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उन्नाव में सड़क हादसा, ट्रक-ऑटो में भिड़ंत से 4 लोगों की मौत, 4 घायल

 उन्नाव उत्तर प्रदेश के उन्नाव में शनिवार सुबह भीषण सड़क हादसा हो गया. यहां ट्रक-ऑटो की टक्कर हो गई. जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 4 अन्य घायल हो गए. घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया गया है. हादसे की सूचना लगते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. हादसा इतना भयानक था कि टक्कर के बाद ऑटो के परखच्चे उड़ गए. हादसा अजगैन थाना क्षेत्र के मकूर गांव के पास इंडियन पेट्रोल पंप के समीप हुआ. पुलिस ने बताया कि मकूर गांव में एक दर्दनाक हादसा हो गया. जहां एक ट्रक और ऑटो की टक्कर हो गई. जिससे ऑटो में सवार 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि 4 अन्य घायल हो गए. स्थानीय लोगों से सूचना पर पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कर शव निकाले. जबकि घायलों को अस्पताल में पहुंचाया गया. हादसे की वजहों की जांच की जा रही है. स्थानीय लोगों ने बताया कि ऑटो तेज रफ्तार में थी. जैसे ही ऑटो, ट्रक से टकराई वैसे ही उसके परखच्चे उड़ गए और ऑटो में सवार 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. जबकि कई लोग घायल हो गए. जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर नवविवाहित कपल का प्राइवेट वीडियो वायरल, पुलिस ने तीन ATMS कर्मियों को किया गिरफ्तार

 लखनऊ  उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने यहां सफर करने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा और निजता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. एक्सप्रेसवे पर लगाए गए हाईटेक कैमरे जहां गाड़ियों की स्पीड मॉनिटर करते हैं, वहीं अब यह भी सामने आया है कि कुछ कर्मचारी इन कैमरों का दुरुपयोग कर लोगों की निजी जिंदगी में झांक रहे हैं. एक ताजा घटना में नव विवाहित कपल को वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया, वसूली की गई और बाद में उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया. यह घटना 25 अक्टूबर की है. आजमगढ़ से लखनऊ जा रहे एक नव विवाहित कपल की कार पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 93 किलोमीटर प्वाइंट से गुजर रही थी. हलियापुर टोल के अंतर्गत बने ATMS कंट्रोल रूम में बैठे कर्मचारियों की नजर CCTV स्क्रीन पर इस कार पर गई. कार के अंदर पति-पत्नी रोमांस कर रहे थे. कैमरे से वीडियो बनाकर कंट्रोल रूम के कर्मियों ने पहले दीवार पर लगी स्क्रीन पर इसे रिकॉर्ड किया और फिर कपल को ब्लैकमेल करने की योजना बनाई. कार में पति-पत्नी कर रहे थे रोमांस  वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद दो ATMS कर्मचारी करीब 13 किलोमीटर तक बाइक से उस कार का पीछा करते हुए पहुंचे. कार चला रहे युवक को रोककर उसे वीडियो दिखाया और वायरल करने की धमकी दी. इसके बदले में पैसे की मांग की गई. कार से बातचीत करने वाला CCTV फुटेज भी सामने आया है जिसमें कर्मचारी युवक को धमकाते नजर आ रहे हैं. चार दिन बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस हरकत में आई. जांच शुरू हुई तो ATMS के असिस्टेंट मैनेजर आशुतोष सरकार को हिरासत में लिया गया. पूछताछ में उसने चौंकाने वाला दावा किया कि बीते ढाई साल में ऐसे हजारों मामले सामने आए हैं, लेकिन वीडियो कभी वायरल नहीं हुआ इसलिए मामला खुला नहीं. इस बार वीडियो वायरल कराने में नौकरी से निकाले गए कुछ कर्मचारियों की भूमिका सामने आई है. प्राइवेट वीडियो सोशल मीडिया हुआ था वायरल सरकार ने करोड़ों की लागत से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया ताकि लोगों को सुरक्षित और बेहतर यात्रा मिले. एक्सप्रेसवे पर हर 10 किलोमीटर पर स्मार्ट CCTV लगाए गए जो स्पीड चेक करते हैं और आकस्मिक घटनाओं पर तुरंत सूचना देते हैं. टोल पर पुलिस, फायर विभाग और YUPIDA के वाहन भी तैनात रहते हैं. लेकिन ATMS का काम संभाल रही कंपनी SCIPL Superwave Communication and Infra Solutions Pvt Ltd के कुछ कर्मियों ने इस सिस्टम को ब्लैकमेलिंग का अड्डा बना दिया. हमारी टीम जब हलियापुर टोल के ATMS कंट्रोल रूम में पहुंची तो वहां अयोध्या के ब्रजेश उपाध्याय मिले. वह पिछले 15 दिनों से अपने भांजे के एक्सीडेंट का CCTV फुटेज ढूंढने के लिए यहां चक्कर लगा रहे हैं. उन्होंने बताया कि उनके भांजे की गाड़ी को टक्कर किसने मारी, यह खोजने के लिए वह उसी दिन का फुटेज मांग रहे हैं लेकिन कंट्रोल रूम में वह फुटेज उपलब्ध नहीं है. ब्लैकमेलिंग के लिए बनाया था वीडियो यह विरोधाभास साफ दिखाता है कि जहां ब्लैकमेलिंग के लिए वीडियो आसानी से बनाया और निकाला जा रहा था, वहीं जरूरतमंद लोगों के लिए जरूरी रिकॉर्ड मिल नहीं रहा. एक ओर ATMS कर्मचारी कपल का पीछा करते हुए 13 किलोमीटर तक पहुंच जाते हैं, वहीं दूसरी ओर एक्सीडेंट जैसे गंभीर मामलों के रिकॉर्ड ढूंढे नहीं मिलते. फिलहाल पुलिस ने कपल को ब्लैकमेल करने वाले ATMS के असिस्टेंट मैनेजर आशुतोष सरकार, कर्मचारी अभिषेक तिवारी और सिस्टम इंजीनियर प्रमोद पटेल को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि वीडियो वायरल करने वाला शशांक शेखर सिंह अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है. टोल के आसपास रहने वाले लोगों में डर का माहौल हलियापुर टोल के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में भी डर का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि यह कैमरे सुरक्षा के लिए लगाए गए थे लेकिन अब यह उनके लिए खतरा बन गए हैं. कैमरे खेतों में काम कर रही महिलाओं तक को कैद कर सकते हैं. गांव वालों का कहना है कि कैमरों की पहुंच बहुत गहरी है और यह पता नहीं कि बीते ढाई सालों में कितने वीडियो रिकॉर्ड होकर वायरल हुए होंगे. कंपनी ने इस मामले में शामिल कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है और अब कंट्रोल रूम में काम कर रहे सभी कर्मचारियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है. पुलिस जांच जारी है और इस मामले ने एक्सप्रेसवे की सुरक्षा प्रणाली पर बड़ा सवाल उठा दिया है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेहतर हो रहा ग्रामीण महिलाओं का जीवन स्तर

सीएम योगी की प्रेरणा से कस्टम ज्वेलरी उद्यम ने बदली ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी मीरजापुर जिले की महिलाओं ने सीखी मार्केटिंग और नई टेक्नोलॉजी की बारीकियां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेहतर हो रहा ग्रामीण महिलाओं का जीवन स्तर अपनी कमाई से बच्चों की पढ़ाई और परिवार का खर्च उठा रहीं ग्रामीण महिलाएं लखनऊ मीरजापुर जिले के पिपरवा गांव की 28 वर्षीय सुशीला देवी का जीवन कुछ साल पहले तक घरेलू जिम्मेदारियों और तंगी के बीच उलझा था। किसान परिवार में जन्मी सुशीला ने मुश्किलों के बावजूद इंटर तक पढ़ाई तो कर ली थी, लेकिन आगे बढ़ने का रास्ता नहीं दिखता था। पति की निजी नौकरी से मिलने वाली सीमित कमाई में घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और बेहतर भविष्य, सब कुछ एक ही आय पर टिका था। लेकिन हालात तब बदले, जब सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चल रहे कार्यक्रमों की जानकारी सुशीला तक पहुंची। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स संस्था की टीम उनके गांव तक पहुंची और महिलाओं को बताया कि वे भी अपना व्यवसाय खड़ा कर सकती हैं। उनके भीतर क्षमता है। बस जरूरत है सही मार्गदर्शन की। धीरे-धीरे हाथों की बनाई ज्वेलरी आसपास के बाजार में पसंद की जाने लगी एक सामूहिक बैठक में जब ज्वेलरी बनाने के प्रशिक्षण की बात चली, तो सुशीला ने झिझकते हुए शुरुआत की। परिवार की जिम्मेदारियों, कम संसाधनों और गांव में उनके भीतर कुछ नया सीखने की चाह हमेशा से थी। उन्होंने कस्टम ज्वेलरी बनाने का प्रशिक्षण लिया। फिर स्वयं सहायता समूह से 15,000 का ऋण लेकर छोटा सा उद्यम शुरू किया। धीरे-धीरे उनके हाथों की बनाई ज्वेलरी आसपास के बाजार में पसंद की जाने लगी। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और संस्था की टीम ने उन्हें खरीदारों से जोड़कर मार्केट लिंकिंग की कमी भी दूर कर दी। घर का खर्च संभालने में पति की बराबर की सहभागी बनीं, बच्चों का अच्छे स्कूल में दाखिला उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के सहयोग से अब सुशीला की आय बढ़कर 15,000 रुपए हो गई। उन्होंने गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार दिया। कुछ ही महीनों में सुशीला का आत्मविश्वास बढ़ता गया। पहले जहां उनकी स्वयं की कोई आय नहीं थी, वहीं अब उनकी मासिक आमदनी 15,000 तक पहुंच चुकी है। आज गांव की अन्य महिलाएं उनके साथ काम कर रही हैं, जिससे उनके भी घरों का खर्च आसानी से चल रहा है। अपनी बढ़ती कमाई से ही सुशीला ने अपने बच्चों का अच्छे स्कूल में दाखिला करवाया। अब वे घर का खर्च संभालने में पति की बराबर की सहभागी बन गई हैं। सही मार्गदर्शन मिले तो हम भी अपना भविष्य खुद गढ़ सकते हैं : सुशीला सुशीला कहती हैं, “पहले लगता था कि गांव की महिलाएं बस घर तक सीमित रहती हैं, लेकिन आज समझ आया कि सही मार्गदर्शन मिले तो हम भी अपना भविष्य खुद गढ़ सकते हैं।” उनकी यह मुस्कान और हौसला गांव की कई और महिलाओं के सपनों को नया आकार दे रहा है। छोटे छोटे गांवों से स्वाभिमान और सफलता की कहानी गढ़ रहीं महिलाएं : दीपा रंजन ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन ने बताया कि सुशीला और अन्य महिलाओं की कहानी उस बदलाव की गवाही है, जो सीएम योगी की महिला-केंद्रित विकास नीतियों ने ग्रामीण जीवन में लाया है।सुशीला आज गांव की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुकी हैं। ग्रामीण महिलाओं ने साबित कर दिया है कि एक छोटे से गांव से भी स्वाभिमान और सफलता की नई कहानी लिखी जा सकती है।

बाराबंकी के दौलतपुर में मुख्यमंत्री योगी ने खेत पर किसानों से किया सीधा संवाद

धरती का स्वास्थ्य सही रहेगा तभी बची रहेगी सृष्टिः योगी आदित्यनाथ प्रगतिशील किसान सम्मेलन में खेत पर गूंजी खेती की बात, रबी सत्र की किसान पाठशाला 8.0 का शुभारंभ बाराबंकी के दौलतपुर में मुख्यमंत्री योगी ने खेत पर किसानों से किया सीधा संवाद नवाचार, तकनीक और बहु-फसली खेती को मुख्यमंत्री योगी ने बताया समृद्धि का मार्ग प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित, लाभार्थियों को चेक व प्रशस्ति पत्र किया वितरित बाराबंकी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धरती माता हमारा पेट भरने के लिए अन्न उत्पन्न करती है लेकिन इसका स्वास्थ्य भी ठीक रहना चाहिए और स्वास्थ्य ठीक रहेगा तो मानव ही नहीं बल्कि सारी सृष्टि बची रहेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए अनेक कार्यक्रम वर्तमान में चल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने नेशनल विजन ऑफ नेचुरल फार्मिंग के जिस अभियान को आगे बढ़ाया है ये उसी कड़ी का हिस्सा है। वे हमेशा कहते हैं कि किसान की आमदनी को बढ़ाने का पहला मंत्र है लागत कम हो तथा उत्पादन ज्यादा हो। अन्नदाता किसान को समय पर बीज, खाद, सिंचाई की सुविधाएं तथा वैज्ञानिक पद्धतियों का सहयोग मिले तो ये संभव है। शुक्रवार को बाराबंकी के दौलतपुर ग्राम में आयोजित प्रगतिशील किसान सम्मेलन तथा खेती की बात खेत पर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रबी सत्र की किसान पाठशाला 8.0 का शुभारंभ किया। खेत पर पहुंचकर किसानों से सीधे संवाद करने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश की कृषि प्रगति, बहु,फसली खेती, तकनीकी नवाचार, एमएसपी व्यवस्था की पारदर्शिता और किसानों की आय वृद्धि के लिए किए जा रहे प्रयासों पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों का सम्मान भी किया गया और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी किसानों को चेक व स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर प्रदर्शनी में उन्नत किस्मों की फसलों, सब्जियों, कृषि यंत्रों और एफपीओ आधारित नवाचारों का अवलोकन भी किया गया, जबकि दौलतपुर की उन्नत खेती के मॉडल को प्रदेश के अन्य जनपदों के लिए प्रेरणा बताया गया। प्रधानमंत्री मोदी के विजन से प्रदेश का समग्र विकास हुआ सुनिश्चित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सर्वाधिक आबादी वाला राज्य है, जहां 25 करोड़ लोग निवास करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले 11 वर्षों में प्रदेश ने समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उर्वर भूमि, पर्याप्त जल संसाधन और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण राज्य कृषि और अवसंरचना के क्षेत्र में अग्रणी बना है। कृषि उत्पादन व राष्ट्रीय योगदान का किया उल्लेख मुख्यमंत्री योगी के अनुसार देश की कुल कृषि योग्य भूमि में उत्तर प्रदेश का हिस्सा 11 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय खाद्यान्न आपूर्ति में प्रदेश का योगदान 21 प्रतिशत है। सरकार ने किसानों को बीज से लेकर बाजार तक आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उत्पादन में वृद्धि और लागत में कमी सुनिश्चित की है। स्वॉइल हेल्थ कार्ड, फसल बीमा, गन्ना भुगतान, कृषि मंडियों के विस्तार तथा स्टोरेज और प्रोसेसिंग सुविधाओं ने किसानों को लाभ पहुंचाया है। पारदर्शी व्यवस्था और तकनीकी प्रगति का मिल रहा लाभ मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, पिछले आठ वर्षों में एमएसपी का भुगतान सीधे किसानों को मिल रहा है जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है। सिंचाई के क्षेत्र में हर खेत को पानी उपलब्ध कराने, माइक्रो इरीगेशन, नहरों के नेटवर्क, सौर पंप और जल संरक्षण के अभियानों को गति दी गई है। ड्रोन डोजिंग, खरपतवार नियंत्रण, स्वॉइल टेस्टिंग और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर किसानों को वैज्ञानिक पद्धतियों से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को उद्यमिता से जोड़ने के लिए फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड स्टोरेज, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल मंडी और ई नाम जैसे प्रयासों ने बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। एक्सप्रेसवे और लॉजिस्टिक्स पार्कों के माध्यम से किसानों की उपज अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक आसानी से पहुंच रही है। विश्व बैंक के सहयोग से 4 हजार करोड़ रुपये की लागत से छह वर्षों में यूपी-एग्रीज परियोजना के अंतर्गत कम उत्पादन वाले 28 जनपदों, विशेषकर पूर्वांचल और बुंदेलखंड, में कृषि सुधारों को गति दी गई है। विविध जलवायु क्षेत्रों में कृषि नवाचार जरूरी मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नौ भौगोलिक जलवायु क्षेत्र हैं और इनके अनुरूप उन्नत बीज तथा तकनीक उपलब्ध कराने पर कार्य जारी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 से पहले की तुलना में आज रिकॉर्ड उत्पादन और पारदर्शी व्यवस्था ने प्रदेश की प्रगति को नई दिशा दी है। कृषि विकास दर को 8.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 17.7 प्रतिशत तक पहुंचाया गया है। प्रगतिशील किसानों की सफलता व सहकारी मॉडल का किया उल्लेख मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, एक एकड़ में ढाई सौ क्विंटल आलू और दो लाख रुपये मूल्य का केला उत्पादन लागत कम और उत्पादन अधिक का सफल उदाहरण है। एफपीओ के माध्यम से सहकारी खेती को बढ़ावा मिल रहा है। पद्मश्री रामशरण वर्मा और सम्मानित प्रगतिशील किसान इस परिवर्तन के उत्कृष्ट उदाहरण हैं जिनकी सफलता से प्रदेश के अन्य किसानों को प्रेरणा मिल रही है। प्रगतिशील किसानों का जताया आभार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खेती की वास्तविक चुनौतियों को समझने के लिए किसान पाठशाला का आयोजन प्रगतिशील किसान रामशरण वर्मा के फार्म में किया गया है। खेत में जाकर खेती को समझना, उसकी समस्याओं को नजदीक से देखना और कम लागत में अधिक उत्पादन के माध्यम से किसानों की खुशहाली सुनिश्चित करना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और नवाचार ने उत्तर प्रदेश को कृषि क्षेत्र में नई पहचान दी है। उन्होंने सभी अन्नदाता किसानों से भी आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अभिनव प्रयास करते रहें ताकि खेती का स्तर और बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि कृषि सेक्टर में लगातार नए प्रयोग हो रहे हैं और किसानों द्वारा समय पर खेती, गुणवत्तापूर्ण बीज का उपयोग और समुचित देखभाल से कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल किया जा सकता है। प्रदेश की भूमि अत्यंत उर्वर है और इसका बेहतर उपयोग किसान अपनी तकनीक व प्रबंधन क्षमता से कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार अन्नदाता किसानों की खुशहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। विकसित भारत के निर्माण में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए सरकार उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। किसान पाठशाला … Read more

ED ने कफ सिरप घोटाले में की बड़ी छापेमारी, 3 राज्यों के 25 ठिकानों पर चली कार्रवाई

लखनऊ उत्तर प्रदेश में कोडीन आधारित कफ सिरप (CBCS) के अवैध उत्पादन, तस्करी और सीमापार सप्लाई से जुड़े बड़े रैकेट पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को सख्त कार्रवाई की. ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के तहत उत्तर प्रदेश, झारखंड और गुजरात में कुल 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है. तीन राज्यों में ईडी की छापेमारी न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक यह कार्रवाई लखनऊ, वाराणसी, जौनपुर और सहारनपुर के अलावा रांची और अहमदाबाद में भी चल रही है. ED ने यह मामला प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दर्ज किया है. मामला उस समय बड़ा बना जब यूपी सरकार ने राज्य में कोडीन आधारित कफ सिरप के दुरुपयोग, अवैध निर्माण और तस्करी के कई मामलों पर संज्ञान लिया था. ED अधिकारियों के अनुसार, लगभग 30 एफआईआर यूपी पुलिस द्वारा दर्ज की गई थीं, जिनमें इस अवैध व्यापार का भंडाफोड़ हुआ था. जांच में सामने आया कि कफ सिरप को बड़े पैमाने पर गलत तरीके से तैयार किया जा रहा था और राज्य के बाहर ही नहीं, बल्कि बांग्लादेश सीमा तक इसकी अवैध ढुलाई की जा रही थी. मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल देश छोड़कर फरार जांच में सामने आए मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के देश छोड़कर दुबई भागने की जानकारी भी मिली है. उसके पिता को यूपी पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था. वहीं आलोक सिंह, अमित सिंह और अन्य सहयोगियों के ठिकानों पर भी छापेमारी चल रही है. इसके साथ ही एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) विष्णु अग्रवाल के परिसरों पर भी ED की कार्रवाई जारी है, जिन्हें रैकेट के वित्तीय लेनदेन में शामिल होने का आरोप है. ED अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में करीब 1,000 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का संदेह है, जो मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए अलग-अलग खातों और संस्थाओं में घुमाया गया. यूपी पुलिस इस मामले में अब तक 32 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और SIT गठित कर विशेष जांच कर रही है.

सीएम योगी ने आजमगढ़ बैठक में लापता मतदाताओं की संख्या पर जताई चिंता, SIR अभियान को तेज करने के आदेश

आजमगढ़  यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक के दौरान आजमगढ़ जिले में 'लापता मतदाताओं की संख्या' को लेकर चिंता जताई और पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे सभी मतदाताओं तक पहुंचें. मुख्यमंत्री ने कलेक्ट्रेट सभागार में आजमगढ़ मंडल के अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में सुभासपा (सुभेलदेव भारतीय समाज पार्टी) के अध्यक्ष अरविंद राजभर ने कहा कि प्राथमिक एजेंडा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) था. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी विधानसभा क्षेत्रों का विस्तृत डाटाबेस सौंपा और संदेहास्पद रूप से अधिक संख्या में लापता मतदाताओं पर चिंता व्यक्त की. उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे जमीन स्तर पर मतदाताओं से संपर्क करें और जिनके नाम मतदाता सूची से गायब हैं, उनका नाम जोड़ना सुनिश्चित करें. राजभर ने कहा कि फर्जी मतदाताओं को हटाना, जिले के बाहर रहने वाले वास्तविक मतदाताओं को जोड़ना और मृतकों को चिह्नित करना बेहद आवश्यक है. वास्तविक मतदाताओं  को शामिल करने का लक्ष्य इस बैठक में ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा भी उपस्थित थे. बांसडीह की विधायक केतकी सिंह ने कहा कि बैठक में मंडल में विकास कार्यों की प्रगति और SIR अभियान की स्थिति की समीक्षा की गई. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि मृत मतदाताओं की पहचान कर उन्हें हटाएँ और लापता मतदाताओं को खोजें, ताकि सभी वास्तविक मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल किया जा सके. जागरूकता और सहभागिता पर जोर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आह्वान किया कि जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर यह सुनिश्चित करें कि मतदाता पुनरीक्षण अभियान प्रक्रिया के दौरान पात्र नागरिकों का नाम सूची में शामिल हो सके. उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अपात्र नामों का समय पर परीक्षण और आवश्यक सुधार लोकतंत्र की पारदर्शिता को सुदृढ़ करते हैं. उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा जताई कि वे मतदाता सूची पुनरीक्षण के महत्व को जनता तक सहज भाषा में पहुंचाएं और प्रत्येक बूथ स्तर पर गहन संपर्क बनाए रखें. फीडबैक व सतत संवाद की आवश्यकता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक को बेहद मूल्यवान बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का धरातल से जुड़ा अनुभव मतदाता पुनरीक्षण अभियान जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को सुचारु बनाने में अहम भूमिका निभाता है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निरंतर संवाद से बेहतर समन्वय स्थापित होता है, जिससे अभियान का प्रभाव और बढ़ता है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीनों जनपदों में हुई बैठकों के माध्यम से यह संदेश भी दिया कि जनता के बीच निरंतर उपस्थिति और सक्रियता ही लोकतांत्रिक मूल्यों की वास्तविक शक्ति है.  

तीन जनपदों में जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद कर की व्यापक चर्चा

आजमगढ़, वाराणसी व बरेली में मतदाता पुनरीक्षण अभियान को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने जनप्रतिनिधियों से किया सीधा संवाद तीन जनपदों में जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद कर की व्यापक चर्चा जागरूकता प्रसार तथा जनता के सहयोग व सुझावों को आत्मसात करने का किया आह्वान लखनऊ  मतदाता पुनरीक्षण अभियान के प्रति जनता को जागरूक करने और अधिक से अधिक भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़, वाराणसी व बरेली में जनप्रतिनिधियों तथा पार्टी पदाधिकारियों के साथ संवाद किया। उन्होंने इन बैठकों में सहयोग, सुझाव तथा सतत संवाद की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाए रखने के लिए सभी स्तरों पर सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। जागरूकता और सहभागिता पर जोर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आह्वान किया कि जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर यह सुनिश्चित करें कि मतदाता पुनरीक्षण अभियान प्रक्रिया के दौरान पात्र नागरिकों का नाम सूची में शामिल हो सके। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अपात्र नामों का समय पर परीक्षण और आवश्यक सुधार लोकतंत्र की पारदर्शिता को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा जताई कि वे मतदाता सूची पुनरीक्षण के महत्व को जनता तक सहज भाषा में पहुंचाएं और प्रत्येक बूथ स्तर पर गहन संपर्क बनाए रखें। फीडबैक व सतत संवाद की आवश्यकता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक को बेहद मूल्यवान बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का धरातल से जुड़ा अनुभव मतदाता पुनरीक्षण अभियान जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को सुचारु बनाने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निरंतर संवाद से बेहतर समन्वय स्थापित होता है, जिससे अभियान का प्रभाव और बढ़ता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीनों जनपदों में हुई बैठकों के माध्यम से यह संदेश भी दिया कि जनता के बीच निरंतर उपस्थिति और सक्रियता ही लोकतांत्रिक मूल्यों की वास्तविक शक्ति है।

योगी सरकार ने 138 बेटियों का किया कन्यादान, मुस्लिम जोड़ों का हुआ निकाह, मौलवियों ने पढ़ा निकाह

लखनऊ  योगी आदित्यनाथ सरकार ने गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह का आर्थिक बोझ कम करने की दिशा में एक सराहनीय पहल की है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत  आगरा जिले के चार विकास खंडों-सैंया, खेरागढ़, जगनेर और शमशाबाद में कुल 138 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना के अंतर्गत सरकार प्रति जोड़े एक लाख रुपये की सहायता राशि एवं सामग्री उपलब्ध करा रही है। मुस्लिम जोड़ों का निकाह मौलवियों द्वारा संपन्न कराया गया सामूहिक विवाह समारोह में सभी जोड़ों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ एक-दूसरे का हाथ थामा। सैंया में 43, खेरागढ़ में 27, जगनेर में 27 और शमशाबाद में 41 शादियां कराई गईं। सभी विकास खंडों में भव्य पंडाल सजाए गए थे। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हिंदू जोड़ों ने सात फेरे लिए। वहीं अल्पसंख्यक समुदाय (मुस्लिम) के जोड़ों का निकाह मौलवियों द्वारा संपन्न कराया गया। समारोह में हजारों लोग हुए शामिल समारोह में हजारों लोगों ने शामिल होकर माहौल को उत्सव जैसा बना दिया। जिला समाज कल्याण अधिकारी जी.आर. प्रजापति ने बताया कि प्रति जोड़ा 60 हजार रुपये कन्या के खाते में डीबीटी के रूप में 25 हजार रुपये की गृहस्थी सामग्री और 15 हजार रुपये आयोजन पर खर्च किए जा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने भी शिरकत की कार्यक्रम में विधायक भगवान सिंह कुशवाह, विधायक छोटेलाल वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी शिरकत की और नवविवाहितों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब और मजदूर परिवारों को अपनी बेटियों की शादी में आर्थिक तनाव से मुक्त करती है। जिले में इस वर्ष कुल 951 जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य निर्धारित है। 10 से 13 दिसंबर के बीच विभिन्न विकास खंडों में 800 से अधिक जोड़ों के विवाह संपन्न कराने की तैयारी की गई है।

आज़म ख़ान को बड़ी राहत: सेना टिप्पणी केस में MP-MLA कोर्ट ने किया दोषमुक्त

लखनऊ  सेना पर विवादित टिप्पणी करने के मामले में रामपुर एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने गुरुवार को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को बरी कर दिया। यह फैसला करीब 8 साल बाद आया है। बता दें कि यह मामला भाजपा विधायक आकाश सक्सेना की ओर से 30 जून 2017 को दर्ज कराया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि आजम खान ने सेना के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। भाजपा विधायक ने कहा था कि 2017 में आजम खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के दौरान सेना का मनोबल गिराने और समुदाय आधारित बयान दिया था, जिसके बाद रामपुर के थाना सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसी मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने गवाहों की गवाही और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद फैसला सुनाते हुए आजम खान को दोषमुक्त करार दिया है। आजम खान के अधिवक्ता मुरसलीन ने बताया कि इस मामले में कोर्ट में ट्रायल चला, लेकिन वादी पक्ष अपना आरोप साबित नहीं कर पाया। साक्ष्यों के अभाव में आजम खान को दोषी नहीं पाया गया और उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया। रामपुर स्पेशल कोर्ट से आए इस फैसले के बाद आजम खान को बड़ी राहत मिली। वहीं, सुबह से ही आजम खान पर फैसले को देखते हुए कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। कोर्ट परिसर में पुलिस बल तैनात था और सभी संबंधित पक्षों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। पुलिस लगातार पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए थी। वहीं, आजम खान इस समय दो पैन कार्ड मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद रामपुर जेल में बंद हैं। उनके बेटे अब्दुल्ला आजम भी इसी मामले में सजा काट रहे हैं। वहीं, 2019 में नगर विधायक रहे आकाश कुमार सक्सेना ने मुकदमा दर्ज कराया था और अब्दुल्ला आजम पर दो पैन कार्ड रखने का आरोप लगाया था। इसके बाद मामले में अब्दुल्ला आजम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का भी रुख किया था, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए इस मामले में ट्रायल की कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी। पक्षों को सुनने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा। इसके बाद जुलाई में याचिका को खारिज कर दिया था।

12 से 29 दिसंबर तक पूरे प्रदेश में होगा किसान पाठशाला का आयोजन

शुक्रवार को बाराबंकी में पद्मश्री रामशरण वर्मा के गांव से होगा शुभारंभ  किसानों के लिए मॉडल बन चुके हैं पद्मश्री रामशरण वर्मा  लखनऊ योगी सरकार 12 से 29 दिसंबर तक उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में किसान पाठशाला का आयोजन करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को रबी मौसम की किसान पाठशाला का शुभारंभ पद्मश्री किसान रामशरण वर्मा के गांव दौलतपुर के खेत से करेंगे। मुख्यमंत्री प्रगति किसान सम्मेलन के जरिए किसानों से संवाद करेंगे। साथ ही प्रगतिशील किसानों का सम्मान और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी किसानों को चेक व स्वीकृति पत्र वितरित करेंगे। कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख भी रहेंगे। सरकार “किसान की बात किसान के द्वार” की संकल्पना पर किसानों को प्रोत्साहित करेगी। 1.90 करोड़ किसानों को किया जा चुका प्रशिक्षित  कृषि विभाग ने किसानों ने अनुरोध किया है कि अपने जनपद की किसान पाठशाला में प्रतिभाग कर योगी सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजना (60 प्रतिशत अनुदान पर सोलर पम्प, 40 से 50 प्रतिशत पर कृषि यंत्र आदि) के जरिए खेती की नई तकनीक, नवीन प्रजाति, पशुपालन, बागवानी, रेशम पालन एवं मधुमक्खी पालन की जानकारी प्राप्त कर कृषि उत्पादन एवं आय में बढ़ोतरी कर सकते हैं। किसान पाठशाला के माध्यम से प्रदेश के सभी जनपदों में अब तक लगभग 1.90 करोड़ किसानों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।  किसानों के उत्पादन व लाभ में वृद्धि के लिए प्रयासरत है योगी सरकार     गठन के साथ ही योगी सरकार किसानों के प्रति अपना संकल्प निभाती आ रही है। सरकार द्वारा प्रदेश के किसानों को 25423 करोड़ का ऋण मोचन, 90669 करोड़ का पी0एम0 किसान सम्मान निधि का लाभ प्रत्यक्ष तौर पर उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके साथ ही मृदा सुधार, मृदा परीक्षण, कृषि यंत्र, उर्वरक, कृषि रक्षा रसायन सहित कृषि उत्पादन के प्रसंस्करण एवं विपणन आदि के लिए योगी सरकार प्रत्येक स्तर पर किसानों को सहयोग कर उनके कृषि उत्पादन एवं लाभ में वृद्धि एवं आत्मसम्मान दिलाने के लिए प्रयासरत है।  किसानों के लिए मॉडल बन चुके हैं पद्मश्री रामशरण वर्मा  कृषि क्षेत्र में धरातल पर दिख रहे परिवर्तन का सबसे बड़ा उदाहरण बाराबंकी के पद्मश्री रामशरण वर्मा जैसे प्रगतिशील किसान बने हैं। उन्होंने योगी सरकार की नीतियों को किसानों के उत्थान की असली धुरी बताया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की कृषि नीतियों ने किसानों की आय बढ़ाने के नए रास्तों का निर्माण किया है। किसानों की सुविधा, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर साढ़े आठ वर्षों में राज्य सरकार ने कई योजनाएं लागू कीं। इनके जरिए खेती अब लाभकारी तथा तकनीकी रूप से उन्नत होने की दिशा में बढ़ चुकी है। किसान सम्मान निधि से लेकर टिश्यू कल्चर आधारित उन्नत खेती के प्रोत्साहन, बीज छूट, कृषि यंत्रों पर रियायत और फसलों के मूल्य का डीबीटी के माध्यम से त्वरित भुगतान आदि कदमों ने प्रदेश में नई कृषि क्रांति की शुरुआत की है।  नवाचार आधारित खेती से बढ़ी किसानों की आय पद्मश्री रामशरण वर्मा द्वारा 32 वर्ष पहले 6 एकड़ से शुरू हुई खेती आज सहकारिता आधारित बटाई मॉडल पर 275 एकड़ तक पहुंच चुकी है। केला, टमाटर, आलू, मेंथा, तरबूज, खरबूजा और गेहूं जैसी विविध फसलों के चक्र पर आधारित खेती से उत्पादन और लाभ में बढ़ोतरी हुई है। वर्मा के मुताबिक योगी सरकार के प्रोत्साहन से टिश्यू कल्चर केले के उत्पादन ने किसानों को नई दिशा दी है। वे बताते हैं कि टमाटर में 60 हजार रुपये की लागत पर दो से ढाई लाख रुपये तक का लाभ संभव हो रहा है। टमाटर उत्पादन को मिले सरकारी प्रोत्साहन ने 50 प्रतिशत की वृद्धि सुनिश्चित की है। छोटे किसान जो पहले 20-25 हजार कमाते थे, वे अब डेढ़ से दो लाख रुपये वार्षिक आय कर रहे हैं।  रामशरण वर्मा ने हजारों किसानों को उन्नत खेती से जोड़ा  रामशरण वर्मा ने बताया कि 32 वर्षों से खेती करते हैं। साथ ही उन्होंने हजारों किसानों को उन्नत खेती से जोड़ा है। योगी सरकार किसानों की तरक्की के लिए दिनरात प्रयास कर रही है। उनकी नीतियां किसानों की उन्नति का मार्ग प्रशस्त कर रही हैं। विकसित होने की ओर बढ़ते उत्तर प्रदेश के विकास की यह गति किसानों के उत्थान से और तेज हुई है। श्री वर्मा के मुताबिक वे 30 हजार से अधिक लोगों को साल में रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। अपने गांव व आसपास के लोगों को रोजगार देने में सक्षम हैं तो इसका सबसे बड़ा श्रेय योगी सरकार को जाता है। बीज और बाजार उपलब्ध कराने का जो कार्य योगी सरकार ने किया है, वह प्रदेश की कृषि उन्नति और किसानों की खुशहाली का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।