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सीएम युवा कॉन्क्लेव ने लिखी नई इबारत, 12 हजार से अधिक बिजनेस इंक्वायरी और 9,200 पंजीकरण हुए दर्ज

सीएम युवा कॉन्क्लेव ने युवा उद्यमियों को किया प्रोत्साहित  सीएम युवा कॉन्क्लेव ने लिखी नई इबारत, 12 हजार से अधिक बिजनेस इंक्वायरी और 9,200 पंजीकरण हुए दर्ज कॉन्क्लेव में 5 दिनों के अंदर 377 बिज़नेस-टू-बिज़नेस (B2B) मीटिंग्स और 90 बिज़नेस प्रजेंटेशंस भी दर्ज किए गए यूपीआईटीएस 2025 में युवाओं की रही अद्भुत भागीदारी, सीएम युवा मिशन को मिला “अवार्ड ऑफ ऑनर” युवाओं को नए-नए बिजनेस मॉडल्स से कराया रूबरू, उद्यमशीलता और स्वरोजगार की दिशा में नए अवसर भी खोले आयोजन के बाद बड़ी संख्या में युवा सीएम युवा योजना का लाभ उठाने के लिए कर सकते हैं आवेदन लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी सीएम युवा मिशन के तहत आयोजित सीएम युवा कॉन्क्लेव उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2025 का सबसे बड़ा आकर्षण बनकर उभरा। पांच दिवसीय आयोजन ने न केवल युवाओं को नए-नए बिजनेस मॉडल्स से रूबरू कराया बल्कि उद्यमशीलता और स्वरोजगार की दिशा में नए अवसर भी खोले। इस पांच दिवसीय आयोजन के दौरान कुल 12,025 बिज़नेस इंक्वायरी, 9,200 पंजीकरण, 377 बिज़नेस-टू-बिज़नेस (B2B) मीटिंग्स और 90 बिज़नेस प्रजेंटेशंस दर्ज किए गए। उल्लेखनीय है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना सीएम युवा तेजी से युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रही है। ग्रेटर नोएडा में आयोजित इस कॉन्क्लेव और एक्सपो ने साबित कर दिया कि प्रदेश के युवा स्टार्टअप, उद्यमशीलता, स्वरोजगार और नवाचार की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। सरकार को उम्मीद है कि इस आयोजन के बाद बड़ी संख्या में युवा इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन करेंगे।  युवाओं के लिए प्रेरणा का मंच बना कॉन्क्लेव सीएम युवा के नोडल और ज्वॉइंट कमिश्नर इंडस्ट्रीज सर्वेश्वर शुक्ला ने बताया कि 5 दिन के कॉन्क्लेव में कई प्रसिद्ध फ्रेंचाइज़ ब्रांड्स, मशीनरी सप्लायर्स और बिजनेस-ऑन-व्हील्स वेंचर्स ने भाग लिया। इनमें डॉक्टर मोरिंगा, एमबीए मखानेवाला, हनीमैन, चीजी क्रेजी कैफे और ओसियन एंटरप्राइज़ जैसे ब्रांड्स ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं। इन प्रस्तुतियों ने युवाओं को नवाचार और टिकाऊ बिजनेस मॉडल की दिशा में प्रेरित किया। टॉप-5 ब्रांड्स रहे आकर्षण का केंद्र सबसे अधिक व्यवसायिक पूछताछ प्राप्त करने वाले ब्रांड्स में ओसियन एंटरप्राइजेज (700+), यूपीसीएस स्टोर (650+), एमबीए मक्खनवाला (550+), प्रॉस्पर ग्रुप (500+) और आईक्यूटीएम (450+) शामिल रहे। अवार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित सीएम युवा मिशन को यूपीआईटीएस 2025 की सफलता में उत्कृष्ट योगदान के लिए “अवार्ड ऑफ ऑनर” प्रदान किया गया। यह सम्मान भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने प्रदेश के कैबिनेट मंत्री (औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन, एनआरआई एवं निवेश प्रोत्साहन) नंद गोपाल नंदी, मंत्री (एमएसएमई, खादी, ग्रामोद्योग, रेशम एवं वस्त्र) राकेश सचान, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन आलोक कुमार और मिशन डायरेक्टर-सीएम युवा के. विजयेन्द्र पांडियन की मौजूदगी में प्रदान किया। युवाओं की अद्भुत भागीदारी कॉन्क्लेव में मेरठ, सहारनपुर, आगरा और अलीगढ़ मंडलों से 3,700 से अधिक युवाओं की सक्रिय भागीदारी रही। बड़ी संख्या में छात्र और नवोद्यमी सीएम युवा पवेलियन में पहुंचे और विभिन्न बिज़नेस मॉडल्स को समझने के साथ-साथ अपने सवालों के समाधान भी पाए।  

राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में युवाओं को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण और पाठ्य सामग्री

प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत 20 अक्टूबर तक शुरू होगा कौशल प्रशिक्षण राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में युवाओं को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण और पाठ्य सामग्री उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने प्रशिक्षण प्रदाताओं को आवंटित किए लक्ष्य  योगी सरकार की पहल पर युवाओं को मिलेगा रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रोजेक्ट प्रवीण के अंतर्गत पूरे प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कौशल प्रशिक्षण प्रारम्भ कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने इसके लिए प्रशिक्षण प्रदाताओं को लक्ष्य आवंटित किए हैं। 20 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से शुरू होंगे बैच कौशल विकास मिशन की ओर से निर्देश दिया गया है कि प्रशिक्षण प्रदाता नियमानुसार प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करें और जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई की अनुमोदन प्रक्रिया के बाद 20 अक्टूबर 2025 तक अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण बैच प्रारम्भ करें। इस अवसर पर पंजीकृत प्रशिक्षणार्थियों को निःशुल्क पाठ्य सामग्री वितरित की जाएगी। वितरण की प्रक्रिया जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में होगी। ऑनलाइन मॉनिटरिंग और पारदर्शिता यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रशिक्षण प्रदाताओं को पाठ्य सामग्री वितरण और बैच प्रारम्भ संबंधी न्यूनतम तीन फोटोग्राफ तथा वितरण पावती रसीद को जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई से सत्यापित कराकर मिशन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। शिक्षा के साथ कौशल विकास पर जोर योगी सरकार का मानना है कि पारंपरिक शिक्षा के साथ रोजगारोन्मुख कौशल युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा। प्रोजेक्ट प्रवीण इसी सोच का हिस्सा है, जिसके तहत न केवल माध्यमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को कौशल प्रशिक्षण बल्कि आवश्यक अध्ययन सामग्री भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।   इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता-2025 के पंजीकरण की तिथि 15 अक्टूबर तक बढ़ी  उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की अपर मिशन निदेशक प्रिया सिंह ने शुक्रवार को इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता-2025 के अंतर्गत चल रहे पंजीकरण की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने जिला परियोजना प्रबंधन इकाइयों (डीपीएमयू) के साथ बैठक कर युवाओं के पंजीकरण की गति तेज करने के निर्देश दिए। अपर मिशन निदेशक ने कहा कि प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों को विशेष अभियान चलाना होगा। उन्होंने कहा  कि युवाओं को कौशल प्रतियोगिता से जोड़ने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार, परामर्श शिविर और संस्थागत समन्वय की कार्यवाही शीघ्र बढ़ाई जाए। पंजीकरण की अंतिम तिथि अब 15 अक्टूबर 2025 तक बढ़ने पर उन्होंने सभी जिला परियोजना प्रबंधन इकाइयों को निर्देशित किया कि वे लक्षित युवाओं से सीधे संवाद स्थापित करें तथा पंजीकरण संख्या में  वृद्धि सुनिश्चित करें। प्रतियोगिता से जुड़ी विस्तृत जानकारी एवं पंजीकरण की सुविधा https://www.skillindiadigital.gov.in पर उपलब्ध है।  

बरेली से फैला विवाद: संभल, मेरठ और सहारनपुर में हाई अलर्ट, प्रशासन सतर्क

संभल  उत्तर प्रदेश के कई शहरों में हाई अलर्ट है। आई लव मोहम्मद विवाद के चलते कई जगह पर प्रदर्शन और हंगामा हुआ। इसी के बीच आज जुमे की नमाज को लेकर प्रशासन और पुलिस सतर्क है और संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट जारी करते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इनमें सबसे पहले बरेली में पुलिस तैनाती बढ़ाई गई थी। इसके बाद संभल, सहारनपुर और मेरठ समेत पश्चिम यूपी के कई शहरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए बरेली में 2 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे से 4 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे तक इंटरनेट, ब्रॉडबैंड और एसएमएस सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। 26 सितंबर की हिंसा के बाद बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं हाई अलर्ट पर हैं। उत्तर प्रदेश के बरेली में हुई हिंसा और इतनी सारी घटनाओं के बाद, बरेली स्थित आला हज़रत दरगाह के सबसे वरिष्ठ मौलवी ने मुसलमानों से जुमे की नमाज़ के बाद शांतिपूर्वक घर लौटने की अपील की है। प्रशासन ने पीएसी और आरएएफ के जवानों को तैनात किया है, जबकि इलाकों की निगरानी के लिए ड्रोन भी तैनात किए गए हैं। उत्तर प्रदेश के बरेली मंडल के चार जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके अलावा संभल में भी पीएसी और आरआरएफ तैनात की गई है। दशहरा के मद्देनजर गुरुवार को पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवान सड़कों पर तैनात हैं और ड्रोन हवा में उड़ रहे हैं। गौरतलब हो कि 26 सितंबर को, शुक्रवार की नमाज के बाद यहां कोतवाली क्षेत्र में एक मस्जिद के बाहर इकट्ठा हुए लगभग 2,000 लोगों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। पथराव की भी खबर है। मौलवी तौकीर खान द्वारा आहूत आई लव मुहम्मद पोस्टर विवाद को लेकर एक विरोध प्रदर्शन रद्द होने से अशांति फैल गई थी।  

जुमे की नमाज से पहले बरेली में सख्ती, शहर बना छावनी, इंटरनेट सेवा ठप

बरेली  उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं. जिले भर में इंटरनेट सेवाओं को 48 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है, जबकि पुलिस, पीएसी, आरएएफ और प्रशासनिक अधिकारियों की भारी तैनाती के साथ ड्रोन से निगरानी की जा रही है. यह कदम हाल की साम्प्रदायिक तनाव की घटनाओं और दशहरा उत्सव के मद्देनजर अफवाहों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है. गृह विभाग के एक आदेश के अनुसार, मोबाइल इंटरनेट, ब्रॉडबैंड और एसएमएस सेवाएं 2 अक्टूबर दोपहर 3 बजे से 4 अक्टूबर दोपहर 3 बजे तक पूरी तरह निलंबित रहेंगी. यह फैसला बरेली के जिलाधिकारी अवनीश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की सिफारिश पर लिया गया, ताकि सोशल मीडिया के जरिए फैलने वाली अफवाहें शांति भंग न करें. बरेली के अलावा शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं जिलों में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है, जहां दशहरा की तैयारियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है. ड्रोन से भी निगरानी जिले को 250 जोन और सेक्टरों में विभाजित कर दिया गया है, जहां पुलिस, पीएसी और आरएएफ की टीमें तैनात हैं. सभी प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में जवान सतर्कता बरत रहे हैं. हवा में ड्रोन उड़ाकर निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह से माहौल को बिगड़ने से पहले रोका जा सके.  मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी की शांति की अपील देर रात अपर पुलिस महानिदेशक रमेश शर्मा ने बरेली मंडल के कमिश्नर भूपेंद्र यश चौधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सड़कों पर फ्लैग मार्च का नेतृत्व किया. इस दौरान उन्होंने आम नागरिकों से बातचीत की और शांति बनाए रखने का आह्वान किया. अधिकारियों ने जिले के विभिन्न धार्मिक नेताओं, विशेषकर मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरुओं से भी मुलाकात की. आला हजरत संघ ने भी अपील जारी कर कहा है कि जुमे की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से अदा की जाए और उसके बाद तुरंत घर लौटा जाए. सलमान हसन खान, जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने इमामों से फ्राइडे की खुतबे में सद्भाव की दुआओं का आग्रह किया है. अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील हाल ही में ‘आई लव मुहम्मद’ विवाद से उपजी हिंसा के बाद बरेली में तनाव की स्थिति बनी हुई है, जिसके चलते 27 सितंबर को भी 48 घंटे के लिए इंटरनेट बंदी लागू की गई थी. प्रशासन का मानना है कि ये उपाय किसी भी प्रकार की उकसावे वाली घटना को रोकने में सहायक सिद्ध होंगे. जिलाधिकारी अवनीश सिंह ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की है.  

राजनीतिक तनाव: हिंसा प्रभावितों से मिलने से रोके गए चंद्रशेखर आजाद

सहारनपुर आई लव मोहम्मद विवाद को लेकर बरेली में हुई हिंसा सुर्खियों में है। सहारनपुर पुलिस ने गुरुवार को लोकसभा में नगीना संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद चंद्रशेखर आजाद को हिंसा पीड़ितों के परिवारों से मिलने के लिए बरेली जाने से रोक दिया। यहां तक कि उन्हें घर के ही अंदर रहने के लिए कहा गया। सहारनपुर के अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सागर जैन के अनुसार, सांसद चंद्रशेखर बुधवार देर रात छुटमलपुर के हरिजन कॉलोनी स्थित अपने आवास पर पहुंचे। पुलिस ने कथित तौर पर उनसे बरेली न जाने का अनुरोध किया। सूत्रों ने बताया कि आजाद के आगमन की सूचना मिलने पर, उनके आवास के आसपास रात भर पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी तैनात कर दी गई और बैरिकेड्स लगाकर उन्हें घर के अंदर ही रहने को कहा गया। चंद्रशेखर आजाद ने बुधवार रात सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था कि वह बरेली में पीड़ित परिवारों से मिलना चाहते हैं। इसके बाद प्रशासन हाई अलर्ट हो गया। उन्होंने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि अगर बरेली में कुछ भी गलत नहीं हुआ है, तो उन्हें क्यों रोका जा रहा है। वहीं, उनके समर्थकों ने इस कदम पर निराशा व्यक्त की। भीम आर्मी ने एक बयान में पीड़ितों की आवाज दबाने और सामाजिक न्याय के संघर्ष को रोकने के प्रयासों की निंदा की और कहा कि वे समाज के साथ मिलकर न्याय के लिए लड़ते रहेंगे। अपने पोस्ट में, चंद्रशेखर ने लोकतंत्र का कथित तौर पर गला घोंटने के प्रयास के लिए अधिकारियों की आलोचना की और हाशिए पर पड़े समुदायों को न्याय दिलाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने पूछा कि अगर वहां मुस्लिम नागरिकों के साथ कोई अन्याय नहीं हुआ है, तो राज्य सरकार उन्हें बरेली जाने से क्यों रोक रही है। बता दें कि बरेली में 26 सितंबर को 'आई लव मोहम्मद' घटना और हिंसा को लेकर हुए विवाद के बाद तनाव जारी है। इससे पहले बुधवार को, सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद और विधायक शाह नवाज़ खान को भी पुलिस ने उनके आवास पर रोक दिया था, जब वे बरेली जाने की योजना बना रहे थे।  

अवैध निर्माण पर बड़ी कार्रवाई: संभल में मदरसा-मैरिज पैलेस ध्वस्त, सुरक्षा बल तैनात

संभल उत्तर प्रदेश के संभल जिले में अवैध निर्माण के खिलाफ एक बार फिर से बुलडोजर से कार्रवाई जारी है। कई एकड़ भूमि पर बने इस निर्माण में लोग मदरसा और बारात घर चला रहे थे। इसको लेकर कोई विरोध ना हो, इसके लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही माहौल तनावपूर्ण न हो, इसके लिए पूरे क्षेत्र को छावनी में बदल दिया गया है, साथ ही लोगों को घरों से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है। अतिक्रमण के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी इस मामले पर संभल के डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने कहा कि जिले भर में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। यह तालाब की जमीन है जिस पर एक बड़ा मैरिज पैलेस बना है। तहसीलदार ने 30 दिन पहले इसे गिराने का आदेश जारी किया था। इसके बाद कोई अपील दायर नहीं की गई इसलिए आज ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आगे कहा, 'कोर्ट में सभी पक्षों को सुना गया। उसके बाद तहसीलदार कोर्ट ने आदेश जारी किया और हम उसी के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं। सभी की राय है कि अगर यह अवैध रूप से बना है तो इसे गिरा दिया जाना चाहिए।' प्रशासन ने इसे खुद गिराने का फैसला किया डीएम के अलावा संभल के एसपी केके बिश्नोई ने बताया, 'संभल के असमोली थाने के अंतर्गत राय बुजुर्ग गांव में एक तालाब और खाद के गड्ढों के लिए जमीन है। उन्हें इसे गिराने के लिए 30 दिन का समय दिया गया था। 30 दिन की समय सीमा बीत जाने के बावजूद उन्होंने अभी तक इसे नहीं गिराया है। प्रशासन ने इसे खुद गिराने का फैसला किया है। यह अवैध निर्माण था। उन्हें पर्याप्त समय दिया गया था। यह अवैध निर्माण मदरसे और बारात घर की तरह उपयोग में लिया जा रहा था और कई एकड़ जमीन पर फैला हुआ था।'

दुर्गा पूजा में भक्तों की आस्था का ज्वार, महानवमी पर पंडालों में दिखा अद्भुत दृश्य

मुजफ्फरपुर नवरात्र के महानवमी की संध्या पर जिले में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। जय माता दी और जय दुर्गा मैया के नारे लगाते हुए श्रद्धालु मंदिरों की ओर बढ़े। बता दें कि सप्तमी को माता का पट खुला था और कल महाअष्टमी व्रत था। आज भक्तों ने हवन करने के बाद पूरे परिवार के साथ शहर के अलग-अलग दुर्गा पूजा पंडालों में दर्शन किए। इस दौरान पूरा शहर भक्तिमय हो गया और शहर का कोना-कोना भक्तों से भर गया। शाम को बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस और यातायात विभाग ने व्यापक इंतजाम किए। देर शाम तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे और माता दुर्गा का दर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला भक्त भी दुर्गा मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना में शामिल हुईं। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पूजा पंडाल समितियों के सदस्यों ने मोर्चा संभाला और भक्तों को दर्शन कराए। भक्तों को मंदिर में प्रवेश से पहले पंक्तिबद्ध किया गया, जिससे वे सुरक्षित ढंग से मंदिर में प्रवेश कर सकें। शाम 7 बजे के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ अचानक बढ़ गई और देखते ही देखते मंदिरों में भक्तों की कतारें लग गईं। मंदिरों में दीप प्रज्वलित कर श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। ब्रह्मपुरा स्थित बड़ी दुर्गा मंदिर, महामाया मंदिर, जूरन छपरा, बनारस बैंक चौक स्थित दुर्गा मंदिर, अमर सिनेमा रोड बंगलामुखी मंदिर, शिवपुरी मंदिर, दामूचक मंदिर और मां दुर्गा मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और प्रवेश से लेकर निकास तक लाइटिंग की विशेष व्यवस्था की गई। बता दें कि कल विजयादशमी है और रावण दहन की तैयारियां भी जोरों पर हैं।  

शास्त्रीय संगीत का सितारा गया: पंडित छन्नूलाल मिश्र का निधन, पीएम मोदी ने जताया सम्मान

मीरजापुर प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्रा अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनका सुबह 4.15 बजे मीरजापुर में बेटी नम्रता मिश्रा के यहां निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका अंतिम संस्कार बनारस में होगा। पंडित जी को तीन सप्ताह पहले शनिवार के दिन माइनर अटैक आया था। उसके बाद उनको बीएचयू के इमरजेंसी डिपार्टमेंट में भर्ती कराया था। जहां डॉक्टरों ने जानकारी दी थी कि उनके चेस्ट में इंफेक्शन व खून की कमी है। तीन सप्ताह चले इलाज के बाद उनको छुट्टी दे दी थी। उनकी बेटी ने उनको फिर मीरजापुर के रामकृष्ण सेवा मिशन चिकित्सालय में भर्ती कराया था।   बॉलीवुड में दिया था योगदान पंडित जी शास्त्रीय संगीत के विद्वान थे। उनके पारंपरिक शैली में गाए सोहर काफी मशहूर हुए थे। उनको आज भी यूट्यूब पर सुना जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने बॉलीवुड में गायन किया था। उन्होंने गाने जरूर कम गाए, लेकिन फिर भी अपनी छाप जरूर छोड़ी। साल 2011 में उन्होंने प्रकाश झा की फिल्म आरक्षण में 'सांस अलबेली' और 'कौन सी डोर' जैसे गाने गाए। उन्होंने साल 2020 में 'वैष्णव जन तो तेहि कहिए' एल्बम के लिए आवाज दी थी। पीएम मोदी के बने थे प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनकी मौत पर शोक जताते हुए कहा कि सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। वे जीवनपर्यंत भारतीय कला और संस्कृति की समृद्धि के लिए समर्पित रहे। उन्होंने शास्त्रीय संगीत को जन-जन तक पहुंचाने के साथ ही भारतीय परंपरा को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित करने में भी अपना अमूल्य योगदान दिया। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे सदैव उनका स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त होता रहा। साल 2014 में वे वाराणसी सीट से मेरे प्रस्तावक भी रहे थे। शोक की इस घड़ी में मैं उनके परिजनों और प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करता हूं। ओम शांति!

किसानों के लिए खुशखबरी: यूपी के इस जिले में बन रहा 80 एकड़ का इंडस्ट्रियल पार्क

सीतापुर सेमरी कताई मिल की 80 एकड़ जमीन पर औद्योगिक पार्क विकसित किया जाएगा। इसके लिए शासन की ओर से उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को जमीन हंस्तानांतरित कर दी गई है।  यूपीसीडा की ओर से जमीन का सर्वे करके लेआउट तैयार किया जा रहा है। औद्योगिक पार्क बनने से सीतापुर, बहराइच और बाराबंकी के किसानों को भी फायदा मिलेगा। सेमरी में उत्तर प्रदेश सहकारी कताई मिल्स संघ लिमिटेड की सूत मिल वर्ष 1985 में चली थी। इस मिल का धागा जिले के दरी उद्योग के साथ ही विभिन्न प्रांतों में बुनकरी में उपयोग किया जाता है। आपूर्ति बांग्लादेश तक होती थी। वर्ष 2001 में सेमरी सूत मिल बंद हो गई। मिल की मशीनों को भी बेच दिया गया। इसके बाद इसे दोबारा संचालित किए जाने की कवायद कई बार की गई। बावजूद इसके मिल को दोबारा नहीं चलाया जा सका। सरकार ने मिल की करीब 80 एकड़ जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का फैसला किया है। इसके लिए जमीन उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को दे दी गई है। यूपीसीडा के अभियंताओं ने जमीन का सर्वे कर लिया है। लेआउट बनाने का काम चल रहा है। बताया जा रहा है कि सूत मिल की जमीन पर आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। लगेंगी 100 से अधिक इकाइयां सेमरी औद्योगिक क्षेत्र में 100 से अधिक औद्योगिक इकाइयां लगाए जाने की संभावना है। जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त संजय सिंह ने बताया कि सेमरी औद्योगिक क्षेत्र में एग्रीबेस औद्योगिक इकाइयों की अधिकता रहेगी। इनमें 20 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगारी मिलेगा। इसके अलावा सीतापुर, बहराइच और बाराबंकी के किसानों को भी फायदा मिलेगा। परिवहन में नहीं आएगी समस्या महमूदाबाद का सेमरी यातायात के लिहाज से महत्वपूर्ण है। सेमरी चौराहे से लखनऊ के साथ ही बाराबंकी और बहराइच को मार्ग जाते हैं। वहीं, एक मार्ग सदरपुर की तरफ जाता है। इसके चल ते यहां स्थापित होने वाली इकाइयों तक कच्चा माल पहुंचाने और उत्पादों को बाहर भेजने में आसानी रहेगी।  

ठंडी हवा में रहना बन सकता है नुकसानदेह! आंखों की ड्राईनेस से बचने के उपाय

बुलंदशहर अक्टूबर माह शुरू हो गया है और गर्मी कम होने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में एसी (एयर कंडीशनर) बराबर चलाया जा रहा है। एसी की ठंडी हवा में रहने की आदत आंखों पर भारी पड़ रही है। एसी की ठंडी हवा आंखों का पानी सोख रही है। ड्राई आई सिंड्रोम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। आंखों के डाक्टरों के पास पहुंचने वाले 20 प्रतिशत मरीज इसी बीमारी के शिकार हैं। कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कालेज के चिकित्सा अधीक्षक डा. धीर सिंह ने बताया कि नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में हर रोज 150 से 180 तक मरीज पहुंचते हैं। इनमें से 20-25 मरीज ड्राई आई सिंड्रोम के हैं। इस तरह एक महीने में लगभग 600 से 750 मरीज पहुंच रहे हैं, जबकि तीन महीने में यह आंकड़ा 2250 तक पहुंच गया। इस सिंड्रोम के सर्वाधिक शिकार कामकाजी लोग हैं। जिनकी उम्र 30 से 50 साल के बीच है। इनमें से अधिकतर वह लोग हैं, जोकि एसी में अधिक समय बिताते हैं। साथ ही ये स्क्रीन टाइम भी अधिक लेते हैं।   मरीजों की केस हिस्ट्री के मुताबिक वे एक दिन में औसतन पांच से सात घंटे का स्क्रीन टाइम ले रहे हैं। इसमें चार घंटे लैपटाप या कंप्यूटर और दो से तीन घंटे मोबाइल पर बिता रहे हैं। यह दोनों कारण आंखों को सुखाकर दिक्कतें देने लगे हैं। बच्चों और बड़ों दोनों में मिल रही यह समस्या  मेडिकल कालेज की नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. दिव्या वर्मा का कहना है कि एयर कंडीशनर ठंडी हवा देने के लिए हवा से नमी सोख लेता है। आसपास का वातावरण शुष्क हो जाता है। इससे आंखें सूख जाती हैं। इसके अलावा खराब खानपान, कम पानी पीना, अधूरी या पर्याप्त नींद न लेना, प्रदूषण भी ड्राईनेस को बढ़ा रहा है। बीते 15 सालों में यह बीमारी लगातार बढ़ रही है। छोटे बच्चों से लेकर कामकाजी तक ड्राई आई सिंड्रोम से पीड़ित हैं। उन्हें तब पता चलता है जब बीमारी बहुत बढ़ जाती है। इन लक्षणों पर हो जाएं सतर्क डाक्टरों के अनुसार ड्राई आई सिंड्रोम के मुख्य लक्षणों में आंखों में पानी आना, चिपकना, आंख में कुछ पड़ा महसूस होना, करकराहट, आंखों में चुभन, लाल आंखें हैं। ध्यान रहे कि सिंड्रोम में आंख का पानी कम और ज्यादा बनना दोनों शामिल है। डायबिटीज, थायराइड और किसी अन्य स्थाई बीमारी वालों को यह दिक्कत जल्दी होती है। दवाओं से सर्जरी तक की नौबत अगर रोग को पहली स्टेज में पकड़ लिया जाए तो दवाइयां और ड्राप से ठीक किया जा सकता है। लेकिन, इसके लिए कोर्निया विशेषज्ञ के पास जाना ही ठीक रहेगा। रोग पकड़ने के लिए स्क्रीनिंग बेहद जरूरी है। महज आंखों को देखकर ही इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। एक बार अगर रोग बिगड़ गया तो सर्जरी की नौबत भी आ सकती है। बचाव के उपाय एसी की हवा सीधे शरीर पर नहीं आनी चाहिए। तापमान को शरीर से एक-दो डिग्री नीचे रखें। खुले या एसी के बंद स्थान पर चश्मा पहनने से बचाव होता है। पर्याप्त पानी पीते रहें, इसकी कमी से भी आंखें सूख जाती हैं। कंप्यूटर, मोबाइल पर काम करते समय पलकें झपकाते रहें।