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धर्म की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ने पर संघर्ष के लिए भी तैयार रहना चाहिए : मुख्यमंत्री योगी

वाराणसी में भारत सेवाश्रम संघ की काशी शाखा के शताब्दी समारोह को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित, संन्यासियों के त्याग और राष्ट्रसेवा को सराहा काशी विश्वनाथ मंदिर, राम जन्मभूमि और श्रीकृष्ण जन्मभूमि का किया उल्लेख, कहा- आपसी बंटवारे से विदेशी आक्रांताओं को मिला अवसर   100 परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल, मुख्यमंत्री योगी ने अपने हाथों से पांच परिवारों को प्रदान कीं सिलाई मशीनें   वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'याद रखना, एक संन्यासी के जीवन का ध्येय ही होना चाहिए कि धन के निमित्त धर्म नहीं त्यागूंगा। धन के निमित्त धर्म नहीं त्यागूंगा और छिड़ गया युद्ध तो बम-गोले भी दागूंगा।' उन्होंने कहा कि देश और धर्म के लिए किया गया हर त्याग महान है। शांति के समय धर्म का स्वरूप संयम, सौहार्द और लोककल्याण है, लेकिन राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ने पर संघर्ष के लिए भी तैयार रहना चाहिए। भारत सेवाश्रम संघ ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने मूल्यों, आदर्शों और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। राष्ट्रोन्नति को आत्मोन्नति का माध्यम बनाकर संस्था ने आध्यात्मिक साधना को राष्ट्र जागरण और लोककल्याण से जोड़ा है।   मुख्यमंत्री योगी बुधवार को वाराणसी में भारत सेवाश्रम संघ की काशी शाखा के शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने स्वामी प्रणवानंद महाराज के चित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर आरती की। मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना भी की। संघ के प्रधान सचिव स्वामी विश्वात्मानंद ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1926 में स्थापित काशी शाखा ने सेवा और राष्ट्र जागरण की अपनी परंपरा के सौ वर्ष पूरे किए हैं। यह संस्था भारत ही नहीं, दुनिया के अनेक देशों में सनातन मूल्यों और ऋषि परंपरा को आगे बढ़ा रही है।   आपसी बंटवारे से विदेशी आक्रांताओं को मिला अवसर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब राष्ट्र संकट में होता है तो उसकी आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत भी संकट में पड़ जाती है। उन्होंने सवाल किया कि विदेशी आक्रांता सफल नहीं होते तो क्या काशी विश्वनाथ मंदिर को अपवित्र और क्षतिग्रस्त करने का दुस्साहस होता। क्या राम जन्मभूमि पर पांच सौ वर्षों तक गुलामी का कलंक रहता या श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर ऐसा संकट खड़ा होता। उन्होंने कहा कि आपसी बंटवारे का दुष्परिणाम देश को भुगतना पड़ा। इसी पाप के परिमार्जन के लिए संतों ने आध्यात्मिक साधना को राष्ट्रीय जागरण का माध्यम बनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण इसी राष्ट्रीय चेतना और संकल्प का परिणाम है।   गोरक्षपीठ में स्वामी प्रणवानंद को मिली थी दीक्षा मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद महाराज का गोरक्षपीठ से गहरा संबंध रहा है। वर्ष 1912-13 में वह गोरखपुर पहुंचे और सिद्ध योगी बाबा गंभीरनाथ के सानिध्य में साधना की। उन्होंने स्वामी प्रणवानंद के बचपन का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि लगभग 12-13 वर्ष की आयु में वह अपने शिक्षक के साथ गुरु की खोज में गोरखपुर पहुंचे थे। बाबा गंभीरनाथ ने उन्हें देखकर जन्म से सिद्ध योगी बताया था। साधना के दौरान वह तीन घंटे तक अखंड समाधि में रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर से प्राप्त आध्यात्मिक प्रेरणा को स्वामी प्रणवानंद ने पूरे देश में राष्ट्र जागरण का माध्यम बनाया। इसी ऐतिहासिक संबंध के कारण भारत सेवाश्रम संघ से उनका विशेष लगाव है।   स्वाधीनता और हिंदू जागरण में संघ का योगदान मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 1926 में स्वामी प्रणवानंद ने काशी शाखा की स्थापना की थी। देश की पराधीनता के समय वह स्वाधीनता और हिंदू जागरण की अलख जगाते रहे। आज भारत सेवाश्रम संघ देश के साथ दुनिया के अनेक देशों में सनातन मूल्यों और ऋषि परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि संघ ने राष्ट्रवाद को जीवन का ध्येय बनाया। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को कांग्रेस की तुष्टीकरण नीति के विरुद्ध नए राजनीतिक संगठन के निर्माण की प्रेरणा भी स्वामी प्रणवानंद से मिली थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि संघ के संन्यासियों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। यही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है।   100 परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल शताब्दी समारोह में भारत सेवाश्रम संघ की ओर से 100 परिवारों को सिलाई मशीनें प्रदान की गईं। मुख्यमंत्री योगी ने स्वयं पांच परिवारों को सिलाई मशीनें सौंपीं। उन्होंने कहा कि संघ का यह प्रयास सौ परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। यही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना है। उन्होंने प्रयागराज कुंभ में संघ की अन्नक्षेत्र सेवा और देशभर में संचालित लोककल्याणकारी गतिविधियों की भी सराहना की। कहा कि शांति के समय सेवा और लोककल्याण के माध्यम से समाज को समर्थ बनाना ही आध्यात्मिक साधना की सार्थकता है।   धर्म को मानवता और अध्यात्म को सेवा से जोड़ा : स्वामी विश्वात्मानंद भारत सेवाश्रम संघ के प्रधान सचिव स्वामी विश्वात्मानंद ने कहा कि काशी शाखा की स्थापना धर्म को मानवता, अध्यात्म को सेवा और तीर्थ को राष्ट्रीय जागरण से जोड़ने के संकल्प के साथ हुई थी। संघ पीड़ितों की सहायता, तीर्थयात्रियों की सेवा, चिकित्सा, शिक्षा, जनजाति कल्याण और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है। 

मुख्यमंत्री ने वाराणसी खंड क्षेत्र शिक्षक-स्नातक सम्मेलन को किया संबोधित

सीएम ने विधान परिषद प्रत्याशी (शिक्षक) डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र तथा (स्नातक) केदारनाथ सिंह के पक्ष में मांगा जनसमर्थन पीडीए के दलित या मुसलमान को नहीं, बल्कि सपा ने धन्ना सेठ को दिया टिकट, पाप करने वाले सपाई हमें उपदेश न दें: मुख्यमंत्री वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में वाराणसी खंड क्षेत्र सम्मेलन (शिक्षक-स्नातक) को संबोधित किया। सीएम ने विधान परिषद प्रत्याशी (शिक्षक) डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र तथा (स्नातक) केदारनाथ सिंह के पक्ष में जनसमर्थन मांगा। मुख्यमंत्री ने जनसमुदाय से कहा कि सपा रूपी गिरगिटों से सावधान रहना। ये मगरमच्छ हैं, पास आकर नदी पार कराने का आश्वासन देते हैं, लेकिन इन पर भूलकर भी विश्वास नहीं करना। इनका पीडीए सिर्फ छलावा है, राज्यसभा में इनके चचाजान और धन्ना सेठ ही भेजे जाएंगे। सीएम ने कहा कि हाल में हुए राज्यसभा चुनाव में 10 में से 8 सीट भाजपा ने जीतीं, जबकि दो सपा के पक्ष में गई। भाजपा ने हर समाज को प्रतिनिधित्व दिया, लेकिन समाजवादी बताएं कि उनका पीडीए कहां चला गया। इनके पीडीए का मतलब ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ या ‘पराया धन अपना’ है, जो इस चुनाव में चरितार्थ हुआ। इनके एक प्रत्याशी गाजीपुर, काशी, बलिया के यादव नहीं, बल्कि चचाजान रामगोपाल यादव रहे और दूसरी सीट भी किसी दलित या इनके खानदानी वोटबैंक मुस्लिम को नहीं दी गई, बल्कि वह टिकट धन्ना सेठ को बेच दिया गया। हजारों युवाओं को जल्द ही नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री ने कहा कि स्नातक व शिक्षक समाज के सजग प्रहरी हैं। सपा सरकार के समय युवाओं की दुर्गति किसी से छिपी नहीं है। सैफई सिंडिकेट ने भर्ती आयोगों व बोर्डों में अपने खानदान के लोगों को बैठा दिया था, फिर चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकल पड़ती थी। सैफई सिंडिकेट के बाहर किसी को नौकरी नहीं मिलती थी। डबल इंजन सरकार ने साढ़े 9 वर्ष में साढ़े 9 लाख नौजवानों को नियुक्ति पत्र वितरित किए हैं। छह महीने में एक लाख और युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। नियुक्ति पत्र वितरण के चार कार्यक्रम संपन्न हो चुके हैं। आज यूपी पुलिस में 32000 पदों पर भर्ती का एक और परिणाम आया है। एक सप्ताह पहले होमगार्ड के 42 हजार जवानों की भर्ती पूरी हुई, इन सभी को जल्द ही नियुक्ति पत्र देंगे।   थर्ड डिवीजन पास बना था यूपीपीएससी टॉपर सीएम ने कहा कि अब विभिन्न आयोगों व बोर्डों की तमाम भर्तियां ईमानदारी से हो रही हैं, लेकिन सपा के समय यह पारदर्शिता नहीं थी। सपा ने अयोग्य अनिल यादव को एक आयोग का अध्यक्ष बना दिया गया था। यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन में ऐसे व्यक्ति ने टॉप किया था, जो हाईस्कूल, इंटर व बीए तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुआ था। उस समय अराजकता, युवाओं के जीवन से खिलवाड़, माफियाराज और उत्सव से पहले उपद्रव होता था। कर्फ्यू के इस असुरक्षित माहौल में कोई निवेश करने नहीं आता था। तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार/स्वरोजगार से जोड़ा सीएम ने कहा कि अब काशी विश्वनाथ धाम में औसतन प्रतिदिन एक लाख श्रद्धालु आते हैं। सावन व त्योहारों में यह संख्या बढ़ जाती है। बाबा की धरती पर सर्वाधिक श्रद्धालु आ रहे हैं। प्रदेश में नए रोजगार सृजित हुए हैं। 65 लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी दी गई है। परंपरागत उद्यम को ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा के माध्यम से प्रमोट कर तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ा गया है। यूपी की पहचान अब दंगा, माफिया, कर्फ्यू से नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था, पर्यटन डेस्टिनेशन, इन्फ्रास्ट्रक्चर, काशी विश्वनाथ धाम, राम मंदिर, प्रयागराज महाकुंभ व मथुरा-वृंदावन से होती है। 2017 से पहले केवल 120 स्टार्टअप थे, आज यह संख्या 24,000 से अधिक है। अब युवा जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर हो गया है। यूपी अब बीमारू राज्य से मुक्त होकर भारत का ग्रोथ इंजन बना है। मंडलों के बाद जनपदों में बन रहे हैं विश्वविद्यालय सीएम ने कहा कि सरकार ने 62 लाख युवाओं को टैबलेट व स्मार्टफोन दिए हैं। दो करोड़ युवाओं को टैबलेट देंगे। भारतीय ज्ञान परंपरा को लेकर हर विश्वविद्यालय में पीठ की स्थापना का कार्यक्रम बढ़ रहा है। हर मंडलों में विश्वविद्यालय के बाद जनपदों में विश्वविद्यालय बन रहे हैं। संतरविदास नगर, कुशीनगर, शाहजहांपुर में विश्वविद्यालय बन रहा है। डबल इंजन सरकार ने मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी, बलरामपुर में मां पाटेश्वरी, आजमगढ़ में महाराज सुहेलदेव, मुरादाबाद में गुरु जम्भेश्वर, सहारनपुर में मां शाकंभरी, अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय का निर्माण किया। अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल विश्वविद्यालय, गोरखपुर में आयुष विवि, मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय बनाया गया। सपा और शिक्षा, नदी के दो छोर सीएम ने तंज कसा कि सपा शिक्षा की घोर विरोधी है। सपा और शिक्षा नदी के वे दो छोर हैं, जो कभी मिलते नहीं। सपा जब शिक्षा, शिक्षकों व युवाओं पर बोलती है तो हंसी आती है। पाप करने वाले सपाई हमें उपदेश न दें। 2017 में बेसिक व माध्यमिक में 1.60 लाख शिक्षकों के पद भऱे गए। सेवानिवृत्त शिक्षकों के स्थान पर भी भर्ती हुई। शिक्षक समाज, राष्ट्र व युग के निर्माता हैं। काशी तो ज्ञान की धरा है। यहां गुरु परंपरा श्रद्धा से परिपूर्ण है। कभी संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय भारत में एकमात्र संस्कृत विश्वविद्यालय हुआ करता था। मदन मोहन मालवीय ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थापित किया।

मुख्यमंत्री ने आमजन को दी बड़ी राहत, 5 किग्रा. की रिफाइंड चीनी 250 रुपये में होगी उपलब्ध

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चीनी के दामों को लेकर चीनी उद्योग व गन्ना विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक ली और आमजन को परेशानी न हो, इसके लिए विशेष निर्देश दिए। सीएम के निर्देश पर चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग आमजन को मात्र 52 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर चीनी उपलब्ध कराएगा। उपभोक्ता लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान परिसर में स्थित चीनी निगम/सहकारी चीनी मिल संघ के चीनी विक्रय केन्द्र से उक्त दर पर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। 01 एवं 02 किलो के पैकेट के दाम क्रमशः 52 व 102 रूपये हैं। 05 किलो व 50 किलो के पैकेट का मूल्य क्रमशः 250 व 2500 रुपये रखा गया है। सहकारी चीनी मिल संपूर्णानगर की चीनी के एक किलो व दो किलोग्राम पैकेट का मूल्य क्रमशः 51 व 102 रुपये ही रहेगा, लेकिन 05 किलो व 50 किलो के पैकेट का मूल्य क्रमशः 245 व 2400 रुपये रखा गया है। विभाग के अनुसार, चीनी की यह विशेष बिक्री प्रत्येक कार्यदिवस में नियमित रूप से संचालित होगी। आम नागरिक सुबह 10 से सायं 5 बजे तक गन्ना किसान संस्थान परिसर में चीनी बिक्री केंद्र पर जाकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। बिक्री केंद्र पर उपभोक्ताओं की सुविधा और सुगम खरीदारी के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। उपभोक्ता अपनी दैनिक आवश्यकता के अनुसार चीनी की खरीदारी कर सकते हैं। गन्ना विकास विभाग ने राजधानी के नागरिकों से अपील की है कि वे इस जनोपयोगी व्यवस्था का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। विभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में भविष्य में भी आम जनमानस को इसी प्रकार की व्यावहारिक राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है।

ड्रोन तकनीक से दवा छिड़काव का निरीक्षण, अन्य प्रभावित इलाकों में भी उपयोग पर जोर

बाढ़ प्रभावित गांवों में नगर विकास मंत्री ने किया निरीक्षण, संवाद कर सुनी समस्याएं, राहत सामग्री वितरित की लखनऊ योगी सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य बनाने और लोगों को बीमारियों से बचाने के लिए राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने लखनऊ के मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सैंथा और आसपास के गांवों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों, साफ-सफाई और प्रभावित नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बाढ़ के बाद बीमारियों की रोकथाम पर योगी सरकार का जोर मंत्री एके शर्मा ने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद मक्खी-मच्छरों के प्रकोप और प्रदूषित जल एवं वायु से आमजन तथा पशुओं में बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, दवा छिड़काव और जलनिकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने ड्रोन तकनीक से किए जा रहे दवा छिड़काव का निरीक्षण किया और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी जरूरत के अनुसार इस तकनीक का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए। राहत शिविरों और स्वास्थ्य सुविधाओं का लिया जायजा नगर विकास मंत्री ने बाढ़ राहत शिविर और राहत चिकित्सा शिविर का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने पानी उतर चुके क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था का जायजा लेते हुए सफाईकर्मियों का उत्साहवर्धन किया। साथ ही नगर निगम के अधिकारियों, सफाईकर्मियों और अन्य संबंधित कर्मचारियों को आपसी समन्वय से स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित इलाकों में संक्रमण और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा कम किया जा सके। प्रभावित परिवारों से संवाद, राहत सामग्री वितरित निरीक्षण के दौरान नगर विकास मंत्री ने बाढ़ प्रभावित नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रभावित परिवार तक राहत सामग्री और आवश्यक सुविधाएं पहुंचाई जाएं। प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा, स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में सरकार और प्रशासन जनता के साथ खड़े हैं। बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुंचाना और जनजीवन सामान्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है। राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त गौरव कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

आशा राजबाला ने 3,000 से अधिक महिलाओं को दिलाया योजनाओं का लाभ

नवरात्रि विशेष-5: स्वास्थ्य की शक्ति मुझसे मिलिए, मैं हूं आपके स्वास्थ्य की पहरेदार 26 जनवरी 2025 को दिल्ली में मिला राष्ट्रीय सम्मान बढ़े मानदेय और प्रोत्साहन राशि से मिली आर्थिक मजबूती अलीगढ़ नवरात्र में जब पूरा देश शक्ति स्वरूपा देवी के नौ रूपों की आराधना करता है, तब समाज में ऐसी कई ‘जीवित शक्तियां’ भी हैं जो बिना किसी शोर-शराबे के लोगों का जीवन संवार रही हैं। अलीगढ़ की आशा कार्यकर्ता राजबाला देवी ऐसी ही एक शक्ति हैं। कभी घर-घर जाकर महिलाओं को स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति जागरूक करने पर ताने सुनने वालीं राजबाला आज हजारों महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की अहम कड़ी बन चुकी हैं। राजबाला ने मुश्किल परिस्थितियों और लोगों की बातों को पीछे छोड़कर अपने काम से ऐसी पहचान बनाई कि आज वही लोग उन्हें सम्मान की नजर से देखते हैं, जो कभी उनके काम पर सवाल उठाते थे। राजबाला बताती हैं कि उन्होंने वर्ष 2006 में आशा कार्यकर्ता के रूप में काम शुरू किया था। उस समय ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका और स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर जागरूकता कम थी। ऐसे में घर-घर जाकर महिलाओं को योजनाओं की जानकारी देने पर कई बार ताने सुनने पड़ते थे। परिवार का सहयोग भी कम था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। नवरात्र के नौ दिनों की तरह उनकी साधना भी निरंतर चलती रही। लगातार मेहनत और समर्पण से उन्होंने धीरे-धीरे लोगों का भरोसा जीता। 3,000 से अधिक महिलाओं को दिलाया योजनाओं का लाभ राजबाला देवी अब तक 3,000 से अधिक महिलाओं को स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिला चुकी हैं। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने गांव की महिलाओं को अस्पताल में प्रसव कराने के फायदे समझाए। उनका प्रयास रहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें और जच्चा-बच्चा दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। मातृत्व और शिशु की रक्षा के उनके इस संकल्प में मां के रक्षक स्वरूप की झलक मिलती है। टीकाकरण से आयुष्मान कार्ड तक, घर-घर पहुंचाईं योजनाएं आशा कार्यकर्ता के रूप में राजबाला देवी ने मिशन टीकाकरण, परिवार कल्याण, आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड से जुड़ी गतिविधियों में भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने घर-घर जाकर बच्चों का टीकाकरण कराया और परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाई। गरीब परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनवाकर उन्हें पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा से जोड़ने में भी मदद की। जिले से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक मिला सम्मान राजबाला देवी को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए जिले से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक सम्मानित किया जा चुका है। जिले में उन्हें 'अलीगढ़ रत्न' सम्मान मिला, जबकि प्रदेश स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सम्मानित किया गया। उनके कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। 26 जनवरी 2025 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से उन्हें उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि राजबाला देवी के साथ-साथ पूरे जिले के लिए भी गर्व का विषय है। बढ़े मानदेय और प्रोत्साहन राशि से मिली आर्थिक मजबूती राजबाला देवी के मुताबिक, शुरुआती दौर में आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाला मानदेय काफी कम था। योगी सरकार की ओर से मानदेय और प्रोत्साहन राशि बढ़ाए जाने से आशा कार्यकर्ताओं को आर्थिक मजबूती मिली है। इससे परिवार का खर्च चलाने में भी पहले की तुलना में सहूलियत हुई है। नवरात्र का संदेश है कि नारी शक्ति का सम्मान ही समाज की सच्ची आराधना है। राजबाला देवी जैसी आशा कार्यकर्ता इसी शक्ति का प्रतीक हैं, जो हर दिन गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य की रक्षा का दायित्व निभा रही हैं। आशा कार्यकर्ताओं की प्रमुख जिम्मेदारियां – मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं में सहयोग – टीकाकरण और पोषण के प्रति जागरूकता – परिवार नियोजन की जानकारी देना – बीमारियों और महामारी की रोकथाम में सहयोग – संचारी रोग नियंत्रण अभियान में भागीदारी – स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना

गड्ढा मुक्त करने के लिए 1,714 किलोमीटर लंबी सड़कों की होगी मरम्मत

लखनऊ योगी सरकार में संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण एवं गड्ढा मुक्त कार्यों को गति प्रदान करने के लिए राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने लगभग 477 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। इस धनराशि से प्रदेश के 18 मंडलों में 1,111 संपर्क मार्गों की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य कराया जाएगा। इन मार्गों की कुल लंबाई लगभग 1,714 किलोमीटर है। इससे किसानों को अपनी उपज कृषि मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा।    संपर्क मार्गों की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण से कृषि उपज से लदे वाहनों की आवाजाही बेहतर होगी। खराब सड़कों के कारण परिवहन में होने वाली कठिनाइयां कम होंगी और किसानों को उपज की ढुलाई में राहत मिलेगी।    मंडलवार विवरण के अनुसार कानपुर मंडल में सर्वाधिक 158 संपर्क मार्गों की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 50.66 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। इन मार्गों की कुल लंबाई 235.39 किलोमीटर है। वहीं बरेली मंडल में 156 मार्गों के लिए सर्वाधिक 74.86 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यहां 225.15 किलोमीटर लंबाई के संपर्क मार्गों पर कार्य कराया जाएगा। लखनऊ मंडल में 129 मार्गों के लिए 72.60 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जिनकी कुल लंबाई 215.40 किलोमीटर है।    इसी प्रकार झांसी मंडल में 77 मार्गों के लिए 44.11 करोड़ रुपये, आगरा में 100 मार्गों के लिए 35.89 करोड़ रुपये तथा प्रयागराज में 83 मार्गों के लिए 34.73 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। अयोध्या, अलीगढ़, मिर्जापुर सहित अन्य मंडलों में भी स्वीकृत संपर्क मार्गों की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कराया जाएगा।    सड़क मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों में तेजी लाने के लिए मंडी परिषद ने संबंधित जिलाधिकारियों से अपने स्तर पर नियमित समीक्षा की अपेक्षा की है। मंडी परिषद के उपनिदेशक (निर्माण), उपनिदेशक (प्रशासन) एवं मंडी सचिव जिलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर उनके निर्देशन में कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करेंगे। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता की निगरानी उपनिदेशक (निर्माण) करेंगे। जिलाधिकारी द्वारा गठित जनपद स्तरीय समितियां भी इसमें सहयोग करेंगी। साथ ही संबंधित जिलाधिकारियों द्वारा समय-समय पर कार्यों की जांच कराई जाएगी।    मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सड़कों को गड्ढामुक्त रखने और उनके सुदृढ़ीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में मंडी परिषद द्वारा संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण एवं गड्ढा मुक्ति के कार्यों को गति प्रदान की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप और समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराए जाएंगे। इससे किसानों और ग्रामीण आबादी को बेहतर सड़क सुविधाओं का दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

पावर स्प्रेयर और आठ हॉर्स पावर के पंपिंग सेट को रखा गया बरकरार, उपहारों की उपयोगिता बढ़ाने पर जोर

मंडी परिषद की प्रस्तावित व्यवस्था में 43 इंच टीवी की जगह मिलेगी चारा काटने की मशीन, अन्य उपहारों में भी किया गया बदलाव लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में किसानों को कृषि कार्यों में सहूलियत देने और सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक उपयोगी बनाने की दिशा में राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना के तहत दिए जाने वाले उपहारों में बदलाव किया गया है। इसी के तहत लकी ड्रॉ के माध्यम से किसानों को दिए जाने वाले उपहारों की सूची में संशोधन का किया गया है। प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य किसानों को ऐसे उपकरण उपलब्ध कराना है, जिनका इस्तेमाल वे खेती-पशुपालन से जुड़े कार्यों में कर सकें।   निदेशक, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना के अंतर्गत वर्तमान में दिए जा रहे कुछ उपहारों के स्थान पर कृषि उपयोगी मशीनें और उपकरण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए गठित समिति की बैठक में उपहारों की उपयोगिता और वितरण व्यवस्था पर विचार-विमर्श किया गया। नवीनतम बदलाव के अनुसार 43 इंच के एलईडी टीवी के स्थान पर तीन हॉर्स पावर की चारा काटने वाली मशीन दी जाएगी। इससे किसानों को पशुपालन संबंधी कार्यों में भी मदद मिलेगी। टीवी की जगह मिलेगी चारा काटने की मशीन  इस योजना के तहत वर्तमान में द्वितीय उपहार के रूप में 43 इंच का टीवी दिया जाता है। इसके स्थान पर तीन हॉर्स पावर की चारा काटने की मशीन दी जाएगी। इसकी अनुमानित कीमत 30 हजार रुपये प्रति उपहार है। प्रत्येक संभाग में ऐसे तीन उपहार दिए जाने की व्यवस्था होगी। इससे किसानों को पशुओं के लिए चारा तैयार करने में सुविधा मिलेगी और श्रम की बचत भी होगी। पंपिंग सेट और पावर स्प्रेयर भी सूची में प्रथम उपहार के रूप में आठ हॉर्स पावर का पंपिंग सेट पहले की तरह ही दिया जाएगा। इसकी अनुमानित कीमत 55 हजार रुपये प्रति उपहार है और प्रत्येक संभाग में दो उपहार दिए जाने का प्रावधान है। वहीं, पावर स्प्रेयर को भी उपहारों की सूची में शामिल रखा गया है। इसके लिए प्रति उपहार अनुमानित कीमत पांच हजार रुपये है।  उपहारों की श्रेणियों में भी किया गया बदलाव योजना के अंतर्गत उपहारों की विभिन्न श्रेणियों के लिए निम्नलिखित व्यवस्था की गई है— प्रथम उपहार: 35 हॉर्स पावर का ट्रैक्टर द्वितीय उपहार: वर्तमान में 900 लीटर क्षमता वाले पावर टिलर (11 किलोवाट) तथा 13.7 एचपी क्षमता के उपकरणों के स्थान पर छोटे ट्रैक्टर (20 हॉर्स पावर से कम) को शामिल किया गया है। तृतीय उपहार: पावर टिलर/रीपर जैसे उपकरणों के स्थान पर 100 सीसी क्षमता वाली मोटरसाइकिल को शामिल किया गया है। चतुर्थ उपहार: सोलर पावर पैक संयंत्र को उपहार के रूप में शामिल किया गया है। समिति की संस्तुति के आधार पर लिया गया निर्णय  गठित समिति ने उपहार वितरण के दौरान आने वाली विभिन्न चुनौतियों पर विचार किया है। समिति की संस्तुति के आधार पर प्रथम उपहार के रूप में ट्रैक्टर को यथावत रखते हुए अन्य उपहारों की खरीद एवं वितरण की व्यवस्था में बदलाव करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना के छमाही ड्रॉ और बंपर ड्रॉ के अंतर्गत वितरित किए जा रहे उपहारों की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए संशोधित व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।   किसानों और कृषि उपज के व्यापारियों को राहत देने के लिए राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की विभिन्न योजनाओं में कृषि उपयोगी संसाधन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। परिषद के दस्तावेज में किसानों को निःशुल्क प्लास्टिक कैरेट और व्यापारियों को प्लास्टिक शीट वितरित करने की योजना है। इसके साथ ही कृषि शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और मंडी परिसर में दुर्घटना या अग्निकांड की स्थिति में आर्थिक सहायता देने की भी व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत कृषि विश्वविद्यालय एवं कृषि संस्थान तथा कृषि महाविद्यालय से स्नातक करने वाले छात्रों की छात्रवृत्ति रुपए 3000 से बढ़ाकर रूपये 5000 की गयी है। किसानों को मिलेंगे निःशुल्क प्लास्टिक कैरेट मंडी परिषद की योजना के तहत किसानों को कृषि उपज की तोड़ाई और परिवहन के दौरान उसकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्लास्टिक कैरेट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। सब्जियों और फलों की तोड़ाई के समय से ही कैरेट का इस्तेमाल करने वाले किसानों को प्राथमिकता देने की व्यवस्था है। मंडी समितिवार किसानों की संख्या के आधार पर कैरेट वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 'क' श्रेणी की मंडियों में 500 किसानों को चार-चार कैरेट देने का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार कुल 2,000 कैरेट वितरित किए जाने हैं। 'ख' श्रेणी की मंडियों में 250 किसानों को चार-चार कैरेट यानी कुल 1,000, 'ग' श्रेणी की मंडियों में 200 किसानों को कुल 800 और 'घ' श्रेणी की मंडियों में 150 किसानों को कुल 600 कैरेट देने का लक्ष्य रखा गया है। इस तरह इन चार श्रेणियों के लिए कुल 4,400 प्लास्टिक कैरेट का वितरण प्रस्तावित है।  परिषद की इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों, व्यापारियों और कृषि शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों को अलग-अलग स्तर पर सहयोग देना है। प्लास्टिक कैरेट और शीट वितरण से जहां कृषि उपज के रखरखाव में सहूलियत मिल सकती है, वहीं छात्रवृत्ति और दुर्घटना सहायता जैसी योजनाएं लाभार्थियों को आर्थिक संबल प्रदान कर सकती हैं। योजनाओं का लाभ लेने के लिए संबंधित मंडी समिति से पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और उपलब्ध सहायता के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

सपा पर भरोसा करना मगरमच्छ से नदी पार कराने जैसा, कब रंग बदल ले कोई भरोसा नहीं : मुख्यमंत्री योगी

वाराणसी में शिक्षक-स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए आयोजित महासम्मेलन को मुख्यमंत्री योगी ने भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में किया संबोधित   राज्यसभा चुनाव में कहां चला गया सपा का पीडीए, एक सीट चाचा को दी और दूसरी मुंबई के धन्नासेठ को : मुख्यमंत्री योगी   शिक्षकों की समस्याएं उठाने वाला हो विधान परिषद में प्रतिनिधि, कोई मुद्दा शेष रहा तो उसका भी निकालेंगे समाधान   यूपी में अब नौकरी मांगने वाले ही नहीं, नौकरी देने वाले भी तैयार हो रहे, 120 से बढ़कर 24 हजार के पार पहुंचे स्टार्टअप   वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को समाजवादी पार्टी पर शिक्षा, शिक्षकों और युवाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं, जो माफिया के पिछलग्गू हैं और माफिया के मरने पर उसकी कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ते हैं, उनसे शिक्षकों के हितों की उम्मीद कैसे की जा सकती है। सपा सरकार में शिक्षकों के पद खाली रहे, भर्ती आयोगों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ होता था। भाजपा सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ शिक्षकों की समस्याओं का समाधान किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल छात्र का भविष्य नहीं बनाता, बल्कि समाज, राष्ट्र और युग का निर्माण करता है।   मुख्यमंत्री योगी वाराणसी में शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षक और स्नातक समाज के सजग प्रहरी हैं। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। शिक्षक युवाओं को दिशा देता है और युवा राष्ट्र का भविष्य तय करते हैं। शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं का समाधान किया गया है। कोई मुद्दा शेष रह जाएगा तो सरकार उसका भी समाधान निकालेगी।   राज्यसभा चुनाव में कहां चला गया सपा का पीडीए मुख्यमंत्री योगी ने राज्यसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि दस में आठ सीटें भाजपा और दो सपा को मिलीं। भाजपा ने विभिन्न समाजों को प्रतिनिधित्व दिया, लेकिन पीडीए की बात करने वाली सपा ने एक सीट अपने चाचा रामगोपाल यादव को दे दी और दूसरी मुंबई के धन्नासेठ को। उन्होंने सवाल किया कि सपा को काशी, गाजीपुर या बलिया का कोई यादव, दलित या मुस्लिम प्रत्याशी क्यों नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने पीडीए को परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी और 'पराया धन अपना' बताते हुए सपा पर कथनी और करनी में अंतर होने का आरोप लगाया।   सपा पर भरोसा करना मगरमच्छ से नदी पार कराने जैसा मुख्यमंत्री योगी ने सपा पर वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा कि उस पर विश्वास करना मगरमच्छ से नदी पार कराने की उम्मीद करने जैसा है। मगरमच्छ नदी के बीच में ले जाकर क्या करेगा, यह सभी जानते हैं। उन्होंने सपा नेताओं पर बार-बार रंग बदलने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन्हें देखकर गिरगिट भी खुश होता होगा कि मनुष्य में उसकी जाति का कोई पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि सपा को प्रदेश की नहीं, केवल अपने परिवार की चिंता रही है। समाज में भेदभाव और बंटवारा पैदा करने वाली राजनीति से सावधान रहना चाहिए।   सैफई सिंडिकेट ने युवाओं के भविष्य से किया खिलवाड़ मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में भर्ती आयोगों और बोर्डों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था। चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकलती थी। वर्ष 2017 में बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के 1.60 लाख पद खाली थे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने नियुक्तियां कीं और सेवानिवृत्ति से रिक्त होने वाले पदों पर भी भर्ती जारी है। प्रदेश में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। अगले छह महीने में एक लाख और नियुक्तियां देने का संकल्प है। बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में 32 हजार युवाओं का परिणाम घोषित हुआ है।   शिक्षकों की समस्याएं उठाने वाला हो प्रतिनिधि मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विधान परिषद में ऐसा प्रतिनिधि होना चाहिए, जो शिक्षकों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से सरकार के सामने रख सके। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के टीईटी संबंधी निर्णय के बाद पुराने शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी की व्यवस्था करने का उल्लेख किया। कहा कि बेसिक से विश्वविद्यालय स्तर तक के शिक्षकों को पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है। स्ववित्तपोषित संस्थानों के शिक्षक भी इसमें शामिल हैं। वित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों के लिए 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक के बीमा कवर का भी उन्होंने उल्लेख किया।   नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बन रहे युवा मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल 120 स्टार्टअप थे, जबकि आज 24 हजार से अधिक स्टार्टअप काम कर रहे हैं। प्रदेश का युवा अब केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाला बन रहा है। निजी क्षेत्र में 65 लाख युवाओं को नौकरी मिली है और तीन करोड़ से अधिक लोग रोजगार तथा स्वरोजगार से जुड़े हैं। प्रदेश के 62 लाख युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन दिए गए हैं। सरकार ने दो करोड़ युवाओं तक यह सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।   अब यूपी की पहचान दंगा-कर्फ्यू नहीं, धार्मिक पर्यटन मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में त्योहारों से पहले दंगे शुरू हो जाते थे। उत्सव से पहले उपद्रव प्रदेश की पहचान बन गया था। खराब कानून-व्यवस्था के कारण निवेशक नहीं आते थे। आज काशी विश्वनाथ धाम में औसतन एक लाख श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंच रहे हैं।

योगी सरकार के प्रयासों से यूपी की शहरी पेयजल व्यवस्था को मिली मजबूती

1,950 नए नलकूपों के लक्ष्य के सापेक्ष 984 का निर्माण पूरा 802 ओवरहेड जलाशयों में 196 और 197 भूमिगत जलाशयों में 24 का निर्माण पूर्ण लखनऊ उत्तर प्रदेश में शहरी क्षेत्रों के प्रत्येक परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने और जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए योगी सरकार अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत 2.0) के तहत व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। मिशन के माध्यम से पेयजल नेटवर्क के विस्तार, नए नलकूपों के निर्माण, जलाशयों की स्थापना और आधुनिक जल प्रबंधन व्यवस्था को विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य शहरी नागरिकों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के साथ ही भविष्य की जरूरतों के अनुरूप जलापूर्ति व्यवस्था तैयार करना है। 27.49 लाख घरों को पेयजल कनेक्शन देने का लक्ष्य योजना के तहत प्रदेश में 27.49 लाख घरों को पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराने और 137.45 लाख की आबादी को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पेयजल वितरण नेटवर्क के विस्तार में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। कुल 25302.80 किलोमीटर प्रस्तावित नेटवर्क में से 17431.00 किलोमीटर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। यह उपलब्धि शहरी क्षेत्रों में पाइपलाइन के माध्यम से घरों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। 984 नए नलकूपों का निर्माण पूरा अमृत 2.0 के तहत प्रदेश में जलापूर्ति के लिए 1,950 नए नलकूपों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 984 नलकूपों का निर्माण पूरा हो चुका है। नलकूपों के माध्यम से विभिन्न नगरीय क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने और जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा योजना के तहत 802 ओवरहेड जलाशयों में से 196 का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं, 197 भूमिगत जलाशयों में से 24 का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। अमृत 2.0 से शहरी जल भंडारण और वितरण व्यवस्था होगी मजबूत ओवरहेड और भूमिगत जलाशय शहरी क्षेत्रों में पानी के भंडारण और वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। इनके निर्माण से विभिन्न क्षेत्रों में जलापूर्ति की जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे का विस्तार हो रहा है। योगी सरकार की ओर से संचालित इस मिशन के जरिए पेयजल परियोजनाओं को गति देने के साथ ही नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।  परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी करने के प्रयास शासन की प्राथमिकता है कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में प्रत्येक पात्र परिवार तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। अमृत 2.0 मिशन के तहत पेयजल नेटवर्क के विस्तार, नए नलकूपों के निर्माण और ओवरहेड एवं भूमिगत जलाशयों के निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा कराया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी हों और शहरी नागरिकों को सुचारु जलापूर्ति का लाभ मिले। जल निगम नगरीय द्वारा परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जा रही है।  

पति सौरभ की हत्या मामले में मुस्कान-साहिल को मृत्युदंड, कोर्ट में बोलीं- ‘मेरी बच्चियों का ध्यान रखना’

मेरठ  मेरठ में प्रेमी के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या करने वाली मुस्कान को फांसी की सजा सुनाई गई। उसके प्रेमी साहिल को भी कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई। सजा सुनाते हुए जज ने कहा- यह नृशंस हत्याकांड है, माफी स्वीकार नहीं होगी। सजा सुनाने से पहले जेल में बंद मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ा गया। मुस्कान रस्तोगी और साहिल फूट-फूटकर रोने लगे। जज ने मुस्कान से पूछा- तुम अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या में दोषी हो, क्या सजा चाहती हो? उसने जवाब दिया- मेरी बच्चियों का ख्याल रखा जाए। फिर वह खामोश हो गई। इसके बाद साहिल से यही सवाल पूछा गया, तो वह चुप रहा। सजा के ऐलान के बाद सौरभ की मां रो पड़ीं। कहा- शांति से न्याय मिल गया। सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च, 2025 को हुई थी। शव को 5 टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में भर दिया गया था।मार्च 2025 में मर्चेंट नेवी कर्मी सौरभ राजपूत की उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला ने हत्या कर दी थी, जिसके बाद शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में सीमेंट से बंद कर दिए गए थे. जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई।  अदालत ने 30 सितंबर 2026 को सुरक्षित रखा था मामले में मेरठ की जिला अदालत ने 30 सितंबर 2026 को दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया था और बुधवार को सजा पर अंतिम फैसला आया. मामले में जिला अदालत ने इस मामले में दोनों को फांसी की सजा सुनाई।  इस दौरान कोर्ट की टिप्पणी ने भी सभी का ध्यान खींचा. मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाए जाने के दौरान अदालत में महाभारत का भी जिक्र हुआ. सामने आया है कि फैसला सुनाने से पहले जज कोर्ट में मु्स्कुराते हुए आए, उन्होंने फैसला पढ़ना शुरू किया इससे पहले उन्होंने अहम टिप्पणी में कहा कि 'दंड भी धर्म है'. उन्होंने महाभारत का जिक्र करते हुए कहा कि 'दंड को भी धर्म ही बताया गया है, यानी अपराधी को दंड देना धर्म है।  इस फैसले की जानकारी देते हुए वकील केके चौबे ने मीडिया बातचीत में कहा कि, सुनवाई के दौरान जज ने महाभारत का उल्लेख करते हुए कहा कि अपराधियों को दंड देना भी धर्म है. फैसला सुनाए जाने के दौरान कोर्ट रूम में 'भारत माता की जय' के नारे भी लगे. उन्होंने अदालत के फैसले को समाज के लिए एक बड़ा संदेश बताया।  'अपराधी को सजा देना धर्म का हिस्सा' उन्होंने कहा कि लालच में आकर करीबी रिश्तों की हत्या करने जैसे जघन्य अपराधों में कठोर सजा मिलनी चाहिए. चौबे के मुताबिक, अदालत ने महाभारत का उदाहरण देते हुए स्पष्ट किया कि अपराध करने वालों को सजा देना भी धर्म का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि 'यह फैसला समाज को संदेश देता है कि जघन्य अपराध करने वालों को कानून के तहत कठोर दंड भुगतना पड़ेगा।  13 महीने चला केस, 126 सुनवाई हुईं अदालत के अधिकारियों के मुताबिक, मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया था. इससे पहले अदालत ने 30 सितंबर को मुस्कान और साहिल को सौरभ राजपूत की हत्या करने और उनके शव को छिपाने की कोशिश के मामले में दोषी करार दिया था. करीब 13 महीने तक चले मुकदमे में कुल 126 सुनवाई हुईं, जिसके बाद अदालत ने दोनों को सजा सुनाई।  हत्या के बाद शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपाए अभियोजन पक्ष के मुताबिक, सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को की गई थी. आरोप था कि मुस्कान और साहिल ने हत्या के बाद सौरभ के शव के टुकड़े कर दिए और उन्हें एक नीले ड्रम में रख दिया. इसके बाद अपराध को छिपाने के लिए ड्रम में सीमेंट भर दिया गया था. यह मामला उस समय सामने आया, जब मेरठ स्थित घर से सौरभ के शव के अवशेष बरामद किए गए. हत्या के तरीके और शव को ठिकाने लगाने की कोशिश के कारण यह मामला काफी चर्चित हुआ था।  22 गवाहों की हुई गवाही मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल 22 गवाह पेश किए. इनमें हत्या में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए चाकू, नीले ड्रम और अन्य सामान की खरीद से जुड़े लोग भी शामिल थे. इसके अलावा होटल मैनेजरों और कैब ड्राइवरों की भी गवाही कराई गई. इन गवाहों के जरिए आरोपियों की गतिविधियों और अलग-अलग स्थानों पर उनकी आवाजाही को साबित करने की कोशिश की गई. अदालत में आरोपियों के विभिन्न स्थानों पर ठहरने से संबंधित रिकॉर्ड भी पेश किए गए।  करीब 13 महीने तक चली सुनवाई और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने पहले दोनों को दोषी करार दिया और अब मुस्कान रस्तोगी तथा साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई है।  कब क्या हुआ था? 24 फरवरी 2025 को मर्चेंट नेवी अफसर सौरभ राजपूत लंदन से वापस मेरठ लौटे और इंदिरा नगर स्थित अपने घर पहुंचे।  25 फरवरी 2025 को सौरभ के घर में उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी का जन्मदिन मनाया गया।  28 फरवरी 2025 को उनकी बेटी पीहू का जन्मदिन मनाया गया. 3 मार्च 2025: अभियोजन पक्ष के अनुसार, साजिश के तहत सौरभ को नींद की दवा दी गई और उसके बाद उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को घर बुलाया गया, जहां सौरभ की बेरहमी से हत्या कर दी गई. इसके बाद शव के टुकड़े कर उसे सीमेंट भरकर एक नीले ड्रम में सील कर दिया गया।  4 मार्च 2025: इस दिन मुस्कान अपनी बेटी को मायके छोड़कर साहिल के साथ शिमला घूमने निकल गई और सौरभ के फोन से मैसेज भेजकर परिवार को धोखे में रखा।  17 मार्च 2025: शिमला से लौटने के बाद जब मामले का खुलासा हुआ और पुलिस ने जांच शुरू की, तो घर के अंदर रखे नीले ड्रम से सौरभ राजपूत के शव के टुकड़े बरामद किए गए. पुलिस ने आरोपी मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया।  7. मार्च 2025 से सितंबर 2026: इस मामले में करीब 13 महीने तक सुनवाई चली. अदालत में कुल 126 पेशियां (सुनवाई की तारीखें) हुईं और 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।  30 सितंबर 2026 लगभग 545 दिनों की कानूनी प्रक्रिया और अंतिम बहस पूरी होने के बाद, मेरठ जिला … Read more