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त्रिकोणीय मुकाबला शुरू: बिहार-यूपी सीमा की 19 सीटों पर मायावती की एंट्री से बढ़ी राजनीतिक हलचल

पटना बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेजी से बढ़नी शुरू हो गई है। इसके साथ ही राजनीतिक गलियारों में सीटों के समीकरण, हार-जीत, जिताऊ प्रत्याशी से लेकर बिहार की राजनीति में उत्तर प्रदेश के असर की चर्चा शुरू है। बिहार के कई विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जो उत्तर प्रदेश से सटे हैं, लिहाजा इन क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश की राजनीति का असर भी देखने को मिलता है। चंपारण, सिवान, रोहतास, बक्सर, गोपालगंज, और कैमूर जैसे क्षेत्र हैं जहां चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश की सियासी लहर का असर दिखता है। इन क्षेत्रों के करीब 19 विधानसभा क्षेत्र हैं जो यूपी से लगते हैं। इन इलाकों में साल 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में आठ सीटों पर एनडीए, जबकि 10 सीटों पर महागठबंधन ने जीत दर्ज की थी। एक सीट चैनपुर पर बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार जमा खान ने जीत दर्ज कराई थी। हालांकि, जीतने के बाद वह जदयू में शामिल हो गए। अब एक बार फिर यहां चुनाव की तैयारी है।   एक ओर एनडीए के उम्मीदवार यहां से ताल ठोकने की तैयारी में हैं तो दूसरी ओर महागठबंधन के उम्मीदवार भी मैदान मारने को करीब-करीब तैयार हैं। इन दो प्रमुख गठबंधनों की राजनीतिक लड़ाई में अब यूपी की पार्टी बसपा भी किस्मत आजमाने उत्तर रही है। बसपा प्रमुख मायावती ने बीते दिनों यह घोषणा कर दी है कि उनकी पार्टी बिहार में अकेले सभी सीटों पर चुनाव मैदान में उतरेगी। उनकी पार्टी बिहार में किसी से गठबंधन नहीं करेगी। बसपा की इस घोषणा के बाद प्रदेश भाजपा भी उसकी काट की तैयारी में है। दूसरी ओर, महागठबंधन इस भरोसे में है कि बिहार की राजनीति में अन्य प्रदेश का प्रभाव बहुत असर नहीं डालने वाला। राजनीतिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बसपा को बिहार के अपने क्षेत्र में रोकने के लिए एनडीए ने सारा दारोमदार भाजपा के जिम्मे छोड़ा है। कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा उपमुख्यमंत्री और बिहार चुनाव के सह प्रभारी केशव प्रसाद मौर्य और योगी कैबिनेट के मंत्री दारा सिंह चौहान को भी यहां उतार दिया गया है। दूसरी ओर बसपा ने अपने चिरपरिचित चेहरे आकाश आनंद को चुनावी रणनीति बनाने से लेकर जिताऊ उम्मीदवारों के चयन तक का जिम्मा सौंपा है। मायावती को लेकर भी चर्चा है कि वे बिहार में कुछ प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार को आ सकती हैं। कांग्रेस भी सीमावर्ती क्षेत्र में अपनी पकड़ बनाने के लिए अपने कई राष्ट्रीय स्तर को मैदान में उतारेगी। दलों की इन तैयारियों को देखते हुए कहा जा सकता है बिहार-यूपी सीमा की सीटें तीन तरफा मुकाबले का अखाड़ा बन रही हैं। एनडीए अपनी सत्ता के भरोसे और संगठन के बूते मैदान में है तो महागठबंधन सामाजिक समीकरणों को संतुलित कर सत्ता की ओर बढ़ना चाहता है। वहीं, मायावती की बसपा तीसरे खिलाड़ी के रूप में अपने को स्थापित करने की कोशिश में जुटी है।  

सपा बनाम कांग्रेस: यूपी एमएलसी चुनाव में सीधी भिड़ंत, अजय राय की लिस्ट से बढ़ा सियासी रोमांच

लखनऊ  यूपी एमएलसी चुनाव में सपा और कांग्रेस आमने-सामने मैदान आ गए हैं। समाजवादी पार्टी के बाद शुक्रवार को कांग्रेस ने भी स्नातक और शिक्षक स्नातक विधानपरिषद सीट के लिए पांच प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान करते हुए यह भी कहा कि यूपी की सभी 11 सीटों पर कांग्रेस अपने प्रत्याशी उतारेगी। इससे पहले गुरुवार को सपा ने भी पांच सीटों के लिए प्रत्याशियों का ऐलान किया था। यूपी में फरवरी में एमएलसी चुनाव संभावित है। वोटर लिस्ट पुनरीक्षण का कार्य शुरू हो चुका है। कांग्रेस ने मेरठ-सहारनपुर स्नातक विधानपरिषद सीट पर विक्रांत वशिष्ठ को टिकट दिया है। आगरा स्नातक विधानपरिषद सीट पर रघुराज सिंह पाल को उतारा है। इसी तरह लखनऊ स्नातक विधानपरिषद सीट पर डॉ0 देवमणि तिवारी को मौका दिया गया है। वाराणसी शिक्षक विधानपरिषद सीट पर संजय प्रियदर्शी और वाराणसी स्नातक विधानपरिषद सीट पर अरविंद सिंह पटेल को प्रत्याशी बनाया गया है। अजय राय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी युवाओं और शिक्षकों की आवाज को सदन में बुलंद करने के लिए आगामी विधानपरिषद चुनाव में सभी 11 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय लखनऊ में एक कनेक्ट सेंटर स्थापित कर दिया गया है। प्रत्येक जिले में एक कोऑर्डिनेटर कमेटी बनाई जाएगी जो कनेक्ट सेंटर से जुड़ी रहेगी। सभी फ्रंटल, संगठनों को इसमें लगाया गया है। विधि, शिक्षक एवं चिकित्सा प्रकोष्ठ को इस चुनाव के लिए विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। कहा कि भाजपा सरकार में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है, नयी भर्तियां नहीं निकल रही हैं। परीक्षा हो रही तो पेपर लीक हो जा रहे हैं नतीजन बेरोजगार युवा रोजगार न मिलने से अवसाद से ग्रसित हो जा रहे हैं। शिक्षक इस वर्तमान सरकार में सबसे ज्यादा परेशान हैं। न तो वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय दिया गया और न ही सेवा सुरक्षा। एडेड कॉलेजों के शिक्षकों की सेवा सुरक्षा भी भाजपा सरकार ने समाप्त कर दी है। पुरानी पेंशन नहीं दी जा रही है। शिक्षकों के पद रिक्त हैं यह सरकार शिक्षा सेवा चयन आयोग बनाकर केवल मजाक कर रही है। प्राइमरी से लेकर डिग्री तक के शिक्षकों की भर्ती के लिए बनाया गया यह आयोग एक भी भर्ती न करा पा रहा है। इसी सरकार में बनाई गई चेयरमैन इस्तीफा दे रही हैं। 2021 में निकले विज्ञापनों की अभी तक परीक्षा नहीं हो पा रही है। 5 बार परीक्षा की तिथि घोषित करने के बाद परीक्षा टाल दी गई है।  

गरीब परिवारों का घर का सपना हुआ साकार, सीएम योगी ने गोरखपुर में दीपावली से पहले दिया खास तोहफा

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली से पहले गोरखपुर में गरीबों को अनमोल उपहार सौंपा। पाम पैराडाइज, देवरिया बाईपास स्थित हाई-राइज बिल्डिंग में 160 परिवारों को ईडब्ल्यूएस/एलआईजी फ्लैट्स की चाबियां भेंट कीं। इनमें 80 फ्लैट्स आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और 80 निम्न आय वर्ग (एलआईजी) के लिए हैं। साथ ही, गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की 118 करोड़ रुपए की 50 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। कार्यक्रम में सीएम ने पौधारोपण भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि हर परिवार की एक तमन्ना होती है कि उसका अपना एक घर हो, सर ढकने को छत मिले। आज 160 परिवारों को यह दीपावली का शुभ उपहार मिल रहा है। कार्तिक मास के शुभ मुहूर्त में यह उपलब्धि और भी खास है।  उन्होंने कहा कि एक परिवार में औसतन 5-6 सदस्य होने पर करीब 700-800 लोग सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। यह किसी भी व्यक्ति के लिए केवल आवास ही नहीं, बल्कि जीवन की महत्वपूर्ण घटना होती है। सीएम योगी ने कहा कि आवास वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ। जीडीए की हाउसिंग स्कीम में 40 विस्थापित परिवारों को प्राथमिकता दी गई। शेष 120 परिवारों का चयन लॉटरी से हुआ। 9,000 से अधिक आवेदनों में से ये सौभाग्यशाली हैं। विकास प्राधिकरण को चाहिए कि बाकी जरूरतमंदों के लिए आवास प्रक्रिया तेज करे। ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स 35 वर्ग मीटर के हैं, जिनकी बाजार कीमत 13-15 लाख रुपये है, लेकिन सब्सिडी से मात्र 5.40 लाख रुपये में उपलब्ध हैं। एलआईजी फ्लैट्स 41 वर्ग मीटर के हैं, बाजार मूल्य 19-20 लाख के मुकाबले 10.80 लाख रुपये में। उन्होंने कहा कि जब सरकार और जनप्रतिनिधि ईमानदार होंगे तो गरीबों को अपना घर मिलने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकेशन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस आवास के पास रामगढ़ ताल, जू और खोराबार के बेहतरीन स्थान हैं। यहीं पर कुछ दूरी पर सांसद रवि किशन का आवास भी है। हाई-राइज बिल्डिंग में सभी आधुनिक सुविधाएं हैं। उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरणों को चाहिए कि हाई-राइज़ बिल्डिंग के रखरखाव के लिए आवासीय समितियां गठित हों, जिससे लिफ्ट और अन्य व्यवस्थाओं का नियमित मेंटेनेंस हो सके। उन्होंने पूर्व योजनाओं गोरख एंक्लेव, राप्ती नगर और पत्रकारपुरम का भी उल्लेख किया। हर तबके-गरीब, स्ट्रीट वेंडर, श्रमिक, पत्रकार, अधिवक्ता, चिकित्सक, शिक्षक और व्यापारियों के लिए भी समय-समय पर विशेष योजनाएं लाई जाएंगी। सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के 11 वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर 4 करोड़ गरीबों को फ्री आवास उपलब्ध कराए गए हैं। उत्तर प्रदेश में 60 लाख से अधिक गरीबों को आवास मिल चुके हैं। अच्छी नियत से अच्छे कार्य होते हैं। जनता अच्छी सरकार चुनती है, तो विकास गरीब तक पहुंचता है। सीएम योगी ने कहा कि खोराबार स्कीम जल्द आगे बढ़ेगी। सीएम योगी ने कहा कि पिछले वर्ष प्रयागराज में माफियाओं से कब्जाई गई जमीन पर गरीबों के लिए 76 फ्लैट बनाए गए थे। इसी तरह लखनऊ में भी कब्जाई जमीन को मुक्त कर गरीबों को आवास दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में माफियाओं की हवेलियों की जगह गरीबों के लिए मकान खड़े होंगे।

IMD का ताज़ा अपडेट: यूपी के ये जिले होंगे बारिश और तबाही के लिए सबसे ज्यादा प्रभावित

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में अभी बारिश का सिलसिला थमा ही था कि मौसम विभाग ने एक ताजा अपडेट दे दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश से अब मॉनसून की वापसी लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन कई जिलों में मानसून की वापसी अभी नहीं हुई। जो हिस्से बचे हैं वहां से भी अगले 48 घंटों के दौरान मॉनसून के वापस लौटने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। इसी बीच कई इलाकों में मानसूनी बारिश होने की भी संभावना है।  मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश से मॉनसून पहले ही (24 और 26 सितंबर को) लौट गया था। इसके बाद जो बारिश हो रही थी वो भी बंद हो चुकी है। प्रदेश में अब शुष्क पछुआ और उत्तरी-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं। इन्हीं हवाओं के प्रभाव के कारण मानसून की वापसी होगी। इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की भी संभावना है।  इन जिलों में होगी बारिश  मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वांचल के दक्षिणी-पूर्वी भाग जैसे बलिया, गाजीपुर, चंदौली, सोनभद्र और मिर्जापुर और आसपास के इलाकों में मॉनसून की विदाई अभी भी बाकी है। इन जिलों में अगले 48 घंटे में बारिश होने की संभावना है। 

राज्य सरकार का बड़ा ऐलान: विदेश में करें करियर, महीने के 1 लाख+ कमाएँ!

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार अब केवल देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी युवाओं को रोजगार दिलाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसके तहत श्रम एवं सेवायोजन विभाग 14 और 15 अक्टूबर को गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) में रोजगार महाकुंभ आयोजित कर रहा है। इस मेले में युवाओं को यूएई और ओमान में नौकरी पाने का अवसर मिलेगा। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के कुशल और प्रशिक्षित युवा वैश्विक स्तर पर अवसर प्राप्त करें और विदेशों में काम कर सकें। इस मौके का लाभ उठाने के लिए युवाओं को रोजगार संगम पोर्टल rojgaarsangam.up.gov.in पर आवेदन करना होगा। भर्ती अभियान में कुल 10,655 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। कौन-कौन से पदों पर होगी भर्ती? विदेशी कंपनियों द्वारा आयोजित इस रोजगार महाकुंभ में यूएई और ओमान की कई प्रतिष्ठित कंपनियां हिस्सा लेंगी। ये कंपनियां मुख्य रूप से निर्माण और इंजीनियरिंग क्षेत्र से जुड़ी हैं। भर्ती के लिए उपलब्ध प्रमुख पद हैं:     कंस्ट्रक्शन वर्कर     सुपरवाइजर रिगिंग     मोबाइल पंप ऑपरेटर     ट्रांजिट मिक्सर ड्राइवर     फोरमैन सिविल     हैवी ट्रक ड्राइवर     बस चालक     शटरिंग कारपेंटर     कैंप बॉस     स्टील फिक्सर     कंस्ट्रक्शन हेल्पर सैलरी और अन्य सुविधाएं रिपोर्ट्स के अनुसार, चयनित उम्मीदवारों को प्रत्येक पद के अनुसार वेतन मिलेगा:     सुपरवाइजर रिगिंग: ₹1,20,760/माह     मोबाइल पंप ऑपरेटर: ₹90,643/माह     ट्रांजिट मिक्सर ड्राइवर: ₹72,514/माह     फोरमैन सिविल: ₹66,422/माह     हैवी ट्रक ड्राइवर: ₹58,011/माह     बस चालक: ₹53,177/माह     शटरिंग कारपेंटर: ₹28,800/माह     कंस्ट्रक्शन हेल्पर: ₹24,000/माह इसके साथ ही खाने और रहने की सुविधा मुफ्त में उपलब्ध होगी।   कैसे करें आवेदन? युवाओं को rojgaarsangam.up.gov.in वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया सरल है:     पंजीकरण करें     एडमिट कार्ड डाउनलोड करें (QR कोड के माध्यम से)     एडमिट कार्ड लेकर रोजगार मेले में भाग लें यह सुनहरा अवसर प्रदेश के युवाओं को न केवल देश में बल्कि विदेशों में स्वप्नवत करियर बनाने का मौका देता है। जितनी जल्दी करें आवेदन, उतना बेहतर! यदि आप विदेश में नौकरी का सपना देख रहे हैं, तो 14 और 15 अक्टूबर को आयोजित इस महाकुंभ में अपनी जगह सुनिश्चित करना न भूलें।  

इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया में टीम लखनऊ के योद्धाओं को किया गया सम्मानित

टीम लखनऊ ने पंजाब और हिमांचल प्रदेश के बाढ़ पीड़ित परिवारों की मदद करके लखनऊ का नाम किया रोशन मुश्किल में पड़े इंसानों की मदद करना एक बहुत बड़ी इबादत है:मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली  लखनऊ पैग़म्बर हज़रत मोहम्मद साहब (स.अ.व.) ने अल्लाह की मख़लूक़ (प्राणियों) के साथ अच्छा बर्ताव करने और ज़रूरतमंदों की मदद करने की तालीम दी है। इसलिए, मुश्किल में पड़े इंसानों की मदद करना एक बहुत बड़ी इबादत है।यह बात लखनऊ के शाही इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने उस अवसर पर कही जब टीम लखनऊ ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश में बाढ़ से प्रभावित लोगों की सेवा के पश्चात लौटकर इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया में अपने राहत अभियान की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर मौलाना खालिद रशीद साहब ने टीम लखनऊ के सभी सदस्यों मुर्तज़ा अली, क़ुदरत उल्ला ख़ान, जुबैर अहमद,अब्दुल वहीद,जशबीर गांधी और वामिक ख़ान का शाल और फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया और उनकी सेवाओं की भूरी-भूरी प्रशंसा की।इस अवसर पर टीम लखनऊ के लीडर ने इस अभियान में मदद करने वाले सभी संस्थाओं का शुक्रिया अदा किया। टीम लखनऊ के मीडिया प्रभारी अब्दुल वहीद ने बताया कि पंजाब में टीम लखनऊ ने सेना के सहयोग से एक सप्ताह तक लगभग 30 टन राहत सामग्री बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बांटी जबकि टीम लखनऊ के जांबाज योद्धा हिमांचल प्रदेश की दुर्गम पहाड़ियों की चोटी तक सेना की मदद से लगभग 10 टन राहत सामग्री जरूरतमंदों के बीच पहुंचाया।पंजाब और हिमांचल प्रदेश में लगातार 12 दिनों तक बाढ़ पीड़ितों की ऐतिहासिक मदद करने वाली टीम में मुर्तुजा अली)टीम लीडर,अब्दुल वहीद (संस्थापक सदस्य),जुबैर अहमद(संस्थापक सदस्य),कुदरत उल्ला खान(संस्थापक सदस्य),जशबीर गांधी(संस्थापक सदस्य),वामिक खान(संस्थापक सदस्य),शाहबाज खान(सदस्य), एडविन( सदस्य),निहिल(सदस्य), इरफान शेख(सदस्य)आदि प्रमुख थे।

आवास विकास का धमाका ऑफर: कम ब्याज, भारी छूट और लम्बी EMI सुविधा सिर्फ दिवाली पर!

लखनऊ उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद (UPAVP) ने अपनी 2273वीं बोर्ड बैठक में दिवाली से पहले आम जनता के लिए घर खरीदना आसान बनाने वाले कई बड़े फैसले लिए हैं. 2000 से अधिक खाली पड़े फ्लैटों को जल्द बेचने के लिए 15% तक की छूट, ब्याज दर में भारी कटौती और 50% भुगतान पर कब्जे जैसे आकर्षक ऑफर दिए गए हैं. इसके अलावा, लखनऊ की अवध विहार योजना में रुका हुआ निर्माण फिर से शुरू होगा, जबकि पुरानी योजनाओं में हुई अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई के आदेश भी जारी हुए हैं. एक साथ पांच जिलों में 5,502 करोड़ की नई आवासीय योजनाओं को हरी झंडी देकर परिषद ने राज्य भर में आवासीय योजनाओं की नई शुरुआत की है. बोर्ड बैठक में लिया गया सबसे चर्चित फैसला खाली फ्लैटों की बिक्री को बढ़ावा देने वाला है. परिषद के पास इस वक्त 2000 से ज्यादा फ्लैट खाली पड़े हैं, जिन्हें दिवाली के मौके पर विशेष छूट के साथ बेचा जाएगा. अब तक 60 दिनों में पूरा भुगतान करने पर सिर्फ 5% छूट मिलती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 15% कर दिया गया है. वहीं, 90 दिनों के भीतर भुगतान पर 10% छूट का प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही, फ्लैट की कीमत का 50% भुगतान करने पर ही खरीदार को कब्जा मिल जाएगा, जबकि बाकी राशि को 10 वर्षों की आसान किश्तों में चुकाना होगा. सबसे बड़ी राहत ब्याज दर में है. पहले 11.50% थी, अब घटाकर 8.50% कर दी गई है.   अपर मुख्य सचिव आवास एवं शहरी नियोजन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ये फैसले आम आदमी के लिए घर का सपना साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं. आवास आयुक्त डॉ. नीरज शुक्ला ने बताया, ये ऑफर विशेष रूप से सरकारी कर्मचारियों और मध्यम वर्ग के लिए हैं. पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर आवंटन होगा. हमारा लक्ष्य है कि दिवाली तक कम से कम 500 फ्लैट बिक जाएं. लखनऊ की अवध विहार योजना सेक्टर के तहत 7D में सरयू एनक्लेव के 7 प्रस्तावित टावरों का निर्माण अब फिर से शुरू होगा. 2017 में कम मांग के कारण यहां पर काम रुक गया था, जिसमें सिर्फ 27 फ्लैट ही बिक पाए थे. 2018 में दोबारा शुरू हुए काम में भी सिर्फ दो टावरों का कुछ हिस्सा बन पाया, बाकी रुक गया. ऑडिट में सामने आया कि अब तक 48 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, जिस पर आपत्ति दर्ज की गई थी. बोर्ड ने फैसला लिया है कि बाकी टावरों को ‘जैसा है वैसे में’ 319 करोड़ रुपये में नीलाम किया जाएगा. खरीदार को न केवल निर्माण पूरा करना होगा, बल्कि पहले से बिके 27 फ्लैट मालिकों को परिषद द्वारा दी गई सभी सुविधाएं (जैसे पार्किंग, सिक्योरिटी) भी उपलब्ध करानी पड़ेंगी. इससे न केवल परिषद को राजस्व मिलेगा, बल्कि सैकड़ों फ्लैटों का निर्माण भी पूरा हो सकेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम निजी बिल्डरों को आकर्षित करेगा और योजना को नई जिंदगी देगा. सहारनपुर में डिमांड सर्वे की प्रक्रिया पर काम शुरू सहारनपुर जिले के लिए डिमांड सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. ऐसे में यहां जल्द ही नई योजना की घोषणा की जा सकती है. ये योजनाएं न केवल हजारों प्लॉट और फ्लैट उपलब्ध कराएंगी, बल्कि स्थानीय रोजगार और बुनियादी ढांचे को भी मजबूत करेंगी.  

सीएम योगी ने गोरखपुर में किया यूपी ट्रेड शो स्वदेशी मेला का शुभारंभ

इंफ्रास्ट्रक्चर, कारोबारी सुगमता व सुरक्षा से आया व्यापक निवेश : मुख्यमंत्री सीएम योगी ने गोरखपुर में किया यूपी ट्रेड शो स्वदेशी मेला का शुभारंभ देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा उत्तर प्रदेश : मुख्यमंत्री बीमारू राज्य से उद्यम प्रदेश बनना, यूपी की नई तस्वीर  : मुख्यमंत्री गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जहां इंफ्रास्ट्रक्चर, कारोबारी सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) और मजबूत कानून व्यवस्था से सुरक्षा का माहौल हो तो वहां दुनिया के निवेश को आने से कोई भी नहीं रोक सकता। उत्तर प्रदेश में आज शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर है, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस है तो यहां की कानून व्यवस्था नजीर मानी जाती है। इनके समन्वय से उत्तर प्रदेश में देश और दुनिया से व्यापक निवेश आया है। आज का उत्तर प्रदेश, देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।  सीएम योगी शुक्रवार को गोरखपुर के चंपा देवी पार्क में आयोजित यूपी ट्रेड शो स्वदेशी मेला के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी मेला का आयोजन राज्य के हर जिले में हो रहा है। इसके पहले प्रदेश में बने उत्पादों को मंच देने के लिए 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन किया गया था। इंटरनेशनल ट्रेड शो में 2250 से अधिक उद्यमियों ने अपने उत्पादों की शो केसिंग की थी। 500 से अधिक विदेशी क्रेता यहां आए थे और इस ट्रेड शो में 11200 करोड रुपये के उत्पादों की बिक्री हुई। यह नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर है जो बीमारू राज्य से उबरकर इसे उद्यम प्रदेश के रूप में प्रस्तुत करती है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उद्यम लगेंगे तो रोजगार मिलेगा। उद्यम लगेंगे तो कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी और उस कनेक्टिविटी की सुविधा का लाभ उद्योग ही नहीं बल्कि आम नागरिकों को भी मिलेगा। उद्यम लगेंगे तो नई तकनीकी आएगी और रोजगार के नए-नए अवसर भी सृजित होंगे। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने जो प्रगति की है, उससे वह बीमारू की छवि से बाहर निकलकर देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है।  सपना था 2017 के पहले यूपी में उद्यम लगाना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में उद्यम लगाना एक सपना था। तब ऐसी अराजकता थी कि लोग यूपी से भागने की फिराक में रहते थे। 2017 के बाद डबल इंजन सरकार में सुरक्षा का जबरदस्त वातावरण बना। जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई। उद्योगों से जुड़े नियमों का सरलीकरण किया गया। इस ऑफ़ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाया गया। एमएसएमई में एक हजार दिनों तक एनओसी लेने की छूट दी गई। इससे उद्यमिता का जबरदस्त माहौल बना। प्रदेश में जो एमएसएमई यूनिट्स बंद हो रही थी, उन्हें संजीवनी मिलने लगी। आज एमएसएमई सेक्टर में 96 लाख यूनिट क्रियाशील हैं और इसके जरिए दो करोड लोगों को नौकरी और रोजगार मिलना सुनिश्चित हुआ है। सीएम योगी ने कहा कि कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार सृजन एमएसएमई में है। यह संकट के समय में भी रोजगार देने वाला क्षेत्र है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के दौर में जब देश के अन्य राज्यों से 40 लाख श्रमिक उत्तर प्रदेश आए, तब उन्हें एमएसएमई सेक्टर का ही सहारा मिला।  हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का मॉडल बन रहा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भरता के हर एक क्षेत्र में मॉडल बनता जा रहा है। उत्तर प्रदेश ने कानून व्यवस्था के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है। हाईवे, रेलवे, एयरवे, इनलैंड वॉटरवे में प्रगति की लंबी छलांग लगाई है। उन्होंने कहा कि 2017 के पूर्व उत्तर प्रदेश में मात्र दो एयरपोर्ट की क्रियाशील थे जबकि आज 16 एयरपोर्ट क्रियाशील हैं। देश का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट नोएडा के जेवर में बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के 6 छह शहरों में मेट्रो ट्रेन की सेवाएं मिल रही हैं। राज्य के सभी बड़े शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। इस माह प्रदेश में इलेक्ट्रिक बस निर्माण के उद्यम का उद्घाटन भी होने जा रहा है। अब इलेक्ट्रिक बस उत्तर प्रदेश में भी बनेगी। इससे पर्यावरण संरक्षण तो होगा ही रोजगार भी बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का पहला इनलैंड वॉटरवे वाराणसी से हल्दिया तक उत्तर प्रदेश में है। देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क उत्तर प्रदेश के पास है। देश में पहली रैपिड रेल चलाने वाला राज्य उत्तर प्रदेश है। सड़कों के मामले में सबसे सुदृढ़ इंटरस्टेट कनेक्टिविटी उत्तर प्रदेश की है। यूपी में गांव गांव तक सड़कों का संजाल बिछ चुका है।  स्वदेशी अपनाएं, ताकि देश में ही रहे देश का पैसा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नागरिकों से स्वदेशी वस्तुओं का ही इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब हम स्वदेशी अपनाएंगे तो कारीगरों, शिल्पियों के श्रम का सम्मान होगा। स्वदेशी से देश का पैसा देश में ही रहेगा। स्वदेशी का मुनाफा देश के निर्माण के काम आएगा। उन्होंने सचेत किया कि विदेशी वस्तुओं के खरीदने पर उसके मुनाफे का पैसा कई बार देश के खिलाफ, आतंकवाद, नक्सलवाद और अलगाववाद पर खर्च होता है। उन्होंने कहा कि जब देश का पैसा स्वदेशी के माध्यम से देश में ही खर्च होगा तो विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित गोरखपुर का सपना भी तेजी से साकार होगा। आगे बढ़ाना है वोकल फॉर लोकल और लोकल फॉर ग्लोबल के अभियान को सीएम योगी ने स्वदेशी के माध्यम से हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल और लोकल फॉर ग्लोबल के अभियान को आगे बढ़ाना है। सब लोग ठान लें तो कोई बाधा भी नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले दीपावली पर लक्ष्मी जी और गणेश जी की मूर्तियां उस चीन से आती थीं जो देवी देवताओं पर विश्वास ही नहीं करता है। आज ओडीओपी के जरिये टेराकोटा की मिट्टी की बनी मूर्तियां मार्केट में हैं। अब तो टेराकोटा को जीआई टैग भी मिल गया है। यह देश दुनिया में कहीं भी बिना किसी सवाल के बिक सकता है। सीएम ने बताया कि उत्तर प्रदेश सर्वाधिक जीआई टैग उपलब्ध कराने वाला राज्य है। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक प्रगति की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ … Read more

मासिक धर्म पर हुई खुली बातचीत, स्वच्छता, स्वास्थ्य और आत्मसम्मान से सशक्त हुई बालिकाएं

मिशन शक्ति 5.0: व्यक्तिगत स्वच्छता संवाद से बेटियों का बढ़ा आत्मविश्वास मासिक धर्म पर हुई खुली बातचीत, स्वच्छता, स्वास्थ्य और आत्मसम्मान से सशक्त हुई बालिकाएं विशेषज्ञों ने बताया सेनेटरी पैड का सुरक्षित उपयोग और भ्रांतियों का समाधान – प्रदेश के सभी 131 बाल देखरेख संस्थानों में आयोजित हुआ संवाद कार्यक्रम – मिशन शक्ति अभियान के पांचवें चरण ने छुआ जन-जागरूकता का नया रिकॉर्ड – विभिन्न अभियानों और कार्यक्रमों के माध्यम से 14.64 लाख से अधिक लोगों तक पहुंची योगी सरकार लखनऊ  मिशन शक्ति 5.0 के तहत योगी सरकार ने बालिकाओं के स्वास्थ्य और आत्मसम्मान को सशक्त करने की दिशा में एक और क्रांतिकारी कदम उठाया है। अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह (3 से 11 अक्टूबर) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के सभी महिला व बाल देखरेख संस्थानों में 'व्यक्तिगत स्वच्छता संवाद' कार्यक्रम ने बालिकाओं में मासिक धर्म स्वच्छता और व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति नई चेतना जगाई। योगी सरकार के इस पहल ने न केवल स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा दिया, बल्कि मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों को तोड़कर बालिकाओं को आत्मविश्वास और स्वाभिमान की सीख भी दी। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रशिक्षकों ने बालिकाओं से खुलकर संवाद किया। सेनेटरी पैड के सुरक्षित उपयोग, उनके उचित निस्तारण और मासिक धर्म से जुड़े मिथकों पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से चर्चा हुई। बालिकाओं ने बेझिझक अपने सवाल रखे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल और स्पष्ट जवाब दिया। यह संवाद न केवल स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि बालिकाओं को यह सिखाने में सफल रहा कि स्वच्छता उनके आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की नींव है।  महिलाओं के प्रति समाज में व्याप्त झिझक को तोड़ने में कामयाब हो रही है योगी सरकार इस कार्यक्रम के जरिए प्रदेश सरकार मासिक धर्म को सामान्य और प्राकृतिक प्रक्रिया के रूप में स्थापित कर समाज में व्याप्त झिझक को तोड़ने में कामयाब हो रही है। स्वच्छता की कमी से होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं जैसे संक्रमण और प्रजनन संबंधी जटिलताएं बालिकाओं के भविष्य को प्रभावित करती हैं। मिशन शक्ति के इस प्रयास ने न केवल जागरूकता फैलाई, बल्कि बालिकाओं को यह विश्वास दिलाया कि वे अपने स्वास्थ्य और सम्मान के लिए स्वयं निर्णय ले सकती हैं। योगी सरकार का यह अभियान नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है। व्यक्तिगत स्वच्छता पर केंद्रित यह संवाद बालिकाओं के सुनहरे भविष्य की नींव रख रहा है, जहां स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और स्वाभिमान उनके जीवन का आधार बनेंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जोहरी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि व्यक्तिगत स्वच्छता पर जागरूकता बालिकाओं के संपूर्ण विकास का अभिन्न हिस्सा है। मासिक धर्म स्वच्छता पर खुलकर संवाद समाज को स्वस्थ और सशक्त बनाएगा। मिशन शक्ति 5.0 के तहत योगी सरकार बालिकाओं को न केवल शिक्षित और आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि उनके स्वास्थ्य और सम्मान को प्राथमिकता दे रही है। बता दें कि प्रदेश में संचालित 131 बाल देखरेख संस्थानों, 8 महिला शरणालयों, एक संरक्षण गृह और मानसिक मंदित महिलाओं के लिए प्रकोष्ठ के माध्यम से विपरीत परिस्थितियों में फंसी बालिकाओं और महिलाओं को आश्रय, कौशल विकास और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य हो रहा है। यहां रह रही महिलाएं औऱ बालिकाओं को व्यक्तिगत स्वच्छता के लिए जागरूक किया गया।   मिशन शक्ति 5.0 के पांचवें चरण में 22 सितंबर से 10 अक्टूबर तक 14.64 लाख से अधिक लोगों को जागरूक किया गया, जिसमें महिलाएं, पुरुष, बालक और बालिकाएं शामिल हैं।

सीएम योगी ने गोरखपुर में 160 परिवारों को सौंपी फ्लैट की चाबी

गरीबों को दीपावली से पहले घर का सपना हुआ साकार सीएम योगी ने गोरखपुर में 160 परिवारों को सौंपी फ्लैट की चाबी मुख्यमंत्री 118 करोड़ की 50 विकास परियोजनाओं का किया उद्घाटन व शिलान्यास – सीएम योगी ने कहा- हाई-राइज बिल्डिंग में सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध, रखरखाव के लिए गठित हों आवासीय समितियाँ  – आवास वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ, जीडीए की हाउसिंग स्कीम में 40 विस्थापित परिवारों को मिली प्राथमिकता- मुख्यमंत्री – उत्तर प्रदेश में 60 लाख से अधिक गरीबों को मिल चुका है अपना आवास- सीएम योगी – प्रदेश में माफियाओं द्वारा कब्जाई जमीन को मुक्त कर गरीबों को दिए जा रहे हैं आवास- मुख्यमंत्री  – उत्तर प्रदेश में माफियाओं की हवेलियों की जगह गरीबों के लिए मकान खड़े होंगे- सीएम योगी गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली से पहले गोरखपुर में गरीबों को अनमोल उपहार सौंपा। पाम पैराडाइज, देवरिया बाईपास स्थित हाई-राइज बिल्डिंग में 160 परिवारों को ईडब्ल्यूएस/एलआईजी फ्लैट्स की चाबियां भेंट कीं। इनमें 80 फ्लैट्स आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और 80 निम्न आय वर्ग (एलआईजी) के लिए हैं। साथ ही, गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की 118 करोड़ रुपये की 50 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। कार्यक्रम में सीएम ने पौधारोपण भी किया।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि हर परिवार की एक तमन्ना होती है कि उसका अपना एक घर हो, सर ढकने को छत मिले। आज 160 परिवारों को यह दीपावली का शुभ उपहार मिल रहा है। कार्तिक मास के शुभ मुहूर्त में यह उपलब्धि और भी खास है। उन्होंने कहा कि एक परिवार में औसतन 5-6 सदस्य होने पर करीब 700-800 लोग सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। यह किसी भी व्यक्ति के लिए केवल आवास ही नहीं, बल्कि जीवन की महत्वपूर्ण घटना होती है। आवास वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ- सीएम योगी सीएम योगी ने कहा कि आवास वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ। जीडीए की हाउसिंग स्कीम में 40 विस्थापित परिवारों को प्राथमिकता दी गई। शेष 120 परिवारों का चयन लॉटरी से हुआ। 9,000 से अधिक आवेदनों में से ये सौभाग्यशाली हैं। विकास प्राधिकरण को चाहिए कि बाकी जरूरतमंदों के लिए आवास प्रक्रिया तेज करें। ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स 35 वर्ग मीटर के हैं, जिनकी बाजार कीमत 13-15 लाख रुपये है, लेकिन सब्सिडी से मात्र 5.40 लाख रुपये में उपलब्ध। एलआईजी फ्लैट्स 41 वर्ग मीटर के हैं, बाजार मूल्य 19-20 लाख के मुकाबले 10.80 लाख रुपये में। उन्होंने कहा कि जब सरकार और जनप्रतिनिधि ईमानदार होंगे तो गरीबों को अपना घर मिलने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने की आवास के लोकेशन की तारीफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकेशन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस आवास के पास रामगढ़ ताल, जू और खोराबार का बेहतरीन स्थान है। यहीं पर कुछ दूरी पर सांसद रवि किशन का आवास भी है। हाई-राइज बिल्डिंग में सभी आधुनिक सुविधाएं है। उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरणों को चाहिए कि हाईराइज बिल्डिंग के रखरखाव के लिए आवासीय समितियाँ गठित हों, जिससे लिफ्ट और अन्य व्यवस्थाओं का नियमित मेंटेनेंस हो सके। उन्होंने पूर्व योजनाओं गोरख एंक्लेव, राप्ती नगर और पत्रकारपुरम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हर तबके गरीब, स्ट्रीट वेंडर, श्रमिक, पत्रकार, अधिवक्ता, चिकित्सक, शिक्षक, और व्यापारियों के लिए के लिए भी समय-समय पर विशेष योजनाएँ लाई जाएँगी। उत्तर प्रदेश में 60 लाख से अधिक गरीबों को मिल चुके हैं आवास  सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के 11 वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर 4 करोड़ गरीबों को फ्री आवास उपलब्ध कराए गए हैं। उत्तर प्रदेश में 60 लाख से अधिक गरीबों को आवास मिल चुके हैं। अच्छी नियत से अच्छे कार्य होते हैं। जनता अच्छी सरकार चुनती है, तो विकास गरीब तक पहुंचता है। सीएम योगी ने कहा कि खोराबार स्कीम जल्द आगे बढ़ेगी। माफियाओं द्वारा कब्जाए जमीन पर गरीबों के लिए बन रहे आवास सीएम योगी ने कहा कि पिछले वर्ष प्रयागराज में माफियाओं से कब्जाई गई जमीन पर गरीबों के लिए 76 फ्लैट बनाए गए थे। इसी तरह लखनऊ में भी कब्जाई जमीन को मुक्त कर गरीबों को आवास दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में माफियाओं की हवेलियों की जगह गरीबों के लिए मकान खड़े होंगे। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान, सांसद रवि किशन शुक्ल, यूपी के गोरखपुर जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक फतेह बहादुर सिंह, महेंद्र पाल सिंह, विपिन सिंह, श्रीराम चौहान, राजेश त्रिपाठी, प्रदीप शुक्ल, यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी समेत कई जनप्रतिनिधि व गणमान्यय मौजूद रहे।