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दशहरा-दीवाली पर योगी सरकार का गिफ्ट, UPSRTC की AC बसों में 10% तक किराया कम

दशहरा-दीपावली पर योगी सरकार का तोहफा, यूपीएसआरटीसी की एसी बसों में 10% तक कम होगा किराया एसी बसों में सफर होगा सस्ता, जनरथ, पिंक, शताब्दी और वोल्वो बसों पर छूट लागू अधिक यात्रियों को आकर्षित करने के लिए चालक-परिचालकों को काउंसलिंग के जरिए किया जा रहा प्रेरित यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने का योगी सरकार का संकल्प लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेशवासियों को दशहरा और दीपावली पर तोहफ़ा दिया है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (UPSRTC) द्वारा संचालित सभी वातानुकूलित बसों के किराए में की गई लगभग 10% की कमी को अग्रिम आदेशों तक जारी रखा जाएगा। यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने का संकल्प परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि योगी सरकार जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस निर्णय से यात्रियों को कम किराए में आरामदायक सफ़र की सुविधा मिलेगी। यह छूट जनरथ, पिंक, शताब्दी, वोल्वो, वातानुकूलित शयनयान जैसी सेवाओं पर लागू होगी। हालांकि, 01 जनवरी 2024 के बाद पंजीकृत नई वातानुकूलित बसों पर यह छूट लागू नहीं होगी। किराया संरचना (वातानुकूलित बस सेवाएं) ▪️3*2 बस सेवा – ₹1.45 प्रति किलोमीटर ▪️2*2 बस सेवा – ₹1.60 प्रति किलोमीटर ▪️हाई एंड (वोल्वो) बसें – ₹2.30 प्रति किलोमीटर ▪️वातानुकूलित शयनयान – ₹2.10 प्रति किलोमीटर निगम की आय और सेवाओं पर ध्यान परिवहन मंत्री ने निर्देश दिए कि निगम की सकल आय पर असर न पड़े इसके लिए बसों पर तैनात चालक-परिचालकों को प्रेरित कर अधिक यात्रियों को आकर्षित करने हेतु विशेष काउंसिलिंग की जाएगी।  

अली नैनी जेल से हटाए गए अतीक अहमद के बेटे, रंगदारी मामले में भेजा गया झांसी

लखनऊ  यूपी में केंद्रीय कारागार नैनी में पिछले 38 महीने से बंद माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को आखिरकार बुधवार को झांसी जेल में ट्रांसफर कर दिया। नैनी जेल से सुबह लगभग आठ बजे हाई सिक्योरिटी के साथ अली को झांसी जेल ले जाने के लिए टीम रवाना हुई। प्रयागराज के प्रॉपर्टी डीलर से पांच करोड़ रुपये रंगदारी मांगने के आरोप में 30 जुलाई 2022 से अली नैनी जेल के हाई सिक्योरिटी सेल में बंद था। उसका नाम उमेश पाल हत्याकांड में भी आया है। इसी साल 17 जून को डीआईजी जेल के औचक निरीक्षण में अली के बैरक में 1100 रुपये नकदी भी मिली थी। शासन के आदेश पर अली को झांसी जेल भेजा गया है। माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद ने पांच करोड़ की रंगदारी मामले में 30 जुलाई 2022 को कोर्ट में सरेंडर किया था। प्रॉपर्टी डीलर जीशान उर्फ जानू की ओर से एफआईआर दर्ज कराने के बाद अली ने लंबे समय तक फरार रहने के बाद कोर्ट में सरेंडर किया था। उमेश पाल हत्याकांड के बाद उसे हाई सिक्योरिटी बैरक से हाई सिक्योरिटी सेल के आठ बाई दस के कमरे में शिफ्ट कर दिया गया था। साथ ही उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए चार सीसीटीवी कैमरे और तीन शिफ्ट में दो-दो सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई थी। हालांकि 17 जून को डीआईजी राजेश कुमार श्रीवास्तव की औचक जांच में अली के पास 1100 रुपये नकद मिले थे। इस मामले में डिप्टी जेलर और एक हेड वार्डन को निलंबित किया गया था। तभी से अली को दूसरे जिले के जेल में स्थानांतरण किए जाने की चर्चा शुरू हो गई थी। केंद्रीय कारागार नैनी के वरिष्ठ जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर अली अहमद को बुधवार की सुबह आठ बजे हाई सिक्योरिटी के साथ झांसी जेल रवाना किया गया है। कुछ महीने पहले प्रयागराज कमिश्नरेट पुलिस ने अतीक की मौत के बाद अली को गैंग का लीडर घोषित किया था। उसके साथ ही गिरोह के कई बदमाशों पर गैंगस्टर के तहत भी कार्रवाई की गई थी। सूत्रों की मानें तो अली के नैनी जेल में बंद होने से अतीक गिरोह का गतिविधियां पूरी तरह बंद नहीं हो सकी थी। आए दिन रंगदारी, मारपीट व जमीनों पर कब्जा करने के मामले सामने आते रहे हैं।

NCRB रिपोर्ट में दिख रहा योगी सरकार की सख्ती का असर, महिलाओं के खिलाफ अपराध दर राष्ट्रीय औसत से 11% कम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति से यूपी में महिला सुरक्षा मजबूत NCRB रिपोर्ट में दिख रहा योगी सरकार की सख्ती का असर, महिलाओं के खिलाफ अपराध दर राष्ट्रीय औसत से 11% कम  सख्त कानून और मिशन शक्ति के दम पर महिलाओं की सुरक्षा हुई बेहतर, देश में अब 17वें स्थान यूपी – योगी सरकार की कड़ी कार्रवाई ने घटाए विभिन्न श्रेणियों में महिलाओं के खिलाफ अपराध लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिलाओं के खिलाफ अपराध पर जीरो टॉलरेंस नीति और मिशन शक्ति अभियान के प्रभावी कार्यान्वयन ने यूपी को महिलाओं की सुरक्षा के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर स्थिति में ला खड़ा किया है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की क्राइम इन इंडिया 2023 रिपोर्ट में योगी सरकार की बेहतर कानून व्यवस्था और महिलाओं सुरक्षा को लेकर सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध दर राष्ट्रीय औसत से कम रही। वर्ष 2023 में महिलाओं से जुड़े 66,381 मामले दर्ज हुए, लेकिन प्रति लाख महिला आबादी पर अपराध दर केवल 58.6 रही, जो राष्ट्रीय औसत 66.2 से करीब 11 प्रतिशत कम है। इस आधार पर यूपी महिलाओं के खिलाफ अपराध दर में देशभर में 17वें स्थान पर है। विभिन्न श्रेणियों में महिलाओं के खिलाफ अपराध में यूपी का बेहतरीन प्रदर्शन  वहीं प्रदेश में विभिन्न श्रेणियों में महिलाओं के खिलाफ अपराध में भी उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट के अनुसार, महिला सम्मान भंग (शील भंग) से जुड़े मामलों में भी यूपी राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्थिति में रहा। देशभर में ऐसे मामलों की संख्या 83,891 रही और अपराध दर 12.4 रही। जबकि उत्तर प्रदेश में केवल 9,453 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 8.3 रही। इस श्रेणी में यूपी अन्य राज्यों की तुलना में 19वें स्थान पर है। वहीं दुष्कर्म (IPC 376) के मामलों में भी उत्तर प्रदेश की स्थिति संतोषजनक रही। पूरे देश में ऐसे 29,670 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 4.4 रही। वहीं यूपी में 3,516 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 3.1 रही। इस आधार पर प्रदेश 22वें स्थान पर है, यानी राष्ट्रीय औसत से नीचे। बच्चों के यौन शोषण से जुड़े POCSO एक्ट के मामलों में भी यूपी की तस्वीर बेहतर दिखी। देशभर में कुल 67,694 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 15.2 रही। वहीं उत्तर प्रदेश में 8,706 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 10.2 रही। इस श्रेणी में यूपी देश में 24वें स्थान पर है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। यदि कुल मिलाकर देखा जाए तो महिलाओं के खिलाफ अपराधों में यूपी का क्राइम रेट 58.6 रहा, जबकि देश का औसत 66.2 था। इस लिहाज से यूपी कई बड़े राज्यों से बेहतर स्थिति में है। मिशन शक्ति, सख्त कानून व्यवस्था और कार्रवाई का दिख रहा असर महिला अपराध दर में आई कमी केवल पुलिस की सक्रियता का परिणाम नहीं है, बल्कि महिलाओं की शिकायत दर्ज कराने की बढ़ती प्रवृत्ति और त्वरित कानूनी कार्रवाई का भी नतीजा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन शक्ति अभियान ने महिलाओं को आत्मविश्वास दिया है कि वे अपने अधिकारों के लिए खुलकर आगे आएं। घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और छेड़छाड़ जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से न्याय सुनिश्चित हुआ है।

योगी सरकार की सख्ती से किसानों का पंजीकरण तेज़ी से हो रहा पूरा

योगी सरकार का किसानों के पंजीकरण पर जोर, सभी जनपदों में 50% कार्य पूर्ण योगी सरकार की सख्ती से किसानों का पंजीकरण तेज़ी से हो रहा पूरा हर गांव में अनिवार्य रूप से लगेगा एक पंजीकरण शिविर, रामपुर, बिजनौर और हरदोई जिलों ने दिखाया बेहतर प्रदर्शन लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में योगी सरकार किसानों के पंजीकरण कार्य पर विशेष जोर दे रही है। प्रदेशभर में किसानों का पंजीकरण तेजी से कराया जा रहा है। अब तक उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में 50 प्रतिशत तक फॉर्मर रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण हो चुका है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि 1 अप्रैल 2026 से पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त उन्हीं किसानों को मिलेगी जिन्होंने पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया होगा। ऐसे में योगी सरकार जल्द से जल्द प्रदेश भर के किसानों के रजिस्ट्रेशन प जोर दे रही है।  हर जिले में शिविर लगाने के निर्देश योगी सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया है कि पीएम किसान पोर्टल पर प्रत्येक किसान का विवरण अपडेट कराया जाए। इसके लिए 16 अक्टूबर से 30 नवंबर तक प्रतिदिन शिविर लगाए जाएंगे। प्रत्येक गांव में कम से कम एक शिविर आयोजित करना अनिवार्य होगा। यहां पर किसानों को मौके पर पंजीकरण और विवरण अपडेट करने की सुविधा दी जाएगी। कई जिलों ने 55% से अधिक पंजीकरण कार्य पूरा किया प्रदेश में अब तक 50% से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। इनमें कई जिले उल्लेखनीय प्रगति कर चुके है। रामपुर – 61.37% बिजनौर – 58.92% हरदोई – 58.31% श्रावस्ती – 58.01% पीलीभीत – 57.58% अंबेडकरनगर – 57.46% मुरादाबाद – 57.17% बरेली – 56.80% गाजियाबाद – 56.79% कौशाम्बी – 56.09% किसानों से की गई अपील योगी सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे समय पर अपना पंजीकरण कराएं ताकि किसी भी किसान को पीएम किसान सम्मान निधि की आगामी किस्त से वंचित न होना पड़े।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दी शारदीय नवरात्र की महानवमी व विजयदशमी पर्व की बधाई

महिलाओं के प्रति अपराध में न्यूनतम, सजा दिलाने में नम्बर वन है यूपी : मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दी शारदीय नवरात्र की महानवमी व विजयदशमी पर्व की बधाई नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए अनेक कार्यक्रम चला रही सरकार : सीएम योगी मातृ शक्ति व नारी शक्ति के प्रति आस्था का पर्व है नवरात्र : सीएम योगी गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समस्त प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की पावन महानवमी एवं गुरुवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि जीवन के किसी भी पक्ष में नारी शक्ति के बगैर सृष्टि की कल्पना ही नहीं की जा सकती। नारी शक्ति के प्रति सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए इसी भाव के साथ अनेक कार्यक्रम चला रही है। इन कार्यक्रमों के परिणामस्वरूप सुखद तथ्य यह है कि आबादी के दृष्टिकोण से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के बावजूद उत्तर प्रदेश के महिलाओं के प्रति अपराध न्यूनतम है। जबकि महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध के मामले में यह प्रदेश देश में नम्बर वन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि में कन्या पूजन के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्मावलंबी वर्ष में दो बार शारदीय और वासंतिक नवरात्र में जगतजननी मां भगवती दुर्गा के नौ स्वरूपों के पूजन व अनुष्ठान के कार्यक्रम से श्रद्धा और उल्लास से जुड़ते हैं। सनातन परंपरा में मातृ शक्ति व नारी शक्ति के प्रति आस्था का यह पर्व नई प्रेरणा प्रदान करता है। नवरात्र का यह पर्व अवगत कराता है कि चराचर जगत की आदि शक्ति, नारी शक्ति का ही रूप हैं। उन्होंने कहा कि आज शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री के स्वरूप के पूजन के साथ कन्या पूजन का अनुष्ठान हो रहा है। वह सौभाग्यशाली है कि गोरक्षपीठ की पवित्र परंपरा के अनुसार उन्हें भी कन्या पूजन का अनुष्ठान करने का अवसर प्राप्त हुआ है। नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को समर्पित है सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा सनातन आस्था में नारी शक्ति को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। सनातन आस्था की नैतिक जिम्मेदारी के भाव से सरकार नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए समर्पित है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए शारदीय नवरात्र की पहली तिथि, 22 सितंबर से मिशन शक्ति के पांचवें चरण का शुभारंभ किया गया है। इसमें महिलाओं की सुरक्षा के साथ ही उनके स्वावलंबन जागरूकता के लिए पंचायत स्तर तक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों में सराहनीय कार्य हो रहे हैं। मिशन शक्ति सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत ने सदैव नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव रखा है। हरेक कालखंड में इसके दर्शन होते हैं। आज भी प्रत्येक क्षेत्र में भारत की नारी शक्ति ने अपनी ताकत और सामर्थ्य का एहसास कराकर दुनिया को अचंभित किया है।  बेटी सुरक्षित तो समाज सुरक्षित मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां बेटी सुरक्षित और सम्मानित है तो वहां का समाज भी सुरक्षित और सम्मानित माना जाता है। उत्तर प्रदेश में ऐसा ही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, कन्या सुमंगला और सामूहिक विवाह जैसी योजनाएं बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए हैं। इसी क्रम में देश की सर्वोच्च पंचायतों में नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी लाया गया है। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 1 करोड़ महिलाओं को किसी न किसी रूप में 12000 रुपये सालाना पेंशन दिया जा रहा है। 26 लाख बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25000 रुपये के पैकेज वाले कन्या सुमंगला योजना से जोड़ा गया है। सामूहिक विवाह योजना में धनराशि बढ़ाकर प्रति जोड़ा एक लाख रुपये करके गरीब परिवारों को बेटियों के विवाह में धन की चिंता से मुक्त कर दिया गया है।   विजयदशमी, सनातन विजय का प्रतीक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रदेशवासियों को गुरुवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि विजयदशमी, भारत के सनातन विजय का प्रतीक है। यह अधर्म, अन्याय और अत्याचार पर धर्म, न्याय और सदाचार के विजय का पर्व है। विजयदशमी पर अत्याचार, अधर्म और अन्याय के प्रतीक रावण के पुतले जलाए जाएंगे और भगवान श्रीराम के राजतिलक के कार्यक्रम आयोजित होंगे।

शादी के बाद पहली ही रात में मौत, जौनपुर में 75 वर्षीय बुजुर्ग की जीवन लीला समाप्त

जौनपुर उत्तर प्रदेश के जौनपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक 75 साल के बुजुर्ग ने 35 साल की महिला से शादी की और सुहागरात के बाद ही उनकी अचानक मौत हो गई. अब गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. मामला गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव का है.  संगरू राम की पत्नी की एक साल पहले मौत हो चुकी थी. संगरू राम के कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती करके जीवन यापन कर रहे थे. जबकि उनके भाई और भतीजे दिल्ली में रहकर कारोबार करते हैं. गांव वालों के मुताबिक, संगरू राम पिछले कुछ दिनों से दूसरी शादी करने की बात कर रहे थे. गांव के लोगों ने उन्हें बहुत उम्र हो जाने को कहकर समझाने की कोशिश भी की लेकिन वह नहीं माने. सोमवार को उन्होंने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज करने के बाद मंदिर में शादी रचाई. मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी. उनकी पहली शादी से दो बेटियां और एक बेटा है. मनभावती ने बताया कि संगरू ने मुझसे कहा था कि तुम बस मेरा घर संभाल लेना, बच्चों की जिम्मेदारी मैं उठाऊंगा. शादी के बाद हम रात में देर तक बातें करते रहे. सुबह उनकी तबियत अचानक खराब हो गई और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई. संगरू राम के भतीजों ने मामले को संदिग्ध बताते हुए अंतिम संस्कार रुकवा दिया है. अब सवाल ये है कि क्या पुलिस जांच में जुटती है और पोस्टमार्टम कराया जाता है या नहीं. फिलहाल गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं.

शारदीय नवरात्र की महानवमी को नौ दुर्गा स्वरूपा कुंवारी कन्याओं का पूजन किया गोरक्षपीठाधीश्वर ने

बेटियों के पांव पखार सीएम योगी ने की मातृ शक्ति की आराधना शारदीय नवरात्र की महानवमी को नौ दुर्गा स्वरूपा कुंवारी कन्याओं का पूजन किया गोरक्षपीठाधीश्वर ने कन्या पूजन अनुष्ठान में अपने हाथों से भोजन परोसा मुख्यमंत्री ने, दक्षिणा व उपहार देकर कन्याओं से लिया आशीर्वाद गोरखपुर मातृ शक्ति के प्रति अगाध श्रद्धा व सम्मान गोरक्षपीठ की परंपरा है। मुख्यमंत्री बनने के बाद गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने नारी सुरक्षा, स्वावलंबन और सम्मान की अनेक योजनाओं से इस परंपरा का व्यावहारिक धरातल पर विस्तार किया है। मातृ शक्ति के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करते हुए सीएम योगी ने बुधवार को शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि पर गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुरूप कन्या पूजन किया। गोरखनाथ मंदिर में आयोजित कन्या पूजन कार्यक्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर ने नौ दुर्गा स्वरूपा कुंवारी कन्याओं के पांव पखारे, उनका विधि विधान से पूजन किया, चुनरी ओढाई, आरती उतारी, श्रद्धापूर्वक भोजन कराया, दक्षिणा और उपहार देकर उनका आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने परंपरा का निर्वहन करते हुए बटुक पूजन भी किया। बुधवार को मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने मंदिर के अन्न क्षेत्र के प्रथम तल स्थित भोजन कक्ष में पीतल के परात में जल से नौ नन्ही बालिकाओं के बारी-बारी पांव धोये। दुर्गा सप्तशती के मंत्रोच्चार के बीच उनके माथे पर रोली, चंदन, दही, अक्षत आदि का तिलक लगाया। पुष्प और दुर्वा से उनका अभिषेक किया। माला पहनाकर, चुनरी ओढ़ाकर, उपहार एवं दक्षिणा प्रदान कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने एक छह माह की बच्ची के भी पांव पखारे और पूजन कर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने हनुमानजी के वेश में आए एक बालक को भी तिलक लगाया और माला पहनाकर अंगवस्त्र ओढ़ाया। पूजन के बाद कन्याओं और बटुकों को मंदिर की रसोई में पकाया गया ताजा भोजन प्रसाद सीएम योगी ने अपने हाथों से परोसा। नौ कन्याओं के अतिरिक्त बड़ी संख्या में पहुंची बालिकाओं और बटुकों का भी मुख्यमंत्री ने पूजन कर आरती उतारी। सभी को श्रद्धापूर्वक भोजन कराकर उपहार व दक्षिणा दिया गया।  कन्याओं व बटुकों को अपने हाथों से भोजन परोसा मुख्यमंत्री ने अपने महराज जी (सीएम योगी आदित्यनाथ) का प्यार-दुलार पाने के लिए नन्हीं बालिकाओं व बटुकों की आतुरता देखते ही बन रही थी। सत्कार और स्नेह के भाव से मुख्यमंत्री ने एक-एक कर नौ कन्याओं व बटुक भैरव के पांव पखारे और पूजन किया। इस दौरान सीएम योगी के हाथों दक्षिणा मिलने से ये बालिकाएं काफी प्रफुल्लित दिखीं। पूजन के बाद कन्याओं व बटुकों को स्वयं अपने हाथों से भोजन परोसते समय सीएम निरंतर संवाद भी करते रहे। यह भी ख्याल रखते रहे कि किसी भी बालक-बालिका की थाली में प्रसाद की कोई कमी न रहे। इसे लेकर वह मंदिर की व्यवस्था से जुड़े लोगों को निर्देशित करते रहे।  कन्या पूजन के दौरान गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, काशी से आए जगद्गुरु स्वामी संतोषाचार्य सतुआ बाबा आदि मौजूद रहे। सीएम योगी ने कन्या पूजन से पूर्व प्रातःकाल के पूजन सत्र में मंदिर के शक्तिपीठ में मां सिद्धिदात्री की विधि-विधान से आराधना की।

प्रदेशभर के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट विद्यालय और केजीबीवी की बालिकाओं ने किया भ्रमण

मिशन शक्ति 5.0: बालिकाओं ने सरकारी अस्पतालों का भ्रमण कर सीखी स्वास्थ्य सुरक्षा की बारीकियां  प्रदेशभर के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट विद्यालय और केजीबीवी की बालिकाओं ने किया भ्रमण 1,21,103 बालिकाओं को प्रशिक्षित सरकारी चिकित्साकर्मियों से मिले स्वास्थ्य टिप्स   स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों के ओपीडी, फार्मेसी, टीकाकरण कक्ष और पैथोलॉजी लैब्स जैसी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को करीब से देखा – व्यक्तिगत स्वच्छता, पोषण, एनीमिया से बचाव और महामारी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी मिली महत्वपूर्ण जानकारी – सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का प्रत्यक्ष अनुभव बालिकाओं को सशक्त बनाएगा: मोनिका रानी लखनऊ  उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग के महत्वाकांक्षी मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत प्रदेशभर के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट विद्यालय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में बालिकाओं के लिए एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अनूठी पहल के तहत 1,21,103 छात्राओं ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला/सरकारी अस्पतालों का भ्रमण किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से प्रत्यक्ष परिचय कराना और स्वास्थ्य प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों के विभिन्न विभागों जैसे ओपीडी, फार्मेसी, टीकाकरण कक्ष और पैथोलॉजी लैब का भ्रमण कर छात्राओं ने स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को करीब से देखा।  बता दें कि इस पहल को गतिशील बनाने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 20 सितंबर को शुभारम्भ किए गए मिशन शक्ति 5.0 ने केंद्रीय भूमिका निभाई। इसके बाद बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के नेतृत्व में यह अभियान लगातार सक्रिय और प्रभावशाली बनाते हुए बालिकाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए कई गतिविधियों के माध्यम से उन्हें प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान कर रहा है। ऐसे मिला प्रत्यक्षा अनुभव बालिकाओं को पंजीकरण काउंटर पर जाकर अपना ओपीडी पर्चा बनवाने का अनुभव कराया गया। इस प्रक्रिया के माध्यम से उन्हें सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने का पहला कदम सीखने को मिला। इसके साथ ही छात्राओं ने बारी-बारी से संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टरों से मुलाकात की और अपने सामान्य स्वास्थ्य प्रश्नों पर परामर्श लिया। यह अनुभव उनकी स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने वाला तो रहा ही, संवाद कौशल और आत्मविश्वास को भी मजबूत करने वाला रहा।। रोग, जांच और स्वास्थ्य प्रक्रियाओं की मिली जानकारी कार्यक्रम में बालिकाओं को विभिन्न जाँचों जैसे रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, रक्त शर्करा आदि की प्रक्रिया और महत्व के बारे में जानकारी दी गई। कई स्थानों पर छात्राओं को इन जाँचों के डेमो भी दिखाए गए। इसके अतिरिक्त, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने व्यक्तिगत स्वच्छता, पोषण, एनीमिया से बचाव और महामारी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर हुईं बेटियां इस कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाएँ न केवल शिक्षित हुईं, बल्कि स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर हुईं। छात्राओं ने सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली में विश्वास बढ़ाया और समझा कि सही जानकारी और प्रत्यक्ष अनुभव से ही स्वास्थ्य सेवाओं का पूर्ण लाभ लिया जा सकता है। इतना ही नहीं, मिशन शक्ति का यह चरण बालिकाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण समाज और राष्ट्र की मजबूत नींव का आधार बना।  मिशन शक्ति 5.0 ने बालिकाओं को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का प्रत्यक्ष अनुभव कराया और उन्हें स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। यह पहल न केवल उनके विश्वास और आत्मसम्मान को बढ़ाती है, बल्कि समाज में सशक्त नारी की नींव भी मजबूत करती है। – मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश

छात्रों के लिए खुशखबरी! इस सरकारी स्कॉलरशिप से हर महीने होगी कमाई, आवेदन प्रक्रिया शुरू

कासगंज राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा की तिथि शासन स्तर से बढ़ा दी गई है। यह परीक्षा अब नौ अक्टूबर को होगी। इसके लिए आनलाइन आवेदन चार अक्टूबर तक किए जाएंगे। कार्यक्रम निर्धारित कर दिया गया है। बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को अभी से तैयारियां में जाने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृति योजना परीक्षा 2026-27 की लिखित परीक्षा जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर संपन्न होगी। परीक्षा की तिथि में परिवर्तन किया गया है। नौ अक्टूबर को परीक्षा का जिले में आयोजन होगा। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि चार अक्टूबर कर दी गई है। निर्धारित तिथि पर आनलाइन आवेदन किए जाएंगे। आवेदनों की जांच एवं संशोधन के लिए पांच से सात अक्टूबर तक तिथि का निर्धारण किया गया है। कक्षा सात की परीक्षा में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीण करने वाले विद्यार्थी पात्र माने जाएंगे। एससी और एसटी के लिए पांच प्रतिशत की छूट होगी। राजकीय, शासकीय सहायता प्राप्त स्थानीय निकाय के विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा आठ के परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। जिन अभिभावकों की वार्षिक आय तीन लाख 50 हजार से अधिक होगी उन्हें अपात्र माना जाएगा। इस योजना के तहत छात्रवृत्ति के रूप में एक हजार रुपये प्रतिमाह की दर से उत्तीर्ण प्रतिभागी को दिए जाएंगे। बीएसए सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि परीक्षा के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अधिक से अधिक आवेदन कराएं जा रहे हैं। खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित कर दिया है।

Gangotri और Yamunotri बंद होने वाली हैं, जानें आखिर कब समाप्त होगी चारधाम यात्रा

उत्तराखंड  उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा अब अपने अंतिम चरण में है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के शीतकाल के लिए कपाट बंद होने की तिथियां पंचांग के अनुसार निर्धारित कर दी गई हैं। गंगोत्री धाम: 22 अक्तूबर को बंद होंगे कपाट गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए 22 अक्तूबर को बंद किए जाएंगे। कपाट अन्नकूट पर्व पर, सुबह 11 बजकर 36 मिनट पर अभिजीत मुहूर्त में विधिविधान के साथ बंद होंगे।  कपाट बंद होने के बाद, मां गंगा की भोगमूर्ति को विग्रह डोली में आर्मी बैंड और स्थानीय वाद्य यंत्रों के साथ उनके शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव के लिए रवाना किया जाएगा। डोली 22 अक्तूबर की रात्रि में मार्कडेंय मंदिर में विश्राम करेगी और अगले दिन, 23 अक्तूबर को दोपहर में मुखबा गांव पहुंचेगी, जहां गंगा मंदिर में मूर्ति स्थापित की जाएगी।  गंगोत्री धाम मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि कपाट बंद करने की तिथि और मूहूर्त नवरात्र के शुभ अवसर पर पंचांग के अनुसार निकाले गए हैं। यमुनोत्री धाम: भैयादूज पर 23 अक्तूबर को बंद होंगे कपाट यमुनोत्री धाम के कपाट भैयादूज के शुभ अवसर पर 23 अक्तूबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। यमुनोत्री धाम मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरूषोत्तम उनियाल ने बताया कि कपाट बंद करने का मूहूर्त दो अक्तूबर को विजयदशमी के पर्व पर पंचांग के अनुसार निकाला जाएगा। इन तिथियों की घोषणा के साथ ही, प्रशासन और मंदिर समितियों ने यात्रा के अंतिम चरण की तैयारियों को तेज कर दिया है। लाखों तीर्थयात्रियों की आस्था के केंद्र दोनों धामों के कपाट बंद होने के बाद, अगले छह माह तक श्रद्धालु मां गंगा और मां यमुना के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास स्थलों पर कर सकेंगे।