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सीएम ने कहा- कोई टोंटी चोरी कर रहा, कोई पानी बहा रहा, ऐसे लोगों को टोकें

प्रकृति को नुकसान पहुंचाने वाले माफिया से सजग रहें- मुख्यमंत्री सीएम ने कहा- कोई टोंटी चोरी कर रहा, कोई पानी बहा रहा, ऐसे लोगों को टोकें मुख्यमंत्री ने किया जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर संगोष्ठी का शुभारंभ विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेशवासियों को 5 संकल्प दिलाए सीएम योगी ने जुलाई में एक दिन में लगाएंगे 35 करोड़ पौधेः सीएम योगी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकों से प्रकृति व जलस्रोतों को नुकसान पहुंचाने वाले भूमाफिया, वन माफिया, खनन माफिया व स्मगलरों के प्रति सजग रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सजग नागरिकों का दायित्व है कि मातृभूमि के प्रति दायित्वों का निर्वहन करें। सीएम ने विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेशवासियों को पांच संकल्प भी दिलाए। इसमें एक पेड़ मां के नाम लगाना, शरारती तत्वों व जीव-जंतुओं से पेड़ों की सुरक्षा, जल संरक्षण, सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग न करना और प्रकृति के अनुरूप जीवन शैली अपनाना शामिल है। सीएम ने कटाक्ष किया कोई टोंटी चोरी कर रहा है, कोई पानी बर्बाद कर रहा है, ऐसे लोगों को टोकें। जल संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाएं, कोशिश हो कि पानी व्यर्थ न हो। सीएम योगी ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘उत्तर प्रदेश में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान’ संगोष्ठी का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने यहां प्रदर्शनी का अवलोकन किया, बच्चों को चॉकलेट दीं और आमजन को कपड़े के झोले देकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। सीएम ने बच्चों के साथ सेल्फी ली और वृक्ष कलश में जल भी अर्पित किया।   जल है तो कल है, वन है तो जीवन है अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि जल है तो कल है, वन है तो जीवन है यानी जीवन चक्र एक-दूसरे के साथ जुड़ा है। फिर भी हमने इसकी सर्वाधिक उपेक्षा की। 40 से ऊपर हर व्यक्ति महसूस करता है कि पर्यावरण के साथ हुए खिलवाड़ की कीमत को दुनिया किस रूप में चुका रही है। 25 वर्ष पहले और वर्तमान मौसम चक्र में एक से डेढ़ महीने का अंतर आ गया। भारत व उत्तर प्रदेश में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था है। मौसम चक्र में अंतर से सर्वाधिक प्रभावित किसान होगा। उसकी आमदनी प्रभावित होगी, अतिवृष्टि-अनावृष्टि का सामना करना पड़ेगा। खाद्यान्न संकट खड़ा हो सकता है। असमय घटित होने वाली आपदाएं चेतावनी भी हैं। मां व मातृभूमि के प्रति कर्तव्यों का निर्वहन करें  सीएम योगी ने कहा कि हमारे पूर्वजों व ऋषि परंपरा ने पर्यावरण के प्रति आगाह किया था। हम खुद को धरती मां का पुत्र कहते हैं। लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद भगवान राम ने लक्ष्मण जी से कहा “अपि स्वर्णमयी लंका न मे लक्ष्मण रोचते, जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी”। अर्थात लंका भले ही सोने की क्यों न हो, लेकिन मुझे यह अच्छी नहीं लगती। जिस मां ने जन्म दिया है, जहां हमने जन्म लिया है, उसके प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन और कृतज्ञता ज्ञापित करना हमारा दायित्व होना चाहिए। मां व मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर है। भगवान राम की कही गई बातें आज भी हर भारतीय के लिए प्रासंगिक हैं। निरोग रहने तक ही भौतिक उपलब्धियां सीएम योगी ने कहा कि भौतिक उपलब्धियां क्षणिक हैं। इनकी उपलब्धि तभी तक हैं, जब तक आप निरोग होकर आरोग्यता के लक्ष्य को प्राप्त कर रहे हैं। पर्यावरण के समक्ष चुनौतियों का सामना करने के लिए भारत के ग्रंथों का अवलोकन करें। भारत की परंपरा में हर जीव-जंतु के प्रति हमारे संबंध जोड़े गए हैं। भगवान शंकर के गले में सर्प और सवारी नंदी है। कार्तिकेय की सवारी मोर, गणपति की मूषक और मां भगवती की सवारी शेर है। हर कालखंड में बैल की पूजा और गोमाता को मान्यता दी गई है। वे कृषि प्रधान व्यवस्था का आधार हैं। सर्प को किसान मित्र के रूप में मान्यता दी गई है। यह जीवन चक्र आपस में जुड़ा है। कुकरैल और लखनऊ के तापमान में मिलेगा अंतर सीएम ने कुकरैल वन क्षेत्र के शानदार प्राकृतिक वातावरण का जिक्र करते हुए कहा कि वहां और लखनऊ के तापमान में अंतर होता है। लखनऊ में 45 तो कुकरैल में तापमान 40 या उससे कम होगा। प्रकृति की गोद में जो भी आगे बढ़ेगा, वह आरोग्यता के लिए महत्वपूर्ण होगा। हमने कुकरैल से अवैध कब्जे हटाए। आज कुकरैल के किनारे लखनऊ का सबसे शानदार प्राकृतिक दृश्य ‘सौमित्र वन’ भी दिख रहा है। प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी मानवता सुरक्षित रहेगी सीएम ने विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की थीम ‘इंस्पायर्ड बाई नेचर फॉर क्लाईमेट फॉर अवर फ्यूचर’ का जिक्र किया और कहा कि स्वच्छ वायु, निर्मल जल, उपजाऊ भूमि व हरित वन मानव सभ्यता की जीवन रेखा हैं। जब प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी मानवता सुरक्षित रह पाएगी। जल जीवन मिशन के तहत हर घर में जल व सबमर्सिबल की व्यवस्था हो गई है, लेकिन पहले कुआं खोदना पवित्र कार्य माना जाता था। दस कुओं के बराबर एक बावड़ी, दस बावड़ी के बराबर एक तालाब, दस तालाब के बराबर एक पुत्र और दस पुत्रों के बराबर एक वृक्ष होता है यानी वृक्ष का महत्व सर्वाधिक है।  पीएम ने दिया एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य का संदेश सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने तीन वर्ष पहले ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का आह्वान किया था। उन्हीं की प्रेरणा से 9 वर्ष में प्रदेश में पौधरोपण के वृहद कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। संकटों का सामना करने के लिए पीएम ने वसुधैव कुटुम्बकम के अनुरूप ‘एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य’ का संदेश भी दुनिया को दिया है। उनके आहवान पर हम सब भारतवासी पौधरोपण महाभियान के तहत जननी व जन्मभूमि के प्रति पर्यावरण की चुनौतियों का सामना करते हुए प्रकृति के साथ खड़े हैं। जुलाई में एक दिन में लगाएंगे 35 करोड़ पौधे सीएम ने कहा कि मार्च 2017 में पौधरोपण के लिए वन विभाग की नर्सरी में बमुश्किल 5 लाख पौधे मिल पाए थे, लेकिन आज सरकारी व निजी नर्सरी में 55 करोड़ पौधे तैयार हैं। आज प्रदेश भर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पांच करोड़ पौधे लग रहे हैं। अब जुलाई में महाभियान चलाएंगे और एक दिन में नागरिकों के साथ मिलकर 35 करोड़ पौधे लगाएंगे।  ग्लोबल वार्मिंग पर्यावरण के लिए चैलेंज सीएम ने ग्लोबल वार्मिंग, वायु प्रदूषण, बायो डायवर्सिटी … Read more

पीएम सूर्यघर योजना में यूपी का दमदार प्रदर्शन, राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में मिला सम्मान

पीएम सूर्यघर योजना पुरस्कार समारोह में उत्तर प्रदेश का लहराया परचम, देश में बना सौर ऊर्जा का अग्रणी राज्य लाखों परिवारों के बिजली बिल हुए कम, उत्तर प्रदेश ने हासिल किए चार राष्ट्रीय प्रथम पुरस्कार योगी सरकार के प्रयासों से यूपी में अब तक 5.64 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना लखनऊ  भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में आयोजित प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पुरस्कार समारोह में उत्तर प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अग्रणी पहचान स्थापित की है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य की उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए उत्तर प्रदेश को कई महत्वपूर्ण श्रेणियों में सम्मानित किया गया। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व के कारण संभव हो पाया है।    मंत्रालय द्वारा जारी पुरस्कार सूची के अनुसार सौर ऊर्जा माह (मई 2026) में उच्च स्तरीय उपभोक्ता आधार श्रेणी में उत्तर प्रदेश ने सर्वाधिक उपभोक्ता आवेदन (1,02,035), सर्वाधिक सौर संयंत्र स्थापना (64,734) तथा सर्वाधिक विक्रेता पंजीकरण (779) के लिए देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त डिस्कॉम निरीक्षणों की श्रेणी में राज्य को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त जनपद लखनऊ ने देश में कुल रूफटॉप स्थापना (1 लाख से अधिक) में प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में अब तक 5.64 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना हो चुकी है, जिससे राज्य देश के अग्रणी सौर ऊर्जा राज्यों में शामिल हो गया है। यह उपलब्धि केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों तथा जनभागीदारी का परिणाम है। योगी सरकार के प्रयासों से योजना का सबसे बड़ा लाभ आम नागरिकों को मिल रहा है। लाखों परिवारों के बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी आई है और अनेक उपभोक्ता अपनी आवश्यकता की बिजली स्वयं उत्पन्न कर रहे हैं। इससे घरेलू बचत बढ़ी है, ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला है तथा स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग में तेजी आई है। योगी सरकार द्वारा अपनाए गए विकेन्द्रीकृत क्रियान्वयन एवं केंद्रीकृत निगरानी मॉडल, जिला स्तर पर प्रभावी समन्वय, डिस्कॉम की सक्रिय भागीदारी तथा व्यापक जनजागरूकता अभियानों ने इस सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऊर्जा सुरक्षा को राष्ट्रीय सुरक्षा का आधार मानते हुए उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। नई दिल्ली में प्राप्त यह राष्ट्रीय सम्मान राज्य की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसके माध्यम से उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन का नेतृत्व कर रहा है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि न केवल राज्य के लिए गौरव का विषय है, बल्कि विकसित भारत और ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत के राष्ट्रीय संकल्प को भी नई गति प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुकरैल में ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाभियान का किया शुभारंभ, महर्षि चरक औषधि वन की भी स्थापना की

सबके लिए सबसे प्यारी होती है मां, हर नागरिक अवश्य लगाए ‘एक पेड़ मां के नाम’- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुकरैल में ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाभियान का किया शुभारंभ, महर्षि चरक औषधि वन की भी स्थापना की मुख्यमंत्री ने कपूर, वन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण सक्सेना ने आंवला, वन राज्यमंत्री केपी मलिक ने नीम व विधायक ओपी श्रीवास्तव ने लगाया आंवला का पौधा सीएम योगी की उपस्थिति में एक साथ लगाए गए 200 से अधिक पौधे, मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ ली सेल्फी आमजन व स्कूली बच्चों ने मुख्यमंत्री को दी जन्मदिन की बधाई   लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व पर्यावरण दिवस पर  कुकरैल रेंज अवध वन प्रभाग में ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने यहां कपूर का पौधा लगाया, जबकि वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण सक्सेना ने आंवला, वन राज्यमंत्री केपी मलिक ने नीम तथा विधायक ओपी श्रीवास्तव ने आंवला का पौधा रोपित किया। मुख्यमंत्री ने यहां महर्षि चरक औषधि वन की भी स्थापना की। सीएम  की उपस्थिति में एक साथ 200 से अधिक पौधे लगाए गए। मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ सेल्फी भी ली और मिष्ठान वितरित किया। सभी ने मुख्यमंत्री को जन्मदिन की बधाई भी दी।  हर व्यक्ति मां के नाम पर अवश्य लगाए एक पौधा  मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि पीएम मोदी ने देशवासियों के सामने लक्ष्य रखा कि नागरिक के रूप में मां व मातृभूमि के प्रति हमारा दायित्व बनता है। इसीलिए उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की थीम मां को समर्पित की। हर व्यक्ति के लिए मां सबसे प्यारी होती है, इसलिए दायित्वों का निर्वहन करते हुए हर व्यक्ति मां के नाम एक पेड़ अवश्य लगाकर इस अभियान को आगे बढ़ाए। शहर-गांव के फॉरेस्ट को विकसित करे। वन विभाग ने 50 करोड़ से अधिक पौधे तैयार किए हैं। आज 5 करोड़ पौधरोपण लक्ष्य के साथ यह कार्यक्रम बढ़ रहा है। पर्यावरण की गंभीर चिंता से ग्रसित है विश्व  सीएम ने कहा कि विश्व आज पर्यावरण की गंभीर चिंता से ग्रसित है। हर व्यक्ति जानता है कि पर्यावरण की चुनौती केवल प्रकृति की ही नहीं, बल्कि जीव सृष्टि की भी है। मौसम चक्र में आए परिवर्तन से अतिवृष्टि, अनावृष्टि आदि के कारण हम सभी इसके दुष्प्रभाव को देख रहे हैं। यह आपदा मानव निर्मित है और इस समस्या का समाधान भी मनुष्य को ही निकालना है।  पर्यावरण को क्षति पहुंचाने वाले कारकों से दूरी बनाएं  मुख्यमंत्री ने कहा कि हर नागरिक धरती मां के प्रति अपने दायित्वों व कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करे तो हम पर्यावरण संरक्षण कर धरती माता को सुरक्षित रख सकते हैं। इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रयास यह है कि हर व्यक्ति पर्यावरण को क्षति पहुंचाने वाले कारकों से दूरी बनाए और पर्यावरण की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास का हिस्सा बने।  अपील-सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कतई न करें मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण के सरल उपायों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाएं यानी सिंगल यूज प्लास्टिक को पूरी तरह रोकें। इससे होने वाले नुकसान से बचाने की कार्रवाई हर कोई आसानी से कर सकता है। सीएम ने अपील की कि कोई भी प्लास्टिक वेस्ट किसी सार्वजनिक स्थान, जलस्रोत, वाटिका, जंगल, उपवन आदि में न फेंकें।  बरसात की एक-एक बूंद को सुरक्षित करें सीएम ने जल संरक्षण पर भी जोर देते हुए कहा कि बरसात के पानी की एक-एक बूंद को सुरक्षित करने का प्रयास करें। पेड़ को क्षति न पहुंचाएं और हर महत्वपूर्ण आयोजन पर एक पेड़ अवश्य लगाएं। 9 वर्ष में प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधरोपण किया गया। इस श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए विश्व पर्यावरण दिवस पर आज ‘एक पेड़ मां के नाम’ कार्यक्रम का शुभारंभ हो रहा है। सीएम ने स्कूली छात्रों से इस अभियान को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने, प्लास्टिक मुक्त वातावरण के लिए सजग रहने, अभिभावकों को भी सचेत करने, जल संरक्षण के लिए व्यापक अभियान का हिस्सा बनने और पौधरोपण महाभियान से जुड़ने का आह्वान किया।

सीएम योगी ने निभाया प्रकृति और मातृ सम्मान का संदेश, आवास पर लगाया ‘एक पेड़ मां के नाम’

सीएम योगी ने अपने आवास पर लगाया एक पेड़ मां के नाम आम का पौधा रोपकर मुख्यमंत्री ने सभी को दी विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामना पर्यावरण बचेगा तो प्रकृति बचेगी और तभी जीव सृष्टि भी बचेगीः मुख्यमंत्री लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व पर्यावरण दिवस पर शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत आम का पौधा लगाकर सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामना दी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण बचेगा तो प्रकृति बचेगी, प्रकृति बचेगी तो जीव सृष्टि भी बचेगी, इसलिए हर नागरिक मातृभूमि के प्रति ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करे। पर्यावरण के प्रति सरकार ने अपने उत्तरदायित्वों का किया निर्वहन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से प्रदेश सरकार ने पर्यावरण व प्रकृति के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हुए 9 वर्ष में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 2017 में शासन संभालते ही डबल इंजन सरकार ने वन महोत्सव के अवसर पर 5 करोड़ पौधरोपण कार्यक्रम को अपने हाथों में लिया था। उस समय हमारे सामने तमाम चुनौतियां थीं। न नर्सरी थी और न ही इतने बड़े कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए अनुभव था, लेकिन वन एवं अन्य विभागों ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया।  9 वर्ष में प्रदेश में लगे 242 करोड़ से अधिक पौधे सीएम योगी ने कहा कि 9 वर्ष के अंदर प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधरोपण किया गया, जिससे प्रदेश का फॉरेस्ट कवर भी बढ़ा। पीएम मोदी ने प्रकृति व मातृभूमि के प्रति दायित्वों का निर्वहन करते हुए कृतज्ञता स्वरूप तीन वर्ष पहले ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का शुभारंभ किया था। इस अभियान के क्रम में आज पौधरोपण महाभियान प्रारंभ होने जा रहा है।  मातृभूमि के प्रति सर्वोच्च दायित्वों में एक है पर्यावरण रक्षा  सीएम योगी ने प्रभु श्रीराम के उद्घोष ‘जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी’ का भी जिक्र करते हुए कहा कि जननी व जन्मभूमि के प्रति कृतज्ञता हर नागरिक का दायित्व है। पर्यावरण की रक्षा मातृभूमि के प्रति सर्वोच्च दायित्वों में एक है। प्रदेश सरकार पर्यावरण की रक्षा के लिए एक ओर वृहद पौधरोपण कार्यक्रम चला रही है, तो दूसरी ओर ग्लोबल वार्मिंग, क्लाइमेट चेंज, मौसम चक्र में परिवर्तन जैसी पर्यावरण की चुनौतियों से निपटने के लिए भी अनेक कदम उठाए गए हैं। सरकार का प्रयास है कि गांव, शहर, जनपद व प्रदेश प्लास्टिक मुक्त हो। सिंगल यूज प्लास्टिक को हतोत्साहित कर उसके स्थान पर वैकल्पिक रूप से मिट्टी के बर्तनों को प्रोत्साहित किया गया। राज्य सरकार ने इसके लिए माटी कला बोर्ड की स्थापना पर जोर दिया। अप्रैल से जून तक हर गांव व शहर के तालाबों से प्रजापति व कुम्हार समाज के लोगों को निशुल्क मिट्टी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। उन्हें मैन्युअल के साथ ही सोलर व इलेक्ट्रिक चाक उपलब्ध कराया गया।  सीएम की अपील- सभी लोग पौधे लगाएं और उनका संरक्षण करें  मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के लिए भी प्रदेश में अनेक कदम उठाए गए और अनेक मॉडल प्रस्तुत किए गए। विकास प्राधिकरण ने निश्चित क्षेत्रफल से बड़े एरिया में बनने वाले आवासीय भवनों तथा कमर्शियल परिसरों के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य किया है। मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत सभी लोगों से पौधे लगाने और उनका संरक्षण किए जाने की अपील की।  इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, केपी मलिक, बलदेव सिंह औलख, दानिश आजाद अंसारी, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव (वन) वी हेकाली झिमोमी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक व विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी आदि मौजूद रहे।

पशु कल्याण की बड़ी पहल: झांसी में पांच एकड़ भूमि पर विकसित होगा गो आश्रय व पशु चिकित्सा केंद्र

झांसी में पांच एकड़ भूमि पर बनेगा गो आश्रय स्थल और पशु चिकित्सा एवं सेवा केंद्र पशुपालन विभाग की भूमि पर निजी संस्था के सहयोग से संचालित होंगी पशु कल्याण गतिविधि मोठ तहसील में 5 एकड़ जमीन पर दया भावना फाउंडेशन बनाएगा पशु चिकित्सा एवं सेवा केंद्र योगी सरकार की कैबिनेट से मंजूरी के बाद एमओयू का रास्ता हुआ साफ झांसी, सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले पशुओं के बेहतर उपचार और देखभाल के लिए झांसी में पशु चिकित्सालय के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में यूपी सरकार की कैबिनेट मीटिंग में बुधवार को मिली मंजूरी के बाद अब पशुपालन विभाग के साथ दया भावना फाउंडेशन नाम की गैर सरकारी संस्था का एमओयू किया जाएगा। दया भावना फाउंडेशन इस पशु चिकित्सालय का निर्माण, पशु आश्रय स्थल का निर्माण और संचालन का काम करेगी। झांसी जिले के मोठ तहसील के ग्राम सभा बम्हरौली में पशुपालन विभाग की पांच एकड़ जमीन पर पशु चिकित्सालय और आश्रय स्थल का निर्माण किया जाएगा। दया भावना फाउंडेशन सोनागिरी की झांसी शाखा पशु चिकित्सालय और आश्रय स्थल का निर्माण करेगी। इसमें पशुओं के उपचार के साथ ही उनके आश्रय की व्यवस्था रहेगी और चारे के उत्पादन आदि की गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी। सारी गतिविधियां फाउंडेशन की ओर से की जाएंगी और जमीन का स्वामित्व पशुपालन विभाग का रहेगा।  पशुपालन विभाग के झांसी मंडल के अपर निदेशक डॉ. अरविंद सागर ने बताया कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब गैर सरकारी संस्था के साथ एमओयू किया जाएगा। निराश्रित, बीमार और दुर्घटना का शिकार होने वाले पशुओं को संरक्षण देने में इससे काफी मदद मिलेगी। इस जमीन का स्वामित्व पशुपालन विभाग के पास रहेगा जबकि पशु चिकित्सालय और आश्रय स्थल के निर्माण और संचालन का काम संस्था करेगी।

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने सोशल मीडिया पर चल रहे दुष्प्रचार का किया खंडन, कहा- नियमों का पूरी तरह किया गया पालन

लेखा परीक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों के उल्लंघन के दावों को आयोग ने बताया भ्रामक और तथ्यहीन अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने सोशल मीडिया पर चल रहे दुष्प्रचार का किया खंडन, कहा- नियमों का पूरी तरह किया गया पालन  लेखा परीक्षक एवं सहायक लेखाकार के 1829 पदों के लिए जारी हुआ है विज्ञापन, 609 पदों के आरक्षण निर्धारण की विभाग ने स्वयं की थी पुष्टि आयोग ने कहा, तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का किया जा रहा प्रयास आयोग की अभ्यर्थियों से अपील, भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें लखनऊ  उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने लेखा परीक्षक एवं सहायक लेखाकार के 1829 पदों पर भर्ती को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों में प्रसारित किए जा रहे दावों को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण संबंधी सभी प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन किया गया है तथा पदों का विज्ञापन संबंधित विभागों से प्राप्त अधियाचन और उनकी पुष्टि के आधार पर जारी किया गया है। आयोग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार विभिन्न विभागों के नियंत्रणाधीन लेखा परीक्षक एवं सहायक लेखाकार के 1829 रिक्त पदों पर चयन के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया गया है। विज्ञापन जारी होने के बाद कुछ व्यक्तियों द्वारा सोशल मीडिया पर आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशालय के सहायक लेखाकार के आरक्षित पदों को लेकर आरक्षण नीति के उल्लंघन के आरोप लगाए जा रहे हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि उसे आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशालय से सहायक लेखाकार के 609 पदों का अधियाचन प्राप्त हुआ था। इन पदों के संबंध में आरक्षण की गणना और श्रेणीवार वर्गीकरण शासन के प्रचलित नियमों एवं आरक्षण व्यवस्था के अनुरूप किए जाने की पुष्टि स्वयं निदेशालय द्वारा की गई थी। विभाग ने यह भी अवगत कराया था कि पदों की श्रेणीवार गणना संवर्ग में सृजित कुल पदों के आधार पर की गई है, जो पूरी तरह नियमसम्मत है। आयोग ने बताया कि कुल 22 अधियाचनों के आधार पर 1829 पदों का विज्ञापन जारी किया गया है, जिसमें आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशालय के 609 पद भी शामिल हैं। आयोग को प्राप्त प्रत्येक अधियाचन में आरक्षण संबंधी गणना की पुष्टि संबंधित विभागों और निदेशालयों से प्राप्त होने के बाद ही विज्ञापन प्रकाशित किया जाता है। आयोग ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमबद्ध है तथा आरक्षण नीति के उल्लंघन संबंधी दावे निराधार हैं। आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

यूपी बोर्ड छात्रों के लिए सुनहरा मौका, इम्प्रूवमेंट और कम्पार्टमेंट परीक्षा के आवेदन 27 जून तक

यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों को एक और अवसर, इम्प्रूवमेंट और कम्पार्टमेंट परीक्षा के लिए 27 जून तक आवेदन -योगी सरकार ने दिया असफलता को सफलता में बदलने का मौका, हजारों विद्यार्थियों को मिलेगा दूसरा अवसर – हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षार्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू – 6 जून से 27 जून की मध्यरात्रि तक किए जा सकेंगे आवेदन प्रयागराज/लखनऊ शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को अधिक अवसर उपलब्ध कराने और किसी एक परीक्षा परिणाम को उनके भविष्य की बाधा न बनने देने की दिशा में योगी सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल इम्प्रूवमेंट/कम्पार्टमेंट तथा इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंट परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ करने की घोषणा की है। पात्र परीक्षार्थी 6 जून से 27 जून की मध्यरात्रि तक परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन कर सकेंगे। पारदर्शी, तकनीक आधारित और विद्यार्थी हितैषी व्यवस्था के माध्यम से योगी सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिससे प्रत्येक छात्र को अपनी क्षमता सिद्ध करने का अवसर मिल सके और उसका शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रह सके। यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के सचिव भगवती सिंह द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार हाईस्कूल इम्प्रूवमेंट परीक्षा के अंतर्गत एक विषय में अनुत्तीर्ण विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हो सकेंगे, जबकि कम्पार्टमेंट परीक्षा के अंतर्गत दो विषयों में अनुत्तीर्ण परीक्षार्थी किसी एक विषय की परीक्षा देने के पात्र होंगे। इसके लिए परीक्षा शुल्क 256.50 रुपये निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंट परीक्षा में मानविकी, विज्ञान एवं वाणिज्य वर्ग के ऐसे विद्यार्थी, जो किसी एक विषय के किसी एक प्रश्नपत्र में अनुत्तीर्ण हैं, आवेदन कर सकेंगे। व्यावसायिक वर्ग के ट्रेड विषयों के ऐसे परीक्षार्थी भी पात्र होंगे, जो किसी एक प्रश्नपत्र में अनुत्तीर्ण रहे हैं। इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंट परीक्षा का शुल्क 306 रुपये निर्धारित किया गया है। योगी सरकार की मंशा है कि किसी भी विद्यार्थी की शैक्षणिक प्रगति केवल एक परीक्षा परिणाम के कारण बाधित न हो। इसी उद्देश्य से विद्यार्थियों को अपनी त्रुटियों को सुधारने और बेहतर प्रदर्शन का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। यह व्यवस्था उन हजारों छात्र-छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी, जो न्यूनतम अंतर से सफलता से वंचित रह गए हैं। परीक्षार्थियों को निर्धारित शुल्क कोषागार चालान के माध्यम से जमा करना होगा। ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने के बाद उसकी प्रति तथा शुल्क जमा करने के चालान की मूल प्रति डाउनलोड कर अंतिम तिथि के बाद तीन दिनों के भीतर संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को पंजीकृत डाक से भेजना अनिवार्य होगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन विषयों में लिखित, प्रायोगिक अथवा प्रोजेक्ट कार्य शामिल हैं, उनके लिए निर्धारित नियमों के अनुसार परीक्षा आयोजित की जाएगी। जो परीक्षार्थी किसी विषय के केवल एक भाग में अनुत्तीर्ण हैं, उन्हें उसी भाग की परीक्षा देने की सुविधा होगी। लिखित, प्रायोगिक एवं प्रोजेक्ट परीक्षाओं की तिथियां अलग से घोषित की जाएंगी।

काशी के आसमान में वायु सेना का पराक्रम, गंगा तट पर दिखेगा भव्य त्रिशूल फॉर्मेशन

वाराणसी  भारतीय वायु सेना (IAF) इस साल अपना 94वां स्थापना दिवस बड़े ही भव्य अंदाज में मनाने जा रही है. इस बार की सबसे खास बात यह है कि एयर फोर्स डे का फ्लाईपास्ट पहली बार पवित्र नदी गंगा के ऊपर वाराणसी में आयोजित किया जाएगा. काशी विश्वनाथ मंदिर के आसमान में वायु सेना के जेट विमानों की उड़ान देश के लिए एक यादगार क्षण होने वाला है।  वाराणसी भारत की आध्यात्मिक राजधानी मानी जाती है. गंगा नदी और काशी विश्वनाथ मंदिर के ऊपर वायु सेना का फ्लाईपास्ट पहली बार होने जा रहा है. अक्टूबर में होने वाले इस कार्यक्रम की तारीख जल्द ही अंतिम रूप से तय की जाएगी. यह आयोजन IAF की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में होगा।  इससे पहले एयर फोर्स डे के मुख्य समारोह में औपचारिक परेड गाजियाबाद के हिंडन एयर फोर्स स्टेशन में 8 अक्टूबर को होगी. वहीं दूसरा चरण वाराणसी में फ्लाईपास्ट के रूप में मनाया जाएगा. इस बार वायु सेना का प्रयास है कि उत्सव को देश की राजधानी दिल्ली-एनसीआर से बाहर ले जाकर आम जनता तक पहुंचाया जाए।  फ्लाईपास्ट में क्या-क्या शामिल होगा? वाराणसी के आसमान में वायु सेना के अत्याधुनिक लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टरों के विभिन्न फॉर्मेशन्स दिखाई देंगे. फ्रंटलाइन फाइटर जेट्स के साथ-साथ भारी परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर भी शामिल होंगे।  एयरबोर्न पैराट्रूपर्स द्वारा प्रेसिजन पैराशूट जंप का प्रदर्शन भी हो सकता है. वायु सेना अपनी पूरी परिचालन क्षमता को प्रदर्शित करेगी. इस प्रदर्शनी का मकसद सिर्फ शक्ति प्रदर्शन नहीं बल्कि आम नागरिकों को वायु सेना से जोड़ना और उनमें देशभक्ति की भावना जगाना भी है।  पिछले वर्षों की परंपरा और बदलाव पिछले कुछ वर्षों में भारतीय वायु सेना ने अपनी वर्षगांठ के फ्लाईपास्ट को देश के विभिन्न शहरों में आयोजित किया है. चंडीगढ़, प्रयागराज, भोपाल और गुवाहाटी जैसे शहरों में यह कार्यक्रम हो चुका है. इसका उद्देश्य है कि देश के कोने-कोने के लोग वायु सेना की ताकत और प्रोफेशनरिज्म को करीब से देख सकें।  वाराणसी का चयन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शहर सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद खास है. गंगा के ऊपर विमानों का उड़ना आध्यात्मिकता और आधुनिकता के सुंदर संगम का प्रतीक बन जाएगा।  एयर फोर्स डे का महत्व भारतीय वायु सेना का स्थापना दिवस हर साल 8 अक्टूबर को मनाया जाता है. यह दिन 1932 में IAF की स्थापना की याद दिलाता है. शुरू में रॉयल इंडियन एयर फोर्स के नाम से शुरू हुई यह सेना आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायु सेना है।  इस साल 94वें स्थापना दिवस पर आयोजित होने वाला फ्लाईपास्ट न सिर्फ वायु सेना की बढ़ती ताकत को दिखाएगा बल्कि हाल के वर्षों में की गई आधुनिकीकरण और स्वदेशीकरण की उपलब्धियों को भी उजागर करेगा।  वाराणसी में होने वाला यह फ्लाईपास्ट आम जनता के लिए एक दुर्लभ अवसर होगा. हजारों लोग गंगा घाटों और आसपास के इलाकों में जमा होकर आसमान में वायु सेना की शानदार उड़ान देख सकेंगे. वायु सेना का प्रयास है कि इस कार्यक्रम के जरिए युवाओं में रक्षा बलों के प्रति आकर्षण बढ़े और वे करियर के रूप में वायु सेना को चुनें।  अभी अंतिम मंजूरी, तारीख और पूरा कार्यक्रम जल्द ही घोषित किया जाएगा. लेकिन यह तय है कि इस साल का एयर फोर्स डे वाराणसी के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा।  गंगा के पावन किनारे पर पहली बार होने वाला IAF का फ्लाईपास्ट भारतीय वायु सेना की आधुनिक क्षमताओं और देश की सांस्कृतिक विरासत के बीच एक सुंदर सेतु बनेगा. यह कार्यक्रम न सिर्फ वायुयोद्धाओं की निष्ठा और कौशल को सलाम करेगा बल्कि पूरे देश को एकजुट भी करेगा। 

CM योगी की मुस्कान के पीछे छिपा बड़ा इशारा! ‘टोटी चोरी’ वाले बयान से किस पर साधा निशाना?

लखनऊ. पांच जून को सीएम योगी का जन्मदिन था और विश्व पर्यावरण दिवस भी। इस मौके पर लखनऊ में 'एक पेड़ मां के नाम' पौधरोपण महाभियान-2026 के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पहुंचे सीएम योगी ने विश्व पर्यावरण दिवस को लेकर लोगों को संबोधित किया। सीएम योगी का भाषण जारी ही था कि बोलते-बोलते सीएम योगी कुछ ऐसा कह गए कि वह खुद ही मुस्कुराने लगे। सीएम योगी ने इशारों ही इशारों में विपक्ष पर निशाना भी साध गए। हर घर जल नल योजना का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा, हमने योजना को आगे बढ़ाया तो पता लगा कि कोई टोटी ही चोरी कर ले जा रहा है तो कोई दूसरे तरीके से नुकसान कर रहा है। कहीं नल खुला है तो खुला ही पड़ा है। इतना कहते ही मुख्यमंत्री के चेहरे पर मुस्कुराहट नजर आ गई। दरअसल सीएम योगी का इशारा सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर था। हालांकि पूरे भाषण में सीएम योगी ने अखिलेश का नाम नहीं लिया। लेकिन अपने भाषण के दौरान टोटी चोरी का जिक्र करते हुए सीएम योगी खुद को मुस्कुराने से रोक नहीं पाए। नौ साल में यूपी में लगाए गए 242 करोड़ पौधे मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि नौ वर्षों में प्रदेश के अंदर वन महोत्सव के अवसर पर पौधारोपण के क्रम में अब तक 242 करोड़ पौधरोपण के एक बड़े कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया जा चुका है। योगी ने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने प्रकृति और मातृभूमि के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए 'एक पेड़ मां के नाम' कार्यक्रम की शुरुआत तीन वर्ष पहले की थी। उसी अभियान की कड़ी में आज फिर उप्र में यह आयोजन हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा 'जननी और जन्मभूमि के प्रति कृतज्ञता हर नागरिक का दायित्व है। पर्यावरण की रक्षा मातृभूमि के प्रति हमारे सर्वोच्‍च दायित्वों में से एक है।' उन्‍होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा करने के लिए एक ओर वृहद पैमाने पर पौधरोपण करना और दूसरी ओर पर्यावरण संबंधी चुनौतियों के समाधान के लिए कई कदम उठाए गए हैं। एकल उपयोग प्लास्टिक पर रोक लगाने पर जोर देते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, एकल उपयोग प्लास्टिक को हतोत्साहित करने और उसके स्थान पर वैकल्पिक रूप में मिट्टी के बर्तन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। जल संरक्षण के लिए उठाए गए कई कदम सीएम योगी ने विस्तार से बताते हुए कहा कि इसके लिए माटी कला बोर्ड की स्थापना करना, अप्रैल से जून तक हर गांव के तालाब को प्रजापति और कुम्हार समाज के लोगों को निशुल्क मिट्टी उपलब्‍ध कराना, सोलर चाक देना जैसे काम प्रदेश में सफलतापूर्वक किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के लिए भी प्रदेश में अनेक कदम उठाए गए और अनेक मॉडल प्रस्तुत किए गए। उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरण ने निश्चित क्षेत्रफल से बड़े क्षेत्र में बनने वाले आवासीय भवनों व कमर्शियल परिसरों के लिए वर्ष जल संरक्षण को अनिवार्य किया है। मुख्यमंत्री ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत सभी लोगों से पौधे लगाने और उनका संरक्षण किए जाने की अपील की। सीएम योगी ने एक पेड़ मां के नाम अभियान किया शुरू मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व पर्यावरण दिवस पर शुक्रवार को कुकरैल रेंज अवध वन प्रभाग में 'एक पेड़ मां के नाम' महाअभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने यहां कपूर का पौधा लगाया जबकि वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण सक्सेना ने आंवला, वन राज्यमंत्री केपी मलिक ने नीम तथा विधायक ओपी श्रीवास्तव ने आंवला का पौधा रोपित किया। मुख्यमंत्री ने यहां महर्षि चरक औषधि वन की भी स्थापना की। योगी ने जल संरक्षण पर भी जोर देते हुए कहा कि बरसात के पानी की एक-एक बूंद को सुरक्षित करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि पेड़ को क्षति न पहुंचाएं और हर महत्वपूर्ण आयोजन पर एक पेड़ अवश्य लगाएं।

अवैध कब्जों पर प्रशासन की सख्ती, मंदिर परिसर के निकट मजार पर चला बुलडोजर

 संभल  उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनी 'खेड़े वाले बाबा चमन शाह बाबा दरगाह शरीफ मजार' को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया है. कोर्ट से अपील खारिज होने के बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह एक्शन लिया गया।  संभल के बबराला थाना इलाके के बाघऊ गांव में जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई की मौजूदगी में राजस्व विभाग की टीम ने गाटा संख्या 592 की सरकारी ऊसर भूमि पर अवैध रूप से बनी मजार को जमींदोज कर दिया. लेखपाल की जांच रिपोर्ट में 24 वर्ग मीटर क्षेत्र पर अवैध कब्जे की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद ग्राम सभा की शिकायत पर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत यह बड़ी कार्रवाई की गई. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी मनोज रावत और चार थानों की पुलिस फोर्स मौके पर मुस्तैद रही।  पैमाइश में हुई थी अवैध कब्जे की पुष्टि बीते कुछ महीने पहले राजस्व विभाग की टीम, नायब तहसीलदार और एसडीएम विकास चंद्र ने गांव पहुंचकर जमीन की पैमाइश की थी. इसमें मजार बनाकर सरकारी जमीन घेरने की बात साबित हुई, जिसके बाद मजार की देखभाल करने वाले अजीज को नोटिस दिया गया था. तहसीलदार कोर्ट ने इस अवैध निर्माण को हटाने का आदेश जारी किया था।  डीएम कोर्ट से अपील खारिज होते ही एक्शन तहसीलदार कोर्ट के फैसले के खिलाफ मजार कमेटी ने जिलाधिकारी न्यायालय में अपील दायर की थी, जिसे कोर्ट ने 3 जून को खारिज कर दिया. सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण के लिए विशेष टीम गठित की. सुरक्षा के लिहाज से बबराला थाना प्रभारी निशांत राठी सहित भारी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे, जिससे कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई।