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‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ की थीम पर उत्तर प्रदेश दिवस-2026 कार्यक्रम का शनिवार से आयोजन

राज्य की विकास यात्रा, संस्कृति और स्वाद का भव्य जनोत्सव होगा 'उत्तर प्रदेश दिवस-2026' ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ की थीम पर उत्तर प्रदेश दिवस-2026 कार्यक्रम का शनिवार से आयोजन फिजी, मॉरीशस, मालदीव, सिंगापुर और थाईलैंड में भी मनाया जाएगा यूपी दिवस, प्रदेशवासियों को किया जाएगा सम्मानित गृह मंत्री अमित शाह करेंगे कार्यक्रम का उद्घाटन, ओडीओसी की प्रदर्शनी होगी मुख्य आकर्षण लखनऊ उत्तर प्रदेश प्रतिवर्ष अपनी स्थापना के गौरवशाली दिन को ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ के रूप में 24 जनवरी को मनाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप, इस वर्ष ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ की थीम पर उत्तर प्रदेश दिवस-2026 के कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय कार्यक्रम 24 से 26 जनवरी तक प्रदेश भर में मनाया जाएगा तथा राज्य की प्रगति यात्रा को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न रहकर जनोत्सव बने, जिसमें प्रदेश के हर नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित हो तथा प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और जीवंत आत्मा के साथ-साथ विकास यात्रा की भी झलक मिले। ऐसे में, इस विशिष्ट आयोजन के माध्यम से प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूती मिलेगी। गृह मंत्री अमित शाह करेंगे यूपी दिवस-2026 का उद्घाटन उत्तर प्रदेश दिवस-2026 का मुख्य समारोह लखनऊ के नवनिर्मित राष्ट्र प्रेरणा स्थल प्रांगण में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में केन्द्र सरकार के गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह करेंगे। देश भर से आमंत्रित गणमान्य अतिथियों के साथ-साथ प्रदेश के जनप्रतिनिधियों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। लखनऊ में मुख्य समारोह के आयोजन के साथ-साथ प्रदेश के सभी जनपदों में स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, विकास प्रदर्शनियां और जनभागीदारी वाले आयोजन किए जाएंगे। वहीं, मुख्य समारोह का दूरदर्शन के माध्यम से पूरे प्रदेश में लाइव प्रसारण किया जाएगा, जिससे प्रदेश का जन-जन यूपी दिवस के इस आयोजन का सहभागी बन सकेगा। ओडीओसी योजना होगी यूपी दिवस का मुख्य आकर्षण इस वर्ष उत्तर प्रदेश दिवस का मुख्य आकर्षण मुख्यमंत्री योगी द्वारा घोषित ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ (ओडीओसी) योजना होगी। ओडीओसी योजना के अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक जनपद के एक पारंपरिक और प्रसिद्ध व्यंजन को चुना गया है। इस विशिष्ट आयोजन में प्रदेश के सभी ओडीओसी व्यंजन एक ही परिसर में उपलब्ध कराए जाएंगे। यह पहल न केवल उत्तर प्रदेश के भोजन की विविधता को प्रदर्शित करेगी, बल्कि स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती प्रदान करेगी। यह यूपी के स्वाद को यूपी की पहचान बनाने का माध्यम बनेगी। साथ ही यूपी दिवस के अवसर पर ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना के अंतर्गत शिल्पकारों के उत्पादों की प्रदर्शनी एवं विक्रय किया जाएगा। इसके अलावा जीआई टैग प्राप्त उत्पादों को भी ट्रेड शो की तर्ज पर प्रदर्शित किया जाएगा। यूपी गौरव 2025-26 सम्मान का किया जाएगा वितरण हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी उत्तर प्रदेश दिवस के समारोह में ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान 2025-26’ का वितरण किया जाएगा। इस वर्ष शिक्षा, साहित्य, कृषि, महिला सशक्तिकरण तथा अंतरिक्ष विज्ञान में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली पांच विभूतियों को यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनपदों को भी पुरस्कृत किया जाएगा। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ (ओडीओसी) योजना की औपचारिक लॉन्चिंग तथा सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन योजना का शुभारंभ करेंगे। विविध प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का होगा आयोजन उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ थीम पर आधारित विशेष प्रदर्शनियों और शिल्प मेलों का आयोजन किया जाएगा। इनमें इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग, कृषि, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की झलक देखने को मिलेगी। लोक, शास्त्रीय एवं समकालीन कला रूपों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। प्रदेश भर में आयोजित संस्कृति उत्सव 2025-26 के कार्यक्रमों को भी इससे जोड़ा जाएगा। प्रत्येक जनपद में आयोजित प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही, मिशन शक्ति, नवाचार तथा ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विशेष प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। इसके अतिरिक्त, प्रदेश में उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवा, उद्यमी, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, कलाकार, खिलाड़ी तथा पंचायती राज, समाज कल्याण, ग्राम्य विकास, कृषि एवं श्रम क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी सम्मानित किया जाएगा। देश की सीमाओं के परे भी होगा यूपी दिवस का आयोजन डबल इंजन सरकार के विजन के अनुसार, इस वर्ष यूपी दिवस-2026 के आयोजन को राज्य और देश की सीमाओं से बाहर भी ले जाया जाएगा। इसके अंतर्गत देश के विभिन्न राज्यों के लोकभवनों में यूपी दिवस-2026 के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही फिजी, मॉरीशस, मालदीव, सिंगापुर और थाईलैंड स्थित भारतीय दूतावासों में भी यूपी दिवस मनाया जाएगा। इन कार्यक्रमों के लिए एमएसएमई और पर्यटन विभाग द्वारा स्मृति-चिह्न उपलब्ध कराए गए हैं, जिनके माध्यम से इन देशों और राज्यों में निवासरत उत्तर प्रदेश के नागरिकों को सम्मानित किया जाएगा। इस क्रम में, प्रदेश सरकार के विभिन्न मंत्री, सांसद और विधायक राज्य के प्रतिनिधि के रूप में इन देशों और राज्यों में उत्तर प्रदेश की संस्कृति और प्रगति से लोगों को परिचित कराएंगे तथा उन्हें प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बनने के लिए आमंत्रित करेंगे। जन-जन की भागीदारी को सुनिश्चित करेगा आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उत्तर प्रदेश दिवस-2026 प्रदेश की संस्कृति, स्वाद, शिल्प और विकास यात्रा को प्रदर्शित करने के साथ-साथ जन-जन की भागीदारी का सबसे बड़ा मंच बने। ऐसे में, यह उत्सव प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राज्य का पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के सहयोग से यूपी दिवस के आयोजन को गरिमापूर्ण, अनुशासित और भव्य बनाने की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर चुका है। यह आयोजन न केवल उत्तर प्रदेश की समृद्ध विरासत का उत्सव होगा, बल्कि ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगा। पूरे प्रदेश में उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा उत्तर प्रदेश दिवस-2026 का यह जनोत्सव प्रदेश की एकता और प्रगति की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति भी रहेगी। … Read more

3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी, दशकों का टूटा रिकॉर्ड

त्रिवेणी के तट पर लगे माघ मेले का बसंत पंचमी स्नान पर्व सकुशल संपन्न 3.56 करोड़  श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी, दशकों का टूटा रिकॉर्ड सरकार एवं प्रशासन की अभूतपूर्व व्यवस्था से श्रद्धालुओं में ऊर्जा का संचार माघ मेले में अब तक 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु लगा चुके हैं पुण्य की डुबकी महाकुंभ 2025 की बसंत पंचमी स्नान पर्व से ज्यादा माघ मेले की बसंत पंचमी में हुआ स्नान पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती सहित सभी प्रमुख संतों ने संगम में लगाई पुण्य की डुबकी कल्पवासी और किन्नर अखाड़े के संतों ने भी किया बसंत पंचमी का स्नान सीएम योगी ने दी श्रद्धालुओं को बधाई, सबकी मनोकामनाएं पूर्ण करने की माँ गंगा से की प्रार्थना प्रयागराज  प्रयागराज में माघ मेले के दौरान बसंत पंचमी स्नान पर्व का आयोजन सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। बसंत पंचमी स्नान पर्व में 3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। सरकार एवं प्रशासन की अभूतपूर्व व्यवस्था से माघ मेले में श्रद्धालुओं का नया रिकॉर्ड बना। ज्ञान की देवी मां सरस्वती की आराधना के महापर्व बसंत पंचमी पर त्रिवेणी में पुण्य स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। माघ मेला अधिकारी ऋषिराज का कहना है कि बसंत पंचमी में पुण्य स्नान के इस आंकड़े ने महाकुंभ 2025 की श्रद्धालुओं की संख्या को भी पीछे छोड़ दिया है। उनका यह भी कहना है कि माघ मेला 2026 में अब तक 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगा चुके हैं। संगम के घाटों पर उमड़ी आस्था की इस लहर से सरकार एवं प्रशासन की अभूतपूर्व व्यवस्था का पता चलता है। शंकराचार्य सहित प्रमुख संतो ने भी किया पुण्य स्नान माघ मेला के चौथे स्नान पर्व  पर कल्पवासियों सहित मेला क्षेत्र में साधना रत सभी प्रमुख संतों और धर्माचार्यों ने पुण्य की डुबकी लगाई। पूर्वाम्नाय श्री गोवर्द्धनमठ – पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती अपने शिष्यों के साथ त्रिवेणी तट पर पहुंचे। प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थान से पैदल चलकर संगम नोज पहुंचे शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने पूरी सादगी और आस्था के साथ मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की पावन धारा में पुण्य स्नान किया। इसके अलावा सभी दंडी स्वामी संतो, रामानंदी और रामानुजाचारी संतों ने भी बसंत पंचमी में गंगा और त्रिवेणी में पुण्य डुबकी लगाई। किन्नर अखाड़े के सदस्य भी पूरे उत्साह और भक्ति के साथ संगम तट पहुंचे और बसंत पंचमी का पुण्य स्नान किया।  सीएम योगी ने श्रद्धालुओं को दी बधाई माघ मेले के बसंत पंचमी स्नान पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संगम में स्नान करने वाले सभी श्रद्धालुओं को बधाई दी है। सीएम योगी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि वसंत पंचमी के पावन अवसर पर आज तीर्थराज प्रयाग में त्रिवेणी में पुण्य स्नान का सौभाग्य प्राप्त कर रहे सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई। पावन संगम में 'आस्था की डुबकी' सभी के लिए शुभ-फलदायी हो, सबकी मनोकामनाएं पूर्ण हों, माँ गंगा से यही प्रार्थना है।

यूपी दिवस के अवसर पर मिलेगा जौनपुर को सम्मान

सीएम युवा योजना में जौनपुर अव्वल, सीएम योगी करेंगे सम्मानित यूपी दिवस के अवसर पर मिलेगा जौनपुर को सम्मान जौनपुर में सर्वाधिक 3,315 युवाओं को दिया गया सीएम युवा योजना का लाभ दूसरे स्थान पर आजमगढ़ और तीसरे स्थान पर हरदोई लखनऊ  सीएम युवा योजना का लाभ शत-प्रतिशत देने में पिछले कई माह से पूरे उत्तर प्रदेश में जौनपुर प्रथम स्थान पर है, जबकि 22 जनवरी तक दूसरे स्थान पर आजमगढ़ और तीसरे स्थान पर हरदोई रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूपी दिवस के अवसर पर सीएम युवा योजना का सबसे अधिक लाभ देने वाले जौनपुर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगे। योगी सरकार प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने की दिशा में लगातार आवश्यक कदम उठा रही है। इसी के तहत प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) योजना प्रदेश के युवाओं की पहली पसंद बन गयी है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक प्रदेश भर में करीब साढ़े तीन लाख आवेदन आ चुके हैं, जबकि योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में डेढ़ लाख लोन वितरण का लक्ष्य रखा है। साफ है कि सीएम युवा योजना युवाओं को आकर्षित कर रही है और वे इससे जुड़कर अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। इस योजना के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक पूरे प्रदेश से 3,34,337 युवा लोन के लिए आवेदन कर चुके हैं, जबकि 2,81,277 आवेदनों को बैंकों को फॉरवर्ड कर दिया गया है। इनमें से 1,06,772 आवेदनों को बैंक ने लोन देने की स्वीकृति दे दी है, जबकि 1,03,353 युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन वितरित किया जा चुका है। जौनपुर ने 3,315 युवाओं को किया लोन वितरित मुख्यमंत्री युवा योजना का शत प्रतिशत लाभ देने में पूरे प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप जिले में विशेष अभियान चलाकर युवाओं को स्वरोजगार के लिए बैंकों से संपर्क कर लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में जिले को अभियान के तहत 2,500 युवाओं को लोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया है। इसके सापेक्ष अब तक 8,240 आवेदन प्राप्त हुए,  जिसमें 7,033 आवेदनों को बैंकों को भेजा गया। इनमें से 3,315 आवेदकों को लोन वितरित किया जा चुका है। ऐसे में लक्ष्य के सापेक्ष लोन वितरण का अनुपात 132 प्रतिशत से अधिक है। पूरे प्रदेश में जौनपुर ने लक्ष्य से अधिक युवाओं को योजना का लाभ देकर पहला स्थान प्राप्त किया है। सीएम योगी यूपी दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने के लिए जौनपुर जिले को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगे। आजमगढ़ में ब्लॉक स्तर पर वर्कशाप का आयोजन कर युवाओं को दिया जा रहा योजना का लाभ   आजमगढ़ जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में योजना का लाभ देने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। योजना का लाभ देने में अप्रैल 2025 से पहले जिला 25वें स्थान पर था। अप्रैल के बाद योजना का लाभ हर जरूरतमंद युवा को देने के लिए लगातार ब्लॉक स्तर पर वर्कशाप आयोजित की जा रही हैं। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बैंकर्स व आवेदकों की आमने-सामने काउंसिलिंग करायी जा रही है। यही वजह है कि पिछले कई माह से आजमगढ़ योजना का लाभ देने में पूरे प्रदेश में लगातार दूसरे स्थान पर बना हुआ है। 22 जनवरी तक योजना का लाभ देने में पूरे प्रदेश में आजमगढ़ ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है। आजमगढ़ को वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2,500 लोन वितरण का लक्ष्य दिया गया, जिसके सापेक्ष 7,315 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 6,253 आवेदनों को बैंकों को भेजा गया, जिसमें से 3,219 को लोन वितरित किया जा चुका है। इस तरह लक्ष्यप्राप्ति का अनुपात 128.76 प्रतिशत रहा।  हरदोई, अंबेडकरनगर, झांसी, कौशांबी, बहराइच व रायबरेली का भी रहा शानदार प्रदर्शन हरदोई जिलाधिकारी अनुनय झा ने बताया कि विशेष अभियान चला कर मुख्यमंत्री युवा योजना का लाभ दिया जा रहा है। यही वजह है कि पूरे प्रदेश में योजना का लाभ देने में हरदोई ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। हरदोई को वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2,800  लोन वितरण का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष 10,930 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 8,449 आवेदनों को बैंक को भेजा गया,  जिसमें से 2,628 आवेदकों को लोन वितरित किया जा चुका है। इसके अलावा अंबेडकरनगर ने चौथा और झांसी ने प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। योजना का लाभ देने में कौशांबी, बहराइच, रायबरेली और महराजगंज का भी प्रदर्शन शानदार रहा।

औरैया बना मॉडल जिला, आवासीय नक्शा पास कराने के लिए सोलर रूफटॉप सिस्टम और रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य

आवासीय सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की योगी सरकार की नई पहल औरैया बना मॉडल जिला, आवासीय नक्शा पास कराने के लिए सोलर रूफटॉप सिस्टम और रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य प्रदेश में ग्रीन एनर्जी व सतत विकास के लिए निरंतर नवाचार कर रही योगी सरकार, अन्य जिलों में भी लागू हो सकता है औरैया मॉडल लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा स्वच्छ ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर नवाचार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में औरैया जनपद ने आवासीय सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण व दूरदर्शी कदम उठाते हुए प्रदेश के लिए मॉडल प्रस्तुत किया है। औरैया जिले में रणनीतिक निर्णय के तहत अब नए बनने वाले आवासीय भवनों के नक्शे पास कराने की प्रक्रिया में सोलर रूफटॉप सिस्टम और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य कर दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य न केवल बिजली की बचत करना है, बल्कि पर्यावरण व जल संरक्षण भी सुनिश्चित करना है। स्वच्छ ऊर्जा का दायरा होगा व्यापक प्रस्ताव के अंतर्गत संबंधित नगर पालिकाएं, नगर निगम एवं नगर पंचायतें अपनी बोर्ड बैठकों में प्रस्ताव पारित कर इस व्यवस्था को लागू कर सकती हैं। नक्शा स्वीकृति के बाद भवन निर्माण में सोलर पैनल और वर्षा जल संचयन प्रणाली का क्रियान्वयन अनिवार्य होगा। इससे शहरी व ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रीन एनर्जी का दायरा भी व्यापक होगा। अन्य जनपदों के लिए अनुकरणीय मॉडल औरैया जनपद की इस पहल को अन्य जिलों के लिए भी अनुकरणीय बताया जा रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि सभी जनपदों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नीतिगत निर्णय लेकर शहरी एवं ग्रामीण स्थानीय निकायों के स्तर पर आवासीय सौर ऊर्जा का प्रयोग बढ़ाने के प्रयास करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश रूफटॉप सोलर पैनल सिस्टम के क्षेत्र में तेजी से अग्रसर हो रहा है। वर्तमान में प्रदेश में कुल 1191.64 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं, जिनसे प्रतिदिन लगभग 50 लाख यूनिट कार्बनमुक्त बिजली का उत्पादन हो रहा है। इससे पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों में भी उल्लेखनीय कमी आई है। 4500 एकड़ भूमि का संरक्षण रूफटॉप सोलर पैनल सिस्टम के माध्यम से आम नागरिकों को प्रतिदिन औसतन लगभग 3.25 करोड़ रुपये की बिजली बचत का लाभ मिल रहा है। इसके अतिरिक्त इस पहल से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली और लगभग 50  हजार लोगों को प्रत्यक्ष तथा लाखों लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। इसके साथ ही सोलर रूफटॉप मॉडल के कारण लगभग 4500 एकड़ भूमि का संरक्षण संभव हो सका है, जिसे अब अन्य विकास परियोजनाओं के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। यह पहल ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए मज़बूत हो रही है। योगी सरकार का मानना है कि औरैया का यह मॉडल प्रदेश के अन्य जनपदों में भी लागू होने से उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा और हरित भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।

एकल खिड़की प्रणाली और डिजिटल प्रक्रियाओं से उद्यमियों को मिला भरोसेमंद माहौल

सरलीकृत नीतियों व तेज फैसलों से योगी सरकार ने कारोबार के लिए आसान बनाया उत्तर प्रदेश एकल खिड़की प्रणाली और डिजिटल प्रक्रियाओं से उद्यमियों को मिला भरोसेमंद माहौल नियमों की जटिलता से मुक्ति दिलाकर निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में बड़ा कदम ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ सुधारों से उद्योगों को मिला समय, संसाधन और आत्मविश्वास पारदर्शी शासन और जवाबदेह प्रणाली ने निवेशकों का भरोसा किया मजबूत नीति निर्माण से लेकर जमीन पर क्रियान्वयन तक दिखा सरकार का प्रो-एक्टिव अप्रोच व्यवसाय के अनुकूल माहौल से रोजगार सृजन को मिली नई रफ्तार, डिजिटल गवर्नेंस और तकनीक आधारित समाधान बने कारोबार की रीढ़ स्थिर नीति, सुरक्षित वातावरण और आसान प्रक्रियाएं बनीं यूपी की नई पहचान लखनऊ  एक समय था जब उत्तर प्रदेश में कारोबार शुरू करने का विचार आते ही फाइलों के अंबार, जटिल नियम और विभागों के चक्कर आंखों के सामने आ जाते थे। निवेशक संभावनाएं देखते थे, लेकिन प्रक्रियाओं की जटिलता उन्हें रोक देती थी। आज वही उत्तर प्रदेश ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की मिसाल बनकर देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। यह बदलाव अचानक नहीं हुआ, बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सुनियोजित, निर्णायक व निरंतर सुधारों का परिणाम है। उत्तर प्रदेश सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया कि विकास केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि व्यवस्थागत सुधारों से आता है। इसी सोच के साथ व्यापारिक वातावरण को सरल, पारदर्शी और निवेशकों के अनुकूल बनाने की यात्रा शुरू हुई। 12वें पायदान से देश के शीर्ष राज्यों तक ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की रैंकिंग इस बदलाव की सबसे ठोस गवाही देती है। वर्ष 2017-18 में बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (बीआरएपी) की रैंकिंग में उत्तर प्रदेश 12वें स्थान पर था। लेकिन सुधारों की रफ्तार इतनी तेज रही कि वर्ष 2019 में प्रदेश ने देश में दूसरा स्थान हासिल कर लिया। वर्ष 2021 के गुड गवर्नेस इंडेक्स में वाणिज्य एवं उद्योग श्रेणी में उत्तर प्रदेश ने शीर्ष स्थान प्राप्त कर यह साबित किया कि सुधार केवल कागज़ों तक सीमित नहीं। इसके बाद 2022 और 2024 में उत्तर प्रदेश को ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में ‘टॉप अचीवर’ का दर्जा मिला। लॉजिस्टिक्स रैंकिंग में भी 2022, 2023 और 2024 में राज्य ‘अचीवर्स’ की श्रेणी में रहा।  सुधारों की लिखी गई नई इबारत बीआरएपी 2024 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश को तीन अहम क्षेत्रों, उद्यम स्थापना, श्रम विनियामक प्रक्रियाओं के सरलीकरण और भूमि प्रशासन में ‘टॉप अचीवर’ घोषित किया गया। यह मान्यता उस नीति का परिणाम है, जिसमें सरकार ने औद्योगिक अवरोधों को पहचान कर उन्हें दूर करने पर फोकस किया। वर्ष 2024 के बाद बीआरएपी व बीआरएपी-प्लस  के तहत सरकार ने 24 क्षेत्रों में 426 बड़े सुधार लागू किए। उद्यम स्थापना से लेकर भूमि सुधार, श्रम पंजीकरण, पर्यावरण स्वीकृतियां, सिंगल विंडो सिस्टम और निर्माण अनुमति तक हर चरण को सरल और समयबद्ध बनाया गया। निवेश मित्र एक पोर्टल, अनगिनत समाधान इन सुधारों की धुरी बना ‘निवेश मित्र’, भारत के सबसे बड़े डिजिटल सिंगल विंडो पोर्टल्स में एक। इस पोर्टल के माध्यम से उद्यमियों को 45 विभागों की 525 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पोर्टल नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम से भी एकीकृत है, जिससे राज्य और केंद्र की प्रक्रियाएं एक-दूसरे से जुड़ गई हैं। निवेश मित्र की सबसे बड़ी सफलता इसकी दक्षता है। लाइसेंस से जुड़े आवेदनों में 97 प्रतिशत से अधिक निस्तारण दर और अब तक 20 लाख से अधिक डिजिटल स्वीकृतियां, ये आंकड़े बताते हैं कि सिस्टम केवल मौजूद नहीं है, बल्कि काम भी कर रहा है। मिनिमम गवर्नमेंट-मैक्सिमम गवर्नेंस की जमीन पर तस्वीर योगी सरकार ने तय किया कि लाइसेंस व स्वीकृतियों के लिए कोई भी भौतिक आवेदन स्वीकार नहीं होगा। सभी आवेदन केवल निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से ही लिए जाएंगे। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी, बल्कि मानवीय हस्तक्षेप व भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी कम हुईं। यूजर फीडबैक के अनुसार, निवेश मित्र से जुड़े 96 प्रतिशत उपयोगकर्ता संतुष्ट हैं। यह डिजिटल गवर्नेंस में जनता के भरोसे का प्रमाण है। ‘निवेश मित्र 3.0’ के जरिए भविष्य की तैयारी सरकार यहीं नहीं रुकी है। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बेहतर बनाने के लिए ‘निवेश मित्र 3.0’ विकसित किया जा रहा है। यह नया संस्करण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित स्मार्ट डैशबोर्ड से लैस होगा, जिसमें रियल-टाइम डेटा एनालिसिस, शिकायत निवारण और व्हाट्सएप, ईमेल व ऐप के जरिए त्वरित सूचना व्यवस्था शामिल होगी। ‘निवेश मित्र 3.0’ को आईजीआरएस, निवेश सारथी, ओआईएमएस, इंडिया इंडस्ट्रियल लैंड बैंक और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड ‘दर्पण’ से जोड़ा जाएगा, जिससे एकीकृत और अत्यंत कुशल डिजिटल इकोसिस्टम तैयार होगा। नियम कम, भरोसा ज्यादा नियामक अनुपालनों को सरल करना योगी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। लगभग 65 विभागों में 4,675 नियामक अनुपालनों को कम किया गया, 4,098 को सरल व डिजिटल किया गया। 577 अनुपालनों को अपराधमुक्त किया गया और 948 पुराने अधिनियमों, नियमों-विनियमों को निरस्त कर दिया गया। अब उत्तर प्रदेश में व्यापार के लिए उप्र दुकान एवं वाणिज्य अधिष्ठान अधिनियम-1962 के तहत पंजीकरण ही पर्याप्त है। ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। 20 से कम कर्मचारियों वाली दुकानों के लिए पंजीकरण की आवश्यकता भी खत्म कर दी गई है। कारोबार में डर नहीं, विश्वास का माहौल अग्निशमन, श्रम, परिवहन और विधिक माप विज्ञान विभागों के तहत कई अपराधों को डिक्रिमिनलाइज कर दिया गया है। औद्योगिक शांति अधिनियम के अंतर्गत कारावास के प्रावधान को हटाना सरकार के विश्वास और मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है। आज उत्तर प्रदेश सिर्फ जनसंख्या या भूगोल के कारण नहीं, बल्कि स्थिर नीतियों, डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शी प्रशासन के कारण निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।

यूपी में आज शाम 6 बजे सायरन बजेगा, बुझ जाएंगी बत्तियां! जानें ‘ब्लैकआउट’ की पूरी योजना

 लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार आज शाम 6:00 बजे पूरे राज्य में ब्लैकआउट की मॉक ड्रिल आयोजित कर रही है. इस दौरान सायरन बजते ही लोगों को अपने घरों और प्रतिष्ठानों की लाइटें बंद करनी होंगी. यह अभ्यास हवाई हमलों जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने और दुश्मन से लोकेशन छिपाने की तैयारी के लिए किया जा रहा है.  इसमें सिविल डिफेंस, एनडीआरएफ, होमगार्ड, फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग जैसी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ हिस्सा लेंगी. प्रशासन ने विभिन्न जनपदों में स्थान चिन्हित कर लिए हैं ताकि आम जनता को इस सुरक्षा प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया जा सके। क्यों जरूरी है यह मॉक ड्रिल? ब्लैकआउट का मुख्य उद्देश्य युद्ध के समय हवाई हमलों से सुरक्षा सुनिश्चित करना है. शाम के समय लाइटें बंद करने से दुश्मन को सटीक लोकेशन का पता नहीं चल पाता. इस मॉक ड्रिल के जरिए एनसीसी, स्काउट गाइड और सुरक्षा एजेंसियां अपनी तैयारियों की जांच करेंगी. इससे जनता को यह संदेश देना है कि अगर भविष्य में ऐसी कोई आपात स्थिति आती है, तो उन्हें घबराने के बजाय किस तरह अनुशासित रहकर अपनी और देश की सुरक्षा करनी है.  इन सावधानियों का रखें विशेष ध्यान ब्लैकआउट के दौरान कुछ कड़े नियमों का पालन अनिवार्य है. लोगों को अपने घरों के अंदर रहना चाहिए और सभी लाइटें बंद रखनी चाहिए. घर से बाहर टॉर्च, मोबाइल या माचिस का प्रयोग पूरी तरह वर्जित होता है. यदि घर के किसी हिस्से से रोशनी बाहर जा रही हो, तो वहां काला कागज चिपकाना जरूरी है. इसके अलावा धूम्रपान न करने और बाहर होने की स्थिति में दौड़ने के बजाय आराम से चलने की सलाह दी गई है ताकि कोई दुर्घटना न हो.

CS ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मण्डलायुक्तों और CDOs के साथ शासन की योजनाओं की समीक्षा की

मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों एवं मुख्य विकास अधिकारियों के साथ शासन के प्राथमिकता कार्यक्रमों एवं योजनाओं की समीक्षा की सभी मुख्य विकास अधिकारियों से मुख्य सचिव ने किया सीधे संवाद वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को लेकर विकास कार्यों में तेजी के निर्देश एसआरएलएम और लखपति महिला कार्यक्रम की प्रगति पर विशेष जोर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजनाओं के अधूरे कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश आकांक्षात्मक जनपदों में फील्ड विजिट और ब्लॉक डेवलपमेंट स्ट्रेटजी पर बल यूपी दिवस के राज्य स्तरीय मुख्य आयोजन में प्रत्येक जनपद से आने वाले 40-40 प्रतिभाशाली व्यक्तियों के ठहरने, खानपान एवं आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने के दिए निर्देश   लखनऊ  मुख्य सचिव श्री एस.पी.गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की। बैठक में शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भौतिक रूप से तथा सभी मण्डलायुक्त एवं मुख्य विकास अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।              मुख्य सचिव निर्देश दिए कि सभी विकास अधिकारी जनपद के विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य में प्रत्येक विभाग एवं उसकी योजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए प्रत्येक विभाग द्वारा कम से कम माह में एक बार नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए। समीक्षा के दौरान यह भी देखा जाए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता न हो और जनहित से जुड़े कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे हों। रूरल इकोनॉमी से जुड़ी छोटी-छोटी योजनाओं पर विशेष ध्यान देते हुए अधिक से अधिक लाभार्थियों का चयन कराया जाए।             उन्होंने कहा कि एसआरएलएम के प्रभावी क्रियान्वयन में मुख्य विकास अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रत्येक माह अनिवार्य रूप से कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक आयोजित की जाए। स्वयं सहायता समूहों का लक्ष्य बढ़ाकर तीन करोड़ किया गया है, जिसे ध्यान में रखते हुए प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए परिवार संतृप्तिकरण के लक्ष्य को पूरा किया जाए। लखपति महिला कार्यक्रम के अंतर्गत समूह की महिलाओं की आय का विवरण त्रैमासिक रूप से पोर्टल पर समयबद्ध रूप से फीड कराया जाए तथा डाटा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा डाटा की रैंडम जांच भी कराई जाए। समूहों में ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए जिससे अधिक से अधिक आय सृजन हो और अधिक महिलाएं लखपति बन सकें।             उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत प्रदेश में 36.56 लाख परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लक्ष्य के सापेक्ष केवल 0.4 प्रतिशत आवास अधूरे हैं, जिन्हें शीघ्र पूर्ण कराया जाए। इन परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से भी आच्छादित किया जाए तथा उन्हें प्राथमिकता के आधार पर नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं। मॉडल आवासों का निर्माण भी तेजी से पूर्ण कराया जाए। योजना के अंतर्गत सर्वे के उपरांत अपात्र लाभार्थियों की डिलीशन की कार्यवाही तत्काल पूरी की जाए, जिससे अग्रेतर कार्यवाही समय से हो सके। मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1.05 लाख अधूरे आवासों को भी शीघ्र पूर्ण कराया जाए तथा स्वीकृत आवासों की किश्तें समय से जारी की जाएं।            उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक सरोवर के निर्माण के लक्ष्य के सापेक्ष जहां स्थल चयन शेष है या स्थल चयन के बाद कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूर्ण कराया जाए। निर्माणाधीन अमृत सरोवरों में भी तेजी लाई जाए। ग्रामों को ओडीएफ प्लस घोषित करने के लिए सत्यापन कार्य में गति लाई जाए। सभी जनपदों में गो-आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं तथा उनकी मॉनिटरिंग के लिए विकास भवन में कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए। जिन अस्थायी गो-आश्रय स्थलों में 50 से कम गोवंश हैं, उन्हें स्थायी गो-आश्रय स्थलों में स्थानांतरित किया जाए। फैमिली आईडी से अधिक से अधिक परिवारों को जोड़ा जाए। आकांक्षात्मक जनपदों में अधिकारी फील्ड में जाकर प्रगति की समीक्षा करें तथा ब्लॉक डेवलपमेंट स्ट्रेटजी तैयार करें।             मुख्य सचिव ने जीरो पावर्टी अभियान, आकांक्षात्मक विकास खण्ड कार्यक्रम, फैमिली आईडी, डिजिटल लाइब्रेरी सहित अन्य प्राथमिकता कार्यक्रमों की भी समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पशुपालन विभाग के अंतर्गत गो-आश्रय स्थल, कुक्कुट विकास नीति-2022, बकरी, सूकर एवं भेड़ पालन योजनाओं, टीकाकरण तथा नंद बाबा दुग्ध मिशन की प्रगति पर भी चर्चा की गई।           यूपी दिवस के राज्य स्तरीय मुख्य आयोजन के संबंध में उन्होंने निर्देश दिए गए कि प्रत्येक जनपद से 40-40 प्रतिभाशाली व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा, जिनमें प्रगतिशील किसान, उद्यमी, वैज्ञानिक, डॉक्टर, खिलाड़ी, महिलाएं तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लाभार्थी शामिल होंगे। इनके ठहरने, खानपान एवं आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। दूरस्थ जनपदों से आने वाले प्रतिभागियों के लिए मार्ग में समन्वय कर व्यवस्थाएं की जाएं। प्रत्येक बस के लिए एक जिम्मेदार अधिकारी को बस प्रभारी नामित किया जाए, जो सभी प्रतिभागियों को सुरक्षित एवं समय से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने तथा वापसी की जिम्मेदारी सुनिश्चित करेगा। ———————

योगी सरकार के विजन के अनुरूप उद्योग–शिक्षा सहभागिता से बनेगा सशक्त स्किल इकोसिस्टम

यूपी में कौशल क्रांति को मिलेगी नई रफ्तार एनएईसी-एससीवीटी के बीच एमओयू, एक लाख युवाओं को मिलेगा रोजगारपरक प्रशिक्षण योगी सरकार के विजन के अनुरूप उद्योग–शिक्षा सहभागिता से बनेगा सशक्त स्किल इकोसिस्टम पश्चिमी यूपी के युवाओं को मिलेगा उद्योग-आधारित प्रशिक्षण महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा, प्रशिक्षणार्थियों में आधी भागीदारी महिलाओं की लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में जनपद गौतम बुद्ध नगर स्थित नोएडा अपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर (एनएईसी) और राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एससीवीटी) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह एमओयू प्रदेश में कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा और उद्यमशीलता को नई दिशा देने वाला साबित होगा। इस एमओयू के तहत एनएईसी द्वारा पहले चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 18 जनपदों के 128 विकास खंडों और 10,323 ग्रामों से जुड़े एक लाख अभ्यर्थियों को आगामी पांच वर्षों में 28 सेक्टरों में अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें से 70,000 अभ्यर्थियों को औद्योगिक इकाइयों में प्रशिक्षण के बाद रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। खास बात यह है कि कुल प्रशिक्षणार्थियों में 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी, जिससे महिला सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा। एनएईसी बनेगा स्किल ट्रेनिंग का केंद्र देश के प्रमुख अपैरल निर्यात क्लस्टर के रूप में एनएईसी की सबसे बड़ी विशेषता गारमेंट उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराना होगा। प्रशिक्षण से लेकर प्लेसमेंट तक की पूरी प्रक्रिया एनएईसी द्वारा अपने डिजिटल पोर्टल “कौशल गंगा” के माध्यम से प्रबंधित की जाएगी। इसके साथ ही “कौशल आजीविका” और “कौशल बाजार” पोर्टल भी प्रशिक्षणार्थियों को आजीविका और बाजार से जोड़ने में सहायक होंगे। एससीवीटी करेगा मूल्यांकन और प्रमाणन इस सहभागिता में राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद की अहम भूमिका होगी। एससीवीटी, जो भारत सरकार की राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद की मान्यता प्राप्त अवार्डिंग बॉडी है, सभी प्रशिक्षणार्थियों के मूल्यांकन और प्रमाणन का कार्य करेगी। एनएईसी द्वारा एससीवीटी को प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी के लिए प्रमाणन शुल्क के रूप में ₹1200 दिए जाएंगे। एससीवीटी अपने स्तर से भी पाठ्यक्रम तैयार कर उन्हें राष्ट्रीय परिषद से अनुमोदित कराएगी। कौशल से आत्मनिर्भरता प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर युवा हुनरमंद बने और उसे रोजगार के लिए भटकना न पड़े। एनएईसी व एससीवीटी के बीच हुआ यह एमओयू उद्योग व शिक्षा के बीच मजबूत सेतु का कार्य करेगा। इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश देश का स्किल हब बनकर उभरेगा।  एमओयू हस्ताक्षरित किए जाने के अवसर पर प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता डॉ. हरिओम तथा विशेष सचिव एवं निदेशक एससीवीटी अभिषेक सिंह भी उपस्थित रहे। उन्होंने इस पहल को प्रदेश की कौशल नीति के लिए मील का पत्थर बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा, नेताजी का उद्घोष “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” स्वतंत्रता आंदोलन का मंत्र बन गया था

नेताजी सुभाष चंद्र बोस आज भी देशविरोधी तत्वों के सामने न झुकने की प्रेरणा प्रदान करते हैं- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री ने कहा, नेताजी का उद्घोष “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” स्वतंत्रता आंदोलन का मंत्र बन गया था सुभाष चंद्र बोस का नाम लेते ही सच्चे भारतीय के मन में देशप्रेम की भावना उत्पन्न हो जाती है – मुख्यमंत्री  भारत माता के सच्चे सपूत और स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक थे नेताजी – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर राजधानी में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  लखनऊ “नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भारत की आजादी का एक ऐसा नाम है, जो प्रत्येक भारतीय के मन में सर्वोच्च सम्मान के साथ-साथ किसी भी विपरीत परिस्थिति में देशद्रोही व देशविरोधी तत्वों के सामने न झुकने के दृढ़ संकल्प की प्रेरणा प्रदान करता है। भारत माता के सच्चे सपूत नेताजी का नाम लेते ही हर भारतीय के मन में श्रद्धा व सम्मान के साथ राष्ट्रप्रेम की भावना स्वतः उत्पन्न हो जाती है।” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ये उद्गार नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पावन जयंती के अवसर पर नेताजी सुभाष चौक, हजरतगंज, लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने नेताजी को स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक की संज्ञा देते हुए आजादी की लड़ाई में उनके अमूल्य योगदान के लिए कृतज्ञता व्यक्त की और उनके चित्र पर प्रदेशवासियों की ओर से श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी का “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” का आह्वान भारत की आजादी का मंत्र बन गया था। उनका एक-एक शब्द स्वतंत्रता आंदोलन का मंत्र बन जाता था। उनका “दिल्ली चलो” का उद्घोष हर भारतीय को प्रेरित करता है। उनका “कदम कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा…” गीत आज भी भारतीय सेना के दीक्षांत समारोह में बड़ी शान से गाया जाता है। ऐसा कौन भारतीय होगा, जिसके मन में नेताजी के प्रति श्रद्धा-सम्मान का भाव न हो। नेताजी ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में चल रहे स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई दिशा प्रदान की थी। उन्होंने क्रांतिकारियों के सिरमौर के रूप में आजादी की लड़ाई का नेतृत्व किया। भारत के अंदर रहकर या भारत के बाहर, उन्होंने आजादी के लिए जो योगदान दिया, वह अविस्मरणीय है। जिस प्रकार उन्होंने जर्मनी, जापान तथा दुनिया के तमाम देशों में जाकर देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया, हम सबके लिए प्रेरणा की गाथा है। अपने संबोधन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी का जन्म 1897 में कटक में एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता परिवार में हुआ था। बचपन में ही उन्हें उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन भेज दिया गया। आईसीएस की परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने के बाद भी उन्होंने अंग्रेजों की चाकरी करने से इनकार कर दिया और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े। नेताजी का विराट व्यक्तित्व और देश के प्रति अमूल्य योगदान आज भी हम सबको प्रेरणा प्रदान करता है,  मैं नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं और उनके श्रीचरणों में प्रदेशवासियों की ओर से नमन करता हूं।  इस अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल और कार्यक्रम के आयोजक विधान परिषद के सदस्य अवनीश कुमार सिंह, पूर्व मंत्री डॉक्टर महेंद्र सिंह,  अंगद सिंह व पवन सिंह चौहान समेत अन्य गण्यमान्य लोग भी उपस्थित थे।

राजा भैया की पत्नी और बेटियां वोटर लिस्ट से नदारद, CM योगी ने चुनाव आयोग को भेजी शिकायत

 प्रतापगढ़  उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की कुंडा विधानसभा में मतदाता सूची को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. चुनाव आयोग द्वारा कराए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के अध्यक्ष राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह और उनकी दोनों बेटियों, राघवी कुमारी व विजय राजेश्वरी कुमारी के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं.  यह कार्रवाई हाल ही में संपन्न हुई है, जिसके विरोध में भानवी सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है. उन्होंने प्रशासनिक दबाव और पक्षपात का आरोप लगाते हुए इस प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं. भानवी सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए अपना गुस्सा जाहिर करते हुए 2003 और 2025 की वोटर लिस्ट के सबूत पेश किए हैं. उन्होंने बताया कि साल 2025 की सूची में उनका नाम मतदान केंद्र संख्या 87, बेंती के वार्ड नंबर 15 में दर्ज था. लेकिन नई अंतरिम सूची से उनका और उनकी बेटियों का नाम अचानक गायब कर दिया गया. भानवी का कहना है कि वह 2003 से लगातार कुंडा की वोटर रही हैं, ऐसे में नाम हटाना समझ से परे है. सत्ता और आयोग तक पहुंची शिकायत इस मामले ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है. भानवी सिंह ने इसे 'खुला पक्षपात' करार देते हुए अधिकारियों पर दबाव में काम करने का आरोप लगाया है. उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में सभी दस्तावेजी सबूत संलग्न किए हैं और मांग की है कि उनके संवैधानिक अधिकार को बहाल किया जाए. कुंडा के सियासी गलियारों में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.