुंचकर सामान्य कतार में खड़ी हुईं और करीब डेढ़ घंटे लाइन में लगे रहने के बाद गर्भगृह में मां का दर्शन किया। इसके बाद हवनकुंड में पहुंचकर आहुति अर्पित की। इसके बाद उन्होंने नौ दिनों का अनुष्ठान संकल्पित किया। विंध्यधाम के पुरोहित ने मां की चुनरी और माला पहनाकर उनका स्वागत किया। वहीं, दिव्या मित्तल ने मंदिर की छत पर पहुंचकर विशेष अनुष्ठान के लिए पुरोहित से संकल्प कराया।   मां के दर्शन को आई हूं : दिव्या पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि नवरात्र के प्रथम दिन मां के दर्शन के लिए आई हूं। अभी मैं नौ दिनों तक विंध्याचल में ही रहूंगी। इन्हीं नौ दिनों में आगे की रूपरेखा तय करूंगी। मेरे आने वाले जीवन में जो भी नए कदम होंगे, उसकी घोषणा भी जल्द करूंगी। मैं जानती हूं कि मेरे राजनीति में आने की घोषणा के बाद आप लोगों की जिज्ञासा बढ़ गई है। इसकी जल्द घोषणा करूंगी। हां, इतना पक्का है कि किसी पार्टी में शामिल नहीं हो रही हूं। इस दौरान लहुरियादह की दुईजी देवी से भी भेंट करूंगी। उनकी तबीयत इन दिनों खराब है। उनका हमें आशीर्वाद मिला है। राहुल से नहीं हुई मुलाकात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात पर बोलीं कि मेरी कोई मुलाकात राहुल गांधी से नहीं हुई है। राजनीति एक ऐसी जगह है, जो देश को दिशा देती है। मैं सही दिशा में अपना पूरा समय लगाना चाहती हूं। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) से इस्तीफा देकर राजनीति में आने की घोषणा कर चुकीं उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर की पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल का रविवार को जिगना में समर्थकों ने भव्य स्वागत किया। ग्रामीणों ने इस दौरान 'दिव्या मित्तल जिंदाबाद' और 'दिव्या दीदी जिंदाबाद' के नारे लगाए। राजनीति में आने की घोषणा के बाद मित्तल का इस क्षेत्र का यह पहला दौरा था। उनके पहुंचने पर महिलाओं ने गुलाब की मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया, जबकि लोगों ने उनकी गाड़ी पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं। मित्तल ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘आप लोगों ने मुझ पर इतने फूल बरसाये हैं। यह आपका प्यार है।’ उन्होंने कहा, 'आप हर बार मुझे भावुक कर देते हैं। ऐसा लगता है कि मिर्जापुर ने मुझे भावनाओं में रुलाने का ठेका ले लिया है। मिर्जापुर को हमेशा हंसते रहना चाहिए। किसी को रोना नहीं है।'

यूपी कांग्रेस में नए पदाधिकारियों के पदभार ग्रहण से पहले बवाल, समर्थकों ने जूते लेकर जताया विरोध

लखनऊ लखनऊ में कांग्रेस मुख्यालय में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और ममता चौधरी के समर्थकों के बीच हंगामा हो गया. दोनों गुटों के बीच विवाद के दौरान जमकर विरोध हुआ. बता दें कि आज यूपी कांग्रेस की नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद के पदभार ग्रहण का कार्यक्रम आयोजित किया गया था. कार्यक्रम के दौरान अजय राय के कांग्रेस मुख्यालय पहुंचने पर ममता चौधरी की तरफ से अजय राय को लेकर अपशब्दों के इस्तेमाल किए जाने का आरोप है. इसके बाद अजय राय के समर्थकों ने ममता चौधरी के खिलाफ जमकर हंगामा किया. समर्थकों ने हाथों में जूते लेकर विरोध जताया. मामले को लेकर अजय राय ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद से शिकायत की. अजय राय ने कहा कि ऐसे लोग पार्टी की छवि को खराब कर रहे हैं और ऐसे लोग पार्टी में रहेंगे तो पार्टी का माहौल खराब होगा. उन्होंने ममता चौधरी को पार्टी से बाहर करने की मांग की है. अजय राय को मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है. इस बात पर मचा बवाल प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे. इसी दौरान वहां मौजूद भीड़ को देखते हुए अजय राय के समर्थकों ने कहा कि 'अध्यक्ष जी निकलेंगे, रास्ता दे दीजिए.' इस पर ममता चौधरी की तरफ से पूछा गया, 'कौन अध्यक्ष?' इसके बाद दोनों गुटों के बीच विवाद बढ़ गया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद के बाद अजय राय और ममता चौधरी के समर्थकों के बीच झगड़ा और मारपीट हुई. इस दौरान जूता फेंके जाने की भी बात सामने आई है. पूरे घटनाक्रम के बाद अजय राय ने मामले की शिकायत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से की और ममता चौधरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

योगी सरकार की कृषक समृद्धि योजना शुरू, 323 बैंक शाखाओं से किसानों को मिलेगा सस्ता कर्ज

लखनऊ  मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत प्रदेश के लघु और सीमांत किसान सोमवार से छह प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि संबंधी दीर्घकालीन ऋण के लिए आवेदन कर सकेंगे। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक (एलडीबी) मुख्यालय में पूजापाठ के बाद योजना के तहत ऋण वितरण की शुरुआत होगी। इसी दिन कृषि ऋण पर सरकार की ओर से दिए जाने वाले अनुदान के लिए बैंक को 38 करोड़ रुपये देने का आदेश भी जारी किया जाएगा। किसान एलडीबी की 323 शाखाओं के माध्यम से योजना का लाभ ले सकेंगे। विधान सभा चुनाव से पहले प्रदेश सरकार ने प्रदेश के लघु व सीमांत किसानों को कृषि व संबद्ध कार्यों के लिए सस्ते दर पर ऋण देने की यह योजना शुरू की थी। योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 सितंबर को किया था। योजना के तहत एलडीबी के माध्यम से किसानों को 11 प्रतिशत ब्याज दर पर मिलने वाला कृषि ऋण अब महज छह प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को दिया जाएगा। ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर के अनुसार, बैंक सोमवार से किसानों को योजना का लाभ देना शुरू करेगा। किसान बैंक की 323 शाखाओं के अलावा मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि पोर्टल https://mksyldb.in/ पर ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। राठौर ने बताया कि योजना के तहत किसानों को लाभ देने के लिए बैंक को 38 करोड़ रुपये जारी करने का आदेश सोमवार को दिया जाएगा। योजना की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के लिए कार्यशाला आयोजित कर बैंक शाखाओं के शाखा अध्यक्ष (डेलीगेट) को इसके प्रावधानों से अवगत कराया गया है। डेलीगेट किसानों को योजना से जोड़ने के साथ ऋण स्वीकृति में भी अहम भूमिका निभाएंगे। अगले पांच वर्ष में पांच लाख किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। एलडीबी के प्रबंध निदेशक आरके कुलश्रेष्ठ के मुताबिक, दो हेक्टेयर तक कृषि भूमि वाले लघु और सीमांत किसान योजना के पात्र होंगे। अधिकतम छह लाख रुपये तक का ऋण पांच वर्ष के लिए दिया जा सकेगा। समय पर किस्त चुकाने वाले किसानों से छह प्रतिशत ब्याज लिया जाएगा।

यूपी के रामपुर में कार वॉशिंग सेंटर संचालक की हत्या, CCTV में कैद हुई वारदात

रामपुर उत्तर प्रदेश के रामपुर में एक युवक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस वारदात से आसपास के घरों में सनसनी फैल गई. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कार से फरार हो गए. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जायजा लिया. घटना रामपुर के मिलक खानम थाना क्षेत्र के टहकला गांव की है. यहां 30 वर्षीय नवजोत सिंह अपना कार वॉशिंग सेंटर चलाते थे. जानकारी के मुताबिक, नवजोत अपनी दुकान पर बैठे थे, तभी कार सवार हमलावर वहां पहुंचे. आरोप है कि हमलावरों ने उन पर कई राउंड गोलियां चलाईं. उन्हें चार गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौत हो गई. वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर कार से फरार हो गए. दिनदहाड़े हुई इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मौके का जायजा लिया. घटना से जुड़ा CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पूरी वारदात कैद हो गई है. इस हत्याकांड में शादी से जुड़ा विवाद भी सामने आया है. नवजोत सिंह के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए उनकी पत्नी के परिजनों पर हत्या का आरोप लगाया है. पुलिस के मुताबिक, नवजोत ने अपने से उम्र में बड़ी एक महिला से शादी की थी. महिला के पहले पति की मौत हो चुकी थी और उसके दो बच्चे हैं. हालांकि, शादी से जुड़ा विवाद ही हत्या की वजह था या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. फिलहाल यह मृतक के पिता की ओर से लगाया गया आरोप है. नवजोत सिंह अपने पिता के इकलौते बेटे थे. उनकी हत्या के बाद परिवार में मातम पसरा है. रामपुर के अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि मिलक खानम थाना क्षेत्र के टहकला निवासी नवजोत सिंह की गोली मारकर हत्या की गई है. वह अपनी वॉशिंग सेंटर की दुकान पर थे, जहां दो लोगों ने उन्हें गोली मारी. अनुराग सिंह के मुताबिक, मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है. शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. हत्या की वजह के सवाल पर उन्होंने बताया कि मृतक के पिता ने अपनी शिकायत में बेटे की शादी का जिक्र किया है और महिला के परिजनों को आरोपी बनाया है. पुलिस अब हत्या के पीछे की वजह, हमलावरों की पहचान और वारदात में इस्तेमाल की गई कार समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है.

यूपी में मतदाता बनने का फिर मौका, मोबाइल से भरें फॉर्म-6 और वोटर लिस्ट में जुड़वाएं नाम

महराजगंज यदि किसी का मतदाता सूची से नाम कट गया है या छूट गया है तो उनको मतदाता बनने का मौका निर्वाचन आयोग ने फिर दिया है। मतदाता बनने के लिए उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की भी जरूरत नहीं है। घर बैठे मोबाइल से ऑनलाइन आवेदन कर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराया जा सकता है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदाता पुनरीक्षण 2026 के तहत विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है। इसका मकसद है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे। इसके बाद भी मतदाता नहीं बन सके तो विधान सभा चुनाव में मतदान नहीं कर पाएंगे। अपर जिलाधिकारी और उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. प्रशान्त कुमार ने बताया कि अर्हता तिथि एक जनवरी 2026 के आधार पर चल रहे इस अभियान में मतदाता सूची के ईपी रेशियो और जेंडर रेशियो में सुधार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके तहत पात्र युवाओं, पहली बार मतदाता बनने वालों, छूटे हुए मतदाताओं, बेघर नागरिकों, दिव्यांगजनों और महिलाओं के नाम मतदाता सूची में शामिल कराए जाएंगे। यदि कोई मतदाता बनने से वंचित रह गए हैं तो वह इस अभियान का लाभ उठाकर मतदाता बन सकते हैं। इसमें ऑनलाइन सुविधा भी दी गई है। जो ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाएं वह बीएलओ या निर्वाचन कार्यालय से सम्पर्क कर मतदाता बन सकते हैं। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर करें आवेदन मतदाता सूची में नाम नहीं है तो पात्र लोग निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा ECINET मोबाइल ऐप और Voter Helpline App के जरिए भी ऑनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा है। पहली बार मतदाता बनने के लिए फॉर्म-6 भरना होगा। मतदाता सूची में दर्ज विवरण में संशोधन या अन्य निर्धारित बदलाव के लिए फार्म 8 तथा नाम हटाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत फार्म सात भरा जा सकता है। नाम जांचें, मतदान का अधिकार सुरक्षित करें उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन कार्यालय की ओर से जिले के लोगों से अपील की जा रही है कि वे मतदाता सूची में अपना नाम जरूर जांचें। नाम दर्ज नहीं होने पर पात्रता के अनुसार निर्धारित फॉर्म भरकर आवेदन करें। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे। महिलाओं और युवाओं को जोड़ने पर जोर उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि अभियान के तहत ऐसे नागरिकों पर खास ध्यान दिया जाएगा, जो पात्र होने के बावजूद अब तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं। महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ दिव्यांगजनों तथा बेघर मतदाताओं तक भी पहुंच बनाई जाएगी। इसके लिए महिला कल्याण, उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, चिकित्सा, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, ग्राम्य विकास और युवा कल्याण समेत विभिन्न विभागों का सहयोग लिया जाएगा।

कमरे में मशरूम उगाकर सालाना ₹20 लाख कमा रहीं पूजा सैनी, जानें खेती का तरीका

लखनऊ भरपूर पोषक तत्वों के लिए शुमार मशरूम की बाजार में मांग अधिकतर हर सीजन में बनी रहती है। अपने गुण और स्वाद के कारण मशरूम अन्य सब्जियों की तुलना में अधिक लोकप्रिय बना हुआ है। ऐसे में बाजार में बढ़ती मांग के बीच किसान भाई मशरूम उत्पादन से अच्छी कमाई कर सकते हैं। आइए हम आपको बताते हैं कि मशरूम की खेती कैसे शुरू कर सकते हैं? मशरूम की बढ़ती मांग किसानों के लिए सोने की खेती साबित हो सकती है, क्योंकि कम लागत और कम जगह में इस व्यवसाय से अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। यही नहीं इसमें सिर्फ एक बार ही मेहनत करनी होती है, जिसके बाद पारंपरिक खेती की तरह जीतोड़ मेहनत की आवश्यकता भी नहीं होती है। उत्तर प्रदेश में सरकार भी मशरूम उत्पादन को प्रोत्साहित करती है, जिसके लिए जिला स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मशरूम उत्पादन के लिए कंपोस्ट तैयार करने की विधियों पर जानकारी दी जाती है। इसके अलावा, कंपोस्ट की सामग्री, उसकी तैयारी, आवश्यक परिस्थितियों और गुणवत्ता बनाए रखने की तकनीकी जानकारी के साथ प्रायोगिक कार्य भी कराया जाता है। आप अपने जिले के कृषि विज्ञान केंद्र में जाकर 'मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण' की पूरी जानकारी ले सकते हैं। कितनी आएगी लागत, कितनी कमाई एक अनुमान के अनुसार, दस फीट लंबाई और दस फीट चौड़ाई वाले कमरे मशरूम के दो सौ से ढाई सौ बैग लगाए जाएं तो हर महीने तकरीबन पचास हजार रुपये तक की कमाई की जा सकती है। मशरूम को धूप की जरूरत नहीं होती, इसे पूरी तरह अंधेरे और ठंडे कमरे या शेड में उगाया जाता है। मशरूम उत्पादन शुरू करने में 10 से 50 हजार रुपये का शुरूआती निवेश लग सकता है। एक बैग तैयार करने में डेढ़ सौ रुपये की लागत आती है। मशरूम की कई प्रजातियां भी हैं, जैसे- मिल्की, ओयस्टर, बटन, ढींगरी, पोटबेलो और कीड़ा-जड़ी इत्यादि। बाजार में इन सबकी कीमत करीब 200 रुपये प्रति किलो तक मिलती है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नवनीत कुमार मिश्र ने बताया कि मशरूम उत्पादन रोजगार सृजन के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है। कम भूमि और सीमित संसाधनों में भी इसे शुरू किया जा सकता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और बेरोजगारी कम होगी। सावधानियां- मशरूम की खेती में सबसे बड़ा रिस्क संक्रमण का होता है, जिससे मशरूम बैग को बचाना अतिआवश्यक होता है। जरा सी भी लापरवाही से कमरे में बैक्टीरिया, वायरस या जंगली फंगस पनप सकते हैं, जिससे पूरी मेहनत पर पानी फिर सकता है। इसके लिए कुछ सावधानियां बरतने की आवश्यकता होती है-     कमरे को हमेशा साफ रखें। खिड़की पर जाली लगी हो ताकि धूल मिट्‌टी से बचाव हो सके।     कमरे में प्रवेश करने से पहले खुद को साफ रखें। हाथ-पैर को अच्छे से साफ करके ही अंदर आएं। संभव हो तो मास्क का प्रयोग करें।     बीज खरीदते समय गुणवत्ता का ध्यान रखें। हमेशा सरकारी लैब, कृषि विश्वविद्यालय या विश्वसनीय विक्रेता से ही ताजे बीज खरीदें।     कमरे में झाड़ू न लगाएं, इससे उड़ने वाली धूल में मौजूद बैक्टीरिया फसल खराब कर सकते हैं। हमेशा पोछा लगाकर ही सफाई करें। मशरूम लेडी पूजा कमा रही लाखों रुपये मशरूम उत्पादन में इन हाउस फार्मिंग की कैटेगरी में आता है, जिससे यह घरेलू महिलाओं के स्वरोजगार का भी बेहतर विकल्प है। इसकी मिसाल पेश करती हैं सहारनपुर की पूजा सैनी जो अपने पति के साथ मिलकर घर में ही मशरूम उत्पादन करती हैं और उनकी सालाना कमाई 20 लाख रुपये तक हो जाती है। पूजा बताती हैं कि 2018 में उन्होंने मशरूम की खेती शुरू की। उन्होंने पति के साथ कृषि विज्ञान केंद्र से मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण लिया। घर पर ही प्रयोग के तौर पर दो बैग तैयार किए और धीरे-धीरे बैगों की संख्या बढ़ती गई और आज यह संख्या हजारों में पहुंच चुकी है।

अमेरिका-ब्रिटेन-जर्मनी समेत अंतरराष्ट्रीय तकनीकी चुनौतियों का समाधान खोजेगी यूपी की ‘टीम 12’

लखनऊ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी और साइबर सुरक्षा जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश के विद्यार्थी अब अपनी तकनीकी प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (यूपीएसआईएफएस) के 150 विद्यार्थियों ने अपने तकनीकी समाधान प्रस्तुत कर यह दिखाया कि फॉरेंसिक शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीक का समन्वय किस तरह नवाचार के नए अवसर खोल सकता है। इनमें से चुनकर 'टीम 12' बनाई गई है, जो अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में भागीदारी के लिए तैयार है। इन विद्यार्थियों ने अपने प्रेजेंटेशन ब्राविटी (Braviti) के सीईओ पवन शर्मा के समक्ष प्रस्तुत किए। पवन शर्मा अमेरिका में एआई, रोबोटिक्स और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में कार्यरत हैं। इसके अलावा केआईपीएल (KIPL) के सीईओ पराग शेंडे के समक्ष भी विद्यार्थियों ने नवाचार संबंधी प्रेजेंटेशन दिया। जिसके बाद यहां के सर्वश्रेष्ठ बच्चों में से 'टीम 12' बनाई गई। यह पहल विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान से आगे बढ़कर तकनीक के व्यावहारिक उपयोग और वास्तविक समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। सीएम योगी के विजन के अनुरूप तकनीक आधारित शिक्षा : डॉ. जीके गोस्वामी यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप तकनीक आधारित फॉरेंसिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस दिशा में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से परिचित कराने, नवाचार के लिए प्रोत्साहित करने और उनके ज्ञान को व्यावहारिक उपयोग से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। अत्याधुनिक तकनीक पर विद्यार्थियों का फोकस आज दुनिया के सामने साइबर अपराध, डिजिटल सुरक्षा, स्वचालन और जटिल तकनीकी प्रणालियों से जुड़ी कई चुनौतियां हैं। इनसे निपटने के लिए एआई, रोबोटिक्स और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में नए समाधान विकसित किए जा रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की ओर से इन क्षेत्रों में तकनीकी समाधान प्रस्तुत करना उनकी व्यावहारिक समझ और नवाचार क्षमता को सामने लाने का अवसर है। यूपीएसआईएफएस में विद्यार्थियों की इस पहल का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि यहां फॉरेंसिक विज्ञान के अध्ययन का संबंध तकनीकी और विधिक पहलुओं से भी जुड़ता है। डिजिटल साक्ष्यों की जांच, साइबर सुरक्षा और आधुनिक अपराधों की वैज्ञानिक पड़ताल जैसे क्षेत्रों में तकनीकी ज्ञान की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। 'टीम 12' की अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में भागीदारी इस पहल का प्रमुख आकर्षण 'टीम 12' की अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में प्रस्तावित भागीदारी है। इससे विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर तकनीकी कार्यों और परियोजनाओं से जुड़ने की संभावनाएं मिलेंगी। अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे देशों में तकनीक के विभिन्न क्षेत्रों में विकसित हो रहे समाधानों के संदर्भ में भारतीय विद्यार्थियों की प्रतिभा और नवाचार क्षमता को सामने लाना इस पहल का व्यापक उद्देश्य है। भविष्य में खुलेंगे अनुसंधान और उद्यमिता के नए अवसर तकनीक आधारित शिक्षा का उद्देश्य केवल नई तकनीकों की जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में समस्याओं की पहचान करने, उनका वैज्ञानिक विश्लेषण करने और उपयोगी समाधान विकसित करने की क्षमता पैदा करना भी है। एआई, रोबोटिक्स और साइबर सुरक्षा जैसे तेजी से विकसित होते क्षेत्रों में इस तरह की क्षमता भविष्य में अनुसंधान और उद्यमिता के नए अवसर खोलेगी। टेक्नोलॉजी, विधि और फॉरेंसिक विज्ञान का समन्वय यूपीएसआईएफएस का शैक्षणिक मॉडल टेक्नोलॉजी, विधि और फॉरेंसिक विज्ञान के समन्वय को महत्वपूर्ण बनाता है। आधुनिक अपराधों की जांच में डिजिटल तकनीक और वैज्ञानिक साक्ष्यों का महत्व बढ़ने के साथ इन क्षेत्रों के बीच तालमेल की जरूरत भी बढ़ी है। तकनीकी ज्ञान के साथ विधिक प्रक्रियाओं और फॉरेंसिक जांच की समझ विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में काम करने के लिए तैयार करने में उपयोगी हो सकती है। यूपीएसआईएफएस की 'टीम 12' के सदस्य ईशानी पांडे, ईशानी ओझा, सिद्धि वत्स, साक्षी गहलोत, पुष्कर सिंह, रवि यादव, ⁠विवेक मिश्रा, ⁠प्रखर सिंह, ⁠दिव्यम श्रीवास्तव, ⁠अनिमेष शुक्ला, ⁠अनुभव चतुर्वेदी, ⁠रविशंकर कुशवाहा। इस परियोजना का नेतृत्व यूपीएसआईएफएस के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सेल की प्रमुख डॉ. निमिषा सिंह कर रही हैं।

कोडीनयुक्त कफ सिरप से कमाई और हवाला का आरोप, दुबई तक फैले नेटवर्क पर 38 हजार पन्नों की चार्जशीट

लखनऊ उत्तर प्रदेश में कोडीनयुक्त कफ सिरप की कमाई से बढ़ा कारोबार दुबई और अन्य देशों तक पहुंचा है। कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार की जांच में अब सप्लाई नेटवर्क से लेकर रकम के कथित हवाला हस्तांतरण और दुबई में निवेश तक के साक्ष्य मिले है। उत्तर प्रदेश एसटीएफ की जांच से जुड़े इनपुट के अनुसार, मामले के आरोपित शुभम जायसवाल ने अपने पिता के नाम पर झारखंड में शैली ट्रेड्स फर्म बनाई थी। तीन अलग-अलग फर्मों के जरिए कई स्तरों पर बिलिंग कराता था और इसी व्यवस्था के माध्यम से कारोबार का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। 500 करोड़ रुपये के दुबई में होटल कारोबार की जानकारी जांच में करीब 500 करोड़ रुपये के दुबई में होटल कारोबार की जानकारी भी सामने आई है। आरोप है कि कफ सिरप के कारोबार से अर्जित रकम का एक हिस्सा हवाला के जरिये दुबई पहुंचाया गया, जहां शुभम अपने मौसेरे भाई गौरव जायसवाल के साथ होटल कारोबार कर रहा है। इस रकम के स्रोत और निवेश से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के दस्तावेजों के आधार पर महत्वपूर्ण होगी। 38 हजार पन्नों की चौथी चार्जशीट एसटीएफ ने इस मामले में करीब 38 हजार पन्नों की चौथी चार्जशीट लखनऊ एनडीपीएस, न्यायालय में दाखिल की है। इसमें शुभम जायसवाल, उसके मौसेरे भाई गौरव जायसवाल, विकास सिंह नर्वे और अमित जायसवाल को आरोपित किया गया है। चार्जशीट में लेनदेन, बिलिंग और वर्क ऑर्डर से जुड़े दस्तावेज शामिल किए जाने की जानकारी है। 14 आरोपितों के विरुद्ध चार्जशीट इससे पहले दाखिल आरोपपत्रों के साथ अब तक 14 आरोपितों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल किए जाने की बात सामने आई है। एसटीएफ की जांच में वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र और गाजियाबाद समेत कई जिलों में शैली ट्रेड्स के माध्यम से बिलिंग किए जाने की कड़ियां सामने आई हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित फर्मों के जरिए खरीदे और बेचे गए सिरप की वास्तविक सप्लाई कहां हुई और रकम का लेनदेन किन खातों के माध्यम से किया गया। कोडीनयुक्त सिरप की सप्लाई नेपाल व बांग्लादेश की सीमा पार एसटीएफ जांच में कोडीनयुक्त कफ सिरप की सप्लाई नेपाल और बांग्लादेश की सीमा पार किये जाने की पुष्टी हुई हैं। इस पहलू में यह पता लगाना अहम है कि माल किन खरीदारों तक पहुंचा और सीमा पार नेटवर्क में किन लोगों की भूमिका थी। कोडीनयुक्त कफ सिरप का नशे के लिए दुरुपयोग किए जाने की आशंका के बीच एसटीएफ बिलिंग और सप्लाई के दस्तावेजों का मिलान कर रही है। अवैध कारोबार करीब दो वर्ष से चल रहा जांच में यह भी आरोप है कि संबंधित अवैध कारोबार करीब दो वर्ष से चल रहा था। दिसंबर 2024 के अंतिम दिनों में जांच एजेंसी की ओर से नोटिस भेजे जाने के बाद कारोबार रोकने और जनवरी-मार्च 2025 में बचे हुए माल को फिर बेचने की कोशिश किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद जांच और गिरफ्तारियों का दायरा बढ़ने पर शुभम और गौरव भारत छोड़कर दुबई भाग गया। अब दुबई में होटल कारोबार, निवेश के स्रोत और भारत में संचालित फर्मों के साथ संभावित वित्तीय संबंधों की पुष्टि हुई है। बैंक खातों और सप्लाई रूट की पड़ताल कर साक्ष्य जुटाए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और एसटीएफ ने पिछले वर्ष इस सिंडिकेट का खुलासा किया था। जांच में सामने आया कि गिरोह एबॉट कंपनी से कफ सिरप की खेप खरीदकर विभिन्न राज्यों में बेचता था और इसकी आपूर्ति नेपाल व बांग्लादेश तक करता था। एसटीएफ ने नेटवर्क, बैंक खातों और सप्लाई रूट की पड़ताल कर साक्ष्य जुटाए हैं। जांच के मुताबिक, अवैध कारोबार से कई सौ करोड़ रुपये की कमाई की गई। चार्जशीट में शुभम व गौरव के अलावा अमित जायसवाल और विकास सिंह नर्वे को भी आरोपी बनाया गया है।