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18 से 20 जनवरी तक श्रवण धाम महोत्सव-2026, तैयारियां अंतिम चरण में

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में भव्य होगा श्रवण धाम महोत्सव भक्ति, लोक कला और संस्कृति का संगम बनेगा श्रवण क्षेत्र धाम अनूप जलोटा और कुमार विश्वास लगाएंगे आयोजन में चार चांद सरकारी योजनाओं की झलक दिखाएंगे विभागीय स्टाल लाइट, साउंड और लेजर-शो से सजेगी श्रवण धाम की शाम अम्बेडकरनगर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाने की दिशा में अम्बेडकर नगर जिले की धार्मिक और पौराणिक धरोहर श्रवण क्षेत्र धाम में तीन दिवसीय श्रवण धाम महोत्सव-2026 का शुभारंभ 18 जनवरी से होने जा रहा है। यह तीन दिवसीय महोत्सव 20 जनवरी तक चलेगा, जिसमें भक्ति, लोक कला, संस्कृति और सरकारी योजनाओं की झांकी का अद्भुत मेल देखने को मिलेगा। जिला प्रशासन द्वारा भव्य रूप से आयोजित इस कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला स्थलीय निरीक्षण कर लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। श्रवण क्षेत्र धाम अम्बेडकरनगर की तहसील अकबरपुर (भीटी क्षेत्र) में स्थित है। इसे रामायण काल से जुड़ा पौराणिक स्थल माना जाता है। यह श्रवण कुमार की कथा से संबंधित आस्था का केंद्र है, जहां श्रद्धालु पितृभक्ति और रामभक्ति की भावना से जुड़ते हैं। महोत्सव के माध्यम से इस स्थल को रामायण सर्किट से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है, जिससे पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी। महोत्सव में स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण रहेंगी। तीन दिनों में भजन संध्या, रामलीला, लोक नृत्य, लोक गीत, झांकियों व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। शाम के समय लाइट एंड साउंड शो तथा लेजर शो का भी आयोजन प्रस्तावित है, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगा। प्रत्येक दिन जनपद के साथ-साथ आसपास के जिलों से हजारों श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचेंगे। सरकार की नीतियों की दिखेगी झलक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, उपलब्धियों और नीतियों की भी झलक इस महोत्सव में दिखेगी। विभिन्न विभागों के स्टाल लगाए जाएंगे, जहां लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और लाभार्थियों से संवाद होगा। यह आयोजन न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है, बल्कि सामाजिक जागरूकता और पर्यटन प्रचार का भी माध्यम बनेगा। अनूप जलोटा व कुमार विश्वास होंगे आकर्षण का केंद्र महोत्सव की शोभा बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्तर के कलाकार भी पहुंच रहे हैं। 18 की शाम भजन गायक अनूप जलोटा अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देंगे। 19 जनवरी को कवि सम्मेलन का आयोजन होगा, जिसमें प्रख्यात कवि कुमार विश्वास अपनी रचनाओं से लोगों का दिल जीतेंगे। 20 जनवरी को समापन समारोह के दिन अमित दीक्षित रामजी रामलीला के दौरान अपनी प्रस्तुति देंगे। सूचना विभाग अम्बेडकरनगर द्वारा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। 18 को हवन पूजन से शुरू होगा कार्यक्रम श्रवण धाम महोत्सव का शुभारंभ 18 जनवरी को सुबह नौ बजे विधिवत पूजन के साथ होगा। सुबह दस बजे स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति होगी। महोत्सव के संयोजक सत्यम गौड़ होंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक की देखरेख में स्कूली बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। 12 बजे के बाद महिला सशक्तिकरण व मिशन शक्ति पर विभिन्न कार्यक्रम शुरू होंगे। दोपहर साढ़े तीन बजे लट्ठमार पुष्प होली व मयूर नृत्य कार्यक्रम का आयोजन होगा। शाम साढ़े चार बजे भव्य दीपोत्सव कराया जाएगा। 19 जनवरी की सुबह 11 बजे से किसानों के लिए कार्यक्रम आरम्भ होगा। 19 को ही दोपहर में राजस्थानी लोक नृत्य होगा। इसमें शकुन खान व उनकी टीम प्रस्तुति देगी। सृष्टिधर महत्व की ओर से झारखंड का लोक नृत्य भी प्रस्तुत किया जाएगा। शाम को तमसा आरती व कवि सम्मेलन होगा। 20 जनवरी की सुबह 8 बजे 10 किलोमीटर की हाफ मैराथन शुरू होगी। इसके बाद अरुण सिंह की टीम द्वारा हनुमान चालीसा व सुंदरकांड का पाठ किया जाएगा। राजकीय आईटीआई द्वारा युवा सम्मेलन व जागरूकता गोष्ठी आयोजित की जाएगी। शाम 6 कला क्षेत्र फाउंडेशन की तरफ से दक्षिण भारत का लोक नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। 8 बजे अमित दीक्षित की तरफ से रामलीला का आयोजन। इसके बाद रात 10 से 11 के बीच कार्यक्रम का समापन होगा। श्रवण धाम महोत्सव, अंबेडकर नगर के सभी कार्यक्रमों का सजीव प्रसारण यूट्यूब लिंक https://youtube.com/@shrawandham-g6p?si=fq3RJbimABjN2ts0 के माध्यम से किया जाएगा। श्रद्धालु एवं दर्शक श्रवण धाम के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर कार्यक्रमों को सीधे देख सकेंगे।

नल से जल : ग्रामीण जीवन में आए बदलाव परखेंगे विवि, आईआईटी मद्रास और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं

हर घर जल योजना से स्वास्थ्य सुधरा, पढ़ाई बेहतर हुई और महिलाओं को मिली नई ऊर्जा लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी समेत 11 मंडलों में चल रही इंपैक्ट असेसमेंट की प्रक्रिया मुरादाबाद, आगरा, मेरठ और देवीपाटन मण्डलों में भी जल्द किया जाएगा प्रभाव का आकलन बुंदेलखंड में आए सकारात्मक नतीजों का अध्ययन करेगी आईआईटी मद्रास की टीम लखनऊ, जल जीवन मिशन के तहत लागू ‘हर घर जल’ योजना से ग्रामीण इलाकों में नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाकर रोजमर्रा की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाया जा रहा है। अब इस बदलाव की वास्तविक तस्वीर सामने लाने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में केंद्रीय/राज्य विश्वविद्यालय, आईआईटी मद्रास तथा अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से प्रभाव आकलन (इंपैक्ट असेसमेंट) कराया जाएगा। लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी समेत 11 मंडलों में इंपैक्ट असेसमेंट की प्रक्रिया फिलहाल चल रही है। बुंदेलखंड क्षेत्र में यह जिम्मेदारी आईआईटी मद्रास को दिए जाने की तैयारी है। मुरादाबाद, आगरा, मेरठ तथा देवीपाटन मण्डलों में प्रभाव का आंकलन केंद्रीय/राज्य विश्वविद्यालयों तथा अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से कराने की योजना है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का मिला अवसर पाइप से पेयजल योजना के जरिए शुद्ध पानी मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य स्तर बेहतर हुआ है। बच्चों की शिक्षा में निरंतरता आई है और रोजगार के लिए होने वाला प्रवासन घटा है। सबसे अहम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। आईआईटी मद्रास की टीम इन सभी प्रभावों का धरातल पर आकलन करेगी। इसके लिए राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन की ओर से अनुरोध किया गया है। इससे पहले झांसी और चित्रकूट मण्डल में कराए गए इंपैक्ट असेसमेंट में भी यही सामने आया कि नल से जल ने ग्रामीण परिवारों की दिनचर्या आसान बनाई है। गोरखपुर मण्डल में हुए अध्ययन में भी शुद्ध पेयजल आपूर्ति का सकारात्मक सामाजिक असर दर्ज किए गए हैं। बुंदेलखंड के साथ-साथ प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी योजना के प्रभाव को परखा जा रहा है। अयोध्या, बस्ती, प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़, बरेली, सहारनपुर, आजमगढ़ और मिर्जापुर मण्डलों में इंपैक्ट असेसमेंट की प्रक्रिया फिलहाल चल रही है। यहां जल्द शुरु होगा अभियान मुरादाबाद, आगरा, मेरठ व देवीपाटन मण्डलों के लिए केंद्रीय व राज्य विश्वविद्यालयों तथा अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संस्थाओं से आकलन कराने का अनुरोध किया गया है। जल जीवन मिशन के तहत कराया जा रहे व्यापक इंपैक्ट असेसमेंट से यह भी पता चल सकेगा कि नल से आया जल सिर्फ सुविधा बना या ग्रामीण बदलाव की असली धारा।

पारंपरिक व्यंजनों को ब्रांडिंग, टेक्नोलॉजी, पैकेजिंग और मार्केटिंग से जोड़ेगी प्रदेश सरकार: मुख्यमंत्री

  गुणवत्ता, स्वच्छता, फूड सेफ्टी और जीआई टैगिंग सर्वोच्च प्राथमिकता; युवाओं की पसंद के अनुसार स्वाद में नवाचार पर ज़ोर ब्रांडिंग, टेक्नोलॉजी, पैकेजिंग और मार्केटिंग के स्तर पर सरकार करेगी प्रोत्साहित लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की समृद्ध और विविधतापूर्ण खान-पान परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में ‘एक जनपद-एक व्यंजन (ओडीओसी)’ योजना के शुभारंभ का निर्णय लिया है। ब्रांड यूपी को सशक्त बनाने में एक जनपद-एक उत्पाद  योजना की बड़ी भूमिका के बाद अब उत्तर प्रदेश की पारंपरिक क्यूज़ीन को संगठित ब्रांडिंग के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का हर जनपद अपने विशिष्ट स्वाद, संस्कृति और पहचान के साथ सामने आए, यही ओडीओसी योजना का मूल उद्देश्य है। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि मैनपुरी की सोनपापड़ी, मथुरा का पेड़ा, अलीगढ़ की चमचम, हाथरस की रबड़ी, कासगंज का कलाकंद और मूंग का दलमा, एटा की चिकोरी, सुल्तानपुर की कड़ाहा की पूरी और कोहड़े की सब्ज़ी, बाराबंकी की चंद्रकला मिठाई, आज़मगढ़ का सफ़ेद गाजर का हलवा, वाराणसी की लौंगलता, बरेली की सिंवइयां, अमेठी का समोसा, बस्ती का सिरका और सिद्धार्थनगर की रामकटोरी जैसी पारंपरिक मिठाइयां और व्यंजन केवल भोजन नहीं, बल्कि स्थानीय विरासत, कौशल और आर्थिकी का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन्हें गुणवत्ता, पहचान और बाज़ार उपलब्ध कराकर प्रदेश की सांस्कृतिक ताकत को आर्थिक शक्ति में बदला जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि ओडीओसी को ओडीओपी की तर्ज पर जमीनी स्तर पर लागू किया जाए, ताकि पारंपरिक कारीगरों, हलवाइयों और छोटे उद्यमियों को स्थायी आजीविका के अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और सभी उत्पादों को खाद सुरक्षा मानकों के अनुरूप प्रमाणित किया जाए। मुख्यमंत्री ने जीआई टैगिंग को प्रोत्साहित करने, स्थानीय व्यंजनों की पहचान सुरक्षित रखने और युवाओं व आधुनिक उपभोक्ताओं की पसंद के अनुसार स्वाद-आधारित विविधता विकसित करने पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडीओसी के तहत प्रत्येक जनपद के विशिष्ट व्यंजनों की पहचान कर उन्हें क्यूज़ीन क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाए। पारंपरिक व्यंजनों की ब्रांडिंग, टेक्नोलॉजी, पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए निर्माताओं और विक्रेताओं को प्रोत्साहन दिया जाए। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि योजनांतर्गत उत्पादों के संरक्षण, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा, खाद्य विविधता का विस्तार, रोजगार सृजन, वैल्यू-चेन और मार्केट लिंकेज को मजबूत करना तथा पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के साथ एकीकरण शामिल है। इसके साथ ही निर्यात क्षमता बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ताओं के लिए उत्पादों को तैयार करने की रणनीति पर भी काम किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि ब्रांडिंग रणनीति के तहत ओडीओसी लोगो के साथ जनपद-विशिष्ट रंग, प्रतीक और शैली जोड़ी जाएगी। हर व्यंजन के साथ उसकी संस्कृति, इतिहास और विधि को दर्शाने वाली प्रोडक्ट स्टोरी और पहचान टैग शामिल होगा। बैठक में यह भी बताया गया कि पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। फूड-ग्रेड, इको-फ्रेंडली और सुरक्षित पैकेजिंग के साथ शेल्फ-लाइफ बढ़ाने की उन्नत तकनीकों का उपयोग होगा। क्यूआर कोड, न्यूट्रिशन लेबल, बारकोड और ड्यूल-लैंग्वेज लेबलिंग के माध्यम से ट्रेसबिलिटी और उपभोक्ता जानकारी सुनिश्चित की जाएगी। क्षेत्रीय और त्योहार-थीम आधारित पैकेजिंग डिजाइनों को भी विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ओडीओसी योजना 'वोकल फॉर लोकल' को नई गति देगी और उत्तर प्रदेश की पाक कला की विरासत को वैश्विक फूड मैप पर स्थापित करेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि यह पहल केवल योजना न रहकर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, आर्थिक सशक्तिकरण और रोजगार सृजन का मजबूत माध्यम बने, इसके लिए सभी आवश्यक प्रयास किये जाएं।

मुख्यमंत्री योगी का आह्वान, किसी एक खेल को गोद लें विश्वविद्यालय-महाविद्यालय

मैच देखकर बढ़ाया मुख्यमंत्री ने महिला खिलाड़ियों का उत्साह खेल गतिविधियों को बढ़ाने से नशे से दूर रहेंगे युवा : सीएम योगी पीएम मोदी के मार्गदर्शन में देश में दिख रही नई खेल संस्कृति : सीएम योगी गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों का आह्वान किया है कि वे किसी एक खेल को गोद लेकर उससे जुड़ी प्रतिभाओं को तराशें। खेल के जरिये स्वस्थ प्रतिस्पर्धा कराकर अनुशासन और खेल भावना को मजबूत करने में योगदान दें। सीएम योगी शुक्रवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय बास्केटबॉल (महिला) प्रतियोगिता के औपचारिक उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल गतिविधियों को बढ़ाने से युवा नशे से दूर रहेंगे, तमाम विकृतियों से बचे रहेंगे। युवा खेलेगा तो खिलेगा, और यही युवा देश को आगे बढ़ाने में, 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में योगदान देगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने खेलों के माध्यम से भी विकसित भारत बनाने के अभियान में भरपूर प्रयास किए हैं। प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मेरठ में बन चुकी है। मेरठ में हर प्रकार के स्पोर्ट्स आइटम बन रहे हैं और इसे सरकार ने ओडीओपी में शामिल किया है। पीएम मोदी की खेलों में अपार रुचि सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विगत 11 वर्षों में देश में एक नई खेल संस्कृति ने जन्म लिया है। 2014 के पहले खेल की गतिविधियां और प्रतियोगिताएं सरकार के एजेंडे का हिस्सा नहीं होती थीं। खेल और खिलाड़ियों की उपेक्षा होती थी। अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर न होने से खिलाड़ी खेल से पलायन करने को विवश होते थे। कुंठित, हताश और निराश रहते थे। जबकि 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में खेल और खिलाड़ियों का प्रोत्साहन देखते ही बनता है। पीएम मोदी ने खेलो इंडिया, फिट इंडिया और सांसद खेल प्रतियोगिता जैसे अभियानों से स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र की प्रेरणा दी है। गांव-गांव तक खेल प्रतिभाओं को मंच दिया है। प्रधानमंत्री स्वयं विभिन्न खेलों में देश की विजेता टीमों के खिलाड़ियों के साथ बैठते हैं, प्रतियोगिता से पहले भी उनका हौसला बढ़ाते हैं। स्वस्थ शरीर से ही प्राप्त होंगे जीवन के सभी साधन मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की प्राचीन परंपरा ने खेलकूद को सदैव महत्व दिया है। भारत की ऋषि परंपरा के उद्घोष ‘शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्’ का उद्धरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा जीवन के जितने भी साधन हैं, उन्हें स्वस्थ शरीर से ही प्राप्त किया जा सकता है। शरीर स्वस्थ रखने के लिए खेलकूद की गतिविधियों से जुड़ना होगा। नियम, संयम और अनुशासन से शरीर पर ध्यान देना होगा। स्वस्थ शरीर से ही समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि खेलकूद को तमाम परिवारों ने जीवन का हिस्सा बनाया है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में बेटे-बेटी में भेदभाव नहीं है। आज बच्चा (बेटा या बेटी) खेल में रुचि दिखाता है, तो अभिभावक प्रोत्साहित करते हैं, उसके अनुरूप संसाधन की व्यवस्था करते हैं। यूपी ने बढ़ाया खेल इंफ्रास्ट्रक्चर सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को आगे बढ़ाया गया है। प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान व ओपन जिम, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम, जिला स्तर पर स्टेडियम बनाने के कार्य युद्धस्तर पर आगे बढ़े हैं। खेल गतिविधियां अनौपचारिक न रहें, बल्कि दिनचर्या का हिस्सा बनें, इसके लिए सरकार ने 96000 से अधिक युवक मंगल दलों और महिला मंगल दलों को स्पोर्ट्स किट वितरित की हैं। 500 से अधिक खिलाड़ियों को दी सरकारी नौकरी खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए सरकार की तत्परता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ओलंपिक में प्रदेश के प्रतिभागी खिलाड़ी को सरकार 10 लाख रुपये देती है। ओलंपिक एकल स्पर्धा में स्वर्ण पदक विजेता को 6 करोड़ रुपये का पुरस्कार और क्लास वन जॉब देने की व्यवस्था बनाई गई है। ओलंपिक की टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले यूपी के खिलाड़ी को 3 करोड़ और एकल स्पर्धा में रजत पदक विजेता को भी 3 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। ऐसे ही ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता सहित एशियाड, कॉमनवेल्थ गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप के पदक विजेताओं को भी नकद पुरस्कार दिए जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार अब तक 500 से अधिक पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी दे चुकी है। खिलाड़ियों को डिप्टी एसपी, तहसीलदार और क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी के पद पर भी नियुक्त किया गया है। कॉमनवेल्थ और ओलंपिक के अनुरूप करें तैयारी मुख्यमंत्री ने कहा कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स गुजरात में होंगे। हर राज्य और खिलाड़ियों को इसके अनुरूप खुद को तैयार करना होगा। भारत 2036 के ओलंपिक गेम्स की मेजबानी के लिए भी आवेदन कर रहा है। कॉमनवेल्थ और ओलंपिक में अधिक पदक जीतने की तैयारी अभी से करनी होगी। गुरु गोरक्षनाथ की धरा पर किया खिलाड़ियों का अभिनंदन अपने संबोधन में सीएम योगी ने प्रदेश सहित देश के 14 राज्यों से आईं बास्केटबाल की महिला खिलाड़ियों का गुरु गोरखनाथ की पावन साधनास्थली पर स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने गोरखपुर को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से समृद्ध धरा बताने के साथ आजादी के आंदोलन में चौरीचौरा की घटना, वैदिक साहित्य के विश्व में सबसे बड़े प्रकाशन केंद्र 'गीता प्रेस' की महत्ता बताई। साथ ही अमर सेनानी पंडित रामप्रसाद बिस्मिल तथा बंधु सिंह से इस जिले के किसी न किसी रूप में जुड़ाव का उल्लेख करते हुए गोरखपुर को महान उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद की कर्मभूमि बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर अनेक विभूतियों की पावन धरा है। मंचीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गोरखपुर विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद की खेल विवरणिका का विमोचन भी किया। गुब्बारे उड़ाकर व बास्केटबॉल कोर्ट में बॉल उछाल कर किया उद्घाटन, खिलाड़ियों से परिचय भी किया मंचीय कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुब्बारे उड़ाकर तथा बास्केटबॉल कोर्ट में फीता काटकर प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन किया। उन्होंने स्वयं भी बास्केटबॉल कोर्ट में बॉल उछाली। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर विश्वविद्यालय और शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ की खिलाड़ियों से परिचय भी प्राप्त किया। मंचीय कार्यक्रम पूर्ण होने के बाद सीएम योगी ने फर्स्ट हाफ का मैच देखा और ताली बजाकर … Read more

योगी सरकार की योजनाओं से गांवों में बदली विकास की तस्वीर

शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, कौशल विकास तक दिखाई दे रहा समग्र बदलाव पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, खेल स्टेडियम, सोलर प्लांट और बालिकाओं की सुरक्षा को मिल रहा बल सरकारी धन से गांवों में बन रही आत्मनिर्भर विकास संरचना लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार पूरी लगन से आकांक्षात्मक विकास खंडों की तस्वीर बदलने में जुटी है। विकास अब कागज़ों से निकलकर गांवों की ज़मीन पर नजर आ रहा है। प्रदेश के कई पिछड़े व आकांक्षात्मक विकास खंडों में केंद्र व राज्य सरकार से प्राप्त प्रोत्साहन राशि का सदुपयोग कर शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, ऊर्जा, कौशल तथा आधारभूत सुविधाओं में ठोस बदलाव किया गया है। परिणाम यह है कि जो क्षेत्र कभी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझते थे, वे अब प्रेरणादायी विकास मॉडल के रूप में उभर रहे हैं। स्पष्ट है कि योगी सरकार ने आकांक्षात्मक ब्लॉकों को परिणाम आधारित विकास की दिशा में आगे बढ़ाया है। शिक्षा से सशक्तिकरण, गांवों में ज्ञान के नए केंद्र विकास खंडों को मिल रही प्रोत्साहन राशि से विकास के व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बरेली के मझगवां विकास खंड में दो उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों की रचनात्मक क्षमता और वैज्ञानिक सोच को विकसित करने के लिए एस्ट्रोनॉमी लैब का निर्माण किया गया है। इससे ग्रामीण बच्चों को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने का अवसर मिला। न्याय पंचायत गैनी में छात्रों के शैक्षिक विकास के लिए पुस्तकालय का निर्माण कराया गया। खेल और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा मझगवां (बरेली) में ही ग्राम पंचायत बेहटा बुजुर्ग में शारीरिक व सामाजिक विकास के दृष्टिगत मिनी स्टेडियम व ओपन जिम का निर्माण किया गया। यह पहल ग्रामीण युवाओं को खेलों से जोड़ने के साथ ही नशामुक्त, स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बालिकाओं की सुरक्षा और सुविधा पर विशेष फोकस प्रोत्साहन राशि का सदुपयोग बदायूं के वजीरगंज विकास खंड में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में भी देखा गया, जहां छात्राओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए सीसी रोड तथा बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया गया। यह योगी सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें ‘बेटी की सुरक्षा और शिक्षा’ को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। स्वच्छ ऊर्जा से प्रशासनिक सशक्तिकरण इसी प्रकार बलिया के सोहांव विकास खंड में विकास खंड कार्यालय भवन पर 10 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर पैनल सिस्टम स्थापित किया गया है। इससे न केवल बिजली खर्च में कमी आई है, बल्कि सरकारी कार्यालयों में ग्रीन एनर्जी मॉडल को भी बढ़ावा मिला है। स्वास्थ्य, पोषण और कौशल विकास में समन्वित प्रयास आकांक्षात्मक ब्लॉकों में स्वास्थ्य एवं पोषण, पेयजल, मानव संसाधन विकास और कौशल उन्नयन जैसे क्षेत्रों में लक्षित निवेश किया गया है। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और किशोरियों से जुड़े संकेतकों पर विशेष ध्यान देते हुए योजनाओं को लागू किया जा रहा है, ताकि सामाजिक विकास के साथ मानव विकास सूचकांक में भी सुधार हो। योगी मॉडल: प्रोत्साहन से परिणाम आधारित विकास आकांक्षात्मक विकास खंडों में दिख रहा यह परिवर्तन योगी सरकार के सुशासन, पारदर्शिता और निगरानी आधारित मॉडल का परिणाम है। यहां प्रोत्साहन राशि का उपयोग केवल निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि स्थायी लाभ, सामुदायिक भागीदारी और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है। आज उत्तर प्रदेश के ये आकांक्षात्मक ब्लॉक संदेश दे रहे हैं कि सरकारी धन यदि सही योजना, ईमानदार क्रियान्वयन और स्पष्ट विजन के साथ खर्च हो, तो वही क्षेत्र प्रेरणादायी विकास की मिसाल बन सकता है। योगी सरकार का यह मॉडल आने वाले समय में प्रदेश ही नहीं, देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक रोल मॉडल बनता दिख रहा है।

यूपी में ठंड का कहर जारी, अब भारी बारिश की चेतावनी; इन इलाकों में अलर्ट

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मौसम लगातार बदल रहा है। इन दिनों सुबह और शाम के समय प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया रहता है। कोहरे की वजह से दृश्यता काफी कम हो जाती है, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। हालांकि दिन में धूप निकलने से मौसम कुछ साफ हो जाता है और लोगों को थोड़ी राहत मिलती है। वहीं पश्चिमी यूपी में ठंडी और बर्फीली हवाओं के कारण ठिठुरन और गलन बढ़ गई है। इसी बीच मौसम विभाग ने आने वाले दिनों बारिश का भी अलर्ट जारी किया है। बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले पांच से छह दिनों में पूरे राज्य में न्यूनतम तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस तक धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, 19 और 20 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी या छिटपुट बारिश हो सकती है। बारिश के कारण ठंड और ज्यादा बढ़ सकती है। विभाग के अनुसार, शनिवार को भी कोहरे के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं रविवार से मौसम में बदलाव आने की संभावना है और पश्चिमी यूपी में बारिश हो सकती है। इन जिलों में चेतावनी मौसम विभाग ने सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, हापुड़, बिजनौर, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बहराइच, बाराबंकी, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती और अंबेडकर नगर जिलों में घने से अत्यंत घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में कई जगह दृश्यता शून्य तक जा सकती है। इसके अलावा नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, हाथरस, एटा, कासगंज, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, कन्नौज, हरदोई, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया और गाजीपुर में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।  

खेलों के प्रोत्साहन पर सीएम योगी का जोर, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को संवारने का संदेश

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों का आह्वान किया है कि वे किसी एक खेल को गोद लेकर उससे जुड़ी प्रतिभाओं को तराशें। खेल के जरिये स्वस्थ प्रतिस्पर्धा कराकर अनुशासन और खेल भावना को मजबूत करने में योगदान दें। सीएम योगी शुक्रवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय बास्केटबॉल (महिला) प्रतियोगिता के औपचारिक उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल गतिविधियों को बढ़ाने से युवा नशे से दूर रहेंगे और तमाम विकृतियों से बचे रहेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने खेलों के माध्यम से भी विकसित भारत बनाने के अभियान में भरपूर प्रयास किए हैं। प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मेरठ में बन चुकी है। मेरठ में हर प्रकार के स्पोर्ट्स आइटम बन रहे हैं और इसे सरकार ने ओडीओपी में शामिल किया है। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विगत 11 वर्षों में देश में एक नई खेल संस्कृति ने जन्म लिया है। 2014 के पहले खेल की गतिविधियां और प्रतियोगिताएं सरकार के एजेंडे का हिस्सा नहीं होती थीं। खेल और खिलाड़ियों की उपेक्षा होती थी। अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर न होने से खिलाड़ी खेल से पलायन करने को विवश होते थे। कुंठित, हताश और निराश रहते थे। जबकि 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में खेल और खिलाड़ियों का प्रोत्साहन देखते ही बनता है। पीएम मोदी ने खेलो इंडिया, फिट इंडिया और सांसद खेल प्रतियोगिता जैसे अभियानों से स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र की प्रेरणा दी है। गांव-गांव तक खेल प्रतिभाओं को मंच दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की प्राचीन परंपरा ने खेलकूद को सदैव महत्व दिया है। भारत की ऋषि परंपरा के उद्घोष ‘शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्’ का उद्धरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा जीवन के जितने भी साधन हैं, उन्हें स्वस्थ शरीर से ही प्राप्त किया जा सकता है। शरीर स्वस्थ रखने के लिए खेलकूद की गतिविधियों से जुड़ना होगा। नियम, संयम और अनुशासन से शरीर पर ध्यान देना होगा। स्वस्थ शरीर से ही समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि खेलकूद को तमाम परिवारों ने जीवन का हिस्सा बनाया है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में बेटे-बेटी में भेदभाव नहीं है। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को आगे बढ़ाया गया है। प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान व ओपन जिम, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम, जिला स्तर पर स्टेडियम बनाने के कार्य युद्धस्तर पर आगे बढ़े हैं। खेल गतिविधियां अनौपचारिक न रहें, बल्कि दिनचर्या का हिस्सा बनें, इसके लिए सरकार ने 96000 से अधिक युवक मंगल दलों और महिला मंगल दलों को स्पोर्ट्स किट वितरित की हैं। खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए सरकार की तत्परता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ओलंपिक में प्रदेश के प्रतिभागी खिलाड़ी को सरकार 10 लाख रुपये देती है। ओलंपिक एकल स्पर्धा में स्वर्ण पदक विजेता को 6 करोड़ रुपये का पुरस्कार और क्लास वन जॉब देने की व्यवस्था बनाई गई है। ओलंपिक की टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले यूपी के खिलाड़ी को 3 करोड़ और एकल स्पर्धा में रजत पदक विजेता को भी 3 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स गुजरात में होंगे। हर राज्य और खिलाड़ियों को इसके अनुरूप खुद को तैयार करना होगा। भारत 2036 के ओलंपिक गेम्स की मेजबानी के लिए भी आवेदन कर रहा है। उन्होंने गोरखपुर को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से समृद्ध धरा बताने के साथ आजादी के आंदोलन में चौरीचौरा की घटना, वैदिक साहित्य के विश्व में सबसे बड़े प्रकाशन केंद्र 'गीता प्रेस' की महत्ता बताई। साथ ही अमर सेनानी पंडित रामप्रसाद बिस्मिल तथा बंधु सिंह से इस जिले के किसी न किसी रूप में जुड़ाव का उल्लेख करते हुए गोरखपुर को महान उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद की कर्मभूमि बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर अनेक विभूतियों की पावन धरा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गोरखपुर विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद की खेल विवरणिका का विमोचन भी किया।

यूपी में झूठी FIR पर कार्रवाई, गवाह भी होंगे दायित्व में, HC ने DGP को दिए कड़े निर्देश

प्रयागराज  इलाहाबाद हाई कोर्ट ने झूठी एफआईआर दर्ज कराने की बढ़ती प्रवृत्ति पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाला फैसला दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि झूठी एफआईआर दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ता ही नहीं, बल्कि उनके गवाहों के खिलाफ भी आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरि ने आदेश दिया है कि यदि किसी मामले की विवेचना के बाद यह निष्कर्ष निकलता है कि कोई अपराध बनता ही नहीं है और अंतिम/क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जाती है, तो विवेचना अधिकारी को शिकायतकर्ता एवं गवाहों के विरुद्ध लिखित शिकायत भी प्रस्तुत करनी होगी। यह शिकायत बीएनएस की धारा 212 और 217 (पूर्व में आईपीसी की धारा 177 व 182) के अंतर्गत होगी, ताकि बीएनएस की धारा 215(1)(ए) (सीआरपीसी की धारा 195(1)(ए)) के तहत संज्ञान लिया जा सके। पुलिस महानिदेशक को दिए निर्देश कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि इस कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी की गई तो विवेचना अधिकारी, थाना प्रभारी, सर्किल अधिकारी ही नहीं, बल्कि संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई और अदालत की अवमानना की कार्यवाही हो सकती है। इस संबंध में हाई कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया है कि वे अधीनस्थ अधिकारियों के लिए आवश्यक आदेश जारी करें। कोर्ट ने कहा कि यदि विवेचना अधिकारी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करता है, तो केवल रिपोर्ट दाखिल करना पर्याप्त नहीं होगा। उसे पुलिस रेगुलेशन के अनुसार झूठी सूचना देने के लिए विधिवत शिकायत दर्ज कराना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर संबंधित पुलिस और न्यायिक अधिकारियों के आचरण के विरुद्ध हाई कोर्ट में उचित कार्रवाई के लिए संपर्क किया जा सकता है। अधीनस्थ अदालतों को निर्देश दिया एकलपीठ ने सभी न्यायिक मजिस्ट्रेटों और अधीनस्थ अदालतों को निर्देश दिया है कि अभियुक्त के पक्ष में क्लोजर रिपोर्ट आने की स्थिति में वे पूरी केस डायरी का अवलोकन करें। साथ ही, जांच अधिकारी को सूचक (वादी) और एफआईआर में नामित गवाहों के विरुद्ध लिखित शिकायत प्रस्तुत करने का निर्देश दें, जैसा कि सीआरपीसी की धारा 195(1)(ए) (तदनुरूप बीएनएसएस की धारा 215(1)(ए)) में प्रावधानित है। कोर्ट ने यह भी कहा कि संज्ञान लेने से पूर्व न्यायिक मजिस्ट्रेट पूरे अभिलेखों का परीक्षण करें। यदि प्रथमदृष्टया अपराध बनता प्रतीत न हो, तो शिकायतकर्ता से विरोध याचिका (प्रोटेस्ट पिटीशन) आमंत्रित कर उसे सुनें। इसके पश्चात यदि अपराध बनता है, तभी सीआरपीसी की धारा 190(1)(ए) या 190(1)(बी) के तहत संज्ञान लिया जाए। शिकायत भी अनिवार्य रूप से दाखिल करें इसके अतिरिक्त, कोर्ट ने निर्देश दिया है कि पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक यह सुनिश्चित करें कि सभी विवेचना अधिकारी, थाना प्रभारी, सर्किल अधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक एवं लोक अभियोजक अंतिम/क्लोजर रिपोर्ट के साथ आवश्यक शिकायत भी अनिवार्य रूप से दाखिल करें। इस आदेश के अनुपालन के लिए 60 दिनों की समय-सीमा तय की गई है। यह है मामला मामले के अनुसार, अलीगढ़ निवासी उम्मे फारवा ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर अपने पूर्व पति महमूद आलम खान द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर को चुनौती दी थी। याची ने पुलिस की अंतिम रिपोर्ट को सही ठहराते हुए मजिस्ट्रेट द्वारा प्रोटेस्ट याचिका स्वीकार कर केस कायम करने की कार्रवाई को न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया था। याची और विपक्षी पहले कोरिया के सियोल में रहते थे। लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर विवाद के बाद दोनों का तलाक हो गया। इसके पश्चात पूर्व पति ने अलीगढ़ के क्वार्सी थाने में एफआईआर दर्ज करा दी। पुलिस ने विवेचना के बाद अंतिम रिपोर्ट दाखिल की, लेकिन प्रोटेस्ट याचिका पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामला कायम रखते हुए याची को समन जारी कर दिया। इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने मजिस्ट्रेट की सफाई को आंशिक रूप से संतोषजनक माना और स्पष्ट किया कि उसकी टिप्पणियों का उनके भविष्य के कैरियर पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि, हाई कोर्ट ने अलीगढ़ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश रद्द करते हुए निर्देश दिया है कि मामले में नए सिरे से, विधि के अनुसार अभियुक्त को सुनकर निर्णय लिया जाए।

योगी सरकार का बड़ा फैसला: 6 नए नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर को मिली मंजूरी, उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार

लखनऊ   उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को नया आयाम देते हुए योगी सरकार ने राज्य में छह नए नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इन कॉरिडोर के निर्माण से उत्तर से दक्षिण तक जिलों का सीधा जुड़ाव होगा और दो दर्जन से अधिक जिलों के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। प्रदेश सरकार की ओर से इन कॉरिडोर को लेकर बनाई गई कार्ययोजना को लोक निर्माण विभाग (PWD) ने स्वीकृति दे दी है। जल्द ही कैबिनेट से लागत (एस्टिमेट) को मंजूरी दिलाकर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। पहली बार नॉर्थ-साउथ कनेक्टिविटी पर फोकस अब तक प्रदेश में बने अधिकांश एक्सप्रेसवे और हाईवे पूर्व-पश्चिम दिशा में हैं। यह पहली बार है जब उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी को लेकर योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीते दो वर्षों से इस दिशा में लगातार प्रयास कर रहे थे। सीएम योगी इस संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भी मांग कर चुके हैं। हाल ही में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष भी नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर का मुद्दा उठाया था। ये हैं प्रदेश के 6 नए नॉर्थ-साउथ कॉरिडोरः श्रावस्ती-प्रयागराज कॉरिडोर (262 किमी)     मार्ग: इकौना (श्रावस्ती)-अयोध्या-सुल्तानपुर-प्रयागराज     चार पैकेज में निर्माण     कई हिस्सों में सिक्स लेन ग्रीनफील्ड हाईवे     शामली-गोरखपुर हाईवे, पूर्वांचल और विंध्य एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी कुशीनगर-वाराणसी कॉरिडोर (220 किमी)     मार्ग: कुशीनगर-देवरिया-दोहरीघाट-गाजीपुर-वाराणसी     अनुमानित लागत: ₹342 करोड़     कुछ खंड पहले से फोर लेन, शेष का निर्माण PWD करेगा नेपाल सीमा से प्रयागराज कॉरिडोर (295 किमी)     मार्ग: पिपरी (भारत-नेपाल सीमा)-सिद्धार्थनगर-जौनपुर-प्रयागराज     PWD और NHAI/MoRTH द्वारा संयुक्त निर्माण     कुल लागत 1,380 करोड़ रुपये से अधिक लखीमपुर–बांदा कॉरिडोर (502 किमी)     मार्ग: लखीमपुर-सीतापुर-लखनऊ-उन्नाव-फतेहपुर-बांदा     कई हिस्से पहले से फोर लेन     PWD और NHAI दोनों एजेंसियां करेंगी निर्माण बरेली–ललितपुर कॉरिडोर (547 किमी)     मार्ग: बरेली-आगरा-झांसी-ललितपुर     गंगा, यमुना और प्रस्तावित शामली–गोरखपुर एक्सप्रेसवे से कनेक्ट     अधिकांश हिस्से पहले से फोर लेन पीलीभीत–उरई–हरपालपुर कॉरिडोर (514 किमी)     मार्ग: पीलीभीत टाइगर रिजर्व-शाहजहांपुर-फर्रुखाबाद-उरई-हरपालपुर     गंगा, आगरा–लखनऊ और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से लिंक     कुल लागत करीब ₹1,188 करोड़ दो साल में पूरे होंगे सभी प्रोजेक्ट लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाए जाने वाले हिस्सों की कार्ययोजना स्वीकृत हो चुकी है। NHAI और MoRTH को भी उनके हिस्सों की जानकारी भेज दी गई है। लोक निर्माण के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने बताया कि कैबिनेट से स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा और दो साल के भीतर सभी छह कॉरिडोर पूरे कर लिए जाएंगे।  

साफ मौसम से त्रिवेणी में दो दिनों में स्नान करने वालों की संख्या 2 करोड़ के पास पहुंची

माघ मेले में मकर संक्रांति स्नान पर्व पर उठी आस्था की लहर, 1 करोड़ से अधिक लोगों ने लगाई पुण्य की डुबकी साफ मौसम से त्रिवेणी में दो दिनों में स्नान करने वालों की संख्या 2 करोड़ के पास पहुंची साधु-संतों और कल्पवासियों के साथ किन्नर अखाड़े ने भी किया भव्य स्नान, हर-हर महादेव की हर तरफ गूंज मेला क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर रही चौकसी, सक्रिय और सतर्क प्रशासनिक मशीनरी से स्नान पर्व सकुशल संपन्न प्रयागराज में मकर संक्रांति स्नान पर्व में माघ मेला में 1.03 करोड़ श्रद्धालुओं ने किया पुण्य स्नान – ऋषिराज, मेला अधिकारी प्रयागराज प्रयागराज में मकर संक्रांति पर्व पर आस्था का सैलाब उमड़ा। त्रिवेणी तट पर आयोजित माघ मेले के दूसरे स्नान पर्व पर देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। प्रशासन की तरफ से की गई चाक चौबंद व्यवस्था के चलते माघ मेले का दूसरा स्नान पर्व सकुशल संपन्न हो गया। माघ मेला क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं के पुण्य स्नान करने का सिलसिला शुरू हो गया। कल्पवासियों ने त्रिवेणी तट पहुंच कर संगम में आस्था की डुबकी लगाई और खिचड़ी, गुड़ का दान कर संक्रांति की परम्परा को पूरा किया। दंडी साधुओं और आचार्य सम्प्रदाय के संतों ने नजदीकी गंगा घाटों पर डुबकी लगाई और उत्तरायण भगवान भास्कर की पूजा अर्चना की। माघ मेले में अखाड़ों के स्नान की परम्परा नहीं है, लेकिन अखाड़ों से जुड़े कई नागा संन्यासी भी संक्रांति स्नान के लिए संगम पहुंचे और व्यक्तिगत रूप से मोक्ष की डुबकी लगाई। इसी दौरान ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गंगा पूजन कर अपनी 'गो प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा' का विधिवत शुभारंभ किया। मौसम खुला होने की वजह से त्रिवेणी में संक्रांति स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई। मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि मकर संक्रांति पर बृहस्पतिवार शाम 4 बजे तक 91 लाख से अधिक लोग पुण्य की डुबकी लगा चुके थे और सूर्यास्त तक त्रिवेणी में डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 1.03 करोड़ पहुंच गई। सनातनी किन्नर अखाड़े ने किया गंगा स्नान, बांग्लादेश में हिंदुओं के उत्पीड़न पर संकल्प का आवाहन मकर संक्रांति स्नान पर्व पर सभी समान भाव से पुण्य की डुबकी लगाते दिखाई दिए। माघ मेला क्षेत्र में प्रयागवाल नगर में कल्पवास कर रहा सनातनी किन्नर अखाड़ा पूरे उत्साह के साथ सुबह गंगा तट के लिए निकला । इस दौरान रास्ते में किन्नर अखाड़े के शिष्यों द्वारा तांडव नृत्य की प्रस्तुति की गई, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय व अलौकिक बना दिया। अखाड़े के सदस्यों ने गंगा तट पहुंचकर सबसे पहले अपनी कुलदेवी बउचरा माता को गंगा स्नान कराया और फिर सामूहिक स्नान किया।  इस दौरान अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरी ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि बांग्लादेश में जिस तरह से हिंदुओं का उत्पीड़न हो रहा है, उसे देखते यूपी के सीएम योगी जी के सभी सनातनियों के एकजुट होने के आह्वान को संकल्प में बदलने का समय आ गया है। सभी सनातनी एकजुट होंगे तभी सुरक्षित रहेंगे।