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छत्तीसगढ़ी संस्कृति से प्रभावित दिखे रणदीप हुड्डा, रायपुर में की खुलकर तारीफ

रायपुर बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा रविवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे. रायपुर पहुंचने पर उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए छत्तीसगढ़ी संस्कृति और फिल्मों की खुलकर तारीफ की. एक्टर रणदीप ने कहा कि उन्होंने पहले भी छत्तीसगढ़ एक्सप्लोर किया है. राज्य में तैयार हो रही फिल्में अपनी भाषा और संस्कृति को करीब से जानने का एक माध्यम है. छत्तीसगढ़ की संस्कृति काफी समृद्ध है. लोगों में नक्सली समस्या को लेकर भ्रम था, लेकिन ऐसा नहीं है. छत्तीसगढ़ में काफी डेवलपमेंट हुआ है.   वीर सावरकर सबसे इंस्पायरिंग फिल्म : एक्टर रणदीप एक्टर रणदीप हुड्डा ने अपनी फिल्म वीर सावरकर को लेकर भी बातचीत की. उन्होंने बताया कि कोई भी इंसान अच्छे से अच्छा और बुरे से बुरा किरदार निभा सकता है. अलग-अलग रोल में खुद को ढालना एक बड़ा चैलेंज है. उन्होंने वीर सावरकर फिल्म को उनके जीवन की सबसे प्रेरणादायक फिल्म बताया. रणदीप ने कहा- फिटनेस उनके काम का हिस्सा फिल्म इंडस्ट्री में एक्टर रणदीप अपने गजब के बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन को लेकर भी चर्चा में रहते हैं. रायपुर में एक्टर ने कहा कि फिटनेस उनके काम का हिस्सा है और इसके लिए लक्ष्य होना जरूरी है. यह शरीर बेशकीमती, इसका ध्यान रखना बेहद जरूरी है. इस दौरान उनके साथ मंत्री राजेश अग्रवाल भी मौजूद थे. रणदीप ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर उन्हें मंत्री राजेश को फिट बनाना हो, तो वह उन्हें कमरे में बंद कर देंगे और खाने के लिए कुछ नहीं देंगे.

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने जीतेन्द्र को बिजली बिल से दी राहत

रायपुर. आम नागरिकों को स्वच्छ, सस्ती एवं टिकाऊ ऊर्जा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रही है। इस योजना के माध्यम से जिले के अनेक घर सौर ऊर्जा से रोशन हो रहे हैं और लोग बिजली खर्च से मुक्त होकर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह योजना न केवल नागरिकों को आर्थिक राहत प्रदान कर रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित हो रही है। इसी क्रम में मुंगेली शहर के शिक्षक नगर निवासी जितेन्द्र शर्मा ने अपने घर की छत पर रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित कर योजना का लाभ लिया है। सोलर सिस्टम लगने के बाद उनका घर पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित हो रहा है, जिससे बिजली की खपत लगभग शून्य हो गई है। परिणामस्वरूप उन्हें अब मासिक बिजली बिल की चिंता नहीं करनी पड़ रही है। श्री शर्मा बताते हैं कि पहले हर महीने बिजली बिल एक बड़ा खर्च होता था, लेकिन सोलर सिस्टम लगने के बाद यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल आर्थिक राहत दे रही है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक भी कर रही है। उन्होंने इस जनहितकारी योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सहित शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने पर योजना के तहत उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने पर केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है। 01 किलोवाट रूफटॉप सोलर सिस्टम पर केंद्र से 30 हजार एवं राज्य से 15 हजार मिलाकर 45 हजार रुपए की सब्सिडी, वहीं 02 किलोवाट पर कुल 90 हजार और 03 से 04 किलोवाट तक की क्षमता पर 01 लाख 08 हजार रुपए तक की सब्सिडी दी जा रही है। इसके साथ ही कम ब्याज दर पर आसान किश्तों में बैंक फायनेंस की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे मध्यम वर्ग और आम नागरिकों के लिए यह योजना और अधिक सुलभ बन गई है।

युवा संसद का आयोजन: डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में बच्चों ने निभाई सांसदों की भूमिका

रायपुर,  नेशनल रोवर – रेंजर जंबूरी का आयोजन पूरे उत्साह, अनुशासन और जीवंत सहभागिता के साथ बालोद जिले के ग्राम दुधली में सम्पन्न किया रहा है। आयोजन के तीसरे दिन जंबूरी परिसर लोकतांत्रिक चेतना का केंद्र बन गया, जब रोवर–रेंजरों एवं उपस्थित नागरिकों को लोकसभा की वास्तविक कार्यवाही का प्रत्यक्ष और व्यावहारिक अनुभव कराया गया। यूथ पार्लियामेंट के मंच पर रोवर–रेंजरों ने सांसदों की भूमिका निभाई वहीं विधानसभा के अध्यक्ष संसद के अध्यक्ष की भूमिका का निर्वहन किया। युवाओं ने जिस आत्मविश्वास, विषयगत समझ और मर्यादित संवाद शैली का प्रदर्शन किया, वह दर्शनीय था। यह मंच भावी जनप्रतिनिधियों को गढ़ने का सशक्त माध्यम गया था। अनुशासन और आत्मविश्वास की मिसाल बने रोवर–रेंजर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की आयोजित युवा संसद की सराहना करते हुए कहा कि यूथ पार्लियामेंट के दौरान रोवर–रेंजरों जिस प्रकार आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ अपनी भूमिका को निभाया है, उससे देश के उज्ज्वल भविष्य की कल्पना साकार नजर आती है। आज के युवा कल के हमारे समाज के प्रतिनिधि हैं। इनके कंधों पर हमारी विरासतों को आगे ले जाने का जिम्मा है, जिसे वे बखूबी निभाएंगे इसका हम सभी को भरोसा है। उन्होंने सभी की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और जिम्मेदार नागरिकता की मजबूत नींव पड़ती है। इस अवसर पर स्कूली शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भी युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आज के रोवर – रेंजर देश का आने वाला भविष्य है।भारतीय स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. के. के. खंडेलवाल, राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह खालसा, जिला मुख्य आयुक्त श्री राकेश यादव, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, रोवर–रेंजर, स्काउट–गाइड्स एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। सीख, सेवा और साहस से भरा रहा तीसरा दिन जंबूरी का तृतीय दिवस प्रतिभागियों के लिए विविध और प्रेरक गतिविधियों का आयोजन किया गया। जागरण और शारीरिक जांच के साथ फ्लैग सेरेमनी के साथ अनुशासन और एकता का संदेश दिया जाएगा। डॉग शो में कुत्तों की बेहतरीन कलात्मक प्रदर्शन के साथ मार्च पास्ट प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ी प्रतियोगिताओं में भी युवाओं ने बढ़ चढ़ कर भाग लेते हुए सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया।              आज जम्बूरी में आदिवासी संस्कृति परंपरा के साथ आधुनिकता की अनूठी प्रस्तुति दी गयी। आदिवासी वेशभूषा में पारंपरिक व्यंजनों के निर्माण के साथ लोकवाद्यों की भी प्रस्तुति की गई। आदिवासी नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच पारंपरिक भोजन के साथ ही हॉर्स राइडिंग, बाइक रेस और वाटर एक्टिविटी जैसी साहसिक गतिविधियां का भी प्रदर्शन किया गया।       युवाओं को आपदा प्रबंधन और ग्लोबल डेवलपमेंट विलेज से जुड़ी प्रतियोगिताओं के साथ वृक्षारोपण भी किया गया। कंटीजेंट लीडर मीटिंग, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, एच डब्लू बी रीयूनियन, नाइट हाईक तथा पायोनियरिंग प्रोजेक्ट प्रतियोगिताओं के भी आयोजित की जाएगी। एरिना में आयोजित इंटरनेशनल नाइट कार्यक्रम में विभिन्न संस्कृतियों की रंगारंग प्रस्तुतियां जंबूरी को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया जाएगा।

राज्य कर्मचारी संघ के अधिवेशन में मुख्यमंत्री साय शामिल

रायपुर. कर्मचारी शासन-प्रशासन की रीढ़ होते हैं और उनकी ईमानदारी, कर्मठता तथा संवेदनशीलता से ही सरकार की योजनाएं, नीतियां और निर्णय वास्तविक रूप में धरातल पर उतरते हैं। छत्तीसगढ़ का प्रशासनिक ढांचा आप सभी की मेहनत, निष्ठा और अनुशासन के कारण ही प्रभावी ढंग से कार्य कर पा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिक्षा संस्थान परिसर में राज्य कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित त्रैवार्षिक अष्टम प्रदेश अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़ाकर केंद्र सरकार के समान 58 प्रतिशत किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच यह निर्णय कर्मचारियों को वास्तविक राहत प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सरकार की कर्मचारी-हितैषी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री साय ने अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि यह अधिवेशन संगठनात्मक विचार-विमर्श के साथ ही सुशासन के संकल्प को सुदृढ़ करने का एक सशक्त अवसर है। जब सरकार और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं, तभी विकास का मार्ग प्रशस्त होता है और शासन व्यवस्था अधिक सशक्त बनती है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में सरकार ने कर्मचारियों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। स्थानांतरण नीति, पदोन्नति प्रक्रिया और कार्यस्थल संबंधी व्यवस्थाओं में सुधार कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सुचारु और कर्मचारी-अनुकूल बनाया गया है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के गठन से जन-विश्वास आधारित शासन तंत्र को और मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के समयबद्ध भुगतान पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। छत्तीसगढ़ पेंशन फंड की स्थापना कर तथा पेंशन फंड विधेयक को विधानसभा से पारित कर राज्य ने इस दिशा में एक मजबूत विधायी आधार भी प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस, ऑनलाइन सेवाओं और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से कर्मचारियों की कार्यक्षमता को सशक्त बनाया गया है, वहीं प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रमों के जरिए उन्हें बदलते समय के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। एक समय नक्सलवाद प्रदेश के लिए बड़ी चुनौती था, लेकिन हमारे सुरक्षा बलों ने अद्वितीय साहस और पराक्रम से इसका डटकर मुकाबला किया है। उन्होंने मंच से सुरक्षा बलों की वीरता को नमन करते हुए कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए बेहतर और मानवीय पुनर्वास नीति लागू की गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बस्तर क्षेत्र में शांति व्यवस्था तेजी से स्थापित हो रही है और ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से सुदूर वनांचलों तक बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप राज्य सरकार ने भी ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ तैयार कर प्रदेश के विकास को नई दिशा और गति दी है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी संघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष गौरव कुमार सोनी, महामंत्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अरूण तिवारी, प्रदेश महामंत्री अश्वनी चेलक तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित थे।

राज्य कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ के त्रैवार्षिक अष्टम प्रदेश अधिवेशन को मुख्यमंत्री ने किया संबोधित

रायपुर कर्मचारी शासन-प्रशासन की रीढ़ होते हैं और उनकी ईमानदारी, कर्मठता तथा संवेदनशीलता से ही सरकार की योजनाएं, नीतियां और निर्णय वास्तविक रूप में धरातल पर उतरते हैं। छत्तीसगढ़ का प्रशासनिक ढांचा आप सभी की मेहनत, निष्ठा और अनुशासन के कारण ही प्रभावी ढंग से कार्य कर पा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिक्षा संस्थान परिसर में राज्य कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित त्रैवार्षिक अष्टम प्रदेश अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़ाकर केंद्र सरकार के समान 58 प्रतिशत किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच यह निर्णय कर्मचारियों को वास्तविक राहत प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सरकार की कर्मचारी-हितैषी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री साय ने अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि यह अधिवेशन  संगठनात्मक विचार-विमर्श के साथ ही सुशासन के संकल्प को सुदृढ़ करने का एक सशक्त अवसर है। जब सरकार और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं, तभी विकास का मार्ग प्रशस्त होता है और शासन व्यवस्था अधिक सशक्त बनती है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में सरकार ने कर्मचारियों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। स्थानांतरण नीति, पदोन्नति प्रक्रिया और कार्यस्थल संबंधी व्यवस्थाओं में सुधार कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सुचारु और कर्मचारी-अनुकूल बनाया गया है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के गठन से जन-विश्वास आधारित शासन तंत्र को और मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के समयबद्ध भुगतान पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। छत्तीसगढ़ पेंशन फंड की स्थापना कर तथा पेंशन फंड विधेयक को विधानसभा से पारित कर राज्य ने इस दिशा में एक मजबूत विधायी आधार भी प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस, ऑनलाइन सेवाओं और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से कर्मचारियों की कार्यक्षमता को सशक्त बनाया गया है, वहीं प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रमों के जरिए उन्हें बदलते समय के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। एक समय नक्सलवाद प्रदेश के लिए बड़ी चुनौती था, लेकिन हमारे सुरक्षा बलों ने अद्वितीय साहस और पराक्रम से इसका डटकर मुकाबला किया है। उन्होंने मंच से सुरक्षा बलों की वीरता को नमन करते हुए कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए बेहतर और मानवीय पुनर्वास नीति लागू की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बस्तर क्षेत्र में शांति व्यवस्था तेजी से स्थापित हो रही है और ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से सुदूर वनांचलों तक बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप राज्य सरकार ने भी ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ तैयार कर प्रदेश के विकास को नई दिशा और गति दी है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी संघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष गौरव कुमार सोनी, महामंत्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अरूण तिवारी, प्रदेश महामंत्री अश्वनी चेलक तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित थे।  

डिप्टी सीएम साव के नेतृत्व में विश्व रिकॉर्ड की तैयारी, राष्ट्रीय युवा दिवस पर 1500 से ज्यादा बच्चे बनेंगे स्वामी विवेकानंद

बिलासपुर उप मुख्यमंत्री सह खेल मंत्री अरुण साव ने बताया कि, 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जी की जयंती को पूरा देश राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाता है। छत्तीसगढ़ में अलग अलग प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। कई स्थानों में स्वदेशी दौड़ का आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा युवा रत्न अवार्ड भी प्रदान किया जाएगा। डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया कल 12 जनवरी को उनके नेतृत्व में खेल एवं युवा कल्याण विभाग बिलासपुर में विश्व रिकॉर्ड बनाने जा रहा है। पुलिस ग्राउंड बिलासपुर में 1500 से अधिक बच्चे विश्व रिकॉर्ड बनाने स्वामी विवेकानंद की वेशभूषा में इकट्ठे होंगे और वंदे मातरम् का गान करेंगे। एक साथ 1500 स्कूली बच्चे नशा ना करने की शपथ लेंगे। साथ ही कंपनी गार्डन, बिलासपुर में विवेकानंद जी की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जानकारी दी कि पुलिस ग्राउंड बिलासपुर में 5500 स्क्वायर फीट से बड़ी आकर्षक और विशाल रंगोली से भी स्वामी विवेकानंद का चित्र बनाया जा रहा है।  राष्ट्रीय युवा दिवस पर इस बार बिलासपुर देश भर में आकर्षण का केंद्र रहने वाला है, ये बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।

महतारी वंदन योजना: रायपुर में महिलाओं को आर्थिक संबल से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम

रायपुर : महतारी वंदन योजना : आर्थिक संबल से आत्मनिर्भरता तक महिलाओं के सशक्तिकरण की कहानी रायपुर छत्तीसगढ़ में महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता, आत्मसम्मान और समाज में उनकी निर्णायक भूमिका को सुदृढ़ करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रारंभ की गई महतारी वंदन योजना आज महिला सशक्तिकरण की एक प्रभावी और दूरगामी पहल के रूप में उभर रही है। यह योजना न केवल महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाते हुए स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसरों से भी जोड़ रही है। आर्थिक संबल से आत्मनिर्भरता तक महिलाओं के सशक्तिकरण की कहानी     योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की निश्चित सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। अब तक राज्य की लाखों महिलाओं को 23 किश्तों में कुल 14,948 करोड़ 34 लाख रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। इस नियमित सहयोग से महिलाओं की घरेलू खर्चों की चिंता कम हुई है, आत्मविश्वास बढ़ा है और वे आर्थिक निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभाने लगी हैं। स्वरोजगार की ओर बढ़ते कदम     महतारी वंदन योजना का सबसे सकारात्मक पहलू यह है कि महिलाएं इस सहायता राशि का सदुपयोग कर छोटे-छोटे व्यवसाय प्रारंभ कर रही हैं। जांजगीर-चांपा जिले के चांपा नगर के वार्ड क्रमांक 02 की निवासी श्रीमती उर्मिला यादव ने हर माह मिलने वाली राशि को बचाकर आर्टिफिशियल गहनों का व्यवसाय शुरू किया। आज वे घर से तथा साप्ताहिक हाट-बाजारों में गहनों का विक्रय कर प्रतिमाह लगभग 2,000 रुपये की अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर रही हैं।     इसी तरह चांपा की श्रीमती ज्योति कसेर ने योजना की सहायता से पापड़ व्यवसाय प्रारंभ किया, जिससे उन्हें प्रतिमाह लगभग 5,000 रुपये का लाभ हो रहा है। इससे वे अपने परिवार की शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को सहजता से पूरा कर पा रही हैं। ग्राम सरहर की श्रीमती सुमित्रा कर्ष ने श्रृंगार सामग्री की दुकान शुरू कर लगभग 1,000 रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त आय अर्जित की, जबकि श्रीमती कुसुम देवी पाण्डेय ने अपनी श्रृंगार दुकान का विस्तार कर अब हर महीने 2,000 रुपये का मुनाफा प्राप्त कर रही हैं। गरीब परिवारों के जीवन में स्थायित्व     यह योजना मजदूरी और सीमित आय पर निर्भर परिवारों के लिए भी आर्थिक सुरक्षा का आधार बन रही है। कबीरधाम जिले के ग्राम मझगांव की निवासी श्रीमती सतरूपा गंधर्व, जो मजदूरी पर निर्भर परिवार से हैं, को अब तक योजना के तहत 23 किश्तों में 23,000 रुपये प्राप्त हो चुके हैं। वे बताती हैं कि इस राशि से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जरूरतें और व्यक्तिगत     आवश्यकताएं आसानी से पूरी हो पा रही हैं। नियमित सहायता से अब वे कुछ बचत भी कर पा रही हैं, जिससे आकस्मिक खर्चों की चिंता समाप्त हो गई है।बलरामपुर जिले के ग्राम रघुनाथनगर की साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली श्रीमती ओमलता भी इस योजना से लाभान्वित होकर स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ी हैं।   महिलाओं के सम्मान और भागीदारी में वृद्धि     महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में स्थायित्व, सम्मान और आत्मविश्वास लाने वाली पहल है। नियमित आर्थिक सहायता से महिलाएं परिवार की आवश्यकताओं में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं और आर्थिक निर्णयों में उनकी भागीदारी बढ़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र महिला तक समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।     महतारी वंदन योजना आज केवल एक आर्थिक सहायता कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं के सपनों, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण की मजबूत आधारशिला बन चुकी है। यह योजना प्रदेश की महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर दे रही है और छत्तीसगढ़ को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक नई पहचान दिला रही है।

रायुपर : प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ पक्के घर का सपना-ज्ञानु भगत

रायुपर : प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ पक्के घर का सपना-ज्ञानु भगत रायुपर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य ग्रामीण बेघर नागरिकों को पक्का मकान प्रदान करना है। इस योजना के तहत कच्चे मकानों में रहने वाले या बिना छत वाले परिवारों को पक्के मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसमें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मिल रहा है आवास का लाभ      प्रदेश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँच रहा है। इसी कड़ी में जशपुर जिले के ग्राम बंगुरकेला निवासी श्री ज्ञानु भगत को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ प्राप्त हुआ है। श्री ज्ञानु भगत ने बताया कि पहले वे अपने परिवार के साथ मिट्टी के छोटे से कच्चे मकान में निवास करते थे। बरसात के मौसम में घर की छत से पानी टपकता था तथा गर्मी के दिनों में दीवारें अत्यधिक तप जाती थीं। साथ ही जहरीले जीव-जंतुओं का भय बना रहता था। घर की बार-बार मरम्मत कराने से उन्हें आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ता था। जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं स्थायी आवास मिला     श्री ज्ञानु भगत ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें पक्के आवास की स्वीकृति मिली। शासन से प्राप्त राशि में अपनी बचत जोड़कर वे अपने सपनों का घर बना रहे हैं। वर्तमान में मकान का आंतरिक कार्य प्रगति पर है। उन्होंने पक्का आवास मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके परिवार के जीवन में एक बड़ा बदलाव लेकर आया है। उन्होंने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से जिले के अनेक जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं स्थायी आवास मिल रहा है, जिससे उनके जीवन स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है।

कलेक्टर की पहल पर उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की फ्री हुई सोनोग्राफी

राजनांदगांव. जिले में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का नि:शुल्क जांच एवं उपचार किया जा रहा है। अब तक 1667 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी की जा चुकी है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान अंतर्गत जिले में गर्भवती महिलाओं को प्रसवपूर्व देखभाल उपलब्ध कराने प्रत्येक माह की 9 एवं 24 तारीख को विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के तहत उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का नि:शुल्क जांच, उपचार एवं परामर्श प्रदान किया जाता है। अभियान अंतर्गत पहला प्रसव ऑपरेशन से हुआ हो, पहले गर्भपात या मृत शिशु का जन्म हुआ हो, जिनका वजन या ऊंचाई कम हो, कम उम्र में गर्भधारण किया हो, गंभीर एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह या किसी अन्य बीमारी से ग्रसित महिलाओं की जांच की जाती है। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान अंतर्गत उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को प्रत्येक सप्ताह दूरभाष के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी एवं सलाह दी जा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान अंतर्गत जिले में 1775 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाएं है। जिसमें 1667 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का सोनोग्राफी किया गया है एवं शेष 108 गर्भवती महिलाओं का शनिवार तक सोनोग्राफी कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की मदद से आज कुल 16 गर्भवती महिलाओं का नि:शुल्क सोनोग्राफी किया गया है। जिसमें सुन्दरा अस्पताल में घुमका के 11 एवं भारत डायग्नोस्टिक में 5 गर्भवती महिलाओं का नि:शुल्क सोनोग्राफी किया गया है।

मुख्यमंत्री साय का बयान: विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्यमियों का योगदान रहेगा महत्वपूर्ण

रायपुर : विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्यमियों की होगी महत्वपूर्ण भूमिका- मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री कॉस्मो ट्रेड एंड बिल्ड फेयर एक्सपो 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में हुए शामिल रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विगत दिवस राजधानी रायपुर में रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर द्वारा आयोजित कॉस्मो ट्रेड एंड बिल्ड फेयर एक्सपो 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।   मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। व्यापार जगत की बेहतरी और ग्राहकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जीएसटी दरों में कटौती की गई, जिसका सीधा लाभ जनता को मिल रहा है। जीएसटी रिफॉर्म्स से कई वस्तुओं की कीमत में कमी आई है। जीएसटी की प्रक्रिया को काफी सुगम बनाया गया है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई उद्योग नीति को देश-विदेश में सराहा जा रहा है। लगभग आठ लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हमें प्राप्त हो चुके हैं। हर सेक्टर में हमें ये निवेश प्रस्ताव मिले हैं जिनपर धरातल पर कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। प्रदेश में रोजगार सृजन पर हमारा विशेष फोकस है। नई उद्योग नीति में एक हजार से अधिक रोजगार प्रदान करने वाले उद्यमियों को विशेष इंसेंटिव प्रदान करने के प्रावधान किए गए हैं।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में रोटरी क्लब और उद्यमियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। रोटरी क्लब उद्यम के साथ ही परोपकार का भी कार्य करता है। क्लब द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्य बहुत प्रशंसनीय हैं। ये बहुत खुशी की बात है कि यह एक्सपो मध्य भारत का सबसे बड़ा एक्सपो है, जिसमें 300 से अधिक स्टॉल हैं। इस विशाल आयोजन का लाभ निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ को मिलेगा।  रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ को लगभग 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ये बहुत खुशी की बात है कि रोटरी क्लब द्वारा आयोजित इस एक्सपो का यह 16वां वर्ष है। रोटरी क्लब सेवा से जुड़ी एक संस्था है। रोटरी क्लब द्वारा पोलियो निर्मूलन के कार्य में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में मोबाइल आई क्लीनिक की एम्बुलेंस का लोकार्पण किया। उन्होंने विभिन्न सेक्टर्स में विशिष्ट योगदान दे रही 25 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया और इन महिला उद्यमियों पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, राम गर्ग सहित रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर के सदस्यगण व बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।