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विजय शर्मा का कांग्रेस पर वार – बोले, संगठन सृजन नहीं ‘इटली संचालन’ कर रही पार्टी, पीएम मोदी कराएंगे गृह प्रवेश

रायपुर प्रधानमंत्री आवास को लेकर गृह मंत्री विजय शर्मा का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, विगत सरकार ने 18 लाख आवास रोक कर रखा था, हमारी सरकार के आते ही कैबिनेट की पहली बैठक में इसे स्वीकृत किया। हम रोज 18 हजार आवास बना रहे हैं। पिछली बार जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिलासपुर आए थे तब उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत तीन लाख लोगों को गृह प्रवेश कराया था, इस बार यह संख्या और बड़ी होगी. कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा, कांग्रेस दिल्ली से नहीं इटली से चलने वाली पार्टी है, रिमोट से चलने वाले लोग हैं। घुसपैठियों को लेकर कांग्रेस नेता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा था कि घुसपैठिए भाजपा के प्रिय हैं, वो प्रदेश में आए तो उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। छत्तीसगढ़ में इतने घुसपैठिए कहां से आए इसका जवाब सरकार को देना चाहिए। कांग्रेस के इस आरोप पर गृह मंत्री शर्मा ने कहा, जो घुसपैठिये इनके प्रिय होते हैं उन्हें वह लाते हैं, मैंने देखा है कि रायपुर में जिनका नाम था वे कवर्धा में अपना नाम जुड़वा लिए। घुसपैठियों के माध्यम से कांग्रेस वोट बैंक बनाने का प्रयास करती है।

भीषण सड़क हादसा: बेकाबू कार की टक्कर में तीन की मौत, आरोपी ड्राइवर फरार

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में भीषण सड़क हादसे में दो युवक और एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई. यह घटना कापू थाना क्षेत्र में धरमजयगढ़ कापू मार्ग चाल्हा मोड़ पर हुई. हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची है और आगे की कार्रवाई में जुटी है. जानकारी के मुताबिक, तेज रफ्तार कार पहले बाइक को टक्कर मारी, फिर सड़क पर पैदल चल रही ग्रामीण महिला को रौंदा. हादसे में तीनों की मौत हो गई. वहीं कार चालक गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गया. घटना की सूचना पर कापू पुलिस मौके पर पहुंची है.

हॉस्टल में छात्र ने की आत्महत्या, छठी कक्षा के सुनील की मौत ने उठाए कई सवाल

जगदलपुर दंतेवाड़ा जिले के बारसूर थाना क्षेत्र में स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां कक्षा 6 के एक 11 वर्षीय छात्र ने अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र सुनील पोड़ियामी, जो कि गाटम, दंतेवाड़ा का रहने वाला था, गुरुवार की सुबह अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया। उसके साथ रहने वाले अन्य छात्रों ने उसे पंखे से लटका हुआ देखा तो तत्काल रस्सी काटकर उसे बचाने का प्रयास किया और बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरके बर्मन ने बताया कि फिलहाल छात्र के पास से कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस हॉस्टल के अन्य छात्रों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा सके। साथ ही, मृतक छात्र के परिजनों को भी सूचित कर दिया गया है और उनसे भी घटना के संबंध में जानकारी ली जा रही है। छात्रों में भय का माहौल: इस दुखद घटना के बाद से हॉस्टल में छात्रों के बीच भय और दहशत का माहौल है। सभी छात्र सहमे हुए हैं और इस घटना से आहत हैं। स्कूल प्रशासन ने भी छात्रों को ढांढस बंधाने और किसी भी तरह की परेशानी से निपटने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। सुनील पोड़ियामी ने किस अज्ञात कारण से यह खौफनाक कदम उठाया, यह अभी एक पहेली बनी हुई है। पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है।

नक्सलियों का आत्मसमर्पण अभियान तेज: बीजापुर में 51 नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता

बीजापुर बीजापुर जिले में एक बार फिर नक्सलियों को बड़ा झटका लगा है। बुधवार को शासन की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति और पूना मारगेम  पुनर्वास से पुनर्जीवन योजना के तहत  51 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में नौ महिलाएं और 42 पुरुष नक्सली शामिल हैं, जिन पर कुल 66 लाख का इनाम घोषित था। सभी ने हिंसा का मार्ग त्यागकर लोकतांत्रिक व्यवस्था में आस्था व्यक्त की और सम्मानजनक जीवन जीने का संकल्प लिया। वर्ष 2025 में अब तक बीजापुर जिले में 461 माओवादी मुख्यधारा में शामिल हुए हैं, 138 माओवादी मारे गए और 485 गिरफ्तार किए जा चुके हैं। मुख्यधारा में लौटे सभी 51 माओवादियों को राज्य शासन की ओर से 50,000 की पुनर्वास प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। राज्य शासन की पूना मारगेम  पुनर्वास से पुनर्जीवन नीति ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास की मजबूत नींव रखी है।  प्रशासन, सुरक्षा बल, सामाजिक संगठन और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से हिंसा की संस्कृति को संवाद और विकास की संस्कृति में बदला जा रहा है। इस अभियान में डीआरजी, बस्तर फाइटर्स, एसटीएफ, केरिपु-85, केरिपु-199 तथा कोबरा-210 और 201 बटालियन की टीमों का विशेष योगदान रहा। 'माओवादियों को आकर्षित कर रहीं योजननाएं' बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने कहा राज्य शासन की पुनर्वास नीति माओवादियों को आकर्षित कर रही हैं। मुख्यधारा में प्रवेश करने वाले माओवादियों के परिजन भी चाहते हैं कि वे सामान्य जीवन जिएं और समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें। एसपी ने माओवादियों से अपील की है कि वे भ्रामक विचारधाराओं को त्यागें और निर्भय होकर समाज की मुख्यधारा में लौटे, ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास स्थापित हो सके।

लोरमी का मानस मंच नया स्वरूप पाकर तैयार — उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया उद्घाटन

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोरमी के भव्य मानस मंच के जीर्णोद्धार कार्य का किया लोकार्पण लोरमी के लिए 123 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया लोरमी के चौक-चौराहों में लगे सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी, अपराध में आएगी कमी, ट्रैफिक व्यवस्था होगी दुरुस्त : उप मुख्यमंत्री अरुण साव दीवारों पर उकेरे गए रामचरितमानस की चौपाइयों को पढ़कर जीवन में उतारेंगे तो जीवन में सुख, शांति का होगा संचार : अरुण साव "लोरमी का मानस मंच धर्म और संस्कृति का अनूठा केंद्र साबित होगा" कार्यक्रम में आए वरिष्ठजनों को उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बेर से बनी प्रभु राम की प्रतिमा भेंट की रायपुर उप मुख्यमंत्री एवं स्थानीय विधायक अरुण साव ने आज लोरमी के भव्य मानस मंच के जीर्णोद्धार कार्य का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कुल 123 करोड़ रुपए की लागत से पांच सड़कों के निर्माण कार्य, चौक-चौराहों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों का लोकार्पण, तथा एक सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। साथ ही लोरमी के निजी अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन समर्पित किया। साव ने कार्यक्रम में आए वरिष्ठजनों को बेर से बनी प्रभु राम की प्रतिमा भेंट की। आगामी 2 नवंबर को भव्य कलश यात्रा के साथ प्रसिद्ध कथा वाचक चिन्मयानंद बाबू जी मानस मंच पर राम कथा का वाचन करेंगे। 10 नवंबर को कथा का समापन होगा। साव ने समस्त लोरमी वासियों को कथा श्रवण के लिए आमंत्रित किया। कार्यक्रम में साव ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि लोरमी के मानस मंच का लोकार्पण मेरे लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। यह मंच लोरमी नगर की आस्था, श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। 1982 में स्थापित यह मंच पिछले 45 वर्षों से सतत कथा आयोजन का केंद्र रहा है, जहां नगरवासी और श्रद्धालु बड़े-बड़े विद्वानों से राम कथा का श्रवण करते आए हैं। उन्होंने कहा कि दीवारों पर रामचरितमानस के चित्रों के साथ अंकन का उद्देश्य समाज में धार्मिक, नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रसार करना है। जब लोग इन चौपाइयों को पढ़ेंगे और जीवन में उतारेंगे, तो निश्चित रूप से उनके जीवन में सुख, शांति और सदाचार का संचार होगा। हमारे भगवान राम जीवन को सतमार्ग की ओर ले जाने वाले आदर्श हैं। इस अवसर पर नगरवासियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर अयोध्या के स्वरूप में प्रभु राम के प्रति श्रद्धा भाव प्रकट किया। मानस मंच परिसर की दीवारों पर राम जन्म से लेकर राजतिलक तक के प्रसंगों का चित्रण किया गया है, जिसकी चौपाइयों को पढ़ने में घंटों लगेंगे। मानस मंच का सौंदर्यीकरण कार्य 1 करोड़ 71 लाख रुपए की लागत से पूर्ण किया गया है। वहीं 45 लाख 47 हजार रुपए की लागत से सार्वजनिक स्थलों एवं चौक-चौराहों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त 24 करोड़ 14 लाख रुपए की लागत से मुंगेली-लोरमी मार्ग (ग्राम तुलसाघाट से लपटी रपटा तक), 2 करोड़ 62 लाख रुपए में तुलसाघाट से लपटी रपटा मार्ग, 1 करोड़ 99 लाख रुपए में तिलकपुर से झलरी पहुंच मार्ग, 1 करोड़ 37 लाख रुपए में ग्राम अखरार श्मशान घाट पहुंच मार्ग, 1 करोड़ 14 लाख रुपए में ग्राम नवरंगपुर डिंडोरी डी-3 नहर से आवास मोहल्ला तक ब्रिज निर्माण, तथा 70 लाख रुपए में कारीडोंगरी सीसी रोड निर्माण कार्य का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही 88 करोड़ 65 लाख रुपए की लागत से बनने वाले लोरमी–पंडरिया मार्ग (शासकीय कॉलेज से गोड्खाम्ही तक फोरलेन सड़क) का भूमिपूजन किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष सुजीत वर्मा, उपाध्यक्ष अशोक जायसवाल, जनपद अध्यक्ष मती वर्षा सिंह, गुरमीत सलूजा, विनय साहू और सुशील यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने वरिष्ठ जन पं. सच्चिानंद तिवारी (राजपुरोहित), विवेक गिरी महराज, गौरकापा, पूर्व विधायक ठाकुर भूपेन्द्र सिंह, कोमल गिरी, राधेश्याम अग्रवाल, रामलाल जायसवाल, रतनमणी केशरवानी, पवन अग्रवाल, रामावतार ध्रुव, बंशी साहू, विद्या दुबे, नवरंगपुर, परमानंद तिवारी, उदय साहू, लाखासार, सत्यनारायण तिवारी, शारधा, जगदीश सोनी, अध्यक्ष राम कथा समिति महेत्तर कश्यप, बटहा, शिवकुमार पाण्डेय, पिपरखुटी, दर्शन महराज, कोतरी, अशोक उपाध्याय, नवागॉव जैत, मणिककांत पाठक, मसनी, राजाराम, लालपुर कला, विश्राम तिवारी, लोरमी, मती लक्ष्मी शर्मा, लोरमी, कुमारी अदिति तिवारी, शिवकुमार पाठक, विनोद तिवारी, रमाकांत मिश्र, गौरकापा, मूलचंद तिवारी, अशोक शर्मा, शिक्षक फणेश्वर पाटले, सुदर्शन साई तेली, खाम्ही सहित अन्य लोगों को लोरमी में बेर से बनी प्रभु राम की प्रतिमा भेंट की।

रायपुर में अरुण साव बोले — बुलंद हौसले ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी

रायपुर : बुलंद हौसलों के साथ आगे बढ़ने वालों को मिलती है सफलता –  अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने युवा उत्सव का किया शुभारंभ तीन दिनों तक नृत्य, संगीत, साहित्य, थिएटर और फाइन आर्ट्स में युवा अपने हुनर का करेंगे प्रदर्शन रायपुर युवा अपने लिए दिशा निर्धारित करें, मंजिल निर्धारित कर खुद को सीमाओं में न बांधे। उड़ने के लिए सारा आकाश खुला है। अपने जीवन और करियर में सर्वोच्च स्थान पर पहुंचने का प्रयास करें। बुलंद हौसलों के साथ आगे बढ़ने वालों को ही सफलता मिलती है। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने आज रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में अंतर-महाविद्यालयीन युवा उत्सव का शुभारंभ करते हुए ये बातें कहीं। 29 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक आयोजित इस तीन दिवसीय युवा महोत्सव में विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध कॉलेजों के 953 छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। वे अगले तीन दिनों तक नृत्य, संगीत, साहित्य, थिएटर और फाइन आर्ट्स में अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगे। उप मुख्यमंत्री ने युवा उत्सव का किया शुभारंभ उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने अंतर-महाविद्यालयीन युवा उत्सव के शुभारंभ समारोह में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का शिक्षा का बड़ा केंद्र रहा है। एक समय पूरा छत्तीसगढ़ इसका कार्यक्षेत्र हुआ करता था। यहां पढ़े अनेक लोग देश-विदेश में प्रतिष्ठित पदों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है और देश की उम्मीदें नवजवानों से है। इस युवा उत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताएं आपकी सांस्कृतिक, साहित्यिक और कलात्मक प्रतिभाओं को परिष्कृत करेंगी। युवा उत्सव का यह मंच आपकी प्रतिभा को निखारेंगी। उन्होंने महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं को आह्वान करते हुए कहा कि यहां आप अपनी प्रतिभा का शत-प्रतिशत प्रदर्शन करें, परिणाम की चिंता न करें। आप जीते या हारे… लेकिन इस भागीदीरी से आप बहुत कुछ सीखकर जाएंगे। यह उत्सव आप सभी का हौसला और आत्मविश्वास बढ़ाएगा। उप मुख्यमंत्री ने युवा उत्सव का किया शुभारंभ पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय अपने कैंपस और संबद्ध कॉलेजों में उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण निर्मित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस साल अगस्त माह में नैक (NAAC) के मूल्यांकन में विश्वविद्यालय को ए-प्लस ग्रेड मिला है जो कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अध्ययन के साथ-साथ अन्य गतिविधियों पर भी जोर दिया जा रहा है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप वर्ष 2023-24 से विश्वविद्यालय में संचालित सभी पाठ्यक्रमों में इंटर्नशिप अनिवार्य किया गया है। पिछले ढाई वर्षों में यहां 16 नए रोजगारमूलक पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने राज्य शासन के सहयोग से इनोवेशन एंड इन्क्युबेशन सेंटर भी स्थापित किया गया है। विगत ढाई वर्षों में विश्वविद्यालय के 32 प्राध्यापकों को विभिन्न एजेंसीज की शोध परियोजनाएं प्राप्त हुई हैं। प्रो. शुक्ला ने बताया कि अंतर-महाविद्यालयीन युवा उत्सव के विजेता प्रतिभागी एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटिज द्वारा आयोजित अखिल भारतीय प्रतियोगिता में हिस्सेदारी करेंगे। युवा उत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम को छात्र कल्याण के अधिष्ठाता एवं आयोजन के समन्वयक प्रो. राजीव चौधरी और कुल सचिव प्रो. अम्बर व्यास ने भी संबोधित किया। कुल अनुशासक (प्रॉक्टर) प्रो. ए.के. वास्तव और सह-प्राध्यापक डॉ. सुनील कुमेटी सहित विश्वविद्यालय तथा विभिन्न कॉलेजों से अपनी टीम लेकर आए प्राध्यापकगण, प्रतिभागी छात्र-छात्राएं एवं अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में शुभारंभ कार्यक्रम में मौजूद थे। विभिन्न कॉलेजों के 953 युवा ले रहे हिस्सा पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतर-महाविद्यालयीन युवा उत्सव में विभिन्न कॉलेजों के 953 युवा हिस्सेदारी कर रहे हैं। इस दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में से गीत-संगीत में 177, नृत्य में 373, साहित्यिक आयोजनों में 82, फाइन आर्ट्स में 107 और थिएटर में 204 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।   

जनजातीय समाज के उत्थान के लिए समर्पित जीवन — मुख्यमंत्री ने याद किया बाबा कार्तिक उरांव को

रायपुर, जनजातीय समाज के महान शिक्षाविद्, समाजसेवी एवं राष्ट्रनायक बाबा कार्तिक उरांव की जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर आज अंबिकापुर में भूमि पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री  साय ने बाबा कार्तिक उरांव जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबा कार्तिक उरांव समाज के गौरव हैं। उन्होंने विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद अपनी धर्म, संस्कृति और सभ्यता को कभी नहीं छोड़ा। उन्होंने पुरखों के बताए हुए मार्ग पर चलते हुए उच्चतम शिक्षा अर्जित की और समाज को दिशा दी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव का यह कथन-“जितना ज्यादा पढ़ेंगे, उतना ही समाज को गढ़ेंगे”- आज भी हमें प्रेरित करता है। उन्होंने जनजातीय समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक एकता के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित किया। हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलकर समाज के सर्वांगीण विकास का संकल्प लेना चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने नगर निगम कार्यालय के समीप बनने वाले बाबा कार्तिक उरांव चौक का भूमि पूजन किया तथा मूर्ति एवं चौक निर्माण के लिए ₹40.79 लाख की राशि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह चौक बाबा कार्तिक उरांव के आदर्शों, विचारों और योगदान की स्मृति को सहेजने का प्रतीक बनेगा। कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने समाज के उत्थान और विकास के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। हमें उनके बताए हुए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने समाज की संस्कृति, सभ्यता, परंपरा और रीति-रिवाजों को सम्मान देते हुए समाज को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सांसद  चिंतामणि महाराज ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने सदैव समाज में एकता, शिक्षा और जागरूकता का संदेश दिया। आज यह आवश्यक है कि हम उनके आदर्शों और बताए मार्ग पर चलकर समाज को संगठित करें और एकता के सूत्र में बांधें, जिससे जनजातीय समाज सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनकर देश के विकास में अपनी भागीदारी निभा सके। इस अवसर पर सामरी विधायक मती उद्धेश्‍वरी पैकरा, जशपुर विधायक मती रायमुनी भगत, सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

रायपुर बनेगा सिनेमा का नया हब — अत्याधुनिक फिल्म सिटी का होगा निर्माण

रायपुर : राजधानी रायपुर में अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार होगी फिल्म सिटी स्थानीय कलाकारों और युवाओं को मिलेगा अवसरों का मंच छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की नवनियुक्त अध्यक्ष सु मोना सेन ने छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड कार्यालय का किया दौरा रायपुर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की नवनियुक्त अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त) सु मोना सेन ने छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड कार्यालय का दौरा किया। इस अवसर पर पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक  विवेक आचार्य द्वारा फिल्म सिटी परियोजना और फिल्म नीति से संबंधित विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।  आचार्य ने नया रायपुर में प्रस्तावित फिल्म सिटी के निर्माण का विस्तृत खाका साझा करते हुए उसका प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को फिल्म निर्माण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है, जिससे पर्यटन, रोजगार और संस्कृति तीनों को नई मजबूती मिलेगी। प्रेजेन्टेशन देखने के बाद सु मोना सेन ने कहा कि रायपुर में अत्याधुनिक तकनीक और सृजनात्मक सुविधाओं से युक्त फिल्म सिटी का निर्माण राज्य की ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना से स्थानीय युवाओं को रोजगार के साथ-साथ प्रशिक्षण और तकनीकी दक्षता के अवसर मिलेंगे। सु सेन ने छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह समय है जब प्रदेश के कलाकारों और तकनीशियनों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म मिले। फिल्म सिटी इस दिशा में एक ठोस कदम साबित होगी। बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के महाप्रबंधक  वेदव्रत सिरमौर, उपमहाप्रबंधक मती पूनम शर्मा अन्य अधिकारी और कंसलटेंट उपस्थित थे।

बाबा कार्तिक उरांव ने जनजातीय समाज के उत्थान हेतु अपना जीवन किया समर्पित: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर  जनजातीय समाज के महान शिक्षाविद्, समाजसेवी एवं राष्ट्रनायक बाबा कार्तिक उरांव की जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर आज अंबिकापुर में भूमि पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा कार्तिक उरांव जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबा कार्तिक उरांव समाज के गौरव हैं। उन्होंने विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद अपनी धर्म, संस्कृति और सभ्यता को कभी नहीं छोड़ा। उन्होंने पुरखों के बताए हुए मार्ग पर चलते हुए उच्चतम शिक्षा अर्जित की और समाज को दिशा दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव का यह कथन-“जितना ज्यादा पढ़ेंगे, उतना ही समाज को गढ़ेंगे”- आज भी हमें प्रेरित करता है। उन्होंने जनजातीय समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक एकता के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित किया। हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलकर समाज के सर्वांगीण विकास का संकल्प लेना चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नगर निगम कार्यालय के समीप बनने वाले बाबा कार्तिक उरांव चौक का भूमि पूजन किया तथा मूर्ति एवं चौक निर्माण के लिए ₹40.79 लाख की राशि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह चौक बाबा कार्तिक उरांव के आदर्शों, विचारों और योगदान की स्मृति को सहेजने का प्रतीक बनेगा। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने समाज के उत्थान और विकास के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। हमें उनके बताए हुए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने समाज की संस्कृति, सभ्यता, परंपरा और रीति-रिवाजों को सम्मान देते हुए समाज को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने सदैव समाज में एकता, शिक्षा और जागरूकता का संदेश दिया। आज यह आवश्यक है कि हम उनके आदर्शों और बताए मार्ग पर चलकर समाज को संगठित करें और एकता के सूत्र में बांधें, जिससे जनजातीय समाज सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनकर देश के विकास में अपनी भागीदारी निभा सके। इस अवसर पर सामरी विधायक श्रीमती उद्धेश्‍वरी पैकरा, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यधारा की ओर वापसी: माओवादी संगठन से 21 नक्सलियों का मोहभंग

कांकेर उत्तर बस्तर में सक्रिय रहे 21 माओवादियों ने 18 हथियारों के साथ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। जंगलवार कॉलेज में सभी नक्सलियों का रेड कारपेट बिछाकर स्वागत किया गया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को बस्तर आईजी ने संविधान की प्रति सौंपी। नक्सलवाद के खात्मे को लेकर जारी अभियान के बीच इस माह पुलिस ने अपनी रणनीति बदली है और एनकाउंटर की जगह समर्पण को प्राथमिकता देते हुए नक्सलियों को साफ संदेश दिया गया था कि वो यदि आत्मसमर्पण कर मुख्य धारा में लौटने को तैयार हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा। ऐसा नहीं करने पर सुरक्षाबलों की गोली का निशाना बनना पड़ेगा।   जिसका असर भी देखने को मिला और इसी माह 208 नक्सलियों ने 109 हथियारों के साथ जगदलपुर में सरेंडर किया, जिसके बाद कांकेर जिले के दो एरिया कमेटी ने आज एक साथ हथियार डाले हैं, जिसमें 21 नक्सलियों ने 18 हथियार पुलिस को सौंपे है। बस्तर आईजी पी सुंदरराज ने कहा कि एक समय था जब नक्सलियों के पोलित ब्यूरो और सेंट्रल कमेटी में 45 सदस्य हुआ करते थे लेकिन 2025 की शुरुआत में इनकी संख्या घटकर 18 रह गई थी। 2025 का अंत आते आते महज 6 से 7 सेंट्रल कमेटी और पोलित ब्यूरो मेंबर शेष बचे है जो दक्षिण बस्तर के जंगलों में छिपे हुए है। आईजी ने कहा कि दक्षिण बस्तर में छिपे नक्सलियों से अपील भी कर रहे है और उन्हें चेतावनी भी दे रहे हैं कि अब भी समय है वो सरेंडर कर दे अन्यथा बस्तर के तैनात डीआरजी समेत तमाम सुरक्षाबलों के जवान उनसे निपटने के लिए तैयार बैठे हैं।