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बेसिक शिक्षा बैठक में सीएम योगी सख्त, बोले- हर बच्चे तक पहुंचे शिक्षा, अधिकारियों को दिया सख्त निर्देश

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बेसिक शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने राज्य में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने, बच्चों की शत-प्रतिशत विद्यालयी उपस्थिति सुनिश्चित करने, संसाधनों के कुशल उपयोग तथा अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण के संबंध में कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 06 से 14 वर्ष की आयु का एक भी बच्चा विद्यालय से वंचित नहीं रहना चाहिए, विद्यालय प्रबन्ध समिति (प्रधानाध्यापक व ग्राम प्रधान) इसे सुनिश्चित कराए। इस दिशा में “स्कूल चलो अभियान” को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए ताकि कोई भी बच्चा स्कूल जाने से न छूटे। परिषदीय छात्रों के लिए ₹1200 की डीबीटी सहायता शीघ्र अभिभावकों के खातों में जाए मुख्यमंत्री ने परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत प्रत्येक छात्र के अभिभावक के बैंक खाते में यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्टेशनरी एवं पाठ्य सामग्री हेतु ₹1200 की सहायता राशि को डीबीटी के माध्यम से शीघ्रता से अंतरित किए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह कार्य पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ किया जाए ताकि लाभार्थियों को समय पर मदद मिल सके और विद्यालयीन सामग्री की व्यवस्था बाधित न हो। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन विद्यालयों में आधारभूत संरचना की कमी है, वहां अविलंब संसाधनों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण में अध्ययन का अवसर प्राप्त हो। 50 से अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालय स्वतंत्र रूप से संचालित हों मुख्यमंत्री ने विद्यालयों की पेयरिंग व्यवस्था को दूरगामी और व्यापक दृष्टिकोण से लागू किए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों तीनों के हित में है। इससे न केवल संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार सुनिश्चित किया जा सकेगा। जिन विद्यालयों में 50 से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं, उन्हें स्वतंत्र विद्यालय के रूप में संचालित करने का निर्देश दिया गया, जिससे प्रशासनिक सुविधा, जवाबदेही और शैक्षणिक निगरानी और अधिक प्रभावी ढंग से की जा सके। पेयरिंग व्यवस्था के कारण खाली हुए विद्यालय भवनों को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि वहां बाल वाटिकाएं/प्री-प्राइमरी स्कूल संचालित की जाएं। साथ ही, इन भवनों में आंगनबाड़ी केंद्रों को स्थानांतरित किया जाए ताकि शिशु शिक्षा का आधार सुदृढ़ हो और विद्यालय परिसरों का उपयोग बहुपर्यायी रूप से हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया तय समय-सीमा के भीतर पूरी की जाए और इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। रिक्त पदों पर अधियाचन भेज कर शीघ्र की जाए नियुक्ति बैठक में शिक्षकों के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा  कि सभी विद्यालयों में शिक्षक-छात्र अनुपात आदर्श स्थिति में होना चाहिये। उन्होंने निर्देश दिये कि रिक्तियों के सापेक्ष अधियाचन तत्काल भेजा जाए और नियुक्ति प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए।

‘शिव वर्मा’ के नाम पर छल: असल में निकला कासिम पठान, लव जिहाद का चौंकाने वाला मामला

शाहजहांपुर  उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक मुस्लिम युवक पर गंभीर आरोप लगे हैं. उसके खिलाफ हिंदू युवती ने धर्मांतरण के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है. आरोपी ने हिंदू युवक के नाम से सोशल मीडिया पर आईडी बनाई थी. इस आईडी के जरिए उसने पीड़िता से नजदीकी बढ़ाई. फिर शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया और काफी टाइम तक ब्लैकमेल करता रहा. जब धर्म परिवर्तन का दबाव बढ़ने लगा तो युवती ने पुलिस से शिकायत की.   पीड़िता की शिकायत पर शाहजहांपुर कोतवाली पुलिस हरकत में आई. वहीं, हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने भी कोतवाली का घेराव किया. जिसके बाद पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर आरोपी युवक समेत 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया. मुख्य आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है. साथ ही पीड़िता को मेडिकल के लिए भेजा गया है.  दरअसल, बीते दिन कोतवाली क्षेत्र कि रहने वाली एक हिंदू युवती ने आरोप लगाया कि नावेद उर्फ कासिम पठान ने शिव वर्मा नाम से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आईडी बनाकर उसको मैसेज किए. बात बढ़ी तो माथे पर टीका और हाथ में कलावा बांधकर उससे मिलने आया. इसके बाद उसने युवती को एक किराए के कमरे पर बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया. यहां तक कि उसने हिडेन कैमरे से उसका वीडियो भी बना लिया.काफी टाइम तक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसका यौन शोषण करता रहा. साथ ही धर्म परिवर्तन का दबाव भी बनाता था.   कोतवाली के बाहर प्रोटेस्ट करते हिंदूवादी संगठन के लोग पीड़ित युवती का आरोप है कि एक दिन जब उसने नावेद उर्फ कासिम पठान का मोबाइल देखा तो दंग रह गई. मोबाइल में कई और लड़कियों के वीडियोज थे. उसे पता चला कि यह लोग एक संगठित गिरोह चलाते हैं, जिनका मकसद ही दूसरे धर्म की लड़कियों को फंसाना होता है. इस काम में नावेद का भाई कैफ और दोस्त अकील भी शामिल है.  फिलहाल, घटना से हिंदूवादी संगठनों में भारी आक्रोश है. उन्होंने कोतवाली में धरना दिया और आरोपियों पर सख्त एक्शन की मांग की. पुलिस ने तहरीर मिलने पर नावेद उर्फ कासिम पठान, भाई कैफ, पिता असलम खां, मां उजमा और दोस्त अकील के खिलाफ गैंग रेप और धर्म परिवर्तन सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. साथ ही मुख्य आरोपी नावेद को गिरफ्तार कर लिया है.  मामले में हिंदू युवा वाहिनी के नेता अभिषेक तिवारी ने कहा कि शाहजहांपुर में लव जिहाद का मामला सामने आया है. युवक कासिम पठान माथे पर तिलक और हाथ पर कलावा धारण करता था. इसने शिव वर्मा नाम से फेसबुक आईडी बनाकर हिंदू युवती के साथ गलत काम किया. जब युवती ने शादी के लिए कहा तो उसने नमाज पढ़कर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया. इसके मोबाइल से और भी हिंदू लड़कियों के अश्लील फोटो/वीडियो मिले हैं. पुलिस इसपर कड़ी कार्रवाई करे.

सावन के पहले सोमवारी पर काशी में उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं पर हुई पुष्पों की बारिश

वाराणसी सावन के पहले सोमवार पर काशी नगरी में श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु वाराणसी पहुंचे। रविवार रात से ही मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। सुबह जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, पूरा परिसर ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा।  काशी विश्वनाथ मंदिर में सुबह कपाट खुलने से पहले बाबा का भव्य मंगला आरती और विशेष श्रृंगार किया गया काशी विश्वनाथ मंदिर में सुबह कपाट खुलने से पहले बाबा का भव्य मंगला आरती और विशेष श्रृंगार किया गया। पहले सोमवार को मंदिर परिसर को फूल-मालाओं से सजाया गया था। कपाट खुलते ही श्रद्धालु ‘हर हर महादेव’ की गूंज के साथ दर्शन के लिए उमड़ पड़े। काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन को आए श्रद्धालुओं पर पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारी और मंदिर के सीईओ ने भक्तों पर पुष्प वर्षा की काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन को आए श्रद्धालुओं पर पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारी और मंदिर के सीईओ ने भक्तों पर पुष्प वर्षा की। श्रद्धालुओं ने इस पहल की सराहना की। लंबे इंतजार के बाद दर्शन पाने वाले श्रद्धालु प्रशासन और पुलिस व्यवस्था से बेहद संतुष्ट नजर आए। बाबा काशी विश्वनाथ का दर्शन कर भावुक हुए श्रद्धालु  मंदिर में दर्शन करने आईं प्रीति मिश्रा ने बातचीत में बताया कि , “मंदिर परिसर के अंदर बहुत अच्छी व्यवस्था है। महादेव की कृपा से अच्छे से दर्शन हुए हैं।” इसी तरह कोलकाता से आए एक श्रद्धालु ने कहा, “हम 6-7 घंटे से लाइन में लगे हैं। बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन किए बिना नहीं जाएंगे।” मंदिर के पुजारी ने कहा कि बाबा विश्वनाथ से देश और समाज के कल्याण के लिए कामना की गई मंदिर के पुजारी ने कहा कि बाबा विश्वनाथ का अद्भुत स्वरूप में श्रृंगार और मंगला आरती हुई है। देश और समाज के कल्याण के लिए कामना की गई। मंदिर परिसर में तैनात पुलिस अधिकारी के मुताबिक, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए वाराणसी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। ड्रोन कैमरों से गोदौलिया चौराहा, गंगा घाट और विश्वनाथ मंदिर परिसर की सतत निगरानी की जा रही है ड्रोन कैमरों से गोदौलिया चौराहा, गंगा घाट और विश्वनाथ मंदिर परिसर की निगरानी की जा रही है। क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम), एटीएस कमांडो, घुड़सवार पुलिस और पर्यटक पुलिस भी प्रमुख स्थानों पर तैनात है। वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि तैयारियां पूरी हैं। लगभग सभी अधिकारी मौके पर हैं। लाखों की संख्या में श्रद्धालु लाइनों में लगे हैं। अनुशासित तरीके से सभी श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं।(

पर्यटन को मिलेगा नया आयाम, UP के 11 ऐतिहासिक स्थलों का होगा कायाकल्प

लखनऊ उत्तर प्रदेश में खंडहर में तब्दील हो रहे राज्य के ऐतिहासिक धरोहरों को नया जीवन देने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। पर्यटन विभाग प्रदेश के 11 पुराने किलों और भवनों को चमकाने की तैयारी में है। विभाग ने एजेंसियों के माध्यम से इसके लिए अनुरोध प्रस्ताव (आरएफपी) आमंत्रित किया है। ये काम पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत होगा, जहां एजेंसी इन जगहों को डिजाइन करेगी, बनाएगी, पैसे लगाएगी, चलाएगी और बाद में सरकार को सौंप देगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शुरू होने जा रही इस पहल से न सिर्फ इन ऐतिहासिक किलों और भवनों का इतिहास बचेगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन बढ़ेगा और हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मिलेगा। पर्यटन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इन 11 विरासत स्थलों में ललितपुर का तालबेहट किला, बांदा का रनगढ़ और भुरागढ़ किला, गोंडा की वजीरगंज बारादरी, लखनऊ का आलमबाग भवन, गुलिस्तान-ए-एरम और दर्शन विलास, कानपुर की टिकैत राय बारादरी, महोबा का मस्तानी महल और सेनापति महल, झांसी का तहरौली किला और मथुरा का सीताराम महल (कोटवान किला) शामिल हैं। ये सभी जगहें अपनी खास वास्तुकला और इतिहास की कहानियों के लिए मशहूर हैं। इनका पुनरोद्धार करके इन्हें होटल, सांस्कृतिक केंद्र या संग्रहालय में बदला जाएगा, ताकि पर्यटक यहां ठहर सकें और इतिहास को करीब से महसूस कर सकें। बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में ये योजना खास तौर पर फायदेमंद होगी, जहां पर्यटन बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। पर्यटन विभाग के मुताबिक, ये परियोजना न सिर्फ इन पुरानी इमारतों को नया रूप देगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खोलेगी। मुख्यमंत्री ने पहले ही इको-टूरिज्म और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। उनकी ये कोशिशें यूपी को देश और दुनिया में पर्यटन का एक चहेता डेस्टिनेशन बना रही हैं। अयोध्या, काशी, और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों के साथ-साथ राज्य के अन्य प्राचीन मंदिरों और तीर्थ स्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए सरकार ने कई योजनाएं लागू की हैं। 2024 में 65 करोड़ पर्यटकों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थलों का दौरा किया, जो इन पहलों की सफलता को दर्शाता है।   

UPSC CAPF 2024: अभ्युदय योजना के 14 छात्रों ने रचा सफलता का इतिहास

लखनऊ उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने एक बार फिर सफलता के प्रतिमान गढ़े हैं। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 2024 की परीक्षा में योजना से जुड़े 14 अभ्यर्थियों ने सफलता का परचम लहराया है। इन अभ्यर्थियों में श्याम यादव ने ऑल इंडिया दूसरी रैंक प्राप्त कर प्रदेश और योजना दोनों का मान बढ़ाया है। यूपी के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई दी और कहा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुसार अभ्युदय योजना आज प्रदेश के युवाओं के सपनों को पंख दे रही है। सरकार उत्तर प्रदेश, सक्षम युवा की सोच को साकार करती मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना आज युवाओं के लिए एक परिवर्तनकारी पहल बन चुकी है।” समाज कल्याण अधिकारी पवन यादव ने बताया कि श्याम यादव के साथ-साथ अन्य सफल अभ्यर्थियों में प्रतीक वर्मा (रैंक 61), अभिषेक मिश्रा (77), अनूप कुमार (106), सत्यपाल सिंह यादव (133), दिव्या सिंह परिहार (166), हिमांशु मौर्या (197), मितेंद्र श्रीवास्तव (208), रोहित वर्मा (224), ललित सिंह (225), हिमांशु सिंह (297), मंगलदीप पाल (313), रुपाली सिंह (365) और शिवम आनंद (379) शामिल हैं। ऑल इंडिया सेकंड रैंक प्राप्त करने वाले श्याम यादव ने कहा, “मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से जुड़ने के बाद मुझे विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, मॉक इंटरव्यू और उत्तम स्टडी मटेरियल मिला। योजना ने मेरी दिशा भी तय की और आत्मविश्वास भी बढ़ाया।” वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू की गई यह योजना आज प्रदेश के 75 जिलों में 166 प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य आईएएस, पीसीएस, नीट, जेईई, एनडीए, सीडीएस, सीयूइटी और सीएपीएफ जैसी परीक्षाओं के लिए समाज के हर वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण कोचिंग देना है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से चल रही इस योजना से अब तक 87,000 से अधिक युवा लाभान्वित हो चुके हैं। इनमें से 1,100 से ज्यादा अभ्यर्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित हुए हैं। योजना को सफल बनाने में संयुक्त निदेशक सुनील कुमार विशेन, पी.के. त्रिपाठी और उपनिदेशक सुनीता यादव की भूमिका सराहनीय रही है।   

श्रावण यात्रा का असर: हाईवे पर भारी वाहन रोक, रामपुर में 14 जुलाई को शिक्षण संस्थान बंद

मुरादाबाद कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने पर शनिवार रात से दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर भारी वाहनों के चलने पर रोक लगा दी गई है। अमरोहा-मुरादाबाद और रामपुर में हाईवे पर दिल्ली से लखनऊ वाली लेन कांवड़ियों के आने-जाने के लिए निर्धारित कर दी गई है जबकि लखनऊ से दिल्ली की लेन में कार समेत छोटे वाहन गुजारे जा रहे हैं। हाईवे पर रूट डायवर्जन की यह व्यवस्था सोमवार की दोपहर करीब दो बजे तक रहेगी। उधर, अमरोहा के एसपी अमित कुमार आनंद, एएसपी अखिलेश भदौरिया और सीओ अंजलि कटारिया ब्रजघाट चौकी पर शनिवार को व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। 11 जुलाई से शुरू हुए सावन माह में पहला सोमवार 14 जुलाई को है। इसके लिए शिवभक्त हरिद्वार, गोमुख, गंगोत्री से गंगा जल लाकर अपने पास के मंदिरों में भगवान भोले का जलाभिषेक करेंगे। बरेली, संभल, चंदौसी, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर के कांवड़िये ब्रजघाट से भी गंगा जल भरने आते हैं। सावन के प्रत्येक सोमवार को शिव का जलाभिषेक किया जाता है। इसके चलते शुक्रवार, शनिवार और रविवार को हाईवे पर कांवड़ियों की भीड़ रहती है। शनिवार रात कांवड़ियों की संख्या को बढ़ता देखकर अमरोहा पुलिस ने ट्रक कंटेनर, डीसीएम व निजी बसों को रूट प्लान के तहत डायवर्ट कर दिया। अमरोहा में रूट डायवर्जन होते ही मुरादाबाद और रामपुर में पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। हाईवे पर दिल्ली से लखनऊ जाने वाली लेन केवल कांवड़ियों और उनके वाहनों के लिए तय कर दी गई है जबकि लखनऊ से दिल्ली की ओर जाने वाली लेन में कार, ऑटो, पिकअप समेत छोटे वाहन चलाए जा रहे हैंं। एसपी यातायात सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि 11 जुलाई से रूट डायवर्जन किया जाना था लेकिन सावन के पहले दिन कांवड़ियों की भीड़ कम थी। शनिवार को कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने और अमरोहा में रूट डायवर्जन लागू होने के बाद यहां भी रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया है। अब दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को बदले मार्ग से गुजारा जा रहा है। शनिवार रात से डायवर्जन लागू कर दिया गया है। यह प्लान सोमवार की दोपहर दो बजे तक जारी रहेगा। अब दिल्ली से मुरादाबाद लेन को पूरी तरह कांवड़ियों के लिए तय कर दिया है। इस लेन पर किसी भी तरह के वाहन के आने की अनुमति नहीं है। मुरादाबाद से दिल्ली लेन पर दोनों तरफ की कार, पिकअप या अन्य छोटे वाहन चलते रहेंगे। – अखिलेश भदौरिया, एएसपी, अमरोहा इस मार्ग से गुजारे गए भारी वाहन रूट डायवर्जन लागू होने के बाद शनिवार रात मुरादाबाद से दिल्ली की ओर जाने वाली रोडवेज और निजी बसों समेत भारी वाहन मुरादाबाद से बिलारी, संभल, बबराला, नरौरा, डिबाई, बुलंदशहर, सिकंदराबाद होते हुए मेरठ और दिल्ली भेजे गए।  

सपा मुखिया अखिलेश के हर तंज का जवाब दे रहे हैं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद, एक्टिव नजर आए

लखनऊ भारतीय जनता पार्टी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद इन दिनों काफी एक्टिव नजर आ रहे हैं। वह सपा मुखिया अखिलेश के हर तंज का जवाब दे रहे हैं। साथ ही वह कांग्रेस पर भी पलटवार कर रहे हैं। केशव ने एक बार फिर सपा को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस ने देश पर लंबे समय तक राज करने की मंशा से ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘समाजवाद’ जैसे शब्दों का सहारा लिया था। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट पर कांग्रेस की कड़ी आलोचना की। भाजपा के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘समाजवाद’ की नकली व झूठी बैसाखियों का सहारा लेकर कांग्रेस ने लंबे समय देश की सत्ता को अपने शिकंजे में कसने का सपना पाला था। लेकिन कालचक्र ने उसका यह तिलिस्म तोड़ दिया। इसके बावजूद वह अभी भी इन जर्जर बैसाखियों से सत्ता की उम्मीद पाले बैठी है। उत्तर प्रदेश की सियासत में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव जहां अक्सर प्रदेश सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर मुखर हैं तो वहीं उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी उनके आरोपों पर पलटवार करते रहे हैं। साथ ही केशव कांग्रेस की नीतियों पर भी कड़ा रुख अपनाते रहे हैं। उत्तर प्रदेश में पिछड़ा वर्ग के वोट बैंक पर राजनीति काफी मुखर रही है। लोकसभा चुनाव में सपा के पीडीए के नारे को अक्सर केशव परिवारवाद से जोड़ते हुए निशाना साधते दिखाई देते हैं। उन्होंने इमरजेंसी के मामले पर कांग्रेस का भी घेराव किया है। हाल ही में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि कांग्रेस और सपा का असली चेहरा अब जनता के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुका है। इन दलों की तुष्टिकरण की राजनीति, झूठ से लिपटी धर्मनिरपेक्षता और मजहबी वोट बैंक के लिए राष्ट्रहित से समझौता करने की नीति अब जनता को स्वीकार नहीं है।  

कालिंदी एक्सप्रेस हादसे से बाल-बाल बची, कानपुर में चालक की तत्परता ने टाला बड़ा खतरा

कानपुर कानपुर में शुक्रवार को जमकर बारिश हुई, जहां चौबेपुर के पास रेलवे ट्रैक धंसने की वजह से कालिंदी एक्सप्रेस को रोका दिया गया। इस दौरान ड्राइवर ने बेहद सूझबूझ दिखाते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। ट्रेन को अचानक से रोका गया तो यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई, जहां कई यात्रियों ने ट्रेन से उतरकर अन्य वाहनों से अपने गंतव्य तक जाने का फैसला किया। इसके बाद रेलवे की सेक्टर टीम मौके पर पहुंची और ट्रेन को बेहद धीमी गति से गुजारा गया।   कानपुर में जारी है बारिश का प्रकोप कानपुर के कई इलाकों में शुक्रवार को जोरदार बारिश हुई, जिसकी वजह से कई जगहों पर पेड़ टूट गए। इसके अलावा बारादेवी में दो जर्जर मकान ढह गए, जिसमें एक बुजुर्ग महिला घायल हो गईं। बाद में लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने मकान में रह रहे बाकी लोगों को बाहर निकाला। इसके अलावा नौबस्ता में करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। मृतक का नाम केशव तिवारी है जो कि संजय गांधी नगर का रहने वाला है। बारिश ने खोली नगर निगम की पोल कानपुर में हुई लगातार बारिश की वजह से कुछ ही घंटों में कई सड़कें जलमग्न हो गईं, जिसकी वजह से कई जगहों पर जाम की स्थिति बन गई। सुबह दस बजे तक हुई बारिश से जगह-जगह जलभराव और सड़क धंस गईं, जिसके पूरे नगर निगम की पोल खोल कर रख दी है। जिन इलाकों की सड़कों पर पानी भर गया, उनमें गांधीनगर, किदवई नगर, घंटाघर और गोविंदनगर शामिल हैं। कई स्कूलों में छुट्टी घोषित हालात ऐसे हो गए कि इसकी वजह से कई स्कूलों में छु्ट्टी घोषित कर दी गई है। शहर के जूही खलवा पुल भरने से बैरियर लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया, जिसके चलते लोगों को घूमकर आना पड़ा। दासू कुआं से नौबस्ता बसंत विहार जाने वाली रोड में एक से दो फीट तक पानी भर गया, जहां लोगों को निकलने के लिए जूझना पड़ा। 

धर्म नहीं, आस्था है बड़ी: मुस्लिम भाई की 151 किलो की कांवड़ यात्रा बनी चर्चा का विषय

कासगंज 11 जुलाई से सावन का पवित्र महीना शुरू हो गया है। वहीं भगवान भोले के प्रति आस्था में लोग कांवड़ यात्रा के लिए खुद को रोक नहीं पाते हैं। कहा जाता है जब इश्वर के प्रति आस्था हो तो इंसान जाति और धर्म नहीं देखता है। इस बीच एक ऐसा ही मामला सामने आया है। जहां दो मुस्लिम भाइयों की भगवान भोले के प्रति आस्था जागी और वो खुद को कांवड़ ले जाने से रोक नहीं पाए। साजिद खान और सन्नी खान अपने जत्थे के साथ गंगा घाट पर पहुंचे और भागीरथ बनकर 151 किलो गंगा जल की कांवड़ लेकर गंतव्य को निकल पड़े। दोनों कहते हैं कि माता और पिता की इच्छा थी कि कांवड़ लेकर आएं और भगवान शिव का अभिषेक करें। शिव बहुत दयालु हैं, हमने सुन रखा है। हम सनातनी पहले मुस्लिम बाद में हैं।   दोनों ने उठाई 151 किलो की कांवड़ आगरा जिले के थाना बाह क्षेत्र के गांव कृषा के रहने वाले 25 वर्षीय साजिद खान और उनके दोस्त 22 वर्षीय सनी खान 151 किलो की कांवड़ लेकर बटेश्वर जा रहे हैं। वे वहां 14 जुलाई को भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। दोनों दोस्त कांवड़ यात्रा पर पहली बार आए हैं, लेकिन बहुत उत्साहित हैं। कह रहे हैं कि अपने गांव के तमाम लोगों को कई वर्षों से कांवड़ ले जाते हुए देख रहे थे।   माता-पिता की इच्छा कर रहे हैं पूरी भगवान शिव की महिमा के बारे में सुन रखा है। इस बार अपने माता-पिता के समक्ष इच्छा प्रकट की कि हम भी कांवड़ लेकर आएंगे, तो वे तत्काल तैयार हो गए और इसके बाद अपने 10 सदस्यीय जत्थे के साथ सोरों के लहरा घाट पर आ गए, जहां से कांवड़ यात्रा शुरू कर दी। बोले कि थोड़ा ब्रेक लेकर चलना पड़ता है क्योंकि 151 किलो का वजन बहुत होता है, लेकिन गंतव्य तक पहुंचेंगे और भोले भंडारी का गंगाजल से अभिषेक करेंगे। यह भी बोले कि पुरोहितजी ने पूरे विधि-विधान, पूजा-अर्चना के साथ हमें गंगा घाट से विदा किया है। जमीन पर कांवड़ नहीं रखेंगे। कांवड़ ले जाकर मिलेगा सुकून पूछा कि थकान हो रही है तो बोले कि थकान कैसी, जो कांवड़ लेकर जाता है उसमें अपने आप ताकत आ जाती है। साफ पूछा गया कि आप मुस्लिम हैं और कांवड़ लेकर जा रहे हैं, तो बीच में ही साजिद बोले, पहले तो हम सनातनी हैं, मुस्लिम बाद में। सवाल आस्था का है तो भगवान शिव भी हमारे आराध्य हैं। इन कांवड़ यात्रियों का जोश, जज्बा और जुनून देखते ही बनता है।

खुफिया साजिश का खुलासा: छांगुर की काठमांडू में आईएसआई से नजदीकी और देशविरोधी मंसूबे

बलरामपुर छांगुर…नीतू… और नवीन। ये बस तीन नाम नहीं हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार ये देश विरोधी षडयंत्र, सामाजिक समरसता और सद्भाव के खात्मे के प्रयास के तीन अहम मोहरे हैं। मिशन आबाद के लिए आर्थिक रूप से कमजोर हिंदू परिवारों के अवैध धर्मांतरण से इतर इनकी साजिश बेहद खौफनाक रही। ये पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से भी हाथ मिलाने की तैयारी में थे। इसके लिए छांगुर काठमांडू भी गया था, लेकिन समय रहते सुरक्षा एजेंसियों ने तीनों को दबोचकर प्रदेश और देश को बड़ी अनहोनी से बचा लिया। बीते दिनों नेपाल के पूर्व सैनिकों का एक सम्मेलन राजधानी काठमांडू स्थित पाकिस्तान दूतावास में आयोजित हुआ, जिसमें पाकिस्तान की नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी (एनडीयू) का प्रतिनिधिमंडल मौजूद था। पाकिस्तान दूतावास के सैन्य सलाहकार कर्नल मुहम्मद अली अल्वी भी मौजूद थे। पाकिस्तानी दल ने किया था भारत सीमा का दौरा दुनिया को दिखाने के लिए भले ही यह एक्सचेंज प्रोग्राम था, लेकिन इस कार्यक्रम के बाद पाकिस्तानी दल ने भारत सीमा का दौरा किया था, जिसमें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के अधिकारी भी थे। नेपाल के सीमावर्ती जिले दांग के एक कद्दावर धार्मिक नेता के साथ छांगुर आईएसआई से नजदीकी बढ़ाने काठमांडू तक भी पहुंचा था, लेकिन तब सुरक्षा कारणों से वह पाकिस्तानी दूतावास में दाखिल नहीं हो सका। इसकी रिपोर्ट सुरक्षा एजेंसियों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी, जिसके बाद छांगुर, नीतू उर्फ नसरीन और नवीन उर्फ जलालुद्दीन की निगरानी बढ़ाई गई। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार छांगुर एक विशेष योजना लेकर नेपाल गया था।