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UP में बिजली कनेक्शन अभियान तेज, हर गांव में लगेंगे 11 हजार वोल्टेज के ट्रांसफार्मर

अंबेडकरनगर नव वर्ष 2026 विद्युतीकरण से वंचित घर और 500 आबादी से अधिक वाले मजरे जनवरी तक रोशन हो जाएंगे। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम (नेफ्ट ओवर हाउसहोल्ड) योजना के अंतर्गत यह कार्य किया जाएगा। अवर अभियंता ग्राम प्रधान एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य से संपर्क करके विद्युतीकरण से वंचित घरों को एवं मजरे चिन्हित करेंगे और रिपोर्ट अधीक्षण अभियंता को सौंपेंगे। इसके बाद लखनऊ निदेशालय टीम सत्यापन शुरू करेगी। अकबरपुर, जलालपुर, टांडा, आलापुर चारों सबडिवीजन के 41 विद्युत उपकेंद्र के अधीन विद्युतीकरण से वंचित गांवों में 11 हजार वोल्टेज एवं एलटी लाइन एवं नया ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। परियोजना के पूरा होने के बाद शत-प्रतिशत मजरे घर बिजली से जुड़ जाएंगे। बांस-बल्ली के सहारे चल रहे आपूर्ति से छुटकारा मिलेगा। हर गांव-गली व प्रत्येक घर को रोशन करने की योजना को धरातल पर दिखने लगा है। तीन चरण में यह कार्य पूरा होगा पहले चरण में खंभे लगाए जाएंगे दूसरे में केबल व तीसरे में बिजली आपूर्ति एवं कनेक्शन दिया जाएगा। काम पूरा होने के बाद कोई भी गांव या मजरा बिजली से वंचित नहीं रह जाएगा। शत प्रतिशत घर बिजली कनेक्शन से जुड़ जाएंगे। संतोष, दीपक वर्मा ने बताया कि गांव में विद्युतीकरण न होने से ई-रिक्शा, मोबाइल, चार्जिंग के लिए दूसरे गांव में जाना पड़ता है। लो-वोल्टेज,बिजली कटौती व ओवरलोड समस्या खत्म के साथ निर्वाध बिजली आपूर्ति मिलेगी।  

प्रतापगढ़ में पुलिस का शिकंजा! 11 फर्जी जमानतदार गिरफ्तार, खुलासा हुआ अपराधियों के पूरे नेटवर्क का

प्रतापगढ़ मुल्जिम ने क्या किया है, कौन है, कितना बड़ा अपराधी है, किस जुर्म में पकड़ा गया है…। इन सवालों का जवाब खोजे बगैर पैसे की खातिर जमानतदार बनने वाले पेशेवरों के खिलाफ कार्रवाई की पहल हुई है। पुलिस ने 33 पर केस दर्ज करके शनिवार को 11 पेशेवरों को पकड़ा है। पेशेवर जमानतदारों की मदद से जेल से छूट रहे बदमाश पुलिस मुठभेड़ व अन्य तरीकों से बदमाशों को पकड़ती है, लेकिन बदमाश पेशेवर जमानतदारों की मदद से कुछ ही दिन में जेल की सलाखों से आजाद हो जाते हैं। ऐसे में जिले में पुलिस द्वारा पेशेवर व फर्जी जमानतदारों के विरुद्ध विशेष अभियान शुरू किया गया है।   इन जमानतदारों ने पुलिस के समक्ष खोले कई राज शनिवार को एसपी दीपक भूकर ने पत्रकारों को बताया कि अभियान के तहत पकड़े गए पेशेवर जमानतदारों से पूछताछ में कई बातों का पता चला है। एसपी ने कहा कि कुछ वकील भी इसमें शामिल बताए गए हैं। पकड़े गए पेशेवर जमानतदारों ने बताया कि वह अपनी जमीन के कागजात, परिचय पत्र आदि अधिवक्ताओं को दे देते थे। अधिवक्ता उनका प्रयोग करते रहते थे। मुल्जिमो को छुड़ाने में दो से तीन हजार रुपये मिलते थे पकड़े गए अधिकांश जमानतदारों ने पांच से अधिक मुल्जिमों की जमानत ली है। हर बार इनको दो से तीन हजार रुपये मिलते थे। साथ ही न्यायालय में जो शपथ पत्र दिया है, उसमें फर्जी तरीके से बताया कि हमारे द्वारा अन्य किसी की जमानत नही ली गई है। शामिल लोगों पर भी होगी कड़ी कार्रवाई  एसपी ने कहा कि इसमें शामिल वकील या अन्य जो भी लोग पाए जाएंगे उन पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दर्ज कराए गए केस की जांच के लिए एसआइटी गठित कर दी गई है। इसमें दाे इंस्पेक्टर व चार सब इंस्पेक्टर रखे गए हैं।  

कोर्ट का कड़ा फैसला: राममंदिर केस में वकील को चुकाने पड़े 6 लाख रुपए

नई दिल्ली  पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के बयान को आधार बनाते हुए राममंदिर फैसले को रद्द कराने की मांग करने वाले एक वकील को अदालत से बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की एक अदालत ने वकील महमूद प्राचा पर छह लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया है। दिल्ली की एक जिला अदालत से प्राचा ने 2019 के फैसले को अमान्य घोषित करने की मांग की थी, जिसे हाल ही में खारिज कर दिया गया। प्राचा ने जिला अदालत में उस आदेश के खिलाफ याचिका दायर की, जिसमें अदालत ने उनके दीवानी मुकदमे को नामंजूर कर दिया था। प्राचा ने दावा किया पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ (राममंदिर पर फैसला देने वाले पांच जजों में से एक) ने पिछले साल स्वीकार किया कि अयोध्या का निर्णय में उन्होंने वह समाधान दिया जो भगवान श्री राम लला विराजमान ने उन्हें सुझाया, देवता खुद इस मुकदमें में एक पक्षकार बनाए गए थे। पटियाला हाउस कोर्ट में जिला जज धर्मेंद्र राणा ने कहा कि प्राचा की याचिका का कोई ठोस आधार नहीं। यह भ्रमित और अदालत का समय बर्बाद करने के लिए दायर की गई थी। अदालत ने प्राचा पर 6 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जिला अदालत ने ट्रायल कोर्ट की ओर से लगाए गए एक लाख के जुर्माने में 5 लाख का इजाफा करते हुए 6 लाख भरने को कहा। अदालत ने कहा कि ट्रायल कोर्ट की ओर से लगाया गया जुर्माना अपने उद्देश्य को प्राप्त नहीं कर सका। इसलिए इस तरह के फिजूल मुकदमों को रोकने के लिए जुर्माने की राशि बढ़ाई जानी चाहिए। गौरतलब है कि अपने भाषण में (जिसका अंग्रेजी अनुवाद आदेश में शामिल किया गया), पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने 'रामलला' का उल्लेख नहीं किया, बल्कि केवल यह कहा था कि उन्होंने अयोध्या मामले में समाधान के लिए भगवान से प्रार्थना की थी। मशहूर वकील प्राचा ने एक दीवानी वाद दायर कर यह घोषित करने की मांग की थी कि 2019 का अयोध्या फैसला शून्य है। उन्होंने मामले की फिर से सुनवाई की मांग की थी और अपने मुकदमे में श्री रामलला विराजमान को भी प्रतिवादी बनाया था और उनके अभिभावक प्रतिनिधि के रूप में पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ का नाम डाला था। ट्रायल कोर्ट ने अप्रैल 2025 में प्राचा की याचिका खारिज कर दी और न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग के लिए उन पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया। प्राचा ने इस आदेश को जिला न्यायालय में चुनौती दी। 18 अक्टूबर 2025 को जिला न्यायाधीश राणा ने फैसला सुनाया। उन्होंने अयोध्या के फैसले और पूर्व सीजेआई के भाषण दोनों के अंश का उल्लेख करते हुए कहा, 'चंद्रचूड़ का ‘भगवान से प्रार्थना’ करने का उल्लेख एक आध्यात्मिक भावना का प्रतीक था, न कि पक्षपात या बाहरी दखल का प्रमाण।' न्यायाधीश राणा ने यह भी साफ किया कि आस्था के स्तर पर ईश्वर से मार्गदर्शन मांगना ‘धोखाधड़ी’ नहीं कहा जा सकता।

सीएम योगी की मंशा के अनुरूप चल रहे महाभियान ने बनाया व्यापक जनसंपर्क व संवाद का रिकॉर्ड

फीडबैक देने में शीर्ष पांच जनपदों में जौनपुर, संभल, प्रतापगढ़, बिजनौर और गोरखपुर शामिल लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन ‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047: समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान’ के अंतर्गत प्रदेशभर में जनता से सीधे संवाद और विकास के रोडमैप पर फीडबैक जुटाने का अभियान निरंतर जारी है। 25 अक्टूबर, 2025 तक जनता की राय एवं सुझाव एकत्र करने के लिए बनाए गए पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर 53 लाख से अधिक फीडबैक प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 41.50 लाख से अधिक सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और 11.50 लाख से अधिक सुझाव नगरीय क्षेत्रों से आए हैं। इनमें करीब 26 लाख सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से, करीब 25 लाख सुझाव 31 से 60 वर्ष आयु वर्ग से तथा 2.5 लाख से ज्यादा सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से प्राप्त हुए हैं। कृषि क्षेत्र से सर्वाधिक फीडबैक विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों में कृषि क्षेत्र में सर्वाधिक 13 लाख सुझाव मिले हैं, इसके अलावा शिक्षा क्षेत्र से 12.50 लाख से ज्यादा और अर्बन डेवलेपमेंट से 10.77 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा पशुधन एवं डेयरी,, इंडस्ट्री, आईटी व टेक, पर्यटन, ग्रामीण विकास, इन्फ्रास्ट्रक्चर, समाज कल्याण, नगरीय एवं स्वास्थ्य तथा सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी व्यापक पैमाने पर सुझाव प्राप्त हुए हैं।  सर्वाधिक सुझाव देने में जौनपुर अव्वल जनपदवार फीडबैक के अनुसार शीर्ष पांच जनपदों में जौनपुर, संभल, प्रतापगढ़, बिजनौर और गोरखपुर शामिल हैं। जौनपुर से 3.21 लाख से ज्यादा, संभल से 3 लाख से ज्यादा, प्रतापगढ़ से 1.76 लाख से ज्यादा, बिजनौर से 1.67 लक्ष्य ज्यादा और गोरखपुर से 1.58 लाख से ज्यादा फीडबैक मिले हैं। इसके अलावा बरेली से 1.28 लाख से अधिक,  बाराबंकी से करीब 1.25 लाख, सोनभद्र से 1.20 लाख से ज्यादा, गोंडा से 1.12 लाख से अधिक और हरदोई से करीब 1.15 लाख सुझाव मिले हैं। जनसहभागिता के लिए व्यापक आयोजन महाभियान के तहत जनजागरूकता व संवाद के लिए प्रदेशभर में व्यापक आयोजन भी किए गए हैं। अब तक 15 नगर निगमों, 212 नगर पालिकाओं, 528 नगर पंचायतों, 56 जिला पंचायतों, 713 क्षेत्र पंचायतों तथा 42,666 ग्राम पंचायतों में बैठकों, सम्मेलनों और गोष्ठियों का सफल आयोजन किया जा चुका है। इन आयोजनों के माध्यम से स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के बीच संवाद व सहभागिता को और अधिक सशक्त किया गया है।

समय सारिणी अपडेट: रामलला के दर्शन व आरती में बदलाव, जानें कब खुलेंगे कपाट

अयोध्या शरद ऋतु के आगमन के साथ ही अयोध्या में रामलला के दर्शन अवधि में बदलाव कर दिया गया है। 23 अक्तूबर से श्रद्धालुओं को राम मंदिर में सुबह 7 बजे से रामलला के दर्शन हो रहे हैं। रात 9 बजे तक दर्शन का यह क्रम जारी रहता है। आरती के समय में भी बदलाव किया गया है। दोपहर में आरती व भोग के लिए एक घंटे तक मंदिर का पट बंद रहता है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से रामलला के दर्शन की नई समय सारिणी जारी की गई है। राम मंदिर के ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्र ने बताया कि शरद ऋतु शुरू हो रही है। ऐसे में रामलला के दर्शन अवधि में कुछ बदलाव किया गया है। दोपहर 12 से 1 बजे तक दर्शन बंद रहेंगे रामलला की मंगला आरती जो अब तक सुबह 4 बजे होती थी, अब वह 4:30 बजे होती है। साथ ही रामलला की शृंगार आरती सुबह 6 बजे के बजाय 6:30 बजे हो रही है। दर्शन अब सुबह 6:30 बजे के बजाय सुबह 7 बजे से शुरू होता है। दोपहर 12 बजे रामलला को भोग अर्पित किया जाता है। इस दौरान दोपहर 12 से 1 बजे तक दर्शन बंद रहता है। रामलला की संध्या आरती शाम 7 बजे ही होती है। इसके बाद श्रद्धालुओं को रात 9 बजे तक दर्शन प्राप्त होंगे। रात 9:30 बजे शयन आरती के साथ ही मंदिर बंद कर दिया जाता है। शरद ऋतु के चलते रामलला के राग-भोग में भी बदलाव किया गया है। रामलला को ठंड न लगे इसलिए उन्हें सुबह गुनगुने पानी से स्नान कराया जा रहा है। भोग में ड्राई फ्रूट्स की मात्रा बढ़ा दी है। सर्दी और बढ़ने पर रामलला के रजाई ओढ़ाई जाएगी व ऊनी वस्त्र पहनाए जाएंगें। ये है समय सारिणी     सुबह 04:30 बजे- मंगला आरती     सुबह 6:30 बजे- शृंगार आरती- दर्शन मार्ग से प्रवेश प्रारंभ     सुबह 07:00 बजे- दर्शन प्रारंभ     दोपहर 12:00 बजे- भोग आरती- डी-वन से प्रवेश बंद     दोपहर 12:30 से 01 बजे तक पट बंद रहेगा     दोपहर 01:00 बजे- दर्शन प्रारंभ     रात 09:00 बजे- डी-एक से प्रवेश बंद     रात 9:15 बजे- दर्शन समाप्त     रात 9:30 बजे- शयन आरती- फिर कपाट बंद

सत्र 2025-26 में 44127.91 मीट्रिक टन हुई धान खरीद, 2024-25 में इस अवधि तक की गई थी 25329.75 मीट्रिक टन की खरीद

लखनऊ, 'अन्नदाता किसानों' को निरंतर योगी सरकार का साथ मिल रहा है। आंकड़े योगी सरकार की सकारात्मक नीतियों की गवाही दे रहे हैं। गौरतलब है कि विपणन सत्र 2025-26 में धान बिक्री के लिए पहली सितंबर से पंजीकरण प्रारंभ हुआ था। 25 अक्टूबर तक धान बिक्री के लिए 1,54,035 किसानों ने पंजीकरण करा लिया है। वहीं विगत वर्ष (2024-25) में इस अवधि तक 1,51,374 किसानों ने पंजीकरण कराया था। बाजरा के लिए 15248, ज्वार के लिए 2706 तथा मक्का के लिए 1509 किसानों ने पंजीकरण करा लिया है। 44127.91 मीट्रिक टन धान की हुई खरीद, पिछले वर्ष हुई थी 25329.75 मीट्रिक टन की खरीद खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक इस वर्ष 2369 रुपये कॉमन तथा 2389 रुपये (ग्रेड-ए) प्रति कुंतल की दर से खऱीद हो रही है। 7507 किसानों से 44127.91 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है, जबकि पिछले वर्ष इस अवधि तक 4517 किसानों से 25329.75 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी। वहीं श्रीअन्न बाजरा की खरीद इस वर्ष अब तक 4153.35 मीट्रिक टन हो चुकी है। पिछले वर्ष इस अवधि तक 4021.39 मीट्रिक टन बाजरा खरीद हुई थी। सीएम योगी के निर्देश पर 48 घंटे में किसानों को किया जा रहा भुगतान सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान किया जा रहा है। धान बिक्री करने वाले किसानों को इस वर्ष अब तक 86.68 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। इस अवधि में पिछले वर्ष 43.91 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। वहीं बाजरा के किसानों को 8.43 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से स्थानांतरित किए गए हैं, पिछले वर्ष इस अवधि तक यह आंकड़ा 7.63 करोड़ रुपये का था। सीएम योगी की नीतियों के कारण किसानों के हित में प्रतिवर्ष सकारात्मक पहल बढ़ती जा रही है। टोल फ्री नंबर 18001800150 पर समस्या बता सकते हैं किसान किसान अपनी किसी भी समस्या के लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 से मदद ले सकते हैं। इसके अलावा वे जिला खाद्य विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी, विपणन निरीक्षक से भी संपर्क साध सकते हैं। किसानों के आधार लिंक्ड बैंक खाते में सीधे भुगतान किया जाएगा। वहीं बिचौलियों को रोकने व पारदर्शिता बरतते हुए क्रय केंद्रों पर मोटे अनाज की खरीद ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वॉइंट ऑफ परचेज) डिवाइस के माध्यम से पहले की भांति किसानों का बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए ही होगी। इन जिलों में हो रही मक्का खरीद   मक्का खरीद 25 जनपदों में चल रही है। यह जनपद बदायूं,  बुलंदशहर, हरदोई, उन्नाव, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर-देहात, कन्नौज, औरैया, इटावा, बहराइच, गोंडा, बलिया, जौनपुर, फर्रुखाबाद, मीरजापुर, सोनभद्र, देवरिया व ललितपुर हैं। बाजरा खरीद वाले जनपद निर्धारित बदायूं,  बुलंदशहर, आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, हाथरस, एटा, बरेली,  शाहजहांपुर, संभल, रामपुर, अमरोहा, कानपुर नगर-देहात, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, इटावा, जालौन, हमीरपुर, चित्रकूट, गाजीपुर, जौनपुर, प्रयागराज, फतेहपुर, कौशांबी, मीरजापुर, बलिया, हरदोई व उन्नाव समेत 33 जनपदों में बाजरा खरीद हो रही है।   इन जिलों में हो रही ज्वार की खरीद बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, कानपुर नगर-देहात, फतेहपुर, उन्नाव, हरदोई, मीरजापुर व जालौन में ज्वार की खरीद चल रही। 2025-26                                                         2025-24 धान- 1,54,035 पंजीकरण                 1,51,374 पंजीकरण बाजरा- 15,248 पंजीकरण                  6075 पंजीकरण ज्वार- 2706 पंजीकरण                      1262 पंजीकरण मक्का- 1509 पंजीकरण                    —————— वर्ष (2025-26) धान खरीद- 44127.91 मीट्रिक टन किसान- 7507 किसानों को भुगतान- 86.68 करोड़ बाजरा खरीद- 4153.35 मीट्रिक टन किसान- 715 भुगतान 8.43 करोड़ पूर्वी उत्तर प्रदेश व लखनऊ संभाग के इन जनपदों में पहली नवंबर से शुरू होगी खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली नवम्बर से धान खरीद होगी। यह खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर व प्रयागराज संभाग में होगी। इसके साथ ही लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में भी पहली नवंबर से खरीद होगी, जो 28 फरवरी 2026 तक चलेगी। 

उत्तर प्रदेश में भीड़ का हंगामा: चोरी के आरोप में दो युवकों की जमकर पिटाई

झांसी/मऊरानीपुर यूपी के झांसी में मॉब लिंचिंग जैसा मामला सामने आया है। मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन पर चोरी के शक में भीड़ ने दो युवकों की बेरहमी से पिटाई कर दी। भीड़ ने दोनों युवकों को घसीट-घसीट कर पीटा। इतना ही नहीं दोनों युवकों के कपड़े भी फाड़ डाले। भीड़ की पिटाई से दोनों युवक बुरी तरह से घायल हो गए। किसी ने उसकी मदद नहीं कि, उल्टे लोग तमाशा बनकर देखते रहे। किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। हालांकि ‘हिन्दुस्तान’ ऐसे किसी वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। घटना मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन की है। यहां करीब 30 से 35 मिनट तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला। चोरी के शक में भीड़ ने दो युवकों को पीट दिया। भीड़ दोनों युवकों को प्लेटफार्म से घसीटकर पार्किंग एरिया तक ले आई। खास बात यह रही कि अन्य मुसाफिर तमाशा देखने रहे। किसी ने बचाने तक का प्रयास नहीं किया। मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात मुसाफिर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। रहे तभी हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया। चोरी के शक में भीड़ दो युवकों पर टूट पड़ी। उनके कपड़े फाड़ दिए। करीब आधे घंटे से अधिक पूरा मामला चलता रहा। जिससे आसपास अफरा-तफरी का माहौल हो गया। भीड़ का गुस्सा इतना तीखा था कि कोई उन्हें बचाने के लिए आगे नहीं आया। जबकि कई तो वीडियो बनाते रहे। यहीं नहीं भीड़ प्लेटफार्म से घसीटकर दोनों युवकों को पार्किंग एरिया तक लाई। जहां उनके साथ फिर मारपीट की गई। लोगों को इन दोनों पर चोरी का शक था। हालांकि कोई ऐसा सामान बरामद हुआ। सूचना पर मऊरानीपुर रेलवे पुलिस पहुंची। इस बीच भीड़ गायब हो गई। वहीं दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने प्राइवेट में अपना इलाज कराया। रेलवे पुलिस की मानें तो जांच की जा रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का स्थलीय निरीक्षण

उत्तर प्रदेश के विकास का प्रतीक बनेगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का स्थलीय निरीक्षण डोमेस्टिक टर्मिनल, सुरक्षा और उद्घाटन समारोह स्थल का लिया जायजा एयरपोर्ट के शुभारंभ की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ की विस्तृत समीक्षा सीएम ने दिए गुणवत्ता, समयबद्धता और यात्री सुविधा को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश उच्च मानकों के अनुरूप सभी निर्माण और सुरक्षा कार्य संपन्न कराए जाएंः मुख्यमंत्री उद्घाटन समारोह की तैयारियों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाएः सीएम योगी गौतमबुद्धनगर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने डॉमेस्टिक टर्मिनल, उद्घाटन समारोह स्थल, सुरक्षा प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट के बोर्डरूम में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) और एयरपोर्ट निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में परियोजना की प्रगति, आगामी कार्ययोजना और उद्घाटन समारोह की तैयारियों पर पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी गई। इस दौरान, सीएम योगी ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रदेश के विकास का प्रतीक बनेगा, इसलिए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और समन्वय सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में उच्च मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएँ और उद्घाटन समारोह की तैयारियों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सौंदर्यीकरण, स्वच्छता और यात्री सुविधा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए ठोस और समन्वित कार्ययोजना तैयार करने को कहा। एयरपोर्ट से जुड़ी सड़क और मेट्रो लिंक परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने नागरिक उड्डयन, सुरक्षा, विस्फोटक निरोधक दस्ता, नियंत्रण इकाई, उप स्टेशन और आधारभूत संरचना से संबंधित अद्यतन जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे के संचालन से जुड़े सभी तकनीकी, सुरक्षा एवं प्रशासनिक पहलुओं की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीओओ किरण जैन ने एनआईए अनुज्ञा निर्गमन, यात्री सुरक्षा, रनवे, वायुसंचालन परीक्षण और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को पूर्ण रूप से सुदृढ़ और चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए तथा कहा कि किसी भी प्रकार की शिथिलता अस्वीकार्य होगी। गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे से सड़क संपर्क, माल परिवहन संपर्क, अग्निशमन केंद्र, जल शोधन संयंत्र, जलभराव निस्तारण एवं वाहन पार्किंग की व्यवस्थाओं की भी विस्तार से समीक्षा की। नायल के सीईओ राकेश कुमार सिंह और नोडल अफसर शैलेन्द्र भाटिया ने प्रगति और कनेक्टिविटी के सम्बन्ध में अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों को सुगम एवं सुरक्षित अनुभव प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय सीमा में पूरी कर ली जाएं। उन्होंने निर्देश दिये कि हवाई अड्डे के सभी कार्यों की प्रगति नियमित रूप से समीक्षा कर गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। जनसभा स्थल तक सभी मार्गों पर यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था हो दुरुस्त मुख्यमंत्री ने आगामी जनसभा एवं रैली की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभा स्थल पर भूमि समतलीकरण, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पुलिस सुरक्षा, पेयजल, शौचालय और अन्य सभी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त रखा जाए ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जनसभा स्थल तक पहुंचने वाले सभी मार्गों पर यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था सुचारू रखी जाए तथा संपूर्ण क्षेत्र में सुरक्षा प्रबंध, स्वच्छता एवं प्रकाश की व्यवस्था उच्च स्तर की सुनिश्चित की जाए। 150 उड़ानें प्रतिदिन हो सकेंगी संचालित जेवर एयरपोर्ट का लोकार्पण कराए जाने वाले हिस्से का क्षेत्रफल 3,300 एकड़ है, जबकि कुल 6,700 एकड़ भूमि का अब तक अधिग्रहण किया जा चुका है शेष 5,100 एकड़ भूमि अगले तीन माह में ली जाएगी। भूमि क्रय की लागत लगभग ₹5,000 करोड़ और एयरपोर्ट निर्माण की लागत ₹7,000 करोड़ है। उद्घाटन के समय एयरपोर्ट एक रनवे के साथ क्रियाशील होगा और इसकी वार्षिक यात्री क्षमता 1.2 करोड़ होगी। साथ ही, औसतन प्रतिदिन 150 उड़ानें यहां से संचालित होंगी। भविष्य में यात्रियों की संख्या 1 करोड़ से अधिक होने पर दूसरे रनवे का निर्माण शुरू हो जाएगा और दोनों रनवे मिलकर 7 करोड़ यात्रियों की सेवा करेंगे। जेवर एयरपोर्ट के पूर्ण स्वरूप में कुल 5 रनवे होंगे, इसका कुल क्षेत्रफल 11,750 एकड़ होगा और यह प्रतिवर्ष 30 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम होगा। उत्तर प्रदेश में 24 एयरपोर्ट्स, 16 संचालित उत्तर प्रदेश में कुल 24 एयरपोर्ट्स हैं, जिनमें से 16 संचालित हो चुके हैं। वहीं जेवर एयरपोर्ट बनकर तैयार हो चुका है और अब इसका जल्द ही शुभारंभ होने वाला है। वहीं, 7 एयरपोर्ट्स निर्माणाधीन हैं। संचालित एयरपोर्ट्स में घरेलू स्तर पर आगरा, त्रिशूल (बरेली), गोरखपुर, हिंडन (गाजियाबाद), प्रयागराज, कानपुर, अलीगढ़, आजमगढ़, मुरादाबाद, श्रावस्ती, चित्रकूट और सहारनपुर शामिल हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर और अयोध्या एयरपोर्ट क्रियाशील हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शुभारंभ होते ही उत्तर प्रदेश 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाला देश का इकलौता राज्य बन जाएगा। निर्माणाधीन एयरपोर्ट्स की बात करें तो सोनभद्र, ललितपुर, मेरठ, गाजीपुर, झांसी, अमेठी और पलिया में भी इस पर तेजी से कार्य चल रहा है जो भविष्य में प्रदेश के वायु संपर्क और पर्यटन को और मजबूत करेंगे। योगी सरकार में सिविल एविएशन की तीव्र प्रगति उत्तर प्रदेश अब सिविल एविएशन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हो रहा है। वर्ष 2024-25 में करीब 1.5 करोड़ लोगों ने हवाई यात्रा की, जिसमें 1.3 करोड़ घरेलू यात्री तो वहीं 13 लाख से ज्यादा इंटरनेशनल यात्री शामिल रहे। 2017 से 2025 के बीच यात्री संख्या में 10.1 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि दर (सीएजीआर) से वृद्धि हुई है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की शुरुआत से लगभग 1 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। वहीं, बेहतर एयर कनेक्टिविटी से प्रदेश में पर्यटन को भी नया आयाम मिला है, विशेषकर अयोध्या और वाराणसी जैसे धार्मिक स्थलों पर … Read more

दो बार हुई असफल कोशिश, अब FNG एक्सप्रेसवे की सफाई में खर्च होंगे 23 करोड़

फरीदाबाद फरीदाबाद-नोएडा-गुरुग्राम (एफएनजी) एक्सप्रेसवे की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्राधिकरण ने एक बार फिर प्रयास तेज कर दिए हैं. अधूरी पड़ी इस परियोजना के पांच किलोमीटर हिस्से की सफाई के लिए तीसरी बार टेंडर जारी किया गया है. एजेंसियों से आवेदन 3 नवंबर तक मांगे गए हैं. यह टेंडर जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किया गया है. पहले दो टेंडर रहे बेअसर इससे पहले दो बार जारी किए गए टेंडर में कोई भी एजेंसी आगे नहीं आई थी. रखरखाव के अभाव में एक्सप्रेसवे की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है. टूटी सड़कों और जमा कचरे के कारण आवागमन में दिक्कत बढ़ी हैं. एफएनजी से सेवन एक्स समेत कई सेक्टर जुड़े हुए हैं, जिससे इसकी स्थिति शहर की स्वच्छता और यातायात दोनों को प्रभावित कर रही है. पांच सालों के लिए होगा टेंडर नए टेंडर के तहत चयनित एजेंसी को 5 वर्ष के लिए अनुबंधित किया जाएगा. सफाई कार्य के लिए प्राधिकरण स्वयं मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें उपलब्ध कराएगा. एजेंसी को इसके बदले 23.07 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा. प्राधिकरण का मानना है कि इस बार प्रक्रिया सफल होने पर एक्सप्रेसवे पर साफ सफाई नजर आएगी.

टर्मिनल ट्रायल में कामयाब नोएडा एयरपोर्ट, कर्मचारियों ने किया असली यात्री अनुभव

नोएडा चार वर्षों की अथक मेहनत, दिन-रात जारी निर्माण कार्य और अनगिनत घंटों की तपस्या…..इन सबका परिणाम शनिवार को उस वक्त झलका जब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कर्मचारियों ने खुद को पहली बार यात्री के रूप में महसूस किया. एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग में हुए इस विशेष ट्रायल में कर्मचारियों ने टिकट और पहचान पत्र के साथ सभी यात्री प्रक्रियाओं का अनुभव लिया. बिलकुल वैसे ही जैसे वास्तविक उड़ान के समय यात्री करते हैं. एयरपोर्ट बना उत्साह का केंद्र सुबह से ही माहौल उत्साहपूर्ण था. यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (यापल) की ओर से चयनित कर्मचारियों को बसों से टर्मिनल बिल्डिंग लाया गया. सुरक्षा जांच पूरी करने के बाद वे चेक-इन काउंटर पर पहुंचे, जहां टिकट और पहचान पत्र दिखाकर ऑनलाइन चेक-इन किया गया और बोर्डिंग पास सौंपे गए. लगेज कराया जमा कर्मचारियों ने अपने बैग और लगेज को बोर्डिंग प्रक्रिया के अनुसार जमा कराया. सामान का वजन करने के बाद उस पर बारकोड टैग लगाया गया और कन्वेयर बेल्ट के जरिए उसे स्कैन कर उड़ान क्षेत्र में भेजा गया. इस दौरान कर्मचारियों ने हैंड बैगेज और व्यक्तिगत वस्तुओं की सुरक्षा जांच भी पूरी की.   सुविधाओं की बारीकी से हुई जांच इस ट्रायल का मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट के हर सिस्टम, सुरक्षा प्रक्रिया और यात्री सुविधा की बारीकी से जांच करना था. यापल की टीम ने यह सुनिश्चित किया कि संचालन शुरू होने के बाद किसी भी यात्री को असुविधा न हो. ट्रायल के दौरान टर्मिनल की स्वचालित सीढ़ियां, कोर्ट यार्ड एरिया, एयरो ब्रिज कनेक्टिविटी और बैगेज हैंडलिंग सिस्टम की जांच की गई.