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छात्र को तंत्र क्रिया के आरोप में TC देने का मामला, आयोग ने लिया कड़ा संज्ञान

तंत्र क्रिया के आरोप में छात्र को टीसी, आयोग ने लिया कड़ा संज्ञान टीसी निरस्त करने का डॉ वर्णिका ने दिया त्वरित निर्देश  रायपुर प्रयास विद्यालय, रायपुर में कक्षा 9वीं के छात्र को विद्यालय से टीसी देकर बाहर किए जाने से संबंधित मामला छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के संज्ञान में आया। मामले को लेकर बच्चे के पालक की ओर से आवेदन में आरोप लगाया गया है कि छात्र को विद्यालय से निष्कासित करते हुए टीसी जारी की गई। साथ ही यह बात भी सामने आई है कि छात्र के तंत्र क्रिया में संलिप्त होने के कथित आरोप के चलते उसके विरुद्ध कार्रवाई की गई थी। हालांकि, तंत्र क्रिया में संलिप्तता संबंधी आरोप की कोई पुष्टि नहीं हुई है। प्राप्त आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि छात्र के पालक को समुचित जानकारी दिए बिना उसे कक्षा से बाहर कर टीसी प्रदान की गई, जिस पर पालक द्वारा विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उचित जांच एवं कार्रवाई की मांग की गई।  आवेदन का अवलोकन करने के पश्चात आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 की धारा 13(1)(ज) एवं धारा 14 के तहत प्रकरण का संज्ञान लिया गया है। आयोग द्वारा सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, रायपुर को मामले की विस्तृत जांच कर तथ्यात्मक एवं लिखित प्रतिवेदन आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा द्वारा सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास से दूरभाष पर चर्चा कर मामले में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। आयोग ने छात्र की टीसी निरस्त कर उसकी पढ़ाई पुनः जारी रखने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी परिस्थिति में उसकी शिक्षा प्रभावित न हो। मामले की जांच के लिए प्रयास विद्यालय, रायपुर के प्राचार्य एवं अधीक्षक को आपातकालीन खंडपीठ में 21 सितंबर 2026 को दोपहर 02:00 बजे आयोग कार्यालय में उपस्थित होकर संबंधित दस्तावेजों एवं अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया है। आयोग अध्यक्ष डॉ वर्णिका शर्मा ने निर्देशित किया है कि प्रकरण के अंतिम निराकरण तक छात्र के शैक्षणिक हित ध्यान में रखते हुए उसकी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रखी जाए।

खपरगंज में गणेशोत्सव प्रेम सद्भाव की मिसाल,57 वर्षों से चली आ रही शानदार परंपरा

बिलासपुर   खपरगंज गणेश उत्सव समिति का यह गणेश पंडाल खपरगंज चौक का है जहां की फिज़ा में कुछ दिन पहले नफरत का ज़हर  फैलाने की कोशिश की गई थी। पर यह अपना शहर है जहां प्रेम की अरपा धारा बहती है । खपरगंज के लोगों ने अपने चौक में पिछले 57 वर्षों से चली आ रही परंपरा बनाए रखी और पूरे जोश और एकता के साथ गणेश जी की प्रतिमा स्थापित की गई । हर साल की तरह उस चौक के पूरे हिंदू, मुस्लिम और सभी समाज के भाई बहनों ने मिलकर त्यौहार की गरिमा और सौहार्द बनाए रखा । आज गणेश पंडाल के इस मंच पर नन्हे नन्हे बच्चों की प्रस्तुति हुई। रंग बिरंगी वेशभूषा में पहचान में नहीं आ रहा है कि कौन बच्चा हिंदू परिवार का है और कौन बच्चा मुस्लिम परिवार का है । यह है हमारी मजबूत एकता की मिसाल । वह एकता जो हमारे बुजुर्गों ने हमारे संस्कार में दी है । इस मंच से ही पैगाम सब तरफ पहुंच गया है कि कोई कितनी भी कोशिश कर ले हमारे लहू का रंग लाल है लाल ही रहेगा हमारे अंदर किसी के उकसाने से किसी के बहकाने से नफरत नहीं आ सकती।हमारे त्यौहार एक है।हमारा साथ एक है ।हमारे पड़ोसी एक है, हमारा शहर एक है ,हमारा देश एक है । सभी दुआ करिए , प्रार्थना करिए कि पूरे देश में हमारे शहर में हमारे मोहल्ले में हमारा आपस का प्यार हमारी एकता हमेशा बनी रहे ।इसे किसी की बुरी नजर ना लगे और जो लोग भटके हुए हैं उन्हें सही राह दिखे वह भी प्यार के साथ आपस में एक दूसरे से मिलकर रहे । जय हिंद ।

PSSOU के दो अहम MOU, शिक्षा और जनजातीय शोध को मिलेगा नया मंच

PSSOU के दो अहम MOU, शिक्षा और जनजातीय शोध को मिलेगा नया मंच रायपुर पण्डित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर ने शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MOU) किए हैं। विश्वविद्यालय ने *महर्षि प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, बिलासपुर (MUMT) तथा जनजातीय अनुसंधान एवं ज्ञान केंद्र, नई दिल्ली के साथ समझौता किया है। इन समझौतों के जरिए अकादमिक गतिविधियों, संयुक्त शोध, प्रशिक्षण, नवाचार और जनजातीय विषयों पर अध्ययन को संस्थागत स्तर पर आगे बढ़ाने का आधार तैयार हुआ है।  अकादमिक गतिविधियों से लेकर डिजिटल शिक्षा तक सहयोग         महर्षि प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के साथ हुए समझौते के तहत दोनों संस्थान अकादमिक, अनुसंधान, प्रशिक्षण, नवाचार, विस्तार और संस्थागत विकास के क्षेत्र में सहयोग करेंगे। संयुक्त संगोष्ठी, कार्यशाला, व्याख्यान और अकादमिक आयोजनों के साथ अंतर्विषयी अध्ययन तथा पाठ्यचर्या से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।  दोनों संस्थान MOOCs, मुक्त शैक्षिक संसाधन (OER), डिजिटल एवं स्व-अध्ययन सामग्री तथा तकनीक आधारित शिक्षण संसाधनों के विकास में भी सहयोग कर सकेंगे।  संयुक्त शोध और प्रकाशन को बढ़ावा         MOU के तहत संयुक्त अनुसंधान, सर्वेक्षण, क्षेत्र अध्ययन, प्रायोजित शोध, परामर्श और संयुक्त प्रकाशन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। शोधकर्ताओं और शिक्षकों के लिए अनुसंधान पद्धति, प्रशिक्षण, विशेषज्ञ व्याख्यान और संकाय विकास कार्यक्रमों के आयोजन की संभावनाएं भी रखी गई हैं।           विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, परियोजना कार्य, क्षेत्रीय अनुभव, शैक्षिक भ्रमण, कौशल विकास, करियर मार्गदर्शन और उद्यमिता से जुड़े अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी दोनों संस्थान मिलकर काम कर सकेंगे।  जनजातीय समाज से जुड़े विषयों पर विशेष फोकस         जनजातीय अनुसंधान एवं ज्ञान केंद्र, नई दिल्ली के साथ हुए MOU में जनजातीय मुद्दों और अनुसूचित जनजातियों से जुड़े विषयों पर संयुक्त अध्ययन एवं शोध को प्रमुखता दी गई है। सम्मेलन, संगोष्ठी, प्रकाशन और ज्ञान- साझाकरण जैसी गतिविधियों के माध्यम से जनजातीय विषयों पर अकादमिक विमर्श को आगे बढ़ाया जा सकेगा।           समझौते के तहत जनजातीय अनुसंधान एवं ज्ञान केंद्र रणनीति निर्माण, योजना और कार्य-रोडमैप तैयार करने में बौद्धिक सहयोग प्रदान करेगा। आवश्यकता के अनुसार केंद्र अपनी विशेषज्ञता और ज्ञान भी उपलब्ध करा सकेगा।  दो सदस्यीय संचालन समिति करेगी समन्वय         MOU के तहत प्रस्तावित गतिविधियों के समन्वय और निगरानी के लिए दोनों पक्षों से एक-एक प्रतिनिधि वाली दो सदस्यीय संचालन समिति गठित करने का प्रावधान किया गया है। बौद्धिक संपदा, स्वामित्व, प्रोत्साहन और ज्ञान-साझाकरण से जुड़े विषय संबंधित कार्य की प्रकृति के अनुसार आपसी सहमति से तय किए जाएंगे।  शिक्षकों, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए नए अवसर        विश्वविद्यालय के अनुसार दोनों समझौतों का उद्देश्य विशेषज्ञता और संसाधनों के साझा उपयोग के साथ संस्थागत सहयोग को व्यावहारिक रूप देना है। इससे शिक्षकों, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए अकादमिक एवं शोध के नए अवसर विकसित हो सकेंगे।         वहीं जनजातीय अनुसंधान से जुड़े समझौते के माध्यम से जनजातीय समाज, संस्कृति, परंपरा और समसामयिक विषयों पर अध्ययन को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।       इस अवसर पर PSSOU की ओर से कुलपति प्रो. वी. के. सारस्वत एवं कुलसचिव श्री चंद्रभूषण मिश्र उपस्थित रहे। MUMT की ओर से कुलपति प्रो. डॉ. नरेश कुमार तिवारी एवं कुलसचिव डॉ. विजय गरुडिक शामिल हुए।         जनजातीय अनुसंधान एवं ज्ञान केंद्र, नई दिल्ली की ओर से प्रदेश समन्वयक राजीव शर्मा एवं सामाजिक कार्यकर्ता वैभव सुरंगे उपस्थित रहे।

नए दौर की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार हो रहा छत्तीसगढ़, भविष्य के उद्योगों पर हमारा फोकस : मुख्यमंत्री

भविष्य के उद्योगों का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नए दौर की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार हो रहा छत्तीसगढ़, भविष्य के उद्योगों पर हमारा फोकस : मुख्यमंत्री सेमीकंडक्टर से ग्रीन एनर्जी तक, भविष्य के उद्योगों का नया गंतव्य बन रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ निवेश और उद्योगों की नई संभावनाओं का केंद्र : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय ने रायपुर में किया ‘इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026’ का शुभारंभ देशभर के 300 से अधिक एमएसएमई उद्यमी तीन दिवसीय औद्योगिक मेले में ले रहे हिस्सा नई औद्योगिक विकास नीति से छत्तीसगढ़ में निवेश को मिली नई गति, प्रस्तावों के साथ धरातल पर भी उतर रही परियोजनाएं : मुख्यमंत्री साय आईटी, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल और ग्रीन एनर्जी सहित नए एवं उभरते सेक्टरों पर राज्य सरकार का विशेष फोकस निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ उद्योगों के लिए ‘एक्सीलरेटर’ की भूमिका निभा रही राज्य सरकार स्थानीय संसाधनों के वैल्यू एडिशन और युवाओं के रोजगार को औद्योगिक विकास का आधार बना रही सरकार मुख्यमंत्री ने औद्योगिक स्टॉलों का किया अवलोकन, देशभर से आए उद्यमियों से किया आत्मीय संवाद रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए उद्यमियों, निवेशकों और औद्योगिक प्रतिनिधियों का छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत करते हुए उन्हें प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बनने और यहां उपलब्ध निवेश की व्यापक संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज अपनी पारंपरिक औद्योगिक ताकत के साथ नई अर्थव्यवस्था और उभरते उद्योगों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। खनिज, ऊर्जा, वन संपदा, पर्याप्त मानव संसाधन और देश के मध्य में अनुकूल भौगोलिक स्थिति हमारी स्वाभाविक ताकत है। राज्य सरकार इन खूबियों को आधुनिक तकनीक, बेहतर अधोसंरचना और निवेशक हितैषी नीतियों से जोड़कर छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की भूमिका केवल उद्योगों के लिए नियामक की नहीं है। हम सरकार को उद्योग और निवेश की राह आसान करने वाले सहयोगी और ‘एक्सीलरेटर’ के रूप में विकसित कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि निवेश का प्रस्ताव आने से लेकर उद्योग के धरातल पर स्थापित होने तक हर चरण में निवेशकों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था मिले। मुख्यमंत्री ने लघु उद्योग भारती द्वारा राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण औद्योगिक आयोजन के लिए रायपुर का चयन किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग हमारी अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं। बड़े उद्योगों के साथ एमएसएमई का विस्तार होने से स्थानीय स्तर पर उद्यमिता बढ़ती है, रोजगार के अवसर पैदा होते हैं और आर्थिक गतिविधियों का लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु उद्योग भारती देशभर के 750 से अधिक जिलों में उद्यमियों को संगठित कर उद्योग और उद्यमिता को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ के 25 जिलों में भी 1200 से अधिक लघु एवं मध्यम उद्योग संगठन से जुड़े हैं। 18 से 20 सितम्बर तक आयोजित इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में देशभर के 300 से अधिक एमएसएमई उद्यमियों की भागीदारी इस आयोजन के महत्व को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह औद्योगिक मेला केवल उत्पादों और तकनीकों की प्रदर्शनी नहीं है। यह उद्यमियों के बीच संवाद, अनुभव, नवाचार और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच है। इसके माध्यम से नए व्यावसायिक संबंध बनेंगे, नई संभावनाओं पर चर्चा होगी और युवाओं को उद्योग तथा उद्यमिता की दुनिया को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। नई औद्योगिक नीति से निवेश को मिली नई गति मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने उद्योग जगत, निवेशकों और विभिन्न हितधारकों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की है। इस नीति का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि ऐसा औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करना है, जिसमें निवेश, उत्पादन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था एक साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति में प्रक्रियाओं के सरलीकरण, निवेशकों को प्रोत्साहन, नए एवं उभरते सेक्टरों को बढ़ावा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। नीति लागू होने के बाद प्रदेश को बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और प्रसन्नता की बात है कि अनेक परियोजनाओं पर धरातल पर काम भी प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल कोयला, स्टील और सीमेंट जैसे पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार प्रदेश के औद्योगिक आधार को विविधता देने के लिए आईटी, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल, ग्रीन एनर्जी सहित विभिन्न नए और भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों को प्रोत्साहित कर रही है। प्रदेश में लगभग 1100 करोड़ रुपए की सेमीकंडक्टर परियोजना पर कार्य प्रारंभ होना इस बदलते औद्योगिक परिदृश्य का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर को आधुनिक टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। यहां आधुनिक अधोसंरचना के साथ नए उद्योगों और तकनीक आधारित कंपनियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। राज्य में टेक्नोलॉजी हब और इंडस्ट्री एक्सीलेंस हब विकसित करने की दिशा में भी सरकार आगे बढ़ रही है। निवेशकों के लिए प्रक्रियाएं सरल, सरकार बनेगी सहभागी मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसी भी राज्य में उद्योग तभी तेजी से आगे बढ़ सकते हैं, जब निवेशकों को नीतिगत स्थिरता के साथ सरल और पारदर्शी प्रक्रियाएं मिलें। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योग स्थापना से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने की दिशा में काम किया है, ताकि निवेशकों को विभिन्न कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि उद्योगों को समय पर आवश्यक भूमि, अधोसंरचना और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार चाहती है कि उद्यमी अपना समय और ऊर्जा प्रक्रियागत जटिलताओं में लगाने के बजाय उत्पादन, नवाचार, विस्तार और रोजगार सृजन में लगाएं। खनिज, ऊर्जा और वन संपदा छत्तीसगढ़ की बड़ी ताकत मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से देश … Read more

कौशल से रोजगार तक सरकार की पहल, 18 हजार युवाओं को ट्रेनिंग; 9 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया

कौशल, रोजगार, स्टार्टअप और आधुनिक शिक्षा पर सरकार का जोर, 18 हजार से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण  9 हजार सरकारी पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया छत्तीसगढ़ सरकार की रोजगार और कौशल विकास पहल से युवाओं को मिल रहे अवसर  रायपुर युवाओं को विकास के केंद्र में रखते हुए छत्तीसगढ़ की श्री विष्णु देव साय की सरकार कौशल विकास, रोजगार, उच्च शिक्षा, उद्यमिता और खेल क्षेत्र में अवसरों का विस्तार कर रही है। पिछले करीब तीन वर्षों में जब से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सत्ता संभाली है, युवाओं को सक्षम, रोजगारपरक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं और पहल शुरू की हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य शिक्षा और प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ते हुए राज्य की युवा आबादी को विकास की नई ताकत में बदलना है। लक्ष्य केवल युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें कुशल, आत्मनिर्भर, नवाचारी और भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार मानव संसाधन के रूप में विकसित करना है। 18 हज़ार 330 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है         प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत राज्य के 26 जिलों में करीब 18 हज़ार 330 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इस पर लगभग 29 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं, 35 हजार और युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। राज्य सरकार ने युवाओं के कौशल विकास के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया है, ताकि प्रशिक्षण को उद्योगों और बाजार की बदलती जरूरतों के अनुसार बनाया जा सके। युवा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल, अवसर और पारदर्शी व्यवस्था      मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा, “युवा छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत और भविष्य की उम्मीद हैं। हमारा प्रयास है कि हर युवा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल, अवसर और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध हो। युवा सशक्तीकरण विकसित छत्तीसगढ़ के हमारे विजन का केंद्र है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप है।” पारदर्शी भर्ती पर फोकस         युवा केंद्रित एजेंडे में रोजगार के साथ सरकारी भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता को भी प्राथमिकता दी गई है। राज्य में करीब 9 हजार रिक्त सरकारी पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा क्लास-3 और क्लास-4 के पदों पर भर्ती को एकीकृत, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए नए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है।  युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सरकार द्वारा निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था         सरकार ने युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर अवसर देने के लिए CG-ACE पहल शुरू की है। इसके तहत NEET, CLAT, JEE, UPSC, CGPSC, बैंकिंग, SSC और रेलवे जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए 33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विस्तार       युवा विकास की रणनीति में विष्णु देव साय सरकार ने उच्च शिक्षा को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया है। उच्च शिक्षा के बजट में करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2025-26 में इसे बढ़ाकर 1,822.75 करोड़ रुपये किया गया है। राज्य के पांच सरकारी कॉलेजों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इनमें जशपुर, रायपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार और रायगढ़ के कॉलेज शामिल हैं। इसी तरह, आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की तर्ज पर कवर्धा, जशपुर, रायगढ़ और जगदलपुर में छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (CGIT) विकसित किए गए हैं। आने वाले समय में रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में भी इनके विस्तार की योजना है।       धनंजय राठौर       संयुक्त संचालक,       जनसम्पर्क (रायपुर)

खारुन नदी के तट पर गूंजे हर-हर महादेव, ‘आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम में शामिल हुए CM साय

रायपुर खारुन नदी के पावन तट, महादेव घाट, रायपुर पर नगर पालिका निगम रायपुर द्वारा आयोजित भव्य महाआरती एवं “आशीर्वाद का दिया — जनसेवा से देशसेवा” कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी, साध्वी प्रज्ञा जी, माननीय श्रीमती कौशल्या साय जी, विधायकगण, निगम-आयोग एवं मंडल के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे जी के साथ छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू जी उपस्थित हुई l भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने एवं जन्मदिवस के शुभ अवसर पर तेलीबांधा, रायपुर में आयोजित भव्य ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू जी ने सहभागिता की। इस अवसर पर 25 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित किए गए, जिससे रायपुर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। इस ऐतिहासिक आयोजन का गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में रिकॉर्ड दर्ज हुआ। साथ ही ‘प्रोजेक्ट अक्षरा – स्क्रीन से दूरी, पढ़ना है जरूरी’ का शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना और उन्हें अनावश्यक स्क्रीन समय से दूर करना है। 🪔 आशीर्वाद का दीया | ऐतिहासिक अवसर 🪔  

छत्तीसगढ़ में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को मिलेगी नई दिशा, तैयार होगी लंबी अवधि की कार्ययोजना

छत्तीसगढ़ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत प्रदेश की दीर्घकालिक अधोसंरचना विकास की बनेगी समग्र कार्ययोजना रायपुर प्रदेश में अधोसंरचना विकास को गति देने और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप मजबूत एवं एकीकृत अधोसंरचना तैयार करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के संबंध में आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। लोक निर्माण विभाग को मिशन का नोडल विभाग बनाया गया है। बैठक में मिशन के तहत प्रदेश के सड़क, ऊर्जा, ट्रांसमिशन, जल, सिंचाई, संचार, फाइबर नेटवर्क तथा अन्य आवश्यक अधोसंरचना के समग्र विकास के लिए दीर्घकालिक रणनीति और कार्ययोजना तैयार करने पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने प्रदेश के रोड नेटवर्क के लिए आगामी 20 वर्षों का मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान में वर्तमान अधोसंरचना की स्थिति, भविष्य की जरूरतों, कनेक्टिविटी की आवश्यकताओं और संभावित विकास क्षेत्रों का समग्र आकलन किया जाए। इसके आधार पर चरणबद्ध तरीके से परियोजनाओं की प्राथमिकता तय कर उनके क्रियान्वयन की कार्ययोजना तैयार की जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी के साथ ऊर्जा, जल, सिंचाई, संचार एवं डिजिटल कनेक्टिविटी सहित सभी प्रमुख अधोसंरचना घटकों को एकीकृत दृष्टिकोण के साथ देखा जाए। प्रत्येक क्षेत्र की आवश्यकता का आकलन कर यह निर्धारित किया जाए कि आने वाले वर्षों में किस प्रकार की अधोसंरचना और किन क्षेत्रों में विकसित की जानी है। इंटरमॉडल ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स हब की संभावनाओं का होगा अध्ययन मुख्य सचिव ने प्रदेश में इंटरमॉडल ट्रांसपोर्ट एवं लॉजिस्टिक्स हब विकसित करने की संभावनाओं का अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सड़क एवं रेल सहित विभिन्न परिवहन माध्यमों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने तथा माल परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक परियोजनाओं को चिन्हित करने को कहा। उन्होंने अधोसंरचना परियोजनाओं के लिए नए फंडिंग मैकेनिज्म की संभावनाओं का भी अध्ययन करने के निर्देश दिए। निजी एवं सार्वजनिक निवेश सहित विभिन्न वित्तीय विकल्पों का परीक्षण कर परियोजनाओं के लिए उपयुक्त वित्तीय व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया। दीर्घकालिक योजना के साथ बनेगा वार्षिक एक्शन प्लान मुख्य सचिव ने कहा कि 20 वर्षीय मास्टर प्लान के साथ वार्षिक एक्शन प्लान भी तैयार किया जाए। इसमें प्रत्येक वर्ष प्रस्तावित कार्यों, उनकी प्राथमिकता, आवश्यक संसाधनों और समय-सीमा का स्पष्ट निर्धारण हो। उन्होंने परियोजनाओं की प्रॉपर प्लानिंग एवं मैपिंग के साथ उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने देश के अन्य राज्यों में विकसित की जा रही आधुनिक अधोसंरचना परियोजनाओं का अध्ययन करने के लिए अधिकारियों के एक्सपोजर विजिट आयोजित करने को भी कहा, इससे वहां अपनाई जा रही बेहतर तकनीकों एवं कार्यप्रणालियों को छत्तीसगढ़ की आवश्यकताओं के अनुरूप अपनाया जा सके। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए मिशन के कार्यों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर, लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के सीईओ श्री चंदन कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

GPM में सेवा संकल्प अभियान का भव्य शुभारंभ, 11 हजार दीपों से जगमगाया मल्टीपर्पस स्कूल मैदान

सेवा संकल्प अभियान के शुभारंभ पर जीपीएम में प्रज्वलित हुए आशीर्वाद के दो लाख दीप जिला स्तरीय कार्यक्रम में 11 हजार दीपों से जगमगाया मल्टीपर्पस स्कूल मैदान विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची के मुख्य आतिथ्य में हुआ मंचीय कार्यक्रम रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष की सेवा, समर्पण और संघर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के शुभारंभ अवसर पर आज गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत दो लाख दीप प्रज्वलित किए गए। जिला स्तरीय कार्यक्रम मल्टीपर्पस स्कूल मैदान, पेंड्रा में आयोजित हुआ, जहां 11 हजार दीपों के सामूहिक प्रज्वलन से पूरा परिसर जगमगा उठा। दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद व्यक्त किया गया। जिले में दीप प्रज्वलन का यह आयोजन केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहा। दुर्गा सरोवर पेंड्रा सहित सभी अमृत सरोवरों, ग्राम पंचायतों, ग्रामीण आजीविका मिशन के महिला स्व-सहायता समूहों, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों तथा विभिन्न शासकीय कार्यालयों और संस्थाओं में भी दीप प्रज्वलित किए गए। जिलेभर में आयोजित सामूहिक दीप प्रज्वलन से सेवा, समर्पण और जनभागीदारी का संदेश प्रसारित हुआ। विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची के मुख्य आतिथ्य में हुआ मंचीय कार्यक्रम दीप प्रज्वलन के उपरांत मल्टीपर्पस स्कूल पेंड्रा के असेम्बली हॉल में जिला प्रशासन द्वारा मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार 25 वर्षों से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सेवा, समर्पण एवं संघर्ष के साथ देश की सेवा कर रहे हैं। मोदी जनकल्याण और राष्ट्रसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। वे जिस कार्य को ठान लेते हैं, उसे मिशन मोड में पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध रहते हैं। विधायक मरपच्ची ने कहा कि आज पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में आशीर्वाद के दीप प्रज्वलित कर उन्हें शुभकामनाएं दे रहा है। यह आयोजन उनके सार्वजनिक जीवन की सेवा यात्रा के प्रति जनभावनाओं की अभिव्यक्ति है। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रदर्शित की गईं 25 वर्षों की उपलब्धियां कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के विगत 25 वर्षों में किए गए विभिन्न कार्यों एवं महत्वपूर्ण पहलों को रचनात्मक रूप में प्रदर्शित किया गया। अंतरिक्ष मिशन, सर्जिकल स्ट्राइक, डिजिटल इंडिया सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और पहलों को प्रस्तुति के माध्यम से दर्शाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने उपस्थित लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई तथा स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जनसहभागिता का संदेश दिया। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं जिलेवासियों की सहभागिता कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सुसमीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, कलेक्टर विजय दयाराम के., पुलिस अधीक्षक मनोज खिलाड़ी, डीएफओ कुमार निशांत, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं जिलेवासी उपस्थित रहे। जिलेभर में आयोजित दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में विभिन्न विभागों, संस्थाओं, महिला स्व-सहायता समूहों, हितग्राहियों एवं आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। सामूहिक रूप से प्रज्वलित दो लाख दीपों ने जिले में सेवा, समर्पण, सहभागिता और शुभकामनाओं का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले- पीएम मोदी का सेवा और समर्पण देशवासियों के लिए प्रेरणा

प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्र के प्रति समर्पण और राष्ट्र निर्माण का संकल्प हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रदेशव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भव्य शुभारंभ, ‘आशीर्वाद के दीयों’ से जगमगा उठी राजधानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर रायपुरवासियों ने जलाए 25 लाख से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’ जनभागीदारी के इस ऐतिहासिक आयोजन ने बनाया कीर्तिमान, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ ‘आशीर्वाद का दीया’ मुख्यमंत्री साय ने स्वयं दीप प्रज्वलित कर बढ़ाया जनभागीदारी का उत्साह, शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर महापुरुषों की प्रतिमाओं पर किया माल्यार्पण मुख्यमंत्री ने ‘प्रोजेक्ट अक्षरा’ का किया शुभारंभ, स्क्रीन टाइम कम कर पुस्तकों से जुड़ने के लिए किया जाएगा प्रेरित रायपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आज राजधानी रायपुर लाखों दीपों की रोशनी से जगमगा उठी। प्रदेशव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के शुभारंभ अवसर पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वयं दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ, सुदीर्घ और यशस्वी जीवन की कामना की। राजधानी में 25 लाख से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्वलित कर रायपुरवासियों ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपना स्नेह और शुभकामनाएं व्यक्त कीं। जनभागीदारी के इस आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी स्थान मिला। मुख्यमंत्री साय शाम को अपने निवास कार्यालय से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम के लिए रवाना हुए। छत्तीसगढ़ क्लब चौक से भगत सिंह चौक, घड़ी चौक, शारदा चौक, गौरव पथ और शंकर नगर होते हुए तेलीबांधा तालाब स्थित मुख्य समारोह स्थल तक पूरे मार्ग में ‘आशीर्वाद के दीयों’ की रोशनी दिखाई दी। सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में नागरिकों ने दीप जलाए थे। मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न स्थानों पर रुककर नागरिकों का उत्साहवर्धन किया और स्वयं भी उनके साथ दीप प्रज्वलित किए। मुख्यमंत्री साय ने इस दौरान घड़ी चौक स्थित भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर, शारदा चौक स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी तथा भगत सिंह चौक स्थित अमर शहीद भगत सिंह की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उनका स्मरण किया। मरीन ड्राइव में आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिवस पर समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा को अपना संकल्प और जनसेवा को अपना ध्येय मानकर प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की प्रतिष्ठा को विश्व पटल पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। मां भारती की सेवा के प्रति उनका समर्पण, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर किया जा रहा परिश्रम हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सार्वजनिक सेवा के 25 वर्षों की यात्रा सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण को समर्पित रही है। इस अवधि में देश ने विकास और जनकल्याण के अनेक क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन देखा है। गरीबों के पक्के आवास से लेकर स्वच्छ पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता, वित्तीय समावेशन और बुनियादी अधोसंरचना तक जनकल्याणकारी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव लाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 140 करोड़ देशवासियों को अपना परिवार मानकर ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र के साथ निरंतर देश की सेवा कर रहे हैं। उनकी नीतियों के केंद्र में गरीब, किसान, युवा, महिलाएं, श्रमिक, वंचित और जनजातीय समाज सहित प्रत्येक वर्ग का कल्याण है। विकसित भारत के निर्माण का उनका संकल्प आज देशवासियों के सामूहिक संकल्प में परिवर्तित हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का दिन रायपुर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए विशेष है। राजधानी में 25 लाख से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’ जलाकर नागरिकों ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपना स्नेह और शुभकामनाएं अभिव्यक्त की हैं। इस आयोजन में सामाजिक, सांस्कृतिक और विभिन्न जनसंगठनों सहित समाज के सभी वर्गों ने जिस उत्साह के साथ सहभागिता की, वह जनभागीदारी की शक्ति का सुंदर उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ केवल एक दीप प्रज्वलित करने का आयोजन नहीं, बल्कि सेवा और जनभागीदारी के संकल्प से जुड़ने का अवसर है। दीप की यह ज्योति हमें समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में आशा और खुशहाली का प्रकाश पहुंचाने की प्रेरणा देती है। इसी भावना के साथ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत सेवा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, पोषण, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान ‘आशीर्वाद का दीया’ आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किए जाने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री साय ने इस उपलब्धि पर रायपुरवासियों, आयोजन से जुड़े सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों तथा जिला प्रशासन की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इतनी व्यापक जनभागीदारी ने इस आयोजन को यादगार बना दिया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने रायपुर जिला प्रशासन की अभिनव पहल ‘प्रोजेक्ट अक्षरा’ का भी शुभारंभ किया। इस पहल के माध्यम से विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को स्क्रीन टाइम कम करने तथा पुस्तकों और अध्ययन की संस्कृति से अधिक जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक आज हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन पुस्तकों से जुड़ाव हमारी कल्पनाशक्ति, विचार क्षमता और व्यक्तित्व को समृद्ध करता है। नई पीढ़ी में पढ़ने की आदत विकसित करने की दिशा में ‘प्रोजेक्ट अक्षरा’ एक सार्थक पहल साबित होगी। कार्यक्रम में नॉन के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

मनेन्द्रगढ़ में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भव्य शुभारंभ, PM मोदी के 25 वर्षों के सेवाकाल पर हुए कार्यक्रम

पीएम मोदी के 25 वर्षों के सेवाकाल पर मनेन्द्रगढ़ में हुआ ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भव्य शुभारंभ पांच लाख से अधिक दीपों से जगमगाया सरोवर तालाब, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में उमड़ा जनसैलाब रायपुर,   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने तथा उनके जन्मदिन के अवसर पर मनेन्द्रगढ़ से ‘सेवा संकल्प अभियान-2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर वार्ड क्रमांक-8 स्थित सरोवर तालाब में आयोजित जिला स्तरीय दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में पांच लाख से अधिक दीप जलाए गए। दीपों की रोशनी से पूरा क्षेत्र जगमगा उठा और इस ऐतिहासिक आयोजन को देखने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा मनेन्द्रगढ़ विधायक श्याम बिहारी जायसवाल थे। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने विधि-विधान के साथ दीप प्रज्वलित कर सेवा संकल्प अभियान एवं जिला स्तरीय दीपोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 25 वर्षों का सार्वजनिक जीवन राष्ट्रसेवा, जनकल्याण और अंत्योदय के संकल्प का प्रेरणादायी अध्याय है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सेवा को केवल दायित्व नहीं, बल्कि जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाया गया है। इसी सेवा भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सेवा संकल्प अभियान प्रारंभ किया गया है। पांच लाख दीपों की रोशनी से जगमगाया मनेन्द्रगढ़ सरोवर तालाब के चारों ओर जलाए गए पांच लाख से अधिक दीपों ने मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया। तालाब के पानी में दिखाई दे रहे दीपों के प्रतिबिंब और मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्ति एवं उल्लास से भर गया। आयोजन को देखने के लिए मनेन्द्रगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने सफल आयोजन के लिए एमसीबी जिले की जनता और जिला प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेवा भावना, मनेन्द्रगढ़ की एकजुटता और क्षेत्र के विकास की नई रोशनी का प्रतीक है। जनभागीदारी ने इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बना दिया। जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति कार्यक्रम में राज्य योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवंती सिंह, नगर निगम महापौर रामनरेश राय, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा यादव और उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर नगर निगम सभापति संतोष सिंह, नई लेदरी के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह राणा, झगराखांड नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीमा यादव, खोंगापानी नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ललिता राम यादव, जिला पंचायत सदस्य रामजीत लकड़ा, पूर्व विधायक श्रीमती चंपा देवी पावले, जिला उपाध्यक्ष आशीष सिंह और मनेन्द्रगढ़ मंडल अध्यक्ष रोहित वर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।