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डॉक्टर समेत चार लोग फंसे साइबर जालसाज़ों के जाल में, खाते से उड़ाए लाखों रुपये

लखनऊ  लखनऊ में साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं। कस्टमर केयर और ट्रेडिंग के नाम पर जालसाजों ने इंदिरानगर मड़ियांव कृष्णा नगर और गाजीपुर के चार लोगों को 3.56 लाख रुपये का चूना लगाया। पीड़ितों में एक डॉक्टर भी शामिल हैं जिन्होंने कस्टमर केयर पर शिकायत की थी। पुलिस ने मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।   संपर्क करने पर ट्रेडिंग का झांसा देकर जालसाज ने जाल में फंसाया। मुनाफा दिलाने के नाम पर जालसाज ने क्यूआर कोड भेजकर जीएसटी चार्ज व यूएसडीटी समेत अन्य मदों के नाम पर 1,58,373 रुपये ट्रांसफर करा लिया। कृष्णानगर के नारायणपुरी निवासी श्रीकांत वर्मा ने बताया कि साइबर जालसाज ने खाते से दो बार में 99,998 रुपये निकाल लिए। इसके अलावा गाजीपुर के पटेल नगर निवासी सावित्री मिश्रा ने मीशो से खरीदारी कर 1315 रुपये का भुगतान किया था।  

यूपीआईटीएस-2025: ट्रेड शो के हाल नंबर चार के स्टॉल 9 पर साचीज द्वारा प्रदेश की स्वास्थ्य उपलब्धियों और सशक्त स्वास्थ्य संरचना का किया गया प्रदर्शित

उत्तर प्रदेश के पड़ोसी राज्य के लोग प्रदेश की उत्तम स्वास्थ्य सेवाओं को अपने प्रदेश में लागू करने के लिए जानकारी लेते नजर आए ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं भी चर्चा का केंद्र रहीं, जो उत्तर प्रदेश आठ साल पहले बीमारू राज्य के नाम से जाना जाता था, वर्तमान में उसी उत्तर प्रदेश की उत्तम स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी लोग लेते दिखे। इनमें सबसे अधिक उत्तर प्रदेश के पड़ोसी राज्य के लोग जानकारी लेते हुए दिखाई दिये ताकि वह प्रदेश के उत्तम स्वास्थ्य सेवाओं को अपना यहां भी लागू कर सकें। इस दौरान पूरे देश में सबसे अधिक आयुष्मान भारत योजना के तहत हेल्थ कार्ड बनाने की प्रक्रिया की भी जानकारी ले रहे थे। अब तक 5.38 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए गए, देश में उत्तर प्रदेश कार्ड बनाने में अव्वल ट्रेड शो के हाल नंबर चार के स्टॉल नंबर 9 पर में स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएआई) के तहत उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक उपलब्धियों और सशक्त स्वास्थ्य संरचना का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान साचीज़ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू किए गए स्वास्थ्य सुधारों और उनके नेतृत्व में राज्य में किए जा रहे क्रांतिकारी प्रयासों को साझा किया।आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक उत्तर प्रदेश में लगभग 9 करोड़ लक्षित लाभार्थियों में से 5.38 करोड़ लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जिसके चलते उत्तर प्रदेश पूरे देश में इस मामले में प्रथम स्थान पर है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब और वंचित परिवारों को मुफ्त इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रदान करना है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर किसी भी तरह का दबाव न पड़े। उत्तर प्रदेश में अब तक 87 प्रतिशत पात्र परिवारों में से कम से कम एक सदस्य का आयुष्मान कार्ड बन चुका है, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए प्रयासों का प्रत्यक्ष परिणाम है। अस्पतालों, चिकित्सा उपकरण निर्माताओं और औषधि उद्योग से जुड़े निवेशकों को निवेश के लिए किया आमंत्रित प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना को प्राथमिकता दी और राज्य के सभी नागरिकों को इससे जोड़ने के लिए कठोर प्रयास किए। योगी सरकार की नीतियों और योजनाओं के चलते उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से सुधार हुआ है। उनके नेतृत्व में राज्य ने स्वास्थ्य अवसंरचना में वृद्धि की है और जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई दिशा दिखाई है। मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना को राज्य के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने के लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम और अभियान चलाए हैं। इसके साथ ही, उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को हर संभव सहायता और प्रशिक्षण प्रदान किया ताकि योजना का पूरा लाभ सुनिश्चित किया जा सके। प्रदर्शनी में साचीज़ के सीईओ अर्चना वर्मा ने उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे व्यापक बदलावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना ने गरीब और वंचित परिवारों को न केवल मुफ्त इलाज दिया है, बल्कि उनकी ज़िंदगी में भी सकारात्मक परिवर्तन लाए हैं। योजना के तहत बनाए गए आयुष्मान कार्डों ने लाभार्थियों को सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की हैं। साचीज़ के सीईओ ने यह भी रेखांकित किया कि उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश की बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने अस्पतालों, चिकित्सा उपकरण निर्माताओं और औषधि उद्योग से जुड़े निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य विभाग एवं साचीज़ द्वारा निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। योगी सरकार के नेतृत्व में पिछले आठ वर्षों में प्रदेश में निवेशकों के लिए पैदा हुए नए अवसर प्रदर्शनी में यह भी बताया गया कि उत्तर प्रदेश की चिकित्सा अवसंरचना का सुदृढ़ीकरण दोहरी सफलता का प्रतीक है। एक ओर जहां गरीबों को सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ मिल रही हैं, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य क्षेत्र के हितधारकों के लिए विकास और निवेश के नए रास्ते खुल रहे हैं। इस पहल से न केवल राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर बढ़ा है, बल्कि निवेशकों के लिए नए अवसर भी पैदा हुए हैं। साचीज़ के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश को देश के सबसे बड़े स्वास्थ्य बाज़ार के रूप में देखा जा सकता है, जो निवेशकों के लिए एक सशक्त और भरोसेमंद पारिस्थितिकी तंत्र उपलब्ध कराता है। प्रदेश की बढ़ती स्वास्थ्य अवसंरचना ने ना केवल लाभार्थियों को उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान की हैं, बल्कि इसने चिकित्सा क्षेत्र में नए आयामों का भी निर्माण किया है। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर, डायरेक्टर डीजीएमआईएस, नोडल अधिकारी साचीज़ डॉ. सचिन वैश्य, अमरेन्द्र सिंह महाप्रबंधक पॉलिसी एवं पब्लिक हेल्थ साचीज़, डॉ. रविकांत सिंह महाप्रबंधक संचालन साचीज़ और डॉ. नितिन गुप्ता टीम लीड टेक्निकल सपोर्ट यूनिट सहित साचीज़ के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। निवेशकों की पहली पसंद बन रहा उत्तर प्रदेश प्रदर्शनी में आयुष्मान भारत योजना और योगी सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए प्रयासों से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में हुए बदलाव को प्रदर्शित किया गया। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनसे प्रदेश के गरीब और वंचित वर्ग को फायदा हुआ है। अब उत्तर प्रदेश न केवल एक सशक्त स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के निर्माण की दिशा में अग्रसर है, बल्कि यह निवेशकों के लिए भी एक आकर्षक गंतव्य बन चुका है।  

अफरा-तफरी के बीच कार्रवाई: मौलाना तौकीर रजा को पुलिस ने दबोचा, जल्द होगा सीतापुर जेल ट्रांसफर

बरेली  यूपी के बरेली में जुमा की नमाज के बाद शहर में कई जगह उपजे बवाल के मामले में आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार सुबह करीब पांच बजे पुलिस ने उनका मेडिकल कराया और इसके बाद सुबह छह बजे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। अब सुरक्षा कारणों से मौलाना को सीतापुर जेल भेजा जा रहा है। बवाल के दौरान पथराव और झड़पों में 15 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे, जिनका जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके अलावा मौलाना के सात समर्थकों का भी मेडिकल कराया गया है, जिन्हें जेल भेजा जाएगा। बता दें कि कानपुर प्रकरण को लेकर शुक्रवार को बरेली में बवाल की स्थिति बनी रही। नमाज के बाद कोतवाली के खलील तिराहे से बवाल शुरू हुआ और फिर शहर के विभिन्न इलाकों में पुलिस पर पथराव और फायरिंग की गई। इसको लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। 2010 के दंगे का भी आरोपी है मौलाना तौकीर बरेली में बवाल के बाद आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा का नाम एक बार फिर चर्चा में है। आईएमसी प्रमुख 2010 में बरेली में हुए दंगे का आरोपी है। हालांकि मामला कोर्ट में लंबित है। इतना ही नहीं मौलाना ने ज्ञानवापी ढांचे में पूजा शुरू होने के बाद भी जेल भरो आंदोलन की घोषणा की थी। मौलाना पहले भी विवादित बयानबाजी कर चुके हैं। सीएम योगी ने दिया है सख्त कार्रवाई का आदेश बरेली बवाल के बाद शुक्रवार की देर रात सीएम योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने शनिवार की सुबह भी बरेली में चल रही कार्रवाई के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। सीएम योगी ने उपद्रवियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है। सीएम ने कहा है कि एक भी उपद्रवी बख्शा नहीं जाएगा। ऐसी कार्रवाई होगी कि अराजकता फैलाने वाले दोबारा सोचेंगे भी नहीं। ख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो टूक शब्दों में कहा है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश पर सरकार कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरा बुराई और आतंक के दहन का पर्व है। उपद्रवियों पर ऐसी कार्रवाई हो कि वे दोबारा कभी इस गलती की सोच भी न सकें। कार्रवाई के लिए किसी और समय का इंतज़ार न करें। यही सही समय है। उपद्रवियों पर निर्णायक कार्रवाई की जाए।  

योगी सरकार में सुदृढ़ हुई कानून व्यवस्था, 15 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतरा

यूपीआईटीएस 2025  2017 से पहले जो यूपी पिछड़ा था, आज आर्थिक तरक्की की मिसाल हैः सुरेश खन्ना प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री मंत्री ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में ट्रांसफॉर्मिंग फाइनेंशियल लैंडस्केप इन यूपी सेशन को किया संबोधित योगी सरकार में सुदृढ़ हुई कानून व्यवस्था, 15 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतरा  जो प्रदेश कभी अर्थव्यवस्था और विकास के पैमाने पर पिछड़ा हुआ था वह अब तरक्की की नई इबारत लिख रहा ग्रेटर नोएडा  2017 से पहले जो यूपी पिछड़ा था, आज आर्थिक तरक्की की मिसाल बन चुका है। अब यूपी सुरक्षा और सुशासन का पर्याय बन चुका है। प्रदेश विकास के पैमाने पर चौतरफा तरक्की कर रहा है। यह बातें उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में आयोजित 'ट्रांसफॉर्मिंग फाइनेंशियल लैंडस्केप इन यूपी' में कहीं। कार्यक्रम को प्रदेश के एमएसएमई, खादी और ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, वित्त विभाग के विशेष सचिव समीर वर्मा, बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य महा प्रबंधक इंदर मोहन सिंह समेत कई अन्य अतिथियों ने संबोधित किया। यूपीआईटीएस उद्यमियों के लिए बेहतरीन प्लेटफॉर्म  वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के उद्यमियों के लिए एक बेहतरीन प्लेटफार्म है। यह आयोजन किस कदर सफल है, इसका अंदाजा यहां बढ़ रही निवेशकों और उद्यमियों की संख्या से लगाया जा सकता है। वित्त मंत्री ने कहा कि जब से केंद्र में एनडीए और यूपी में योगी सरकार आई है, कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ हुई है और संगठित अपराध खत्म हो चुका है। इसके चलते जो प्रदेश कभी अर्थव्यवस्था और विकास के पैमाने पर पिछड़ा हुआ था वह अब तरक्की की नई इबारत लिख रहा है। मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ बिना थके, बिना रुके यूपी के विकास के लिए सतत काम कर रहे हैं। 2017 से पहले यूपी की स्थिति बेहद खराब थी, लेकिन आज पूरी दुनिया में लोग यूपी को बेहतर कानून व्यवस्था और आर्थिक तरक्की के लिए जानते हैं। विदेशी दौरों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां भी लोग कहते हैं कि योगी जैसा नेता चाहिए। यूपी में बह रही विकास की गंगा  वित्त मंत्री ने बताया कि योगी सरकार में यूपी का बजट और उसका आकार लगातार बढ़ा है। 2018 तक बजट का साइज 3 लाख करोड़ तक था जो आज बढ़कर 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक का हो गया है। उन्होंने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति सही होने की वजह से यूपी में विकास की गंगा बह रही है और अब तक 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आ चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निवेशकों की हर संभव मदद कर रही है। निवेशकों की सहूलियत के लिए निवेश मित्र और निवेश सारथी जैसे एप बनाए गए हैं।  एफडीआई आकर्षित करने में यूपी देश में अव्वल  वित्त मंत्री ने उद्यमियों से अपील की कि वे अपने उत्पाद की क्वालिटी पर विशेष ध्यान दें ताकि वैश्विक स्तर पर भारतीय उत्पाद भरोसेमंद ब्रांड बने। राष्ट्रीय बैंकों को सीडी रेश्यो सुधारने की नसीहत देते हुए खन्ना ने कहा कि प्राइवेट बैंकों की शर्तें और सिक्योरिटी मेजर्स राष्ट्रीय बैंकों से ज्यादा हैं, इसके बावजूद उनका सीडी रेश्यो बेहतर है। इसलिए नेशनलाइज्ड बैंकों को आत्मनिरीक्षण कर सुधार करना चाहिए और बैंकों को और अधिक उदार रवैया अपनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि एफडीआई आकर्षित करने में यूपी देश में अव्वल है और अब तक 3700 करोड़ रुपये का एफडीआई आ चुका है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को विकसित राष्ट्र की संकल्पना को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने का परिणाम है।  जीएसटी रिफॉर्म से आम जनता को मिलेगा बड़ा लाभ  सुरेश खन्ना ने कहा कि जीएसटी में राहत से आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा। यूपी का एक्सपोर्ट 2014 से पहले 84,000 करोड़ रुपये का था, जो आज बढ़कर 1,76,000 करोड़ रुपये से अधिक का हो गया है। यूपी की अर्थव्यवस्था में जबरदस्त उछाल आया है। हमने अपने बजट में 133 प्रतिशत की वृद्धि की है और वर्ष 2024-25 में 59,000 करोड़ रुपये के राजस्व सरप्लस स्टेट बने हैं। हमारी आय हमारे खर्च से कहीं ज्यादा है और इस मामले में यूपी देश में सबसे आगे हैं। एमएसएमई सबसे बड़ा रोजगार देने वाला सेक्टर– राकेश सचान एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने कहा कि प्रदेश का बजट इस बार अब तक का सबसे बड़ा रहा और योगी जी के नेतृत्व में यूपी लगातार आर्थिक तरक्की कर रहा है। देश की जीडीपी में योगदान के मामले में यूपी का स्थान अब दूसरे नंबर पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 25 करोड़ लोगों के लिए कई योजनाएं चलाई गईं। एक जिला, एक उत्पाद और विश्वकर्मा योजना जैसी योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा जयंती पर योजना में 10 और ट्रेड जोड़े गए हैं, जबकि पहले केवल 12 ट्रेड थे। सचान ने कहा कि कृषि के बाद एमएसएमई सबसे बड़ा सेक्टर है जो रोजगार देता है। जीएसटी सुधारों के बाद इस सेक्टर में और अधिक तरक्की के द्वार खुल गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब उद्यम प्रदेश बन रहा है। बड़ी संख्या में युवा अपना उद्यम शुरू करने के लिए ऋण प्राप्त करने हेतु आवेदन कर रहे हैं। अब तक सात लाख से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं, जिन्हें रिव्यू करने के बाद बैंकों को भेजा गया है। लेकिन कई बार युवाओं को ऋण प्राप्त करने में कठिनाई आती है। उन्होंने बैंकों से कहा कि उन्हें इस पर ध्यान देना चाहिए ताकि कोई भी युवा ऋण से वंचित न रह जाए। सचान ने कहा कि एमएसएमई उद्यमियों की यह भी मांग है कि जिस तरह किसानों को ऋण के लिए क्रेडिट कार्ड दिया जाता है, उसी तर्ज पर एमएसएमई के लिए भी एक अलग क्रेडिट कार्ड जारी किया जाए।

मौसम विभाग की चेतावनी: 15 राज्यों में तेज़ बारिश, 8 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट

लखनऊ  शारदीय नवरात्र के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 27 सितंबर को आठ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तर प्रदेश समेत 15 राज्यों में भी कहीं येलो तो कहीं ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर-पश्चिम और उससे सटे मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने दवाब के कारण 30 सितंबर तक कहीं भयंकर बारिश तो कहीं तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है. ऑल इंडिया वेदर फॉरकास्ट बुलेटिन की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 30 सितंबर से पहले तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर भयंकर बारिश होने की संभावना है.   छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल और माहे, कोंकण और गोवा, लक्षद्वीप, महाराष्ट्र, रायलसीमा और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर भी भारी वर्षा होने की संभावना है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और तटीय आंध्र प्रदेश में तेज हवाएं भी चलेंगी. कहां-कहां तेज बारिश के आसार भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, गुजरात, कोंकण और गोवा, कर्नाटक, केरल तट और उससे सटे लक्षद्वीप क्षेत्र, मन्नार की खाड़ी, दक्षिण बंगाल की खाड़ी, मध्य बंगाल की खाड़ी और उत्तरी बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों, श्रीलंका तट के साथ और उसके आसपास, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश, म्यांमार तट, अंडमान सागर में भयंकर बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा दक्षिण, मध्य बंगाल की खाड़ी से सटे उत्तरी बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में 45-55 किमी प्रति घंटे की गति से हवा चलने और 65 किमी प्रति घंटे तक की गति से तूफानी मौसम रहने की संभावना है।   भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का पूर्वानुमान देखें भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, छत्तीसगढ़, केरल और माहे, कोंकण और गोवा, महाराष्ट्र, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, ओडिशा और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, गुजरात क्षेत्र, झारखंड, मध्य प्रदेश, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, तथा पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। गरज के साथ तूफान आने की संभावना अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाओं के साथ गरज के साथ तूफान आने की संभावना है। बिहार, आंतरिक कर्नाटक, झारखंड, केरल और माहे, लक्षद्वीप, ओडिशा, रायलसीमा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर बिजली और तेज़ हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे) के साथ तूफान आने की संभावना है। असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, गुजरात राज्य, कोंकण और गोवा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल और उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बिजली के साथ गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। तेज़ हवाएं चलने की संभावना अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, गंगीय पश्चिम बंगाल, केरल और माहे, कोंकण और गोवा, लक्षद्वीप, ओडिशा और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर तेज़ हवाएं चलने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम से सटे पश्चिम-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों और सोमालिया तट के साथ-साथ 45 किमी प्रति घंटे से 55 किमी प्रति घंटे की गति से 65 किमी प्रति घंटे की गति से तेज़ हवाएँ चलने की संभावना है। दक्षिण और उसके आसपास 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से 60 किमी प्रति घंटे की गति से तेज़ हवाएँ चलने की संभावना है।  

जिलाधिकारी आज़मगढ़ की साहसिक यात्रा

आज़मगढ़  दिनांक 19 सितम्बर, 2025 को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में  रविंद्र कुमार, आई0ए0एस0, जिलाधिकारी, आज़मगढ़ द्वारा 100वें कॉमन फाउंडेशन कोर्स के अधिकारी प्रशिक्षुओं को एक ज्ञानवर्धक सत्र प्रदान किया गया।  कुमार द्वारा फाउंडेशन कोर्स के अंतर्गत अधिकारी प्रशिक्षुओं को पर्वतारोहण एवं ट्रेकिंग से सम्बन्धित साहसिक गतिविधियों पर एक विशेष प्रशिक्षण सत्र प्रदान किया गया। इस सत्र के दौरान  कुमार ने पीपीटी एवं व्याख्यान के माध्यम से प्रशिक्षुओं को न केवल पर्वतीय गतिविधियों की तकनीकी जानकारी दी, ताकि प्रशिक्षु अधिकारियों को दिये गये स्किल से भविष्य में पर्वतीय या आपदा-प्रवण क्षेत्रों अपनी फील्ड पोस्टिंग के दौरान आपदा प्रबन्धन में राहत एवं बचाव कार्यों में मदद मिल सके और जिससे आम  लोगों की जान-माल की सुरक्षा हो सके।  कुमार द्वारा पूर्व में भी कई बार पर्वतारोहण के विषय पर ट्रेकिंग से सम्बन्धित साहसिक गतिविधियों पर प्रशिक्षण सत्र प्रदान किया है।   रविन्द्र कुमार 2011 बैच के आई0ए0एस0 अधिकारी हैं। लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में प्रथम फेज की टेªनिंग के बाद सिक्किम में परीवीक्षा प्रशिक्षण के तहत तैनात थे। सिक्किम में डिस्ट्रिक्ट ट्रेनिंग के दौरान वर्ष 2012 में एच0एम0आई0 दार्जीलिंग से बेसिक माउंटेनियरिंग प्रशिक्षण कोर्स एवं एडवांस माउंटेनियरिंग का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके अलावा  कुमार ने सिक्किम के पर्वतीय क्षेत्रों में लम्बी-लम्बी ट्रेकिंग की एवं पर्वतारोहण का अभ्यास किया।   रविन्द्र कुमार द्वारा वर्ष 2013 में नेपाल रूट से एवरेस्ट अभियान प्रारम्भ किया। 10 दिन की ट्रैकिंग के बाद बेस कैम्प पहुँचे। वहाँ पहुँचने पर लगभग 2 सप्ताह तक अनुकूलन (Acclimatisation) हेतु अभ्यास किया, तत्पश्चात अनुकूल मौसम मिलने पर शिखर की ओर बढ़ना शुरू किया। अंतिम चढ़ाई के दौरान Death Zone में ऑक्सीजन मास्क का प्रयोग किया क्योंकि एवरेस्ट की ऊँचाई पर केवल एक-तिहाई ऑक्सीजन मिलती है। इस वर्ष कुल 9 पर्वतारोहियों की मृत्यु हुई, जिनमें से दो पर्वतारोहियों से  कुमार की पहले बेस कैम्प में मुलाकात भी हुई थी। उन्हें उन पर्वतारोही की मौत पर गहरा दुःख हुआ। अंततः  रविन्द्र कुमार ने 19 मई 2013 को शिखर पर पहुँचकर भारतीय तिरंगा लहराया।     जून 2013 में एवरेस्ट से लौटने के बाद सिक्किम के विभिन्न जिलो में एस0डी0एम0 एवं ए0डी0एम0 के रूप में तैनाती रही, जहाँ वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव भी करवाया। तत्पश्चात माननीय प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने 02 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन का शुभारम्भ किया, तब रविन्द्र कुमार ने तय किया कि स्वच्छ भारत मिशन के बारे में लोगों को जागरूक करने हेतु दूसरी बार एवरेस्ट की चढ़ाई की जाये।  वर्ष 2015 में 5 सिविल सेवकों की एक टीम बनाई गई। जिसे माननीय प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी द्वारा 27 मार्च 2015 को ‘स्वच्छ भारत अभियान‘ के तहत हरी झण्डी दिखा कर रवाना किया।  कुमार द्वारा टीम का नेतृत्व करते हुए ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत देश के लोगों में स्वच्छता को लेकर जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से नेपाल (दक्षिण) मार्ग से माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने का प्रयास किया गया, परन्तु 25 अप्रैल, 2015 को आए विनाशकारी भूकंप के कारण उनका प्रयास विफल हो गया। नेपाल में भूकंप आने से एवरेस्ट पर हिमस्खलन (Avalanche) हुआ। इस भीषण भूकंप ने एवरेस्ट अभियान को गहरा झटका दिया। अभियान के दौरान अचानक आए हिमस्खलन से बेस कैम्प बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई टेंट नष्ट हो गए, कई पर्वतारोही घायल हुए और कई लोगो ने अपनी जान गवांई। नेपाल सरकार ने सभी अभियानों को रद्द कर दिया।  कुमार ने साहस और मानवता का परिचय देते हुए घायल पर्वतारोहियों एवं शेरपाओं को अस्थायी अस्पताल तक पहुँचाने में मदद की। इस मानवीय कार्य एवं सेवा भावना को देखते हुए  रविन्द्र कुमार को हिमालयन रेस्क्यू एसोसिएशन, नेपाल ने प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। यह अभियान भले ही अधूरा रहा हो, लेकिन मानवता और सेवा के मूल्यों ने इसे अविस्मरणीय बना दिया। वर्ष 2019 में जल संरक्षण हेतु जागरूक करने के उद्देश्य ‘स्वच्छ गंगा स्वच्छ भारत एवरेस्ट अभियान’ केे तहत  रविन्द्र कुमार गंगा जल लेकर द्वारा उत्तरी मार्ग (चीन) से दिनांक 23 मई 2019 को विश्व की सबसे ऊँची चोटी एवरेस्ट पर पुनः पहुँचे।   कुमार द्वारा एवरेस्ट शिखर पर तिरंगा लहराया एवं गंगाजल अर्पित करते हुए समस्त देशवासियों से जल बचाओ की अपील की।  कुमार द्वारा एवरेस्ट शिखर पर नमामि गंगे, स्वच्छ भारत मिशन एवं उत्तर प्रदेश सरकार का लोगो (प्रतीक चिन्ह्)  भी ले जाया गया। इस वर्ष 11 पर्वतारोहियों की मृत्यु हुई, जिनमें से कुछ साथी अभियान के दौरान मिले भी थे। चढ़ाई के दौरान कई पुरानी मृत देहें भी दिखीं, जो अत्यधिक ठंड के कारण दशकों बाद भी सुरक्षित पड़ी थीं। यह अभियान दृढ़ निश्चय, अनुशासन और भारत की सांस्कृतिक धरोहर के प्रति श्रद्धा का प्रतीक रहा।   रविन्द्र कुमार भारत के पहले और एकमात्र सिविल सेवक हैं जिन्होंने माउंट एवरेस्ट पर दो बार अलग-अलग रास्तों से चढ़ाई की है, एक बार 2013 में दक्षिण (नेपाल) मार्ग से और 2019 में उत्तर (चीन) मार्ग से। वे उन 15 भारतीयों में से एक हैं, जिन्होंने नेपाल और चीन दोनों मार्गों से माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की है।  कुमार ने माउंट एवरेस्ट के अलावा, उन्होंने 2014 में टिंगचेनखांग पीक (पश्चिम सिक्किम), 2015 में बीसी रॉय पीक (पश्चिम सिक्किम), जनवरी 2019 में तांगलांग-ला पीक (लेह) और मार्च 2019 में रेनोक पीक (पश्चिम सिक्किम) जैसी अन्य चोटियों पर भी चढ़ाई की है।  रविन्द्र कुमार वर्तमान में जिलाधिकारी आज़मगढ़ के पद पर तैनात हैं। वर्ष 2011 बैच के  रविन्द्र कुमार ने सिक्किम में नियुक्ति के दौरान एस0डी0एम0 तथा ए0डी0एम0 के पदीय दायित्वों का निर्वहन किया है। मई, 2016 में उत्तर प्रदेश कैडर में ट्रांसफर होने के बाद मुख्य विकास अधिकारी, सीतापुर के पद पर रहे, जहां 2017 विधानसभा चुनाव सकुशल सम्पन्न कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। तत्पश्चात जिलाधिकारी, फर्रूखाबाद के पद पर स्थानान्तरित हुए। उसके बाद डेढ़ साल तक वर्ष 2019 में जल संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार में मा0 कैबिनेट मंत्री सु उमा भारती जी के निजी सचिव के रूप में कार्य किया, जिस दौरान दूसरी बार एवरेस्ट की सफलतम चढ़ाई की।  एवरेस्ट से लौटने पर जिलाधिकारी, बुलन्दशहर के रूप में अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन किया जहां ‘नागरिक संशोधन विधेयक’ एवं ‘कोविड’ के दौरान बहुत ही साहसिक एवं निडर भाव से सराहनीय कार्य किया।  वर्ष 2021 में जिलाधिकारी, झाँसी के पद पर स्थानान्तरित हुए जहां पर जल संरक्षण हेतु सरकार द्वारा चलाये गये कार्यक्रमों में विशेष अभिरूचि … Read more

नेहा की अगुआई में एकता समूह की सभी 10 सदस्य बन चुकी हैं सफल उद्यमी

मिशन शक्ति- 5.0 लखनऊ  उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जनपद के ग्राम जिन्दपुरा की नेहा कश्यप मिशन शक्ति के तहत नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरी हैं। एकता स्वयं सहायता समूह (SHG) की अध्यक्ष के रूप में नेहा ने 10 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को जागरूक कर मशरूम खेती जैसे अभिनव उद्यम की नींव रखी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिला सशक्तीकरण मुहिम ने नेहा को न केवल आर्थिक स्वतंत्रता दी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान की नई राह भी दिखाई है। नेहा कश्यप की यात्रा तब शुरू हुई जब उन्होंने उ0प्र0 राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की योजना के तहत एकता समूह का गठन किया। समूह की कोषाध्यक्ष नूरजहां और सचिव माया देवी के साथ मिलकर नेहा ने 10 महिलाओं को छोटी-छोटी बचत के लिए प्रेरित किया। नेहा कश्यप कहती हैं “मैंने सोचा कि सीमित संसाधनों से भी हम अपनी जिंदगी बदल सकते हैं। मशरूम खेती का विचार मुझे आया और समूह ने इसे स्वीकार किया। स्टार्टअप फंड, रिवाल्विंग फंड, सीआईएफ और सीसीएल से मिले वित्तीय सहयोग ने उनके सपने को पंख दिए।” नेहा ने अपने 42 फीट लंबे और 36 फीट चौड़े मशरूम फार्म की स्थापना की, जिसमें 30,000 रुपये की लागत आई। 10,000 रुपये झोपड़ी और बांस के प्लेटफॉर्म, 2,000 रुपये भूसा-कंपोस्ट, 3,000 रुपये के बीज, 2000 रुपये के रासायनिक दवाएं-खाद और 4,800 रुपये पारिश्रमिक पर खर्च हुए। परिवार के सहयोग से उन्होंने वटन और ढिंगरी प्रजाति की खेती शुरू की, जिससे मासिक 40,000 से 50,000 रुपये की आमदनी होती है। नेहा कहती हैं “मिशन शक्ति ने हमें प्रशिक्षण और सुरक्षा दी। अब हम आत्मनिर्भर हैं, मैं अपने समूह को और सशक्त करना चाहती हूं। सरकार का सहयोग हमें आगे बढ़ा रहा है।”  एकता समूह की सभी 10 सदस्य सफल उद्यमी बनीं नेहा की अगुआई में एकता समूह की सभी 10 सदस्य सफल उद्यमी बन चुकी हैं। मशरूम खेती के अलावा बकरी पालन, जरी, और सिलाई जैसे कार्यों से उन्होंने रोजगार और आर्थिक सुधार हासिल किया। विकास खंड निगोही में ऐसे कई SHG हैं, जो मिशन शक्ति की बदौलत प्रगति कर रहे हैं। नेहा अब अपने मशरूम उद्यम को और विस्तार देने की योजना बना रही हैं।  उत्पादन को बड़े बाजारों तक पहुँचाने है लक्ष्य नेहा का लक्ष्य है कि उत्पादन को बड़े बाजारों तक पहुँचाया जाए और समूह की अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जाए। वे चाहती हैं कि जिन्दपुरा गांव की महिलाएं आने वाले समय में पूरे जिले और प्रदेश के लिए आदर्श बनें। नेहा कश्यप का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मिशन शक्ति अभियान उनकी प्रेरणा का बड़ा आधार बना। इसने उन्हें यह विश्वास दिलाया कि महिलाएं न केवल घर संभाल सकती हैं, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था की दिशा भी बदल सकती हैं। उनका मानना है कि यदि महिलाएँ संगठित हों और उन्हें अवसर मिले, तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं।

गोरक्षपीठ के वर्तमान सहित तीन पीठाधीश्वरों के सानिध्य में कार्य करने वाले विरले लोगों में शामिल रहे पूर्व कुलपति

एमपी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष, पूर्व कुलपति प्रो यूपी सिंह का निधन गोरक्षपीठ के वर्तमान सहित तीन पीठाधीश्वरों के सानिध्य में कार्य करने वाले विरले लोगों में शामिल रहे पूर्व कुलपति विद्वता, कर्मठता के साथ सांगठनिक कौशल के लिए भी याद किए जाएंगे प्रो. सिंह सीएम योगी ने जताया शोक, रविवार को अंतिम संस्कार में भी होंगे शामिल गोरखपुर  महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष, पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. उदय प्रताप सिंह (यूपी सिंह) का शनिवार सुबह निधन हो गया। 92 वर्षीय प्रो. सिंह पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे। अध्यापन कार्य में आने के बाद से ही उनका पूरा जीवन गोरक्षपीठ और महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद को समर्पित रहा। उनके निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक प्रकट किया है। मुख्यमंत्री रविवार को प्रो. सिंह के अंतिम संस्कार के समय गोरखपुर के राजघाट पर मौजूद रहेंगे। प्रो. सिंह अपने पीछे दो पुत्रों दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. वीके सिंह और यूपी कॉलेज के आचार्य प्रो. राजीव कृष्ण सिंह का परिवार छोड़ गए हैं।  मूल रूप से गाजीपुर जिले के निवासी प्रो. यूपी सिंह का जन्म 1 सितंबर 1933 को हुआ था। वह उन विरले लोगों में शामिल रहे जिन्हें गोरक्षपीठ के लगातार तीन पीठाधीश्वरों के सानिध्य में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ। गणित विषय के विद्वान रहे स्वर्गीय सिंह की बतौर शिक्षक पहली नियुक्ति गोरक्षपीठ के तत्कालीन पीठाधीश्वर महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज ने एमपी शिक्षा परिषद के महाराणा प्रताप महाविद्यालय में की थी। गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए महंत जी ने यह महाविद्यालय दान में दे दिया तब यूपी सिंह विश्वविद्यालय में गणित के शिक्षक हो गए। इस विश्वविद्यालय में वह आचार्य और गणित विभाग के अध्यक्ष के रूप में ख्यातिलब्ध रहे। अपनी शैक्षिक सेवा यात्रा में उन्होंने बाद में पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के कुलपति के रूप में भी सेवाएं दीं। महंत दिग्विजयनाथ जी के स्मृतिशेष होने के बाद प्रो. यूपी सिंह ने गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के मार्गदर्शन में एमपी शिक्षा परिषद की सेवा की। उनकी सेवा साधना का यह अनुष्ठान वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सानिध्य में आजीवन जारी रहा।  प्रो. यूपी सिंह को विद्वता, कर्मठता के साथ उनके सांगठनिक कौशल के लिए भी याद किया जाएगा। वह डॉ. भोलेन्द्र सिंह के बाद वर्ष 2018 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष बनाए गए और अंतिम सांस लेने तक इस पद पर बने रहे। शिक्षा परिषद द्वारा 2021 में जब महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर की स्थापना की गई तो उन्हें इसका प्रति कुलाधिपति बनाया गया। प्रो. यूपी सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक और विद्या भारती में भी विविध पद दायित्वों का सकुशल निवर्हन किया। उनके निधन पर महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं में शोक की लहर है।  रविवार को राजघाट पर होगा अंतिम संस्कार, सीएम योगी भी आएंगे प्रो. यूपी सिंह का अंतिम संस्कार रविवार (28 सितंबर) को पावन राप्ती नदी के राजघाट पर दिन में 12 बजे से होगा। इस अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी प्रो सिंह को अंतिम विदाई देने के लिए उपस्थित रहेंगे। इस बीच प्रो. सिंह के निधन की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद, गोरखपुर के अध्यक्ष, आदर्श शिक्षक, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में गणित विभाग के पूर्व आचार्य एवं अध्यक्ष, पूर्व कुलपति प्रो. यू.पी. सिंह जी का निधन अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिजनों एवं अनुयायियों को सम्बल प्रदान करने की प्रार्थना है। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद एवं समाज के लिए उनका जीवन सदा मार्गदर्शक बना रहेगा।”

पीएम मोदी ने उड़ीसा से ‘स्वदेशी BSNL 4G नेटवर्क’ का किया उद्घाटन

भारत आज तकनीक व डिजिटल क्रांति का वैश्विक लीडर बन चुका है – मुख्यमंत्री पीएम मोदी ने उड़ीसा से ‘स्वदेशी BSNL 4G नेटवर्क' का किया उद्घाटन   देश भर से सभी मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के मंत्री और अधिकारीगणों की रही ऑनलाइन मौजूदगी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम को किया संबोधित   भारत की सेना दुनिया के अंदर सबसे सामर्थ्यशाली और शक्तिशाली बन करके उभरी है- सीएम योगी  डिफेंस सेक्टर में भारत की उपलब्धियां विकसित भारत की आहट को दुनिया के सामने प्रस्तुत कर दिया है- योगी आदित्यनाथ – भारत सभी के साथ मैत्री भाव के साथ कार्य करेगा, लेकिन किसी की गीदड़-भभकी के सामने झुकेगा नहीं, डरेगा नहीं- सीएम योगी हमने बीएसएनएल की सेवाओं को प्रदेश के हर ग्राम पंचायतों के साथ जोड़ दिया है- मुख्यमंत्री अब पेंशन के लिए नहीं लगाने पड़ते कार्यालयों के चक्कर, डिजिटल पेंमेंट से घर बैठे समय पर लोगों के मिल रहा लाभ- सीएम योगी  नेटवर्किंग हमारे लिए उन दूर-दराज के क्षेत्रों, बार्डर इलाकों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नेटवर्किंग निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका- मुख्यमंत्री  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नया भारत दुनिया के सामने आत्मविश्वास के साथ खड़ा है। भारत न तो किसी की गीदड़ भभकी से डरेगा और न ही किसी दबाव के सामने झुकेगा। आज भारत तकनीक का पिछलग्गू नहीं, बल्कि डिजिटल क्रांति का लीडर बनकर उभरा है। सीएम योगी शनिवार को स्वदेशी तकनीक पर आधारित बीएसएनएल 4G नेटवर्क और भारत नेट परियोजना के ऑनलाइन उद्घाटन के अवसर पर लखनऊ में कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  ने उड़ीसा में एक विशेष कार्यक्रम के तहत स्वदेशी BSNL 4G नेटवर्क' का उद्घाटन किया, जिसमें देश भर से सभी मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के मंत्री और अधिकारीगण ऑनलाइन मौजूद रहे।   सीएम योगी ने कहा कि भारत नेट के स्वदेशी 4G इंफ्रास्ट्रक्चर डिजिटल क्रांति को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने पीएम मोदी और बीएसएनएल परिवार को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। सीएम योगी ने बताया कि 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने हर ग्राम पंचायत को ऑप्टिकल फाइबर और नेटवर्किंग से जोड़ने का संकल्प लिया था, जो भारत नेट ने साकार किया। अब ग्राम सचिवालयों में आय, निवास, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे रोजगार सृजन और बैंकिंग सेवाएं ग्रामीण स्तर पर पहुंची हैं। बीसी सखियों के जरिए 100 करोड़ से अधिक का लाभांश ग्रामीणों तक पहुंचा है। बीएसएनएल के 4G नेटवर्क को दूर-दराज के क्षेत्रों, खासकर नक्सल प्रभावित चंदौली, सोनभद्र और चित्रकूट में क्रांति लाने वाला है। आने वाले समय में 5G और 6G की भी तैयारी है। भारत किसी के दबाव में नहीं झुकेगा नहीं- सीएम योगी सीएम ने कहा कि संप्रभु राष्ट्र के लिए स्वदेशी सेना, स्वतंत्र विदेश नीति, स्वदेशी तकनीक और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण जरूरी है, जो नए भारत में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत की सेना को विश्व की शक्तिशाली सेनाओं में शामिल है। यहां का आकाश, ब्रह्मोस मिसाइल, ड्रोन, रोबोटिक्स में हासिल की गई उपलब्धियां विकसित भारत की पहचान बनी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत मैत्री भाव से विश्व के साथ चलेगा, लेकिन किसी के दबाव में नहीं झुकेगा। पीएम मोदी के नेतृत्व में यह संदेश हर मंच से दिया गया है।  सभी सरकारी योजनाओं में डिजिटल पेमेंट को मिल रही प्राथमिकता सीएम ने बीते दौर की कठिनाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले पेंशन के लिए लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिसमें आधा पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था। अब डीबीटी के जरिए 1 करोड़ निराश्रित महिलाओं, वृद्धों और दिव्यांगों को सालाना 12,000 रुपये की पेंशन सीधे खाते में मिलती है। 60 लाख से अधिक अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी छात्रों को 6,000 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप डिजिटल रूप से दी जा रही है। यूपीआई के जरिए भारत ने सबसे अधिक डिजिटल पेमेंट का रिकॉर्ड बनाया है, जो भ्रष्टाचार पर लगाम और डिजिटल क्रांति का प्रमाण है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई गति सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले नेटवर्किंग में माफिया के हावी थे। 2017 के बाद ऐसे माफियाओं की कमर तोड़ी गई और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की गई। बीएसएनएल का 4G नेटवर्क ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई तकनीक और गति देगा। उन्होंने आत्मनिर्भरता को हर क्षेत्र में जरूरी बताते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों और नगर निकायों की आत्मनिर्भरता ही विकसित भारत की नींव होगी।  इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, बृजलाल, संजय सेठ, महापौर सुषमा खर्कवाल समेत कई गणमान्य उपस्थित रहे।

आई लव बुलडोजर पोस्टर लखनऊ की सड़कों पर, CM योगी का हुआ जिक्र

लखनऊ कानपुर से शुरू हुआ I Love Muhammad का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस विवाद ने लखनऊ की सड़कों पर भी एक नया माहौल तैयार कर दिया है। हाथों में तख्तियां लेकर और नारेबाजी करते हुए शहर के अलग अलग स्थानों ओर हो रहे प्रदर्शन के बीच अब इस विवाद में उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आ चुके हैं, जिससे अब ये विवाद सियासी गलियारों में एक नई हलचल पैदा कर सकता है। दरअसल, I Love Muhammad विवाद के बीच भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री अमित त्रिपाठी ने शहर में जगह-जगह I Love Yogi Adityanath Ji और I Love Bulldozer लिखे होर्डिंग्स लगवाए हैं। इन पोस्टरों में सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीर और बुलडोजर का चित्र लगाया गया है। अमित त्रिपाठी का कहना है कि योगी आदित्यनाथ ने यूपी में गुंडों-माफियाओं पर बुलडोजर चलाकर शांति व्यवस्था कायम की है और जनता का विश्वास जीता है। योगी आदित्यनाथ के बुलडोजर एक्शन पर पोस्टर वॉर लखनऊ के वीवीआईपी चौराहा, समता मूलक चौराहा और जानकीपुरम में अचानक I Love Bulldozer और I Love Yogi Adityanath Ji के पोस्टर नजर आने लगे। इन पोस्टरों में सीएम योगी की छवि को लॉ एंड ऑर्डर के मसीहा के रूप में दिखाया गया है। आपको बता दें कि भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री अमित त्रिपाठी ने इन्हें लगवाया और कहा कि योगी सरकार के बुलडोजर एक्शन से उत्तर प्रदेश में अपराधियों की कमर टूटी है और जनता सुरक्षित महसूस कर रही है। योगी के सख्त प्रशासन पर मिला जनसमर्थन भाजपा युवा मोर्चा के महामंत्री अमित त्रिपाठी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दी है और अपराधियों पर जिस तरह बुलडोजर चलाया है, वह पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इन पोस्टरों का उद्देश्य जनता को यह संदेश देना है कि यूपी में शांति और अमन-चैन CM योगी के कारण कायम है। इस कदम को योगी की बुलडोजर बाबा वाली छवि को और मजबूत करने की रणनीति माना जा रहा है। 'I Love Muhammad' विवाद से जुड़ा नया सियासी एंगल इस पूरे घटनाक्रम की जड़ कानपुर का 4 सितंबर का विवाद है, जब बारावफात जुलूस के दौरान I Love Muhammad बैनर लगाया गया। विरोध के बाद पुलिस ने कार्रवाई की और मामला बढ़ता चला गया। कई जगह हिंदू समुदाय ने I Love Mahadev/Mahakaal पोस्टर लगाए। अब लखनऊ में लगे I Love Bulldozer और I Love Yogi Adityanath Ji होर्डिंग्स को इस विवाद का राजनीतिक जवाब माना जा रहा है, जो सीधे तौर पर सीएम योगी की सख्त छवि को केंद्र में रखता है।