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मुख्यधारा में वापसी: 33 लाख इनामी 20 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, महिलाओं की भी बड़ी भूमिका

सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा में 33 लाख के ईनामी नक्सली समेत कुल 20 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है. सरेंडर करने वाले नक्सलियों में 9 महिलाएं और 11 पुरुष शामिल हैं, जिनमें  1 एसीएम,  4 पार्टी सदस्य और 15 अग्र संगठन सदस्य हैं. इनमें से एक PLGA बटालियन (माओवादी संगठन) की सक्रीय हार्डकोर महिला नक्सली थी. इन सभी ने आज सुकमा पुलिस के पास जाकर आत्मसमर्पण किया है. बता दें, सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे सर्चिंग ऑपरेशन के चलते नक्सलियों पर भारी दबाव बढ़ा है. इसके साथ ही सरकार द्वारा आत्मसमर्पिण करने वाले नक्सलियों के लिए चलाए जा रहे पुनर्वास नीति और नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित हो कर नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा को चुना है. आत्मसमर्पित में से 2 नक्सलियों पर ₹08-08 लाख के ईनाम घोषित थे. 1 नक्सली पर ₹05 लाख घोषित थे. 4 नक्सलियों पर ₹02-02 लाख और अन्य 4 नक्सलियों पर ₹01-01 लाख घोषित थे. इस तरह आज कुल ₹33 लाख ईनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है.

रायपुर में त्योहारों पर सख्ती, CCTV से निगरानी और एक्स्ट्रा फोर्स तैनात, DJ-पटाखे बैन

रायपुर   रायपुर में गणेश विसर्जन और ईद मिलाद-उन-नबी पर जिला प्रशासन ने डीजे और पटाखों पर बैन लगा दिया है। शांति समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। बैठक में बताया गया कि चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती होगी। साथ ही हुड़दंगियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  एडीएम उमाशंकर बंदे और एएसपी लखन पटले ने समाज प्रमुखों से बातचीत करते हुए कहा कि, लोग परंपराओं और उत्साह के साथ त्योहार मनाएं, लेकिन शांति और भाईचारा बनाए रखना सबसे अहम है। एएसपी ट्रैफिक प्रशांत शुक्ला और अन्य विभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की मौजूदगी में बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया। ईद मिलाद-उन-नबी पर भी जिला प्रशासन ने DJ और पटाखों पर बैन लगा दिया है। ईद मिलाद-उन-नबी 4 या 5 सितंबर को मनाई जाएगी। शांति समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। एडीएम उमाशंकर बंदे और एएसपी लखन पटले ने समाज प्रमुखों से बातचीत करते हुए कहा कि लोग परंपराओं और उत्साह के साथ त्योहार मनाएं इस दौरान शांति और भाईचारा बनाए रखना सबसे अहम है। एएसपी ट्रैफिक प्रशांत शुक्ला और अन्य विभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। DJ और पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध एएसपी लखन पटले ने कहा कि जुलूस के दौरान समय का विशेष ध्यान रखा जाएगा। डीजे का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस बार जुलूस में पटाखों का भी इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए रूट तय किए गए हैं। हुड़दंगियों पर होगी सख्त कार्रवाई पुलिस ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान हुड़दंग और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में शांति समिति और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक करें। यह बैठक न केवल थानों में बल्कि मोहल्लों, कॉलोनियों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में भी ली जाए। जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में शांति समिति और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठकें करें। यह बैठकें न केवल थानों में बल्कि मोहल्लों, कॉलोनियों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में भी ली जा जाए। त्योहारों के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर सभी चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। पुलिस बल हर गतिविधि पर पैनी नजर रखेगा। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जाएगी। ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान हुड़दंग और शांति भंग करने की अधिकारियों ने कहा कि गणेश विसर्जन और ईद-ए-मिलाद दोनों पर्व सौहार्दपूर्ण माहौल में भाईचारे के साथ मनाए जाएं। त्योहारों में शांति और ख़ुशी का माहौल बनाये रखना हर समुदाय की जिम्मेदारी है. हर चौक-चौराहे पर अतिरिक्त बल तैनात त्योहारों के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर सभी चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। पुलिस बल हर गतिविधि पर पैनी नजर रखेगा। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। अधिकारियों ने कहा कि गणेश विसर्जन और ईद-ए-मिलाद दोनों पर्व सौहार्दपूर्ण माहौल में भाईचारे के साथ मनाए जाएं। त्योहारों की खुशी में शांति और सुरक्षा का ध्यान रखना सभी की जिम्मेदारी है।

कृषि कारोबारियों के ठिकानों पर ED का धावा, छत्तीसगढ़ के 4 जिलों में हड़कंप

रायपुर  छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचारों के खिलाफ एक बार फिर ईडी की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। बुधवार की सुबह राजधानी रायपुर सहित दुर्ग, भिलाई और बिलासपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कई स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की है। ईडी की यह कार्रवाई मुख्य रूप से कृषि से संबंधित कारोबारियों के ठिकानों पर की गई है। मिली जानकारी के अनुसार रायपुर के शंकर नगर में कारोबारी विनय गर्ग के घर पर भी ईडी की टीम ने दबिश दी है। इसके साथ ही दुर्ग के अन्ना भूमि ग्रीनटेक प्रा. लि. के डायरेक्टर शिवकुमार मोदी के घर रेड जारी है। ईडी की इस कार्रवाई में 8 से 10 अधिकारियों के साथ सशस्त्र बल भी मौजूद है। दुर्ग में भी बड़ी कार्रवाई भिलाई 3 में भी ईडी ने कार्रवाई की है. अन्ना भूमि ग्रीनटेक प्राईवेट लिमिटेड के डायरेक्टर शिवकुमार मोदी घर पर छापा मारा गया है. रेड में ईडी के 6 से अधिक अधिकारी शामिल हैं. सीआरपीएफ की टीम भी घर के बाहर मौजूद है. वित्तीय अनियमितता को लेकर जांच की जा रही है. DMF घोटाला मामले में कार्रवाई केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय के छत्तीसगढ़ स्थित रायपुर जोनल ऑफिस ने बड़ी कार्रवाई की. टीम ने 18 लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन चलाया. जांच एजेंसी के मुताबिक करीब 575 करोड़ के DMF घोटाला यानी “डिस्ट्रिक मिनरल फंड” से जुड़े घोटाला मामले में कार्रवाई की गई है.  इस सर्च ऑपरेशन के दौरान कई सरकारी अधिकारियों, प्राइवेट लोगों के साथ- साथ टेंडर जारी करने वाले अधिकारी, ठेकेदार के यहां सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया गया. इस सर्च ऑपरेशन के दौरान रायपुर के शंकर नगर इलाके में रहने वाले कारोबारी विनय गर्ग सहित उन ठेकदारों, बिचौलियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है , जिन्होंने खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और कल्याण के लिए बनाए गए DMF फंड की बड़ी रकम को छत्तीसगढ़ बीज निगम के मार्फत गलत तरीके से फर्जीवाड़ा किया था. सर्च ऑपरेशन के दौरान काफी अहम सबूतों को , इलेक्ट्रोनिक एविडेंस और दस्तावेजों को जब्त किया गया है.  घूस लेने के लिए बदले गए थे नियम इस मामले की शुरुआती जांच रायपुर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और एसीबी (ACB) ने की. इस मामले की पड़ताल के बाद एसीबी ने करीब 6 हजार पन्नों का चार्जशीट भी स्थानीय कोर्ट में दायर किया था, इसके बाद इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी की इंट्री हुई. जांच एजेंसी के मुताबिक DMF के वर्क प्रोजेक्ट में भ्रष्ट्राचार करने के लिए फंड खर्च के नियमों को बदला गया और फंड खर्च के नए प्रावधानों में मटेरियल सप्लाई, ट्रेनिंग, कृषि उपकरणों, इलाके में रहने वाले लोगों और उनके बच्चों के खेलने – मनोरंजन के लिए सामग्री, मेडिकल उपकरणों, स्वास्थ लाभ सम्बंधित छोटे– बड़े कई उपकरणों की भी कैटेगरी को जोड़ा गया था. आरोप है कि बदले गए नियमों के सहारे DMF के तहत जरूरी विकास से जुड़े कार्यों को दरकिनार करके अधिकतम कमीशन वाले प्रोजेक्ट को अप्रूव किया गया. क्या है पूरा मामला ED की जांच में पता चला है कि ये छत्तीसगढ़ में DMF घोटाला केस में जेल में बंद कारोबारी मनोज कुमार द्विवेदी से जुड़ा कनेक्शन बड़ा महत्वपूर्ण है, आरोप है कि मनोज ने अपनी बनाई NGO में DMF फंड की राशि हासिल की. इसके बाद कमीशन तत्कालीन IAS रानू साहू सहित कई अन्य बड़े सफेदपोश लोगों तक पहुंचाया था. इस मामले की EOW और ED दोनों जांच कर रही है. ED की जांच में पता चला कि 2021-22 और 2022-23 में मनोज कुमार द्विवेदी ने निलंबित IAS रानू साहू और अन्य अधिकारियों से मिलीभगत की थी. अपने एनजीओ उदगम सेवा समिति के नाम पर कई डीएमएफ ठेके हासिल किए थे. अधिकारियों को टेंडर की राशि का 42 फीसदी तक कमीशन दिया गया था. रायपुर के 10 ठिकानों में रेड रायपुर में 8 से 10 अलग-अलग जगहों पर छापेमारी जारी है। लेकिन, यह कार्रवाई किस घोटाले या मामले से संबंधित है। इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। हालांकि जहां छापामार हुआ है वह कृषि और बुनियादी स्ट्रक्चर को लेकर काम करने वाली है। शुरूआती जानकारी के अनुसार एजेंसी की यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले की जांच से संबंधित बताई जा रही है। इस बात की आशंका है कि कृषि कारोबार के माध्यम से पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी की गई है। वहीं, सुबह सवेरे हुई कार्रवाई से बिजनेस वर्ल्ड में हलचल मची हुई है। फिलहाल ईडी की छापेमारी जारी है। लेकिन किसी तरह की आधिकारिक रूप से किसी तरह की जानकारी शेयर नहीं की गई है। लेकिन ऑफिशियल पुष्टि नहीं की गई है।

रायपुर : प्रदेश में अब तक 916.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 916.8 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1313.4 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 448.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 794.9 मि.मी., बलौदाबाजार में 650.6 मि.मी., गरियाबंद में 773.4 मि.मी., महासमुंद में 670.4 मि.मी. और धमतरी में 825.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 904.0 मि.मी., मुंगेली में 877.4 मि.मी., रायगढ़ में 1090.5 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 748.4 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1077.8 मि.मी., सक्ती में 955.1 मि.मी., कोरबा में 894.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 891.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 728.8 मि.मी., कबीरधाम में 648.7 मि.मी., राजनांदगांव में 823.3 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1156.9 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 680.4 मि.मी. और बालोद में 1004.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 655.0 मि.मी., सूरजपुर में 980.4 मि.मी., जशपुर में 892.5 मि.मी., कोरिया में 998.2 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 908.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1304.9 मि.मी., कोण्डागांव जिले में 845.0 मि.मी., कांकेर में 1062.4 मि.मी., नारायणपुर में 1136.7 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1258.7 मि.मी., सुकमा में 1006.0 मि.मी. और बीजापुर में 1246.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

रायपुर : दो सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 6.78 करोड़ रूपए स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की दो सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए 6 करोड़ 78 लाख 16 हजार रूपए स्वीकृत किए है। सिंचाई योजना के कार्यों में विकासखण्ड बलौदाबाजार की कोटानाला व्यपवर्तन के नहर लाईनिंग एवं जीर्णोद्धार कार्य के लिए तीन करोड़ 33 लाख 20 हजार रूपए और मल्लीन नाला पर घुलघुल स्टापडेम निर्माण कार्य के लिए तीन करोड़ 44 लाख 96 हजार रूपए स्वीकृत किए है। स्वीकृत इन कार्यों को पूर्ण कराने जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

श्रद्धालुओं पर गाड़ी कुचलती चली गई, छत्तीसगढ़ में 3 की मौत, 22 जख्मी

जशपुर  छत्तीसगढ़ में जशपुर जिले के बगीचा में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान एक वाहन की चपेट में आने से एक महिला सहित तीन लोगों की मौत हो गई और करीब 22 लोग घायल हो गए। हादसा बगीचा चरईडांड स्टेट हाईवे पर मंगलवार देर रात करीब 12 बजे हुआ। एक बोलेरो अनियंत्रित होकर श्रद्धालुओं को कुचलती चली गई। प्रत्यक्षदर्शी केशव यादव ने बताया कि बोलेरो रायकेरा की ओर से आ रही थी। लगभग डेढ़ सौ लोग विसर्जन जुलूस में शामिल थे। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में अफरा तफरी का माहौल व्याप्त हो गया। आक्रोशित भीड़ ने चालक की मौके पर जमकर पिटाई कर दी जबकि बोलेरो में सवार अन्य लोग मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही जनपद उपाध्यक्ष अरविंद गुप्ता जनप्रतिनिधि शंकर गुप्ता और बगीचा एसडीओपी दिलीप कोसले व पुलिस की टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और मिलकर बचाव कार्य में जुट गए। कुछ घायलों को गांव के अन्य लोगों ने अपनी सुविधा से इलाज के लिए रवाना किया। घायलों को तत्काल 108 की मदद से बगीचा अस्पताल लाया गया। कांसाबेल,कुनकुरी, सन्ना समेत जिलों के अन्य अस्पतालों से 108 संजीवनी बुलाया गया और तत्काल घायलों को रेफर किया गया। एसडीओपी दिलीप कोसले, एसडीएम प्रदीप राठिया, तहसीलदार महेश्वर उईके और पुलिस बल मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव में सक्रिय रहे, वहीं देर रात एक बजे एसएसपी शशि मोहन सिंह ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने बताया कि हादसे में लगभग दो दर्जन लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास देर रात दो बजे बगीचा अस्पताल पहुंचे जहां उन्होंने घायलों व मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने बताया कि जो गंभीर हैं उन्हें अंबिकापुर रेफर किया गया है मॉनिटरिंग के लिए दो नायब तहसीलदार व मेडिकल ऑफिसर को अंबिकापुर भेजा गया है,घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था कराई जा रही है। सीएमएचओ जीएस जात्रा ने बगीचा स्वास्थ्य अमले को अलर्ट करते हुए तत्काल घायलों के इलाज की पहल की। उन्होंने बताया कि घटना में 22 लोग घायल हुए हैं जिनका उपचार करते हुए लगभग 20 लोगों को रैफर किया गया है। घायलों में फकीर यादव,नीलू यादव,निरंजन राम पिता अर्जुन राम,संदीप यादव नारायण , देवंती , गुलापी बाई, याहूसु लकड़ा,संतोष प्रजापति,हेमंत यादव,उमा यादव,भुवनेश्वरी यादव,चंदा बाई, पिंकी, लीलावती प्रजापति,डमरूधर यादव,गायत्री यादव,आरती यादव,परमानंद यादव,अभिमन्यु,हेमानंद व चालक सुखसागर समेत अन्य शामिल हैं। मृतकों में अरविंद (19) विपिन कुमार प्रजापति (17) एवं खिरोवती यादव (32) हैं जिनके पोस्टमार्टम की प्रक्रिया आज की जाएगी। जशपुर विधायक रायमुनि भगत देर रात बगीचा अस्पताल पहुंचीं जहां उन्होंने घायलों से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। पुलिस ने बोलेरो वाहन को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

आदि कर्मयोगी अभियान से जनजातीय समाज होगा सशक्त: डॉ. ओम डहरिया

   रायपुर देश की आजादी के बाद यह पहला अवसर है जब किसी सरकार ने जनजातीय समाज के जीवन स्तर को उपर उठाने के लिए देशव्यापी अभियान छेड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय समाज के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार जैसे मूलभुत सुविधाओं से जोड़ने और इनका लाभ दिलाने के लिए आदि कर्मयोगी अभियान की शुरूआत की है। यह अभियान देशभर के 30 राज्यों में संचालित किया जा रहा है। यह अभियान देश भर के 550 से ज्यादा जिलों और 1 लाख से अधिक आदिवासी बहुल गांवों में बदलाव के लिए काम करेगी।  बता दें कि जब भारत 2047 में अपनी आज़ादी के 100 वर्ष पूरा करेगा। उस समय तक विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए यह जरूरी है कि समाज का कोई भी वर्ग पीछे न छूटे। आदिवासी समाज को आगे बढ़ाए बिना यह सपना अधूरा रहेगा। आदि कर्मयोगी अभियान इस अंतर को भरने के लिए एक ठोस कदम है। यह अभियान शासन और समाज के बीच की दूरी को कम करेगा, पारदर्शिता लाएगा और योजनाओं को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अभियान को सेवा पर्व का रूप दिया है। उनका कहना है कि यह केवल योजनाओं की जानकारी देने का प्रयास नहीं, बल्कि समाज और शासन को जोड़ने वाला पुल है। छत्तीसगढ़ में इस अभियान के लिए वृहद स्तर पर आदिकर्म योगियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये कर्मयोगी जनजातीय परिवारों से घर-घर संपर्क कर उनकी आवश्यकताओं और जरूरतों को समझेंगे तथा केंद्र और राज्य सरकार  की योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करेंगे, राज्य और जिला स्तर पर इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी। राज्य सरकार के सभी विभागों के अधिकारी इस कार्य में संवेदनशीलता के साथ सीधे जुड़ेंगे। आदिकर्मयोगी अभियान का महत्व राष्ट्रीय स्तर पर इसलिए भी है क्योंकि भारत की जनजातीय आबादी लगभग 10 करोड़ से अधिक है। इतने बड़े समुदाय को मुख्यधारा में लाए बिना 2047 तक विकसित भारत का सपना अधूरा रहेगा। यह अभियान प्रधानमंत्री की उस सोच से जुड़ा है, जिसमें हर क्षेत्र, हर समाज और हर नागरिक को विकसित भारत” की यात्रा में समान अवसर देना है। भारत का विकास केवल शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं रह सकता। एक सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र वही कहलाएगा, जहाँ समाज के हर तबके को समान अवसर मिले और उसकी संस्कृति को उचित सम्मान दिया जाए। इसी सोच को मूर्त रूप ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ के जरिए दिया जा रहा है। यह वस्तुतः जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। छत्तीसगढ़ देश का वह राज्य है जहाँ सर्वाधिक जनजातीय जनसंख्या निवास करती है। इसीलिए इस अभियान का यहां विशेष महत्व है। आदिवासी समाज की असली चुनौती यही रही है कि अनेक योजनाएँ होते हुए भी उनकी जानकारी और लाभ ज़रूरतमंदों तक समय पर नहीं पहुँच पाते। ऐसे में लाखों कर्मयोगी स्वयंसेवक योजना और समाज के बीच सेतु बन सकेंगे। यह अभियान राज्य के 28 जिलों और 138 विकासखंडों के 6 हजार 650 गांवों में 1 लाख 33 हजार से अधिक वालंटियर्स तैयार करने का लक्ष्य रखा है। छत्तीसगढ़ में यह अभियान 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक पूरे राज्य में ग्राम पंचायत स्तर पर सेवा पखवाड़ा के रूप में मनाया जाएगा।  आदिम जाति कल्याण मंत्री राम विचार नेताम में अधिकारियों को पंचायतों में आदि सेवा केंद्र स्थापित करने और जनजातीय परिवारों को पेंशन, स्वास्थ्य बीमा, छात्रवृत्ति, रोजगार, कौशल विकास जैसी सुविधाओं के लिए मार्गदर्शन और योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा है कि इस अभियान को सेवा पर्व के रूप में मनाया जाए और जनजातीय योजनाओं को घर-घर तक पहुँचाने का ठोस प्रयास किया जाए। आदि कर्मयोगी अभियान के पीछे एक गहरी सामाजिक सोच है। जब कोई स्थानीय युवा, महिला या स्वयंसेवक अपने ही गाँव में जाकर योजनाओं की जानकारी देता है, तो लोग उस पर भरोसा करते हैं और यह विश्वास ही बदलाव की असली ताकत है। अभियान का असर शिक्षा और स्वास्थ्य से लेकर आजीविका तक हर क्षेत्र में दिखेगा। जब एक वालंटियर किसी परिवार को यह बताता है कि उनकी बेटी को छात्रवृत्ति मिल सकती है, या बुजुर्ग को पेंशन का हक़ है, तो यह केवल सूचना नहीं होती, बल्कि उस परिवार की ज़िंदगी बदलने वाला अवसर होता है।

बाढ़ ने छत्तीसगढ़ में मचाई तबाही, डैम टूटने से कई गांव डूबे, 4 की मौत

रायपुर  छत्‍तीसगढ़ में भी लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है. इस वजह से नदी-नाले उफान पर हैं. डैम भी पानी से लबालब हो चुके हैं. इस बीच, प्रदेश के बलरामपुर में बांध टूटने से 4 घर बह गए, जिसकी चपेट में 8 लोग आए. इनमें से 4 की लाश बरामद हो गई है. बाकी की तलाश जारी है. बलरामपुर जिले के तातापानी पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत स्थित लुतिया डैम मंगलवार की रात करीब 11 बजे टूट गया। बांध टूटने से दो मकान पूरी तरीके से बाढ़ में बह गए, दोनों मकान में 8 लोग सोए थे, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग अब भी लापता हैं। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। पुलिस और प्रशासन की टीम लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है।  2 लोगों की लाश को मौके से बरामद बलरामपुर जिले में लगातार तेज बारिश होने के कारण लुतिया डेम रात 11 बजे के करीब टूट गया। बताया गया है कि पहाड़ में तीज बारिश होने के कारण पहाड़ की झरने का पानी बांध में आ रहा था और उसके बाद बांध लबालब भर गया। देखते ही देखते पूरा बांध टूट गया, लेकिन इस दौरान पहले से यहां पर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया था और न ही जल संसाधन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे हुए थे। लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर… केलो डेम के चार गेट खोले गए, IMD ने यलो अलर्ट किया जारी यही वजह है कि यहां पर ऊंचाई में मकान बनाकर रह रहे दो परिवार के लोग गहरी नींद में जब सोए हुए थे, तब बांध के पानी की वजह से आने वाले बाढ़ में वे बह गए, घर का नामोनिशान मिट गया। रात 3 बजे के करीब कलेक्टर राजेंद्र कटारा और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और उन्होंने रेस्क्यू टीम के माध्यम से 2 लोगों की लाश को मौके से बरामद किया। इसमें 60 वर्षीय महिला बसतिया और उसकी बहू 26 वर्षीय रजंती शामिल है। 3 अस्पताल में भर्ती प्रशासन द्वारा तीन लोगों को गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं जब सुबह होने लगी तब एक व्यक्ति का और लाश मिला है, यानी अब तक कुल 3 लोगों की लाश बरामद हो गई है। वही बताया जा रहा है कि अभी 3 लोग लापता है और उनकी तलाश एसडीआरएफ की टीम के द्वारा की जा रही है। निचले इलाके में भरा पानी, बहे ग्रामीण बांध टूटने के कारण पानी निचले इलाके में पहुंच गया। बाढ़ की चपेट में 4 घर आ गए। इन घरों में रहने वाले 8 ग्रामीण तेज पानी में बह गए। घटना की सूचना ग्रामीणों ने जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंहदेव को दी। उन्होंने कलेक्टर और एसपी को हादसे की जानकारी दी। धीरज सिंहदेव करीब 12.30 बजे घटनास्थल पर पहुंचे। देर रात कलेक्टर राजेंद्र कटारा और एसपी वैभव बैंकर सहित प्रशासनिक अधिकारी, रेस्क्यू टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सैकड़ों लोग खोजबीन में जुटे जहां बांध बहा है, वहां से कन्हर नदी की दूरी करीब पांच किलोमीटर है। बाढ़ में बहे लाेगाें की खोजबीन में सैकड़ों लोग जुटे हैं। अब तक लापता लोगों का पता नहीं चला है। अन्य ग्रामीणों के घर बहे, लेकिन इनके सदस्य बच गए। बाढ़ की चपेट में आकर ग्रामीणों की सैकड़ों एकड़ में लगी धान और टमाटर सहित अन्य फसलें भी बर्बाद हो गई हैं। बाढ़ की चपेट में आकर ग्रामीणों के कई मवेशी भी बह गए हैं। कुछ की खूंटे में बंधी हालत में मौत हो गई। कई बांध लबालब, प्रशासन ने किया सतर्क बलरामपुर जिले में इस साल औसत से 59 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके कारण जिले के सभी बांध लबालब भर गए हैं और नदी, नाले भी उफान पर हैं। इसे देखते हुए पुराने बांध के नीचे रहने वालों को सतर्क भी किया गया है। डेम में रिसाव हो रहा था लेकिन नहीं दिया ध्यान : डेम फूटने से आई बाढ़ में कई मवेशी भी बह गए हैं। दूसरी तरफ स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से डेम में रिसाव हो रहा था लेकिन इसके बाद भी जल संसाधन विभाग के अधिकारी इसका मरम्मत नहीं कर रहे थे जबकि इस साल लगातार पिछले दो महीना से अत्यधिक बारिश हो रही है उसके बावजूद जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने यहां पर पहले से कोई अलर्ट जारी नहीं किया था और न ही मुनादी कराया था अगर ऐसा किया गया होता तो लोगों की जान नहीं गई होती। बताया गया है की डेम का निर्माण पहाड़ी के नीचे किया गया है और इसका निर्माण 50 साल पहले किया गया था लेकिन जल संसाधन विभाग के अधिकारी वास्तविक रूप से इस डेम का मरम्मत नहीं कर रहे थे सिर्फ कागजों में ही हर साल मरम्मत किया जाता था। यही वजह है कि इस साल डेम तेज बारिश के बीच बह गया।

हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी में सुधार के लिए शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दिए निर्देश

हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी में सुधार के लिए शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दिए निर्देश शिक्षा मंत्री यादव ने कहा: छात्रों के परिणाम सुधार के लिए ठोस प्रयास जरूरी रायपुर में शिक्षा मंत्री ने हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी सुधार को बताया प्राथमिकता स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारियों की ली समीक्षा बैठक रायपुर स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव ने आज लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि इस वर्ष हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी परीक्षाओं के परिणामों में सुधार लाने के लिए अभी से ठोस और प्रभावी प्रयास किए जाएं। इसके लिए स्कूलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा पठन-पाठन की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाए। मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर शिक्षकों को प्रशिक्षण एवं समुचित सलाह उपलब्ध कराई जाए। बैठक में सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी सचिव स्कूल शिक्षा एवं लोक शिक्षण संचालक ऋतुराज रघुवंशी ने विभागीय संरचना, शासकीय स्कूलों और छात्रों की संख्या, शिक्षकों की स्थिति, शैक्षणिक पद, बजट प्रावधान, अधोसंरचना तथा विद्यार्थियों के लिए संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। मंत्री यादव ने निःशुल्क गणवेश, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, शिक्षा का अधिकार अधिनियम और निःशुल्क सरस्वती साइकिल योजना की जानकारी लेकर इन योजनाओं को सुचारू रूप से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान को भी पूरी गंभीरता से लागू करने पर जोर दिया। यादव ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधार में सामुदायिक सहयोग बेहद आवश्यक है। इसके लिए स्कूलों में सामाजिक अंकेक्षण आयोजित किए जाएं, ताकि समाज की भागीदारी से शिक्षा व्यवस्था और सुदृढ़ हो सके। उन्होंने राज्य में आयोजित रजत जयंती समारोह के अवसर पर प्रस्तावित गतिविधियों पुस्तक वाचन दिवस, बाल पंचायत, एल्युमिनी मीट, शिक्षक दिवस और प्रदर्शनीक के आयोजन की रूपरेखा पर भी अधिकारियों से चर्चा की। शिक्षा मंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने जिलों से शिक्षकों की संपूर्ण जानकारी, पदस्थापना तथा रिक्त पदों का विवरण संचालनालय को प्रस्तुत करें। इससे स्कूलों की स्थिति में सुधार हेतु आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में सैनिक स्कूलों और केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। बैठक में लोक शिक्षण संचालनालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

किसानों को सस्ता खाद और जल जीवन मिशन में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

रायपुर : किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने और जल जीवन मिशन के कार्यों में गुणवत्ता लाने के दिए गए निर्देश किसानों को सस्ता खाद और जल जीवन मिशन में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश रायपुर: कृषि और जल योजनाओं में सुधार पर अधिकारियों को शिक्षा मिली स्वास्थ्य और शिक्षा सहित जिले के विकास में हो डीएमएफ की राशि का सदुपयोग दिशा समिति और डीएमएफ के शासी समिति की बैठक संपन्न रायपुर जिला खनिज संस्थान न्यास और जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक आज जिला कार्यालय कोंडागांव के सभाकक्ष में संपन्न हुई, जिसमें बस्तर सांसद महेश कश्यप, कांकेर सांसद भोजराज नाग, बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और कोंडागांव विधायक सुलता उसेंडी और विभिन्न जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। बैठक में डी एम एफ की राशि का समुचित उपयोग जिले के निवासियों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सहित क्षेत्र के विकास कार्य में व्यय पर जोर दिया गया। वहीं किसानों को उचित मूल्य पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने और जल जीवन मिशन के कार्यों में गुणवत्ता लाने हेतु संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया गया। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक वाय अक्षय कुमार सहित जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।  सांसद महेश कश्यप ने कहा कि जिले में स्कूल आंगनबाड़ी भवन के मरम्मत या नए भवनों के कार्यों को प्राथमिकता दें। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए यह बहुत जरूरी है। उन्होंने धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत शीघ्र सभी विभागों से प्रस्ताव तैयार करने हेतु निर्देशित किया। साथ ही आदि कर्म योगी अभियान के क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने सांसद खेल महोत्सव के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंशानुरूप खेलो इंडिया और फिट इंडिया अभियान के तहत राष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतियोगिता का आयोजन शुरू किया जा रहा है, जो कि तीन माह तक चलेगा। सांसद भोजराज नाग ने कहा कि डीएफएम की राशि का समुचित उपयोग सुनिश्चित करें। दुरूपयोग न हो जिले के शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सदुपयोग करें।  कोंडागांव विधायक सु लता उसेंडी ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई का समुचित उपयोग के निर्देश दिए। किसानों को नर्सरी विकसित करने हेतु प्रशिक्षण दिलाएं। केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण  की समीक्षा दौरान कहा कि आवास निर्माण में प्रगति लाने जनप्रतिनिधि भी आगे आएं। साथ माओवाद पीड़ित और प्रभावितों के लिए स्वीकृत आवासों को प्राथमिकता से पूर्ण कराएं। बैठक में कृषि विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया गया कि किसानों को खाद उचित मूल्य पर उपलब्ध हो यह सुनिश्चित करें। जिले में जल जीवन मिशन के प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए लोक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया गया कि जल जीवन मिशन के कार्यों में गुणवत्ता लाएं और गांव के शत प्रतिशत घरों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करें।  महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिले में कुपोषण को दूर करने हेतु स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से अभियान चलाने की बात कही गई। स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान जिले में स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति की जानकारी लेते हुए मलेरिया मुक्त अभियान के लिए जनजागरुकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।  जिले में शिक्षा विभाग के स्कूल भवनों की स्थिति की गहन समीक्षा की गई और मरम्मत और नए भवन हेतु प्रस्ताव भेजने को कहा गया। साथ आश्रम छात्रावासों में सभी व्यवस्था दुरुस्त करने तथा कन्या छात्रावासों में सीसीटीवी और महिला सुरक्षा गार्ड एवं स्वास्थ्य कर्मी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। जनप्रतिनिधि भी आश्रम छात्रावासों का नियमित निरीक्षण करें। बैठक में इसके अलावा मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन,  लखपति दीदी, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, संसद आदर्श ग्राम, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान,  भारत नेट, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, ग्राम सड़क योजना, केशकाल बायपास  सहित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।