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ट्रांसमिशन कंपनी की बड़ी उपलब्धि, एक ही दिन में 132/33 केवी उपकेंद्र और सर्किट-1 का कमीशनिंग

ट्रांसमिशन कंपनी ने एक ही दिन में हासिल की दो महत्वपूर्ण उपलब्धियां जामगांव आर में 132/33 केवी उपकेंद्र ऊर्जीकृत, पाटन-अमलेश्वर 132 केवी सर्किट-1 का भी सफलतापूर्वक हुआ चार्जिंग एवं कमीशनिंग रायपुर,   छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने विद्युत पारेषण व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में 30 सितंबर को दो महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। दुर्ग जिले के पाटन क्षेत्र में नवनिर्मित 132/33 केवी उपकेंद्र, जामगांव आर को सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत एवं कमीशन किया गया। इसके बाद 220/132/33 केवी उपकेंद्र, पाटन में नवनिर्मित 132 केवी लाइन बे के माध्यम से 132 केवी पाटन-अमलेश्वर सर्किट-1 का भी सफलतापूर्वक चार्जिंग एवं कमीशनिंग किया गया। जामगांव आर स्थित नवनिर्मित 132/33 केवी उपकेंद्र को 30 सितंबर को प्रातः 11:58 बजे छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने ऊर्जीकृत कर कमीशन किया। इस अवसर पर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता, कर्मचारी तथा परियोजना से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। 132 केवी पाटन-अमलेश्वर सर्किट-1 को उसी दिन दोपहर 2:08 बजे पाटन स्थित 220/132/33 केवी उपकेंद्र में नवनिर्मित 132 केवी लाइन बे से सफलतापूर्वक चार्ज एवं कमीशन किया गया। यह कार्य 132 केवी लाइनों के पुनर्विन्यास योजना के अंतर्गत किया गया है। जामगांव आर उपकेंद्र के सफल कमीशनिंग के कुछ ही घंटे बाद इस सर्किट का कमीशन होना पारेषण व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जामगांव आर में नवनिर्मित 132/33 केवी उपकेंद्र की स्थापना से पाटन तथा दुर्ग जिले के आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता और गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। वहीं पाटन-अमलेश्वर 132 केवी सर्किट-1 की कमीशनिंग से क्षेत्र की पारेषण व्यवस्था को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी। जामगांव आर उपकेंद्र के निर्माण के लिए स्वीकृत परियोजना में 2×40 एमवीए क्षमता का 132/33 केवी उपकेंद्र शामिल है। परियोजना के अंतर्गत पाटन-जामगांव 132 केवी लाइन तथा पाटन उपकेंद्र में अतिरिक्त 132 केवी फीडर बे से संबंधित कार्य भी स्वीकृत किए गए थे। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक एमएस. चौहान, केएस मनोठिया, संजय पटेल, वीके. दीक्षित,  कार्यपालक निदेशक (दुर्ग क्षेत्र) शिरीष शैलेट मुख्य अभियंता (सिविल), संजय तिवारी, अब्राहम वर्गीस,  प्रसन्ना गोस्वामी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, आई. एस. कंवर,  आर. के. तिवारी,  पी. पी. सिंह, अधीक्षण अभियंता, सुनील के. भुआर्या, करुणेश यादव,  विक्रम मंधान, पुष्पा पिल्लई तथा कंचन हिशीकर सहित परियोजना, ईएचटी निर्माण एवं संधारण, उपकेंद्र संचालन एवं संधारण, सिविल तथा सीएंडटीएम से जुड़े अधिकारी, अभियंता, कर्मचारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।  

जनपद अध्यक्ष पर अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी, SDM को सौंपा आवेदन

अभनपुर. जनपद पंचायत अभनपुर की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। जनपद अध्यक्ष चंद्रिका जितेंद्र बंजारे के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की कवायद शुरू हो गई है। जनपद पंचायत के कुछ सदस्यों ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग को लेकर आवेदन पेश किया है। आवेदन के साथ 9 जनपद सदस्यों के हस्ताक्षर भी संलग्न किए गए हैं। खास बात यह है कि 25 सदस्यीय जनपद पंचायत में अध्यक्ष चंद्रिका जितेंद्र बंजारे भाजपा समर्थित हैं, जबकि अविश्वास प्रस्ताव की मांग को लेकर आवेदन करने वाले सदस्य कांग्रेस समर्थित बताए जा रहे हैं। ऐसे में इस आवेदन ने अभनपुर की पंचायत राजनीति में सियासी हलचल बढ़ा दी है। आवेदनकर्ताओं ने लगाए गंभीर आरोप अविश्वास प्रस्ताव की मांग को लेकर दिए गए आवेदन में सदस्यों ने अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठाए हैं।आवेदनकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि जनपद पंचायत के निर्वाचित सदस्यों को महत्वपूर्ण निर्णयों में अपेक्षित रूप से विश्वास में नहीं लिया जा रहा है और कार्यप्रणाली को लेकर सदस्यों में असंतोष है। सदस्यों ने इन कारणों का हवाला देते हुए छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम के तहत विशेष सम्मेलन बुलाकर अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराने की मांग की है। हालांकि आवेदन में लगाए गए आरोप संबंधित सदस्यों के हैं। एसडीएम कार्यालय पहुंचा आवेदन, लेकिन कलेक्टर हैं सक्षम अधिकारी मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात सामने आई है कि आवेदन अभनपुर एसडीएम कार्यालय में प्रस्तुत किया गया, लेकिन अभनपुर एसडीएम ने स्पष्ट किया कि जनपद पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया के लिए कलेक्टर सक्षम अधिकारी हैं। ऐसे में अब पूरे मामले में जिला प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। आवेदन के आधार पर नियमानुसार क्या कार्रवाई की जाती है और अविश्वास प्रस्ताव के लिए विशेष सम्मेलन बुलाने की प्रक्रिया शुरू होती है या नहीं, यह कलेक्टर स्तर पर तय होगा। 9 हस्ताक्षर से बढ़ी हलचल, अब प्रशासनिक प्रक्रिया पर नजर आवेदन के साथ 9 जनपद सदस्यों के हस्ताक्षर होने का दावा किया गया है। 25 सदस्यीय जनपद पंचायत में इतने सदस्यों के एकजुट होकर अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग करने से राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल मामला आवेदन से आगे वैधानिक प्रक्रिया के चरण में पहुंचने का इंतजार कर रहा है। कलेक्टर के स्तर पर आवेदन का परीक्षण और आगे की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि अविश्वास प्रस्ताव पर विशेष सम्मेलन और मतदान की स्थिति बनती है या नहीं। प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें अभनपुर जनपद पंचायत में अध्यक्ष पद को लेकर सामने आए इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति को गरमा दिया है। एक तरफ भाजपा समर्थित अध्यक्ष चंद्रिका जितेंद्र बंजारे हैं, तो दूसरी ओर कांग्रेस समर्थित बताए जा रहे जनपद सदस्यों का समूह अविश्वास प्रस्ताव की मांग लेकर सामने आया है। अब राजनीतिक चर्चा से ज्यादा निगाहें कलेक्टर कार्यालय से होने वाली अगली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो जनपद पंचायत की राजनीति में इसका असर व्यापक हो सकता है।

EVM विवाद पर मंत्री टंकराम वर्मा का पलटवार, कांग्रेस को दिलाया पुराना दौर

रायपुर. कांग्रेस की बैलट पेपर से चुनाव कराए जाने की मांग पर कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर का जमाना खत्म हो गया है. EVM के उपयोग से कांग्रेस ने भी सरकार बनाई है. कांग्रेस को कोई नहीं समझा सकता, कांग्रेस समझने को तैयार ही नहीं है. कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने लल्लूराम डॉट कॉम से चर्चा में कांग्रेस के आरोपों पर कहा कि EVM से निष्पक्ष चुनाव होता है, रिजल्ट भी तुरंत आ जाता है. चाहे विधानसभा चुनाव हो, या लोकसभा चुनाव हो. सभी में EVM का उपयोग होता है. EVM में सही निर्णय आता है. वहीं कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनमें आपस में ही द्वंद्व चल रहा है. उन्होंने कहा कि जब से 2023 विधानसभा चुनाव हारे हैं, तब से एक-दूसरे के ऊपर ठीकरा फोड़ रहे हैं. जब सरकार उनकी थी. मिल बांटकर भ्रष्टाचार किए है. देखे हैं छत्तीसगढ़ में किस प्रकार से भ्रष्टाचार हुआ है. शराब, कोयला, पीएससी… नाना प्रकार के घोटाले किए हैं, जिसमें सभी की सहभागिता रही थी. अब किसी को मिल नहीं रहा है तो आपस में लड़ रहे हैं. बाढ़ में प्रभावित लोगों को लेकर राजस्व-आपदा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई है. बारिश के कारण कई जिलों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है. कई लोग प्रभावित हुए हैं. जो स्थिति हुई है, उसमें कई मकान ढह गए हैं, कई लोगों को क्षति हुई है. कुछ सड़क और पुल-पुलिया भी उसमें बहे हैं. मंत्री ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री ने बस्तर का दौरा किया. मैंने भी तीन-चार जिले का दौरा किया है. इस बाढ़ में मकान टूटे और कई फसल भी चपेट में आई है. बाढ़ में आए प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए. इसका हमने ध्यान रखा है. जिला प्रशासन को बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए रहने-खाने की व्यवस्था कराने निर्देश दिए हैं. टंक राम वर्मा ने कहा कि मैं भी सिचुएशन की मॉनिटरिंग कर रहा हूं. बाढ़ में फंसे हुए लोगों की बात रही, तो अब पानी सामान्य हो गया है. हमारा राजस्व का अमला वहां जाएगा, और जो क्षति हुई है, उसका सर्वे करेगा. क्षति के हिसाब से प्रभावितों को मुआवजा राशि का वितरण किया जाएगा.

बस्तर ओलंपिक का आगाज, पंजीयन शुरू; 3 चरणों में होंगे मुकाबले

रायपुर. बस्तर के युवाओं को खेलों के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ने और उनकी खेल प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले बस्तर ओलंपिक 2026 के लिए आज से पंजीयन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस वर्ष प्रतियोगिता का तीसरा आयोजन है। पंजीयन के बाद नवंबर में ब्लॉक स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। 11 खेल विधाओं में मिलेगा मौका बस्तर ओलंपिक 2026 में इस बार कुल 11 खेल विधाओं को शामिल किया गया है। युवा अपनी रुचि और खेल क्षमता के अनुसार इन प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकेंगे। ब्लॉक स्तर से प्रतियोगिता शुरू होने के कारण ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। आयोजन के जरिए स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। आज से शुरू हुआ पंजीयन बस्तर ओलंपिक के लिए पंजीयन प्रक्रिया आज से शुरू कर दी गई है। आयोजन को लेकर जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पंजीयन के बाद नवंबर में ब्लॉक स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। प्रशासन की कोशिश है कि अधिक से अधिक युवा इस आयोजन से जुड़ें और अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करें। युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना उद्देश्य बस्तर ओलंपिक का उद्देश्य केवल खेल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं है। इसके माध्यम से बस्तर के युवाओं को सकारात्मक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के साथ उनकी प्रतिभा को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। खेलों के जरिए युवाओं को अनुशासन, टीम भावना और प्रतिस्पर्धा का अनुभव देने के साथ उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर है। तीसरे साल आयोजित हो रहा बस्तर ओलंपिक बस्तर ओलंपिक का आयोजन इस वर्ष तीसरी बार किया जा रहा है। जिला प्रशासन और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहयोग से प्रतियोगिता का संचालन किया जाता है। पिछले आयोजनों में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया था। इस बार भी आयोजन को व्यापक स्तर पर आयोजित करने और ज्यादा से ज्यादा प्रतिभागियों को जोड़ने की तैयारी की जा रही है। नक्सल हिंसा से प्रभावित प्रतिभागी भी बनेंगे आकर्षण बस्तर ओलंपिक में नक्सल हिंसा में दिव्यांग हुए प्रतिभागियों और पुनर्वासित सदस्यों की भागीदारी भी खास आकर्षण का केंद्र रहती है। इन प्रतिभागियों को खेल के माध्यम से अपनी क्षमता दिखाने और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिलता है। इनकी भागीदारी बस्तर ओलंपिक के सामाजिक उद्देश्य को भी रेखांकित करती है। खेलों के माध्यम से प्रभावित युवाओं और पुनर्वासित सदस्यों को सम्मानजनक मंच देने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। नवंबर में होंगे ब्लॉक स्तरीय मुकाबले पंजीयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नवंबर में ब्लॉक स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके बाद प्रदर्शन के आधार पर प्रतिभागियों को आगे के स्तर की प्रतियोगिताओं में अवसर मिलने की उम्मीद है। आयोजन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जारी हैं।

जनरेशन कंपनी एमडी एस.के. कटियार के कार्यकाल में पुन: वृद्धि

जनरेशन कंपनी एमडी एस.के. कटियार के कार्यकाल में पुन: वृद्धि राज्य शासन ने 31 मार्च 2027 तक कार्यकाल बढ़ाया रायपुर  छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री संजीव कुमार कटियार के कार्यकाल में राज्य शासन ने पुन: वृद्धि की है। वे  ऊर्जा विभाग द्वारा इस संबंध में जारी आदेश में उनके कार्यकाल में 31 मार्च 2027 तक वृद्धि की गई है।  श्री कटियार के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में वित्त वर्ष 2023-24 में एबीवीटीपीएस मारवा के प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) को 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 84.4 प्रतिशत करना उल्लेखनीय है। इसके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी 33 राज्य जनित निगमों में प्रथम स्थान पर रही। इसी तरह कोरबा पश्चिम ताप विद्युत संयंत्र में जटिल स्टेशन नियंत्रण एवं इंस्ट्रूमेंटेशन सिस्टम के नवीनीकरण का कार्य महज 46 दिनों में पूरा किया गया। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक श्री कटियार प्रमाणित ऊर्जा लेखा परीक्षक हैं तथा उन्होंने प्रबंधन में डिप्लोमा भी प्राप्त किया है। उनकी कार्यशैली में स्पष्ट दिशा-निर्देश, टीम को प्रेरित करना और अधिकारियों-कर्मचारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए सशक्त बनाना प्रमुख है।  

पाॅवर कंपनी से ईडी वी.के.दीक्षित, सीई प्रशांत बापट सहित नौ कर्मियों को भावभीनी विदाई

 पाॅवर कंपनी से ईडी वी.के.दीक्षित, सीई प्रशांत बापट सहित नौ कर्मियों को भावभीनी विदाई   रायपुर  छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी से कार्यपालक निदेशक (टी एण्ड डी) वीरेंद्र कुमार दीक्षित, मुख्य अभियंता (जनरेशन) प्रशांत बापट सहित कुल 9 अधिकारी-कर्मचारियों को भावभीनी विदाई दी गई। पॉवर कंपनीज के मुख्यालय सेवा भवन में आयोजित समारोह में प्रबंध निदेशक (जनरेशन) एस. के. कटियार एवं प्रबंध निदेशक (ट्रांसमिशन) राजेश कुमार शुक्ला ने सेवानिवृत्त ईडी दीक्षित एवं सीई बापट को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। प्रबंध निदेशकगणों ने कहा कि दीक्षित एवं बापट के समर्पण, उत्कृष्ट कार्यशैली एवं अनुभवों से पॉवर कंपनी के विकास कार्यों को नई दिशा और गति मिली हैं। इस अवसर पर सेवानिवृत ईडी दीक्षित एवं बापट ने अपने सेवाकाल के अनुभव साझा करते हुए अपने सेवायात्रा में मिले सहयोग के लिए प्रबंधन, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।       इसी तरह एक अन्य कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी में आयोजित समारोह में मानव संसाधन विभाग में पदस्थ सहायक प्रबंधक कमलेश कुमार गुप्ता, कार्यपालक निदेशक (ट्रांसमिशन) रायपुर कार्यालय में कार्यरत सहायक प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) मो.युसुफ खान तथा दफ्तरी बसंत कुमार विश्वकर्मा, कनिष्ठ अभियंता (सिविल) चंद्रशेखर दीवान, भिलाई संभाग में कार्यरत वरिष्ठ पर्यवेक्षक (परीक्षण) धर्मेंद्र कुमार श्रीवास्तव एवं लाइन सहायक श्रेणी-दो घनश्याम सिंह चैहान को सम्मानित कर भावभीनी विदाई दी गई। जनरेशन कंपनी द्वारा भी सेवानिवृत्ति कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें प्रबंध निदेशक (उत्पादन) कार्यालय में सीई प्रशांत बापट को सम्मानित किया गया।       इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक वी के साय, एम एस चैहान, के एस मनोठिया, एम एस कंवर, सी एल नेताम, संदीप मोदी, संजय शुक्ला, रामायण नामदेव, एस आर बी खंडेलवाल, ए.एम. परियल मुख्य अभियंता देवेंद्र नाथ, संजय तिवारी, अब्राहम वर्गीज, के बी पात्रे, शशि धर द्विवेदी, प्रसन्ना गोसावी, सुभाष शर्मा, डी के चावड़ा, गिरीश गुप्ता, एच एन कोसरिया, आई अंसारी, संजीव सिंह, एम जामुलकर, श्रीमती रश्मि वर्मा, डॉ एच एल पंचारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) गोविंद पटेल एवं प्रकाशन अधिकारी श्रीमती अनामिका मंडावी ने किया। आभार प्रदर्शन अधीक्षण अभियंता पंकज चैधरी ने किया।  

कांकेर में दिखा लोक संस्कृति का रंग, ग्रामीणों संग थिरके कलेक्टर

कांकेर. जिले में सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत की गई है। अभियान के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जिला स्तरीय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में ग्राम मोदे में जिला स्तरीय शिविर आयोजित किया गया, जहां ग्रामीणों ने पारंपरिक अंदाज में प्रशासनिक अधिकारियों का स्वागत किया। शिविर में ग्रामीणों ने बाजे-गाजे और आदिवासी अंचल की पहचान मांदरी नृत्य के साथ कलेक्टर कुंदन कुमार का स्वागत किया। ग्रामीण युवाओं को पारंपरिक नृत्य करते देख कलेक्टर भी उत्साहित हो गए। खुद को नाचने से रोक नहीं पाए कलेक्टर इसके बाद कलेक्टर कुंदन कुमार खुद को नृत्य करने से रोक नहीं पाए। उन्होंने ग्रामीण युवाओं के साथ मांदरी नृत्य में कदम से कदम मिलाया और पारंपरिक अंदाज में जमकर थिरके। कलेक्टर को अपने बीच नृत्य करता देख ग्रामीणों में भी उत्साह का माहौल बन गया। इस दौरान शिविर में मौजूद ग्रामीणों और अधिकारियों ने कलेक्टर के साथ नृत्य का आनंद लिया।

मासूम का जीवन और उसकी सुरक्षा सर्वाेपरि, उपचार के साथ मिले सुरक्षित वातावरण – राजेश अग्रवाल

खेत में मिली मासूम के लिए आगे आए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, उपचार और सुरक्षा के दिए निर्देश नवजात की खबर मिलते ही सीएचएमओ से फोन पर की चर्चा, स्वास्थ्य की ली जानकारी मासूम का जीवन और उसकी सुरक्षा सर्वाेपरि, उपचार के साथ मिले सुरक्षित वातावरण – राजेश अग्रवाल रायपुर सरगुजा जिले के दरिमा क्षेत्र में खुले खेत में असहाय अवस्था में मिली नवजात बच्ची की खबर सामने आने के बाद पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने मामले का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बच्ची के स्वास्थ्य और उपचार की जानकारी ली। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से फोन पर चर्चा कर नवजात को समुचित उपचार उपलब्ध कराने तथा उसकी सुरक्षित देखरेख सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि इतनी छोटी बच्ची के उपचार और देखभाल में किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं होनी चाहिए। बच्ची को लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखते हुए आवश्यकता के अनुसार हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उसकी सुरक्षा और आगे के संरक्षण के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। घटना की जानकारी मिलने पर अग्रवाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक नवजात बच्ची का इस तरह असहाय अवस्था में मिलना बेहद पीड़ादायक है। इस समय सबसे महत्वपूर्ण उसका जीवन, स्वास्थ्य और सुरक्षा है। बच्ची को केवल बेहतर उपचार ही नहीं, बल्कि सुरक्षित वातावरण और भविष्य के लिए आवश्यक संरक्षण भी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्ची के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जाए और चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुरूप सभी जरूरी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। उसके आगे के संरक्षण और पालन-पोषण से संबंधित प्रक्रिया में भी संबंधित विभाग संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं। दरिमा क्षेत्र में खेत के पास मिली नवजात बच्ची को ग्रामीणों की मदद से उपचार के लिए पहुंचाया गया था। बच्ची को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। उसके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर प्रशासन एवं संबंधित विभागों को आवश्यक समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। अग्रवाल ने बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि यह नन्ही बच्ची जल्द स्वस्थ हो और उसके जीवन में खुशियों की नई सुबह आए। इस मासूम को उपचार के साथ सुरक्षा, संरक्षण और आगे बढ़ने के लिए सुरक्षित वातावरण मिले, यही हमारी प्राथमिकता है।

महानदी विवाद पर साय-माझी की बैठक, CM बोले- जो फैसला होगा स्वीकार करेंगे

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज दिल्ली रवाना हुए हैं। दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद को लेकर अहम बैठक होगी। बैठक में दोनों राज्यों के हितों और जल बंटवारे से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। दिल्ली रवाना होने से पहले सीएम साय ने कहा कि जल विवाद को लेकर केंद्रीय जल आयोग (CWC) को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि दोनों प्रदेशों के हित में जो भी निर्णय होगा, दोनों सरकारें उसे मानेंगी। सिंगापुर दौरे को लेकर भी बोले CM साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने प्रस्तावित सिंगापुर दौरे को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ की विकास उपलब्धियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। सिंगापुर में वे निवेशकों और व्यापारियों से मुलाकात करेंगे तथा प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। सीएम ने कहा कि इस दौरे से कौशल विकास, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय देवेंद्र नगर चौक से लाल चौक तक नशामुक्ति पदयात्रा में हुए शामिल

रायपुर : नशामुक्त और स्वस्थ छत्तीसगढ़ से ही बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय देवेंद्र नगर चौक से लाल चौक तक नशामुक्ति पदयात्रा में हुए शामिल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नशामुक्त समाज के निर्माण का दिया संदेश स्वयं नशे से दूर रहें, दूसरों को भी नशामुक्त जीवन के लिए करें प्रेरित – मुख्यमंत्री साय सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा नशामुक्ति पदयात्रा सप्ताह युवा शक्ति को नशे से बचाकर शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़ना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय 27 वर्षों से नशामुक्ति, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए निकाली जा रही पदयात्रा की मुख्यमंत्री ने की सराहना रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में देवेंद्र नगर चौक से लाल चौक तक आयोजित नशामुक्ति पदयात्रा में शामिल हुए। बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं, युवाओं, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ मुख्यमंत्री साय ने पदयात्रा कर नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया। पदयात्रा के समापन पर मुख्यमंत्री साय ने लाल चौक स्थित लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नशामुक्त और स्वस्थ छत्तीसगढ़ ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगा। नशा केवल किसी एक व्यक्ति को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसका दुष्प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। विशेष रूप से युवाओं को नशे से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने की अपील की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि युवा किसी भी प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। युवा स्वस्थ होंगे, शिक्षित और कुशल होंगे तथा अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाएंगे तो प्रदेश तेजी से आगे बढ़ेगा। राज्य सरकार युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, खेल और उद्यमिता के अवसरों का विस्तार कर रही है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ का प्रत्येक युवा अपनी प्रतिभा और क्षमता का उपयोग अपने परिवार, समाज और प्रदेश की प्रगति में करे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितम्बर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक नशामुक्ति पदयात्रा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। महात्मा गांधी ने संयम, स्वच्छता और स्वस्थ जीवन का संदेश दिया था। ऐसे में नशामुक्ति का यह अभियान उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का भी सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सेवा को सर्वोपरि रखा है। 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रारंभ हुई उनकी शासन की यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विभिन्न जनसेवा गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अभियान के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और जनसेवा के विभिन्न कार्यों में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसी अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना के साथ प्रदेशभर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। साथ ही युवाओं को सेवा और राष्ट्र निर्माण के भाव से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम किए जा रहे हैं। गुजरात के वडनगर से निकले बाइक राइडर्स का रायपुर पहुंचने पर स्वागत किया गया। इस यात्रा में बस्तर के युवा भी उत्साहपूर्वक सहभागी बने। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर लंबे समय तक नक्सलवाद की समस्या से प्रभावित रहा, जिसके कारण वहां विकास की गति बाधित हुई। आज क्षेत्र में शांति और विकास के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार तथा रोजगार के अवसरों के विस्तार पर तेजी से कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित करने के लिए नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर सहित आधुनिक और उभरते क्षेत्रों में निवेश से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए द्वार खुलेंगे। हमारा लक्ष्य ऐसी युवा पीढ़ी तैयार करना है, जो नशे से दूर रहकर अपने सामर्थ्य, परिश्रम और नवाचार से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बने। मुख्यमंत्री साय ने विधायक पुरंदर मिश्रा द्वारा विगत 27 वर्षों से नशामुक्ति, वृक्षारोपण और स्वच्छता जैसे सामाजिक विषयों को लेकर पदयात्रा आयोजित किए जाने की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज में परिवर्तन केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से आता है। जब कोई अभियान समाज का अभियान बन जाता है, तभी उसके स्थायी और व्यापक परिणाम सामने आते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि इन पदयात्राओं से प्रेरित होकर अब तक हजारों लोगों ने नशामुक्ति का संकल्प लिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नशामुक्ति पदयात्रा सप्ताह भी अनेक लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनेगा और विशेष रूप से युवाओं को स्वस्थ एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन की ओर प्रेरित करेगा। मुख्यमंत्री साय ने उपस्थित छात्र-छात्राओं और युवाओं से आह्वान किया कि वे नशामुक्ति के संदेश को अपने परिवार, मित्रों और समाज तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ युवा, एक स्वस्थ परिवार और एक जागरूक समाज मिलकर ही स्वस्थ, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेन, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती ममता साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, छात्र-छात्राएं, युवा, महिलाएं एवं आमजन उपस्थित थे।