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नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का खुलासा, मुख्य आरोपी कोरबा से गिरफ्तार

सक्ती  नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपित को मालखरौदा पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपित लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपित ने प्रार्थी एवं अन्य पीड़ितों से कुल 12 लाख रुपये की ठगी की थी तथा ठगी की रकम में से पांच लाख 75 हजार रुपये से बोलेरो वाहन खरीदा था। पुलिस के अनुसार प्रार्थी डालेश्वर प्रसाद चंद्रा, निवासी ग्राम सकर्रा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने एसईसीएल गेवरा प्रोजेक्ट में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे रुपये लिए हैं। जांच के दौरान यह सामने आया कि वर्ष 2011 में आरोपित सुरेश कुमार दुबे (57 वर्ष), ग्राम नुनेरा (भेलवाभांटा), थाना पाली, जिला कोरबा ने प्रार्थी एवं अन्य लोगों से नौकरी लगाने के नाम पर करीब 12 लाख रुपये वसूल किए थे।  

एप्लीकेशन वायरल CG में शराब को लेकर अनोखी मांग, सोशल मीडिया पर छाई अजीब एप्लीकेशन

भटगांव  जिला बेमेतरा के विकासखंड नवागढ़ अंतर्गत ग्राम कुंवारा निवासी सतीश मारकंडे का एक अनोखा आवेदन इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सुशासन तिहार के दौरान आबकारी विभाग को दिए गए इस आवेदन ने लोगों के बीच नई बहस छेड़ दी है। आवेदन में रखी गई अनोखी मांग प्राप्त जानकारी के अनुसार, आवेदन में मांग की गई है कि जिस तरह शासन की विभिन्न योजनाओं और प्रचार सामग्री में मुख्यमंत्री तथा प्रभारी मंत्री की तस्वीरें लगाई जाती हैं, उसी प्रकार शासन द्वारा बेची जाने वाली शासकीय शराब की बोतलों पर भी मुख्यमंत्री और प्रभारी मंत्री की फोटो अंकित की जाए।  

बिलासपुर पुलिस की बढ़ेगी ताकत, नई ‘डायल 112’ गाड़ियों से तेज होगा रियल टाइम रिस्पांस

बिलासपुर आपातकालीन स्थिति में लोगों तक तेजी से सहायता पहुंचाने वाली डायल 112 सेवा अब बिलासपुर जिले में और अधिक मजबूत होने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की पहल पर जिले के पुलिस बेड़े में 24 नए आधुनिक वाहन शामिल किए जाएंगे। इन वाहनों के शामिल होने से जिले में रियल टाइम रिस्पांस सिस्टम पहले से ज्यादा प्रभावी होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के लिए 400 नए आपातकालीन वाहनों को हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें से 24 वाहन बिलासपुर पुलिस को सौंपे जाएंगे। पुराने और जर्जर वाहनों से मिलेगी राहत वर्तमान में जिले के 19 थानों में एक-एक डायल 112 वाहन तैनात है। ये वाहन सूचना मिलते ही घटनास्थल के लिए रवाना होते हैं। हालांकि लगातार कई वर्षों तक चौबीसों घंटे इस्तेमाल होने के कारण अधिकांश वाहन जर्जर और कंडम हो चुके थे। इससे पुलिस के रिस्पांस टाइम पर भी असर पड़ रहा था। इसी समस्या को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के लिए 400 नए वाहनों की स्वीकृति दी है। बिलासपुर में पुराने वाहनों की जगह नए आधुनिक वाहन तैनात किए जाएंगे। संवेदनशील इलाकों में रहेंगे अतिरिक्त वाहन बिलासपुर को मिलने वाले 24 वाहनों में से 19 वाहन जिले के सभी थानों में पुराने वाहनों की जगह लगाए जाएंगे। इसके अलावा बचे पांच अतिरिक्त वाहनों को उन क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा, जहां दुर्घटनाओं और अपराध की घटनाएं अधिक होती हैं। इन थाना क्षेत्रों में अतिरिक्त वाहन तैनात किए जाएंगे     सरकंडा     सिविल लाइन     तोरवा     कोतवाली     सकरी तेजी से मिलेगी मदद पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संवेदनशील और व्यस्त क्षेत्रों में अतिरिक्त वाहन तैनात करने का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में पुलिस की पहुंच का समय (रिस्पांस टाइम) कम करना है। इससे दुर्घटना या किसी अन्य आपदा की स्थिति में पीड़ितों को गोल्डन ऑवर के भीतर त्वरित सहायता मिल सकेगी।  

साय सरकार की संवेदनशील पहल से मरवाही के छह दिव्यांगजनों को मिले सहायक उपकरण, चेहरे पर लौटी मुस्कान

रायपुर प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार अब केवल प्रशासनिक शिविर नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनता जा रहा है। मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय सरकार की जन कल्याणकारी सोच और संवेदनशील कार्यशैली का असर अब गांव-गांव तक दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी में पेंड्रा-गौरेला- मरवाही जिले के मरवाही विकासखण्ड के ग्राम पंचायत उषाड़ में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर दिव्यांगजनों के लिए राहत और आत्मविश्वास लेकर आया।          शिविर में समाज कल्याण विभाग की सहायक उपकरण प्रदाय योजना के तहत छह दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण वितरित किए गए। वर्षों से दैनिक जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हितग्राहियों को जब व्हील चेयर, श्रवण यंत्र और छड़ी उपलब्ध कराई गई तो उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी।           ग्राम पंचायत कटरा निवासी 80 प्रतिशत अस्थि बाधित स्वरूप सिंह पोर्ते को व्हील चेयर प्रदान की गई। व्हील चेयर मिलने के बाद उन्होंने कहा कि अब उन्हें आने-जाने और दैनिक कार्यों में काफी सुविधा होगी। उन्होंने मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की इस मदद से उनका जीवन पहले की अपेक्षा आसान हो जाएगा।           इसी प्रकार ग्राम उषाड़ की मंगली बाई एवं बेलझिरिया निवासी अकलू राम को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। लंबे समय से सुनने में परेशानी के कारण उन्हें सामान्य बातचीत करने और सामाजिक गतिविधियों में शामिल होने में कठिनाई होती थी, लेकिन अब उन्हें नई उम्मीद मिली है। वहीं उषाड़ की बैसाखिया बाई तथा बेलझिरिया के श्याम सुंदर और श्रीराम को सहारे के लिए छड़ी प्रदान की गई, जिससे उन्हें चलने-फिरने में सुविधा मिलेगी।            सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे गांवों तक पहुंच रहा है। मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप प्रशासन अब आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहा है। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहली बार शासन की योजनाओं का लाभ इतनी सहजता और पारदर्शिता के साथ गांव स्तर पर मिल रहा है।

सहकारिता कमिश्नर ने खाद, बीज वितरण व्यवस्था का किया औचक निरीक्षण

रायपुर सहकारिता कमिश्नर ने खाद, बीज वितरण व्यवस्था का किया औचक निरीक्षण सहकारिता आयुक्त तथा पंजीयक सहकारी समितियांमहादेव कावरे ने आज धमतरी जिले के गाढ़ाडीह और कुहकुहा सहकारी समिति का आकस्मिक निरीक्षण किया।कांवरे ने वहां किसानों को खाद बीज वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। सहकारिता कमिश्नर ने वहां पर समिति के निर्माणाधीन गोदाम का भी निरीक्षण किया और जल्द ही गोदाम के निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।कांवरे ने समिति के प्रंबधक को समिति के अंतर्गत सभी किसानों के केसीसी बनाने के निर्देश दिए। समिति के अधिकारियों ने बताया कि समिति को मल्टीपरपज पैक्स के रूप में संचालित करने, कॉमन सर्विस सेंटर की सुविधाएं दी जा रही हैं। इसी तरह जन औषधि केंद्र भी पैक्स से संचालित हो रहे हैं। डेयरी, मत्यपालन और वन समितियों द्वारा लोगों को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। निरीक्षण दौरान जिला पंजीयक, सहकारिता विस्तार अधिकारी और समिति प्रबंधक सहित समिति के सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

बस्तर के पहले आवासीय खेल अकादमी की तैयारी तेज, खेल संचालक ने तैयारियों का लिया जायजा

रायपुर  बस्तर के बच्चों की खेल प्रतिभा और कौशल को तराशने खेल एवं युवा कल्याण विभाग जगदलपुर में जल्द ही नई अकादमी खोलने जा रहा है। यह बस्तर अंचल का पहला आवासीय खेल अकादमी होगा। यहां बालकों को एथलेटिक्स, फुटबाॅल और आर्चरी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अकादमी में प्रवेश के लिए विभाग द्वारा जल्द ही चयन ट्रायल आयोजित किया जाएगा।  खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक  तनुजा सलाम ने आज जगदलपुर पहुंचकर अकादमी शुरू करने की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने बस्तर के खेल अधिकारियों से चर्चा कर मौजूदा अधोसंरचनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने उपलब्ध आवास व्यवस्था, भोजन व्यवस्था, चयन ट्रायल की प्रक्रिया, विद्यालय सुविधा, वाहन व्यवस्था, खेल सामग्री तथा आवास सहित सभी मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने प्रस्तावित अकादमी भवन का अवलोकन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को खिलाड़ियों के लिए बेहतर वातावरण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।   सलाम ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में आवासीय खेल अकादमी प्रारंभ होने से स्थानीय प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण एवं सुविधाएं प्राप्त होंगी, जिससे क्षेत्र के खिलाड़ी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे और पदक अर्जित कर सकेंगे। इस अकादमी से बस्तर के नैसर्गिक प्रतिभावान खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, डाइट, आधुनिक उपकरण, आवास, शिक्षा, बीमा, किट, इलाज, उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी आदि की सुविधा खेल विभाग से मिलेगी। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा अकादमी में प्रवेश के लिए जल्द ही चयन ट्रायल विज्ञापन जारी किया जाएगा, जिसमें 13 वर्ष से 17 वर्ष आयु वर्ग के बालक खिलाड़ी भाग ले सकेंगे। एथलेटिक्स में 20, फुटबाॅल में 25 तथा आर्चरी में 20 खिलाड़ियों का चयन आवासीय अकादमी में प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा।  खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक  तनुजा सलाम ने खेलो इंडिया लघु केन्द्र पण्डरीपानी में संचालित हाॅकी सेंटर का भी दौरा किया। उन्होंने यहां छात्रावास भवन और जिम हाॅल का निरीक्षण कर केन्द्र में प्रशिक्षणरत खिलाड़ियों की संख्या और उपलब्ध खेल सामग्रियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने खिलाड़ियों से मिलकर प्रशिक्षण और अन्य सुविधाओं का फीडबैक भी लिया।

मासूम इंदुनाथ को मिला आयुष्मान कार्ड, नेहा को मिला श्रम कार्ड

रायपुर सुशासन शिविर में हाथों-हाथ मिला योजनाओं का लाभ’ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में सुकमा जिले में आयोजित सुशासन शिविर ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहे हैं। ‘सुशासन तिहार एवं बस्तर मुन्ने अभियान’ के तहत लगाए जा रहे शिविरों में लोगों को मौके पर ही विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। गादीरास में आयोजित क्लस्टर स्तरीय शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही मौके पर ही आयुष्मान कार्ड और आभा आईडी भी बनाई गई। इससे ग्रामीणों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ तुरंत मिल सका। शिविर में उस समय भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब सोनाकुकानार गांव से आए मासूम इंदुनाथ का आयुष्मान कार्ड तत्काल बनाकर उसके परिवार को सौंप दिया गया। अब परिवार को बच्चे के इलाज और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर बड़ी राहत मिली है। परिजनों ने प्रशासन की त्वरित व्यवस्था की सराहना करते हुए खुशी जताई। इसी तरह देवी चौक सुकमा में आयोजित शिविर में नेहा नाग श्रम कार्ड बनवाने पहुंचीं। अधिकारियों ने तुरंत प्रक्रिया पूरी करते हुए मौके पर ही उनका श्रम कार्ड बनाकर सौंप दिया। हाथों-हाथ श्रम कार्ड मिलने से नेहा बेहद खुश नजर आईं। उन्होंने कहा कि पहली बार उन्हें बिना दफ्तरों के चक्कर लगाए इतनी जल्दी सरकारी सुविधा मिली है। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इन शिविरों में लोगों की समस्याओं का तेजी से समाधान किया जा रहा है। नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी मौके पर किए जा रहे हैं। सुशासन शिविरों के माध्यम से यह स्पष्ट हो रहा है कि शासन की योजनाएं अब केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंच रहा है। सुकमा जिले में प्रशासन की यह पहल ग्रामीणों के बीच भरोसा और संतोष का नया माहौल बना रही है।

मंत्री दयाल दास बघेल ने बाल वैज्ञानिक सृष्टि और पीयूष को किया सम्मानित मांडल राष्ट्रीय विज्ञान मेला दिल्ली के लिए चयनित

रायपुर प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड के ग्राम पंचायत मुढ़ीपार में समाधान शिविर का आयोजन हुआ। जहां विकासखंड शिक्षा अधिकारी लक्ष्मी डडसेना के मार्गदर्शन व गौरव चंद्राकर के विशेष देखरेख में तैयार किया गया बाल वैज्ञानिक सृष्टि यदु पीएमविद्यालय पिथौरा का मॉडल मल्टीपरपज स्मार्ट रोबोटिक्स एवं पियूष साहू सेंट फ्रांसिस विद्यालय पिथौरा का मॉडल सांपों की सुरक्षा वाला चारपाई का आगामी सितंबर माह 2026 में होने वाले राष्ट्रीय विज्ञान मेला दिल्ली के लिए चयनित किया गया है। इस उपलब्धि के लिए मुख्य अतिथि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्रीदयाल दास बघेल ने बाल वैज्ञानिकों को स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, बसना विधायक डॉ संपत अग्रवाल, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह उपस्थित थे। इस उपलब्धि के लिए उषा पुरुषोत्तम धृतलहरे जनपद अध्यक्ष, ब्रह्मा पटेल जनपद उपाध्यक्ष, रामदुलारी सीताराम सिन्हा जिला पंचायत सभापति, बीएल देवांगन जिला शिक्षा अधिकारी ने बाल वैज्ञानिक सृष्टि और पीयूष और उनके मार्गदर्शन शिक्षक गौरव चंद्राकर को बधाई और शुभकामनाएं दी।  

सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री ने कहा-जनता का विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत

रायपुर  सुशासन तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय ने आज रायगढ़ जिले के कुसमुरा में आयोजित सभा में जिलेवासियों को 102 करोड़ 93 लाख 24 हजार रुपए के विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के कुल 24 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 33 करोड़ 98 लाख 47 हजार रुपए लागत के 13 कार्यों का लोकार्पण तथा 68 करोड़ 94 लाख 77 हजार रुपए लागत के 11 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।  मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि प्रदेश सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है और अब जनता स्वयं परिवर्तन और विकास को महसूस कर रही है। मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि रायगढ़ से उनका आत्मीय रिश्ता वर्षों पुराना है और यहां की जनता ने उन्हें हमेशा परिवार के सदस्य की तरह स्नेह दिया है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास, संवाद और समाधान का सशक्त माध्यम बन चुका है।  मुख्यमंत्रीसाय ने बताया कि 1 मई से 10 जून तक आयोजित सुशासन तिहार के माध्यम से प्रदेशभर में आम नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए चलाए गए विशेष अभियान से हजारों लोगों को राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीब परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।  प्रदेश में किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है तथा 13 लाख किसानों को 3716 करोड़ रुपए का बकाया बोनस दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है और सरकार अंत्योदय की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्रीसाय ने प्रशासनिक पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि आगामी समय में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रारंभ की जाएगी, जिससे आम नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और समय-सीमा में उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना एवं बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों की मांगों पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने ग्राम सूपा, घुघुवा, पुटकापुरी, तारापुर, उसरौट और काशीचुआं को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य को पूर्ण कराने की घोषणा की। इसके साथ ही कुसमुरा में महतारी सदन निर्माण, धनागर सोसायटी के अंतर्गत खाद्य भंडारण हेतु गोदाम निर्माण तथा उप स्वास्थ्य केंद्र के उन्नयन की दिशा में आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समय-सीमा में विकास कार्यों को पूर्ण कर जनता को उसका लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लगभग 5 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले कुसमुरा कॉलेज भवन निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी। कार्यक्रम में वित्त मंत्रीओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और विकास का नया दौर प्रारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीब परिवारों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार गठन के तुरंत बाद किसानों को 3716 करोड़ रुपए का बकाया बोनस दिया गया तथा आज प्रदेश में 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, नारी शक्ति ऋण योजना और भूमिहीन मजदूर साथी योजना जैसी योजनाओं से आम नागरिकों को सीधा लाभ मिल रहा है। लोकसभा सांसदराधेश्याम राठिया ने कहा कि मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार उत्साहपूर्वक आयोजित किया जा रहा है और सरकार जनता के बीच पहुंचकर विकास कार्यों को नई गति दे रही है। इस अवसर पर राज्यसभा सांसददेवेन्द्र प्रताप सिंह, नगर निगम रायगढ़ के महापौरजीवर्धन चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

पेट्रोल-डीजल बचत और मितव्ययता की दिशा में बड़ा कदम: रायगढ़ में आयोजित समीक्षा बैठक में जांजगीर चांपा और कोरबा के अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ा गया

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ स्थित सृजन सभाकक्ष में रायगढ़, जांजगीर-चांपा और कोरबा जिले के विकास कार्यों एवं प्रशासनिक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सुशासन, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और प्रशासनिक दक्षता का संतुलित स्वरूप देखने को मिला। मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व में ही पेट्रोल-डीजल की अनावश्यक खपत कम करने, ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने और सरकारी कार्यों में तकनीक आधारित व्यवस्थाओं के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए थे। इसी के अनुरूप इस समीक्षा बैठक में जांजगीर-चांपा और कोरबा जिले के अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़ा गया। बैठक में केवल संबंधित जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक भौतिक रूप से उपस्थित रहे, जबकि अन्य विभागीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। इससे बड़ी संख्या में अधिकारियों के आवागमन में होने वाली पेट्रोल-डीजल की खपत को कम किया जा सका। यह पहल प्रशासनिक कार्यों में मितव्ययिता और जिम्मेदार कार्यसंस्कृति की प्रभावी मिसाल बनी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन की प्राथमिकता केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग भी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि सामूहिक उत्तरदायित्व भी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि तकनीक का अधिकतम उपयोग कर प्रशासनिक कार्यों को और अधिक तेज, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां संभव हो, वहां वर्चुअल समीक्षा, डिजिटल मॉनिटरिंग और ऑनलाइन समन्वय को प्राथमिकता दी जाए, ताकि समय और संसाधनों दोनों की बचत सुनिश्चित हो सके। बैठक में मुख्यमंत्री ने तीनों जिलों में संचालित विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, राजस्व मामलों के निराकरण तथा सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और मैदानी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की यह पहल प्रशासनिक कार्यशैली में संवेदनशीलता, व्यवहारिक सोच और दूरदर्शिता का उदाहरण बनकर सामने आई है। तकनीक के माध्यम से ईंधन बचत, समय प्रबंधन और सुशासन को साथ लेकर चलने का यह मॉडल शासन की नई कार्यसंस्कृति को भी रेखांकित करता है।