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अब यूपी के इस जिले में बिजली के लिए करना होगा ये काम, 74 हजार स्मार्ट मीटरों में प्री-पेड शुरू

गजरौला बिजली उपभोक्ताओं के लिए खास खबर है। क्योंकि अब विभाग ने घरों पर लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों में प्री-पेड व्यवस्था भी लागू कर दी है। गजरौला जोन में करीब 74 हजार स्मार्ट मीटरों में अब सितंबर माह से रिचार्ज का काम शुरू होगा। पहले मोबाइल से रिचार्ज करना होगा, फिर घर की बत्ती जलेगी। जहां-जहां मीटर लग चुके हैं। यह व्यवस्था वहां पर लागू हुई है। जहां पर मीटर लग चुके हैं। विभागीय अधिकारी भी मौके पर जाकर उपभोक्ताओं को समझा रहे हैं। अभी तक घर, दुकान और नलकूपों पर बिजली विभाग की रीडिंग से निकलने वाले बिल के मीटर लगे हुए हैं। लेकिन,बिजली विभाग द्वारा इन मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाने का कदम बढ़ाया है। इन स्मार्ट मीटरों में रिचार्ज होगा और जितना रिचार्ज किया जाएगा। उतना ही बिजली का उपयोग होगा। इस मीटर के लगने से कई बिजली विभाग को बिल बकाया, चोरी इत्यादि समस्याओं से मुक्ति मिल जाएगी और उपभोक्ताओं की कम बिजली उपयोग करने पर अधिक बिल निकलना या फिर अधिक रीडिंग निकालने जैसी शिकायतें भी खत्म होगी। खास बात यह है कि पहले विभाग ने उपभोक्ताओं से कहा था कि रिचार्ज वाली व्यवस्था स्मार्ट मीटर का काम पूरा होने के बाद लागू होगी मगर, अब विभाग अपने इस वायदे से पलट गया और बिना काम पूरा किए ही रिचार्ज की व्यवस्था लागू कर दी। गजरौला जोन के आंकड़ों की बात करें तो यहां पर लगभग 11 लाख उपभोक्ताओं के यहां पर स्मार्ट मीटर लगेंगे। जिनमें अमरोहा व बिजनौर जिले में अब तक 74 हजार स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। जो, मीटर लग चुके हैं। उनमें रिचार्ज की व्यवस्था लागू कर दी जा रही है। गजरौला जोन में अमरोहा व बिजनौर जिले के यह डिवीजन हैं शामिल गजरौला जोन में अमरोहा-बिजनौर जनपद के 12 डिवीजन शामिल हैं। जिनमें अमरोहा प्रथम, अमरोहा द्वितीय, गजरौला प्रथम, गजरौला द्वितीय, बिजनौर प्रथम, बिजनौर द्वितीय, चांदपुर प्रथम, चांदपुर द्वितीय, धामपुर प्रथम, धामपुर द्वितीय, नगीना और नजीबाबाद हैं। बकराएदारी पर एक क्लिक से कटेगा कनेक्शन अभी तक क्या होता है कि बिजली विभाग के लोग बकाएदारों के घर पर जाकर सीढ़ी लगाते हुए कनेक्शन काटते हैं लेकिन, जब स्मार्ट मीटर पूरी तरह लग जाएंगे तो फिर इस कार्य से भी मुक्ति मिलेगी। फिर बिजली विभाग तकनीकी उपयोग से ही कनेक्शन काट देगा यानी कम्प्यूटर में ही एक क्लिक करेंगे और बिजली गुल हो जाएगी। मीटर ही नहीं चलेगा। अत्याधुनिक तकनीक से लैस मीटर, ऐसे होगा उपयोग स्मार्ट प्रीपेड मीटर अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। घरों में इस मीटर के लगाए जाने के बाद बाइपास बिजली, मीटर से छेड़छाड़ आदि बिजली चोरी से जुड़े कार्य नहीं किए जा सकेंगे। यदि कोई उपभोक्ता ऐसा करने का प्रयास भी करेगा तो मीटर से सीधे इससे संबंधित मैसेज विभाग के कंट्रोल रूम को मिल जाएगी। मीटर से ठीक वैसे ही उपभोक्ता बिजली का लाभ उठाएंगे, जैसे मोबाइल रिचार्ज कराकर बातचीत करने या इंटरनेट सेवा का लाभ उठाते हैं। स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के सीधे मोबाइल से जुड़ा होगा।  

यतीमखाना प्रकरण: गवाह से हुई जिरह, आजम खां की अगली सुनवाई 3 सितंबर

रामपुर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां के खिलाफ यतीमखाना प्रकरण में सोमवार को सुनवाई हुई। बचाव पक्ष की ओर से आए गवाह से अभियोजन ने जिरह की। अब इस मामले में तीन सितंबर को सुनवाई होगी। आजम खां के विरुद्ध यह मामला शहर कोतवाली क्षेत्र की यतीमखाना बस्ती से जुड़ा है। इस बस्ती को वर्ष 2016 में जबरन खाली कराया गया था। तब प्रदेश में सपा की सरकार थी। आजम खां के इशारे पर सपाइयों ने पुलिस फोर्स के साथ बस्ती को जबरन खाली करा दिया था। मुकदमे में घरों में घुसकर मारपीट करने, छेड़छाड़ करने, रुपये, जेवर और भैंस-बकरी लूटकर ले जाने के आरोप हैं। इन मुकदमों में आजम खां समेत सेवानिवृत्त सीओ आले हसन खां, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल, इस्लाम ठेकेदार आदि भी नामजद हैं। मुकदमे की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) में चल रही है। यतीमखाना प्रकरण में शहर कोतवाली में 12 लोगों द्वारा अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए गए थे। पहले सभी की अलग-अलग सुनवाई चल रही थी, लेकिन बाद में न्यायालय ने इन सभी को एक मान लिया। इस मामले में अभियोजन की गवाही पूरी हो चुकी है। अब बचाव पक्ष की गवाही चल रही है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सीमा राणा के अनुसार पिछली तारीख पर बचाव पक्ष ने गुलाम जाफर की गवाही कराई थी। गवाह की मुख्य परीक्षा पूरी हो गई थी। सोमवार को गवाह से अभियोजन ने जिरह की। जिरह पूरी हो गई है। अब तीन सितंबर को बचाव पक्ष द्वारा अगला गवाह पेश किया जाएगा।  

पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने के बाद ‘लव जिहाद’ के दोनों आरोपी दबोचे गए

कुशीनगर (उप्र) कुशीनगर में स्कूली छात्राओं से छेड़छाड़ करने के दो वांछित बदमाशों को सोमवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने के बाद घायल अवस्था में पकड़ लिया गया। दोनों आरोपियों पर लड़कियों से छेड़छाड़ करने, सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील हरकत करने और ‘लव जिहाद’ का आरोप है। इन पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस अधीक्षक (एसपी) संतोष कुमार मिश्रा ने पत्रकारों को बताया कि रामकोला थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में असलम और जुल्फिकार नामक दो बदमाशों को गोली लगी है। पुलिस के अनुसार, दोनों बदमाश रामकोला थाना क्षेत्र के मोरवन बड़का टोला गांव के निवासी हैं। एसपी ने बताया कि दोनों बदमाशों पर स्कूलों के बाहर छेड़खानी, छींटाकशी करने और ‘हिंदू लड़कियों को फंसाने के लिए कलावा बांधकर खुद को हिंदू दिखाकर लव जिहाद’ का आरोप है। उन्होंने बताया कि इनके संबंध में शिकायत मिली थी जिसके आधार पर रामकोला थाने में प्राथमिकी दर्ज कर चार टीमों का गठन किया गया था। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 (आपराधिक बल प्रयोग कर लज्जा भंग करना), 78 (पीछा करने का अपराध), 296 (सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील कार्य), 351(3) (आपराधिक धमकी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। एसपी ने बताया कि इनके बारे में सूचना मिली और इसके बाद रामकोला थाना पुलिस, साइबर टीम, स्वाट टीम और अन्य स्थानों की पुलिस ने इन दोनों बदमाशों को घेर लिया। पुलिस के अनुसार, सोमवार तड़के लगभग चार बजे पुलिस टीम ने थाना रामकोला क्षेत्रान्तर्गत कुसुमहा पुलिया के पास घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया था, तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार लोगों को पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो उन्होंने पुलिस दल पर जान से मारने की नीयत से गोली चलायी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोलियां चलायी, जिसमें दोनों बदमाशों को गोली लगी और वे घायल हो गए। मौके पर उनके पास से दो अवैध तमंचा, कारतूस, एक बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल और 1, 100 रुपये नगद बरामद किए गए। घायल अभियुक्तों को उपचार के लिए पुलिस अभिरक्षा में अस्पताल भेजा गया है। एसपी ने कहा कि कुशीनगर में महिलाओं की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस का अभियान जारी रहेगा।  

प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में बूस्टर डोज का काम करेगी यूपी की बौद्धिक सम्पदा

योगी सरकार यूपीआईटीएस-2025 के माध्यम से ने जा रही है यूपी की हस्तशिल्प की समृद्ध विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच भौगोलिक संकेत वाले प्रदेश के 60 जीआई उत्पाद होंगे यूपीआईटीएस में विशेष आकर्षण काशी व आसपास की समृद्ध हैंडीक्राफ्ट तथा हस्तशिल्पियों के हुनर वाले 32 जीआई टैग उत्पादों की चमक देखेगी दुनिया  यूपीआईटीएस से जीआई उत्पादों के कारोबार में 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान- पद्मश्री रजनीकांत,जीआई मैन ऑफ इंडिया  वाराणसी उत्तर प्रदेश की कला और हस्तशिल्प की समृद्ध विरासत को योगी सरकार अंतर्राष्ट्रीय मंच देने जा रही है। यूपी सरकार 25 से 29 सितम्बर तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन करा रही है। इस ट्रेड शो में प्रदेश के भौगोलिक संकेत वाले जीआई उत्पाद विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। यह न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि के परिचायक होंगे, बल्कि इसे 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस ट्रेड शो में काशी व आसपास की समृद्ध हैंडीक्राफ्ट की विरासत और हस्तशिल्पियों का हुनर वाले 32 जीआई टैग वाले उत्पादों की चमक दुनिया देखेगी। जीआई उत्पादों की प्रदर्शनी के लिए इंटरनेशनल ट्रेड शो में अलग से पवेलियन  की व्यवस्था होगी। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में कुल 77 जीआई टैग वाले उत्पाद हैं,  इसमें से 57 हस्तशिल्प और 20 कृषि एवं खाद्य उत्पाद जीआई पंजीकृत उत्पाद हैं।  काशी व आसपास के जनपदों के उत्पादों को मिलेगा बड़ा मंच उत्तर प्रदेश की बौद्धिक सम्पदा प्रदेश की इकोनॉमी को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में बूस्टर डोज का काम करेगी। प्रदेश की जीआई उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार दिलाने के लिए योगी सरकार इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन कर रही है। सरकार देश की परंपरागत हुनर और जीई उत्पादों को पुनर्जीवित करके इंटरनेशनल प्लेटफार्म पर ला रही है। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के जीआई उत्पादों और ओडीओपी के ब्रांड एम्बेसडर बनकर ब्रांडिंग और मार्केटिंग करते रहे हैं। इस विषय में अपर आयुक्त उद्योग उमेश कुमार सिंह ने बताया कि पांच दिवसीय यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के 60 जीआई पंजीकृत उत्पाद शामिल हो रहे हैं। जीआई उत्पादों को ट्रेड शो में अलग से स्थान दिया जा रहा है। सबसे ज्यादा काशी व आसपास के जनपदों  के जीआई टैग वाले उत्पाद ट्रेड शो के मंच पर देखने को मिलेगा।  उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान जीआई मैन ऑफ इंडिया के नाम से  जाने वाले पद्मश्री डॉ रजनीकांत ने  बताया कि इंटरनेशनल ट्रेड शो से जीआई उत्पादों के कारोबार में 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। उन्होंने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश में जीआई पंजीकृत उत्पादों के कारोबार से करीब 60 लाख लोग जुड़े हैं। इसका सालाना अनुमानित कारोबार लगभग 1 लाख करोड़ का है। पद्मश्री रजनीकांत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ट्रेड शो में प्रदेश के जीआई उत्पादों के शो केस करने के लिए अलग से स्थान दिए जाने पर आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश, देश का एकमात्र राज्य है, जहां सभी प्रमुख श्रेणी के जीआई उत्पाद हैं। हस्तशिल्प में सर्वाधिक जीआई प्राप्त उत्पाद भी उत्तर प्रदेश से ही हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में कुल 77 जीआई पंजीकृत उत्पाद हैं। हैंडीक्राफ्ट ,हैंडलूम और खाद्य उत्पादों के 60 जीआई टैग वाले उत्पाद ट्रेड शो में उपस्थिति दर्ज करेंगे, जिसमें सबसे ज्यादा 32 जीआई टैग वाले उत्पाद अकेले काशी और आसपास के जनपदों के हैं। ऐसे में, अब ये उत्पाद इंटरनेशनल ट्रेड शो में अपनी चमक बिखेरकर अंतर्राष्ट्रीय उड़ान भरने को तैयार हैं।

अपनी मां संग सीएम के पास पहुंची कानपुर की बच्ची

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एडमिशन कराने का दिया निर्देश  इसके पहले सीएम के जनता दर्शन में पहुंचीं मुरादाबाद की वाची का भी हुआ प्रवेश, प्रतिष्ठित विद्यालय में ग्रहण कर रहीं शिक्षा आर्थिक कारणों से गोरखपुर की पंखुड़ी को शिक्षा में आ रही थी दिक्कत, सीएम से मिलकर बताई समस्या तो निर्बाध गति से चलने लगी पढ़ाई  लखनऊ कानपुर की मायरा सोमवार को अपनी मां नेहा के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'जनता दर्शन' में पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री से बच्चे के एडमिशन की गुहार लगाई। मासूम मायरा को देख मुस्कुराते हुए सीएम ने पहले हालचाल जाना, फिर पूछा कि क्या बनना चाहती हो। इस पर मायरा ने जवाब दिया- डॉक्टर। यह सुन सीएम ने पहले उसे चॉकलेट दी, फिर अधिकारियों को एडमिशन कराने का निर्देश। गौरतलब है कि मुरादाबाद की वाची ने एडमिशन और गोरखपुर की पंखुड़ी ने फीसमाफी को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाई थी। जिसके तत्काल बाद दोनों की समस्याओं का हल हो गया। अब दोनों बच्चियां अपने शहर के प्रतिष्ठित विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रही हैं।  सीएम ने मायरा से पूछा- स्कूल जाओगी, क्या बनोगी- दिया जवाब- डॉक्टर 'जनता दर्शन' में आते ही सीएम ने मायरा की मां से पूछा कि कहां से आए हैं, कहां एडमिशन कराना है। जिसका उन्होंने उत्तर दिया। इसके बाद मायरा से मुखातिब सीएम ने पूछा कि स्कूल जाओगी, किस क्लास में पढ़ोगी। अभी तक तो स्कूल गई नहीं है। क्या बनेगी- जिस पर उसने तपाक से जवाब दिया-डॉक्टर। बच्ची की मासूमियत पर सीएम मुस्कुरा उठे। सीएम ने अफसरों को एडमिशन के लिए निर्देश दिया।  मुख्यमंत्री के व्यवहार से प्रसन्नचित्त हुआ मायरा का परिवार कानपुर की नेहा सोमवार को बेटी मायरा को लेकर 'जनता दर्शन' में पहुंचीं। उन्होंने बताया कि वह बच्ची के एडमिशन के लिए 'जनता दर्शन' में पहुंचीं थीं। उन्होंने कानपुर के एक विद्यालय में एडमिशन का अनुरोध किया। मायरा का परिवार मुख्यमंत्री की सहृदयता का कायल हो गया। मीडिया से बातचीत में मायरा की मां ने कहा कि सीएम ने काफी अच्छे तरीके से हमारे परिवार की बात भी सुनीं और एडमिशन का आश्वासन दिया।  सीएम से एक मुलाकात में ही पूरे हुए थे वाची और पंखुड़ी के सपने  यह पहली बार नहीं है, जब कोई बच्ची अपने एडमिशन को लेकर मुख्यमंत्री से मिली। इसके पहले मुरादाबाद की वाची ने अपने माता-पिता के साथ जून में मुख्यमंत्री से 'जनता दर्शन' में मुलाकात की और अपने प्रवेश की गुहार लगाई। बेटी के प्रवेश को लेकर महीनों से परेशान वाची के माता-पिता जब मुख्यमंत्री के पास पहुंचे तो तीन घंटे के अंदर ही आरटीई के तहत वाची का मुरादाबाद के प्रतिष्ठित विद्यालय में प्रवेश हो गया। अब वाची वहां शिक्षारत हैं।  यही नहीं, जुलाई में गोरखपुर के पुर्दिलपुर निवासी पंखुड़ी त्रिपाठी ने भी परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए फीस माफी को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरोसा दिया था कि उनकी पढ़ाई नहीं रुकेगी। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद विद्यालय ने उनकी फीस माफ कर दी। पंखुड़ी अब गोरखपुर के प्रतिष्ठित स्कूल में फिर से शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। 

मौर्य का हमला: अखिलेश यादव की ‘वोट अधिकार यात्रा’ बेअसर, नतीजा शून्य

लखनऊ उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘वोट अधिकार यात्रा’ में यादव की हालत ‘न तीन में न तेरह में’ जैसी ही रही। मौर्य ने एक प्रचलित मुहावरे का प्रयोग करते हुए सोमवार को “एक्स” पर एक पोस्ट में कहा, “बिहार में नितांत असफल ‘वोट अधिकार यात्रा’ में सपा बहादुर श्री अखिलेश यादव की हालत ‘न तीन में न तेरह में’ जैसी ही रही।” “न तीन में न तेरह में” मुहावरे का मतलब जिसका कोई लेना-देना न हो, या जो किसी बात से बिलकुल ही अप्रासंगिक हो। मौर्य ने पोस्ट में कहा, “जिस पार्टी का बिहार की धरती पर न कोई अतीत है, न वर्तमान और न कोई भविष्य। उनका बिहार से संबंध केवल श्री लालू प्रसाद यादव के परिवार से नातेदारी तक सीमित है। बिहार की जनता इनकी ख़ातिरदारी का बेसब्री से इंतजार कर रही है। इसकी बानगी आने वाले चुनाव में मिलेगी।” समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव शनिवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में शामिल हुए थे और बिहार की जनता का आह्वान किया कि वह ‘मगध’ (बिहार) में भी उसी तरह भारतीय जनता पार्टी को हराये, जैसे पिछले लोकसभा चुनाव में लोगों ने उसे ‘अवध’ (फैजाबाद-अयोध्या) में हराया था। उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने निर्वाचन आयोग को ‘जुगाड़ आयोग’ बना दिया है। यादव ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के तहत आरा (भोजपुर) में आयोजित एक सभा में उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए कहा, ‘‘हम लोगों ने मिलकर अवध में हराया था, इस बार मगध में भारतीय जनता पार्टी को हराने की जिम्मेदारी आपकी है।’’ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव सारण से इस यात्रा का हिस्सा बने।  

राहुल गांधी केस अपडेट: सुनवाई की नई तारीख 3 सितंबर तय

प्रयागराज इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई के लिए तीन सितंबर की तिथि सोमवार को तय की। राहुल गांधी ने वाराणसी के विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया है। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) ने राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग वाली एक याचिका नए सिरे से सुनवाई करने के लिए एसीजेएम की अदालत के पास भेज दिया जिसके खिलाफ राहुल गांधी ने इस उच्च न्यायालय का रुख किया है। यह मामला अमेरिका में सिखों के संबंध में 2024 में दिए गए एक बयान से जुड़ा है। शिकायतकर्ता नागेश्वर मिश्रा के वकील के अनुरोध पर न्यायमूर्ति समीर जैन ने सोमवार को सुनवाई टाल दी और अगली तिथि तीन सितंबर तय की। वाराणसी के नागेश्वर मिश्रा नाम के एक व्यक्ति ने वाराणसी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) के समक्ष एक आवेदन किया था जिसने 28 नवंबर, 2024 को इस मामले में सुनवाई के बाद राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग वाले आवेदन को खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा था कि उक्त भाषण अमेरिका में दिया गया, इसलिए यह मामला उनके न्यायिक क्षेत्र से बाहर का है। अदालत द्वारा मामला खारिज किए जाने को राव ने पुनरीक्षण अदालत के समक्ष चुनौती दी जिसने उनकी पुनरीक्षण याचिका स्वीकार कर ली और एसीजेएम को इस मामले में नए सिरे से सुनवाई करने का निर्देश दिया। यह मामला सितंबर, 2024 का है। अमेरिका में एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा था कि भारत में सिखों के लिए माहौल अच्छा नहीं है। उनके इस बयान को लेकर विरोध हुआ था और इसे भड़काऊ और विभाजनकारी बताया गया था। वाराणसी के निवासी नागेश्वर मिश्रा ने इस बयान के खिलाफ वाराणसी के सारनाथ थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन जब वह सफल नहीं हुए तो उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए अदालत में एक आवेदन दाखिल किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 28 नवंबर, 2024 को यह कहते हुए उनका आवेदन खारिज कर दिया था कि यह मामला अमेरिका में दिए गए भाषण से जुड़ा है और यह उनके न्यायिक क्षेत्र से बाहर का है। इसके बाद, नागेश्वर मिश्रा ने सत्र न्यायालय में एक पुनरीक्षण याचिका दायर की जिसे अदालत द्वारा 21 जुलाई, 2025 को स्वीकार कर लिया गया। अब राहुल गांधी ने इस निर्णय के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक पुनरीक्षण याचिका दायर की है जिसमें दलील दी गई है कि वाराणसी की अदालत का आदेश गलत, अवैध और न्यायिक क्षेत्र से बाहर का है।  

बीमार कैदियों की रिहाई पर बड़ा फैसला, योगी सरकार बनाएगी नियम आसान

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीर बीमारियों से ग्रसित बंदियों की समयपूर्व रिहाई से संबंधित नियमों को अधिक सरल, स्पष्ट तथा मानवीय दृष्टिकोण से परिभाषित किए जाने की आवश्यकता जताई। सोमवार को कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाओं की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अनुपालन करते हुए प्रदेश की नीति को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पात्र बंदियों की रिहाई स्वतः विचाराधीन होनी चाहिए और इसके लिए उन्हें अलग से आवेदन न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्राणघातक रोग से पीड़ित होने की आशंका वाले सिद्धदोष बंदी, जिसे मुक्त करने पर उसके स्वस्थ होने की उपयुक्त संभावना है तथा वृद्धावस्था, अशक्तता या बीमारी के कारण भविष्य में ऐसा अपराध करने में स्थायी रूप से असमर्थ बंदी, जिसके लिए वह दोषी ठहराया गया हो, के साथ-साथ घातक बीमारी या किसी प्रकार की अशक्तता से पीड़ित सिद्धदोष बंदी जिसकी मृत्यु निकट भविष्य में होने की संभावना हो, के संबंध में प्रदेश के सभी कारागारों में सर्वेक्षण कर वास्तविक संख्या का आकलन किया जाए। इनमें महिलाओं, बुजुर्गों को प्राथमिकता के आधार पर रिहा करने की व्यवस्था हो।   मुख्यमंत्री ने कैदियों को कृषि, गोसेवा आदि कार्यों से जोड़कर उनकी जेल अवधि के सदुपयोग करने के लिए व्यवस्था बनाने की भी आवश्यकता बताई। सीएम योगी ने कहा कि जेल मैनुअल में यह भी स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाना आवश्यक है कि किन बीमारियों को असाध्य रोग की श्रेणी में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए समयपूर्व रिहाई उन्हीं मामलों में की जानी चाहिए, जहां से सामाजिक जोखिम न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि हत्या, आतंकवाद, देशद्रोह, महिला और बच्चों के विरुद्ध जघन्य अपराध जैसे मामलों में रिहाई कतई नहीं की जानी चाहिए। नियमों में बदलाव पर जोर देते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रत्येक वर्ष तीन बार जनवरी, मई और सितंबर में पात्र बंदियों के मामलों की स्वतः समीक्षा की व्यवस्था हो। यदि किसी बंदी को रिहाई न दी जाए तो उसके कारण स्पष्ट रूप से दर्ज किए जाएं और उसे यह अधिकार मिले कि वह उस निर्णय को चुनौती दे सके। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सुझाई गई प्रणाली को उत्तर प्रदेश में अपनाने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि बंदियों को न्यायिक अधिकारों का लाभ सुचारू रूप से मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, त्वरित और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित होनी चाहिए तथा जल्द ही नई नीति का प्रारूप तैयार कर अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जाए।

मौसम विभाग का अलर्ट: यूपी में 48 घंटे बारिश से तबाही, कई जिलों में खतरे की चेतावनी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में रुक रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश में सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश होगी। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।  2 सितंबर को भी होगी भारी बारिश  मौसम विभाग ने 15 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण 2 सितंबर तक भारी बारिश की आशंका है। लखनऊ सहित कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है इसलिए सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मानसूनी रेखा उत्तर की ओर खिसकी है। इस कारण दो सितंबर तक कहीं भारी तो कहीं अत्यधिक भारी बारिश होगी।  इन जिलों में अलर्ट जारी विभाग के अनुसार, राज्य के लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं व आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मीरजापुर, भदोही, बहराइच, सीतापुर, हरदोई, फरुर्खाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज, एटा, मैनपुरी व आसपास के इलाकों में भी अधिक बारिश के आसार हैं। 

यूपी में पेट्रोल-डीजल खरीदने के लिए जरूरी नया नियम, CM योगी ने किया सख्त निर्देश

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों को कम करने और लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग के लिए जागरूक करने के मकसद से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब अगर आप बाइक या स्कूटी पर बिना हेलमेट पेट्रोल पंप पहुंचते हैं, तो आपको पेट्रोल नहीं मिलेगा। कब से शुरू हुआ ये नियम? सूत्रों से मिली जानकारी मुताबिक, 1 सितंबर यानी आज (1 सितम्बर) सोमवार से पूरे उत्तर प्रदेश में 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' अभियान की शुरुआत हो गई है। यह अभियान 30 सितंबर 2025 तक चलेगा। अभियान का मकसद क्या है? इस अभियान का उद्देश्य किसी को सजा देना नहीं है, बल्कि लोगों को यह समझाना है कि हेलमेट पहनना जरूरी है और यह आपकी जान बचा सकता है। यह नियम इसलिए लागू किया गया है ताकि लोग लापरवाही ना करें और हेलमेट पहनने की आदत डालें। कौन-कौन देखेगा अभियान की निगरानी? हर जिले में जिलाधिकारी (DM) के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है। परिवहन विभाग, पुलिस, जिला प्रशासन और खाद्य एवं रसद विभाग इसकी निगरानी कर रहे हैं। सूचना विभाग लोगों को इस बारे में जागरूक करेगा। लखनऊ में आज पहला दिन? लखनऊ के पेट्रोल पंपों पर पहले ही पोस्टर और बोर्ड लगा दिए गए थे। पंप कर्मियों ने लोगों से कहा कि 'हेलमेट पहनिए, तभी पेट्रोल मिलेगा।' बहुत से लोग नियम मानते नजर आए, लेकिन जो बिना हेलमेट पहुंचे उन्हें वापस लौटना पड़ा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील सीएम योगी ने प्रदेश के लोगों से अपील की कि 'पहले हेलमेट, फिर ईंधन।' इसका मकसद सिर्फ आपकी सुरक्षा है। हेलमेट से आपकी जान बच सकती है।