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केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अगले चरण के लिए 6.18 लाख पात्र लाभार्थियों की सूची मुख्यमंत्री को सौंपी

लखनऊ  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तर प्रदेश के बागवानी क्षेत्र को नई गति देने के उद्देश्य से लखनऊ में क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किए जाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस केंद्र के माध्यम से किसानों को गुणवत्तायुक्त एवं रोगमुक्त पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उद्यानिकी क्षेत्र का विस्तार होगा और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को लखनऊ स्थित योजना भवन के वैचारिकी सभागार में उत्तर प्रदेश के कृषि रोडमैप, कृषि क्षेत्र की विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य योजनाओं तथा ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की संयुक्त समीक्षा की। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि के लिए समृद्ध उत्तर प्रदेश सबसे अनिवार्य है। उत्तर प्रदेश जितनी तेजी से कृषि, ग्रामीण विकास और किसानों की समृद्धि के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा, विकसित भारत का लक्ष्य उतनी ही शीघ्रता से साकार होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार आपसी समन्वय तथा साझा प्रयासों से इस राष्ट्रीय संकल्प को अवश्य पूरा करेंगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश कभी बीमारू राज्यों की श्रेणी में गिना जाता था, लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। कृषि, ग्रामीण विकास, आधारभूत संरचना तथा जनकल्याण के विभिन्न क्षेत्रों में प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है, लेकिन बदलते समय की चुनौतियों के बीच विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कृषि क्षेत्र में गंभीर मंथन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से यह समीक्षा बैठक आयोजित की गई है, ताकि कृषि को अधिक उत्पादक, लाभकारी, जलवायु अनुकूल एवं टिकाऊ बनाने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जा सके। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चना, मसूर एवं सरसों की सरकारी खरीद की अवधि बढ़ाए जाने की मंजूरी भी प्रदान की। उन्होंने इस संबंध में स्वीकृति का आशय पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा। मुख्यमंत्री ने इसके लिए केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के अधिकाधिक किसानों को अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने का अवसर मिलेगा और उनके हितों का बेहतर संरक्षण सुनिश्चित होगा।  केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के आगामी चरण के लिए पात्र 6,18,482 लाभार्थियों की सूची मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपते हुए प्रदेश सरकार को बधाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में गरीब कल्याण की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है। पात्रता के आधार पर प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को आवास उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने निर्देश दिए कि योजना के अगले चरण में भी सभी पात्र लाभार्थियों को पूर्ण पारदर्शिता एवं समयबद्ध तरीके से लाभान्वित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के लखनऊ आगमन के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत नए आवासों की स्वीकृति, चना, मसूर एवं सरसों की सरकारी खरीद की अवधि बढ़ाए जाने तथा उत्तर प्रदेश के बागवानी क्षेत्र के लिए लखनऊ में क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किए जाने की स्वीकृति के लिए भी केंद्रीय मंत्री के प्रति आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में देश का कृषि क्षेत्र नई दिशा प्राप्त कर रहा है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शिवराज सिंह चौहान जी का लंबा एवं सफल अनुभव रहा है। उनके नेतृत्व में मध्य प्रदेश ने कृषि क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की और आज उनके अनुभव, दूरदर्शिता तथा मार्गदर्शन का लाभ पूरे देश को प्राप्त हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से विकसित कृषि एवं विकसित भारत के लक्ष्य को समयबद्ध रूप से प्राप्त किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत@2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में आईसीएआर द्वारा तैयार ‘विकसित कृषि रोडमैप’ उत्तर प्रदेश के लिए अत्यंत उपयोगी एवं मार्गदर्शक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र को अधिक उत्पादक, लाभकारी एवं तकनीक आधारित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि विविधीकरण, आधुनिक कृषि तकनीकों के विस्तार, मूल्य संवर्धन, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा किसानों की आय वृद्धि के लिए केंद्र और राज्य सरकार समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व तथा केंद्र सरकार के सतत सहयोग से उत्तर प्रदेश विकसित कृषि के लक्ष्य को प्राप्त करते हुए विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बैठक में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक ने 'विकसित कृषि @2047:उत्तर प्रदेश कार्ययोजना' पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें जलवायु समावेशी विकास, कृषि विविधीकरण, संसाधन आधारित नियोजन, विज्ञान आधारित कृषि, मूल्य श्रृंखला सुदृढ़ीकरण तथा संपूर्ण शासन तंत्र के समन्वित दृष्टिकोण को विकसित कृषि का आधार बताया गया। बताया गया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश की कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था लगभग 7.41 ट्रिलियन रुपये की है, जिसे वर्ष 2047 तक कृषि विविधीकरण एवं उच्च उत्पादकता आधारित रणनीति के माध्यम से बढ़ाकर 96.96 ट्रिलियन रुपये तक पहुंचाया जाना चाहिए। इसके लिए वास्तविक कृषि वृद्धि दर को 3.19 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.41 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। कार्ययोजना के अनुसार वर्ष 2047 तक कृषि विकास का आधार केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि उत्पादकता, किसानों की आय, मूल्य संवर्धन तथा निर्यात क्षमता में समग्र वृद्धि होना चाहिए। इसके लिए प्रत्येक जनपद की कृषि-जलवायु परिस्थितियों एवं बाजार की मांग के अनुरूप कृषि विविधीकरण को व्यापक स्तर पर अपनाया जाना चाहिए। धान एवं गेहूं पर अत्यधिक निर्भरता को कम करते हुए दलहन, तिलहन, मोटे अनाज, मक्का, बागवानी तथा अन्य उच्च मूल्य वाली फसलों का विस्तार किया जाना चाहिए। साथ … Read more

यूपी BJP में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, 19 उपाध्यक्ष और 8 महामंत्री समेत 46 नामों का ऐलान

लखनऊ  यूपी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है. इस टीम में 19 उपाध्यक्ष और 8 महामंत्री बनाए गए हैं. इस टीम में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन का ध्यान रखा गया है. साथ कई महिला चेहरों को भी शामिल किया गया है. इसके अलावा 46 मंत्री, क्षेत्रीय और मोर्चा प्रभारी भी नियुक्त किए गए हैं. प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी अपनी इसी टीम के साथ 2027 के रण में उतरेंगे।  सुरेश राणा, सत्यपाल सैनी, ब्रज बहादुर, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, रमेश सिंह, शंकर गिरी, कामेश्वर सिंह, नीरज सिंह समेत 19 नेताओं को उपाध्यक्ष बनाया गया है. इसमें प्रियंका रावत, अर्चना मिश्रा, पूजा पाल और डॉ. कृतिका अग्रवाल जैसी महिला नेताओं को भी जगह मिली है. रामप्रताप सिंह चौहान, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत, संजय राय, शंकर लोधी, दिलीप पटेल और राजेश चौधरी को महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है. विजय शिवहरे, बसंत त्यागी, शिवभूषण सिंह, अंकुर शर्मा, अनिल यादव समेत 46 नेताओं को मंत्री बनाया गया है।  क्षेत्रीय और मोर्चा प्रभार पश्चिम क्षेत्र की कमान नबाब सिंह नागर, ब्रज क्षेत्र पूरन लाल लोधी, कानपुर क्षेत्र राम किशोर साहू, अवध क्षेत्र अवधेश द्विवेदी, काशी क्षेत्र अशोक चौरसिया और गोरखपुर क्षेत्र विनोद राय को सौंपी गई है. मोर्चों में रोहित मिश्रा युवा मोर्चा, प्रकाश पाल पिछड़ा मोर्चा, देवेन्द्र सिंह किसान मोर्चा, अशोक रावत अनुसूचित मोर्चा, सरोज कुशवाह महिला मोर्चा और विद्याभूषण गोंड अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बने हैं।  दिनेश प्रताप मुख्य प्रवक्ता वहीं दिनेश प्रताप सिंह को मुख्य प्रवक्ता, मनीष दीक्षित को प्रदेश मीडिया संयोजक और हिमांशुराज पंडित को प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।  जातिगत समीकरणों को साधने की बड़ी कोशिश पार्टी के इस नए संगठनात्मक फेरबदल के पीछे उत्तर प्रदेश के जटिल जातिगत समीकरणों और सोशल इंजीनियरिंग को पूरी तरह साधने का एक बड़ा प्रयास साफ दिखाई दे रहा है. विशेष रूप से प्रियंका रावत जैसे चेहरों को आगे बढ़ाकर बीजेपी नेतृत्व ने उन वर्गों पर फोकस किया है जो लंबे वक्त से दलित वर्ग का कुशल नेतृत्व करते आए हैं, जिससे आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी को मजबूत बढ़त मिल सके।  शीर्ष नेतृत्व ने पूर्व में संगठन संभाल रहे संजय राय पर दोबारा बड़ा भरोसा जताते हुए उन्हें फिर से प्रदेश महामंत्री के पद की जिम्मेदारी सौंपी है.उनके साथ ही धाकड़ विधायक राजेश चौधरी को भी नया प्रदेश महामंत्री नियुक्त कर सांगठनिक काम सौंपा गया है।  रोहित मिश्रा को युवा मोर्चा की जिम्मेदारी वहीं, युवाओं को पार्टी की मुख्यधारा से जोड़ने और आगामी रणनीति को धार देने के लिए रोहित मिश्रा को युवा मोर्चा का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, ताकि युवाओं के साथ-साथ सभी जातिगत समीकरणों को मैदानी स्तर पर पूरी तरह साधा जा सके।  यहां पर देखें पूरी लिस्ट क्रम संख्या नाम पद / क्षेत्र / मोर्चा 1 सुरेश राणा उपाध्यक्ष 2 सत्यपाल सैनी उपाध्यक्ष 3 ब्रज बहादुर उपाध्यक्ष 4 डॉ. धर्मेंद्र सिंह उपाध्यक्ष 5 मोहित बेनीवाल उपाध्यक्ष 6 देवेश कोरी उपाध्यक्ष 7 प्रियंका रावत उपाध्यक्ष 8 दुर्विजय शाक्य उपाध्यक्ष 9 रमेश सिंह उपाध्यक्ष 10 नीरज सिंह उपाध्यक्ष 11 अर्चना मिश्रा उपाध्यक्ष 12 पूजा पाल उपाध्यक्ष 13 शंकर गिरी उपाध्यक्ष 14 कामेश्वर सिंह उपाध्यक्ष 15 डॉ कृतिका अग्रवाल उपाध्यक्ष 16 सुरेश मौर्य उपाध्यक्ष 17 राजेश यादव उपाध्यक्ष 18 कृष्ण बिहारी राय उपाध्यक्ष 19 आलोक गुप्ता उपाध्यक्ष 20 रामप्रताप सिंह चौहान महामंत्री 21 गीता शाक्य महामंत्री 22 अभिजात मिश्रा महामंत्री 23 उपेंद्र रावत महामंत्री 24 संजय राय महामंत्री 25 शंकर लोधी महामंत्री 26 दिलीप पटेल महामंत्री 27 राजेश चौधरी महामंत्री 28 विजय शिवहरे मंत्री 29 बसंत त्यागी मंत्री 30 शिवभूषण सिंह मंत्री 31 सहजानंद राय मंत्री 32 अंकुर शर्मा मंत्री 33 अनिल यादव मंत्री 34 अवधेश श्रीवास्तव मंत्री 35 विजय राजभर मंत्री 36 प्रमेन्द्र जांगड़ा विश्वकर्मा मंत्री 37 किरण लोधी निषाद मंत्री 38 राकेश बिंद मंत्री 39 संचिता सिंह चौहान (लुनिया) मंत्री 40 रजनी पांडेय मंत्री 41 राहुल वाल्मीकि मंत्री 42 महामेधा नागर मंत्री 43 दीपमाला संतोषी मंत्री 44 सुहासिनी जायसवाल मंत्री 45 यतेंद्र शर्मा मंत्री 46 आकांक्षा सोनकर मंत्री 47 नबाब सिंह नागर क्षेत्रीय अध्यक्ष (पश्चिम) 48 पूरन लाल लोधी क्षेत्रीय अध्यक्ष (ब्रज) 49 राम किशोर साहू क्षेत्रीय अध्यक्ष (कानपुर) 50 अवधेश द्विवेदी क्षेत्रीय अध्यक्ष (अवध) 51 अशोक चौरसिया क्षेत्रीय अध्यक्ष (काशी) 52 विनोद राय क्षेत्रीय अध्यक्ष (गोरखपुर) 53 भारत दीक्षित कार्यालय मंत्री 54 अतुल अवस्थी कार्यालय सह-मंत्री 55 लक्ष्मण सिंह कार्यालय सह-मंत्री 56 दिनेश प्रताप सिंह मुख्य प्रवक्ता 57 मनीष दीक्षित प्रदेश मीडिया संयोजक 58 हिमांशु राज पंडित प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक 59 रोहित मिश्रा प्रदेश अध्यक्ष (युवा मोर्चा) 60 प्रकाश पाल प्रदेश अध्यक्ष (पिछड़ा मोर्चा) 61 देवेन्द्र सिंह प्रदेश अध्यक्ष (किसान मोर्चा) 62 अशोक रावत प्रदेश अध्यक्ष (अनुसूचित मोर्चा) 63 सरोज कुशवाह प्रदेश अध्यक्ष (महिला मोर्चा) 64 विद्याभूषण गोंड प्रदेश अध्यक्ष (अनुसूचित जनजाति मोर्चा)

राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश नाकाम! संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, पाकिस्तानी नंबरों से संपर्क का खुलासा

अयोध्या  एनआईए और एटीएस ने अयोध्या के राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश भंड़ाफोड़ किया है। यूपी के संदिग्ध आतंकी को कर्नाटक के दावणगेरे से गिरफ्तार किया है। संदिग्ध आतंकी ने अयोध्या में राम मंदिर को निशाना बनाने की साजिश कबूली है। आरोपी के मोबाइल फोन से पाकिस्तान के नंबर, कुछ संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप और हथियारों के साथ लिए गए फोटो मिले हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज करके पूछताछ शुरू की गई है। आरोपी के संबंध में यूपी सरकार को भी सूचना भेजी गई है। इसके बाद सहारनपुर में भी छानबीन शुरू की गई है। इससे पहले दिनभर चर्चा रही कि आरोपी शाहजहांपुर का निवासी है। वहां भी कई टीमें दिनभर छानबीन में लगी रहीं। कर्नाटक के दावणगेरे जिले के हरिहर में एनआईए, एटीएस और पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के गंगोह थाना क्षेत्र के लखनौती गांव के सुहैल को  गिरफ्तार किया। सुहैल फिलहाल हरिहर के पास औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्री में पेंटर के रूप में काम कर रहा था और सामान्य मजदूर की तरह रहकर अपनी पहचान छिपाए हुए था। आरोपी से एटीएस और पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो उसने खुलासा किया कि अयोध्या के राम मंदिर में बम विस्फोट करने की साजिश कर रहे थे। 20 साल के सुहैल के मोबाइल की जांच के दौरान पाकिस्तान का एक नंबर सेव मिला है, जिन्हें राणा बॉय के नाम से सुरक्षित किया गया था। इन नंबरों पर व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से बातचीत की पुष्टि हुई है। आरोपी के मोबाइल गैलरी में हथियारों के साथ खिचवाए गए कुछ फोटो भी मिले हैं, जिन्हें जांच के लिए सुरक्षित किया गया है। सहारनपुर के एसपी ग्रामीण मयंक पाठक ने बताया कि बुधवार शाम कर्नाटक से थाना गंगोह एक फोन कॉल आई थी। कॉल करने वाले अधिकारी ने बताया कि सहारनपुर निवासी सुहेल के संबंध में एक ई-मेल भेजी गई है और उसे कर्नाटक में गिरफ्तार किया गया है। मामले में विस्तृत जानकारी मिलने पर जांच-पड़ताल की जाएगी। सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि किसी एजेंसी की ओर से सहयोग मांगा जाता है तो स्थानीय पुलिस आवश्यक कार्रवाई करेगी। ऐसे बनाई धमाकों की साजिश सुहैल ने खुलासा किया कि उसके साथ कई अन्य लोग भी साजिश में शामिल हैं। इन सभी लोगों को पाकिस्तान से ही निर्देश मिल रहे थे और अयोध्या के राम मंदिर में धमाकों की साजिश की जा रही थी। पता किया जा रहा है कि सुहैल के अलावा अन्य कौन कौन इस साजिश में शामिल है। माना जा रहा है कि स्लीपर सेल का इस्तेमाल इस काम के लिए किया जा रहा है। आरोपी के मोबाइल की जांच में ये भी खुलासा हुआ कि वह मैमन जट और राणा भाई संगठन का सक्रिय सदस्य है। दावणगेरे के पुलिस अधीक्षक शेखर एच. टेक्कनवार ने बताया कि आरोपी सुहैल व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी मूल के व्यक्तियों के संपर्क में था। ये भी बताया कि इससे पहले चार जून को भी तुमकुरु और दावणगेरे जिलों से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जो पाकिस्तानी मूल के संदिग्ध आरोपियों के संपर्क में थे। एडीजी भानु भास्कर के अनुसार कर्नाटक पुलिस ने एक संदिग्ध आतंकी सुहेल की गिरफ्तारी की सूचना भेजी है। सूचना के बाद यूपी एटीएस और एसटीएफ इस प्रकरण में स्थानीय स्तर पर कार्रवाई में लगी है। युवक के गांव और उससे संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।

PMO ने मांगा राम मंदिर चंदे का ब्योरा, ट्रस्ट ने कहा- मामला जांच के दायरे में

अयोध्या अयोध्या के राम मंदिर में दान और चढ़ावे में हेराफेरी व चोरी मामले अब नया खुलासा हुआ है.  श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से जिला प्रशासन को संदर्भित पत्र पर एसआइटी जांच का हवाला देते हुए वित्तीय जानकारी देने से इन्कार कर दिया है।  प्रधानमंत्री कार्यालय ने अयोध्या के स्थानीय बीजेपी नेता रजनीश सिंह के द्वारा लिखे गए पत्र पर जब जिला प्रशासन ने राममंदिर ट्रस्ट से आय-व्यय, दान, बैंक खातों, जमीन के लेन-देन और संपत्ति के बारे में जानकारी मांगी तो  जांच का हवाला देकर ट्रस्ट ने आए हुए संपत्ति का विवरण देने से मना कर दिया।  बीजेपी नेता रजनीश सिंह ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन चंदा चढ़ना और जमीन खरीद फरोख्त में गड़बड़ियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था. रजनीश सिंह ने पीएमओ से मांग की थी कि मंदिर ट्रस्ट को निर्देश दिया जाए कि वह अब तक के वित्तीय लेनदेन और संपत्ति की जानकारी सार्वजनिक करे।   बीजेपी नेता ने पीएमओ से की शिकायत राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर बीजेपी के स्थानीय नेता डा. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री कार्यलय को दो बार पत्र लिखा. रजनीश सिंह ने पहली बार नौ जून को प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखा था।  उन्होंने मांग की थी कि मंदिर ट्रस्ट को निर्देश दिया जाए कि वह अपनी शुरुआत से लेकर अब तक के वित्तीय लेनदेन और संपत्ति की पूरी जानकारी सार्वजनिक करे. इसके बाद दूसरी बार उन्होंने 12 जून को एक और पत्र लिखकर राम मंदिर के चढ़ावा को सार्वजनिक करने की मांगी की. 13 जून को एसआईटी गठित कर दी गई थी।  पीएमओ ने मांगा ट्रस्ट के चंदे का हिसाब बीजेपी नेता के पत्र को संज्ञान में लेते हुए प्रधानमंत्री कार्यलय (पीएमओ) ने जिला प्रशासन को संदर्भित किया.  पीएमओ को मिली शिकायत के लिए अयोध्या जिला प्रशासन को भेजा गया था. जिला प्रशासन ने इस मामले को लेकर श्रीराम मंदिर ट्रस्ट से संपर्क किया।   सूत्रों की मुताबिक 23 जून को अयोध्या के एडीएम (प्रशासन) विशु राजा को लिखे एक पत्र में एडीएम (कानून-व्यवस्था) इंद्रकांत द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने पीएमओ द्वारा शिकायत में मांगी गई जानकारी के लिए राम मंदिर ट्रस्ट के चंपतराय से संपर्क किया था।  चंपत राय ने नहीं दिया चंदे का हिसाब  अयोध्या एडीएम (कानून-व्यवस्था) इंद्रकांत द्विवेदी के मुताबिक चंपत राय ने यह कहकर कुछ भी जानकारी देने से मना कर दिया कि फिलहाल एसआईटी जांच चल रही है  और जांच पैनल सभी जरूरी रिकार्ड और जानकारी इकट्ठा कर रहा है.  इसीलिए अभी मांगी गई जानकारी नहीं दी जा सकती।  पीएमओ को बीजेपीके  नेता रजनीश सिंह के द्वारा भेजी गई शिकायत में कई जानकारियों को सार्वजनिक करने की मांग की गई थी. इनमें 'समर्पण निधि' अभियान के जरिए इकट्ठा किए गए कोष, अलग-अलग तरीकों से मिले दान, सोना, चांदी और गहनों के रूप में मिले योगदान, बैंक खाते और वित्तीय लेन-देन, जमीन की खरीद-बिक्री, मंदिर निर्माण और प्रशासन पर खर्च, और आडिट व निरीक्षण रिपोर्ट शामिल हैं।   

बेंगलुरु रोड शो में चमका यूपी मॉडल, उद्योग जगत ने योगी सरकार की नीतियों को सराहा

बेंगलुरु/लखनऊ  कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में आयोजित उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग-2026 के इंडस्ट्री लीडर्स रोड शो में देश-विदेश की बड़ी कंपनियों के अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश को निवेश और औद्योगिक विकास के लिए उभरता हुआ राज्य बताया है। कार्यक्रम के दौरान एम्बेसी ग्रुप, आईबीएम और कॉग्निजेंट के वरिष्ठ अधिकारियों ने योगी सरकार की नीतियों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और सुशासन के क्षेत्र में तेज प्रगति की है। बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत कनेक्टिविटी और उद्योग अनुकूल नीतियों के कारण आज उत्तर प्रदेश देश-विदेश के निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य बनता जा रहा है। उत्तर प्रदेश भारत की विकास गाथा का केंद्र : अमित शेट्टी एम्बेसी ग्रुप के सीईओ अमित शेट्टी ने उत्तर प्रदेश को भारत की सबसे महत्वपूर्ण विकास गाथाओं में से एक बताया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल एक बड़ा राज्य नहीं, बल्कि व्यापकता, महत्वाकांक्षा, प्रतिभा, उद्यमशीलता और नए भारत की उभरती आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारत आर्थिक विस्तार के अगले चरण में आगे बढ़ रहा है, उत्तर प्रदेश यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा कि निवेश कहां आएगा, रोजगार कहां सृजित होंगे और भविष्य के बिजनेस डिस्ट्रिक्ट कहां विकसित होंगे।  अमित शेट्टी ने कहा कि भारत की विकास गाथा अब केवल कुछ महानगरों तक सीमित नहीं है। यह नए कॉरिडोर, नए शहरों और नए उद्यम केंद्रों तक विस्तार कर रही है। ऐसे में उत्तर प्रदेश निवेश की अगली बड़ी मंजिल बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और लखनऊ तेजी से निवेश के प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहे हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा पहले ही एनसीआर के भीतर महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी और बिजनेस हब बन चुके हैं। मजबूत एक्सप्रेसवे, मेट्रो कनेक्टिविटी, दिल्ली की निकटता और जेवर एयरपोर्ट इस क्षेत्र को और अधिक आकर्षक बना रहे हैं। अमित शेट्टी ने लखनऊ को लेकर कहा कि यह शहर अब केवल अपनी संस्कृति और प्रशासनिक पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि एक आधुनिक शहरी आर्थिक केंद्र के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, संगठित रिटेल, बढ़ती सर्विस इकोनॉमी और मजबूत टैलेंट बेस ने लखनऊ को नई पहचान दी है। योगी सरकार ने बनाया निवेशकों के लिए भरोसेमंद माहौल : तेजस्विनी राजवाड़े आईबीएम इंडिया और साउथ एशिया की सीएफओ तेजस्विनी राजवाड़े ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में व्यावसायिक माहौल में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य निवेशकों के लिए बेहद भरोसेमंद गंतव्य बन गया है। तेजस्विनी राजवाड़े ने कहा कि निवेश मित्र, सेक्टर-विशिष्ट नीतियां और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के प्रति योगी सरकार की प्रतिबद्धता ने यह साबित किया है कि उत्तर प्रदेश वैश्विक स्तर का निवेश इकोसिस्टम तैयार करने के लिए पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर, इंडस्ट्रियल पार्क और कनेक्टिविटी में किए गए निवेश भविष्य के उद्योगों के लिए मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं। तेजस्विनी राजवाड़े ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत इसकी युवा आबादी और प्रतिभाशाली मानव संसाधन है। राज्य में युवाओं, इंजीनियर्स और स्नातकों की विशाल संख्या इसे टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का अग्रणी केंद्र बनने की क्षमता देती है। तेजस्विनी ने कहा कि आईबीएम के लिए सबसे उत्साहजनक बात यह है कि उत्तर प्रदेश केवल तकनीक को अपनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नई तकनीकों को आकार देने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सुरक्षा, विकास और सुशासन पर दिया गया जोर निवेशकों के बीच भरोसे और विश्वास की मजबूत नींव बना रहा है।  तेजस्विनी राजवाड़े ने बताया कि इस वर्ष की शुरुआत में आईबीएम ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ साझेदारी में लखनऊ में एआई गवर्नमेंट टेक्नोलॉजी इनोवेशन सेंटर लॉन्च किया। इस पहल को आगे बढ़ाते हुए आईबीएम ने लखनऊ में एक नई सॉफ्टवेयर लैब स्थापित करने की घोषणा भी की है। यह लैब जनरेटिव एआई और ऑथेंटिक एआई तकनीकों पर केंद्रित होगी। उन्होंने कहा कि यह सुविधा आईबीएम के वैश्विक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इकोसिस्टम का हिस्सा बनेगी और अगली पीढ़ी के एआई समाधान विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। योगी सरकार की नीतियां निवेशकों के लिए बेहद सकारात्मकः गौरव हाजरा कॉग्निजेंट के वाइस प्रेसिडेंट गौरव हाजरा ने कहा कि उत्तर प्रदेश और एनसीआर क्षेत्र आज प्रतिभा, इंफ्रास्ट्रक्चर और बिजनेस ऑपरेशंस के लिए तेजी से प्रतिस्पर्धी केंद्र बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश में कॉग्निजेंट ने 2015 में अपने संचालन की शुरुआत की थी। आज केवल नोएडा में कंपनी के 10,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि एनसीआर के अन्य हिस्सों में भी लगभग 10,000 कर्मचारी हैं। गौरव हाजरा ने कहा कि योगी सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियां निवेशकों के लिए बेहद सकारात्मक संकेत दे रहीं हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, सिंगल विंडो सिस्टम और निवेश मित्र जैसे प्लेटफॉर्म्स ने निवेश प्रक्रिया को काफी सरल बनाया है। गौरव हाजरा ने जीसीसी नीति की विशेष रूप से सराहना करते हुए कहा कि 25 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी, ऑपरेशनल एक्सपेंडिचर सपोर्ट और बड़े निवेशकों के लिए लचीली संरचना जैसी नीतियां उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए बेहद आकर्षक बनाती हैं। उन्होंने लखनऊ में एआई सिटी और एआई प्रज्ञा जैसी पहलों को समयानुकूल बताते हुए कहा कि ये कदम उत्तर प्रदेश को एआई आधारित अर्थव्यवस्था में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।

चयनित अभ्यर्थियों को कृषि मंत्री, कृषि राज्यमंत्री व अधिकारियों ने दीं शुभकामनाएं

     लखनऊ योगी सरकार में युवाओं को सरकारी सेवा के अपने सपने को पूरा करने का फिर अवसर मिला। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी पद पर 3446 अभ्यर्थियों को चयनित किया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 13 जुलाई 2025 को इसकी लिखित परीक्षा कराई थी। मंगलवार (23 जून) को परिणाम घोषित किया गया। कृषि निदेशक रिक्त पदों के अनुरूप जनपदों में इन अभ्यर्थियों को नियुक्त करेंगे।  चयनित अभ्यर्थियों को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि सामान्य वर्ग के 1813, अनुसूचित जाति के 509, अनुसूचित जनजाति के 151, अन्य पिछड़ा वर्ग के 629, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर 344 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने भी सफल अभ्यर्थियों को बधाई दी। किसानों की आय बढ़ाने में मिलेगी मदद कृषि सचिव इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि यह भर्ती बहुत समय से प्रतीक्षित थी। अब कृषि विभाग का फील्ड स्तर पर काम और बेहतर हो पाएगा। इससे एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में विभाग प्रदेश सरकार को अहम सहयोग दे पाएगा। साथ ही किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। चयनित अभ्यर्थियों को प्रमुख सचिव (कृषि) रविंद्र, कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी आदि ने भी शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गूगल क्लाउड के सीटीओ तरुण पंत और उनकी टीम के साथ की महत्वपूर्ण बैठक

बेंगलुरु/लखनऊ  विकसित उत्तर प्रदेश के विजन को वैश्विक टेक्नोलॉजी और निवेश जगत के साथ जोड़ने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेंगलुरु दौरे के दौरान गूगल क्लाउड के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर-सीटीओ) तरुण पंत और उनकी टीम के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। राउंड टेबल बैठकों और रोड शो से पहले आयोजित इस संवाद में मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने, किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने, स्टार्टअप संस्कृति को मजबूत करने तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को नई टेक्नोलॉजी से जोड़ने संबंधी राज्य सरकार के विजन को विस्तार से साझा किया। बैठक के दौरान सीटीओ तरुण पंत और गूगल टीम के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), क्लाउड टेक्नोलॉजी, डिजिटल गवर्नेंस और डेटा आधारित समाधानों के माध्यम से विकास कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने गूगल की टीम के साथ इस बात पर भी विचार-विमर्श किया कि टेक्नोलॉजी के माध्यम से सरकारी सेवाओं की पहुंच और प्रभावशीलता को कैसे बढ़ाया जा सकता है। किसानों, युवाओं, स्टार्टअप्स, एमएसएमई क्षेत्र और आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए नवाचार आधारित समाधानों पर भी चर्चा हुई। गूगल टीम के प्रतिनिधियों ने बैठक को अत्यंत सकारात्मक और सार्थक बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के विकास का स्पष्ट और दूरदर्शी रोडमैप साझा किया। उन्होंने किसानों, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और युवाओं के लिए निर्धारित लक्ष्यों एवं प्राथमिकताओं की जानकारी दी तथा यह भी चर्चा की कि एआई और आधुनिक टेक्नोलॉजी के माध्यम से इन लक्ष्यों को और तेजी से कैसे हासिल किया जा सकता है। गूगल इंडिया की ओर से कहा गया कि कंपनी भारत के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर इन लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के अवसर को लेकर उत्साहित है। वैश्विक निवेशकों के साथ भी हुआ व्यापक संवाद इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेंगलुरु में देश और दुनिया की अग्रणी निवेश एवं टेक्नोलॉजी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ भी विशेष संवाद किया। इनमें वेस्टब्रिज कैपिटल के मैनेजिंग पार्टनर संदीप सिंघल, एक्सेल पार्टनर्स के प्रशांत प्रकाश, इनमोबी के संस्थापक पीयूष शाह, यूलू के संस्थापक अमित गुप्ता, एनवीडिया दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक विशाल धूपर, सर्वानएआई के प्रतिनिधि तथा ब्लैकस्टोन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। बैठक में उत्तर प्रदेश में निवेश, टेक्नोलॉजी, नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप इकोसिस्टम और रोजगार सृजन की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कानून-व्यवस्था और निवेशक-अनुकूल वातावरण की सराहना करते हुए राज्य को भविष्य के विकास का प्रमुख केंद्र बताया। निवेश और नवाचार के नए केंद्र के रूप में उभर रहा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश लगातार निवेश, नवाचार और टेक्नोलॉजी आधारित विकास का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक गलियारों, डिजिटल सेवाओं और निवेशक-अनुकूल नीतियों ने राज्य को देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में शामिल कर दिया है। बेंगलुरु में गूगल और वैश्विक निवेशकों के साथ हुए संवाद ने यह संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश अब टेक्नोलॉजी, एआई, स्टार्टअप, निवेश और रोजगार सृजन का राष्ट्रीय केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

बेंगलुरु में “उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग 2026” के तहत रोडशो में बिजनेस लीडर्स को संबोधित किया सीएम योगी ने

बेंगलुरु मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत के लिए सेफ्टी, स्टेबिलिटी व स्पीड का थ्री-एस मॉडल बन चुका है। उद्योग के लिए ये तीनों आयाम सबसे महत्वपूर्ण हैं। सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर, बेमिसाल कनेक्टिविटी, पारदर्शी प्रशासन और संस्थाओं का बेहतर नेटवर्क नए उत्तर प्रदेश की पहचान है। स्किल्ड टैलेंट, टेक्नोलॉजी और इन्वेस्टमेंट-फ्रेंडली पॉलिसी, कुल मिलाकर एक संपूर्ण इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम आज नए भारत के नए यूपी में मौजूद है। मुख्यमंत्री बुधवार को बेंगलुरु में “उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग 2026”  के तहत रोडशो में बिजनेस लीडर्स को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूरा दिन सभी इन्वेस्टर्स और अलग-अलग सेक्टर के इंडस्ट्री लीडर्स के साथ संवाद करने का अवसर मिला। हमने देखा कि कैसे बेंगलुरु एक गार्डन सिटी से विकसित होकर ग्लोबल टेक्नोलॉजी पावरहाउस बना। बेंगलुरु की ग्रोथ स्टोरी आपने देखी-सुनी है। नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की जो कहानी आप यहां सुन रहे हैं, उसे आप उत्तर प्रदेश में जाकर स्वयं महसूस करेंगे, मैं आपको इसके लिए आमंत्रित करने आया हूं। पीएम मोदी के नेतृत्व में बने विकास के नए प्रतिमान सीएम ने कहा कि हमें गर्व है कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने विकास के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ गंतव्य के रूप में स्थापित किया है। और, पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश को इस ग्रोथ स्टोरी में सहभागी बनने का सौभाग्य मिला है। पहले यूपी की छवि बहुत अच्छी नहीं थी। बिगड़ी कानून व्यवस्था, पॉलिसी पैरालिसिस, गवर्नेंस का अभाव और 'बीमारू राज्य' की पहचान थी हमारी। पलायन नियति बन चुका था। कृषि व एमएसएमई से लोगों का नाता टूट चुका था। यूपी में वह सब मिलेगा, जिसकी भारत को अपेक्षा मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में अब वह सब मिलेगा, जिसकी भारत को अपेक्षा है। बेहतर लॉ एंड ऑर्डर, वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर, देश के 60% एक्सप्रेसवे, 16,000 किमी रेल नेटवर्क और 4 लाख किमी सड़क नेटवर्क यूपी के पास है। वाराणसी-हल्दिया राष्ट्रीय जलमार्ग, दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल,  सात शहरों में मेट्रो, ईस्टर्न व वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन, 5 अंतरराष्ट्रीय व 11 घरेलू एयरपोर्ट के रूप में बेमिसाल कनेक्टिविटी यूपी की पहचान है। 5 नए एयरपोर्ट पर सरकार काम कर रही है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गत 15 जून से कमर्शियल फ्लाइट शुरू हो चुकी हैं। स्थिरता व सुरक्षा से बने टॉप-3 अर्थव्यवस्था सीएम ने कहा कि स्थिरता व सुरक्षा का परिणाम है कि यूपी अब बीमारू राज्य से निकलकर देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्था बन चुका है। पिछले 6 साल से हम रेवेन्यू सरप्लस स्टेट हैं। 9 साल में अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना हुई। हमारे पास 36 सेक्टरल पॉलिसीज के साथ 75,000 एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध है। एक्सप्रेसवे के किनारे 27 स्थानों पर इंडस्ट्रियल व लॉजिस्टिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। बीडा के रूप में सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल सिटी विकसित हो रहा है। निवेशकों को मिलेगा स्किल्ड मैनपावर निवेशकों को स्किल्ड मैनपावर के प्रति आश्वस्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी हर साल 2 लाख स्टेम (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग एंड मैथ) ग्रेजुएट्स तैयार करता है। 2 आईआईटी, एक आईआईएम, तीन स्टेट टेक्निकल यूनिवर्सिटी और तकनीकी-व्यावसायिक शिक्षा का बड़ा नेटवर्क युवाओं को हर क्षेत्र में दक्ष बना रहा है। हम उद्योग की जरूरत के अनुसार इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में स्किल्ड मैनपावर तैयार कर रहे हैं। कृषि व उद्योग क्षेत्र में जबरदस्त सफलता कृषि व एमएसएमई क्षेत्र की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 साल में हमारी कृषि ग्रोथ रेट 8% से बढ़कर 18% हुई। पांच कृषि विश्वविद्यालयों व 89  किसान विकास केंद्रों के माध्यम से किसानों को ट्रेनिंग व मार्केट से जोड़ा गया है। यूपी के पास देश में सर्वाधिक 86% सिंचित कृषि भूमि है। राज्य में 96 लाख एमएसएमई यूनिट संचालित हैं, जिन्हें ओडीओपी (एक जिला-एक उत्पाद) योजना से जबरदस्त प्रोत्साहन मिला है। इस योजना के माध्यम से हर जिले का एक विशिष्ट उत्पाद ब्रांड बना है। पिछले 9 साल में 18,000 से अधिक बड़े औद्योगिक संस्थान यूपी में स्थापित किए गए। 9 साल पहले राज्य में मात्र 14,000 बड़े कारखाने थे, जिनकी संख्या आज 33,000 से अधिक हो चुकी है। निवेशकों को मिलेगी सुरक्षा, सुविधा व नीतिगत स्थिरता मुख्यमंत्री ने बिजनेस लीडर्स को आश्वस्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार हर निवेशक को सुरक्षा, सिंगल विंडो सुविधा और नीतिगत स्थिरता देगी। यूपी के बारे में आपने जो संभावनाएं सुनी हैं, उन्हें आप अपने निवेश से स्वयं महसूस करेंगे। मुझे विश्वास है कि आप सब यूपी की ग्रोथ स्टोरी में सहभागी बनकर विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री ने रोडशो में उपस्थित सभी इंडस्ट्री लीडर्स व सीईओज का आभार भी प्रकट किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कमिश्नर दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव (उद्योग) आलोक कुमार, प्रमुख सचिव (आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स) आलोक कुमार, यीडा के सीईओ आर.के. सिंह तथा उद्योग जगत के लीडर्स व सीईओज उपस्थित थे।

जीसीसी, टेक्नोलॉजी, रियल एस्टेट, स्टार्टअप और मानव संसाधन क्षेत्र के दिग्गजों ने योगी सरकार की नीतियों पर जताया भरोसा

बेंगलुरु/लखनऊ  देश की टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप राजधानी बेंगलुरु में उत्तर प्रदेश की विकास गाथा और निवेश संभावनाओं की गूंज सुनाई दी। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), टेक्नोलॉजी, इंश्योरेंस, रियल एस्टेट, स्टार्टअप और मानव संसाधन क्षेत्र से जुड़े उद्योग जगत के दिग्गजों ने उत्तर प्रदेश को निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन का सबसे संभावनाशील गंतव्य बताया। उद्योग प्रतिनिधियों का मानना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कानून-व्यवस्था, निवेशक के अनुकूल नीतियों और तेज़ी से विकसित हो रही कनेक्टिविटी ने उत्तर प्रदेश को नई अर्थव्यवस्था, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटरों और वैश्विक निवेश का उभरता केंद्र बना दिया है। बेंगलुरु में आयोजित निवेशक संवाद के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश में उपलब्ध अवसरों, निवेश माहौल और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। निवेशकों ने राज्य को टेक्नोलॉजी, विनिर्माण, सेवा क्षेत्र, स्टार्टअप और रोजगार सृजन के लिए देश के सबसे आकर्षक गंतव्यों में से एक बताया। जीसीसी क्षेत्र में नया मानक स्थापित कर सकता है उत्तर प्रदेश ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) उद्योग विशेषज्ञ और एआई रणनीतिकार अनिल पद्मनाभन ने कहा कि उत्तर प्रदेश की मजबूत शासन व्यवस्था, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश समर्थक वातावरण इसे जीसीसी क्षेत्र के लिए आदर्श गंतव्य बनाता है। उन्होंने कहा कि सरकार की सक्रिय कार्यशैली और उद्योग जगत के साथ निरंतर संवाद राज्य को नई पहचान दे रहा है। उनके अनुसार भारत में जीसीसी स्थापित करने की योजना बनाने वाली कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश का मूल्यांकन करना अनिवार्य होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने वैश्विक ग्राहकों को उत्तर प्रदेश में निवेश और जीसीसी स्थापित करने के लिए प्रेरित करेंगे। नोएडा-जेवर-लखनऊ कॉरिडोर पर निवेशकों की बढ़ती रुचि सत्त्व ग्रुप के डायरेक्टर कॉरपोरेट अफेयर्स पी.के. मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निवेश के लिए देश के सबसे आकर्षक राज्यों में शामिल हो चुका है। उन्होंने विशेष रूप से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में देश के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक और औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में उभरेगा। उनके अनुसार नियामकीय पारदर्शिता, प्रशासनिक दक्षता और बेहतर कार्यसंस्कृति ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। रोजगार सृजन को मिलेगी नई रफ्तार वैश्विक इंश्योरेंस ब्रोकिंग कंपनी एऑन (एओएन) की निदेशक शेरिन जॉन ने कहा कि उनकी कंपनी नोएडा स्थित अपने कार्यालय का विस्तार कर रही है और 600 से 1000 अतिरिक्त कर्मचारियों को जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उद्योगों, बाजारों और इंफ्रास्ट्रक्चर तक आसान पहुंच उत्तर प्रदेश को कॉरपोरेट विस्तार के लिए आदर्श स्थान बनाती है। एऑन की विस्तार योजना यह संकेत देती है कि राज्य में उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार अवसरों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वहीं टीमलीज सर्विसेज लिमिटेड की प्रबंध निदेशक अपर्णा मित्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उपलब्ध विशाल प्रतिभा, तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के बढ़ते अवसर इसे नई अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश करने के लिए इससे बेहतर समय नहीं हो सकता। स्टार्टअप और नवाचार को मिल रहा नया आधार आविष्कार समूह और इंटेलीकैप की प्रतिनिधि सायना देनुगरा ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों और उद्यमियों के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण तैयार किया है। राज्य में नए व्यवसायों को बढ़ावा देने, विकासात्मक पूंजी को आकर्षित करने और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी संस्थाएं कृषि, खाद्य प्रणाली और ऊर्जा परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि लखनऊ सहित राज्य के कई शहर भविष्य में टेक्नोलॉजी और नवाचार आधारित स्टार्टअप इकोसिस्टम के प्रमुख केंद्र बनेंगे। उनके अनुसार देश के पारंपरिक कारोबारी केंद्रों पर बढ़ते दबाव के बीच उत्तर प्रदेश नई प्रतिभा, नई पूंजी और नए उद्यमों के लिए सबसे मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है। निवेश की संभावनाओं पर भरोसा जताया टीई कनेक्टिविटी की प्रतिनिधि सुनीता ने भी उत्तर प्रदेश में उभरती निवेश संभावनाओं पर भरोसा जताया। उन्होंने बताया कि कंपनी वैश्विक स्तर पर कनेक्टिविटी उत्पादों, डेटा विश्लेषण, ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए कनेक्टर्स और सेंसर के विकास में कार्यरत है तथा बेंगलुरु स्थित उसके ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर में करीब 1,400 कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी भविष्य में अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटरों के विस्तार पर विचार कर रही है और इस क्रम में विभिन्न विकल्पों का मूल्यांकन किया जा रहा है। सुनीता ने कहा कि उत्तर प्रदेश बुनियादी ढांचे में तेजी से निवेश कर रहा है और अन्य अग्रणी राज्यों के सफल मॉडलों से सीखते हुए आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार निवेशकों के लिए उत्तर प्रदेश वर्तमान समय में एक शानदार अवसर प्रदान करता है और राज्य के विकास की गति भविष्य के निवेश के लिए सकारात्मक संकेत देती है।

हर जनपद में विशेष टीम गठित कर व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाया जाए: मुख्यमंत्री

लखनऊ की दुर्भाग्यपूर्ण घटना प्रदेश के लिए बड़ा सबक, फायर सेफ्टी मानकों से कोई समझौता नहीं: मुख्यमंत्री हर जनपद में विशेष टीम गठित कर व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाया जाए: मुख्यमंत्री पहले जागरूकता, फिर कार्रवाई; अभियान के नाम पर किसी नागरिक का उत्पीड़न न हो: मुख्यमंत्री जो भवन जिस गतिविधि के लिए अनुमन्य, वहां वही गतिविधि होगी, बेसमेंट में कोचिंग/नर्सिंग होम स्वीकार नहीं: मुख्यमंत्री आपातकालीन सेवाओं को रिस्पॉन्स टाइम और कम करने के लिए उठाने होंगे ठोस कदम: मुख्यमंत्री वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विशेष बैठक कर मुख्यमंत्री ने की लखनऊ अग्नि दुर्घटना की बिंदुवार समीक्षा लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के अलीगंज में बीते दिनों आग लगने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना को प्रदेश के लिए एक बड़ा सबक बताते हुए कहा कि इस पीड़ादायक घटना से सीख लेते हुए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए शासन, प्रशासन और आमजन को मिलकर अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में मिशन मोड में व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी जनपदों में अस्पतालों, नर्सिंग होमों, मेडिकल कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल, सरकारी भवनों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच कर आवश्यक सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। मंगलवार को शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अभियान पूरी तरह जनहित में संचालित किया जाएगा। पहले व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अभियान के नाम पर किसी भी नागरिक का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में विशेष टीम गठित कर फायर ऑडिट अभियान संचालित किया जाए। सभी कोचिंग संस्थानों का विधिवत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए तथा व्यावसायिक भवनों में अग्निशमन विभाग से प्राप्त अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भवन परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भवन अथवा भूमि का उपयोग उसी उद्देश्य के अनुरूप होना चाहिए, जिसके लिए उसे स्वीकृति प्रदान की गई है। आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन नहीं होना चाहिए तथा निर्धारित उपयोग के विपरीत किसी भी प्रकार की गतिविधि स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में बेसमेंट में कोचिंग अथवा अन्य व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन न होने पाए। यदि बेसमेंट पार्किंग के लिए स्वीकृत है तो उसका उपयोग केवल पार्किंग के लिए ही किया जाए।  मुख्यमंत्री ने व्यावसायिक भवनों के विद्युत भार (लोड) का आकलन कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां विद्युत भार निर्धारित मानकों के विपरीत पाया जाए अथवा अन्य नियमों का उल्लंघन हो रहा हो, वहां तत्काल नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई की जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने बीते दिनों लखनऊ में घटित आग लगने की दुर्घटना के संबंध में अपर मुख्य सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक, महानिदेशक अग्निशमन सेवा, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा एसडीआरएफ के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने घटना की सूचना मिलने के बाद अग्निशमन दल, एम्बुलेंस और एसडीआरएफ की टीमों द्वारा किए गए राहत एवं बचाव कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं का रिस्पॉन्स टाइम जितना कम होगा, संकट की परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य उतने ही प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकेंगे। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को अपने रिस्पॉन्स टाइम को और कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने तथा उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने बैठक में बताया कि घटना की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 14 एम्बुलेंस तत्काल मौके पर भेजी गई थीं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों, सरकारी एवं निजी अस्पतालों तथा अन्य स्वास्थ्य संस्थानों की फायर सेफ्टी ऑडिट प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए। मुख्यमंत्री ने हाल ही में नई दिल्ली में हुई अग्नि दुर्घटना का उल्लेख करते हुए प्रदेश में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अग्निशमन विभाग को और अधिक सक्षम बनाने के लिए जिन आधुनिक उपकरणों, संसाधनों एवं तकनीकी सुविधाओं की आवश्यकता हो, उनकी उपलब्धता में किसी प्रकार का विलम्ब न किया जाए। बैठक में महानिदेशक अग्निशमन सेवा ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश की 350 तहसीलों में से 296 तहसीलों में 326 स्थायी अग्निशमन केंद्र संचालित हैं। 26 नए अग्निशमन केंद्र लोकार्पण के लिए तैयार हैं, जबकि 25 केंद्रों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त 47 नए केंद्रों के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने शेष तहसीलों में भी अग्निशमन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। सभी विभाग समन्वित प्रयासों के साथ कार्य करते हुए प्रदेश में सुरक्षित एवं उत्तरदायी व्यवस्था सुनिश्चित करें।