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सरकार ने असमय बारिश से प्रभावित गेहूं पर दी राहत, पूरे प्रदेश में शिथिल मानकों के साथ होगी खरीद

लखनऊ. असमय हुई बारिश से प्रभावित गेहूं की फसल को देखते हुए सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। रबी विपणन सत्र 2026-27 के लिए गेहूं की खरीद अब शिथिल मानकों के साथ की जाएगी। इसका उद्देश्य किसानों को नुकसान से बचाना और उन्हें मजबूरी में कम दाम पर फसल बेचने से रोकना है। सरकार के निर्णय के अनुसार, अब प्रदेश में लस्टर लॉस (चमक में कमी) वाले गेहूं की स्वीकार्य सीमा को बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक कर दिया गया है। वहीं सिकुड़े और टूटे दाने की सीमा, जो पहले 6 प्रतिशत थी, उसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक कर दिया गया है। इससे बारिश के कारण गुणवत्ता प्रभावित होने के बावजूद किसानों का गेहूं खरीदा जा सकेगा। अलग से भंडारण और राज्य में ही उपयोग शिथिल मानकों के तहत खरीदे गए गेहूं को सामान्य गेहूं से अलग रखा जाएगा और उसका अलग लेखा-जोखा होगा। इस गेहूं का उपयोग केवल उत्तर प्रदेश के भीतर ही किया जाएगा, ताकि गुणवत्ता प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। भंडारण की जिम्मेदारी राज्य सरकार पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस तरह खरीदे गए गेहूं के भंडारण के दौरान यदि गुणवत्ता में कोई गिरावट होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। साथ ही, ऐसे गेहूं के स्टॉक को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा। इस फैसले से प्रदेश के लाखों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी फसल हाल की बारिश से प्रभावित हुई है। सरकार का यह कदम किसानों के हितों की सुरक्षा और कृषि क्षेत्र को स्थिर बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

करने की इच्छाशक्ति हो तो लाया जा सकता है व्यापक परिवर्तन : मुख्यमंत्री

लिगेसी वेस्ट का निस्तारण कर बनाए गए ईको पार्क और नौसढ़-मलौनी फोरलेन सड़क जनता को समर्पित किया सीएम ने गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब नीयत साफ हो तो नियति बदलने में देर नहीं लगती है। करने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो और नीयत भी उसी के अनुरूप हो तो परिस्थितियां बदलती हुई दिखाई देती हैं। गोरखपुर में नौ वर्षों के अंदर आया विकासपरक परिवर्तन इसका प्रमाण है। सीएम योगी गुरुवार पूर्वाह्न राप्ती नदी के एकला बंधा पर लिगेसी वेस्ट का निस्तारण कर बनाए गए ईको पार्क, नौसढ़-मलौनी फोरलेन सड़क सहित विकास की 1055 करोड़ रुपये की लागत वाली 497 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छता टूलकिट और कैलेंडर का अनावरण कर स्वच्छ स्कूल अभियान का भी शुभारंभ किया। एकला बंधे पर आयोजित लोकार्पण-शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ अच्छा करने की इच्छाशक्ति हो तो बहुत कुछ परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने एकला बंधा पर ईको पार्क के रूप में हुए नए कायाकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि वाराणसी या लखनऊ की तरफ से गोरखपुर प्रवेश करते ही सबसे पहला मुकाबला कचरे से होता था। बहुत भद्दा और बहुत बुरा लगता था। पर, करने की इच्छाशक्ति से धीरे-धीरे परिवर्तन होता गया। उन्होंने कहा कि आज से 30-35 वर्ष पहले, आज जहां ट्रांसपोर्टनगर बना है, पहले गोरखपुर का सारा कचरा वही डंप होता था। नगर निगम ने उसका समाधान किया तो आज वहां ट्रांसपोर्टनगर है, बेहतरीन मार्केट और गोरखपुर की मंडी है। ट्रांसपोर्टनगर बन जाने के बाद कचरा एकला बंधा पर गिराया जाने लगा। इसका परिणाम हुआ, वायु प्रदूषण, जमीन में जहर, नदी प्रदूषण और भूजल स्तर पर भी प्रभाव। इसके चलते एनजीटी भी जुर्माना लगाती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीयत से नियति को बदला गया और बेहतरीन ईको पार्क तैयार हो गया। गोरखपुर शहर के प्रवेश द्वार पर कचरे को कंचन में बदल दिया नगर निगम ने ईको पार्क के विकास के लिए नगर निगम की पूरी टीम की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम ने गोरखपुर शहर के प्रवेश द्वार पर कचरे को कंचन में बदलने का काम किया है। 2.26 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण कर बनाया गया ईको पार्क पूरे परिवार के लिए पिकनिक स्पॉट और बेहतरीन पर्यटन स्थल बन गया है। यहां पर बच्चों के खेलने के लिए पार्क है। योग और ध्यान की क्रिया के लिए व्यक्ति यहां आराम से बैठ सकता है। उन्होंने कहा कि यह जो परिवर्तन आया है, वह गोरखपुर के विकास का मजबूत विश्वास और यहां की टीम के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। गोरखपुर में हुआ हर क्षेत्र में बदलाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इच्छा शक्ति और साफ नीयत के कारण बीते नौ वर्षों में गोरखपुर में हर क्षेत्र में बदलाव हुआ है। गोरखपुर ने रोड कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, खेल, उद्योग, रोजगार सहित हरेक क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। पहले जहां खेलने की सुविधा नहीं थी, आज गोरखपुर में कई मिनी स्टेडियम बने हैं। गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में एक इंटरनेशनल स्टेडियम का निर्माण हो रहा है। गोरखपुर में एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज चिकित्सा के उत्कृष्ट केंद्र बने हैं। यहां चार विश्वविद्यालय है। गोरखपुर में खाद कारखाना भी चल गया है और पिपराइच में चीनी में मिल भी लग गई है। इतना ही नहीं, दक्षिणांचल सहित जिले में बाढ़ की समस्या का भी तेजी से समाधान हो रहा है। नौसढ़-मलौनी फोरलेन सड़क से और सुगम होगा आवागमन सीएम योगी ने ईको पार्क के सामने से नौसढ़-मलौनी फोरलेन सड़क को नौसढ़ की जाम की समस्या का समाधान करने का माध्यम बताते हुए कहा कि करीब तीन किमी लंबे इस फोरलेन से लखनऊ और वाराणसी मार्ग पर आने जाने के लिए आवागमन और भी सुगम हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर नगर में जहां पहले पानी भरता था, आज वहां बेहतर नालियां है। जहां पहले अंधेरा था, आज वहां एलइडी स्ट्रीट लाइट की रोशनी है। जहां लोगों के सामने पेयजल की समस्या थी, वहां आज शुद्ध पेयजल की उपलब्धता हुई है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब बिजली नहीं मिलती थी। अब इस एकला तटबंध पर जो भी बिजली जलेगी, वह सोलर एनर्जी होगी। इसके लिए सोलर पैनल लगाए गए हैं। यह भी नेट जीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में किया गया एक बेहतरीन प्रयास है। यहां पर जो सिटी फॉरेस्ट लगाया गया है, यह अपने आप में पूरे क्षेत्र को अत्यंत हरियाली से युक्त करके प्रदूषण से मुक्त करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा। जहां पहले समस्या थी, आज वहां पर गोरखपुर महानगर ने समाधान दिया है। सेफ और स्मार्ट सिटी को लेकर सभी नगर निगमों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा सीएम योगी ने कहा कि आज जो भी यूपी में आता है, उसको प्रदेश के अंदर कुछ बदलाव देखने को मिलता है। सेफ और स्मार्ट सिटी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है और इसी के अनुरूप प्रदेश के सभी नगर निगम स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ आगे बढ़ रहे हैं। आज प्रदेश में सीएम ग्रिड के तहत स्मार्ट सड़कें बन रही हैं। सभी वार्डों में ग्रीन बेल्ट एंड मिनी फॉरेस्टेशन के कार्य को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और पार्कों के सुंदरीकरण का कार्य हो रहा है। मलिन बस्तियों का विकास किया जा रहा है। खुली नालियों को बेहतरीन तरीके से ढकने का काम किया जा रहा है। समुचित जल निकासी के प्रबंध किए जा रहे हैं। स्कूली बच्चों के माध्यम से घर-घर पहुंचेगा स्वच्छता का संदेश लोकार्पण-शिलान्यास समारोह के मंच से स्वच्छ स्कूल अभियान का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर को 7 स्टार गार्बेज फ्री सिटी बनाने और स्वच्छ सर्वेक्षण में टॉप 3 में लाने के लिए स्कूली बच्चों के विशेष अभियान की शुरुआत की जा रही है। इसमें शामिल एक लाख से अधिक बच्चों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश घर-घर पहुंचेगा। बच्चों को आरआरआर (रिड्यूस, रियूज, रिसाइकिल) के बारे में बताया जाएगा। वेस्ट टू आर्ट, निबंध और रील्स प्रतियोगिताओं के माध्यम से भी स्वच्छता के संदेश का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान से 2000 से अधिक शिक्षकों और 1000 से ज्यादा अनुभवी अभिभावकों को … Read more

किसी की भी जमीन पर न होने पाए दबंगों का कब्जा : सीएम योगी

गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जमीन से जुड़े विवादों का निस्तारण विशेष टीम गठित करके किया जाए। जमीन का मालिकाना हक उसके वास्तविक स्वामी के पास ही होना चाहिए। किसी व्यक्ति की जमीन पर यदि दबंगों ने कब्जा किया है तो जमीन को कब्जामुक्त कराने के साथ दोषियों को कानूनी सबक सिखाया जाए। किसी जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले बख्शे न जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार किसी के भी साथ अन्याय नहीं होने देने और हर व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने को संकल्पित है। सीएम योगी गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार के बाहर कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक वह खुद पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान करीब 200 लोगों से मुलाकात कर उन्होंने सबको आश्वस्त किया कि किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ सीएम ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। जनता दर्शन में भूमि विवाद के मामलों में उन्होंने अफसरों से कहा कि विशेष टीम लगाकर ऐसे मामलों को शीघ्रता से निस्तारित किया जाए। मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए। पुलिस से जुड़े मामलों को उन्होंने पूरी पारदर्शिता व निष्पक्षता के साथ निस्तारित करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी मदद की जाए।

नितिन नवीन का यूपी विधानसभा चुनाव पर बड़ा बयान: ‘योगी आदित्यनाथ ही होंगे पार्टी के चेहरे’

लखनऊ / नई दिल्ली उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसे लेकर अभी से ही सियासत गर्मा गई है. सपा ने पश्चिमी यूपी के दादरी से मिशन-2027 का आगाज किया तो बीजेपी ने भी अपने पत्ते खोल दिए हैं. बीजेपी ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अपना चेहरा तय कर लिया है, जिसके अगुवाई में चुनाव लड़ने की प्लानिंग की है. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने यूपी चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है।  बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक हिंदी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में साफ-साफ शब्दों में कहा कि देखिए योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं. उनके नेतृत्व सरकार चल रही है. ऐसे में हम निश्चित रूप से वही चेहरा होंगे।  नितिन नवीन ने सीएम योगी आदित्यनाथ के नाम पर मुहर लगा दी है और उनके ही चेहरे पर बीजेपी ने 2027 के विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. यूपी में सत्ता की हैट्रिक लगने की उम्मीद नितिन नवीन ने जतायी है।  सीएम योगी के चेहरे पर बीजेपी लड़ेगी चुनाव बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन से इंटरव्यू में पूछा गया कि क्या यूपी और उत्तराखंड में सीएम योगी और सीएम धामी ही चेहरा होंगे? इसके सवाल के जवाब में नितिन नवीन ने कहा कि देखिए वे हमारे मुख्यमंत्री हैं और उनके नेतृत्व में सरकार चला रहे हैं. तो निश्चित रूप से चेहरे वही होंगे.' इसके साथ ही यूपी के मुद्दे पर जवाब देते हुए कहा कि पहले जिस यूपी को वसूली और अपराध के लिए जाना जाता था, उसी यूपी को आज बेहतर कानून व्यवस्था और एक्सप्रेसवे के लिए जाना जाता है।  उत्तर प्रदेश के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में नितिन नवीन ने कहा, 'देखिए उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी जिस प्रकार से उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं. एक समय जिस उत्तर प्रदेश को अपराध के लिए जाना जाता था, वसूली के लिए जाना जाता था. कास्ट के आधार पर भ्रमित किया जाता था. आज उसी उत्तर प्रदेश का विकास के लिए जाना जा रहा है, एक्सप्रेसवे के लिए जाना जा रहा है. लॉ एंड ऑर्डर के लिए जाना जा रहा है।  योगी के यूएसपी से बीजेपी की लगेगी हैट्रिक उन्होंन् कहा कि निश्ति रूप से आप आवाम की जिन चीजों की पहली आवश्यकता होती है,गुड गवर्नेंस, डेवलपमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों के जैसे काम कर रहा है. तो आम जनमानस इसको देखकर वोट करता है. अगर हमने गरीब की चिंता की. चाहे वो प्रधानमंत्री अन्न योजना से लेकर पूरी तरह से सरकार की योजनाओं को एकदम नीचे तक क्रियानवन किया. वहीं हमने इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ भी दिखाया. हम इन्वेस्टमेंट भी उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर ला रहे हैं।  नितिन नवीन ने कहा कि यूपी में लॉ एंड ऑर्डर का जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यूएसपी है, वो भी जमीन पर दिख रहा है. तो मैं मानता हूं कि आज उत्तर प्रदेश के कई शहर विकसित शहर के रूप में दिख रहे हैं. तो ये सब चीजें हमारे लिए स्पष्ट रूप से हमारे तीसरे सरकार बनाने के लिए, हैट्रिक लगाने के लिए काफी है।  

यूपी बोर्ड 12वीं रिजल्ट में शिखा वर्मा ने 97.60% से किया टॉप, बनीं प्रदेश की टॉपर

लखनऊ  यूपी बोर्ड के 52 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं का इंतजार खत्म हो चुका है. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है. ठीक 4 बजे बोर्ड मुख्यालय प्रयागराज से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ये रिजल्ट जारी किया गया. परीक्षा में शामिल हुए विद्यार्थी अपना रिजल्ट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in और upresults.nic.in के साथ-साथ डिजिलॉकर (results.digilocker.gov.in) पर भी देख सकते हैं. इसके अलावा ndtv.in पर भी रिजल्ट देख सकते हैं।  रिजल्ट चेक करने के लिए छात्रों को अपने रोल नंबर की जरूरत होगी. आधिकारिक वेबसाइटों के अलावा, परीक्षार्थी UMANG APP  क्यूआर कोड को स्कैन करके भी अपना स्कोरकार्ड देख सकते हैं . भारी ट्रैफिक की संभावना को देखते हुए सलाह दी जाती है कि छात्र डिजिलॉकर पोर्टल का भी उपयोग करें ताकि बिना किसी तकनीकी बाधा के अपनी मार्कशीट डाउनलोड कर सकें।  UPMSP ने आज साल 2026 की हाईस्कूल (10वीं) और इण्टरमीडिएट (12वीं) परीक्षा का परिणाम एक साथ जारी कर दिया है. परिषद के सचिव भगवती सिंह ने शाम चार बजे प्रयागराज मुख्यालय से प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए नतीजों की घोषणा की. इस साल 10वीं में 90.4% और 12वीं में 80.32% छात्र पास हुए हैं. अब यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में शामिल हुए 53 लाख से ज्यादा छात्रों की किस्मत का फैसला हो गया है.  यूपी बोर्ड की 12वीं क्लास की परीक्षा में 97.60% सीतापुर की शिखा वर्मा ने टॉप किया।  UP Board Result: यहां aajtak.in के डायरेक्ट लिंक से देखें रिजल्ट  हर साल की तरह इस साल भी  aajtak.in रिजल्ट होस्ट कर रहा है. आप नीचे दिए गए लिंक पर क्ल‍िक करके रिजल्ट चेक कर सकते हैं। मार्कशीट डाउनलोड करने का डायरेक्ट लिंक: छात्र अपना रिजल्ट इन आधिकारिक वेबसाइट्स पर देख सकते हैं: www.upmsp.edu.in www.upresults.nic.in results.digilocker.gov.in ये हैं यूपी बोर्ड टॉपर्स ऐसे चेक करें रिजल्ट : सबसे पहले यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं. होमपेज पर 'High School Result 2026' या 'Intermediate Result 2026' के लिंक पर क्लिक करें. अपना रोल नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करें. (12वीं के लिए स्कूल कोड भी लग सकता है). 'View Result' पर क्लिक करते ही आपका स्कोरकार्ड स्क्रीन पर होगा. भविष्य के लिए मार्कशीट का प्रिंट आउट जरूर ले लें. डिजिलॉकर पर 'डिजिटल मार्कशीट' बोर्ड सचिव ने बताया कि छात्र अपनी डिजिटल मार्कशीट डिजिलॉकर से भी डाउनलोड कर सकते हैं. यह मार्कशीट अगली कक्षा में एडमिशन के लिए पूरी तरह मान्य होगी. इसके लिए छात्रों को अपने रोल नंबर और स्कूल कोड का इस्तेमाल करना होगा.  

नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में विपक्षी दलों पर गरजे सीएम योगी

महिला विरोधी हैं कांग्रेस व सपा के कारनामे : मुख्यमंत्री नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में विपक्षी दलों पर गरजे सीएम योगी महिलाओं को नेतृत्व का अधिकार नहीं देना चाहती हैं विपक्षी पार्टियां : मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा, ‘देख सपाई, बिटिया घबराई' गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को पारित न होने देने वाली कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) सहित सभी विपक्षी दलों पर एक बार फिर जमकर निशाना साधा है। गोरखपुर में विपक्षी दलों पर गरजते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पार्टियां महिलाओं को नेतृत्व का अधिकार नहीं देना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सपा का इतिहास और उनके कारनामे महिला विरोधी हैं।  सीएम योगी  योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं का अधिकार बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश में जब नया संसद भवन बना तो पीएम ने नए संसद भवन में सबसे पहला अधिनियम नारी शक्ति वंदन का ही पारित कराया। उन्होंने कहा कि संशोधन विधेयक के जरिये 2029 के लोकसभा चुनाव से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को कानून बनाने और उसके क्रियान्वयन में भागीदारी का अधिकार देना चाहते हैं लेकिन विधेयक के गिरने पर जश्न मनाने वाले महिला विरोधी विपक्ष को यह मंजूर नहीं है। उन्होंने इसके लिए मुख्य रूप से कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके को जिम्मेदार ठहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और सपा के कारनामे शुरू से ही महिला विरोधी रहे हैं। कांग्रेस ने महिलाओं, दलितों, वंचितों, पिछड़ो के अधिकार में हमेशा बाधा डालने का काम किया। जबकि सपा तो घोषित रूप से नारी विरोधी है। सपा के बारे में यह कहा भी जाता है, ‘देख सपाई, बिटिया घबराई।’  पुलिस में 20 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती को अनिवार्य किया सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले सपा सरकार में मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लोगों ने बेटियों को स्कूल भेजना बंद कर दिया था। जबकि आज बेटियां बिना रोकटोक के स्कूल जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 1947 से लेकर 2017 तक यूपी पुलिस में सिर्फ 10 हजार महिलाओं की भर्ती हुई थी, जबकि 2017 के बाद यह संख्या 44 से 45 हजार है। प्रदेश में पुलिस भर्ती होने पर 20 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती को अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद से नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरियों में भर्ती हुई हैं और इनमें पौने दो लाख महिलाएं भर्ती हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई रिवाइवल से 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है, प्रदेश में 21 हजार से अधिक स्टार्टअप शुरू हुए हैं और इनमें आधी भागीदारी महिलाओं की है।  आत्मनिर्भर व विकसित भारत को महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी आवश्यक सीएम योगी ने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी आवश्यक है। पंचायतों और स्थानीय निकायों में महिलाओं को सुनिश्चित प्रतिनिधित्व मिल गया है और उसके परिणाम भी सुखद हैं। राज्य में 54 प्रतिशत ब्लॉक प्रमुख महिलाएं ही हैं। इसी तरह ग्राम पंचायतों और जिला पंचायतों को देखें तो महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। सीएम ने कहा कि अब संसद और विधानसभाओं में भी महिलाओं 33 प्रतिशत आरक्षण देने का अभियान पीएम मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिये शुरू किया तो सपा, कांग्रेस जैसे महिला विरोधी दल बहानेबाजी करने और लटकाने-भटकाने पर उतर आए।  बहुत दिनों तक कोई अधिकार से वंचित नहीं कर पाएगा भीषण गर्मी में और उस पर भी कम समय की सूचना पर सम्मेलन में महिलाओं की बड़ी संख्या को देखकर प्रसन्न मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन में नारी शक्ति की हिस्सेदारी यह साफ संदेश है कि महिलाओं को उनके अधिकार से बहुत अधिक दिनों तक कोई वंचित नहीं रख सकता। यह नारी शक्ति के द्वारा भीख नहीं मांगी जा रही है, उसका यह स्वतः अधिकार है। जिसको आजादी के बाद से ही लटकाने का प्रयास हो रहा था। नारी शक्ति वंदन अधिनियम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधी आबादी के प्रति कृत ज्ञापित करते हुए अभियान प्रारंभ किया है। पीएम मोदी का मानना है कि जहां नारी सशक्त होती है तो वह परिवार अपने आप में समर्थ होता है। जब परिवार समर्थ होता है तो समाज की नींव सुदृढ़ होती है। और, जब समाज की नींव सुदृढ़ होती है तो राष्ट्र शक्तिशाली और समृद्ध होता है। भारत की परंपरा में प्रतिष्ठित है मातृशक्ति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा भारत के इतिहास और इसकी परंपरा में मातृशक्ति सदैव प्रतिष्ठित रही है। माताओं के नाम से जोड़कर भगवान राम को कौशल्यानंदन, प्रभु कृष्ण को यशोदानंदन, भीष्म पितामह को गांगेय, अर्जुन को कौंतेय कहा जाना इसी का प्रमाण है। श्रीराम में शब्द माता सीता के लिए है। सियावर रामचंद्र की जय का जयकारा भी पहले माता सीता का नाम जोड़कर लगाया जाता है। श्रीकृष्ण की धरा मथुरा-वृंदावन में हर संबोधन राधे राधे के नाम से शुरू होता है। काशी में नमः पार्वती पतये का उद्घोष होता है। देवतुल्य नदी गंगा जी को भी मां गंगे कहा जाता है। पशुयोनि में होने के बावजूद गाय को गोमैया कहा जाता है। यह सभी मातृशक्ति के संबोधन से ही जुड़े हुए हैं।  दुनिया दूध गाय का ही पीती है सीएम योगी ने कहा कि दुनिया का कोई भी देश हो, वह गाय को माता भले न माने, लेकिन दूध वह गाय का ही पीता है। हर स्तर पर आगे बढ़ा रहे नारी गरिमा की महत्ता का सम्मान मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी गरिमा और उसकी महत्ता को हर स्तर पर सम्मान देते हुए आगे बढ़ाने का काम देश मे 2014 के बाद पीएम मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ है। पहले बेटी संपत्ति में अपना अधिकार न मांग सके, इसके लिए भ्रूण हत्या की शिकायतें आ रही थीं। प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, इंद्रधनुष योजना जैसे कार्यक्रमों से महिला और पुरुष अनुपात की भिन्नता तथा भ्रूण हत्या जैसे अभिशाप को रोकने के प्रयास किए। सीएम ने बताया कि प्रदेश में भी महिलाओं के सम्मान में बिटिया के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना चलाई। 26 लाख … Read more

यूपी बोर्ड रिजल्ट आज 4 बजे, योगी सरकार ने पारदर्शिता और समयबद्धता से सेट किया नया उदाहरण

यूपी बोर्ड रिजल्ट आज  4 बजे होगा घोषित, योगी सरकार ने पारदर्शिता और समयबद्धता से रचा नया मानक परीक्षार्थी परिषद की आधिकारिक वेबसाइट और डिजिलॉकर पोर्टल पर देख सकेंगे अपना परिणाम 8033 केंद्रों पर 50 लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने दी है परीक्षा, रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ मूल्यांकन 254 मूल्यांकन केंद्रों पर लगभग 2.75 करोड़ उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन मात्र 15 कार्यदिवसों में पूरा किया गया लखनऊ/प्रयागराज  माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं का परिणाम गुरुवार 23 अप्रैल को अपराह्न 4:00 बजे परिषद मुख्यालय, प्रयागराज से घोषित किया जाएगा। परीक्षार्थी अपना परिणाम परिषद की आधिकारिक वेबसाइट और डिजिलॉकर पोर्टल पर देख सकेंगे।परीक्षाफल उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ऑफिशियल वेबसाइट और डिजिलॉकर रिजल्ट पोर्टल पर देखा जा सकेगा, जिससे छात्रों को घर बैठे ही आसान और त्वरित तरीके से परिणाम प्राप्त हो सकेगा। 50 लाख से अधिक छात्रों ने दी परीक्षा इस वर्ष बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च के बीच प्रदेश के 8033 परीक्षा केंद्रों पर 15 कार्यदिवसों में शांतिपूर्ण एवं नकलविहीन वातावरण में संपन्न कराई गईं। हाईस्कूल में लगभग 26.02 लाख और इंटरमीडिएट में 24.91 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए, जो प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के व्यापक दायरे को दर्शाता है। रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ मूल्यांकन कार्य परीक्षाओं के सफल आयोजन के बाद 254 मूल्यांकन केंद्रों पर लगभग 2.75 करोड़ उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च से 4 अप्रैल के बीच मात्र 15 कार्यदिवसों में पूरा किया गया। इस बार परिणाम को त्रुटिहीन बनाने के लिए प्रधानाचार्यों और वरिष्ठ प्रवक्ताओं को अंकेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके। नकलविहीन और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली फोकस योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, तकनीक आधारित और समयबद्ध बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार की सख्त निगरानी और प्रभावी व्यवस्थाओं के चलते परीक्षाएं पूरी तरह नकलविहीन और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुईं। परीक्षा से लेकर मूल्यांकन और परिणाम घोषित करने तक की प्रक्रिया में तय समयसीमा का पालन कर नया मानक स्थापित किया गया है। छात्रों के लिए स्क्रूटनी और कंपार्टमेंट की सुविधा माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने परीक्षार्थियों को अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि परिणाम के बाद यदि किसी छात्र को अपने अंकों को लेकर संतोष न हो, तो उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। बोर्ड के द्वारा स्क्रूटनी और कंपार्टमेंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों का मनोबल बनाए रखें और उन्हें सकारात्मक सहयोग दें।

होमगार्ड भर्ती परीक्षा की शुचिता पर मुख्यमंत्री ने जताई चिंता, नकल या अफवाह पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश

होमगार्ड भर्ती परीक्षा की शुचिता सर्वोपरि, नकल अथवा अफवाह पर होगी सख्त कार्रवाई: मुख्यमंत्री भीषण गर्मी में परीक्षार्थियों को राहत के निर्देश, हर केंद्र पर पानी, चिकित्सा और सुचारु यातायात व्यवस्था अनिवार्य स्मार्ट मीटर शिकायतों के समाधान के लिए सभी जिलों में हर फीडर पर लगेगा शिविर जातीय तनाव भड़काने की साजिशों पर कड़ी नजर, अराजक तत्वों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई के मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश मुख्यमंत्री का निर्देश, औद्योगिक अशांति की कोशिशें नहीं होंगी बर्दाश्त, 30 अप्रैल से 2 मई के बीच विशेष सतर्कता की जरूरत मुख्यमंत्री का निर्देश, बारूद गोदामों व आतिशबाजी कारखानों का सभी जिलों में हो निरीक्षण, सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सामान्य, पैनिक की जरूरत नहीं, सभी जिलाधिकारी स्वयं करें समीक्षा: मुख्यमंत्री बोले मुख्यमंत्री, स्मार्ट मीटर से जुड़ी आशंकाओं का होगा यथोचित समाधान, शीघ्र आएगी विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  होमगार्ड स्वयंसेवक भर्ती परीक्षा, स्मार्ट मीटर से जुड़ी व्यवस्थाओं, पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता तथा प्रदेश की कानून-व्यवस्था सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने 25, 26 एवं 27 अप्रैल को प्रस्तावित होमगार्ड भर्ती परीक्षा की तैयारियों, जनसुविधाओं एवं सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड स्वयंसेवकों की भर्ती परीक्षा पहली बार पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के माध्यम से आयोजित की जा रही है, अतः सभी संबंधित अधिकारी विशेष सतर्कता बरतें। जिन जनपदों में हाल ही में नए जिलाधिकारी तैनात हुए हैं, वे संबंधित मंडलायुक्त तथा एडीजी/आईजी स्तर के अधिकारियों के साथ समुचित समन्वय सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि परीक्षा की शुचिता एवं गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। परीक्षा की निष्पक्षता भंग करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखी जाए तथा अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश के 74 जनपदों में 41,424 होमगार्ड स्वयंसेवक पदों के लिए परीक्षा तीन दिनों में, दो पालियों में आयोजित की जाएगी। भीषण गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी परीक्षा केंद्रों पर शीतल पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था, आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा परीक्षार्थियों को अनावश्यक रूप से धूप में प्रतीक्षा न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के आवागमन को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था सुचारु रखी जाए। जिला प्रशासन सभी परीक्षा केंद्रों का पूर्व भ्रमण कर व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करे। कानून-व्यवस्था के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ जनपदों से ऐसे संकेत प्राप्त हुए हैं, जहां अराजक तत्वों द्वारा जातीय तनाव/संघर्ष भड़काने का प्रयास किया जा रहा है। सभी अधिकारी अत्यंत सतर्क रहें और किसी भी स्थिति के उत्पन्न होने से पूर्व ही प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने हाल के दिनों में कुछ क्षेत्रों में औद्योगिक अशांति उत्पन्न करने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि यद्यपि वर्तमान में स्थिति सामान्य है, तथापि आगामी 30 अप्रैल से 02 मई के मध्य पुनः ऐसे प्रयास किए जाने की आशंका है। प्रदेश में औद्योगिक अशांति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी और ऐसी कुत्सित कोशिशों को सख्ती से विफल किया जाएगा। भीषण गर्मी के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने सभी बारूद गोदामों एवं आतिशबाजी कारखानों का विशेष निरीक्षण कराने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को समाप्त किया जा सके तथा सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कहा कि आमजन में किसी प्रकार का अनावश्यक पैनिक न हो। आपूर्ति एवं वितरण पूरी तरह सामान्य है। इस संबंध में समय-समय पर जनसामान्य को अवगत कराया जाए। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जनपदों में पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठक कर आपूर्ति एवं वितरण की समीक्षा करें। नेपाल सीमा से सटे जनपदों में कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट बिजली मीटर के संबंध में उठ रही आशंकाओं के समाधान हेतु विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है, जिसकी रिपोर्ट शीघ्र प्राप्त होगी। इस बीच, सभी जिलों में विद्युत वितरण निगम/पावर कॉर्पोरेशन द्वारा फीडर-वार एक सप्ताह के विशेष शिविर आयोजित कर उपभोक्ताओं की शिकायतों का मौके पर ही समाधान कराया जाए। इन शिविरों के संबंध में व्यापक जन-जागरूकता भी सुनिश्चित की जाए।

यूपीएसआईएफएस में आयोजित होगी क्वांटम कम्प्यूटिंग पर एक दिवसीय कार्यशाला

यूपीएसआईएफएस: क्वांटम कम्प्यूटिंग विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला क्वांटम कंप्यूटर भारत में लाने का प्रयास कर रही योगी सरकार: प्रमुख सचिव आलोक कुमार भविष्य के युद्ध एआई, चिप्स से लड़े जाएंगे: डॉ. अजय चौधरी आज से यूपीएसआईएफएस की क्वांटम यात्रा शुरू: डॉ. जीके गोस्वामी लखनऊ  योगी सरकार के निर्देशन में यूपी पुलिस फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर (यूपीएसआईएफएस) लखनऊ में ‘क्वांटम कम्प्यूटिंग’ पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जी.के. गोस्वामी ने कहा कि क्वांटम कम्प्यूटिंग नवीन युग की शुरुआत है। उद्घाटन सत्र में प्रमुख अतिथि एवं नेशनल क्वांटम मिशन (एनक्यूएम) के चेयरमैन व एचसीएल के सह-संस्थापक डॉ. अजय चौधरी ने कहा कि दुनिया अब यूनिपोलर (एकध्रुवीय) हो गई है, जहां हर देश अपनी तकनीक पर निर्भर है। ऐसे में भारत के लिए स्वदेशी तकनीक पर नियंत्रण अनिवार्य है। उन्होंने अमेरिका के सॉफ्टवेयर और चीन के हार्डवेयर प्रभुत्व का उदाहरण देते हुए चेताया कि भारत का डिजिटल ढांचा भी स्वदेश विकसित होना चाहिए। उन्होंने तकनीक को दोधारी तलवार बताते हुए कहा कि भविष्य के युद्ध एआई, ड्रोन और चिप्स के जरिए लड़े जाएंगे। उन्होंने स्वदेशी तकनीकी की सफलता के उदाहरण में ऑपरेशन सिंदूर का नाम लिया। स्वदेशी तकनीक ही भारत का भविष्य डॉ. अजय चौधरी ने साइबर शिक्षा और सुरक्षा को तुरंत क्वांटम आधारित बनाना जरूरी है। भारत की नेशनल क्वांटम मिशन (एनक्यूएम) में तेज प्रगति क्वांटम कंप्यूटिंग, कम्युनिकेशन और सेंसिंग, आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वदेशी तकनीक ही भविष्य में भारत को वैश्विक नेतृत्व दिला सकती है। उत्तर प्रदेश सरकार के अहम प्रसास इस दौरान उत्तर प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव अलोक कुमार ने क्वांटम एवं डीप टेक के लिए कई अहम घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि डेटा सेंटरों से आगे हर तकनीक में स्वावलंबन जरूरी है। यही राष्ट्रीय क्वांटम मिशन का मूल मंत्र है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एनक्यूएम ने प्रारंभिक सफलताएं हासिल की हैं। अगले 2-3 वर्षों में 1000 क्यूबिट का लक्ष्य हासिल हो सकता है। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के इस क्षेत्र में प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में क्वांटम कंप्यूटर भारत लाने के लिए आईआईटी कानपुर से साझेदारी हुई है। नोएडा-एनसीआर में डीप टेक हब स्थापित होगा। डीप टेक स्टार्टअप्स को 30-40 करोड़ फंडिंग दी जाएगी। डेटा सेंटर नीति में नई प्रोत्साहन योजना बनाई जा रही है। साथ ही इस वर्ष एआई मिशन के लिए 225 करोड़ और उभरती तकनीकों से जुड़ी रिसर्च के लिए 100 करोड़ के फंड का प्रावधान किया गया है। क्वाटंम क्रांति की शुरूआत राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के सदस्य प्रो. अजय सिंह ने कहा कि फार्मा, बैंकिंग, फॉरेंसिक में क्वांटम क्रांति शुरू हो चुकी है। जापान के यूरो बैंक ने पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी से 2.2 अरब दस्तावेज सुरक्षित किए है। रोश, नोवार्टिस फार्मास्युटिकल कंपनियां क्वांटम कम्प्यूटिंग से दवा की खोज 10-15 साल से घटाकर 3-4 साल में कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वित्त मंत्रालय ने बैंकों को निर्देशित किया है कि एटीएम नेटवर्क, पेमेंट सिस्टम को क्वांटम सुरक्षित किया जाए। क्वांटम टेक लैब बेहद अहम रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के हेड स्पेशल प्रोजेक्ट्स राजन लूथरा ने सुझाव दिया कि यूपीएसआईएफएस क्वांटम सेफ्टी लिटरेसी स्थायी करें, क्वांटम टेक लैब वीडियो हब बनाएं। इस अवसर पर संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने कहा कि डेटा सबसे मूल्यवान वस्तु है। अमेरिका की शक्ति डेटा प्रभुत्व से है और भारत का डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम (डीपीडीपी एक्ट 2023) इसी कारण बना है। बिना लीगल कंप्लायंस के प्रौद्योगिकी अविश्वसनीय है। साइबर सिक्योरिटी डेटा प्रोटेक्शन का मात्र एक डोमेन है। यह संस्थान विधि लैब टेक्नोलॉजी एकीकरण का एकमात्र व्यवस्थित संस्थान है। दशकों पुराना डाटा सुरक्षित करें आईआईआईटी हैदराबाद के निदेशक डॉ. संदीप शुक्ला ने कहा कि बैंक और सरकारों को क्रिप्टो इन्वेंटरी, रिस्क असेसमेंट और क्रिप्टो-एजाइल सिस्टम अपनाने की सलाह दी। कार्यशाला में आयोजित पैनल चर्चा में अतिथि वक्ता प्रो. अजय सिंह (राष्ट्रीय क्वांटम मिशन सदस्य) के संचालन में शीर्ष उद्यमियों ने अपनी यात्रा साझा की। डॉ. सुनील गुप्ता ने छात्रों को जुनून और प्रयोग की प्रेरणा दी। नीलेश धांडे ने 53 पेटेंट्स और पूर्वोत्तर राज्यों में डेटा सेंटर्स की उपलब्धि साझा की। मयंक वर्मा ने पैशन और पर्सिस्टेंस को सफलता का सूत्र बताया तथा डीप टेक को विज्ञान आधारित समाधान बताया। इस अवसर पर संस्थान के महानिरीक्षक राजीव मल्होत्रा ने सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया। पैनल में सम्मलित होने वाले समस्त अतिथि वक्तागणों को पुलिस उपमहानिरीक्षक हेमराज मीना सहित उपनिदेशक जीतेन्द्र श्रीवास्तव, चिरंजीव मुखर्जी और अतुल यादव ने स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।  कार्यक्रम में संस्थान के फैकल्टी मेंबर डॉ. सपना शर्मा, डॉ. प्रीती मालिक, डॉ. शाश्य मिश्र, डॉ. हबीब-उर-रहमान, डॉ. मिमंषा जैशल, डॉ केके दुबे, डॉ. नेहा सिंह, डॉ. नेहा माथुर, डॉ. स्नेह तिवारी, डॉ. अभिषेक उपाध्याय सहित जनसंपर्क अधिकारी संतोष कुमार तिवारी उपस्थित रहे। इस कार्यशाला में संसथान के छात्रों सहित एसएमएस कॉलेज, अंबालिका इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, टीएस मिश्र विश्वविद्यालय सहित चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी प्रतिभाग किया।

पहले चरण में ही 80 फीसदी सीटें जीत रही भाजपा, कोई माई का लाल बंगाल की अस्मिता से खिलवाड़ नहीं कर सकता: सीएम योगी

“योगी जी बुलडोजर लाओ, हम तुम्हारे साथ हैं” पश्चिम बंगाल में गरजे सीएम योगी- 4 मई को बंगाल में लहराएगा भगवा, शुरू होगी टीएमसी के गुंडों की उल्टी गिनती पहले चरण में ही 80 फीसदी सीटें जीत रही भाजपा, कोई माई का लाल बंगाल की अस्मिता से खिलवाड़ नहीं कर सकता: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, बंगाल की पहचान काबा से नहीं, मां कालीबाड़ी से, बंगाल का अस्तित्व मिटाना चाहते हैं बुआ-भतीजा मारे गए भाजपा कार्यकर्ता की मां का दर्द बांटा सीएम योगी ने, कहा- टीएमसी के गुंडों ने सुबोध की हत्या कर उसके जैसे हजारों कार्यकर्ता पैदा कर दिए मुख्यमंत्री की दो टूक- उर्दू वहां जाकर बोलो, जहां उर्दू में शिक्षा दी जाती है, बंगाल की धरती पर बांग्ला बोली जाएगी कोलकाता/नदिया/हावड़ा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ममता बनर्जी को ललकारते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में 4 मई को भगवा लहराएगा। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के गुंडों की उल्टी गिनती शुरू होगी। उन्होंने इशारों में ममता व अभिषेक बनर्जी पर प्रहार करते हुए कहा कि बुआ-भतीजा बंगाल का अस्तित्व मिटाना चाहते हैं। कोलकाता का मेयर कहता है कि यहां ऊर्दू चलेगी। कोई माई का लाल बंगाली अस्मिता से खिलवाड़ नहीं कर सकता। टीएमसी के लोग जान लें कि बंगाल की पहचान काबा से नहीं, मां कालीबाड़ी से है। सीएम योगी बुधवार को पश्चिम बंगाल के जोरासांको, चकदहा व उदयनारायणपुर विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित कर रहे थे। बंगाल में उनका जादू लगातार सिर चढ़कर बोल रहा है। टीएमसी के गुंडों की अराजकता व धमकी के बावजूद हजारों की भीड़ चिलचिलाती धूप में सिर पर गमछा और छाता लिए सीएम योगी को देखने-सुनने के लिए उमड़ पड़ी। जनसभाओं में आए अधिसंख्य लोग हाथ में पोस्टर लिए हुए थे, जिन पर लिखा था- “योगी जी बुलडोजर लाओ, हम तुम्हारे साथ हैं।”  4 मई को बंगाल में लहराया जाएगा भगवा ध्वज  सीएम योगी ने कहा कि 23 अप्रैल को पहले चरण का मतदान होना है। इसमें 80 फीसदी सीटें भाजपा जीतने जा रही हैं। जब 4 मई को परिणाम आएंगे तो बंगाल में भगवा ध्वज लहराया जाएगा। बंगाल फिर से ‘सोनार बांग्ला’ बनकर अपनी पहचान स्थापित करेगा। हमें बंगाल की अस्मिता को बचाना और कठमुल्लापन को बढ़ावा देने वालों को हर हाल में रोकना है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि लोकतंत्र ने आपको जो ताकत दी है, अपने वोट के जरिए उसका सही इस्तेमाल कीजिए। बंगाल अब बदलाव के मुहाने पर खड़ा है। उत्तर प्रदेश की तरह डबल इंजन सरकार बनने पर बंगाल में भी विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया दौर शुरू होगा। ए बार खेला शेष, उन्नयन शुरू (इस बार खेल खत्म, विकास शुरू) सीएम योगी ने कहा कि ममता दीदी कहती है कि खेला होबे, मैं कहता हूं कि ममता दीदी ए बार खेला शेष, उन्नयन शुरू (इस बार खेल खत्म और विकास शुरू)। मोदी जी द्वारा विकास के लिए भेजे गए पैसे में बंगाल सरकार की डकैती बंद होगी। रामनवमी व दुर्गापूजा के कार्यक्रम हर्षोल्लास से होंगे। कोई इसमें बाधा बनेगा तो उसका खेला शुरू हो जाएगा। मतदाताओं की ताकत बंगाल को गुंडागर्दी से निजात दिलाएगी। आमार सोनार बांग्ला, टीएमसी मुक्त बांग्ला बनेगा। अब ऑन्धकार हटबे, सूरोज उठेबे, कोमोल खिलबे (अंधकार हटेगा, सूरज उगेगा, कमल खिलेगा। कश्मीर में जैसे धारा-370 हमेशा के लिए समाप्त की गई,  वैसे ही बंगाल को गुंडागर्दी व माफियागिरी का अड्डा बनाने वाली तृणमूल, कांग्रेस व कम्युनिस्टों का सफाया करना है। गुरुदेव व भारत माता की जगह टीएमसी के गुंडों ने लगाया ममता दीदी का फोटो सीएम योगी ने कहा कि भारत निर्माण में बंगाल की धऱा पर जन्मे महापुरुषों के तप, त्याग, बलिदान व पुरुषार्थ का भी अतुलनीय योगदान रहा। बंगाल ने हर सम-विषम परिस्थितियों में भारत को संबल दिया। साहित्य के लिए पहले भारतीय के रूप में गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की गीतांजलि को नोबल पुरस्कार मिला। गुरुदेव के हैरिटेज परिसर में उनकी व भारत माता की प्रतिमा-फोटो लगनी चाहिए थी, वहां टीएमसी के गुंडों ने जबरन कब्जा कर ममता दीदी का फोटो लगा दिया। यह भारतीयता व बंगाल की अस्मिता का अपमान है। बेरोजगारी के अंधकार में भटक रही ज्ञान की धरा बंगाल सीएम योगी ने कहा, बंगाल की भूमि उर्वर व प्रचुर जल-संसाधनों वाली है। यहां के नौजवान प्रतिभाशाली, किसान मेहनतकश और उद्यमी-व्यापारी परिश्रमी-पुरुषार्थी हैं। कभी पूरा देश रोजगार के लिए बंगाल आता था, लेकिन पहले कांग्रेस ने इसे लूटा, फिर कम्युनिस्टों ने नोचा और 15 वर्ष से टीएमसी के गुंडे बंगाल को कंगाल बनाने के सारे यत्न कर रहे हैं। ज्ञान की धरा बंगाल, बेरोजगारी के अंधकार में भटक रही है। जो बंगाल कभी भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन हुआ करता था, वहां 10 वर्ष में 7000 से बड़े उद्योग, हजारों एमएसएमई यूनिट बंद हो गईं। 30 लाख से अधिक नौजवान बेरोजगार हुए। धान, मछली उत्पादन में गिरावट आई। आलू उत्पादक किसान मूल्य न मिलने से हताश है, फिर भी ममता दीदी के कानों में जू नहीं रेंग रही। टीएमसी सिर्फ टेरर, माफिया राज व करप्शन का पर्याय बन गई है। रामराज्य के नए युग में जी रहे यूपी के नागरिक  सीएम योगी ने बंगाल की दुर्दशा बताते हुए कहा कि यहां धड़ल्ले से गोहत्या हो रही है। भगवान राम के नाम से ममता दीदी को चिढ़ है। वह दुर्गापूजा की अनुमति नहीं देतीं, शोभायात्रा प्रतिबंधित करती हैं। दुर्गापूजा के समय कर्फ्यू लगता है। टीएमसी के गुंडे व्यापारियों से टैक्स वसूलते हैं। 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में भी ऐसी ही अराजकता, दंगा, कर्फ्यू व उपद्रव था। टीएमसी की सहयोगी सपा के लोग गुंडा टैक्स वसूलते थे। राम का नाम लेने पर गोली-डंडा चलता था, पर आज यूपी में उपद्रव नहीं हो सकता। अब वहां रामनवमी, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, कांवड़ यात्रा, दुर्गा पूजा, सरस्वती पूजन आदि का उत्सव होता है। यूपी के लोग रामराज्य के नए युग में जी रहे हैं। नो कर्फ्यू-नो दंगा, यूपी में सब चंगा है। वहां कोई माफिया सिर उठाता है तो बुलडोजर उसकी हड्डी-पसली तोड़कर हाइवे बना देता है, गरीबों के आवास बना देता है। बेटियों व व्यापारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले का यमराज के घर जाने का टिकट कट जाता है। गरीब की प्रॉपर्टी पर कब्जा करने वाले के सात जन्मों का हिसाब-किताब एक साथ हो … Read more