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लखनऊ खादी प्रदर्शनी-2025 का उद्घाटन 18 दिसंबर को

खादी एवं ग्रामोद्योग को मिलेगा नया आयाम, मंडल स्तरीय खादी प्रदर्शनी-2025 का आयोजन मंडल स्तरीय खादी प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना लखनऊ मंडल के खादी एवं ग्रामोद्योग के उत्पाद को मिलेगा प्रदर्शन और बिक्री का मंच  लखनऊ उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, लखनऊ खादी प्रदर्शनी-2025 का उद्घाटन 18 दिसंबर को होगा। मंडल स्तरीय खादी प्रदर्शनी का उद्घाटन दोपहर 2:00 बजे प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप ये प्रदर्शनी प्रदेश में खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की विविधता को प्रदर्शित करेगी, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के लखनऊ परिसर, गोमती नगर में होगा।   यूपी का खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड दस दिवसीय मंडल स्तरीय, खादी प्रदर्शनी-2025 का आयोजन होगा। ये प्रदर्शनी 18 दिसंबर से लेकर 28 दिसंबर तक केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के लखनऊ परिसर, गोमती नगर में होगा। खादी प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य मंडल स्तर के खादी एवं ग्रामोद्योग के कारीगरों और उनके उत्पादों को मंच प्रदान करना है। जहां पर खादी वस्त्र, हस्तशिल्प, चमड़े के सामान, मिट्टी के बर्तन, बांस की कलाकृतियां और जैविक उत्पादों को एक छत के नीचे प्रदर्शनी एवं बिक्री का स्थल उपलब्ध कराएगा। लगभग 50 स्टॉलों पर स्थापित इन उत्पादों से उपभोक्ता स्थानीय कारीगरों को सीधे उनके उत्पाद खरीद सकेंगे, जो कारीगरों के आर्थिक स्वावलंबन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रदर्शनी का उद्देश्य न केवल उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देना है, बल्कि युवाओं को ग्रामोद्योग की ओर आकर्षित करना भी है। उत्तर प्रदेश में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र से लाखों परिवार जुड़े हैं, और यह प्रदर्शनी 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के अनुरूप सिद्ध होगी। ऐसी पहल ग्रामीण प्रवास को रोकने और सतत विकास को प्रोत्साहित करेंगी। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रदर्शन और कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी, जहां कारीगर अपनी कला के रहस्य साझा करेंगे। खादी बोर्ड की यह पहल प्रदेश सरकार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। खादी बोर्ड की ओर से पूरे प्रदेश में मंडल स्तर पर इस प्रकार की प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है।

राष्ट्र नायकों को समर्पित राष्ट्र प्रेरणा स्थल का 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे उद्घाटन

लखनऊ,  राष्ट्रीय प्रेरणा के प्रतीक राष्ट्र नायकों को डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई को समर्पित राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को करेंगे। इस संबंध में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का दौरा कर, उद्घाटन समारोह की तैयरियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उद्घाटन समारोह के लिए हो रही तैयारियों, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में संज्ञान लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान एलडीए वीसी प्रथमेश‌ कुमार, लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत और सुरक्षा व्यवस्था देख रहे पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा, पार्किंग और स्वच्छता व्यवस्था का पूरा ध्यान रखने के दिये निर्देश   राष्ट्र प्रेरणा स्थल के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने और दीवारों पर फेंसिग को और ऊंचा करने के निर्देश दिये। उन्होंने उद्घाटन समारोह में किसी तरह की आवाजाही और ट्रैफिक की समस्या पैदा न हो इसके लिये चाक-चौबंद पार्किंग व्यवस्था को सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पार्किंग की संख्या और लोगों के आने- जाने के मार्गों पर डाइवर्जन और साइनेज की व्यवस्था को जल्द ही पूरा करने को कहा । म्युजियम परिसर के निरीक्षण के दौरन उन्होंने क्यूरेशन और फिनिशिंग के कार्यों को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की प्रतिमा पर हो रहे पेंटिंग के कार्य के बारे में भी संज्ञान लिया। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि पेंटिंग का कार्य दो दिन में पूरा हो जाएगा, क्यूरेशन का कार्य उद्घाटन समारोह के दो दिन पूर्व पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि लखनऊ नगर निगम, उद्घाटन समारोह के दिन साफ-सफाई, अस्थाई टायलेट और पेय जल की व्यवस्था कर रहा है।   उद्घाटन समारोह की सभी गतिविधियों का सीएम ने लिए संज्ञान   मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान एलडीए वीसी ने उद्घाटन समारोह की सभी गतिविधियों से भी अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि उद्घाटन समारोह के दिन प्रधानमंत्री सबसे पहले राष्ट्र नायकों की प्रतिमाओं का अनावरण कर, श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। इस अवसर पर राष्ट्रीयता की भावना के संचार के लिए ट्राइ कलर बैलून छोड़े जाएगें। प्रतिमा अनावरण के बाद प्रधानमंत्री प्रेरणा स्थल में राष्ट्र नायकों को समर्पित म्युजियम का उद्घाटन करेंगे। यहां वो डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीन दयाल उपाध्याय और श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेई को समर्पित गैलरियों और कोर्टयार्ड का अवलोकन करेंगे। पहली गैलरी के ओरियेंटेशन रूम में वीडियो और एवी के माध्यम से राष्ट्र नायकों के संक्षिप्त जीवन परिचय को दिखाया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री म्यूजियम परिसर में ही बने भारत माता कोर्टयार्ड, जन संघ के प्रतीक चिंह दीपक कोर्टयार्ड, सुदर्शन चक्र कोर्टयार्ड जाएगें और राष्ट्र नायकों जुड़ी हुई वस्तुओं का अवलोकन करने के लिए फर्स्ट फ्लोर पर बने कोर्टयार्ड जाएगें। म्युजियम से बाहर निकल कर प्रधानमंत्री, प्रेरणा स्थल पर बने मंच से गणमान्य अतिथियों और उद्घाटन समारोह के साक्षी बनने वाले लाखों की संख्यां में प्रत्यक्षदर्शियों को संबोंधित करेंगे।

शुक्रवार को गोरखनाथ रोड पर नए ओवरब्रिज का लोकार्पण करेंगे मुख्यमंत्री

गोरखपुर,  गोरखपुर में यातायात सुगमता के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों बड़ी सौगात मिलने जा रही है। नाथपंथ के विश्व विख्यात गोरखनाथ मंदिर और सोनौली मार्ग होते हुए नेपाल तक की कनेक्टिविटी वाले धर्मशाला-गोरखनाथ मंदिर मार्ग पर नए गोरखनाथ ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरा गया है। इस नवनिर्मित ओवरब्रिज का लोकार्पण मुख्यमंत्री शुक्रवार (19 दिसंबर) को करेंगे। धर्मशाला-गोरखनाथ मंदिर मार्ग पर पड़ने वाले लखनऊ-गोरखपुर रेलमार्ग के डोमिनगढ़ व गोरखपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन के मध्य क्रॉसिंग संख्या 162ए पर एक ओवरब्रिज पहले से है। इस पर ट्रैफिक लोड बढ़ने के कारण सीएम योगी के निर्देश पर मौजूद ओवरब्रिज के समानांतर एक और ओवरब्रिज बनवाया गया है। इसके निर्माण पर 137.83 करोड़ रुपये की लागत आई है। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश सेतु निगम के महाप्रबंधक मिथिलेश कुमार के अनुसार दो लेन के नए ओवरब्रिज की कुल लंबाई 600.653 मीटर और चौड़ाई 7.50 मीटर है। इसमें रेलवे भाग की लंबाई 76 मीटर है। गोरखनाथ मंदिर मार्ग शहर के व्यस्ततम मार्गों में से एक है। नए ओवरब्रिज पर आवागमन शुरू होते ही गोरखनाथ की तरफ आने वाले वाहनों को पुराने ओवरब्रिज पर नहीं जाना होगा। आने-जाने के लिए अलग-अलग ओवरब्रिज होने से जाम भी नहीं लगेगा। खिचड़ी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को होगी सहूलियत गोरखनाथ मंदिर मार्ग पर दो ओवरब्रिज हो जाने से शहर के उत्तर पश्चिम क्षेत्र में आने-जाने वालों, सोनौली रोड आने-जाने वाले लोगों की यात्रा काफी सुविधाजनक हो जाएगी। इसके अलावा मकर संक्रांति से शुरू होकर एक माह तक लगने वाले गोरखनाथ मंदिर के खिचड़ी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को भी आवागमन की बड़ी सहूलियत मिल जाएगी। व्यू कटर से खास बना नया ओवरब्रिज नया गोरखनाथ ओवरब्रिज शहर में पहले से मौजूद ओवरब्रिज से विशेष है। इसके दोनों किनारों पर व्यू कटर भी लगाया गया है। इससे ओवरब्रिज के समीप के घरों की निजता बनी रहेगी और उन्हें वाहनों की आवाज भी कमतर सुनाई देगी।

जनजीवन, यातायात और निराश्रितों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी लापरवाही: सीएम

कोहरे और ठंड को लेकर सीएम योगी का सख्त निर्देश, बोले-फील्ड में अलर्ट रहें अफसर मंडलायुक्त, आईजी, डीएम, पुलिस, ट्रैफिक बल, नगर निकाय को बेहतर प्रबंधन की जिम्मेदारी सड़कों, गलियों, हाईवे से लेकर एक्सप्रेस-वे तक सुरक्षा इंतजाम रहें चाक-चौबंद जनजीवन, यातायात और निराश्रितों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी लापरवाही: सीएम टोल प्लाजा पर लाउडस्पीकर से दी जाएगी चेतावनी और ओवरस्पीडिंग पर होगी सख्त कार्रवाई लखनऊ  घने कोहरे और कड़ाके की ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को प्रदेशभर में अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त, आईजी, जिलाधिकारी, पुलिस, ट्रैफिक और नगर निकायों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जनजीवन, यातायात और निराश्रितों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि सड़कों, गलियों, हाईवे से लेकर एक्सप्रेस-वे तक सुरक्षा इंतजाम चाक-चौबंद रखे जाएं। इसके साथ ही, एक्सप्रेस-वे पर पेट्रोलिंग बढ़ाने, ब्लैक स्पॉट पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने, टीमें तैनात करने, क्रेन और एम्बुलेंस को 24×7 उपलब्ध रखने तथा टोल प्लाजा पर लाउडस्पीकर से चालकों को कोहरे की चेतावनी देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने खराब विजिबिलिटी में यातायात प्रबंधन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और ओवरस्पीडिंग पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।  मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कोहरे के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में सड़क प्रकाश व्यवस्था, रिफ्लेक्टर, पेट्रोलिंग और आपात सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। डार्क स्पॉट चिन्हित कर वहां तत्काल बेहतर इंतजाम के निर्देश दिए गए हैं। एनएचएआई और स्टेट हाईवे अधिकारियों के साथ समन्वय कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा गया है। कोई भी व्यक्ति खुले में सोता न मिले : सीएम ठंड और शीतलहर के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी ने यह भी निर्देश दिए कि कोई भी व्यक्ति खुले में सोता न मिले। निराश्रितों को रैन बसेरों तक पहुंचाया जाए, जहां हीटर, अलाव और कंबल की समुचित व्यवस्था हो। गोशालाओं में भी गोवंश को ठंड से बचाने के लिए अलाव और अन्य जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।   प्रशासन ने जारी की धुंध और कोहरे के दौरान सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए 'ट्रैवल गाइडलाइन' – धुंध के दौरान वाहन की गति निर्धारित सीमा से कम रखें। – वाहन की फॉग लाइट का प्रयोग करें और लो-बीम पर हेडलाइट रखें।  – इमरजेंसी इंडिकेटर्स को चालू रखें  – आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें  – एक्सप्रेस-वे पर बार-बार लेन बदलने से बचें – ओवरटेकिंग बिल्कुल न करें – यदि कोहरा बहुत घना हो, तो रिस्क न लें – अपने वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर टेप जरूर लगवाएं

महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बड़ी शुरुआत, राजधानी में एक साथ जुटेंगी हर जिले की उद्यमी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन : इंटरनेशनल एक्सपर्ट ग्रामीण महिलाओं को बनाएंगे बिजनेस वूमन महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बड़ी शुरुआत, राजधानी में एक साथ जुटेंगी हर जिले की उद्यमी अब ग्रामीण महिलाएं सीखेंगी बिजनेस स्किल, टेक्नोलॉजी और मार्केट के बीच तालमेल जीविकोपार्जन-केंद्रित प्रौद्योगिकियों से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और आधुनिक उद्यमी बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। महिला नेतृत्व वाली उद्यमिता को मजबूती देने के उद्देश्य से राजधानी लखनऊ में प्रदेश के हर जिले से महिला उद्यमी एक मंच पर जुटेंगी और देश-विदेश के विशेषज्ञों से सीखेंगी। महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए 18 दिसंबर को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में राज्य-स्तरीय आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के हर जिले से महिला उद्यमी भाग लेंगी। कार्यक्रम में बाजार-तैयार तकनीकों, संस्थागत सहयोग और फाइनेंस तक आसान पहुंच पर विशेष सत्र आयोजित होंगे। योगी सरकार के इस प्रयास से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं आत्मविश्वास के साथ उद्यमिता की दुनिया में कदम रखेंगी और गांव की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। यह पहल प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास की एक मजबूत मिसाल बनने जा रही है। योगी सरकार के विजन के अनुरूप ग्रामीण महिलाओं को पारंपरिक आजीविका से आगे बढ़ाकर आधुनिक बिजनेस मॉडल से जोड़ने पर विशेष फोकस किया जा रहा है। महिलाओं को तकनीक, बाजार और फाइनेंस के बीच तालमेल बैठाने की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे अपने उत्पादों को स्थानीय सीमाओं से निकालकर बड़े बाजार तक पहुंचा सकें। ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश की महिला उद्यमी अब राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना रही हैं। आने वाले समय में ग्रामीण महिलाएं केवल कामगार नहीं, बल्कि सफल बिजनेस वूमन के रूप में उभरेंगी। जीविकोपार्जन-केंद्रित प्रौद्योगिकियों पर फोकस योगी सरकार ऐसी तकनीकों और नवाचारों को प्राथमिकता दे रही है, जो सीधे महिलाओं की आय बढ़ाने और स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने में सहायक हों। सरकार, तकनीकी संस्थानों, वित्तीय एजेंसियों और समुदाय-आधारित संगठनों के समन्वय से महिला उद्यमियों के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है।

ब्रांड बनारस अब विश्व भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है 

काशी ने अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई ब्रांड बनारस अब विश्व भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है  योगी सरकार के नेतृत्व में काशी के कलेवर में हुए ऐतिहासिक बदलावों ने उसके प्राचीन वैभव को नई ऊर्जा दी  पर्यटकों की संख्या का कीर्तिमान स्थापित होने के साथ ही पर्यटन उद्योग व काशी की आर्थिकी में भी सकारात्मक असर दिख रहा  वर्ष 2014 से 2025 (सितम्बर तक) तक 45 करोड़, 44 लाख,82 हजार से अधिक पर्यटकों ने काशी का किया भ्रमण  केवल वर्ष 2025 में 14 करोड़ 69 लाख 75 हजार 155  के सैलानी पहुंचे वाराणसी  वाराणसी   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में धर्म, अध्यात्म, संस्कृति और इतिहास को समेटे हुए पौराणिक नगरी काशी ने बीते वर्षों में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। ब्रांड बनारस अब विश्व भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है। वाराणसी देश के उन शहरों में शामिल हो गया है, जहां तेजी से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो रही है। योगी सरकार के नेतृत्व में काशी के कलेवर में हुए ऐतिहासिक बदलावों ने उसके प्राचीन वैभव को नई ऊर्जा दी है। अपनी मौलिक पहचान को बरकरार रखते हुए आधुनिक होती काशी की बदलती हुई हुई छवि ने दुनिया भर के सैलानियों को बनारस की ओर खींचा है। पर्यटकों की संख्या का कीर्तिमान स्थापित होने के साथ ही पर्यटन उद्योग व काशी की आर्थिकी में भी सकारात्मक असर दिख रही है। वर्ष 2014 से वर्ष 2025 (सितम्बर तक) तक 12 सालो में 45,44,82,662  (पैंतालीस करोड़ चौवालीस लाख बयासी हजार छ: सौ बासठ ) भारतीय और विदेशी काशी पर्यटकों ने काशी का भ्रमण किया है।  वर्ष 2014 से 2025 (सितम्बर तक) तक 45 करोड़, 44 लाख,82 हजार से अधिक पर्यटकों ने काशी का किया भ्रमण  पर्यटन विभाग के अनुसार वर्ष 2014 में पर्यटकों की संख्या 54,89,997 ( चौवन लाख नवासी हजार नौ सौ सतानबे ) थी, जो 2025 ( सितंबर तक) तक बढ़कर 146975155( चौदह करोड़ उन्हत्तर लाख पचहत्तर हजार एक सौ पचपन ) के पार पहुँच गई। आंकड़ों के अनुसार 2014 के मुकाबले 2025 में भारतीय और विदेशी पर्यटकों की संख्या में लगभग 14,64,26,158 ( चौदह करोड़ चौंसठ लाख छब्बीस हजार एक सौ अट्ठावन ) से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। 2014 से 2025 तक 12 वर्षो में भारतीय पर्यटकों की संख्या 45,16,09,026 और विदेशी पर्यटकों की संख्या 28,73,636 है।  डबल इंजन सरकार में धरातल पर उतरा विकास दशकों तक विकास कार्य केवल कागज़ी योजनाओं तक सिमटा रहा । अब काशी में विकास कार्य तेजी से धरातल पर उतर रहा है, वाराणसी का सांसद बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में केंद्र की बागडोर संभाली और 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की सत्ता संभाली तब से डबल इंजन की सरकार ने उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों के साथ-साथ वाराणसी के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया। मजबूत कानून व्यवस्था, बेहतर कनेक्टिविटी (सड़क, रेल और हवाई मार्ग), बुनियादी सुविधाओं में व्यापक सुधार और विश्वस्तरीय सुविधाओं एवं  व्यवस्थाओं ने काशी को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में स्थापित किया है। *विश्वनाथ कॉरिडोर सेबुद्ध की तपोस्थली सारनाथ  तक बदली काशी की तस्वीर*नव्य-भव्य काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के लोकार्पण से मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। वहीं, गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण, बेहतर साफ-सफाई व्यवस्था, बुद्ध की तपोस्थली सारनाथ के विकास, गंगा में क्रूज़ का संचालन और आधुनिक सुविधाओं की निरंतर बढ़ती श्रृंखला ने देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित किया है। कोरोना काल के बाद रिकॉर्ड उछालकोरोना महामारी के कारण वर्ष 2020 और 2021 में पर्यटन प्रभावित हुआ, लेकिन इसके बाद काशी में पर्यटकों की संख्या में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला। वर्ष 2022 से लेकर 2025 तक हर साल रिकॉर्ड संख्या में सैलानी वाराणसी पहुँचे, जिससे पर्यटन उद्योग को नई रफ्तार मिली। 12 वर्षों में वाराणसी में आये पर्यटकों की वर्षवार संख्या  वर्ष –भारतीय और विदेशी पर्यटकों की संख्या   1. 2014- 5489997   2. 2015 -5716297   3. 2016 – 5912665  4. 2017 – 6282215  5. 2018- 6445160   6. 2019 – 6797775   7. 2020 – 982492   8. 2021 – 3078479  9. 2022 -71231051  10. 2023 – 85473633   11. 2024 1-110097743   12. 2025- 146975155    वाराणसी में पर्यटकों की बढ़ती संख्या से पर्यटन उद्योग से जुड़े हर वर्ग को लाभ मिला है। इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं। वाराणसी आज एक वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा है। राहुल मेहता, अध्यक्ष, टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन, उप्र किसी शहर के विकसित होने से औद्योगिक विकास के साथ ही पर्यटन उद्योग को भी रफ़्तार मिलती है। पर्यटन उद्योग से न सिर्फ आर्थिक मजबूती मिलती है ,बल्कि शहर की पहचान भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित होती हैं। वाराणसी जैसे ऐतिहासिक शहर में  विकास के साथ पर्यटन, होटल और रियल एस्टेट सेक्टर में रोजगार की संभावनाएं कई गुना बढ़ गई हैं। *खालिद अंसारी एम.डी.,कोरल होटल्स एंड रिसोर्ट*  काशी में पर्यटन का सुनहरा समय चल रहा है ,मौज़ूदा सरकार ने पर्यटन उद्योग को बढ़ाने के लिए पर्यटन स्थलों को विश्वस्तरीय सुविधायुक्त बनाया है। जिसका परिणाम आज पर्यटकों की रिकॉर्ड संख्या में दिख रहा है। “गंगा आरती और घाटों की सुंदरता देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यट रिवर राइड  करते है  विकास मालवीय डायरेक्टर अलकनंदा क्रूज़ लाइन

किसानों से खिलवाड़ नहीं चलेगा: नकली खाद बेचने वालों पर NSA की कार्रवाई के निर्देश — CM योगी

  लखनऊ    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि मिलावटी अथवा नकली खाद बेचने वालों और खाद की कालाबाजारी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. ऐसे तत्वों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता किसान को यदि खाद को लेकर कोई भी समस्या हुई तो जवाबदेही तय होगी और दोषी चाहे किसी भी स्तर का हो, कार्रवाई से नहीं बचेगा. मंगलवार को कृषि मंत्री और सहकारिता मंत्री की उपस्थिति में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में खाद की समुचित उपलब्धता और सुचारू वितरण को लेकर सख्त निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सहकारिता और कृषि मंत्री प्रतिदिन खाद की उपलब्धता और वितरण की स्थिति की समीक्षा करें. मुख्यमंत्री कार्यालय से हर जिले पर सीधी निगरानी रखी जाएगी और खाद वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी कतई स्वीकार नहीं की जाएगी. 'गड़बड़ी पाई गई तो तत्काल जवाबदेही तय होगी' मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी स्वयं खाद की दुकानों और समितियों पर औचक निरीक्षण करें. ओवर रेटिंग किसी भी दशा में न हो और खाद समितियां निर्धारित अवधि के अनुसार अनिवार्य रूप से खुली रहें. डीएपी, यूरिया और पोटाश किसानों को केवल तय सरकारी दरों पर ही उपलब्ध कराई जाए. जहां भी गड़बड़ी पाई जाए, वहां तत्काल जवाबदेही तय की जाए. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि फील्ड में तैनात अधिकारियों की गतिविधियों की निरंतर निगरानी की जाएगी. यदि किसी स्तर पर मिलीभगत या लापरवाही सामने आती है तो खुली विजिलेंस जांच कराई जाएगी. उनका स्पष्ट संदेश था कि खाद संकट पैदा करने या कृत्रिम अभाव दिखाने की कोशिश करने वालों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है. प्रदेश में कितनी यूरिया उपलब्ध? बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि प्रदेश में 16 दिसंबर 2025 तक कुल 9.57 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 3.77 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 3.67 लाख मीट्रिक टन एनपीके उर्वरक किसानों के लिए उपलब्ध है. सहकारी क्षेत्र में 3.79 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 5.78 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है. डीएपी में सहकारी क्षेत्र में 1.47 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 2.30 लाख मीट्रिक टन तथा एनपीके में सहकारी क्षेत्र में 0.88 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 2.79 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्धता बताई गई. 'किसान को खाद के लिए भटकना न पड़े' मुख्यमंत्री को यह भी बताया गया कि रबी फसलों की बुवाई लगभग पूर्ण हो चुकी है और गेहूं की फसल में टॉप ड्रेसिंग के लिए यूरिया का वितरण किया जा रहा है. गत वर्ष की तुलना में इस अवधि में यूरिया की बिक्री अधिक रही है और वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 54,249 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण हो रहा है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपलब्धता के बावजूद किसी किसान को खाद के लिए भटकना न पड़े, यही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

योगी मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव? UP में तीसरे डिप्टी सीएम को लेकर सियासी हलचल

नई दिल्ली  उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी को नया अध्यक्ष मिल चुका है। इसके बाद अब कैबिनेट विस्तार की अटकलें चल रही हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश को जल्द नया उपमुख्यमंत्री मिल सकता है। इस पद के लिए पूर्व सांसद साध्वी निरंजन ज्योति को सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द किया जा सकता है। इस दौरान छह तक नए मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। फिलहाल योगी सरकार में 54 मंत्री हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 60 है।   मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस फेरबदल में कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी से बगावत कर चुके नेताओं को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना है। ऐसे दो से तीन नेताओं को शामिल किए जाने की चर्चा है। सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र और नोएडा से विधायक पंकज सिंह को भी मंत्री बनाए जाने पर विचार चल रहा है। इसके अलावा वर्तमान यूपी बीजेपी अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के भी राज्य मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। समाजवादी पार्टी के बागी नेताओं में पूजा पाल, मनोज पांडेय और महेंद्र सिंह के नाम चर्चा में हैं। वहीं, मंत्रिमंडल विस्तार में केवल बीजेपी ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) और अपना दल के नेताओं को भी प्रतिनिधित्व मिल सकता है। भूपेंद्र चौधरी फिर बनेंगे मंत्री? पंकज चौधरी के नए प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद अब सबकी निगाहें भूपेंद्र चौधरी पर है, जो कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक जाट नेता की तौर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। वह प्रदेश अध्यक्ष से पहले योगी कैबिनेट में मंत्री भी थी। इस बात की संभावना है कि उन्हें फिर से मंत्री पद दिया जा सकता है। एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, "BJP के पूर्व अध्यक्ष को कैबिनेट में शामिल करना तय है, क्योंकि ऐसा करना पश्चिमी UP में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जाट समुदाय को भरोसा दिलाने के लिए राजनीतिक रूप से फायदेमंद है। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां चुनावी समीकरण बदलते रहते हैं।" आपको बता दें कि अगस्त 2022 में पार्टी संगठन में अध्यक्ष बनने से पहले, भूपेंद्र चौधरी सरकार में पंचायती राज मंत्री थे। नए नियुक्त BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी OBC समुदाय से आते हैं, इसलिए पार्टी सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार में एक अनुसूचित जाति (SC) नेता को महत्वपूर्ण पद पर लाने के विकल्प पर भी विचार कर रही है। सरकार में फिलहाल CM के बाद दो सबसे महत्वपूर्ण पद डिप्टी CM के एक पद पर OBC से केशव प्रसाद मौर्य और एक पद पर ब्राह्मण समुदाय के बृजेश पाठक हैं। ऐसी अटकलें हैं कि तीसरे डिप्टी CM की नियुक्ति की जा सकती है, जो इस बार SC समुदाय से होंगे।  

ई-बुक्स, वीडियो, ऑडियो लेक्चर और क्विज के जरिए तैयार किए जाएंगे यूपी के युवा

योगी सरकार की डिजिटल क्रांति : गांव में होगी सिविल सर्विसेज की तैयारी, 35 जिलों में किया गया पुस्तकों का चयन ई-बुक्स, वीडियो, ऑडियो लेक्चर और क्विज के जरिए तैयार किए जाएंगे यूपी के युवा हर लाइब्रेरी को हाइटेक बनाने के लिए 1.30 लाख रुपए के आईटी इक्यूपमेंट और 70 हजार के फर्नीचर लिए जाएंगे पहले चरण में 11350 पंचायतों में चार लाख रुपए प्रति लाइब्रेरी के हिसाब से होगा खर्च दो लाख रुपए की किताबें रहेंगी, जिसमें छात्रों के लिए रहेंगे 20 हजार डिजिटल कंटेंट प्रदेश के सभी जिलों की ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से खोली जाएगी डिजिटल लाइब्रेरी ग्राम प्रधान और सचिव लाइब्रेरी का प्रबंधन करेंगे, सहायक अधिकारी करेंगे देखरेख लखनऊ उत्तर प्रदेश के ग्रामीण युवाओं को आधुनिक शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर देने के लिए योगी सरकार ने बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पहले चरण में प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही है, जिससे गांव के छात्र अब शहरों पर निर्भर हुए बिना सिविल सर्विसेज सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। हर डिजिटल लाइब्रेरी पर 4 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें 2 लाख रुपये की पुस्तकों की व्यवस्था होगी, जबकि 1.30 लाख रुपये के आईटी इक्यूपमेंट और 70 हजार रुपये के आधुनिक फर्नीचर लिए जाएंगे। लाइब्रेरी में ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो कंटेंट, क्विज और करीब 20 हजार डिजिटल शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध रहेगी। सभी जिलों की पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से डिजिटल लाइब्रेरी खोली जाएंगी पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलों की ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से डिजिटल लाइब्रेरी खोली जाएंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर सुधरेगा और युवा रोजगार के लिए अधिक सक्षम बन सकेंगे। डिजिटल लाइब्रेरी का प्रबंधन ग्राम प्रधान और सचिव करेंगे, जबकि सहायक अधिकारी इसकी नियमित देखरेख करेंगे। ग्रामीण प्रतिभाओं को डिजिटली मजबूत बनाया जाएगा योगी आदित्यनाथ सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत 35 जिलों में पुस्तकों का चयन पूरा कर लिया गया है। राजधानी लखनऊ समेत इन जिलों की ग्राम पंचायतों में जल्द ही डिजिटल लाइब्रेरी शुरू होंगी। योगी सरकार की यह पहल ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में ग्रामीण प्रतिभाओं को डिजिटल शक्ति देने का मजबूत कदम मानी जा रही है। पुस्तकों का चयन करने वाले 35 जिले अमरोहा, आजमगढ़, बांदा, बलिया, बागपत, बदायूं, बरेली, बिजनौर, चित्रकूट, एटा, फतेहपुर, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गाजीपुर, हरदोई, हापुड़, जालौन, कानपुर देहात, कन्नौज, कौशाम्बी, कासगंज, लखनऊ, मऊ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, सम्भल, शामली, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, सुल्तानपुर, सीतापुर

मुख्यमंत्री ने यूपीपीएसी के स्थापना दिवस समारोह-2025 का किया शुभारंभ, पीएसी के अदम्य साहस की भी चर्चा की

साहस, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, व्यावसायिक दक्षता व कठिन प्रशिक्षण ही जवानों की पहचान बननी चाहिएः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने यूपीपीएसी के स्थापना दिवस समारोह-2025 का किया शुभारंभ, पीएसी के अदम्य साहस की भी चर्चा की मुख्यमंत्री ने यूपी सरकार द्वारा किए गए कार्यों को भी गिनाया, बोले- हमारी सरकार ने पीएसी में 41,893 आरक्षियों व 698 प्लाटून कमांडर की भर्ती की जवानों को किया आश्वस्त- आपके सम्मान व सरकार के स्तर पर मिलने वाली सुविधा-संसाधन में होती रहेगी निरंतर वृद्धि लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 78 वर्ष से पीएसी बल का इतिहास अनुशासन, शौर्य, त्याग व समर्पण का रहा है। उन्होंने जवानों से अपील की कि साहस, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, व्यावसायिक दक्षता व कठिन प्रशिक्षण ही आपकी पहचान बननी चाहिए। सरकार आश्वस्त करती है कि आपके सम्मान व सरकार के स्तर पर मिलने वाली सुविधा-संसाधन में निरंतर वृद्धि होती रहेगी। यूपी के अंदर आत्मविश्वास का प्रमुख कारण कानून का राज है। कानून का राज सुरक्षा के बेहतर माहौल में ही सुशासन की गारंटी दे सकता है। सुशासन में ही निवेश सुरक्षित हो सकता है और सुरक्षित निवेश ही युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति का माध्यम बन सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपीपीएसी के स्थापना दिवस समारोह-2025 का शुभारंभ किया। सीएम ने पीएसी द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन व अवलोकन किया। सीएम ने 78वर्ष के गौरवशाली इतिहास के लिए पीएसी बल को बधाई दी। संवेदनशील परिस्थितियों में अग्रिम मोर्च पर कार्य करता है पीएसी बल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में पीएसी बल आंतरिक सुरक्षा, कानून व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, प्रदेश में महत्वपूर्ण त्योहारों, अतिविशिष्ट महानुभावों के आगमन, लोकतंत्र के महापर्व ‘चुनाव’ को शांतिपूर्ण ढंग से सुनिश्चित करने के साथ ही संवेदनशील परिस्थितियों में अग्रिम मोर्च पर कार्य करता है। पीएसी के अधिकारी व कार्मिक विभिन्न आयामों के माध्यम से न सिर्फ यूपी, बल्कि देश के अंदर यूपी पीएसी बल, एसएसएफ, यातायात पुलिस, प्रतिसार निरीक्षक ड्यूटी, प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षक, एटीएस व एसटीएफ कमांडो के रूप में सेवाएं प्रदान कर कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। सीएम योगी ने पीएसी के अदम्य साहस को भी गिनाया सीएम योगी ने पीएसी बल के अदम्य साहस की चर्चा की। बताया कि 30वीं वाहिनी पीएसी के जवानों ने 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हुए आतंकी हमले का जवाब दिया और पांचों आतंकवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया था। जुलाई 2005 में श्रीराम जन्मभूमि परिसर अयोध्या में आतंकी हमले के दौरान सीआरपीएफ, पीएसी और यूपी पुलिस की संयुक्त टीम ने सभी आतंकियों को मार गिराया गया था। यूपी की बेहतर छवि को देश के सामने रखने मे मिली सफलता सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार ने पीएसी की 46 कंपनियों को पुनर्जीवित करते हुए यूपी के अंदर बेहतर कानून व्यवस्था बनाए रखा और आंतरिक सुरक्षा के माध्यम से यूपी की बेहतर छवि को देश के सामने प्रस्तुत करने में सफलता हासिल की। संख्या, क्षमता, प्रशिक्षण, तकनीक के स्तर पर पीएसी की सशक्त बनाने का कार्य निरंतर जारी है। अत्याधुनिक हथियारों व दंगा नियंत्रण उपकरणों से सुसज्जित करते हुए पीएसी को एसएलआर, इंसास राइफल, मल्टीसेल लांचर, एंटी राइड गन, टियर गैस गन समेत अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण भी प्रदान किए गए। हमारी सरकार ने पीएसी में 41,893 आरक्षियों व 698 प्लाटून कमांडर की भर्ती की सीएम योगी ने कहा कि पीएसी कार्मिकों की व्यावसायिक दक्षता में सुधार के लिए पूर्व में प्रशिक्षित पाठ्यक्रम को अपडेट करते हुए एबीसी आदि ग्रेड सुनिश्चित कर उन्हें बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। हमारी सरकार ने पीएसी में 41,893 आरक्षियों व 698 प्लाटून कमांडर की भर्ती की। सीधी भर्ती के अंतर्गत प्लाटून कमांडर के पद पर 1648 तथा आरक्षी के पद पर 15131 अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया वर्तमान में प्रचलित है। इसमें 135 प्लाटून कमांडर की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जा चुका है। शीघ्र ही यह भर्ती भी संपन्न होगी। सेवा के दौरान दिवंगत जवानों के 396 आश्रितों को आरक्षी व 58 आश्रितों को प्लाटून कमांडर के पद पर सेवायोजन प्रदान किया गया। आरक्षी पद हेतु 28 अभ्यर्थियों व प्लाटून कमांडर पर 7 अभ्यर्थियों के सेवायोजन की कार्रवाई वर्तमान में प्रचलित है। पीएसी में पदोन्नति के और अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से सशस्त्र पुलिस में 184 निरीक्षकों, 3772 उपनिरीक्षकों के पदों में वृद्धि की गई है। विभागीय प्रोन्नति के अंतर्गत 426 उप निरीक्षक, 4042 मुख्य आरक्षी तथा 13313 आरक्षियों को पदोन्नति दी गई। 352 मुख्य आरक्षी, 1015 आरक्षियों की पदोन्नति सीएम ने पीएसी जवानों के लिए किए गए कार्यों की चर्चा की सीएम योगी ने कहा कि पुलिस कल्याण योजना के अंतर्गत 31 पुलिस मॉडर्न स्कूल संचालित हैं। पीएसी स्थापना दिवस के अवसर पर पहली बार पुलिस मॉडर्न स्कूलों में भी बेस्ट परफॉर्मेंस (पीएमएस) का चयन किया गया है। पीएसी के जवानों को बाजार से कम दाम पर सामान्य आवश्यकता की वस्तुएं प्राप्त हो सकें, इसके लिए 13 मास्टर कैंटीन व 103 सब्सिडियरी कैंटीन संचलित हैं। पीएसी की 31 वाहिनी में 202 जवानों की आवासीय व्यवस्था के लिए जी प्लस 11, बहुमंजिला बैरकों के निर्माण का कार्य तेजी से बढ़ाया गया है। इसमें से 18 वाहिनियों में कार्य पूर्ण हो चुका है और 13 में निर्माण कार्य प्रगति पर है। पीएसी वाहिनियों में पूर्व निर्मित आवासों की वार्षिक व विशेष मरम्मत के लिए आवश्यक धनराशि स्वीकृत की गई है। खेल के बजट को 70 लाख से बढ़ाकर किया गया 10 करोड़ रुपये सीएम योगी ने कहा कि आपदा से निपटने के लिए यूपी में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की छह कंपनियों में 18 टीमें प्रदेश को सेवाएं प्रदान कर रही हैं। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में प्रदेश पुलिस को बढ़ावा देने के लिए दो प्रतिशत पद कुशल खिलाड़ियों की भर्ती के लिए आरक्षित किए गए हैं। पहली बार 480 कुशल खिलाड़ियों की भर्ती हमारी सरकार द्वारा संपन्न की जा चुकी है। 768 पदों पर अधियाचन व भर्ती प्रक्रिया प्रचलित है। सीएम योगी ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस 2024 पर खेल के बजट को 70 लाख से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये किया गया है। 2025 में प्रदेश पुलिस की टीम की ओर से विभिन्न अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करते हुए खिलाड़ियों द्वारा 14 स्वर्ण पदक, दो रजत व तीन कांस्य पदक अर्जित किए गए। विभिन्न राष्ट्रीय व अखिल भारतीय पुलिस … Read more