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मशरूम और महुआ कारोबार से आत्मनिर्भर बनीं बबली, योजनाओं से मिली नई उड़ान

फोटो कॉपी, मशरूम और महुआ व्यवसाय ने बदली बबली की जिंदगी बिहान से मिली उड़ान, साय सरकार की योजनाओं से मजबूत हुआ आत्मविश्वास  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महिला स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के विजन की दिख रही जमीनी तस्वीर रायपुर, कभी परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए सीमित साधनों पर निर्भर रहने वाली ग्राम पंचायत चुकतीपानी की श्रीमती बबली यादव आज अपने हुनर, मेहनत और आत्मविश्वास से अपनी अलग पहचान बना रही हैं। ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़कर उन्होंने एक नहीं, बल्कि कई आजीविका गतिविधियों को अपनाया। फोटो कॉपी एवं कंप्यूटर कार्य, मशरूम उत्पादन और महुआ खरीदी जैसे अलग-अलग कामों से उन्होंने अपनी आय का मजबूत आधार तैयार किया है। आज उनकी कहानी गांव की उन महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही है, जो अपने पैरों पर खड़ा होकर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का सपना देखती हैं। श्रीमती बबली यादव जागृति महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने उपलब्ध अवसरों का उपयोग करते हुए स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया। समूह के माध्यम से ऋण प्राप्त कर उन्होंने कंप्यूटर खरीदा और अपने घर से ही फोटो कॉपी एवं कंप्यूटर संबंधी कार्य शुरू किया। शुरुआत भले ही छोटे स्तर से हुई, लेकिन मेहनत और निरंतर प्रयास ने इस काम को उनकी नियमित आय का जरिया बना दिया। बबली की मेहनत का लाभ केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं रहा। गांव में ही फोटो कॉपी, प्रिंटिंग और कंप्यूटर से जुड़े काम की सुविधा मिलने लगी। पहले जिन छोटे-छोटे कामों के लिए ग्रामीणों को बाहर जाना पड़ता था, वे अब स्थानीय स्तर पर ही पूरे होने लगे। इस तरह उनका स्वरोजगार ग्रामीणों के लिए सुविधा और उनके परिवार के लिए आय का माध्यम बन गया। मशरूम की खेती से बढ़ी आमदनी, महुआ खरीदी से जुड़ा नया अवसर श्रीमती बबली यादव ने अपनी आय को एक ही साधन तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने मशरूम उत्पादन की शुरुआत की। कम जगह में शुरू किए गए इस कृषि आधारित व्यवसाय से उन्हें अतिरिक्त आमदनी मिलने लगी। मशरूम उत्पादन ने उन्हें यह विश्वास दिया कि स्थानीय संसाधनों और उपलब्ध अवसरों का सही उपयोग कर गांव में रहते हुए भी आय के नए रास्ते बनाए जा सकते हैं। इसके साथ ही वे पीजी समूह के माध्यम से महुआ खरीदी के कार्य से भी जुड़ी हैं। इस गतिविधि के जरिए वे स्वयं आय अर्जित करने के साथ ग्रामीण महिलाओं को भी रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास कर रही हैं। इस तरह फोटो कॉपी से लेकर मशरूम और महुआ तक, बबली ने अपनी आजीविका को कई आय स्रोतों से जोड़ा है। लगभग 10 हजार रुपये मासिक आय से मजबूत हुआ परिवार श्रीमती बबली यादव बताती हैं कि फोटो कॉपी एवं कंप्यूटर कार्य, मशरूम उत्पादन और महुआ खरीदी जैसी गतिविधियों से उनकी मासिक आय लगभग 10 हजार रुपये तक हो जाती है। इस अतिरिक्त आय से परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली है। पहले जहां परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए आय के सीमित साधन थे, वहीं अब उनके पास अपनी मेहनत से कमाई का नियमित माध्यम है। उनके लिए यह बदलाव केवल आमदनी बढ़ने तक सीमित नहीं है। आर्थिक आत्मनिर्भरता ने उनके भीतर निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी बढ़ाया है। आज वे अपने परिवार की जरूरतों में सहयोग देने के साथ अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार और समूह आधारित गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। बिहान ने दिया अवसर, साय सरकार की योजनाओं से मिली आगे बढ़ने की राह छत्तीसगढ़ में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और आजीविका गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में इन प्रयासों को आगे बढ़ाया जा रहा है। बबली यादव की कहानी इसी व्यवस्था का स्थानीय उदाहरण है, जहां समूह से जुड़ाव, ऋण की सुविधा और आजीविका के अवसर ने एक ग्रामीण महिला को अपने पैरों पर खड़े होने का रास्ता दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ और महिला नेतृत्व वाले विकास के विजन से जुड़ी कहानी श्रीमती बबली यादव की सफलता उस व्यापक सोच से भी जुड़ती है, जिसमें ग्रामीण महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों की सक्रिय भागीदार बनाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को विकसित भारत की मजबूत कड़ी बताते हुए ‘लखपति दीदी’ के माध्यम से महिलाओं की आय और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर दिया है। केंद्र सरकार के दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिला स्व-सहायता समूहों को वित्तीय, तकनीकी और बाजार से जुड़ी सहायता के माध्यम से आजीविका मजबूत करने पर जोर दिया जाता है। मिशन में ग्रामीण महिलाओं को सामुदायिक संस्थाओं के माध्यम से संगठित कर ऋण और अन्य संसाधनों तक पहुंच उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। यही सोच गांव की महिलाओं के जीवन में धीरे-धीरे बदलाव ला रही है। बबली यादव ने समूह से मिली ताकत को अपने स्थानीय ज्ञान और मेहनत से जोड़ा और अलग-अलग गतिविधियों को अपनी आजीविका का आधार बनाया। आवास और महतारी वंदन से मिला सामाजिक-आर्थिक संबल श्रीमती बबली यादव को प्रधानमंत्री आवास योजना और महतारी वंदन योजना का लाभ भी मिला है। इन योजनाओं से मिले सहयोग ने उनके परिवार की बुनियादी जरूरतों को मजबूत आधार दिया है। एक ओर जहां आवास ने परिवार को सुरक्षित आश्रय का संबल दिया, वहीं दूसरी ओर नियमित आर्थिक सहायता ने घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सहयोग किया। बबली कहती हैं कि शासन की योजनाओं और बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिला। उनके अनुसार, यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन, समूह का साथ और आर्थिक गतिविधि शुरू करने का अवसर मिले तो वे न केवल अपने परिवार को संभाल सकती हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार और प्रेरणा का माध्यम बन सकती हैं। छोटी शुरुआत से बड़ी पहचान तक बबली यादव की कहानी बताती है कि आत्मनिर्भरता के लिए हमेशा बड़े कारोबार से शुरुआत करना जरूरी नहीं है। एक कंप्यूटर और फोटो कॉपी मशीन से शुरू हुआ काम, … Read more

सेवा संकल्प अभियान में विकास का शंखनाद, अरुण साव ने ₹126.92 करोड़ के कार्यों की रखी आधारशिला

रायपुर सेवा संकल्प अभियान के तहत रायगढ़ में विकास कार्यों को गति देने सोमवार को संत पूज्य  प्रियदर्शी राम जी ऑडिटोरियम पंजरी प्लांट रायगढ़ में भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव के मुख्य आतिथ्य में नगर निगम और लोक निर्माण विभाग के कुल 126.92 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन-लोकार्पण हुआ। उप मुख्यमंत्री  साव ने शहर के विकास के लिए चार और बड़े कार्यों की घोषणा की। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी दिल्ली से वर्चुअली कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को पूर्ण हो चुके आवासों की प्रतीकात्मक चॉबी भी सौंपी गई। रायगढ़ को विकसित जिला बनाने तेज गति से कार्य जारी – उप मुख्यमंत्री  साव  उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि रायगढ़ तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रायगढ़ जिले को विकसित जिला बनाने के लिए तेज गति से काम किया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान के तहत विकास कार्यों को गति देने के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ नगर निगम की ओर से लगभग 10 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की सूची उन्हें दी गई है। इन कार्यों के लिए शीघ्र स्वीकृति प्राप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि रायगढ़ के विकास के लिए राशि की कोई कमी नहीं होगी।                 उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि शहर की जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने शहर के विकास के लिए चार अतिरिक्त कार्यों की घोषणा की। इनमें संजय मार्केट के निर्माण एवं उन्नयन के लिए 15.67 करोड़ रुपए, रामलीला मैदान के विकास, मंच एवं पवेलियन निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपए, तालाब के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए 4.99 करोड़ रुपए तथा केवड़ाबाड़ी से मरीन ड्राइव तक सनलाईजेशन कार्य के लिए 9.97 करोड़ रुपए शामिल हैं।    उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि रायगढ़ में सड़क, नाली, जल निकासी, बाजार, खेल और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ औद्योगिक गतिविधियों के साथ अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान के लिए भी जाना जाता है। विकास कार्यों के माध्यम से शहर की सुविधाओं को बेहतर बनाते हुए रायगढ़ को विकसित और सुव्यवस्थित शहर के रूप में आगे बढ़ाना है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों से कहा कि विकास कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। औद्योगिक पहचान के अनुरूप विकसित हो रहा रायगढ़ –  ओ.पी. चौधरी वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी ने दिल्ली से वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि रायगढ़ के विकास के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में रायगढ़ नगर निगम को विभिन्न योजनाओं के तहत 384.66 करोड़ रुपए के कार्यों की स्वीकृति मिली है। वहीं लोक निर्माण विभाग के माध्यम से जिले में सड़क, भवन और पुल सहित विभिन्न कार्यों के लिए 1426 करोड़ रुपए की स्वीकृति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रायगढ़ के रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। रायगढ़-घरघोड़ा फोरलेन तथा पूंजीपथरा-तमनार फोरलेन की दिशा में भी कार्य आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा तमनार-उरगा-लैलूंगा, तमनार बाईपास, कया-कमतरा- चरखापारा-ससकोबा-बंधनपुर और कोड़ातराई-पुसौर फोरलेन सहित विभिन्न सड़क परियोजनाओं का भी उन्होंने उल्लेख किया। उन्होंने रायगढ़ में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, संगीत महाविद्यालय भवन और वर्किंग वूमेन हॉस्टल जैसे कार्यों की जानकारी भी दी। वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि रायगढ़ की अधोसंरचना को उसकी औद्योगिक पहचान के अनुरूप मजबूत किया जा रहा है। लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को लोकसभा सांसद  राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद  देवेंद्र प्रताप सिंह और महापौर  जीवर्धन चौहान ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मती शिखा रवींद्र गबेल, सभापति  डिग्री लाल साहू,  अरूणधर दीवान,  गुरुपाल भल्ला,  सुभाष पाण्डेय,  कांत सोमावार,  विकास केडिया,  अनुपम पाल,  जतीन साव,  अरूण कातोरे,  पवन अग्रवाल, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशिमोहन सिंह, डीएफओ रायगढ़  अरविंद पीएम, जिला पंचायत सीईओ  अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम के पार्षदगण सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

2 साल 8 माह में बिकीं 7,650 संपत्तियां, बिक्री में 84% की बढ़ोतरी

विशेष लेख संपत्ति विक्रय में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने रचा नया कीर्तिमान 2 वर्ष 8 माह में 7,650 संपत्तियों का विक्रय, वार्षिक औसत में 84 प्रतिशत की बढ़ोतरी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं वित्त एवं आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पारदर्शी, सरल और हितग्राही-केंद्रित व्यवस्था को मिली नई गति 1,609.18 करोड़ रुपये की संपत्तियों का विक्रय, ओटीएस-2 से 1,584 संपत्तियों का हुआ निराकरण रायपुर,  छत्तीसगढ़ में आवासीय सुविधाओं के विस्तार और अधोसंरचना विकास को नई गति देने की दिशा में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने संपत्ति विक्रय के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा विकास कार्यों में गति, पारदर्शिता और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में मंडल द्वारा संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन, विक्रय प्रक्रिया को सरल बनाने और हितग्राहियों की सुविधा को प्राथमिकता देने के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। मंडल के उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2024 से अगस्त 2026 तक मात्र 2 वर्ष 8 माह की अवधि में 7,650 संपत्तियों का विक्रय किया गया है। इस अवधि में संपत्ति विक्रय का वार्षिक औसत लगभग 2,869 संपत्ति रहा है। यह आंकड़ा पिछले पांच वर्षों के प्रदर्शन की तुलना में मंडल की विक्रय क्षमता में आई उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है। वर्ष 2019 से 2023 तक पांच वर्षों की अवधि में मंडल द्वारा कुल 7,793 संपत्तियों का विक्रय किया गया था। इस दौरान वार्षिक औसत लगभग 1,559 संपत्ति रहा। इसके मुकाबले वर्ष 2024 से अगस्त 2026 की वर्तमान अवधि में वार्षिक औसत बढ़कर लगभग 2,869 संपत्ति हो गया है। अर्थात पिछले पांच वर्षों की तुलना में वर्तमान अवधि में मंडल के वार्षिक औसत संपत्ति विक्रय में लगभग 84 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। केवल संख्या नहीं, विक्रय मूल्य में भी बड़ी छलांग मंडल की उपलब्धि केवल संपत्तियों की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि संपत्ति विक्रय से प्राप्त राशि में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2024 से अगस्त 2026 तक मंडल द्वारा कुल 1,609.18 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों का विक्रय किया गया है। इस अवधि में संपत्ति विक्रय का वार्षिक औसत लगभग 603 करोड़ रुपये रहा। वहीं वर्ष 2019 से 2023 तक पांच वर्षों में कुल 1,362.21 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों का विक्रय हुआ था। इस अवधि में वार्षिक औसत विक्रय मूल्य 272.44 करोड़ रुपये रहा। वर्तमान अवधि में यह औसत बढ़कर लगभग 603 करोड़ रुपये हो गया है। इस तरह मंडल के वार्षिक औसत संपत्ति विक्रय मूल्य में पिछले पांच वर्षों की तुलना में दो गुने से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। ये आंकड़े बताते हैं कि मंडल द्वारा उपलब्ध संपत्तियों के प्रबंधन और विक्रय को लेकर अपनाई गई कार्ययोजना प्रभावी रही है। संपत्तियों के बेहतर उपयोग, मांग के अनुरूप विक्रय व्यवस्था, हितग्राहियों के लिए प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने तथा लंबित मामलों के निराकरण पर ध्यान देने से विक्रय गतिविधियों में तेजी आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकास और सुशासन पर जोर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ शासन की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। नागरिकों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध हों और सरकारी संस्थाओं की संपत्तियों का बेहतर उपयोग हो, इस दिशा में भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। गृह निर्माण मंडल की संपत्ति विक्रय में सामने आई यह वृद्धि इसी व्यापक दृष्टिकोण से जुड़ी हुई है। मंडल की संपत्तियों के प्रभावी उपयोग से एक ओर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित हो रहा है, वहीं दूसरी ओर नागरिकों को आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियां प्राप्त करने के अवसर मिल रहे हैं। वित्त एवं आवास मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में परिणामोन्मुख कार्यप्रणाली वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा विभागीय संस्थाओं में कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणाम आधारित बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। गृह निर्माण मंडल की संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और विक्रय प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए भी इसी दृष्टिकोण के अनुरूप कार्य किया जा रहा है। मंडल द्वारा उपलब्ध संपत्तियों के विक्रय में तेजी के साथ-साथ बकाया मामलों के निराकरण और हितग्राहियों को राहत देने के लिए विशेष योजनाओं को भी प्रभावी रूप से लागू किया गया है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण वन टाइम सेटलमेंट-2 (ओटीएस-2) योजना है। ओटीएस-2 योजना से 1,584 संपत्तियों का निराकरण मंडल द्वारा बकाया राशि के मामलों के समाधान और संपत्तियों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से लागू की गई वन टाइम सेटलमेंट-2 छूट योजना को भी व्यापक सफलता मिली है। योजना के अंतर्गत 1 मार्च 2025 से वर्तमान दिनांक तक 1,584 संपत्तियों का विक्रय एवं निराकरण किया गया है। इन संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 238.67 करोड़ रुपये है। ओटीएस-2 योजना के माध्यम से लंबे समय से लंबित बकाया मामलों के निराकरण का रास्ता आसान हुआ है। इससे हितग्राहियों को अपनी देनदारियों के समाधान का अवसर मिला, वहीं मंडल की संपत्तियों के प्रभावी उपयोग और वित्तीय प्रबंधन को भी मजबूती मिली है। हितग्राही-केंद्रित व्यवस्था बनी बदलाव का आधार गृह निर्माण मंडल की संपत्ति विक्रय में हुई वृद्धि के पीछे केवल अधिक संपत्तियों को बाजार में उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि हितग्राहियों की सुविधा को केंद्र में रखकर प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने का प्रयास भी महत्वपूर्ण है। आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के विक्रय में पारदर्शिता, सरलता और सुविधा पर जोर दिए जाने से नागरिकों के लिए संपत्ति खरीदने की प्रक्रिया अधिक सहज हुई है। मंडल द्वारा संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन के साथ उनकी मांग, स्थान और उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए विक्रय प्रक्रिया को गति देने का प्रयास किया जा रहा है। इससे मंडल की उपलब्ध संपत्तियों का उपयोग बढ़ा है और नागरिकों को अपनी आवश्यकता के अनुरूप संपत्ति प्राप्त करने के अवसर भी मिले हैं। आंकड़े बता रहे बदलाव की तस्वीर यदि पिछले पांच वर्षों और वर्तमान अवधि के प्रदर्शन की तुलना की जाए तो मंडल की उपलब्धि स्पष्ट रूप से सामने आती है। वर्ष 2019 से 2023 के दौरान जहां पांच वर्षों में 7,793 … Read more

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दर्शक दीर्घा में बैठकर छात्र-छात्राओं का बढ़ाया उत्साह

रायपुर. सेवा संकल्प अभियान के तहत संत पूज्य  प्रियदर्शी राम जी ऑडिटोरियम पंजरी प्लांट रायगढ़ में ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डिग्री कॉलेज रायगढ़ के छात्र-छात्राओं ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की यात्रा और देश के प्रति उनके योगदान पर आधारित जीवंत नाट्य प्रस्तुति दी। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने दर्शक दीर्घा में बैठकर पूरी प्रस्तुति देखी और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।             नाट्य मंचन में सेवा, समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों ने अभिनय के माध्यम से विभिन्न परिस्थितियों और चुनौतियों के बीच लिए गए निर्णयों तथा देश के विकास से जुड़े विषयों को मंच पर प्रस्तुत किया। प्रस्तुति की अतिथियों और दर्शकों ने सराहना की। 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से सेवा और जनभागीदारी से जुड़े विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभियान में 12 संकल्प और 25 सेवा कार्यों को शामिल किया गया है। इन गतिविधियों का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों तक जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के साथ लोगों को सेवा कार्यों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा और रचनात्मकता समाज में सेवा और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत कर सकती है। 25 वर्षों की यात्रा को मंच पर उतारा उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की यात्रा को नाट्य रूप में प्रस्तुत किया है। इस दौरान विभिन्न परिस्थितियों और चुनौतियों के बीच देशहित से जुड़े निर्णयों और विकास के प्रयासों को मंच पर दिखाया गया। कोरोना महामारी के कठिन दौर सहित विभिन्न परिस्थितियों का भी प्रस्तुति में उल्लेख किया गया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और सेवा संकल्प अभियान जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में डिग्री कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने ‘सेवा ही संकल्प’ विषय को केंद्र में रखते हुए प्रस्तुति दी। मंचन में सेवा भावना, सामाजिक दायित्व और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।               इस अवसर पर लोकसभा सांसद  राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद  देवेन्द्र प्रताप सिंह, महापौर  जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष मती शिखा रवींद्र गबेल, सभापति  डिग्री लाल साहू,  अरूणधर दीवान,  गुरुपाल भल्ला,  सुभाष पाण्डेय,  कांत सोमावार,  विकास केडिया,  अनुपम पाल,  जतीन साव,  अरूण कातोरे,  पवन अग्रवाल, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशिमोहन सिंह, डीएफओ रायगढ़  अरविंद पीएम, आयुक्त नगर निगम  बृजेश सिंह क्षत्रिय और जिला पंचायत सीईओ  अभिजीत बबन पठारे सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

स्कूल शिक्षा विभाग में व्याख्याता के 854 पदों पर होगी भर्ती

रायपुर  छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग में व्याख्याता के 854 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री  विष्णु देव साय द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत 5 हजार शिक्षकीय पदों पर भर्ती की घोषणा के क्रम में विभाग द्वारा व्याख्याता पदों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जा रहा है। लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा जारी जानकारी के अनुसार व्याख्याता के कुल 854 पदों में ई-संवर्ग की शालाओं में 424 पद तथा टी-संवर्ग की शालाओं में 430 पद भरे जाएंगे।विषयवार रिक्त पदों में हिन्दी के 120, अंग्रेजी के 120, संस्कृत के 120, भौतिकी के 94, राजनीति शास्त्र के 100, इतिहास के 100, भूगोल के 100 तथा अर्थशास्त्र के 100 पद शामिल हैं। भर्ती के लिए आवश्यक शैक्षणिक अर्हता, आयु सीमा एवं अन्य शर्तों की विस्तृत जानकारी भर्ती विज्ञापन में दी जाएगी। भर्ती परीक्षा का पाठ्यक्रम छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा। विस्तृत विज्ञापन व्यापम की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। व्याख्याता पदों के लिए लिखित भर्ती परीक्षा का आयोजन छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) द्वारा किया जाएगा। भर्ती परीक्षा की संभावित तिथि 29 नवम्बर 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन भरने की तिथि एवं अन्य आवश्यक जानकारी CGSSB द्वारा पृथक से जारी की जाएगी।

लंबित पेंशन प्रकरणों का 30 सितंबर तक करें निराकरण

रायपुर स्कूल शिक्षा विभाग ने लंबित पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण के साथ ही सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका और पासबुक समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय द्वारा प्रदेश के समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए पत्र जारी किया गया है। विभाग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि विभिन्न स्तरों पर पेंशन प्रकरण लंबित रहने की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। इसे देखते हुए सभी लंबित पेंशन प्रकरणों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा कर 30 सितंबर 2026 तक उनका निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मार्च 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका तथा पासबुक को पहले से पूर्ण करने कहा गया है। सेवा पुस्तिका में वेतन निर्धारण की जांच एवं सत्यापन कोष एवं लेखा से करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि सेवानिवृत्ति के समय पेंशन एवं अन्य स्वत्वों के भुगतान में अनावश्यक विलंब न हो। विभाग ने प्रत्येक सत्र में 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक विकासखंड स्तर पर विशेष कैम्प आयोजित कर सेवा पुस्तिका एवं पासबुक पूर्ण करवाने के निर्देश दिए हैं। वहीं न्यायालयीन कारणों से लंबे समय से लंबित पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए कोर्ट सेल बिलासपुर की सहायता लेकर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा गया है। इसके अलावा अक्टूबर 2026 से सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों के पीपीओ उसी माह जारी कराने तथा अन्य देय स्वत्वों का भुगतान भी सेवानिवृत्ति वाले माह में ही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की इस पहल का उद्देश्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन और अन्य देयकों के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना तथा सभी प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना है।

औद्योगिक निवेश की दिशा में हब के रूप स्थापित हो रहा छत्तीसगढ़

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 राज्य को देश के प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश केंद्रों में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में तथा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवागंन के मार्गदर्शन में लागू हुई। 01 नवंबर 2024 से 31 मार्च 2030 तक प्रभावी यह नीति उद्योगों को आकर्षक प्रोत्साहन देने के साथ-साथ स्थानीय रोजगार, एमएसएमई विकास, नवाचार और क्षेत्रीय औद्योगिक संतुलन पर विशेष जोर देती है। उक्त नीति ‘अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विजन-2047‘ पर केन्द्रित है जिसके तहत मौजूदा उद्योगों के विस्तार, विविधीकरण, आधुनिकीकरण और प्रतिस्थापन के लिए खास तौर पर प्रावधान किया गया है। इसके अलावा नए एवं उभरते हुए क्षेत्रों में फोकस किया गया है। निवेशकों के लिए आकर्षक प्रोत्साहन नवीन औद्योगिक विकास नीति के तहत पात्र उद्योगों को कैपिटल इन्वेस्टमेंट सब्सिडी, ब्याज अनुदान,Net SGST प्रतिपूर्ति, बिजली शुल्क में छूट, स्टाम्प ड्यूटी में छूट, तकनीकी एवं पेटेंट सहायता तथा रोजगार आधारित प्रोत्साहन जैसे अनेक लाभ दिए जा रहे हैं। पात्रता के अनुसार स्टाम्प ड्यूटी में 100 प्रतिशत तक की छूट, कैपिटल इन्वेस्टमेंट सब्सिडी 50 प्रतिशत तक तथा EPF प्रतिपूर्ति 75 प्रतिशत तक का प्रावधान है। नए क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहन नीति का दायरा पारंपरिक खनिज आधारित उद्योगों तक सीमित नहीं है। कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल एवं इंजीनियरिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, एआई एवं रोबोटिक्स, रक्षा, एयरोस्पेस एवं स्पेस टेक्नोलॉजी, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन जैसे उभरते क्षेत्रों को भी विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। एमएसएमई व स्थानीय उद्यमिता के साथ रोजगार और कौशल विकास पर जोर नीति में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को विशेष सहायता का प्रावधान है। विकासखंडों को विभिन्न समूहों में वर्गीकृत कर पिछड़े एवं अपेक्षाकृत कम विकसित क्षेत्रों में निवेश को अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया गया है।SC/ST  उद्यमियों के लिए भी विशेष प्रोत्साहन पैकेज उपलब्ध है। इसके अलावा नई औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा युवाओं के कौशल विकास को प्रोत्साहित करना नीति का प्रमुख ध्येय है। रोजगार सृजन से जुड़े उद्योगों के लिए विशेष सहायता का प्रावधान किया गया है। नए व उभरते क्षेत्रों पर विशेष ध्यान छत्तीसगढ़ की नवीन औद्योगिक विकास नीति में पारंपरिक खनिज एवं कृषि आधारित उद्योगों के साथ-साथ कई नए क्षेत्रों को बढ़ावा दिया गया है। जैसे- फार्मास्युटिकल्स एवं मेडिकल डिवाइस, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, सूचना प्रौद्योगिकी और डेटा सेंटर, एआई एवं रोबोटिक्स, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा, एयरोस्पेस एवं स्पेस टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल एवं इंजीनियरिंग, पर्यटन, स्टील, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स इत्यादि के प्रोत्साहन की व्यापक संभावनाओं का प्रावधान इसमें किया गया है।    सब्सिडी के जरिए आर्थिक प्रोत्साहन नवीन औद्योगिक विकास नीति के अंतर्गत विभिन्न पात्र उद्योगों को कैपिटल इन्वेस्टमेंट सब्सिडी, ब्याज अनुदान, तकनीकी पेटेंट सब्सिडी, टेक्नोलॉजी खरीद सब्सिडी, रोजगार सहायता, ईपीएफ प्रतिपूर्ति और स्टाम्प ड्यूटी में छूट जैसी सुविधाएं दी गई हैं। प्रमुख सुविधाओं में 100 प्रतिशत तक स्टाम्प ड्यूटी छूट, 50 प्रतिशत तक कैपिटल इन्वेस्टमेंट, ब्याज, टेक्नोलॉजी खरीद, टेक्निकल पेटेंट सब्सिडी और 75 प्रतिशत तक ईपीएफ प्रतिपूर्ति का भी प्रावधान किया गया है। * ताराशंकर सिन्हा

सेवा संकल्प अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक और रंगोली से विद्यार्थियों ने दिया जागरूकता एवं राष्ट्र निर्माण का संदेश

रायपुर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पेंड्रा में मल्टीपर्पस स्कूल के सामने विद्यार्थियों द्वारा नुक्कड़ नाटक एवं रंगोली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डाइट के बालक-बालिकाओं ने प्रभावी अभिनय, संवाद और रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से सेवा भाव, सामाजिक जिम्मेदारी, स्वच्छता, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश आमजन तक पहुंचाए। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को सहज एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने अपने अभिनय के माध्यम से स्वच्छ गांव और स्वस्थ समाज की अवधारणा को सामने रखते हुए नागरिकों से स्वच्छता अपनाने, पानी और बिजली की बचत करने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। प्रस्तुति में युवाओं की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों ने आत्मनिर्भरता, स्वरोजगार और मेहनत एवं लगन के साथ आगे बढ़ने का संदेश देते हुए युवाओं से समाज और राष्ट्र की प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि युवा केवल अपने भविष्य के निर्माण तक सीमित न रहकर सामाजिक बदलाव और राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। एकता, भाईचारे और जिम्मेदार नागरिकता का संदेश नुक्कड़ नाटक के दौरान एकता, भाईचारे और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को भी रेखांकित किया गया। विद्यार्थियों ने अपने अभिनय के माध्यम से यह संदेश दिया कि समाज में सकारात्मक बदलाव केवल किसी एक व्यक्ति के प्रयास से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सक्रिय सहभागिता से संभव है। सेवा भाव और सामाजिक सरोकारों को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए आमजन को प्रेरित किया गया। रंगोली के रंगों से दिया जागरूकता का संदेश कार्यक्रम में रंगोली भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। विद्यार्थियों ने रंगों और कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र निर्माण से जुड़े संदेशों को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया। रंगोली के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश सहज और प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंचाया कि छोटे-छोटे प्रयासों से समाज में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने बढ़ाया आयोजन का प्रभाव पूरे आयोजन में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। नुक्कड़ नाटक और रंगोली के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करने के साथ सामाजिक विषयों के प्रति अपनी संवेदनशीलता भी प्रदर्शित की। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जागरूक युवा न केवल अपने भविष्य का निर्माण करते हैं, बल्कि समाज के विकास और राष्ट्र की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों को सेवा भाव, स्वच्छता, सामाजिक एकजुटता, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार नागरिकता के प्रति प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रस्तुतियों ने सामाजिक जागरूकता के संदेशों को आमजन तक सहज तरीके से पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष  राजा उपेंद्र बहादुर सिंह,  राकेश चतुर्वेदी, जिला शिक्षा अधिकारी  रजनीश तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं नगरवासी उपस्थित रहे।  

सेवा संकल्प अभियान के तहत अरपा उद्गम स्थल पर नदी घाट स्वच्छता और जल संरक्षण का संदेश

रायपुर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आज जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं नगरीय प्रशासन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में नगर पालिका परिषद पेण्ड्रा में अरपा उद्गम स्थल के समीप नदी घाट स्वच्छता अभियान एवं नगरीय जल स्रोत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जल स्रोतों की स्वच्छता, संरक्षण एवं जल संवर्धन के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाना तथा नागरिकों को जल स्रोतों को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित करना रहा। अरपा नदी छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण नदियों में शामिल है और इसका उद्गम क्षेत्र गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की प्राकृतिक एवं पर्यावरणीय पहचान से जुड़ा हुआ है। अरपा उद्गम स्थल के समीप आयोजित स्वच्छता अभियान के माध्यम से जल स्रोतों की स्वच्छता को लेकर सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता करते हुए नदी घाट और आसपास के क्षेत्र की स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम में मरवाही विधानसभा क्षेत्र के विधायक  प्रणव कुमार मरपची, जिला पंचायत अध्यक्ष सु समीरा पैंकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  राजा उपेन्द्र बहादुर, नगर पालिका परिषद पेण्ड्रा के उपाध्यक्ष  शरद गुप्ता,  लालजी यादव,  राकेश चतुर्वेदी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। स्वच्छ जल स्रोत स्वस्थ समाज का आधार कार्यक्रम के दौरान जल स्रोतों को स्वच्छ और सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया गया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कहा कि नदी, तालाब और अन्य जल स्रोत केवल पानी के स्रोत नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण, जैव विविधता और मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण आधार हैं। इनके संरक्षण के लिए शासन के प्रयासों के साथ-साथ आमजन की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। नदी घाट की स्वच्छता के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि जल स्रोतों में कचरा न डालें और उनके आसपास स्वच्छता बनाए रखें। स्थानीय स्तर पर स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ने से जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने में मदद मिलेगी। जल संरक्षण के साथ जल संवर्धन पर भी जोर कार्यक्रम में जल संरक्षण के साथ जल संवर्धन की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। वर्षा जल के संरक्षण, जल के विवेकपूर्ण उपयोग और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर नागरिकों को जागरूक किया गया। उपस्थित लोगों को दैनिक जीवन में पानी की बचत करने तथा उपलब्ध जल संसाधनों का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अरपा उद्गम स्थल के समीप आयोजित यह कार्यक्रम भी इसी भावना को मजबूत करता है कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। अरपा के संरक्षण से जुड़ा जनभागीदारी का संदेश अरपा नदी क्षेत्र की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी हुई है। इसके उद्गम क्षेत्र की स्वच्छता और संरक्षण का महत्व और भी बढ़ जाता है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की सहभागिता से स्थानीय नागरिकों को जल स्रोतों के संरक्षण के लिए आगे आने का संदेश मिला। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को स्वच्छता को अपनी दैनिक आदतों में शामिल करने, नदी एवं अन्य जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने तथा जल संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया। आयोजन ने सेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की भावना को मजबूत करते हुए सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।

निर्माण कार्यो की धीमी प्रगति पर उप मुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री ने ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों के प्रति जताई नाराजगी

रायपुर स्वदेश दर्शन योजना के तहत लगभग 146 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किए जा रहे भोरमदेव कॉरिडोर के सभी प्रोजेक्ट की प्रगति की आज उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कबीरधाम के जिला पंचायत सभाकक्ष में समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कई निर्माण कार्य अपेक्षा के अनुरूप गति से नहीं चलने पर दोनों मंत्रियों ने संबंधित ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने हर 15 दिन के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर निर्माण कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा में ठोस प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण कार्यों में अपेक्षित गति नहीं होने पर अब जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर 15 दिन में कार्य की प्रगति निर्माण स्थल पर दिखाई देनी चाहिए। निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं होने पर जिम्मेदार ठेकेदारों को कार्य से पृथक करने के साथ अनुबंध की शर्तों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक परियोजना है। ठेकेदार एजेंसियों की लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होगी, वहां संबंधित ठेकेदार को कार्य से पृथक कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर अनुबंध की शर्तों के तहत ब्लैक लिस्ट सहित अन्य कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सभी प्रोजेक्ट के लिए 15-15 दिन की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।  उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि कार्ययोजना केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि निर्धारित अवधि के बाद निर्माण स्थल पर उसका परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। पर्याप्त मशीनरी, मानव संसाधन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भोरमदेव क्षेत्र का विकास आने वाले कई वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इसलिए प्रत्येक निर्माण कार्य मजबूत, टिकाऊ और निर्धारित गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप होना चाहिए। निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। कार्य में किसी तरह की तकनीकी अथवा अन्य समस्या आने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल इसकी जानकारी दें, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके। इसलिए सभी संबंधित एजेंसियां पूरी गंभीरता और आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। आगामी भोरमदेव महोत्सव तक निर्माण कार्यों में स्पष्ट और दिखाई देने वाली प्रगति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पीएमसी, ठेकेदारों और भोरमदेव विकास समिति के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही पीएमसी की भूमिका एवं जिम्मेदारियों की समीक्षा कर तकनीकी निगरानी को और प्रभावी बनाने को कहा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने भी भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई कार्यों के कार्यादेश जारी हुए 8 से 09 माह हो चुके हैं, इसके बावजूद निर्माण कार्य अपेक्षा के अनुरूप गति से नहीं चल रहे हैं। मंत्री  अग्रवाल ने सभी ठेकेदारों को पूर्ण कार्ययोजना प्रस्तुत करने तथा प्रत्येक 15 दिन में किए जाने वाले कार्यों का लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भोरमदेव महोत्सव से 10 दिन पहले तक निर्धारित कार्यों को पूरा करने की समय-सीमा तय की जाए। प्रत्येक 15 दिन में कार्यों की प्रगति की समीक्षा होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले ठेकेदार को कार्य से पृथक करने तथा अनुबंध की शर्तों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पर्यटन मंत्री ने पीएमसी, भोरमदेव विकास समिति और संबंधित विभागों के साथ ठेकेदारों की स्थानीय टीम के नियमित समन्वय के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण स्थल पर ठेकेदार की ओर से ऐसा जिम्मेदार प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से उपस्थित रहे, जो समिति एवं संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर ड्राइंग, डिजाइन और निर्माण से जुड़े विषयों पर तत्काल निर्णय ले सके। उन्होंने सिंचाई, लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने और प्रगति की प्रभावी निगरानी करने के निर्देश दिए। पर्यटन मंत्री  अग्रवाल ने निर्देश दिए कि भोरमदेव कॉरिडोर के ड्राइंग एवं डिजाइन में भोरमदेव मंदिर की ऐतिहासिक वास्तुकला, स्वरूप और रंगत का विशेष ध्यान रखा जाए। नए निर्माण कार्य मंदिर की ऐतिहासिक पहचान के अनुरूप हों और उसके साथ सामंजस्य स्थापित करें।  अग्रवाल ने कहा कि भोरमदेव केवल कवर्धा की आस्था का विषय नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की आस्था और ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। इसलिए सभी अधिकारी और संबंधित निर्माण एजेंसियां इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, पुलिस प्राधिकरण के सदस्य  भगत पटेल, कलेक्टर मती तुलिका प्रजापति, पर्यटन विभाग के प्रबंध संचालक  सौमिल रंजन चौबे, पुलिस अधीक्षक  जितेन्द्र यादव,  विदेशीराम धुर्वे,  संतोष पटेल,  लोकचंद साहू,  नंद वास सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-उपस्थित थे।  भोरमदेव मार्ग और आसपास के क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के निर्देश उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने भोरमदेव क्षेत्र में अतिक्रमण की स्थिति का चिन्हांकन कर सख्त कार्रवाई के साथ अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कवर्धा से भोरमदेव जाने वाले मुख्य मार्ग के दोनों ओर अतिक्रमण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश तहसीलदार को दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व एवं वन विभाग की भूमि का संयुक्त रूप से चिन्हांकन किया जाए और यदि कहीं अतिक्रमण पाया जाता है तो नियमानुसार उसे तत्काल हटाया जाए। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण मुक्त कराई गई उपयुक्त शासकीय भूमि का सुव्यवस्थित उपयोग पार्किंग सहित अन्य जनसुविधाओं के विकास के लिए किया जा सकता है। साथ ही पूरे मार्ग को व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।