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प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में कहा – नगर निगम अंबिकापुर के प्लास्टिक मुक्त संकल्प से बदली शहर की तस्वीर

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित इलाके में देशी श्वान की उपलब्धि का किया जिक्र – विस्फोटक का पता लगाकर की जवानों की सुरक्षा रायपुर, ‘मन की बात’ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और माओवाद उन्मूलन के संकल्प का उल्लेख होना प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अंबिकापुर के ‘गार्बेज कैफे’ और भारतीय नस्ल के श्वानों की उपलब्धि का विशेष उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे पूरे प्रदेश के लिए सम्मान बताया। मुख्यमंत्री ने आज राजधानी रायपुर के शांति नगर में ‘मन की बात’ के 127वें संस्करण का श्रवण किया। मुख्यमंत्री साय ने छठ पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘मन की बात’ देशभर में हो रहे नवाचारी, प्रेरणादायी और जनहितकारी कार्यों को जोड़ने वाला एक विशेष मंच है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वालों प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ का उल्लेख होना प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने अंबिकापुर नगर निगम की अनूठी पहल ‘गार्बेज कैफे’ की सराहना की, जिसने प्लास्टिक मुक्त शहर की दिशा में एक मिसाल कायम की है। यहाँ प्लास्टिक कचरा देने वालों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है — यह पहल स्वच्छता, पुनर्चक्रण और सामाजिक संवेदना का अद्भुत उदाहरण बन चुकी है।अम्बिकापुर में शहर से प्लास्टिक कचरा साफ करने के लिए एक अनोखी पहल की गई है। अम्बिकापुर में गार्बेज कैफे चलाए जा रहे हैं। ये ऐसे कैफे हैं, जहाँ प्लास्टिक कचरा लेकर जाने पर भरपेट खाना खिलाया जाता है। अगर कोई व्यक्ति एक किलो प्लास्टिक लेकर जाए उसे दोपहर या रात का खाना मिलता है और कोई आधा किलो प्लास्टिक ले जाए तो नाश्ता मिल जाता है। ये कैफे अम्बिकापुर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन चलाता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने त्योहारों की बढ़ी रौनक, सामाजिक एकता के प्रतीक छठ पर्व और नए आत्मविश्वास से आगे बढ़ते भारत की भावना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि माओवादी गतिविधियों के सिमटते प्रभाव पर गर्व का अनुभव होता है। डबल इंजन की सरकार के मजबूत संकल्प से देश में शांति और सुरक्षा की दिशा में उल्लेखनीय परिणाम मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से अब मूलभूत सुविधाएं सुदूर गाँवों तक पहुँच रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया है। इस बार उन इलाकों में भी खुशियों के दीप जले हैं, जहाँ कभी माओवादी आतंक का अंधेरा छाया रहता था। उन्होंने कहा कि लोग उस माओवादी आतंक का जड़ से खात्मा चाहते हैं जिसने उनके बच्चों के भविष्य को संकट में डाल दिया था। साय ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों में भारतीय नस्ल के श्वानों को शामिल किए जाने के निर्णय की भी सराहना की। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित क्षेत्र में एक देशी श्वान ने 8 किलो विस्फोटक का पता लगाकर जवानों की जान बचाई। यह सिद्ध करता है कि भारतीय नस्ल के श्वान अधिक अनुकूल, दक्ष और विश्वसनीय हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रकृति संरक्षण पर भी विशेष जोर देते हुए सभी नागरिकों से पेड़ लगाने का आग्रह किया और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय नवाचारों को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर इसे उत्सव के रूप में मनाने का आह्वान किया। उन्होंने इसे राष्ट्रप्रेम की अमर अभिव्यक्ति बताते हुए प्रत्येक नागरिक से इसके गौरवगान में स्वस्फूर्त रूप से सहभागिता करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा के पुण्य स्मरण के साथ जनजातीय अधिकारों और स्वतंत्रता संग्राम में उनके सर्वोच्च योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस उन महान जननायकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिवस है, जिन्होंने देश की आज़ादी और सम्मान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की है कि वे अपने आसपास हो रहे नवाचारों और सकारात्मक प्रयासों को अवश्य साझा करें, ताकि अन्य लोग भी उनसे प्रेरणा लेकर समाजहित में योगदान दे सकें। मुख्यमंत्री ने पुंगनूर नस्ल की गायों को खिलाया चारा ‘मन की बात’ कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुंगनूर नस्ल की गायों को चारा खिलाया और उनकी विशेषताओं की जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि आंध्र प्रदेश में पाई जाने वाली यह विशेष नस्ल अपनी अनूठी शारीरिक बनावट और विशिष्ट गुणों के कारण प्रसिद्ध है। कार्यक्रम में विधायक पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।

जुए की महफिल से 6 पटवारी गिरफ्तार, 20 लाख का माल जब्त — अफसरों में मचा हड़कंप!

जांजगीर चांपा शहर के सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने शनिवार देर रात रमन नगर जांजगीर में बड़ी कार्रवाई करते हुए जुआ खेलते आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि पकड़े गए जुआरियों में राजस्व पटवारी संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सहित छह पटवारी शामिल हैं। पुलिस ने मौके से नकद 40 हजार रुपये, 52 पत्तियां ताश, छह मोबाइल फोन, दो कार, दो स्कूटी सहित लगभग 20 लाख रुपये का सामान जब्त किया है। कोतवाली थाना प्रभारी मणिकांत पांडेय ने बताया कि जांजगीर के रमन नगर निवासी रवि राठौर के मकान में लंबे समय से जुआ खेलने की शिकायत मिल रही थी। शनिवार की रात पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दबिश दी, जहां पर जुआ का फड़ चल रहा था।   मौके से ज्योतिष कुमार सार्वे (कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, राजस्व पटवारी संघ), हेमचंद तिवारी, रवि राठौर, उमेश कुमार पटेल, गोविंद कांवर, राहुल प्रताप सिंह, देवेश अंबष्ट और पटवारी का निजी कंप्यूटर आपरेटर हरीश सिंह को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पकड़े गए जुआरियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। खास तौर पर पटवारी संघ की साख पर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि संगठन का शीर्ष पदाधिकारी ही जुआ खेलते पकड़ा गया है। एसपी विजय कुमार पांडेय ने बताया कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ऐसे मामलों में किसी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, इस घटना से राजस्व विभाग में भी भारी नाराजगी और चर्चा का माहौल है।

‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ का जिक्र, मुख्यमंत्री साय ने जताया पीएम मोदी का आभार

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को न्यू शांति नगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का प्रसारण सुना. इस दौरान भाजपा के सभी महामंत्री, प्रदेश, जिला एवं मंडल पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या व्यापारी मौजूद रहे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित गार्बेज कैफे का जिक्र किया. कैसे आधा किलो कचड़ा देकर नाश्ता और एक किलो कचड़ा देकर दिन या रात का खाना खा सकते हैं. इसके साथ उन्होंने कहा कि ये प्रेरक उदाहरण है कि जब ठान लिया जाए तो बदलाव भी किया जा सकता है. ‘मन की बात’ को सुनने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के हम आभारी हैं. उन्होंने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ का कई बार जिक्र किया है. आज भी छत्तीसगढ़ का जिक्र किया है. अंबिकापुर नगर निगम स्वच्छता के मामले में अव्वल रहा है, जिसका भी जिक्र प्रधानमंत्री ने किया है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा रही है. नक्सली जमीन के अंदर बम गाड़ कर रखते हैं, जिसे देशी स्वान आसानी से डिटेक्ट करता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यक्रम में उसका भी जिक्र किया है.

बालको मेडिकल सेंटर के साइक्लोथॉन में शहरों के साइक्लिस्ट्स ने किया स्वास्थ्य संदेश का प्रचार

रायपुर विश्व स्तन कैंसर जागरूकता माह के दौरान बालको मेडिकल सेंटर ने आज रायपुर के मरीन ड्राइव में ‘बीएमसी साइक्लोथॉन–25’ का आयोजन किया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य, फिटनेस और कैंसर के प्रति जागरूकता को एक साथ जोड़कर समाज में “शर्म छोड़ो – गांठों पर बोलो” का संदेश फैलाना है. इस वर्ष की विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की थीम “Every story is unique, every journey matters” के साथ आयोजित इस साइक्लोथॉन में रायपुर, भिलाई और राजनांदगांव से बड़ी संख्या में साइक्लिंग ग्रुप्स, पैरा ओलंपिक एसोसिएशन के ट्राय-साइक्लिस्ट्स, AIG ट्रैफिक संजय शर्मा और उनके जुम्बा ग्रुप, साथ ही एनआरएएनवीपी की महिला ऑटो चालिकाओं ने जबरदस्त जोश के साथ हिस्सा लिया. कार्यक्रम के दौरान बालको मेडिकल सेंटर की मेडिकल डायरेक्टर डॉ. भावना सिरोही ने लोगों को कैंसर के शुरुआती लक्षणों की पहचान और रोकथाम के लिए उपलब्ध वैक्सीन की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि समय पर जांच और जागरूकता ही कैंसर से लड़ने का सबसे बड़ा हथियार है. इस अवसर पर अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और स्टाफ सदस्यों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई और समाज को फिटनेस और हेल्थ के महत्व का संदेश दिया. कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया.

कचरे से कर्म की मिसाल: ‘मन की बात’ में PM ने किया अंबिकापुर के गार्बेज कैफे का ज़िक्र

अंबिकापुर स्वच्छता और नवाचार के क्षेत्र में अंबिकापुर ने देश में अपनी अलग पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर नगर निगम की सराहना करते हुए कहा कि 'गार्बेज कैफे जैसी पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह सामाजिक संवेदनशीलता और मानवता की एक प्रेरक मिसाल भी है।' उन्होंने कहा, यह एक बेहतरीन उदाहरण है। अगर ठान लिया जाए तो कुछ भी असंभव नहीं है। प्रधानमंत्री की इस प्रशंसा के बाद अंबिकापुर का नाम एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर गूंज उठा है।   प्लास्टिक कचरे के बदले भोजन और नाश्ता साल 2019 में अंबिकापुर नगर निगम ने देश का पहला ‘गार्बेज कैफे’ शुरू किया था। इसका उद्देश्य था शहर से प्लास्टिक कचरा हटाना और जरूरतमंदों को सम्मानपूर्वक भोजन उपलब्ध कराना। इस कैफे में कोई भी व्यक्ति पैसे से नहीं, बल्कि प्लास्टिक के कचरे से अपनी भूख मिटा सकता है।   यहां का नियम बेहद दिलचस्प है एक किलो प्लास्टिक कचरे के बदले चावल, दाल, दो सब्ज़ी, रोटी, सलाद और अचार से सजी थाली मिलती है। आधा किलो प्लास्टिक के बदले समोसा, वड़ा पाव या आलू चाप जैसा स्वादिष्ट नाश्ता दिया जाता है।इस व्यवस्था ने गरीबों को भोजन देने के साथ-साथ शहर की सफाई व्यवस्था को भी नया जीवन दिया है।   स्वच्छता और सम्मान की कहानी अंबिकापुर नगर निगम के अधिकारियों का मानना है कि शहर को स्वच्छ रखने में कचरा बीनने वाले लोग असली योद्धा हैं। गार्बेज कैफे उनके लिए न केवल भोजन का माध्यम बना, बल्कि उनके काम को सम्मान भी दिलाया।यह पहल यह संदेश देती है कि समाज जिन लोगों को अक्सर अनदेखा कर देता है, वही पर्यावरण संरक्षण की रीढ़ हैं। कैफे से जमा हुआ प्लास्टिक बाद में रिसाइक्लिंग के लिए भेजा जाता है और उसका उपयोग प्लास्टिक सामग्रियों के निर्माण में किया जाता है। सड़क निर्माण में भी इसकी उपयोगिता सुनिश्चित की गई है। देशभर में गूंजा अंबिकापुर का मॉडल अंबिकापुर की इस पहल ने देशभर के नगर निगमों को प्रेरित किया है। उत्तर और दक्षिण के राज्यों के कई नगर निगमों ने प्लास्टिक कचरे के निपटान के लिए अलग-अलग नाम से गार्बेज कैफे की शुरुआत की जहां नाश्ता,चाय-काफी उपलब्ध कराया जाता है। निगम अधिकारियों का मानना है कि यदि हर शहर में ऐसे कैफे खोले जाएं, तो यह दोहरी समस्या का समाधान बन सकता है। एक ओर गरीबों को भोजन मिलेगा, तो दूसरी ओर शहर प्लास्टिक मुक्त होंगे। इससे रिसाइक्लिंग उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और नए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय क्रिटिकॉन रायपुर-2025 कॉन्फ्रेंस में हुए शामिल

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सस्ती और गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वे आज राजधानी के नवा रायपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित क्रिटिकल केयर पर आधारित राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ‘क्रिटिकॉन रायपुर-2025’ में शामिल हुए।   मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि क्रिटिकॉन रायपुर-2025 चिकित्सा विज्ञान, विशेषकर क्रिटिकल केयर के क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्टता का मंच है। यह देश और विदेश के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं को एक साथ लाकर इस क्षेत्र में नई दिशाएं तय करने का अवसर देता है। क्रिटिकल केयर मेडिसिन जीवन रक्षा की रीढ़ है, जो गंभीर परिस्थितियों में मरीजों को नया जीवन देती है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अस्पतालों, क्रिटिकल केयर इकाइयों और मेडिकल सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा  कि नवा रायपुर अटल नगर में मेडिसिटी और फार्मा हब का निर्माण किया जा रहा है, साथ ही प्रदेश के अन्य शहरों में भी लगातार नए अस्पतालों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि ये कदम छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सुविधा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगे। मुख्यमंत्री साय ने रामकृष्ण केयर ग्रुप की पूरी टीम को इस राष्ट्रीय आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देशभर में एक चिकित्सा उत्कृष्टता केंद्र के रूप में उभर रहा है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि क्रिटिकल केयर जैसे अति महत्वपूर्ण विषय पर कॉन्फ्रेंस की मेजबानी रायपुर को मिलना गौरव की बात है। दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में विशेषज्ञों के विचार-विमर्श से निश्चित रूप से ऐसे उत्कृष्ट नवाचार सामने आएंगे, जो मानव स्वास्थ्य उपचार के लिए वरदान साबित होंगे। डॉ. सिंह ने कहा कि आज चिकित्सा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी के उपयोग से इलाज की नई संभावनाएं खुल रही हैं। यही नई तकनीक नए भारत की नई कहानी लिख रही है। उन्होंने चिकित्सकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जब घर में कोई आपात स्थिति होती है और मरीज को सही समय पर हॉस्पिटल पहुँचाया जाता है, तब परिवार के भय को मिटाने में क्रिटिकल केयर डॉक्टरों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि आज समय की आवश्यकता है कि हर जिले और प्रत्येक बड़े अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट्स स्थापित हों। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। आयुष्मान योजना के माध्यम से 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार आम लोगों के लिए बड़ी राहत है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएँ प्रदान करने वाले देश-विदेश और प्रदेश के डॉक्टरों का मंच से सम्मान भी किया गया। इस अवसर पर रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के संचालक डॉ. संदीप दवे, केयर ग्रुप के सीईओ श्री वरुण खन्ना, तथा देश-विदेश और राज्य भर से आए 1300 से अधिक डॉक्टर  उपस्थित थे।

युवाओं के लिए बड़ी खबर: छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की भर्ती शुरू होने वाली

रायपुर सरकारी नौकरी की राह देख रहे युवाओं के लिये खुशखरी है। छत्तीसगढ़ में पांच हजार शिक्षकों की भर्ती होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य शासन के वित्त विभाग ने 50 हजार शिक्षकों के पदों पर भर्ती की मंजूरी दे दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री साय की उस घोषणा के अनुरूप है, जिसमें उन्होंने प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे को मज़बूत बनाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य की प्रगति की नींव होती है और छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य है कि हर बच्चे तक ज्ञान और अवसर दोनों पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह भर्ती न केवल शिक्षण व्यवस्था को गति देगी बल्कि युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी सृजित करेगी। 5000 पदों के लिये शिक्षा विभाग शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा। इन पदों की पूर्ति से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षण की निरंतरता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। राज्य शासन ने पिछले कुछ महीनों में शिक्षा सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। विद्यालय भवनों के निर्माण, डिजिटल शिक्षा सामग्री के प्रसार, और शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।  प्रदेश में शिक्षकों की कमी लंबे समय से एक प्रमुख चुनौती रही है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता सीमित थी। नई भर्ती से इन क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे बच्चों को अब अपने ही गाँव और क्षेत्र में बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह पहल प्रदेश में शिक्षण के स्तर को राष्ट्रीय औसत के बराबर लाने में सहायक सिद्ध होगी। प्रदेश सरकार शिक्षा को सर्वांगीण विकास का आधार मानते हुए लगातार निवेश कर रही है। स्कूल इन्फ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण से लेकर छात्रवृत्ति, मध्याह्न भोजन और छात्र हितैषी योजनाओं तक, सरकार का फोकस हर स्तर पर शिक्षा के दायरे को व्यापक बनाना है। शिक्षकों की यह नई भर्ती उसी दीर्घकालिक दृष्टि का हिस्सा है, जो ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विज़न को साकार करने की दिशा में अग्रसर है। इस निर्णय से जहाँ शिक्षा प्रणाली को नई ऊर्जा मिलेगी, वहीं हजारों युवाओं के सपनों को साकार करने का मार्ग भी खुलेगा। यह पहल मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ‘शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी।

प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना: ऊर्जा सशक्तिकरण की नई दिशा

रायपुर, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना लोकहित में कारगर साबित हो रही है। सौर ऊर्जा का उपयोग कर बिजली उत्पादन करने की यह योजना ऊर्जा सशक्तिकरण की दिशा में मील पत्थर साबित हो रही है। राजनांदगांव शहर के बसंतपुर वार्ड नंबर 43 के निवासी श्री रामलाल पालीवाल ने बताया कि उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के संबंध में जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने विद्युत विभाग एवं वेंडर से संपर्क किया एवं अपने घर में 3 किलोवाट का सोलर प्लांट लगवाया है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन लगभग 12 से 15 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन लगभग 10 यूनिट बिजली का उपयोग होता है। रामलाल पालीवाल ने बताया कि अब बिजली बिल से राहत मिली है और बिजली की बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना बहुत उपयोगी है। इसका लाभ सभी को लेना चाहिए। ऊर्जा के संरक्षण की दिशा में उपयोगी राजनांदगावं शहर के बसंतपुर वार्ड नंबर 43 के निवासी रामलाल पालीवाल रूफ टॉप सोलर प्लांट की लागत 1 लाख 75 हजार रूपए है। शासन की ओर से 78 हजार रूपए अनुदान राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि पहले बिजली के बिल से परेशान थे। 1200 से 1500 रूपए तक बिजली बिल आता था। वही गर्मियों में बढ़कर 2000 रूपए से अधिक बिजली का बिल देना पड़ता था। उन्होंने कहा कि अब बिजली के बिल से मुक्ति मिल गई है और अतिरिक्त बिजली 446 यूनिट जमा है। रूफ टॉप सोलर प्लांट पर्यावरण मित्र होने के साथ ही ऊर्जा के संरक्षण की दिशा में उपयोगी है। उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत अपने घर की छत पर ही ऊर्जा का उत्पादन करने की यह पहल बिजली के बिल से मुक्ति दिलाने तथा ऊर्जा संरक्षण की दिशा में लाभदायक साबित हो रही है। प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत स्थापित प्लांट नेट मीटरिंग द्वारा विद्युत ग्रिड से संयोजित होगा, जिससे उपभोक्ता द्वारा अपनी खपत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में सप्लाई हो जाती है। इससे न केवल उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है, बल्कि ग्रिड में दी गई बिजली के एवज में अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है। शासन द्वारा दोहरी सब्सिडी ऑनलाईन जारी की जाती है शासन द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत 3 किलोवॉट तक राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रूपए ओर केन्द्र सरकार द्वारा 78 हजार रूपए तक की सब्सिडी प्रति प्लांट दिए जाने का प्रावधान है। रूफटॉप सोलर संयंत्र की क्षमता अनुसार लागत राशि एवं सब्सिडी अलग-अलग है। उपभोक्ता द्वारा सोलर प्लांट के ब्रांड चयन कर सकते है। 3 किलोवाट से अधिक क्षमता का प्लांट लगाने पर अधिकतम 78 हजार रूपए तक सब्सिडी का प्रावधान है। प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को वेबसाईट या पीएम सूर्यघर मोबाईल एप पर पंजीयन कर लॉग इन आईडी प्राप्त करना होगा। इसके बाद वेब पोर्टल पर उपलब्ध वेंडर का चुनाव कर बिजली कर्मचारी की मदद से वेब पोर्टल पर पूर्ण आवेदन करना होगा। निर्धारित अनुबंध हस्ताक्षरित होने के पश्चात वेंडर द्वारा छत पर प्लांट की स्थापना एवं डिस्कॉम द्वारा नेट मीटर स्थापित किया जाता है। स्थापित प्लांट के सत्यापन पश्चात शासन द्वारा सब्सिडी ऑनलाईन जारी कर दी जाती है। बैंक से ऋण लेने में कोई दिक्कत नहीं पालीवाल ने बताया कि बैंक से ऋण लेने में कोई दिक्कत नहीं हुई 1 लाख 75 हजार रूपए बैंक से तत्काल ऋण मिल गया। ईएमआईके माध्यम से आसान किस्तों में ऋण का भुगतान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत उपभोक्ता नोन लेने का इच्छुक हो तो प्रकरण पर 7 प्रतिशत ब्याज दर पर बैंक ऋण हेतु बैंकों को जनसमर्थन पोर्टल द्वारा ऑनलाईन प्रेषित किया जाता है।

स्वदेशी मेला की तैयारियों को लेकर आज बैठक आयोजित

बिलासपुर  सी बी एम डी व स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान मे आयोजित होने वाले स्वदेशी मेला 14 नवम्बर से 20 नवम्बर तक साइंस कॉलेज मैदान मे लगेगा ।   एक बैठक में स्वदेशी मेला  के कार्यकर्ताओं की बीच विभागवार दायित्वों का वर्गीकरण किया गया। मेला के संयोजक गुलशन ऋषि की अध्यक्षता में बैठक हुई ।इसमें सदस्यों से सुझाव आमंत्रित किये गए ।  मेला में बिजली,पानी,ट्रेफिक व्यवस्था के सांथ स्वच्छता पर विशेष   ध्यान देने की बात कही गई ।स्वदेशी जागरण मंच के संभागीय संयोजक डॉ सुशील श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि सप्ताह भर चलने वाले मेले में लगभग तीन सौ से अधिक दुकाने लगेंगी जिनमें पूरी तरह से स्वदेश में निर्मित वस्तुओं के स्टॉल लगाए जाएंगे ।मेला स्थल पर ऑटो एक्सपो सहित मनोरंजन के साधन के रूप में विभिन्न प्रकार के झूले आकर्षण का केंद्र होंगे। साथ ही स्थानीय प्रतिभागियों के बीच संस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति होगी ।जिसमें चित्रकला,रंगोली वाइस ऑफ़ बिलासपुर इत्यादि प्रतियोगिताये आयोजित होंगी ।  बैठक में मेले में आमंत्रण हेतु अतिथियों के नाम साथ ही व्यवस्था के निमित्त प्रभारियों की नियुक्ति की गई इस अवसर पर मेला संयोजक गुलशन ऋषि सुब्रत, चाकी,डॉ सुशील श्रीवास्तव,जी आर जगत,अरुणा दीक्षित,सौमित्र गुप्ता,नीता श्रीवास्तव, विजय ताम्रकार, दीप्तीबाजपेई,ज्योतिन्द्र उपाध्याय ,उचित सूद, लता गुप्ता, प्रणव शर्मा अभिजीत मित्रा, जूही जैन , सुशांत द्विवेदी, नारायण गिरी गोस्वामी, चानी, स्वागता, ऋषभ, महर्षि,विवेक सहित स्वदेशी मेला के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय की पहल से पर्यटन के अंतर्राष्ट्रीय पटल पर उभर रहा है जशपुर

जर्मन मेहमानों को जशपुर की जनजातीय संस्कृति ने किया मंत्रमुग्ध रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रेरणा और राज्य सरकार की पर्यटन संवर्धन नीतियों के अंतर्गत जशपुर अब विश्व पर्यटन मानचित्र पर अपनी जगह बना रहा है। इसकी झलक हाल ही में तब देखने को मिली जब जर्मनी से आए पर्यटक बर्नहार्ड और  फ्रांजिस्का जशपुर की जनजातीय संस्कृति, कला और आत्मीयता से गहराई से प्रभावित हुए। दोनों पर्यटकों ने क्षेत्रीय स्टार्टअप “ट्रिप्पी हिल्स” के अनुभवात्मक पर्यटन कार्यक्रम के तहत जनजातीय जीवन की बारीकियों को समझा। यात्रा की शुरुआत मलार समुदाय से हुई, जो अपने उत्कृष्ट हस्तनिर्मित आभूषणों और शिल्पकला के लिए प्रसिद्ध है। इन कारीगरों की रचनात्मकता ने विदेशी मेहमानों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा के गांव में उन्होंने पारंपरिक जीवनशैली और प्रकृति के साथ गहरे संबंध को महसूस किया। वहीं अगरिया समुदाय के दौरे में लौह गलाने की पारंपरिक तकनीक का जीवंत प्रदर्शन हुआ, जिसने दोनों अतिथियों को आश्चर्यचकित कर दिया। यात्रा का समापन स्थानीय हाट-बाजार में हुआ, जहाँ रंगीन वस्त्र, मिट्टी की खुशबू और पारंपरिक जनजातीय संगीत ने जशपुर की जीवंत सांस्कृतिक धड़कन को अभिव्यक्त किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हमेशा इस बात पर बल दिया है कि जशपुर की जनजातीय संस्कृति केवल धरोहर नहीं, बल्कि पर्यटन विकास का सशक्त माध्यम भी है। उनके नेतृत्व में जशपुर में सड़क, संचार और सुविधाओं के प्रसार से नए पर्यटन मार्ग तैयार हो रहे हैं। “कल्चर देवी” और “अनएक्सप्लॉरड बस्तर” जैसे संगठनों के सहयोग से स्थानीय समुदायों को भी अपने हुनर को दुनिया के सामने लाने का अवसर मिला है। यह अनूठा सांस्कृतिक अनुभव इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति अब वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन रही है, जहाँ परंपरा, प्रकृति और आधुनिकता का सुंदर संगम नजर आता है।