samacharsecretary.com

सुशासन तिहार: चौपाल में मिली राहत, सरलाबाई मरावी की समस्या का मुख्यमंत्री ने किया त्वरित समाधान

रायपुर सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम सरोधी में आयोजित चौपाल में शासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्यवाही का एक भावनात्मक उदाहरण सामने आया। सरोधी की रहने वाली सरलाबाई मरावी ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के समक्ष अपनी समस्या रखी और कुछ ही पलों में उसका समाधान भी मिल गया। सरलाबाई मरावी, पति  लल्लूराम मरावी, एक साधारण कृषक परिवार से हैं। उनके पास लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है और परिवार में उनका एक बेटा है। खेती ही उनके जीवनयापन का मुख्य साधन है। चौपाल के दौरान सरलाबाई ने बताया कि उन्होंने एक माह पहले किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत 1.50 लाख रुपए के ऋण के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिली थी। मुख्यमंत्री ने जैसे ही यह बात सुनी, उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और तुरंत निराकरण सुनिश्चित कराया। अपनी समस्या का त्वरित समाधान होते देख सरलाबाई भावुक हो उठीं। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी बात इतनी जल्दी सुनी जाएगी और समाधान भी मिल जाएगा। उनकी आंखों में संतोष और चेहरे पर राहत साफ झलक रही थी। सरलाबाई ने यह भी बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे घरेलू खर्चों में सहारा मिलता है। उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज उन्हें महसूस हुआ कि सरकार वास्तव में गांव-गांव तक पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और उनका समाधान कर रही है। ग्राम सरोधी की यह घटना इस बात का सजीव प्रमाण है कि सुशासन तिहार केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन में भरोसा और राहत लेकर आने वाली पहल बन चुका है।

सुशासन तिहार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पीएम जनमन के हितग्राही को सौंपी खुशियों की चाबी

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत जारी राज्यव्यापी दौरे में आज खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के छुईखदान विकासखंड के ग्राम सरोधी में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत सुभान सिंह मेरावी को उनके नवनिर्मित आवास की चाबी सौंपकर गृह प्रवेश कराया। सुभान सिंह ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि मुख्यमंत्री स्वयं उनके गांव आकर उन्हें यह सौभाग्य देंगे। उनके लिए यह केवल घर नहीं, बल्कि सम्मान और विश्वास का प्रतीक है।बउन्होंने बताया कि उन्हें वन अधिकार पट्टा के तहत 3 एकड़ 2 डिसमिल भूमि मिली है, जिस पर खेती कर वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। साथ ही उनकी पत्नी को महतारी वंदन योजना के तहत नियमित आर्थिक सहायता भी मिल रही है, जिससे घरेलू जरूरतों में सहयोग मिल रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि शासन का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

महतारी वंदन योजना से सशक्त हुई केकती बाई की जिंदगी

रायपुर सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का ग्राम सरोधी में आयोजित चौपाल कार्यक्रम केवल प्रशासनिक संवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आम जनजीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जीवंत तस्वीर भी बन गया।इसी चौपाल में सामने आई एक ऐसी कहानी, जिसने सरकारी योजनाओं के वास्तविक प्रभाव को भावनात्मक रूप से उजागर किया। ग्राम सरोधी की निवासी मती केकती मरावी, अपने पति  राजेंद्र मेरावी और तीन बच्चों—चिंरजीव, किरण और विक्रांत के साथ एक साधारण किसान परिवार से जुड़ी हैं। खेती-किसानी ही उनके जीवन का मुख्य आधार है, लेकिन सीमित आय के बीच परिवार का खर्च चलाना हमेशा एक चुनौती रहा है। केकती बाई बताती हैं कि महतारी वंदन योजना ने उनके जीवन में नई रोशनी लाई है। अब तक उन्हें योजना की 26 किश्तें मिल चुकी हैं, जिससे वे घर के छोटे-छोटे खर्चों में हाथ बंटा पा रही हैं। पहले जहां हर छोटी जरूरत के लिए सोच-विचार करना पड़ता था, वहीं अब उनके पास आत्मनिर्भरता का एक आधार बन गया है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से वे “स्वच्छता दीदी” के रूप में भी कार्य कर रही हैं, जिससे उन्हें प्रतिमाह 1000 रुपए की अतिरिक्त आय प्राप्त होती है। इसके साथ ही उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क गैस सिलेंडर मिलने से उनके परिवार के स्वास्थ्य में भी सुधार आया है और रसोई का काम आसान हुआ है। केकती बाई केवल अपने परिवार तक ही सीमित नहीं रहीं, बल्कि वे “जय मां बंजारी महिला स्व सहायता समूह” की अध्यक्ष भी हैं। समूह के माध्यम से उन्हें 15 हजार रुपए का अनुदान मिला है, जिससे वे अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। भावुक होते हुए केकती बाई ने कहा कि आज उनका परिवार पहले से कहीं अधिक सशक्त और आत्मविश्वासी महसूस करता है। उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। ग्राम सरोधी की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि जब योजनाएं सही हितग्राहियों तक पहुंचती हैं, तो वे केवल आर्थिक मदद नहीं देतीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की नई राह भी खोलती हैं।

सीएम के हाथों नामकरण: ‘रविशंकर’ बना गांव की नई पहचान

रायपुर सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का कबीरधाम जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा बाहुल्य ग्राम कमराखोल (ग्राम पंचायत लोखान) में आगमन एक आत्मीय और भावनात्मक प्रसंग का साक्षी बना। आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर जब मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई, तो वहां का वातावरण पूरी तरह से अपनत्व और विश्वास से भर गया। शासन और जनता के बीच की दूरी इस सहज संवाद में पूरी तरह समाप्त होती नजर आई। इसी दौरान ग्राम की निवासी मती ऋषि बघेल अपने एक माह के नवजात शिशु को गोद में लेकर मुख्यमंत्री के पास पहुंचीं और अत्यंत विनम्रता से अपने पुत्र का नामकरण करने का आग्रह किया। यह एक साधारण निवेदन था, लेकिन उसमें ग्रामीण जीवन की सादगी, विश्वास और आत्मीय जुड़ाव की गहराई साफ झलक रही थी।  मुख्यमंत्री ने भी पूरे स्नेह और संवेदनशीलता के साथ इस आग्रह को स्वीकार किया और बच्चे के जन्म दिवस के बारे में जानकारी ली।जब मती बघेल ने बताया कि बालक का जन्म रविवार के दिन हुआ है, तो मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए उस नवजात का नाम “रविशंकर” रखा। नामकरण के इस क्षण ने वहां उपस्थित सभी ग्रामीणों के चेहरे पर खुशी की चमक बिखेर दी। जैसे ही यह नाम घोषित हुआ, पूरा चौपाल स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और एक उत्सव जैसा माहौल बन गया।  यह दृश्य जनप्रतिनिधि और आमजन के बीच गहरे विश्वास का प्रतीक भी बन गया। इस आत्मीय क्षण ने सुशासन तिहार की मूल भावना को और अधिक सशक्त रूप से प्रस्तुत किया, जहां शासन केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों के जीवन के सुख-दुख में सहभागी बनकर उनके साथ खड़ा होता है।  मुख्यमंत्री  साय का यह सहज और मानवीय व्यवहार यह दर्शाता है कि सुशासन का वास्तविक अर्थ लोगों के जीवन से जुड़कर उनकी भावनाओं को समझना और उन्हें सम्मान देना है।

“गोलू और पानी की बूँद: एक छोटी सोच से बड़ी बदलाव की कहानी”

बिलासपुर जल संरक्षण आज के समय की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। प्रस्तुत लेख इसी विषय पर आधारित एक प्रेरणादायक कहानी “गोलू और पानी की बूँद ” को दर्शाता है। गोलू कक्षा पाँचवीं में पढ़ता था। उसे नल खोलकर ब्रश करना और बाल्टी भर-भरकर पौधों में पानी डालना बहुत अच्छा लगता था। एक दिन स्कूल से आकर उसने देखा कि घर के बाहर नल खुला है और पानी बेकार बह रहा है। उसने सोचा, "थोड़े से पानी से क्या होगा?" और अंदर चला गया रात को गोलू को एक सपना आया। एक छोटी सी पानी की बूँद रो रही थी। गोलू ने पूछा, "तुम क्यों रो रही हो?"बूँद बोली, "गोलू, मैं धरती की आखिरी बूँद हूँ। सब लोग मुझे बर्बाद कर रहे हैं। अगर मैं भी खत्म हो गई तो पेड़-पौधे सूख जाएँगे, जानवर प्यासे मर जाएँगे और तुम्हें पीने को पानी नहीं मिलेगा। धरती बंजर हो जाएगी।"गोलू डरकर उठ गया। सुबह होते ही वह दौड़कर बाहर गया और नल को कसकर बंद कर दिया।उस दिन से गोलू बदल गया। वह मग से ब्रश करता, नहाने के लिए बाल्टी का इस्तेमाल करता और मम्मी को भी  आरोह  का बचा हुआ पानी पौधों में डालने को कहता। स्कूल में उसने दोस्तों को भी समझाया।धीरे-धीरे पूरी सोसाइटी ने पानी बचाना शुरू कर दिया। बारिश का पानी इकट्ठा करके बगीचे में लगाने लगे। कुछ महीनों बाद गोलू की सोसाइटी सबसे हरी-भरी दिखती थी क्योंकि सबने पानी की कीमत समझ ली थी।  

श्रीकांत वर्मा मार्ग,तालापारा,मगरपारा और हंसा विहार में जल भराव से मिलेगी से मुक्ति

बिलासपुर  प्रदेश के उपमुख्यमंत्री  अरूण साव की पहल पर शहर के प्रमुख क्षेत्र में जल भराव की समस्या से निजात मिलने वाली है। उप मुख्यमंत्री  अरूण साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा बिलासपुर को एक बड़ी सौगात देते हुए अधोसंरचना मद अंतर्गत ₹5 करोड़ 55 लाख 87 हजार की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से कुंदन पैलेस से सहारे गली होते हुए बस स्टैंड तक 3×3 मीटर के आधुनिक आरसीसी बॉक्स नाले का निर्माण किया जाएगा। इस नाले की मांग बहुत पुरानी थी,जिसके बन जाने से शहर के एक प्रमुख क्षेत्र में बारिश के दिनों में होने वाली जल भराव की समस्या से मुक्ति मिलेगी। नाला निर्माण के बाद शहर के कांत वर्मा मार्ग, तालापारा मगरपारा और हंसा विहार जहां हर साल जल भराव होता हैं,उससे राहत मिलेगी। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के भारसाधक मंत्री  अरुण साव के सतत प्रयासों और प्रभावी मार्गदर्शन के परिणामस्वरूप बिलासपुर शहर को जल निकासी व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण हेतु एक महत्वपूर्ण सौगात मिली है। लंबे समय से लंबित जलभराव की समस्या के समाधान की दिशा में राज्य शासन द्वारा नगर पालिक निगम बिलासपुर को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अधोसंरचना मद अंतर्गत ₹5 करोड़ 55 लाख 87 हजार की राशि स्वीकृत की गई है।यह स्वीकृति उपमुख्यमंत्री  अरुण साव की प्राथमिकताओं के अनुरूप प्रदान की गई है, जिनके द्वारा शहरी क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने और नागरिकों को बेहतर जीवन-स्तर उपलब्ध कराने पर लगातार जोर दिया जाता रहा है। उनके निर्देशन में नगरीय निकायों की आवश्यकताओं के आधार पर योजनाओं को प्राथमिकता देते हुए उन्हें शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उपमुख्यमंत्री  अरुण साव के मार्गदर्शन में यह भी सुनिश्चित किया गया है कि परियोजना का क्रियान्वयन पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किया जाए। शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए तथा छत्तीसगढ़ वर्क्स डिपार्टमेंट मैनुअल एवं विभागीय प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। परियोजना के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता बनाए रखने हेतु जियोटैग्ड फोटोग्राफी को अनिवार्य किया गया है, जिससे कार्यों की वास्तविक प्रगति का सटीक आकलन किया जा सके। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने कहा कि यह परियोजना बिलासपुर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें। उपमुख्यमंत्री  अरुण साव के नेतृत्व में राज्य में शहरी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इस तरह की योजनाओं से न केवल शहरों की मूलभूत सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आएगा और शहरी विकास को नई गति मिलेगी। “शहरी क्षेत्रों में जल निकासी, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करना हमारी प्राथमिकता है। बिलासपुर में आरसीसी बॉक्स नाला निर्माण जैसी परियोजनाएं नागरिकों की समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। हमने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कार्य गुणवत्ता और समय-सीमा के अनुरूप पूर्ण किए जाएं, ताकि आम नागरिकों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।"  

मेरिट सूची में शामिल बेटियों का कलेक्टर ने किया सम्मान

महासमुंद. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी मुख्य परीक्षा 2026 के परिणाम में महासमुंद जिले की छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले को गौरवान्वित किया है। कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में जिले की 8 छात्राओं तथा कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में 4 छात्राओं ने प्रदेश की टॉप-टेन सूची में स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज छात्राओं और उनके पालको को सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कलेक्टर ने छात्राओं को गुलाब पुष्प, शॉल एवं स्मृति शील्ड भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। साथ ही छात्राओं के अभिभावकों का भी सम्मान कर उनकी सकारात्मक भूमिका की प्रशंसा की। कलेक्टर लंगेह ने छात्राओं से आत्मीय बातचीत करते हुए कहा कि यह सफलता आपकी प्रतिभा, अनुशासन, कठिन परिश्रम और सतत प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो सफलता अवश्य प्राप्त होती है। कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा ही जीवन में आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम है। छात्राओं की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, विद्यालय और शिक्षकों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे जिले के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने छात्राओं को भविष्य में भी इसी लगन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने तथा अपने सपनों को साकार करने के लिए शुभकामनाएं दीं। कलेक्टर ने बालिकाओं द्वारा पूछे गए सवालों का क्रमशः जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 12वीं के पश्चात स्नातक परीक्षा आवश्यक है। साथ -साथ अपने विशेष लक्ष्य की तैयारी करते रहे। छात्राओं ने सिविल सर्विसेस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर कक्षा 10वीं की टॉपर छात्राओं में एकलव्य इंग्लिश स्कूल अर्जुंदा की कु. संध्या नायक ने कहा कि वे सीजीपीएससी के माध्यम से प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती है। एकलव्य इंग्लिश मीडियम हायर सेकेण्डरी स्कूल बलोदा की कु. परीरानी प्रधान ने मेडिकल क्षेत्र में जाने की इच्छा जताई। एकलव्य इंग्लिश स्कूल अर्जुंदा की कु. रानू सिद्धीमयी साहू, कु. रेणुका प्रधान, कु. चाहत चौधरी, कु. तिषा साहू, कु. भारती चंद्रा एवं कु. लता चौधरी ने अलग-अलग क्षेत्रों में पढ़ाई कर कैरियर संवारना चाहती है। वहीं कक्षा 12वीं की टॉपर छात्राओं में के.जी. कॉन्वेंट हायर सेकेण्डरी स्कूल सरायपाली की कु. शहनाज परवीन एवं के.पी.आई. हायर सेकेण्डरी स्कूल चट्टीगिरोला सरायपाली की कु. गीतिका प्रधान  ने कहा कि वे आई.ए.एस. की तैयारी करना चाहती है। इसी तरह सरस्वती शिशु मंदिर हायर सेकेण्डरी स्कूल बागबाहरा की कु. पौर्वी देवांगन तथा एकलव्य इंग्लिश स्कूल अर्जुंदा की कु. दिव्या अग्रवाल ने भी अपने अनुभव बताएं। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य कुमारी भास्कर, जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल. देवांगन, जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा, सहायक संचालक नंदकुमार सिन्हा, शिक्षा विभाग के शिक्षकगण एवं छात्राओं के अभिभावक उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं हेतु जिले से कुल 12 हजार 851 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 12 हजार 663 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। जिले का कुल परीक्षा परिणाम 79.35 प्रतिशत रहा। इसी तरह कक्षा 12वीं में जिले से कुल 10 हजार 664 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे, जिनमें 10 हजार 579 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। जिले का कुल परीक्षा परिणाम 80.89 प्रतिशत दर्ज किया गया।

प्रधानमंत्री आवास से साकार हुआ सपना, मुख्यमंत्री ने कराया गृह प्रवेश

रायपुर. कबीरधाम जिले के ग्राम लोखान में आज एक अत्यंत भावनात्मक, आत्मीय और जनसरोकारों से जुड़ा दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक सामान्य ग्रामीण के सादे निमंत्रण को न केवल स्वीकार किया, बल्कि उसे अपने व्यवहार से एक यादगार क्षण में परिवर्तित कर दिया। गांव में उनके आगमन से जहां उत्साह और जिज्ञासा का माहौल बना हुआ था, वहीं इस पूरे घटनाक्रम ने शासन और आमजन के बीच के आत्मीय संबंधों को भी जीवंत रूप में सामने रखा। प्रधानमंत्री आवास से साकार हुआ सपना, मुख्यमंत्री ने कराया गृह प्रवेश ग्राम लोखान निवासी मोहन मरावी के नए पक्के घर का आज गृह प्रवेश कार्यक्रम था। जैसे ही उन्हें यह जानकारी मिली कि मुख्यमंत्री गांव के दौरे पर हैं, वे बिना देर किए सीधे उनके पास पहुंचे और अपने घर आने का न्योता दे दिया। यह एक ग्रामीण का असाधारण प्रेम भरा अनुरोध था, जिसे मुख्यमंत्री ने उसी सहजता और विनम्रता के साथ स्वीकार किया और उनके घर पहुंचकर इस अवसर को विशेष बना दिया। प्रधानमंत्री आवास से साकार हुआ सपना, मुख्यमंत्री ने कराया गृह प्रवेशमुख्यमंत्री के मोहन मरावी के घर पहुंचते ही वहां एक आत्मीय और पारिवारिक वातावरण बन गया। उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के पूरे स्नेह और अपनत्व के साथ नारियल फोड़ा, दीप प्रज्वलित किया और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ गृह प्रवेश की रस्म संपन्न कराई। इस दौरान परिवार के सदस्यों के चेहरे पर जो संतोष, गर्व और खुशी झलक रही थी, वह इस बात का प्रतीक थी कि उनके सपनों का घर अब साकार हो चुका है। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने भी इस क्षण को उत्साहपूर्वक देखा और मुख्यमंत्री की सादगीपूर्ण शैली की सराहना की। इस आत्मीय संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए मोहन से पूछा—“आवास कोन भेजिस?” इस पर मोहन ने सहजता के साथ उत्तर दिया—“मोदी जी ने।” यह छोटा-सा संवाद पूरे माहौल को भावनात्मक गहराई से भर गया और यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी का क्रियान्वयन सीधे लोगों के जीवन में किस प्रकार आशा और विश्वास का संचार कर रहा है। मुख्यमंत्री साय ने मोहन मरावी और उनके परिवार से विस्तार से बातचीत करते हुए उनके नए घर के निर्माण की प्रक्रिया के बारे में जाना। मोहन ने बताया कि उनका यह घर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्राप्त राशि और अपने परिश्रम से तैयार हुआ है। पहले उनका घर कच्चा था, लेकिन वर्ष 2024–25 में आवास स्वीकृत होने के बाद उनके भीतर पक्का घर बनाने का हौसला जागा। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने स्वयं ईंट बनाकर चार कमरों का सुदृढ़ और व्यवस्थित घर खड़ा किया, जो उनके श्रम, संकल्प और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने घर की गुणवत्ता, संरचना और उसमें झलक रही मेहनत की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने कहा कि जब शासन की योजनाएं वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं और उसमें लोगों की अपनी मेहनत व सहभागिता जुड़ती है, तभी विकास का वास्तविक स्वरूप सामने आता है। उन्होंने इस पहल को आत्मनिर्भरता, जनभागीदारी और सकारात्मक बदलाव का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास ही राज्य के समग्र विकास की नींव को मजबूत करते हैं। मोहन मरावी ने यह भी बताया कि उन्हें योजना के तहत राशि तीन किस्तों में प्राप्त हुई, जिसका उन्होंने पूरी जिम्मेदारी और समझदारी से उपयोग किया। इसी के परिणामस्वरूप वे अपने परिवार के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक पक्का घर तैयार कर सके। मुख्यमंत्री ने पूरे परिवार को नए घर की हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और इस अवसर को गांव के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया, जो यह संदेश देता है कि संकल्प, श्रम और शासन की योजनाओं के समन्वय से हर सपना साकार हो सकता है।

ED रेड से हड़कंप: 13 ठिकानों पर छापेमारी, कैश-गोल्ड के साथ अहम दस्तावेज बरामद

रायपुर. छत्तीसगढ़ में सामने आए बहुचर्चित शराब घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. रायपुर जोनल कार्यालय की टीम ने एक साथ कई शहरों में छापेमारी कर करोड़ों रुपये की नकदी, सोना और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं. यह कार्रवाई उस संगठित शराब घोटाले की जांच का हिस्सा है, जिसमें राजनीतिक, प्रशासनिक और कारोबारी स्तर पर बड़े नामों के शामिल होने की बात सामने आ चुकी है. ED ने 30 अप्रैल 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 17 के तहत एक साथ तलाशी अभियान चलाया. रायपुर, दुर्ग/भिलाई और बिलासपुर जिलों में कुल 13 परिसरों पर छापे मारे गए. ये ठिकाने शराब व्यापारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, व्यवसायियों और कुछ कॉरपोरेट संस्थाओं से जुड़े थे, जिन पर घोटाले की काली कमाई को छिपाने और घुमाने का शक है. नकदी और सोने की बड़ी जब्ती तलाशी के दौरान ED को बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामान हाथ लगा. टीम ने 53 लाख रुपये नकद और करीब 3.234 किलो सोना बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 4.86 करोड़ रुपये बताई गई है. इस तरह कुल जब्ती करीब 5.39 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. इसके अलावा कई अहम दस्तावेज और डिजिटल डेटा भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है. EOW‑ACB की FIR से शुरू हुई ED जांच छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच ED ने PMLA के तहत शुरू की है. यह जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB), रायपुर द्वारा दर्ज FIR के आधार पर चल रही है. जांच में सामने आया कि घोटाले की पूरी योजना पहले से तय और व्यवस्थित तरीके से बनाई गई थी. राजनीति, अफसर और शराब कारोबारी शामिल ED की जांच में खुलासा हुआ है कि इस घोटाले में राजनीतिक पदाधिकारी, वरिष्ठ नौकरशाह, शराब निर्माता, FL‑10A लाइसेंसधारी और उनके करीबी लोग शामिल हैं. आरोप है कि वर्ष 2019 से 2022 के बीच शराब की खरीद, लाइसेंस और बिक्री के दौरान अवैध कमीशन वसूला गया. EOW/ACB की चार्जशीट के मुताबिक, इस घोटाले से करीब 2,883 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई है. अब तक 9 गिरफ्तारियां जांच के दौरान ED अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें एक सेवानिवृत्त IAS अधिकारी, CSMCL के तत्कालीन प्रबंध निदेशक, तत्कालीन आबकारी आयुक्त, तत्कालीन आबकारी मंत्री, तत्कालीन मुख्यमंत्री के पुत्र और मुख्यमंत्री के तत्कालीन उप सचिव जैसे बड़े नाम शामिल हैं. एजेंसी कई और कड़ियों की जांच कर रही है. 380 करोड़ की संपत्तियां कुर्क ED ने अब तक PMLA की धारा 5 के तहत छह अस्थायी कुर्की आदेश जारी किए हैं. इनके जरिए लगभग 380 करोड़ रुपये की चल‑अचल संपत्तियां जब्त की गई हैं. इनमें मकान, व्यावसायिक संपत्ति, बैंक बैलेंस, वाहन, आभूषण और शेयर शामिल हैं, जो आरोपियों और उनकी बेनामी संस्थाओं के नाम पर दर्ज बताए जा रहे हैं. कई मामलों में PMLA की निर्णायक प्राधिकरण ने कुर्की को मंजूरी भी दे दी है. अदालत में चल रहा मामला ED अब तक रायपुर स्थित PMLA की विशेष अदालत में छह अभियोजन शिकायतें दाखिल कर चुकी है. इनमें 81 आरोपी व्यक्ति और संस्थाएं नामजद हैं. यह मामला विशेष अदालत, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है.

मेधावी विद्यार्थियों को CM साय की सीख: सपनों को लक्ष्य बनाकर करें निरंतर प्रयास, बलरामपुर में सम्मान समारोह

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए हौसला बुलंद रखना सबसे आवश्यक है। बलरामपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया और उनके भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली। अधिकांश विद्यार्थियों ने डॉक्टर और इंजीनियर बनने की इच्छा व्यक्त की, वहीं कुछ ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और न्यायिक सेवा में जाने का संकल्प व्यक्त किया। मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों के सपनों की सराहना करते हुए कहा कि सपना देखना और उसे लक्ष्य में बदलकर निरंतर प्रयास करना ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि समर्पण, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ मेहनत की जाए, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने इस उपलब्धि के लिए विद्यार्थियों के अभिभावकों एवं शिक्षकों को भी बधाई देते हुए कहा कि बच्चों की सफलता के पीछे उनके मार्गदर्शन, सहयोग और त्याग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उत्कृष्ट विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री से मिलने का मिला अवसर इस अवसर पर जिले के कक्षा 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों में वाड्रफनगर विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करमडीहा की कुमारी प्रतिभा गुप्ता, रामचंद्रपुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जामवंतपुर की कुमारी स्नेहा कुशवाहा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सनवाल के सोनू, वाड्रफनगर के श्रीकृष्णा, आदर्श हायर सेकंडरी विद्यालय बलंगी की प्रिया लता कश्यप तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बर्तीकला के अजय गुप्ता, कक्षा 10वीं के मेधावी विद्यार्थियों में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जामवंतपुर के आर्यन गुप्ता, नेशनल पब्लिक इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल रजखेता की कुमारी आराधना पटेल, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रघुनाथनगर की कुमारी रोशनी कांशी, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय सेमरा कुसमी की आलिया परवीन तथा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय रामानुजगंज की आरजू परवीन को मुख्यमंत्री से मिलने और मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला।