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योगी बोले—यूपी पुलिस देश की सर्वश्रेष्ठ फोर्स, अपराध पर जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन, लखनऊ में पुलिस कांस्टेबल के 2025 बैच की पासिंग-आउट परेड की सलामी ली और अपने संबोधन के दौरान पुलिस बल का हौसला भी बढाया। उन्होंने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी ताकत उसका अनुशासन है। मुख्यमंत्री ने समारोह में कांस्टेबलों को प्रशंसा पत्र और पुरस्कार भी वितरित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस तो प्रदेश और प्रदेश के बाहर भी संकट में रहती थी। अब यह अब देश के बेहतरीन पुलिस बलों में से एक बनकर उभरी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब उत्तर प्रदेश में सरकार और पुलिस पर माफिया का राज नहीं चलता। यहां पर कानून का राज चलता है और राज्य का सशक्त पुलिस बल माफिया को सरंक्षण देने नहीं, बल्कि उनको कुचलने का काम कर रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के सभी पुलिस बल की काफी प्रशंसा की और कहा कि अब राज्य में दंगे नहीं होते हैं। यहां से रंगदारी और गुंडा टैक्स खत्म हो गए हैं। अपराधी काफी डरे-सहमे हुए हैं और पुलिस का मनोबल भी ऊंचा है। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश में न तो बेटियां सुरक्षित थीं और न ही व्यापारी। हमारा राज्य अस्थिरता और अराजकता का पर्याय बन गया था। जहां 2017 से पहले दंगे हुआ करते थे, वहीं आज उत्तर प्रदेश पुलिस उन्हें होने से पहले ही रोकने में सफल है। योगी आदित्यनाथ ने नए भर्ती हुए जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि अपराधियों के प्रति कानून उतना ही सख्त होना चाहिए जितना वह नागरिकों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने और विश्वास जताया कि नवागत सभी कांस्टेबल उत्तर प्रदेश पुलिस की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने महिला कर्मियों को भी बधाई दी और कहा कि बेटियों ने पूरी मजबूती, तत्परता और अनुशासन के साथ अपना प्रशिक्षण पूरा किया है, जो कि सराहनीय है। 2.18 लाख से अधिक पुलिस कर्मियों की भर्ती मुख्यमंत्री ने प्रदेश में भर्ती को लेकर कहा कि 15 जून, 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 60,000 से अधिक कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र वितरित किए थे, जिनका प्रशिक्षण पिछले वर्ष 21 जुलाई को शुरू हुआ था। पिछले नौ वर्षों में 2.18 लाख से अधिक पुलिस कर्मियों की भर्ती की गई है और एक लाख से अधिक को पदोन्नति दी गई है, जबकि 2017 के बाद से पुलिस का बजट तीन गुना बढ़ गया है। उन्होंने आगे कहा कि सात पुलिस कमिश्नरेट स्थापित किए गए हैं। महिला कार्यबल 13 से बढ़ाकर 26 प्रतिशत यूपी पुलिस में महिला कार्यबल 13 से बढ़ाकर 26 प्रतिशत किया गया है। यूपी पुलिस की परंपरा को आगे बढ़ाने की उम्मीद है। जिससे कि अपराध और अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहे। उन्होंने कहा कि 2017 में प्रशिक्षण क्षमता सिर्फ तीन हजार थी जो अब 60 हजार हो गई है। इनको आधुनिक हथियारों से प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें सिपाहियों को इंसास राइफल से ट्रेनिंग दी गई है। ATS को NIA की तर्ज पर प्रशिक्षण सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की तर्ज पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर पुलिस स्टेशन और फोरेंसिक लैब स्थापित किए गए हैं, और 'मिशन शक्ति' के तहत महिलाओं की सुरक्षा के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इस बार की भर्ती में 20 प्रतिशत महिलाएं शामिल की गई हैं। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि 2025 का बैच देश में पहली बार ऐसा मौका है जब 60,244 कांस्टेबल सीधे भर्ती किए गए हैं, जिनमें 12,000 से अधिक महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम बताया।  

आरटीई: योगी सरकार की सख्ती का असर, आदेश के बाद महज चार दिनों में 15,679 नामांकन

– एसीएस पार्थ सारथी सेन शर्मा के कड़े निर्देश के बाद सिस्टम में आई तेजी, 1.08 लाख से बढ़कर नामांकन 1.24 लाख पार – शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत चार दिनों में 15,679 नए प्रवेश, 14.4% की तेज बढ़त – कुल लक्ष्य का 63.6% हासिल, जिलों में बढ़ी जवाबदेही, प्रतिदिन समीक्षा से पूरा प्रशासन एक्शन मोड में आया लखनऊ उत्तर प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के अंतर्गत नामांकन को लेकर योगी सरकार की सख्ती अब सीधे नतीजों में बदलती दिखाई दे रही है। अपर मुख्य सचिव, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा के कड़े निर्देश और स्पष्ट चेतावनी के बाद महज चार दिनों में ही पूरे प्रशासनिक तंत्र की रफ्तार बदल गई है और नामांकन प्रक्रिया ने तेज गति पकड़ ली है। आरटीई के अंतर्गत आवंटित सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित कराने को लेकर शासन स्तर से स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि कोई भी पात्र बच्चा प्रवेश से वंचित नहीं रहना चाहिए और जहां भी लापरवाही मिलेगी, वहां सीधे कार्रवाई की जाएगी। इसी सख्ती का असर अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। गरीब और वंचित बच्चों के लिए कुल 1,95,740 आवंटनों के सापेक्ष अब तक 1,24,545 बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 63.6 प्रतिशत है। उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल तक यह संख्या 1,08,866 थी, लेकिन सख्त निर्देशों के बाद चार दिनों में 15,679 नए नामांकन जुड़ गए, जो लगभग 14.4 प्रतिशत की तेज बढ़त को दर्शाता है। यह उछाल बताता है कि योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति जमीन पर असर दिखाने वाली कार्यशैली है। अब हर जिले में अधिकारी लक्ष्य हासिल करने के लिए पूरी सक्रियता के साथ जुटे हैं और जवाबदेही स्पष्ट हो गई है। योगी सरकार ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत नामांकन को मिशन मोड में संचालित करते हुए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि समयबद्ध लक्ष्य हासिल करना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

योगी सरकार का सख्त निर्देश, 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों को स्कूल से जोड़ने का लक्ष्य

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे को सशक्त बनाने के लिए ‘स्कूल चलो अभियान’ को निर्णायक और मिशन मोड में लागू कर दिया है। सरकार का यह कदम इस स्पष्ट संदेश के साथ आया है कि अब प्रदेश का कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर नहीं रहेगा। इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिलाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि 6 से 14 वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे का नामांकन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। वंचित वर्गों पर विशेष ध्यान इस अभियान के तहत आगामी पहली मई से पूरे प्रदेश में एक व्यापक और विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत मुख्य रूप से श्रमिक बस्तियों, ईंट-भट्ठों और समाज के वंचित वर्गों के बच्चों को चिह्नित कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। सरकार ने दिव्यांग बच्चों के नामांकन को प्राथमिकता देने के साथ-साथ 'शिक्षा के अधिकार' (RTE) के तहत लॉटरी से चयनित पात्र बच्चों का आवंटित विद्यालयों में शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में भी छात्राओं के प्रवेश को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। ड्रॉपआउट रोकने की अभूतपूर्व रणनीति बच्चों की पढ़ाई बीच में छूटने (ड्रॉपआउट) की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने जमीनी स्तर पर ठोस रणनीति तैयार की है। शिक्षा की निरंतरता बनाए रखने के लिए कक्षा 5 से 6, 8 से 9 और 10 से 11 के स्तर पर 100% ट्रांजिशन (कक्षा परिवर्तन) सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रारंभिक या माध्यमिक शिक्षा पूरी करने के बाद बच्चे अगली बड़ी कक्षा में अनिवार्य रूप से प्रवेश लें। सक्रिय भागीदारी और कड़ी मॉनिटरिंग इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन की सक्रिय भागीदारी और निरंतर मॉनिटरिंग की योजना बनाई गई है। अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक गाँव, वार्ड और बस्ती स्तर पर घर-घर जाकर सर्वे करें और स्कूल से बाहर रह गए बच्चों को चिह्नित कर उन्हें तुरंत विद्यालयों से जोड़ें। जहाँ पूर्व में ड्रॉपआउट एक गंभीर चिंता का विषय था, वहीं अब योगी सरकार तकनीक और व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से हर बच्चे को स्कूल तक पहुँचाने का कार्य कर रही है।  

महिला सशक्तिकरण की मिसाल: Yogi Adityanath के सामने आरक्षियों ने ली शपथ, कहा- बढ़ा आत्मविश्वास

नारी शक्ति को मिला सम्मान, पासिंग आउट परेड में महिला आरक्षियों ने सीएम योगी का जताया आभार रिजर्व पुलिस लाइन में 2025 बैच के आरक्षियों का दीक्षांत समारोह महिला आरक्षियों ने कहा- योगी सरकार में मिला अवसर और सम्मान लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को 60,244 आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती के अंतर्गत वर्ष 2025 बैच के पुलिस आरक्षियों के दीक्षांत परेड समारोह में शामिल हुए। रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद चयनित महिला आरक्षियों ने खुशी जाहिर करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया और सरकार की नीतियों की सराहना की। रायबरेली की दीप्ति पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में महिला आरक्षी पद की शपथ लेना उनके लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि सरकार ने महिलाओं को सुरक्षा के साथ जिम्मेदारी निभाने का अवसर दिया है। जो जिम्मेदारी मिली है, उसे पूरी निष्ठा से निभाएंगी। योगी सरकार में बढ़ा महिलाओं का मान-सम्मान चयनित पुलिस आरक्षी सुमन यादव ने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार का यह कदम महिलाओं के मान-सम्मान को बढ़ाने वाला है। उन्होंने महिलाओं से आगे आकर देश और प्रदेश की सेवा करने की अपील की। जौनपुर की प्रीति पटेल ने कहा कि योगी सरकार में महिलाओं को समान अवसर मिल रहे हैं और भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ हो रही है। गाजीपुर की श्रुति यादव ने कहा कि उन्हें देश और प्रदेश की सेवा करने का मौका मिला है, यह उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मौजूदगी से सभी चयनित आरक्षियों का उत्साह कई गुना बढ़ गया है। सीएम योगी के नेतृत्व में बढ़ा आत्मविश्वास आरक्षी के पद पर चयनित काजल सिंह ने कहा कि पुलिस विभाग का हिस्सा बनकर बेहद अच्छा लग रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और किसी से डर नहीं लगता। उन्होंने कहा कि सभी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनकर समाज को आगे बढ़ाने में योगदान देना चाहिए। आरक्षी के पद पर चयनित आरती यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस में सेवा का अवसर मिलना सम्मान की बात है और वह अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से पालन करेंगी।  उत्साहित दिखीं चयनित आरक्षी आरक्षी पद पर चयनित मिर्जापुर की अर्चना गिरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में शपथ लेना उनके जीवन का यादगार पल है। उन्होंने महिलाओं से आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया। वहीं प्रियंका मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने सभी आरक्षियों में नई ऊर्जा भरने का काम किया है। वहीं आरक्षी अंजलि मौर्य भी चयनित होकर काफी उत्साहित नजर आईं। इस दौरान उन्होंने कहा कि सीएम योगी के कुशल नेतृत्व की वजह से प्रदेश की महिलाएं अलग- अलग क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहीं हैं।

मुख्यमंत्री के सम्मान से आरक्षियों में जोश, DGP ने दिलाई सेवा और ईमानदारी की शपथ

लखनऊ दीक्षांत परेड में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों पुरस्कार पाकर आरक्षियों का हौसला भी बढ़ा। महिला आरक्षी नेहा यादव को तीन, सोनम को दो व रिया सिंह कुशवाहा को एक पुरस्कार प्रदान किया गया। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को स्मृति चिह्न प्रदान किया। डीजीपी ने दीक्षांत परेड में आरक्षियों को शपथ भी दिलाई।  परेड कमांडर प्रथम- महिला रिक्रूट आरक्षी नेहा यादव  परेड कमांडर द्वितीय- महिला रिक्रूट आरक्षी रिया सिंह कुशवाहा परेड कमांडर तृतीय- महिला रिक्रूट आरक्षी कुमारी सोनम  अंतः विषय टॉपर (समग्र कोर्स)- कुमारी नेहा यादव वाह्य विषय टॉपर (समग्र कोर्स)-कुमारी सोनम  सर्वांग सर्वोत्तम पुरस्कार- कुमारी नेहा यादव

महिला शक्ति का परचम: पुलिस ट्रेनिंग में बेटियों ने दिखाई तत्परता और मजबूती, सीएम योगी का बयान

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आरक्षी प्रशिक्षण के दौरान बेटियों ने जिस मजबूती, तत्परता, समर्पण व अनुशासन का परिचय दिया है, वह सराहनीय है। अनुशासन व टीमवर्क का उत्कृष्ट भाव सबसे बड़ी ताकत है। इन सबको समाहित करते हुए देश के लिए सर्वोत्कृष्ट योगदान देने की भावना वर्दीधारी बल का सबसे महत्वपूर्ण अंग होती है। प्रशिक्षण में जितना पसीना बहेगा, बाद के जीवन में उतना ही कम खून बहाने की नौबत आती है। सीएम योगी रविवार को 60,244 आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती के अंतर्गत वर्ष 2025 बैच के पुलिस आरक्षियों के दीक्षांत परेड समारोह को संबोधित कर रहे थे। रिजर्व पुलिस लाइन में हुए आयोजन में सीएम ने परेड का निरीक्षण किया और सलामी भी ली।  कानून अपराधी के लिए कठोर और नागरिकों के लिए संवेदनशील होना चाहिए सीएम ने प्रशिक्षण पूर्ण कर दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनने वाली महिला आरक्षियों को बधाई दी और कहा कि सभी ने लगन व अनुशासन के साथ कठोर प्रशिक्षण प्राप्त किया है। अब आप सबको जनपदों की फील्ड ड्यूटी में जाना है। याद रखिए, कानून अपराधी के लिए जितना कठोर हो, नागरिकों के प्रति उतना ही संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी आरक्षी प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान, कौशल व मूल्यों का उपयोग करते हुए निष्ठा, ईमानदारी व कर्तव्य परायणता से यूपी पुलिस की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।  कई प्रशिक्षण केंद्रों में जाकर देखा, अब बेहतर प्रशिक्षण व सुविधाएं सीएम योगी ने कहा कि आज प्रदेश के 10 पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों, 73 जनपदों की पुलिस लाइंस, 29 पीएसी बटालियनों, 112 रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटरों में एक साथ आरक्षी दीक्षांत परेड आयोजित की जा रही है। 15 जून 2025 को लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 60,244 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए थे। 21 जुलाई से इनका प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ। इस दौरान मैं भी विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों में गया और देखा कि प्रशिक्षण व सुविधाएं पहले से बेहतर हुई हैं।  हमने यूपी को देश के बेहतरीन पुलिस बल के रूप में स्थापित किया सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले यूपी पुलिस के सामने चुनौती व संकट था, लेकिन हमने इसे देश के बेहतरीन पुलिस बल के रूप में स्थापित किया। हमने 2.18 लाख से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती और 1 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों का प्रमोशन किया। 2017 में पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता महज 3 हजार थी, लेकिन हमने 60244 पुलिस आरक्षियों का प्रशिक्षण यूपी के केंद्रों में ही एक साथ संपन्न किया है, जो 9 वर्ष में अर्जित की गई प्रगति को दर्शाता है।  2017 में टूटे-फूटे बैरक थे, अब 55 जनपदों में हाईराइज भवन सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले पुलिस के बैरक टूटे-फूटे, खपड़ैल व टीनशेड के होते थे, लेकिन अब 55 जनपदों में पुलिस कार्मिकों के बैरक व आवासीय सुविधा के हाईराइज भवन दिखाई देते हैं। प्रशिक्षण केंद्र उत्कृष्ट हो रहे हैं। हर प्रशिक्षु को आधारभूत प्रशिक्षण देने के साथ ही व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया गया। यूपी पुलिस ट्रेनिंग पोर्टल भी लांच किया गया। शारीरिक प्रशिक्षण को वैज्ञानिक व आधुनिक बनाने के लिए स्मार्ट पीटी प्रोग्राम लागू किया गया। आउटडोर प्रशिक्षण में पुरानी 303 नॉट राइफल के स्थान पर आधुनिक इंसास व एसएलआर राइफल द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।  मिशन कर्मयोगी में यूपी का उत्कृष्ट प्रदर्शन सीएम योगी ने इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में मिशन कर्मयोगी के तहत कर्मयोगी पोर्टल पर 5 विशेष मॉडयूल तैयार किए गए। 32 विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। हाल में संचालित साधना सप्ताह में शासकीय कर्मचारियों ने 1.25 करोड़ कोर्स पूर्ण कर यूपी को देश में पहला स्थान दिलवाया है। यूपी पुलिस ने इसमें 28 लाख कोर्स पूरे किए। यूपी पुलिस देश भर के सभी राज्यों-विभागों में चौथे स्थान पर रही है।  यूपी एटीएस को अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के मानक के अनुरूप दिया जा रहा प्रशिक्षण सीएम योगी ने कहा कि यूपी एटीएस के अधिकारियों व जवानों को एनआईए और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के मानक के अनुरूप प्रशिक्षण देने का कार्य चल रहा है। पुलिस बल को व्यावहारिक दक्षता व सॉफ्ट स्किल पर आधारित विशेष ट्रेनिंग भी दी जा रही है। 75 जनपदों में साइबर थानों की स्थापना के साथ ही पुलिस कर्मियों को आधुनिक साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लखनऊ में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेस की स्थापना की गई है। यहां पुलिस बल को वैज्ञानिक जांच की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।  अब अपराधियों में भय, पुलिस का मनोबल ऊंचा सीएम योगी ने कहा कि यूपी पुलिस देश में मॉडल व ‘स्मार्ट’ है। यूपी पुलिस आमजन को सुरक्षा, सुविधा उपलब्ध कराने में योगदान दे रही है। अब यूपी में दंगे नहीं होते, सत्ता के समानांतर कोई राज नहीं चलता, गुंडा टैक्स व अवैध वसूली भी नहीं होती। अब यूपी में अपराधियों के मन में भय और पुलिस का मनोबल ऊपर है। पहले प्रदेश की छवि अराजकता-अस्थिरता का पर्याय बनी था, लेकिन अब स्पष्ट नीति व साफ नीयत का परिणाम साफ दिखाई देता है। 2017 के पहले की स्थिति बयां करते हुए सीएम ने कहा कि प्रदेश में दंगे और महीनों कर्फ्यू लगता था। कोई खुद को सुरक्षित नहीं महसूस करता था, लेकिन यूपी पुलिस अब दंगे से पहले ही उसे रोकने में सफल है। अब यूपी में महिला कार्यबल 13 से बढ़कर 36 फीसदी से अधिक हुआ है। यूपी पुलिस ने खुद को आर्थिक प्रगति की रीढ़ के रूप में भी तैयार किया है। इस कारण प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है।  2019-20 से चल रहा ‘मिशन शक्ति’ सीएम योगी ने कहा कि 2019-20 से अनवरत मिशन शक्ति के अंतर्गत महिला सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के लिए कार्यक्रम बढ़ रहे हैं। हर थाने में मिशन शक्ति केंद्र बने हैं। तीन महिला पीएसी बटालियनों (लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी, गोरखपुर में झलकारी बाई कोरी व बदायूं में अवंती बाई लोधी) का गठन किया गया है। तीन अन्य नई बटालियन के गठन की प्रक्रिया को बढ़ाया गया है। 17 नगर निगम व गौतमबुद्ध नगर में सेफ सिटी परियोजना को लागू किया है।  यूपी पुलिस की बेहतरी के लिए लगातार कार्य … Read more

कनाडा में छिपे मास्टरमाइंड पर शिकंजा, रेड कॉर्नर नोटिस की तैयारी शुरू

आगरा उत्तर प्रदेश के आगरा से शुरू हुए धर्मांतरण सिंडिकेट मामले में पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. सिंडिकेट के मुख्य आरोपी और फंडिंग के स्रोत दाऊद अहमद पर शिकंजा कसते हुए आगरा पुलिस ने भोपाल स्थित उसकी संपत्ति को कुर्क कर दिया है और अब पुलिस उसे विदेश से भारत लाने की तैयारी में जुट गई है. इस पूरे मामले में अब इंटरनेशनल कनेक्शन और फंडिंग नेटवर्क की जांच भी तेज हो गई है. आगरा पुलिस ने भोपाल के गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित रिलायबल हाईटेक सिटी में दाऊद अहमद के घर पर पहुंचकर कुर्की की कार्रवाई पूरी की. इससे पहले CrPC की धारा 82 के तहत नोटिस चस्पा किया गया था, लेकिन अदालत में पेश न होने पर अब धारा 83 के तहत संपत्ति कुर्क कर दी गई. कनाडा में छिपा है दाऊद आगरा पुलिस का मकसद साफ है कि आरोपी या उसका परिवार अब संपत्ति बेचकर फरार न हो सके. पुलिसिया सूत्रों के मुताबिक, पिछले 3 सालों से दाऊद अहमद कनाडा में मौजूद है. उसे भारत लाने के लिए आगरा पुलिस उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग से पत्राचार कर रही है ताकि CBI के जरिए इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया जा सके. इसके साथ ही MLAT यानी म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी के तहत भी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. इस पूरे मामले में एक बड़ा इंटरनेशनल कनेक्शन भी सामने आ रहा है. सूत्रों के मुताबिक, दाऊद अहमद का संबंध कनाडा के ब्राम्पटन इस्लामिक सेंटर (Brampton Islamic Centre) से बताया जा रहा है. जांच एजेंसियां इस एंगल की पड़ताल कर रही हैं कि विदेश से आने वाली फंडिंग का इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया जा रहा था और क्या इसके जरिए देश के अंदर कोई संगठित नेटवर्क ऑपरेट किया जा रहा था. बताया जा रहा है कि दाऊद अहमद पिछले करीब तीन साल से भारत नहीं आया है और उसकी गतिविधियां अब केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के रडार पर हैं. जानिए क्या है पूरा मामला दरअसल, इस पूरे सिंडिकेट का खुलासा जुलाई 2025 में हुआ था. जब आगरा के सदर क्षेत्र से दो सगी बहनें लापता हो गई थीं. जांच में सामने आया कि दोनों एक संगठित गिरोह के संपर्क में आ गई थीं. पुलिस ने उन्हें कोलकाता से बरामद किया, जिसके बाद इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ. 14 से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार इस मामले में अब तक 14 से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. गिरोह का मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान दिल्ली में सक्रिय था, जबकि उसकी सहयोगी आयशा गोवा से नेटवर्क चला रही थी. कनाडा और यूएई से फंडिंग पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस सिंडिकेट को विदेशों खासतौर पर कनाडा और यूएई से फंडिंग मिल रही थी. जांच में दाऊद अहमद को इस फंडिंग का अहम स्रोत बताया गया. पुलिस ने दाऊद अहमद की गिरफ्तारी के लिए भोपाल में दबिश भी दी, लेकिन वह हाथ नहीं आया. अदालत के आदेश के बावजूद पेश न होने पर अब सख्ती बढ़ा दी गई है. थाना सदर बाजार में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 209 के तहत एक और मुकदमा भी दर्ज किया गया है. पुलिस कमिश्नर का कड़ा संदेश इस पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने कई लड़कियों को इस गिरोह के चंगुल से मुक्त भी कराया है. यानी साफ है कि पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के नेतृत्व में आगरा से हुए खुलासे के बाद अब यह मामला इंटरनेशनल नेटवर्क और फंडिंग तक जा पहुंचा है. फिलहाल, आगरा पुलिस इस सिंडिकेट को जड़ से खत्म करने के लिए आगे भी बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है.

लकड़ी के चूल्हे पर गुड़ और घी से बनता शुगर-फ्री पेड़ा, अयोध्या से लेकर विदेश तक सप्लाई

बस्ती उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में इन दिनों मुस्लिम महिलाओं के हाथों से बना "राम जी पेड़ा" देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी जमकर धूम मचा रहा है. इन पेड़ों के प्रसिद्ध होने के पीछे कारण देशी स्टाइल में बनाना है. जिसे बड़े-बड़े बर्तनों में लकड़ी के चूल्हों की मदद से महिलाओं द्वारा गुड़ डालकर शुद्ध दूध व देशी घी से बनाया जाता है. जिस वजह से ये काफी स्वादिष्ट होते हैं, इतना ही नहीं लकड़ी के चूल्हों पर पकने की वजह से इन पेड़ों में सोंधापन आने से इनके स्वाद में चार चांद लग जाते हैं. गुड में बनने की वजह से ये शुगर फ्री होते हैं, जिस वजह से इन पेड़ों की मांग देश से ज्यादा विदेशों में है. क्योंकि ये किसी को नुक़सान नहीं पहुंचाते हैं. हालांकि इन महिलाओं का सपना साकार नहीं होता अगर इन्हें युवा उद्यमी का साथ नहीं मिला होता. क्योंकि युवा उद्यमी ने ही इन्हें बिजनेस प्लान बताया. जिसके बाद महिलाओं ने इस अमल में लाया. अयोध्या में भोग लगाने के बाद भेजा जाता है विदेश जानकारी के अनुसार बस्ती जिले के रहने वाले युवा उद्यमी मनीष मिश्रा गांव ने बेरोज़गार और गरीब महिलाओं को रोजगार के लिए पहले तो पेड़े बनाने की ट्रेनिंग दी. उसके बाद उन्हें रा-मैटेरियल देकर काम की शुरुआत की और धीरे-धीरे महिलाओं का कारवां बढ़ता गया और आज 500 गरीब महिलाएं इस रोजगार से जुड़ीं हैं. ये महिलाएं हजारों रुपए कमाकर अपने परिवार का भरण पोषण कर रही हैं, सबसे हैरानी कि बात यह है कि इस काम में मुस्लिम महिलाएं भी अपना हाथ बंटाती हैं. "राम जी का पेड़ा" देशी स्टाइल में बेहद ही स्वच्छता और हाइजीन तरीके से बनाया जाता है. जिसे लकड़ी के चूल्हे पर दूध में गुड़ डालकर शुद्ध देशी घी में पकाया जाता है. चूल्हे पर पकने की वजह से पेड़े में सोंधी खुशबू आ जाती है. जिससे इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. गुड़ से बने इस पेड़े की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूर्ण रूप से शुगर फ्री होता है. जिस वजह से इसकी देश विदेश के बाजारों में मांग है. "राम जी पेड़ा" बनने के बाद पहले अयोध्या जाता है. यहां भगवान राम को भोग लगाया जाता है फिर देश- विदेश में इसकी सप्लाई की जाती है. दो दिनों में ही तैयार हो जाता है कई किलो पेड़ा इस संस्था के मैनेजर ने बताया कि हमारा "राम जी का पेड़ा"देश ही नहीं बल्कि विदेशों में जैसे रूस व यूरोप जैसे देशों में सप्लाई किया जा रहा है. ऑर्डर आने के बाद महिलाएं काम में जुट जाती हैं. दो दिनों में ही कई किलो पेड़े बनाकर उसे मटके में पैक कर देती हैं. जिसके बाद इन पेड़ों का अयोध्या में भोग लगाया जाता है. फिर देश के अलावा विदेशों में भी सप्लाई किया जाता है.

गन्ना किसानों को 3 लाख 15 हजार करोड़ रुपये का रिकॉर्ड भुगतान मिला योगी सरकार में: सूर्य प्रताप शाही

लखनऊ. कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में उत्तर प्रदेश के किसानों की आय 52 हजार से बढ़कर 1 लाख 20 हजार रुपये तक पहुंच गई है, जबकि अखिलेश यादव की सरकार में किसान बदहाल थे। अखिलेश यादव जब सत्ता में थे,  सोये हुए थे। 24 घंटे में समर्थन मूल्य देने की बात करने वाले अखिलेश यादव के जमाने में पर्ची से खर्ची (खर्चा) चलता था। तब 34 महीनों में भी किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं हो पाता था। अखिलेश सरकार में मिल मालिकों से होती थी सांठगांठ उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के समय में उनकी सरकार मिल मालिकों से सांठगांठ करके बैठी थी, इसलिए गन्ना किसानों का भुगतान नहीं हो पाता था। पूर्व सरकार में गन्ना किसानों का भुगतान वर्षों तक नहीं होता था। वहीं योगी सरकार के पिछले 9 वर्षों में 8 से 10 दिन में भुगतान हो रहा है। आज देश में गन्ना उत्पादन का 55 प्रतिशत योगदान उत्तर प्रदेश से हो रहा है। गन्ना किसानों को 3 लाख करोड़ से ज्यादा का भुगतान कृषि मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव के जमाने में गन्ना मूल्य 300 रुपये प्रति क्विंटल, तीन किस्तों में किसानों को मिलता था। यह शोषण किसान अब तक भूल नहीं पाए हैं। योगी सरकार ने गन्ना मूल्य 300 से 400 रुपये प्रति क्विंटल किया। इसका भुगतान भी किसानों को लगातार कराया जा रहा है। इसी क्रम में गन्ना किसानों को 3 लाख 15 हजार करोड़ रुपये का रिकॉर्ड भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने 16 लाख से ज्यादा किसानों के बिजली बिल को माफ किया है और पर्याप्त मात्रा में बिजली आपूर्ति भी कर रही है। नलकूपों और सोलर पैनल के जरिए सिंचाई की सुविधा दी जा रही है। वर्षों से लंबित सरयू परियोजना को हमारी सरकार ने पूरा कराया। इससे 14 लाख हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा बढ़ी है। योगी सरकार द्वारा एमएसपी पर खरीद की जा रही है। किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिल रहा है। योगी सरकार पर किसानों का भरोसा बढ़ा कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों का योगी सरकार और खेती के प्रति भरोसा बढ़ा है। उत्तर प्रदेश आज कृषि क्षेत्र में काफी प्रगति कर रहा है। लगभग 425 लाख मीट्रिक टन गेहूं, 211 लाख मीट्रिक टन चावल, 245 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन हो रहा है। तिलहन में 48 लाख मीट्रिक टन का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। सब्जी-फलों के उत्पादन में बढ़त देखी जा रही है। एथेनॉल के जरिए मिलें हुईं सशक्त उत्तर प्रदेश में गन्ने से एथेनॉल बनाकर मिलों को सशक्त किया गया है। इसके चलते गन्ना किसानों का भुगतान आसान हो गया है। अखिलेश यादव अपनी नाकामियों को देख नहीं पाते हैं। अखिलेश यादव जब सत्ता में थे तब उन्हें सरकारी कामकाज से कोई मतलब नहीं था। विपक्ष में बैठकर वह बड़े-बड़े वादे करते हैं। वह जानते हैं कि उनकी सरकार नहीं बनने वाली, इसलिए कोई भी वादा कर देते हैं। अखिलेश यादव जान लें कि काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती, एक बार उनकी सरकार की परेशानियों को जनता भुगत चुकी है। दोबारा वह सत्ता में नहीं आएंगे। अखिलेश सरकार में बिजली दरें 60 फीसदी तक बढ़ीं सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि अखिलेश यादव की सरकार में जनता बिजली के लिए परेशान थी, जबकि प्रदेश के कुछ जिलों में वीआईपी व्यवस्था थी। कन्नौज, इटावा, रामपुर में 24 घंटे की बिजली आपूर्ति होती थी, प्रदेश के अन्य जिलों में अंधेरा छाया रहता था। इन नीतियों के कारण इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गंभीर आपत्ति जताई थी। अखिलेश की सरकार में बिजली दरों में 60 फीसदी बढ़ोतरी की गई थी। अखिलेश यादव सिर्फ घड़ियाली आंसू बहाते हैं। मोदी और योगी सरकार किसानों के हित में काम कर रही है।

सांस्कृतिक भारत निर्माण पर परिसंवाद, नाट्य मंचन बना आकर्षण का केंद्र

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित तीन दिवसीय रश्मिरथी पर्व के दूसरे दिन शनिवार को स्वामी विवेकानंद के जीवन, विचारों और सांस्कृतिक भारत निर्माण में उनके योगदान पर आधारित विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में युवाओं, साहित्य प्रेमियों और बुद्धिजीवियों ने भाग लिया। परिसर भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा। नाट्य मंचन की शुरुआत स्वामी विवेकानंद के प्रेरक वाक्य ‘ उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए ’ से हुई।  करीब 90 मिनट तक चला नाट्य मंचन  द्वितीय दिवस का मुख्य आकर्षण स्वामी विवेकानंद के सांस्कृतिक भारत निर्माण में योगदान विषय पर आयोजित परिसंवाद रहा। नाट्य मंचन शुरू होने से पहले वक्ताओं ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति, आत्मगौरव और आध्यात्मिक चेतना को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाई। उन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास, राष्ट्रसेवा और चरित्र निर्माण का संदेश दिया, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है। करीब 90 मिनट तक स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित नाट्य मंचन प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने उनके संघर्ष, तपस्या और शिकागो धर्म संसद में दिए गए ऐतिहासिक उद्बोधन को प्रभावशाली ढंग से मंचित किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति ने सभी को भावविभोर कर दिया। पानी पंचायत पुस्तक का हुआ विमोचन  उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की उपस्थिति में पानी पंचायत पुस्तक का विमोचन किया गया। इस अवसर पर जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और समाज की सहभागिता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद आज भी युवाओं के लिए आदर्श हैं। उनके विचार संकल्प शक्ति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देते हैं। इस दौरान कृषि मंत्री एवं संयोजक सूर्य प्रताप शाही, पूर्व मंत्री व विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, पूर्व विधायक डॉ. सिद्धार्थ शंकर, भाजपा नेता डॉ. नीरज सिंह, राजेंद्र सिंह तथा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी सहित अनेक गणमान्य मौजूद रहे।