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राज्यपाल डेका को मुख्यमंत्री साय ने दी नए वर्ष की शुभकामनाएं

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भेंट कर नववर्ष की शुभकामनाएं दी और राज्य हित से जुड़े विषयों पर चर्चा की। डेका ने भी उन्हें नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।

राज्यपाल डेका ने सरस्वती शिक्षा संस्थान को प्रदान किए चार ई- रिक्शे

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोकभवन में सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ रायपुर को चार ई-रिक्शे प्रदान किए। उन्होंने लोकभवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में अपने स्वेच्छानुदान मद से चार ई-रिक्शे की चाबी वाहन चालकों को सौंपी और हरी झंडी दिखाकर वाहनों को रवाना किया। इन वाहनों का उपयोग विभिन्न सरस्वती शिक्षा संस्थानों में किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. पुर्णेन्द्रु सक्सेना सहित संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित थे।

भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना का केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र शेखावत एवं मुख्यमंत्री साय ने किया भूमिपूजन

देश के पर्यटन मानचित्र पर सबसे तेजी से उभरता छत्तीसगढ़ : शेखावत रायपुर, केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत के विकास का ग्रोथ इंजन छत्तीसगढ़ बनता जा रहा है छत्तीसगढ़ इस संकल्प के साथ में हम सब लोग काम करेंगे ऐसा भरोसा और विश्वास आप सबको दिलाते हुए आप सबको बहुत सारी बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सतत आगे बढ़े और छत्तीसगढ़ का पर्यटन विकसित हो छत्तीसगढ़ की संस्कृति सुरक्षित और संरक्षित हो जिससे छत्तीसगढ़ की एक अलग पहचान बने। स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत 146 करोड़ रुपये की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन सम्पन्न किया गया। स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत भोरमदेव मंदिर परिसर से मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ एवं सरोदा जलाशय तक एक सुव्यवस्थित एवं समग्र पर्यटन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस कॉरिडोर के निर्माण होने से जिले के प्रमुख धार्मिक एवं पुरातात्विक स्थलों को एक सशक्त पर्यटन श्रृंखला में जोड़ते हुए भोरमदेव को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी। उज्जैन और वाराणसी की तर्ज पर भोरमदेव कॉरिडोर का विकास किया जाएगा।     छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, उपमुख्यमंत्री व कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने नववर्ष के अवसर पर कबीरधाम जिले को बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा के आग्रह पर भोरमदेव से बोड़ला तक सड़क चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण कार्य की भी घोषणा की। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भोरमदेव महोत्सव स्थल पर कॉरिडोर के भूमिपूजन के बाद कल सभा को संबोधित करते हुए कबीरधाम जिले सहित पूरे प्रदेश के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। उन्होंने नववर्ष की बधाई देते हुए कहा कि बीते दो वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को धरातल पर उतारते हुए विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद प्रदेश के विकास में सबसे बड़ी बाधा थी, जिसे समाप्त करने का बीड़ा राज्य सरकार ने उठाया है और आज प्रदेश नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में निर्णायक रूप से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के नागरिकों में यह विश्वास मजबूत हुआ है कि भारत को कमजोर करने वाली किसी भी ताकत या षड्यंत्र को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के विरुद्ध लिए गए कठोर निर्णयों ने देश की सुरक्षा नीति को नई मजबूती प्रदान की है। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि भारत तेजी से विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर है। सड़कों, पुल-पुलियों एवं अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण के साथ-साथ प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, पेयजल, बिजली, डीबीटी के माध्यम से राशि का अंतरण और रोजगार जैसी सुविधाएं गरीबों के घर-घर तक पहुंच रही हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना में सकारात्मक बदलाव करते हुए अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार प्रदान किया जा रहा है। साथ ही रोजगार उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में हर्जाने की गारंटी भी इस योजना में शामिल की गई है। उन्होंने इसे ‘मोदी की गारंटी’ बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने कहा कि भोरमदेव मंदिर लगभग एक हजार वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर है और इस कॉरिडोर निर्माण के माध्यम से आने वाले हजार वर्षों तक इसे संरक्षित रखने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों एवं अधिकारियों से आग्रह किया कि 146 करोड़ रुपये की इस परियोजना में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए, क्योंकि यह कार्य धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है।     कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नागरिक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि एक हजार साल पुराने बाबा भोरमदेव के मंदिर विकास हेतु आज भूमिपूजन हुआ है जो बहुत ही हर्ष की बात है। सावन के महीने में यहां हजारों की संख्या श्रद्धालु कावड़िये अमरकंटक से माता नर्मदा का जल लेकर बाबा भोरमदेव का जलाभिषेक करते हैं जिनका स्वागत करने के लिए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ मैं भी आया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शासन ने हर वर्ग के विकास के लिए निरन्तर कार्य किया जा रहा है। कवर्धा के जंगलों में वास करने वाले राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहलाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के बैगा जैसे प्रदेश की पिछड़ी जनजातियों के लिए शासन द्वारा पीएम जनमन योजना प्रारम्भ की गई है, जिससे अब गांव-गांव तक पक्की सड़कें, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे अनेक योजनाओं का लाभ यहां के लोगों को मिल रहा है। वहीं उनके स्वास्थ्य की देखभाल के लिए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रारम्भ किए गए हैं, जिनमें एंबुलेंस के साथ में डॉक्टर एवं नर्स सहित पूरा तकनीकी स्टाफ भी उपलब्ध रहेगा जो घर घर जाकर लोगों का उपचार करेगा। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता से प्रधानमंत्री मोदी ने वादे किए थे जिन्हें पूरा करने का कार्य शासन द्वारा किया जा रहा है। मोदी की गारंटी को काम पूरा होने की गारंटी बताते हुए उन्होंने कहा हमारी सरकार बनते ही 18 लाख आवास से वंचित लोगों को आवास का अधिकार दिलाया, 70 लाख महिलाओं के खाते में हर महीने एक हजार रुपए पहुंच रहे है इसी तरह छत्तीसगढ़ के हजारों लोगों में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का भी लाभ लिया है।     उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा लगातार क्षेत्र का दौरा कर यहां के विकास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। चौत्र माह के तेरहवीं तिथि को भोरमदेव महोत्सव का आयोजन किया जाता है। पिछले वर्ष जब स्वदेश दर्शन योजना में शामिल करने के लिए हमने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से निवेदन किया था और भोरमदेव महोत्सव के दिन ही हमें भोरमदेव कॉरिडोर की स्वीकृति प्राप्त हुई थी और आज भूमिपूजन भी सम्पन्न हो गया है। उन्होंने … Read more

वंदे भारत एक्सप्रेस में महिला टीटीई को दी गई टिकट जांच की जिम्मेदारी, बिलासपुर रेल मंडल की नई व्यवस्था

बिलासपुर  साल के पहले दिन  वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में बिलासपुर रेल मंडल ने एक नई व्यवस्था की है। इसके तहत टिकट जांच का जिम्मा महिला टीटीई को सौंपी गई है। दो पुरुष के साथ तीन महिला कर्मचारियों ने इस ट्रेन में नागपुर तक टिकट जांच की और वापसी में इस जिम्मेदारी का निर्वहन किया। एक और महिला टीटीई की इसमें ड्यूटी लगाने का निर्णय है। वंदे भारत ट्रेन रेलवे की विशेष ट्रेन है। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस ट्रेन की व्यवस्थाएं भी अन्य ट्रेनों से अलग होती हैं। यात्रियों को इसमें सफर करना खूब पसंद आता है। विशेषताओं में एक ट्रेन में टिकट जांच करने वाले टीटीई भी है, जिनके ड्रेस का रंग व डिजाइन राजधानी एक्सप्रेस की तरह होती है। टीटीई को इसी यूनिफार्म में टिकट जांच करनी होती है। इनको पहले दिन मिली जिम्मेदारी रेलवे ने साल के पहले दिन जिन चार महिला कर्मचारियों की टिकट जांच में ड्यूटी लगाई, उनमें नेहा गुजर, निशा सिन्हा, प्रीति व प्रियंका यादव शामिल हैं। सभी कोर्ट टाई वाले इस यूनिफार्म को पहनकर ट्रेन में पहुंचीं। उनके हाथों में वाकी-टाकी व जांच के अन्य जरूरी साधन थे। इस ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह नया था। तीनों टीटीई अब नियमित इस ट्रेन में ड्यूटी करेंगी। महिलाओं की ड्यूटी होने से एक लाभ यह होता है कि यात्री बेवजह विवाद नहीं करते और बिना आपत्ति के टिकट जांच भी कराते हैं। महिला दिवस तक सभी टीटीई महिलाएं रेल मंडल पर यह प्रयास कर रहा है कि आठ मार्च महिला दिवस तक इस ट्रेन में केवल महिला टिकट जांच स्टाफ ही तैनात रहे। इस ट्रेन के परिचालन की खास बात यह है कि सुबह छूटकर शाम 7:30 बजे तक नागपुर से बिलासपुर लौट आती है। इससे महिला टीटीई को ड्यूटी करने में आसानी होगी और रेलवे अपनी मंशा के अनुसार इस ट्रेन का और खास बना लेगी। सप्ताह में छह दिन परिचालन वंदे भारत एक्सप्रेस बिलासपुर से नागपुर के बीच सप्ताह में छह दिन चलती है। शनिवार को परिचालन बंद रहता है। इस दिन ट्रेन की मेंटेनेंस व सफाई के कार्य किए जाते हैं। अब तो कोचिंग डिपो के पास इस ट्रेन के मेंटेनेंस के लिए अलग से शेड बनाया जा रहा है, जहां वाशिंग लाइन से लेकर अन्य सुविधाएं रहेंगी। यह हैं मुख्य उद्देश्य विवाद होने की संभावना कम रहती है। ट्रेन में अकेले सफर करने वाले महिला यात्रियों के बीच भरोसा बढ़ेगा। महिला यात्री अपनी परेशानियां आसानी से साझा कर सकती हैं। विशेष ट्रेन की बनेगी खास पहचान।

जसदेव सिंह जब्बल बने बिजली निर्माता, पीएम सूर्य घर योजना से मिली ₹1.08 लाख की सब्सिडी, अब जीरो आता है बिजली बिल

बिजली उपभोक्ता से बिजली निर्माता बने जसदेव सिंह जब्बल पीएम सूर्य घर योजना ने बदली जसदेव सिंह की जिंदगी, ₹1.08 लाख की मिली सब्सिडी, अब जीरो आता है बिजली बिल दुर्ग आधुनिक जीवन शैली में बिजली की बढ़ती मांग की वजह से बढ़ते बिजली बिलों से परेशान आम आदमी के लिए प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना किसी वरदान से कम नहीं है। इसका जीवंत उदाहरण पेश किया है श्री जसदेव सिंह जब्बल ने, जिन्होंने न केवल अपने घर को सौर ऊर्जा से रोशन किया है, बल्कि वे अब खुद बिजली निर्माता बन चुके हैं। जसदेव सिंह बताते हैं कि उनके घर में चार किलोवॉट का सोलर पैनल लगे लगभग तीन से चार महीने हो चुके हैं और इसके परिणाम बेहद सुखद हैं। वे कहते हैं, पहले हम बिजली का बिल भरने की चिंता में रहते थे, लेकिन आज हम खुद बिजली बना रहे हैं। मेरे घर की जितनी खपत है, उसे मेरा सोलर प्लांट अच्छी तरह से पूरा कर रहा है। अब मुझे बिजली बिल भरने की जरूरत नहीं पड़ती, जो पैसा पहले बिल में जाता था, वह अब मेरी शुद्ध बचत और एक तरह से अतिरिक्त आय है।   योजना के आर्थिक लाभों पर चर्चा करते हुए श्री जसदेव ने बताया कि उन्हें कुल 01 लाख 08 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई है। इसमें 78,000 रुपये केंद्र सरकार द्वारा और 30,000 रुपये राज्य सरकार द्वारा दिए गए हैं। जसदेव जी ने सरकार की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि सब्सिडी के लिए उन्हें कहीं भटकना नहीं पड़ा। आवेदन के महज एक महीने के भीतर सब्सिडी की राशि सीधे उनके बैंक खाते में क्रेडिट हो गई। जसदेव सिंह इस योजना को केवल पैसों की बचत तक सीमित नहीं मानते। उनका मानना है कि यह पर्यावरण को बचाने की एक बड़ी मुहिम है। वे कहते हैं कि जीवाश्म ईंधन सीमित हैं और पर्यावरण के लिए खतरनाक भी। अगर हम आज जागरूक नहीं हुए और रिन्यूएबल सोर्सेस (अक्षय ऊर्जा) को नहीं अपनाया, तो भविष्य मुश्किल भरा होगा। सोलर पैनल लगाकर हम अपनी निर्भरता खत्म कर रहे हैं और कल को सुरक्षित कर रहे हैं। अपनी सफलता से उत्साहित होकर जसदेव सिंह जब्बल अन्य नागरिकों को भी प्रेरित कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार इस योजना में बहुत बड़ा आर्थिक सहयोग दे रही है, इसलिए हर घर को इस योजना का लाभ उठाना चाहिए। यह न केवल हमारी आर्थिक स्थिति के लिए अच्छा है, बल्कि हमारे देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।   छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, दुर्ग क्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री संजय खंडेलवाल ने कहा कि हम आज जागरूक होंगे, तो ही हम अपने कल को बचा पाएंगे। सोलर अपनाएं, आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने कहा कि श्री जसदेव सिंह ने न केवल अपने घर का बिजली बिल शून्य किया है, बल्कि पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाकर समाज के लिए एक बेहतरीन उदाहरण भी पेश किया है।

तमनार हिंसा: महिला आरक्षक को अर्धनग्न कर घसीटा, भीड़ ने दौड़ाया, वीडियो में रोते हुए बोली- भाई छोड़ दो

तमनार  रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में  उद्योग को आबंटित गारे पेलमा सेक्टर वन कोयला खदान के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान हिंसा की एक शर्मनाक घटना सामने आई है. प्रदर्शन के दौरान एक महिला आरक्षक के साथ मारपीट की गई. प्रदर्शनकारियों ने उसे लगभग आधा किलोमीटर तक दौड़ाया और जब वह खेत में गिर गई, तो उसकी वर्दी फाड़ दी गई, जिससे वह अर्धनग्न हो गई.  यह घटना 27 दिसंबर की है, जब आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था. जानकारी के अनुसार,  उद्योग की कोल ब्लाक जनसुनवाई को पहले प्रस्तावित स्थल से दूसरी जगह कराए जाने के बाद भी आंदोलन शांत नहीं हुआ. 12 दिसंबर से चल रहे आंदोलन के बीच 27 दिसंबर को एक सड़क दुर्घटना के बाद विवाद इतना बढ़ा कि पथराव, आगजनी और पुलिस पर सीधा हमला किया गया. मिन्नतें करती रही महिला आरक्षक  तमिनार ब्लॉक में महिला आरक्षक के साथ हुई अमानवीय व्यवहार का वीडियो भी वायरल हो रहा है. करीब 40 सेकंड की इस वीडियो में एक महिला आरक्षक रोती हुई और प्रदर्शनकारियों से मिन्नतें करती हुई दिख रही है. महिला आरक्षक प्रदर्शनकारियों से कह रही है, 'भाई मुझे माफ कर दो, मुझे जाने दो.' वीडियो में प्रदर्शनकारी महिला पुलिस कर्म से पूछते हैं, 'तुम यहां क्या कर रही थी? तुम्हें चप्पल से मारूं? यहां से चली जाओ.' फिर वे उसे अकेला छोड़ देते हैं. इससे पहले महिला आरक्षक को भीड़ ने करीब आधा किलोमीटर तक दौड़ाया और जब वह खेत में गिर गई, तो उसकी वर्दी फाड़-फाड़कर उसे अर्धनग्न कर दिया गया. यह घटना 27 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है. बता दें इस घटना से पहले एक हिंसक झड़प के दौरान एक महिला पुलिस इंस्पेक्टर को लात मारे जाने का वीडियो भी सामने आया था.  हिंसा का शर्मनाक वीडियो वायरल  सबसे गंभीर और शर्मनाक वीडियो में एक महिला आरक्षक के साथ बर्बरता दिखाई दे रही है. वीडियो में आंदोलनकारी महिला आरक्षक के कपड़े फाड़ते हुए नजर आ रहे हैं. महिला आरक्षक हाथ जोड़कर रहम की गुहार लगाती दिखाई देती है. करीब 20 सेकंड का यह वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. हालांकि आंदोलन प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत के बाद समाप्त हो गया है और जनसुनवाई निरस्त करने का भरोसा दिया गया है, लेकिन 27 दिसंबर की इस घटना को लेकर पुलिस अधिकारियों की चुप्पी चर्चा का विषय बनी हुई है. क्या है पूरा मामला? सूत्रों के मुताबिक, तमनार पुलिस स्टेशन में अलग-अलग FIR में 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों पर गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है, जबकि कुछ को गिरफ्तार भी किया गया है. बता दें कि यह घटना 8 दिसंबर 2025 को धौरभाठा में हुई जनसुनवाई के विरोध से जुड़ा है. JPL कोल माइन सेक्टर-1 कोल ब्लॉक से प्रभावित 14 गांवों के लोग 12 दिसंबर से धरना प्रदर्शन कर रहे थे. 27 दिसंबर की सुबह करीब 9:00 बजे लगभग 300 ग्रामीण लिबारा चौक पर इकट्ठा हुए और सड़क पर बैठकर ट्रैफिक जाम कर दिया. हालात बिगड़ता देख पुलिस के बड़े अधिकारी करीब 10:00 बजे मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों से बात की और उन्हें लौटने के लिए मनाया. कुछ देर के लिए स्थिति शांत रही, लेकिन बाद में तनाव बड़ गया.   सूत्रों के मुताबिक तमनार थाने में अलग-अलग एफआईआर के तहत सौ से अधिक आंदोलनकारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं. कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है. अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है इस मामले में बिलासपुर संभाग के आईजी संजीव शुक्ला ने बताया कि दोषियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया जा चुका है. अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है. पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जल्द अन्य आरोपियों को भी पकड़ा जाएगा.

रायपुर: राज्यपाल डेका ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय को दिए पांच नए कम्प्यूटर

रायपुर : राज्यपाल डेका ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय को प्रदान किए पांच कम्प्यूटर रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने बालिकाओं की शिक्षा को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सराहनीय पहल करते हुए कस्तूबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, राजपुर कला लखनपुर जिला सरगुजा की छात्राओं के लिए अपने स्वेच्छानुदान मद से पांच कम्प्यूटर प्रदान किए है। राज्यपाल ने सरगुजा जिले के प्रवास के दौरान उक्त आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने छात्राओं की शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन किया और विद्यालय में सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से अतिरिक्त कम्प्यूटर उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी थी। जिसके फलस्वरूप आज विद्यालय को लोेकभवन में राज्यपाल के हाथों पांच कम्प्यूटर प्राप्त हुए। इस सुविधा से छात्राओं की पढ़ाई में गुणात्मक सुधार आएगा और वे डिजिटल शिक्षा से बेहतर रूप से जुड़ सकेंगी। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर प्रसन्ना, विद्यालय की अधीक्षिका श्रीमती अनुराधा सिंह एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।

राज्यपाल डेका ने रायपुर में सरस्वती शिक्षा संस्थान को प्रदान किए चार ई-रिक्शे

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोकभवन में सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ रायपुर को चार ई-रिक्शे प्रदान किए। उन्होंने लोकभवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में अपने स्वेच्छानुदान मद से चार ई-रिक्शे की चाबी वाहन चालकों को सौंपी और हरी झंडी दिखाकर वाहनों को रवाना किया। इन वाहनों का उपयोग विभिन्न सरस्वती शिक्षा संस्थानों में किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. पुर्णेन्द्रु सक्सेना सहित संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित थे।

गौरेला पेंड्रा मरवाही : एकीकृत किसान पोर्टल से जुड़ी समस्याओं का 7 जनवरी तक होगा निराकरण

गौरेला पेंड्रा मरवाही छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य के किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से पंजीयन एवं सत्यापन की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। किसानों द्वारा एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन से संबंधित संशोधन एवं आवेदन किए गए हैं। किसानों को समयबद्ध लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया सुचारु रूप से जारी है। प्राप्त आवेदनों के परीक्षण के उपरांत, राज्य शासन द्वारा निर्देशित किया गया है कि दिनांक 7 जनवरी 2026 तक संबंधित राजस्व विभाग एवं अन्य अधिकृत विभागों के अधिकारियों व पटवारियों द्वारा भौतिक सत्यापन का कार्य पूर्ण किया जाए, ताकि पात्र किसानों को योजना का लाभ बिना विलंब के प्रदान किया जा सके। जिले के सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को वीसी के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान करकेे आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही किसानों से अनुरोध किया गया है कि वे सत्यापन प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग प्रदान करें। जिला प्रशासन किसानों के हित में पारदर्शी, तकनीक-आधारित और समयबद्ध सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

राज्य में पुलिस विभाग में नया साल, 9 अधिकारियों के तबादले का फैसला

कोरबा  नए साल के पहले ही दिन कोरबा पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से 9 पुलिस अधिकारियों का तबादला किया है। इस सूची में 4 थाना प्रभारी (टीआई), 2 सब-इंस्पेक्टर (एसआई) और 3 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) शामिल हैं। तबादला आदेश के तहत युवराज तिवारी को बालको थाना प्रभारी, मृत्युंजय पांडे को कुसमुंडा थाना प्रभारी, आशीष कुमार सिंह को करतला थाना प्रभारी और प्रमोद कुमार डडसेना को हरदीबाजार थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, मानिकपुर चौकी प्रभारी नवीन पटेल को शहर के सबसे महत्वपूर्ण थाने सिविल लाइन की कमान दी गई है। सिविल लाइन थाना एसपी कार्यालय, कलेक्ट्रेट और न्यायालय जैसे अति संवेदनशील क्षेत्रों को कवर करता है, जिससे यह पद और भी अहम माना जाता है। मानिकपुर चौकी का प्रभार अब परमेश्वर राठौर को सौंपा गया है। इसके अलावा जिले के कई थाना और चौकी प्रभारियों को उनके वर्तमान पदों पर ही यथावत रखा गया है, जिनमें कटघोरा थाना प्रभारी धर्म नारायण तिवारी, कोतवाली प्रभारी एमबी पटेल, दर्री थाना प्रभारी नागेंद्र तिवारी, पाली थाना प्रभारी जितेंद्र यादव, उरगा थाना प्रभारी राजेश तिवारी, दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू, रजगामार चौकी प्रभारी लक्षमण खूंटे, सर्वमंगला चौकी प्रभारी विभव तिवारी और सीएसईबी चौकी प्रभारी भीमसेन यादव शामिल हैं।