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दिल्ली में छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट सम्मेलन शुरू, CM विष्णुदेव साय निवेशकों से कर रहे संवाद

रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार का महत्वपूर्ण निवेशक सम्मेलन छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट आज नई दिल्ली में प्रारम्भ हो गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय पहुँचे और उन्होंने उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों से मुलाक़ात का क्रम प्रारंभ कर दिया है। इस आयोजन में स्टील क्षेत्र, पर्यटन उद्योग और अन्य प्रमुख सेक्टरों के नामी उद्योगपति तथा विभिन्न कंपनियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हो रहे हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य देश भर के निवेशकों के समक्ष छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति, उभरते अवसरों और निवेश–अनुकूल वातावरण को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करना है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय निवेशकों से सीधे संवाद कर रहे हैं तथा उन्हें राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए उपलब्ध सुविधाओं, स्थिर एवं पारदर्शी नीति, तेज़ी से विकसित होते इंफ्रास्ट्रक्चर तथा सरल और समयबद्ध प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से अवगत करा रहे हैं।

रायपुर से दिल्ली तक गूंजा छत्तीसगढ़ का लोक रंग, राजधानी में शानदार प्रस्तुति

रायपुर : देश की राजधानी में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का भव्य प्रदर्शन लोक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुति में भारत मंडपम में दिखी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक छटा रायपुर राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आज छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और परंपराओं का अद्भुत संगम दिखाई दिया। 44वें भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले  में छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष के अवसर पर  आयोजित सांस्कृतिक संध्या ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों ने अपनी पारंपरिक नृत्य-शैली और विविध लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से पूरे वातावरण में उत्साह, ऊर्जा और आनंद भर दिया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन, रायपुर लोकसभा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, जांजगीर-चांपा लोकसभा सांसद मती कमलेश जांगड़े, कांकेर लोकसभा सांसद  भोजराज नाग सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने दीप प्रज्वलन कर की। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ पवेलियन का अवलोकन किया तथा विभिन्न स्टॉलों में प्रदर्शित कला-कृतियों, हस्तशिल्प और उत्पादों को देखा। उन्होंने कलाकारों और उद्यमियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की तथा उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि देश की राजधानी में “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” की गूंज सुनकर प्रत्येक छत्तीसगढ़ वासी गर्व से भर उठता है।   मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा रायपुर में देश के पहले डिजिटल जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण का उल्लेख करते हुए इसे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ कला, संस्कृति और परंपराओं की समृद्ध भूमि है, जहाँ तीज-त्योहार, लोक-नृत्य और पारंपरिक कलाएँ आज भी उसी उत्साह और गरिमा के साथ संरक्षित हैं। उन्होंने मिलेट्स उत्पादन, स्थानीय हस्तशिल्प और जनजातीय परंपराओं को राज्य की असीम संभावनाओं का प्रतीक बताया तथा कहा कि राज्य सरकार कलाकारों के संरक्षण, आर्थिक सहयोग और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को और सशक्त बना रही है। मुख्यमंत्री ने देशवासियों को छत्तीसगढ़ आने तथा इसकी सादगी, सांस्कृतिक संपन्नता और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव करने के लिए आमंत्रित किया। सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक-कलाओं की एक से बढ़कर एक झलक प्रस्तुत की।गौरा-गौरी, भोजली, राउत नाचा, सुआ नृत्य, पंथी और करमा नृत्य जैसी लोक-शैली की सजीव प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मोहित कर लिया। सुआ नृत्य की गीतमय अभिव्यक्ति, राउत नाचा की जोशीली लय, पंथी की आध्यात्मिक छटा और करमा की मनभावन प्रस्तुति ने छत्तीसगढ़ की विविधता और लोक परंपराओं की गहराई को प्रभावी रूप से सामने रखा। पूरे कार्यक्रम के दौरान दर्शक तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन करते रहे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष  नीलू शर्मा,  छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष  शशांक शर्मा, विधायक  संपत अग्रवाल,  प्रबोध मिंज, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार  पंकज झा, मुख्य सचिव  विकास शील,  पर्यटन, संस्कृति एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव  रोहित यादव, सीएसआईडीसी के महाप्रबंधक  विश्वेश कुमार, संस्कृति विभाग के संचालक  विवेक आचार्य, खादी ग्रामोद्योग सचिव  श्याम धावड़े, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर मती ऋतु सैन, आवासीय आयुक्त मती श्रुति सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में CM विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ पवेलियन का किया अवलोकन

रायपुर : अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ पेवेलियन का किया अवलोकन हस्तशिल्प, वन-उत्पाद और पारंपरिक कला ने खींचा देश-विदेश के खरीदारों का ध्यान रायपुर भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में आज छत्तीसगढ़ पेवेलियन आकर्षण का केंद्र बना रहा। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के पेवेलियन का भ्रमण कर विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने  पेवेलियन में प्रदर्शित उत्पादों और नवाचारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वैश्विक व्यापार मंचों पर लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, वनोपज आधारित उत्पाद और पारंपरिक कला वैश्विक बाजार में अपनी विशेष पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि “देश-विदेश के खरीदारों के बीच छत्तीसगढ़ी उत्पादों की बढ़ती मांग स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और हमारे कारीगरों के सम्मान को नई दिशा दे रही है। यह ‘आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ के हमारे संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।” उन्होंने पवेलियन में प्रदर्शित कोसा सिल्क, धातु-शिल्प, ढोकरा कला, प्राकृतिक वन-आधारित उत्पाद, मिलेट-आधारित फूड प्रोडक्ट्स और सूक्ष्म उद्यमों के अभिनव मॉडल की सराहना की।  मुख्यमंत्री ने पेवेलियन में बस्तर की समृद्ध विरासत और कलाकृतियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने डिजिटल टीवी पर प्रसारित डॉक्यूमेंट्री ‘बदलता बस्तर (आमचो बस्तर)’  का अवलोकन करते हुए कहा कि डॉक्यूमेंट्री में आज का नया बस्तर स्पष्ट दिखाई देता है। बस्तर बदल चुका है, और यह डॉक्यूमेंट्री उसी परिवर्तन का जीवंत अवलोकन कराती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य  सरकार जनजातीय और ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने के लिए विभिन्न योजनाओं और संस्थागत समर्थन को निरंतर मजबूत कर रही है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन, लोकसभा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, मती कमलेश जांगड़े एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी उपस्थित थे।

बस्तर की बेटी सुभद्रा कश्यप ने राष्ट्रीय एकलव्य स्पोर्ट्स मीट में बनाया इतिहास, शतरंज में जीता स्वर्ण

बस्तर की बेटी सुभद्रा कश्यप ने राष्ट्रीय एकलव्य स्पोर्ट्स मीट में रचा इतिहास, शतरंज प्रतियोगिता में बनी स्वर्ण पदक विजेता रायपुर बस्तर जिले के लोहण्डीगुड़ा स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय गढ़िया की कक्षा 8 वीं की होनहार छात्रा सुभद्रा कश्यप ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सुभद्रा ने हाल ही में ओडिशा के सुंदरगढ़ में आयोजित चौथे एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय स्पोर्ट्स मीट में शानदार प्रदर्शन करते हुए शतरंज प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय गढ़िया लोहण्डीगुड़ा की इस प्रतिभाशाली बालिका ने राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित खेल प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उसकी निर्णायक चालों और एकाग्रता ने उसे पोडियम के शीर्ष पर पहुँचाया। संस्था प्रमुख श्रीमती ऊषा शुक्ला ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा सुभद्रा ने न केवल अपने विद्यालय और परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि उसने यह भी साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती। उसकी यह जीत क्षेत्र की अन्य बालिकाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। सुभद्रा कश्यप की यह सफलता बस्तर के ग्रामीण और आदिवासी बहुल क्षेत्र की अन्य युवा प्रतिभाओं के लिए एक प्रेरणा का नया स्रोत बन गई है। एक छोटे से क्षेत्र की बालिका का राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना यह दर्शाता है कि सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर ये बच्चे किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ राज्य और पूरे बस्तर संभाग के लिए गौरव का विषय है।

किसानों की शिकायत पर उपमुख्यमंत्री का एक्शन, ग्राम कुरूवा के पटवारी को तत्काल निलंबित करने के निर्देश

किसानों की शिकायत पर उपमुख्यमंत्री ने ग्राम कुरूवा के पटवारी को तत्काल निलंबित करने के दिए निर्देश किसानों की शिकायत पर मौके पर ही पटवारी  को किया गया निलंबित उप मुख्यमंत्री देर शाम सहसपुर लोहारा में किसानों से जमीन पर बैठकर की चर्चा, शिकायत पर की तत्काल कार्रवाई उप मुख्यमंत्री ने किसानों की समस्या का किया निराकरण रायपुर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने अपने सहसपुर लोहारा के प्रवास के दौरान तहसील कार्यालय में किसानों को देखकर अपनी काफिला को रूकवाया। इसके बाद उन्होंने किसानों से मिलकर चर्चा की। इस दौरान उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने जमीन पर बैठकर किसानों से उनकी समस्या और शिकायत को गंभीरता पूर्वक सुना। किसानों ने बताया कि हल्का नंबर 15 ग्राम कुरूवा के पटवारी  राजेश शर्मा द्वारा कृषकों के विभिन्न कार्यों में टालमटोल एवं अनाधिकृत रूप से विलंब किया जाता है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा तत्काल संज्ञान में लेते हुए पटवारी राजेश शर्मा को मौके पर ही निलंबित करने का आदेश दिया। अधिकारियों द्वारा आदेश का पालन करते हुए वही पर निलंबन का आदेश निकाला। आदेश के अनुसार पटवारी  राजेश शर्मा हल्का नंबर 15 कुरूवा, रा.नि.मं. सिल्हाटी, तहसील सहसपुर लोहारा को अपने प्रभार क्षेत्र के कृषकों के विभिन्न कार्यों में टालमटोल एवं अनाधिकृत रूप से विलंब करने जाने का शिकायत पर संबंधित पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। उक्त आदेश के अनुक्रम तथा शासकीय कार्य में लापरवाही किये जाने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) के तहत, निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में निलंबित कर्मचारी  राजेश शर्मा पटवारी का मुख्यालय तहसील कार्यालय स.लोहारा (निर्वाचन शाखा) में होगा। संबंधित कर्मचारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदाय किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री  विजय शर्मा ने किसानों से धान खरीदी तथा अन्य राजस्व संबंधी कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों को किसी भी स्तर पर दिक्कत नहीं होनी चाहिए, किसान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। मौके पर उपस्थित सभी पटवारियों से उपमुख्यमंत्री ने कार्यों की स्थिति पूछी और कड़े शब्दों में निर्देश दिए कि कृषकों के किसी भी कार्य में लापरवाही, देरी या टालमटोल बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों के सभी राजस्व कार्य समय पर और पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। यदि किसी कर्मचारी द्वारा लापरवाही पाई जाती है तो तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने एसडीएम और तहसीलदार को पूरे क्षेत्र की निरंतर मॉनिटरिंग करने तथा किसानों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

रायपुर: CM विष्णुदेव साय और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की अहम बैठक, खाद्य प्रसंस्करण को मिलेगी नई दिशा

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की केंद्रीय मंत्री  चिराग पासवान के साथ अहम मुलाकात, राज्य में खाद्य प्रसंस्करण को मिलेगी नई दिशा रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने  नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री  चिराग पासवान से उनके कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान छत्तीसगढ़ से जुड़े अनेक जनहित विषयों पर रचनात्मक और सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री  साय ने विशेष रूप से राज्य में खाद्य सुरक्षा, कृषि-आधारित उद्योगों और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया। मुख्यमंत्री  साय ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (NIFTEM) संस्थान की स्थापना छत्तीसगढ़ में की जाए, ताकि राज्य के युवाओं को आधुनिक खाद्य तकनीक, उद्यमिता तथा नए रोजगारों से संबंधित उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि कृषि दृष्टि से छत्तीसगढ़ एक मजबूत राज्य है और यहां ऐसे संस्थान से हजारों छात्रों, किसानों तथा खाद्य-आधारित उद्यमों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। केंद्रीय मंत्री  चिराग पासवान ने इस प्रस्ताव को अत्यंत सकारात्मक रूप से लेते हुए कहा कि वे इस विषय पर हर संभव सहयोग देंगे और इसे गंभीरता से विचार में लेंगे। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने यह अनुरोध भी किया कि वर्ल्ड फूड इंडिया के रीजनल समिट का आयोजन रायपुर में किया जाए। उन्होंने कहा कि रायपुर की समृद्ध खाद्य परंपरा, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और विविधता ऐसे आयोजन के लिए आदर्श गंतव्य बनाती है। यह फेस्टिवल क्षेत्रीय पाक-परंपराओं को वैश्विक पहचान देगा और नए खाद्य-आधारित उद्यमों के लिए बड़े अवसर उत्पन्न करेगा। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह आयोजन दिल्ली के वर्ल्ड फूड इंडिया अथवा गुवाहाटी के नॉर्थ ईस्ट फूड फेस्ट की तर्ज पर हर दो वर्ष में आयोजित किया जाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में खाद्य वस्तुओं की जांच के लिए फूड टेस्टिंग लैब तथा खाद्य उत्पादों को सुरक्षित रखने के लिए फूड इर्रेडिएशन यूनिट स्थापित की जानी हैं, जिनके लिए राज्य केंद्र से सहयोग चाहता है। उन्होंने कहा कि धान तथा फल–सब्जी आधारित उद्योगों में बड़े निवेशकों की भागीदारी बढ़ने से किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को व्यापक गति मिलेगी। मुख्यमंत्री  साय ने जानकारी दी कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को विशेष महत्व दिया गया है और निवेशकों को अनेक अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। इसी के अंतर्गत Drools कंपनी द्वारा छत्तीसगढ़ में ₹1,000 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जिससे लगभग 3,000 लोगों को रोजगार मिलेगा और इसका लाभ ग्रामीण व आदिवासी समुदायों तक पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को राइस ब्रान ऑयल हब के रूप में विकसित करना है, जिससे तेल आयात पर निर्भरता कम होगी और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को सुदृढ़ समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ और विकसित भारत 2047 का सपना इन्हीं प्रयासों के माध्यम से साकार होगा। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, सचिव  राहुल भगत तथा इन्वेस्टमेंट कमिश्नर मती रितु सेन उपस्थित थीं।

सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा हेतु जारी किए कड़े निर्देश

स्कूलों में बच्चों को आवारा कुत्तों से बचाने के लिए शिक्षा विभाग की नई व्यवस्था लागू रायपुर माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा Suo Moto Writ Petition (Civil) No. 05/2025 में दिए गए स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुपालन में तथा छत्तीसगढ़ शासन, पशुधन विकास विभाग, मंत्रालय नवा रायपुर के पत्र क्रमांक E-166671 & 153108/LAW-42/1802/2025/1724 दिनांक 13.11.2025 के आधार पर शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के सभी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए  आदेश जारी किया गया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब राज्य के प्रत्येक स्कूल के प्राचार्य या संस्था प्रमुख को नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया गया है। नोडल अधिकारी की यह जिम्मेदारी होगी कि स्कूल परिसर या आसपास यदि आवारा कुत्ते दिखाई दें, तो उसकी जानकारी तुरंत संबंधित ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत या नगर निगम के डॉग क्रैचर नोडल अधिकारी को दें। साथ ही स्कूल परिसर में कुत्तों का प्रवेश रोकने के लिए आवश्यक अवरोधक उपाय सुनिश्चित करें। यदि किसी बच्चे के साथ आवारा कुत्ते द्वारा काटे जाने की घटना होती है, तो बच्चे को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की होगी, ताकि आवश्यक प्राथमिक इलाज समय पर उपलब्ध कराया जा सके। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का उद्देश्य प्रदेश के सभी स्कूलों में बच्चों के लिए सुरक्षित, भय-मुक्त और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप तथा पशुधन विकास विभाग के मार्गदर्शन में यह अभियान पूरे प्रदेश में तेजी और संवेदनशीलता के साथ लागू किया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों, बीईओ, बीआरसी, सीआरसी तथा स्कूल प्रबंधन समितियों से अपेक्षा की है कि वे इन दिशा-निर्देशों का कठोरतापूर्वक पालन सुनिश्चित करें और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

राजधानी में विवादित नारेबाजी कर हंगामा, बस्तर IG बोले– कठोर कार्रवाई होगी, 23 गिरफ्त में

दिल्ली छत्तीसगढ़ में नक्सली लीडर माड़वी हिड़मा के एनकाउंटर के बाद मामला अब सोशल मीडिया से निकलकर देश की राजधानी की सड़कों तक पहुंच गया है. इंडिया गेट के सामने प्रदूषण के खिलाफ जुटी भीड़ में अचानक कुछ युवक हिड़मा के पोस्टर लहराते हुए “हिड़मा जिंदाबाद” के नारे लगाने लगे. मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षा कर्मियों ने इस अप्रत्याशित घटना को तुरंत नोटिस किया, जिसके बाद दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं. घटना के सामने आने के बाद बस्तर IG सुंदरराज पी. ने सख्त प्रतिक्रिया जताई है. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक ढांचे से बाहर जाकर नक्सल विचारधारा का समर्थन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि चाहे कोई अर्बन नक्सली हो या सोशल मीडिया के जरिए नक्सल प्रोपेगेंडा फैलाने वाला, सभी पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. IG ने यह भी कहा कि शहरों में इस तरह की गतिविधियां नक्सली नेटवर्क के नए रुझान की ओर इशारा करती हैं, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है. वहीं दिल्ली में माडवी हिड़मा के समर्थन में ‘लाल सलाम’ नारे लगाने के आरोप में 23 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही पॉल्यूशन प्रोटेस्ट के दौरान हंगामा मामले में 2 थानों में FIR दर्ज की गई है. आरोपियों पर BNS की धारा 223 A, 132,221, 121 A, 126 (2), 3 (5) के तहत दर्ज की गई है. सभी को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जा रहा है. बता दें कि हिडमा की हाल ही में आंध्र प्रदेश में पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई थी.

व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ पेवेलियन आकर्षण का केंद्र, मुख्यमंत्री ने किया अवलोकन

हस्तशिल्प, वन-उत्पाद और पारंपरिक कला ने खींचा देश-विदेश के खरीदारों का ध्यान रायपुर, भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में आज छत्तीसगढ़ पेवेलियन आकर्षण का केंद्र बना रहा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के पेवेलियन का भ्रमण कर विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने  पेवेलियन में प्रदर्शित उत्पादों और नवाचारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वैश्विक व्यापार मंचों पर लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, वनोपज आधारित उत्पाद और पारंपरिक कला वैश्विक बाजार में अपनी विशेष पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि “देश-विदेश के खरीदारों के बीच छत्तीसगढ़ी उत्पादों की बढ़ती मांग स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और हमारे कारीगरों के सम्मान को नई दिशा दे रही है। यह ‘आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ के हमारे संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।” उन्होंने पवेलियन में प्रदर्शित कोसा सिल्क, धातु-शिल्प, ढोकरा कला, प्राकृतिक वन-आधारित उत्पाद, मिलेट-आधारित फूड प्रोडक्ट्स और सूक्ष्म उद्यमों के अभिनव मॉडल की सराहना की। मुख्यमंत्री ने पेवेलियन में बस्तर की समृद्ध विरासत और कलाकृतियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने डिजिटल टीवी पर प्रसारित डॉक्यूमेंट्री ‘बदलता बस्तर (आमचो बस्तर)’  का अवलोकन करते हुए कहा कि डॉक्यूमेंट्री में आज का नया बस्तर स्पष्ट दिखाई देता है। बस्तर बदल चुका है, और यह डॉक्यूमेंट्री उसी परिवर्तन का जीवंत अवलोकन कराती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य  सरकार जनजातीय और ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने के लिए विभिन्न योजनाओं और संस्थागत समर्थन को निरंतर मजबूत कर रही है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल,  कमलेश जांगड़े एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी उपस्थित थे।

MMC स्पेशल जोनल कमेटी ने CMs को लिखा पत्र, नक्सलियों ने जताई हथियार डालने की तैयारी

रायपुर        देश में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे निर्णायक अभियान के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्पेशल जोनल कमेटी (MMC जोन) के नक्सलियों ने तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस, मध्य प्रदेश के मोहन यादव और छत्तीसगढ़ के विष्णु देव साईं को एक लेटर भेजा है, जिसमें उन्होंने सामूहिक सरेंडर करने की इच्छा जताई है. नक्सलियों ने अपने दो वरिष्ठ साथियों महाराष्ट्र में सरेंडर करने वाले भूपति और छत्तीसगढ़ में सरेंडर करने वाले सतीश के नक्शेकदम पर चलते हुए सरेंडर करने की इच्छा जताई है.  MMC जोन के सभी नक्सली एक साथ सरेंडर करेंगे. हालांकि, इस लेटर में, MMC जोन के नक्सलियों ने एक-दूसरे से बातचीत करने के लिए 15 फरवरी 2026 की डेडलाइन मांगी है.  उन्होंने अनुरोध किया है कि इस डेडलाइन तक सुरक्षा बलों को कोई ऑपरेशन नहीं करना चाहिए. माओवादियों ने मुख्यमंत्रियों से कुछ दिनों के लिए न्यूज नेटवर्क बंद करने का भी अनुरोध किया है. PLGA सप्ताह नहीं मनाने का भरोसा पत्र में नक्सलियों ने यह भी भरोसा दिलाया है कि वे जल्द ही आने वाला अपना सालाना PLGA हफ्ता (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी वीक) इस साल नहीं मनाएंगे. उन्होंने सुरक्षा बलों से अनुरोध किया है कि इस अवधि के दौरान नक्सलियों के खिलाफ सालाना ऑपरेशन भी न चलाएं. नक्सलियों ने पत्र में कहा है कि वे जल्द ही एक और पत्र भेजकर मास सरेंडर की तारीख की घोषणा करेंगे. केंद्र सरकार की डेडलाइन के भीतर भले ही 15 फरवरी, 2026 की डेडलाइन लंबी लगती हो, लेकिन यह केंद्र सरकार की ओर से नक्सली-मुक्त भारत के लिए निर्धारित 31 मार्च, 2026 की अंतिम समय सीमा के भीतर है. अगर तीनों राज्यों की सरकारें MMC जोन के नक्सलियों को यह समय देती हैं और यह सामूहिक सरेंडर सफल होता है, तो यह देश में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान की एक ऐतिहासिक सफलता होगी.