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विराट कोहली पर बयान से बढ़ा विवाद, फलाहारी बाबा ने मांगी माफी; प्रेमानंद महाराज आश्रम लौटे

लखनऊ दावन के संत प्रेमानंद महाराज अपने शिष्य रसिक दुलारी की मौत और उसे लेकर चल रही चर्चाओं के बीच 14 दिन बाद गुरुवार को अपने आश्रम पहुंचे। उनके पहुंचने की खबर मिलते ही दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ जुट गई। प्रेमानंद अपने राधा केलि कुंज आश्रम और गुरु स्थान पर करीब आधा घंटे रुकने के बाद फिर से यमुनापार के लिए रवाना हो गए। वहीं, प्रेमानंद को लेकर क्रिकेटर विराट कोहली को विवाद में घसीटने वाले फलाहारी बाबा बैकफुट पर आ गए। उन्होंने अपने बयान के लिए माफी मांग ली है। पिछले शुक्रवार को प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी ने आश्रम की इमारत से कूदकर जान दे दी थी। उनकी मौत के बाद सनसनी इसलिए ज्यादा फैली क्योंकि रसिक दुलारी का प्राइवेट पार्ट भी कटा हुआ था। पुलिस जांच के लिए पहुंची तो कमरे में प्राइवेट पार्ट का टुकड़ा और काटने में इस्तेमाल कटर भी मिला था। इसके बाद से कई तरह के रहस्य गहरा गए थे। मौत से संबंधित कुछ सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए। इसमें आत्महत्या करते रसिक दुलारी दिखाई दिए लेकिन प्राइवेट पार्ट कटने का राज सामने नहीं आया। इसी के बाद से तरह तरह की चर्चाएं तैरने लगीं। आश्रम देश दुनिया में सुर्खियों में आ गया। इसी बीच गुरुवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे संत प्रेमानंद महाराज अचानक राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचे। करीब 20 मिनट तक आश्रम में रहकर श्री जी के दर्शन कर पूजा अर्चना की। उसके बाद अपने प्रमुख शिष्यों के साथ वारहा घाट स्थित गुरु गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पहुंचे और एकांत ध्यान किया। गुरुजी से आशीर्वाद लेने के बाद करीब छह बजे फिर से यमुनापार स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम के लिए रवाना हो गए। इस दौरान भक्तों की भीड़ उनकी एक झलक पाने के लिए इकट्ठा हो गई। जिन्हें महाराज के शिष्यों ने बमुश्किल काबू किया। इसके बाद संत प्रेमानंद महाराज ने यमुना विहार कुंज आश्रम पहुंचकर प्रवचन भी दिए। संतों के विरोध के बाद बैकफुट पर फलाहारी महाराज उधर, विराट कोहली को लेकर प्रेमानंद महाराज और उनके आश्रम पर आरोप लगाने वाले श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण के एक पक्षकार दिनेश शर्मा उर्फ फलाहारी महाराज ने अपने बयान के लिए माफी मांग ली है। फलाहारी महाराज ने एक बयान जारी कर कहा था कि प्रेमानंद महाराज के आश्राम आने के लिए विराट कोहली को पांच करोड़ रुपए दिए गए थे। दावा किया था कि राजस्थान की एक निजी कंपनी ने विराट कोहली को प्रेमानंद महाराज के आश्रम तक लाने के लिए यह रुपये खर्च किए थे। इन आरोपों के बाद मथुरा-वृंदावन के संतों ने फलाहारी बाबा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। सिद्ध पीठ हनुमान टेकरी पर संत समाज ने बैठक कर फलाहारी महाराज का सामाजिक और धार्मिक बहिष्कार करने की घोषणा की थी। साथ ही भविष्य में किसी भी धार्मिक कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित नहीं करने का निर्णय लिया था। माना जा रहा है कि संतों के इसी कदम के बाद फलाहारी बाबा बैकफुट पर आए हैं। अब माफी मांगते हुए फलाहारी महाराज ने कहा कि मैंने आज तक प्रेमानंद महाराज जी के लिए एक शब्द नहीं बोला, मैं पूज्य महाराज जी से माफ़ी मांगता हूं। कहा कि उनके बयान को मीडिया में गलत तरीके से पेश किया गया है। यह भी दावा किया कि इस मामले पर उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।

लखनऊ के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज, जरूरतमंदों को दो वक्त मिल रहा भोजन

योगी सरकार के निर्देश पर लखनऊ के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी बाढ़ प्रभावितों तक लगातार पहुंचाए जा रहे भोजन के पैकेट, जरूरतमंदों को दोनों समय मिल रहा भोजन महापौर सुषमा खर्कवाल ने नाव से प्रभावित क्षेत्रों में जाकर नागरिकों से किया संवाद, जानीं समस्याएं बाढ़ पीड़ितों को भोजन, पेयजल और दवाएं उपलब्ध कराने के दिए निर्देश एलडीए ने 26 पंपिंग सेट से तेज की जल निकासी एलडीए ने राहत कार्यों के लिए मैनपावर बढ़ाया, अधिकारी तीन शिफ्ट में कर रहे 24×7 निगरानी लखनऊ  बाढ़ प्रभावित नागरिकों को राहत और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन, नगर निगम, एलडीए, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस प्रशासन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। इसी क्रम में महापौर सुषमा खर्कवाल ने नगर आयुक्त गौरव कुमार के साथ विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर राहत कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। महापौर सुषमा खर्कवाल ने जोन-3 के लोहरामऊ, फैजुल्लागंज, दाउद नगर और मिल्लत नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इसके अलावा जोन-6 के हयात नगर, सेहठा गांव और गुल्मी खेड़ा में नाव के माध्यम से पहुंचकर प्रभावित नागरिकों से संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं जरूरतों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों को भोजन के पैकेट, पेयजल और आवश्यक दवाएं वितरित की। साथ ही अधिकारियों को राहत सामग्री की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। दाऊद नगर, मामा कॉलोनी और लोहरामऊ में 800 भोजन के पैकेट वितरित नगर निगम प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंद नागरिकों तक भोजन के पैकेट पहुंचाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार दाऊद नगर, मामा कॉलोनी और लोहरामऊ में लगभग 800 भोजन के पैकेट वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रभावित बस्तियों एवं गलियों में दिन के दोनों पहरों में 1450 से अधिक भोजन के पैकेट वितरित किए गए। प्रथम पहर में गृह निर्माण संस्था क्षेत्र में करीब 250 पैकेट, दौलत खेड़ा एवं मुन्नू खेड़ा में 180, हयात नगर एवं लक्ष्मी हॉस्पिटल वाली गली में 150, तांड खेड़ा में 185, बरावन कला एवं एमसी सक्सेना के पीछे वाली गली में करीब 50 तथा हयात नगर के अन्य हिस्सों में 80 भोजन के पैकेट वितरित किए गए। वहीं, दूसरे पहर में करीब 650 भोजन के पैकेट वितरित किए गए। आवश्यकता और मांग के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में दिन में दो समय भोजन के पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हेल्थ कैंप में व्यवस्थाओं की जांच निरीक्षण के दौरान महापौर ने प्रभावित क्षेत्र में स्थापित हेल्थ कैंप का भी निरीक्षण कर दवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य टीम से फीडबैक लेते हुए निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित नागरिकों को समय पर उपचार और दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा गया। इस दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए स्थापित कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से नागरिकों की ओर से प्राप्त सूचनाओं और राहत कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों को स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन के पैकेट तीनों समय नियमित रूप से उपलब्ध कराए जाएं। एलडीए ने 26 पंपिंग सेट लगाए वहीं गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से इकाना स्टेडियम, प्लासियो मॉल और आसपास के क्षेत्रों में हुए जलभराव से निपटने के लिए एलडीए ने राहत अभियान तेज कर दिया है। जिस स्थान से गोमती का पानी योजना क्षेत्र में प्रवेश कर रहा था, वहां बोल्डर और मिट्टी डालकर मजबूत अस्थायी अवरोध बनाया गया है। जल निकासी के लिए 26 पंपिंग सेट लगाए गए हैं, जिससे गुरुवार शाम पांच बजे तक जलभराव की स्थिति में काफी सुधार दर्ज किया गया। लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार और सचिव सुशील प्रताप सिंह ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके बाद अलग-अलग पॉकेट में मैनपावर में डेढ़ गुना वृद्धि की गई है। निगरानी और आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए एलडीए के अधिकारी, अभियंता और कर्मचारी तीन शिफ्ट में 24 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर सीजी सिटी अर्बन वेटलैंड और नौसेना शौर्य वाटिका को अग्रिम आदेशों तक आगंतुकों के लिए बंद कर दिया गया है।

हर पात्र परिवार को योजनाओं का लाभ मिले, केवल चिन्हांकन तक सीमित न रहे जीरो पावर्टी अभियान: मुख्यमंत्री

औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को प्राथमिकता के साथ तेजी से पूरा कराएं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हर पात्र परिवार को योजनाओं का लाभ मिले, केवल चिन्हांकन तक सीमित न रहे जीरो पावर्टी अभियान: मुख्यमंत्री मंडियों में किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलें, साफ-सफाई और जलभराव की समस्या न हो: मुख्यमंत्री अतिवृष्टि के बाद जहां बिजली आपूर्ति बाधित है, उसे शीघ्र बहाल करें, 24×7 सक्रिय रहे टोल फ्री नंबर: मुख्यमंत्री कामकाजी महिला छात्रावासों के निर्माण में तेजी के निर्देश, संचालन के लिए बनेगी नीति स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की 8वीं बैठक में मुख्यमंत्री ने की प्रदेश में संचालित परियोजनाओं की समीक्षा लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को 'सीएम-समीक्षा' की 8वीं उच्चस्तरीय बैठक में विकास परियोजनाओं, औद्योगिक निवेश, ऊर्जा, कौशल विकास, श्रमिक कल्याण और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चल रही बड़ी परियोजनाओं को केवल प्रक्रियाओं तक सीमित न रखा जाए, उन्हें समयबद्ध ढंग से धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने कहा कि अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी हों या फील्ड में तैनात अधिकारी, औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की परियोजनाओं को प्राथमिकता के साथ तेजी से पूरा कराएं। भूमि अधिग्रहण, स्वीकृति, निविदा और अंतरविभागीय समन्वय से जुड़ी बाधाओं का तत्काल समाधान किया जाए। एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की समीक्षा में बताया गया कि चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए चार निविदाएं प्राप्त हो चुकी हैं और अक्टूबर में निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। फर्रुखाबाद, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक, झांसी और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 80 से 91 प्रतिशत तक भूमि उपलब्ध हो चुकी है। मेरठ-हरिद्वार, विंध्य और विंध्य-पूर्वांचल स्पर एक्सप्रेसवे के लिए सत्यापन कार्य पूरा हो चुका है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों से अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए शेष भूमि संबंधी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में ग्रेटर नोएडा के मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब की भी समीक्षा हुई। यहां 323 हेक्टेयर में से 301 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा प्राप्त हो चुका है। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक परियोजनाओं में आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए। महिला श्रम सहभागिता बढ़ाने के लिए कामकाजी महिला छात्रावासों की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इनके निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों के निर्माण के साथ उनके प्रभावी संचालन के लिए भी अच्छी और उपयोगी नीति तैयार की जाए। जीरो पावर्टी अभियान की समीक्षा में बताया गया कि चिन्हित 12.50 लाख परिवारों में से करीब 9 लाख आवास के पात्र पाए गए हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 30,725 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। अभियान के तहत पात्र परिवारों को श्रमिक पंजीकरण, आयुष्मान कार्ड, अंत्योदय कार्ड, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने का कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान में केवल पात्र परिवारों का चिन्हांकन पर्याप्त नहीं है, प्रत्येक पात्र परिवार को संबंधित योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने मंडियों में किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंडियों में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था हो, जलभराव की स्थिति न बने और किसानों को अपनी उपज के साथ किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंडी परिसरों की नियमित निगरानी और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। हाल के दिनों में कई क्षेत्रों में हुई अतिवृष्टि को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बिजली आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां कहीं भी बिजली आपूर्ति बाधित है, उसे शीघ्र बहाल किया जाए। उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 24×7 सक्रिय रखा जाए। प्रत्येक उपभोक्ता को सही और समय पर बिजली बिल उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित किया जाए। बिजली चोरी और लाइन लॉस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए फीडरवार ऑडिट कर वास्तविक स्थिति सामने लाने के निर्देश दिए गए। अग्नि सुरक्षा की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और होटलों में वैध फायर एनओसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनओसी की अवधि समाप्त होने से पहले नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी कराने और अग्नि सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। लोक निर्माण विभाग की ₹50 करोड़ से अधिक लागत वाली 279 परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अनुबंध के अनुसार सभी कार्य समय से पूरा कराने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की प्रगति की समीक्षा में बताया गया कि ₹454 करोड़ से 11,350 ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं। इनमें शत-प्रतिशत एनबीटी पुस्तकें और 96 प्रतिशत फर्नीचर पहुंच चुका है तथा 99 प्रतिशत लाइब्रेरी में पठन-पाठन शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री ने शेष हार्डवेयर आपूर्ति में तेजी लाने और रियल टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से नियमित निगरानी के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की GBC@5.0 की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा, परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और निवेशकों को हर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश

जीबीसी@5.0 के लिए ₹7.55 लाख करोड़ की 7000 परियोजनाएं तैयार, सभी 75 जिलों को मिलेगा लाभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की GBC@5.0 की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा, परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और निवेशकों को हर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश लगभग 7,000 परियोजनाओं में निवेश, पश्चिमांचल से बुंदेलखंड तक औद्योगिक विकास का विस्तार निवेशकों को प्रोत्साहन राशि के भुगतान में अनावश्यक विलंब न हो, तय समयसीमा में पूरी हो प्रक्रिया: मुख्यमंत्री हालिया सड़क हादसों पर मुख्यमंत्री ने जताया दु:ख, एक्सप्रेसवे पर 24×7 निगरानी और निजी क्षेत्र के सहयोग से ट्रॉमा सेंटर विकसित करने के निर्देश लखनऊ  उत्तर प्रदेश में निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की दिशा में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी@5.0 की तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  उच्चस्तरीय बैठक में समारोह की तैयारियों के साथ प्रस्तावित निवेश परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। वर्तमान स्थिति के अनुसार जीबीसी@5.0 के माध्यम से प्रदेश के सभी 75 जिलों में लगभग 7,000 परियोजनाओं के जरिए ₹7.55 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतरने को तैयार हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं से जुड़ी स्वीकृतियों, भूमि, आधारभूत सुविधाओं और अन्य प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाए, ताकि निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा न आए। इन्वेस्ट यूपी की ओर से बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित परियोजनाओं में विभागों के माध्यम से लगभग साढ़े तीन हजार परियोजनाएं, जिलों के स्तर पर निवेश सारथी पोर्टल से जुड़ी साढ़े तीन हजार से अधिक परियोजनाएं तथा इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से 100 से अधिक बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। क्षेत्रीय स्तर पर पश्चिमांचल में करीब पौने पांच लाख करोड़ रुपये, पूर्वांचल में 1.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक, मध्यांचल में 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक और बुंदेलखंड में 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। बड़ी परियोजनाओं में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली करीब 90 परियोजनाएं शामिल हैं, जिनमें लगभग पौने पांच लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। सेक्टरवार निवेश में डेटा सेंटर, ऊर्जा, रियल एस्टेट, बुनियादी ढांचा, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, इस्पात एवं सीमेंट, फार्मा एवं रसायन, वस्त्र एवं परिधान, ऑटोमोबाइल और पर्यटन प्रमुख हैं। डेटा सेंटर क्षेत्र में करीब ₹1.8 लाख करोड़, ऊर्जा क्षेत्र में ₹1.15 लाख करोड़ से अधिक और रियल एस्टेट में ₹75 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हैं। विनिर्माण क्षेत्र में करीब पौने तीन लाख करोड़ रुपये तथा बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों में लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं।  बैठक में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के पहले से चौथे संस्करण तक की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि जीबीसी 1 से 4 के माध्यम से 16 हजार से अधिक परियोजनाओं में 8 हजार से अधिक परियोजनाएं वाणिज्यिक संचालन में आ चुकी हैं, जबकि 8 हजार से अधिक परियोजनाएं क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी केवल निवेश परियोजनाओं को प्रारंभ करने का अवसर नहीं है, यह प्रदेश में रोजगार, उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों को गति देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं को जीबीसी@5.0 में शामिल किया जा रहा है, उनकी तैयारियों और आवश्यक अनुमतियों की विभागवार निगरानी की जाए। निवेशकों के साथ नियमित संवाद रखते हुए उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। निवेशकों को मिलने वाले वित्तीय प्रोत्साहनों के भुगतान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी निवेशक को स्वीकृत प्रोत्साहन राशि के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो तथा पात्र निवेशकों को निर्धारित समयसीमा में प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाए। बैठक में निवेश प्रोत्साहन के लिए स्वीकृत बजट, अब तक किए गए भुगतान और आगामी अवधि में होने वाले वितरण की भी समीक्षा की गई।  बैठक में प्रदेश के विभिन्न एक्सप्रेसवे पर हाल के दिनों में हुई सड़क दुर्घटनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने दुर्घटनाओं पर दु:ख व्यक्त करते हुए इनके कारणों की तकनीकी और व्यावहारिक समीक्षा के निर्देश दिए। उन्होंने ब्लैक स्पॉट की पहचान, ओवरस्पीडिंग पर प्रभावी नियंत्रण, कोहरे के दौरान दृश्यता प्रबंधन, सुरक्षा कैमरों और रडार की निगरानी तथा टोल प्लाजा पर वाहनों की फिटनेस और चालकों की सतर्कता की जांच को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। यूपीडा, परिवहन विभाग और पुलिस को समन्वित सुरक्षा व्यवस्था तैयार करने तथा निजी क्षेत्र के सहयोग से एक्सप्रेसवे के आसपास ट्रॉमा सेंटर विकसित करने की कार्ययोजना पर भी काम करने को कहा गया।

तीन साल में यूपीसीडा औद्योगिक क्षेत्रों में फैक्ट्री पंजीकरण दोगुने से अधिक, 50,000 से ज्यादा रोजगार सृजित

लखनऊ योगी सरकार उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश में तैयार औद्योगिक भूमि, बेहतर कनेक्टिविटी, प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं और क्षेत्र-विशिष्ट औद्योगिक पार्कों के विस्तार से निवेश और रोजगार के नए अवसर तेजी से तैयार हो रहे हैं। इसी का परिणाम है कि यूपीसीडा के औद्योगिक क्षेत्रों में फैक्ट्री पंजीकरण पिछले तीन वर्षों में दोगुने से अधिक हो गए हैं। वर्ष 2022-23 में करीब 1,400 फैक्ट्री पंजीकरण की तुलना में वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर लगभग 3,300 हो गई। इन औद्योगिक गतिविधियों से अब तक 50,000 से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। यूपीसीडा की एसीईओ दीक्षा जैन ने बताया कि यह वृद्धि प्रदेश में विनिर्माण गतिविधियों के विस्तार और निवेशकों के बीच उत्तर प्रदेश की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है। एनसीआर से बुंदेलखंड और पूर्वी यूपी तक औद्योगिक विस्तार योगी सरकार की संतुलित क्षेत्रीय औद्योगिक विकास की नीति के अनुरूप यूपीसीडा अब एनसीआर से आगे बढ़कर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में भी औद्योगिक आधार मजबूत कर रहा है। गोरखपुर, संत कबीर नगर और ललितपुर में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। ललितपुर में समर्पित फार्मास्युटिकल पार्क विकसित किया जा रहा है। वहीं, एक्सप्रेसवे और प्रमुख राजमार्गों के आसपास करीब पांच नए औद्योगिक क्षेत्रों को भी मंजूरी दी गई है। इस विस्तार को 55,000 एकड़ से अधिक के औद्योगिक लैंड बैंक का आधार मिल रहा है। करीब 2,000 एकड़ विकसित भूमि वर्तमान में औद्योगिक उपयोग के लिए उपलब्ध है। नए औद्योगिक क्षेत्रों के साथ पुराने औद्योगिक एस्टेट में भी सड़क, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। यूपीसीडा की एसीईओ दीक्षा जैन के अनुसार, उद्योगों के लिए केवल भूमि पर्याप्त नहीं है। भरोसेमंद बुनियादी ढांचा, बेहतर कनेक्टिविटी और अनुकूल औद्योगिक इकोसिस्टम जरूरी है। इसी दिशा में प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं के साथ भूमि आवंटन और स्वीकृति प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाया जा रहा है। फार्मा, ऑटो, फूड प्रोसेसिंग और बायोप्लास्टिक पर फोकस योगी सरकार की सेक्टर-विशिष्ट औद्योगिक विकास नीति को आगे बढ़ाते हुए यूपीसीडा विभिन्न क्षेत्रों के लिए समर्पित औद्योगिक पार्क विकसित कर रहा है। ललितपुर फार्मा पार्क में विशेषीकृत बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है, जिससे बड़ी फार्मा कंपनियों के साथ संबंधित विनिर्माण इकाइयों को आकर्षित किया जा सके। पीलीभीत के भरा पचपेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में ऑटो और ऑटो-कंपोनेंट उद्योग की संभावनाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पंतनगर के सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र से इसकी भौगोलिक निकटता को देखते हुए यहां ऑटो-कंपोनेंट और विनिर्माण निवेश आकर्षित करने की रणनीति तैयार की जा रही है। इसी तरह बहेड़ी में फूड प्रोसेसिंग पार्क और लखीमपुर खीरी के कुंभी में बायोप्लास्टिक पार्क विकसित किया जा रहा है। इन क्षेत्र-विशिष्ट पार्कों से स्थानीय संसाधनों, कौशल और बाजार की संभावनाओं को उद्योगों से जोड़ते हुए रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। टेक्नोलॉजी से पारदर्शी और आसान हो रही निवेश प्रक्रिया निवेशकों को तेजी से भूमि उपलब्ध कराने और औद्योगिक परियोजनाओं के क्रियान्वयन को सुगम बनाने के लिए यूपीसीडा तकनीक का व्यापक इस्तेमाल कर रहा है। ईआरपी सिस्टम, एआई आधारित एनालिटिक्स, ड्रोन मॉनिटरिंग, ऑनलाइन नीलामी और ‘वन मैप’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से भूमि प्रबंधन और निवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं दक्षता बढ़ाई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प के अनुरूप यूपीसीडा का यह विस्तार प्रदेश को मजबूत विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक औद्योगिक बुनियादी ढांचे, क्षेत्र-विशिष्ट पार्कों और निवेशक-अनुकूल व्यवस्था के जरिए प्रदेश में नए निवेश, रोजगार और उत्पादन को गति देने के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल और बुंदेलखंड तक संतुलित औद्योगिक विकास को मजबूती मिल रही है।

एप के जरिए ऑनलाइन कनेक्ट होगी हर महिला, क्यूआर स्कैन करते ही कर सकेंगी शिकायत

लखनऊ प्रदेश की महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में योगी सरकार तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था तैयार कर रही है। इसके तहत महिला सुरक्षा के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग सेल तैयार किया जा रहा है, जिसमें एप के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं के लिए शिकायत दर्ज कराने और उस पर एक्शन लेने की प्रक्रिया को और सुगम बनाने की तैयारी है। प्रस्तावित व्यवस्था में क्यूआर कोड स्कैन करते ही महिला अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगी। वहीं एप के माध्यम से महिलाओं को ऑनलाइन सुरक्षा तंत्र से जोड़ने की व्यवस्था भी की जाएगी। इस पहल की खास बात यह होगी कि महिला सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों और उनसे संबंधित कार्रवाई की निगरानी के लिए व्यवस्था को प्रदेश स्तर पर जोड़ा जाएगा। लखनऊ स्थित कमांड सेंटर से सभी 75 जिलों पर नजर रखने की योजना है। कमांड सेंटर में तैनात विशेष सेल महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की मॉनिटरिंग के साथ ही जरूरत के अनुसार विभिन्न विभागों और संबंधित तंत्र के बीच समन्वय की भूमिका निभाएगा। इससे शिकायतों को संबंधित स्तर तक पहुंचाने और उनके निस्तारण की निगरानी को अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास होगा। क्यूआर स्कैन करते ही मिलेगी सुविधा प्रस्तावित व्यवस्था में महिलाओं को शिकायत के लिए अलग-अलग माध्यमों की तलाश करने की जरूरत कम होगी। क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद महिला शिकायत दर्ज कर सकेगी। इसके साथ ही एप के जरिए ऑनलाइन कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की तैयारी है। यानी तकनीक को महिला सुरक्षा के तंत्र से सीधे जोड़कर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाने पर जोर है। महिला सुरक्षा से जुड़ी किसी समस्या की जानकारी मिलने पर संबंधित तंत्र तक उसकी पहुंच आसान हो, यही इस व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य है। इसके लिए लखनऊ में स्थापित किए जाने वाले कमांड सेंटर से जिलों की मॉनिटरिंग की जाएगी। यहां बनने वाला स्पेशल सेल जरूरत के अनुसार विभिन्न विभागों के साथ समन्वय करेगा। लखनऊ से सभी 75 जिलों पर नजर प्रदेश में महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी को एकीकृत स्वरूप देने की तैयारी है। लखनऊ स्थित कमांड सेंटर को इसका प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा, जहां से प्रदेश के सभी 75 जिलों की मॉनिटरिंग की जाएगी। विशेष सेल के माध्यम से विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित कर महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी और शिकायतों के निस्तारण को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा। इस व्यवस्था में तकनीक आधारित शिकायत तंत्र और प्रदेश स्तर की निगरानी को एक साथ जोड़ा जा रहा है। इससे एक ओर महिला के लिए शिकायत दर्ज कराने का रास्ता आसान होगा तो दूसरी ओर प्रदेश स्तर पर इसकी मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी रहेगी। इसे देश में पहली बार शुरू की जा रही ऐसी पहल के रूप में तैयार किया जा रहा है। आयोग की भूमिका को भी मिलेगा और प्रभावी स्वरूप महिला सुरक्षा के इस व्यापक प्रयास के बीच उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की भूमिका को भी और प्रभावी बनाने पर जोर है। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने अपने कार्यकाल के विस्तार के उपरांत गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से महिला आयोग के आगामी कार्यों, दायित्वों और प्राथमिकताओं के संबंध में मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस दौरान प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। डॉ. बबिता सिंह चौहान ने आयोग द्वारा महिलाओं के हित में किए जा रहे कार्यों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी।

‘अयोध्या गए थे तो रामलला के दर्शन कर लेते’, अखिलेश यादव पर मंत्री गिरीश यादव का तंज

लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है। उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चन्द्र यादव, भाजपा के राज्यसभा सांसद बृजलाल और बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने अखिलेश यादव के अयोध्या पहुंचकर भी रामलला के दर्शन नहीं करने पर सवाल उठाए।  ‘अयोध्या गए थे तो रामलला के दर्शन कर लेते’ राज्य मंत्री गिरीश चन्द्र यादव ने कहा कि अखिलेश यादव अयोध्या गए थे तो उन्हें प्रभु श्रीराम के दर्शन भी करने चाहिए थे। गिरीश यादव ने कहा कि यदि अखिलेश यादव को भगवान राम से प्रेम है तो उन्हें राम मंदिर जाकर दर्शन करना चाहिए था। साथ ही, यह कहने का साहस भी दिखाना चाहिए था कि उन्हें राम मंदिर बनने से खुशी हुई है। ‘धार्मिक मंच से भी राजनीतिक पाठ’ भाजपा सांसद और पूर्व DGP बृजलाल ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्व सपा विधायक पवन पांडेय द्वारा आयोजित भागवत कथा के धार्मिक मंच से भी अखिलेश यादव ने राजनीतिक संदेश दिया। ये कथा का अपमान है।  बृजलाल ने अयोध्या की 1990 की घटनाओं और मथुरा के जवाहरबाग कांड का उल्लेख करते हुए सपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के कई सांसद अखिलेश यादव के परिवार से हैं और उनके मुख्यमंत्री रहने के दौरान बड़ी संख्या में लाल बत्तियां उनके परिवार के आसपास थीं। उन्होंने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वह वास्तव में समानता की बात करते हैं तो घोषणा करें कि सत्ता में आने पर अपने परिवार के अलावा किसी अन्य यादव, मुस्लिम या दलित को मुख्यमंत्री बनाएंगे। ‘रामलला का मंदिर आस्था का केंद्र’ भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि अयोध्या सप्तपुरियों में से एक है, लेकिन अखिलेश यादव ने सत्ता में रहते हुए इसे भुला दिया था। राकेश त्रिपाठी ने अखिलेश यादव के यदुवंशी होने के दावे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश यादव श्रीकृष्ण को अपना आराध्य मानते हैं तो उन्हें मथुरा की कृष्ण जन्मभूमि के लिए भी प्रयास करना चाहिए। त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि वोट बैंक की नाराजगी के डर से अखिलेश यादव न रामलला के दर्शन कर रहे हैं और न ही कृष्ण जन्मभूमि पर अपना रुख स्पष्ट कर रहे हैं।

अखिलेश यादव की राम भक्ति संदेह के घेरे में: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 8 अक्टूबर को अयोध्या पहुंचे। इस दौरान सपा प्रमुख एक कथा के आयोजन में शामिल हुए लेकिन राम मंदिर में रामलला के दर्शन करने नहीं गए। इसको लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा। केशव मौर्य ने कहा कि अयोध्या पहुंचने के बावजूद रामलला के दर्शन नहीं करना अखिलेश की राम भक्ति पर सवाल खड़े करता है। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “प्रदेश की जनता, प्रदेश के राम भक्त सब देख रहे हैं कि जो अयोध्या जाकर राम लला के मंदिर में नहीं जा रहे हैं, इसका मतलब उनकी राम भक्ति संदेह के घेरे में है। क्योंकि देश ही नहीं दुनिया के कोने-कोने से लोग अयोध्या जाकर राम मंदिर के दर्शन करते हैं।” ‘राम और कृष्ण एक ही हैं’ बयान पर भी घेरा अखिलेश यादव के राम और कृष्ण एक ही हैं, वाले बयान पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “तो अखिलेश यादव कृष्ण जन्मभूमि चले जाएं, श्री राम जन्मभूमि चले जाएं, काशी विश्वनाथ जी चले जाएं, लेकिन उनको वोट बैंक खिसकने का डर लगेगा।” ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी बोले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर भी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “कांग्रेस को जवाब देश की जनता देगी।” अयोध्या दौरे पर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी अखिलेश यादव का अयोध्या दौरा ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हैं। इस बीच अखिलेश यादव अयोध्या में पूर्व मंत्री पवन पांडेय के यहां आयोजित भागवत कथा में शामिल हुए।

चित्रकूट में बनेगा बचपन डे केयर सेंटर, योगी सरकार ने जारी की 3 करोड़ रुपये की पहली किश्त

लखनऊ दिव्यांगजनों के कल्याण, विकास और सुगम पुनर्वास की दिशा में योगी सरकार ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। प्रदेश सरकार के दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने चित्रकूट जनपद में बचपन डे केयर सेंटर के भवन निर्माण के लिए प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस परियोजना की कुल लागत 5 करोड़ 62 लाख 82 हजार रुपये निर्धारित की गई है, जिसके सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2026-27 में निर्माण कार्य शुरू करने के लिए 3 करोड़ रुपये की प्रथम किश्त अवमुक्त कर दी गई है।  दिव्यांग बच्चों के विकास और पुनर्वास को मिलेगी बेहतर आधारभूत सुविधा योगी सरकार लगातार दिव्यांगजनों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए योजनाओं को धरातल पर उतार रही है। चित्रकूट में बचपन डे केयर सेंटर की स्थापना इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। इससे दिव्यांग बच्चों के कल्याण, विकास, देखभाल और सुगम पुनर्वास के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं विकसित होने की उम्मीद है। 5.62 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा बचपन डे केयर सेंटर मूल्यांकन समिति की संस्तुति के आधार पर सेंटर के भवन निर्माण की कुल परियोजना लागत 562.82 लाख रुपये (5.62 करोड़ रुपये से अधिक) निर्धारित की गई है। शासन की ओर से जारी स्वीकृति के अनुसार निर्माण कार्य सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही प्रारंभ किया जाएगा। निर्माण के दौरान निर्धारित गुणवत्ता, मानकों और विशिष्टियों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग और कार्यदायी संस्था की होगी। सभी जरूरी अनापत्तियों के बाद ही शुरू होगा सेंटर का निर्माण सरकार ने निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी आवश्यक वैधानिक अनापत्तियां और पर्यावरणीय क्लियरेंस प्राप्त करना भी अनिवार्य किया है। इससे परियोजना को निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप पूरा करने में मदद मिलेगी। इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन के संयुक्त सचिव राकेश कुमार यादव ने निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश को आधिकारिक स्वीकृति पत्र जारी कर दिया है। शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्वीकृत धनराशि का आहरण और व्यय आवश्यकता के अनुसार किश्तों में तथा निर्धारित वित्तीय नियमों के अनुरूप किया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी ने 15 खिलाड़ियों को मंच पर प्रदान किया नियुक्ति पत्र

लखनऊ  खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा और मेहनत से प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले 15 खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए। विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इन खिलाड़ियों को सरकारी सेवा से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। नियुक्ति पाने वाले खिलाड़ियों में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और दिल्ली के खिलाड़ी भी शामिल हैं। इन्हें मिला नियुक्ति पत्र कुशीनगर की आइस प्रजापति – बॉक्सिंग मेरठ के शार्दूल विहान – शूटिंग लखनऊ के आमिर अली – हॉकी उधम सिंह नगर, उत्तराखंड के हिमांशु तिवारी – बैडमिंटन मुरादाबाद के मोहित पाल – शूटिंग गाजीपुर की अनन्या राय – वॉलीबॉल जबलपुर की रागिनी मार्को – तीरंदाजी भदोही की तान्या चौधरी – एथलेटिक्स बरेली की सुहानी राजपूत – भारोत्तोलन लखनऊ की तनु भारती – साइकिलिंग दिल्ली के प्रणय शर्मा – कराटे वाराणसी के अभिषेक यादव – बॉक्सिंग मुजफ्फरनगर के अमरेश – कबड्डी गोरखपुर की प्रतिमा सरोज – हॉकी लखनऊ के अभय सिंह राठौर – बॉक्सिंग खेल अभी खत्म नहीं हुआ, पुलिस सेवा के साथ पदक जीतने का भी अवसर: केशव प्रसाद मौर्य उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि नियुक्ति पत्र वितरण के कार्यक्रम लगातार होते हैं, लेकिन देश और प्रदेश का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करने का आनंद और गौरव कुछ अलग है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने अपने खेल के माध्यम से प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है और अब उन्हें पुलिस सेवा के माध्यम से जनसेवा का अवसर मिलने जा रहा है। यह उनके लिए नई जिम्मेदारी और नए दायित्व की शुरुआत है। उपमुख्यमंत्री ने नवचयनित खिलाड़ियों से कहा कि खेल के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा के बल पर उन्हें पुलिस सेवा में आने का अवसर मिला है, लेकिन उनका खेल अभी खत्म नहीं हुआ है। पुलिस सेवा के साथ-साथ उनके पास खेल के मैदान में भी देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की बेहतर स्थिति की चर्चा आज पूरे देश में हो रही है और ऐसे समय में पुलिस सेवा का हिस्सा बनना गौरव की बात है। बॉक्स खेल प्रतिभाओं को सम्मान और रोजगार दे रही योगी सरकार: खेल मंत्री उत्तर प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों के लिए नई संस्कृति विकसित हुई है। सरकार ने खिलाड़ियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करते हुए उन्हें सम्मान, रोजगार, बेहतर प्रशिक्षण और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चाहे एशियन गेम्स हों, कॉमनवेल्थ गेम्स, ओलंपिक, पैरालंपिक या अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं, प्रदेश के पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने और पुरस्कार राशि उपलब्ध कराने का काम किया गया है। खिलाड़ियों को मिलने वाली पुरस्कार राशि में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। जिन पदों पर पहले सेवा आयोग की परीक्षा के माध्यम से भर्ती होती थी, उन्हें आयोग के दायरे से बाहर कर कुशल खिलाड़ियों को सीधे भर्ती के माध्यम से अवसर देने की व्यवस्था की गई। अब तक ऐसे 17 खिलाड़ियों को सीधी नियुक्ति दी जा चुकी है। खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के अनुरूप उच्च पदों पर भी नियुक्तियां दी गई हैं। डिप्टी एसपी, जिला पंचायत राज अधिकारी और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर खिलाड़ियों को अवसर देकर सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि खेल प्रतिभा को सरकारी सेवा में भी सम्मानजनक स्थान मिलेगा। बॉक्स कुशल खिलाड़ी प्रदेश और यूपी पुलिस के वैश्विक राजदूत: डीजीपी डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस में कुशल खिलाड़ियों को सम्मान और अवसर देने की नीति के तहत 470 प्रतिभाशाली खिलाड़ी पुलिस परिवार का हिस्सा बनने जा रहे हैं। इनमें आरक्षी नागरिक पुलिस एवं आरक्षी पीएसी के 427 खिलाड़ी तथा उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस के 43 खिलाड़ी शामिल हैं। वर्ष 2022 से अब तक 950 कुशल खिलाड़ियों की भर्ती उत्तर प्रदेश पुलिस में की जा चुकी है। यह केवल भर्ती का आंकड़ा नहीं, बल्कि खेल प्रतिभाओं को सम्मान, अवसर और जनसेवा से जोड़ने की प्रभावी व्यवस्था का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि खेल और पुलिस सेवा में गहरा संबंध है। खेल खिलाड़ियों में अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व, धैर्य, फिटनेस और दबाव में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है। यही गुण पुलिस सेवा के लिए भी आवश्यक हैं। मैदान पर खिलाड़ियों की जीत उत्तर प्रदेश पुलिस का गौरव बढ़ाती है, जबकि वर्दी में उनका आचरण जनता के विश्वास को मजबूत करता है। प्रदेश में कुशल खिलाड़ियों के लिए भर्ती के साथ-साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन पर आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन और शीर्ष उपलब्धियों पर पुलिस उपाधीक्षक पद तक सीधी नियुक्ति जैसी व्यवस्थाएं लागू हैं। अब तक कुशल खिलाड़ियों को निरीक्षक/दलनायक पीएसी के पद पर 14 आउट-ऑफ-टर्न पदोन्नतियां दी गई हैं, जिनमें पांच महिलाएं और नौ पुरुष शामिल हैं। इसी प्रकार उपनिरीक्षक/प्लाटून कमांडर के पद पर 59 आउट-ऑफ-टर्न पदोन्नतियां दी गई हैं, जिनमें 21 महिलाएं और 38 पुरुष हैं। मुख्य आरक्षी नागरिक पुलिस/पीएसी के पद पर भी 440 आउट-ऑफ-टर्न पदोन्नतियां दी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस के खिलाड़ियों ने विगत एक दशक में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और अखिल भारतीय पुलिस प्रतियोगिताओं में 1105 पदक अर्जित किए हैं। वहीं वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स-2025 में यूपी पुलिस के खिलाड़ियों ने 95 पदक जीतकर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। डीजीपी ने कहा कि जब कोई खिलाड़ी मैदान पर पदक जीतता है तो उसके साथ उत्तर प्रदेश पुलिस, उत्तर प्रदेश और देश का नाम भी गौरवान्वित होता है। इसलिए कुशल खिलाड़ी केवल पुलिस संगठन के गौरव नहीं, बल्कि प्रदेश और उत्तर प्रदेश पुलिस के वैश्विक राजदूत भी हैं।