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50 हजार से अधिक बकाया वालों की बिजली होगी बंद; आज से फील्ड टीमें करेंगी घर-घर कार्रवाई

लखनऊ आपके घर और दुकान पर यदि 50 हजार रुपये से ज्यादा का बिल बाकी तो आपकी बिजली कभी भी गुल हो सकती है। दरअसल, वर्टिकल सिस्टम में बिजली बिल के बकायेदारों और उपकेंद्र कर्मियों के बीच कटे कनेक्शन को गुपचुप जोड़कर बिजली चालू करने के खेल को खत्म करने की तैयारी है। इसके लिए वर्टिकल सिस्टम की कलेक्शन इकाई ने 2.25 लाख बकायेदारों से बिल की वसूली कर उनकी देनदारी को शून्य करने का पहला लक्ष्य तय किया है। इन पर अनुमानित 75 करोड़ का राजस्व बकाया है। सबसे पहले उन बकायेदारों पर कार्रवाई होगी, जिन पर 50 हजार या इससे ज्यादा की देनदारी है। वह उपभोक्ता भी निशाने पर होंगे जिन्होंने पिछले छह माह से बिल का भुगतान नहीं किया है। राजधानी में सोमवार से 50 हजार रुपये के देनदारी वाली उपभोक्ताओं के घर एवं दुकान पर कलेक्शन टीम की दस्तक शुरू हो जाएगी। यह टीम बकायेदारों को बकाया रकम का बिल देकर निर्धारित अवधि में जमा करने का अल्टीमेटम देगी। तय अवधि में बिल जमा न होने पर कनेक्शन काटा जाएगा। ऐसे कटे कनेक्शन को बिल चुकाए बिना जोड़ने पर उपकेंद्र के संविदा कर्मी की नौकरी जाएगी। साथ ही, काटे गए कनेक्शन की निगरानी होगी, जिससे गुपचुप उसे जुड़वाया न जा सके। अमौसी जोन में सर्वाधिक 1.50 लाख बकायेदार अमौसी जोन में सर्वाधिक 1.50 लाख उपभोक्ता बिजली बिल के बकायेदार हैं। इनमें तो 1.10 लाख ऐसे हैं, जिन्होंने पिछले छह माह से बिजली तो खूब जलाई, मगर बिल नही भरा है। यह बकायेदार निगोंहा, मोहनलालगंज, गोसाईंगंज, अमेठी, उतरेटिया, सरोजनीनगर, बंथरा, मोहान रोड, काकोरी, रहीमाबाद, मलिहाबाद, माल, जेहटा आदि के हैं। तीन लाख के बकायेदार और जल रही बिजली फतेहगंज निवासी बी लाल एक ऐसे बकायेदार उपभोक्ता हैं जिन पर तीन लाख रुपये की देनदारी है, मगर उनके घर की बिजली जल रही है। यह कृपा फतेहगंज उपकेंद्र के कुछ संविदा कर्मियों की है। संविदा कर्मियों ने इस कनेक्शन को सरकारी रिकॉर्ड में कटा दर्शा कर खुलेआम बिजली जलवा रहे हैं। जोनवार 50 हजार रुपये से ज्यादा के बकायेदार अमौसी       9821 जानकीपुरम 2925 गोमतीनगर 1576 लखनऊ मध्य 1183 कलेक्शन टीम करेगी बिल की वसूली वर्टिकल सिस्टम में निर्बाध बिजली आपूर्ति का जिम्मा उपकेंद्र के इंजीनियरों का है जबकि बिल वसूली का काम कलेक्शन टीम का है। जो उपभोक्ता पिछले छह माह से लगातार बिजली बिल जमा नहीं कर रहे, कलेक्शन टीम उनसे वसूली करने जाएगी।- योगेश कुमार, निदेशक (वाणिज्य), मध्यांचल विद्युत वितरण निगम  

बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय लखनऊ के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

समाधान की तरफ जाएंगे तो सफलता अवश्य प्राप्त होगीः सीएम योगी सीएम ने एआई पर दिया जोर, युवाओं से बोले- वह आपके द्वारा संचालित हो, आप उसके द्वारा संचालित न हों बीबीडी एकेडमी में भी स्केल व स्किल का बेहतरीन समन्वयः मुख्यमंत्री   टेक्नोलॉजी के साथ ही युवाओं को संस्कारों से भी जोड़ें संस्थानः सीएम योगी   लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में युवाओं को ‘शिक्षक’ के रूप में रास्ता दिखाया। उन्होंने युवाओं को हमेशा प्रयास करते रहने की सीख दी। कहा कि प्रयास करने से सब कुछ हो सकता है। जीवन में सफलता के दो ही मार्ग हैं। समाधान की तरफ जाएंगे तो सफलता प्राप्त होगी। समस्या को बार-बार गिनाते रहेंगे तो सफल नहीं हो सकते। समस्या की बजाय समाधान पर ध्यान दीजिए। सभी लोग मिलकर जब सामूहिक रूप से प्रयास करेंगे तो समाधान मिलेगा। जीवन में सदा नया सीखने का अवसर प्राप्त होता है। अलग-अलग सेक्टरों में हमें नए अवसरों को ढूंढने का प्रयास करना चाहिए। कोई भी व्यक्ति अयोग्य नहीं है, बल्कि योग्य योजक चाहिए। संस्थान, बॉस, आचार्य, अभिभावक और व्यक्ति भावी पीढ़ी के लिए योजक बन सकते हैं। जीवन में धैर्य, संतुलन खोए बिना अडिग होकर आगे बढ़ेंगे तो सफलता कदम चूमेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीक्षांत समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसी दास, विश्वविद्यालय के रचनाकार पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास गुप्ता को भी याद किया। सीएम योगी ने 2011 में विश्वविद्यालय बनने के बाद से यहां के एकेडमिक एक्टिविटीज व खेल की तारीफ की। जब हमने दुनिया का अनुसरण शुरू किया तो हमारी ताकत भी कम होती गई सीएम योगी ने कहा कि यह केवल दीक्षांत समारोह नहीं है बल्कि इंडियाज ट्रांसफॉर्मिंग जनरेशन का एक उदाहरण भी है। जो विद्यार्थी उपाधि प्राप्त करते हुए आगे बढ़ रहे हैं, आने वाले समय में उनके विजनरी लीडरशिप में देश-प्रदेश नई गति प्राप्त करेगा। सीएम योगी ने भारत की प्राचीन गुरुकुल प्रणाली के समावर्तन समारोह और उसके परिवर्तित रूप दीक्षांत समारोह की भी व्याख्या की। उन्होंने कहा कि हम जो करते थे, दुनिया उसका अनुसरण करती थी। जब हमने दुनिया का अनुसरण शुरू किया तो हमारी ताकत भी कम होती गई। सीएम योगी ने कहा कि बाबू बनारसी दास के संघर्षों, आजादी के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में उनके योगदान और स्वतंत्र भारत में उत्तर प्रदेश कैसा बनना चाहिए, इस पर उनके प्रयास की भी चर्चा की। बोले-उप्र के मुख्यमंत्री के रूप में हम जिन भी वर्तमान कार्ययोजनाओं को बढ़ाने में सफल होते हैं, उनमें कहीं न कहीं भाव इन्हीं विभूतियों के छिपे होते हैं। जो इन्होंने उस समय यूपी के बारे में सोचा था, हमें उत्तर प्रदेश में उन्हें मूर्त रूप प्रदान करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। कृतज्ञता का भाव सदैव मन में होना चाहिए। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने लगाई लंबी छलांग सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने लंबी छलांग लगाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलो इंडिया खेलो के माध्यम से 2014 में एक अभियान चलाया। फिट इंडिया मूवमेंट, सांसद खेलकूद प्रतिस्पर्धा के माध्यम से खेलकूद के प्रति भाव पैदा करने की नई प्रेरणा प्रदान की। आज खेल दिनचर्या का हिस्सा बनता जा रहा है। किसी एकेडमिक संस्था में खेल भी महत्वपूर्ण हिस्सा हो और उसके पास भव्य स्टेडियम, बैडमिंटन एकेडमी हो, यह बीबीडी की बड़ी उपलब्धि है। 10 कदम आगे की सोच लेकर चलेंगे, तब दुनिया अनुगमन करेगी सीएम योगी ने कहाकि यह केवल रूटीन की डिग्री प्रदान करने वाला संस्थान नहीं है। इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के नए हब के रूप में बीबीडी को स्थापित करने के लिए नया प्रयास प्रारंभ हुआ है। दुनिया तकनीक को तेजी से अपना रही है। दुनिया जहां जा रही है, हम उससे 10 कदम आगे की सोच लेकर चलेंगे, तब दुनिया हमारा अनुगमन करने को मजबूर होगी। 11 वर्ष में भारत की विकास यात्रा का जिक्र करते हुए सीएम ने कहाकि इसे देख दुनिया भी उसके पीछे चलने के लिए खुद को मजबूर करती है। सीएम योगी ने 2014 के पहले व बाद में देश के प्रति आई धारणा का जिक्र किया। बोले कि लोगों की हताशा व निराशा को आशा व उत्साह में भरने का कार्य 2014 के बाद देखने को मिला। मोदी जी ने स्केल को स्किल में बदलने का कार्य किया सीएम योगी ने कहा कि भारत ने हर क्षेत्र में नई छलांग लगाई है। छोटे-छोटे प्रयोग कर भारत ने बताया कि इसके परिणाम क्या हो सकते हैं। मोदी जी ने कहा कि हर गरीब का बैंक अकाउंट होना चाहिए तो नकारात्मक लोग नकारात्मक स्वर बोलने लगे। जिन्हें कुछ नहीं करना होता है, वे सकारात्मक कदम का विरोध करते हैं। कोई चिंता किए बिना मोदी जी ने जीरो बैलेंस पर गरीबों के बैंक अकाउंट खुलवाए, जिससे डीबीटी के माध्यम से बिना किसी कट के शासन की योजनाओं की राशि सीधे गरीबों के खाते में जा रही है। इससे देश में 50 करोड़ परिवार जुड़ता दिखाई दे रहा है। यह भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार है। सब कुछ डिजिटल पेमेंट के साथ जुड़ गया है। कभी राजीव गांधी ने कहा था कि हम एक रुपये भेजते हैं, गरीब के पास 15 पैसे जाते हैं पर आज डिजिटल इंडिया मिशन है। जब दुनिया की सुपर पावर भी कोरोना के साए में थी, तब भारत कोविड प्रबंधन के साथ ही 2020 में नेशनल एजूकेशन पॉलिसी को लांच कर रहा था। सीएम ने कई योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि युवा की आकांक्षाओं को पंख लगाने की दृष्टि से मोदी जी ने स्केल को स्किल में बदलने का कार्य किया। बीबीडी एकेडमी में भी स्केल व स्किल का बेहतरीन समन्वय सीएम योगी ने कहा कि भारत सबसे युवा राष्ट्र है। यहां 56 फीसदी आबादी कामकाजी है। उनके सपनों को उड़ान देने के लिए संस्थानों को तैयार होना है। लखनऊ में बीबीडी एकेडमी में भी स्केल व स्किल का बेहतरीन समन्वय दिखता है। हमें उस दिशा में आगे कार्य करना होगा। सीएम ने हर क्षेत्र में एआई की उपयोगिता पर जोर देते हुए कहा कि यह आज की आवश्यकता है, लेकिन वह आपके द्वारा संचालित हो, आप उसके द्वारा न संचालित हो। रोबोटिक में भारत ने लंबी छलांग … Read more

अयोध्या: राम मंदिर में आज ध्वजारोहण, विशेष मुहूर्त चयनित, मोबाइल फोन पर प्रतिबंध

अयोध्या राम मंदिर में 25 नवंबर को होने वाला ध्वजारोहण समारोह स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय समारोह की गरिमा के साथ संपन्न होगा। वैदिक परंपराओं और आधुनिक शिष्टाचार के बीच सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक निर्धारित शुभ मुहूर्त में ध्वजारोहण की प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। इसी अवधि के भीतर चुने गए 30 मिनट के श्रेष्ठ मुहूर्त में ध्वज फहराया जाएगा। यह मुहूर्त दोपहर 12 से 12:30 बजे तक होगा। समारोह की सबसे महत्वपूर्ण घड़ी वह क्षण होगा जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत स्वतंत्रता दिवस के अनुरूप ही ध्वज फहराने की प्रक्रिया पूरी करेंगे। ध्वज को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सलामी दी जाएगी। शंखनाद, ढोल-नगाड़ों और मंगल वाद्य की ध्वनि पूरे परिसर में गूंजेगी। ध्वज फहराते ही मंदिर परिसर में घंटे-घड़ियाल बजने लगेंगे। समारोह को उसी शिष्टाचार के साथ आयोजित किया जा रहा है जैसा राष्ट्रीय पर्वों पर देखने को मिलता है। ध्वजारोहण की पूरी प्रक्रिया सेना के अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी की जाएगी। परिसर को पारंपरिक ध्वजों, पुष्प और दीप से सजाया जा रहा है। शहरभर में सुरक्षा, यातायात और आगंतुकों की सुविधा की विशेष व्यवस्था की गई है। रोड शो भी कर सकते हैं ध्वजारोहण समारोह में आ रहे पीएम मोदी राम मंदिर के ध्वजारोहण समारोह में 25 नवंबर को आगमन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में रोड शो भी कर सकते हैं। सोमवार या मंगलवार को एसपीजी के आने पर पीएम मोदी के एयरपोर्ट से राम मंदिर तक का रूट फाइनल होने के बाद इस बारे में अंतिम निर्णय किया जाएगा। पीएम मोदी के लिए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक रूप से दो रूट तय किए हैं। पहला विकल्प एयरपोर्ट से महोबरा बाजार होते हुए राम मंदिर तक सड़क मार्ग से जाना प्रस्तावित है। यह मार्ग करीब 12 किमी लंबा है। दूसरे विकल्प के रूप में एयरपोर्ट से हेलीकाप्टर से साकेत कॉलेज में बने हेलीपैड पर उतर कर राम मंदिर तक जाना प्रस्तावित किया गया है। यह मार्ग सिर्फ एक किमी लंबा है। इन दोनों मार्गों पर पीएम के संभावित आवागमन के लिए सुरक्षा व अन्य व्यवस्था से जुड़ी सभी तैयारियां की जा रही हैं। साकेत कॉलेज में तीन हेलीपैड बन कर तैयार हो गए हैं।प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकरी कई चरणों में इन दोनों प्रस्तावित मार्गों का निरीक्षण कर चुके हैं। एसपीजी के आने के बाद इन दोनों में से कोई एक मार्ग पीएम मोदी के लिए फाइनल किया जाएगा। इसके बाद मार्ग के दोनों लेन पर बैरिकेडिंग करवाई जाएगी। आसपास के घरों और अन्य भवनों पर पीएम के काफिले की मूवमेंट के दौरान सुरक्षा कर्मी तैनात रहेंगे। सड़क मार्ग पर भी फोर्स मुस्तैद रहेगी। रोड शो पर भी अंतिम निर्णय एसपीजी की सहमति मिलने के बाद ही किया जाएगा।  

आजम खान और बेटे पर पैन कार्ड केस में सजा का खतरा, कोर्ट ने दोनों को दोषी माना

लखनऊ रामपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है. पैन कार्ड मामले में सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को अदालत ने दोषी करार दिया है. अब्दुल्ला आजम खान पर आरोप था कि उन्होंने चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु पूरी न होने के बावजूद विधायक बनने के लिए कूटरचना की.  क्या हैं आरोप? आरोपों के मुताबिक उन्होंने अपनी उम्र अधिक दिखाने के लिए दूसरा पैन कार्ड बनवाया, जिसके पीछे आजम खान पर भी साजिश रचने का आरोप लगा. अदालत ने सभी पहलुओं की सुनवाई के बाद दोनों- आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान- को इस मामले में दोषी ठहराया है.  SC ने खारिज कर दी थी FIR रद्द करने की याचिका इससे पहले 6 दिसंबर को अब्दुल्ला आजम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा था. अदालत ने पासपोर्ट बनवाने के लिए फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और दो पैन कार्ड रखने के आरोप में दर्ज एफआईआर रद्द करने की उनकी याचिका खारिज कर दी थी. बेंच ने कहा कि एफआईआर रद्द करने के लिए कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है और न ही कानूनी प्रक्रिया में दखल देने की कोई वजह दिखाई देती है. आरोप है कि अब्दुल्ला आजम ने पासपोर्ट के लिए गलत जन्मतिथि और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया. मुश्किल में आजम खान इसी मामले में राहत पाने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था. अब अदालत ने अब्दुल्ला आजम के साथ उनके पिता आजम खान को भी दोषी ठहराया है, जो हाल ही में जेल से बाहर आए हैं.  

खदान हादसा बढ़ा भयावह, सोनभद्र में मलबे में दबे मजदूरों की तलाश जारी

 सोनभद्र उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में ढही एक पत्थर खदान के मलबे से पांच और शव बरामद हुए हैं. इस तरह हादसे में मरने वालों की संख्या छह हो गई है. जिला मजिस्ट्रेट बीएन सिंह ने बताया कि रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात को ये शव बरामद किए गए. पिछले 48 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है.   न्यूज एजेंसी के अनुसार, मृतक की पहचान ओबरा के पनारी निवासी इंद्रजीत (30) के रूप में हुई है. अन्य मृतकों की पहचान इंद्रजीत के भाई संतोष यादव (30), रविंद्र उर्फ ​​नानक (18), रामखेलावन (32) और कृपाशंकर के रूप में हुई है. राजू सिंह (30) का शव रविवार को बरामद किया गया.  प्रदेश के मंत्री और स्थानीय विधायक संजीव कुमार गोंड ने शनिवार शाम को खदान ढहने के बाद बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में घटनास्थल का दौरा किया था. उन्होंने ने कहा, "लगभग एक दर्जन मज़दूर मलबे में दबे हो सकते हैं." वहीं, वाराणसी जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) पीयूष मोर्डिया ने रविवार को कहा कि भारी पत्थरों की मौजूदगी के कारण मलबा हटाने में समय लग रहा है. सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक वर्मा ने बताया कि उन्हें शनिवार शाम करीब 4.30 बजे ओबरा थाने में घटना की सूचना मिली. फोन करने वाले ने बताया कि कृष्णा माइनिंग वर्क्स द्वारा संचालित एक पत्थर खदान का एक हिस्सा ढह जाने से कई मजदूर मलबे में दब गए.  एसपी के मुताबिक, पुलिस ने परसोई टोला निवासी छोटू यादव की शिकायत पर कृष्णा माइनिंग वर्क्स के मालिक और उनके व्यापारिक साझेदारों मधुसूदन सिंह और दिलीप केशरी (दोनों ओबरा निवासी) के खिलाफ मामला दर्ज किया है. तीनों आरोपियों की अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है.  उधर, समाजवादी पार्टी के रॉबर्ट्सगंज सांसद छोटेलाल खरवार ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से माफिया द्वारा खदान को अवैध रूप से चलाया जा रहा था. उन्होंने कहा, "पत्थरों के नीचे 12 से 15 लोगों के दबे होने की आशंका है. इस इलाके में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है. हर महीने एक-दो ऐसी घटनाएं होती हैं, लेकिन खनन माफिया कैसे सब कुछ संभाल लेते हैं." सपा सांसद ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध खनन किया जा रहा है. खरवार ने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें फंसे खदान मजदूरों के परिजनों से मिलने से रोका. उन्होंने पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे और प्रत्येक परिवार के लिए एक सरकारी नौकरी की भी मांग की. 

स्कूल में ‘वंदे मातरम’ पर आपत्ति विवाद बना, शिक्षक सस्पेंड

अलीगढ़ एक प्राथमिक स्कूल में 12 नवंबर की सुबह प्रार्थना सभा के दौरान ‘वंदे मातरम’ के उच्चारण को लेकर दो शिक्षकों के बीच विवाद हो गया. ये स्कूल में हर दिन होने वाली नियमित प्रार्थना के समय का मामला है. जानकारी के अनुसार राष्ट्रगान के बाद सहायक अध्यापक चंद्रपाल सिंह बच्चों से ‘वंदे मातरम’ का उच्चारण करा रहे थे. इसी दौरान वहीं मौजूद सहायक शिक्षक शम्सुल हसन ने इसका विरोध जताया. बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) के मुताबिक हसन ने चंद्रपाल सिंह से कहा, “यह यहां नहीं चलेगा” और दावा किया कि यह उनकी मजहबी मान्यताओं के खिलाफ है. स्कूल की प्रिंसिपल सुषमा रानी ने अपनी लिखित शिकायत में कहा कि शिक्षक शम्सुल हसन ने नाराजगी में यह भी कहा कि “यहां मुस्लिम बच्चे हैं” इस पर प्रिंसिपल और अन्य शिक्षक भी मौके पर पहुंचे और ‘वंदे मातरम’ के समर्थन में अपना पक्ष रखा. घटना की सूचना खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) रामशंकर कुरील को दी गई. वे स्कूल पहुंचे और दोनों शिक्षकों सहित उपस्थित स्टाफ के बयान दर्ज किए. इस पर शम्सुल हसन को निलंबित कर दिया गया है हालांकि वह कह रहे हैं कि उन्हें फसाया जा रहा है. विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है. प्राथमिक शिक्षा विभाग का कहना है कि तथ्य जुटाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

लखनऊ की रहने वाली महिला सात महीने के बच्चे को लेकर पहुंचीं मुख्यमंत्री आवास

मां ने लगाई मासूम के जीवन की गुहार, सीएम योगी ने तत्काल करवाई इलाज की व्यवस्था  लखनऊ की रहने वाली महिला सात महीने के बच्चे को लेकर पहुंचीं मुख्यमंत्री आवास  बच्चे को हृदय से संबंधित है परेशानी, मुख्यमंत्री आवास से एंबुलेंस से भिजवाया गया केजीएमयू  ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश भर से आए 60 से अधिक फरियादी, मुख्यमंत्री ने एक-एक की सुनी समस्या  जवानों से बोले सीएम- आप ड्यूटी कीजिए, आपके परिवार की जिम्मेदारी सरकार पर  लखनऊ  सोमवार की सुबह एक मां के जीवन में उम्मीद की किरण लेकर आया, जब वह ‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलीं। उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए सात माह के मासूम की बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक सहयोग का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने महिला की बात सुनी और तत्काल उन्हें एंबुलेंस से केजीएमयू भिजवाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रहे बच्चे का इलाज शुरू हो गया। वहीं ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश भर से 60 से अधिक फरियादी आए, मुख्यमंत्री ने सभी के पास पहुंचकर उनकी शिकायतें सुनीं और अधिकारियों को समय से निराकरण का निर्देश दिया।  लखनऊ की रहने वाली महिला बेटे के इलाज की फरियाद लेकर पहुंचीं लखनऊ के राजेंद्र नगर, ऐशबाग की रहने वाली एक महिला सोमवार सुबह मुख्यमंत्री आवास में लगाए गए 'जनता दर्शन' में पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। वे किराए के मकान में रहकर अत्यंत सीमित संसाधन में जीवनयापन कर रही हैं। उनके सात माह के मासूम को हृदय से संबंधित बीमारी है। उसके इलाज के लिए आर्थिक सहायता कर दी जाए। मुख्यमंत्री ने उस बच्चे को दुलारा-पुचकारा और महिला को आश्वस्त किया कि आप बेफिक्र रहिए, सरकार मदद करेगी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उस बच्चे को तत्काल एंबुलेंस से केजीएमयू भिजवाया और वहां कुलपति को निर्देशित किया कि बच्चे के उपचार की तत्काल व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री के आदेश के उपरांत वहां मासूम का इलाज प्रारंभ हो गया है।  आपके परिवार की जिम्मेदारी सरकार पर 'जनता दर्शन' में बुलंदशहर निवासी अर्धसैनिक बलों के जवान भी पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपनी जमीन के कब्जे संबंधी शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने उनसे प्रार्थना पत्र लिया और कहा कि आपकी ड्यूटी देश की सीमा या देश की आंतरिक सुरक्षा में लगी होगी, आप ड्यूटी निभाइए। आपके परिवार की जिम्मेदारी सरकार पर है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस मामले की जांच कराने और जल्द समाधान का निर्देश दिया।  ‘जनता दर्शन’ में आए 60 से अधिक फरियादी  ‘जनता दर्शन’ में सोमवार को प्रदेश भर के 60 से अधिक फरियादी पहुंचे। मुख्यमंत्री स्वयं सभी के पास पहुंचे। एक-एक करके सभी का प्रार्थना पत्र लिया और समस्याएं सुनीं, फिर संबंधित अधिकारियों को निराकरण के आदेश दिए। इस दौरान जमीन कब्जा, आर्थिक सहयोग, पुलिस, बिजली समेत अनेक विभागों से जुड़ी समस्याओं को लेकर लोग पहुंचे थे। सीएम ने फरियादियों को आश्वस्त किया कि आपकी सुरक्षा और सेवा सरकार का कर्तव्य है। सरकार पहले दिन से ही इस इस ध्येय के साथ कार्य कर रही है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में कथित तौर पर अल्लाह का पैगाम और जिहाद का विषय शामिल होने की रिपोर्ट

लखनऊ  फरीदाबाद विस्फोटक और दिल्ली ब्लास्ट में गिरफ्तार लखनऊ की डॉक्टर शाहीन शाहिद और उसके भाई डॉ परवेज अंसारी यूपी और देश के अलग हिस्सों में अटक की पाठशाला चला रहे थे. दोनों से अब तक हुई पूछताछ में खुलासा हुआ है कि डॉ शाहीन वीडियो कॉल के माध्यम से लड़कियों को जिहाद की ट्रेनिंग दे रही थी.  जबकि उसका डॉ परवेज और साथ डॉ आरिफ युवाओं को जिहाद में शामिल होने के लिए ब्रेनवॉश कर रहा था. तीनों मुस्लिम युवकों और युवतियों को कहते थे कि ‘यह आतंक की राह नहीं है. यह अल्लाह का पैगाम है. और अल्लाह के लिए कुर्बानी देनी होगी. इसके लिए अल्लाह ने हमें चुना है. अब तक की पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली है कि डॉ शैं की इस वीडियो पाठशाला में कानपुर से गिरफ्तार डॉ आरिफ, उसका भाई डॉ परवेज और हापुड़ से गिरफ्तार डॉ फारूक अहमद भी जुड़ा हुआ था. डॉ शाहीन मुस्लिम महिलाओं और लड़कियों को भड़काऊ भाषणों से जिहाद के लिए तैयार कर रही थी. वह शादीशुदा महिलाओं से कहती थी कि इसके लिए उन्हें अपने शौहर को तलाक भी देना होगा और परिवार छोड़ना होगा। बैंक खातों की जांच जैश की लेडी विंग की कमांडर डॉ शाहीन शाहिद खुद अपने पति को तलाक दे चुकी है.  तलाक देने के बाद वह अपने बच्चों कभी मिलने नहीं गई.  इतना ही नहीं वह लखनऊ भी अपने परिवार से मिलने नहीं आती थी. जांच में पता चला है कि वह अपने भाई डॉ परवेज से संपर्क में थी. दोनों कई बार सहारनपुर में मिले भी थे. पुलिस को शक है कि दिल्ली ब्लास्ट के बारे में डॉ परवेज को पहले से ही पता था. फिलहाल जांच एजेंसियां डॉ शाहीन के बैंक खातों की तफ्तीश कर रही हैं. तीन बार पाकिस्तान भी गई थी डॉ शाहीन  सूत्रों के मुताबिक डॉ शाहीन तीन बार पाकिस्तान भी गई थी. 2013 में वह थाईलैंड भी गई थी. डॉ शाहीन ने अपने पासपोर्ट में कई बार अभिवकों के नाम चेंज करवाए. शादी के बाद शौहर का नाम था. फिर तलाक के बाद भाई परवेज को अभिभावक बनाया था.

सीएम योगी के विजन पर नागरिकों से मिल रहे हैं रचनात्मक सुझाव

सीएम योगी के विजन “समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047” से बदलेगी उत्तर प्रदेश की तस्वीर सीएम योगी के विजन पर नागरिकों से मिल रहे हैं रचनात्मक सुझाव समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान के अंतगर्त प्रदेशवासियों को विगत 8 वर्ष के विकास के बारे में दी गई जानकारी 75 जनपदों के नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों द्वारा नागरिकों से विकास हेतु रोड मैप पर चर्चा कर लिया गया फीडबैक सोनभद्र, बदाऊं, गौतमबुद्ध नगर से नागिरकों ने विकसित प्रदेश बनाने को लेकर दिए सुझाव इंफ्रास्ट्रक्चर, परिवहन, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में विकास को लेकर मिली सलाह पर्यटन क्षेत्र में वृद्धि से उत्तर प्रदेश बनेगा वन ट्रिलियन इकॉनमी डॉलर की अर्थव्यवस्था भारत की ऊर्जा राजधानी सोनभद्र में पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं बदाऊं में शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से विकसित होगा प्रदेश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाने के लिए “समर्थ उत्तर प्रदेश विकसित उत्तर प्रदेश @2047- समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान” के विजन पर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2047 तक उत्तर प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाने के लेकर दृढ़संकल्पित हैं। इसके अंतर्गत 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों द्वारा भ्रमण कर विभिन्न लक्षित समूहों-छात्र, शिक्षक, व्यवसायी, उद्यमी, कृषक, स्वयं सेवी संगठन श्रमिक संघठन, मीडिया एवं आम जनमानस के साथ विगत 8 वर्षों से प्रदेश की विकास यात्रा के संबंध में जानकारी दी गई तथा विकास हेतु रोड मैप पर चर्चा कर फीडबैक प्राप्त किया गया। भारत की ऊर्जा राजधानी सोनभद्र में पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं इसके अंतर्गत सोनभद्र से निशांत वर्मा का सुझाव है कि सोनभद्र जिसे "भारत की ऊर्जा राजधानी’’ के रूप में जाना जाता है, 2047 तक एक प्रमुख पर्यावरण-सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र बनने की स्थिति में है। यह India 2047 और टिकाऊ शहरों (SDG 11) और सभ्य कार्य (SDG 8) पर संयुक्त राष्ट्र SDG का समर्थन करता है। जिले के अनूठे आकर्षण- 1400 मिलियन वर्ष पुराने जीवाश्मों वाला सलखन जीवाश्म पार्क, लखनिया दरी जलप्रपात, रिहंद बांध और विजयगढ़ किला एकीकृत पर्यटन सर्किट के लिए व्यापक संभावनाएं प्रदान करते हैं। पीएम गति शक्ति के तहत बेहतर सड़क और रेल संपर्क के साथ, सोनभद्र 2030 तक पर्यटकों के आगमन में 12-15% वार्षिक वृद्धि हासिल कर सकता है। इसका लक्ष्य 2047 तक सालाना 5-6 मिलियन पर्यटकों का आगमन करना है। पर्यावरण-पर्यटन, साहसिक खेलों, सांस्कृतिक उत्सवों और आदिवासी हस्तशिल्प को बढ़ावा देने से समावेशी आजीविका का सृजन होगा। विरासत संरक्षण, बुनियादी ढांचे के विकास और सामुदायिक भागीदारी में संतुलन बनाकर सोनभद्र पूर्वी उत्तर प्रदेश के पर्यटन प्रवेश द्वार के रूप में उभर सकता है, जो 2047 तक भारत की अनुमानित 1 ट्रिलियन डॉलर की पर्यटन अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देगा। बदाऊं में शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से विकसित प्रदेश संभव बदाऊं से अक्षत कुमार सिंह ने भी विजन “समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047” के लिए सुझाव दिया है। उनका कहना है कि शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण को मज़बूत करने के लिए सरकार को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अवसंरचना और डिजिटल परिवर्तन में निवेश करना होगा। ई-गवर्नेस प्लेटफॉर्म का एक मज़बूत नेटवर्क बनाने से पारदर्शिता, दक्षता और तेज नागरिक सेवाएं संभव होगी। क्लाउड आधारित प्रणालियां, एआई-संचालित विश्लेषण और सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड भ्रष्टाचार को कम कर सकते हैं। मैन्युअल देरी को कम कर सकते हैं। ग्रामीण और अर्थ-शहरी क्षेत्रों को किफायती इंटरनेट पहुंच और डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों से लैस किया जाना चाहिए ताकि सभी नागरिक समान रूप से लाभान्वित हो सकें। सरकारी विभाग सूचनाओं को निर्बाध रूप से साझा करने और त्वरित निर्णय लेने को सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीकृत डेटा प्रबंधन प्रणालियों को अपना सकते हैं। संवेदनशील डेटा और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए साइबर सुरक्षा उपायों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। आईटी में सार्वजनिक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करने से नवाचार और लागत प्रभावशीलता को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, सुगम लेनदेन के लिए डिजिटल भुगतान प्रणालियों और मोबाइल एप्लिकेशन का विस्तार किया जाना चाहिए। आईटी को पूरी तरह से अपनाकर, सरकार एक आधुनिक, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित प्रशासन स्थापित कर सकती है जो दीर्घकालिक विकास को बढ़ावा देता है। गौतमबुद्ध नगर में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार से होगा विकास गौतमबुद्ध नगर से बबली प्रजापति जी के अनुसार स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए सुझाव निवारक और सामुदायिक चिकित्सा पर जोर, स्वास्थ्य सेवा शिक्षा में निवारक और सामुदायिक चिकित्सा को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए। निजी संस्थानों में फीस को नियंत्रित और निजी संस्थानों और मानद विश्वविद्यालयों में फीस और शुल्कों को विनियमित करके आयुर्वेदिक शिक्षा को सस्ता और अधिक सुलभ बनाया जाना बाहिए। आयुष औषधालयों और अस्पतालों के उन्नयन पर भी जोर देने की बात कही। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकारी आयुष औषधालयों और अस्पतालों का उन्नयन किया जाना चाहिए और नए आयुष औषधालयों की स्थापना की जानी चाहिए। ये भी सुझाव आया कि प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आयुष सुविधाओं की स्थापना होनी चाहिए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में आयुष सुविधाओं की सह-स्थापना की जानी चाहिए। आयुष जन स्वास्थ्य कार्यक्रम को बढ़ावा देने की भी सलाह दी। आयुष जन स्वास्थ्य कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। शिक्षा और प्रशिक्षण में सुधार के लिए सुझाव, शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम, आयुष शिक्षकों और पेशेवरों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और सेमिनार आयोजित किए जाने चाहिए। आम जनमानस की राय एवं सुझाव पोर्टल से प्राप्त हुए समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के बारे में प्रदेश के नागरिकों से samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक कुल 9,374,946 फीडबैक प्राप्त हुए हैं। जिनमें से 7,237,136 सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और 2,137,810 सुझाव नगरीय क्षेत्रों से आए हैं। इनमें 4,683,375 सुझाव आयु वर्ग 31 वर्ष से कम, 4,255,453 सुझाव 31-60 वर्ष के आयु वर्ग, तथा 436,118 सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से प्राप्त हुए है। विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों का विवरण निम्न प्रकार है: कृषि-2541,739, पशुधन एवं डेरी 387.087, इंडस्ट्री-377,585 आईटी एवं टेक. 281,887, पर्यटन-224,551, ग्रामीण विकास 1.843,620, इनक्रा-86,074, संतुलित विकास-129,157, समाज कल्याण-704,711, नगरीय एवं स्वास्थ्य-632,799, शिक्षा क्षेत्र- 1,988,044 तथा सुरक्षा सम्बंधित 177.690 सुझाव मिले है। जनपदों के अनुसार फीडबैक में टॉप पाच में जौनपुर (842.482) संभल (807,236), गाजीपुर (352,817), गाजियाबाद (291,166) और हरदोई (221.580) शामिल हैं। वहीं बॉटम पाँच में गौतमबुद्ध नगर (51.325), मधुरा (55,019), इटावा (55.399), बलरामपुर 157.553), और बागपत (60.233) से न्यूनतम फीडबैक … Read more

उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, बच्चों को बैग से मिलेगी राहत—ये है पूरा प्लान

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार अब स्कूलों में बच्चों का बोझ कम करने और पढ़ाई को मजेदार बनाने पर जोर दे रही है. इसी पहल के तहत राज्य के सरकारी स्कूलों में 10 दिन बैगलेस क्लास लागू की गई है. इससे बच्चों को किताबों की जगह खेल, गतिविधियां और प्रैक्टिकल सीखने का मौका मिलेगा. उत्तर प्रदेश सरकार ने नई शिक्षा नीति के तहत चल रही “आनंदम योजना” के अनुसार एक बड़ा बदलाव किया है. अब सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को पूरे साल में 10 दिन स्कूल बैग लाने की जरूरत नहीं होगी. शनिवार को स्कूल में 6से 8 तक के बच्चों को खेल कूद,पिकनिक, भाषण,बाद विवाद जैसी प्रतियोगिता में शामिल कराया जाएगा. सरकार की आनंदम योजना के तहत बच्चों में Ground activity बढ़ाने के उद्देश्य से पूरे शैक्षणिक सत्र के लिए 10 days bagless को लागू किया गया इन दिनों को Bagless Days कहा जाएगा. इन बैगलेस दिनों में बच्चों को क्लासरूम में पढ़ाने के साथ-साथ बल्कि उन्हें विभिन्न तरह की मजेदार और सीख देने वाली गतिविधियों में शामिल किया जाएगा. इनका मकसद है कि बच्चे सिर्फ किताबों से ही नहीं, बल्कि अनुभव और खेल से भी सीखें. क्या-क्या होगा बैगलेस दिनों में? खेल-कूद भाषण प्रतियोगिता वाद-विवाद (डिबेट) पिकनिक कला, संगीत, डांस जैसी गतिविधियां ग्राउंड एक्टिविटी और टीम वर्क क्रिएटिव प्रोजेक्ट सरकार का उद्देश्य आनंदम योजना का मुख्य उद्देश्य है—बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें तनाव से मुक्त रखना. इसके साथ ही किसी भी काम को सीखने को मजेदार बनाना, ग्राउंड और आउटडोर गतिविधियां बढ़ाना है. सरकार चाहती है कि उनकी प्रतिभा को पहचानने का मौका मिले.इसके लिए पूरे शैक्षणिक वर्ष में 10 बैगलेस दिन अनिवार्य किए गए हैं.